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मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिये, न कि सड़क पर: मुख्यमंत्री साय

रायपुर  नेशनल हेराल्ड मामले में एक तरफ कांग्रेस के नेता ईडी की कार्रवाई पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा मामले में जनजागरूकता पैदा करने में जुटी है. इस कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया में पोस्ट के जरिए कांग्रेस और करप्शन को पर्यायवाची बताया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि करप्शन और कांग्रेस, ये पर्यायवाची शब्द जैसे हैं. नेशनल हेराल्ड मामले में भी जिस तरह के संस्थागत घोटाले और धोखाधड़ी किए गए, उसका सच जनता के सामने आ चुका है. मामले में ED द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उसकी संलिप्तता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालने की कोशिश या इसके विरुद्ध सड़क पर आना यह साबित करता है कि कोर्ट में इनके पास अपनी सफाई में कहने को कुछ नहीं है. कांग्रेस को यह पता है कि आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य पुख्ता हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांधी परिवार को यह मान लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है. ऐसे मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिये, न कि सड़क पर. वैसे भी सबको यह पता है कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार फिलहाल अभी भी जमानत पर है. उन्हें कानूनी उपचार का सहारा लेना चाहिये. अनावश्यक प्रोपेगेंडा करने से कुछ हासिल होने वाला नहीं है.

सरकार ने दिखाई संवेदनशीलता, शिक्षकों ने जताया विश्वास, आंदोलन समाप्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में बीएड प्रशिक्षित बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। यह प्रतिनिधिमंडल 126 दिनों से लगातार आंदोलनरत था और आज की आत्मीय मुलाकात और चर्चा के बाद उन्होंने अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने शिक्षकों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आप सब हमारे परिवार के सदस्य हैं। आपकी पीड़ा हमारी पीड़ा है। आपकी समस्याओं को समझते हुए सरकार सहानुभूति के साथ इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले के समाधान के लिए शासन स्तर पर हरसंभव सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय से भेंट के पश्चात शिक्षकों ने सरकार की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस मौजूद रहे।

फर्जी डॉक्टर को देर रात अस्पताल में भर्ती कराया, फिर छुट्टी भी दे दी थी

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह शहर के सात मरीजों के की मौत के मामले में आरोपी डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम की गुरुवार की रात तबीयत बिगड़ गई। उल्टियां और घबराहट होने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर डॉक्टर से चेकअप कराया गया। जिला अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मधुर चौधरी ने आरोपी डॉक्टर का चेकअप किया। इस दौरान आरोपी डॉक्टर का बीपी बढ़ा हुआ था और उसे उल्टियां भी हो रही थी। इसके बाद डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार करते हुए, उसे कुछ समय के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया। देर रात को उसे छुट्टी दे दी गई। डॉक्टर के मुताबिक आरोपी डॉक्टर को किसी भी प्रकार की कोई बीमारी नहीं है। सिर्फ ब्लड प्रेशर बढ़ने से घबराहट हो रही थी। फर्जी डॉक्टर एक दिन की रिमांड पर था, आज होगा पेश चार दिन की रिमांड पूरी होने पर पुलिस ने गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने एक और दिन की रिमांड मांगी, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया। अब आरोपित को आज फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा। नरेंद्र बोला- मेरा नाम खराब करने की बड़ी साजिश आरोपित फर्जी डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जान केम ने मीडिया से कहा कि यह नाम खराब करने की बड़ी साजिश है और उसे एक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। जल्द ही पता लग जाएगा कि मेरे दस्तावेज सही हैं या गलत। वहीं आरोपित डॉक्टर ने न्यायाधीश के समक्ष कहा कि उसने जितनी भी सर्जरी की है, उसमें उसका सक्सेस रेट 92 प्रतिशत है। मिशन अस्पताल में सिर्फ पांच मौत हुई हैं। उसने कहा कि उसकी एमबीबीएस की डिग्री असली है। उसका रजिस्ट्रेशन भी है और उसने अपना नाम बदलने के लिए जो सरकारी प्रक्रिया होती है, उसके सभी मापदंडों को पूरा किया है।

Ex CM जगन मोहन रेड्डी की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही, गिरी ED की गाज, 800 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

अमरावती  14 साल पुराने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी पर ईडी ने सख्त कार्रवाई की है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश विधानसभा की विपक्षी पार्टी- युवजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ जांच के दौरान ईडी ने 800 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। जानकारी मुताबिक जगन के जिन शेयरों को अटैच किया गया है, उसका मूल्य करीब 27.5 करोड़ रुपये है। इसके अलावा डालमिया सीमेंट्स (भारत) लिमिटेड (DCBL) की जमीन को भी अटैच किया है। इस जमीन की कीमत लगभग 377.2 करोड़ रुपये है। डालमिया ने अटैच की गई संपत्ति का कुल मूल्य 793.3 करोड़ रुपये है और ईडी ने 14 साल के बाद यह कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग का यह पूरा मामला लाभ हासिल करने के मकसद से की गई मदद का है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस मामले में साल 2011 में केस दर्ज किया था। ईडी ने सीबीआई की तरफ से दर्ज केस पर अब अस्थायी तौर पर संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई की है। 2011 में दर्ज मामले में की कार्रवाई  आपको बता दें कि, ED की ये कार्रवाई CBI ने जो केस 2011 में दर्ज किया गया था उसी से जुड़ी है। आरोप है कि, डेलमिया सीमेंट्स ने भरती सीमेंट कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में निवेश किया था, जो जगन रेड्डी से संबंधित है। ईडी द्वारा अटैच किए गए शेयर कार्मेल एशिया होल्डिंग्स लिमिटेड, सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और हर्षा फर्म में जगन रेड्डी की हिस्सेदारी से संबंधित हैं। इस मामले को लेकर ED की तरफ से बताया गया कि, DCBL ने रघुराम सीमेंट्स लिमिटेड में 95 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिसका प्रतिनिधित्व जगन रेड्डी कर रहे थे। इसके बदले में, जगन ने कथित तौर पर अपने पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के प्रभाव का उपयोग कर कडपा जिले में 407 हेक्टेयर भूमि की माइनिंग लीज DCBL को दिलवाई। 31 मार्च को जारी हुआ था अटैचमेंट ऑर्डर ईडी और सीबीआई के अनुसार, वाईएस जगन रेड्डी, पूर्व सांसद वी विजया साई रेड्डी और DCBL के पुनीत डेलमिया के बीच हुए समझौते के तहत रघुराम सीमेंट्स लिमिटेड के शेयर एक फ्रांसीसी कंपनी PARFICIM को 135 करोड़ रुपए में बेचे गए। इनमें से 55 करोड़ रुपए मई 2010 से जून 2011 के बीच हवाला के माध्यम से नकद में जगन को दिए गए। इन भुगतानों का विवरण दिल्ली स्थित आयकर विभाग द्वारा जब्त सामग्री में पाया गया। अटैचमेंट ऑर्डर 31 मार्च को जारी हुआ था, जिसे DCBL ने 15 अप्रैल, 2025 को प्राप्त किया।  

भोपाल के 1250 क्वार्टर इलाके में सरकारी मकान के आंगन में बनी मजार ने विवाद, हिंदू संगठनों ने इसे ‘लैंड जिहाद’ करार दिया, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अति विशिष्ट (VVIP) इलाके 1250 क्वार्टर में एक सरकारी मकान के आंगन में बनी मजार ने विवाद खड़ा कर दिया है. हिंदू संगठनों ने इसे ‘लैंड जिहाद’ करार देते हुए जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है. यह इलाका मंत्रियों, IAS अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपमुख्यमंत्री समेत एक दर्जन से अधिक मंत्रियों के सरकारी आवासों से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.   संस्कृति बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी ने दावा किया कि यह मजार हाल ही में बनाई गई है और इसे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा, “प्रशासन को इसकी जांच कर इसे हटाना चाहिए, वरना हम आंदोलन करेंगे.” वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मजार कई वर्षों से मौजूद है. आसपास रहने वाले कुछ निवासियों ने बताया कि यह  मजार पुरानी है और इसे एक मुस्लिम परिवार ने बनाया था, जो इस सरकारी मकान में रहता है. लैंड जेहाद का आरोप स्थानीय लोगों ने रिपब्लिक भारत को बताया कि ये मजारें कई सालों से यहां है और आसपास के लोग इसका रखरखाव करते हैं। मजार वाले घर के पड़ोस की एक महिला ने बताया कि ये घर पहले मुस्लिम कर्मचारी को एलॉट था। हिंदू वादी संगठनों ने इन मजारों को लेकर आपत्ति जताई है और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। एसडीएम से हिंदू वादी संगठनों ने जांच की मांग की है, संगठनों का आरोप है कि ये लैंड जेहाद है। SDM ने दिए जांच के आदेश इस पूरे मामले को लेकर जब रिपब्लिक भारत ने एसडीएम अर्चना शर्मा से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि सरकारी मकान के अंदर किसी भी तरह का धर्म स्थल निर्माण होना अवैध है। SDM ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर जांच में इसे अवैध पाया गया तो इसे तोड़ने की भी कार्रवाई की जाएगी। SDM ने स्थानीय पटवारी और तहसीलदार को जांच के आदेश दिए है, जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई करने बात कही है। 90% सरकारी मकान, फिर भी सिस्टम की चुप्पी 1250 क्वार्टर इलाके में करीब 90% मकान सरकारी हैं, जहां क्लास वन अधिकारी से लेकर बाबू स्तर के कर्मचारी रहते हैं. ऐसे में एक सरकारी मकान के आंगन में मजार का होना सवाल खड़े करता है. शिकायत की कॉपी हिंदू संगठनों ने जिला प्रशासन को शिकायत सौंपी है, जिसमें पूछा गया है कि सरकारी जमीन पर यह मजार कैसे बनी? यदि यह पुरानी है, तो इसके आसपास सरकारी इमारतें कैसे बन गईं? और यदि नई है, तो प्रशासन ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की?

शराब घोटाले से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने आज सुबह रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टूटेजा के घर छापेमारी की

रायपुर पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा के घर CBI की टीम ने दबिश दी है। यह कार्रवाई नान, महादेव ऐप, कोयला तथा आबकारी घोटालों से जुड़े मामलों में की जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से आई CBI टीम ने अनिल टुटेजा के निवास पर छापेमारी की है। हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन CBI की टीम द्वारा तलाशी कार्रवाई जारी है। यह छापेमारी छत्तीसगढ़ के चर्चित घोटालों की कड़ी जांच का हिस्सा मानी जा रही है जिससे राज्य की पूर्ववर्ती शासन व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठ सकते हैं। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपियों में अनिल टुटेजा का नाम भी है। ईडी के अनुसार, भूपेश बघेल सरकार के समय सरकारी शराब के नाम पर 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला किया गया है। आरोप है कि घोटाले को अनिल टुटेजा के अलावा आबकारी विभाग के एमडी अरुणपति त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर ने सिंडिकेट के जरिए अंजाम दिया था। दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत बता दें कि पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाले में एक वर्ष से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के आधार पर सशर्त जमानत दी थी। लेकिन केवल ईडी के केस में राहत मिली है. उनके खिलाफ ईओडब्ल्यू ने भी केस दर्ज किया है, जिसकी वजह से जमानत मिलने के बाद भी वह जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।

20 अप्रैल के बाद नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, दिल्ली में मंथन तेज, नया अध्यक्ष कौन?

नई दिल्ली नई दिल्ली की सियासी फिज़ाओं में हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) एक बार फिर संगठनात्मक बदलाव की दहलीज़ पर खड़ी है। पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही चर्चाओं को अब ठोस दिशा मिलने वाली है, क्योंकि 20 अप्रैल के बाद नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली आवास पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक ने इन कयासों को और हवा दी है। इस मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में पार्टी के भविष्य की रणनीति और नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। पांच नाम, एक कुर्सी: किसे मिलेगी कमान? विश्वसनीय पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष को लेकर पांच नामों पर चर्चा जोरों पर है – और इस बार पार्टी दक्षिण भारत, विशेषकर कर्नाटक से किसी नेता को कमान सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है। आइए जानते हैं इस रेस में शामिल नेताओं के बारे में:   1. प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल रहे धारवाड़ से सांसद जोशी संगठन और संघ दोनों में गहरी पैठ रखते हैं। उनका अनुशासित नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभव उन्हें सबसे मजबूत दावेदार बनाता है। 2. बी.एल. संतोष आरएसएस की पृष्ठभूमि से आए बी.एल. संतोष का नाम संगठन के लिए स्वाभाविक पसंद माना जा रहा है। वह पार्टी और संघ के बीच मजबूत पुल की भूमिका निभाते हैं। 3. सी.टी. रवि तेजतर्रार और आक्रामक तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले रवि, कर्नाटक में संगठन को मज़बूती देने के लिए जाने जाते हैं। संघ से जुड़ाव और ज़मीनी पकड़ उनकी खास ताकत है। 4. धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा से सांसद और चुनावी रणनीति के माहिर खिलाड़ी प्रधान, लंबे समय से शीर्ष नेतृत्व की रेस में हैं। संगठन को विस्तार देने में उनकी भूमिका हमेशा से अहम रही है। 5. भूपेंद्र यादव राजस्थान से आने वाले भूपेंद्र यादव का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। पर्यावरण मंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक कार्यकुशलता दिखाई है, और संगठन में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। एक चौंकाने वाला नाम भी चर्चा में… सबको चौंकाते हुए, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का नाम भी अचानक चर्चा में आया है। यदि प्रधानमंत्री मोदी उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपते हैं, तो यह एक अप्रत्याशित लेकिन बेहद रणनीतिक फैसला हो सकता है। अब सबकी निगाहें 20 अप्रैल के बाद की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं। क्या दक्षिण भारत से नया नेतृत्व उभरेगा? या पीएम मोदी एक बार फिर सबको चौंका देंगे?

विकेटकीपर के दस्ताने स्टंप्स से आगे निकल आते हैं तो गेंद को नो बॉल करार दे दिया जाता है ये सजा गेंदबाज को क्यों मिलनी चाहिए

नई दिल्ली भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने आईसीसी के नियमों के खिलाफ आवाज बुलंद की है। उनका मानना है कि जो गलती विकेटकीपर ने की है, उसकी सजा गेंदबाज को क्यों मिलनी चाहिए। वरुण चक्रवर्ती ने वह मुद्दा उठाया है, जिसमें विकेटकीपर के दस्ताने स्टंप्स से आगे निकल आते हैं तो गेंद को नो बॉल करार दे दिया जाता है। वरुण चक्रवर्ती ने इसी नियम को लेकर अपना पक्ष रखा है और कहा है कि इस तरह के नियमों में बदलाव होना चाहिए। दरअसल, मामला ये है कि गुरुवार 17 अप्रैल को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुंबई इंडियंस वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद मैच के दौरान मुंबई के ओपनर रियान रिकेल्टन को सनराइजर्स हैदराबाद के स्पिनर जीशान मलिंगा ने पैट कमिंस के हाथों कैच आउट करा दिया था। वे पवेलियन लौट चुके थे, लेकिन बाउंड्री के पार जाने के बावजूद चौथे अंपायर ने उनको रोक दिया था, क्योंकि थर्ड अंपायर विकेटकीपर के दस्ताने चेक कर रहे थे। थर्ड अंपायर ने पाया कि एक समय ऐसा था जब विकेटकीपर हेनरिक क्लासेन के दस्ताने स्टंप्स से आगे निकल आए थे। आईसीसी और आईपीएल के नियमों के मुताबिक, ये गेंद नो बॉल हुई। इस पर वरुण चक्रवर्ती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अगर कीपर के दस्ताने स्टंप के सामने आ जाते हैं, तो यह डेड बॉल होनी चाहिए और कीपर के लिए चेतावनी होनी चाहिए ताकि वह दोबारा ऐसा ना करे! नो बॉल और फ्री हिट नहीं! इसमें गेंदबाज की क्या गलती है? इस पर खूब सोच रहा हूं! आप सब क्या सोचते हैं?” वरुण चक्रवर्ती ने मुद्दा तो ठीक उठाया है, क्योंकि इसमें गेंदबाज की कोई गलती नहीं है। फिर भी उसके खाते में नो बॉल जोड़ दी जाती है और अगली गेंद फ्री हिट भी मिलती है, जबकि गेंदबाज का इसमें कोई भी दोष नहीं है। भले ही हेनरिक क्लासेन के पास गेंद ना पहुंची हो, लेकिन लॉ 27.3.1 ये कहता है कि जब गेंद प्ले में आती है तो विकेटकीपर को पूरी तरह स्टंप्स के पीछे रहना होगा। क्लासेन से ये गलती हो गए और बल्लेबाज नॉट आउट रहा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पतंजलि संस्थान द्वारा विंध्य क्षेत्र में किए जा रहे निवेश एवं औद्योगिक परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हाल ही में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव, रीवा के माध्यम से विंध्य क्षेत्र में निवेश के अपार अवसर खुले हैं। जो विंध्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। पतंजलि समूह जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की भागीदारी से इस क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की मजबूत आधारशिला रखी जा सकती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से अमहिया, रीवा स्थित निज निवास पर पतंजलि योगपीठ के संस्थापक सचिव आचार्य बालकृष्ण ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर पतंजलि संस्थान द्वारा विंध्य क्षेत्र में किए जा रहे निवेश एवं संभावित औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। क्षेत्रीय विकास, स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने के विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधनों और जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर विंध्य के निर्माण की दिशा में सार्थक चर्चा हुई।  

सुकमा में 40 लाख रुपये के 22 इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर, दंपति भी है शामिल

 सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक बड़ी खबर है. यहां 22 नक्सलियों ने एक साथ पुलिस और सीआरपीएफ के अफसरों के सामने सरेंडर किया है. इन पर कुल 40 लाख रुपये का इनाम घोषित है. ये सभी नक्सली माड़ डिवीजन और नुआपाडा डिवीजन में सक्रिय रहे हैं. पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर किया है सरेंडर प्रदेश में नक्सलियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई के बीच नक्सल संगठन घबराया हुआ है. इस बीच सरकार की पुनर्वास नीति भी नक्सलियों को काफी प्रभावित कर रही है. इस बीच सुकमा में शुक्रवार को एक साथ 22 नक्सलियों ने हिंसा का साथ छोड़कर सरेंडर कर दिया है. इसमें एक दंपति भी शामिल हैं. इन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित है. इनके सरेंडर को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है. 22 माओवादियों का सरेंडर: सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जिले में लगातार नक्सल उन्नमूलन अभियान चलाया जा रहा है. पुनर्वास नीति का भी प्रचार प्रसार किया जा रहा है. नियद नेल्लानार योजना के तहत विकास कार्य भी कराया जा रहा है, जिससे प्रभावित होकर 9 महिला समेत 22 माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सरेंडर किया है. नक्सलियों को 50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि: पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह सभी माओवादी माड़ डिवीजन और नुआपाड़ डिवीजन में सक्रिय थे. सभी समर्पित माओवादियों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ ही कपड़े भी दिए गए हैं. एसपी ने कहा कि सभी सरेंडर करने वालों को पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाएं भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी. आत्मसमर्पित 1 पुरुष और 1 महिला नक्सली पर आठ आठ लाख का इनाम. वहीं 1 पुरूष और 1 महिला नक्सली पर पांच पांच लाख, 2 पुरूष और 5 महिला पर 2-2 लाख, 1 पुरूष नक्सली पर 50 हजार यानी कुल 40 लाख 50 हजार रुपए का इनाम था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों को आत्मससमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में जिला बल, डीआरजी सुकमा, रेंज फिल्ड टीम (आरएफटी) कोंटा, सुकमा, जददलपुर सीआरपीएफ 02, 74, 131, 217, 219, 223, 226,227,241 एवं कोबरा 203 वाहिनी के आसूचना शाखा कार्मिकों की विशेष भूमिका रही है. सरेंडर माओवादियों की लिस्ट 1. मुचाकी जोगा पिता बुधरा उम्र लगभग 33 वर्ष है. उसकी जाति मुरिया है. वह सुकमा जिले के भेज्जी थाना के रेगड़गट्टा गांव का निवासी है. उसका पद माड़ डिवीजन अन्तर्गत पीएलजीए कम्पनी नंबर 01, प्लाटून नंबर 01 का डिप्टी कमाण्डर/सीवायपीसीएम और इनाम 8 लाख था. 2. मुचाकी जोगी पति जोगा उम्र 28 वर्ष है. उसकी जाति मुरिया है. वह सुकमा जिले के भेज्जी थाना के रेगड़गट्टा गांव की निवासी है. उसका पद पीएलजीए कम्पनी नम्बर 01 प्लाटून नम्बर 01 सदस्य/पीपीसीएम और इनाम 8 लाख था. 3. किकिड़ देवे पिता स्वर्गीय नंदा उम्र लगभग 30 वर्ष है. उसकी जाति मुरिया है. वह सुकमा जिले के थाना गादीरास के दोक्कापारा गुफड़ी गांव का निवासी है. वह नुवापाड़ा डिवीजन सीतानदी एरिया कमेटी सदस्या एसीएम और पांच लाख की इनामी थी. 4. मनोज उर्फ दूधी बुधरा पिता चमरू उम्र लगभग 28 वर्ष. जाति मुरिया, निवासी चिंतनार दूधीपारा थाना पुसपाल, जिला सुकमा. माड़ डिवीजन डीके प्रेस टीम सदस्य/एसीएम, इनाम 5 लाख 5. माड़वी भीमा पिता नंदा उम्र लगभग 30 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी सुरपनगुड़ा थाना चिंतलनार, जिला सुकमा. सुरपनगुड़ा आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष. इनाम 2 लाख. 6. माड़वी सोमड़ी पति माड़वी भीमा उम्र लगभग 48 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी मेट्टागुड़ा सरपंचपारा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर. मेट्टागुड़ा आरपीसी केएमएस अध्यक्ष, इनाम-02 लाख. 7. संगीता उर्फ हड़मे माड़वी पिता स्वर्गीय सुकड़ा, उम्र लगभग 24 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी पैतुलगुट्टा थाना किस्टाराम जिला सुकमा. उसूर एलओएस पार्टी सदस्या. इनाम 02 लाख. 8. माड़वी कोसी पिता हुंगा उम्र लगभग 24 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी वेलपोच्चा पेरमापारा, थाना कोंटा, जिला सुकमा. गोमपाड़ आरपीसी सीएनएम अध्यक्षा. इनाम 02 लाख. 9- वंजाम सन्नी पति वंजाम माड़ा उम्र लगभग 24 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड़ वंजामपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी सीएनएम अध्यक्षा. इनाम 02 लाख 10. माड़वी मंगली पिता हुंगा उम्र लगभग 35 वर्ष. जाति मुरिया, निवासी दुलेड़ वंजामपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी केएमएस अध्यक्षा. इनाम 02 लाख. 11. ताती बण्डी पिता स्वर्गीय हड़मा, उम्र 35 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी गोमगुड़ा ईत्तापारा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर. पालागुड़ा आरपीसी मिलिशिया कमांडर, इनाम 02 लाख. 12. पुनेम जोगा पिता स्वर्गीय जोगा, उम्र लगभग 28 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी एर्रनपल्ली किकिरपारा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर. एर्रनपल्ली आरपीसी सीएनएम सदस्य, इनाम 50 हजार रुपए. 13. पुनेम नरसिंग राव पिता स्वर्गीय मल्ला, उम्र लगभग 25 वर्ष. जाति दोरला. निवासी दुलेड़ वंजामपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य. 14. सोड़ी हुंगा पिता स्व0 हड़मा उम्र लगभग 30 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड़ वंजामपारा, थाना चिंतागुफा जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य. 15. वंजाम रामा पिता स्वर्गीय पोज्जा, उम्र लगभग 26 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी बगड़ेगुड़ा करकापारा, थाना केरलापाल, जिला सुकमा. पूर्व बगड़ेगुड़ा पंचायत मिलिशिया सदस्य. 16. हेमला नंदे पति गुण्डा उम्र लगभग 37 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी नागाराम सरपंचपारा, थाना चिंतलनार, जिला सुकमा. नागाराम आरपीसी केएमएस सदस्या. 17. हेमला मुके पति नंदा उम्र लगभग 38 वर्ष जाति मुरिया निवासी नागराम सरपंचारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा. नागाराम आरपीसी केएमएस सदस्या. 18. गोंडसे/मड़कम हुंगा पिता बण्डी उम्र लगभग 25 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड़ बंजामपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया डिप्टी कमाण्डर. 19. मड़कम गंगा पिता मुक्का उम्र लगभग 33 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी बड़ेकेड़वाल, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. सिंघनमड़गू आरपीसी शाखा अध्यक्ष. 20. माड़वी सोना पिता रामा उम्र लगभग 27 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड पोकड़ीपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य. 21. माड़वी हिड़मा पिता स्व. भीमा, उम्र लगभग 30 वर्ष. जाति मुरिया. निवासी दुलेड़ पोकड़ीपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा. दुलेड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य. 22. पुनेम कन्हैया पिता कन्ना, निवासी चिमलीपेंटा, थाना चिंतलनार, जिला सुकमा. सुरपनगुड़ा आरपीसी मिलिशिया सदस्य पुलिस ने चलाया था ऑपरेशन समाचार एजेंसी आईएएनएस ने भी नक्सलियों के सरेंडर का वीडियो साझा किया है। आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों में 9 लड़कियां और 13 लड़के शामिल हैं। नक्सलियों के खिलाफ सुकमा में ऑपरेशन चलाया गया था। इस ऑपरेशन में सुकमा के अलावा जगदलपुर के डीआईजी ऑफिस समेत कई सीआरपीएफ बटालियनों ने हिस्सा लिया था। पुलिस का यह ऑपरेशन कामयाब रहा और 22 नक्सलियों ने नक्सलवाद को अलविदा कहने का फैसला … Read more

वैवाहिक पत्रिका केले के रेशे और गोबर के मिश्रण से बनाए गए कागज पर मुद्रित की गई, सूती कपड़े की थैली में रखा गया

बुरहानपुर  आधुनिकता की दौड़ में जहां शादी-विवाह के आमंत्रण पत्रिकाएं महंगे कागज और प्लास्टिक से तैयार की जाती हैं, वहीं बुरहानपुर की एक अनोखी पहल ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई मिसाल पेश की है. दरअसल बुरहानपुर की विधायक और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने अपने बेटे समर्थ चिटनिस के विवाह हेतु जो आमंत्रण पत्रिका तैयार करवाई है, वह न केवल आकर्षण का केंद्र बनी है बल्कि पर्यावरण प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गई है. इको-फ्रेंडली शादी का कार्ड यह विशेष वैवाहिक पत्रिका केले के रेशे और गोबर के मिश्रण से बनाए गए कागज पर मुद्रित की गई है. इसके साथ ही इस पत्रिका को पारंपरिक प्लास्टिक कवर की बजाय बुरहानपुर में पावरलूम से निर्मित सूती कपड़े की थैली में रखा गया है. जिससे यह पूरी तरह इको-फ्रेंडली बन गई है. हजारों की संख्या में यह आमंत्रण पत्र देश के विभिन्न राज्यों मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और अन्य हिस्सों में प्रेषित की गई है. जो हर स्थान पर सराहना का विषय बनी हुई है. केले के रेशे और गोबर से तैयार कार्ड बुरहानपुर जिले के प्रमुख कृषि उत्पादों केला, गन्ना और कपास को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका की संकल्पना की गई. खास बात यह है कि केले की फसल के बाद बचे तनों से निकाले गए रेशों से यह कागज तैयार किया गया, जिसमें गोबर और कपास का भी समावेश हुआ. इस अनूठे प्रयोग ने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनाया है. कार्ड पर स्वस्तिक, पक्षियों की चहचहाहट इस पत्रिका का डिजाइन भी अत्यंत विचारोत्तेजक है. मुख्य पृष्ठ पर सूर्य का खिलता प्रकाश, स्वस्तिक, पक्षियों की चहचहाहट, हरियाली और पशु-पक्षी जीवन और प्रकृति के सह-अस्तित्व का संदेश देते हैं. साथ ही एकात्म मानववाद के चक्र को विशेष रूप से उकेरा गया है, जो व्यक्ति से लेकर समाज और देश निर्माण तक की सतत प्रक्रिया को दर्शाता है. अर्चना चिटनिस ने कार्ड के जरिए दिया खास संदेश इस नवाचार के पीछे अर्चना चिटनिस का उद्देश्य केवल विवाह निमंत्रण देना नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से समाज को यह संदेश देना था कि हम प्रकृति के साथ समरसता में रहकर भी जीवन के मंगल कार्य कर सकते हैं. यह पहल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, प्लास्टिक मुक्त आयोजनों को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाने का अनूठा उदाहरण है. बुरहानपुर की इस पहल ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प हो, तो पारंपरिक आयोजनों को भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अग्रसर किया जा सकता है. यह पत्रिका न केवल एक विवाह आमंत्रण है, बल्कि एक जागरूकता अभियान का स्वरूप भी है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा देता है.

रोहित शर्मा पर अब पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि उसके जाने का टाइम आ गया है

नई दिल्ली रोहित शर्मा की शुरुआत आईपीएल 2025 में अच्छी नहीं रही। हालांकि, पिछली तीन पारियों में फिर भी उन्होंने कुछ रन बनाए हैं, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। पहले मैच में शून्य, दूसरे मैच में 8, तीसरे मैच में 13, चौथे मैच में 17, पांचवें मैच में 18 और अब छठे मैच में 26 रन की पारी उन्होंने खेली। पांच बार मुंबई इंडियंस को आईपीएल चैंपियन बना चुके रोहित शर्मा का बल्ले से खराब दौर जारी है। इसको लेकर अब पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि उसके जाने का टाइम आ गया है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उतरे रोहित शर्मा ने 16 गेंदों में 26 रनों की पारी खेली। उनको पैट कमिंस ने आउट किया। अब तक आईपीएल 2026 की 6 पारियों में रोहित शर्मा ने 14 से भी कम के औसत से 82 रन ही बनाए हैं। वीरेंद्र सहवाग ने रोहित को अपनी विरासत बचाने के बारे में चेताया और यहां तक ​​कहा कि शायद अब समय आ गया है कि वह इस प्रारूप से दूर जाने पर विचार करें। क्रिकबज पर बात करते हुए सहवाग ने कहा, “अगर आप रोहित के पिछले 10 सालों के आईपीएल नंबरों को देखें, तो उन्होंने सिर्फ एक बार 400 से ज्यादा रन बनाए हैं। इसलिए वह ऐसा खिलाड़ी नहीं है जो सोचता है कि उसे 500 या 700 रन बनाने की जरूरत है। अगर वह सोचता है, तो वह ऐसा कर सकता है। जब वह भारतीय कप्तान बना, तो उसने कहा कि वह ऐसा खिलाड़ी बनना चाहता है जो पावरप्ले का फायदा उठाना चाहता है और मौकों का फायदा उठाना चाहता है, इसलिए वह अकेले ही सारे त्याग करना चाहता है, लेकिन वह इस तथ्य पर विचार नहीं कर रहा है कि दिन के अंत में जब वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है, तो यह आपकी विरासत है जिसको नुकसान पहुंच रहा है।” सहवाग ने आगे कहा, “अब उसका जाने का टाइम आ गया है और रिटायर होने से पहले, आप प्रशंसकों को आपको याद रखने के लिए कुछ देना चाहेंगे, ना कि ऐसे क्षण जो उन्हें यह सोचने पर मजबूर करें कि वे उसे क्यों नहीं ड्रॉप कर रहे हैं। 10 गेंदें एक्स्ट्रा लें, लेकिन कम से कम खेलें और खुद को मौका दें। वह कई बार बैक ऑफ द लेंथ गेंदों पर पुल शॉट खेलने पर आउट हो जाता है। इसलिए उसे तय कर लेना चाहिए कि एक पारी में वह पुल शॉट बिल्कुल नहीं खेलेगा, लेकिन उसे यह कौन समझाएगा? कोई तो होना चाहिए जो उसे सामान्य क्रिकेट खेलने के लिए कहे। जब मैं वहां था, तो सचिन, द्रविड़ या गांगुली मुझे सामान्य क्रिकेट खेलने के लिए कहते थे।”

मंत्री श्रीमती राजवाड़े का औचक निरीक्षण लपरवाह अधिकारी निलंबित

रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग ने बालोद जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी किशन टंडन क्रांति को कर्तव्यों में घोर लापरवाही और विभागीय योजनाओं के संचालन में गंभीर अनियमितताओं के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस आशय का आदेश विभाग ने जारी कर दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विगत 15 अप्रैल को बालोद दौरे के दौरान शासकीय योजनाओं एवं आमजनों की सुविधा को देखते हुए विभिन्न कार्यक्रमों का निरीक्षण किया था जिसमें कई खामियां उजागर हुईं। श्रीमती राजवाड़े के निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी टंडन जिला मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए, जबकि यह अपेक्षित था कि वह स्वयं मंत्री के दौरे के समय उपस्थित रहकर कार्यक्रमों की प्रगति प्रस्तुत करें। निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र पाररास (इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक 18/1) में फर्जी उपस्थिति दर्ज, पोषण ट्रैकर ऐप में अधूरी प्रविष्टियां, सखी वन स्टॉप सेंटर की निष्क्रियता और करकाभांठ केंद्र में गंदगी जैसे कई गंभीर मुद्दे सामने आए। साथ ही, विभागीय बैठकों में नियमित अनुपस्थिति का आरोप भी टंडन पर है। इन सभी खामियों को गंभीर मानते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में नाराज़गी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। नतीजतन, किशन टंडन को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबित कर, निलंबन अवधि में महिला एवं बाल विकास विभाग, बिलासपुर में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्हें इस दौरान जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

गांधी मेडिकल कॉलेज में नियुक्तियों पर हाईकोर्ट सख्त, दोषियों पर हो कार्रवाई

भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में लैब असिस्टेंट और तकनीशियन पदों पर हुई नियुक्तियों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने गठित जांच कमेटी को 6 सप्ताह में जांच पूरी करने के आदेश जारी किये हैं. युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. ‘नियमों को ताक पर रखकर की गई नियुक्तियां’ भोपाल निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट वीर सिंह लोधी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है. यह जनहित याचिका गांधी मेडिकल कॉलेज में हुई नियुक्तियों को लेकर है. जिसमें आरोप लगाते हुए कहा गया है कि “गांधी मेडिकल कॉलेज में साल 2021 में लैब असिस्टेंट और तकनीशियन पदों पर नियमों को ताक में रखकर नियुक्तियां की गई थीं.” ‘जांच कमेटी ने नहीं की कोई कार्रवाई’ याचिका की सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता वीर सिंह लोधी की तरफ से बताया गया कि “नियुक्तियों पर सवाल उठने और शिकायत होने पर जांच के लिए 1 मई 2024 और 19 सितंबर 2024 को पारित आदेश के बाद डॉ संजय जैन के नेतृत्व में 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था. जांच कमेटी गठित होने के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.” ‘6 सप्ताह में जांच कमेटी पेश करे अपनी रिपोर्ट’ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए अपने आदेश में कहा है कि “6 सप्ताह में कमेटी अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करे. रिपोर्ट पेश होने के 3 दिनों की अवधि में उसकी प्रति याचिकाकर्ता को प्रदान की जाए. रिपोर्ट के आधार पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अक्षांश श्रीवास्तव ने पैरवी की.”

हार्दिक पांड्या ने पर्पल कैप के लिए ठोकी दावेदारी, ऑरेंज कैप की रेस में कूदे सूर्यकुमार यादव

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के 18वें सीजन के ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस में कौन चल रहा है? इसका जवाब आपको इस स्टोरी में मिल जाएगा। ऑरेंज कैप इस समय निकोलस पूरन के सिर पर है, लेकिन टॉप 5 की रेस में सूर्यकुमार यादव की एंट्री फिर से हो चुकी है। वहीं, पर्पल कैप पर इस समय नूर अहमद का कब्जा है, लेकिन यहां भी मुंबई इंडियंस के एक प्लेयर ने दावेदारी पेश की है, जो खुद कप्तान हार्दिक पांड्या हैं। वे टॉप 5 में पहुंच चुके हैं। आईपीएल 2025 के ऑरेंज कैप की बात करें तो निकोलस पूरन इस रेस में सबसे ऊपर बने हुए हैं। नंबर दो पर साई सुदर्शन का कब्जा है, जबकि नंबर तीन पर मिचेल मार्श हैं। यही तीनों खिलाड़ी टॉप 3 में काफी समय से चल रहे हैं। हालांकि, मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने गुरुवार 17 अप्रैल को टॉप 5 में जगह बना ली, जबकि नंबर चार से उन्होंने श्रेयस अय्यर को खिसका दिया। वे 250 रनों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। सूर्या ने 265 रन बना लिए हैं। वे चौथे नंबर पर हैं। 4. सूर्यकुमार यादव – 265 रन आईपीएल के 18वें सीजन के पर्पल कैप की बात करें तो चेन्नई सुपर किंग्स के स्पिनर नूर अहमद 12 विकेटों के साथ शीर्ष पर हैं। लंबे समय से उनके सिर पर पर्पल कैप है, जबकि अन्य स्थानों पर बदलाव देखने को मिल रहा है। इस समय चौथे से पांचवें स्थान तक के गेंदबाज के खाते में 11-11 विकेट हैं। हार्दिक पांड्या ने टॉप 5 में जगह बना ली है। उनके अलावा कुलदीप यादव, खलील अहमद और शार्दुल ठाकुर भी पांचवें स्थान पर हैं। 2. कुलदीप यादव – 11 विकेट 4. हार्दिक पांड्या – 11 विकेट 5. शार्दुल ठाकुर – 11 विकेट

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