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29 अप्रैल 2025 मंगलवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज के दिन आपको अपनी फैमिली के साथ कुछ वक्त बिताना चाहिए। इससे आपको स्ट्रेस को कम करने में मदद मिलेगी। खर्च कम करें। कुछ लोगों को मौसमी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए अपनी सेहत का खास ख्याल रखें। सेल्फ-केयर को समय दें। वृषभ: आज अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। आने वाले अवसरों का लाभ उठाने के लिए सावधान रहें। ये बदलाव आपकी ग्रोथ का कारण बन सकते हैं। आज खुले दिमाग से काम लें, जो आपके लिए लाभदायक साबित होगा। मिथुन: आज मिथुन राशि वाले अवसरों और चुनौतियों का मिश्रण महसूस कर सकते हैं। अपनी लाइफ में संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दें। रिलेशनशिप में बातचीत बढ़ाएं। अपने करियर पर फोकस रखें। पैसों को स्मार्ट तरीके से मैनेज करें। कर्क: आज लव लाइफ में बैलेंस बनाएं। पैसों के मामले में भी आपको कई मौके मिलने वाले हैं। इसलिए अपनी आंखें खुली रखें। स्ट्रेस को मैनेज करने और एनर्जेटिक बने रहने के लिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना याद रखें। सिंह: आज अपनी सेहत पर पूरा ध्यान दें। स्वस्थ रहने के लिए जरूरी कदम उठाएं। करियर और वित्तीय मामलों में रोमांचक अवसर सामने आएंगे। इस बदलाव भरे दिन को सफलतापूर्वक पार करने के लिए संतुलित रहें और खुद की देखभाल को प्राथमिकता दें। कन्या: आज कुछ जातकों को मेडिकल देखभाल की आवश्यकता होगी। जो लोग यात्रा कर रहे हैं, उन्हें भी ऑनलाइन पेमेंट करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। किसी संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए आप पहल कर सकते हैं। तुला: तुला राशि के जातकों आज आपको बदलावों से भरपूर एक्सपीरियंस मिल सकते हैं। चाहे लव लाइफ, पैसों का मामला, या हो करियर, आपको चैलेंजे और मौके दोनों मिलेंगे। इन बदलावों को अपनाएं, जिससे आपको किस तरह प्रॉफिट हो सकता है, इस पर नजर रखें। वृश्चिक: आज छोटी-छोटी बातों पर बहस में न पड़ें। प्रेम जीवन में छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं उम्रदराज नागरिकों को परेशान कर सकती हैं। धनु: आज कार्यालय में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए पूरा प्रयास करें। रिश्ते में किसी भी तरह के गलत व्यवहार से बचें। आपका पेशेवर जीवन अच्छा रहेगा और आप वित्त और स्वास्थ्य के मामले में भी भाग्यशाली रहेंगे। मकर: चाहे वह रिलेशन हो, करियर हो, आर्थिक मामले हो या स्वास्थ्य हो, खुद को पॉजिटिव बनाए रखें। आज की चुनौतियों और अवसरों को पार करने में आपकी स्किल्स मददगार साबित होंगी। प्रेम जीवन में किसी भी परेशानी को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। कुम्भ: आज आपको अपने प्रदर्शन से समस्याओं पर काबू पाने की जरूरत है। शरीर को फिट रखने के लिए आपको सब्जियां और फल भी अधिक खाने चाहिए। लव लाइफ में पार्टनर को समय दें। इस राशि के जातकों को जीवन में बैलेंस बनाने की सलाह दी जाती है। मीन: आज प्रेम-संबंधी मुद्दों को संभालते समय डिप्लोमेटिक बने रहें। धूम्रपान न करें क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। कुछ लॉन्ग डिस्टेंस के प्रेम संबंधों में परेशानी हो सकती है। व्यापार में अच्छा रिटर्न देखने को मिलेगा।

बारदाने की आपूर्ति करने सागर पहुंचेगी 2 विशेष ट्रेन, किसानों को 118 करोड़ का भुगतान

भोपाल. किसानों की आर्थिक उन्नति और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, किसानों के नवाचार का सम्मान और मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ सागर में दो दिवसीय जिला स्तरीय मिलेट्स फूड फेस्टिवल सह कृषि मेला का शुभारंभ हुआ। प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मेले का उद्घाटन कर किसानों से संवाद किया। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती लता वानखेडे, विधायक शैलेंद्र जैन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं किसान शामिल हुए। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि अब तक समर्थन मूल्य पर उपार्जन किए गए अनाज का 118 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। शेष भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है। किसानों को बारदाने की कमी न हो, इसके लिए विशेष पहल करते हुए सागर जिले के लिए दो स्पेशल ट्रेनें भेजी जा रही हैं। इससे उपार्जन में आ रही परेशानियों का समाधान होगा। सुपरसीडर और हैप्पीसीडर का उपयोग कर किसानों को किया प्रेरित मंत्री राजपूत ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में नरवाई जलाने की प्रथा को बंद करें। इससे भूमि की उर्वरकता खत्म होती है और पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। उन्होंने किसानों को सुपरसीडर और हैप्पीसीडर जैसे यंत्रों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया, जो नरवाई को भूसे में बदलकर खेत में मिलाते हैं। मंत्री स्वयं प्रदर्शनी में इन यंत्रों पर बैठे और किसानों से इन तकनीकों को अपनाने की अपील की। मंत्री राजपूत ने कहा कि हमारे पूर्वज मोटे अनाज का सेवन कर स्वस्थ और दीर्घायु जीवन जीते थे। उन्होंने किसानों से मोटे अनाज (मिलेट्स) के उत्पादन और उपभोग को बढ़ाने का आग्रह किया। नवाचारशील किसानों का हुआ सम्मान मंत्री राजपूत ने सागर जिले के नवाचारशील किसान आकाश चौरसिया और आनंद जैन का उदाहरण देते हुए किसानों से अपील की कि वे इनके फॉर्म हाउस का अवलोकन करें और आधुनिक तथा प्राकृतिक खेती की तकनीकें सीखें। इस अवसर पर कई उन्नत किसानों को प्रमाण-पत्र, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। सागर जिले में आयोजित मिलेट्स फूड फेस्टिवल और कृषि मेले ने यह संदेश दिया कि सरकार किसानों की समृद्धि के लिए न केवल नीतियाँ बना रही है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए भी प्रयासरत है। प्राकृतिक खेती, मिलेट्स उत्पादन और सौर ऊर्जा जैसी पहलें भविष्य में किसानों की आर्थ‍िक स्थिति को और सशक्त बनाएंगी। मिलेट्स को दें बढ़ावा, स्वास्थ्य के साथ आमदनी भी बढ़ाएं : डॉ. लता वानखेड़े सागर संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने भी किसानों को मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा देने तथा नई तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष’ घोषित किया गया था, जिसके तहत देशभर में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा को अपनाएं : शैलेंद्र जैन विधायक शैलेंद्र जैन ने किसानों को सुझाव दिया कि वे रासायनिक दवाओं का कम से कम उपयोग करें और अधिक से अधिक औषधीय फसलों का उत्पादन करें। उन्होंने सौर ऊर्जा के उपयोग पर भी बल दिया। विधायक ने कहा कि सौर ऊर्जा से न केवल सिंचाई में सुविधा होगी, बल्कि बिजली की लागत भी बचेगी, जिससे किसानों की आमदनी दोगुनी हो सकती है। कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र मेले में कृषि यंत्रों और तकनीकों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई थी। इसमें किसानों ने सुपरसीडर, हैप्पीसीडर, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, जैविक खाद निर्माण तकनीक सहित अन्य नवीनतम साधनों की जानकारी प्राप्त की।

औद्योगिक शिविर 30 अप्रैल को होगा आयोजित, ऋण आवेदन पत्रावलियां तैयार करवा कर मौके पर ही स्वीकार कर ली जाएगी

जयपुर राजस्थान वित्त निगम द्वारा 30 अप्रैल को जयपुर में एक औद्योगिक शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर जयपुर के शाखा कार्यालय में प्रातः 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगा। इस कैंप में ऋण आवेदन पत्रावलियां तैयार करवा कर मौके पर ही स्वीकार कर ली जाएगी। राजस्थान वित्त निगम ने उद्यमियों को राहत पहुंचाने की दृष्टि से अपनी नीतियों में सकारात्मक बदलाव किए है। उपप्रबंधक(इंचार्ज) ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 45 वर्ष से कम आयु से सीनियर सेकेंडरी, स्नातक, डिप्लोमाधारी, तकनीकी स्नातक युवाओं को ब्याज सबमिशन की लिमिट को ऋण राशि डेढ़ सौ लाख से बढ़ाकर दो सौ लाख कर दी गई है। निगम के गुड बोरोवर्स के लिए गुड बोरोवर स्कीम में पुनर्भुगतान समय को 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष किया गया है। 10 करोड़ से अधिक के ऋण के लिए एप्लीकेशन फीस अधिकतम 1 लाख रुपए की गई है। प्रोसेसिंग चार्जेज 0.50 प्रतिशत से घटाकर 0.25 प्रतिशत किया गया है। फ़्लेक्सी योजना के अंतर्गत पात्रता ऑपरेटिव/ डीलिंग 4 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष एवं फ्लेक्सी योजना में ब्याज दर को 10.74 प्रतिशत से घटाकर 10.25 प्रतिशत किया गया है। सरल स्कीम के अंतर्गत पूर्व में भूमि व भवन की ऋण की पात्रता 60 प्रतिशत थी जिसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत किया गया है। इसी प्रकार सीए पात्रता धारी को व्यवसाय सहयोगी के रूप में नियुक्त कर निगम को प्राप्त प्रोसेसिंग फीस का 50 प्रतिशत भुगतान प्रोत्साहन राशि के रूप में किया जाना तय किया गया है। एमएसएमई टेक एक नई योजना निगम द्वारा प्रारंभ की गई है, जिसमें उद्यमी पुराने या नए प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की तकनीकी सुधारकर्ता है या ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट लगाता है तो निगम 20 करोड़ तक का ऋण 9.50 प्रतिशत की दर से उपलब्ध कराएगा।

नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों के निर्माण कार्यों में लाए गति : मंत्री पटेल

भोपाल. पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों के निर्माण कार्यों में गति लाएं। उन्होंने पौधरोपण के फेंसिंग कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। सोमवार को मंत्रालय स्थित कार्यालय में मंत्री पटेल ने विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री पटेल ने निर्माणाधीन ग्राम पंचायत भवनों एवं सामुदायिक भवनों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए द्वितीय किश्त शीघ्र जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण हो सके। इसके साथ ही, माह जुलाई में 23, 24 एवं 25 तारीख को विगत वर्ष की भांति तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया गया। मंत्री पटेल ने कार्यशाला की रूपरेखा शीघ्र तैयार कर आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री पटेल ने सभी अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के लिये भी निर्देशित किया। बैठक के दौरान भवन विहीन जिला एवं जनपद पंचायतों के लिए नवीन भवनों की स्वीकृति के लिए डिजाइन पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

प्रदेश में लागू नियमों के अनुसार ही भोपाल में हाई राइज बिल्डिंग निर्माण की अनुमति दी जाए

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विरासत के संरक्षण के साथ भोपाल के विकास का समुचित नियोजन किया जाए। भोपाल के समृद्ध अतीत को शहर की प्लानिंग का भाग बनाते हुए भोजपुर जाने वाले मार्ग पर राजभोज की स्मृति में तथा उज्जैन की ओर जाने वाले मार्ग पर सम्राट विक्रमादित्य को समर्पित द्वार निर्मित होगा। शीघ्र ही इन दोनों द्वारों के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न अंचलों की झलक राजधानी में अभिव्यक्त हो, इस दृष्टि से भोपाल @2047 के विकास के बारे में विचार करना आवश्यक है। इसके साथ ही भोपाल को मेट्रोपॉलिटन एरिया के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से पश्चिम में आगरा-मुम्बई रोड और विदिशा, रायसेन व सीहोर तक आवागमन का नेटवर्क विकसित करते हुए कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में भोपाल जिले के विकास कार्यों की समीक्षा में य‍ह निर्देश दिए। बैठक में सूक्ष्म, लघु और उद्यम तथा जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर तथा मुख्य सचिव अनुराग जैन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भोपाल से बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने के लिए जनप्रतिनिधियों ने आभार माना। उन्होंने कहा कि इससे भोपाल में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने भोपाल को उद्योग-व्यापार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। एजुकेशन, मेडिकल, टूरिज्म, इंडस्ट्री आदि के क्षेत्र में गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है। भोपाल में आवागमन के लिए सड़क परिवहन के साधनों तथा मैट्रो सुविधा का परस्पर लिंकेज स्थापित करते हुए समग्रता में प्लान क्रियान्वित किया जाए। बहुउद्देशीय उपयोग सुनिश्चित करते हुए परिवहन अधोसंरचना का निर्माण हो। मार्गों की प्लानिंग में जन-प्रतिनिधियों के सुझावों को अवश्य शामिल किया जाए। शहर के नियोजन में सैटेलाइट सर्वे का उपयोग सुनिश्चित करते हुए अवैध बसाहटों के निर्माण पर भी नजर रखी जाए। स्वीकृत कालोनियों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल शहर में ऊंचे भवनों के निर्माण की अनुमति के संबंध में कहा कि इस संबंध में जो नियम प्रदेश में लागू हैं, भोपाल में भी उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहर को झुग्गी मुक्त बनाने के उद्देश्य से विकसित आवासीय सुविधाएं किराये पर नहीं जाएं, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अवैध कालोनियों और झुग्गियों के निर्माण के संबंध में सतर्क रहें, संबंधित क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां होने पर उस क्षेत्र के राजस्व और नगर निगम अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीएचईएल क्षेत्र के भूमि प्रबंधन के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के सभी शासकीय भवनों पर प्राथमिकता से सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य से कार्य किया जाए कि सौर ऊर्जा के उपयोग में राजधानी भोपाल, देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल जिले में असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करते हुए प्रभावी पुलिस व्यवस्था स्थापित करने और बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए स्मार्ट पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल में एम्स से करोंद चौराहा और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा मार्ग के दो कॉरीडोर पर मैट्रो कार्य प्रगति पर है। बीएचईएल की भूमि का उपयोग 50-50 मॉडल पर शहर के विकास तथा बीएचईएल के हित में करने के संबंध में भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय तथा प्रदेश के नगरीय प्रशासन विभाग के मध्य सैद्धांतिक सहमति हुई है। बैठक में बताया गया कि अचारपुरा क्षेत्र में उद्योगों की निरंतर मांग के दृष्टिगत ग्राम हज्जामपुरा की 31.21 हैक्टयर भूमि पर 32.29 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसी प्रकार कोलार क्षेत्र के ग्राम सतगढ़ी में 69.91 हेक्टयर भूमि पर रेडीमेड गारमेंट हौजरी पार्क विकसित करने की योजना है। बैठक में महापौर मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी एवं विष्णु खत्री सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

एकात्म धाम प्रकल्प के लिए संकल्पित हैं राज्य सरकार-राज्य मंत्री लोधी

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एकात्म धाम प्रकल्प के लिए मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है। आगामी वर्षों में एकात्म धाम का निर्माण कार्य पूर्ण होगा। यह बात संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व के भव्य शुभारंभ अवसर पर कही। राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि पहले चरण में जगतगुरू आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। दूसरे चरण में जगतगुरू आदि शंकराचार्य के जीवन दर्शन पर आधारित संग्रहालय और अद्वैत लोक का निर्माण कार्य किया जाएगा। तीसरे चरण में अद्वैत वेदांत दर्शन के अध्ययन, शोध एवं विस्तार के लिए आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान की स्थापना की जाएगी। यह अद्वैत वेदांत संस्थान का संदर्भ केंद्र होगा और अंतिम चरण में शंकर निलायम आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा। राज्य मंत्री लोधी ने जगतगुरू आदि शंकराचार्य के पावन चरणों में और पुण्यभूमि ओंकारेश्वर को नमन किया। ओंकारेश्वर में माँ नर्मदा के पवित्र तट पर आज 5 दिवसीय एकात्म पर्व का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक अनुष्ठान और कलश यात्रा से हुई, जो पारंपरिक वाद्य यंत्रों और संकीर्तन के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और गुफा मंदिर के दर्शन के लिए पहुंची और फिर अभय घाट पर संपन्न हुई। यात्रा के समापन के बाद मांधाता पर्वत स्थित एकात्म धाम में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। समग्र दिवस में अनेक संतों का दिव्य संगम रहा, जिनमें स्वामी विवेकानंद पुरी, माँ पूर्णप्रज्ञा, स्वामी वेदत्वानंद पुरी, स्वामी योग प्रताप सरस्वती, स्वामिनी सद्विद्यानंद सरस्वती, स्वामी शैलेंद्र सरस्वती प्रमुख रहे। “अद्वैतामृतम्” सत्र की श्रृंखला में ‘ओंकार’ विषय पर माँ पूर्णप्रज्ञा ने साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि दार्शनिक सत्य की प्राप्ति के लिए गुरु की शरण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आदि शंकराचार्य ने सुदूर दक्षिण से ओंकार पर्वत तक की कठिन यात्रा की थी। माँ पूर्णप्रज्ञा ने आगे बताया कि चित्त की आसक्ति से निवृत्ति के बिना वैराग्य संभव नहीं है। आत्मा प्रत्यक्ष है और ब्रह्म परोक्ष प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में आत्मा ही चैतन्य स्वरूप है — यही अद्वैत वेदांत का सार है। अद्वैत का अर्थ किसी मत का तिरस्कार नहीं, बल्कि वैचारिक मतभेदों का शमन है। ॐकार का अर्थ प्रत्येक जीव में अभिन्यता और सभी आकृतियों का परिष्कार है। मांडूक्य उपनिषद में इस गूढ़ रहस्य का सुंदर वर्णन मिलता है। ॐकार में लीन होकर ही प्रणव अवस्था प्राप्त की जा सकती है, क्योंकि एक व्यक्ति के चित्त की शांति सम्पूर्ण ब्रह्मांड को प्रभावित करती है। यह दार्शनिक सत्य ही सनातन संस्कृति की मूल आत्मा है। स्वामी विवेकानंद पुरी ने कहा कि यह भूमि आद्य शंकराचार्य की गुरु भूमि है, और यहाँ उनका पुनः प्रतिष्ठित होना अत्यंत गौरव और आनंद का विषय है। संवाद सत्रों के दौरान संतों ने देश-विदेश से आए प्रतिभागियों के जिज्ञासा समाधान के लिये शंकरदूत दीक्षा प्रक्रिया का मार्गदर्शन किया। परमार्थ साधक संघ के स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी ने “अद्वैतामृतम्” सत्र में आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर विस्तृत प्रकाश डाला, जिसमें उन्होंने आचार्य शंकर के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैश्विक एकात्मता में योगदान को रेखांकित किया। मार्कंडेय संन्यास आश्रम के स्वामी प्रवानंद सरस्वती ने मार्कंडेय संन्यास परंपरा के ऐतिहासिक संदर्भों पर प्रकाश डाला। सुमधुर स्तोत्र गायन से झूम उठे श्रोता एकात्म पर्व के प्रथम दिवस के समापन पर सुप्रसिद्ध स्तोत्र गायिका और प्रशिक्षक माधवी मधुकर झा द्वारा आचार्य शंकर रचित स्तोत्रों का मधुर गायन प्रस्तुत किया गया। उनके स्वर में कल्याण वृष्टि स्तोत्र, लिंगाष्टकम्, भज गोविंदम, अर्धनारीश्वर स्तोत्र आदि की प्रस्तुतियाँ हुईं, जिसने उपस्थित श्रोताओं को भक्ति में सराबोर कर दिया। एकात्म पर्व के अंतर्गत अद्वैत लोक प्रदर्शनी, अद्वैत शारदा पुस्तक स्टॉल और वैदिक अनुष्ठान जैसी विविध गतिविधियाँ मांधाता पर्वत पर प्रतिदिन की जा रही हैं, जो सभी आगंतुकों के लिए अद्वैत वेदांत और सनातन संस्कृति का जीवंत अनुभव दे रही हैं। आज भी अद्वैत वेदांत पर आधारित संवाद सत्रों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा।

पश्चिम मप्र में सूरज की किरणों से बिजली उत्पादन अब 29000 स्थानों पर : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल. ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि पश्चिम मप्र यानि मालवा निमाड़ में सूरज की किरणों से बिजली उत्पादन करने वालों की संख्या में सतत बढ़ोत्तरी हो रही है। अप्रैल के चौथे सप्ताह तक कुल 29000 स्थानों पर रूफ टॉप सोलर नेट मीटर यानि सौर ऊर्जा के माध्यम से मौजूदा बिजली उपभोक्ता बिजली उत्पादन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 14100 उपभोक्ता जुड़े हैं। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि सौर ऊर्जा को लेकर मालवा और निमाड़ के बिजली उपभोक्ताओं में व्यापक उत्साह बना हुआ हैं। पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना के तहत तीन किलो वॉट तक के संयंत्र पर 78 हजार तक की सब्सिडी मिलने से सूरज की किरणों से बिजली तैयार करने वाले प्रत्येक जिलों में प्रति माह बढ़ते जा रहे हैं। इंदौर शहर सीमा में सबसे ज्यादा करीब 15700 उपभोक्ता बिजली तैयार कर रहे हैं। इसके बाद उज्जैन, रतलाम, देवास और खरगोन जिले में अपेक्षाकृत ज्यादा उपभोक्ता रूफ टॉप सोलर योजना से जुड़े हैं। अन्य जिलों में 100 से लेकर 300 उपभोक्ता सूरज की किरणों से बिजली तैयार कर रहे हैं। अब तक करीब 11300 उपभोक्ताओं को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 90 करोड़ रूपए से ज्यादा की सब्सिडी प्राप्त हो चुकी है।

2 मई को सभी जिलों में मनेगा लाड़ली लक्ष्मी उत्सव

भोपाल. मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना अन्तर्गत 2 मई 2025 को प्रदेश में ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत पर उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रतिनिधि, लाड़ली बालिकाएं, उनके अभिभावक, लाड़ली क्लब की अध्यक्ष और सदस्य सक्रिय रूप से भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना मध्यप्रदेश सरकार की बेटियों के प्रति समर्पित सोच का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा। उन्होंने प्रत्येक जिला और निकाय स्तर पर कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं, जिससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और सशक्तिकरण का वातावरण तैयार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति साझा संकल्प है। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का संचालन स्वयं लाड़ली बालिकाओं द्वारा किया जाएगा। इसमें कन्या-पूजन, दीप प्रज्ज्वलन, लाड़ली बालिकाओं के प्रेरक उद्बोधन और ‘अपराजिता’ कार्यक्रम अन्तर्गत मार्शल आर्ट का प्रदर्शन जैसे विशेष कार्यक्रम शामिल है। इस उत्सव के जरिये जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली बालिकाओं तथा लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली पंचायतों का सम्मान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त “एक पेड़ लाड़ली लक्ष्मी के नाम” अभियान में जन-प्रतिनिधियों और बालिकाओं द्वारा पौध-रोपण भी किया जाएगा। साथ ही लाड़ली बालिकाओं को आश्वासन प्रमाण-पत्र वितरित किये जायेंगे। कार्यक्रम में लाड़ली क्लब की सदस्य बालिकाएं अपने अनुभव भी साझा करेंगी।

एम.पी. ट्रांसको ने सृदृढ़ की इंदौर शहर की विद्युत पारेषण व्यवस्था : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल. एम.पी. ट्रांसको (म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) ने इंदौर शहर में गर्मी के मौसम में बढ़ने वाली विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुये, अपने 220 के.व्ही. सब-स्टेशन साउथ जोन में 50 एम.व्ही.ए. का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत किया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर को स्थापित करने की अनुमानित लागत 315 लाख रूपये है। यह कदम इंदौर में गर्मी के दौरान विद्युत आपूर्ति को अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने की दिशा में उठाया गया है। इस अतिरिक्त व्यवस्था से इंदौर शहर के लगभग 50 हजार विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सतत् बिजली आपूर्ति संभव हो सकेगी। इन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से 220 के.व्ही. सब-स्टेशन साउथ जोन की कुल क्षमता बढ़कर 906 एम.व्ही.ए. की हो गई है। यह प्रदेश में इंदौर क्षेत्र के पीथमपुर सब-स्टेशन के साथ ऐसा दूसरा सब-स्टेशन है जहां 132/33 के.व्ही क्षमता के 5 पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील है। एम.पी. ट्रांसको की इस नई व्यवस्था से इंदौर के राजेन्द्र नगर, नवलखा, डेली कालेज, पीथमपुर, पागनीस पागा, राउ, सब्जी मंडी क्षेत्रों को लाभ होगा। इंदौर शहर की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी में बढ़ोतरी पॉवर ट्रांसफार्मर के स्थापना के बाद इंदौर शहर की कुल ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी में भी बढोतरी हुई है, जो अब बढ़कर 3336 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इंदौर शहर में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) अपने 400 के.व्ही. के एक सब-स्टेशन इंदौर, 220 के.व्ही. के तीन सब-स्टेशन साउथ जोन इंदौर, इंदौर ईस्ट बिचौली, मांगलिया तथा 132 के.व्ही. के आठ सबस्टेशन सत्यसांई, इलेक्ट्रिानिक्स कॉम्पलेक्स, निरंजनपुर, राउखेडी, महालक्ष्मी नगर जी.आई.एस, इंदौर पश्चिम, (नवदापंथ) तथा राऊ एकस्ट्रा हाईटेंशन सब-स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इनकी कुल क्षमता 3336 एम.व्ही.ए. की है। एम.पी. ट्रांसको की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी हुई 82011 एम.व्ही.ए. मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) अपने 417 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इस क्षमता वृद्धि से मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82011 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इसमें 132 के.व्ही. में 36541 एम.व्ही.ए., 220 के.व्ही. में 33590 एम.व्ही.ए. एवं 400 के.व्ही. में 11880 एम.व्ही.ए. क्षमता शामिल है। प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) के कुल 1029 पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील हैं।

कटनी वन मण्डल की 35 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से किया मुक्त

भोपाल. वन मण्डलाधिकारी कटनी गौरव शर्मा के नेतृत्व में कटनी वन मण्डल की 35 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कटनी वन मण्डल के वन परिक्षेत्र ढीमरखेड़ा के अंतर्गत शाहडार के घने जंगल के बीच आसपास के ग्रामवासियों के संरक्षण में अन्य जिलों के लोगों द्वारा कई वर्षों से वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। शर्मा ने बताया कि पूर्व में भी अतिक्रमणकर्ताओं को समझाइश दी गयी थी कि इनके द्वारा भारतीय संविधान और वन विधि को नहीं माना गया। अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई कर वन अपराध प्रकरण कायम किया गया। कटनी जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव एवं पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन द्वारा निर्देशित राजस्व विभाग के 5 सदस्यों और पुलिस के 10 सदस्यों की टीम के सहयोग से वन मण्डलाधिकारी कटनी शर्मा के नेतृत्व में 70 वनकर्मियों द्वारा वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस अभियान में वन विभाग के उप वन मण्डलाधिकारी सुरेश बरोले, वन परिक्षेत्र अधिकारी ढीमरखेड़ा अजय कुमार मिश्रा, वन परिक्षेत्र अधिकारी बोहरीबंद देवेश गौतम और वन परिक्षेत्र अधिकारी रीठी महेश पटेल शामिल थे। इस पूरी कार्रवाई में 30 से 35 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।

मुख्यमंत्री ने की उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 में होने वाली गतिविधियों की समीक्षा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वित प्रयास करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष-भर के लिए तैयार किए गए कार्यक्रम कैलेंडर के अनुसार सभी गतिविधियों का कुशलतापूर्वक संचालन सुनिश्चित कर हर माह इनकी प्रगति की गहन समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में उच्च-स्तरीय बैठक में उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 में प्रस्तावित कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक आयोजन प्रदेश के संतुलित और समावेशी औद्योगिक विकास की दिशा में ठोस कदम साबित हो, ऐसे प्रयास किये जायें। उन्होंने कहा कि सेक्टर कॉन्क्लेव जैसे प्रमुख आयोजन उन्हीं स्थलों पर आयोजित किए जाएं, जहां औद्योगिक गतिविधियां स्वाभाविक रूप से संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजन केवल जिलों के मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहें, बल्कि सुदूर अंचलों और औद्योगिक संभावना वाले क्षेत्रों में भी उनका विस्तार किया जायें, जिससे प्रदेश का हर कोना औद्योगिक उन्नति की धारा से जुड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन क्षेत्रों की ओर भी विशेष ध्यान दे, जहाँ औद्योगिक गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में सेक्टर-केंद्रित आयोजनों और विशेष प्रयासों के माध्यम से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की प्रक्रिया को तीव्र गति से किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सक्रिय औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध ऊर्जा और संसाधनों का उपयोग करते हुए अन्य क्षेत्रों में भी औद्योगिक वातावरण का विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को कृषकों के हित में डिजाइन किया जाए, ताकि सौर ऊर्जा उनकी आय में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सके। उन्होंने निर्देश दिए कि महिला सशक्तिकरण के लिए भी स्व-सहायता समूह की गतिविधियों पर आधारित कार्यक्रम किये जाए जिससे अधिक से अधिक महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बने और प्रदेश के विकास में सहयोगी बन सकें। कृषि से जुड़े प्रत्येक आयोजन में सौर ऊर्जा एवं सौर पम्प के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए तथा कृषकों को इस संबंध में संचालित शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग एवं रोजगार वर्ष में स्टार्ट-अप प्रोत्साहन, एमएसएमई विकास, निर्यात संवर्धन, कौशल उन्नयन, रोजगार मेले, निवेश संवर्धन सम्मेलन जैसे सभी प्रमुख कार्यक्रम निर्धारित वार्षिक कैलेंडर के अनुसार संचालित किए जाएं। रोजगार संवर्धन के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि औद्योगिक गतिविधियों का केवल आयोजन ही नहीं, बल्कि उनके ठोस परिणाम सुनिश्चित करना विभागों की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए विभागीय समन्वय को बेहतर बनाया जाए और कार्यक्रमों की गुणवत्ता तथा समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-भर चलने वाले इन आयोजनों की मासिक समीक्षा नियमित रूप से की जाए। प्रत्येक कार्यक्रम के आयोजन के बाद उसकी उपलब्धियों, चुनौतियों और सुधार के बिंदुओं का विश्लेषण किया जाए, जिससे अगली गतिविधियों में उन्हें समाहित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्यमिता का माहौल केवल विकसित जिलों तक सीमित न रहे, बल्कि औद्योगिक रूप से पिछड़े अंचलों तक उसकी पहुंच बने, जिससे रोजगार के अवसरों का विकेंद्रीकरण हो और प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित हो। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरुण शमी, प्रमुख सचिव खनिज साधन उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार रघुराज राजेंद्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कृषि की उन्नत तकनीकों के साथ-साथ प्राकृतिक खेती का होगा प्रदर्शन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है किप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। मध्यप्रदेश कृषि आधारित प्रदेश है, यहां कृषि विकास दर भी बहुत अच्छी है। इसी के दृष्टिगत औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन के साथ-साथ हम कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेले प्रत्येक संभाग में कृषि मेले लगाए जाएंगे। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से होने वाले यह आयोजन उन्नत कृषि तकनीकों,खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों और कृषि में सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित होंगे। आगामी 3 मई को मंदसौर जिले में वृहद कृषि मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्नत कृषि यंत्र, बीजों के प्रकार, आधुनिकतम यंत्र, खेती की उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन होगा। किसानों को उनकी आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती, हार्टिक्लचर, फ्लोरीक्लचर अर्थात् बागवानी, फलोद्यान जैसी गतिविधियां अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ऐसे आयोजनों से खाद्य पदार्थों की प्र-संस्करण इकाइयों और कृषि उद्योगों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कृषि के अध्ययन के लिए कृषि विश्वविद्यालय के अतिरिक्त, शेष विश्वविद्यालयों में भी कृषि संकाय आरंभ करविद्यार्थियों के लिये अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में ये विचार व्यक्त किए।

प्रदेश की वन्यजीव सम्पदा की रक्षा एवं जैव विविधता को समृद्ध बनाये रखने के सभी प्रयास किए जाएंगे: मंत्री शर्मा

जयपुर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में वन्यजीव मण्डल की स्थायी समिति की चतुर्थ बैठक का आयोजन किया गया। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की वन्यजीव सम्पदा की रक्षा एवं जैव विविधता को समृद्ध बनाये रखने के सभी प्रयास किए जाएंगे। बैठक में सदस्यों द्वारा प्रदेश के वन्यजीव स्वीकृति से सम्बंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विचार विमर्श किया गया। इसके साथ ही बैठक में गत 18 फरवरी को हुई बैठक के कार्यवाही विवरण का अनुमोदन एवं प्राप्त निर्देशों की पालना की समीक्षा भी की गई। एप्रोच रोड, मोबाइल टावर, सड़क निर्माण एवं मरम्मत, ऑप्टिकल फाइबर केबल एवं नवीन निर्माण से सबंधित कुल 12 नए प्रस्तावों एवं 4 अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, रणथंभौर टाइगर रिजर्व, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, जमवारामगढ़ वन्यजीव अभयारण्य, डेजर्ट नेशनल पार्क, कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य, सरिस्का टाइगर रिजर्व, माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्यएवं भैंसरोड़गढ़ वन्यजीव अभयारण्य के प्रस्तावों पर चर्चा कर अपने सुझावों के साथ राज्य वन्यजीव मण्डल को भेजने का निर्णय लिया। बैठक में रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए सुविधायुक्त नेचर इंटरप्रिटेशन एंड एग्जीबिशन सेंटर की स्थापना के विषय पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) श्रीमती अपर्णा अरोड़ा,सदस्य सचिव स्थायी समिति राज्य वन्यजीव मण्डल एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुश्री शिखा मेहरा, स्थायी समिति राज्य वन्यजीव मण्डल के सदस्य श्री रवि सिंह, श्री राजपाल सिंह तंवर एवं अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरिजीत बनर्जी एवं जिलों के अन्य सम्बंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

चीता प्रोजेक्ट की सफलता का प्रतीक है, कूनों में पांच नन्हें मेहमानों का आगमन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय उद्यान कूनो में नए मेहमानों के आगमन पर प्रदेशवासियों को बधाई दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रविवार को मध्यप्रदेश के चीता परिवार में पुनः वृद्धि हुई है। कूनों में पांच नन्हें मेहमानों का आगमन हमारे बीच हुआ है, जो चीता प्रोजेक्ट की सफलता का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह वन विभाग की टीम के सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जितने चीते अफ्रीका से लाए गए थे, उससे ज्यादा चीतों का जन्म मध्यप्रदेश में हो चुका है। यह चीता प्राजेक्ट के सफल क्रियान्वयन को दर्शाता है, हम निरंतर इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब मध्यप्रदेश में पहला चीता छोड़ा था, तब से लेकर आज तक कूनों में चीतों में निरन्तर वृद्धि हो रही है। राज्य सरकार सभी वन्य जीवों और उनके परिवार वृद्धि के लिए उपयुक्त ईको-सिस्टम विकसित करने का प्रयास कर रही है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और पर्यटन भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया है कि चीते को भी एशिया में पुनर्स्थापित किया जा सकता है।

प्रतिवर्ष होगी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी पद खाली न रहे, इस उद्देश्य से शासकीय सेवा में समय पर भर्ती सुनिश्चित करने के लिए प्रतिवर्ष मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। इससे एक ही परीक्षा में अलग-अलग श्रेणियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन के लिए इस प्रकार के सभी प्रयास करने की दिशा में राज्य सरकार सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की वृद्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारी-कर्मचारी शासकीय नीतियों और सुशासन का अंतिम पंक्ति तक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कराने की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

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