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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- हमने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दृढ़ संकल्प को ही कार्यसिद्धि का मंत्र बनाया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दृढ़ संकल्प को ही कार्यसिद्धि का मंत्र बनाया है। उन्होंने देश के सर्वाँगीण विकास के लिए समाज के सभी वर्गों के एक साथ और एक समान सशक्तिकरण को आवश्यक बताया है। इस संकल्प की सिद्धि के लिए मध्यप्रदेश सरकार लगातार मिशन मोड में कार्य कर रही है। मिशन मोड में विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ने के लिये प्रदेश सरकार ने गरीब कल्याण मिशन, युवा शक्ति मिशन, किसान कल्याण मिशन और नारी सशक्तिकरण मिशन लागू किये हैं। सभी मिशनों को पूरा करने के लिए अलग-अलग रोड़ मैप तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री श्री मोदी के देश के सर्वांगीण विकास के संकल्प ने प्रेरित किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि समाज के सभी वर्गों के मिशन मोड में सशक्तिकरण से मध्यप्रदेश विकास की नई ऊचाइयों को स्पर्श करेगा। गरीब कल्याण मिशन गरीब कल्याण मिशन का मुख्य उद्देश्य गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है, ताकि वंचित वर्ग को कठिन समय में आवश्यक सहायता मिल सके। इसके अतिरिक्त, मिशन इस वर्ग को रोजगार से संबंधित चुनौतियों से निपटने में सक्षम योजनाओं का लाभ दिलाएगा। आर्थिक रूप से पिछड़े, जरूरतमंदों को मिशन में वित्तीय सहायता प्रदान कर आर्थिक सशक्तिकरण में मदद करेगा। बुनियादी सेवाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास तक पहुंच में सुधार किया जाएगा, जिससे गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो सकें। गरीब कल्याण मिशन, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को सशक्त बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाएं और आवश्यक सेवाएं उन तक सहजता से पहुंच सकें। युवा शक्ति मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वास है कि ‘स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन’ प्रदेश के युवाओं के सशक्तिकरण का सक्सेस मंत्र सिद्ध होगा। युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी 2025 को लाँच किया गया यह मिशन युवा पीढ़ी को आधुनिकतम तकनीकों, उद्यमिता और खेल क्षेत्र में उच्च कौशल से सशक्त बनाएगा। यह मिशन से प्रदेश के युवाओं को बदलते दौर में स्वयं को विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं के लिये सशक्त बनायेगा। इससे मिशन की परिणिति युवाओं के सफल एवं सक्षम नेतृत्व के गुणों से संपन्न बनने, ग्लोबल जॉब मार्केट का सशक्त प्रतिस्पर्धी बनने और नौकरी ढूंढ़ने की कतारों में लगे युवा के स्थान पर नौकरी देने वाला उद्यमी बनने में होगी। ‘युवा शक्ति मिशन’ के सफल क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कौशल विकास के पाठ्यक्रम युवाओं को सहजता से उपलब्ध कराने और उसे सहजता से समझाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म लॉन्च किए गए हैं। इस फ्लेटफार्म की सुविधाएं ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को समान रूप से सुलभ होंगी। मिशन का लाभ प्रदेश के युवा बढ़-चढ़ कर ले सकें, इसके लिए सोशल-मीडिया के माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। इससे युवाओं को मिशन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो रही है और युवाओं में मिशन के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ रही है। किसान कल्याण मिशन कृषि और कृषक देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए मध्यप्रदेश की मंत्रि-परिषद ने 15 अप्रैल को कृषक कल्याण मिशन को हरी झंडी दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस मिशन का उद्देश्य है कि अन्नदाता समृद्ध हों और कृषि क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता आए। इस मिशन का उद्देश्य फसल-विविधीकरण के साथ ही पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को एकीकृत कर समावेशी कृषि को बढ़ावा देना है। मिशन में कृषि-आधारित उद्यमिता जैसे प्रगतिशील उपायों को वित्तीय सहायता और तकनीकी परामर्श देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। मिशन के अंतर्गत जैविक खेती, पशुपालन, मत्स्य-पालन जैसे व्यवासायों का एकीकरण और उन्हें बाजारोन्मुखी बनाकर उपज की पहुंच बाजारों में सुनिश्चित करने के साथ ही कृषि-उद्यमिता को प्रोत्साहन पर जोर दिया जाएगा। मिशन किसानों को सीधे बाजारों से जोड़ने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और स्थानीय मेलों का भी आयोजन भी कर रहा है, जिससे उनकी उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित हो रहा है। किसानों का वित्तीय बोझ को कम करने के लिए मिशन के अंतर्गत बीज, उर्वरक और उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता और अनुदान दिया जा रहा है। इससे कृषि लागत कम होंगी और आय में वृद्धि होगी। देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन पुण्य-श्लोका लोकमाता देवी अहिल्या बाई के 300वें जयंती वर्ष में उनकी प्रशासन-स्थली महेश्वर में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में”देवी अहिल्या बाई नारी सशक्तिकरण मिशन” का शुभारंभ किया गया। नारी सशक्तिकरण मिशन राज्य में मातृ-शक्ति की सामाजिक-आर्थिक स्थितियां सुधार कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मिशन का उद्देश्य महिलाओं को पुरुषों के ही समान अवसर उपलब्ध करा कर प्रदेश में जेंडर इक्वलिटी को बढ़ावा देना है। मिशन के अंतर्गत नारी शिक्षा और कौशल के विकास के लिए उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे रोजगार प्राप्त कर पाने के लिए नारी की सक्षमता और संभावनाएं बढ़ेंगी और उन्हें वित्तीय आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी। मिशन महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा, उन्हें अपने व्यवसाय शुरू करने और उसके सुचारु संचालन के संसाधन, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

पंजाब किंग्स के खिलाफ आरसीबी आज फिर आपस में भिड़ेगी

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) को अगर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपना अभियान वापस पटरी पर लाना है और पंजाब किंग्स से दो दिन के भीतर ही बदला लेना है तो आज अपना दमदार खेल दिखाना होगा। पंजाब किंग्स के खिलाफ आरसीबी को रविवार को न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर में होने वाले मैच में उसके बल्लेबाजों को बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद होगी। पंजाब के खिलाफ शुक्रवार को बेंगलुरू में खेले गए मैच में टिम डेविड को छोड़कर आरसीबी का कोई भी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया और टीम को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। आरसीबी के पास फिल साल्ट, विराट कोहली, कप्तान रजत पाटीदार और लियाम लिविंगस्टोन जैसे धाकड़ बल्लेबाज हैं, लेकिन उनके पास वापसी करने का बहुत कम समय है। पाटीदार ने बेंगलुरू में पंजाब के हाथों पराजय के लिए बल्लेबाजों की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा, ‘‘विकेट शुरू में बल्लेबाजी के लिए बहुत अनुकूल नहीं था, लेकिन हम एक बल्लेबाजी इकाई के तौर पर अच्छा प्रदर्शन कर सके। साझेदारी निभाना महत्वपूर्ण था लेकिन हमने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए। यह हमारे लिए बहुत बड़ा सबक है।’’ आरसीबी अभी अंक तालिका में चौथे स्थान पर है और अगर उसे शीर्ष चार में जगह बनाए रखनी है तो उसके बल्लेबाजों को जल्द से जल्द अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। आरसीबी विस्फोटक शुरुआत प्रदान करने के लिए साल्ट और कोहली पर भरोसा करेगी और मध्य क्रम में स्थिरता प्रदान करने के लिए पाटीदार, लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या और डेविड पर जिम्मेदारी होगी। गेंदबाजी के मोर्चे पर, जोश हेज़लवुड और भुवनेश्वर कुमार आक्रमण की अगुवाई करेंगे, लेकिन उन्हें यश दयाल, क्रुणाल और सुयश शर्मा जैसे गेंदबाजों से अधिक सहयोग की जरूरत पड़ेगी। जहां तक पंजाब किंग्स का सवाल है तो श्रेयस अय्यर की अगवाई में उनकी टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उसने सात में से पांच मैच में जीत हासिल की है और वह अंक तालिका में दिल्ली कैपिटल्स के बाद दूसरे स्थान पर है। पंजाब के गेंदबाजों ने अभी तक बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट और मार्को यानसन तेज गेंदबाजी के मोर्चे पर शानदार रहे हैं, जबकि लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने बीच के ओवरों में महत्वपूर्ण विकेट लेकर खुद को फिर से साबित कर दिया है। अय्यर ने भी पंजाब की जीत में चहल के योगदान की सराहना की। अय्यर ने कहा, ‘‘मैंने निजी तौर पर चहल से बात की। मैंने उनसे कहा कि आप मैच विजेता हैं और आपको जितना संभव हो हमारे लिए विकेट हासिल करने हैं। आपको रक्षात्मक रवैया अपनाने की जरूरत नहीं है और आप वापसी करने की क्षमता रखते हो। हम एक लेग स्पिनर के तौर पर उनकी इसी बात के लिए प्रशंसा करते हैं। वह आईपीएल में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक है, शायद आईपीएल में अब तक का सबसे अच्छा गेंदबाज है। आपको हर समय उसका समर्थन करना होगा।’’ जहां तक पंजाबी बल्लेबाजी का सवाल है तो पहले ही शतक लगा चुके युवा प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह से टीम को अच्छी शुरुआत की उम्मीद रहेगी। उसके पास मध्य क्रम में अय्यर, जोश इंगलिस, नेहल वढेरा, शशांक सिंह और मार्कस स्टोइनिस के रूप में कुशल बल्लेबाज हैं। ये मुकाबला रविवार की दोपहर को साढ़े 3 बजे से खेला जाएगा। ऐसे में आरसीबी के पास 48 घंटे से भी कम समय में बदला लेना का मौका होगा। टीमें इस प्रकार हैं: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, यश दयाल, जोश हेजलवुड, फिल साल्ट, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), लियाम लिविंगस्टोन, रसिख सलाम, सुयश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, नुवान तुषारा, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, स्वास्तिक छिकारा, लुंगी एनगिडी, अभिनंदन सिंह, मोहित राठी। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर, सूर्यांश शेडगे, प्रवीण दुबे, विजयकुमार विशक, हरप्रीत बराड़, अजमतुल्लाह उमरजई, जोश इंग्लिस, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद, आरोन हार्डी, कुलदीप सेन। हरनूर सिंह, मुशीर खान, प्याला अविनाश।

सिविल कोर्ट में होने वाली अजमेर दरगाह की सुनवाई 31 मई तक टली

अजमेर अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को लेकर हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता द्वारा किए गए दावे पर शनिवार को सिविल कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन यह सुनवाई टल गई। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 31 मई निर्धारित की है। विष्णु गुप्ता ने अपनी याचिका में दरगाह के गर्भगृह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा किया है, जिसे लेकर मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। कोर्ट में प्रस्तुत की गई जानकारी के अनुसार शनिवार को दो प्रमुख कारणों से सुनवाई नहीं हो सकी। पहले तो अजमेर जिला न्यायालय की नई बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह के चलते कोर्ट की नियमित कार्रवाई प्रभावित रही। दूसरा सुप्रीम कोर्ट से जुड़े वकील की अनुपस्थिति और नए प्रार्थना-पत्रों के प्रस्तुत होने के कारण जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता महसूस की गई। इससे पहले याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता ने अदालत से यह मांग की थी कि जब तक इस मामले का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी सरकारी विभाग की ओर से दरगाह में चादर पेश न की जाए। इस बाबद उन्होंने एक स्थगन प्रार्थना-पत्र दाखिल किया था, जिस पर शनिवार को अल्पसंख्यक मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने अपना जवाब अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके साथ ही प्रतिवादी संख्या 2 और 3 की ओर से एक प्रार्थना-पत्र दाखिल कर यह मांग की गई कि वादी की याचिका खारिज की जाए क्योंकि इसमें भारत संघ की ओर से कोई स्पष्ट प्रार्थना नहीं की गई है। इस पर विष्णु गुप्ता को जवाब देने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि यह मामला 27 नवंबर 2024 को उस वक्त चर्चा में आया, जब अजमेर सिविल कोर्ट ने विष्णु गुप्ता द्वारा दाखिल याचिका को स्वीकार करते हुए अल्पसंख्यक मंत्रालय, दरगाह कमेटी और ASI को नोटिस जारी किया था। इसके बाद दरगाह कमेटी ने याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए कोर्ट में जवाबी एप्लीकेशन दायर की थी। वहीं दरगाह से जुड़ी अंजुमन कमेटी ने भी राजस्थान हाईकोर्ट में इस याचिका को चुनौती दी है। मामले की गंभीरता और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए अन्य पक्षकारों ने भी इस विवाद में हिस्सा लेने की मांग की है। इनमें अंजुमन कमेटी, दरगाह दीवान गुलाम दस्तगीर, ए इमरान (बेंगलुरु) और राज जैन (होशियारपुर, पंजाब) शामिल हैं। इन्होंने स्वयं को पक्षकार बनाने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है। अब सबकी निगाहें 31 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय हो सकता है कि अदालत इस ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थल को लेकर आगे क्या दिशा-निर्देश देती है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ होगी बारिश

 रायपुर छत्तीसगढ़ में चिलचिलाती गर्मी के बीच लोगों को राहत मिलने जा रही है. मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा चलने, बदल गरजने और बारिश होने की संभावना जताई है. अगले तीन घंटों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.    मौसम विभाग ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली और कोरिया जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवाएं और आंधी (40-60 किमी प्रति घंटे) की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं लगभग 18 जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और अचानक तेज हवा (30-40 KMPH) की संभावना है.

‘पीएमश्री’ एयर एंबुलेंस की सुविधा अब रात में भी मिल सकेगी, दो इंजन वाले हेलीकाॅप्टर का होगा उपयोग

भोपाल राज्य सरकार की पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा में एक बड़ी सुविधा जुड़ने जा रही है। इसमें रोगियों को उपचार के लिए रात में भी बड़े अस्पताल में पहुंचाया जा सकेगा। इसके लिए दो इंजन वाले हेलीकाप्टर का उपयोग किया जाएगा, जो रात में भी उड़ सकेंगे। इस सुविधा के लिए सेवा देने वाली कंपनी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच सहमति बन चुकी है। टेंडर प्रक्रिया भी प्रांरभ हो गई है।   लगभग दो माह माह में सेवा प्रारंभ होने के आसार हैं। लगभग एक वर्ष में 60 लोगों को यह सुविधा मिली है, जिनमें 80 प्रतिशत आयुष्मान कार्डधारी हैं, जिन्हें निश्शुल्क सेवा मिली। आयुष्मान हितग्राहियों के अतिरिक्त अन्य लोग भी निर्धारित शुल्क देकर रात में इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। अभी गैर आयुष्मान हितग्राहियों को यह सुविधा लगभग दो लाख रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मिल रही है। रात में हेलीकाप्टर सेवा के दरें अभी निर्धारित नहीं हुई हैं, पर पुरानी दरों की तुलना में इसमें थोड़ा-बहुत अंतर ही हो सकता है। आयुष्मान हितग्राहियों के लिए इसकी सुविधा निर्धारित 80 प्रकार ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मिल रही है। इसमें रोगी के लिए 50 लाख का दुर्घटना बीमा का प्रविधान भी है। ऐसी मिलती है सुविधा संभाग के अंदर रोगी के निशुल्क परिवहन के लिए जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर संभाग के अंदर स्वीकृति प्रदान करते हैं। संभाग के बाहर जाने की स्वीकृति स्वास्थ्य आयुक्त देते हैं। मेडिकल कालेज में भर्ती गंभीर रोगी को संभाग के बाहर एंबुलेंस की स्वीकृति डीन की अनुशंसा पर संभाग आयुक्त और राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा देते हैं। पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रत्येक जीवन अमूल्य है और हर जीवन की रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। कहां मिलेगी सुविधा मध्य प्रदेश के छोटे शहरों में गंभीर बीमारी से पीड़ितों को आपातकालीन परिस्थिति में बड़े शहरों के अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध होगी। मप्र में इस सेवा का नाम बदलकर पीएम एयर एंबुलेंस सेवा किया गया है। देश के अन्य राज्यों में स्थित अस्पतालों के लिए भी एयर एम्बुलेंस चलाई जाएगी। किसको मिलेगी एयर एम्बुलेंस की सुविधा अभी तक एयर एम्बुलेंस का उपयोग आर्थिक रुप से संपन्न लोग ही कर पाते हैं। सरकार प्रोजेक्ट में सफल हुई तो सरकारी कर्मचारियों को एवं आम लोगों के लिए भी एयर एम्बुलेंस का उपयोग किया जाएगा। कब मिलेगी एयर एम्बुलेंस की सुविधा सड़कों और औद्योगिक स्थलों पर होने वाले हादसों, हृदय रोगी अथवा जहर से प्रभावित एवं अन्य गंभीर बीमारी जिसमें तत्काल इलाज की आवश्यकता हो ऐसे मरीजों अच्छे चिकित्सा संस्थानों में समय पर इलाज के लिए ये सुविधा मिलेगी। अस्पताल द्वारा मरीज की स्थिति की गंभीरता की जांच के उपरांत एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिलेगी।  

हाईकोर्ट ने तलाक के मामले में सुनाया अहम फैसला, पत्नी की दूसरी शादी होने तक देना होगा गुजारा भत्ता

बिलासपुर हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि चाहे पति-पत्नी ने आपसी सहमति से तलाक लिया हो, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि पत्नी को भरण-पोषण नहीं मिलेगा। जब तक तलाकशुदा महिला की दूसरी शादी नहीं हो जाती, तब तक वो अपने पूर्व पति से गुजारा भत्ता लेने की हकदार है। यह पति की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह अपनी पूर्व पत्नी को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करे। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए पति की याचिका को खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकल पीठ में हुई। मामला मुंगेली जिले का है, जहां के रहने वाले युवक-युवती की शादी 12 जून 2020 को हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद दोनों के रिश्ते में खटास आ गई। महिला ने आरोप लगाया कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और घर से निकाल दिया गया। पत्नी ने 27 जून 2023 को मुंगेली फैमिली कोर्ट में केस दायर किया और 15,000 रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण की मांग की। उसका कहना था कि उसका पति ट्रक ड्राइवर है और खेती से सालाना 2 लाख रुपये की कमाई भी करता है। 2023 को दोनों के बीच आपसी सहमति से हाे चुका है तलाक इधर पति की दलील थी कि 20 फरवरी 2023 को दोनों के बीच आपसी सहमति से तलाक हो चुका है। उसने कोर्ट में कहा कि पत्नी खुद बिना कारण घर छोड़कर चली गई थी, इसलिए अब वो किसी भत्ते की हकदार नहीं है। फैमिली कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अक्टूबर 2023 में महिला के पक्ष में फैसला सुनाया और हर महीने 3,000 रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया। पति ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए पति की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति से तलाक के बावजूद पत्नी की जरूरतें खत्म नहीं हो जाती। जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि, तलाकशुदा पत्नी, जब तक वह पुनर्विवाहित नहीं हो जाती, वह भरण-पोषण की हकदार होती है।

राजस्थान के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना

जयपुर राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभागों के साथ ही शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना है। यह जानकारी शनिवार को मौसम विभाग के एक अधिकारी ने दी। दिन के समय मौसम शुष्क रहने की संभावना है। गुजरे 24 घंटों में श्रीगंगानगर और चूरू प्रदेश के सबसे गर्म स्थान रहे। श्रीगंगानगर और चूरू में अधिकतम तापमान क्रमशः 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 7.6 और 5.7 डिग्री अधिक था। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि जोधपुर और बीकानेर संभागों के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं और धूल भरी आंधी आने की संभावना है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू और गर्म रातें दर्ज की गईं। बीकानेर संभाग में धूल भरी आंधी चली, वहीं कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान प्रतापगढ़ में 31.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।  

सेविंग अकाउंट पर इन बैंकों ने घटाई ब्याज दरें

नई दिल्ली भारत के प्रमुख निजी बैंकों, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और फेडरल बैंक, ने हाल ही में बचत खातों पर ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (0.25%) की कटौती की है. अब इन बैंकों में 50 लाख रुपए से कम बैलेंस पर ब्याज दर घटकर 2.75% हो गई है. वहीं, देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अक्टूबर 2022 से 10 करोड़ रुपए तक के बैलेंस पर मात्र 2.7% ब्याज दे रहा है. इन बैंकों ने न सिर्फ बचत खातों पर, बल्कि फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर भी ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की है. यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब बैंकिंग सिस्टम में CASA (चालू और बचत खाता) अनुपात पिछले एक साल में 39% से घटकर 22% तक आ गया है. आनंद राठी सिक्योरिटीज के विश्लेषक कैतव शाह के अनुसार, “यह कटौती हमारे कवरेज में शामिल बैंकों के लिए शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में 5 से 8 आधार अंकों का सुधार ला सकती है.” बैंकों का CASA अनुपात लगातार घट रहा है. HDFC बैंक का CASA अनुपात पिछले वर्ष के 38% से घटकर दिसंबर 2024 में 34% रह गया. बैंक के बचत खाते में कुल राशि 6.05 लाख करोड़ रुपए और कुल जमा 24.52 लाख करोड़ रुपए रही. इसी तरह, SBI का CASA अनुपात 41.18% से घटकर 39.2% हो गया, जिसमें बचत खाता शेष 33.51 लाख करोड़ रुपए और कुल जमा 60.80 लाख करोड़ रुपए है. क्या ग्राहक बचत खातों से पैसा निकालेंगे? हालांकि बचत ब्याज दरों में गिरावट से ग्राहक एफडी की ओर रुख कर सकते हैं, लेकिन मैक्वेरी कैपिटल के शोध प्रमुख सुरेश गणपति का मानना है कि, “बचत खाते लेन-देन के लिए होते हैं और 25 आधार अंकों की कटौती से कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा.” अप्रैल के पहले सप्ताह में जमा में 2.4%, जबकि ऋण में 0.9% की वृद्धि देखी गई. बैंकों को होगा फायदा, ग्राहकों को करना होगा समझौता विशेषज्ञों का मानना है कि बचत ब्याज दरों में कटौती से ग्राहकों को कम रिटर्न जरूर मिलेगा, लेकिन यह बैंकों की दीर्घकालिक रणनीति और लाभ को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा. साथ ही यह संकेत है कि अन्य निजी बैंक भी इस राह पर आगे बढ़ सकते हैं.

बोत्सवाना से मध्य प्रदेश में लाए जाएंगे आठ और चीते, मई महीने में आएंगे चार

भोपाल दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से आठ चीतों को दो चरणों में मध्य प्रदेश में लाया जाएगा। मई 2025 तक बोत्सवाना से चार चीतों को भारत लाने की योजना है। इसके बाद चार और चीतों को लाया जाएगा। प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों को अब गांधी सागर अभयारण्य में भी चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा।   जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में चीता परियोजना की समीक्षा बैठक हुई। एनटीसीए अधिकारियों ने बताया कि अब तक देशभर में चीता परियोजना पर 112 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, जिसमें से 67 प्रतिशत व्यय मध्य प्रदेश में चीता पुनर्वास पर खर्च किया गया है। चीता प्रोजेक्ट पर अब तक खर्च हो चुके 112 करोड़ भारत और केन्या के बीच भी अनुबंध पर सहमति बनाई जा रही है। देश में चीता प्रोजेक्ट पर अब तक 112 करोड़ रुपये से अधिक राशि व्यय की जा चुकी है। प्रोजेक्ट चीता के तहत ही अब गांधी सागर अभयारण्य में भी चीते चरणबद्ध रूप से विस्थापित किए जाएंगे। भूपेंद्र यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में चल रहे वन्य प्राणियों की पुनर्वास परियोजनाओं की देखरेख के लिए वन, पर्यटन, पशु चिकित्सा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य एवं परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक टास्क फोर्स बनाया जाए। श्योपुर के 80 गांवों के 400 चीता मित्रों को प्रशिक्षित करने का अनुबंध कर सकते हैं। चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में लाया जाएगा प्रोजेक्ट चीता के तहत राजस्थान की सीमा से सटे गांधी सागर अभयारण्य में चरणबद्ध तरीके से चीतों को बसाया जाएगा। अत: मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच अंतरराज्यीय चीता संरक्षण क्षेत्र स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक सहमति बन गई है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के बारे में जानकारी देते हुए वन अधिकारियों ने बताया कि वहां 26 चीते हैं, जिनमें से 16 खुले जंगल में और 10 पुनर्वास केंद्र (बाड़ों) में हैं। अधिकारी ने बताया कि चीतों पर निगरानी रखने के लिए सैटेलाइट कॉलर आईडी का उपयोग करके 24 घंटे ट्रैकिंग की जाती है। चीतों की जा रही है निगरानी अधिकारियों ने कहा कि चीतों की निगरानी के लिए ‘सैटेलाइट कॉलर आईडी’ का उपयोग करके 24 घंटे निगरानी की जा रही है।  अधिकारियों ने बताया कि मादा चीता ज्वाला, आशा, गामिनी और वीरा ने शावकों को जन्म दिया है। इतना ही नहीं, केएनपी में पर्यटकों की संख्या दो साल में दोगुनी हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक पांच मादा और तीन नर सहित आठ नामीबियाई चीतों को 17 सितंबर, 2022 को केएनपी में छोड़ा गया था। उनके मुताबिक फरवरी 2023 में, 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में, केएनपी में 26 चीते हैं, जिनमें भारत में जन्मे 14 शावक शामिल हैं। चीतों के कदम पड़ते ही बदल जाएगी गांधीसागर की रंगत इस बीच मंदसौर से खबर है कि गांधीसागर अभयारण्य को भारत में चीता पुनर्स्थापन योजना के तहत चीतों का दूसरा घर बनने में अब महज एक दिन शेष है। कूनो नेशनल पार्क से दो नर चीते यहां छोड़े जा रहे हैं। चीतों के यहां आने के बाद निश्चित ही गांधीसागर व आस-पास के क्षेत्र की रंगत बदल जाएगी। यहां पर्यटकों की आमद भी बढ़ेगी और निश्चित ही गांधीसागर, रामपुरा, भानपुरा की अर्थव्यवस्था भी बदलेगी। वहीं अभयारण्य के लिहाज से देखे तो यहां की जैव विविधता भी समृद्ध होगी। चीते के आने से इसमें भी सितारे जड़ जाएंगे। गांधीसागर अभयारण्य में अभी तो चीते बाड़ों में ही रखे जाएंगे। कुछ माह बाद इन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके बाद गांधीसागर व आस-पास के नगरीय क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी परिवर्तन आएगा।

इंदौर मेट्रो ट्रेन की डेडलाइन घोषित पहले चरण में 17.5 किलोमीटर लंबी दूरी पर दौड़ेगी

इंदौर  मध्य प्रदेश के दो सबसे बड़े शहर इंदौर और भोपाल में मेट्रो ट्रेन का काम तेज गति से जारी है. इस मामले में इंदौर बाजी मारते हुए दिख रहा है. इंदौर में पहले चरण में 17.5 किलोमीटर लंबी दूरी पर मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी. इंदौर में दीपावली तक मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है. इसका शुभारंभ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ये जानकारी दी. इंदौर में मेट्रो ट्रेन का किराया क्या है दरअसल, हाल ही में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की स्वीकृति मिलने के बाद इंदौर मेट्रो रेल कंपनी द्वारा जल्द से जल्द मेट्रो ट्रेन शुरू करने की तैयारी की गई है. इसका किराया भी न्यूनतम ₹20 से लेकर अधिकतम 80 रुपए तक तय कर दिया गया है. पहले चरण में मेट्रो ट्रेन गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन तक चलेगी, जो सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे तक दोनों और 50-50 फेरे लगाएगी. शनिवार को मेट्रो रेल कंपनी के अधिकारियों के साथ नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी और स्टेशनों के साथ व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. दीपावली तक मेट्रो ट्रेन दौड़ने लगेगी कैलाश विजयवर्गीय ने बताया “पहले चरण में दीपावली तक 17.5 किलोमीटर का सफर शुरू किया जाएगा. इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं. मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमत्रण भेजा जा रहा है. ज्यादा से ज्यादा लोग मेट्रो ट्रेन का सफर कर सकें, इसलिए इंदौर में सिटी बसों की कनेक्टिविटी भी मेट्रो ट्रेन के स्टेशनों से जोड़ी जाएगी. इसकी भी प्लानिंग की जा रही है. इंदौर में एक कन्वेंशन सेंटर भी तैयार किया जाएगा, जिसकी अनुमति वन विभाग से प्राप्त हो गई है.” मेट्रो स्टेशनों पर दोपहिया वाहनों की पार्किंग मेट्रो स्टेशनों पर ईवी चार्जिंग से युक्त स्टेशनों के साथ दोपहिया पार्किंग की व्यवस्था भी होगी. कैलाश विजयवर्गीय का कहना है “इंदौर शहर के जितने भी ब्रिज हैं, उनके निर्माण की भी समीक्षा की जा रही है. कोशिश की जा रही है कि उज्जैन सिंहस्थ से पहले इंदौर से उज्जैन के बीच भी मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ कर दिया जाए. इसकी भी प्लानिंग की जा रही है.” इंदौर में 7 अंडरग्राउंड स्टेशन तैयार इंदौर रेलवे स्टेशन, राजवाड़ा, छोटा गणपति, बड़ा गणपति, रामचंद्र नगर, कॉलानी नगर, एयरपोर्ट अंडरग्राउंड स्टेशन में शामिल हैं. इंदौर में मेट्रो ट्रेन की येलो लाइन में 21 एलिवेटेड स्टेशन:     गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर-6,5,4,3,2,1     भवर कुआ चौराहा     एम आर -10     आई एस बी टी     चन्द्रगुप्त चौराहा     हीरा नगर     बापट चौराहा     मेघदूत गार्डन     विजय नगर चौराहा     मालवीय नगर चौराहा     शहीद बाग     खजराना     बंगाली चौराहा     पत्रकार कॉलोनी     पलासिया

मध्यप्रदेश में किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार बनी उद्यानिकी फसलें

भोपाल उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में जिस गति से मध्यप्रदेश ने अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनाई है, उससे प्रदेश की उद्यानिकी फसलों के प्रति देश और विदेशों में खासी मांग भी बढ़ रही है। इससे प्रदेश के किसानों को आर्थिक संबल भी मिल रहा है। मध्यप्रदेश उद्यानिकी के साथ खाद्य प्र-संस्करण का मुख्य हब बन कर उभरा है। गत फरवरी माह में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों से उद्यानिकी क्षेत्र में 4 हजार करोड़ रूपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यह निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश के उद्यानिकी क्षेत्री में हुए नवाचारों और बड़े पैमाने पर हो रहे उत्पादन को दर्शाता हैं। मध्यप्रदेश में गत 5 वर्षों में उद्यानिकी के रकबा में 23.72 प्रतिशत वृद्धि हुई। वर्ष 2019-20 में उद्यानिकी फसलों का रकबा 21.75 लाख लाख हेक्टेयर था जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 26.91 लाख हैक्टेयर हो गया है। मध्यप्रदेश में गत 20 वर्षों में छोटे के साथ बड़ी कृषि-जोत रखने वाले किसान भाइयों ने ‘कैश-क्रॉप’ के रूप में उद्यानिकी फसलों को लेना शुरू कर दिया है इस कारण उद्यानिकी फसलों (फल, सब्जी, मसाला पुष्प एवं औषधियों) का रकबा 4 लाख 67 हजार हैक्टेयर से 27 लाख 71 हजार हैक्टेयर यानिकी लगभग 500 प्रतिशत की तथा उत्पादन 35 लाख 40 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 417 लाख 89 हजार मीट्रिक टन हो गया। इस तरह उत्पादन में 1000 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश उद्यानिकी के साथ खाद्य प्र-संस्करण का मुख्य हब बन रहा है।

आईआईटी खड़गपुर की सहायता से प्रदेश के लोगों की खुशियां मापेगा आनंद विभाग

भोपाल  मध्य प्रदेश के लोग कितने खुश हैं और खुशी के प्रमुख कारण क्या हैं. नए साल में प्रदेश के लोगों की खुशी का ये इंडेक्स सामने होगा. लोगों की खुशी का इंडेक्स तैयार करने का बीढ़ा मध्य प्रदेश के आनंद विभाग ने उठाया है, जो आईआईटी खड़गपुर की सहायता से प्रदेश के लोगों की खुशियां मापेगा. संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में खुशियों का निर्धारण हो सकेगा. मध्य प्रदेश के लोगों का हैप्पीनेस का इंडेक्स मापने के लिए आनंद विभाग एक नवाचार करने जा रहा है. इसके लिए विभाग आईआईटी खड़गपुर की सेवाएं ले रहा है. आईआईटी खड़गपुर की मदद से एक प्रश्नावली तैयार की जा रही है. आनंद विभाग से प्रदेश के सभी जिलों में 50 हजार से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं. इन वॉलन्टियर्स को आनंदक नाम दिया गया है. आनंद विभाग के अफसरों की मानें तो प्रदेश के 20 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खुशियां मापने की शुरुआत होगी. विभाग का कहना है कि खुशी मापने का आधार संसाधनों की बजाय लोगों के भाव होंगे. प्रश्नावली इन भाव पर आधारित रहेगी. आनंद विभाग का मानना है कि साल के अंत तक इंडेक्स तैयार हो जाएगा.

विश्व में मशहूर पन्ना के हीरों को मिलेगा जीआई टैग, केंद्र कर रहा एग्जामिनेशन रिपोर्ट तैयार

भोपाल मध्य प्रदेश का पन्ना जिला हीरों के लिए प्रसिद्ध है. ऐसे में पन्ना के हीरा को जीआई टैग (Geographical Indication Tag) मिल सकता है. साल के अंत तक जीआई टैग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. जिसके लिए केंद्र एग्जामिनेशन रिपोर्ट तैयार कर रहा है. दरअसल, पत्रा के डायमंड में हल्का हरा रंग दिखता है. जबकि दुनिया के दूसरे हिस्से में मिलने वाले हीरे में या तो रंग नहीं होता या प्रकाश पड़ने पर बहुत से रंग एक साथ दिखते हैं. साथ ही पन्ना डायमंड में वीक कार्बन लाइन स्पष्ट होती है. इसके सहारे उसमें नक्काशी या डिजाइन बहुत आसान हो जाती है, जो दुनिया के दूसरे हीरों में उपलब्ध नहीं होती. सघनता और खास चमक भी पन्ना के हीरों को खास बनाती है. पन्ना के खजिन अधिकारी की मानें तो केंद्र के अधिकारी प्रेजेंटेशन के आधार पर एग्जामिनेशन रिपोर्ट तैयार करेंगे. इसमें बिंदुवार जीआई टैग से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी. केंद्र के अधिकारी अगर जवाब से संतुष्ट होंगे तो 6 से 8 महीने प्रक्रिया पूरी कर नोटिफिकेशन हो जाएगा. मार्च में राजधानी में प्रेजेंटेशन के बाद अब केंद्र आगे की प्रक्रिया कर रहा है. जीआई टैग मिलने पर निश्चित ही पन्ना के हीरे को नई पहचान मिलेगी.

BDA रेलवे लाइन के समानांतर दोनों तरफ 60-60 फीट चौड़ी रोड विकसित करेगा

भोपाल  भोपाल विकास प्राधिकरण इस साल बावड़िया रेलवे ओवरब्रिज से मिसरोद के बीच रेलवे लाइन के दोनों तरफ नई बसाहट के लिए अधोसंरचना विकसित करेगा। रेलवे लाइन के नर्मदापुरम रोड की तरफ विद्यानगर फेस दो के साथ अब विद्यानगर फेज तीन के तहत करीब 11 हेक्टेयर में काम होगा, जबकि बावडिय़ा की ओर दानापानी से मिसरोद और बावड़िया गांव के चारों तरफ 51 हेक्टेयर में काम होगा। दोनों तरफ 60-60 फीट चौड़ी रोड सबसे खास ये कि लोगों को रेलवे लाइन के समानांतर दोनों तरफ 60-60 फीट चौड़ी रोड मिलेगी। आशिमा मॉल (MP News) से बावड़िया गांव को पार कर सेज अपोलो अस्पताल की ओर उतरने वाला रेलवे ओवरब्रिज भी इस पूरी योजना में मददगार होगा। बीडीए ने इस योजना के लिए सिविल अधोसंरचना विकसित करने 122.09 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान लगाया है। अन्य खर्च मिलाकर ये राशि 249 करोड़ रुपए बन रही है। बावड़ियाकलां गांव के आसपास रेलवे लाइन तक का क्षेत्र नई योजना में शामिल है। इस पर जल्द ही काम शुरू होगा।–संजीव सिंह, प्रशासक बीडीए ऐसे समझें स्थिति ● विद्यानगर फेस दो के तहत 39.96 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना विकसित हो रही है। ● 84.14 करोड़ रुपए लागत है। 701 प्लॉट इसमें विकसित होंगे। ● विद्या नगर फेस तीन के तहत 10.60 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना प्रस्तावित है। ● 28.27 करोड़ रुपए की लागत है। 34 प्लॉट विकसित होंगे। ● बावड़ियाकलां योजना- 51 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तय है।  

मध्यप्रदेश में जल्द ही तबादलों पर लगा बैन हट सकता, ट्रांसफर पॉलिसी 2025 बनाकर तैयार

भोपाल  मध्यप्रदेश में लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए एक जरूरी खबर है। मध्यप्रदेश में जल्द ही तबादलों पर लगा बैन हट सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी 2025 तैयार कर ली है और सीएम मोहन यादव की सलाह पर इसमें कुछ आंशिक बदलाव कर इसे अप्रैल के ही महीने में कैबिनेट में लाने की तैयारी है। बता दें कि मध्यप्रदेश में बीते 3 साल से तबादलों पर बैन लगा हुआ है। इसी महीने हट सकता है बैन ! जानकारी के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला नीति 2025 तैयार कर ली है। इसे इस माह के अंत तक राज्य शासन की मंजूरी के लिए कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही प्रदेश में तबादलों पर लगा बैन हटाया जा सकता है। पॉलिसी के अनुसार करीब 15 दिन से एक महीने तक तबादलों से प्रतिबंध हटाया जा सकता है। बता दें कि आखिरी बार तबादला नीति 2021-22 में लागू की गई थी। किनके लिए होगी फायदेमंद? यह नई नीति खासतौर पर उन सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएगी, जो दो साल से ज्यादा समय से ट्रांसफर बैन के चलते एक ही जगह अटके हुए थे. अब वे स्वेच्छा से ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे और विशेष परिस्थितियों में मनचाही जगह पोस्टिंग भी मिल सकती है. शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में तबादलों की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी, जिससे व्यवस्था पारदर्शी होगी और कर्मचारियों को आसानी मिलेगी. किसके लिए बनेगी परेशानी? नई पॉलिसी उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुश्किल बन सकती है, जो पिछले 3 साल या उससे ज्यादा समय से एक ही पद पर जमे हुए हैं. सरकार का इरादा है कि ऐसे सभी अधिकारियों का ट्रांसफर किया जाए और जरूरत पड़ी तो उन्हें दूसरे जिलों में भी भेजा जाएगा. साथ ही, किसी भी विभाग में कुल कर्मचारियों के सिर्फ 10% का ही तबादला किया जा सकेगा. इसका मतलब ये है कि सबको ट्रांसफर नहीं मिलेगा, सिर्फ उन्हीं को मौका मिलेगा जो इस श्रेणी में आते हैं. क्या मिलेगा ट्रांसफर पर भत्ता? आपको बताते चलें कि नई नीति में ये भी तय किया गया है कि स्वेच्छा से ट्रांसफर लेने वाले कर्मचारियों को कोई भत्ता नहीं दिया जाएगा. लेकिन जिनका ट्रांसफर प्रशासनिक वजहों से किया जाएगा, उन्हें सरकार की ओर से भत्ते की सुविधा दी जाएगी. वहीं, ट्रांसफर की प्रक्रिया में मंत्रियों की भूमिका अहम होगी. अपने विभाग के कर्मचारियों का ट्रांसफर मंत्री कर सकेंगे. गजेटेड अधिकारियों ( उच्च स्तर के प्रशासनिक या प्रबंधकीय पदों पर होते हैं) के ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री की सहमति जरूरी होगी. तबादला नीति में ये बिंदू हो सकते हैं शामिल     तबादला नीति में इस बात का प्रावधान रहेगा कि 3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों को हटाया जाए। ऐसे अधिकारियों को दूसरे जिलों में भी भेजा जाएगा।     माना जा रहा है कि किसी भी विभाग में अधिकतम 10 फीसदी कर्मचारियों के तबादले ही हो सकेंगे।     जो अधिकारी-कर्मचारी स्वयं के व्यव पर ट्रांसफर करवाएंगे, उन्हें किसी भी प्रकार का भत्ता नहीं दिया जाएगा।     प्रशासनिक आधार पर होने वाले तबादले में सरकार भत्ता प्रदान करेगी।     मंत्रियों को उनके विभाग के कर्मचारियों के तबादले को लेकर अधिकार प्रदान किए जाएंगे।     जिले के अंदर ट्रांसफर करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री की अनुशंसा के आधार पर जिला कलेक्टर जिले के अंदर ट्रांसफर कर सकेंगे।     जिले के बाहर तबादला विभागीय मंत्रियों की अनुशंसा पर होंगे, लेकिन राजपत्रित अधिकारियों का तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री समन्वय की प्रक्रिया अपनाना होगी।     स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से जुड़े तबादलों में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।     विशेष परिस्थितियों में कर्मचारियों को मांगी गई लोकेशन पर ट्रांसफर दिया जाएगा।    मंत्रियों को उनके विभाग के कर्मचारियों के तबादले के अधिकार होंगे। जिले के अंदर ट्रांसफर करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। जिले के बाहर ट्रांसफर विभागीय मंत्रियों की अनुशंसा पर होंगे  राजपत्रित अधिकारियों का तबादला करने के लिए सीएम समन्वय की प्रक्रिया अपनानी होगी। 3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जाएगा उन्हें दूसरे जिले में भी भेजा जाएगा।  किसी भी विभाग में अधिकतम 10 फीसदी कर्मचारियों के तबादले ही हो सकेंगे।  स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से जुड़े तबादलों में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

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