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सीवेज लाइन बिछाने के काम में कि सर्वेक्षण के दौरान GI टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाए: मंत्री विश्वास सारंग

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने  नरेला विधानसभा क्षेत्र के समस्त 17 वार्डों के अंतर्गत ‘अमृत 2.0 योजना’ के तहत प्रस्तावित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नरेला क्षेत्र में लगभग 268 किलोमीटर लंबी सीवेज लाइन बिछाई जाएगी, जिससे 50 हजार से अधिक घरों को सीवेज सुविधा से जोड़ा जा सकेगा। खुदाई कार्यों के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो मंत्री विश्वास सारंग ने निर्देश दिए कि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व वार्डवार सर्वे कर, प्रत्येक घर, गली और नाली की सटीक मैपिंग की जाए ताकि कार्ययोजना वैज्ञानिक ढंग से तैयार की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि खुदाई कार्यों के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए प्रत्येक कॉलोनी में एक बार में अधिकतम 200 मीटर क्षेत्र में ही खुदाई की जाए। आईटी तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित करें मंत्री विश्वास सारंग ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण के दौरान GI टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाए ताकि क्षेत्र का सटीक डिजिटल डेटा तैयार हो सके। साथ ही, उन्होंने एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने के निर्देश भी दिए, जिससे नागरिकों को कार्य की प्रगति की जानकारी सुलभ रूप से उपलब्ध हो सके और पारदर्शिता बनी रहे। निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो कार्य बैठक में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हर घर में चैंबर बनाया जाये साथ ही दो वार्डों के मध्य एक पंप स्टेशन बनाया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह योजना नरेला विधानसभा को स्वच्छ, स्वस्थ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगी।

आज LSG और DC होगी आमने- सामने, इकाना क्रिकेट स्टेडियम की पिच पर फिर होगा घमासान

नई दिल्ली लखनऊ सुपर जायंट्स वर्सेस दिल्ली कैपिटल्स आज का मैच लखनऊ में खेला जाना है। दोनों टीमें चाहेंगी कि 12 अंकों तक पहुंचा जाए। यही कारण है कि मुकाबला दिलचस्प होगा। लखनऊ की टीम अपने होम ग्राउंड पर तीन मुकाबले चार में हार चुकी है। ऐसे में मेजबान टीम ज्यादा दबाव में होगी। ऐसे में आप जान लीजिए कि इस पिच का मिजाज कैसा रहेगा? क्या बल्लेबाज यहां अपना जौहर दिखाएंगे या गेंदबाज कहर बरपाएंगे? इसका जवाब आपको इस रिपोर्ट में मिल जाएगा। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम की पिच रिपोर्ट की बात करें तो यहां अब तक आईपीएल के 18 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 8 मैचों में उन टीमों को जीत मिली है, जिन्होंने इस मैदान पर पहले बल्लेबाजी की है, जबकि 9 मैचों में उन टीमों ने जीत दर्ज की है, जिन्होंने रन चेज किया है। पहली पारी का औसत स्कोर यहां 169 है, जबकि दूसरी पारी में भी 159 रनों तक टीमें औसतन पहुंचती हैं। इसी सीजन तीन मैचों में वह टीम जीती है, जिसने रन चेज की है और एक मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। गेंदबाजों के नजरिए से देखें तो 61 फीसदी विकेट तेज गेंदबाजों को मिले हैं, जबकि 39 फीसदी से ज्यादा विकेट स्पिनरों को यहां मिलते हैं। इससे कहा जा सकता है कि यहां तेज गेंदबाजों के साथ-साथ स्पिनरों का भी दबदबा रहता है। हालांकि, इस मैदान की पिचों पर इस साल कुछ अलग तरह का रवैया देखने को मिल रहा है। पिछले साल 150 का टोटल भी डिफेंड हो रहा था, लेकिन अब 180 प्लस का टोटल भी चेज हो रहा है। हालांकि, अभी तक सिर्फ एक हाई स्कोरिंग मुकाबला इस साल यहां देखने को मिला है। उस मैच में भी मुंबई 204 रनों के जवाब में 191 तक पहुंच गई है।  

बड़ा हादसा : महादेव घाट पुल पर तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सूखी नदी में गिरी, 6 लोगों की मौत

दमोह  मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित महादेव घाट के पास दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। यहां सड़क पर दौड़ती तेज रफ्तार बोलेरो जीप महादेव घाट के पुल पर अनियंत्रित होकर पलटी और सीधे करीब 50 फीट नीचे आ गिरी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में वाहन में सवार 6 से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को दमोह जिला अस्पताल एवं जबेरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया जा रहा है। इनमें से कुछ को जबलपुर भी रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।  दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बनवार चौकी के समीप महादेव पुल घाट के पास ये हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि, तेज रफ्तार दौड़ती बेलोरो जीप अनियंत्रित होकर पलटी, फिर पुल से नीचे आ गिरी, जिससे जीप सवार करीब 6 से 7 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि, इतने ही लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, वाहन तेज गति से आ रहा था, जिसे बोलेरो वाहन चालक पुल पर नियंत्रित नहीं कर सका और वाहन पुल से नीचे सूखी नदी में आ गिरा। हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पुल से नीचे गिरी बोलेरो जीप पूरी तरह से चकनातूर हो गई है। जीप में दबने से यात्रियों की मौत जीप के उसके चारों पहिए ऊपर हो गए तथा सवारियां उसी के नीचे दब गईं। घटना में 6 से 7 लोगों की मृत्यु होने की जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने वाहन को पलटते देखा तो तुरंत ही घटना की सूचना पुलिस को दी तथा स्वयं घायलों को बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर एसडीएम सौरभ गंधर्व, तहसीलदार, थाना प्रभारी नोहटा और वनवार चौकी प्रभारी मनीष यादव सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। घायलों का रेस्क्यू कर उपचार के लिए रवाना कर दिया गया है। जबकि, शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। शुरुआती तौर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार यात्री जबलपुर जिले के बेलखेड़ा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

शुभांगी अत्रे के पूर्व हसबैंड का लंबी बीमारी से निधन, दर्द में एक्ट्रेस

‘भाभीजी घर पर हैं’ फेम शुभांगी अत्रे पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। उनके पूर्व पति पीयूष पूरे क निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वह कुछ समय से बीमार थे। ‘ईटाइम्स’ ने एक्ट्रेस से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। उन्होंने इस बारे में बात करने के लिए थोड़ा समय मांगा है। बता दें कि एक्ट्रेस ने पहले बेटी के खातिर तलाक नहीं लिया था लेकिन इस साल 5 फरवरी, 2025 को दोनों का आधिकारिक रूप से तलाक हो गया था। एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे के पूर्व पति पीयूष पूरे ने 2007 में मुंबई में बतौर मार्केटिंग मैनेजर काम करना शुरू किया था। साल 2009 में इन्होंने झारखंड और बिहार के एक मीडिया हाउस में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर के पद पर काम करना शुरू किया था, जिसे अब ‘प्रभात खबर’ के नाम से जाना जाता है। 2015 में से 2017 तक इन्होंने कुछ और बड़े मीडिया हाउसेस के साथ काम किया था और बिजनेस हेड बन गए थे। फरवरी, 2025 में हुआ था शुभांगी अत्रे का तलाक तलाक के बारे में शुभांगी ने ‘बताया था, ‘ये बहुत दर्दनाक था। मैं पूरी तरह से रिश्ते में डूबी हुई थी। मैं हमेशा से ऐसी ही इंसान रही हूं। समय के साथ, पीयूष और मेरे बीच बहुत मतभेद हो गए। हालांकि, अब मैं उस शादी से बाहर आ गई हूं, और मुझे शांति का एहसास हो रहा है, जैसे कोई भारी बोझ उतर गया हो। मुझे आजादी का एक नया एहसास हुआ है, और इन भावनाओं को शब्दों में बयाँ करना मुश्किल है। अब, मैं अपनी बेटी आशी पर ध्यान देना चाहती हूं, और उसे एक खुशहाल और सुरक्षित माहौल देना चाहती हूं।’ पीयूष से शुभांगी अत्रे ने पहले नहीं लिया था तलाक पीयूष पूरे और शुभांगी ने 2023 में एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया था और बताया था कि वो अलग रहना चाहते हैं। और बेटी के खातिर तलाक के लिए फाइल नहीं कर रहे हैं। दोनों 2022 से ही अलग रहने लगे थे। दोबारा शादी पर एक्ट्रेस ने कहा था, ‘मैं दोबारा शादी नहीं करना चाहती। मेरी बेटी आशी अब मेरी प्राथमिकता है। मेरी बहनों और दोस्तों ने मुझे दोबारा शादी करने के बारे में सोचने की सलाह दी है, लेकिन मैं इसके बारे में नहीं सोच रही हूं। मैं अपने आप में बहुत खुश हूं और मुझे बहुत सी ऐसी चीजें करने को मिल रही हैं जो मैंने पहले कभी नहीं कीं।’ शुभांगी अत्रे 22 की उम्र में बनी थीं बेटी की मां शुभांगी अत्रे की बेटी 18 साल की है, जिसका नाम आशी है। वह अमेरिका में एस्ट्रोफिजिक्स की पढ़ाई कर रही है। एक्ट्रेस के साथ उसका एक दोस्ती वाला रिश्ता है। 22 साल की उम्र में शुभांगी मां बनी थीं। उन्होंने ‘ईटाइम्स’ से बातचीत में कहा था कि वह चाहती हैं कि बेटी अपनी शर्तों पर जीवन जीए। वह अपने फैसले खुद से ले। हालांकि पीयूष के निधन पर अभी एक्ट्रेस का कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है।

कानन पेंडारी जू के सफेद बाघ आकाश को आया हार्ट अटैक… मां की आंखों सामने तोड़ा दम

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी चिड़ियाघर के लोकप्रिय सफेद बाघ ‘आकाश’ की  सुबह अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टहलते समय आकाश को दिल का दौरा पड़ा, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, सुबह जब ज़ू कीपर पिंजड़े की सफाई के लिए पहुंचा और पानी डाला, तो उसने देखा कि आकाश के शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पी.के. चंदन मौके पर पहुंचे और जांच के बाद बाघ को मृत घोषित किया। मौत के कारणों की पुष्टि के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें कार्डियक अरेस्ट यानी दिल का दौरा पड़ना मौत की वजह पाई गई। इसके बाद बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया। सफेद बाघ ‘आकाश’ चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र था। उसकी असमय मौत से वन्य प्रेमियों और चिड़ियाघर स्टाफ में शोक का माहौल है। आकाश की मौत के बाद अब कानन पेंडारी चिड़ियाघर में सफेद बाघों की संख्या तीन रह गई है। हाल ही में ग्वालियर चिड़ियाघर से एक नया सफेद बाघ लाया गया था, जिससे इनकी संख्या चार हुई थी, लेकिन अब आकाश की मौत से संख्या फिर घट गई है। कानन पेंडारी चिड़ियाघर लगभग 114.636 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां 70 से अधिक प्रजातियों के वन्यजीवों को देखा जा सकता है। इनमें सफेद बाघ, रॉयल बंगाल टाइगर, शेर, तेंदुआ, दरियाई घोड़ा, गैंडा, भालू, हिरण, इमू, शाही, विभिन्न पक्षी, मछलियां और सर्प शामिल हैं।

बाइक वाले को बचाने के प्रयास में पिकअप ड्राइवर ने खोया नियंत्रण, 5 बारातियों की दर्दनाक मौत

शहडोल  शहडोल जिले के बाणसागर थाने के अंतर्गत एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. जहां एक पिकअप पलट गई. जिससे 5 लोगों की मौत हो गई. जबकि कई अन्य घायल हो गए. घायलों को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इस घटना की जानकारी लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया. दरअसल, सीधी जिले के मड़वास से बैगा परिवार की बारात शहडोल जिले के करौंदिया गांव में आई थी. विवाह कार्यक्रम संपन्न हो जाने के बाद पिकअप में सवार हो बाराती वापस जा रहे थे. जब पिकअप गड़ा करौंदिया मार्ग पर पहुंची, तभी पिकअप के सामने एक बाइक सवार आ गया. जिसे बचाने के चक्कर में पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई. पिकअप पलटते ही 5 बारातियों की दबकर मौत हो गई. जबकि कई अन्य घायल हो गए. घायलों को एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. संबंधित थाने की पुलिस ने बताया कि शहडोल में बारातियों से भरी पिकअप पलट गई. जिसमें 5 लोगों की दबकर मौत हो गई. बारात सीधी जिले से शहडोल आई थी.  

फिल्म से सीखा नकली नोट छापना, मास्टरमाइंड निकला 8वीं पास, 5 गिरफ्तार, मास्टर चाबी ने खोला राज

इंदौर इंदौर के एक होटल के कमरे में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक नकली नोटों की फैक्ट्री चला रहे थे। खुलासा तब हुआ, जब होटल स्टाफ को शक हुआ और उसने मास्टर चाबी से रूम खोला। जो नजारा दिखा, वह चौंकाने वाला था। छिंदवाड़ा का अब्दुल शोएब उर्फ छोटू (25) आर्ट एंड डिजाइन से ग्रेजुएट है। वह लंबे समय से बेरोजगार था। पिता पर बड़ा कर्ज था। उसने ऑनलाइन फर्जी करेंसी से जुड़े ग्रुप्स खंगालना शुरू किए और यहीं उसकी पहचान द्वारका (गुजरात) के मयूर चम्पा (25) से हुई, जिसने फिल्म ‘फर्जी’ देखने के बाद नकली नोट छापने का आइडिया सोचा था। मयूर ने शोएब को एक खास सॉफ्टवेयर मुहैया कराया, जो असली नोट की हूबहू कॉपी तैयार कर सकता था। इसमें वाटरमार्क, सीरियल नंबर और रंगों तक का मिलान था। सोशल मीडिया से जोड़े बेरोजगार साथी शोएब ने रहीश खान (32), प्रफुल्ल कोरी (19) जैसे साथियों को जोड़ा, जो या तो मामूली काम करते थे या बिल्कुल बेरोजगार थे। बाद में भोपाल के आकाश घारु (30) और मेडिकल स्टोर संचालक शंकर चौरसिया (42) भी इस रैकेट से जुड़ गए। सारा नेटवर्क फेसबुक के जरिए जुड़ा था। सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, बटर पेपर, कटिंग टूल्स और अन्य उपकरण खरीदे गए। जल्दी अमीर बनना चाहते थे डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया- 13 अप्रैल को सूचना मिली कि इंदौर के अनुराग नगर स्थित होटल इंटरनिटी में तीन युवक नकली नोट छाप रहे हैं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए होटल के रूम नंबर 301 में दबिश दी। यहां से अब्दुल शोएब, रहीश खान और प्रफुल्ल कुमार कोरी को गिरफ्तार किया। कमरे की तलाशी के दौरान उनके बैग से 500-500 रुपए के 100 नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि जल्दी अमीर बनने की नीयत से उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से होटल में छिपकर नकली नोट छापने का ठिकाना बनाया था। इन्हें अपने अन्य साथियों के माध्यम से बाजार में खपाने की योजना बना रखी थी। केस दर्ज कर तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। ‘मास्टर की’ ने खोला नकली नोट फैक्ट्री का राज डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी ने  बातचीत में बताया- आरोपी होटल के दो कमरों में नकली नोट छाप रहे थे। होटल स्टाफ के एक मेंबर को शक हुआ। जब आरोपी कमरे में नहीं थे, उसने मास्टर की से रूम का ताला खोला। वीडियो बनाकर क्राइम ब्रांच को भेजा। जिस पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि यदि क्राइम ब्रांच ने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती, तो यह गैंग नकली नोटों को बड़े पैमाने पर बाजार में चला देता।

पति पर अप्राकृतिक संबंध बनाने का आरोप, हाईकोर्ट ने खारिज की पत्नी की याचिका, कोर्ट-भारत में वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं

इंदौर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के न्यायमूर्ति बिनोद कुमार द्विवेदी ने पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध (Unnatural sexual relations) बनाने के आरोप से एक पति को बरी कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले में दो महत्वपूर्ण बिंदु उभर कर सामने आए हैं। हाईकोर्ट ने टिप्पणी में कहा हैं भारत में वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं है। ये एक विशेष मामलों का फैसला रिपोर्ट में कोर्ट (MP High Court) ने वैवाहिक बलात्कार (Marital Rape) को अभी तक कानूनी मान्यता नहीं मिलने की बात कही है। कोर्ट का कहना हैं कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जिस पर भारत में लगातार बहस हो रही है। यह फैसला भारतीय कानून (Indian law) में सहमति और अप्राकृतिक यौन संबंधों की परिभाषा को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक विशेष मामले का फैसला है। सह​मति से सेक्स IPC में नहीं कोर्ट ने कहा कि यदि एक पत्नी वैध विवाह के दौरान अपने पति के साथ रह रही है तो किसी पुरुष द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी सेक्स बलात्कार नहीं होगा। यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 के दायरे में नहीं आता। यह धारा, जो पहले समलैंगिक संबंधों को अपराध माना जाता था। दहेज प्रताड़ना का भी था आरोप याचिकाकर्ता पत्नी का आरोप है कि उसके साथ पति ने क्रूरता की। दहेज की मांग की। अप्राकृतिक सेक्स किया। इस प्रकार IPC की धारा 498-ए (क्रूरता), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए दंड), 294 (अश्लील कृत्य) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के साथ धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 (दहेज देने या लेने के लिए दंड) के साथ धारा 4 (दहेज मांगने के लिए दंड) के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए एक FIR दर्ज की गई। जिला कोर्ट ने भी कर दिया बरी 3 फरवरी 2024 को इंदौर की एक अतिरिक्त सत्र की अदालत ने अपनी पत्नी के साथ अप्राकृतिक सेक्स के आरोप से बरी किया था। यह आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन कृत्य) के तहत लगाया गया था। याचिकाकर्ता महिला के वकील की ओर से कहा गया कि पर्याप्त साक्ष्य के बावजूद पति को आरोप से मुक्त कर दिया, जो कानून की दृष्टि से गलत है। जिला कोर्ट ने भी कर दिया था बरी, फिर पत्नी हाईकोर्ट पहुंची उच्च न्यायालय का रुख करने वाली महिला के पति को इंदौर की एक अतिरिक्त सत्र अदालत ने अपनी पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन कृत्य के आरोप से तीन फरवरी 2024 को बरी कर दिया था। यह आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन कृत्य) के तहत लगाया गया था। याचिकाकर्ता महिला के वकील की ओर से उच्च न्यायालय में कहा गया कि पर्याप्त सबूत के बावजूद निचली अदालत ने पति को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत लगाए गए आरोप से मुक्त कर दिया जो कानून की दृष्टि से गलत है। महिला ने उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी कि निचली अदालत के इस आदेश को रद्द किया जाए। पति के वकील ने कहा पत्नी से संबंध बनाना धारा 377 के तहत अपराध नहीं महिला के पति के वकील ने उच्च न्यायालय में दलील पेश की कि शीर्ष अदालत भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को ‘असंवैधानिक’ घोषित कर चुकी है। महिला के पति के वकील ने उच्च न्यायालय में बहस के दौरान यह भी कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के तहत ‘‘बलात्कार’’ की संशोधित परिभाषा के अनुसार वैवाहिक संबंध बरकरार रहने के दौरान पत्नी के साथ यौन संबंध बनाना आईपीसी की धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जाता है। कोर्ट ने कहा- आईपीसी के तहत वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं पक्षकारों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति और पत्नी के बीच अप्राकृतिक यौन संबंध के पहलू पर विचार-विमर्श करने वाले कुछ निर्णयों का उल्लेख किया और IPC की धारा 375 के तहत बलात्कार की संशोधित परिभाषा का उल्लेख किया। न्यायालय ने यह भी कहा कि आज तक आईपीसी के तहत वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं दी गई। न्यायालय ने मनीष साहू पुत्र ओंकार प्रसाद साहू बनाम मध्य प्रदेश राज्य के फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें यह देखा गया। हालांकि, यह न्यायालय IPC की धारा 375 के तहत परिभाषित बलात्कार की संशोधित परिभाषा पर विचार करने के बाद पहले ही इस निष्कर्ष पर पहुंच चुका है कि यदि एक पत्नी वैध विवाह के दौरान अपने पति के साथ रह रही है तो किसी पुरुष द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी संभोग या यौन क्रिया बलात्कार नहीं होगी। इसलिए IPC की धारा 375 के तहत बलात्कार की संशोधित परिभाषा के मद्देनजर, जिसके द्वारा एक महिला के गुदा में लिंग का प्रवेश भी बलात्कार की परिभाषा में शामिल किया गया। पति द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी संभोग या यौन क्रिया बलात्कार नहीं है तो इन परिस्थितियों में अप्राकृतिक कृत्य के लिए पत्नी की सहमति का अभाव अपना महत्व खो देता है। वैवाहिक बलात्कार को अब तक मान्यता नहीं दी गई। IPC की धारा 377 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद हाई कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। पत्नी ने दहेज प्रताड़ना का भी लगाया था आरोप याचिकाकर्ता पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके साथ क्रूरता की गई दहेज की मांग की गई और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए गए। इस प्रकार IPC की धारा 498-ए (क्रूरता), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए दंड), 294 (अश्लील कृत्य और गीत) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के साथ धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 (दहेज देने या लेने के लिए दंड) के साथ धारा 4 (दहेज मांगने के लिए दंड) के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए एक FIR दर्ज की गई।

ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. की देश में केन्द्रीय स्थिति का लाभ उठाएं निवेशक, हितों का ध्यान रखेगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूरसंचार असीम संभावनाओं वाला क्षेत्र, प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास में करेंगे पूरा सहयोग ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां करेंगी निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना एवं क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर निवेशकों से की चर्चा  ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दूरसंचार सुविधाओं का विकास एवं विस्तार आज की बड़ी जरूरत है। मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए यहां आने वाले हर उद्यमी, हर निवेशक का स्वागत है। टेलीकम्यूनिकेशन फेसिलिटीज को बेहतर बनाकर हम प्रदेश के हर क्षेत्र व केन्द्रीय दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल है। निवेशक राज्य की देश में केन्द्रीय स्थिति का भरपूर लाभ उठाएं। टेलीकॉम सेक्टर में इन्वेस्ट करने के लिए मध्यप्रदेश आने वाले हर निवेशक के हितों का सरकार पूरा ध्यान रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में प्रदेश में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र (टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन – टीएमजेड) की स्थापना एवं इसके क्रियान्वयन के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों से आत्मीय चर्चा कर सरकार की प्रतिबद्धताओं और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर जैसे क्षेत्रों में टेलीकॉम सेक्टर के विकास की असीम संभावनाएं हैं। हमारी सरकार टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए निवेशकों को हर संभव सहयोग करेगी। आप बेझिझक निवेश कीजिए, आपके हितों की चिंता सरकार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव होने जा रही है। इच्छुक निवेशक इसमें अपना प्रस्ताव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के निर्माण के लिए बड़े लैण्ड बैंक की आवश्यकता होगी। निवेशकों से कहा कि कम जमीन में ज्यादा निर्माण इकाईयां स्थापित करने से लागत भी कम होगी और प्रबंधन में भी आसानी होगी। निवेशक इसी दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में निवेशकों ने कहा कि वे विचार-विमर्श कर जल्द ही अपना निर्णय लेंगे और सरकार को अवगत कराएंगे। बैठक में बताया गया कि ग्वालियर जिले में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) बनाया जाना प्रस्तावित है। यह टीएमजेड करीब 350 एकड़ जमीन पर बनेगा। इस टीएमजेड में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी सभी एसेसरीज (सहायक उपकरण), सिस्टम्स, कम्पोनेंटस, वाइफाई, ऑप्टिकल्स, मोबाइल डिवाइसेस, सिमकार्ड, एंटीना, टेलीकॉम चिप्स सहित टेलीकॉम सेक्टर में नई 6जी टेक्नॉलाजी के लिए अनुसंधान एवं विकास के कार्य भी किए जाएंगे। टेलीकॉम सेक्टर की डिक्सॉन, वॉयकॉन, आईबीएम, निक्सन एवं एरिक्सन जैसे सभी बड़ी कम्पनियां यहां निवेश करने के लिए आएंगी। इससे प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर का विस्तार होगा और सेवाएं भी बेहतर होंगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला, केन्द्रीय दूरसंचार विभाग के डीडीजी अनिल भारद्वाज, डॉयरेक्टर गणेश चंद्रा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ सुदाम खाड़े सहित टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक कम्पनी डिक्सन के अध्यक्ष अतुल बी. लाल, टीईएमए के चेयरमेन प्रो. एन.के. गोयल, तेजस के सीईओ एण्ड एमडी आनंद अथरेया, वीवीडीएन के जितेंद्र सिंह, वीवीडीएन के राजीव जैन, एनआईसीडीसी के विनय मिश्रा, आईसीईए के डॉ. आशीष शुखिया, इरिक्सन के अश्विनी पत्कुर, एमपीआईडीसी के ग्वालियर रीजन के ईडी प्रतुल सिन्हा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों के साथ टेलीकॉम सेक्टर के उत्तरोत्तर विकास के लिए विस्तार से चर्चा की। बताया गया कि केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। निवेशकों ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी। म.प्र. औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीआईडीसी) द्वारा इस विषय में नेतृत्व करते हुए ग्वालियर में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र की स्थापना के लिए निवेशकों को ग्वालियर आईटी पार्क में उपलब्ध भूमि और ग्वालियर के ही साडा क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अवलोकन कराया गया। उपलब्ध भूमि के सम्पूर्ण क्षेत्र कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर और आसपास के ईको सिस्टम की उपयोगिता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन निवेशकों के प्रतिनिधि मंडल द्वारा किया गया था। गत एक अप्रैल को ही ग्वालियर के साडा क्षेत्र के प्रस्तावित स्थल का दूरसंचार विभाग एवं एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुन: मूल्यांकन किया गया। प्रदेश की नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में प्रोत्साहन करने के लिए योजनाबद्ध राजकोषीय और गैर राजकोषीय पेकेज पर भी इस दौरान चर्चा की गई। निवेशकों ने कहा कि हम जितना जल्द हो सके, इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में अपना काम प्रारंभ कर लेंगे। साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को दी जाएगी ग्वालियर आईटी पार्क में लगभग 70 एकड़ एवं साडा ग्वालियर क्षेत्र में 300 एकड़ भूमि की मांग निवेशकों द्वारा की गई है। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। साडा ग्वालियर क्षेत्र में औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण की कार्यवाही साथ-साथ होने से क्षेत्र का विकास तेजी से होने की संभावना है। साडा के समीपवर्ती क्षेत्र से ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस वे भी बनाया जाना संभावित है। इससे आगरा-दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी और लगभग 50 मिनट की अवधि में ग्वालियर से आगरा की दूरी तय की जा सकेगी। इससे कम्पनियों को लॉजिस्टिक का व्यय कम से कम होगा। साडा क्षेत्र से ही ग्वालियर वेस्टर्न बायपास का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ हो रहा है। इससे आगरा-मुम्बई (एबी रोड) से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। साडा क्षेत्र से दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी निकल रहा है। इससे इस क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों को भरपूर लाभ होगा। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि जीआईएस के दौरान सरकार ने 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। यह सभी नीतियां मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित … Read more

सीधी में बरस रही आग, तापमान 44 डिग्री के पार, इंदौर-ग्वालियर और रीवा संभाग में लू का अलर्ट; जानें अपने शहर का मौसम

भोपाल  मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी रीवा और सागर संभाग में जबरदस्त गर्मी पड़ रही है। खासकर, सीधी, सतना, सिंगरौली, टीकमगढ़ और छतरपुर जिले सर्वाधिक गर्म रहे। सोमवार को सीधी जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार रहा। जबकि, एमपी के 27 शहरों में यह 40 डिग्री या इससे अधिक है। मंगलवार को भी इंदौर भोपाल सहित पूरे प्रदेश में तेज धूप है। यहां हीटवेव का अलर्ट मौसम विभाग ने इंदौर, ग्वालियर, रीवा और चंबल संभाग के 9 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। जबकि, भोपाल, उज्जैन, सागर और जबलपुर संभाग में तेज गर्मी पड़ेगी। मंगलवार को अलीराजपुर, बड़वानी, भिंड, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले में हीटवेव चल सकती हैं। 9 जिलों में 42 डिग्री के पार पारा भोपाल में सोमवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री से 0.5 डिग्री लुढ़ककर 40.1 डिग्री पर रहा। दिन में 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलीं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि तेज हवा के चलते तपिश कम थी। जबकि, रात के तापमान में अपेक्षाकृत 0.4 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। सीधी और टीकमगढ़ सहित 9 जिलों में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया।   अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार ने बताया कि मंगलवार का राजस्थान-गुजरात से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। भोपाल, ग्वालियर और इंदौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में अगले पांच दिन तापमान में बढ़ोतरी संभव है। प्रदेश के 9 सबसे गर्म शहर     सीधी 44.6     सतना 43.6     टीकमगढ़ 3.5     नौगांव 43.2     रीवा 43.0     दमोह 42.5     मंडला 42.5     शिवपुरी 42.2     उमरिया 42.1 अगले 3 दिन कैसा रहेगा MP का मौसम?     23 अप्रैल: मंदसौर नीमच अलीराजपुर बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी।     24 अप्रैल: मंदसौर नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीटवेव चलेंगी। अन्य जिलों में भी गर्मी पड़ेगी।     25 अप्रैल: मंदसौर, नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी भीषण गर्मी पड़ सकती है। गर्म हवाएं चलने की वजह से सीधी में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले रविवार को यहां तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया था। सीधी के बाद सतना और टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा गर्मी रही। सतना में 43.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 43.5 डिग्री, नौगांव में 43.2 डिग्री, रीवा में 43 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, शिवपुरी, उमरिया, मलाजखंड, सागर, खरगोन, खजुराहो, सिवनी, नरसिंहपुर, गुना, रतलाम, नर्मदापुरम, रायसेन, खंडवा, बैतूल, धार और छिंदवाड़ा में भी तेज गर्मी रही। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में पारा सबसे ज्यादा 41.9 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 40.7 डिग्री, भोपाल में 40.1 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और इंदौर में पारा 39.6 डिग्री रहा। पारे में बढ़ोतरी का दौर रहेगा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर तेज रहेगा। मंगलवार को लू का अलर्ट भी है।  

रेलवे के भोपाल मंडल ने जारी किया विशेष नंबर, संदेश सुरक्षित रहेगा और सही समय पर पहुंचेगा

भोपाल लोको पायलट  ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर सकते। इस वजह से कई बार उनके स्वजन आपातकाल में भी उनसे संपर्क नहीं कर पाते हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे ने एक नई पहल की है। अब रनिंग स्टाफ के परिजन इमरजेंसी स्थिति में विशेष फोन सुविधा के जरिए अपना संदेश कंट्रोल रूम को बताएंगे। कंट्रोल रूम वॉकी टॉकी के माध्यम से यह सूचना संबंधित कर्मचारी तक पहुंचाएगा। (बड़ी संख्या में महिला लोको पायलट भी सेवाएं दे रही हैं।) पश्चिम मध्य रेलवे में सबसे पहले भोपाल मंडल में सुविधा     रेलवे अब प्रत्येक जोन और मंडल स्तर पर एक विशेष इमरजेंसी नंबर शुरू कर रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे में सबसे पहले भोपाल मंडल ने इस सुविधा को लागू किया है। भोपाल मंडल में इसका हेल्पलाइन नंबर 07552470031 है, जो सभी रनिंग स्टाफ और उनके परिवारों को उपलब्ध कराया गया है।     बताया गया है कि कोई जरूरी बात बताने के लिए इस नंबर पर बात कर संदेश छोड़ा जा सकता है। रेलवे ने इस प्रक्रिया को इस प्रकार डिजाइन किया है कि संदेश सुरक्षित और समय पर संबंधित लोको पायलट तक पहुंचे।     इसके लिए रनिंग स्टाफ की ड्यूटी और वर्तमान लोकेशन से जुड़े डेटा का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सही व्यक्ति तक संपर्क साधना आसान हो सके। इस तरह पहुंचेगा संदेश यह कॉल संबंधित कंट्रोल ऑफिस तक में दर्ज की जाएगी। संबंधित स्टेशन मास्टर या कंट्रोल अधिकारी उस संदेश को लोको पायलट तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। संदेश अगले पड़ाव स्टेशन पर या ट्रेन के ब्रेक प्वाइंट पर मौजूद अधिकारी द्वारा लोको पायलट को व्यक्तिगत रूप से दिया जाएगा।     हमारे लोको पायलट और गार्ड रनिंग ड्यूटी में होते हैं, जहां उनका नेटवर्क बंद रहता है। ऐसे में उनके परिवार को कोई संदेश देने में परेशानी होती है। इस आपातकालीन नंबर के जरिये ऐसे जरूरी संदेश उन तक आसानी से पहुंच जाएंगे। इससे उनकी मानसिक शांति भी बनी रहेगी। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल  

गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल

रायपुर : नए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़ – विष्णु देव साय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आपराधिक कानूनों पर समीक्षा बैठक गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की तैयारियों की दी जानकारी बैठक में  बस्तर के विकास और नक्सल उन्मूलन पर भी हुई चर्चा रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित नॉर्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। शाह की अध्यक्षता आयोजित बैठक में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को लेकर समीक्षा की गई। इसके साथ ही  नक्सलवाद के उन्मूलन, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में सुरक्षा व न्याय तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियाँ पूरी की जा चुकी हैं। राज्य में 27 प्रकार की एसओपी (Standard Operating Procedures) और दिशा-निर्देश तैयार कर लागू किए गए हैं। इसके साथ ही लगभग 37,385 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। न्यायालयों, पुलिस थानों और जेलों को ई-साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम से लैस किया गया है। राज्य में अब तक 53,981 एफआईआर नए कानूनों के तहत दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 50% मामलों में चालान प्रस्तुत हो चुके हैं। बैठक में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल के महीनों में राज्य में चलाए गए ऑपरेशनों में कई वांछित नक्सली मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। नियद नेलानार योजना, बस्तर ओलंपिक, महिला सुरक्षा केंद्र, और आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे व पर्यटन ढांचे का विकास जैसे प्रयासों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सार्थक प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए कटिबद्ध है और बस्तर को भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करेगा और देशभर में कानूनी सुधार की इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर बल दिया। गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से समन्वय और तत्परता की अपेक्षा जताई और कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल, तेज़ और अधिक जनोन्मुखी बनाना है। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिरीक्षक सुशील द्विवेदी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, प्रमुख सचिव विधि रजनीश श्रीवास्तव, सचिव गृह, श्रीमती नेहा चंपावत सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

योगी सरकार का बड़ा उलटफेर, भदोही की कमान अब शैलेश कुमार को सौंपी गई

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. कई सालों से जमे अधिकारियों को अब नई जिम्मेदारी दी गई है. सोमवार देर रात 33 आईएएस अफसरों के ट्रांसफर कर दिए. इस लिस्ट में कई बड़े और चर्चित नाम शामिल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियाें में सूचना निदेशक शिशिर सिंह और वाराणसी के कमिश्नर कौशल राज शर्मा का ट्रांसफर है.   सूचना निदेशक से MSME में भेजे गए शिशिर सिंह बीते कई सालों से यूपी सरकार के सूचना विभाग में निदेशक की भूमिका निभा रहे शिशिर सिंह को अब विशेष सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और सीईओ, खादी ग्राम उद्योग बोर्ड बनाया गया है. उनकी जगह भदोही के डीएम विशाल सिंह को नया सूचना निदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि भदोही की कमान अब शैलेश कुमार को सौंपी गई है. कौशल राज शर्मा अब मुख्यमंत्री कार्यालय में भरोसेमंद अफसरों में शुमार माने जाने वाले वाराणसी के कमिश्नर कौशल राज शर्मा को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है. उनकी जगह वाराणसी के डीएम एस. राजलिंगम को नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है, और सत्येंद्र कुमार को वाराणसी का नया डीएम बनाया गया है. किसे क्या नई जिम्मेदारी मिली एल कोटेश्वर लू के पास से प्रमुख सचिव परिवहन और अध्यक्ष यूपीएसआरटीसी का चार्ज वापस लिया गया, इसकी जिम्मेदारी अब अमित गुप्ता को दी गई है. उन्हें प्रमुख सचिव परिवहन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष बनाया गया है. – प्रेरणा शर्मा – डायरेक्टर SUDA – अभिषेक पांडे – डीएम हापुड़ – संजय कुमार मीणा – वीसी, मेरठ विकास प्राधिकरण – शास्वत त्रिपुरारी को मुख्य विकास अधिकारी गोरखपुर – रविंद्र कुमार द्वितीय – डीएम आजमगढ़ – अविनाश सिंह – डीएम बरेली – नवनीत सिंह चहल – विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार – अनुपम शुक्ला – डीएम अंबेडकरनगर – इंद्रजीत सिंह – विशेष सचिव ऊर्जा एवं डायरेक्टर UP NEDA – गौरव कुमार – नगर आयुक्त लखनऊ – हर्षिका सिंह – सीडीओ प्रयागराज – आर्यका अखोरी – विशेष सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य – अविनाश कुमार – डीएम गाजीपुर – मृदुल चौधरी – डीएम झांसी – गजल भारद्वाज – डीएम महोबा – महेंद्र सिंह तंवर – डीएम कुशीनगर – विशाल भारद्वाज – विशेष सचिव मुख्यमंत्री – आलोक कुमार – डीएम संतकबीरनगर – डॉ. उज्जवल कुमार – एमडी, यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन – पुलकित खरे – मिशन डायरेक्टर, कौशल विकास – अनुभव सिंह – वीसी, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण – शाहिद अहमद – सीडीओ श्रावस्ती – जगदीश – सचिव, गृह – अभय – सदस्य, राजस्व परिषद – डॉ. वेदपति मिश्रा – सचिव, राज्य सूचना आयोग  

मुख्यमंत्री ने लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासकीय परिसम्पत्तियों का विक्रय ही एकमात्र विकल्प नहीं है। परिसम्पत्तियों का शासन के हित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों का अभिलेखीकरण कर लें जिससे आवश्यकता अनुसार इनका उन्नयन कर विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों को बड़ी विकास परियोजनाओं के साथ भी जोड़ें ताकि शासन को ऐसे सम्पत्तियों का भी लाभ हो। बेहतर होगा कि ऐसे परिसम्पत्तियों को युक्तियुक्तकरण के जरिए समायोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक परिसंम्पत्ति प्रबंधन विभाग अकेले ही परिसम्पत्तियों के निर्वतन या नीलामी पर निर्णय न ले। राजस्व, धर्मस्व, विधि-विधायी विभाग के साथ समन्वय कर परिसम्पत्तियों के मामलों का समुचित समाधान किया जाये। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह खण्डवा से वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव लोक परिसम्पत्ति विभाग अनिरूद्ध मुखर्जी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक परिसम्पत्तियों के प्रबंधन में नवाचार किए जाएं। राज्य के बाहर शासन के स्वामित्व वाली परिसम्पत्तियों का प्राथमिकता से प्रबंधन/निर्वतन किया जाए। उन्होंने कहा कि अच्छे लोकेशन में मौजूद शासकीय परिसम्पत्तियों का यथासंभव शासन के हित में ही नियोजन किया जाए। इसके लिए सूक्ष्म कार्य योजना बनाकर उस पर विधिवत अमल किया जाये। किसी मसले पर कानूनी राय की आवश्यकता है तो विधि एवं विधायी विभाग से अभिमत लेकर ही आगे की कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी लोकेशन में मौजूद सम्पत्ति पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट को देने पर विचार किया जा सकता है। बैठक में बताया गया कि लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के गठन से लेकर अब तक 655 लोक परिसम्पित्तयां विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी हैं। इसमें जिलों द्वारा 471 एवं विभिन्न विभागों द्वारा 184 परिसम्पत्तियों को दर्ज किया गया है। कुल दर्ज की गई परिसम्पत्तियों में जिला/विभाग को 505 परिसम्पत्तियां वापस सौंपी गई है और 101 परिसम्पत्तियों का मुद्रीकरण, 48 परिसम्पत्तियों का प्रबंधन किया गया। एक परिसम्पत्ति के प्रबंधन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।  

मंत्री पटेल ने ग्राम कावेश्वर में 50 लाख के सामुदायिक भवन की दी सौगात

मंत्री पटेल जल गंगा संवर्धन अभियान कार्यक्रम में हुए शामिल मंत्री पटेल ने नर्मदा की सहायक कावेरी नदी के उद्गम स्थल में की पूजा-अर्चना मंत्री पटेल ने ग्राम कावेश्वर में 50 लाख के सामुदायिक भवन की दी सौगात भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने खंडवा विकासखंड के ग्राम कावेश्वर में शिवजी के मंदिर में दर्शन कर जलाभिषेक किया। महाराज दयालगिरी का आशीर्वाद लेकर उन्हें शॉल-श्रीफल भेंट किया। मंत्री पटेल ने नर्मदा की सहायक नदी कावेरी के उद्गम स्थल में पूजा-अर्चना कर श्रीफल अर्पित कर माता को चुनरी चढ़ाई। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत श्रमदान भी किया। मंत्री पटेल ने कहा कि संगम चाहे नदियों का हो, चाहे वृक्षों का हो, वो जीवन देता है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाकर प्रकृति की रक्षा करें। वन को बचाना है तो वनवासियों की तरह सोचना होगा। कावेरी के उद्गम स्थल पर आते ही अलग ही उर्जा की अनुभूति होती है। वृक्ष ही जल का स्त्रोत है, वृक्ष अधिक से अधिक लगाएं। मंत्री पटेल ने कावेश्वर में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। मंत्री पटेल ने कहा कि मैंने पौध-रोपण के परिणामों को देखा, हम पौधा लगाते हैं लेकिन उन्हें वृक्ष नहीं बना पाते। उन्होंने कहा कि जैसे हम अपने बच्चों को बचपन से लेकर बड़े होने तक संरक्षण देते हैं, वैसे ही वृक्ष भी हमारे बच्चों को जीवन देने वाला है, इसके लिए भी योगदान दें। मंत्री पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में 30 मार्च से उद्गम स्थल पर जाना शुरू किया है। मैं आठवीं नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर स्वयं को सौभाग्यशाली अनुभूत कर रहा हूँ। मैंने संकल्प लिया है कि तीन महीने में मध्यप्रदेश से निकलने वाली नदियों के उदगम स्थल पर एक बार स्वयं जाकर देखूँगा और जल संवर्धन का कार्य करूँगा। कार्यक्रम में खंडवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दिव्यादित्य शाह सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।  

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