LATEST NEWS

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंदी की कोठरी से मिला मोबाइल और सिम, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

अजमेर अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल, जिसे प्रदेश की सबसे सुरक्षित जेल माना जाता है, से हत्या के मामले में पिछले दो वर्षों से विचाराधीन बंदी सरजीत पुत्र सूबे सिंह की कोठरी से एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद हुए हैं। जेल प्रशासन की ओर से सिविल लाइन थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिविल लाइन थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि यह मामला जेल प्रहरी खेतपाल सिंह की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि 21 अप्रैल को वार्ड नंबर 4 की ड्यूटी में तैनात मुख्य प्रहरी योगेश कुमार मीणा और प्रहरी परमेश जाट ने जेल प्रशासन को वार्ड में निषेध सामग्री होने की आशंका जताई थी। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने ब्लॉक नंबर 2 और 3 की तलाशी के आदेश दिए। तलाशी के दौरान ब्लॉक नंबर 3 की सेल संख्या दो, जिसमें बंदी सरजीत निरुद्ध है, वहां से एक काले रंग का की-पैड मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया गया। मोबाइल के साथ एक चार्जर भी मिला है, जिसका एडाप्टर पॉलिथीन में लपेटा हुआ था। इसके अलावा एक डाटा केबल भी जब्त की गई है। तलाशी के दौरान वार्ड के पोर्च क्षेत्र, विशेष रूप से फर्श और दीवार के कोनों से एक और सफेद रंग की सिम कार्ड मिली। पुलिस ने सभी बरामद सामग्रियों को जब्त कर लिया है और अब यह जांच की जा रही है कि मोबाइल जेल में कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। साथ ही जांच की जा रही है कि कहीं इसमें जेल कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं है। यह घटना जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब यह जेल उच्चतम स्तर की निगरानी और सुरक्षा के लिए जानी जाती है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द ही दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

UPSC में भोपाल से रोमिल द्विवेदी की 27वीं रैंक और क्षितिज आदित्य शर्मा की 58वीं रैंक आई

भोपाल संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को दोपहर में घोषित कर दिया गया। टॉपर्स की लिस्ट भी जारी हो गई है। प्रयागराज की शक्ति दुबे ने देशभर में पहली रैंक हासिल की है। वहीं मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों ने भी टापर्स की लिस्ट में जगह बनाई है। राजधानी भोपाल से रोमिल द्विवेदी की 27वीं रैंक और क्षितिज आदित्य शर्मा की 58वीं रैंक आई है। जबकि इंदौर के योगेश राजपूत ने भी 540वीं रैंक हासिल कर ली।  मंगलवार को जारी हुआ सिविल सेवा परीक्षा 2024 का रिजल्ट यूपीएससी की आफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी अपने नाम और रोल नंबर के साथ रिजल्ट देख सकते हैं। इस साल 1009 अभ्यर्थियों का चयन सिविस सेवा में हुआ है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी हुआ है। इसमें भोपाल के रोमिल द्विवेदी को 27वीं रैंक मिली है। रोमिल सहकारिता विभाग के डिप्टी कमिश्नर केके द्विवेदी के बेटे हैं। पिछले साल इनका सिलेक्शन ऑल इंडिया रेवेन्यू सर्विस में हुआ था। वहीं भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा को 58वां स्थान मिला है। इसी तरह इंदौर के योगेश राजपूत को रिजल्ट में 540वीं रैंक मिली है। IRS छोड़ क्षितिज बनेंगे IAS आफिसर भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा ने 58वीं रैंक के साथ टॉपर्स की लिस्ट में जगह बनाई है। क्षितिज आदित्य शर्मा के शानदार प्रदर्शन से उनके घर खुशी का माहौल है। इससे पहले भी क्षितिज का चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हो गया था, लेकिन मन में आईएएश आफिसर बनने की चाह के कारण उन्होंने दोबारा से यह परीक्षा दी थी। IAS और IPS के लिए 300 पद सिविल सेवा परीक्षा के लिए 180 पद भरे जाएंगे। इनमें 73 अनारक्षित, 24 एससी, 13 एसटी, 52 ओबीसी और 18 EWS श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। जबकि पुलिस सेवा (IPS) के लिए 150 पद रखे गए हैं। इनमें 60 अनारक्षित, 23 एससी, 10 एसटी, 42 ओबीसी और 15 EWS श्रेणी के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इंदौर के योगेश का इंडियन पोस्टल सर्विस में हुआ था चयन इंदौर के योगेश राजपूत को 540वीं रैंक मिली है। यह योगेश का चौथा अटेम्ट था। इससे पहले उनका चयन इंडियन पोस्टल सर्विस के लिए हो चुका था, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं थे। पिछले सप्ताह ही योगेश का इंटरव्यू हुआ है। UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी किया। मध्य प्रदेश के रोमिल द्विवेदी को 27वीं रैंक मिली है। रोमिल सहकारिता विभाग के जॉइंट कमिश्नर केके द्विवेदी के बेटे हैं। पिछले साल इनका सिलेक्शन ऑल इंडिया रेलवे सर्विस में हुआ था। वहीं, इटारसी के गरीबी लाइन निवासी मोनू शर्मा ने 359 वी रैंक हासिल की है। भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा को 58वां स्थान मिला है। इसी तरह इंदौर के योगेश राजपूत को रिजल्ट में 540वीं रैंक मिली है। 2 साल पहले रोमिल को 364वीं रैंक मिली थी रोमिल द्विवेदी मूल रूप से रीवा के आनंद नगर बोदाबाग के रहने वाले हैं। दो साल पहले उन्हें UPSC में 364वीं रैंक मिली थी। उनका चयन IRS के लिए हुआ था। जबकि इससे पहले रोमिल मुंबई स्थित एक्सिस बैंक में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं। जवा तहसील के पुरैना गांव में 21 मार्च 1995 को जन्मे रोमिल द्विवेदी के पिता केके द्विवेदी जॉइंट कमिश्नर सहकारिता भोपाल में पदस्थ हैं। बड़े भाई वन विभाग में हैं। वहीं चाचा प्रकाश द्विवेदी राज्य वित्त सेवा के अधिकारी है। रोमिल अपने चाचा से इंस्पायर होकर ही UPSC की तैयारी कर रहे थे। रोमिल के पिता केके द्विवेदी ने बताया कि उनके बेटे ने बगैर किसी कोचिंग के खुद तैयारी करते हुए यह सफलता हासिल की है। यह हैं यूपीएससी के टॉपर शक्ति दुबे हर्षिता गोयल डोंगरे अर्चित पराग शाह मार्गी चिराग आकाश गर्ग कोमल पुनिया आयुषी बंसल राज कृष्ण झा आदित्य विक्रम अग्रवाल मयंक त्रिपाठी

नानाजी बन गए मुख्यमंत्री मोहन यादव, नातिन को गोद में लेकर जमकर झूमे

भोपाल मध्यप्रदेश। सीएम डॉ. यादव अब नाना बन गए हैं। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने एक वीडियो शेयर करते हुए यह जानकारी साझा की है। वीडियो में सीएम मोहन यादव अपनी बेटी के बच्चे को प्यार से दुलारते हुए नजर आ रहे हैं। नरेंद्र सलूजा ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने खुशखबरी बताते हुए एक्स हैंडल पर लिखा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। हालांकि मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया पेज पर यह खुशी शेयर नहीं की है। एक मिनट 20 सेकेंड के इस वीडियो में सीएम बेटी की बच्ची को हाथ में पुचकारते तो कभी दुलारते दिख रहे हैं। नातिन पर खूब स्नेह लुटाते भी दिख रहे हैं। यही नहीं मोहन यादव ने नातिन के जन्म पर बेटी को न्योछावर के रूप में कुछ रुपये भी दिए। डॉ. मोहन यादव की शादी सीमा यादव से हुई है। उनके तीन बच्चे हैं—दो बेटे और एक बेटी। उनके पास एमबीए,एलएलबी और पीएचडी की डिग्री है। उनके परिवार के सदस्य भी व्यापार और कृषि में शामिल हैं। यह बच्ची उनकी बेटी आकांक्षा यादव के घर हुई है। बेटी गायनकोलॉजिस्ट है। उनके बाकी दोनों बेटों की बात करें तो अभिमन्यु यादव डॉक्टर हैं और वैभव यादव ने एलएलबी-एलएलएम किया है। मोहन यादव के पिता पूनमचंद यादव है जिनका पिछले साल निधन हो गया था। मां का नाम लीलाबाई यादव है। एमपी के मुखिया खुद 5 भाई-बहन हैं।

22 अप्रैल तक की बात करें तो आईपीएल के 18वें सीजन में चार टीमों की हालत ज्यादा ही खराब

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2025 के सीजन का आधा सफर समाप्त हो चुका है। दूसरा हाफ शुरू हो चुका है और 22 अप्रैल तक की बात करें तो आईपीएल के 18वें सीजन में चार टीमों की हालत ज्यादा ही खराब है। इनमें चेन्नई सुपर किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का नाम शामिल है। इन टीमों ने इस सीजन कम से कम 5-5 मैच गंवाए हैं। इन टीमों के लिए प्लेऑफ्स में पहुंचना बहुत ज्यादा कठिन हो गया, खासकर उन टीमों के लिए जो 6-6 मैच हार चुकी है। सबसे पहले बात पॉइंट्स टेबल में सबसे आखिरी पायदान पर चल रही चेन्नई सुपर किंग्स की करते हैं, जो 8 में से 6 मुकाबले हार चुकी है। टीम प्लेऑफ्स की रेस में है, लेकिन इसके लिए टीम को बाकी के 6 मुकाबले जीतने होंगे। अगर टीम एक भी मैच हार जाती है तो प्लेऑफ्स की रेस से लगभग बाहर हो जाएगी। वहीं, नौवें नंबर पर विराजमान सनराइजर्स हैदराबाद ने अब तक खेले सात मैचों में से 5 मुकाबले गंवाए हैं। इस तरह एसआरएच के पास अभी भी खुद के दम पर प्लेऑफ्स में पहुंचने का मौका है। इसके लिए टीम को बाकी बचे सात मैचों में से कम से कम 6 मुकाबले जीतने होंगे और नेट रन रेट का भी ख्याल रखना होगा। राजस्थान की भी हालत खराब पॉइंट्स टेबल में आठवें नंबर पर चल रही राजस्थान रॉयल्स की बात करें तो इस सीजन टीम 8 में से 2 ही मैचों में जीत दर्ज कर कर पाई है। अभी भी टीम के 6 मुकाबले बाकी हैं और 6 मैचों को जीतकर टीम के खाते में 16 अंक हो सकते हैं और इस तरह टीम प्लेऑफ्स के लिए क्वॉलिफाई कर जाएगी, लेकिन पहले हाफ की परफॉर्मेंस को देखकर लगता नहीं है कि आरआर इस बार टॉप 4 में फिनिश कर पाएगी। मौजूदा चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स की भी हालत इस सीजन पतली लग रही है। टीम 8 मैचों में से सिर्फ तीन मुकाबले ही जीत पाई है। पांच मैचों में हार मिल चुकी है। टीम अभी भी 18 अंकों तक पहुंच सकती है, लेकिन जिस तरह का प्रदर्शन उसके मध्य क्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज कर रहे हैं, उसे देखते हुए कहा नहीं जा सकता कि केकेआर टॉप 4 में बने रहने लायक है। हालांकि, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, यहां कुछ भी हो सकता है तो किसी भी टीम को कमतर नहीं आंका जा सकता।

कोलकाता में केवल दो मैचों के लिए पैनल में शामिल किया गया था, जो खत्म हो चुके हैं, हर्षा भोगले ने क्यों नहीं की कमेंट्री?

नई दिल्ली मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने उन अटकलों को खारिज कर दिया है कि उन्हें बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) की शिकायत के कारण सोमवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और गुजरात टाइटन्स के बीच खेले गए आईपीएल 2025 मैच से दूर रखा गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें कोलकाता में केवल दो मैचों के लिए पैनल में शामिल किया गया था, जो खत्म हो चुके हैं। हर्षा भोगले ने ये भी बताया है कि दो मैचों में से उन्होंने एक ही मैच में कमेंट्री की। एक मैच में वे अनुपस्थित रहे। इसके पीछे का कारण भी उन्होंने बताया। उनका यह स्पष्टीकरण सीएबी के सचिव नरेश ओझा द्वारा लगभग 10 दिन पहले भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को भेजे गए पत्र के मीडिया रिपोर्टों में सामने आने के एक दिन बाद आया है। पत्र में सीएबी ने हर्षा भोगले और न्यूजीलैंड के साइमन डूल को कोलकाता में मैचों के लिए कमेंट्री पैनल से हटाने के लिए कहा था, क्योंकि इन दोनों ने कहा था कि ईडन गार्डन्स की पिच स्थानीय फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स की मदद नहीं कर रही थी। इस पर हर्षा भोगले ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि केकेआर वर्सेस जीटी मैच उनके रोस्टर में नहीं था। उन्होंने लिखा, ‘‘इसको लेकर कुछ अनुचित निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं कि मैं कल के मैच में के लिए कोलकाता में क्यों नहीं था। सीधे शब्दों में कहें तो, यह उन मैचों की सूची में नहीं था, जिनमें मुझे कमेंट्री करनी थी। मुझसे पूछने से समस्या का समाधान हो जाता। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही रोस्टर तैयार कर लिया जाता है। मुझे कोलकाता में दो मैचों के लिए चुना गया था। मैं पहले मैच के लिए वहां था और परिवार के सदस्य की बीमारी के कारण दूसरे मैच के लिए नहीं पहुंच पाया था।’’ केकेआर को सोमवार को ईडन गार्डन्स में खेले गए मैच में गुजरात टाइटंस से 39 रन से हार का सामना करना पड़ा था। केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे और मुख्य कोच चंद्रकांत पंडित दोनों ने अपने घरेलू मैदान पर स्पिनरों के अनुकूल पिच नहीं मिलने पर निराशा व्यक्त की थी। कोलकाता की पिच पर स्पिनरों को मदद नहीं मिल रही थी। यहां तक जीटी के खिलाफ केकेआर के स्पिनर एक विकेट तक नहीं निकाल पाए। हालांकि, विपक्षी टीम के स्पिनरों को पिच से मदद मिली। साई किशोर, राशिद खान और वॉशिंगटन सुंदर ने केकेआर के खिलाफ अच्छी गेंदबाजी की।

अशोक गहलोत ने कहा- गांधी परिवार के खिलाफ षड्यंत्र रच रही केंद्र सरकार, केंद्रीय एजैंसियों का कर रहे दुरुपयोग

शिमला देश की आजादी की लड़ाई लड़ने वाले गांधी परिवार के खिलाफ केंद्र की भाजपा सरकार लगातार षड्यंत्र रच रही है। केंद्रीय एजैंसियों ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर झूठे मामले बनाए जा रहे हैं। यह बात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित अन्य नेता मौजूद रहे। अशोक गहलोत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नैशनल हैराल्ड अखबार की भी आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका रही है और अखबार को पुनर्जीवित करने के लिए कांग्रेस ने प्रयास किया। ईडी द्वारा सोनिया और राहुल गांधी को नैशनल हैराल्ड मामले में 11 साल बाद चार्जशीट करना दुर्भाग्यपूर्ण है और विपक्षी पार्टी को भाजपा दुश्मन की तरह देख रही है जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। कांग्रेस ने देश में विरासत को बचाने का काम किया अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। देश आज किस दिशा में जा रहा है। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए ईडी और सीबीआई का प्रयोग कर झूठे मामले बनाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने देश में विरासत को बचाने का काम किया है। गांधी परिवार का देश की आजादी में योगदान रहा है, ऐसे में नैशनल हैराल्ड मामले में 5 हजार करोड़ के घोटाले के बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। नैशनल हैराल्ड में कोई हितधारक एक रुपए का फायदा भी नहीं उठा सकता है। इलैक्ट्रॉल बॉन्ड मामले में भी यही हुआ था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ यह भाजपा को भूलना नहीं चाहिए। भाजपा की वाॅशिंग मशीन में धुलकर साफ हो जाते हैं भ्रष्टचारी नेता अशोक गहलोत ने कहा कि जितना भी भ्रष्टचारी नेता हो अगर भाजपा में शामिल हो जाए तो वह भाजपा की वाॅशिंग मशीन में धुल कर साफ हो जाते हैं। लोकतंत्र में कोई स्थायी नहीं है मोदी भी परमानैंट नहीं हैं, सता आती है और जाती है, लेकिन इस तरह से विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

संवैधानिक संस्थाओं का अपमान और झूठ-फरेब की राजनीति कांग्रेस की पुरानी आदत : राजपाल सिंह सिसौदिया

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा की पत्रकार-वार्ता पर दी प्रतिक्रिया कानून का सामना करने से क्यों घबरा रहा कांग्रेस का शाही परिवार:  राजपाल सिंह सिसौदिया संवैधानिक संस्थाओं का अपमान और झूठ-फरेब की राजनीति कांग्रेस की पुरानी आदत : राजपाल सिंह सिसौदिया -नेशनल हेराल्ड मामले में चोरी और सीनाजोरी कर रही कांग्रेस पार्टी – राजपाल सिंह सिसौदिया भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा की पत्रकार-वार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा झूठ, छल-कपट की राजनीति करती रही है। नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर उसका विरोध चोरी और सीनाजोरी को दर्शाता है। इस मामले में कांग्रेस के लोग कभी ईडी और आयकर के दफ्तर पर प्रदर्शन करते हैं, तो कभी इन संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने के लिए इन पर सवाल उठाते हैं। सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की चार्जशीट में श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम आना पूरी तरह से तकनीकी और कानूनी मामला है। इसलिए सोनिया और राहुल गांधी को तकनीकी और कानूनी आधार पर अपना पक्ष अदालत में रखना चाहिए, लेकिन समझ में नहीं आता कि कांग्रेस का शाही परिवार इस मामले में कानून का सामना करने से घबरा क्यों रहा है? आरोप लगाने से पहले आत्मविश्लेषण करे कांग्रेस भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले की शुरुआत 2012 में हुई थी, उस समय देश में कांग्रेस की ही सरकार थी। एक जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 2013 में इस मामले में सुनवाई शुरू की और 2013 में ही केस दर्ज हुआ। उस समय देश में कांग्रेस की ही सरकार थी। ऐसे में ईडी की चार्जशीट में श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सैम पित्रोदा आदि के जो नाम आए हैं, तो इन नामों को कौन सामने लाया? मोदी सरकार पर आरोप लगाने की बजाय कांग्रेस पार्टी को यह आत्मविश्लेषण करना चाहिए कि इन लोगों के खिलाफ किसने ये षडयंत्र रचा था? कार्पोरेट षडयंत्र की परिणति है नेशनल हेराल्ड मामला भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड अखबार 1937 में शुरू हुआ और 5000 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इसके शेयरहोल्डर थे। 2008 में नेशनल हेराल्ड बंद हो गया।  उसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड रुपए का लोन इस अखबार को दिया। नेशनल हेराल्ड की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी, तो कार्पोरेट षडयंत्र करके यंग इंडिया नाम की कंपनी बनाई गई, जिसमें 38-38 प्रतिशत शेयर श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के थे। बाकी मोतीलाल वोरा व अन्य लोगों के थे। कांग्रेस एक पॉलीटिकल पार्टी है और यह जानना जरूरी है कि एक पॉलीटिकल पार्टी किसी प्राइवेट बॉडी को फंड कैसे दे सकती है? इसके बाद नेशनल हेराल्ड के 90 करोड़ के शेयर यंग इंडिया कंपनी को ट्रांसफर कर दिए गए, जिसके शेयर होल्डर्स श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी है। इस तरह यह पूरी संपत्ति एक परिवार के हाथ में आ गई। यह बताया गया था कि यंग इंडिया एक चैरिटेबल संस्था है, लेकिन यह क्या चैरिटी करती है, इसका किसी को कुछ नहीं पता। इस तरह से जो अखबार आजादी के आंदोलन में लड़ने वाले लोगों की आवाज को ताकत देने के लिए स्थापित किया गया था, उसे नेहरू खानदान की जागीर बना दिया। स्वतंत्रता सेनानियों ने किया था विरोध भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि नेशनल हेराल्ड के स्वामित्व वाली कंपनी ऐसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की स्थापना देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने की थी। इन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शेयर होल्डर्स ने कंपनी के अधिग्रहण का विरोध किया था, आपत्ति भी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि शेयर धारकों से पूछे बिना कंपनी को किसी को भी कैसे दे दिया गया? उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता जी ने तो अधिकारिक रूप से कहा था कि नेशनल हेराल्ड के लिए मैंने मेहनत करके पार्टी कार्यकर्ताओं से पैसा जुटाया था और यह अखबार देश की आवाज उठाने के लिए स्थापित किया गया था। लेकिन इसे नेहरू खानदान की आवाज कैसे बना दिया गया? लेकिन कांग्रेस के एक परिवार के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विरोध तथा आपत्तियों की भी परवाह नहीं की गई।

आम लोगों के लिए बड़ी खबर: गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने नए नियम किए लागू

नई दिल्ली LPG सिलेंडर आज के समय में सभी लोगों के लिए बड़ी जरूरत बन चुका है। गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं। दरअसल, केंद्र सरकार आए दिन राशन कार्ड व गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों में बदलाव करती रहती है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि, केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडर को लेकर नए नियम पूरे देश में लागू कर दिए हैं, जिनका असर सभी वर्गों पर पड़ेगा। अगर आप भी गैस सिलेंडर भरवाने जा रहे हैं तो पहले लागू किए नए नियम जान लें। ये नियम केंद्र सरकार की योजना राशन कार्ड और गैस सिलेंडर 2025 के लिए 21 अप्रैल 2025  से शुरू हो रहे हैं। आपको बता दें कि इस योजना की अवधि 21 अप्रैल से 31 दिसंबर 2028 तक है, जिसमें प्रति परिवार 6-8 गैस सिलेंडर हर वर्ष मिलेंगे।  गैस सिलेंडर बुकिंग की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। जारी किए गए नियमों के तहत गैस सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी व सब्सिडी प्रक्रिया को डिजीटल कर दिया गया है। KYC अपडेट करवाना जरूरी अब गैस सिलेंडर की बुकिंग से पहले उपभोक्ता को अपनी KYC अपडेट करवानी होगी। इसके लिए उपभोक्ता को अपना आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी एजेंसी को अपडेट करवानी होगी। इसके लिए आपका आधार नंबर मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए। जिस उपभोक्ता का KYC अपडेट नहीं होगा उसे दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। OTP वेरिफिकेशन जरूरी बुकिंग के बाद गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए नियम लागू हुआ है। दरअसल, गैस सिलेंडर की डिलीवरी की दौरान OTP वेरिफिकेशन जरूरी है। आपको बता दें कि ये OTP आपको गैस सिलेंडर बुकिंग के दौरान आया है, जिसे डिलीवरी ब्वॉय को देना होता है। अगर कोई उपभोक्ता अपना OTP नहीं देता हो उसे सिलेंडर नहीं मिलेगा। सब्सिडी अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के बाद तीसरा नियम लागू होता सब्सिडी पर। गैस सिलेंडर की सब्सिडी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता का बैंक खाता, आधार व गैस कनेक्श लिंक होना चाहिए। बता दें कि सब्सिडी की रक्म में सरकार समय-समय पर बदलाव कर सकती है। इसकी कोई भी रकम तय नहीं है। ये भी बता दें कि जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर बुक करवाने पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। नियमों के फायदे लागू किए कए नियमों के सबसे बड़ा फायदा ये है कि, सब कुछ डिजिटल होने से फर्जीवाड़े से बचा जा सकता है। वहीं OTP से गलत डिलीवरी व चोरी का कोई डर नहीं रहेगा। इसके साथ ही सब्सिडी सीधा उपभोक्ता के खाते में आ है। जरूरी दस्तावेज मोबाइल नंबर आधार कर्ड सब्सिडी के लिए इंकम सर्टीफिकेट बैंक खाता गैस कनेक्शन बुक व e-KYC अपडेट।  

‘लहसुन सब्जी है, मसाला नहीं’, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, 8 साल पुराना विवाद हुआ खत्म, सरकारी प्रक्रिया से नीलामी का निर्देश

 इंदौर  लहसुन की नीलामी फल-सब्जी की तरह आढ़तीये नहीं करवा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम निर्णय देते हुए फल-सब्जी को मसाला श्रेणी में मानते हुए सरकारी प्रक्रिया से नीलामी का निर्देश दे दिया है। इसी के साथ आठ वर्षों से ज्यादा समय से चले आ रहे विवाद का भी अंत हो गया है। इंदौर और प्रदेशभर की मंडियों में फिर से लहसुन की नीलामी की प्रक्रिया बदल जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर निर्णय देते हुए प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड के 13 फरवरी 2015 को जारी आदेश को अपास्त कर दिया। केस, फैसला और आगे क्या होगा     इंदौर मंडी के व्यापारी मुकेश सोमानी और बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई लड़ रहे थे। किसान विरोध कर रहे थे कि लहसुन जल्द खराब होने वाली कमोडिटी है और इसे सब्जियों के साथ किसानों की मर्जी से नीलाम करवाया जाना चाहिए।     किसान चाहे तो सरकारी कर्मचारियों से नीलामी करवाए या आढ़तियों से। हाई कोर्ट ने किसानों के पक्ष में निर्णय दिया था। बाद में सोमानी ने इस पर स्थगन ले लिया था। इसके बाद बीते दिनों स्थगन के खिलाफ किसान मुकाती सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।     इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन को हटा दिया। किसानों की मर्जी से नीलामी शुरू भी हो गई। हालांकि मामले पर सुनवाई चलती रही। अब दिल्ली में अंतिम बहस के बाद कोर्ट ने निर्णय देते हुए लहसुन को मसाला श्रेणी में आठवीं अनुसूची में मानते हुए सरकारी कर्मचारियों से नीलामी को सही करार दिया।     इसी के साथ अब किसानों के पास मर्जी से अपनी उपज बेचने के कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं। जल्द ही थोक मंडी में फिर से लहसुन की प्राइवेट नीलामी पर रोक लगने का आदेश जारी हो सकता है। ‘लहसुन सब्जी है, मसाला नहीं’ सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मप्र हाईकोर्ट की डिवीजन बेच के निर्णय को बरकरार रखा है. कोर्ट ने कहा कि लहसुन जल्द खराब होने वाली कमोडिटी है, ऐसे में इसे सब्जियों की श्रेणी में रखा जाएगा. किसान अपनी सुविधा और दाम के अनुसार इसकी बिक्री करवा सकते हैं.मंडी के बने सरकारी नियम-कायदों में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में ही रखा जाएगा. सरकारी मर्जी से चल रही थी नीलामी लहसुन की नीलामी किसानों की मर्जी से नहीं बल्कि सरकारी मर्जी से चल रही थी. बीते साल फरवरी में इंदौर में लहसुन की सीधी नीलामी करने से आढ़तियों और व्यापारियों ने रोक लगा दी थी. इसके साथ ही नियम लागू किया गया था कि अनाज-मसालों की तरह की लहसुन की नीलामी सरकारी मंडी में सरकारी कर्मचारी ही करेंगे. इस फैसले के बाद कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुआ था. 8 सालों से चल रहा विवाद मध्यप्रदेश में 8 सालों से लहसुन पर विवाद चल रहा था. किसान संगठनों के आवेदन के बाद मप्र मंडी बोर्ड ने लहसुन को 2015 में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में शामिल कर लिया था. लेकिन कुछ समय बाद ही कृषि विभाग ने इस आदेश को रद्द कर दिया और लहसुन को मसाले की श्रेणी में डाल दिया. साल 2016 में मंडी व्यापारियों का एसोसिएशन हाईकोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने 2017 में लहसुन को सब्जी में माना और किसानों की मर्जी से नीलामी की छूट दी. फिर बदला फैसला इस फैसले के बाद एक व्यापारी ने हाईकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका दायर की, हाइकोर्ट ने फिर से लहसुन को मसालों की श्रेणी में डाल दिया. इसके बाद किसान कैलाश मुकाती ने किसानों की तरफ से हाईकोर्ट की डिवीजनल बेंच में अपील की. साल 2024 में डिवीजनल बेंच ने फैसला दिया कि लहसुन सब्जी है और किसान इसे अपनी मर्जी जहां चाहे बेच सकता है. व्यापारी मुकेश सोमानी फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाई कोर्ट डिवीजनल बेंच के निर्णय पर स्थगन ले लिया. लगी सुप्रीम मुहर अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के स्थगन को हटाकर किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डिवीजनल बेंचे के आदेश को बरकरार रखा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद किसान अपनी सुविधा और कीमत के हिसाब से लहसुन की बिक्री करवा सकते हैं.   

अनुराग कश्यप ने ब्राह्मण समाज से मांगी माफी, बोले- मैं अपनी मर्यादा भूल गया

मुंबई अनुराग कश्यप उस समय विवादों में घिर गए जब ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने उनकी फिल्म ‘फुले’ में उनके चित्रण पर आपत्ति जताई। मामला तब और बढ़ गया जब उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर अपना रिएक्शन शेयर किया, जिसकी व्यापक आलोचना हुई। अनुराग कश्यप जज्बातों में आकर काफी ज्यादा बोल गए जिसके बाद उन्हें हर तरफ से नफरत मिलने लगी। अनुराग ने अब अपने कमेंट के लिए माफी मांगी है। अनुराग कश्यप ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘मैं गुस्से में किसी को एक जवाब देने में अपनी मर्यादा भूल गया। और पूरे ब्राह्मण समाज को बुरा बोल डाला। वो समाज जिसके सारे लोग मेरी जिंदगी में रह रहे हैं, आज भी हैं और बहुत योगदान देते हैं। आज वो सब मुझसे आहत हैं। मेरा परिवार मुझसे आहत है। बहुत सारे बुद्धिजीवी, जिनकी मैं इज्जत करता हूं, मेरे बोलने के तरीके से आहत हैं जिनको मैं नहीं कहना चाह रहा था, लेकिन आवेश में किसी की घटिया टिपन्नी का जवाब देते हुए लिख दिया।’ अनुराग कश्यप ने दूसरी बार मांगी माफी उन्होंने आगे कहा, ‘मैं माफ़ी मांगता हूं अपने उन तमाम सहयोगियों दोस्तों से, अपने परिवार से और हमारे समाज से, अपने बोलने के तरीके के लिए, अभद्र भाषा के लिए। अब आगे से ऐसा न हो, मैं उस पर काम करूंगा। अपने गुस्से पर काम करूंगा। और मुद्दे की बात अगर करनी हो तो सही शब्दों का इस्तमाल करूंगा। आशा है आप मुझे माफ़ कर देंगे।’ अनुराग कश्यप ने कहा था ये अनुराग कश्यप ने एक यूजर को जवाब दिया था जिसने कमेंट किया था, ‘ब्राह्मण तुम्हारे बाप हैं…’ जिस पर उन्होंने जवाब दिया, ‘ब्राह्मण पर मैं मूतूंगा… कोई दिक्कत?’ यह पोस्ट वायरल हो गई, जिससे कई ब्राह्मण संगठनों में नाराजगी फैल गई। बाद में ब्राह्मण समुदाय को निशाना बनाने वाले अपने उसी कमेंट पर तीव्र प्रतिक्रिया के बाद अनुराग ने सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी।

सीधे OTT पर रिलीज होगी माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की कॉमेडी फिल्म ‘मां बहन’

मुंबई माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी ने अनीस बज्मी की फिल्म ‘भूल भुलैया 3’ में स्क्रीन स्पेस शेयर किया है। कार्तिक आर्यन और विद्या बालन की इस फिल्म में रूह बाबा मंजुलिका के भूत से निपटता है, लेकिन दो औरतें मल्लिका (विद्या बालन) और मंदिरा (माधुरी दीक्षित) से जुड़े एक गहरे रहस्य का पता चलता है, जो मंजुलिका होने का दावा करती हैं। अब, भूल भुलैया 3 के बाद तृप्ति और माधुरी सुरेश त्रिवेणी के डायरेक्शन में बनी एक कॉमेडी ड्रामा में फिर से साथ आने के लिए तैयार हैं। फिल्म का नाम ‘मां बहन’ रखा गया है। पेपिंग मून की रिपोर्ट के अनुसार, माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी विक्रम मल्होत्रा के प्रोडक्शन बैनर अबुंदंतिया एंटरटेनमेंट के लिए एक कॉमेडी ड्रामा में स्क्रीन स्पेस शेयर करेंगी, जिसका नाम फिलहाल ‘मां बहन’ बताया जा रहा है। पोर्टल ने यह भी बताया कि यह एक नेटफ्लिक्स ओरिजिनल है और अगले महीने मुंबई में फ्लोर पर जाएगी। माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की फिल्म इस फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी कर रहे हैं, जिन्हें तुम्हारी सुलु और जलसा जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए जाना जाता है। यह फिल्म एक कॉमेडी-ड्रामा है, जो तीन कैरेक्टर्स पर बेस्ड है, जिसमें माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी कहानी में मां-बेटी बनी हुई हैं। कलाकारों में कथित तौर पर रवि किशन और धारणा दुर्गा भी शामिल हैं। माधुरी दीक्षित ने दिया था हिंट इंडिया टुडे के साथ एक इंटरव्यू के दौरान, माधुरी दीक्षित ने खुलासा किया कि उनका अगला प्रोजेक्ट उनके दर्शकों को चौंका देगा और कहा, ‘मैं इस साल खुद को चुनौती देने जा रही हूं। मैं जल्द ही अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू करने जा रही हूं। यह कुछ बहुत ही अलग और चुनौतीपूर्ण है, कुछ ऐसा जो मैंने पहले नहीं किया है।’ शाहिद कपूर के साथ दिखेंगी तृप्ति डिमरी इस बीच, तृप्ति डिमरी विशाल भारद्वाज की फिल्म अर्जुन उस्तारा में शाहिद कपूर के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करेंगी। खबर है कि फिल्म फ्लोर पर है। मिड-डे को दिए गए एक इंटरव्यू में विशाल ने शाहिद के साथ फिर से काम करने के बारे में बात की और कहा, ‘हम दोनों एक साथ वापस आने के लिए एक्साइडेट हैं। शूटिंग शानदार रही है।’

6 साल की उम्र में कजिन को दिखाई डर्टी मैगजीन्स: कान्ये वेस्ट

लॉस एंजिल्स किम कार्दशियन के एक्स हसबैंड कान्ये वेस्ट ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि उनका अपने एक कजिन भाई के साथ फिजिकल रिलेशन था। अपने अजीबोगरीब ट्वीट्स से हैरान करने वाले 47 साल के कान्ये ने एक्स यानी ट्विटर पर मंडे को लिखा कि उन्होंने अपने कजिन भाई के साथ शारीरिक संबंध बनाए जो अब जेल में है। उन्होंने अपने नए ट्रैक ‘कजिन्स’ के लिए म्यूजिक वीडियो की क्लिप जारी करते हुए यह किस्सा सुनाया है। हैरान करने वाले पोस्ट में, 24 बार ग्रैमी जीतने वाले वेस्ट ने अपनी दिवंगत मां, डोंडा की ‘डर्टी मैगजीन्स’ को टीनेज में देखा था। वेस्ट ने कहा किया कि उन्होंने तब अपने उस कजिन को भी वो मैगजीन्स दिखाई और फिर उन्होंने वो सब एक्ट किया जो उस मौगजीन में उन्होंने देखा था। ‘ अपने भाई से कहा था कि हम अब साथ में डर्टी मैगजीन नहीं देखेंगे’ वेस्ट ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘ये गाना कजिन्स मेरे कजिन भाई के बारे में है, जो एक प्रेग्ननेंट महिला की हत्या के लिए आजीवन जेल की सजा काट रहा है।’ कान्ये वेस्ट ने बताया कि कुछ साल पहले उन्होंने अपने भाई से कहा था कि हम अब साथ में डर्टी मैगजीन नहीं देखेंगे। ‘उसे 6 साल की उम्र में वे डर्टी मैगजीन दिखाई’ गोल्ड डिगर रैपर ने आगे कहा, ‘शायद मेरी आत्मा ने महसूस किया और मुझे लगा कि ये मेरी गलती थी कि मैंने उसे 6 साल की उम्र में वे डर्टी मैगजीन दिखाई और फिर हमने जो देखा, वो सब किया भी।’ बताया कि 14 साल की उम्र तक भाई के साथ क्या किया उन्होंने अपना कहानी आगे बताते हुए कहा, ‘मेरे पिताजी के पास प्लेबॉय मैगजीन्स थीं, लेकिन मेरी मां की अलमारी के ऊपर जो मैगजीन्स मुझे मिलीं, वे अलग थीं।’ उन्होंने अपने ट्वीट में साफ-साफ लिखा है कि उन्होंने 14 साल की उम्र तक अपने चचेरे भाई के साथ क्या क्या किया। ‘हमने वह सब कुछ फिर से करना शुरू कर दिया जो हमने देखा था’ वेस्ट ने नए ट्रैक को लेकर अपने विचित्र बचपन के अनुभवों की कुछ बातें शेयर की। उन्होंने कहा, ‘अपने चचेरे भाई के साथ डर्टी मैगजीन पढ़ते हुए घूमना। हमने कुछ n***as को किस करते देखा, और हमें नहीं पता था कि इसका क्या मतलब है। फिर हमने वह सब कुछ फिर से करना शुरू कर दिया जो हमने देखा था।’

प्ले ऑफ की रेस अब भी केकेआर के लिए खुली हुई है लेकिन खतरा भी जरूर बढ़ा है, कहीं रेस से हो न जाए बाहर?

नई दिल्ली आईपीएल के पिछले सीजन की विजेता कोलकाता नाइट राइडर्स सोमवार को अपने होमग्राउंड ईडन गार्डन में हार गई। गुजरात टाइटंस ने उसे 39 रन से हराया। इस सीजन में केकेआर की अब तक 8 मैचों में ये पांचवीं हार है। इससे अब उसकी चुनौती बढ़ गई है। पॉइंट टेबल में टीम सातवें स्थान पर है। प्ले ऑफ की रेस अब भी केकेआर के लिए खुली हुई है लेकिन खतरा भी जरूर बढ़ा है। आइए जानते हैं कि केकेआर कैसे प्लेऑफ में पहुंच सकती है। आईपीएल पॉइंट टेबल आगे बढ़ने से पहले आईपीएल पॉइंट टेबल पर नजर डालना जरूरी है। कोलकाता नाइट राइडर्स 8 मैच के बाद 6 अंकों के साथ सातवें नंबर पर है। उससे नीचे सिर्फ तीन टीमें राजस्थान, सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स हैं और उन तीनों के 4-4 अंक है। 12 अंकों के साथ गुजरात टाइटंस टॉप पर और 10 अंकों के साथ दिल्ली कैपिटल्स दूसरे नंबर पर है। आरसीबी, पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जॉइंट्स के भी 10-10 अंक हैं लेकिन नेट रन रेट के आधार पर ये टीमें क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर पर हैं। मुंबई इंडियंस 8 अंकों के साथ छठे पायदान पर है। केकेआर कैसे पहुंच सकती है प्लेऑफ में? कोलकाता नाइट राइडर्स को अभी 6 मैच खेलने हैं। उनका अगला मुकाबला 26 अप्रैल को पंजाब किंग्स से हैं। उसके बाद उन्हें दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी के साथ खेलना है। अगर केकेआर सभी 6 मैच जीत लेती है तो उसे 12 अंक और मिलेंगे। इस तरह 18 अंकों के साथ वह प्लेऑफ में आसानी से पहुंच जाएगी। अगर वे बाकी बचे 6 में से 5 मैच भी जीतते हैं तो 16 अंक के साथ प्लेऑफ में पहुंच सकते हैं। इस तरह उसे प्लेऑफ में पहुंचने के लिए बाकी बचे 6 मैचों में कम से कम 5 जीत की जरूरत होगी। दिक्कत तब होगी जब केकेआर बाकी बचे मैचों में दो में हार जाए। तब उसके 14 अंक होंगे और उसके लिए प्लेऑफ में पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। पिछली बार 14 अंक के साथ भी टीमें प्लेऑफ में पहुंचने में कामयाब हो गई थीं लेकिन इस बार ये मुश्किल लग रहा है। वजह ये है कि गुजरात टाइटंस अभी 12 अंक लेकर बैठी है जबकि उसके 6 मैच बाकी हैं। दिल्ली, आरसीबी, पंजाब और लखनऊ की टीमों के पास अभी 10-10 अंक हैं। इनमें से दिल्ली के तो अभी 7 मैच बाकी हैं। अगर वे बाकी बचे मैचों में सिर्फ 3 जीत जाते हैं तो उनके 16 अंक रहेंगे, लिहाजा 14 पर तो मुश्किल है बॉस।  

गर्मी में ही नहीं हर मौसम में लगाएं सनस्क्रीन

हम में से कई लोग सोचते हैं कि Sunscreen सिर्फ गर्मियों में या तभी लगानी चाहिए जब तेज धूप हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सूरज की किरणें सिर्फ गर्मियों में ही नहीं, बल्कि साल भर हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं? यही कारण है कि Dermatologists रोजाना सनस्क्रीन लगाने की सलाह देते हैं, फिर चाहे आप घर पर हों, बाहर हों या आसमान में काले बादल छाए हों। आइए विस्तार से जानें इसके बारे में। हमें यह समझना होगा कि सूरज सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसी किरणें भी छोड़ता है जो हमारी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं UVA और UVB किरणें। UVB किरणें मुख्य रूप से त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं और सनबर्न का कारण बनती हैं। वहीं, UVA किरणें त्वचा की गहरी परतों तक पहुंच सकती हैं और समय से पहले बुढ़ापा , झुर्रियां और यहां तक कि Skin Cancer का भी खतरा बढ़ा सकती हैं। अब सवाल यह है कि जब धूप नहीं होती, या बादल छाए रहते हैं, तो क्या इन किरणों का खतरा टल जाता है? जवाब है, नहीं! UVA किरणें बादलों को भी आसानी से पार कर सकती हैं। इसका मतलब है कि भले ही आपको सीधी धूप महसूस न हो, आपकी त्वचा लगातार इन हानिकारक किरणों के संपर्क में रहती है। एक्सपर्ट्स क्यों देते हैं हर दिन सनस्क्रीन लगाने की सलाह? Dermatologists का कहना है कि हमें अपनी त्वचा को UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से बचाना चाहिए और इसके लिए हर दिन सनस्क्रीन लगाना जरूरी है, चाहे मौसम कैसा भी हो।     बुढ़ापे के लक्षणों से बचाव: UVA किरणें त्वचा के कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंचाती हैं, जो त्वचा को जवां और लचीला बनाए रखते हैं। हर दिन सनस्क्रीन लगाने से इन किरणों के प्रभाव को कम किया जा सकता है और झुर्रियों, महीन रेखाओं और त्वचा के ढीलेपन को रोका जा सकता है।     स्किन कैंसर का खतरा कम: सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा कैंसर का एक प्रमुख कारण हैं। नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाने से इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।     सनबर्न से बचाव: भले ही बादल छाए हों, UVB किरणें अभी भी मौजूद रहती हैं और सनबर्न का कारण बन सकती हैं, खासकर सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के लिए।     त्वचा की रंगत में सुधार: सूरज की किरणें त्वचा पर काले धब्बे और असमान रंगत पैदा कर सकती हैं। सनस्क्रीन लगाने से इन समस्याओं से बचाव होता है और त्वचा की रंगत एक समान बनी रहती है। कौन-सी सनस्क्रीन है सही? अब जब यह समझ आ गया है कि हर दिन सनस्क्रीन लगाना जरूरी है, तो यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि कौन सा सनस्क्रीन आपके लिए सही है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ऐसे सनस्क्रीन का चुनाव करें जिसमें कम से कम SPF 30 हो और जो UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से सुरक्षा प्रदान करे (ब्रॉड-स्पेक्ट्रम)। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार सनस्क्रीन का चुनाव करना भी जरूरी है। सनस्क्रीन को बनाएं रूटीन का हिस्सा हर दिन सनस्क्रीन लगाना आपके डेली रूटीन का एक जरूरी हिस्सा होना चाहिए। जैसे आप हर सुबह ब्रश करते हैं, वैसे ही सनस्क्रीन लगाना भी अपनी आदत में शामिल करें। इसे अपने चेहरे, गर्दन और हाथों पर, यानी उन सभी हिस्सों पर लगाएं जो धूप के संपर्क में आते हैं। कब और कैसे लगाएं सनस्क्रीन?     Sunscreen को घर से निकलने के 15-20 मिनट पहले लगाना चाहिए।     इसे चेहरे के अलावा गर्दन, कान, हाथ और जहां भी त्वचा खुली हो, वहां लगाएं।     हर 2-3 घंटे बाद दोबारा लगाना जरूरी है, खासकर अगर आप बाहर हैं या बहुत पसीना आता है। सनस्क्रीन से जुड़ी आम गलतफहमियां “मैं तो डार्क स्किन वाला हूं, मुझे इसकी जरूरत नहीं।” – सच ये है कि हर स्किन टोन को UV Rays से खतरा होता है। “मैं ऑफिस में ही रहता हूं, बाहर नहीं जाता।” – ऑफिस की खिड़कियों से आने वाली धूप और स्क्रीन से निकलने वाली Blue Light भी नुकसान पहुंचा सकती है। “Sunscreen सिर्फ महिलाओं के लिए होती है।” – यह पूरी तरह गलत है। यह स्किन के सेहत से जुड़ा मामला है, जो हर किसी के लिए जरूरी है – चाहे महिला हों या पुरुष।

भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 09 जून को इंदौर से दक्षिण दर्शन यात्रा के लिए रवाना होगी

दक्षिण दर्शन यात्रा के लिए रानी कमलापति व इटारसी से यात्रियों को मिलेगा विशेष लाभ आईआरसीटीसी की भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 9 जून को होगी रवाना भोपाल भोपाल मंडल रेल यात्रियों को नई-नई पर्यटक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। इसी क्रम में, भारतीय रेलवे कैटरिंग एवं टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा संचालित भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 09 जून 2025 को इंदौर से “दक्षिण दर्शन यात्रा” के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशन से भी गुजरेगी, जिससे भोपाल मंडल के यात्रियों को यात्रा का सीधा लाभ प्राप्त होगा। यह ट्रेन मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल एवं नागपुर स्टेशनों से होते हुए गंतव्य को जाएगी, जहाँ से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस ट्रेन के माध्यम से तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी एवं त्रिवेन्द्रम जैसे दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों का भव्य दर्शन कराया जाएगा। यात्रा कुल 09 रातों/10 दिनों की होगी। इस सुविधा से जुड़ने के लिए रानी कमलापति या इटारसी स्टेशन से यात्री ट्रेन में सवार हो सकते हैं। यात्रा के लिए किराया निम्नानुसार निर्धारित किया गया है: •    ₹18,000 प्रति व्यक्ति (स्लीपर – इकॉनॉमी श्रेणी) •    ₹29,500 प्रति व्यक्ति (3AC – स्टैण्डर्ड श्रेणी) •    ₹38,500 प्रति व्यक्ति (2AC – कम्फर्ट श्रेणी) इस सर्वसमावेशी पैकेज में आरामदायक एलएचबी रेक वाली रेल यात्रा, ऑनबोर्ड एवं ऑफबोर्ड शाकाहारी भोजन, वातानुकूलित बसों द्वारा स्थानीय दर्शन, होटल में ठहराव, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। इच्छुक यात्री इस टूर की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन या अधिकृत एजेंट्स के माध्यम से कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए भोपाल, इटारसी या जबलपुर स्टेशन स्थित आईआरसीटीसी कार्यालयों में संपर्क किया जा सकता है। भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे बिना लंबी दूरी तय किए ही अपने नजदीकी स्टेशन से इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा का हिस्सा बन सकें।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login