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दिल्ली कैपिटल्स ने कांटे की टक्कर में राजस्थान रॉयल्स को हरा दिया, संजू सैमसन ने सुपर ओवर में नहीं की होती वो गलती तो

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स ने बुधवार को कांटे की टक्कर में राजस्थान रॉयल्स को हरा दिया। दोनों ही टीमें निर्धारित 20 ओवर में 188 रन बना पाईं लिहाजा जीत-हार का फैसला सुपर ओवर से हुआ। सुपर ओवर में राजस्थान सिर्फ 11 रन ही बना पाई। जवाब में दिल्ली की टीम ने सिर्फ 4 गेंदों में ही 13 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। अब कई एक्सपर्ट और क्रिकेट के जानकार सुपर ओवर में राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों के चयन पर सवाल उठा रहे हैं। ये कह रहे हैं कि कप्तान संजू सैमसन और कोच राहुल द्रविड़ ने निर्णायक ओवर में बड़ी गलती कर दी। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर शेन वॉटसन ने सुपर ओवर में नीतीश राणा को बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजने के फैसले की आलोचना की है। राणा मैच में राजस्थान के लिए टॉप स्कोरर थे और 28 गेंदों में 51 रन की पारी खेली थी। सुपर ओवर में उन्हें उतारने के बजाय RR ने रियान पराग और शिमरन हेटमायर को उतारा था। तीसरे नंबर पर यशस्वी जायसवाल को भेजा। वॉटसन ने मैच के बाद कहा, ‘हम कहते चले आ रहे थे कि नीतीश राणा ने आखिर कौन सी गलती की जो उन्हें सुपर ओवर में नहीं भेजा गया। आपके पास एक ऐसा बल्लेबाज था जो सेट था और जिसने रन बनाए थे। ऐसे में उसे नहीं भेजने का कोई तुक नहीं था।’ चेतेश्वर पुजारा ने भी सुपर ओवर में नीतीश राणा को नहीं भेजने के फैसले की आलोचना की है। ईएसपीएन क्रिकइंफो के कार्यक्रम ‘टाइम आउट’ में उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि नीतीश को उन तीन में होना चाहिए था। हालांकि, मैं नहीं सोचता कि उसे स्टार्ट के लिए ही भेजा जाना चाहिए था। मैं चाहता कि जायसवाल पहली गेंद खेलते क्योंकि उन्होंने मिचेल स्टार्क के खिलाफ शानदार खेला था।’ इसी कार्यक्रम में कैरेबियाई दिग्गज इयान बिशप ने भी सुपर ओवर में बल्लेबाजों के चयन को लेकर राजस्थान के फैसले को गलत बताया। बिशप ने कहा, ‘मैं जायसवाल को पहले उतारता लेकिन मेरा झुकाव नीतीश राणा की तरफ भी है।’ वैसे सुपर ओवर में हेटमायर को बल्लेबाजी के लिए उतारने के राजस्थान के फैसले से दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल को भी हैरानी हुई थी। उन्होंने मैच के बाद कहा, ‘हेटमायर इस मैच में लय में नहीं थे। इसलिए मुझे लगता था कि जायसवाल और रियान शुरुआत के लिए आएंगे। लेकिन उन्होंने जिसे भी भेजा, हमारे लिए अच्छा साबित हुआ।’

आज मुंबई इंडियंस को जीत से कम कुछ भी मंजूर नहीं, हार बढ़ाएगी हैदराबाद का संकट

मुंबई आईपीएल 2025 में गुरुवार को मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में दोनों टीमों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी होगी। मुंबई की टीम को जीत से कुछ भी मंजूर नहीं होगा। वहीं, हारने पर हैदराबाद का भी काम गड़बड़ हो जाएगा। मुंबई सनराइजर्स हैदराबाद के आक्रामक बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने के लिए अपने स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। चोटिल होने के कारण तीन महीने बाद वापसी करने वाले बुमराह अभी तक अपनी वैसी लय हासिल नहीं कर पाए हैं जिसके कारण उन्हें दुनिया का सबसे खतरनाक तेज गेंदबाज माना जाता है। वानखेड़े स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल रही है लेकिन गेंदबाज भी इससे मिलने वाली उछाल का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। दिल्ली के खिलाफ नहीं चले बुमराह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ अपने वापसी मैच में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बुमराह की दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में एक नहीं चली और उन्होंने 44 रन लुटाए। बुमराह को अपनी यार्कर पर नियंत्रण बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। इस मैच में दिल्ली के बल्लेबाज करुण नायर ने उन्हें अपने निशाने पर रखा था। इस 31 वर्षीय तेज गेंदबाज को अब सनराइजर्स के ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे विस्फोटक बल्लेबाजों के सामने कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। दूसरी चिंता रोहित पांच बार के चैंपियन मुंबई के लिए अपने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की फॉर्म भी चिंता का विषय बना हुआ है। रोहित अभी तक पांच मैच में 11.20 की औसत से केवल 56 रन बना पाए हैं। मुंबई अभी तक केवल दो मैच जीत पाया है और वह अंक तालिका में सातवें स्थान पर है। उसकी बल्लेबाजी कुछ हद तक सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा पर निर्भर रही है और अगर टीम को अपनी स्थिति में सुधार करना है तो रोहित को बड़ी पारी खेलनी होगी। रोहित ने अभी तक आक्रामक रवैया अपनाया है लेकिन उन्हें बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के सामने संघर्ष करना पड़ा है। इसे देखते हुए सनराइजर्स जयदेव उनादकट को अपने अंतिम एकादश में शामिल कर सकता है। सूर्या, तिलक और नमन पर निर्भर सूर्यकुमार अभी तक अपना निर्मम रवैया नहीं अपना पाए हैं लेकिन तिलक वर्मा ने लखनऊ सुपरजाइंट्स के खिलाफ रिटायर्ड आउट दिए जाने के बाद अपने खेल में सुधार किया है। इसके बाद उन्होंने अगले दो मैच में 29 गेंद पर 56 और 33 गेंद पर 59 रन बनाए। मुंबई के लिए नमन धीर का प्रदर्शन भी काफी महत्वपूर्ण होगा जिन्हें डेथ ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करने की भूमिका सौंपी गई है। मुंबई अगर दिल्ली के खिलाफ जीत दर्ज कर पाया तो इसमें उसकी शानदार फील्डिंग का अहम योगदान रहा। इससे टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा होगा। सनराइजर्स के सामने क्या संकट जहां तक सनराइजर्स की बात है तो उसकी टीम भी संघर्ष कर रही है। उसने भी अभी तक दो मैच जीते हैं लेकिन मुंबई का नेट रन रेट उससे बेहतर है। सनराइजर्स की टीम अभी नौवें स्थान पर है। सनराइजर्स की टीम अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अपनी बल्लेबाजी पर काफी निर्भर है लेकिन उसके प्रमुख बल्लेबाजों के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव है। पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में सनराइजर्स के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया जिससे टीम 246 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही। इस मैच में अभिषेक ने 141 रन बनाए थे। इस मैच में सनराइजर्स के बल्लेबाज किशन पर भी निगाह होगी जो अपनी पूर्व फ्रेंचाइजी टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब होंगे। टीम इस प्रकार हैं: मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रेयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), श्रीजीत कृष्णन (विकेटकीपर), बेवोन जैकब्स, तिलक वर्मा, नमन धीर, विल जैक्स, मिशेल सेंटनर, राज अंगद बावा, विग्नेश पुथुर, कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, अश्विनी कुमार, रीस टॉप्ली, वीएस पेनमेत्सा, अर्जुन तेंदुलकर, मुजीब उर रहमान, जसप्रीत बुमराह। सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अथर्व तायडे, अभिनव मनोहर, अनिकेत वर्मा, सचिन बेबी, स्मरण रविचंद्रन, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), ट्रैविस हेड, हर्षल पटेल, कामिंदू मेंडिस, वियान मुल्डर, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद शमी, राहुल चाहर, सिमरजीत सिंह, जीशान अंसारी, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा।

MP Police की तरह ही अब लोकायुक्त, EOW सहित 6 जांच एजेंसियां आरोपी को रख सकेंगे हिरासत में, अधिसूचना जारी

 भोपाल मध्य प्रदेश की जांच एजेंसियां लोकायुक्त, EOW, स्टेट CID या STF के पास अब अपना खुद का लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम होने वाला है. इसको लेकर राज्य के गृह विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं. लंबे समय से यह जांच एजेंसियां आरोपियों को हिरासत में रखने और पूछताछ के लिए खुद के लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम की मांग कर रही थीं, जिसे आखिरकार अब मान लिया गया है. गृह विभाग के सर्कुलर के तहत अब लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, सीआईडी, एसटीएफ, राज्य नारकोटिक्स को लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम बनाने की अनुमति है. इसके लिए इन एजेंसियों को अपने कार्यालय में एक कक्ष चिह्नित करना होगा, जहां आरोपी को 5-6 घंटे तक पूछताछ के लिए रखा जा सकेगा. कमरे में एक टेबल होगी, जिस पर एक तरफ आरोपी और दूसरी तरफ जांच अधिकारी होंगे. रूम में एचडी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसका लाइव आउटपुट वरिष्ठ अफसरों के केबिन में दिया जाएगा, जहां से वे पूछताछ को लाइव देख सकेंगे. आरोपी को हिरासत के दौरान यहीं पर खाना भी दिया जाएगा. इन जांच एजेंसियों के वर्तमान में जो संभागीय मुख्यालय हैं, वहां इसका निर्माण किया जाएगा. क्यों हुई जरूरत महसूस? दरअसल, वर्तमान में यह जांच एजेंसियां जब किसी को हिरासत में लेती हैं तो इनसे जांच अधिकारी अपने कक्ष में पूछताछ करते हैं या बेहद संवेदनशील मामलों में आला अधिकारीयों के कमरे में पूछताछ की जाती है. पूछताछ खत्म होने के बाद आरोपियों को नजदीकी पुलिस थाने के लॉकअप में रात बिताने के लिए लाया जाता है. इससे समय भी लगता है और एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करते समय आरोपियों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना पड़ता है. हाल ही में लोकायुक्त की हिरासत में रहे आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा को लोकायुक्त कार्यालय के पास स्थित कोहेफिजा थाने में रखा गया था.  

Actress विंसी ने शाइन चाको पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया, फिल्म एसोसिएशन को की शिकायत

तिरुवनन्तपुरम मलयालम इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री विंसी एलोशियस ने बीते दिनों फिल्म के सेट पर एक सह-अभिनेता के दुर्व्यवहार का खुलासा किया था। अभिनेत्री ने बताया कि अभिनेता ड्रग्स का सेवन करता था, जिसके चलते उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ीं। अभिनेत्री ने तब कलाकार के नाम का खुलासा नहीं किया था। हालांकि, यह एलान जरूर किया कि वे अब ऐसे किसी कलाकार के साथ काम नहीं करेंगी जो ड्रग लेता हो। अब हाल ही में विंसी ने उस सह-अभिनेता के नाम का भी खुलासा कर दिया है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर लिखा था पोस्ट न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, विंसी ने अब फिल्म चैंबर में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने अभिनेता का नाम शाइन टॉम चाको बताया गया है। बीते दिनों विंसी ने एक फिल्म के सेट पर ड्रग्स के प्रभाव में एक सह-अभिनेता द्वारा अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया था। उन्होंने इस बारे में इंस्टाग्राम पर बाकायदा एक पोस्ट शेयर किया था। फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई असहज घटना विंसी ने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके सह-अभिनेता ने नशे की हालत में न केवल उनके साथ अनुचित व्यवहार किया, बल्कि एक बेहद असहज स्थिति भी उत्पन्न की। उन्होंने कहा कि “मेरी ड्रेस में समस्या थी और मैं उसे ठीक करवाने गई थी। तभी उस अभिनेता ने सबके सामने कहा कि वह आकर मेरी ड्रेस ठीक कर देगा। यह टिप्पणी सभी के सामने की गई, जिससे माहौल बेहद असुविधाजनक हो गया।” सेट पर ड्रग्स का खुलेआम सेवन इस घटना के अलावा विंसी ने एक और चौंकाने वाला विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि एक दृश्य की रिहर्सल के दौरान उन्होंने अभिनेता को टेबल पर किसी तरह का सफेद पाउडर थूकते हुए देखा। “यह स्पष्ट था कि वह फिल्म के सेट पर ड्रग्स का सेवन कर रहा था। इस तरह के व्यवहार से काम का माहौल बिगड़ जाता है,” उन्होंने कहा। निर्माता और निर्देशक भी थे घटना से अवगत विंसी ने बताया कि फिल्म के निर्देशक और अन्य टीम के सदस्य भी इस घटना से अवगत थे, लेकिन चूंकि वह अभिनेता मुख्य भूमिका निभा रहा था, इसलिए फिल्म को किसी तरह पूरा करना पड़ा। उन्होंने कहा, “निर्देशक ने जाकर उससे बात की, लेकिन टीम के पास सीमित विकल्प थे क्योंकि वो लीड एक्टर था।” विंसी ने कहा कि “यह व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि सेट की शुद्धता का सवाल है” उन्होने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की निजी ज़िंदगी पर टिप्पणी करना नहीं है, बल्कि इस बात पर ध्यान दिलाना है कि ऐसे व्यवहार का असर पूरे सेट पर पड़ता है। “जब कोई अपने निजी फैसले से दूसरों के काम में बाधा उत्पन्न करता है, तो चुप रहना सही नहीं है।”  

एमपी में कड़ी धूप, पारा चढ़ना शुरू, रतलाम में तापमान 42° के पार, जानें गर्मी वाला अपडेट

भोपाल बुधवार से अप्रैल माह के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में प्रदेश में बीते दिनों सक्रिय रहे सिस्टम के चलते बारिश का दौर देखा गया. वहीं अब एक बार फिर चिलचिलाती धूप अपना असर दिखाने लगी है. मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल माह के दूसरे पखवाड़े में बुधवार से ही गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है. प्रदेश में जहां कई जिलों में तेज गर्मी पड़ रही है, तो वहीं कुछ जिलों में हल्की बारिश का मौसम भी हो गया है. बुधवार को खरगोन और बालाघाट में गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी देखी गई. साथ ही दक्षिण मध्य प्रदेश के सिवनी, पंढुर्ना, मंडला, धार, बड़वानी, बुरहानपुर और बैतूल में शाम के समय बिजली गिरने के साथ हल्की बारिश हुई. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में इस समय लू जैसी तपिश के बीच दिन और रात के तापमान में लगभग 10 से 15 डिग्री तक का अंतर देखा जा रहा है. कई शहरों में दिन का तापमान 38 से 43 डिग्री के बीच देखा जा रहा है. बुधवार को प्रदेश के 9 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। इनमें रतलाम, नर्मदापुरम, खंडवा, शाजापुर, खरगोन, नरसिंहपुर, उज्जैन, धार और गुना शामिल हैं। सबसे गर्म रतलाम रहा। जहां तापमान 42.6 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में 41.6 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री, शाजापुर में 41.1 डिग्री और खंडवा-नरसिंहपुर में पारा 41 डिग्री रहा। उज्जैन में 40.7 डिग्री, धार में 40.4 डिग्री और गुना में पारा 40.3 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्से में गर्मी का असर रहने की संभावना जताई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी पारे में बढ़ोतरी हो सकती है। धार-पांढुर्णा में तेज बारिश का दौर प्रदेश में बुधवार को गर्मी के साथ बारिश का दौर भी रहा। धार के मनावर में शाम को आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। वहीं, पांढुर्णा में भी पानी गिरा। रात में खरगोन, बालाघाट, सिवनी, मंडला, बड़वानी, बुरहानपुर और बैतूल में भी मौसम बदला रहा। सिस्टम पड़ा कमजोर, अब पड़ेगी गर्मी वहीं रात का तापमान 20 से 23 डिग्री के आसपास बना हुआ है. राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां दिन का तापमान बीते दिन की तरह ही 40 डिग्री के करीब दर्ज किया गया. मंगलवार के मुकाबले इसमें 0.3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई. हालांकि रात के तापमान में 1.2 डिग्री की उछाल के साथ पारा 26 डिग्री दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जिन मौसमी सिस्टम के कारण बादल, तेज हवा और बूंदाबांदी जैसा मौसम बना था. इस तरह के सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है. अब भोपाल सहित अधिकांश जिलों में पारा बढ़ेगा. इन जिलों में बारिश हुई मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के उज्जैन संभाग के जिलों में पारा सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा. साथ ही इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई. हालांकि नर्मदापुरम जिले में रात का न्यूनतम तापमान सबसे ज्यादा 27.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. साथ ही पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 2 जिलों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली. पश्चिमी मध्य प्रदेश के धार जिले के उमरवन में 2 मिमी बारिश हुई. इसके अलावा धार जिले के धरमपुरी में 2 मिमी और बड़वानी के ठीकरी में 1 मिलीमीटर बारिश हुई. बारिश-वज्रपात का भी अलर्ट मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के 6 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसमें खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार, सिवनी और बालाघाट जिले में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. रतलाम में पारा सबसे ज्यादा पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम जिले में 42.6 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा नर्मदापुरम जिले में 41.6 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री, खरगोन/नरसिंहपुर में 41 डिग्री और उज्जैन में 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में पारा सबसे कम 18.4 डिग्री, अमरकंटक (अनूपपुर) में 18.9 डिग्री, नौगांव (छतरपुर) में 20.1 डिग्री, आंवरी (अशोकनगर) में 20.7 डिग्री और खजुराहो (छतरपुर) में 20.9 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. उज्जैन में रही गर्मी प्रदेश के पांच बड़े शहरों के अधिकतम तापमान की बात करें तो बुधवार को उज्जैन का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया. यहां पारा 40.7 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा इंदौर का अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री, भोपाल में 39.8 डिग्री, ग्वालियर में 39.2 डिग्री और जबलपुर में 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.     तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है।     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। पहले-दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों … Read more

मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर्यटन मंडल तथा साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

रायपुर : अबूझ नहीं रहेगा अबूझमाड़, नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे – विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक, यहां की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल – डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर्यटन मंडल तथा साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का किया अभिनंदन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा के पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री साय ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का अभिनंदन किया। विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य नागरिकों से भरे खचाखच ऑडिटोरियम में पदभार ग्रहण करने के बाद दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों को सभी लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप तथा खाद्य मंत्री दयालदास बघेल भी समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरगुजा से लेकर बस्तर तक पर्यटन की अपार संभावना है। राज्य में डबल इंजन की सरकार के प्रभावी कदमों से बस्तर में नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे। अबूझमाड़ भी अबूझ नहीं रहेगा। वहां भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य का भविष्य उज्जवल है। इसमें रोजगार की भी बहुत संभावना है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन और साहित्य का विकास नए शिखरों को छुएगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल हैं। पर्यटन की दृष्टि से यहां की ये दोनों खासियतें अभी तक ‘अनएक्सप्लोर्ड’ (Unexplored) हैं। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर भी जल्दी ही पर्यटन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन (Tourist Destination) बन सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक हैं। यहां से बेहतर जंगल और कहीं नहीं हैं। राज्य में हर तरह की कनेक्टिविटी (Connectivity) बढ़ रही है। पर्यटन के विकास में इसका बहुत लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पर्यटन का क्षेत्र काफी संभावनाओं से भरा हुआ है। सरकार ने यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। इससे इस क्षेत्र के विकास को और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो ऊर्जावान युवाओं को महती जिम्मेदारी मिली है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा की अगुवाई में यहां पर्यटन का तेजी से विकास होगा। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा साहित्य के जानकार हैं और वे लगातार इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके अनुभवों का लाभ राज्य और अकादमी को मिलेगा। भरोसा है कि दोनों के सक्षम नेतृत्व में इन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम होंगे। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा ने खुद को दी गई बड़ी जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरे लिए नई चुनौती और नया अवसर है। छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का सौभाग्य मिल रहा है। यहां के पर्यटन स्थलों को सजाने-संवारने का काम करेंगे। पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली गतिविधियों को धरातल पर उतारेंगे। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य का क्षेत्र बहुत विराट क्षेत्र है। साहित्य भी विकास की एक धारा है। अन्य क्षेत्रों की तरह कला, संस्कृति और साहित्य का विकास भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ साहित्य के क्षेत्र में पूरे देश में जाना जाता रहा है। यहां के साहित्यकारों ने देशभर में नाम कमाया है। राजनांदगांव का इसमें बहुत योगदान है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विश्वास पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। यहां के साहित्य और साहित्यकारों का संरक्षण-संवर्धन करेंगे। संस्कृति विभाग के संचालक और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने समारोह की शुरूआत में स्वागत भाषण और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सासंद सर्वबृजमोहन अग्रवाल, संतोष पाण्डेय एवं विजय बघेल सहित अनेक विधायक और विभिन्न निगमों, मंडलों तथा आयोगों के अध्यक्ष भी पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए।

संकल्प भोपाल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में देश के दो महान प्रतीकों का अभिनंदन — जी.एल. बत्रा एवं मेजर जनरल जी.डी. बक्शी

भोपाल एक ऐतिहासिक और प्रेरणास्पद क्षण का साक्षी बना भोपाल, जब संकल्प फाउंडेशन, मध्यप्रदेश के द्वारा आयोजित एक आत्मीय कार्यक्रम में परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा जी के पूज्य पिताजी श्री जी.एल. बत्रा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के विचारशील योद्धा मेजर जनरल (सेनि.) जी.डी. बक्शी का गरिमामयी स्वागत और सम्मान किया गया। जी.एल. बत्रा — वीरता और तपस्या के प्रतीक श्री गिरीधर लाल बत्रा, भारतीय सेना के परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा जी के पिताजी हैं। कैप्टन बत्रा ने 1999 के कारगिल युद्ध में पॉइंट 4875 (अब “बत्रा टॉप”) पर अद्भुत साहस दिखाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी बहादुरी का नारा “ये दिल मांगे मोर” आज भी देशभक्ति का उद्घोष बन गया है। श्री जी.एल. बत्रा ने अपने पुत्र को मात्र सैनिक नहीं, बल्कि कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की मूर्ति के रूप में पाला। आज वह वीर माता-पिता के आदर्श रूप में देशभर में सम्मानित होते हैं। उनका जीवन इस बात का प्रतीक है कि एक सैनिक का निर्माण सिर्फ़ फौज में नहीं, बल्कि घर की मिट्टी में होता है। मेजर जनरल जी.डी. बक्शी — राष्ट्र की चेतना के सजग प्रहरी मेजर जनरल गगनदीप बक्शी (सेवानिवृत्त) भारतीय सेना के एक विशिष्ट सैन्य अधिकारी रहे हैं। जम्मू-कश्मीर राइफल्स में सेवा देते हुए उन्होंने कारगिल युद्ध सहित अनेक अभियानों में भाग लिया। सेवा निवृत्ति के पश्चात उन्होंने राष्ट्र सुरक्षा, सैन्य इतिहास और सामरिक नीति पर सार्वजनिक विमर्श को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। वे आज भारत की सैन्य चेतना के प्रभावशाली वक्ता, लेखक और रक्षा रणनीतिकार हैं। उनकी लेखनी और भाषणों में राष्ट्रभक्ति, बलिदान और भारतीय गौरव की गूंज होती है। वे युवाओं को बार-बार यह याद दिलाते हैं कि “स्वतंत्रता कोई उपहार नहीं, यह बलिदान से अर्जित उत्तरदायित्व है।” स्मृति और सम्मान का संगम इस आयोजन में संकल्प फाउंडेशन मध्यप्रदेश के समन्वयक श्री हरिश्चंद्र अग्रवाल ने दोनों महान विभूतियों को स्वामी विवेकानंद का प्रेरणादायी चित्र एवं “संकल्प स्मृति चिह्न” भेंट कर भावभीना सम्मान अर्पित किया। श्रीमती बक्शी जी की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी गरिमा प्रदान की। उपस्थित प्रमुख अतिथि:    •   श्री ओ.पी. गुप्ता    •   श्री अभिषेक खरे मुख्य बातें:    •   शाल, श्रीफल और चित्र भेंट कर भारतीय परंपरा के अनुसार अभिनंदन किया गया।    •   जी.डी. बक्शी जी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए राष्ट्रभक्ति, आत्मनिर्भरता और सेवा का संदेश दिया।    •   श्री जी.एल. बत्रा जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “सच्चा सम्मान तभी है जब हम अपने देश के लिए कुछ छोड़ते हैं — वह बेटे हों, समय हो या सुख-सुविधाएँ।” संकल्प भोपाल परिवार इस प्रेरणास्पद आयोजन का साक्षी बनकर स्वयं को कृतज्ञ और सौभाग्यशाली अनुभव करता है।

शौर्य स्मारक भोपाल में ‘शौर्य गाथा एवं शौर्य अलंकरण 2025’ का भव्य आयोजन वीरता, बलिदान और देशभक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बना भोपाल

भोपाल राजधानी भोपाल स्थित शौर्य स्मारक परिसर में “शौर्य गाथा एवं शौर्य अलंकरण 2025” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को सम्मानित किया गया। यह आयोजन देश के प्रति समर्पण, वीरता और राष्ट्रीय चेतना का एक प्रेरणादायक संगम बन गया। कैप्टन विक्रम बत्रा की गाथा, पिता की जुबानी इस ऐतिहासिक अवसर पर परम वीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की शौर्यगाथा को उनके पूज्य पिता श्री जी.एल. बत्रा ने साझा किया। जब उन्होंने अपने वीर पुत्र के अद्वितीय साहस और बलिदान की दास्तान सुनाई, तो सभागार में उपस्थित जनमानस की आंखें नम हो गईं और तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही। यह अनुभव हर किसी के लिए गहरे प्रेरणास्पद रहा। मेजर जनरल बक्षी ने युद्धगाथाओं से किया परिचित मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. जी.डी. बक्षी ने 1962, 1965, 1971 एवं कारगिल युद्ध की महागाथाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उनके ओजस्वी भाषण ने उपस्थित जनसमूह को देश के इतिहास और सैनिकों के बलिदान से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। फिल्म ‘ग्राउंड ज़ीरो’ के नायक का सम्मान कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित डी.आई.जी. बीएसएफ/एनआईए श्री नरेंद्रनाथ धर दुबे, जिनकी वीरता पर आधारित फिल्म “ग्राउंड ज़ीरो” आगामी 25 अप्रैल को रिलीज़ होने जा रही है, ने भी अपने प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। जब उन्होंने अपने शौर्य से परिपूर्ण संस्मरण सुनाए, तो पूरा सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा। वीरता को किया गया नमन मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए शौर्य और सेवा के नए प्रतिमान रचने वाले पुलिस, अर्धसैनिक बल, एसडीआरएफ, होमगार्ड्स तथा अन्य सुरक्षा बलों के वीर जवानों और अधिकारियों को सम्मानित किया। महापौर श्रीमती मालती राय भी इस विशेष अवसर पर उपस्थित रहीं। आयोजन का उद्देश्य इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना तथा सुरक्षा बलों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को जनमानस तक पहुँचाना और देशभक्ति की भावना को सशक्त करना था। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में वीर नायकों को नमन किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। आयोजन समिति कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक श्री अभिषेक खरे और श्री अंशुमन खरे की प्रमुख भूमिका रही। उनके समन्वय और नेतृत्व में यह कार्यक्रम देर रात्रि तक चला और हर क्षण उपस्थित लोगों के हृदय को गर्व और प्रेरणा से भरता रहा।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक के घर सीबीआई ने छापा मारा

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक के आवास पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, ये कार्रवाई विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से संबंधित मामले में हुई है। सीबीआई की छापेमारी के खिलाफ तमाम आप नेताओं के बयान सामने आए हैं। आप नेताओं ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है। आतिशी ने बीजेपी पर साधा निशाना दुर्गेश पाठक के आवास पर सीबीआई रेड को लेकर विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी का बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘आम आदमी पार्टी ने जैसे ही गुजरात चुनाव की तैयारी शुरू की, गुजरात के सह-प्रभारी दुर्गेश पाठक के घर CBI रेड करने पहुंच गई! गुजरात में आप ही भाजपा को चुनौती दे सकती है और यह रेड इनकी बौखलाहट दिखा रही है! इतने सालों मे भाजपा को समझ नहीं आया कि हम उनकी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।’ ‘बीजेपी ने गंदा खेल शुरू किया’ वहीं आप सांसद संजय सिंह ने एक्स पर कहा, “BJP का गंदा खेल फिर शुरू गुजरात के सहप्रभारी दुर्गेश पाठक के घर CBI पहुंची है। मोदी सरकार ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने का हर हथकंडा अपना कर देख लिया लेकिन फिर भी उनको चैन नही। गुजरात में BJP की हालत पतली है जैसे ही दुर्गेश पाठक को गुजरात का सहप्रभारी बनाया गया उनको धमकाने के लिए CBI भेज दी।’ मनीष सिसोदिया का भी बयान आया सामने इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया का भी बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “गुजरात चुनाव 2027 की ज़िम्मेदारी मिलते ही दुर्गेश पाठक के घर पर CBI रेड! ये कोई इत्तेफाक नहीं, ये बीजेपी की डर से निकली हुई साजिश है। BJP जानती है कि गुजरात में अब सिर्फ़ आम आदमी पार्टी ही उन्हें चुनौती दे सकती है — और इस सच्चाई ने उन्हें हिला दिया है। डर की गूंज, CBI की दस्तक में साफ सुनाई दे रही है।”

अंतिम छोर तक योजनाओं का पहुंचे लाभ और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच हो सुनिश्चित – मुख्यमंत्री

रायपुर : बस्तर संभाग में विकास कार्यों की समीक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए जनकल्याणकारी योजनाओं के तेज़ी से क्रियान्वयन के निर्देश बस्तर संभाग में विकास कार्यों की समीक्षा नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही कार्य: मुख्यमंत्री साय अंतिम छोर तक योजनाओं का पहुंचे लाभ और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच हो सुनिश्चित – मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज बस्तर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष ‘प्रेरणा’ में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हितग्राहीमूलक योजनाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्राथमिकता से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के विकास की यात्रा अब ठहराव नहीं, निरंतर गति की मांग करती है। हमारा प्रयास है कि अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, नए भारत की संभावनाओं का प्रवेश द्वार बन रहा है। यहां का हर गाँव, हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े — यही हमारा लक्ष्य है। आयुष्मान, आधार, आवास और विद्युतीकरण जैसी योजनाएं केवल सरकारी परियोजनाएं नहीं, बल्कि आम जन की गरिमा और सुरक्षा की गारंटी हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। हम उन्हें सिर्फ कौशल नहीं, स्वाभिमान देना चाहते हैं। अब हमारा मंत्र है — हर घर में उजाला, हर हाथ में रोजगार और हर दिल में विश्वास। यही बस्तर की नई पहचान होगी, और यहीं से छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को नई ऊँचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज की बैठक अत्यंत उपयोगी रही और इसमें बस्तर संभाग के विकास, शांति स्थापना और योजनाओं की प्रगति को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। यह देखकर संतोष होता है कि बस्तर संभाग में शासन और प्रशासन की टीम युवा, ऊर्जावान और संकल्पबद्ध दिख रही है। जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और समस्त अधिकारियों की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि हम सब विकास के प्रति गंभीर हैं और बस्तर में शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में नक्सल उन्मूलन का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और यह लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का संकल्प है। हमारे सुरक्षा बलों का साहस, समर्पण और रणनीति के साथ काम करना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को समयबद्ध और सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि बच्चों को कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि गर्मी और बारिश के मौसम में बीमारियों की आशंका रहती है, ऐसे में सीएससी स्तर और स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता और चिकित्सकीय व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखें।उन्होंने कहा कि बस्तर में उद्योग की स्थापना को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, महिलाओं और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उद्योग नीति में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिनसे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि बस्तर में अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जगदलपुर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें प्रारंभ करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर भी गति लाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की आवश्यकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हम व्यक्तिगत लाभ आधारित योजनाओं को प्राथमिकता दें और प्रत्येक परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करें। मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं के कारण कई बार आधार, राशन, बैंकिंग जैसी सेवाएं बाधित होती हैं। संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर इसका शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और संचार उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बसें चलाने की आवश्यकता है ताकि जनता को सुरक्षित व सुलभ आवागमन का साधन मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों में जनता की जबरदस्त भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास से जुड़ना चाहते हैं और नक्सलवाद की विचारधारा से दूर होना चाहते हैं। हमें इसी विश्वास को और मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लें, उन्हें सम्मान दें, और धैर्यपूर्वक उनकी बातों को सुनें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में प्रशासनिक कुशलता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी आवश्यक है। बस्तर संभाग की जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें पूरी निष्ठा के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य करना है। इस अवसर पर  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समूचा बस्तर अलग ही परिदृश्य में दिखाई दे रहा है, बस्तर उन्नति की कहानी लिख रहा है। यह सभी के परिश्रम का परिणाम है। बस्तर की आवश्यकता का ध्यान रखते हुए कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो को समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले ही निर्माण कार्य पूर्ण हो। बैठक के दौरान बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 87.24 प्रतिशत और आधार कार्ड निर्माण में 96.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड में शतप्रतिशत लक्ष्यपूर्ति  के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में अंदरूनी क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के समाधान के लिए मोबाइल टावर लगाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 93.37 प्रतिशत प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई … Read more

राधामोहन दास बोले – कांग्रेस के राज में पेंटर, दर्जी और पंचर बनाने तक सिमटा मुस्लिमों का जीवन

जयपुर भारतीय जनता पार्टी के वक्फ सुधार जनजागरण अभियान की प्रदेश कार्यशाला को संबोधित करते हुए अभियान के राष्ट्रीय संयोजक एवं भाजपा के राजस्थान प्रदेश प्रभारी डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 65 वर्षों तक मुस्लिम समुदाय को सिर्फ वोट बैंक समझा और उनकी सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मुस्लिम समाज सिर्फ मोची, पेंटर, दर्जी, बैंड-बाजा बजाने वाला और पंचर बनाने वाला बनकर रह गया। वहीं भाजपा के मात्र 11 वर्षों के शासन में केंद्रीय नौकरियों में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी 5 प्रतिशत से बढ़कर 9.5 प्रतिशत हो गई है। कांग्रेस मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक मानती है, जबकि भाजपा उन्हें गर्व और स्वाभिमान के साथ ‘भारतीय’ के रूप में खड़ा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का बताया था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे नकारते हुए गरीबों को प्राथमिकता दी और योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी को दिया। परिणामस्वरूप सरकार की विभिन्न योजनाओं में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। जिसका परिणाम है कि 15 प्रतिशत आबादी वाला मुस्लिम समाज आज पीएम आवास योजना में 31 प्रतिशत, उज्ज्वला योजना में 37 प्रतिशत, मुद्रा में 36 प्रतिशत, जन-धन योजना में 42 प्रतिशत, पीएम किसान सम्मान निधि योजना में 33 प्रतिशत और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन गारंटी योजना में 70 प्रतिशत लाभान्वित हुआ है। डॉ. अग्रवाल ने वक्फ संपत्तियों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुरान कहती है कि लेन-देन लिखित में हो और गवाह हों लेकिन वक्फ संपत्तियों में ऐसा कुछ नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग वक्फ संपत्तियों को हड़पने में लगे हैं और इनकी कमाई को खुर्द-बुर्द कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2006 में सच्चर समिति की रिपोर्ट के अनुसार देश में 6 लाख एकड़ की 4.5 लाख वक्फ संपत्तियां थीं, जिनसे सालाना 12 हजार करोड़ रुपये की आय होनी चाहिए थी, परंतु केवल 163 करोड़ रुपये की ही आय दिखाई गई। यह रकम मजहबी और कांग्रेसी नेताओं द्वारा लूटी जा रही थी। 2025 तक वक्फ संपत्तियों की जमीन बढ़कर 37 लाख 94 हजार एकड़ हो गई है, लेकिन कमाई बढ़कर सिर्फ 166 करोड़ रुपये ही हुई है, जबकि इनसे प्रतिवर्ष 1 लाख करोड़ रुपये की आय होनी चाहिए थी। कर्नाटक अल्पसंख्यक आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि वहां की 54 हजार वक्फ संपत्तियों में से 29 हजार संपत्तियों को खुर्द-बुर्द कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे, सीके जाफर शरीफ, सीएम इब्राहिम और रहमान खान ने इन संपत्तियों पर कब्जा जमाया। उन्होंने जयपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव फजलु रहमान ने हिदायत ट्रस्ट की संपत्तियों को बेचकर अफजल विहार नाम से कॉलोनियां बसा दीं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जो लोग वक्फ कानून में सुधार का विरोध कर रहे हैं, वे वही लोग हैं जो इस संपत्ति से अवैध लाभ कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता हर मुस्लिम नागरिक से संपर्क कर और उन्हें समझाएंगे कि यदि वक्फ संपत्तियों से सालाना 1 लाख करोड़ रुपये की आय होने लगे, तो इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में मुस्लिम समाज के लिए नए अवसर खुलेंगे।

CM साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष को पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी ने छत्तीसगढ़ पृथक राज्य का निर्माण किया। 2003 में जनादेश के बाद डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनाए गए जिनके नेतृत्व में प्रदेश का तेजी से विकास हुआ। मुझे गर्व होता है यह बताते हुए कि डॉ सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में जो पीडीएस व्यवस्था बनाई गई। वह आज पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ पीडीएस व्यवस्था है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव की प्रशंसा करते हुए कहा कि बेहद अनुभवी हैं रायपुर नगर निगम में सभापति और रायपुर विकास निगम के अध्यक्ष का दायित्व भी उन्होंने निभाया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह कॉर्पाेरेशन सिर्फ एक संस्था नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। यह एकमात्र निगम है जो प्रदेश की 75 प्रतिशत जनता से जुड़ा हुआ है। राशन की एक-एक दुकान की मॉनिटरिंग, वेयर हाउस की निगरानी, समय पर जन-जन तक खाद्यान्न सप्लाई सुनिश्चित करने तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री अरुण साव, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्व किरण सिंह देव, धरमलाल कौशिक, पुन्नूलाल मोहले, प्रबोध मिंज, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला, राजेश अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव मौजूद रहे।

MPPSC Assistant Professor परीक्षा में 70 हजार से अधिक आवेदन, 1930 पदों के लिए दो चरणों में परीक्षा

 इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2024 के लिए पंजीयन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। कुल 26 विषयों में 1930 रिक्त पदों के लिए 80 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इसमें खेल अधिकारी और ग्रंथपाल पदों के लिए भी पंजीयन कराए गए हैं। आयोग अब इन परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित करने की तैयारी में जुटा है। परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक पहला चरण जून में और दूसरा चरण जुलाई में आयोजित किया जाएगा। सहायक प्राध्यापकों के सबसे ज्यादा पद खाली प्रदेश के 580 सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिनमें सर्वाधिक पद सहायक प्राध्यापकों के रिक्त हैं। अकेले रसायन शास्त्र (केमिस्ट्री) विषय में 199 पदों पर भर्ती होनी है। इसके अलावा वनस्पति विज्ञान (190), प्राणी विज्ञान (187), भौतिकी (186) और गणित (177) पद रिक्त हैं। अन्य विषयों में इतिहास (97), अर्थशास्त्र (130), राजनीति विज्ञान (124), हिंदी (113), वाणिज्य (111), अंग्रेज़ी व भूगोल (96-96) पदों पर भर्ती की जाएगी। वहीं मराठी, उर्दू, संस्कृत साहित्य और संगीत जैसे विषयों में भी पद उपलब्ध हैं। इसके अलावा 187 खेल अधिकारी और 87 ग्रंथपाल के पद भी शामिल हैं। पहले चरण की परीक्षा एक जून को आयोजित होगी, जिसमें 16 विषयों की परीक्षा होगी। दूसरे चरण की परीक्षा 27 जुलाई को होगी, जिसमें 12 विषयों की परीक्षा कराई जाएगी। आवेदन के लिए अधिक समय मिला सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा की अधिसूचना 30 दिसंबर 2024 को जारी की गई थी। प्रारंभिक आवेदन प्रक्रिया 27 फरवरी से 26 मार्च तक निर्धारित थी, लेकिन न्यायालय के निर्देशानुसार आयोग ने पंजीयन के लिए 12 दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया। इस विस्तार के कारण अब तक 1930 पदों के लिए 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सितंबर से प्रारंभ होंगे साक्षात्कार एमपीपीएससी का प्रयास है कि भर्ती प्रक्रिया में कोई देरी न हो। वर्ष 2022 की भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है, जिसके जुलाई-अगस्त तक पूर्ण होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2024 की भर्ती के साक्षात्कार सितंबर से प्रारंभ होंगे और चार से पांच महीनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।

सर्वाधिक निवेश वाले टॉप टेन राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़, राज्य में अब तक 4.4 लाख करोड़ रूपए का हुआ है औद्योगिक निवेश

रायपुर छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रोजेक्ट टूडे सर्वे द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आया है, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को, देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल करती है। इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में हुए निवेश को मिलाकर राज्य में अब तक 4.4 लाख करोड़ रूपए का औद्योगिक निवेश हुआ है। एक नवंबर 2024 से लागू नई औद्योगिक नीति 2024-30 ने छत्तीसगढ़ को निवेशकों के लिए एक आकर्षक राज्य बना दिया है। इस नीति में न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सूत्र को अपनाया गया है, जिसके तहत सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 साल तक कर छूट, और ब्याज अनुदान जैसे प्रावधानों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। नीति में 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 तक प्रशिक्षण अनुदान जैसे प्रावधान भी शामिल हैं, जिसका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर निवेश को आकर्षित करने के लिए देश के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट का आयोजन किया गया। इन समिट्स में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4.4 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई में आयोजित समिट में 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव और अमेरिका व रूस के कॉन्सल जनरल से विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की सहमति मिली। दिल्ली में 15,184 करोड़ और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले एक साल में 300 से अधिक सुधार लागू किए, जिसने कागजी प्रक्रियाओं को कम कर कारोबारी माहौल को पारदर्शी और तेज बनाया। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के जरिए सभी स्वीकृतियां और लाइसेंस आसानी से उपलब्ध हैं, और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया को 7 दिनों के भीतर सीमित किया गया है। इन सुधारों ने छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक के लिए छत्तीसगढ़ को एक पसंदीदा गंतव्य बनाया है। छत्तीसगढ़ ने पहली बार सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, और एआई आधारित उद्योगों के लिए निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। नवा रायपुर में हाल ही में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन हुआ, जो तकनीकी नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम है। नया रायपुर को बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर आईटी हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें नैसकॉम के साथ समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। इन निवेशों से न केवल आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है। राज्य नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है, जो देश के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।

स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया

रायपुर छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने तेलीबांधा स्थित उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सीएसआईडीसी प्रदेश में औद्योगिक वातावरण के निर्माण में बेहतर कार्य करेगा। राजीव अग्रवाल अनेक पदों पर किये हैं। उनके अनुभवों से उद्योग जगत को एक नई ऊंचाई मिलेगी। राज्य में नई औद्योगिक नीति से प्रदेश का विकास होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान में 4.50 लाख करोड़ रूपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। राज्य में खनिज, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता से उद्योगों को फलने-फूलने का अवसर मिलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में सेक्टर आधारित उद्योगों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिला के ग्राम पटेवा में 322 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की  स्थापना के लिए 350 करोड़ रूपए, राजनांदगांव जिला के ग्राम बिजेतला में 50 एकड़ में स्पेश मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 25 करोड़ रूपए, नवा रायपुर के 20 एकड़ में रेडिमेट गारमेंट पार्क के लिए 30 करोड़ रूपए तथा नवा रायपुर में ही 30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के लिए 40 करोड़ रूपए की घोषणा की। इस तरह कुल 445 करोड़ रूपए की लागत से 4 स्मार्ट औद्योगिक पार्क की स्थापना की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों के विकास के लिए एक अनुकुल एवं सकारात्मक वातावरण बनेगा।   इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। राज्य के नई औद्योगिक नीति से उद्योग बेहतर तरीके से विकसित होंगे और राज्य तेजी से विकास करेगा। सीएसआईडीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य के औद्योगिक नीति विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। अध्यक्ष के रूप में राजीव अग्रवाल ने अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही। इस मौके पर उप मुख्य मंत्री अरुण साव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन,  केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, राम विचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं विजय बघेल, विधायक धरम लाल कौशिक, किरण सिंह देव, मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी सचिव बांके बिहारी अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल सहित निगम, मंडल बोर्ड के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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