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खरगोन : कथास्थल की सफाई के लिए जा रहे थे कर्मचारी, हादसे का शिकार, एक की मौत

खरगोन खरगोन शहर के टेमला रोड पर नगर पालिका सफाई कर्मचारी से भरा वाहन पलटा। इसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई और 12 घायल हो गए हैं। सभी कर्मचारी खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार के गृहग्राम टेमला में कथास्थल की सफाई करने जा रहे थे। जानकारी के अनुसार सोमवार को सुबह 9.15 बजे टेमला रोड पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में 26 वर्षीय राजेश पुत्र राजू निवासी मुगल बड़ा रहीमपूरा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 कर्मचारी घायल बताए हुए हैं। चालक भी बुरी तरह से घायल हुआ हैं। सफाई करने जा रहे थे सफाई कर्मचारी संघ के संजय करोसिया ने बताया कि सभी कर्मचारी मल्टी में सफाई करने गए थे। उसके बाद खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार के ग्राम टेमला में 5 मई से आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा की तैयारियों में सफाई करने जा रहे थे। वाहन अनियंत्रित होने से हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों के परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। प्रशासन और पुलिस बल मौके पर मौजूद है, घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। 10 साल पहले भी तीन मजदूरी की मौत हुई थी विधायक बालकृष्ण पाटीदार की जीनिंग परिसर में बंगला निर्माण हुआ था उस दौरान गुजरात से टाइल्स बुलाई थी। टाइल्स खाली करने में तीन मजदूर दब गए थे। उनकी मौत हो गई थीं।

राफेल एम जेट आईएनएस विक्रांत से संचालित होंगे और मौजूदा मिग-29के बेड़े का सहयोग करेंगे, भारत आज करेगा फ्रांस से बड़ी डील

नई दिल्ली भारत और फ्रांस 28 अप्रैल 2025 यानी आज 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील करेगा. यह समझौता भारतीय नौसेना के लिए होगा. इस समझौते की कीमत करीब 63,000 करोड़ रुपये है. इसमें 22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट विमान शामिल होंगे. पाकिस्तान को करारा झटका लगने वाला है. पाकिस्तान समंदर में भी चोट खाएगा. क्योंकि ये जेट आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात किए जाएंगे. 1971 की जंग में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी थी. इस जेट के आने से इंडियन नेवी और ताकतवर हो जाएगी.   दक्षिण एशिया में भारत-चीन के पास ही एयरक्राफ्ट कैरियर भारत और चीन के अलावा किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तीन तरह के मल्टीरोल फाइटर जेट तैनात हैं. पहला J-10, दूसरा J-15 और तीसरा Sukhoi-30. पाकिस्तान के पास जो फाइटर जेट्स हैं, उनमें से ज्यादातर चीन के ही हैं. अब हम आपको तीनों के साथ Rafale-M की तुलना करके बताते हैं… इस समझौते का प्रतिनिधित्व भारत में फ्रांस के राजदूत और भारतीय रक्षामंत्रालय के अधिकारी करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री डिजिटल रूप से इसमें भाग ले सकते हैं. इससे पहले फ्रांसीसी रक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से इस हस्ताक्षर समारोह में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन कहा जा रहा है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दे दी थी. भारतीय विमानवाहक पोतों, खास तौर पर आईएनएस विक्रांत जो अभी सेवा में है पर तैनाती के लिए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की तत्काल जरूरत है. मिग-29 लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े ने कथित तौर पर रखरखाव संबंधी मुद्दों के कारण खराब प्रदर्शन किया है. फ्रांस से खरीदने जाने वाले राफेल एम जेट विमान को भारत के युद्धपोत पर अपने आवश्यकतानुसार सेट किया जाएगा. कहा जा रहा कि इसे आईएनएस विक्रांत पर रखा जाएगा. सरकार के अनुसार यह खरीद अस्थायी समाधान के रूप में है. भारत में भी एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमान विकसित किए जा रहे हैं. एनएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हस्ताक्षर समारोह संभवतः साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय मुख्यालय के बाहर आयोजित किया जाएगा. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इसी महीने की 9 तारीख को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में इस डील को मंजूरी मिली थी. इसे अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है. सरकार के इस अनुबंध में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं. साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कार्मिक प्रशिक्षण और स्वदेशी घटक विनिर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल है. भारत में वर्तमान में 36 राफेल हैं. इसे 2016 एक सौदे के तहत खरीदे गए थे. ये विमान अंबाला और हासीमारा में तैनात हैं. नए सौदे से भारत में राफेल विमानों की कुल संख्या 62 हो जाएगी, जिससे देश के 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. लंबाई मे छोटा, इसलिए मैन्यूवरिंग आसान J-10: 55.5 फीट J-15: 73.1 फीट Su-30: 72 फीट Rafale-M… सिर्फ 50.1 फीट. यानी आकार में सबसे छोटा. किस तरह की होगी डील? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. क्रू/पायलट… सिंगल पायलट के हाथ में कमान J-10: एक पायलट J-15: 1/2 पायलट Su-30: 2 पायलट Rafale-M…1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. वजन में हल्का यानी हैंडलिंग आसान J-10: 14 हजार kg J-15: 27 हजार kg Su-30: 24, 900 kg Rafale-M… 15 हजार kg, यानी जे-10 से थोड़ा भारी, लेकिन बाकियों से हल्का है. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. फ्यूल (इंटरनल कैपेसिटी) में सबसे बेहतर J-10: 8950 लीटर J-15: 9500 लीटर Su-30: 9400 लीटर Rafale-M… 11,202 लीटर… यानी ज्यादा देर तक उड़ान संभव. ज्यादा अच्छी डॉग फाइट. स्पीड में सिर्फ एक चीनी फाइटर जेट से पीछे J-10: 2205 km/hr J-15: 2963 km/hr Su-30: 2120 km/hr. Rafale-M… 2205 km/hr. यानी J-15 से कमजोर लेकिन सुखोई से ऊपर और जे-10 के बराबर. कॉम्बैट/फेरी रेंज… में सबसे बेहतर राफेल J-10: 1240 km (कॉम्बैट रेंज) J-15: 3500 km (फेरी रेंज) Su-30: 3000 km (फेरी रेंज) Rafale-M… कॉम्बैट रेंज 1850 km और फेरी रेंज 3700 km. यानी सबसे बेहतर. अधिकतम ऊंचाई… इसी मामले में कमजोर है J-10: 59 हजार फीट J-15: 66 हजार फीट Su-30: 57 हजार फीट Rafale-M… 52 हजार फीट. यानी तीनों चीनी फाइटर जेट से पीछे.   किस तरह के फाइटर जेट्स हैं… J-10/J-15 चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट्स हैं. Su-30 मल्टीरोल एयर सुपरीरियॉरिटी जेट है. Rafale-M 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है. राफेल में ज्यादा हथियार लगाने की क्षमता चीन के जे-10 फाइटर जेट में 11 हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी चार तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, 90 मिलिमीटर के अनगाइडेड रॉकेट्स, 23 मिलिमीटर की गन और चार तरह के बम लगाए जा सकते हैं. जे-15 फाइटर जेट में 12 हार्डप्वाइंट्स हैं. जिनमें 9 तरीके के हथियार लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा बम भी. इसमें 30 मिलिमीटर की गन लगी होती … Read more

एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना

आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व ओंकारेश्वर में सोमवार से : राज्य मंत्री लोधी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और देशभर के प्रमुख साधु- संत वैश्विक एकात्मता का महायज्ञ में होंगे शामिल एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना ओंकारेश्वर में 28 अप्रैल से 2 मई तक “एकात्म पर्व” का आयोजन भोपाल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के जन्मोत्सव पर “आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व” का भव्य आयोजन 28 अप्रैल से 2 मई 2025 तक पवित्र तीर्थ ओंकारेश्वर एकात्म धाम परिसर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में “एकात्म पर्व” को एक दिव्य, सांस्कृतिक और बौद्धिक महाकुंभ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि  “एकात्म पर्व” का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना तथा विश्वबंधुत्व एवं एकात्मता की भावना को पुनः जागृत करना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, साधकों और संस्कृति प्रेमियों को इस अद्वितीय पर्व में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया हैं। एकात्म पर्व का शुभारंम 28 अप्रैल सोमवार को सुबह 7 बजे महर्षि सांदीपनि वेद विद्यापीठ एवं आर्ट ऑफ लिविंग गुरुकुल के आचार्यों द्वारा वैदिक अनुष्ठान से होगा। इसके बाद शोभा यात्रा नर्मदा के अभय घाट से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः अभय घाट पर संपन्न होगी। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित पावन पर्व के दौरान ओंकारेश्वर में विविध प्रकार के आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों का गायन, वैदिक अनुष्ठान, शोभायात्रा, अद्वैत शारदा पुस्तकालय, अद्वैत लोक प्रदर्शनी और वेदांत-विज्ञान विषयक परिचर्चाएँ प्रमुख रहेंगी। आयोजन में अनेक संत-संन्यासियों की उपस्थिति होगी। इसमें जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, इस्कॉन के गौरांग दास प्रभु, अखण्ड परम धाम के स्वामी परमानंद गिरि, स्वामी विदितात्मानंद सरस्वती, स्वामी मिथलेश नंदनी शरण, स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी, और माँ पूर्णप्रज्ञा सम्मिलित हैं। एकात्म धाम ओंकारेश्वर में विभिन्न सत्रों में चिंतक मुकुल कानिटकर, लेखक नीलेश नीलकंठ ओक, प्रो. गौरी माहुलिकर, प्रो. पंकज जोशी, प्रो. रामनाथ झा, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी, मृत्युंजय गुहा मजूमदार और विशाल चौरसिया जैसे प्रमुख वक्ता भाग लेंगे। 1 मई को विशेष सत्र “रील टू रियल: अवेकनिंग वननेस थ्रू स्टोरी टेलिंग” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गौरांग दास प्रभु, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी और विशाल चौरसिया संवाद करेंगे। प्रकटोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ.यादव होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकटोत्सव में शामिल होंगे। पर्व के अंतिम दिन 2 मई को आचार्य शंकर प्रकटोत्सव के अवसर पर 500 शंकरदूतों का दीक्षा संस्कार अभय घाट पर संतों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। समापन दिवस पर प्रातःकाल विद्वानों का अलंकरण किया जाएगा। सायं 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा नर्मदा टट पर 10,000 दीपों का प्रज्ज्वलित कर नर्मदा आरती की जाएगी। ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास एवं संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा एकात्म धाम प्रकल्प के अंतर्गत 108 फीट ऊँची “एकात्मता की मूर्ति” का निर्माण किया जा चुका है तथा अद्वैत लोक संग्रहालय एवं अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। आकर्षण का केन्द्र बनेगा गायन एवं नृत्य पाँच दिवसीय एकात्म पर्व के अंतर्गत “शंकर संगीत” नामक सांगीतिक प्रस्तुति श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों व अद्वैत वेदांत पर आधारित रचनाएँ प्रस्तुत की जाएँगी। इस श्रृंखला में माधवी मधुकर झा, जयतीर्थ मेवुंडी, लोकमाता विद्याशंकर, और सुधा रघुरामन जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियाँ होंगी। 1 मई को शंकरदूतों द्वारा आचार्य शंकर विरचित स्तोत्रों का सामूहिक गायन किया जाएगा। 2 मई को प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना लता मुंशी द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। अद्वैतामृतम् से लाभान्वित होंगे श्रोता एकात्म पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 8:30 से प्रात: 10:30 व सायं 5:30 से 7:30 तक “अद्वैतामृतम” नामक विशेष वैदांतिक संवाद सत्रों का आयोजन किया जाएगा। 28 और 29 अप्रैल को माँ पूर्णप्रज्ञा “ओंकार” विषय पर उद्बोधन देंगी। 28 अप्रैल से 1 मई तक स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी आचार्य शंकर के जीवन एवं दर्शन पर विशेष सत्र संचालित करेंगे। 29 और 30 अप्रैल को प्रो. गौरी माहुलिकर अपना उद्बोधन देंगी और मुकुल कानिटकर “अद्वैत वेदांत: प्राणमय कोष” विषय पर व्याख्यान देंगे।  

भारत ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए हिंदुओं की हत्या कराई : गुरपतवंत सिंह पन्नू

नईदिल्ली  खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान का साथ देने का ऐलान कर दिया है। हाल ही में उसने कहा है कि पंजाब के जरिए भारत को पाकिस्तान पर हमला नहीं करने दिया जाएगा। जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते तल्ख हैं और सीमा पर भी तनाव जारी है। आतंकवादी हमले में 26 लोगों की हत्या हो गई थी। आजाद डिजिटल से खास बातचीत में SFJ यानी सिख्स फॉर जस्टिस के प्रमुख पन्नू ने पाकिस्तान का साथ देने की बात कही है। उसने कहा, ‘यह न 1965 और न 1971 है… आज है 2025 है। मैं पाकिस्तान की आवाम को भरोसा दिलाता हूं कि हम पाकिस्तान के साथ ईंट की तरह खड़े हैं। कोई भारतीय सेना की इतनी हिम्मत नहीं होने देंगे कि वो पंजाब पार कर पाकिस्तान पर हमला करे। क्योंकि पाकिस्तान का नाम ही पाक है।’ पन्नू ने कहा, ‘यहां पाकिस्तान को समझने की जरूरत है, सिख समझ चुके हैं।’ हालांकि, पन्नू ने पाकिस्तान की सरकार और आवाम के सामने खालिस्तान को मान्यता देने की शर्त रखी है। उसने पहलगाम को हिंदुओं का नरसंहार बताया और आरोप लगाए हैं कि इसके पीछे राजनीति की जा रही है। साथ ही आरोप लगाए हैं कि भारत ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए हिंदुओं की हत्या कराई है। पन्नू ने कहा, ‘…दुनियाभर में हम पाकिस्तान के साथ खड़े होंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान के अलग थलग न कर सके।’ पन्नू ने कहा, ‘जो पहलगाम में हुआ, उन लोगों ने अपने हिंदू को ही मारा है। इसका कारण समझना जरूरी है। इसका कारण है, राजनीतिक कारण है। राजनीतिक वोट हैं। पहलगाम में जो हिंदुओं का नरसंहार हुआ है, वो चुनाव जीतने के लिए हुआ है…।’ उसने कहा, ‘…चुनाव जीतने और पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए, पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाने वाला बताने के लिए उन लोगों ने अपने ही बिरादरी के हिंदू धर्म के लोग मार दिए।’ भारत के खिलाफ उगलता रहा है जहर हालांकि, इससे पहले भी कई मौकों पर पन्नू भारत के खिलाफ जहर उगलता रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने उत्तर प्रदेश के अयोध्या मंदिर समेत कई स्थानों पर अशांति फैलाने की धमकी दी थी। इसके अलावा खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भी भारत सरकार पर सवालिया निशान लगा चुका है।  शाहिद अफरीदी ने पहलगाम आतंकी हमले पर दिया बेहद घटिया बयान पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ने पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले पर बेहद घटिया बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि भारत खुद ही लोगो को मरवाता है और फिर खुद ही कहते हैं कि वो जिंदा हैं. शाहिद अफरीदी ने इस आतंकी हमले पर एक वीडियो जारी किया है. इसमें वो भारत से इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत मांगते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा है कि भारत आरोप लगाने से पहले साबित करे कि इस हमले में पाकिस्तान का हाथ था. बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. आइए देखें इस आतंकी हमले पर शाहिद अफरीदी ने क्या कुछ कहा? क्या कहा अफरीदी ने अफरीदी ने कहा,” पाकिस्तान के एम्बेसडर होने के नाते मैं यही कहूंगा कि स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी को लेकर मेरा बहुत मजबूत स्टैंड है. इस पर सियासत नहीं होनी चाहिए. पड़ोसी मुल्क हैं, एक-दूसरे का ख्याल रखा जाए. हालांकि मैं यह भी कहूंगा कि जब आतंकी हमला हुआ तो आपने तुरंत पाकिस्तान पर इलजाम लगा दिया. इस तरह से चीजें नहीं होनी चाहिए. इससे आपसी रिश्ते खराब होते हैं. जहां आतंकी हमला हुआ वहां आपके 8 लाख सैनिक हैं. क्यों कोई फौजी लोगों को बचाने नहीं आया. खुद ही ब्लंडर करते हैं, खुद ही लोगो को मरवाते हैं और फिर खुद ही कहते हैं कि वो जिंदा हैं. इस तरह से न करें.” पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने शहबाज पर उठाए सवाल इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा न करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह (शहबाज) सच्चाई जानते हैं क्योंकि वह आतंकवादियों को ‘पालने-पोसने’ का काम कर रहे हैं. पूर्व क्रिकेटर ने एक्स पर लिखा, “अगर पाकिस्तान की पहलगाम आतंकी हमले में वाकई कोई भूमिका नहीं है, तो प्रधानमंत्री ने अभी तक इसकी निंदा क्यों नहीं की?” उन्होंने आगे कहा, “आपकी सेना अचानक हाई अलर्ट पर क्यों है? क्योंकि अंदर से, आप सच्चाई जानते हैं – आप आतंकवादियों को पनाह दे रहे हैं और पाल-पोस रहे हैं. आपको शर्म आनी चाहिए.”  

पहलगाम हमले में PAK साजिश के खिलाफ सबूत, UNSC में खुद किया साबित

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मार डालने वाले आतंकी द रेजिस्टेंस फोर्स से जुड़े थे। यह आतंकी संगठन हाफिद सईद के ही लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है। इसे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को फैलाने के लिए सईद ने गठित किया है और माना जाता है कि पाकिस्तान की सेना भी इसे खाद पानी देती है। लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार करता है। फिर भी उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जो हरकत की है, उससे साबित होता है कि द रेजिस्टेंस फोर्स से उसका सीधा नाता है। इसके अलावा पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में भी पाकिस्तानी सरकार या सेना सीधे तौर पर शामिल है। दरअसल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से पहलगाम हमले की निंदा करते हुए बयान जारी किया गया है, लेकिन उसमें आतंकी संगठन TRF का नाम शामिल नहीं है। इसकी वजह थी कि फिलहाल UNSC के अस्थायी मेंबर पाकिस्तान ने TRF का नाम शामिल न होने की जिद रख दी। उसके समर्थन में चीन उतर आया और फिर अमेरिका से भी लंबी जद्दोजहद कर पाकिस्तान ने TRF का नाम शामिल न कराने में सफलता पा ली। यदि पाकिस्तान का TRF या फिर आतंकी हमले से कोई ताल्लुक न होता तो वह उसके नाम को बयान में शामिल होने से रोकने के लिए इतनी खींचतान क्यों करता। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान ने इसीलिए TRF का नाम शामिल न करने पर जोर दिया क्योंकि इससे संगठन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पड़ताल होती तो सीधा लिंक पाकिस्तान से ही जुड़ता, जो कि है। पाकिस्तान के प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हर बार की तरह घिसी पिटी दलील देते रहे कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि द रेजिस्टेंस फोर्स का इस हमले में हाथ था। पूरे मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि पहलगाम पर बयान अमेरिका की ओर से तैयार किया गया था। इसमें यह बात शामिल थी कि हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली है, लेकिन फिर पाकिस्तान की जिद और चीन के समर्थन से उसे हटा दिया गया है। बता दें कि 2019 के हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी औऱ उसका नाम तब UNSC के बयान में शामिल किया गया था। पहले पाकिस्तान मुकरा, अब TRF भी पलट गया; क्या है रणनीति यही नहीं पाकिस्तान सरकार की यह रणनीति ही है कि द रेजिस्टेंस फोर्स भी अब अपने दावे से मुकर रहा है। पहले उसने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन अब उसका कहना है कि यह हमला उसने नहीं कराया है। पुराने बयान को लेकर आतंकी संगठन का कहना है कि हमारे अकाउंट्स पर साइबर अटैक किया गया था। उसी के तहत यह गलत दावा किया गया। इससे साफ है कि पहले पाकिस्तान ने TRF का नाम संयुक्त राष्ट्र से हटवाया और अब उसे भी अपने दावे से पीछे हटने के लिए कहा है ताकि कोई ऐक्शन न हो। खासतौर पर इंटरनेशनल लेवल पर किरकिरी से बचा जा सके।

तामिया-पातालकोट में आदिवासियों ने राजकुमारी की 22 लाख की अंगूठी लौटाई, इनाम के 5 लाख रुपए लेने से किए मना

 छिंदवाड़ा सात समंदर पार से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा पहुंची चेक गणराज्य की राजकुमारी जित्का क्लेट की खोई हुई शादी की अंगूठी को पातालकोट के आदिवासियों ने खोजकर ईमानदारी की अनोखी मिसाल पेश की है. इस अंगूठी की कीमत करीब 22 लाख रुपए थी और इसे खोजने के लिए राजकुमारी ने 5 लाख रुपए के इनाम का ऐलान किया था. लेकिन आदिवासियों ने इसे अपनी मेहमान और बहन मानते हुए केवल 41 हजार रुपए ही स्वीकार किए. यह घटना देश-विदेश में चर्चा का विषय बन गई है. यह पूरा मामला छिंदवाड़ा के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य प्रकाश इंडियन टाटा से जुड़ा है, जो पातालकोट की जड़ी-बूटियों से रोगियों का इलाज करते हैं. प्रकाश टाटा ने बताया कि 6 महीने पहले वे यूरोप के दौरे पर थे, जहां मैक्स इन द वर्ल्ड कंपनी ने उन्हें छह देशों में आयुर्वेद और योग के शिविर लगाने के लिए आमंत्रित किया था. इस दौरान उनकी मुलाकात चेक गणराज्य की प्राग निवासी राजकुमारी और फैशन डिजाइनर जित्का क्लेट से हुई. जित्का स्पाइन की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं, जिसका इलाज वैज्ञानिक चिकित्सा में संभव नहीं था. प्रकाश टाटा ने आयुर्वेदिक दवाओं से उनका इलाज शुरू किया, और छह महीने में उन्हें काफी राहत मिली. जित्का ने प्रकाश टाटा से पातालकोट की अनमोल जड़ी-बूटियों के बारे में सुना था और इसे देखने की इच्छा जताई. इसके बाद 16 अप्रैल 2025 को वे दिल्ली से नागपुर और फिर छिंदवाड़ा पहुंचीं. प्रकाश टाटा ने उन्हें अपने घर पर ठहराया और अगले दिन 17 अप्रैल को जिले के पर्यटन स्थलों की सैर कराई. छोटा महादेव पर नींबू पानी बेचने वाले मनोज ने संभाली कमान घटना के बाद छोटा महादेव पर नींबू पानी की दुकान चलाने वाले मनोज विश्वकर्मा ने यह जिम्मा उठाया कि राजकुमारी की अंगूठी ढूंढकर वापस की जाएगी। मनोज ने आसपास के गांवों से एक दर्जन से ज्यादा आदिवासी युवकों को बुलाया। युवाओं ने तय किया कि जब तक अंगूठी नहीं मिलती, कोशिश जारी रहेगी। फिर शुरू हुआ संघर्ष — झरने के ठंडे पानी में उतरकर घंटों रेत निकालना, पत्ते हटाना और उसे छानना। दिन-रात की मेहनत रंग लाई और दो दिन बाद रेत के बीच से वह कीमती अंगूठी मिल गई। राजकुमारी ने कहा- पांच लाख दूंगी, आदिवासियों ने मना कर दिया अंगूठी मिलने की खबर जब राजकुमारी तक पहुंची तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की पेशकश की। लेकिन युवाओं ने पैसा लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘आप हमारी मेहमान हैं। हम आपके दर्द की कीमत नहीं लगा सकते।’ आदिवासियों ने बस अपनी मेहनत की मजदूरी के रूप में 41 हजार रुपए लिए। भावुक होकर राजकुमारी बोलीं- भारतीय संस्कृति को सलाम राजकुमारी ने इस घटना के बाद कहा, ‘भारत ने एक बार फिर दिल जीत लिया। यहां के लोग सिर्फ जमीन से नहीं, दिल से भी जुड़े हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह इस अनुभव को कभी नहीं भूलेंगी। इलाज के लिए आई थीं, लेकिन यहां के लोगों की ईमानदारी ने उनके दिल का भी इलाज कर दिया। क्यों आईं थीं छिंदवाड़ा? दरअसल, राजकुमारी इटका क्लेट अपने स्पाइन के आयुर्वेदिक इलाज के लिए छिंदवाड़ा पहुंची थीं। सोशल मीडिया के जरिए उन्हें डॉ. टाटा के आयुर्वेदिक उपचार की जानकारी मिली थी। इलाज के दौरान ही उन्होंने तामिया और पातालकोट घूमने की इच्छा जताई थी। यहीं घूमने के दौरान छोटा महादेव झरने पर यह वाकया हुआ, जिसने भारत की मेहमाननवाजी और आदिवासियों की ईमानदारी को दुनिया के सामने एक मिसाल के रूप में खड़ा कर दिया। छोटा महादेव में खोई अंगूठी प्रकाश टाटा ने जित्का को पातालकोट, तमिया और छोटा महादेव जैसे मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल दिखाए. छोटा महादेव में एक प्राकृतिक झरना है, जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. जित्का वहां झरने में मस्ती करने लगीं और पानी व रेत उछालने लगीं. इसी दौरान उनकी शादी की हीरे जड़ी अंगूठी कहीं गिर गई, जिसकी कीमत 22 लाख रुपए थी. अंगूठी गुम होने पर जित्का की आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने और वहां मौजूद पर्यटकों ने करीब आठ घंटे तक अंगूठी खोजने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली. प्रकाश टाटा ने जित्का को सांत्वना दी और कहा, “चिंता मत करो, भोलेनाथ की कृपा से अंगूठी मिल जाएगी.” इसके बाद जित्का ने अंगूठी खोजने वाले को 5 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की और छिंदवाड़ा वापस आ गईं. उस रात चिंता के कारण वे देर रात 2 बजे तक सो नहीं पाईं. आदिवासियों की मेहनत और ईमानदारी अगले दिन 18 अप्रैल को छोटा महादेव में छोटी-छोटी दुकानें लगाने वाले स्थानीय आदिवासियों ने अंगूठी की खोज शुरू की. उन्होंने पहले पेड़ों के पत्तों को हटाकर और झाड़ू लगाकर मैदान को साफ किया, लेकिन अंगूठी नहीं मिली. फिर उन्होंने झरने के पास रेत में खोज शुरू की, जहां जित्का मस्ती कर रही थीं. काफी मेहनत के बाद आखिरकार उन्हें वह हीरे की अंगूठी मिल गई. आदिवासी युवकों ने तुरंत इसकी जानकारी प्रकाश टाटा को दी. प्रकाश टाटा ने जित्का को फोन कर बताया कि उनकी अंगूठी मिल गई है. जित्का को पहले विश्वास नहीं हुआ. उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए अंगूठी देखने की इच्छा जताई. मनोज विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति ने वीडियो कॉल पर अंगूठी दिखाई, जिसे देखकर जित्का की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा, “दुनिया में इतने ईमानदार लोग कहीं नहीं देखे. 22 लाख की अंगूठी मिलने के बाद भी इन्होंने हमें बताया.” 5 लाख के इनाम को ठुकराकर लिए ₹41 हजार जित्का तुरंत प्रकाश टाटा के साथ छोटा महादेव पहुंचीं. वहां अंगूठी देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की कोशिश की, लेकिन आदिवासियों ने यह राशि लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, “आप हमारी मेहमान हैं, हमारी बहन हैं. हम आपसे इतना पैसा नहीं लेंगे.” जित्का के आग्रह पर उन्होंने सिर्फ 41 हजार रुपए स्वीकार किए. इस दौरान जित्का ने आदिवासियों के साथ सेल्फी भी ली और वादा किया कि अगली बार छिंदवाड़ा आने पर वे उनके लिए गिफ्ट लाएंगी.जित्का 19 अप्रैल को छिंदवाड़ा से अपने देश चेक गणराज्य के लिए रवाना हो गईं.        

खोजनखेड़ा में 6 अर्थियां एक साथ उठीं , पिपलिया और सुरजना गांव से एक-एक शवयात्रा निकाली

रतलाम/मंदसौर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया था। दर्शन के लिए जा रही एक ईको वैन बाइक से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने कुएं में जा गिरी। हादसे में कुल 12 लोगों की जान चली गई और 4 लोग घायल हो गए। घायलों में दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों में 8 लोग रतलाम जिले के, 2 उज्जैन के और 2 मंदसौर जिले के निवासी थे। रतलाम के खोजनखेड़ा गांव से एक साथ 6 अर्थियां उठीं, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। एमपी के मंदसौर में रविवार दोपहर ईको वैन बाइक से टकराकर कुएं में गिर गई। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि दो बच्चों समेत 4 लोग घायल हैं। मरने वालों में 8 लोग रतलाम जिले जबकि 2-2 लोग उज्जैन और मंदसौर जिले के रहने वाले थे। रतलाम जिले के खोजनखेड़ा में 6 अर्थियां एक साथ उठीं तो पिपलिया और सुरजना गांव से एक-एक शवयात्रा निकाली गई। वहीं, 4 अन्य लोगों के अंतिम संस्कार उज्जैन और मंदसौर में किए गए। घरों से अर्थियां निकलते ही परिजन बिलखने लगे। ये देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो उठीं। आंतरी माता के दर्शन के लिए जा रहे थे हादसा रविवार दोपहर करीब एक बजे जिले के नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में बूढ़ा-टकरावद फंटे के पास हुआ। वैन सवार करीब 14 लोग उज्जैन जिले के उन्हेल से नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के आंतरी माता मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। तभी वैन की एक बाइक से टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही वैन बेकाबू हो गई और कुएं में जा गिरी। इस हादसे में वैन में सवार 14 में से 10 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा एक बाइक सवार और एक शख्स, जो बचाव कार्य के लिए कुएं में उतरा था, उसकी भी मौत हो गई। घायल बच्चा बोला- बाइक वाला ठीक सामने आ गया घायल देवेंद्र गहलोत ने बताया- हम हराखेड़ी, उज्जैन में रहते हैं। मेरे साथ कार में मम्मी, नानी और मामा थे। हम आंतरी माता के दर्शन करने जा रहे थे। बाइक वाला हमारे ठीक सामने आ गया। हम भिड़े तो कुएं में गिर गए। मैं निकलने की कोशिश कर रहा था तो पीछे से एक व्यक्ति आया और मुझे निकालकर खाट पर ले गया। हमको फिर लोगों ने ऊपर खींच लिया तो हम हॉस्पिटल आ गए। उसके बाद कुछ नहीं पता। रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद रहे डिप्टी सीएम देवड़ा हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अपने स्तर पर रेस्क्यू शुरू किया। थोड़ी ही देर में पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंची। एसडीईआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। टीम रस्सियों के सहारे कुएं में उतरी और रेस्क्यू ऑपरेशन किया। मौके पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा भी पहुंचे थे। वे पूरे समय मौके पर ही रहे। कलेक्टर अदिति गर्ग, एसपी अभिषेक आनंद, एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी, एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी भी मौके पर मौजूद रहे। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बताया कि इस हादसे में कुल 16 लोग शामिल थे, जिनमें दो बच्चे भी थे। पहले बच्चों को निकालकर अस्पताल भेजा गया। गाड़ी बड़ी मुश्किल से बाहर लाई गई है। कुएं में जहरीली गैस के कारण बचाने गए मनोहर सिंह की भी मौत हुई है। उन्होंने 2-3 लोगों को बाहर निकाला था। मुझे जैसे ही घटना के बारे में पता चला, मैं सीधा यहीं आ गया। क्रेन की मदद से निकाली शवों से लदी वैन मौके पर क्रेन भी बुलाई गई। क्रेन की मदद से वैन को कुएं से बाहर निकाला गया। वैन में शव लदे थे। आगे की ओर एक महिला का शव लटकता दिखा। इस तस्वीर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। कुछ शव कुएं में थे। जिसके बाद मोटर लगाकर कुएं का पानी निकाला। फिर बाकी के शवों को बाहर निकाला गया। यह साफ नहीं हो पाया है कि ईको वैन सीएनजी थी या एलपीजी। एसडीईआरएफ के जवानों ने बताया कि कुएं की गहराई लगभग 80 फीट है। इतनी गहराई में सांस लेने में समस्या होती ही है। इसके अलावा यह वाहन गैस का था, जिसके चलते कुएं के अंदर अभी तक गैस जमा है। मनोहर ने मौत से पहले 4 लोगों को निकाला मृतकों में वैन सवारों को बचाने के लिए कुएं में उतरे ग्रामीण मनोहर सिंह भी शामिल हैं। वे लोगों को बचाने कुएं में उतर गए थे। इन्होंने 4 लोगों को कुएं से बाहर भी निकाला। लेकिन इस दौरान कुएं में बनी जहरीली गैस से इनकी मौत हो गई। मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए मुआवजा की घोषणा मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। इसमें से 2-2 लाख रुपए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से तो 2-2 लाख रुपए मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से दिए जाएंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए और सामान्य रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की

वेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वन-ऑन-वन मीटिंग्स का आयोजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को हम ‘विकसित मध्य प्रदेश’ से साकार करेंगे। राज्य में वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद अब विभिन्न सेक्टर पर आधारित कॉनक्लेव का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं है, बल्कि एक विचार-मंथन नीति-निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास की यात्रा सतत जारी रहेगी। हम निवेशकों के विश्वास को मजबूती देंगे, नई नीतियाँ लागू करेंगे, आधारभूत संरचना को और सशक्त करेंगे। प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए हम संकल्पित है। उन्होंने कहा कि नवीन जीसीसी नीति 2025, सेमीकंडक्टर नीति 2025, एवीजीसी एक्सआर नीति 2025 और ड्रोन प्रोत्साहन और उपयोग नीति के द्वारा इन क्षेत्रों में निवेशकों को आवश्यक मदद प्रदान करने के प्रावधान है। आज नीतियों के गाइडलाइंस भी जारी की गई है। तकनीकी दक्षता, सुशासन और निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिए नए डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, उद्योगपतियों और निवेशकों को एक एकोसिस्टम प्रदान करेगी। निवेशकों को सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विजन-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्य प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा । इन उद्योपतियों से की वन- ऑन – वन मीटिंग्स पंचशील रियल्टी (आईटी इंफ्रा सेक्टर) के फाउंडर अतुल चोरड़िया, पार्टनर रजत जैन, सोमवेद इंटरप्राइजेज (सेमीकॉन सेक्टर) के सीओओ सोमेश चौधरी, फाउंडर, आनंद द्विवेदी, डायरेक्टर, शुभम अग्रवाल, सीएमओ, योट्टा कंपनी (डेटा सेंटर) के प्रबंध निदेशक सुनील गुप्ता, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के सह संस्थापक अविनाश सेठी, सिद्धार्थ सेठी, केदारा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकॉन सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक कुमार और डायरेक्टर अनुराग कुमार, मीना सर्किट्स (पीसीबी सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्ञान प्रकाश अग्रवाल, डायरेक्टर अर्चित अग्रवाल और डायरेक्टर शिवम अग्रवाल, डिजिटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर आबिद फारूकी साइमा सिद्दीकी, आईआईटी इंदौर दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन कंपनी, इंदौर के प्रोफेसर सुहास एस जोशी, निदेशक, आईआईटी इंदौर प्रो बीके लाड, आदित्य एसजी व्यास सीईओ, वैभव जैन, वरिष्ठ तकनीकी ने इन्क्यूबेशन सेंटर, न्यूमिजो प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकंडक्टर सेक्टर) के अनूप दत्ता मैनेजिंग डायरेक्टर, इन्फ़ोचिप्स कंपनी (इंजीनियरिंग-एएसआईसी) के पुलकित दुबे निदेशक – पीईएस, नीलेश रणपुरा, प्लैंक रेड प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर्स) के शिशिर मिगलानी सीईओ,रत्नजीत सिंह,होमा बाइनरी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर)के रविन्द्र वाघानी सीईओ,अरविंद सिंह दरबार, अभय गौड़,एचएलबीएस (सेमीकॉन सेक्टर) के प्रबंध निदेशक मितेश लोकवानी, इन्फिनिटी सॉल्यूशंस से मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत घुले, एल एंड टी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) कंपनी के राजन बोहरा, बिक्री प्रमुख शांतनु दीक्षित, अर्पित सक्सेना, ड्रोनामैप्स (ड्रोन सेक्टर) के उत्कर्ष सिंह को फाउंडर एंड सीईओ, देवांशी दीपक, ग्रोथ एएक्सएल के डायरेक्टर ग्लोबल स्ट्रेटजीज संजीव राव, बूयोंग स्कीकॉर्प (लेदर एंड फुटवेयर) के अमित बाजोरिया सीईओ, सीयू ऊंग़ मून डायरेक्टर, श्रीमती सोनी जैन कंपनी सेक्रेटरी, सन फार्मास्युटिकल(फार्मा) के सीनियर जनरल मैनेजर अनूप कुलकर्णी, सनाथन टेक्सटाइल्स (टेक्सटाइल सेक्टर) के अजय दत्तानी मैनेजिंग डायरेक्टर, गुरुकृपा के चेयरमैन धर्मेन्दर नरूला से वन ऑन वन चर्चा की।  

मेरा ई-केवायसी ऐप से पात्र हितग्राही खुद कर सकते हैं ई-केवायसी

भोपाल राशन लेने वाले सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवायसी अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि 9 से 30 अप्रैल तक प्रदेश में ई-केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई लाभार्थी 30 अप्रैल तक अपनी ई-केवायसी पूरी नहीं कराते हैं, तो उसे मई महीने से राशन मिलने में असुविधा हो सकती है। मंत्री राजपूत ने कहा कि हितग्राही 30 अप्रैल तक ई-केवायसी जरूर करायें। मंत्री राजपूत ने जानकारी दी कि लाभार्थियों की सुविधा के लिए “मेरा ई-केवायसी” नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। इस ऐप के माध्यम से कोई भी लाभार्थी, चाहे वह वृद्ध, दिव्यांग या सामान्य व्यक्ति हो, घर बैठे अपनी और अपने परिजनों की ई-केवायसी कर सकता है। इसके लिए लाभार्थियों को अपने आधार नंबर और ओटीपी की आवश्यकता होगी। मंत्री राजपूत ने सभी राशन लाभार्थियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी और अपने परिवार के सभी सदस्यों की ई-केवायसी पूरी करवा लें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया समय पर पूरी करना बहुत जरूरी है ताकि मई से राशन वितरण में रुकावट नहीं आए। ई-केवायसी शिविरों का आयोजन मंत्री राजपूत ने बताया कि राशन लेने वाले हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर जिले के गांव और वार्ड स्तर पर ई-केवायसी शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में पीओएस मशीन के जरिए हितग्राहियों की अंगूठा लगाकर ई-केवायसी की जा रही है। मंत्री राजपूत ने बताया कि यह शिविर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण की प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था मंत्री राजपूत ने बताया कि बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। टीम घर-घर जाकर इन लोगों की ई-केवायसी कर रही है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।  

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, 855 अंक चढ़कर खुला सेंसेक्स …

मुंबई फ्लैट शुरुआत के बाद बाजार में  तेजी की रफ्तार बढ़ी है। RIL और दिग्गज बैंकों के दम पर निफ्टी डेढ़ सौ प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के करीब पहुंचा है।  बैंक निफ्टी भी 858  प्वाइंट उछला आया।  मिडकैप और स्मॉल कैप में भी रौनक देखने को मिल रही है। इस बीच सरकारी बैंकों में आज जोरदार खरीदारी नजर आ रही है।  निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स डेढ़ परसेंट चढ़ा है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स डेढ़ परसेंट चढ़ा है। फार्मा और रियल्टी में भी रौनक देखने को मिल रही है, लेकिन IT शेयरों में आज मुनाफावसूली दिख रही है। Reliance Industries पर जेफरीज की राय Jefferies ने Reliance Industries पर ₹1,660 का प्राइस टारगेट रखते हुए “BUY” रेटिंग बनाए रखा है, जिसमें जियो के फ्री कैश फ्लो प्रोफाइल और होम ब्रॉडबैंड में ग्रोथ को पॉजिटिव रहा। कारोबारी साल 2026 में रिटेल में आगे की ग्रोथ, टैरिफ ग्रोथ और जियो की संभावित लिस्टिंग रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए प्रमुख ट्रिगर्स हो सकते हैं। . ओपन होते ही पकड़ ली रफ्तार बीएसई के सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 79,212.53 की तुलना में सोमवार को उछलकर 79,343.63 पर कारोबार की शुरुआत की और कुछ ही देर में ये लंबी छलांग लगाते हुए 79,668.58 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी शुरुआत से ही तेजी पकड़े रखी. एनएसई का ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,039.35 के स्तर से उछलकर 24,070.25 पर खुला और फिर कुछ ही देर में ये भी 24,152.20 के लेवल पर कारोबार करता दिखाई दिया. यही नहीं महज आधे घंटे के कारोबार के दौरान ही Sensex 650 अंक चढ़कर 79,932 के लेवल पर कारोबार करने लगा. Nifty भी 155 अंक चढ़कर 24,200 के आस-पास कारोबार करता नजर आया.   1321 शेयरों ने की तेज शुरुआत बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर 1321 कंपनियों के स्टॉक्स ने तेजी के साथ ग्रीन जोन में ट्रेडिंग शुरू की थी, तो वहीं 1213 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो अपने पिछले बंद की तुलना में गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले थे. वहीं 174 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला था. शुरुआती कारोबार में Reliance Industries, Dr Reddy’s Labs, M&M, Bharat Electrinics, Trent के शेयरों में तेजी, जबकि  Shriram Finance, HCL Tech, Maruti Suzuki, Hero MotoCorp और Nestle के स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई थी. Mukesh Ambani का शेयर सरपट भागा शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (India’s Richest Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस का शेयर (RIL Stock) खुलने के साथ ही करीब 3 फीसदी तक उछल गया. खबर लिखे जाने तक ये 1339.10 रुपये पर कारोबार कर रहा था. शेयर में तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी उछलकर 18.13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. अन्य शेयरों की बात करें, तो M&M Share (1.80%), ICICI Bank Share (1.50%), SBI Share (1.40%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में Mazgaon Dock Share (5.08%), Kalyan Jewellers Share (3.75%),Ajanta Pharma Share (2.90%) और Lupin Share (2.70%) चढ़कर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल Barbeque Share 9.37% और DCB Bank Share 7.10% की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. शुक्रवार को गिरावट में रहा था बाजार बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भले ही शेयर मार्केट के दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए हों, लेकिन बीते पूरे सप्ताह ये फायदे में रहे. पिछले शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला BSE Sensex 588.90 अंक गिरकर 79,212.53 के लेवल पर क्लोज हुआ था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) 207.35 अंक टूटकर 24,039.35 के लेवल पर बंद हुआ था. एशियाई बाजारों से मिले थे ये संकेत   बात ग्लोबल संकेतों की करें, तो एशियाई बाजारों में मिला जुला असर देखने को मिल रहा है. एक ओर जहां Gift Nifty बढ़त के साथ ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा है और खुलने के साथ ही 80 अंक के आस-पास उछल गया था. तो वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स (Japan Nikkei) भी 233 अंकों की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आ रहा है. वहीं दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है.

विकसित भारत का सपना लोगों के स्वस्थ होने पर ही साकार होगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा मेडिकल हब बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाहर जाने वाले लगभग पचास प्रतिशत जटिल रोगी अब रीवा में ही इलाज करा रहे हैं। विकसित भारत का सपना लोगों के स्वस्थ होने पर ही साकार होगा। चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार अनुसंधान से नई तकनीकों से अधिक कारगर उपचार सुविधाएं विकसित हो रही हैं। इस तरह के आयोजनों से चिकित्सकों को आपस में संवाद करने और अपने ज्ञान को बेहतर करने का अवसर मिलता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रविवार को रीवा में तीसरी डायबीटिक फुट कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खान-पान की आदतों और जीवनशैली के कारण डायबिटीज का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण पैरों में कई तरह की जटिलता आती हैं और कई बार पैर काटने पड़ते हैं। यह कार्यशाला लोगों को जागरूक करने और रीवा में डायबीटिक फुट की प्रभावी उपचार व्यवस्था बनाने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यशाला में चिकित्सकों ने समर्पण के भाव से जो संवाद किया है उसके सुखद परिणाम निकलेंगे। रीवा में चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। शीघ्र ही रीवा में दो सौ बेड का कैंसर अस्पताल शुरू हो रहा है। इसमें कैंसर के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिकतम मशीनें रहेंगी। सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल की सुविधाओं को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड योजना से उपचार कराने में भी रीवा प्रदेश में सबसे आगे हैं। कार्यशाला में इंडियन कोडायट्री एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ए.पी. सूरी ने कहा कि 2009 में संस्था का गठन किया गया। डायबिटीज के कारण पैरों में कई तरह की समस्याएं आती हैं। इनका समय पर इलाज न होने पर पैर काटने तक की नौबत आ जाती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य डायबिटिक फुट के उपचार की सुविधाएं मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिला स्तर पर उपलब्ध कराने की है। हम दो साल तक यदि जागरूकता अभियान चलाएं तो मध्यप्रदेश को पाँच साल में डायबिटिक फुट के रोग से मुक्त कर देंगे।  

मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए गुरू की भूमिका निभाई और देश की आजादी को अमर, अखंड और अक्षुण्ण रखने का आधार बनाया। एक हजार साल की गुलामी के दौर से गुजरे देश में, गुलामी के कारणों को खोजने और उन कारणों का प्रभावी समाधान देने में बाबा साहेब का महत्वपूर्ण योगदान है। आरक्षण की व्यवस्था को संवैधानिक आधार प्रदान कर डॉ अंबेडकर ने देश में समानता के भाव का विस्तार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डॉ. अंबेडकर यूथ कॉन्क्लेव में श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद देवास महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डिक्की के मध्यप्रदेश चैप्टर प्रमुख अनिल सरवैया ने सोशल जस्टिस पत्र की प्रति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुदित शैजवार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा स्थापित व्यवस्था के परिणामस्वरूप ही देश में सभी वर्गों को प्रगति के समान अवसर मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर सहित अन्य कठिन और संर्घषपूर्ण परिस्थिति में रह रहे परिवारों से आए व्यक्तियों को देश का नेतृत्व करने सहित महत्वपूर्ण पदों से व्यवस्था संचालन के अवसर प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों की महत्ता को स्वीकारते हुए उनकी जन्म स्थली महू पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर नई शिक्षा नीति में डॉ. अंबेडकर को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है और उनके विचारों पर शोध को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य बाबा साहेब अंबेडकर ने किया। प्रधानमंत्री मोदी उनके विकसित भारत के संकल्प का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने का आव्हान किया।  

केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता

शासकीय सेवकों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी करेंगे शीघ्र कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शासकीय सेवकों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते किस्त की घोषणा केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांतीय सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को एक जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि के फलस्वरुप एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणा मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ भोपाल के नार्मदीय भवन में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वृहद पुष्पाहार, शॉल, श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह भेंट स्वागत किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय सेवकों के परिश्रम और समर्पण ने प्रदेश को बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाया है। कर्मचारियों का जीवन खुशहाल और भविष्य सुरक्षित हो यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार की व्यवस्थाओं और जनहित की योजनाओं को हितग्राही तक पहुंचाकर लाभान्वित करने में राजपत्रित अधिकारी ग्रोथ इंजन का कार्य करते हैं। इनकी कर्मठता, निष्ठा और संवेदनशीलता ही प्रदेश के सुशासन का आधार है। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से शासन की लोकहित व लोककल्याण की मंशा को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार इनके भविष्य और कार्य सुविधा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लक्ष्य के प्रति शासन-प्रशासन सभी मिलकर निरंतर समर्पित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2016 से अवरूद्ध पदोन्नति के मामले में समाधान के लिए भी राज्य सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागों में जो पद रिक्त है उनकी त्वरित पदपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन बड़ी उपलब्धि थी। भोपाल में सम्पूर्ण प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक मिले, राजधानी प्रदेश की समृद्धशाली विरासत को समेटे हुए दिखाई दे, इस दिशा में राज्य सरकार प्रयास कर रही है। राजधानी में प्रवेश कर रहे सभी मुख्य मार्गों पर महापुरूषों को समर्पित द्वारों का निर्माण होगा, इस क्रम में शीघ्र ही राजा भोज को समर्पित द्वार का भूमि-पूजन किया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण थे, राजधानी से अवंतिका की ओर जाने वाले मार्ग पर बनने वाला द्वार उनको समर्पित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहलगाम में हुई आतंकी वारदात पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब देगा।  

कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उद्योग मंदिर की तरह हैं जिससे लाखों लोगों को मिलता है रोजगार के रूप में आशीर्वाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में आईटी से संबंधित हुये 99 एमओयू में से 25 प्रतिशत का आज हुआ है भूमि-पूजन “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव” है प्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव म.प्र. अब मात्र वादों का नहीं, वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी नीति पर होगा कार्य कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को मिलेंगी नई ऊंचाईयाँ मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का प्रमुख केन्द्र बनेगा, 1500 करोड़ का मिला निवेश हम “इरादों को निवेश में” और नीतियों को क्रियान्वयन में बदल रहें हैं कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 75 हजार रोजगार होंगे सृजित निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिये “प्रोत्साहन पोर्टल” लॉन्च मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ 2025 में शामिल हुये आईटी क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति इन्दौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में हुआ “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” का आयोजन अनेक उद्योगों का हुआ लोकार्पण और भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों का निर्माण किसी मंदिर के बनने की तरह है। उद्योग ऐसे मंदिर हैं जो भगवान की तरह दर्शन जीविका का प्रसाद और आशीर्वाद देते हैं। श्रम शक्ति से लाखों व्यक्तियों को रोजी-रोटी मिलती है। आज के तकनीकी दौर में छोटे देश भी प्रगति कर रहे हैं। युद्धों से विकास में पिछड़ने वाले देश भी उद्यमशीलता से विकसित हो जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम आज बदलते दौर का भारत देख रहे हैं, जहां कई क्षेत्रों में तीव्र प्रगति हो रही है। इंदौर ने उद्योगों के विकास का कीर्तिमान बनाया है, इंदौर आईटी क्षेत्र की राजधानी है। इंदौर में अतुल पंचशील जैसे उद्योगपति विशिष्ट कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया प्रदेश में पाँच बड़े नगरों में इण्डस्ट्री पार्क प्रारंभ किये जा रहे हैं। कोरिया जैसे देश जिनसे भारत का पुराना सांस्कृतिक नाता है, वे भी मध्यप्रदेश में निवेश के लिये इच्छुक हैं। आज की कॉन्क्लेव में कोरिया और जापान से भी प्रतिनिधि आये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव से लगभग 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 75 हजार रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आज के टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास भी हुए हैं। इसमें से जीआईएस-भोपाल में आईटी सेक्टर में प्राप्त 99 प्रस्तावों में से 25 प्रतिशत का आज भूमि-पूजन हुआ है, जो इस बात का द्योतक है कि हम बस वादे नहीं करते, उन्हें धरातल पर उतारकर भी दिखाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भोपाल जिले के बैरसिया में मोबाईल, सेमीकंडक्टर डिवाइस पार्क बनाने वाले प्रतिष्ठान विश्व स्तरीय अधोसंरचना का लाभ प्राप्त करेंगे। लगभग 209 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के इस मेगा प्रोजेक्ट से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराना संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बैरसिया में महत्वपूर्ण निवेश करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने में सफलता मिली है। स्पेस टेक नीति के अंतर्गत यह कार्य होगा। इससे सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में नया दौर सामने आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में एग्रीटेक उत्कृष्टता केन्द्र बनेगा। ड्रोन तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आयेगा। परदेशीपुरा आईटी पार्क से नई संभावनाएँ विकसित होंगी। इंदौर आईटी क्षेत्र की नई राजधानी बन गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गयी 18 उद्योग हितैषी नीतियों का लोकार्पण किया था। ये नीतियाँ उद्योगों के विकास में उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में अद्भूत कार्य किया है। उनके विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुसार मध्यप्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। जीआईएस-भोपाल से उद्योग स्थापना के सभी रिकार्ड टूटे हैं। उद्योगपति स्वयं यह कह रहे हैं कि मध्यप्रदेश में एक माह में उद्योग लगाने का कार्य संभव हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से कृषि विकास दर प्राप्त कर रहा है। आगामी 3 मई को कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार से बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपये तक पहुंच गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में आज हुई कॉन्क्लेव में एमओयू करने वाले सभी औद्योगिक संस्थान बधाई के पात्र हैं। कॉन्क्लेव के दौरान चार नई औद्योगिक नीतियों की गाइड लाईन जारी की गयी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब मात्र वादों का नहीं, जनता से किये गये वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है। “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” मध्यप्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव है। आज का दिन मध्यप्रदेश के टेक्नो-इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इन्दौर में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ है। यह सिर्फ एक कॉन्क्लेव नहीं है, बल्कि प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में हमने दुनिया को मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी क्षमता से रूबरू करवाया था। यह कॉन्क्लेव उसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जहां हम “इरादों को निवेश में” और ‘नीतियों को क्रियान्वयन’ में बदल रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को हुए अभी 60 दिन ही हुए हैं और इस अल्प समय में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी ‘प्रॉमिस्ड डिलीवरी’ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के निवेश इरादों को ठोस निवेश में बदलना, राज्य में तकनीकी विकास के लिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, नए आईटी पार्क, सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस, इनक्यूबेटर्स की स्थापना करना, प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं के लिए भूमि-पूजन कर आधारशिला रखना एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण करना, जीसीसी, आईटी, आईटीईएस सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन, और एवीजीसी-एक्सआर पर चर्चा करके इन नीतियों का सफल क्रियान्वयन कराना, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योगपतियों के बीच विशेष बैठकें … Read more

रोजगार और कारोबार के साथ-साथ परिवार भी जिम्मेदारी से संभाल रही हैं महिलाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

कामकाजी महिलाओं के छात्रावास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान: मुख्यमंत्री डॉ.यादव बहन-बेटियों की पढ़ाई और रोजगार में सुगमता के लिए हर संभव की जा रही हैं व्यवस्थाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव रोजगार और कारोबार के साथ-साथ परिवार भी जिम्मेदारी से संभाल रही हैं महिलाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने उज्जैन में आयोजित महिला केंद्रित रोजगार पर्व का भोपाल से किया वर्चुअली शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के कुल स्टार्ट-अप में से 45 प्रतिशत से अधिक की मालकिन महिलाएं हैं। ड्रोन दीदी के रूप में स्वसहायता समूह की बहनें नई पहचान बना रही हैं। शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण ने बहन-बेटियों को सफलता के नए पंख दिए हैं। प्रदेश में महिलाओं के नाम जमीन, दुकान और घर की रजिस्ट्री में अतरिक्त छूट मिल रही है, इससे बहनों के पास सम्पत्ति की शक्ति आई है। बहनों का मान तो बढ़ा ही है, घर के फैसलों में भी अब महिलाओं को महत्व मिल रहा है। यह सब संकेत समाज के सशक्त होने के संकेत हैं क्योंकि समाज का सशक्तिकरण महिलाओं में सशक्तिकरण के बिना अधूरा है। हम यदि अपने राज्य को प्रगति की राह पर आगे बढ़ता देखना चाहते हैं तो बहन-बेटियों को शिक्षा, उनके कौशल उन्नयन और उन्हें रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी, उज्जैन में सत्यज फाउंडेशन द्वारा आयोजित महिला केंद्रित रोजगार पर्व को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों को पढ़ाई और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए हर संभव व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कामकाजी महिलाओं के छात्रावास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास के लिए कुल 27 हजार 147 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित है। इसमें छह साल में जेंडर बजट का आकार दोगना हो गया है। व्यापार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई प्रकार की रियायतें प्रदान की गई हैं। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि बहन -बेटियां रोजगार और कारोबार में अपने सभी कार्य जिम्मेदारी से संपादित कर रही हैं और परिवार भी संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बहन-बेटियों के जीवन के हर पड़ाव पर उनके साथ है। उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में रोजगार पर्व में विभिन्न कम्पनियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजागर राज्य मंत्री तथा उज्जैन जिले के प्रभारी गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव तथा पूर्व केंद्रीय डॉ. सत्यनाराण जटिया उपस्थित थे। कार्यक्रम में 25 से अधिक कम्पनियों ने सहभागिता की।  

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