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छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और DSP स्तर के अधिकारी गंभीर अपराध के मामलों में NATGRID का उपयोग करें:मंत्री अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की छत्तीसगढ़ कानूनों को जल्द लागू कर एक आदर्श राज्य बने:मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ सरकार को 60 और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए नए कानूनों में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर पूरे ट्रायल तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभव है जिससे मैनपावर की काफी बचत होगी छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और DSP स्तर के अधिकारी गंभीर अपराध के मामलों में NATGRID का उपयोग करें:मंत्री अमित शाह रायपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस, जेल, कोर्ट, अभियोजन और फॉरेन्सिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री, केन्द्रीय गृह सचिव, मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़, महानिदेशक, BPR&D, पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ और निदेशक, NCRB सहित गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लाए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के छत्तीसगढ़ में पूर्ण क्रियान्वयन के लिए टॉप  प्रायरिटी एजेंडा बनाकर इस दिशा में काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का लक्ष्य भारतीय न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर बनाना है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य को इसकी और ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ तीन नए आपराधिक कानूनों के संपूर्ण क्रियान्वयन को एक चुनौती के रूप में लेकर इन्हे जल्द लागू कर एक आदर्श राज्य बने। अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को 60 और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पुलिस उप अधीक्षक (DSP)स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर पूरे ट्रायल तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभव है जिससे मैनपावर की काफी बचत होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को गंभीरअपराध के मामलों में NATGRID के उपयोग की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सप्ताह में एक बार, राज्य के गृह मंत्री हर 15 दिन और मुख्यमंत्री महीने में एक बार राज्य में नए आपराधिक कानूनों के अमल की प्रगति की समीक्षा करें।

हमारी पंचायत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मनिर्भर व स्वावलंबी हो: मंत्री पटेल

गाँव स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बने इसके लिए पंच-सरपंच बेहतर कार्य करें: मंत्री पटेल पंचायतीराज की जो सामुदायिक परिकल्पना है, वह हमारी परंपराओं और हमारे पंच परमेश्वर के दर्शन में है: मंत्री पटेल हमारी पंचायत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मनिर्भर व स्वावलंबी हो: मंत्री पटेल पंच-सरपंच सम्मेलन उन्मुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को पंच-सरपंच उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह मौजूद थे। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतीराज की कल्पना भारत में ही की गई थी। इसे महात्मा गाँधी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, राम मनोहर लोहिया इन 3 भारतीय विचारकों ने भारतीय राजनीति में दिशा देने का कार्य किया। पंचायतीराज की जो सामुदायिक परिकल्पना है, वह हमारी परंपराओं और हमारे पंच परमेश्वर के दर्शन में है। हमारी पंचायत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मनिर्भर व स्वावलंबी हो। उन्होंने कहा कि लोहिया ने कहा जाति की श्रृंखला तोड़ देनी चाहिए। समाज के हर व्यक्ति को बराबर का दर्जा होना चाहिए। उन्होंने पंच-सरपंचों से कहा कि आप अपनी ग्राम पंचायतों के सर्वे-सर्वा हो, यह गांव आपका है। आपको अपने तरीके से सोचना होगा, आपके पास पैसे की कमी नहीं है। पैसे का उपयोग कैसे करेंगे यह आपको सोचना होगा। इससे आपका और आपकी ग्राम पंचायतों का भविष्य बेहतर होगा। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को अपने संसाधनों से आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। सभी पंचायतों में सामुदायिकता का भाव होना चाहिए और पंचायतों के लिए पाँच वर्ष के लिए कौन-से कार्य करना है यह सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि तालाब, सड़क, बांध तकनीक को ध्यान में रखकर बनाए जाए। पंचायतों में बेहतर रिकॉर्ड रखने का कार्य दूसरी संस्था नहीं कर सकती है। मंत्री पटेल ने कहा कि नये पंचायत भवन 3 मंजिला बनाये जा रहे हैं, जिसे ग्राम पंचायत द्वारा ही बनाया जाएगा। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायती राज के अंतर्गत जल गंगा संवर्धन अभियान सफल होगा, जहाँ नदियों का संगम होगा। हम अपने बच्चों को बचपन से लेकर बड़े होने तक संरक्षण देते हैं। वृक्ष भी हमारे बच्चों को जीवन देने वाला है, इसलिए उसकी सुरक्षा के लिए भी अपना योगदान दें। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मंत्री पटेल के मार्गदर्शन में पंचायतों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की 07 ग्राम पंचायत बिल्लौद माल, ग्राम पंचायत उण्डेल माल, ग्राम पंचायत कालमुखी, ग्राम पंचायत सेमल्या, ग्राम पंचायत चिचगोहन, ग्राम पंचायत नर्मदानगर, ग्राम पंचायत गोगईपुर को उत्कृष्ट कार्य करने पर माननीय मंत्री पटेल द्वारा सरपंचों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री विजय शाह द्वारा बाँस के द्वारा बनी कलाकृति मंत्री पटेल को भेंट की। कार्यक्रम में खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक श्रीमति कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमति छाया मोरे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, महापौर श्रीमति अमृता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति पिंकी वानखेड़े, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दिव्यदित्य शाह सहित जनप्रतिनिधि अधिकारी मौजूद थे।  

‘अमृत 2.0 योजना’: नरेला विधानसभा में सीवेज नेटवर्क का होगा विस्तार

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा क्षेत्र के सभी 17 वार्डों के अंतर्गत ‘अमृत 2.0 योजना’ के तहत प्रस्तावित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि अमृत 2.0 योजना में नरेला क्षेत्र में लगभग 268 किलोमीटर लंबी सीवेज लाइन बिछाई जाएगी, जिससे 50 हजार से अधिक घरों को सीवेज सुविधा से जोड़ा जा सकेगा। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि कार्य प्रारंभ करने से पहले वार्डवार सर्वे कर, प्रत्येक घर, गली और नाली की सटीक मैपिंग की जाए, जिससे कार्ययोजना वैज्ञानिक ढंग से तैयार की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि खुदाई कार्यों के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, प्रत्येक कॉलोनी में एक बार में अधिकतम 200 मीटर क्षेत्र में ही खुदाई की जाए। आईटी तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित करें मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण के दौरान जीआई टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाए जिससे क्षेत्र का सटीक डिजिटल डेटा तैयार हो सके। उन्होंने एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन विकसित करने के निर्देश भी दिए, जिससे नागरिकों को कार्य की प्रगति की जानकारी सुलभ रूप से उपलब्ध हो सके और पारदर्शिता बनी रहे। निर्धारित समयावधि में पूरा हो कार्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हर घर में चैंबर बनाया जाये. साथ ही दो वार्डों के मध्य एक पंप स्टेशन बनाया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह योजना नरेला विधानसभा को स्वच्छ, स्वस्थ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगी।

मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान को बनायें सफल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल है, जिसका उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन करना है। इस अभियान में नदियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ चलाई जा रही है। इनमें नदी तटों की सफाई, वृक्षारोपण, जल संचयन और औद्योगिक कचरे पर नियंत्रण की पहल की जा रही है। साथ ही नागरिकों को जल की महत्ता और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि से लेकर आम नागरिक इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान किया है कि जल संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है, एकजुट होकर अभियान को सफल बनायें। नगरीय प्रशासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी डिण्डोरी जिले की शहपुरा जनपद पंचायत के ग्राम बरगांव में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में शामिल हुई। मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने सिलगी नदी के तट पर जल संवर्धन का सन्देश देते हुए, जनप्रतिनिधियों और अधिकारीगण के साथ सिलगी नदी की स्वच्छता के लिए सफाई कार्य में सहभागिता की। जल संरक्षण केवल अभियान तक सीमित प्रक्रिया नहीं है, यह एक सतत प्रक्रिया है। इसमें शासन प्रशासन की भूमिका के साथ ही हम सभी का सहयोग आवश्यक है। जलदूत बनने के लिए माय भारत पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराएं उमरिया जिले के कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत माय भारत पोर्टल पर वॉलंटियर जलदूत के लिए पंजीयन करायें। उन्होंने कहा कि माय भारत पोर्टल पर अधिक से अधिक संख्या में रजिस्ट्रेशन कर जलदूत बने। उन्होंने बताया कि पंजीयन के लिए माय भारत पोर्टल की लिंक पर क्लिक कर नाम, मोबाइल नंबर एवं अन्य आवश्यक जानकारी भरें। सबमिट बटन पर क्लिक करें और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और जल गंगा संवर्धन अभियान में योगदान दें। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं जनमानस ने किया श्रमदान शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पड़मनियां के बड़का तालाब में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल के एक-एक बूंद को सहेजने के लिए सफाई कार्य तथा तालाब के किनारे से गाद भी निकाली गई। इसमें कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, जिला पंचायत शहडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नरेंद्र धुर्वे सहित अन्य लोगों बढ़ चढ़कर सहभागिता निभाते हुए श्रमदान किया। “अपनी मिट्टी अपना जल’’ संरक्षित करने के लिये युवा टीम ने किया बोरी बंधान उमरिया जिले में नवाचार करते हुए “अपनी मिट्टी अपना जल’’ के अंतर्गत बोरी बंधान का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के मार्गदर्शन पर जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम के द्वारा ग्राम पंचायत उचेहरा की नदी में बोरी बंधान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी ने कहा कि बोरी बंधान हो जाने पर वाटर लेबल बढ़ेगा। साथ ही पेयजल संकट से भी मुक्ति मिलेगी, पानी को सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है। देवास जिले में जल गंगा अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके साथ ही वृक्षारोपण एवं नदियों को साफ-स्वच्छ करने का भी अभियान चलाया जायेगा। इसके लिए जिले में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। अभियान में गर्मी को देखते हुए देवास जिले की नगरीय निकाय पीपलरावां एवं करनावद में सार्वजनिक प्याऊ लगाई गई। इन सार्वजनिक प्याऊ की पहल से आमजनों, पथिकों, यात्रियों आदि को गर्मी के दौरान शीतल पेयजल मिल रहा है। जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक प्याऊ लगाई गई है। इन प्याऊ के माध्यम से राहगीरों के सूखे कंठ की प्यास बुझेगी।  

1 लाख रुपये के पार Gold, सोना ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, चेक करें 22k और 24k का रेट

मुंबई सोना 1,00,000 रुपये का स्तर पार कर गया है। मंगलवार को सोने की कीमतों ने एक मनोवैज्ञानिक आंकड़ा पार करते हुए 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छू लिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की आलोचना के चलते बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। इससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश ऑप्शन की ओर मुड़ गया, जिसके कारण सोने की कीमत अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अब देखना होगा कि गोल्ड 1,38,000 रुपये के लेवल को कब तक पार करता है? GST जोड़ने के बाद 1,00,116 रुपये तक पहुंचा सोना भारत में सोने की कीमतों में 3 प्रतिशत GST जोड़ने के बाद रेट 1,00,116 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। वहीं, वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1.76% चढ़कर ₹98,991 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी 0.62% बढ़कर 95,840 रुपये प्रति किलोग्राम रही। GST समेत चांदी की कीमत 98,715 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। आपके शहर में क्या है रेट अगर आपके घर में शादी है या फिर आप सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो एक बार अपने शहर के लेटेस्ट रेट चेक कर लें। ये हैं सिटी वाइज सोने-चांदी के रेट- मुंबई में सोने और चांदी की कीमतें – 22 अप्रैल मुंबई में सोने की कीमतें – ₹97,380/10 ग्राम। मुंबई में MCX सोने की कीमत – ₹97,352/10 ग्राम। मुंबई में चांदी की कीमत – ₹95,540/किग्रा। मुंबई में MCX चांदी 999 की कीमत – ₹97,275/किग्रा। चेन्नई में सोने और चांदी की कीमतें – 22 अप्रैल चेन्नई में सोने की कीमत – ₹94,750/10 ग्राम। चेन्नई में MCX सोने की कीमत – ₹97,352/10 ग्राम। चेन्नई में चांदी की कीमत – ₹95,460/किग्रा। चेन्नई में MCX चांदी 999 की कीमत – ₹97,275/किग्रा। कोलकाता में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल कोलकाता में सोने की कीमत — ₹94,350/10 ग्राम। कोलकाता में MCX सोने की कीमत — ₹97,670/10 ग्राम। कोलकाता में चांदी की कीमत — ₹95,820/किग्रा। कोलकाता में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। हैदराबाद में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल हैदराबाद में सोने की कीमत — ₹97,540/10 ग्राम। हैदराबाद में MCX सोने की कीमत — ₹97,352/10 ग्राम। हैदराबाद में चांदी की कीमत — ₹95,690/किग्रा। हैदराबाद में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। बेंगलुरू में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल बेंगलुरू में सोने की कीमत — ₹94,460/10 ग्राम। बेंगलुरू में MCX सोने की कीमत — ₹97,352/10 ग्राम। बेंगलुरू में चांदी की कीमत — ₹95,620/किग्रा। बेंगलुरू में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। नई दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल नई दिल्ली में सोने की कीमतें — ₹94,260/10 ग्राम। नई दिल्ली में MCX सोने की कीमत — ₹97,220/10 ग्राम। नई दिल्ली में चांदी की कीमतें — ₹95,380/किग्रा। नई दिल्ली में MCX चांदी 999 की कीमतें — ₹97,275/किग्रा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई पर सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार $3,400 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है। स्पॉट गोल्ड 1.4% चढ़कर $3,472.49 प्रति औंस पर पहुंचा, जो इससे पहले सत्र में $3,473.03 के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है। वहीं, अमेरिका के गोल्ड फ्यूचर्स 1.7% की बढ़त के साथ $3,482.40 पर ट्रेंड कर रहे हैं। डॉलर की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता ने बढ़ाया सोने का आकर्षण Mehta Equities Ltd के वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री के मुताबिक डॉलर इंडेक्स तीन साल के निचले स्तर पर आ गया है और ट्रंप-पॉवेल के बीच ब्याज दरों को लेकर चल रही खींचतान से बाजार अस्थिर है। इससे सोने की मांग तेज हुई है। वहीं, अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर ने भी सेफ हेवन एसेट्स की मांग को बढ़ावा दिया है। ट्रंप की चेतावनी और निवेशकों की सतर्कता KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वॉटरर ने कहा कि ट्रंप ने ब्याज दरों में तत्काल कटौती की मांग दोहराई है और चेतावनी दी है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ सकती है। इस बयान ने निवेशकों को अमेरिकी एसेट्स से दूर कर दिया है और सोने को प्राथमिकता में ला दिया है। कुल मिलाकर वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता और डॉलर की कमजोरी ने सोने की कीमतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में भी यह ट्रेंड जारी रह सकता है। वायदा बाजार में सोने का भाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी सोने और चांदी की कीमतों में एक्शन देखने को मिल रहा है. MCX पर सोने का जून वायदा बाजार करीब 1660 रुपए महंगा होकर 98940 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. इसने शुरुआत कारोबार में 99178 रुपए प्रति ग्राम का लेवल टच किया, जोकि वायदा बाजार में सोने का अब तक का सबसे हाइएस्ट लेवल है. MCX पर सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही. चांदी का मई वायदा करीब 600 रुपए की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहR है, जोकि 95850 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. इसका ऑल टाइम हाई लेवल 104072 रुपए प्रति किलोग्राम है. विदेशी बाजार में सोना-चांदी घरेलू ही नहीं विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी है. कॉमैक्स पर सोने का भाव 2.1% की मजबूती के साथ 3500 डॉलर प्रति ऑन्स के रिकॉर्ड लेवल पर कारोबार कर रहा. अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व को प्रेसिडेंट ट्रंप की धमकी के बाद सोने में जोश देखने को मिल रहा. साथ ही टैरिफ को लेकर अनिश्चितता से भी सपोर्ट मिल रहा. इसके अलावा डॉलर इंडेक्स 3 साल के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया. सोने की कीमतों में रैली कॉमैक्स पर सोने का भाव 2025 में अब तक 30 फीसदी से ज्यादा उछल गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ से पर्दा उठाया. इस दिन से अब तक सोने की कीमतों में करीब 10% की तेजी देखने को मिली है. 2025 के लिए सोने पर टारगेट 3500 डॉलर प्रति ऑन्स का टारगेट दिया था. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) ने अपने नोट में कहा कि इस साल सोने के लिए पूरा खुला आसमान है. लेकिन अगर अमेरिका … Read more

मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ, भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण

विज्ञान मंथन यात्रा विद्यार्थियों के लिये उपयोगी सिद्ध होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने निभाई शिक्षक की भूमिका और भावी वैज्ञानिकों से किया संवाद मैपकॉस्ट की 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा 27 अप्रैल तक प्रदेश के 375 भावी वैज्ञानिकों का हुआ चयन, वंदे भारत ट्रेन से होगी यात्रा भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार की शाम मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (मैपकॉस्ट) की 17वीं “विज्ञान मंथन यात्रा” का मुख्यमंत्री निवास परिसर से शुभारंभ किया। उन्होंने इस यात्रा के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिक बच्चों को बधाई देते हुए उनके साथ संवाद भी किया। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में बच्चों से सवाल-जवाब भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री निवास परिसर से टेलीस्कोप द्वारा विभिन्न ग्रहों को देखा। उन्होंने विद्यार्थियों से अंतरिक्ष विज्ञान पर विस्तार पूर्वक संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं आप सभी के बीच मुख्यमंत्री या किसी शिक्षक नहीं मित्र के रूप में उपस्थित हूँ। आपके जीवन के लिए यह विज्ञान मंथन यात्रा उपयोगी सिद्ध होगी। पाठ्य पुस्तकों के अध्ययन के साथ विद्यार्थी जब विज्ञान से जुड़े नामी-गिरामी संस्थानों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर वहां की कार्य पद्धति की जानकारी प्राप्त करते हैं तो यह ज्ञान सिर्फ नौकरी के लिए नहीं बल्कि जीवन के लिए उपयोगी सिद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर और प्रकृति का भी समन्वय है। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी प्रक्रियाएं जानने और समझने का विषय है। प्राण भी 5 प्रकार के हैं, जो श्वसन प्रणाली, हृदय, वाणी, पाचन प्रणाली, उत्सर्जन और प्रजनन प्रणाली और मांसपेशी के साथ परिसंचरण प्रणाली के रूप में जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैपकॉस्ट जैसी संस्थाएं विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध करवाने की दिशा में सार्थक भूमिका निभा रही हैं। अंतरिक्ष विज्ञान पर बच्चों से बातचीत मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बच्चों से प्रश्न किए कि पृथ्वी और चंद्रमा में से परिक्रमा कौन करता है? ग्रह और उपग्रह में क्या अंतर है? गुरुत्वाकर्षण शक्ति क्या है? ग्रहों की परस्पर दूरी का आकलन किस तरह होता है? विद्यार्थियों के सारगर्भित उत्तर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने यात्रा के लिए चयनित विद्यार्थियों के ज्ञान स्तर की प्रशंसा की। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, मैपकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों के कुलगुरू एवं पदाधिकारी, शिक्षकगण उपस्थित थे। विज्ञान मंथन यात्रा पर जाने वाले विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। परीक्षा में सफल होने वाले प्रत्येक कक्षा के 20 चयनित विद्यार्थियों को 5 वर्ष तक 12 हजार रुपए प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। यात्रा के लिए इस वर्ष कक्षा 10वीं से 12वीं विज्ञान विषय में अध्यनरत पूरे प्रदेश के कुल 375 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इन चयनित विद्यार्थी में से दिल्ली जाने वाले समूह में प्रौद्योगिकी परिषद के आमंत्रण पर नेशनल साइंस सेन्टर, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ प्लांट जीनोमिक रिसर्च, इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट, राष्ट्रपति भवन और नई दिल्ली के संस्थानों का भ्रमण करेंगे। चंडीगढ़ जाने वाले समूह के विद्यार्थी सेन्ट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रुमेंटस ऑर्गेनाइजेशन, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गवर्नमेंट म्युजियम एंड आर्ट गैलरी संस्थानों का भ्रमण और वैज्ञानिकों से साक्षात्कार करेंगे। विद्यार्थी वन्दे भारत ट्रेन से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दिल्ली पहुँचने पर विज्ञान भारती द्वारा इन सभी भावी वैज्ञानिकों का स्वागत किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् ने स्कूली छात्र-छात्राओं में प्रदेश की भावी वैज्ञानिकों को तलाशने और उनमें विज्ञान शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने के लिए गत 16 वर्ष से मिशन एक्सीलेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश से चयनित विद्यार्थियों के दल को किताबी ज्ञान से अलग व्यावहारिक विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया जायेगा। विज्ञान मंथन यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को, जिनमें विज्ञान के प्रति अभिरुचि है, उनकी पहचान करना एवं उनके द्वारा चयनित क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम से चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को चिन्हित कर अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से आगे बढ़ाए जाने का कार्य किया जा रहा है।  

रायपुर : प्रत्येक नागरिक बने प्रकृति का प्रहरी – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : प्रत्येक नागरिक बने प्रकृति का प्रहरी – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए धरती के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए जन-सहभागिता का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक विविधता से भरपूर प्रदेश है। यहाँ की संस्कृति, आजीविका और जीवनशैली सीधे तौर पर प्रकृति से जुड़ी है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल-संरक्षण, नदी-नालों का पुनर्जीवन, सामुदायिक वन प्रबंधन और पर्यावरणीय रूप से संतुलित औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण को एक केन्द्रीय तत्व बनाया गया है, ताकि प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाते हुए आर्थिक प्रगति को सुनिश्चित किया जा सके। स्थानीय समुदायों को भी इन प्रयासों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका जीवन स्तर सुधरे और प्राकृतिक धरोहरें भी सुरक्षित रहें। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति एक वृक्ष लगाए, उसकी देखभाल करे और अपने आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प ले। जल और ऊर्जा जैसे संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें तथा हरसंभव अक्षय ऊर्जा का प्रयोग कर पृथ्वी को प्रदूषण-मुक्त बनाने में योगदान दें।

प्रधानमंत्री आवास 2.0: अब तक 1 लाख से ज्यादा परिवारों का हुआ सर्वे

मोर दुआर साय सरकार महाअभियान प्रधानमंत्री आवास 2.0: अब तक 1 लाख से ज्यादा परिवारों का हुआ सर्वे 30 अप्रैल तक चलेगा अभियान बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से हितग्राहियो को लाभान्वित करने के उद्देश्य से मोर दुआर साय सरकार अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत पूरे जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के ग्राम पंचायतों में घर-घर जाकर सर्वेक्षको के द्वारा आवास सर्वेक्षण को शत् प्रतिशत पूर्ण कराने के लिए पात्र हितग्राहियों के सर्वे का कार्य किया जा रहा है। जिसमें अब तक 1 लाख 13 हजार 764 परिवारों का सर्वे किया जा चुका है।        इसी क्रम में आज जिले के ग्राम पंचायत बहतराई मिठ्ठू नवागांव, नवागांव सलका, करगीकला, सोनपुरी, चपौरा, चुरेली. दारसागर, पंडरापथरा पुरूवार घुटकू, निगारबद, रेल्हा, लमेर बेलटुकरी, विशेष सर्वेक्षण पखवाड़ा अन्तर्गत रैली दिवार लेखन, रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से सर्वे के लिये जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा सर्वे में नाम जुड़वाने के लिये आवास प्लस सर्वे 2.0 एप के विषय में आम लोगों को जानकारी दी गयी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा लोगो को प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत आयोजित विशेष सर्वेक्षण पखवाड़ा के चरणबद्ध कार्यक्रम की जानकारी दी जा रही है एवं सभी पात्र परिवारो को 30 अप्रैल 2025 के पूर्व अपना नाम सर्वे में शामिल कराने के लिये अवगत कराया जा रहा है। मोर दुआर साय सरकार महाअभियान कार्यक्रम का दूसरा चरण – 20 अप्रैल 2025 से 28 अप्रैल 2025 तक कार्यक्रम का दूसरा चरण जारी है। जिसमें ग्राम नोडल अधिकारी एवं सर्वेक्षक द्वारा प्रत्येक ग्राम में ग्राम सभा आयोजित कर सर्वेक्षण की प्रक्रिया का प्रस्तुतिकरण करना है। सर्वेक्षक द्वारा अपने प्रभार क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार का संतृप्ता के आधार पर शत प्रतिशत सर्वेक्षण करना है एवं सर्वेक्षित परिवारों के विवरण का ग्राम सभा में पठन एवं वाचन किया जाना है। जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के समस्त विकासखण्ड के ग्राम पंचायतों में स्वसर्वे एवं सर्वेयर के माध्यम से पात्र परिवारों का सर्वेक्षण कार्य जारी है।        ग्राम चपौरा की श्रीमती सीमा बाई करपे, ग्राम कर्रा की लता, ग्राम सारधा निवासी संतोषी ने पक्के मकान का सपना साकार करने अपना नाम भविष्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत आवास लाभ प्राप्त करने के लिये दर्ज कराया। आवास प्लस सर्वेक्षण 2.0 में सर्वेक्षक के द्वारा इनका सर्वे का कार्य किया गया। सर्व में नाम शामिल होने पर इनके द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गयी।

कलेक्टर ने की सुशासन तिहार के आवेदनों के निराकरण की समीक्षा

कलेक्टर ने की सुशासन तिहार के आवेदनों के निराकरण की समीक्षा अब तक 15 हजार से ज्यादा मामलों का निराकरण एक एक आवेदन का हो सार्थक समाधान टीएल बैठक में प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा खाद बीज का अग्रिम उठाव करने किसानों  से अपील पेयजल समस्या का करें त्वरित समाधान  बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने आज साप्ताहिक टीएल बैठक में सुशासन तिहार में मिले आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। अब तक लगभग 15 हजार से ज्यादा आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। उन्होंने दिन रात काम कर आवेदनों के परिणाम मूलक समाधान के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि आवेदनों को अधिकारी स्वयं पढ़ें, समझें और समाधान निकालें। कंप्यूटर ऑपरेटर अथवा बाबू के भरोसे न छोड़ें। गलती से यदि दूसरे विभागों के आवेदन आपकी आईडी में आ गए हैं, तो इसे संबंधित विभागों को तत्काल फॉरवर्ड कर दें। ताकि उनको समाधान के लिए समय मिल सके।        कलेक्टर ने बताया कि आगामी 5 मई से 31 मई तक समाधान शिविर लगेंगे। प्रत्येक 10 पंचायत के बीच एक शिविर आयोजित होगा। नगर निगम क्षेत्रों में भी 5/6 वार्डों के बीच समाधान शिविर लगेंगे। इन शिविरों में आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। श्री शरण ने कहा कि शिकायतों के निराकरण में आवेदक को भी बुलाया जाए अथवा फोन पर उनसे चर्चा की जाए। कलेक्टर ने कहा कि पोर्टल के संबंध में यदि कोई दिक्कत आती है तो ग्रामीण क्षेत्र क्षेत्र के लिए जिला पंचायत सीईओ और नगरी क्षेत्र के लिए नगर निगम आयुक्त से संपर्क कर उसका निदान कराएं। कलेक्टर ने बैठक में आवेदनों के तेजी से निदान पर बल दिया। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों को पेयजल और निस्तारी में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि जलस्रोत नीचे हो रहा तो नलकूप। में राइजिंग पाइप बढ़ाए। मूलभूत अथवा 15 वाँ वित्त आयोग मद का उपयोग किया जा सकता है। किसी भी हालत में लोगों को पेयजल की समस्या नहीं आनी चाहिए। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद बीज की उपलब्धता की समीक्षा भी की। किसानों से खाद बीज का अग्रिम उठाव करने की अपील की। उन्हें अतिरिक्त ब्याज नहीं देना होगा। कृषि विभाग को उठाव के बारे में किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने टीएल में दर्ज एक एक प्रकरण की समीक्षा की।  तथा और तेजी के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। निगम आयुक्त  अमितकुमार, डीएफओ सत्यदेव शर्मा सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अब बिना लाइसेंस चलाएं Joy E-Bike, कीमतों में 13,000 रुपए तक सस्ती

Joy E-Bike ने अपने बिना लाइसेंस और RC वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कीमतों में 13,000 रुपए तक की कटौती की है। ये लो-स्पीड स्कूटर अब छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बेहतरीन विकल्प बन चुके हैं। 60 से 90 किमी की रेंज और सस्ती कीमत इन्हें Ola और Ather का मजबूत प्रतिद्वंदी बनाती है। बिना RC और लाइसेंस वाले Joy E-Bike स्कूटर अब और भी किफायती हो गए हैं। 13,000 रुपए तक की कटौती के बाद ये स्कूटर कम उम्र के बच्चों, महिलाओं और स्टूडेंट्स के लिए परफेक्ट हैं। कंपनी का लक्ष्य इन स्कूटरों को हर आम भारतीय तक पहुंचाना है। अगर आप ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर की तलाश में हैं जिन्हें चलाने के लिए न तो लाइसेंस चाहिए और न ही रजिस्ट्रेशन, तो Joy E-Bike आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। कंपनी ने अपने लो-स्पीड स्कूटरों की कीमतों में भारी कटौती की है, जिससे वे अब और भी बजट-फ्रेंडली हो गए हैं। Joy E-Bike की नई पेशकश इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती डिमांड के बीच Joy E-Bike ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कीमतों में 13,000 रुपए तक की सीधी कटौती की है। इन स्कूटरों को खास तौर पर ऐसे यूज़र्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिन्हें न तो ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए और न ही RTO से रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। वुल्फ (Wolf)   जेन नेक्स्ट (Gen Next)   नानू प्लस (Nanu Plus)   वुल्फ प्लस (Wolf Plus)   नैनो इको (Nano Eco)   वुल्फ इको (Wolf Eco)   इन सभी मॉडलों की कीमतों में सीधा 13,000 तक की कटौती की गई है, जिससे अब ये स्कूटर पहले से कहीं अधिक किफायती हो गए हैं। कीमत और रेंज कितनी है… वुल्फ:55,000 से शुरू   जेन नेक्स्ट नानू:54,000 से शुरू   ग्लोब:70,000 से शुरू   सभी स्कूटर 60 से 90 किलोमीटर की रेंज ऑफर करते हैं, जो शहर में रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए एकदम सही है। किन लोगों के लिए है ये बेस्ट ऑप्शन? इन स्कूटरों की टॉप स्पीड 25 किमी/घंटा होती है, जिसकी वजह से इन्हें 16 साल से ऊपर के लोग बिना लाइसेंस के चला सकते हैं। यह खासकर इन कैटेगरी के लिए उपयुक्त हैं- स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र   महिलाएं जो रोज़ाना कम दूरी तय करती हैं   बुजुर्ग जिन्हें हल्के और आसान ऑपरेशन वाला वाहन चाहिए   छोटे दुकानदार और डिलीवरी बॉय क्यों नहीं चाहिए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन? भारत में ऐसा नियम है कि जिन इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की स्पीड 25 किमी/घंटा से कम होती है और पावर 250W से कम होती है, उन्हें चलाने के लिए- ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती RTO से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती बीमा भी अनिवार्य नहीं होता इस नियम के तहत Joy E-Bike के ये स्कूटर भी आते हैं। बाजार में Ola और Ather को टक्कर हालांकि Ola और Ather जैसे ब्रांड्स हाई-स्पीड स्कूटर्स के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन लो-स्पीड सेगमेंट में Joy E-Bike तेजी से अपनी पकड़ बना रहा है। यह स्कूटर खासतौर पर एंट्री लेवल ईवी सेगमेंट के ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है, जहां कीमत और यूज़-फ्रेंडली फीचर्स सबसे अहम होते हैं। वार्डविजार्ड ग्रुप का मास अपील टारगेट Joy E-Bike की पैरेंट कंपनी WardWizard Innovations ने कहा है कि कीमत घटाने का उद्देश्य इन स्कूटरों को आम जनता के लिए और अधिक सुलभ बनाना है। कंपनी का लक्ष्य है कि- हर भारतीय की पहुंच में एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर हो   बाजार में Joy E-Bike की पकड़ और मजबूत हो   आने वाले समय में हाई-स्पीड मॉडल्स को भी और किफायती बनाया जाए 400 से ज्यादा शहरों में मौजूद है Joy E-Bike Joy E-Bike की भारत में 400+ शहरों में डीलरशिप है। कंपनी 10 से अधिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मॉडल्स बेच रही है, जिनमें हाई-स्पीड और लो-स्पीड दोनों कैटेगरी शामिल हैं। ये हैं फायदे Joy E-Bike लेने के बिना लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के चलाएं   सस्ती कीमत में स्मार्ट फीचर्स   60-90 किमी की बेहतर रेंज   लो मेंटेनेंस और इको-फ्रेंडली   शहर की ट्रैफिक में आसान राइडिंग    

‘प्‍लीज’ और ‘थैंक्‍स’ कहने पर OpenAI को आ रहा लाखों का खर्चा

नई दिल्ली कुछ ही हफ़्ते पहले हमने देखा कि Ghibli ट्रेंड इंटरनेट पर छा गया था, हर कोई अपनी तस्वीरों को जापानी शैली की कला में बदलने के लिए ChatGPT पर दौड़ रहा था। यही वह समय था जब OpenAI ने लोगों से थोड़ा धीमा होने के लिए कहा, क्योंकि इससे उनके सर्वर डाउन हो रहे थे। अब कुछ ही दिनों बाद सैम ऑल्टमैन ने फिर से जनता के लिए खुलासा किया है और कुछ और भी चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने खुलासा किया है कि उपयोगकर्ता जो साधारण इशारे करते हैं, जैसे ‘कृपया’ या ‘धन्यवाद’, वास्तव में AI दिग्गज के लिए काफी महंगे हैं और इसके परिचालन खर्च में लाखों डॉलर का खर्च आता है। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज     हैरान करने वाला, है ना? X (पूर्व में ट्विटर) पर एक जिज्ञासु उपयोगकर्ता ने ऑल्टमैन से पूछा, “OpenAI को लोगों द्वारा उनके मॉडल को ‘कृपया’ और ‘धन्यवाद’ कहने पर बिजली की लागत में कितना पैसा गंवाना पड़ा है?”     ऑल्टमैन ने जवाब दिया, “करोड़ों डॉलर अच्छी तरह से खर्च किए गए।” उन्होंने आगे कहा, “आप कभी नहीं जानते।”     अब यह सब तब तक मज़ेदार लगता है जब तक हम उस बड़े पैमाने पर बढ़ते ऊर्जा बुनियादी ढांचे को ध्यान में नहीं रखते हैं जिसकी इस कदम की मांग है, जो ChatGPT जैसे भाषा मॉडल से जुड़ा है, खासकर जब जनता पागल हो जाती है और उनका उपयोग आसमान छूने लगता है।     प्रत्येक बातचीत, चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, कम्प्यूटेशनल लोड को बढ़ाती है, जिससे बदले में ऊर्जा का उपयोग और उससे जुड़ी लागत बढ़ जाती है।     ChatGPT उपयोगकर्ताओं की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है, और अब तक औसत साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं की संख्या 150 मिलियन को पार कर गई है।    गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट ने बताया है कि प्रत्येक ChatGPT-4 क्वेरी/प्रॉम्प्ट 2.9 वाट-घंटे बिजली की खपत करता है, जो Google पर आपके द्वारा की जाने वाली सामान्य खोज से कई गुना अधिक है।     अब अगर आपको लगता है कि यह ज्यादा नहीं है, तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि इसे एक दिन में एक अरब से ज्यादा प्रॉम्प्ट मिलते हैं; इसका मतलब है कि लगभग 2.9 मिलियन किलोवाट-घंटे ऊर्जा की खपत रोजाना हो रही है।     हालांकि ये चैटबॉट अपने-अपने फायदों के साथ आते हैं, लेकिन एक उच्च छिपी हुई लागत है जिसे हम आमतौर पर नहीं देखते हैं, और यह बढ़ रही है।     लोगों द्वारा अपनी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों के लिए AI पर अधिक निर्भर होने के साथ, ऊर्जा की मांग भी बढ़ जाती है।     यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि कुछ नेटिज़न्स संभावित समाधानों के साथ सैम ऑल्टमैन की मदद करने के लिए भी काफी तत्पर थे।     एक उपयोगकर्ता ने प्रस्ताव दिया कि OpenAI क्लाइंट-साइड कोड का उपयोग करके “आपका स्वागत है” के साथ प्रतिक्रिया देकर बिजली की कटौती कर सकता है।     एक अन्य ने मजाक में कहा कि ChatGPT को बिजली बचाने के लिए हर प्रतिक्रिया को एक प्रश्न के साथ समाप्त करना बंद कर देना चाहिए।     इसके साथ ही, यह इन AI दिग्गजों द्वारा बिजली के बड़े पैमाने पर उपयोग पर सवाल उठाता है, और क्या मौजूदा ऊर्जा बुनियादी ढांचे के लिए इससे निपटना संभव है?     जबकि AI हमारे दैनिक जीवन में खुद को एकीकृत कर रहा है, हमें बढ़ती ऊर्जा लागत और पर्यावरण पर इसके बाद के प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।  

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं

बिलासपुर कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज साप्ताहिक जनदर्शन में दूर-दराज से आये लोगों की समस्याएं सुनी। कलेक्टर ने सभी की समस्याओं को इत्मीनान से सुना और निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन भेजते हुए जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।        साप्ताहिक जनदर्शन में आज तखतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत खजुरीनवागांव के सरपंच एवं ग्रामवासियों द्वारा गांव में मीडिल स्कूल संचालन कराने संबंधी आवेदन दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 से गांव में स्कूल भवन बना पड़ा है लेकिन अब तक मीडिल स्कूल संचालित नहीं हुआ है। स्कूली बच्चे प्राथमिक शाला की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए नेशनल हाईवे रोड से पैदल 6 किलोमीटर देवरी, सकरी जाते हैं कलेक्टर ने आवेदन डीईओ बिलासपुर को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत घुटकु के सरपंच एवं ग्रामवासियों ने पानी की समस्या दूर करने कलेक्टर को आवेदन सौंपा। कलेक्टर ने आवेदन पीएचई विभाग के ईई को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।        विकासखंड मस्तूरी के ग्राम लोहर्सी निवासी श्री ईश्वर डहरिया ने आवास निर्माण के समय बिजली खम्भा से होने वाली परेशानी से संबंधी आवेदन कलेक्टर को दिए। उन्होंने बताया कि बिजली का तार उनके घर के ऊपर से ही गुजर रहा है खम्भा गिरने से कभी भी हादसा हो सकता है। इस मामले को बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता ग्रामीण देखेंगे। विकासखंड बिल्हा के भैसबोड़ निवासी श्री वेदराम बंजारे द्वारा उनकी 0.20 डिसमील जमीन को ऑनलाईन चढ़ाने संबंधी आवेदन कलेक्टर के समक्ष दिया गया है। इस मामले को एसडीएम बिल्हा देखेंगे।          27 खोली निवासी श्री बिजेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने अपने दिव्यांग बच्चे का स्वामी आत्मानंद अंग्रजी माध्यम स्कूल में कक्षा यूकेजी में एडमिशन कराने कलेक्टर को आवेदन दिया। इस मामले को जिला शिक्षा अधिकारी देखेंगे। विकासखंड तखतपुर के ग्राम पंचायत कुरेली निवासी श्रीमती रामेश्वरी यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने कलेक्टर को आवेदन दिया गया। इस मामले को जिला पंचायत सीईओ देखेंगे। मोपका निवासी श्री बिक्रम साय पैकरा द्वारा घर के नक्शा का नियमितिकरण कराने कलेक्टर को आवेदन दिया गया।

कोरावल क्षेत्र की जनता पानी के संकट से परेशान, प्रशाशन को और सक्रियता के साथ कार्य करने की जरूरत

कोरावल बगदरा अभ्यारण कोरावल क्षेत्र में भ्रमण के दौरान युवा नेता लोकसभा सीट सीधी सिंगरौली 2024के प्रत्याशी रहे लक्ष्मण सिंह ने एक दिवसीय कोरावल क्षेत्र के भ्रमण के दौरान खम्हारिया के धर्मदेवा टोला में आदिवासी परिवार के बीच जाकर प्रशासन द्वारा उपलब्ध  पानी के लिए सुविधाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने स्थानीय सचिव सरपंच से कहा कि आप सभी सक्रियता के साथ काम करते हुए इन्हें सुबह शाम दोनों टाइम टैंकर से जल की व्यवस्था बनाए, इसमें कोई कोताही न करे साथ की साथ प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी से बात करते हुए कहा कि आने वाले भविष्य को देखते हुए इन्हें कूप निर्माण स्थाई जल कराया कराया जाए,इस भ्रमण के दौरान, कोरावल विकास मंच के अध्यक्ष डॉ रामा शंकर सिंह, उपाध्यक्ष लाल सुंदर सिंह,सह संरक्षक संतोष सिंह,रामनरेश कोल,सुनील गुप्ता,महेंद्र सिंह,सुनील उपाध्याय सहित ग्रामीण और युवा समाजसेवी,नेता गण उपस्थित होकर समस्याओं को सुनते हुए उनके समस्याओं को प्रशासन को अवगत कराया।  

बिना पियाऊ के बैनरबाज़ी: मनेंद्रगढ़ नगर पालिका की दिखावटी व्यवस्था उजागर

मनेंद्रगढ़ शहर में गर्मी का पारा चढ़ रहा है, लेकिन आमजन की प्यास बुझाने की कोई ठोस व्यवस्था नगर पालिका की ओर से नहीं दिख रही है। वहीं दूसरी ओर, नगर पालिका द्वारा पियाऊ की व्यवस्था के नाम पर लगाए गए बैनर सिर्फ दिखावे का हिस्सा बनकर रह गए हैं। स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि शहर के कई मुख्य स्थानों पर पियाऊ की सुविधा का दावा करते हुए बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं, जिनमें कुछ जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें भी हैं। लेकिन मौके पर न तो कोई पानी की टंकी है, न ही किसी प्रकार की पेयजल व्यवस्था।       शहर के प्रमुख भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोग गर्मी में बेहाल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता सिर्फ प्रचार तक सीमित दिखाई देती है।        स्थानीय निवासी आशा करते हैं कि नगर पालिका जल्द से जल्द वास्तविक पियाऊ की व्यवस्था करे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और इस प्रकार की दिखावटी व्यवस्था पर विराम लगाया जा सके।

स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु हिंदुस्तान पावर का कदम – 200 सिलाई मशीनों का निःशुल्क वितरण

जैतहरी हिंदुस्तान पावर के सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) विभाग द्वारा स्थानीय महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में एक और सराहनीय पहल की गई। कंपनी द्वारा करीब 300 स्थानीय महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण दिलाया गया, प्रशिक्षण के सफल आयोजन उपरांत, विभाग द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, आयोजन में विभाग ने करीब 200 प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए और साथ ही सभी महिलाओं को निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं। यह कार्यक्रम कंपनी के परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में अतिथियो के रूप में उपस्थित ग्राम पंचायत झाईंताल की सरपंच महोदया, श्रीमति विद्या सिंह गोंड, ग्राम पंचायत टकहौली के सरपंच राजकुमार सिंह, ग्राम पंचायत क्योटार के उपसरपंच श्री अमर सिंह राठौर की गरिमामयी उपस्थिति रही तथा कंपनी प्रबंधन की ओर से कंपनी के एच आर-एडमिन प्रमुख श्री आर के खटाना, सीएसआर प्रमुख श्री सत्यम सलील,  सुरक्षा प्रमुख श्री अरविन्द सिंह तथा जनसंपर्क अधिकारी श्री गौरव पाठक ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम अमगंवा की स्थानीय महिला श्रीमती रोशनी बाई ने बताया कि कंपनी द्वारा चलाई गई इस पहल की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है, यह पहल हमें आत्मनिर्भर बनाने की ओर प्रेरित करती है, आज हम महिलाएं जो पहले सिलाई के हर छोटे-छोटे कामों के लिए हमें बाहर जाना पड़ता था जिसमें हमारा समय और पैसा दोनों खर्च होता था, आज हम इन कार्यों को स्वयं कर पा रहे है, इस पहल के लिए हम समस्त महिलाएं, कंपनी प्रबंधन का आभार प्रकट करते हैं। ग्राम पंचायत झाईताल की सरपंच महोदया श्रीमती विद्या सिंह गोंड ने इस कार्य को महिला सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, ग्राम पंचायत टकहोली के सरपंच श्री राजकुमार सिंह ने इस पहल की सराहना की, ग्राम पंचायत क्योंटार के उपसरपंच श्री अमर सिंह राठौर ने कहा कि कंपनी का सी एस आर विभाग स्थानीय विकास के क्षेत्र में आवश्यक कार्य कर रहा है, प्रशिक्षण उपरांत इतनी मात्रा में निशुल्क सिलाई मशीनों का वितरण हाल ही का एक उदाहरण है, मैं इस वितरण के लिए कंपनी प्रबंधन का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं और मेरी क्षेत्र की महिलाओं को शुभकामनाएं देता हूं। एच आर और एडमिन प्रमुख श्री आर के खटाना ने अपने उद्बोधन में कहा, “यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने की प्रेरणा भी देगी। हमारी कोशिश है कि प्रत्येक महिला अपने हुनर के माध्यम से सम्मानजनक जीवनयापन कर सके।” कार्यक्रम में जीसा इंस्टीट्यूट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री मेहुल चौहान और प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर प्रभजोत कौर उपस्थित रहे, और उनके द्वारा महिलाओं को अपने अनुभव सांझा किए गये, उन्होंने कंपनी के द्वारा स्थानीय महिलाओं के लिए किए गए सहयोग की विशेष सराहना की। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षित महिलाओं ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और हिंदुस्तान पावर का आभार प्रकट किया और बताया कि कंपनी का यह प्रयास स्थानीय विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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