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शनिवार 26 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि– आज का दिन आपको यह फैसला लेने के लिए मजबूर कर सकता है कि आप अपनी बात स्थापित करना चाहते हैं या अपनी शांति बनाए रखना चाहते हैं। किसी की सलाह से कीमती परिणाम व सलाह मिल सकती है। आर्थिक रूप से आज का दिन अच्छा रहने वाला है। परिवार के साथ समय बिताएंगे। व्यापारियों को लाभ होगा। वृषभ राशि- आज आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव होने वाला है। आप अपने स्वभाव व व्यक्तित्व से लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन प्रसन्न रहेगा। परंतु फिर भी अपनी भावनाओं को वश में रखें। माता का साथ मिलेगा। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। मिथुन राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आज आपको कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। लाइफस्टाइल में बदलाव होने के संकेत हैं। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। किसी यात्रा पर जाने का प्लाम बन सकता है। कर्क राशि- आज आप कोई महत्वपूर्ण फैसला ले सकते हैं। संतान की सेहत का ध्यान रखेंगे। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। नई शुरुआत करने का सही समय अभी नहीं है इसलिए अभी शुरुआत ना करें। एक्शन को अपना मार्गदर्शक बनने दें। सिंह राशि- आज आपको वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। चोट से बचने के लिए बैठते समय विशेष ध्यान रखें। पैसे बचाने के आपके प्रयास आज फेल हो सकते हैं। लेकिन आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। महत्वपूर्ण लोगों के साथ बातचीत करते समय अपने कान और आंखें खुली रखें – क्योंकि आपको कोई कीमती सलाह मिल सकती है। कन्या राशि- कार्यस्थल पर सीनियर्स का दबाव और घर में कलह कुछ तनाव ला सकती है। आप घूमने-फिरने और पैसे खर्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो आपको पछताना पड़ेगा। आप अपना समय अपने दिल के करीब लोगों के साथ बिताना चाहेंगे। आर्थिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी। जीवनसाथी के साथ पर नजर रखें। तुला राशि- आज फिट रहने के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। बड़ी प्लानिंग और विचारों वाला कोई व्यक्ति आपका ध्यान आकर्षित करेगा। अपनी गोपनीय जानकारी अपने जीवनसाथी के साथ शेयर करने से पहले सोचें। अगर संभव हो, तो बचने की कोशिश करें क्योंकि वह इसे किसी और को बता सकती है। आज प्यार की कमी महसूस हो सकती है। वृश्चिक राशि- जिन व्यापारियों और कारोबारियों का संबंध विदेशों से है, उन्हें आज धन हानि होने की संभावना है, इसलिए कोई भी कदम आगे बढ़ाने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। आपकी उदासी आपके जीवनसाथी को तनाव दे सकती है। कार्यस्थल पर कोई आपकी योजनाओं में खलल डालने की कोशिश कर सकता है। व्यावसायिक उद्देश्य से की गई यात्रा फायदेमंद साबित होगी। धनु राशि- तनाव को नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है। व्यापार में मुनाफा आज कई बिजनेसमैन के चेहरे पर हंसी ला सकता है। अगर आप कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं तो अपने काम में नई टेक्निक को शामिल करने की कोशिश करें। आपको अपने जीवन के प्यार से कोई अच्छा सरप्राइज मिल सकता है। मकर राशि- अपने डाइट पर कंट्रोल रखें और फिट रहने के लिए एक्सरसाइज करें। अगर आप अपने दोस्तों के साथ घूमने-फिरने का प्लान बना रहे हैं तो सोच-समझकर पैसा खर्च करें, क्योंकि आपको धन हानि होने की संभावना है। दिन को बेहतरीन बनाने के लिए आप अपने छिपे हुए गुणों का इस्तेमाल करेंगे। आज जीवनसाथी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। कुंभ राशि- आज शेड्यूल बिजी होने के बाद भी सेहत अच्छी रहेगी। आज किसी भी तरह का निवेश वर्जित रहेगा। काम का तनाव आपके दिमाग पर हावी हो जाएगा और परिवार और दोस्तों के लिए समय नहीं बचेगा। आप समय की नजाकत को समझते हुए आप अपना समय सबसे दूर एकांत में बिताना पसंद करेंगे। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। मीन राशि- अपने विचार जाहिर करने में संकोच न करें। आत्मविश्वास की कमी को अपने ऊपर हावी न होने दें क्योंकि यह केवल आपकी समस्या को मुश्किल बनाएगा और आपकी ग्रोथ को धीमा कर सकता है। जो लोग लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे उन्हें आज कहीं से धन की प्राप्ति हो सकती है। आप अपने शरीर को फिर से जीवंत करने और फिट बनने के लिए अंतहीन योजना बनाएंगे।

आपदा प्रबंधन पर जनजातीय छात्रावास में एक दिवसीय कार्यशाला

भोपाल एनडीआरएफ द्वारा भदभदा स्थिति अनुसूचित जाति एवं जनजातीय महाविद्यालयीनबाल छात्रावास में आपदाप्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्राकृतिक आपदा के दौरानजीवनरक्षक, प्राथमिक उपचार एवं प्रबंधनपर केन्द्रित कार्यशाला में एनडीआरएफ के द्वारा  छात्रों एवंस्टॉफ को आपदा संबंधी विभिन्न पहलूओं पर प्रशिक्षित किया गया।  कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय आपदा राहत दलकी 11वीं बटालियन के निरीक्षकश्री सत्यजीत सिंह की अध्यक्षता में किया गया। सहायक आयुक्त अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित इस छात्रावास के छात्रों को एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों द्वारा सर्पदंश, सीपीआर देने एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों को सीपीआर की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत बाढ़ एवं भूकंप जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिये मॉकड्रिल के माध्यम से शेडो प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यशाला के दौरान काउंसलिंग अधिकारी श्री अमित कुमार अरजरिया ने आपातकालीन घटनाओं आपदा की स्थिति में सतर्क और जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिये तैयार करना है। कार्यशाला के समापन पर छात्रावास अधिक्षक श्री संजय गौतम ने एनडीआरएफ टीम और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।  

प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने के ठोस प्रयास

भोपाल प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी को सहेजने और जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिये जन भागीदारी के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” तेजी से आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। अभियान में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। जिलों में प्राचीन बावड़ियों और ऐतिहासिक तालाबों के सफाई कार्य को हाथ में लिया गया है। सामान्य जन को आगामी वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए विशाल पैमाने पर पौध-रोपण की तैयारी किये जाने की सलाह दी जा रही है। राजमहल बावड़ी की सफाई की गई राजगढ़ जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राजमहल राजगढ़ की प्राचीन बावड़ी की सफाई का अभियान कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार किया गया। सह‌कारिता विभाग के उपायुक्त, बैंक मैनेजर और कर्मचारियों सहित नागरिकों ने अभियान को सफल बनाया। बावड़ी की सफाई का कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प भी लिया गया।    जल चौपाल का आयोजन विदिशा जिले में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रतिदिन जल संरक्षण में जन-भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यानिकी विभाग की टीम द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान पर आधारित कार्यशाला जल-चौपाल का आयोजन कर किसानों और ग्रामीणों को जल के महत्व को बताया गया। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक श्री गिरवाल ने किसानों को उद्यानिकी फसलों के बारे में जानकारी दी। जिले की अनेक ग्राम पंचायतों में उद्यानिकी विभाग द्वारा जल-चौपाल लगाने की योजना तैयार की गई है। किसानों को परंपरागत फसल के साथ उद्यानिकी फसल लेने की भी सलाह दी जा रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान महत्वपूर्ण अभियान है इस अभियान के अंतर्गत विदिशा जिले के जल स्रोतों को संवारने का कार्य सतत जारी है। इस कार्य में जन अभियान परिषद विदिशा द्वारा चयनित नवांकुर संस्थाओं द्वारा विशेष कार्य किये जा रहे हैं। इन संस्थाओं के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के तालाब, हैंडपम्प, नदी सहित अन्य जल स्रोतों में श्रमदान और साफ-स्वच्छ कर उन्हें सहेजने का कार्य किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सीहोर में संचालित की जा रही अनेक गतिविधियां सीहोर जिले में  जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए दीवार लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर बैनर, रंगोली, ग्राम सभाएं, कलश यात्राएं, शपथ सहित अनेक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। अभियान में जिले के अनेक ग्रामों में कूप मरम्मत, तालाब जीर्णोद्धार, डैम की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं तथा नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है। जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित खेत, तालाब, अमृत सरोवर, परकोलेशन टैंक, डगवेल, तालाब जीर्णोद्धार, जनभागीदारी के कार्य, कूप एवं बाउंड्री मरम्मत के कार्य किए जा रहे हैं।  अभियान में नदी के तटों की सफाई की गई। खेड़ा माताजी में बावड़ी की साफ-सफाई की गई नीमच जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में सीईओ जनपद नीमच, सरपंच और जन अभियान परिषद की टीम द्वारा गांव खेड़ा माताजी बिसलवास कला में बावड़ी में साफ-सफाई की गई। पेयजल स्रोत की सफाई के लिये श्रमदान किया गया। ग्रामीणों को जल संरक्षण, जल संचयन के प्रति जागरूक किया गया। महिलाओं की रही भागीदारी मन्दसौर जिले में जन अभियान परिषद द्वारा रैली, मेंहदी और वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान में कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग के मार्गदर्शन में जिले में जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। सेक्टर क्रमांक एक के ग्राम पिपल्दा (सुजानपुरा) में मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के छात्र एवं महिलाओं ने सफाई कार्य किया। उद्यानिकी कार्यशाला का आयोजन किया गया उज्जैन जिले में कृषकों को जल गंगा संवर्धन अभियान में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर का उपयोग कर पानी की बचत की जानकारी दी गई। किसानों को उद्यानिकी फसलों के महत्व के बारे में बताया गया। विकासखंड महिदपुर की नवांकुर संस्था के सेक्टर क्रमांक-5 “झारड़ा” में जल संरचनाओं की साफ-सफाई व रखरखाव की शपथ दिलाई गई। जन अभियान परिषद द्वारा खाचरौद में छात्रा ज्योति डोहरिया द्वारा जल संरक्षण संदेश हेतु आंगनवाड़ी के बच्चों से चित्रकला प्रतियोगिता करवाई गई। जनपद पंचायत बड़नगर में स्थित तालाब का गहरीकरण कार्य प्रगति पर है। अभी तक 6 हजार घन मीटर मिट्टी की खुदाई की जा चुकी है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत इंगोरिया में हेंडपंप के समीप सोखता गड्डा निर्माण और तालाब का गहरीकरण कार्य ग्राम खंडवाबीबी और सुरजनवासा में किया जा रहा है। जामनेर में जनसहयोग से नदी से निकाली जा रही गाद देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीणों के सहयोग से जिले की जनपद पंचायत खातेगांव की ग्राम पंचायत जामनेर में नदी से गाद निकालकर गहरीकरण किया जा रहा है। इससे बारिश के दिनों में पानी का संग्रहित होगा तथा वॉटर लेवल भी बढ़ेगा। इससे पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा।  

अंतरराष्ट्रीय मार्गों की उड़ानों को को रद करना शुरू कर दिया गया, आगमन में छह घंटे तक का विलंब

नई दिल्ली भारतीय विमानन कंपनियों पर पाकिस्तान द्वारा अपने एयर स्पेस के इस्तेमाल को लेकर लगाए गए प्रतिबंध का असर अब साफ साफ नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मार्गों की उड़ानों को को रद करना शुरू कर दिया गया है। इंडिगो ने प्रतिबंधों और सीमित वैकल्पिक मार्गों के कारण अलमाटी और ताशकंद इंडिगो के वर्तमान विमान बेड़े की परिचालन सीमा से बाहर हैं। अलमाटी के लिए 27 अप्रैल से 7 मई और ताशकंद के लिए 28 अप्रैल से 7 मई तक की उड़ानें रद कर दी गई हैं। इंडिगो प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने ग्राहकों से अपेक्षा करते हैं कि वे इस स्थिति को समझेंगे। आगमन में छह घंटे तक का विलंब यूरोप, खाड़ी देशों, मध्य एशिया व अमेरिका से आने वाली उड़ानें अब विलंब की चपेट में आ रही हैं। शुक्रवार को कई उड़ानें तो छह छह घंटे विलंब से पहुंची। एअर इंडिया की न्यूयार्क से नई दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एआइ 102 चार घंटे विलंबित रही। शिकागो से नई दिल्ली पहुंची एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआइ 126 के आगमन में पांच घंटे का विलंब हुआ। सेन फ्रांसिस्को की फ्लाइट छह घंटे की देरी से दिल्ली पहुंची सेन फ्रांसिस्को से नई दिल्ली आ रही उड़ान के आगमन में छह घंटे का विलंब हुआ। लंदन से एअर इंडिया की जिस उड़ान संख्या एआई 112 आइजीआई एयरपोर्ट पर बृहस्पतिवार देर रात 3.10 बजे लैंडिंग करनी थी, वह सुबह करीब पौने सात बजे पहुंची। पेरिस से आ रही एअर इंडिया की उड़ान संख्या 142 को शुक्रवार सुबह 8.35 बजे लैंडिंग करनी थी, यह करीब 10 बजे पहुंची। फ्रेंकफर्ट की उड़ानों के आगमन में विलंब की स्थिति विएना, एम्सटर्डम, फ्रेंकफर्ट की उड़ानों के आगमन में विलंब की स्थिति रही। दुबई, शारजाह, जेद्दा, अबूधाबी, बहरीन से आ रही उड़ानों में एक से तीन घंटे का विलंब देखने को मिला। उधर अजरबैजान की बात करें तो इसकी राजधानी बाकू से नई दिल्ली की उड़ान के आगमन में साढ़े घंटे का विलंब रहा। इसी तरह जार्जिया की राजधानी तिब्लिसी की उड़ान नई दिल्ली करीब पांच घंटे की देरी से पहुंची। जारी हुई एडवाइजरी विमानन कंपनियों ने भी एडवाइजरी जारी कर यात्रियों व उनके स्वजन को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए एडवाइजरी जारी की। इंडिगो ने कहा कि यदि आपकी उड़ान प्रभावित हो रही है तो आप कस्टमर केयर या हमारी वेबसाइड पर जाकर हरसंभव सहायता पा सकते हैं। इसमें रिबुकिंग या रिफंड जैसे विकल्प मौजूद हैं। एअर इंडिया ने एडवाइजरी में कहा कि उत्तर अमेरिका, यूके, यूरोप व मध्य पूर्व से जुड़ी उड़ानें अब परंपरागत मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्ग अपना रही हैं। इससे यात्रा का समय बढ़ेगा। ऐसे बढ़ गई दूरी बाकू व नई दिल्ली के बीच चलने वाली इंडिगो की उड़ान पहले कैस्पियन सागर, ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान होते हुए भारत में प्रवेश कर पहले राजस्थान फिर हरियाणा होते हुए नई दिल्ली में दाखिल हो जाती थी। अब इसी उड़ान को बाकू से कैस्पियन सागर के बाद ईरान में प्रवेश करना पड़ता है। उत्तर से दक्षिण तक पूरे ईरान को लांघने के बाद विमान सीधा अरब सागर के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल होता है। इसके बाद गुजरात, राजस्थान, हरियाणा होते हुए नई दिल्ली में प्रवेश करता है। यह दूरी पहले के मुकाबले कम से कम 30 प्रतिशत अधिक है।

फ्लाई ओवर के ऊपर से होकर गुजरेगा फ्लाई ओवर का थर्ड लेग, मंत्री सारंग ने किया स्थल का निरीक्षण

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को सुभाष नगर आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) के प्रस्तावित थर्ड लेग निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की रूपरेखा का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग (सेतु), नगर निगम, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मार्ग का अवलोकन कर थर्ड लेग निर्माण में आने वाली संभावित बाधाओं की समीक्षा कर उन्हें दूर करने के भी निर्देश दिए। फ्लाई ओवर के ऊपर से होकर गुजरेगा फ्लाई ओवर का थर्ड लेग मंत्री श्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से अब तक 10 फ्लाई ओवरों की सौगात दी है। विगत वर्ष बने सुभाष नगर आरओबी से 5 लाख नागरिकों को सुविधा मिल रही है। अब इसी आरओबी का विस्तार करते हुए इसका ‘थर्ड लेग’ तैयार किया जाएगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा। थर्ड लेग से भेल क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों को एमपी नगर एवं न्यू भोपाल पहुँचने में और अधिक सुगमता होगी। सुभाष नगर थर्ड लेग होगा सिविल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह थर्ड लेग तकनीकी दृष्टि से अत्यंत उन्नत होगा तथा सिविल इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह फ्लाई ओवर, सुभाष नगर आरओबी के ऊपर से होकर गुजरेगा और अत्यंत आकर्षक डिज़ाइन के साथ कर्व लेते हुए निर्मित किया जाएगा। इसके निर्माण में लगभग 242 मीटर का स्पान शामिल होगा और इसकी अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रूपये है। उन्होंने बताया कि थर्ड लेग की डिजाइन तैयार हो चुकी है और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यातायात की सुगमता के लिए आवश्यक है फ्लाई ओवर का थर्ड लेग मंत्री श्री सारंग ने बताया कि वर्तमान में भेल क्षेत्र की ओर से आने वाले यात्रियों को सुभाष नगर फ्लाई ओवर पर चढ़ने के लिए प्रभात चौराहा होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। थर्ड लेग के निर्माण से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। अब भेल से आने वाले वाहन पुराने फ्लाई ओवर पर सीधे चढ़ सकेंगे। इसके साथ ही मैदा मिल और एमपी नगर की ओर से भेल क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अब प्रभात चौराहे का रूट नहीं लेना पड़ेगा और मैदा मिल की तरफ से थर्ड लेग से चढ़कर मोती नगर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि यह थर्ड लेग यात्रियों को सीधे और सुविधाजनक पहुंच उपलब्ध कराएगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और अच्छी होगी| मंत्री श्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है थर्ड लेग की डिजाइन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में ट्रैफिक सिस्टम को सुव्यवस्थित करने के लिए हमने एक ठोस कार्य योजना बनाई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जा रहा है। यह थर्ड लेग ना सिर्फ यातायात सुविधा को बढ़ाएगा, बल्कि भोपाल शहर के बुनियादी ढांचे को भी एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि थर्ड लेग की डिजाइन मंत्री श्री सारंग के निर्देश पर तैयार की गई है।  

भारत पाकिस्तान के खिलाफ एक के बाद एक सख्त फैसले ले रहा, सिंधु जल संधि खत्म करने का प्लान तैयार

जम्मू-कश्मीर कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान के खिलाफ एक के बाद एक सख्त फैसले ले रहा है. आतंकियों का पनाहगार बन चुके पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने की घोषणा की थी. अब सूत्रों की मानें तो भारत सरकार ने पाकिस्तान को सिंधु नदी के पानी के प्रवाह को रोकने का फैसला किया है. इसके लिए सिंधु बेसिन नदियों के किनारे बांधों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिसमें ज्यादा से ज्यादा पानी रोकने की क्षमता होगी. मोदी सरकार तीन टर्म में अपने फैसले को लागू करने का प्लान बना रही है. जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने आजतक से विशेष बातचीत में सिंधु जल संधि को लेकर भारत सरकार के नए रुख की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि के तहत जो निर्णय किया गया है, उसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा, लेकिन अब इसे टर्म यानी तीन चरणों- तुरंत, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म में लागू किया जाएगा. मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत से पाकिस्तान को एक बूंद भी पानी न जाए, इसकी पूरी व्यवस्था की जाएगी. आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से बढ़ाई जाएगी बांधों की क्षमता सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोकने की तैयारी शुरू कर दी गई है और इसका असर जल्द ही देखा जा सकेगा. सरकार बांधों की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी और गाद हटाकर अधिक पानी को संग्रहित किया जाएगा. वर्ल्ड बैंक, जिसने यह संधि कराई थी, को भी भारत सरकार के इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है. इस फैसले पर तुरंत अमल शुरू किया जा रहा है. आज इस मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जलशक्ति मंत्री सीआर. पाटिल के बीच अहम बैठक भी हुई. इसको लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि पाकिस्तान में सिंधु नही का एक बूंद पानी भी नहीं जाने दिया जाएगा. उन्होंने एक्स पर लिखा, “मोदी सरकार द्वारा सिंधु जल संधि पर लिया गया ऐतिहासिक निर्णय पूर्णतः न्यायसंगत और राष्ट्रहित में है.हम ख्याल रखेंगे की पाकिस्तान में सिंधु नदी का एक बूंद पानी भी नहीं जाए.” भारत ने पाकिस्तान को आधिकारिक रूप से दी जानकारी बता दें कि इससे पहले, सरकार ने संधि को निलंबित करने के अपने फैसले को लागू करने के लिए एक औपचारिक अधिसूचना जारी की और गुरुवार को इसे पाकिस्तान को सौंप दिया. अधिसूचना में कहा गया है कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखा जा रहा है, जिससे सिंधु आयुक्तों के बीच बैठकें, डेटा साझा करना और नई परियोजनाओं की अग्रिम सूचना सहित सभी संधि दायित्वों को प्रभावी रूप से निलंबित कर दिया गया है. संधि के अब निलंबित होने के बाद, भारत पाकिस्तान की अनुमति या परामर्श के बिना नदी पर बांध बनाने के लिए स्वतंत्र है. पाकिस्तानी अधिकारियों को संबोधित एक पत्र में, भारत की जल संसाधन सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पार आतंकवाद सिंधु जल संधि के तहत भारत के अधिकारों में बाधा डालता है. पत्र में लिखा है, “सद्भावना के साथ संधि का सम्मान करने का दायित्व संधि के लिए मौलिक है. हालांकि, इसके बजाय हमने जो देखा है वह यह है कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर लगातार सीमा पार आतंकवाद जारी है.” पाकिस्तान ने बताया था युद्ध की कार्रवाई वहीं पाकिस्तान ने गुरुवार को सिंधु जल संधि को भारत द्वारा निलंबित करने के फैसले को खारिज कर दिया और कहा कि संधि के तहत पाकिस्तान के पानी के प्रवाह को रोकने के किसी भी कदम को “युद्ध की कार्रवाई” के रूप में देखा जाएगा. दोनों देशों ने नौ साल की बातचीत के बाद सितंबर 1960 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका एकमात्र उद्देश्य सीमा पार की नदियों से संबंधित मुद्दों का प्रबंधन करना था. पाकिस्तान पर बड़ा असर विशेषज्ञों के अनुसार, भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने से पाकिस्तान की कृषि अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है, जिससे महत्वपूर्ण जल डेटा साझाकरण बाधित होगा और प्रमुख फसल मौसमों के दौरान प्रवाह कम होगा. विश्व बैंक की मध्यस्थता में, संधि पूर्वी नदियों – सतलुज, ब्यास और रावी को भारत को और पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब को पाकिस्तान को आवंटित करती है. लगभग 135 एमएएफ का औसत वार्षिक प्रवाह बड़े पैमाने पर पाकिस्तान को आवंटित किया गया था.  

6 लाख 44 हजार 878 किसानों से 56 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुई गेहूँ खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 6 लाख 44 हजार 878 किसानों से 56 लाख 85 हजार 477 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 4000 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसान गेहूँ उपार्जन के लिये 30 अप्रैल तक स्लाट बुक करा सकते हैं। प्रदेश में अभी तक जिला सीहोर में 6 लाख 9 हजार 192, उज्जैन में 5 लाख 98 हजार 610, विदिशा में 4 लाख 63 हजार 658, रायसेन में 4 लाख 63 हजार 338, शाजापुर में 3 लाख 26 हजार 19, भोपाल में 3 लाख 12 हजार 598, राजगढ़ में 3 लाख 01 हजार 900, देवास में 2 लाख 64 हजार 84, नर्मदापुरम में 2 लाख 61 हजार 47, इंदौर में 2 लाख 16 हजार 494, सागर में 1 लाख 97 हजार 658, आगर मालवा में 1 लाख 64 हजार 280, सिवनी में 1 लाख 57 हजार 254, मंदसौर में 1 लाख 44 हजार 379, हरदा में 1 लाख 3 हजार 663, रतलाम में 86 हजार 565, दमोह में 85 हजार 705, नरसिंहपुर में 74 हजार 855, श्योपुर में 50 हजार 190, दतिया में 46 हजार 310, शिवपुरी में 42 हजार 812, खण्डवा में 40 हजार 149, छतरपुर में 36 हजार 501, ग्वालियर में 35 हजार 229, कटनी में 34 हजार 48, गुना में 33 हजार 200, रीवा में 31 हजार 689, जबलपुर में 30 हजार 940, अशोकनगर में 30 हजार 876, नीमच में 30 हजार 241, पन्ना में 29 हजार 433, मण्डला में 29 हजार 340, भिण्ड में 26 हजार 204, बैतूल में 21 हजार 442, झाबुआ में 21 हजार 195, मैहर में 19 हजार 643, छिन्दवाड़ा में 17 हजार 896, मुरैना में 15 हजार 60, टीकमगढ़ में 8 हजार 628, शहडोल में 2 हजार 943, खरगौन में 2595, निवाड़ी में 1557, सिंगरौली में 1370, उमरिया में 1360, डिण्डोरी में 1254, मऊगंज में 1227, सीधी 874, बालाघाट में 636, अनूपपुर में 463 अलीराजपुर 214 और पांढुर्णा में 44 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।  

मुख्यमंत्री ने रतलाम और रीवा की रीजनल न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाओं का किया वर्चुअल शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की न्याय व्यवस्था को सुगम, सर्व सुलभ और संशयमुक्त बनाने की दिशा में रीवा और रतलाम में आरंभ हो रही रीजनल न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाए महत्वपूर्ण कदम हैं। कुल 13 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनी इन प्रयोगशालाओं से रीवा, सतना, सिंगरौली, मैहर तथा रतलाम नीमच और मंदसौर क्षेत्रों में घटना स्थल पर ही टॉक्सिकोलॉजी, रसायन और जीव विज्ञान से संबंधित प्रकरणों का परिक्षण किया जा सकेगा। पुलिस, फॉरेंसिक साइंस और न्यायपालिका जस्टिस डिलेवरी सिस्टम के अभिन्न अंग हैं। यह तीनों अंग जितने ज्यादा सशक्त होंगे, उतना ही वहां के नागरिक सुरक्षित होंगे और आपराधिक गतिविधियां नियंत्रण में रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा और रतलाम में न्यायिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअल शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री जे एन कंसोटिया,डॉ राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में न्याय प्रणाली को जनकेंद्रित और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में सघन गतिविधियां जारी हैं। लगभग 3 हजार से अधिक अनुपयोगी और अप्रचलित कानून निरस्त हुए हैं। नए कानूनों में ऑडियो-वीडियो रिकार्डिग, फॉरेंसिक साक्ष्य की वीडियोग्राफी और पूछताछ में डिजीटल रिकार्ड को कानूनी आधार देने की व्यवस्था की गई है। कोर्ट के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स, वीडियो कांफ्रेंसिंग, मोबाइल ऐप, वर्चुअल सुनवाई आदि का उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। प्रदेश में भोपाल, सागर, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की जा चुकी है। यह सब प्रयास लोगों को सही सटीक और शीघ्र न्याय दिलाने में सहायक होंगे। रतलाम में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री मथुरा लाल डामोर, महापौर रतलाम श्री प्रह्लाद पटेल और रीवा में हुए कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कौल, पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

झुग्गियों को हटाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई, जमकर गरजा DDA का बुलडोजर, 200 से ज्यादा झुग्गियां ध्वस्त

नई दिल्ली मयूर विहार यमुना खादर में शुक्रवार को डीडीए ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। 10 बुलडोजर लगाकर एनएच-नौ से डीएनडी के बीच 200 से ज्यादा झुग्गियों को ध्वस्त किया गया। उनके आगे बने चबूतरे तोड़े गए। खेतों में फसल को बुलडोजर से रौंदा गया। नर्सरियों को भी तहस-नहस कर दिया गया। कार्रवाई होते देखते काफी संख्या में लोग ट्रैक्टर, टेंपो और रेहड़ी में झुग्गियों से अपना सामान ले जाते हुए दिखे। मौके पर माैजूद डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि थोड़ी-थोड़ी कार्रवाई कई दिन से चल रही है, अब बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। यह आगे भी जारी रहेगी। झुग्गियों को हटाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई मयूर विहार खादर क्षेत्र में नेचर पार्क प्रस्तावित है। इस जगह पर लोग अवैध रूप से झुग्गी डालकर रह रहे थे। यहीं पर वह सब्जियों की खेती करते थे। कुछ लोग पौधों की नर्सरी चला रहे थे। इन झुग्गियों को हटाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई। लेकिन बार-बार लोग दोबारा आकर बस जाते थे। कार्रवाई के खिलाफ कई लोग व संगठन दिल्ली हाई कोर्ट ले गए थे। वहां से भी इनको कोई राहत नहीं मिली। बुलडोजर से झुग्गियों को ध्वस्त किया डीडीए ने अब दोबारा से मयूर विहार खादर क्षेत्र में रह रहे झुग्गीवासियों को झुग्गियां खाली करने और अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं किया तो डीडीए खुद अतिक्रमण हटाएगा। उसके तहत ही डीडीए की टीम ने पुलिस बल के सहयोग से शुक्रवार को खादर में कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से झुग्गियों को ध्वस्त किया। इस दौरान किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ। दबंग किराये पर देते हैं जमीन, उन पर नहीं होती कार्रवाई खादर में दबंग सक्रिय हैं। ये मजदूरी की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को खादर में बसाते हैं। झुग्गी उजड़ने के बाद गाजीपुर के रामखिलावन ने बताया कि वह यहां खेती कर रहे थे। उनके मुताबिक, चिल्ला गांव के एक व्यक्ति से प्रति बीघा 10 हजार रुपये सालाना पर 20 बीघा जमीन ली थी। वहीं पर रहकर सब्जियों की खेती करते थे। पौधों की नर्सरी के लिए 50 हजार रुपये वार्षिक किराये पर भूमि दी गई थी। इस खादर क्षेत्र में बरेली, बदायं, मुजफ्फरपुर, दरभंगा समेत कई इलाकों के लोग रह रहे थे, जो अब छत की तलाश में हैं। इनमें से कुछ ने बताया कि वह नजदीकी आश्रय स्थल चले जाएंगे, कई लोगों ने बताया कि वह न्यू अशोक नगर, त्रिलोकपुरी में कमरा किराये पर लेंगे। अभी बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि डीडीए दबंगों पर कार्रवाई नहीं करता, जो उसकी जमीन का किराया वसूलते हैं। डीडीए की रही है लापरवाही यमुना खादर में पिछले वर्ष भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई थी। उस वक्त दो हजार से अधिक झुग्गियों को हटाकर वहां पर निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड लगाए गए थे। इन गार्डों के रहते हुए वहां पर दोबारा कब्जा हो गया। सुरक्षा गार्डों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह समय-समय पर यहां बस रहे लोगों की जानकारी डीडीए अधिकारियों को देते रहे हैं। इस बारे में डीडीए के प्रवक्ता बिजय पटेल को फोन करके और वाट्सएप पर पक्ष मांगा गया, लेकिन उनका जवाब प्राप्त नहीं हुआ।

फाइटर प्लेन से गिरी वस्तु से मकान के दो कमरे गिरे, घटना में किसी को चोट नहीं आई, मकान क्षतिग्रस्त हुआ

शिवपुरी/पिछोर मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर में एक शिक्षक के घर पर आसमान से गिरी कोई वस्तु की वजह से दो कमरे ध्वस्त होने और आठ फीट गहरा गड्ढा होने की खबर सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वस्तु एक फाइटर जेट से गिरी थी, जिसकी वजह से मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। पुलिस ने मकान को सील कर जांच शुरू कर दी है। जिस इलाके में यह हादसा हुआ है, वहां फाइटर प्लेन ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरते हैं। इस मामले में अभी एयरफोर्स की ओर से कोई सूचना नहीं आई है। कलेक्टर के अनुसार लोगों ने फाइटर प्लेन ही देखा था उसी आधार पर कह रहे हैं। पिछोर थाना इलाके के ठाकुर बाबा कॉलोनी में रहने वाले एक शिक्षक के घर पर शुक्रवार की सुबह 11 बजे कोई वस्तु गिरी। इससे मकान के दो कमरे ध्वस्त हो गए हैं। जानकारी के अनुसार शिक्षक मनोज सगर अपने दोनों बच्चों के साथ घर में बैठकर खाना खा रहे थे। इसी दौरान घर की छत पर से किसी विमान के गुजरने की आवाज आई और ऐसा लगा कि उनके घर पर कुछ गिरा है। इसके बाद घर के दो कमरे गिर गए और जमीन के अंदर 8 फीट गहरा गड्ढा भी हो गया। फिलहाल पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि यह फाइटर प्लेन से गिरा बम था या कोई अन्य वस्तु। हालांकि घटना का सुखद पहलू यह रहा कि घर के अंदर मौजूद किसी भी सदस्य को कोई चोट नहीं आई। पुलिस ने मकान को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एयरफोर्स की टीम घटनास्थल पर पहुंचेगी, तभी साफ होगा ये क्या था पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के मुताबिक स्थानीय लोगों ने सुबह करीब 11 बजे आसमान में फाइटर प्लेन की आवाज सुनी, ऊपर प्लेन देखा भी है। उससे कोई तीन साढ़े तीन फीट की वस्तु नीचे गिरी है। नीचे आने के बाद गड्ढा हो गया और वह चीज भी टुकड़ों में बंट गई। अब करीब डेढ़ घंटे में एयरफोर्स की टीम घटनास्थल पर पहुंचेगी, वहीं बता पाएंगे कि ये क्या था।

अशासकीय स्कूलों में ऑनलाइन नि:शुल्क प्रवेश प्रक्रिया 5 मई से होगी, राज्य शिक्षा केन्द्र ने कलेक्टर्स को जारी किये निर्देश

भोपाल प्रदेश में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से की जायेगी। इसके लिये कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया का टाइम टेबल घोषित कर दिया गया है। शिक्षण सत्र 2025-26 में 5 मई से प्रवेश प्रक्रिया की कार्यवाही शुरू की जा रही है। इस संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला कलेक्टर्स और जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश जारी किये हैं। जारी कैलेण्डर के अनुसार 5 मई, 2025 को नि:शुल्क प्रवेश के लिये मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूल एवं उनमें उपलब्ध कक्षा की सीट का पोर्टल पर प्रदर्शन होगा। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन एवं त्रुटि-सुधार का कार्य 7 मई से 21 मई तक किया जायेगा। आवेदन के बाद सत्यापन का कार्य शासकीय जन-शिक्षा केन्द्र में 7 मई से 23 मई तक होगा। रेण्डम पद्धति से ऑनलाइन लॉटरी द्वारा स्कूल का आवंटन एवं चयनित आवेदकों को एसएमएस द्वारा सूचना 29 मई तक की जायेगी। आवंटन के बाद अशासकीय स्कूल में प्रवेश के लिये उपस्थिति और स्कूल द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग का कार्य 2 से 10 जून तक किया जायेगा। आवेदक अपने ग्राम, वार्ड तथा विस्तारित पड़ोस के गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में पोर्टल पर कक्षावार प्रदर्शित स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिये आवेदन दर्ज करा सकेंगे। निर्धारित सत्यापन केन्द्र (शासकीय जन-शिक्षा केन्द्र) में मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाना अनिवार्य है। प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी एजुकेशन पोर्टल पर भी प्रदर्शित की गयी है। इससे जुड़ी जानकारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है। प्रवेश प्रक्रिया में कक्षावार निर्धारित आयु की भी जानकारी दी गयी है। नर्सरी में न्यूनतम आयु 3 वर्ष एवं अधिकतम आयु 4 वर्ष 6 माह, के.जी.-1 में न्यूनतम आयु 4 वर्ष एवं अधिकतम आयु 5 वर्ष 6 माह, के.जी.-2 में न्यूनतम आयु 5 वर्ष एवं अधिकतम आयु 6 वर्ष 6 माह, कक्षा-1 में न्यूनतम आयु 6 वर्ष एवं अधिकतम आयु 7 वर्ष 6 माह निर्धारित की गयी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्धारित तय समय-सीमा में प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं।  

इंदौर में महापौर भार्गव ने कहा- भूमिपूजन विकास का प्रतीक है, लेकिन वर्तमान में देश में शोक है, सड़क का काम हुआ शुरू

इंदौर एमआर-10 से एमआर-12 (ग्राम कुमैडी–भंगिया) को जोड़ने वाली सड़क का काम शुक्रवार से शुरू हो गया। यह सड़क 32 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। सड़क सांवेर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 19 के अंतर्गत आती है और इसका निर्माण केंद्र सरकार से मिली विशेष आर्थिक सहायता से किया जा रहा है। शुक्रवार को सड़क निर्माण का भूमिपूजन केबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया। इस अवसर पर एमआइसी सदस्य राजेंद्र राठौर, अभिषेक शर्मा बबलू उपस्थित थे। सादगीपूर्ण ही रहा कार्यक्रम कार्यक्रम के प्रारंभ में पहलगाम में हुई आतंकी घटना में दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। महापौर भार्गव ने कहा कि भूमिपूजन विकास का प्रतीक है, लेकिन वर्तमान में देश में शोक है। हम उत्सव नहीं बल्कि संकल्प के साथ शुरूआत कर रहे हैं। शहर में 450 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर प्लान की 23 सड़कें बन रही हैं। यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर काम शुरू हो रहा है। इस अवसर पर सिलावट ने कहा कि मैं जनता को आश्वासन देता हूं कि विकास कार्य के नाम पर न किसी का घर जाएगा, ना जमीन।

मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया तीव्र गति से करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इन पदों की चयन प्रक्रिया शीघ्रतापूर्वक आयोजित करे, जिससे राज्य के अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता हो और मरीजों को समय पर समुचित इलाज मिल सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर कार्यालय में मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की समय पर नियुक्ति से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, म.प्र. लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजेश लाल मेहरा, आयोग के सदस्य प्रो. कृष्णकांत शर्मा, सचिव श्री प्रबल सिपाहा, विशेष कर्तव्य अधिकारी श्री आर. पंचवई अधिष्ठाता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमजीएम इंदौर डॉ. अरविंद घनघोरिया सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

विकास को वरदान बनाता है संस्कार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि व्यक्तियों के समूह से समाज बनता है और समाज से देश का निर्माण होता है, लेकिन संस्कार देने का कार्य समाज करता है। विकास को वरदान बनाता है संस्कार। संस्कार से ही सशक्त समाज की रचना होती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ड्रीम वर्ल्ड गार्डन एवं रिसोर्ट गोम्मटगिरि इंदौर में आयोजित श्री बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भगवान शिव के अवतार है बागेश्वर और ऋषि कश्यप के वंशज है, जिनका संबंध कश्मीर से है। बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज देशभर में फैला है और यह शिक्षा, स्वास्थ्य के बेहतरी के साथ सामूहिक विवाह जैसे कार्य भी कर रहा है, जो अनुकरणीय है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर रोजगार के क्षेत्र में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही है। जिसमें आयुष्मान भारत योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्टार्टअप योजना आदि शामिल है। इन योजनाओं से समाज लाभान्वित हुआ है और उनके जीवन में बदलाव आया। श्री शुक्ल ने कहा कि देश में जितने अधिक रोजगार के अवसर होंगे, भारत उतनी तेजी से आर्थिक महाशक्ति बनेगा। इसमें हर समाज अपनी भूमिका निभायें। श्री शुक्ल ने युवाओं से आहवान किया कि देश को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये और नशे से दूर रहें। सामाजिक उत्थान के साथ धार्मिक उत्थान की दिशा में भी कार्य करें, जिससे सनातन धर्म और मजबूत हो। श्री शुक्ल ने इंदौर के नागरिकों की स्वच्छता के संस्कार की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को स्वच्छ बनाने की पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की थी, लेकिन इसमें इंदौर ने अहम भूमिका निभाई। इंदौर के नागरिक स्वच्छता के प्रति बड़े सजग है। वे चॉकलेट के रैपर से केले के छिलके तक को सड़क पर नहीं फेंकते। इसी वजह से इंदौर शहर पूरे देश में लगातार सातवीं बार स्वच्छता में नम्बर वन बना हुआ है। यह साधारण बात नहीं, बगैर इच्छा शक्ति के यह संभव नहीं है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हमारे यहां बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री भी है, जो सनातन धर्म की ध्वजा को पूरे देश में फैला रहे हैं। वे अपनी गृह क्षेत्र में एक विशाल कैंसर अस्पताल बना रहे है, जिसके शिलान्यास में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु भी शामिल हुए। इतना बड़ा कार्य बिना इच्छा शक्ति के संभव नहीं। पूर्व विधायक श्री आकाश विजयर्वीय ने भी संबोधित किया। इस मौके पर श्री बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र गुप्ता सहित देश से आये समाजजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प से साकार हो रहा औद्योगिक मध्यप्रदेश का स्वप्न

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने औद्योगिक विकास के जिस पथ को अपनाया है, उसने राज्य को निवेशकों के लिए भारत के सबसे भरोसेमंद और आदर्श स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है। ‘विकसित भारत@2047’ के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के औद्योगिक परिवेश को धरातल पर परिवर्तित करने के लिए एक दूरदर्शी और व्यापक रणनीति अपनाई है। इस रणनीति के प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिये ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव्स’ आयोजित की गई। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रीवा, सागर और शहडोल में हुई आरआईसी में मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवेशकों और उद्योगपतियों से सीधा संवाद किया, जिससे जिला स्तर पर औद्योगिक जागृति और विश्वास का माहौल बना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई, पूणे, बेंगलुरु, कोलकाता, कोयंबटूर, दिल्ली के साथ-साथ जापान, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम जैसे अन्तर्राष्ट्रीय स्थलों पर निवेशकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर राज्य की संभावनाओं को राष्ट्रीय वैश्विक पटल पर भी प्रस्तुत किया। साथ ही परिणामस्वरूप, प्रदेश में निवेशकों की संख्या और उनकी प्रतिबद्धताओं में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इस कड़ी का सबसे बड़ा उदाहरण ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025’ रहा, जिसमें 60 से अधिक देशों के 100+ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 25,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियों का शुभारंभ किया गया, जिसने प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा दी। 330 से अधिक इकाइयों का भूमि-पूजन/लोकार्पण, 1,070 से अधिक भूमि आवंटन पत्र वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में वर्ष 2024-25 के दौरान प्रदेशभर में 330 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन अथवा लोकार्पण किया गया, जिससे निवेश प्रस्ताव अब मात्र कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर साकार हो रहे हैं। इसके साथ ही 1,070 से अधिक उद्योगों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए गए हैं, जिससे परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव धार में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क, उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षेत्र और मुरैना के सीतापुर में मेगा लेदर एवं फुटवियर क्लस्टर जैसी परियोजनाएं मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का प्रमाण हैं। पीथमपुर और भोपाल में 2 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क का निर्माण भी प्रदेश को लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। महिलाओं को केंद्र में रखकर समावेशी औद्योगिक विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच समावेशी विकास की है। इसी सोच के तहत इंदौर, उज्जैन, पीथमपुर, भिंड, रायसेन, झाबुआ, सिंगरौली और धार जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए 8 आधुनिक छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। इससे उन्हें सुरक्षित और अनुकूल कार्य वातावरण मिल सके। नियमों में सुधार से ‘विश्वास आधारित शासन व्यवस्था’ की ओर कदम ‘मध्यप्रदेश जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2024’ के माध्यम से राज्य के 8 कानूनों की 64 धाराओं को अपराधमुक्त कर व्यापारिक समुदाय को एक बड़ी राहत दी गई है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उस सोच को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें शासन ‘विश्वास’ को मूल में रखकर कार्य करता है, न कि संदेह के आधार पर। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ से होगा हर जिले में विकास और रोजगार का विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत एमएसएमई को मजबूती, युवाओं को प्रशिक्षण, स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा और हर जिले में औद्योगिक अवसरों का सृजन सुनिश्चित किया जा रहा है। इंदौर में 27 अप्रैल को ‘आईटी कॉन्क्लेव’ से इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है और अब कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल, पर्यटन एवं ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विशेष सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं को और अधिक बल मिलेगा। निवेश से समृद्धि की ओर औद्योगिक विकास का यह सिलसिला न केवल निवेशकों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि इससे प्रदेश में रोजगार के हजारों अवसर सृजित हो रहे हैं, युवा वर्ग को नई दिशा मिल रही है और क्षेत्रीय असंतुलन दूर होकर समावेशी विकास को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब नीतियों, संरचना और कार्यान्वयन के तीनों मोर्चों पर एक मजबूत, आधुनिक और निवेशकों का प्रथम पसंद बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। यह न केवल एक विकास यात्रा है, बल्कि ‘विकसित मध्यप्रदेश’ की ओर उठाया गया ठोस और निर्णायक कदम है।

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