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पंजाब की बल्लेबाजी शुरू, प्रियांश आर्या के साथ प्रभसिमरन सिंह पारी की शुरुआत

नई दिल्ली आईपीएल-2025 में आज मौजूदा विजेता कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना पंजाब किंग्स से होना है। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में ये मैच होना है और इस मैच में मेजबान टीम की नजरें बदला लेन पर होंगी। इससे पहले ये दोनों टीमें मुल्लांपुर में भिड़ी थीं जिसमें पंजाब ने 111 रनों के स्कोर का बचाव कर लिया था। अब कोलकाता अपने घर में उस हार का बदला लेना चाहेगी। पंजाब की पारी शुरू पंजाब की पारी शुरू हो गई है। प्रियांश आर्या के साथ प्रभसिमरन सिंह पारी की शुरुआत कर रहे हैं। कोलकाता की तरफ से पहला ओवर फेंक रहे हैं। वैभव अरोड़ा।  पंजाब की पहले बैटिंग  पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पंजाब ने अपनी टीम में दो बदलाव किए हैं। ग्लेन मैक्सवेल और अजमतुल्लाह ओमरजई को पंजाब ने मौका दिया है। कोलकाता ने रमनदीप की जगह चेतन सकारिया को मौका दिया है। मोईन अली की जगह रोवमैन पावेल को कोलकाता ने मौका दिया है।

डोंगरगढ़ रोपवे हादसा, दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही, अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व मंत्री पैकरा

डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी मंदिर में शुक्रवार को हुए रोपवे हादसे ने एक बार फिर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह महज एक तकनीकी दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही, अवैध निर्माण और VIP संस्कृति की एक खतरनाक मिसाल बन गई है। पैकरा निरीक्षण पर आए, खुद हो गए हादसे का शिकार बता दें कि छत्तीसगढ़ के वन विकास निगम के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा बीते शुक्रवार की दोपहर डोंगरगढ़ में रोपवे संचालन की प्रणाली समझने के उद्देश्य से पहुंचे थे। उनके नेतृत्व में कुदरगढ़ मंदिर में भी रोपवे लगवाने की योजना बनाई जा रही है। मंदिर ट्रस्ट के साथ मीटिंग निर्धारित थी, जिसमें कुदरगढ़ से जुड़े कुछ पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। लेकिन जिस तकनीक को देखने आए थे, उसी तकनीक ने उन्हें हादसे का शिकार बना दिया। जैसे ही ट्रॉली दोपहर में मंदिर से नीचे स्टेशन पर पहुंची, वह अपनी तय सीमा से आगे बढ़ गई और वहां बने अवैध चबूतरे से टकराकर पलट गई। चबूतरा मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के निर्देश पर बनाया गया था, जिसकी तकनीकी स्वीकृति नहीं ली गई थी और जो रोपवे की मूल डिज़ाइन का हिस्सा ही नहीं था। इस रोपवे का नियमित संचालन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक बंद रहता है। लेकिन पैकरा की VIP यात्रा को देखते हुए रोपवे को विशेष रूप से चालू किया गया, वो भी उस वक्त जब अधिकांश स्टाफ भोजन अवकाश में था। हादसे के वक्त ट्रॉली में रामसेवक पैकरा, भाजपा नेता भरत वर्मा, ट्रस्ट अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, दया सिंह, सिद्धार्थ सिंह और बलराम सिंह सवार थे। इस दौरान भरत वर्मा को गंभीर चोटें आई हैं, रीढ़ की हड्डी और हाथ में फ्रैक्चर की आशंका है। अन्य को हल्की चोटें लगीं। यह पहली बार नहीं है जब डोंगरगढ़ का रोपवे सवालों के घेरे में आया हो—     फरवरी 2021: रोपवे की ट्रॉली गिरने से मज़दूर गोपी गोड़ की मौत हो गई थी। ट्रॉली रोप केबल से अलग होकर सीधे ज़मीन पर आ गिरी थी।     अप्रैल 2024: कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसपी मोहित गर्ग नवरात्रि से पहले निरीक्षण के दौरान ट्रॉली में ही फंस गए थे। बिजली सप्लाई रुकने से सिस्टम बंद हो गया और जनरेटर से उन्हें नीचे लाया गया। जवाबदेही से बचते दिखे ज़िम्मेदार हादसे के बाद एसपी मोहित गर्ग मौके पर पहुंचे और रोपवे संचालन करने वाली कंपनी दामोदर इंफ्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अवैध चबूतरा, VIP दबाव में संचालन और स्टाफ की गैरमौजूदगी से हादसा हुआ, तो ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल पर भी कार्रवाई क्यों नहीं? मनोज अग्रवाल मीडिया के सामने ये कहकर बचते नज़र आए कि संचालन ट्रस्ट करता है लेकिन मेंटेनेंस की ज़िम्मेदारी दामोदर इंफ्रा की है। दूसरी ओर, दामोदर इंफ्रा के साइट इंचार्ज ने सारा ठीकरा बिजली विभाग पर फोड़ते हुए ‘लो वोल्टेज-हाई वोल्टेज’ का बहाना बना डाला। लेकिन कंपनी ने आज तक कभी बिजली विभाग को इस समस्या की कोई लिखित सूचना तक नहीं दी। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस लापरवाह और वीआईपी संस्कृति की पोल खोलता है, जिसमें आम जनता की सुरक्षा को ताक पर रखकर नियम तोड़े जाते हैं। रोपवे जैसी तकनीकी सेवा, जहां जान की बाज़ी लगी हो, वहां बिना स्टाफ, बिना सुरक्षा जांच और बिना ज़रूरी अनुमति के संचालन किया गया। कुदरगढ़ में रोपवे लगाने का सपना लेकर आए थे पैकरा, लेकिन डोंगरगढ़ का ही रोपवे उन्हें ज़मीन पर ला पटका। अब सवाल यह है, क्या इस हादसे के बाद सिर्फ कंपनी पर कार्रवाई होगी ? या उन असली ज़िम्मेदारों पर भी शिकंजा कसेगा जिन्होंने नियमों को VIP आदेशों के नीचे कुचल डाला?

वैशाख अमावस्या पर स्नान, दान और पूजा करना शुभ

  वैशाख का महीना भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है. इस पूरे माह में श्री हरि की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है. वहीं इस माह की अमावस्या तिथि के दिन भगवान लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से आपको विशेष लाभ होता और आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस बार वैशाख माह की अमावस्या तिथि 27 अप्रैल यानी कल है. वैशाख अमावस्या पर स्नान, दान और पूजा करना शुभ माना जाता है.साथ ही इस दिन पितरों का तर्पण, पिंड़दान और श्राद्ध भी किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से आपको मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं. वैशाख अमावस्या पूजा विधि वैशाख अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर इष्ट देव को प्रणाम करें. इसके बाद घर की साफ-सफाई कर गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें. अब सूर्य देव को अर्घ्य दें. उसके बाद भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करें और व्रत करने का संकल्प करें. इसके साथ जप, तप और दान करें. वह लोग जिनके पूर्वजों का पिंड दान नहीं हुआ है, वह इस दिन अपने पितरों को तर्पण कर सकते हैं. पूजा-पाठ के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं. इसके बाद क्षमतानुसार दान दक्षिणा दें. वैशाख अमावस्या पूजा मंत्र ॐ पितृ देवतायै नम: ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्। ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम: ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:। ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्। वैशाख अमावस्या महत्व धार्मिक मान्यता के अनुसार, वैशाख अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इसके अलावा अमावस्या तिथि को पितरों को याद करने का विशेष महत्व है. इस दिन लोग पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

सीएम योगी से मिलने नहीं जाते और न ही उन्हें जरूरत है और न ही सीएम को उनसे मिलने की कोई जरूरत है: बृजभूषण

गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा से सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ”वह सीएम योगी से मिलने नहीं जाते और न ही उन्हें जरूरत है और न ही सीएम को उनसे मिलने की कोई जरूरत है। उन्होंने कहा कि सीएम से उनकी कोई नाराजगी नहीं है और न ही कोई बैर है। हमने कोई ऐसी शपथ भी नहीं ली कि हम कभी मिलेंगे नहीं। बृजभूषण सिंह ने ये भी कहा… बृजभूषण सिंह ने कहा कि सीएम योगी प्रदेश के मुख्यमंत्री है। मेरे बेटे करण भूषण सिंह ( भाजपा सांसद) और प्रतीक भूषण सिंह ( भाजपा विधायक) उनसे मिलते रहते हैं। लेकिन मैं नहीं जाता हूं। क्योंकि हमें जरूरत नहीं है। ‘विधायक अधिकारियों के पैर छू रहे…’ बृजभूषण सिंह ने आगे कहा कि, आज काम के लिए सिफारश जरूरी है। आज हालात ऐसे है कि विधायकों को अपना काम निकलवाने के लिए अफसरों के पैर छूने पड़ते हैं। जो काम अफसरों को स्वप्रेरणा से करना चाहिए, उसके लिए भी सिफारिश लगती है। कहीं न कहीं सत्ता का प्रभाव सीमित हो गया। राहुल गांधी के बारे में ये बोले बृजभूषण विपक्ष को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण सिंह ने कहा कि ”इस देश में एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है। विपक्ष का काम है सरकार को चेताना, सतर्क करना और समय पर ठोक देना। राहुल गांधी को अभी सीखने की जरूरत है। राहुल का नाम यानी खानदान भले ही नेहरू और इंदिरा गांधी से जुड़ा हो, लेकिन उनका खुद का कोई स्पष्ट विजन नजर नहीं आता। वह देश के लिए क्या करना चाहते हैं, यह समझ नहीं आता। राहुल अभी सीखें, गंभीरता लाएं। उन्हें चाहिए कि वो हमसे नहीं तो कम से कम अपने परिवार और पार्टी नेताओं से सीखें।

पहलगाम हमला: तेजस्वी ने इस नृशंस हमले के दोषियों को ‘कड़ी से कड़ी सजा’ दिए जाने की मांग की, पूरा विपक्ष सरकार के साथ

नई दिल्ली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूरा विपक्ष सरकार के साथ है। मंगलवार को हुए इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। ‘‘यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा” तेजस्वी ने इस नृशंस हमले के दोषियों को ‘‘कड़ी से कड़ी सजा” दिए जाने की मांग की। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और इसलिए हम इस पर राजनीति नहीं करना चाहते। (हमले में) जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए महागठबंधन राज्य भर में इसी तरह के मोमबत्ती जुलूस निकाल रहा है।” उन्होंने आयकर गोलंबर से डाक बंगला चौराहे तक मार्च किया। पूर्व उपमुख्यमंत्री के साथ संजय यादव और अब्दुल बारी सिद्दीकी जैसे पार्टी सहयोगियों के अलावा राज्य कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और भाकपा-माले (लिबरेशन) के राज्य सचिव कुणाल भी थे। तेजस्वी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने कल दिल्ली में सर्वदलीय बैठक में सरकार से कहा था कि विपक्ष समेत पूरा देश संकट की इस घड़ी में उनके साथ है।” उन्होंने कहा, ‘‘पहलगाम हमले के मद्देनजर सरकार जो भी कदम उठाने का फैसला करेगी, हम उसके साथ हैं। हमलावरों का पता लगाया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।”  

मुख्यमंत्री साय से सांसद मनोज तिवारी ने की सौजन्य भेंट, नंदी की प्रतिमा भेंट कर किया आत्मीय स्वागत

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोकसभा सांसद  मनोज तिवारी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर  तिवारी का पारंपरिक शाल ओढ़ाकर तथा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट बेलमेटल कला से निर्मित नंदी की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय और सांसद मनोज तिवारी के  बीच छत्तीसगढ़ की लोक कला, लोक संस्कृति और राज्य में उभरते फिल्म उद्योग सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री तिवारी को राज्य सरकार द्वारा लोककला के संरक्षण, संवर्धन तथा फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना की दिशा में उठाए जा रहे कदमों से भी अवगत कराया। सांसद मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री साय द्वारा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और लोक धरोहरों को राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य सेवाओं को जनसामान्य के लिए सुलभ, उच्च गुणवत्ता युक्त और व्यापक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभव, आधुनिक मेडिकल कॉलेजों का सुदृढ़ आधार और समय पर नियुक्ति की प्रक्रिया से प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में वरिष्ठ विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव का लाभ उठाने के उद्देश्य से, उन्हें 70 वर्ष की आयु तक संविदा सेवा देने के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव कैबिनेट अनुमोदन के लिए शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों की गुणवत्ता में वृद्धि करेंगी साथ ही यह निर्णय चिकित्सकों की कमी की पूर्ति करने में भी सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा और इंदौर के मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिए कॉलेजों का अधोसंरचना विकास , अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था अन्य आवश्यक कार्य भी समय से पूर्ण किए जाएँ। शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि एमपीपीएससी के साथ नियमित संपर्क में रहते हुए सभी आवश्यक औपचारिकताओं को तत्काल प्राथमिकता से पूरा किया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल (ई-एचआरएमएस) की तैयारी पूर्ण कर ली जाए। पोर्टल को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कार्मिकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय से विभागीय कार्य में गति आएगी और सेवाओं में सुधार होगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना उपस्थित रहे।

कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से अगस्त तक आयोजित होगी, सरकार ने यात्रा में जोखिम की जिम्मेदारी खुद लेने की सलाह दी

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से लोगों के बीच आक्रोश का माहौल है. इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. इस बीच विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस साल भी कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन होगा. जून से अगस्त तक इसका आयोजन किया जाएगा. यह यात्रा बीते पांच सालों से बंद थी. विदेश मंत्रालय ने क्या जानकारी दी? विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस साल जून से अगस्त 2025 के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन होगा. इच्छुक यात्रा कैलाश यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इस साल यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथु ला दर्रे से होगी. पांच और दस बैंचों का संचालन किया जाएगा. प्रत्येक बैच में 50 यात्री शामिल होंगे. यात्रियों का चयन आवेदकों रैंडम सलेक्शन से कंप्यूटर द्वारा संचालित होगा. इसमें जेंडर बैलेंस का भी ध्यान रखा जाएगा. कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर चीन के साथ बनी सहमति गलवान घाटी में भारत-चीन के साथ हुए संघर्ष के बाद अब दोनों देश के बीच रिश्ते सुधर रहे हैं. भारत और चीन के बीच संवाद के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया. कोरोना महामारी के दौरान यात्रा पर ब्रेक लग गई थी. जिसके बाद सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हुआ. हालांकि, भारत ने इस मुद्दे को लगातार चीन के साथ कूटनीतिक स्तर पर उठाया. 2019 के बाद यह पहली बार है जब मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू होगी. बीते साल, अक्टूबर (2024) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई थी. जिसके बाद सीमा तनाव घटा और यात्रा की दिशा में प्रगति हुई. यात्रा के लिए सरकार की एडवाइजरी विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में इसकी जानकारी दी है। इस साल यात्रा करने वाले लोगों के लिए दो रास्ते हैं। उत्तराखंड राज्य में लिपुलेख पास से 5 जत्थे जाएंगे। हर जत्थे में 50 यात्री होंगे। सिक्किम राज्य में नाथू ला पास से 10 जत्थे जाएंगे। यहां भी हर जत्थे में 50 यात्री होंगे। कुल मिलाकर, यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के लिए सरकार ने इंतज़ाम कर दिया है। यात्रा के लिए सरकार की एडवाइजरी इस यात्रा में प्रतिकूल हालात, अत्यंत खराब मौसम में ऊबड़-खाबड़ भू-भाग से होते हुए 19,500 फुट तक की चढ़ाई चढ़नी होती है और यह उन लोगों के लिए जोखिम भरा हो सकता है जो शारीरिक और मेडिकली तंदुरुस्त नहीं हैं। सरकार का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण अथवा किसी भी अन्य कारण से किसी यात्री की मृत्यु अथवा उसके जख्मी होने अथवा उसकी संपत्ति के खोने अथवा क्षतिग्रस्त होने के लिए किसी भी तरह से वो जिम्मेदार नहीं होगी। जोखिम की जिम्मेदारी खुद लें-सरकार तीर्थयात्री यह यात्रा पूरी तरह से अपनी इच्छा शक्ति के बल पर तथा खर्च, जोखिम और परिणामों से अवगत होकर करते हैं। किसी तीर्थयात्री की सीमा पार मृत्यु हो जाने पर सरकार की उसके पार्थिव शरीर को दाह-संस्कार के लिए भारत लाने की किसी तरह की बाध्यता नहीं होगी। लिहाजा मृत्यु के मामले में चीन में पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार के लिए सभी तीर्थ यात्रियों को एक सहमति प्रपत्र पर हस्ताक्षर करना होता है। यह सभी जानकारी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई है। कहां से शुरू होगी यात्रा यह यात्रा उत्तराखंड, दिल्ली और सिक्किम राज्य की सरकारों और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से आयोजित की जाती है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) और सिक्किम पर्यटन विकास निगम (एसटीडीसी) और उनके संबद्ध संगठन भारत में यात्रियों के हर जत्थे के लिए सम्भारगत सहायता और सुविधाएं मुहैया कराते हैं। दिल्ली हार्ट एवं लंग इंस्टीट्यूट (डीएचएलआई) इस यात्रा के लिए आवेदकों के स्वास्थ्य स्तरों के निर्धारण के लिए चिकित्सा जांच करता है।  

हमले में पाकिस्तान का सीधा हाथ, भारत ने विदेशी सरकारों के सामने जुटाए गए ठोस सबूत पेश किए

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। भारत ने विदेशी सरकारों के सामने तकनीकी खुफिया और मानव स्रोतों के जरिए जुटाए गए ठोस सबूत पेश किए हैं, जिनसे साफ होता है कि इस हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की सीधी भूमिका है। पाकिस्तानी कनेक्शन की पुष्टि भारतीय एजेंसियों ने इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकियों की पहचान कर ली है। जांच में यह सामने आया है कि हमले में शामिल आतंकियों का सीधा संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) से है, जो लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में इन आतंकियों के सिग्नल पाकिस्तान के दो ठिकानों से जुड़े पाए गए हैं। PM मोदी की 13 राष्ट्राध्यक्षों से बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दो दिनों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, इजराइल, इटली, मिस्र, जॉर्डन, सऊदी अरब, नेपाल, मॉरीशस, डच और ऑस्ट्रेलिया जैसे 13 देशों के प्रमुखों से बातचीत की। सभी नेताओं ने हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता जताई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कई देशों के विदेश मंत्रियों व राजदूतों से संवाद कर भारत की स्थिति स्पष्ट की। भारत की ताबड़तोड़ कार्रवाई भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ निम्नलिखित कड़े कदम उठाए हैं: सिंधु जल संधि निलंबित: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि अब पाकिस्तान को एक बूंद पानी नहीं मिलेगा। कूटनीतिक संबंध सीमित: पाकिस्तान के साथ राजनयिक स्तर पर संपर्क और दूतावास की गतिविधियों को सीमित किया गया। वीजा सेवाएं रोक दी गईं: पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीज़ा तत्काल प्रभाव से निलंबित, पाक हिंदुओं के लिए छूट बनी रहेगी। LOC पर जवाबी कार्रवाई: पाकिस्तान की गोलीबारी का भारतीय सेना ने तीखा जवाब दिया। भारत का विदेशों को संदेश: “पर्यटक बिल्कुल सुरक्षित ” दिल्ली में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 30 से अधिक देशों के राजदूतों से मुलाकात कर बताया कि भारत पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा जारी यात्रा चेतावनियों को भारत ने “अनावश्यक और अतिशयोक्तिपूर्ण” करार दिया। वैश्विक प्रतिक्रिया: समर्थन और शांति की अपील अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमला “भयानक” बताया और भरोसा जताया कि भारत-पाकिस्तान इसे बातचीत से सुलझा लेंगे। ईरान और सऊदी अरब ने भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की पेशकश की।फ्रांस, इजराइल, जापान, इटली समेत कई देशों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने का वादा किया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सीमा पर तनाव लंबे समय में जारी है लेकिन वे इसे किसी न किसी तरह सुलझा लेंगे

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव हमेशा से रहा है तथा दोनों देश इसे आपस में ‘‘किसी न किसी तरह” सुलझा लेंगे। ट्रंप ने यह टिप्पणी पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बारे में सवाल किए जाने पर की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। यह पूछे जाने पर क्या वह दोनों देशों के नेताओं से बात करेंगे, ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं भारत के बहुत करीब हूं और मैं पाकिस्तान के बहुत करीब हूं, जैसा कि आप जानते हैं।” उन्होंने रोम के रास्ते में ‘एयर फोर्स वन’ में पत्रकारों से कहा कि कश्मीर में लड़ाई लंबे समय से जारी है और पहलगाम में जो हुआ, वह बहुत बुरा है। ट्रंप ने कहा कि सीमा पर तनाव लंबे समय में जारी है लेकिन ‘‘वे इसे किसी न किसी तरह सुलझा लेंगे। मुझे यकीन है… मैं दोनों नेताओं को जानता हूं। पाकिस्तान और भारत के बीच बहुत तनाव है जो हमेशा से रहा है।” भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदमों की घोषणा की, जिनमें पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात सैन्य प्रतिनिधि को अवांछित घोषित करना, 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करना और आतंकवादी हमले के सीमा पार से जुड़े होने के मद्देनजर अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल प्रभाव से बंद करना शामिल है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को सभी भारतीय विमानन कंपनियों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने का फैसला किया तथा भारत के साथ व्यापार को स्थगित कर दिया।    

मेपकास्ट द्वारा नवप्रवर्तन को प्रोत्साहन देने हेतु विश्व बौद्धिक संपदा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भोपाल शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में बौद्धिक संपदा अधिकार और इसकी उपयोगिता के संबंध में जागरूकता पैदा करने  के लिए मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा सरोजिनी नायडू कन्या महाविद्यालय,शासकीय कमला नेहरू कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल , ओरियंट स्कूल एवं द आइकॉनिक स्कूल में 26 अप्रैल को विश्व बौद्धिक संपदा दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ अजय चौबे, श्री शैलेन्द्र कसेरा ने बौद्धिक संपदा के विविध पहलुओं जैसे कॉपीराइट, पेटेंट और ट्रेडमार्क की गहन जानकारी दी। उन्होंने रोचक उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया कि कैसे विद्यार्थी अपने नवाचार और मौलिक रचनाओं के ज़रिए पेटेंट प्राप्त कर सकते हैं और इससे आर्थिक लाभ भी अर्जित कर सकते हैं। इसके साथ ही अपने संबोधन में नवाचार, अनुसंधान और बौद्धिक संपदा संरक्षण के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी कल्पनाशक्ति और सृजनशीलता को संरक्षित कर देश के विकास में योगदान दें। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने बौद्धिक संपदा के महत्व को समझते हुए नवाचार करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में सभी विद्यालय की प्राचार्य सहित सभी शिक्षकों ने परिषद के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर परिषद के महानिदेशक डॉ अनिल कोठारी ने नवाचार को बौद्धिक संपदा के रूप में पंजीयन कराने और उसके  कमर्शियलाइज़ेशन पर जोर दिया है ।

अगर भारत ने सिंधु का पानी रोका तो पाकिस्‍तान करेगा परमाणु बम का इस्‍तेमाल!, जुलाई में तबाही के संकेत

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा कदम उठाया है, जिसकी गूंज सिर्फ कश्मीर घाटी में नहीं बल्कि इस्लामाबाद की सत्ता तक सुनाई दी है। भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इसे “स्थगित” कर दिया है। यह वही समझौता है, जो 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ था और दशकों तक इसे दोनों देशों ने निभाया, चाहे हालात युद्ध जैसे क्यों न रहे हों। भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के निर्णय ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है। पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत ने सिंधु नदी के पानी को रोकने या मोड़ने की कोशिश की, तो पाकिस्तान अपनी पूरी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल कर सकता है, जिसमें परमाणु हथियारों का उपयोग भी शामिल हो सकता है। इस कदम को पाकिस्तान ने ‘युद्ध की कार्रवाई’ करार दिया है और चेतावनी दी है कि अगर जल आपूर्ति पर कोई भी खतरा मंडराया, तो इस्लामाबाद तुरंत प्रतिक्रिया देगा। जुलाई से इस संकट का असर दिख सकता है, और यह कदम पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था और पानी की आपूर्ति के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। पाकिस्तान में खाद्य संकट के हालात भी पैदा हो सकते इस फैसले ने पाकिस्तान की चिंता को चरम पर पहुंचा दिया है। सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी पश्चिमी नदियों से अधिकतर पानी मिलता है। यही पानी पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था की रीढ़ है। भारत के इस फैसले से उसे डर है कि अब उसकी खेतों को सींचने वाली धाराएं सूख सकती हैं। पाकिस्तान का एक बड़ा हिस्सा, खासकर पंजाब और सिंध प्रांत, इन नदियों पर पूरी तरह निर्भर है। यदि भारत जल प्रवाह को सीमित करता है या मोड़ता है, तो पाकिस्तान में खाद्य संकट के हालात भी पैदा हो सकते हैं। पाकिस्तान ने ‘युद्ध की कार्रवाई’ करार दिया भारत के इस फैसले को पाकिस्तान ने ‘युद्ध की कार्रवाई’ करार दिया है। पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को बयान जारी कर साफ कर दिया कि वह भारत की किसी भी जल-सम्बंधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। इस बयान में ‘संपूर्ण युद्ध शक्ति’ और ‘हर विकल्प खुले हैं’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे तनाव और अधिक बढ़ गया है। पाकिस्तानी मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों ने यहां तक कह दिया कि अगर भारत ने डैम बनाना शुरू किया या जल को रोकने की कोई कोशिश की, तो पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई कर सकता है। कुछ विश्लेषकों ने तो यहां तक चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर परमाणु हथियारों के विकल्प भी खुले रहेंगे। हालात और बदतर हो सकते भारत के इस कदम से पाकिस्तान में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी जताई जा रही है। भारत हर साल मानसून से पहले पाकिस्तान को बाढ़ संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराता रहा है। अगर भारत यह डेटा शेयर करना बंद करता है, तो पाकिस्तान बिना किसी पूर्व चेतावनी के प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ सकता है। तीन साल पहले आई भीषण बाढ़ में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले ही बुरी तरह लड़खड़ा चुकी है। अब यदि भविष्य में बाढ़ की जानकारी समय पर नहीं मिली, तो हालात और बदतर हो सकते हैं। भारत के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह बात सामने आ रही है कि यह फैसला सिर्फ एक जल समझौते को लेकर नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ भारत की नई नीति का प्रतीक है। पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को शरण देने के आरोपों से घिरा रहा है और बार-बार चेतावनी के बावजूद आतंकी हमलों में शामिल रहा है। अब भारत ने सीधे उसकी जीवनरेखा – पानी – को निशाना बना दिया है। भारत एकतरफा इस संधि को रद्द नहीं कर सकता पाकिस्तान के पूर्व सिंधु जल आयुक्त जमात अली शाह ने एक पाकिस्तानी अखबार को दिए बयान में कहा है कि भारत एकतरफा इस संधि को रद्द नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक स्थायी समझौता है और इसके लिए दोनों देशों की सहमति आवश्यक है। हालांकि भारतीय अधिकारियों का तर्क है कि भारत ने इसे पूरी तरह रद्द नहीं किया, बल्कि “स्थगित” किया है — यानी जब तक पाकिस्तान अपनी आतंक-समर्थन की नीति नहीं बदलता, तब तक सहयोग की कोई गुंजाइश नहीं है। भारत ने संकेत दिए हैं कि यह स्थगन पश्चिमी नदियों पर चल रही भारत की जल परियोजनाओं को तेज़ी देने के लिए भी रास्ता खोलता है। पाकल दुल, रतले, किरू और सावलकोट जैसे डैम और पनबिजली प्रोजेक्ट्स अब प्राथमिकता के साथ पूरे किए जा सकते हैं, जिससे पाकिस्तान को भविष्य में पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय ने रेलवे के एरिया ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण किया

जीएम ने रेल प्रशिक्षुओं से संवाद भी किया भोपाल रेलवे में चलाए जा रहे संरक्षा अभियानों से रेल संरक्षा को मजबूती मिल रही है। इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय ने आज भोपाल मंडल स्थित रेलवे के एरिया ट्रेनिंग सेंटर (एटीसी) का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने इंजीनियरिंग एवं परिचालन विभाग के संरक्षा से जुड़े ट्रैकमैन, गैंगमैन, प्वाइंट्समैन, स्टेशन मास्टर एवं गार्ड जैसे प्रशिक्षुओं से सीधा संवाद किया । महाप्रबंधक ने कर्मचारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने और ड्यूटी के दौरान संरक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। महाप्रबंधक ने निर्माणाधीन कंप्यूटर आधारित परीक्षा हॉल तथा नियंत्रण कक्षों का भी सघन निरीक्षण किया। प्रशिक्षण केंद्र की विभिन्न कक्षाओं में जाकर चल रही गतिविधियों का भी जायजा लिया और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान श्रीमती बंदोपाध्याय ने अधिकारियों को प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए और कहा कि  प्रशिक्षण कार्यक्रमों को इस प्रकार डिजाइन किया जाए कि यह कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाए ।  उन्होंने रेल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ट्रेनिंग ले रहे कर्मचारियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएँ।    इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रश्मि दिवाकर, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक श्री रोहित मालवीय, वरिष्ठ मंडल अभियंता (समन्वय) श्री ऋतुराज शर्मा, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री विजय सिंह ,मंडल अभियंता मुख्यालय श्री श्याम नगर सहित अन्य अधिकारीगण एवं सभी पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

डिप्टी सीएम शर्मा से पाकिस्तानी हिंदुओं ने लगाई मदद की गुहार

रायपुर पहलगाम हमले के बाद भारत की शरण लेने आए करीब 125 पाकिस्तानी हिंदुओं का जीवन अधर पर लटक रहा है. वे  22 अप्रैल को सिंध से भारत आए, इसी बीच सरकार ने पाकिस्तानियों को 48 घंटे के अंदर भारत छोड़ने का आदेश जारी कर दिया. पाकिस्तानी हिंदुओं ने अब छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम शर्मा से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई है. रायपुर पहुंचे पाकिस्तानी हिंदुओं के एक समूह ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर अपनी परेशानियां बताई और मदद की गुहार लगाई है. जिसके बाद डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने उन्हें यह आश्वासन दिया है कि वे इन्हें आम पाकिस्तानी नागरिक नहीं, बल्कि “पाकिस्तान पीड़ित” मानते हैं और केंद्र सरकार से इनके स्थायी समाधान के लिए बात करेंगे. डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि सिंध से आए लोगों की आपबीती से पाकिस्तान में हिंदुओं की कठिन स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. इन पीड़ितों में शामिल सुखदेव लुंद, जो सिंध के घोटकी जिले के खानपुर के निवासी हैं, ने साफ कहा कि “हम लौटकर पाकिस्तान नहीं जाएंगे.” सुखदेव 45 दिन के विजिटर वीजा पर रायपुर के शदाणी दरबार पहुंचे हैं और उनके साथ परिवार के अलावा 24 लोगों का समूह भी है. सुखदेव ने बताया कि आतंकवादी हमलों और अत्याचारों से परेशान होकर वे भारत पहुंचे हैं और रायपुर में शरण की उम्मीद लगाए बैठे हैं. लेकिन आने के बाद बीते 48 घंटे में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सुखदेव ने बताया कि इससे पहले लगभग 100 अन्य पाकिस्तानी हिंदू भी रायपुर पहुंच चुके हैं. सभी ने भारत में स्थायी निवास की मांग की है, ताकि वे सुरक्षित जीवन जी सकें.

‘मिशन: इम्‍पॉस‍िबल’ के फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी, सबसे पहले भारत में होगी रिलीज

लॉस एंजिल्स टॉम क्रूज और ‘मिशन: इम्‍पॉस‍िबल’ के फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी है। मेकर्स ने फैसला किया है कि वह फ्रेंचाइज की 8वीं फिल्‍म ‘मिशन: इम्पॉसिबल – द फाइनल रेकनिंग’ को दुनियाभर में सबसे पहले रिलीज करेंगे, वो भी 6 दिन पहले। जी हां, शुक्रवार को पैरामाउंट पिक्चर्स इंडिया ने घोषणा की कि ‘मिशन: इम्पॉसिबल – द फाइनल रेकनिंग’ जहां दुनिया भर में 23 मई 2025 को रिलीज होगी, वहीं भारत के सिनेमाघरों में यह 6 दिन पहले 17 मई को ही दस्‍तक दे देगी। हालांकि, इससे पहले भी हॉलीवुड की कई फिल्‍में भारत में एक दिन पहले रिलीज हो चुकी हैं, लेकिन 6 दिन पहले रिलीज करने का यह पहला और अनूठा फैसला है। भारत में टॉम क्रूज और ‘मिशन: इम्‍पॉसिबल’ फ्रेंचाइज की तगड़ी फैन फॉलोइंग है। साल 2023 में रिलीज फ्रेंवाइज की पिछली फिल्‍म ‘मिशन: इम्‍पॉस‍िबल – डेड रेकनिंग’ ने भारतीय बॉक्‍स ऑफिस पर 110.30 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन किया था। मेकर्स ने भारत में इसी फैन फॉलोइंग को देखते अर्ली रिलीज का फैसला किया है। मेकर्स ने इंस्‍टाग्राम पर की घोषणा पैरामाउंट स्टूडियो के इंस्टाग्राम पर इसकी घोषणा करते हुए लिखा गया है, ‘मिशन इम्पॉसिबल – द फाइनल रेकनिंग अब भारत में जल्दी रिलीज होगी। नई तारीख – 17 मई। अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगू में।’ फैन ने कहा- प्‍लीज, इंग्‍ल‍िश सबटाइटल्‍स के साथ रिलीज करना देश में ‘मिशन: इम्‍पॉसिबल 8’ की जल्दी रिलीज होने की खबर से फैंस की बांछे खिल गई हैं। एक फैन ने लिखा है, ‘अंतिम मिशन इम्पॉसिबल आ रहा है, और यह मेरा बचपन से ही पसंदीदा रहा है! बस एक रिक्‍वेस्‍ट है कि प्‍लीज इसे अंग्रेजी सबटाइटल्‍स के साथ रिलीज करें। मैं इसे मूल भाषा में देखना चाहता हूं, डब नहीं।’ एक यूजर ने लिखा- मैं FOMO से मर जाऊंगा! एक अन्‍य यूजर ने लिखा है, ‘थैंक यू टॉम क्रूज अन्ना। भारत इसे दुनिया में सबसे पहले देखेगा।’ एक तीसरे फैन ने उत्‍साह जाहिर करते हुए लिखा है, ‘नहीं…मैं FOMO से मर सकता हूं।’ एथन हंट बनकर लौटेंगे टॉम क्रूज, यह होगी बाकी कास्‍ट बहरहाल, टॉम क्रूज एक बार फिर से बड़े पर्दे पर एथन हंट बनकर लौट रहे हैं। इस फिल्‍म को क्रिस्टोफर मैकक्वेरी डायरेक्‍ट कर रहे हैं। ‘मिशन: इम्‍पॉस‍िबल’ फ्रेंचाइज की 7वीं और 8वीं फिल्‍म को पहले ‘डेड रेकनिंग- पार्ट 1’ और पार्ट-2 के तौर पर रिलीज किया जाना था। लेकिन अब दूसरे पार्ट का नाम बदलकर ‘फाइनल रेकनिंग’ रखा गया है। फिल्‍म की कास्‍ट में टॉम क्रूज के साथ हेले एटवेल, विंग रेम्स, साइमन पेग, वैनेसा किर्बी, पोम क्लेमेटिफ, शिया व्हिघम, एंजेला बैसेट, एसाई मोरालेस, हेनरी चेर्नी, होल्ट मैककैलनी, निक ऑफरमैन और ग्रेग टार्जन डेविस भी हैं।

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