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राज्यपाल डेका से सीमा सुरक्षा बल के अतिरिक्त महानिदेशक ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में टेकवांग नामग्याल अतिरिक्त महानिदेशक, एंटी नक्सल ऑपरेशन सीमा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई के संबंध में राज्यपाल को अवगत कराया। इस अवसर पर एंटी नक्सल (ऑपरेशन) सीमा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ केे डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल संजय यादव भी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अंडर-20 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को किया सम्मानित

कोटा रघुराई इंडो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित अंडर-20 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के दूसरे दिन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने महिला वर्ग पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की एवं विजेता महिला पहलवानों को मेडल एवं सर्टिफिकेट प्रदान किए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुश्ती सिर्फ एक खेल नहीं हमारी परंपरा एवं संस्कृति का एक हिस्सा है। हमारे देश में दशकों से कुश्ती एवं दंगल का आयोजन मेलों और त्योहारों में होता आया है। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक में हमारे देश के पहलवानों ने कुश्ती में कई मैडल जीते हैं। इस खेल को आगे बढ़ाने में महिला पहलवानों का भी काफी योगदान रहा है। पहली बार अंडर 20 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का राजस्थान में आयोजन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से सम्भव हुआ है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता का कोटा में आयोजन पूरे राजस्थान के लिए गर्व की बात है। हमारे खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना वर्चस्व स्थापित कर रहे हैं और देश के लिए मैडल जीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुश्ती में काफी संभावनाएं हैं और ऐसे आयोजनों से राजस्थान के खिलाड़ियों को भी एक्सपोजर मिलेगा और वे प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश की जनता के लिए कई योजना लेकर आई है, जिस पर काम किया जा रहा है। बजट में भी कई योजनाएं धरातल पर उतारी गई हैं। बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है।  

जयदीप बिहानी ने आईपीएल 2025 में आरआर की लखनऊ सुपर जायंट्स से हाल ही में 2 रन से हार पर संदेह जताया

जयपुर राजस्थान रॉयल्स और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के बीच तनाव बढ़ गया है, जब आरसीए की तदर्थ समिति के संयोजक जयदीप बिहानी ने आईपीएल 2025 में आरआर की लखनऊ सुपर जायंट्स से हाल ही में 2 रन से हार पर संदेह जताया। बिहानी ने सुझाव दिया कि परिणाम संदिग्ध हो सकता है और यहां तक ​​कि संभावित छेड़छाड़ का भी संकेत दिया। जवाब में, आईपीएल फ्रेंचाइजी प्रबंधन ने औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री, खेल मंत्री और खेल सचिव से शिकायत की है, जिसमें बिहानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी दीप रॉय ने बिहानी के बयानों को “झूठा, निराधार और बिना किसी सबूत के” बताते हुए खारिज कर दिया। बिहानी ने एक बयान जारी कर न केवल टीम के प्रदर्शन पर संदेह जताया, बल्कि राजस्थान रॉयल्स, राजस्थान खेल परिषद और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर आईपीएल से जुड़ी गतिविधियों से आरसीए की तदर्थ समिति को अलग-थलग करने के लिए मिलीभगत का आरोप लगाया। आरआर प्रबंधन ने इन दावों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “हम तदर्थ समिति के संयोजक द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हैं। इस तरह के सार्वजनिक बयान न केवल भ्रामक हैं, बल्कि राजस्थान रॉयल्स, रॉयल मल्टी स्पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (आरएमपीएल), राजस्थान खेल परिषद और बीसीसीआई की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। वे क्रिकेट की अखंडता को भी धूमिल करते हैं।” फ्रेंचाइज ने राज्य संघ और सरकार के साथ अपनी 18 साल की साझेदारी और बीसीसीआई के दिशा-निर्देशों के पूर्ण अनुपालन में अपने चल रहे काम पर जोर दिया। बीसीसीआई की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, राजस्थान खेल परिषद के पास चालू सत्र के लिए जयपुर में आईपीएल मैचों की मेजबानी करने का आधिकारिक अधिकार है। रॉयल्स ने स्पष्ट किया कि वे टूर्नामेंट के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के मार्गदर्शन में परिषद और बीसीसीआई दोनों के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं। इससे पहले बिहानी ने कहा कि आरसीए ने राज्य में आईसीसी-बीसीसीआई के अंतरराष्ट्रीय मैचों और प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया है। लेकिन खेल परिषद जयपुर में हो रहे आईपीएल मैच से सरकार द्वारा गठित तदर्थ समिति को दूर रखकर खेल हितों के खिलाफ साजिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य खेल परिषद ने आरसीए की तदर्थ समिति को आईपीएल के आयोजन से दूर रखा। उन्होंने आयोजन से जुड़े सदस्यों के मान्यता पत्र भी नहीं बनाए।

आदिम जाति कल्याण विभाग के नवनियुक्त आयुक्त डॉ.सारांश मित्तर ने संभाला कार्यभार

रायपुर, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग के नवनियुक्त आयुक्त डॉ.सारांश मित्तर ने सोमवार को आयुक्त कार्यालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभागीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने उनका अभिवादन किया। कार्यभार ग्रहण के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं – छात्रवृत्ति, प्राधिकरण, वन अधिकार अधिनियम, पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, निर्माण शाखा एवं अन्य योजनाओं की संक्षेप में जानकारी प्राप्त की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।     इस अवसर पर अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस.भोई, जितेन्द्र गुप्ता, तारकेश्वर देवांगन, उपायुक्त एल.आर.कुर्रे एवं मेनका चंद्राकर एवं कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती उपस्थित थे।

ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में नदी, खेत तालाब, पोखर सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य चल रहा है। सभी जिलों में जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री अपने-अपने स्तर पर 90 दिन तक चलने वाले इस अभियान का हिस्सा बने और अपना योगदान दें। आगामी 30 जून तक जारी रहने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में अमृत सरोवरों का भी निर्माण किया जा रहा है। हमारी सरकार का यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के हो रहे पुनीत कार्यों के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अगली कैबिनेट मीटिंग में लेंगे ट्रांसफर पॉलिसी पर निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगली कैबिनेट मीटिंग तक स्थानांतरण नीति (ट्रांसफर पॉलिसी) को लेकर भी नीतिगत निर्णय लेगी। हम प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के कल्याण के लिए उनके वेतन एवं सभी प्रकार के भत्तों के भुगतान के लिए कार्य कर रही है। लोक सेवकों के हितों के साथ ही राज्य सरकार खाली पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की दिशा में आगे बढ़ रही है। भर्ती अभियान में सभी योग्य उम्मीदवारों को मौका मिले, इसके लिए प्रत्येक विभाग की समीक्षा की जा रही है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की लंबित परीक्षाएं भी शीघ्र कराने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने बीते सोमवार को ही प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के डेवलपमेंट को गति प्रदान करने के लिए ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। इससे बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी के साथ आईटी सेक्टर पर आधारित एक कॉन्क्लेव 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित होगी। इससे जुड़े विभागों के अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में आईटी के बड़े केंद्र स्थापित हो, इस प्रयोजन से हर संभव प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को देश का नंबर-1 राज्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए बदलते दौर में सभी क्षेत्रों में समुचित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारियां साझा की हैं।  

राज्यपाल डेका से मध्य प्रदेश के केबिनेट मंत्री विजयवर्गीय ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य विभाग के केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सौजन्य भेंट की।

Vice President ने कहा एक मामले में SC ने कहा कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं दूसरे मामले में कहा कि यह संविधान का हिस्सा

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने एक नए संबोधन में कहा है कि संविधान के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए. संविधान क्या होगा? इसे अंतिम रुप से तय करने वाले निर्वाचित प्रतिनिधि हीं होंगे और इससे ऊपर कोई अथॉरिटी नहीं होगा. उन्होंने कहा कि संसद सुप्रीम संस्था है. राज्यसभा के सभापति उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान के पद औपचारिक या सजावटी हो सकते हैं. मेरे हिसाब से नागरिक सर्वोच्च है. हर किसी की अपनी भूमिका होती है. उपराष्ट्रपति ने एक बार फिर संविधान कोर्ट की आलोचना की और सुप्रीम कोर्ट द्वारा संविधान की प्रस्तावना को लेकर व्याख्याओं में असंगति पर सवाल उठाया. जगदीप धनखड़ ने कहा, “एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है (गोलकनाथ मामला) दूसरे मामले में उसने कहा कि यह संविधान का हिस्सा है (केशवानंद भारती). बता दें कि गोलकनाथ केस में संसद अनुच्छेद 368 के तहत मौलिक अधिकारों को संशोधित या समाप्त नहीं कर सकती, क्योंकि मौलिक अधिकार संविधान का अभिन्न हिस्सा हैं. यानी कि संसद को मौलिक अधिकारों में कटौती करने का अधिकार नहीं है. केशवानंद भारती केस में सर्वोच्च न्यायालय की 13 जजों की संविधान पीठ ने 7:6 के बहुमत से फैसला दिया कि संसद अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से को संशोधित कर सकती है, लेकिन यह संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) को नष्ट नहीं कर सकती. मूल संरचना में संविधान की सर्वोच्चता, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, संघीय ढांचा, शक्ति पृथक्करण, न्यायिक समीक्षा, और मौलिक अधिकारों का सार शामिल है. 25 जून 1975 लोकतंत्र का काला दिन उपराष्ट्रपति ने देश में आपातकाल का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि 25 जून 1975 हमारे लोकतंत्र का काला दिवस था. इस दिन देश की सर्वोच्च अदालत ने 9 उच्च न्यायालयों की सलाह की अवहेलना की. जगदीप धनखड़ ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोगों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन सौदेबाजी नहीं की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र अभिव्यक्ति और संवाद से ही पनपता है. अगर अभिव्यक्ति के अधिकार का गला घोंटा जाता है तो लोकतंत्र खत्म हो जाता है. और अगर अभिव्यक्ति के अधिकार पर अहंकार हो जाता है तो वह हमारी सभ्यता के अनुसार अभिव्यक्ति नहीं है संवैधानिक पद औपचारिक या सजावटी हो सकते हैं दिल्ली विश्वविद्यालय संविधान के 75  वर्ष लागू होने के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम ‘कर्तव्यम’ को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि संस्कृत में कर्तव्य का अर्थ है कर्तव्य. हमारे संविधान निर्माता ने ऐसा संविधान दिया जिसमें टकराव से बचा जा सके. उन्होंने संविधान में मौजूद कुछ ऐसे पदों की ओर इशारा किया जिन्हें आम तौर पर सजावटी कहा जाता है. जगदीप धनखड़ ने कहा, “संवैधानिक पद औपचारिक या सजावटी हो सकते हैं. मेरे अनुसार, एक नागरिक सर्वोच्च है. हर किसी की भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है (गोलकनाथ मामला) दूसरे मामले में उसने कहा कि यह संविधान का हिस्सा है (केशवानंद भारती). संसद ही सुप्रीम है उन्होंने कहा कि संविधान के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए. संविधान क्या होगा? इसे अंतिम रुप से तय करने वाले निर्वाचित प्रतिनिधि ही होंगे और इससे ऊपर कोई अथॉरिटी नहीं होगा. इससे ऊपर कोई अथॉरिटी नहीं होगा. संसद सर्वोच्च है. उन्होंने कहा कि हमारा लोकतंत्र सहभागी है. डॉ. अंबेडकर ने माना कि स्वतंत्रता के लिए जिम्मेदारियों की आवश्यकता होती है. उन्होंने कहा कि मौलिक कर्तव्य मूल रूप से संविधान में नहीं थे. इसलिए 42वें संविधान संशोधन द्वारा हमने अनुच्छेद 51A पेश किया. शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 86वें संशोधन द्वारा एक और कर्तव्य जोड़ा गया. उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रवाद के लिए ऐसी प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है जिसमें मिलावट न की जा सके. हमारा संविधान हजारों वर्षों से हमारी सभ्यता के सिद्धांतों को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बातचीत में जीता है और बातचीत में सभी बराबर हैं. लोकतंत्र की सेहत बातचीत की गुणवत्ता पर निर्भर करती है. अगर बातचीत को पैसे वालों, विदेशी हितों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, तो क्या होगा? हमें पक्षपात से ऊपर उठना होगा.    

माननीय प्रधानमंत्री करेंगे अमृत भारत ट्रेन 2.0 का शुभारंभ

माननीय प्रधानमंत्री करेंगे अमृत भारत ट्रेन 2.0 का शुभारंभ सहरसा से मुंबई तक अब होगा स्मार्ट और सस्ता सफर भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी भोपाल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी दिनांक 24 अप्रैल, 2025 को सहरसा से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी), मुंबई के बीच देश की तीसरी और वर्जन 2.0 में अपग्रेडेड ‘अमृत भारत ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल स्थित इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को भी अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि ‘अमृत भारत ट्रेन’ भारतीय रेल की एक क्रांतिकारी पहल है, जो कम किराए में हाई-स्पीड, अत्याधुनिक डिज़ाइन और सुविधाओं से भरपूर यात्रा का अनुभव प्रदान करती है। इसकी अधिकतम गति 130 किमी/घंटा होगी और किराया केवल 45 पैसे प्रति किलोमीटर रहेगा। क्या है खास — वर्जन 2.0 अमृत भारत ट्रेन यह नई अमृत भारत ट्रेन पहले के सेट्स से कहीं अधिक एडवांस है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नये फीचर्स शामिल किए गए हैं: •    कोचों में फायर डिटेक्शन सिस्टम की शुरुआत की गई है। •    ऑनबोर्ड कंडिशनिंग मॉनिटरिंग सिस्टम द्वारा गियर व व्हील की निगरानी संभव होगी। •    कोच के भीतर अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, फोल्डिंग टेबल, मॉबाइल होल्डर, और दिव्यांग अनुकूल शौचालय जैसी सुविधाएं दी गई हैं। •    विशेष डिज़ाइन के चलते यात्री कोच के अंदर झटकों को महसूस नहीं करेंगे। भारतीय रेल का नया दृष्टिकोण इस ट्रेन सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह नॉन-एसी होते हुए भी एक प्रीमियम अनुभव देती है। इससे उन यात्रियों को भी फायदा मिलेगा जो सीमित बजट में सफर करना चाहते हैं, लेकिन गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहते। समाज की संवेदनाओं को जोड़ती यह ट्रेन बिहार और मुंबई के बीच यह ट्रेन केवल एक यातायात का साधन नहीं बल्कि लाखों परिवारों की जरूरत और भावनाओं का प्रतीक है। रोज़गार, शिक्षा और सामाजिक कारणों से वर्षों से मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों को अब एक नई उम्मीद और राहत मिलेगी। त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों या सामान्य यात्राओं के दौरान ‘वेटिंग लिस्ट’ जैसी चिंताओं से छुटकारा मिलेगा और अब लोग पूरे आत्मविश्वास से कह सकेंगे “अब चिंता नहीं… अमृत भारत है न!”

जहरुद्दीन को आखिर यह अफसोस अब क्यों हो रहा है?, कि क्रिकेट खेला ही क्यों, स्टैंड का विवाद क्या है?

नई दिल्ली टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और अपने दौर के धाकड़ बल्लेबाज मोहम्मद अजरुद्दीन को अब इस बात का अफसोस है कि उन्होंने क्रिकेट खेला ही क्यों। टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तानों में शुमार अजहरुद्दीन को आखिर यह अफसोस अब क्यों हो रहा है? इसकी वजह है हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में उनके नाम से बने स्टैंड से उनके नाम को हटाने का फरमान। अजहरुद्दीन इसे अपमान बता रहे हैं। बीसीसीआई से ‘खेल का सम्मान’ बचाने की गुहार लगा रहे हैं। हाई कोर्ट में कानूनी लड़ाई शुरू करने का दम भर रहे हैं। आखिर किसने दिया है स्टैंड से अजरुद्दीन के नाम को हटाने का फरमान? आदेश में और क्या-क्या है? विवाद आखिर है क्या है और क्यों है? अजहर का क्या कहना है? आइए सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं। हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के ओम्बुड्समैन का फैसला क्रिकबज की एक हालिया न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) को आदेश मिला है कि शहर के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम के नॉर्थ पवैलियन स्टैंड से मोहम्मद अजरुद्दीन का नाम हटाए। यह आदेश शनिवार को आया है और इसे दिया है जस्टिस (रिटायर्ड) वी ईश्वरैया ने। वह HCA के एथिक्स ऑफिसर और ओम्बुड्समैन यानी लोकपाल हैं। आदेश में और क्या-क्या? जस्टिस ईश्वरैया ने अपने आदेश में एचसीए को न सिर्फ स्टैंड से अजरुद्दीन का नाम हटाने को कहा है बल्कि स्टेडियम के टिकटों से भी उनका नाम हटाने को कहा है। उन्होंने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि आगे से किसी भी टिकट पर मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम नहीं होना चाहिए। हैदराबाद में होने वाले मैचों के टिकट से हटेगा अजहर का नाम राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में आईपीएल के मौजूदा सीजन के अभी 5 मैच और होने हैं। इनमें तीन मैच तो सनराइजर्स हैदराबाद को बतौर मेजबान खेलने हैं। वहीं क्लालिफायर 1 और एलिमिनेटर जैसे अहम मैच भी यहां होने हैं। लोकपाल के आदेश के बाद अब इन मैचों के लिए जारी होने वाले टिकट पर मोहम्मद अजरुद्दीन का नाम नहीं होगा। HCA का अध्यक्ष रहते अजहर को मनमाने फैसले का पाया दोषी मोहम्मद अजहरुद्दीन एचसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बिना तय प्रक्रिया का पालन किए खुद ही और खुद के पक्ष में फैसले लिए। जस्टिस ईश्वरैया ने अपने आदेश में कहा है कि यह मामला पूरी तरह से हितों के टकराव का है। उन्होंने अजहर के खिलाफ शिकायत को सही पाया है। 25 पेज के आदेश में उन्होंने कहा है, ‘आम सभा ने इस फैसले (अजहर के नाम पर स्टैंड) का कोई अनुसमर्थन/संशोधन नहीं किया है, जो प्रतिवादी संख्या 1 (अजहरुद्दीन) के खिलाफ मामले को और मजबूत करता है। प्रतिवादी संख्या-1 ने खुद को लाभ पहुंचाने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर खुद को फायदा पहुंचाया है। यह साफ तौर पर हितों के टकराव का मामला है। किसकी शिकायत पर फैसला? एचसीए के लोकपाल जस्टिस वी ईश्वरैया को लॉर्ड्स क्रिकेट क्लब की तरफ से एक औपचारिक शिकायत मिली थी। शिकायत में गंभीर आरोप लगाया गया था कि एचसीए का अध्यक्ष रहते अजहर ने निष्पक्षता के सिद्धांत को धता बताते हुए खुद को फायदा पहुंचाने वाले फैसले लिए। क्लब ने नॉर्थ पवैलियन से अजहरुद्दीन के नाम को हटाकर उसे वीवीएस लक्ष्मण के सम्मान में उनके नाम पर रखने की भी गुहार लगाई है। अजहर पर हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम के नॉर्थ स्टैंड से वीवीएस लक्ष्मण का नाम हटाकर उस पर अपना नाम लिखवाने का भी आरोप है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 99 टेस्ट और 334 एकदिवसीय मैच खेलने वाले अजहर ने दिसंबर 2019 में नॉर्थ स्टैंड का नाम अपने नाम पर रखने के प्रस्ताव को पारित कराने के लिए पूर्व एचसीए अध्यक्ष के रूप में शीर्ष परिषद की बैठक में बैठकर एचसीए के नियमों का उल्लंघन किया। एचसीए संविधान के अनुसार किसी प्रस्ताव को आम सभा (एजीएम) की तरफ से मंजूरी मिलना जरूरी है। अजहर पर और क्या-क्या आरोप? अजहर को सितंबर 2019 में एचसीए अध्यक्ष चुना गया था और उनका कार्यकाल सितंबर 2023 में समाप्त हो गया था। उनके विवादास्पद कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2023 में संघ के मामलों को देखने के लिए जस्टिस एल नागेश्वर राव की एक सदस्यीय समिति नियुक्त की थी। विपक्षी गुट ने आरोप लगाया कि अजहरुद्दीन से जुड़े लोग आयु वर्ग की टीमों में चयन घोटाले में शामिल थे। पूर्व कप्तान ने खुद पर लगे इस आरोप का पुरजोर खंडन किया है। मुझे कभी-कभी क्रिकेट खेलने का अफसोस होता है: अजहर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने खुद को बेगुनाह बताते हुए लोकपाल के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोकपाल का कार्यकाल 18 फरवरी 2025 को खत्म हो गया था, इसलिए यह आदेश अमान्य है। फैसले से दुखी अजहर ने गल्फ न्यूज से बातचीत में कहा, ‘मुझे यह कहते हुए बहुत तकलीफ हो रही है लेकिन कभी-कभी मुझे क्रिकेट खेलने का अफसोस होता है।

विश्व पृथ्वी दिवस पर बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों को वितरित की गई बीज युक्त पुस्तिका

भोपाल भारत स्काउट एवं गाइड संभागीय मुख्यालय भोपाल के वार्षिक कार्यक्रम अनुसार अभिरुचि केंद्र एवं जल सेवा शिविर संचालक मंडल की बैठक का आयोजन संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय भोपाल में किया गया संयुक्त संचालक अरविंद चौरगड़े जी के निर्देशानुसार आधारित एजेदे के अनुरूप बैठक का आयोजित की गई बैठक में मुख्य रूप से ग्रीष्मकालीन जल सेवा शिवरो के आयोजन पर चर्चा हुई जिला भोपाल में रेलवे स्टेशन भोपाल प्रवीण पुरोहितों के नेतृत्व में जिला रायसेन में दीवानगंज एवं सांची स्टेशन पर श्रीमती उषा करने एवं प्रमोद मेंहर के नेतृत्व में जिला विदिशा में गंजबासौदा विदिशा एवं मंडी बामोरा रेलवे स्टेशन पता शमशाबाद बस स्टैंड पर हनीफ खान मंसूरी आपके नेतृत्व में जिला सीहोर में संतोष सोनी के नेतृत्व में बस स्टैंड सीहोर जिला राजगढ़ में डालचंद सोजनीय जी के नेतृत्व में एक्सीलेंस के मुख्य द्वार पर जल सेवा की जाएगी जन सेवा के साथ-साथ अभिरुचि शिवरो की भी कार्य योजना तैयार की गई जो विभिन्न विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे बैठक में मुख्य रूप से जिला रायसेन से सुशील बिल्लौरे प्रमोद मेहर श्रीमती उषा रैकवार श्रीमती हेमलता बागड़ी श्रीमती सुशिमा शास्त्री जिला भोपाल से प्रतीक रघुवंशी मोहम्मद अजहरूद्दीन उपस्थित रहे ऑनलाइन में राजगढ़ से डालचंद सजनिया सीहोर से संतोष सोनी भोपाल से संजू मेवाड़े विदिशा से श्रीमती अनीता पटले उपस्थित थी

आतंकियों ने घुड़सवारी करते पर्यटकों पर की गोलीबारी, एक की मौत, सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन किया शुरू

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में आतंकी हमला हुआ है. आतंकियों ने घुड़सवारी कर रहे पर्यटकों के ग्रुप को निशाना बनाया, जिसमें सात लोग घायल हो गए हैं. घायलों में तीन पर्यटक, तीन स्थानीय हैं, एक की अभी जानकारी नहीं है. दो की हालत गंभीर है. इस हमले में न केवल इंसान बल्कि कुछ घोड़े भी घायल हुए हैं, जिनको गोलियां लगी हैं. एक शख्स की मौत हो गई है. आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. सीआरपीएफ (CRPF) की अतिरिक्त क्विक रिएक्शन टीम (QAT) घटनास्थल के लिए भेजा गया है. दरअसल, कश्मीर में कुछ ऐसे इलाके हैं जहां पर आतंकवाद नजर नहीं आता, पहलगाम उसमें से एक ऐसा हिस्सा है. यहां पर पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. मार्च में हुई बर्फबारी के बाद सैकड़ों की तदाद में पर्यटक यहां लगातार पहुंच रहे हैं. पहलगाम के एक पहाड़ के टॉप पर ट्रैकिंग के लिए पर्यटक जाते हैं. वहां पर ये आतंकी हमला हुआ. पर्यटकों पर वहां छुपे आतंकियों ने गोलीबारी की. आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. सुरक्षाबलों ने पर्यटकों से नहीं घबराने की अपील की है. वहीं, पहलगाम से आई ताजा तस्वीर में नजर आ रहा है कि कई स्थानीय लोग अपनी दुकान को बंद कर दिया. J&K के पूर्व DGP एसपी वैद ने हमले को लेकर क्या कहा? पहलगाम में हुए आतंकी हमला चिंताजनक खबर है. कुछ समय में अमरनाथ यात्रा भी आने वाली है और पहलगाम में ही बेस कैंप है. प्रदेश में टूरिज्म अभी पीक पर है. क्योंकि भारत के ज्यादातर इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है. ज्यादातर आतंकी टूरिस्ट पर हमला नहीं करते है. क्योंकि इसे स्थानीय लोगों के व्यापार पर असर पड़ेगा. ये पर्यटक जहां पहुंचे थे वो पहाड़ की ऊंचाई थी, सभी जगह पुलिसवाले नहीं पहुंच सकते. आतंकी को मौका मिला और उन्होंने पर्यटकों को टारगेट किया.  कश्मीर घाटी और जम्मू के क्षेत्र में 90 फीसदी जो अभी आतंकी मौजूद हैं वह पाकिस्तान से इन्फिलिटरेट होकर अंदर आए हैं. लोकल आतंकी को सेंसिटिविटी रहती है, उनकी संख्या बेहद ही कम है.  

40 साल में पहली बार भारतीय पीएम की जेद्दा यात्रा पर, आसमान में ही PM मोदी का भव्य स्वागत, F-15 लड़ाकू विमानों ने जेद्दा तक किया एस्कॉर्ट

जेद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर सऊदी अरब के दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को जेद्दा पहुंचे. पीएम मोदी का विमान जब सऊदी हवाई क्षेत्र में पहुंचा तो उनका विशेष स्वागत किया गया. रॉयल सऊदी एयर फोर्स के एफ-15 लड़ाकू विमानों ने जेद्दा तक प्रधानमंत्री मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया. यह प्रधानमंत्री की सऊदी अरब की तीसरी यात्रा है, जबकि वह पहली बार जेद्दा गए हैं. सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी की जेद्दाह यात्रा के दौरान भारत और सऊदी अरब कम से कम छह समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर करने वाले हैं, जबकि कुछ और समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ भारत-सऊदी अरब स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल की दूसरी बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे. सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा, ‘भारत सऊदी अरब के साथ अपने दीर्घकालिक और ऐतिहासिक संबंधों को अत्यधिक महत्व देता है. हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में रणनीतिक गहराई और गति आई है. दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों सहित पारस्परिक रूप से लाभकारी और ठोस साझेदारी विकसित की है.’ प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से लेकर अब तक, सऊदी अरब और खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंधों की दिशा बदली है. साल 2016 और 2019 में पहले की यात्राओं के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की खाड़ी क्षेत्र के किसी देश की 15वीं यात्रा है. सऊदी अरब में भारतीय राजदूत सुहेल एजाज खान ने प्रधानमंत्री की यात्रा पर कहा, ‘भारत और सऊदी अरब के बीच संपर्क के मामले में जेद्दा एक बहुत ही महत्वपूर्ण शहर है, क्योंकि सदियों से जेद्दा दोनों देशों के बीच व्यापार के लिए बंदरगाह था और यह मक्का का प्रवेश द्वार भी है. इसलिए जो कोई भी उमराह और हज के लिए आता है, वह जेद्दा में उतरता है और फिर मक्का जाता है.’ समाचार एजेंसी पीटीआई ने उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी शाम को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के साथ अपनी बैठक के दौरान भारतीय हज यात्रियों के लिए कोटा सहित हज यात्रा से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं. भारत के राजदूत सुहेल एजाज खान ने कहा, ‘हज एक बहुत ही महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा है और भारत सरकार इसे बहुत महत्व देती है. अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय इस यात्रा की व्यवस्था कर रहा है. द्विपक्षीय वार्ता में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई है. हज यात्रा को लेकर सऊदी सरकार और भारत के बीच हमेशा से बहुत अच्छा समन्वय रहा है.’      

पोप फ्रांसिस के निधन पर राजकीय शोक घोषित

भोपाल राज्य शासन ने पोप फ्रांसिस के निधन पर 2 दिवस का राजकीय शोक घोषित किया है। यह शोक 22 अप्रैल 2025 (मंगलवार) और 23 अप्रैल 2025 (बुधवार) को रहेगा। इसके अलावा, अंतिम संस्कार के दिन भी एक दिन का राजकीय शोक होगा, जिसकी तिथि अलग से सूचित की जाएगी। राजकीय शोक में प्रदेश में उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। इस अवधि में कोई आधिकारिक मनोरंजन नहीं होगें।  

‘शरबत जिहाद’ वाले बयान पर बाबा रामदेव को हाई कोर्ट ने लगाई फटकार

नई दिल्ली योग गुरु बाबा रामदेव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक की लोकप्रिय स्क्वैश ड्रिंक रूह अफजा पर ‘शरबत जिहाद’ वाली टिप्पणी “अस्वीकार्य” है और इसने अदालत की “अंतरात्मा” को झकझोर दिया है.  न्यायमूर्ति अमित बंसल ने रूह अफजा निर्माता हमदर्द के मुकदमे की सुनवाई करते हुए कहा, “इससे अदालत की अंतरात्मा को झटका लगा है. यह अस्वीकार्य है. हमदर्द की ओर से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि बाबा रामदेव हमदर्द के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं. कंपनी के मालिकों के धर्म पर भी हमला कर रहे हैं. रोहतगी ने यह भी कहा कि यह एक ऐसा मामला है जो हर किसी को चौंकाने वाला है, और यह अपमान से परे है. यह सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने से जुड़ा मामला है, यह नफरत फैलाने वाले भाषण जैसा है. अदालत ने क्या कहा? रामदेव की ‘पतंजलि फूड्स लिमिटेड’ के खिलाफ ‘हमदर्द नेशनल फाउंडेशन इंडिया’ की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अमित बंसल ने कहा, ‘‘इसने अदालत की अंतरात्मा को झकझोर दिया है. यह उचित नहीं है. आप (रामदेव के वकील) अपने मुवक्किल से निर्देश लें, अन्यथा सख्त आदेश दिया जाएगा.” बाद में रामदेव ने अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने किसी ब्रांड या समुदाय का नाम नहीं लिया. बाबा रामदेव ने क्या कहा था? बताते चलें कि हाल ही में बाबा रामदेव का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो कहते हुए सुने गए थे कि लोग गर्मी में प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक पीते हैं. ये असल में टॉयलेट क्लीनर की तरह होते हैं. उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ टॉयलेट क्लीनर जैसे जहर का हमला है और दूसरी तरफ एक कंपनी है जो शरबत बेचती है. उससे कमाए गए पैसे से मस्जिदें और मदरसे बनवाती है. बाबा रामदेव ने किसी का नाम तो नहीं लिया था लेकिन, माना जा रहा है कि उनका निशाना ‘रूह अफजा’ पर था. बाबा रामदेव ने आगे कहा था कि अगर आप शरबत पीते हैं तो इससे मस्जिदों और मदरसों के निर्माण को सपोर्ट मिलेगा. लेकिन, पतंजलि का गुलाब शरबत पीते हैं तो इससे गुरुकुल, आचार्यकुलम, पतंजलि विश्वविद्यालय और भारतीय शिक्षा बोर्ड आगे बढ़ेगा. हाईकोर्ट ने बयान पर जताई नाराजगी इससे पहले हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव द्वारा दिए गए ‘शरबत जिहाद’ संबंधी बयान पर सख्त नाराजगी जताई और इसे अक्षम्य और अदालत की चेतना को झकझोरने वाला करार दिया है. क्या कहा हाईकोर्ट ने… हाईकोर्ट ने कहा, यह बयान अक्षम्य है और अदालत की चेतना को झकझोर देने वाला है. यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान दी गई, जिसे हमदर्द लैबोरेटरीज ने रामदेव के एक बयान के खिलाफ दायर किया है. यह बयान हमदर्द के प्रसिद्ध उत्पाद ‘रूह अफ़ज़ा’ को लेकर दिया गया था. हाई कोर्ट ने कहा कि इस बयान को किसी भी तरह से ठीक नहीं ठहराया जा सकता है. हमदर्द की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए. रोहतगी ने दलील दी कि बाबा रामदेव का बयान हेट स्पीच के दायरे में आता है. यह बयान धार्मिक आधार पर समाज को बांटने वाला है. हमदर्द ने हाई कोर्ट में क्या कहा… हमदर्द की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि यह मामला सिर्फ ‘रूह अफ़ज़ा’ की छवि को धूमिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं आगे जाकर यह एक साम्प्रदायिक विभाजन पैदा करने वाला मामला भी बनता है. वकील ने दलील दी कि बाबा रामदेव का यह बयान सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करने वाला है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता. कोर्ट ने रामदेव के वकील को दोपहर 12 बजे पेश होने के लिए कहा था. दोपहर 12 बजे कोर्ट ने फिर इस मसले पर सुनवाई की.  

युवक की संदिग्ध हत्या के मामले में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी

बालोतरा बालोतरा थाना क्षेत्र के गांव मवड़ी में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। बालोतरा पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाने के लिए विशेष टीम का गठन कर 72 घंटे से भी कम समय में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की शुरुआत 13 अप्रैल को हुई, जब गांव मवड़ी निवासी युवक पूर्णसिंह पुत्र जोगसिंह सुबह घर से अपनी मोटर साइकिल पर निकला लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने कई जगह तलाश करने के बाद 15 अप्रैल को बालोतरा के सिवाना थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद लापता युवक की कॉल डिटेल्स, सोशल नेटवर्किंग गतिविधियों और आपसी रिश्तों की छानबीन शुरू की। रेत में गड़ा मिला शव 17 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि जसोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरहद बामणी गांव की रेतीली ढाणी में एक युवक का शव जमीन में गड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के निर्देश पर विशेष टीम मौके पर पहुंची और खुदाई कर शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान पूर्णसिंह के रूप में हुई, जिसकी पुष्टि उसके परिजनों ने की। घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रेम संबंध बना जानलेवा पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि मृतक पूर्णसिंह के संबंध मवड़ी निवासी मनीष चौहान की बहन से थे। आरोपी पक्ष को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था, जिसके चलते  मनीष और उसके परिजनों ने मिलकर पूर्णसिंह की हत्या की साजिश रची। इसके तहत 15 अप्रैल को योजनाबद्ध तरीके से पूर्णसिंह को मवड़ी स्थित मनीष के घर बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे बंधक बना लिया और फिर उसे बुरी तरह पीटा। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए रात के अंधेरे में उसे एक पिकअप वाहन में डालकर जसोल क्षेत्र की सुनसान रेतली ढाणी में ले जाया गया और गड्ढा खोदकर शव को जमीन में दफना दिया गया। शव के साथ मृतक की बाइक और अन्य सामान भी दबा दिया गया, ताकि कोई सुराग न मिले। हत्या की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने डीएसपी निशांत भारद्वाज, थानाधिकारी सुरेश कुमार और अनुभवी अधिकारियों की विशेष टीम गठित की। टीम ने लगातार तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और गुप्त सूचना तंत्र का उपयोग कर मुख्य आरोपी मनीष सहित अन्य चार आरोपियों को धरदबोचा। पूछताछ में उन्होंने हत्या की पूरी योजना और घटनाक्रम को स्वीकार किया। तीन महिलाएं भी शामिल गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य आरोपी मनीष चौहान के अलावा उसकी बहन, मां और अन्य रिश्तेदार महिला भी शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में और भी कई तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि यह मामला सामाजिक दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील है। इसमें युवाओं की जान खतरे में डालने वाली मानसिकता सामने आई है। पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। पूछताछ के साथ ही तकनीकी जांच के आधार पर अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है। पूरे घटनाक्रम में किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता या पूर्व नियोजित षड्यंत्र की कड़ियों को भी जोड़ा जा रहा है। जल्द ही पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी।

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