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सरकार जल्द बढ़ा सकती है प्रदेश के 7 लाख नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों का 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता

भोपाल प्रदेश के 7 लाख नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों का 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता सरकार जल्द बढ़ा सकती है। अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को 1 जनवरी 2025 से 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता देने का निर्णय हाल ही में लिया है। प्रदेश के कर्मचारियों को 50 प्रतिशत की दर से ही महंगाई भत्ता मिल रहा है। कर्मचारी संगठन लंबे से भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का महंगाई भत्ता 17 अप्रैल को जारी आदेश में एक जनवरी 2025 से 53 से बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया गया है। जनवरी, फरवरी और मार्च का एरियर अप्रैल के वेतन में दिया जाएगा। उधर, राज्य के कर्मचारियों को अभी भी 50 प्रतिशत की दर से ही महंगाई भत्ता मिल रहा है। इसकी घोषणा भी अक्टूबर 2024 में की गई और 9 माह का एरियर तीन किस्तों में दिया गया। इस बीच केंद्र सरकार ने अपने कर्मियों का दो बार महंगाई भत्ता बढ़ा दिया। इसका लाभ पेंशनरों को भी मिला। मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलने का इंतजार सूत्रों का कहना है कि वित्त विभाग ने अपनी ओर से महंगाई भत्ता बढ़ाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की हरी झंडी मिलते ही एकमुश्त 5 प्रतिशत भत्ता बढ़ा दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बजट में 64 प्रतिशत महंगाई भत्ते के हिसाब से विभागों के स्थापना व्यय में प्रविधान करके रखा गया है, जिससे वित्त के प्रबंधन में कोई परेशानी न हो। वाहन और दिव्यांग भत्ता बढ़ाने के आदेश नहीं हुए जारी प्रदेश सरकार ने लंबे समय बाद कर्मचारियों के वर्षों से लंबित विभिन्न भत्ते बढ़ाने का निर्णय लिया है। कुछ भत्तों में वृद्धि के आदेश भी जारी हो गए पर सामान्य प्रशासन विभाग ने वाहन और दिव्यांग भत्ते में वृद्धि के अभी तक आदेश जारी नहीं किए हैं। जबकि, वित्त विभाग ने आदेश का प्रारूप तक उपलब्ध करा दिया है। सूत्रों का कहना है कि अब अगले सप्ताह दोनों भत्तों में वृद्धि के आदेश जारी करने की तैयारी हो गई है।  

पाकिस्तानी प्रोफेसर ने लताड़ा पाक सेना के प्रमुख आसिम मुनीर को जमकर लताड़ा, यही है हमले का जिम्मेदार

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तानी मूल के प्रोफेसर इश्तियाक अहमद ने अपनी सेना के प्रमुख आसिम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जनरल आसिम मुनीर ने हिंदू और मुस्लिम को अलग बताया और फिर एक सप्ताह के अंदर ही आतंकियों ने ऐसा हमला कर दिया। हिंदू और मुसलमानों के अलग होने वाले बयान के मद्देनजर यह ध्यान देना जरूरी है कि आतंकियों ने लोगों को मारने से पहले चेक किया कि वे हिंदू या मुसलमान हैं। ऐसे में यह सवाल तो उठता ही है कि आखिर आसिम मुनीर के बयान के बाद ही ऐसा क्यों हुआ। उन्होंने कहा कि आसिम मुनीर को इस तरह का बयान नहीं देना था। इस बीच उन्होंने भारत की ओर से सिंधु जल समझौता रोके जाने पर भी बात की। इश्तियाक अहमद ने कहा कि मेरे एक दोस्त लियाकत अली ने सिंधु जल समझौते को लेकर एक लेख लिखा था। उन्होंने बताया था कि 1960 में समझौते से पहले नदियों के पानी को लेकर खूब विवाद हुआ था। प्रोफेसर ने कहा कि जब विभाजन हुआ तो बड़े पैमाने पर तैयार नहरें और नदियां भारत के हिस्से में चली गईं। इससे पाकिस्तान की स्थिति खराब थी। भारत के पक्ष में कई ताकतें थीं और उसका पॉइंट भी सही माना गया, फिर भी भारत ने सिंधु जल समझौते को मंजूरी दी थी। उन्होंने इसे भारत का बड़प्पन करार दिया। प्रोफेसर अहमद ने कहा कि तीन से 4 जंगों के बाद भी इस समझौते को किसी ने नहीं छेड़ा था। नरेंद्र मोदी ने चुनाव में जीतने के बाद पाकिस्तान का दौरा किया था, लेकिन फिर पठानकोट हमला हुआ। ऐसे में भारत सरकार ने तय कर लिया कि हम पाकिस्तान को बख्शेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि समझौते के अनुसार 5 पंजाब की नदियां और एक मुख्य सिंधु नदी है। चिनाब, रावी और झेलम नदियां कश्मीर से होते हुए आते हैं। फिर भी भारत ने किसी भी तरह इन नदियों के प्रवाह को नहीं रोका। इस संधि को वर्ल्ड बैंक ने कराया था। अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश इसमें शामिल हैं। इनके कई प्रोजेक्ट्स हैं। भारत में जब हमले हुए हैं तो सवाल उठे हैं कि आखिर हम क्यों इस समझौते को बनाए रखे हैं। फिर भी उन्होंने इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने जिस तरह का बयान दिया है, उसके चलते ही ऐसी स्थिति पैदा हुई। उन्होंने कहा कि अब हम फंस गए हैं। यदि सिंधु जल समझौते पर भारत ने ऐक्शन लिया तो नुकसान हमारा ही होगा। टू नेशन थ्योरी पर भी उठाया सवाल, बोले- 1947 से पहले तो नहीं बंटा देश उन्होंने कहा कि मैं तो कहूंगा कि पाकिस्तान पहले खुद अपने अंदर के हालात सुधारे। सिंध में आंदोलन चल रहा है और उनका कहना है कि पंजाब में सिंधु नदी का जल रोका जा रहा है। नहरें बनाई जा रही हैं और हमारा पानी चोरी हो रहा है। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख ने कश्मीर को लेकर बयान दिया, लेकिन सोचना चाहिए कि 4 जंगों में वे कुछ नहीं कर पाए। उलटे अपना मुल्क और तुड़वा बैठे। इसलिए अच्छी बात यही है कि ऐसे बयान न दिए जाएं। उन्होंने पाक सेना चीफ आसिम मुनीर के द्विराष्ट्र सिद्धांत की भी तीखी आलोचना की। प्रोफेसर ने कहा कि 1947 में भारत का विभाजन होना ही गलत था। आज भारत में उतने ही मुसलमान हैं, जितनी पाकिस्तान की आबादी है। आखिर इससे किसका फायदा हुआ? उन्होंने कहा कि 1947 से पहले किसी का भी शासन हुआ, लेकिन सांप्रदायिक आधार पर कोई विभाजन नहीं हुआ था।

पहलगाम आतंकी हमला: ताशकंद समझौता रद्द कर अपनी ही कब्र खोदेगा पाक, क्या है हाजी पीर दर्रा

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से रिश्ते तल्ख हो गए हैं। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त ऐक्शन लेते हुए सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया है और बॉर्डर सील करने समेत कई अन्य कदम उठाए हैं। इससे पड़ोसी देश बौखला उठा है। पाकिस्तान ने शिमला समझौता निलंबित करने का फैसला किया है और ताशकंद समझौते को भी रद्द करने की सोच रहा है। ताशकंद समझौता 10 जनवरी, 1966 को उज्बेकिस्तान में हुआ था। 1965 की जंग के बाद सोवियत संघ की मौजूदगी में यह समझौता हुआ था, जिसमें भारत की तरफ से तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पाकिस्तान की तरफ से तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान ने दस्तखत किए थे। इसी समझौते के तहत भारत ने हाजी पीर दर्रा पर से अपना कब्जा हटा लिया था और 5 अगस्त 1965 से पहले की यथास्थिति बहाल करने पर तैयार हो गया था। इसे 60 साल पहले भारत की एक बड़ी चूक कहा जाता है। अब जब फिर से पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान की नकेल कसना चाह रहा है तो हाजी पीर दर्रा की बात अनायास सामने आ जा रही है क्योंकि यह वही दर्रा है, जहां से पाकिस्तान भारत में अपनी आतंकियों की सप्लाई करता है। अगर 60 साल पहले भारत ने वह चूक नहीं की होती, तो आज कश्मीर में पाकिस्तान आतंक न फैला रहा होता। क्या है हाजी पीर दर्रा? हाजी पीर दर्रा हिमालय पर्वतमाला की पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है। यह जम्मू-कश्मीर स्थित पूंछ को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट से जोड़ता है। 2,637 मीटर यानी 8,652 फीट की ऊंचाई पर अवस्थित यह रणनीतिक दर्रा न केवल पूरे पाक अधिकृत कश्मीर घाटी पर नजर रखता है बल्कि कश्मीर घाटी में पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ का मुख्य मार्ग भी यही है। अगर भारत ने 60 साल पहले इस दर्रे को पाकिस्तान को नहीं सौंपा होता तो पाक आतंकियों की कश्मीर में सप्लाई रोक सकता था और इस्लामाबाद की नकेल भी कस सकता था। इसके अलावा इस दर्रे पर भारत का कब्जा होने से पूंछ और उरी के बीच की दूरी भी 282 किलोमीटर से घटकर सिर्फ 56 किलोमीटर रह जाती। देश का बंटवारा होने से पहले जम्मू घाटी और कश्मीर घाटी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इसी दर्रे से होकर गुजरती थी लेकिन 1948 में पाकिस्तान द्वारा PoK और हाजी पीर दर्रे पर कब्जा कर लेने के बाद से यह रास्ता अनुपयोगी हो गया है। पूरी रात बारिश के बीच की थी चढ़ाई 1965 के भारत-पाक जंग में भारतीय सेना ने हाजी पीर दर्रे के पास स्थित तीन ऊंची पहाड़ियों पूर्व में बेदोरी (3760 मीटर), पश्चिम में सांक (2895 मीटर) और दक्षिण-पश्चिम में लेडवाली गली (3140 मीटर) पर कब्जा कर लिया था, जो इस दर्रे से मात्र 10 से 14 किसोमीटर की दूरी पर था। 27 अगस्त 1965 को मेजर रणजीत सिंह दयाल ने पूरी रात बारिश होने के बावजूद भारी बाधाओं को पार करते हुए तीव्र पहाड़ी पर चढ़ाई की थी और 28 अगस्त, 1965 को इस रणनीतिक दर्रे पर कब्जा कर लिया था। 29 अगस्त को पाकिस्तानी सेना ने फिर से इसे अपने कब्जे में करने की कोशिश की लेकिन भारतीय जवानों ने पाकिस्तानियों को खदेड़ दिया था। 1920 वर्ग किलोमीटर भूभाग लौटाना पड़ेगा हालांकि, जब 10 जनवरी 1966 को ताशकंद में भारत-पाकिस्तान के बीच समझौता हुआ तो भारत ने हाजी पीर दर्के पर से अपना कब्जा छोड़ दिया और समझौते के मुताबिक 5 अगस्त, 1965 की यथास्थिति पर लौट गया। इस तरह एक बार फिर इस रणनीतिक दर्रे पर पाकिस्तान का कब्जा हो गया। भारत ने उस जंग में पाकिस्तान के 1920 वर्ग किलोमीटर भूभाग पर भी कब्जा कर लिया था। इसके तहत सियालकोट, लाहौर और कश्मीर घाटी के उपजाऊ क्षेत्र और हाजी पीर दर्रा शामिल था लेकिन सब कुछ लौटाना पड़ गया। अगर पाकिस्तान ने ताशकंद समझौता तोड़ा तो एक बार फिर इस पर भारत का कब्जा हो जाएगा।

राजा भैया के चचेरे भाई अक्षय प्रताप सिंह की मौजूदगी में दोनों बेटों को जनसत्ता दल की सदस्यता दिलाई

कुंडा यूपी बाहुबली कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को दोनों बेटों की भी राजनीति में एंट्री हो गई है। राजा भैया के चचेरे भाई अक्षय प्रताप सिंह की मौजूदगी में दोनों बेटों शिवराज प्रताप सिंह उर्फ बड़े राजा और बृजराज प्रताप सिंह उर्फ छोटे राजा को जनसत्ता दल की सदस्यता दिलाई गई। कुंडा के बाबूगंज स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉक्टर केएन ओझा और प्रदेश अध्यक्ष विनोद सरोज की उपस्थिति में जिलाध्यक्ष राम अचल वर्मा ने बड़े और छोटे राजा को पार्टी की सदस्यता का कूपन भरवाने के बाद प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कराई। राजा भैया के दो बेटियां और दो बेटे हैं। दोनों बेटियां और दोनों बेटे जुड़वा हैं। पत्नी भानवी सिंह से विवाद के बाद दोनों बेटियां मां के साथ रहती हैं। दोनों बेटे राजा भैया के साथ रहते हैं। जनसत्ता दल में शामिल होने से पहले भी राजनीति आयोजनों में दोनों बेटे राजा भैया के साथ अक्सर दिखाई देते रहते थे। कुंडा से लखनऊ भी राजा भैया के साथ आना जाना लगा रहता था। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान तो दोनों पिता के प्रचार के लिए काफी सक्रिय भी दिखाई दिए थे। दोनों बेटों शिवराज प्रताप और बृजराज प्रताप का जन्म 2003 में तब हुआ था जब राजा भैया को मायावती ने पोटा के तहत गिरफ्तार कर जेल में डाला था। राजा भैया तब दस महीने तक जेल में रहे और दोनों बेटों का लंबे समय तक मुंह नहीं देख सके थे। तब मायावती भाजपा के सहयोग से प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। उसी समय अचानक ही प्रदेश की राजनीति बदली थी और भाजपा ने मायावती से समर्थन हटाया तो मुलायम सिंह ने कई निर्दलीय और बसपा के बागियों के सहयोग से अपनी सरकार बनाई थी। मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के आधे घंटे के अंदर ही राजा भैयासे पोटा के तहत लगे सभी मुकदमे खारिज करने का आदेश दिया था। बाद में राजा भैया को मुलायम सिंह ने मंत्री भी बनाया था।

महासमुंद : शीघ्रता से निराकृत हुआ ऋण पुस्तिका का आवेदन, श्रीमती पुरी हरपाल ने जताई खुशी

महासमुंद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में संचालित यह अभियान, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को ज़रूरतमंदों तक पारदर्शिता और त्वरित प्रक्रिया  के माध्यम से पहुँचाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का त्वरित लाभ दिलाना और शासन-जनता के बीच सेतु का कार्य करना है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास की किरण पहुँच सके।                                 कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का संबंधित विभागों द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में सुशासन तिहार अंतर्गत श्रीमती पुरी हरपाल पति पंकज हरपाल निवासी तेंदुलोथा खुर्द द्वारा ऋण पुस्तिका (किसान किताब) हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिसे तत्काल निराकरण किया जाकर आवेदक को किसान किताब प्रदान किया गया। लंबे इंतजार के पश्चात ऋण पुस्तिका प्राप्त होते ही श्रीमती हरपाल के चेहरे पर संतोष और प्रसन्नता साफ झलक रही थी। उन्होंने समाधान मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए शासन की त्वरित कार्यप्रणाली की सराहना की।

संभल में पाकिस्तान के विरोध में लगाए नारे, काली पट्टी बांध कर जुमे की नमाज अदा करने पहुंचे नमाजी

संभल यूपी के संभल और चंदौसी जिले की कई मस्जिदों में शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने नमाजी काली पट्टी बांधकर पहुंचे और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। संभल की शाही जामा मस्जिद में नमाजियों ने पोस्टर लेकर पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कश्मीर के पहलगाम शहर के बैसरन में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गयी थी, जिसमें से अधिकतर पर्यटक थे। संभल की शाही जामा मस्जिद में नमाज पढ़ कर निकले साकिर हुसैन ने कहा, जिन निहत्थे लोगों के साथ यह जुल्म हुआ और हमारी बहनों का सुहाग उजाड़ दिया गया, बेहद ही दुखद घटना है। उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “आतंकवादियों और उनके आकाओं को सबक सिखाने का यह सही समय है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि इन आतंकवादियों को ऐसा सबक मिले कि नस्ले भी याद रखें। वहीं सईद अख्तर इसराइली ने कहा, भारत को पाकिस्तान से सारे समझौते रद्द करने चाहिए और जहां-जहां आतंकवादियों के शिविर हैं उन्हें नष्ट कर देना चाहिए।” अख्तर ने कहा, “हमले में मारे गये निहत्थे लोगों के लिए मस्जिद में हम लोगों ने दुआ की। यह पूरी इंसानियत का कत्ल है और इस दुख की घड़ी में हम उन परिवारजनों के साथ हैं।” वहीं चंदौसी की तकिए वाली मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद शाह आलम मंसूरी ने कहा कि पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकवाद करके निर्दोष लोगों की जान ले रहा है लेकिन अबकी बार आर पार से कम बात नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आज हमने काली पट्टी बांध कर आतंकवाद का विरोध किया है। आज देश का हर मुसलमान आतंकवाद के खिलाफ देश के साथ खड़ा है।

केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन एक्ट पर जवाबी हलफनामा दाखिल किया, धार्मिक अधिकार में कोई हस्तक्षेप नहीं…

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन एक्ट पर जवाबी हलफनामा दाखिल किया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में सरकार ने कानून का बचाव करते हुए यानी इसे सही ठहराते हुए कहा है कि पिछले 100 साल से वक्फ बाई यूजर को केवल पंजीकरण के आधार पर मान्यता दी जाती है ना कि मौखिक रूप से. केंद्र सरकार ने हलफनामे में कहा कि वक्फ मुसलमानों की कोई धार्मिक संस्था नहीं बल्कि वैधानिक निकाय है. वक्फ संशोधन कानून के मुताबिक मुतवल्ली का काम धर्मनिरपेक्ष होता है न कि धार्मिक. ये कानून चुने गए जनप्रतिनिधियों की भावनाओं को दर्शाता है. उन्होंने ही बहुमत से इसे पारित किया है. केंद्र सरकार ने कोर्ट में वक्फ को लेकर जो हलफनामा दाखिल किया है, उसमें कहा गया है कि संसद द्वारा पारित कानून को संवैधानिक रूप से वैध माना जाता है, विशेष रूप से संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की सिफारिशों और संसद में व्यापक बहस के बाद बना हुए कानून को. केंद्र ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह अभी किसी भी प्रावधान पर अंतरिम रोक नहीं लगाए. इस संशोधन कानून से किसी भी व्यक्ति के वक्फ बनाने के धार्मिक अधिकार में कोई हस्तक्षेप नहीं होता. केवल प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस कानून में बदलाव किया गया है. बता दें कि इस बिल को पारित करने से पहले संयुक्त संसदीय समिति की 36 बैठकें हुई थीं और 97 लाख से ज्यादा हितधारकों ने सुझाव और ज्ञापन दिए थे. समिति ने देश के दस बड़े शहरों का दौरा कर जनता के बीच जाकर उनसे उनके विचार जाने थे.  

पाकिस्तानी संसद ने भारत के खिलाफ सर्वसम्मति से घातक हमले को पाकिस्तान से जोड़ने को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया

इस्लामाबाद जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने से पड़ोसी देश तिलमिला गया है। संसद में पाकिस्तान भारत के खिलाफ जमकर जहर उगल रहा है। शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद ने भारत के खिलाफ सर्वसम्मति से घातक हमले को पाकिस्तान से जोड़ने को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया। उसने कहा कि पाकिस्तान अपनी रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पहलगाम हमले में आतंकियों ने 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ भारी गुस्सा है। पाकिस्तानी डिप्टी पीएम इशाक डार ने संसद में प्रस्ताव पेश किया, जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान जल आतंकवाद या सैन्य उकसावे सहित किसी भी आक्रमण के खिलाफ अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है। प्रस्ताव के अनुसार, संसद ने इस बात पर जोर दिया कि निर्दोष नागरिकों की हत्या पाकिस्तान के अपनाए गए मूल्यों के विपरीत है। कहा गया, ”यह प्रस्ताव जम्मू और कश्मीर में 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले से पाकिस्तान को जोड़ने के सभी तुच्छ और निराधार प्रयासों को भी खारिज करता है।” प्रस्ताव में पाकिस्तान ने भारत पर उसे बदनाम करने का आरोप लगाया। संसद ने कहा, ”पाकिस्तान को बदनाम करने के लिए भारत सरकार द्वारा सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण अभियान की निंदा की जाती है, जो संकीर्ण राजनीतिक लक्ष्य के लिए आतंकवाद के मुद्दे का शोषण करने के परिचित पैटर्न पर चल रहा है।” साथ ही, पाकिस्तान ने भारत की सिंधु जल संधि पर रोक लगाने के फैसले की भी निंदा की और फिर से दोहराया कि यह साफ तरीके से युद्ध की कार्रवाई के बराबर है। नई दिल्ली ने हमले के बाद बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए। भारत ने कार्रवाई करते हुए 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। इसके अलावा, पाक से लगने वाली अटारी बॉर्डर को भी बंद कर दिया और राजनयिक संबंधों को भी कम कर दिया है। इसके अलावा, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी अहम बैठक की और भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस को बंद करने समेत कई फैसले लिए।

सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन की शुरुआत कर दी, पहलगाम में हमला करने वाले 4 आतंकियों को देखा है, महिला के दावे से हड़कंप

जम्मू जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में शामिल आतंकियों के लिए तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बीच, कठुआ जिले में एक महिला ने दावा किया कि उन्होंने हमले में शामिल आतंकियों को देखा है, जिससे हड़कंप मच गया। इसके बाद कठुआ में बड़े स्तर पर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन की शुरुआत कर दी है। ‘इंडिया टुडे’ के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस का विशेष अभियान समूह मौके पर पहुंच गया है और तलाशी अभियान चला रहा है। कठुआ के अलावा, पुलवामा और बारामूला में भी आतंकियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने गोलीबारी करते हुए 26 लोगों की हत्या कर दी थी। इसमें कई लोग घायल भी हुए थे। इसके बाद आतंकी घटनास्थल से भागने में कामयाब रहे थे। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सेना आतंकियों को ढूंढने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले में शामिल प्रत्येक अपराधी की तलाश की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमलावरों को इस कायरतापूर्ण कृत्य की भारी कीमत चुकानी होगी। उपराज्यपाल ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी समेत शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की। लगभग एक घंटे तक चली बैठक में उपराज्यपाल ने सेना प्रमुख से न केवल पहलगाम आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के दायरे में लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा, बल्कि आतंकवाद के बुनियादी ढांचे और उसके पारिस्थितिकी तंत्र को कुचलने के प्रयासों को भी तेज करने को कहा। बैठक के दौरान सिन्हा ने कहा कि देश को सेना, पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शौर्य और वीरता पर पूरा भरोसा है और इन सभी एजेंसियों को मिलकर पहलगाम आतंकवादी हमले के गुनहगारों और मददगारों की पहचान कर, उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में सतत कार्रवाई करनी चाहिए। सेना प्रमुख शुक्रवार को घाटी पहुंचे थे, जहां उन्होंने पहलगाम हमले के बाद की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि सेना प्रमुख जम्मू-कश्मीर की समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे और शीर्ष सैन्य अधिकारी उन्हें हमले के बाद उठाए गए कदमों की जानकारी देंगे।

सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का लिया फैसला

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल 2025 का 43वां मुकाबला शुक्रवार को एम चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है।चेन्नई ने दो बदलाव किए हैं। रचिन और शंकर को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, जबकि ब्रेविस और हुड्डा को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली है। चेन्नई ने किए दो बदलाव सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने इंडियन प्रीमियर लीग में शुक्रवार को चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सुपरकिंग्स ने दो बदलाव करते हुए रचिन रविंद्र और विजय शंकर की जगह डेवाल्ड ब्रेविस और दीपक हुड्डा को एकादश में शामिल किया है। सनराइजर्स हैदराबाद प्लेइंग इलेवन सनराइजर्स हैदराबाद (प्लेइंग इलेवन): अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, नितीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, कामिंडु मेंडिस, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी, मोहम्मद शमी चेन्नई सुपर किंग्स प्लेइंग इलेवन चेन्नई सुपर किंग्स (प्लेइंग इलेवन): शेख रशीद, आयुष म्हात्रे, सैम करन, रवींद्र जड़ेजा, देवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, एमएस धोनी (विकेटकीपर/कप्तान), दीपक हुडा, नूर अहमद, खलील अहमद, मथीशा पथिराना सनराइजर्स हैदराबाद ने जीता टॉस सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है।

कोंडागांव : जिले की ग्राम पंचायतों में जनचौपाल का आयोजन शुरू

कोंडागांव जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का आकलन करने हेतु कलेक्टर श्रीमती नुपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार जिले के ग्राम पंचायतों में जनचौपाल का आयोजन प्रारंभ हो गया है। निर्धारित तिथियों के अनुसार आयोजित हो रहे जनचौपालों में जिला स्तरीय नोडल अधिकारी उपस्थित होकर ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का आकलन कर रहे हैं। इस दौरान शासकीय भवनों की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है तथा ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होने की स्थिति की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बेमेतरा : कलेक्टर ने किया जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, मरीजों से की सीधी बातचीत, दिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश

बेमेतरा कलेक्टर एवं दंडाधिकारी रणबीर शर्मा ने आज शुक्रवार को जिला अस्पताल बेमेतरा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों से सीधे संवाद किया, उनका हालचाल जाना और इलाज से जुड़ी उनकी संतुष्टि की स्थिति पर जानकारी प्राप्त की।कलेक्टर शर्मा ने महिला वार्ड, शिशु वार्ड, जनरल वार्ड, आपातकालीन कक्ष, औषधि वितरण कक्ष, ऑपरेशन थियेटर और ओपीडी सहित अन्य प्रमुख हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक वार्ड में साफ-सफाई की स्थिति, बेड की उपलब्धता, बिजली और पानी की आपूर्ति, पंखों और कूलर की कार्यशीलता तथा मरीजों को मिलने वाली भोजन व्यवस्था की भी बारीकी से जांच की। मरीजों से संवाद और समस्याओं का त्वरित समाधान निरीक्षण के दौरान कई मरीजों और उनके परिजनों ने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। जिलाधीश ने डॉक्टर से कहा की हॉस्पिटल मे आवश्यकता अनुसार दवाइयों की स्टॉक पर्याप्त उपलब्ध रहे । कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के साथ-साथ मरीजों के लिए गरिमापूर्ण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। डॉक्टरों और कर्मचारियों को निर्देश कलेक्टर रणबीर शर्मा ने डॉक्टरों के कक्षों में पहुंचकर चिकित्सकों से भी चर्चा की और उपस्थित मेडिकल स्टाफ से मरीजों की देखभाल की प्रक्रिया, औषधियों की उपलब्धता, और अस्पताल में उपलब्ध उपकरणों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करें। मरीजों के प्रति सहानुभूति का भाव रखें और हर मरीज को समय पर, उचित इलाज मिले, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति रजिस्टर की भी जांच की और समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि अस्पताल में अनुशासन और कार्यकुशलता बनी रहनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता कलेक्टर शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए अस्पतालों का समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है और जो भी कमियां सामने आती हैं, उन्हें तुरंत दूर करने के निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के मामलों किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अस्पतालों में आने वाले हर मरीज को बेहतर इलाज और सुविधा मिलना ही प्रशासन का उद्देश्य है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में उपस्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान एडीएम अनिल वाजपेयी, एसडीएम प्रकाश भारद्वाज, सीएमएचओ, और अस्पताल प्रबंधक तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

कोई भी इंटेलिजेंस इनपुट या सुरक्षा जानकारी पुख्ता तौर पर सही नहीं होती है, पहलगाम आतंकी हमला एक चूक: पूर्व रॉ चीफ

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को पूर्व रॉ चीफ ए एस दुलत ने स्पष्ट तौर पर बड़ी चूक करार दिया है लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि कोई भी इंटेलिजेंस इनपुट या सुरक्षा जानकारी पुख्ता तौर पर सही नहीं होती है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता तो इंदिरा गांधी की हत्या नहीं होती और न ही अमेरिका में 9/11 जैसी वीभत्स घटना होती। उन्होंने कहा कि सबसे मजबूत खुफिया एजेंसी मोसाद के रहते हुए भी इजरायल में 7 अक्टूबर जैसी घटना नहीं होती और अचानक हमले में इतनी जानें नहीं जाती। बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी घटना पर कुछ मीडिया संस्थानों ने उंगली उठाई है और इसे खुफिया विफलता और सुरक्षा चूक बताया है। इस हमले में एक नेपाली नागरिक समेत कुल 26 लोगों की मौत हो गई। इनमें अधिकांश पर्यटक थे, जो वहां घूमने गए थे। भारत सरकार ने इस घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं। इसमें सबसे प्रमुख सिंधु जल समझौता स्थगित करना है। इससे पाकिस्तान बौखला उठा है। पहलगाम की घटना अजीब दुलत ने कहा कि फिर भी यह घटना अजीब है क्योंकि ऐसा कैसे संभव हुआ कि जहां हजारों सैलानी जा रहे हों, कई वीवीाईपी जा रहे हों, वहां सुरक्षा व्यवस्था एकदम नहीं थी, जबकि यह राज्य पहले से आतंकियों के निशाने पर है और आतंकी गतिविधियों के केंद्र में रहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व है क्योंकि 2017 को छोड़कर कभी भी आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा को प्रभावित नहीं किया। उन्होंने कहा कि गौर करने वाली बात यह है कि जहां ये आतंकी घटना घटी, वह अमरनाथ यात्रा मार्ग से बहुत दूर नहीं है। कश्मीर के इतिहास में एक मोड़ उन्होंने माना कि कश्मीर के इतिहास में एक बड़ा अपवाद चित्तीसिंहपुरा नरसंहार रहा है, जहां आतंकियों ने 20 मार्च 2000 की शाम को 35 सिखों को खड़े कर गोली मार दी थी। यह घटना तब घटी थी, जब कुछ घंटे बाद तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत दौरे पर आने वाले थे। दुलत ने कहा कि वह घटना अशांत कश्मीर के इतिहास में एक मोड़ था। इस बार भी यह घटना ऐसे वक्त में हुई है, जब अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेन्स भारत के चार दिवसीय दौरे पर थे। पाकिस्तानी सेना प्रमुख का भाषण ही जड़ जब उनसे पूछा गया कि क्या आतंकवादियों के रुख में आया यह बदलाव पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर द्वारा हाल ही में दिए गए दो राष्ट्र सिद्धांत और कश्मीर गले की नस है, जैसे मुद्दे को सार्वजनिक तौर पर उछाले जाने के बाद आया है, तो पूर्व रॉ चीफ ने कहा कि ऐसा ही लगता है क्योंकि इनसे पहले के पाक सेना प्रमुख कम आक्रामक थे। दुलत ने कहा कि जनरल मुनीर ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है, जो किसी जिम्मेदार पद पर बैठे शख्स को नहीं बोलनी चाहिए थी। हर हाल में ढूंढ़ा जाना चाहिए हमलावर आतंकी दुलत ने कहा कि जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आतंकवादी चाहे जहां कहीं भी छिपे हों, उसे ढूंढकर सबक सिखाना ही चाहिए। पूर्व रॉ चीफ ने कहा कि अगर आतंकी भारत में छिपे हों तो या पाक चले गए हों, जिसकी संभावना ज्यादा दिखती है, तो भी हर हाल में उन्हें ढूंढ़ा जाना चाहिए और उसे नेस्तनाबूद किया जाना चाहिए। कश्मीर में आगे की राह क्या हो? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र को एक ही रास्ते पर होना चाहिए और फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री अब्दुल्ला, दोनों ही एक साथ तालमेल कर रहे हैं और एक ही सुर में हैं जो अच्छा संकेत हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में कश्मीरियों को अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए।

रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी सभा की बैठक का किया गया आयोजन

आष्टा आज माननीय विधायक महोदय जी की उपस्थिति में अनुविभागीय अधिकारी आष्टा की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी सभा की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमे माननीय विधायक महोदय जी के भागीरथी प्रयास से सिविल अस्पताल आष्टा में 05 महा से बंद सी. टी. स्कैन मशीन की एक्स रे ट्यूब के लिये राज्य शासन से 24 लाख रू की राशि स्वीकृत करा कर उक्त राशि रोगी कल्याण समिति आष्टा के खाते में हस्तांतरित कराने का पत्र प्राप्त हुआ, जिसके परिपेक्ष में आदरणीय विधायक महोदय जी द्वारा आज मीटिंग आयोजित कर उक्त कार्य शीघ्र पूर्ण कराने हेतु संबंधित फर्म को तत्काल कार्य आदेश देने हेतु कहा गया, साथ की अस्पताल में सेंटर वाटर प्यूरिफिकेशन  सिस्टम के साथ चिलर, अस्पताल में प्रसूति महिला को एम्बुलेंस से उतारने के स्थान पर टीनशेड का निर्माण कार्य, अस्पताल की टूटी फूटी टाइल्स, दरवाजे, खिड़की आदी की मरम्मद कार्य, छत पर पानी भराव को रोकने की लिए लेवल करने के कार्य, अस्पताल की आवश्यक सामग्री क्रय करने आदि के प्राप्त एस्टीमेंट का अवलोकन कर भंडार क्रय नियमनानुसार कार्य पूर्ण करने की स्वीकृति प्रदान की गई ! साथ ही आष्टा में ट्रामा सेंटर स्थापित करने हेतु पशु चिकित्सालय और वन विभाग की जमीन को अस्पताल कार्य के लिए उपयोग करने हेतु तहसीलदार महोदय आष्टा को जल्द भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु कहा गया, साथ ही रोगी कल्याण से संचालित दुकानों के वार्षिक अनुबंध को नियमानुसार सही करने के निर्देश दिए गए, उक्त मीटिंग में माननीय विधायक महोदय जी, अनुविभागीय अधिकारी महोदय, तहसीलदार महोदय, विधायक प्रतिनिधि श्री उत्थान जी धारवा, श्री सुरेश जी जैन, मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी महोदय एवम अस्पताल स्टाफ आदि उपस्थित रहे !

कलेक्टर उइके ने मत्स्य एवं पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित हिग्राहियों से की चर्चा

 कलेक्टर उइके ने मत्स्य एवं पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित हिग्राहियों से की चर्चा जिले के ग्रामीणों के आजीविका में वृद्धि के लिए मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के योजनाओं से लाभ दिलाने के दिये निर्देश गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके आज पशुधन विकास एवं मत्स्य विभाग की संचालित योजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित व्यक्तिमूलक योजनाओं विशेष रूप से राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना तथा सूकर त्रयी वितरण योजना से लाभान्वित हितग्राहियो का ग्रामीण अंचल में जाकर निरीक्षण किया गया तथा उनसे चर्चा कर योजनाओं की जानकारी लेते हुए उन्हें होने वाले लाभ पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर उइके को ग्राम सढ़ौली के अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राही श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर एवं गुणज्ञ चन्द्रवंशी द्वारा बताया गया गया कि कुछ वर्ष पूर्व वे देशी नस्ल के पशुधन को रखते थे जिनमें से देशी नस्ल के गायों का दुग्ध उत्पादन बहुत ही कम होता था। इसके उपरांत पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों जानकारी ली गई। विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर वे पूर्ण रूप से उन्न्त नस्ल के पशुओं का पालन कर रहे है। जिससे उन्नत नस्ल की गायों से उनको प्रतिदिन 30 से 40 लीटर दुध उत्पादन हो रहा है। जिसे वे स्थानीय बाजार में 50 रूपये प्रति लीटर की हिसाब से विक्रय कर लाभ अर्जित कर रहे है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के अन्य पशुपालक कृत्रिम गर्भाधान का पूर्ण लाभ उठाते हुये देशी नस्ल की गायों का उन्नयन कर उन्नत नस्ल के पशुओं का पालन कर रहे है। इस दौरान पशु चिकित्सा एवं सेवाएं के उपसंचालक डॉ ओ.पी तिवारी ने बताया कि राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत 02 उन्नत नस्ल के दुधारू पशुओं का प्रावधान है। जिसकी इकाई लागत 1 लाख 40 हजार रूपये अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति श्रेणी के हितग्राहियों को 66.66 प्रतिशत अधिकतम 93 हजार 200 रूपये तथा सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अधिकतम 70 हजार रूपये का अनुदान डी. बी. टी. के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में अंतरित किया जाता है। कलेक्टर उइके ने पशुधन को समय पर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, उपचार आदि की समुचित व्यवस्था करने की निर्देश दिये। इसके अलावा कलेक्टर ने मत्स्य बीज उत्पादन परिक्षेत्र आमदी एवं मत्स्य बीज संवर्धन परिक्षेत्र कोकड़ी तथा मछली पालन कार्यालय का निरीक्षण किया, जिसमें वर्ष 2025-26 में मछली बीज उत्पादन के लक्ष्य को पूर्ति करने के लिए की जा रही तैयारियों काी जानकारी ली और लक्ष्य की प्राप्ति के निर्देश दिये। कलेक्टर ने जिले के ग्रामीणों के आजीविका में वृद्धि के लिए मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के योजनाओं से लाभ दिलाने के निर्देश दिये। इस दौरान अपर कलेक्टर नवीन भगत, मत्स्य पालन विभाग के सहायक संचालक आलोक वशिष्ट एवं जिला पशु चिकित्सालय गरियाबंद के प्रभारी डॉ. टामेश कंवर एवं अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे।

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