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कोतवाली थाना में कालेज छात्रा ने एक युवक पर प्यार और फिर विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने की शिकायत की

जबलपुर कोतवाली थाना में कालेज छात्रा ने एक युवक पर प्यार और फिर विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने की शिकायत की है। छात्रा (24) की वर्ष 2021 में सोशल मीडिया पर पनागर बम्हनौदा निवासी सौरभ लोधी से मित्रता हुई। कुछ दिन सोशल मीडिया पर चैट के बाद दोनों ने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर आपस में साझा किया। उनकी मोबाइल फोन पर बातचीत होने लगी। इसी दौरान आरोपित ने छात्रा को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। फिर दोनों अकेले में मिलने लगे। इस दौरान आरोपित उखरी चौक स्थित होटल नीलकंठ और होटल राॅयल इन में छात्रा को साथ लेकर गया। छात्रा के साथ शीघ्र विवाह करने का झांसा देकर उसके साथ होटल में दुष्कर्म किया। कई बार आरोपित छात्रा को अपने दोस्त के घर पर ले गया, वहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा जब भी उससे विवाह के लिए कहती वह शीघ्र घरवालों से बात करने की बात कहता। उसकी बात को टाल देता। कुछ दिन पूर्व छात्रा ने युवक पर विवाह के लिए दबाव बनाया। घरवालों से बात कर तिथि तय ना करने पर उसकी हरकत के बारे में उनको जानकारी देने की बात कही। इस पर युवक ने छात्रा से कहा कि वह अपने माता-पिता को रिश्ते के लिए उसके घर जाने बोले। छात्रा के कहने पर जब उसके माता-पिता युवक के घर पहुंचे और विवाह का प्रस्ताव रखा तो युवक के माता-पिता चौंक गए। उन्होंने विवाह से मना कर दिया। युवक का विवाह एक अन्य युवती के साथ तय हो जाने की जानकारी दी। यह पता चलने पर छात्रा ने युवक को समझाने का प्रयास किया। जब वह विवाह के लिए नहीं माना तो छात्रा ने आरोपित सौरभ लोधी के विरुद्ध दुष्कर्म का मामला पंजीबद्ध कराया। पुलिस फरार आरोपित सौरभ की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।  

UP के जिलों से आने लगी रिपोर्ट, धार्मिक नाम पर आवंटित वक्फ संपत्तियों पर बने हैं मकान-दुकान

लखनऊ यूपी के जिलों से जिलाधिकारियों ने धीरे-धीरे वक्फ संपत्तियों की जानकारी शासन को भेजनी शुरू कर दी है। शासन को अब तक मिली जिलों की रिपोर्ट के मुताबिक धार्मिक, शैक्षिक कामों और कब्रिस्तान के लिए दी गई 761 से अधिक संपत्तियों पर घर और दुकानें बना दी गई हैं। शासन ने जिलाधिकारियों से वक्फ संपत्तियों के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसमें पूछा गया है कि वक्फ की संपत्तियों का आवंटन के बाद मनमाना इस्तेमाल किया जा रहा है। जिलाधिकारियों से अपने-अपने जिलों में स्थित वक्फ संपत्तियों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश भर में वक्फ संपत्तियों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। शासन को करीब 2528 वक्फ संपत्तियों की रिपोर्ट मिली है। इनमें 761 संपत्तियां ऐसी हैं जिनका उपयोग किन्हीं और कार्यों में किया जा रहा है। 25 संपत्तियों को वक्फ संपत्तियां घोषित करने के मामला अदालत में चल रहा है। चंदौली की 15 और मुजफ्फरनगर की चार, बाराबंकी, हमीरपुर, झांसी, कासगंज, लखीमपुर खीरी व सिद्धार्थनगर की एक-एक संपत्तियां हैं। अंबेडकरनगर में 15 संपत्तियों का सही और 15 का उपयोग दूसरे कार्यों में हो रहा है। अमेठी में छह का उपयोग सही और छह का उपयोग दूसरे, इटावा में 11 का सही और 11 का गलत, गौतमबुद्ध नगर में एक-एक, हमीरपुर में चार का सही और एक का गलत उपयोग हो रहा है। अमरोहा में पांच का सही एक का गलत उपयोग हो रहा है। बागपत में 44 का सही चार का गलत, बाराबंकी में 21 में से तीन संपत्तियों का उपयोग दूसरे कार्यों में किया जा रहा है। इसी प्रकार झांसी में 20 में से एक संपत्ति का उपयोग दूसरे कार्य में किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, आगरा, बस्ती, उन्नाव, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत में भी गड़बड़ियां मिली हैं।

कपिल सिब्बल ने कहा- राज्यपाल द्वारा विधेयकों को रोकना वास्तव में विधानमंडल की सर्वोच्चता में दखलंदाजी है

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर आपत्ति जताए जाने वाले उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बयान पर वरिष्ठ वकील व राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने नाराजगी जाहिर की है। सिब्बल ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति और राज्यपाल के बारे में पता होना चाहिए, जिन्हें मंत्रियों की सहायता और सलाह पर काम करना होता है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिब्बल ने कहा कि राज्यपाल द्वारा विधेयकों को रोकना वास्तव में विधानमंडल की सर्वोच्चता में दखलंदाजी है। यह धनखड़ जी (उपराष्ट्रपति) को पता होना चाहिए, वे पूछते हैं कि राष्ट्रपति की शक्तियों को कैसे कम किया जा सकता है, लेकिन शक्तियों को कौन कम कर रहा है? कपिल सिब्बल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”आज सुबह कई अखबारों में जब मैंने धनखड़ साहब का भाषण पढ़ा तो दुख और आश्चर्य हुआ, क्योंकि ज्यूडिशियल इंस्टीट्यूशन फिर चाहे सुप्रीम कोर्ट हो या हाई कोर्ट हो, इन पर ही विश्वास है। मुझे लगता है कि जब सरकार के लोगों को ज्यूडिशियरी के फैसले पसंद नहीं आते हैं तो वे आरोप लगाना शुरू कर देते हैं कि ये हद से बाहर हैं। जब पसंद आते हैं तो विपक्ष को कहते हैं कि यह तो सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया था। फिर चाहे 370 हो या राम मंदिर का फैसला हो, इस पर कहते हैं कि यह तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला था। जो आपको जजमेंट सही नहीं लगे, सोच के हिसाब से नहीं हो वह गलत है और जो सोच के हिसाब से है, वह ठीक है।” उन्होंने आगे कहा, ”मैं उनका बड़ा आदर करता हूं, लेकिन आपने कह दिया कि आर्टिकल 142 न्यूक्लियर मिसाइल है, यह कैसे कह सकते हैं? आपको पता है कि आर्टिकल-142 द्वारा सुप्रीम कोर्ट को संविधान ने हक दिया है ना कि किसी सरकार ने, ताकि न्याय हो। जब राष्ट्रपति अपना फैसला करती हैं तो वह कैबिनेट के सुझाव से करती हैं। इसी तरह जब कोई विधेयक पारित होता है तो राज्यपाल के पास जाता है। संविधान ने हक दिया है कि राज्यपाल कमेंट करके विधेयक को वापस भेज सकता है। जब दोबारा विधानसभा पारित कर दे तो राज्यपाल को साइन करना पड़ता है। यह संविधान कहता है। राज्यपाल यह भी कर सकता है कि वह किसी विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेज सकता है। राष्ट्रपति व्यक्तिगत तौर पर कुछ नहीं करतीं, वह केंद्र सरकार के कैबिनेट पर जाती हैं और वो एडवाइस करते हैं कि क्या करना है। धनखड़ जी को यह पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की पावर को कम कैसे कर सकते हैं, आखिर कौन कम कर रहा है उनकी ताकत कम।” साइन करने से मना नहीं कर सकते राष्ट्रपति राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि संसद अगर बिल पास करे तो क्या राष्ट्रपति उसे लेकर बैठ सकते हैं कि हम साइन नहीं करेंगे और यदि ऐसा नहीं करें तो किसी को अधिकार है या नहीं कि यह अहम बिल है। वह यह नहीं कह सकते कि वह साइन नहीं करेंगे। वह कमेंट करके वापस भेज सकते हैं, फिर दोबारा पास हो। यह संविधान की परंपरा है। अदालतों ने फैसला पहले ही कर दिया है। मुझे इस बात का आश्चर्य है कि कभी मेघवाल जी कहते हैं कि हद में रहना चाहिए। कभी रिजिजू कहते हैं कि यह क्या हो रहा है? वहीं, धनखड़ जी कहते हैं कि पुराने समय में जब सुप्रीम कोर्ट में आठ जज थे तो पांच जज फैसला करते थे, अब तो इतने जज हो गए हैं। दो ही जज फैसला करेंगे, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट बेंच पर ही बैठेगा। ऐसे ही सुप्रीम कोर्ट फैसला करता है। सुपर संसद की तरह काम कर रहे जज: धनखड़ धनखड़ ने 17 अप्रैल को एक कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की थी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे न्यायाधीश हैं जो कानून बना रहे हैं, कार्यकारी कार्य कर रहे हैं और सुपर संसद के रूप में काम कर रहे हैं। धनखड़ ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “राष्ट्रपति को समयबद्ध तरीके से निर्णय लेने के लिए कहा जाता है, और यदि ऐसा नहीं होता है, तो यह कानून बन जाता है। इसलिए हमारे पास ऐसे न्यायाधीश हैं जो कानून बनाएंगे, जो सुपर संसद के रूप में काम करेंगे और उनकी कोई जवाबदेही नहीं होगी क्योंकि देश का कानून उन पर लागू नहीं होता है।” धनखड़ ने कहा, “हाल ही में आए एक फैसले में राष्ट्रपति को निर्देश दिया गया है। हम कहां जा रहे हैं? देश में क्या हो रहा है? हमें बेहद संवेदनशील होना चाहिए। यह सवाल नहीं है कि कोई समीक्षा दायर करता है या नहीं। हमने इस दिन के लिए लोकतंत्र की कभी उम्मीद नहीं की थी।”

बिना अनुमति के चलने ढाबों को तत्काल ध्वस्त कर दिया जाएगा और उनके पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए जाएंगे: पर्यावरण मंत्री

नई दिल्ली दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में अवैध ढाबों और मांस की दुकानों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना अनुमति के चलने वाले इन ढाबों को तत्काल ध्वस्त कर दिया जाएगा और उनके पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। सिरसा ने यह निर्देश पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके के दौरे के दौरान दिए, जब उन्होंने नागरिक मुद्दों की समीक्षा की। मनजिंदर सिंह सिरसा के इन सख्त निर्देशों से यह साफ है कि दिल्ली सरकार अवैध ढाबों और प्रदूषण की समस्या पर कड़ा रुख अपनाने के लिए तैयार है। इन कार्रवाईयों से न केवल अवैध प्रतिष्ठानों पर काबू पाया जाएगा, बल्कि प्रदूषण कम करने के लिए उठाए गए कदमों से दिल्ली को और भी साफ और हवादार बनाया जा सकेगा। सिरसा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा “राजधानी में कहीं भी अवैध व्यवसायों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खासकर, यहां 40-50 अवैध ढाबे और मांस की दुकानें बिना अनुमति के चल रही हैं। ऐसे गैरकानूनी प्रतिष्ठानों को बिल्कुल भी नहीं छोड़ा जाएगा।” उन्होंने जिला आयुक्त और अधिकारिक आयुक्त को आदेश दिया कि वे इस मामले में तुरंत कार्रवाई करें और इन सभी अवैध ढाबों को सील करें। साथ ही इन प्रतिष्ठानों के पानी और बिजली कनेक्शन काट दिए जाएं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए कदम इसके अलावा, सिरसा ने प्रदूषण से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीपीएस युक्त पानी के टैंकरों का इस्तेमाल प्रदूषण वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। इन टैंकरों को उस क्षेत्र में तैनात किया जाएगा जहां धूल और प्रदूषण का स्तर अधिक है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन टैंकरों की गतिविधि और आवागमन पर दैनिक रूप से निगरानी रखी जाए। सिरसा ने बताया कि यह कदम दिल्ली में प्रदूषण की समस्या को सुलझाने के लिए उठाया गया है, और इसके प्रभावी परिणाम मिलने की उम्मीद है। पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक इसके अलावा, सिरसा ने पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार उन वहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए कदम उठा रही है, जो प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। यह कदम दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और साफ हवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और ऐसे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं जो शहर में स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को बेहतर बनाएं। सरकार की सख्त नीति सिरसा ने यह भी कहा कि इन सभी कदमों का उद्देश्य दिल्ली को एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रदूषण रहित शहर बनाना है। उन्होंने राज्य सरकार के दृढ़ इरादों का जिक्र करते हुए कहा- “दिल्ली में प्रदूषण कम करना हमारी प्राथमिकता है, और हम इसके लिए हर संभव प्रयास करेंगे।” उनका यह भी कहना था कि यह सुनिश्चित करना होगा कि दिल्ली में कोई भी अवैध गतिविधि न हो, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।  

ट्रंप के टैरिफ से अर्थव्यवस्था कमजोर होगी, महंगाई बढ़ेगी लेकिन, उथल-पुथल के बीच IMF ने दी राहत

वाशिंगटन अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने गुरुवार को वैश्विक व्यापार में मची उथल-पुथल के बीच राहत भरी खबर दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका में बढ़ते टैरिफ से वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और इस वर्ष महंगाई भी बढ़ेगी लेकिन ये वैश्विक मंदी का कारण नहीं बनेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि बढ़ते व्यापारिक तनाव और वैश्विक व्यापार प्रणाली में हो रहे बड़े बदलावों के चलते IMF अपनी आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमानों में गिरावट करेगा, लेकिन वैश्विक मंदी की आशंका नहीं है। आईएमएफ के अगले सप्ताह जारी किए जाने वाले अनुमानों के आधार पर उन्होंने यह बात कही। जॉर्जीवा ने कहा कि अमेरिका की ओर से लगाए गए नए टैरिफ और चीन तथा यूरोपीय संघ की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई ने वैश्विक व्यापार व्यवस्था को झकझोर दिया है। इससे व्यापार नीति में “अत्यधिक अनिश्चितता” और वित्तीय बाजारों में “बेहद अस्थिरता” देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, “व्यवधानों की कीमत चुकानी पड़ती है… हमारे नए विकास अनुमान में महत्वपूर्ण गिरावट शामिल होगी लेकिन मंदी नहीं होगी।” जॉर्जीवा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा शुल्क की दरों में की गई वृद्धि ने वैश्विक अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘आयात शुल्क वैश्विक वृद्धि को धीमा कर देंगे और महंगाई बढ़ेगी लेकिन ये दुनिया भर में मंदी का कारण नहीं बनेंगे।’’ जॉर्जीवा ने कहा कि वैश्विक व्यापार प्रणाली में बड़े बदलावों से विश्व अर्थव्यवस्था के जुझारूपन की परीक्षा ली जा रही है जिससे वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल मचने का खतरा है। IMF की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीति और वैश्विक बाजार में हलचल के चलते दुनिया भर के केंद्रीय बैंकर और वित्त मंत्री वाशिंगटन की बैठक में भाग लेने वाले हैं। उन्होंने कहा कि शुल्क अनिश्चितता का कारण बनते हैं, जो महंगा पड़ सकता है। सप्लाई चैन की जटिलता से कई देशों में शुल्क के कारण एक-एक वस्तु की लागत प्रभावित हो सकती है। व्यापार बाधाओं में वृद्धि से भी वृद्धि पर तत्काल प्रभाव पड़ता है, तथा यद्यपि इससे घरेलू उत्पादन में वृद्धि हो सकती है लेकिन इसे ऐसा होने में समय लगता है। हालांकि, आईएमएफ प्रमुख ने अमेरिकी प्रशासन की कुछ चिंताओं को भी दोहराया। उन्होंने देशों से शुल्क कम करने और व्यापार में अन्य बाधाओं को कम करने का आह्वान किया। आईएमएफ का पूर्ण आकलन अगले मंगलवार को जारी किया जाएगा। आर्थिक स्थिति और बाजार पर चिंता जॉर्जीवा ने कहा कि विश्व की वास्तविक अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत है—मजबूत श्रम बाजार और स्थिर वित्तीय प्रणाली अभी भी है। लेकिन उन्होंने यह भी आगाह किया कि अगर आर्थिक मंदी को लेकर नकारात्मक धारणाएं बनीं, तो इसका असर वास्तविक आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “संकट के दौर में मैंने यह सीखा है कि धारणा जितनी महत्वपूर्ण होती है, उतनी ही हकीकत भी होती है। अगर धारणा नकारात्मक हो जाए, तो वह अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।” टैरिफ का असर और संभावित महंगाई IMF ने जनवरी में 2025 और 2026 के लिए वैश्विक विकास दर 3.3% रहने का अनुमान लगाया था। अब यह संस्था मंगलवार को अपना नया ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ जारी करेगी। जॉर्जीवा ने यह नहीं बताया कि नए अनुमानों में कितनी गिरावट होगी, लेकिन उन्होंने चेताया कि यह गिरावट “महत्वपूर्ण” होगी। महंगाई को लेकर उन्होंने कहा कि टैरिफ से कुछ देशों में उपभोक्ता और उत्पादक कीमतों में इजाफा हो सकता है, जबकि कहीं-कहीं खर्च में कटौती से महंगाई घट भी सकती है। कुल मिलाकर, कुछ देशों के लिए महंगाई बढ़ने का अनुमान है। अमेरिका और चीन से की सहयोग की अपील जॉर्जीवा ने कहा कि व्यापार तनाव कोई नया नहीं है; अमेरिका, चीन और अन्य देशों के बीच शुल्क और गैर-शुल्क बाधाएं पहले से बनी हुई थीं, लेकिन अब स्थिति और बिगड़ गई है। उन्होंने आग्रह किया कि अमेरिका और चीन, जो विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, मिलकर एक निष्पक्ष और नियम-आधारित व्यापार व्यवस्था के लिए समाधान खोजें, क्योंकि इससे छोटे देशों पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा, “संरक्षणवाद दीर्घकाल में उत्पादकता को नुकसान पहुंचाता है, खासकर छोटे देशों में। उद्योगों को प्रतिस्पर्धा से बचाने की कोशिश नवाचार और उद्यमिता को भी नुकसान पहुंचाती है।” IMF की सिफारिशें IMF प्रमुख ने देशों से आग्रह किया कि वे मौद्रिक नीति में लचीलापन बनाए रखें, वित्तीय बाज़ारों की निगरानी करें, और आर्थिक सुधारों को जारी रखें। विकासशील देशों को अपने विनिमय दरों में लचीलापन बनाए रखने की सलाह दी गई, जबकि समृद्ध देशों से कमजोर देशों को सहायता बनाए रखने की अपील की गई। उन्होंने कहा, “हमें अधिक लचीली वैश्विक अर्थव्यवस्था की जरूरत है, न कि विभाजन की ओर बहाव की। सभी देशों, बड़े हों या छोटे, को इस अनिश्चित दौर में वैश्विक अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”

यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी तूफान व बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई, 70 की स्पीड से चलेंगी तेज हवाएं

नई दिल्ली देशभर में पड़ रही गर्मी के बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने करवट ली है। यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी तूफान व बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, राजस्थान में अभी हीटवेव चल रही है और 20 अप्रैल के बाद खत्म होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 18-20 अप्रैल के बीच बारिश, आंधी तूफान का अलर्ट है। इसके अलावा, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में 18 और 19 अप्रैल को भारी बारिश होने वाली है। 20 अप्रैल को भी बरसात देखने को मिलेगी। इस दौरान कई राज्यों में 70 की स्पीड से तेज हवाएं भी चलने वाली हैं। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आंधी तूफान देखा गया। गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में ओले गिरे। ओडिशा, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा में भारी बरसात हुई। पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव की स्थिति देखी गई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से जम्मू कश्मीर, लद्दाख में 18-21 अप्रैल, हिमाचल प्रदेश में 19 अप्रैल, उत्तराखंड में 18 और 20 अप्रैल को बारिश, आंधी तूफान का अलर्ट है। साथ ही, 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलने वाली हैं। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में 18, 19 और उत्तराखंड में 19 अप्रैल को ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। अन्य राज्यों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में 18 अप्रैल को आंधी तूफान, बारिश, बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान यहां 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। वहीं, 19 और 20 अप्रैल को भी इन राज्यों में आंधी पानी देखने को मिलेगा। पश्चिमी राजस्थान में 18 और 19 अप्रैल को धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 18 व 19 अप्रैल, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, साउथईस्ट बिहार, उत्तरी ओडिशा में 18 अप्रैल, अरुणाचल प्रदेश में 22-24 अप्रैल, असम, मेघालय में 18, 19 और 21-24 अप्रैल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 24 अप्रैल को भारी बरसात होने जा रही है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 18 अप्रैल, ओडिशा में 18 और 21 अप्रैल को आंधी पानी देखने को मिलेगा। साथ ही 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। उत्तर पश्चिम भारत के तापमान में अगले 24 घंटे तक कोई बदलाव नहीं आएगा, लेकिन फिर तीन दिनों तक तीन डिग्री तक गिरावट देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से पारा चढ़ेगा और दो से तीन डिग्री सेल्सियस गर्मी और बढ़ जाएगी। मध्य भारत की बात करें तो अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। पूर्वी भारत के मौसम की बात करें तो इसमें तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने जा रही है।

ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने के बाद टीम को मिडिल ऑर्डर में एक विस्फोटक बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस को टीम में किया शामिल

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में खराब फॉर्म से जूझ रही चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। टीम ने मुंबई इंडियंस के पूर्व विस्टफोटक बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस को बीच सीजन में अपने स्क्वॉड में शामिल किया है। ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने के बाद टीम को मिडिल ऑर्डर में एक विस्फोटक बल्लेबाज की कमी खल रही थी। ब्रेविस के आने के बाद सीएसके को मिडिल ऑर्डर में एक ऐसा बल्लेबाज मिलेगा जो तेजी से रन बनाने में सक्षम है। चेन्नई ने साउथ अफ्रीका के इस खिलाड़ी को 2.2 करोड़ रुपए में शामिल किया है। 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2025 का सीजन अभी तक निराशाजनक रहा है। टीम ने खेले 7 में से 5 मुकाबले गंवाए हैं और 2 में ही उन्हें जीत मिली है। इस खराब प्रदर्शन के चलते टीम IPL 2025 पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे 10वें पायदान पर लगी हुई है। ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने के बाद टीम ने बीच सीजन में कप्तान भी बदला, मगर धोनी की अगुवाई में भी टीम के परफॉर्में में ज्यादा सुधार नहीं देखने को मिला है। ऐसे में अब टीम को स्क्वॉड में बदलाव करना पड़ा है। सीएसके के पास एक विदेशी खिलाड़ी का स्लॉट शेष था, जिस वजह से उन्हें बीच सीजन में सीएसके ने भारतीय खिलाड़ी की जगह साइन किया है। आईपीएल की मीडिया एडवाइचरी के अनुसार, “चेन्नई सुपर किंग्स ने चोटिल गुरजपनीत सिंह की जगह डेवाल्ड ब्रेविस को शामिल किया है। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने टाटा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के शेष मैचों के लिए चोटिल गुरजपनीत सिंह की जगह दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस को शामिल किया है।” डेवाल्ड ब्रेविस ने 81 T20 खेले हैं और 162 के हाईएस्ट स्कोर के साथ 1787 रन बनाए हैं। उन्होंने 2023 में साउथ अफ्रीका के लिए अपना T20I डेब्यू किया और अब तक 2 T20I खेले हैं। ब्रेविस पहले मुंबई इंडियंस (MI) का हिस्सा थे, जहां उन्होंने 10 मैच खेले थे। वह INR 2.2 करोड़ में CSK में शामिल होंगे। डेवाल्ड ब्रेविस ने इससे पहले अपने सोशल मीडिया पर येल्लो कलर की इमेज पोस्ट कर फैंस को सीएसके में शामिल होने का हिंट दे दिया था। उनका यह पोस्ट देख फैंस उन्हें पहले से ही बधाई देने लग गए थे। ऋतुराज गायकवाड़ के बाहर होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स को मिडिल ऑर्डर में एक विस्फोटक बल्लेबाज की तलाश है। टीम लगातार राहुल त्रिपाठी को मौका दे रही है, मगर यह भारतीय खिलाड़ी लगातार सीएसके को निराश कर रहा है। अब सीएसके को ब्रेविस जैसे बल्लेबाज की तलाश है जो बीच के ओवर में रन गति को बढ़ा सके और लंबी पारी खेल सकी।

अमृत भारत स्टेशन योजना की प्रगति और ट्रैक की स्थिति की हुई गहन समीक्षा

भोपाल पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने आज खंडवा से रानी कमलापति स्टेशन तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेलखंड की संरचना, पटरियों की स्थिति, सिग्नलिंग प्रणाली, क्रॉसिंग्स एवं सेफ्टी संबंधित अवसंरचनाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण का उद्देश्य न केवल संरक्षा व्यवस्था की समीक्षा था, बल्कि स्टेशनों पर “अमृत भारत स्टेशन योजना” के अंतर्गत चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन भी करना था। खिरकिया स्टेशन – संरक्षा पर विशेष ध्यान निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक  श्री त्रिपाठी ने खिरकिया स्टेशन पर विशेष रूप से संरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लेटफॉर्म किनारे सुरक्षा संकेतों, फाटक संचालन, पॉइंट्स एवं सिग्नल इंटरलॉकिंग की स्थिति की बारीकी से जांच की। स्टेशन यार्ड एवं सिग्नलिंग के संरक्षा उपायों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही उन्होंने “अमृत भारत स्टेशन योजना” के तहत हो रहे प्रारंभिक विकास कार्यों की प्रगति देखी और अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्टेशन को यात्री सुविधा की दृष्टि से और अधिक उन्नत बनाया जाए। हरदा स्टेशन – पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा हरदा स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक  ने “अमृत भारत स्टेशन योजना” के अंतर्गत तेजी से हो रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति को सराहा। उन्होंने प्लेटफॉर्म विस्तार, वेटिंग हॉल, शौचालय, पेयजल सुविधा, फुट ओवर ब्रिज और अन्य यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा से संबंधित इंटरलॉकिंग सिस्टम, पॉइंट्स और क्रॉसिंग्स की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समयबद्धता, गुणवत्ता एवं यात्री हित को सर्वोपरि मानते हुए सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए। बनापुरा स्टेशन – यात्री सुविधाओं एवं संरक्षा का संतुलित मूल्यांकन बनापुरा स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक  श्री त्रिपाठी ने यात्री सुविधा के साथ-साथ संरक्षा के दृष्टिकोण से भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने टिकट काउंटर, सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफॉर्म शेड, प्रकाश व्यवस्था एवं संकेत बोर्ड की स्थिति का मूल्यांकन किया। साथ ही यार्ड में पॉइंट्स, क्रॉसिंग्स एवं ट्रैक की स्थिति को देख सुरक्षा मानकों की पुष्टि की गई। यहां चल रहे अमृत भारत योजना के अंतर्गत स्टेशन भवन और यात्री संरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी सराहना की गई। निरीक्षण के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक  श्री देवाशीष त्रिपाठी ने कहा – “संरक्षा हमारी प्राथमिकता है और यात्री सुविधा हमारा संकल्प। भोपाल मंडल द्वारा स्टेशनों के पुनर्विकास, संरचना सुदृढ़ीकरण और यात्रियों को सुगम सेवाएं प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि हर स्टेशन पर एक सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक वातावरण यात्रियों को मिले।” इस निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल अभियंता (दक्षिण) श्री अभिषेक मिश्रा, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता श्री राव अभिषेक, मंडल परिचालन प्रबंधक (माल) श्री प्रमोद कुमार तिवारी, मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री पंकज कुमार दुबे, सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी श्री ममलेश यादव सहित अन्य अधिकारी एवं पर्यवेक्षकगण उपस्थित रहे।

वीआईटी भोपाल में आईपीआर जागरूकता पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफलतापूर्वक समापन हुआ

भोपाल वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के आईपीआर सेल ने मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के सहयोग से 17-18 अप्रैल, 2025 को “भविष्य को सशक्त बनाने के लिए आईपीआर जागरूकता” पर प्रतिष्ठित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफलतापूर्वक समापन किया। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) द्वारा सूचीबद्ध इस संगोष्ठी का उद्देश्य अकादमिक शोध और नवाचार-संचालित विकास में बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के बढ़ते महत्व को उजागर करना था। दूसरे दिन, कार्यक्रम में डॉ. टी. पवन कुमार (प्रधान वैज्ञानिक – रसायन विज्ञान और आईपीआर, आईएमएमटी भुवनेश्वर), श्री परवेज कुद्रोली (प्रधान सहयोगी, खुराना एंड खुराना और आईआईपीआरडी) और प्रो. आई. ए. पलानी (आरएंडडी प्रमुख, आईआईटी इंदौर) सहित प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए गए।  इन सत्रों ने उपस्थित लोगों को पेटेंट रणनीतियों, कॉपीराइट कानूनों और अनुसंधान और नवाचार प्रक्रियाओं में आईपी प्रथाओं के एकीकरण पर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया। देश भर से छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं की उत्साही भागीदारी के साथ, संगोष्ठी ने संवाद, सीखने और ज्ञान साझा करने के लिए एक इंटरैक्टिव और सहयोगी मंच के रूप में कार्य किया। चर्चाओं ने बौद्धिक संपदा को विचार से लेकर वास्तविक दुनिया के प्रभाव तक की यात्रा में एक प्रमुख चालक के रूप में देखने की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने समापन भाषण में, आईपीआर सेल की संयोजक डॉ. शिव मंजरी गोपालिया ने संगोष्ठी के मुख्य बिंदुओं का सारांश दिया और शिक्षा जगत में आईपीआर के साथ निरंतर जागरूकता और सक्रिय जुड़ाव के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम के आयोजन में उनके समर्पित प्रयासों के लिए डॉ. अक्षरा मकरारिया के साथ-साथ आईपीआर सेल के सदस्य डॉ. मोनिका संकट, डॉ. सनाय नाहा और डॉ. अंकुर बेहर को विशेष धन्यवाद दिया गया। आयोजकों ने आईपी जागरूकता को बढ़ावा देने और अनुसंधान में नवाचार और कानूनी चेतना की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यह प्रभावशाली मंच प्रदान करने के लिए वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

सुशासन तिहार :30 अप्रैल तक आवेदनों का निराकरण किया जाएगा, कलेक्टर ने कहा किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

 महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सभी जिला अधिकारियों की बैठक लेकर सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का त्वरित गुणवत्तापूर्ण और गंभीरता पूर्वक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार,समाधान शिविर, मोर दूआर साय सरकार आदि की तैयारी की समीक्षा की। ज्ञात है कि सुशासन तिहार के पहले चरण में 08 अप्रैल से 13 अप्रैल 2025 तक महासमुंद जिले के पांचों जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों से कुल 1 लाख 80 हजार 212 आवेदन प्राप्त हुए।  इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे। सभी जनपद, नगरीय निकाय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले के सभी पांच जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में सुशासन तिहार का प्रथम चरण 08 से 11 अप्रैल 2025 तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस चार दिवसीय जनभागीदारी अभियान में नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए अपनी समस्याएं एवं आवश्यकताओं को लेकर उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई।ग्राम पंचायतों से लेकर नगर पंचायत कार्यालयों तक आमजन ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन निर्धारित समाधान पेटियों में जमा किए गए। जिनका निराकरण संबंधित विभागों द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।      उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार 2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की साफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जा रहा है और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि सोमवार से नियमित तौर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाएगी। आगामी तीन दिन में सभी आवेदन पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करें। प्राप्त आवेदनों का अवलोकन कर उन्हें संबंधित विभागों को आगामी तीन दिन में भेज दिया जाए।कलेक्टर ने कहा कि 30 अप्रैल तक सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागों को प्राप्त आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आवेदनों के निराकरण में गंभीरता बरते।   कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की आठ से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर लगाया जाएगा। निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा और यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

सीपत, मस्तूरी, मल्हार की अस्पतालों का हो रहा कायाकल्प, कलेक्टर ने लिया जायज़ा, कार्य पूर्ण करने दिए निर्देश

बिलासपुर सीपत, मस्तूरी, मल्हार जैसी दूरस्थ ग्रामीण अस्पतालों का कायाकल्प होने लगा है। सीएसआर, डीएमएफ आदि मंदों  का इस्तेमाल कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती दी जा रही है। कलेक्टर अवनीश शरण स्वयं व्यक्तिगत रुचि लेते हुए इनकी सतत निगरानी कर रहे हैं। श्री शरण ने आज दौरा कर सीपत, मस्तूरी और मल्हार के अस्पतालों में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने एक माह में शेष निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को जीवनदीप समिति की बैठक लेकर अस्पतालों की छोटी छोटी दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्यालय सीपत में रहने वाली दो स्वास्थ्य कर्मियों को परिसर में निर्मित नया आवास तत्काल आबंटित कर दिए। उन्हें सामान शिफ्ट कर रहना शुरू करने कहा ताकि मरीजों की और अच्छे से देखभाल की जा सके। इस अवसर पर एसडीएम प्रवेश पैकरा, सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी, ई ई लोक निर्माण चैन सिंह विंध्यराज,सीईओ श्री जे आर भगत भी उपस्थित थे।        कलेक्टर ने सीपत से दौरे की शुरुआत की। लगभग 57 लाख की लागत से सीपत पीएचसी का कायाकल्प हो रहा है। ग्राम पंचायत, लोक निर्माण विभाग और सीजीएमएससी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न वार्डों को देखा। सीएसआर मद से लेबर वार्ड में भी एसी सुविधा देने के निर्देश दिए। प्रतीक्षा कक्ष में कुर्सी लगाने के निर्देश भी दिए। परिसर में निर्मित कुछ कर्मचारी आवासों के सुधार करने को भी कहा। अब तक हो चुके कामों की जानकारी ली। प्रति माह इस पीएचसी में लगभग 65 डिलीवरी होती है, जो कि अच्छी प्रगति है। कलेक्टर ने एनक्यूएएस प्रमाण पत्र हासिल करने की तैयारी रखने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर सीपत में ही बन रहे 50 सीटर कन्या छात्रावास देखने पहुंचे। सीएसआर मद से 80 लाख रुपए में इसका निर्माण किया जा रहा है। धीमी प्रगति पर नाराज़गी दिखाते हुए 1 माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मस्तूरी में 1.93 करोड़ की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया जा रहा है। काम की गति तेज करने को कहा। उन्होंने पुराने जर्जर हो चुके भवन को डिस्मेंटल कर पार्किंग और गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर अंत में ऐतिहासिक नगरी मल्हार पहुंचे। अस्पताल में बरसात के मौसम में पानी भर जाता है। इसके निदान के निर्देश सीएमओ और एसडीएम को दिए। डॉग बाइट के 4-5 प्रकरण रोज अस्पताल पहुंच रहे है। एंटी रेबीज इंजेक्शन मौजूद है। अस्पताल तक पहुंचने का मार्ग काफी जर्जर हो चुका है। कलेक्टर ने इसके जीर्णोद्धार का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।

न्यू डोला का लापता युवक रामनगर पुलिस की सतर्कता से सकुशल दस्तयाब

जबलपुर थाना रामनगर क्षेत्र के अंतर्गत न्यू डोला निवासी प्रभात रैदास पिता राजेस उर्फ राजु रैदास, उम्र 21 वर्ष, जो कि दिनांक 12 अप्रैल 2025 को घर से बिना बताए लापता हो गया था, को पुलिस ने सतर्कता और तत्परता से दस्तयाब कर लिया है। गुमशुदगी की सूचना मिलने पर थाना रामनगर में गुम इंसान क्रमांक 12/25 पर मामला पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया था। पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में चलाए जा रहे गुमशुदा व्यक्तियों की खोज अभियान के तहत प्रभात रैदास की तलाश लगातार की जा रही थी। लगातार प्रयासों और सूचना संकलन के आधार पर दिनांक 18 अप्रैल 2025 को प्रभात रैदास को सकुशल बरामद कर लिया गया।  इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सुमित कौशिक, उप निरीक्षक बी.एल. परस्ते और एएसआई अशोक सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एमबी पावर (मध्य प्रदेश) लिमिटेड द्वारा जैतहरी चौक से प्लांट गेट नंबर-2 तक लगाए गए स्ट्रीट लाइट्स

जैतहरी क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तान पावर  के सीएसआर विभाग ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है, कंपनी के द्वारा जैतहरी चौक से लेकर प्लांट के गेट नंबर-2 तक लगभग 01 किलो मीटर लंबे मार्ग पर 40 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं, बता दें स्ट्रीट लाइटों की स्थापना में आवश्यकता अनुरूप, तकनीकी मापदंड का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके आधार पर स्थानीय जनमानस को बेहतर प्रकाश मिलना सुनिश्चित हो सके, तकनीकी मापदंड के अनुसार प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की ऊंचाई 7.5 मीटर रखी गई है और प्रत्येक दो लाइटों के मध्य दूरी लगभग 25-25 मीटर निर्धारित की गई है। आज दिनांक 17.04.25 को गौरव पथ पर स्ट्रीट लाइट का उद्घाटन समारोह रखा गया, समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में  विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री अनिल गुप्ता, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित, नगर परिषद के अध्यक्ष श्री उमंग गुप्ता, नगर परिषद के उपाध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार राठौर, परिषद के सभापति श्री कैलाश मरावी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख अतिथि श्री अनिल गुप्ता ने कहा, कंपनी स्थानीय विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है, विगत वर्षों में कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्र के साथ साथ, नगर में कई विकास के कार्य किए हैं, जिनमें जैतहरी चौक से गेट न. 2 तक सड़क निर्माण कार्य, जैतहरी चौक से जैतहरी पुराना रेलवे फाटक तक सड़क निर्माण कार्य, विभिन्न सामूहिक स्थलों पर वाटर कूलर की व्यवस्था, तहसील, जैतहरी चौक पर हाई मास्ट लाइट, सिद्ध बाबा डुंगरिया का सौंदर्यीकरण इत्यादि कार्य शामिल हैं और हाल ही में नगर परिषद के अनुरोध पर कंपनी के द्वारा 40 नग स्ट्रीट लाइट की स्थापना कराई  गई है। इन सभी कार्यों के लिए हम सभी परिषद की ओर से हिन्दुस्तान पावर का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित श्री उमंग  ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य न केवल इस मार्ग पर रात्रि में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना है, बल्कि आमजन, स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए अंधेरे को प्रकाश में परिवर्तित कर उनकी सुरक्षा को भी बढ़ाना है। नगर परिषद उपाध्यक्ष रवींद राठौर, परिषद के सभापति कैलाश मरावी ने कंपनी योगदान के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कंपनी प्रबंधन की तरफ से सी एस आर प्रमुख श्री सत्यम सलील और जन संपर्क अधिकारी श्री गौरव पाठक उपस्थित रहे! उन्होंने बताया कि “स्थानीय विकास और सामुदायिक सहयोग हिन्दुस्तान पावर की सीएसआर गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य है। निश्चित तौर पर सड़क पर रोशनी की उचित व्यवस्था से दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा आमजन को सुविधा होगी।” स्थानीय अन्य जनप्रतिनिधियों और उपस्थित समस्त नागरिकों ने इस कार्य के लिए हिंदुस्तान पावर का आभार प्रकट किया और इसे जनहित में एक सराहनीय कदम बताया।

ग्रामीण अचलों में में निकाली गई अंबेडकर की शोभा यात्रा

सतना कोटर रामपुर बाघेलान विधानसभा क्षेत्र के कोटर क्षेत्र के गांव गांव याद किये गये भारत रत्न से सम्मानित भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी रामपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रजरवार, अबेर, नगर पंचायत कोटर, मैनपुरा, लखनवाह, सेमरी, घोरकाट, घोरकटी, बूड़ा, उमरी तिहाई, चूंद कला, बिहरा, लौलाछ, मगरवार, थथौरा, गोलहटा, देवरा, चितगढ, में मंचीय कार्यक्रम के बाद शोभायात्रा निकालकर बड़े हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई बाबासाहेब अम्बेडकर जी की 134वीं जयंती समारोह का कार्यक्रम रखा गया जिसमें मुख्य रूप से मोतीलाल साकेत रजरवार, हरिप्रकाश सतनामी, गोकुल सिंह, अरुण सिंह, विपिन, शोभनाथ साकेत अबेर, बंशपती सिंह बबलू कोटर पार्षद, छेदीलाल, राजेश, प्रेमलाल, पंकज, नीरज,रामकेश वर्मा, नंदीलाल रावत कोटर, सुनील चौधरी, सुरेश, रजनीश अच्छेलाल साकेत उमरी तिहाई, ग्राम पंचायत इटौर सरपंच प्रतिनिधि अवधेश सिंह, पिंटू सिंह इटौर, सचिन, रामकलेशराकेश, महेन्द्र, संदीप साकेत, रामनरेश कोल मैनपुरा, श्रीमती ज्योति भारती, निकिता राव, मोहनलाल, रावेन्द्र, कमलेश, गुलज़ारी लाल, कृष्ण कांत, मोहित, रामराम, लालू कोल रजरवार, रिंकू, संकेत कुमार, सम्पत, शिवम्, सौरभ, हेमंत साकेत घोरकाट, समयलाल, राकेश, दशाई लखनवाह, रामनारायण,बोलबचन, धीरु, रोहित साकेत, अजय रावत घोरकटी, सोनू, नीरज सतनामी बिहरा, संतोष राकेश, राजेश साकेत देवरा, गौरव, विनोद, प्रमोद, रावेन्द्र, शारदा साकेत बूड़ा, रोहणी, गेंदलाल, बीरेंद्र, रामकरण, डॉ सुखलाल चौधरी सेमरी, जयप्रकाश मुकेश राजेश साकेत गोलहटा, सुरेन्द्र महदेवा, बबलू बौद्ध, सत्यनारायण, बेदमनी रखौधा एवं कई हजारों की संख्या में जनता जनार्दन ने सम्मिलित होकर अम्बेडकर जयंती के साथ साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता आपसी भाईचारे में सामंजस्य बनाने के लिए भरी हूंकार, सभी सहयोगियों को को बहुत बहुत धन्यवाद आभार।

एनएचएआई द्वारा सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम एक मई से लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया: केंद्र सरकार

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें एक मई से राष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू करने की बात कही गई थी। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि कुछ मीडिया हाउस की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एक मई से राष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू हो जाएगा और यह मौजूदा फास्टैग आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम को रिप्लेस करेगा। मंत्रालय ने आगे कहा, “हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम एक मई से लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है।” टोल प्लाजा पर वाहनों की निर्बाध, बिना किसी परेशानी के आवाजाही को सक्षम करने और यात्रा के समय को कम करने के लिए चुनिंदा टोल प्लाजा पर ‘एएनपीआर-फास्टैग बेस्ट बैरियर-लैस टोलिंग सिस्टम’ लागू किया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि यह एडवांस टोलिंग सिस्टम ‘ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन’ (एएनपीआर) टेक्नोलॉजी, जिसमें नंबर प्लेट से वाहनों की पहचान की जाती है और ‘फास्टैग सिस्टम’, जो कि रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) पर काम करता है, दोनों का मिश्रण होगा। इस सिस्टम के तहत वाहनों से टोल हाई परफॉर्मेंस वाले एएनपीआर कैमरा और फास्टैग रीडर्स के माध्यम से लिया जाएगा, जिसमें वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। मंत्रालय के मुताबिक, अगर वाहन चालक टोल पर भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें ई-नोटिस दिया जाएगा और उनका फास्टैग भी रद्द किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर करीब 855 प्लाजा हैं, जिनमें से 675 सरकारी हैं, जबकि 180 या उससे अधिक निजी ऑपरेटरों द्वारा मैनेज किए जाते हैं। इस महीने की शुरुआत में, एनएचएआई ने बढ़ती लागतों के कारण देश भर में राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के टोल शुल्क में औसतन 4 से 5 प्रतिशत की वृद्धि की थी।

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