LATEST NEWS

सूखे कुएं में उतरने से कई तरह की हो सकती हैं दुर्घटनाएं

सूखे कुएं में उतरने से कई तरह की हो सकती हैं दुर्घटनाएं मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी की एडवाइजरी भोपाल मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सूखे कुएं में उतरने से हो रही कई तरह की दुर्घटनाएं के संबंध में एडवाइजरी जारी की है। जहरीली गैसों के संपर्क में आना: हाइड्रोजन सल्फाइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड जैसी खतरनाक गैसों की उपस्थिति बेहोशी, घुटन और मृत्यु का कारण बन सकती है। ऑक्सीजन की कमी: सीमित स्थान में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से सांस लेने में तकलीफ और बेहोशी हो सकती है। पानी का अचानक भर जाना बचाव की स्थिति (बचाव के लिए उठाए जाने वाले कदम): कुएँ में उतरने के पहले लालटेन रस्सी से नीचे डालें यदी लालटेन बुझजाती है तो वहाँ पर ऑक्सीजन की कमी है और वहां ज़हरीली गैसहैं, अतः कुएँ के अंदर ना उतरे यदि कोई व्यक्ति सूखे कुएं में दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो बचाव की स्थिति में कदम उठाए जाने चाहिए। तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें: बिना उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरणों के कुएं में उतरने का प्रयास न करें। इससे आप भी खतरे में पड़ सकते हैं। तत्काल मदद के लिए कॉल करें: तुरंत आपातकालीन सेवाओं (जैसे पुलिस, अग्निशमन दल, बचाव दल) को सूचित करें। उन्हें दुर्घटना का स्थान और स्थिति की जानकारी दें। क्षेत्र को सुरक्षित करें: कुएं के आसपास के क्षेत्र को खाली कराएं ताकि अन्य लोग खतरे में न पड़ें। मूल्यांकन और योजना स्थिति का आकलन करें: यदि संभव हो, तो दूर से या सुरक्षित दूरी से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की स्थिति का आकलन करें (चेतना, सांस लेना, चोटें)। बचाव योजना बनाएं: आपातकालीन सेवाओं के पहुंचने पर, उनके साथ मिलकर एक सुरक्षित और प्रभावी बचाव योजना तैयार करें। बचाव कार्य प्रशिक्षित बचाव दल: बचाव कार्य केवल प्रशिक्षित और उचित उपकरणों से लैस बचाव दल द्वारा ही किया जाना चाहिए। सुरक्षा उपकरण: बचाव दल को उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), श्वास सुरक्षा उपकरण, हार्नेस, रस्सियां और अन्य आवश्यक उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। वायुमंडलीय निगरानी: यदि संभव हो, तो कुएं के अंदर के वायुमंडल की निगरानी करें ताकि खतरनाक गैसों या ऑक्सीजन की कमी का पता चल सके। सुरक्षित निष्कर्षण: दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकालने के लिए उचित तकनीकों का उपयोग करें। इसमें रस्सियों, स्ट्रेचर या अन्य बचाव उपकरणों का उपयोग शामिल हो सकता है। प्राथमिक चिकित्सा और चिकित्सा सहायता तत्काल प्राथमिक चिकित्सा: कुएं से निकालने के बाद दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करें। चिकित्सा सहायता: यदि आवश्यक हो, तो उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल ले जाएं। बचाव के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें धैर्य बनाए रखें: बचाव कार्य में समय लग सकता है। धैर्य बनाए रखें और बचाव दल पर भरोसा रखें। बचाव दल के निर्देशों का पालन करें: बचाव दल के सदस्यों के निर्देशों का सख्ती से पालन करें। अनावश्यक जोखिम न लें: अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव करने का प्रयास न करें। संक्षेप में, सूखे कुएं में दुर्घटना होने पर सबसे महत्वपूर्ण कदम तत्काल आपातकालीन सेवाओं को बुलाना और प्रशिक्षित बचाव दल की प्रतीक्षा करना है। अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देना और बचाव दल के निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है ताकि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सुरक्षित रूप से बचाया जा सके।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध

राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और आत्म सम्मान की रक्षा के लिये पूरी तरह से है प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ. इंदौर में 300 दिव्यांगजनों को बैटरीयुक्त ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण किये वितरित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने इंदौर में दिव्यांगजनों के हित में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 300 दिव्यांगजनों को कुल 749 बैटरीयुक्त ट्रायसिकल सहित अन्य तरह के सहायक उपकरणों का वितरण किया। जिला प्रशासन की पहल पर आईडीबीआई बैंक के सामाजिक दायित्व कार्यक्रम तथा भारतीय रेडक्रास सोसाइटी के वित्तीय सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारी सरकार उनका आत्मसम्मान बढ़ाने, उन्हें स्वावलंबी बनाने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बैटरीयुक्त ट्राईसिकल  और सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ेगी और वे अधिक स्वतंत्रता के साथ सुविधाजनक रूप से अपने कार्यों को सहजता से कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निजी क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थानों से भी आह्वान किया कि वे दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दें जिससे कि वे समावेशी विकास का हिस्सा बनें। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को आसान और सम्मानजनक बनाने के लिए भविष्य में भी अनेक योजनाएँ लेकर आएगी। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव,विधायक महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला,  श्रीमती मालिनी गौड़ तथा मनोज पटेल,सुमित मिश्रा, सावन सोनकर और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। दिव्यांगजनों को मिली यह सहायता  मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने इंदौर के 105 से अधिक दिव्यांगजनों को बैटरीयुक्त ट्राईसाइकिले नि:शुल्क प्रदान कीं। उन्होंने जिला प्रशासन, इंदौर द्वारा दिव्यांगजनों की निजी क्षेत्र में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए “दिव्यांग रोजगार पोर्टल” की भी शुरुआत की।   समारोह में 4 दिव्यांगजनों को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित इकाइयों में नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में 300 दिव्यांगजनों को 70 लाख 50 हजार रुपये से अधिक लागत के 105 मोट्रेड ट्राईसिकल,41 सामान्य ट्राईसिकल, 44 व्हील चेयर,154 डिजिटल हियरिंग एड (कान की मशीन) तथा 405 दिव्यांगजनों को अन्य सहायक उपकरण वितरित किये गये। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों का पुष्पवर्षा कर किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजनों का पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। दिव्यांगजनों को जीवन सुरक्षा हेतु हेलमेट भी दिये गये। समारोह का माहौल अत्यंत भावुक और उत्साहपूर्ण रहा। दिव्यांगजनों के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास झलक रहा था। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और विशेष सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। तेज गर्मी को देखते हुये दिव्यांगजनों के लिये वातानुकूलित व्यवस्था भी की गयी थी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा ट्राईसिकल वितरण के समय कई दिव्यांगजन भावुक हो उठे और पूरे वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो गया। लाभार्थियों का है यह कहना कार्यक्रम में बैटरीयुक्त ट्राईसिकल प्राप्त करने वाले  भागीरथपुरा के लक्ष्मण रावल ने कहा कि के एम.वाय.अस्पताल में सेवा भारती में कार्य करते है। उन्हें अपने घर से कार्य स्थल तक पहुंचने में बहुत परेशानी थी। अब यह बैटरीयुक्त ट्राईसिकल मिल गयी है। इससे बेहद सुविधा होगी। आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। समय भी बचेगा। बिजलपुर निवासी सुरेश काशीमा ने कहा कि मैं फूल माला बनाने का काम करता हूं। मुझे फूल माला बेचने के लिये जगह-जगह जाना पड़ता था। हाथ से चलने वाली ट्राईसिकल थी। परेशानी होती थी, अब आसानी होगी और अपनी फूल माला आसानी से दुकानों पर पहुँचा पाऊंगा। आमदनी बढ़ेगी। इसी तरह पंडिताई करने वाले श्रीधर जोशी ने कहा कि पहले छोटी दूरी तय करने में भी कठिनाई होती थी, अब ट्राईसिकल से स्वतंत्रता का अहसास हो रहा है। मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिल से धन्यवाद करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने 4 युवाओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कम्पनी में नौकरी के लिये नियुक्ति-पत्र सौंपे। इनमें रविन्द्र खराड़ी, ज्योति कोहली, मीना बालोदिया और अंकित वर्मा शामिल हैं। इन्हें टॉयस एण्ड ट्रीट्स कम्पनी में नौकरी मिली है। रोजगार पत्र प्राप्त करने वाली सुमीना बालोदिया ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा,पहली बार महसूस हो रहा है कि हमारी क्षमताओं को पहचाना गया है। अब मैं अपने सपनों को पूरा करने के और करीब आ गई हूँ।  

मुख्यमंत्री ने चेतीचांद महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को किया संबोधित

हमारे देश की पहचान सिंधु घाटी से जुड़ी है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधी समाज ने संघर्ष और चुनौतियों का सामना करते हुए स्वयं को पुन: स्थापित किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने चेतीचांद महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे देश की पहचान सिंधु घाटी सभ्यता और सिंधु नदी से जुड़ी है। प्राचीन काल में विकसित सिंधु घाटी सभ्यता आज भी पूरे देश को गौरवान्वित करती है। सम्राट दाहिर सेन का अपनी धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए संघर्ष आज भी हमें प्रेरणा और साहस प्रदान करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित और प्रतिबद्ध हैं। भोपाल, संत हिरदाराम की पुण्य भूमि है, संत परम्परा के अनुसार हम “जियो और जीने दो” के सिद्धांत में विश्वास करते हुए प्राणी मात्र से प्रेम के भाव का व्यवहार में भी निवर्हन करते हैं। सिंधी समाज ने इन मूल्यों का पालन करते हुए अपने धर्म और संस्कृति की सरक्षा के लिए अपना घर-परिवार और व्यापार छोड़ा। संघर्ष और चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी कर्मठता और आत्मविश्वास से उन्होंने स्वयं को पुन: स्थापित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधु भवन में आयोजित चेतीचांद महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक भगवान दास सबनानी ने की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सिन्धु भवन ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी क्षमता, योग्यता और निरंतर मेहनत से सिंधी समाज ने व्यापार और उद्योग जगत में कई उपलब्धियां अर्जित की हैं। राज्य सरकार प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में निरंतर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योग स्थापना और व्यापारिक गतिविधियों के संचालन के लिए नीतियों और प्रकियाओं को सरल और सुगम किया गया है। प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। व्यापार और उद्योग रोजगार उपलब्ध कराने का प्रमुख माध्यम है। अन्य राज्यों तथा विदेश से भी निवेश के लिए उद्योगपतियों और व्यापारियों को आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंधी समाज के बंधुओं से प्रदेश में व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की पहल करने का आव्हान करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विधायक भगवानदास सबनानी ने राजा दाहिर सेन, संत कंवर दास और शहीद हेमू कालानी के प्रसंगों को शालेय स्तर पर पाठ्यक्रम में शामिल करने, प्रदेश के सिंधी समाज की बहुलता वाले शहरों में शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा स्थापित करने, सिंधी संग्रहालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने और सिंधी अकादमी का बजट बढ़ाने का आग्रह किया।  

DC और RCB के बीच रोमाचंक मुकाबले में आरसीबी की टीम ने 6 विकेट से बाजी मारी

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 में रविवार को दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच में आरसीबी ने 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की.  इस मैच में आरसीबी के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. पहले बैटिंग करते हुए दिल्ली की टीम ने 8 विकेट खोकर 162 रन बनाए थे. इसके जवाब में उतरी आरसीबी ने 19वें ओवर में क्रुणाल पंड्या और विराट कोहली की फिफ्टी के दम पर इसे चेज कर लिया. ऐसी रही आरसीबी की पारी 163 रनों के जवाब में उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में अक्षर पटेल ने बेथल का विकेट झटका. बेथल के बल्ले से केवल 12 रन निकले. इसके बाद उसी ओवर में देवदत्त पड्डिकल भी बिना खाता खोले अक्षर पटेल का शिकार बन गए. वहीं, चौथे ही ओवर में रजत पाटीदार भी रन आउट हो गए. यानी दो ओवर के भीतर ही आरसीबी को तीन झटके लगे. लेकिन इसके बाद क्रुणाल पंड्या और विराट कोहली के बीच एक साझेदारी पनपी. दोनों के बीच 83 गेंदों में 113 रनों की बड़ी साझेदारी हुई, जिसने आरसीबी की उम्मीदों को जिंदा रखा. हालांकि, कोहली ने फिफ्टी जड़ने के बाद 18वें ओवर में अपना विकेट गंवा दिया. लेकिन क्रुणाल पंड्या टिके रहे. पंड्या ने 47 गेंदों में 73 रनों की पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 4 छक्के लगाए. वहीं, कोहली ने 51 रन बनाए और 4 चौके लगाए. 19वें ओवर में आरसीबी ने इस मुकाबले को जीतकर दो अंक जोड़े. ऐसी रही दिल्ली की पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की शुरुआत अच्छी नहीं रही. चौथे ही ओवर में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे अभिषेक पोरेल आउट हो गए. उन्हें हेजलवुड ने अपना शिकार बनाया, जिनके पास अब पर्पल कैप आ गई है. इसके बाद अगले ही ओवर में करुण नायर का विकेट गिर गया. नायर के बल्ले से केवल 4 रन आए. इसके बाद फाफ और केएल राहुल के बीच अच्छी साझेदारी हुई. लेकिन 10वें ओवर में फाफ का विकेट क्रुणाल पंड्या ने चटकाया. फाफ ने 22 रन बनाए. इसके बाद अक्षर पटेल भी केवल 15 रन बनाकर हेजलवुड का शिकार हो गए. 14वें ओवर में उनका विकेट गिरा. इसके बाद केएल राहुल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन राहुल के बल्ले से 39 गेंद में केवल 41 रन निकले. लेकिन इसके बाद स्टब्स ने एक छोटी आतिशी पारी खेली, जिसके दम पर दिल्ली की टीम ने 20 ओवर में 163 रनों का लक्ष्य आरसीबी के सामने रखा. अंकतालिका के टॉप पर पहुंची आरसीबी इस जीत के साथ ही आरसीबी अब अंकतालिका के टॉप पर पहुंच गई है. 10 मैच में आरसीबी ने 7 जीत हासिल की है और 14 अंक हैं. जबकि गुजरात के 8 में से 6 जीत के साथ 12 अंक है. वहीं, दिल्ली अब चौथे पायदान पर खिसक गई है. 9 में से उसकी 6 जीत है और 12 अंक हैं. लेकिन रन रेट के मामले में मुंबई उससे आगे है.

नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में एक से 12वीं तक 72 लाख से अधिक विद्यार्थियों का हुआ नामांकन

भोपाल शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अब तक कक्षा एक से 12वीं तक लगभग 72 लाख 40 हजार से अधिक विद्यार्थी निर्धारित कक्षाओं में अपना नामांकन दर्ज करवा चुके हैं। वहीं कक्षा 5 उत्तीर्ण करने वाले लगभग 5 लाख विद्यार्थी कक्षा में 6 में तथा कक्षा 8 उत्तीर्ण करने वाले करीब 4 लाख 84 हजार से अधिक विद्यार्थी कक्षा 9 में प्रवेश ले चुके हैं। कक्षा एक से 8वीं तक में लगभग 59 लाख 66 हजार से अधिक एवं कक्षा 9 से 12वीं में 12 लाख 73 हजार से अधिक विद्यार्थी अभी तक नये शैक्षणिक सत्र वर्ष 2025-26 में प्रवेश ले चुके हैं। प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू हुए नये शैक्षणिक सत्र में अब तक लगभग एक लाख 62 हजार से अधिक बच्चों का कक्षा एक में प्रवेश हो चुका है। इनमें से लगभग एक लाख से अधिक बच्चों के अभिभावकों ने उनका प्रवेश शासकीय विद्यालयों में कराया है। शेष करीब 35 हजार बच्चे निजी विद्यालयों की कक्षा एक में प्रवेश ले चुके है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष तक स्कूल चलें हम अभियान का संचालन जून माह में किया जाता था जिसे इस वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक अप्रैल से ही संचालित किया गया है। एज्युकेशन पोर्टल 3.0 से मॉनिटरिंग स्कूल चलें हम अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के नामांकन के लिए एज्युकेशन पोर्टल 3.0 का एक अप्रैल को लोकार्पण किया था। पोर्टल के माध्यम से शालाओं में कक्षावार नामांकन की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। नामांकन का कार्य सतत प्रगति पर है तथा अधिकांश चिन्हित बच्चे निर्धारित कक्षाओं में प्रवेश ले रहे हैं। कक्षा एक में प्रवेश योग्य बच्चों की सूची की उपलब्धता से सहजता इस वर्ष समय डेटा के आधार पर कक्षा एक में प्रवेश के लिये योग्य बच्चों की ग्राम और वार्ड वार सूची भी शिक्षकों को पहले से ही उपलब्ध कराई गई है। जिससे शिक्षकों के द्वारा इन बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर शाला प्रवेश कार्य में सुविधा हो रही है। परीक्षा परिणामों की समयबध्द घोषणा प्रदेश में परीक्षा परिणामों की समयबद्ध घोषणा माह अप्रैल में ही की गई है। इस वजह से आशाजनक कक्षावार नामांकन का एक प्रमुख कारण यह भी है। प्रदेश में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के अलावा अन्य सभी कक्षाओं की स्थानीय परीक्षाओं और कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पेटर्न परीक्षाओं के परिणाम भी इस वर्ष मार्च अंत तक घोषित किये जा चुके हैं, जिससे विद्यार्थियों के द्वारा आगामी कक्षाओं में समय से प्रवेश लिया जा रहा है। निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष नवीन सत्रारंभ की पूर्व तैयारी इस प्रकार की जिसमें प्रथम दिवस एक अप्रैल से ही कक्षा शिक्षण में कोई कठिनाई नहीं हुई। इस के लिये योजना तैयार कर एक अप्रैल के पहले ही नवीन सत्र की पाठ्य पुस्तकें विद्यालयों तक पहुंचाई गई। निःशुल्क पाठ्य पुस्तक का वितरण इस वर्ष एक अप्रैल से ही प्रारंभ हुआ। अद्यतन स्थिति में लगभग 85 प्रतिशत से अधिक पाठ्य पुस्तकें शालाओं में उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस सत्र में निःशुल्क गणवेश एवं निःशुल्क साईकिल वितरण भी जुलाई माह तक पूर्ण करने का कार्यक्रम तैयार किया गया है।

आज जयुपर में गुजरात टाइटन्स से राजस्थान रॉयल्स की होगी भिड़ंत, राजस्थान जीत से कम कुछ नहीं चाहेगी

नई दिल्ली शानदार फॉर्म में चल रही गुजरात टाइटंस की टीम सोमवार को जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के मैच में राजस्थान रॉयल्स से भिड़ेगी। गुजरात का लक्ष्य शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ प्लेऑफ में जगह पक्की करने के करीब पहुंचने का होगा। वहीं, राजस्थान की टीम जीत से कम कुछ नहीं चाहेगी, क्योंकि एक और हार टीम के लिए प्लेऑफ के दरवाजे बंद कर देगी। शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम आठ मैचों में से छह जीत के साथ 10 टीमों की तालिका में शीर्ष पर काबिज है और उसे प्लेऑफ में पहुंचने के लिए दो और जीत की जरूरत है। गुजरात टाइटंस ने मौजूदा सत्र में शानदार प्रदर्शन किया है और उसे सिर्फ दो बार हार सामना करना पड़ा है। साई सुदर्शन और प्रसिद्ध कृष्णा क्रमशः ऑरेंज (सबसे ज्यादा रन) और पर्पल (सबसे ज्यादा विकेट) कैप की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। गुजरात की इस टीम के लिए गिल, सुदर्शन और जोस बटलर शानदार लय में है। इस तिकड़ी के तीनों बल्लेबाजों ने मौजूदा सत्र में 300 से अधिक रन बनाए हैं और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी 150 से अधिक रहा है। अनुभवी कागिसो रबाड़ा सत्र की शुरुआत में व्यक्तिगत कारणों से स्वदेश लौट गए, लेकिन इसके बावजूद गेंदबाजी टीम की प्रमुख ताकत बनकर उभरी है। कई चोटों के बाद प्रतिस्पर्धी टी20 क्रिकेट में वापसी करने वाले प्रसिद्ध ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने आठ मैचों में 14.12 की औसत से 16 विकेट लिए हैं। बल्लेबाजों को चकमा देने और गेंद की लंबाई में बदलाव करने की उनकी क्षमता उनकी सफलता की कुंजी रही है। मोहम्मद सिराज भी गेंद से प्रभावी रहे हैं, उन्होंने अब तक 12 विकेट लिए हैं और सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों की सूची में संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर हैं। आर साई किशोर भी इस सत्र में शीर्ष पांच विकेट लेने वालों में शामिल हैं। इस बाएं हाथ के स्पिनर ने 8.22 की इकॉनमी से 12 विकेट लिए हैं। टाइटंस के पास इशांत शर्मा, वॉशिंगटन सुंदर और कुलवंत खेजरोलिया जैसे खिलाड़ी भी है और टीम ने इंपैक्ट खिलाड़ी के तौर पर उनका प्रभावशाली इस्तेमाल किया है। दूसरी तरफ राजस्थान रॉयल्स इस सप्ताह की शुरुआत में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से 11 रनों से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर होने के करीब पहुंच गई। यह उनकी लगातार पांचवीं और नौ मैचों में सातवीं हार थी। वे अब अंक तालिका में नौवें स्थान पर हैं। लीग के शुरूआती सत्र के चैंपियन को इस पूरे सत्र में लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। टीम अपने पिछले तीन मैचों में जीत के करीब पहुंची, लेकिन करीबी मैचों को अपने पक्ष में मोड़ने में नाकाम रही। इसमें दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सुपर ओवर में दिल तोड़ने वाली हार भी शामिल है। शीर्ष क्रम में यशस्वी जायसवाल, रियान पराग और नितीश राणा ने अच्छी बल्लेबाजी की है लेकिन उनकी गेंदबाजी एक बड़ी निराशा रही है। गेंदबाज रन गति को नियंत्रित करने और महत्वपूर्ण क्षणों में विकेट लेने में असमर्थ रहे है जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा है। ये मैच शाम को साढ़े सात बजे से होगा। टीमें इस प्रकार हैं राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, रियान पराग (कप्तान), नितीश राणा, ध्रुव जुरेल, शिमरोन हेटमायर, वानिंदु हसरंगा, जोफ्रा आर्चर, महेश तीक्षाना, संदीप शर्मा, तुषार देशपांडे, शुभम दुबे, कुमार कार्तिकेय, युद्धवीर सिंह चरक, कुणाल सिंह राठौड़, आकाश मधवाल, फजलहक फारूकी, केवेना मफाका, अशोक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (चोटिल)। गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), बी साई सुदर्शन, शाहरुख खान, शेरफेन रदरफोर्ड, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कागिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, ईशांत शर्मा, वाशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, अनुज रावत, महिपाल लोमरोर, अरशद खान, जयंत यादव, निशांत सिंधु, कुलवंत खेजरोलिया, गेराल्ड कोएट्जी, मानव सुथार, कुमार कुशाग्र, गुरनूर बराड़ और करीम जनत।

जन अभियान परिषद के सीएम सीएलडीपी के छात्रों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के योगदान को किया याद

शहडोल    विकासखंड बुढार में डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक विवेक पांडे,  शिक्षक श्री शिवेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में मनाया गया तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के जीवन के बारे में प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर मीनू जैन, मेंटर पूर्णिमा मुखर्जी, चंद्र शेखर वर्मा, कैलाश पाण्डेय, दीप्ति पाण्डेय, आनन्द यादव,  गणमान्य नागरिक व बी एस डब्लू, एम एस डब्लू के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं : एसीएस श्री दुबे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन को साकार करते हुए प्रदेश में आईटी और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पहली सेक्टर आधारित “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्री संजय दुबे ने “मध्यप्रदेश के उभरते एवीजीसी- एक्सआर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग,कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) ईकोसिस्टम” विषय पर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस- 3 को ब्रिलियेंट कन्वेशन सेंटर, इंदौर में संबोधित किया। उन्होंने एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र के उद्योपतियों ने इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की संभावनाओं/ निवेश पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार इस क्षेत्र में निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। एसीएस श्री दुबे ने बताया कि प्रदेश में इस उद्योग के विकास के लिए अनुकूल माहौल हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर एमपीएसईडीसी श्री गुरु प्रसाद, श्री आशीष कुलकर्णी, संस्थापक, पुन्नरीयुग आर्ट विजन प्राइवेट लिमिटेड, श्री मनीष राजोरिया, पर्पल टर्टल के सह-निर्माता, श्री रेन चिलका, संस्थापक – ग्रीन गोल्ड एनीमेशन प्राइवेट लिमिटेड सहित कई उद्योगपति/निवेशक उपस्थित थे। एसीएस श्री दुबे ने कहा कि 4 नई नीतियों के लिए गाइडलाइंस का अनावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कॉन्क्लेव के दौरान किया जाएगा। एसीएस श्री दुबे ने जानकारी दी कि जीआईएस- 2025 के दौरान की गई राज्य सरकार की प्रतिबद्धताएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। कई नई पहलें भी आज साकार होने जा रही हैं। आज ‘नो-क्वेरी पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया है, जहां आवेदक बिना भौतिक दस्तावेज प्रस्तुत किए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और 30 दिनों में जवाब प्राप्त कर सकते हैं। एसीएस श्री दुबे कहा राज्य में एवीजीसी क्षेत्र के लिए 4 उन्नत प्रयोगशालाएँ स्थापित करने और एक विशेष मीडिया पार्क बनाने की भी योजना है। एसीएस श्री दुबे ने बताया कि राज्य में प्रतिभाशाली युवाओं की बड़ी संख्या है, जो एवीजीसी सेक्टर में राष्ट्रीय नेतृत्व करने की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने सभी उद्योगपतियों, निवेशकों को ‘मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।  

वन परिक्षेत्र चितरंगी के जंगलों में लगी भीषड़

वन परिक्षेत्र चितरंगी के जंगलों में लगी भीषड़ वन संपदा की सुरक्षा करने  कि आखिर किसकी जिम्मेदारी ‌? चितरंगी वन परिक्षेत्र चितरंगी के कक्ष क्रमांक आर 12 बगदरा कला के जंगल मे 24 अप्रैल 2025 को आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। बीट प्रभारी सुरेश प्रजापती ने मौके से पहुच कर अपने चौकीदार एवं ग्रामीणों के सहयोग से इस तपती धूप में आग को बुझाने केलिए कड़ी मेहनत किया । लेकिन गर्मियों में पेड़ो के पत्ते सभी झड़ जाते है जंगलो में खड़पतवार होने से हवाओ में आग फैलने में अधिक मौका रहता है। केलिन सभी के सूझबूझ से खड़पतवार की कटिंग कर आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों द्वारा आग को बुझाने में अपनी एक अहम जिम्मेदारी को दिखाया इसलिए बहुत जल्द ही विकराल रूप धारण किया आग को नियंत्रित कर लिया गया। स्थल से लौटते ही आग बेकाबू हो गई और बगदरा कला के जंगल से बढ़ कर चितरंगी अधियारी तक पहुंच गई है आंधी तूफान आग को बढ़ावा देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी रवि शेखर सिंह ने इस घटना पर नज़र बनाये रखने और उचित मार्गदर्शन करते रहे। अंततः एक तरफ सफलता हासिल हुई। और दूसरे दिन वही आग चितरंगी पहुंच गई श्री सिंह ने आम जन मानस से अपील किया हैं कि वन संपदा से जसमे सब कुछ मिलता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण ऑक्सीजन मिलती है जो जीवन उसके बैगर एक पल जिन मुश्किल होता है। इसलिए सभी आम जन मानस से मेरी अपील हैं कि वन सुरक्षा अपनी नैतिक जिम्मेदारी है। अपने खुद के फायदे के लिए वन को छति नही पहुचाये। चितरंगी तहसील जनपद मुख्यालय होने के बावजूद एक भी फायर ब्रिगेड नहीं है। जंगल के आलावा किसानों की फसलें, घर,वाहन अनेकों प्रकार की आगजनी होती रहती है। शासन प्रशासन से क्षेत्रीयजनों की ओर से मांग की जाती है की फायर ब्रिगेड की ब्यवस्था कराई जाय जिससे जान माल की सुरक्षा हो सके।

PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया को बढ़ावा दे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर लाल बाग में स्वदेशी मेले का समापन समारोह संपन्न इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा है। वर्षों पूर्व शुरू हुई स्वदेशी जागृति आज ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन इंडिया’ जैसे अभियानों के रूप में देश को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  लालबाग परिसर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने समय-समय पर अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन स्वावलंबन और स्वदेशी की भावना कभी क्षीण नहीं हुई। हमें इस भावना को और सशक्त बनाना है ताकि भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने महेश्वर जैसे स्थान पर स्थानीय कारीगरी और वस्त्र निर्माण को प्रोत्साहित कर स्वदेशी विचार को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। समारोह में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्रा, स्वदेशी मेला प्रमुख योगेश मेहता एवं सिख समाज के बाबा तेजा सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। समारोह में सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता हेतु एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भी किया गया।  

दुश्मनों के दिल दहलती है भारत की ये 5 ‘हाईटेक’ मिसाइलें

नई दिल्ली जब आसमान गूंजता है, धरती कांपती है और दुश्मनों के दिल दहलते हैं, तो समझ जाइए कि भारत की सुपर हाईटेक मिसाइलें दहाड़ रही हैं! भारत ने पिछले कुछ समय में रक्षा क्षेत्र में जो तरक्की की है, उसका लोहा विश्व स्तर पर माना जाता है। यह बात खासकर मिसाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे ज्यादा लागू होती है। हाइटेक मिसाइलें बनाने के मामले में भारत ने वो ऊंचाइयां छू ली हैं कि दुशमन देशों के लिए यह डर का दूसरा नाम बन चुकी हैं। आइए आज जानते हैं भारत की उन 5 सुपर हाईटेक मिसाइलों के बारे में, जो ताकत और तकनीक की बेजोड़ मिसाल हैं। भारत का लंबा हाथ है अग्नि-V ​महाशक्तिशाली और सबसे एडवांस तकनीक पर आधारित मिसाइलों की सूची में सबसे पहला नाम अग्नि-V का आता है। यह भारत की सबसे एडवांस्ड और हाईटेक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। इसका नाम सुनते ही दुशमन के पसीने छूटते हैं क्योंकि ये 8,000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखती है। आसान भाषा में कहा जाए, तो यह अमेरिका, यूरोप और एशिया के लगभग हर कोने तक पहुंच सकती है। इसे तकनीक और तबाही का सबसे अच्छा कॉम्बो इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह न्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम है और “कैनीस्टराइज़्ड लॉन्च” टेक्नोलॉजी से लैस है। इसका मतलब है कि इसे कहीं भी तैनात करके फौरन फायर किया जा सकता है। इसकी MIRV क्षमता यानी एक साथ कई टारगेट पर हमला करने की क्षमता, इसे दुनिया के सबसे घातक हथियारों में शामिल करती है। सबसे तेज और घातक है ब्रह्मोस ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो आवाज की रफ्तार से तीन गुना तेज चलती है। यह इतनी हाईटेक है कि इसे जमीन, समुद्र और आसमान तीनों ही जगह से लॉन्च किया जा सकता है। कहने का मतलब है कि ये मिसाइल इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम करती है कि दुश्मन कहीं भी छिपा हो, ब्रह्मोस उसे ढूंढ निकालेगी। इसकी रेज 500 किलोमीटर से ज्यादा है। वहीं 1 मीटर के भीतर सटीक वार और रडार से छिपने की ताकत इसे बेजोड़ बनाती है। इसकी रफ्तार के आगे दुश्मन के पास किसी तरह की प्रतिक्रिया करने का समय नहीं बचता। टैंकों का काल नाग मिसाइल किसी भी फौज की ब़ड़ी ताकत उसके टैंक होते हैं और उन टैंको का काल है नाग मिसाइल। यह एक फायर एंड फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है। जैसा कि कुछ-कुछ नाम से समझ में आता है यह इतनी हाईटेक है कि एक बार लॉन्च होने के बाद यह खुद लक्ष्य को पहचान कर उसे खत्म कर देती है। दरअसल नाग मिसाइल थर्मल इमेजिंग सीकर का इस्तेमाल करती है, जिससे यह दिन-रात, धूल-धुंआ और हर मौसम में काम कर सकती है। इसमें इस्तेमाल की गई टॉप अटैक तकनीक टैंकों के सबसे मजबूत हिस्से को भी भेद सकती है। भारतीय सेना के रेगिस्तानी युद्धक्षेत्रों में यह दुश्मन के टैंकों का काल बन चुकी है। हवा में मौत का तीर है अस्त्र मिसाइल ​यह भारत की पहली स्वदेशी एयर-टू-एयर मिसाइल है। जो कि 100 किलोमीटर दूर उड़ते दुश्मन के विमान को एक झटके में मार गिराने की ताकत रखती है। इस मिसाइल में एडवांस्ड रडार होमिंग सिस्टम लगा है, जो लक्ष्य को लॉक कर उसे नष्ट कर देता है। इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से बचने के लिए इसमें खास ECCM तकनीक लगी है। यह तेजस, सुखोई-30 और मिराज जैसे फाइटर जेट्स के लिए भारत का सबसे एडवांस और भरोसेमंद हथियार बन चुका है। जमीन पर दुश्मन के सर्वनाश के लिए शौर्य मिसाइल शौर्य एक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है, जो जमीन से जमीन पर पारंपरिक ही नहीं बल्कि परमाणु हमला भी कर सकती है। इसकी रफ्तार Mach 7.5 है यानी साउंड से साढ़े सात गुना तेज। इस मिसाइल की खासियत यह है कि बहुत कम ऊंचाई पर उड़ने की वजह से यह दुश्मन के रडार को चकमा देकर सटीक हमला कर पाती है। 700 से 800 किलोमीटर की रेंज के साथ यह बहुत ही एडवांस और हाइटेक मिसाइल की कैटेगरी में आती है। इसकी हाइपरसोनिक तकनीक भारत को खतरनाक से खतरनाक युद्ध के लिए तैयार करती है।

3727 पदों पर होगी पटवारियों की भर्ती, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पदों की संख्या में किया इजाफा

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पटवारी भर्ती में पदों की संख्या बढ़ा दी है। अब यह भर्ती 3727 पदों पर आयोजित की जाएगी, जबकि पहले 2020 पदों पर परीक्षा होनी थी। चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि पद बढ़ाए जाने के कारण अब आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी, ताकि इच्छुक अभ्यर्थी दोबारा आवेदन कर सकें। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान पटवारी भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की थी। उन्होंने कुल 4799 पदों पर भर्ती का वादा किया था, हालांकि फिलहाल 3727 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चयन बोर्ड द्वारा पहले 2020 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिन पर अब तक 6,43,639 उम्मीदवार आवेदन कर चुके हैं। पहले यह परीक्षा 11 मई को आयोजित होनी थी, लेकिन अब पदों में बढ़ोतरी के चलते भर्ती परीक्षा की तिथि भी आगे बढ़ा दी गई है। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि अब परीक्षा मई में नहीं, बल्कि अगस्त या सितंबर में आयोजित किए जाने की योजना है। एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी किया गया है कि परीक्षा को एक ही पारी में आयोजित किया जाएगा। इससे परीक्षा संचालन और पारदर्शिता में आसानी होगी। आलोक राज ने कहा कि जल्द ही नए आवेदन कार्यक्रम और परीक्षा तिथि की विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर बनाए रखें ताकि समय पर सभी अपडेट मिल सकें। जिन उम्मीदवारों ने पहले आवेदन कर दिया है, उन्हें फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि नए अभ्यर्थी बढ़े हुए पदों के अनुसार आवेदन कर सकेंगे। पटवारी भर्ती के इस बड़े अपडेट से लाखों युवा उम्मीदवारों को नया मौका मिलेगा। अब उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे बढ़े हुए पदों का लाभ उठाकर सरकारी नौकरी पाने की अपनी तैयारी को और मजबूत करें।

रायपुर की भविष्य की कनेक्टिविटी के लिए ऐतिहासिक कदम, विधायक राजेश मूणत ने कहा- अब बदल रही है तस्वीर

रायपुर पूर्व मंत्री और रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 क्षेत्र का आज निरीक्षण किया गया. इस निरीक्षण में रेलवे प्रशासन, रायपुर नगर निगम, पुलिस विभाग, कलेक्टर, एसपी, डीआरएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म नंबर 7 के पास रेलवे द्वारा बनाई जा रही सड़क कार्य का अवलोकन किया. इसके साथ ही शुक्रवारी बाजार से पहाड़ी चौक तक PWD विभाग द्वारा किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया गया. इस दौरान रेलवे और PWD के अधिकारियों के बीच सड़क निर्माण को लेकर मतभिन्नताओं पर चर्चा हुई और आपसी शंकाओं का समाधान किया गया. विधायक राजेश मूणत सहित डीआरएम दयानंद, कलेक्टर गौरव सिंह और निगम आयुक्त विश्वदीप ने भी अपने सुझाव दिए. अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम को जिम्मेदारी दी गई, जिसमें मुआवजा देने का कार्य तहसीलदार और एसडीएम के माध्यम से किया जाएगा. इसके अलावा रायपुर की भविष्य की ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई, जिससे आने वाले 50 वर्षों के लिए शहर को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी. इस योजना का उद्देश्य प्लेटफॉर्म 7 को गुढ़ियारी, रामनगर, कबीरनगर, कोटा सहित रायपुर के प्रमुख इलाकों से सीधे जोड़ना है. यह कार्ययोजना यात्रियों को आसान और सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के साथ-साथ ट्रैफिक की समस्या को भी हल करेगी. साथ ही, रायपुर पश्चिम क्षेत्र और गुढ़ियारी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नए विकास के अवसर पैदा होंगे. मुख्य विशेषताएं और कार्य     पहाड़ी चौक से शुक्रवारी बाजार होते हुए प्लेटफार्म-7 तक सड़क चौड़ीकरण एवं एक्सप्रेस-वे से डायरेक्ट कनेक्टिविटी.     यह प्रोजेक्ट रायपुर की सबसे बड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक होगा.     तेलघानी नाका ब्रिज के नीचे से प्लेटफार्म-7 तक अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित.     20 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी.     PWD और राजस्व विभाग ने सर्वे कार्य लगभग पूरा कर लिया है.     PWD को 15 मई तक विस्तृत प्रेजेंटेशन देने के निर्देश विधायक मूणत द्वारा दिए गए हैं. विधायक राजेश मूणत ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में सुशासन ला रही है. कांग्रेस शासनकाल में रायपुर शहर की हालत बदहाल हो गई थी. न सड़कें बन रही थीं, न नालियां, न सौंदर्यीकरण. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की नई रफ्तार दिखाई दे रही है. उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना लाखों लोगों को सीधी राहत देगी, जो पहले एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने के लिए फाफाडीह और तेलघानी होकर लंबा रास्ता तय करते थे. गुढ़ियारी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान भी इस योजना से संभव होगा. रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 और 7 दोनों को स्मार्ट कनेक्टिविटी के साथ शहर से जोड़ने की यह बहुप्रतीक्षित योजना अब जमीन पर उतरने जा रही है, जो रायपुर शहर के भविष्य को बेहतर और संगठित स्वरूप देने में मील का पत्थर साबित होगी.

जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में हीट वेव का असर

जयपुर प्रदेश में आज 8 जिलों में तीव्र हीट वेव्स चलने का अलर्ट जारी हुआ है। इसमें जैसलमेर और बाड़मेर में ऑरेंज श्रेणी का अलर्ट जारी किया गया है। यहां दिन के साथ रात के समय भी भयंकर हीट वेव्स का असर देखने को मिल रहा है। वहीं मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किए हैं कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हीट वेव्स चलेगी। वहीं मई के पहले सप्ताह में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। विक्षोभ के प्रभाव से मई के पहले सप्ताह के दौरान प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर चल सकता है। वहीं प्रदेश के तापमान की बात करें तो बीते 24 घंटों के दौरान बाड़मेर सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं प्रदेश के 19 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया है। अगले 4 दिनों में इसमें तेजी से बढ़ोतरी होने होने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 डिग्री तक इजाफा हो सकता है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के साथ रात में भी हीट वेव चलेगी। प्रदेश के अन्य शहरों का तापमान इस प्रकार रहा- जैसलमेर में 43.5 डिग्री, बीकानेर में 43.2, चित्तौड़गढ़ में 42.8, जयपुर में 39.5, चूरू में 41.3, गंगानगर में 43.5, पिलानी में 40.5, करौली में 40.1, नागौर में 38.8, जालौर में 40.3 व धौलपुर में 43.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

स्लीपर बसों में रोज क्षमता से ज्यादा ढोया जा रहा वजन, नहीं हो रही कार्रवाई

 इंदौर हाईवे पर रोज ऐसी यात्री बसें देखी जा सकती हैं, जिनमें सीटिंग और स्लीपर व्यवस्था के साथ बस की छत पर भारी मात्रा में सामान लदा होता है। इससे दुर्घटना की आशंका होती है। मगर अब ओवरलोडेड बसों का यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है, जिसमें पूरे देश में ओवरलोडेड यात्री बसों का मुद्दा उठाया गया है। कहा गया है कि ओवरलोडेड यात्री बसें न सिर्फ लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा हैं, बल्कि ये पर्यावरण को भी प्रदूषित करती हैं। जीएसटी छुपाने से राजस्व का भी नुकसान बसों पर लदे सामान का जीएसटी छुपाने से राजस्व का भी नुकसान होता है। यह याचिका वकील संगम लाल पांडेय ने दाखिल की है। इसमें केंद्र और सभी राज्यों को पक्षकार बनाया गया है। इंदौर से अन्य शहरों और राज्यों तक जाने वाली 400 स्लीपर बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक वजन भरा जा रहा है। केबिन में भर देते हैं, 40 से 50 टन वजन बसों की छत और नीचे केबिन में 40 से 45 टन तक वजन भर दिया जाता है। इससे यात्रियों की जान भी जोखिम में रहती है, लेकिन परिवहन और यातायात विभाग की सुस्ती के कारण इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बसों पर कार्रवाई नहीं होती शहर की सड़कों से ये बसें खुलेआम निकलती हैं और गंतव्य तक पहुंचती हैं, लेकिन कहीं भी कार्रवाई नहीं होती है। प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी होने से इंदौर से अन्य राज्यों तक बड़ी मात्रा में सामान भेजा जाता है। यह ट्रांसपोर्ट की अपेक्षा स्लीपर बसों से पहुंचा रहे हैं। महाराष्ट्र, राजस्थान और यूपी जाने वाली बसों में भरते हैं सामान इंदौर शहर से प्रतिदिन 200 स्लीपर बसें रवाना होती हैं और 200 आती हैं। इनमें टनों वजन भर दिया जाता है। इंदौर से सर्वाधिक स्लीपर बसें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान जाती हैं। सूत्रों का कहना है उप्र की तरफ जाने वाली बसों में सर्वाधिक सामान भरा जाता है। काटन, किराना, मशीनरी, प्याज आदि का बड़ी मात्रा में परिवहन स्लीपर बसों से किया जाता है। वहीं महंगे आइटम और जल्दी पहुंचने वाले सामान भी इन्हीं से पहुंचाया जा रहा है। सीट के नीचे बना रखे हैं केबिन अधिकांश स्लीपर बसों में सीट के नीचे बड़े केबिन बना रखे हैं। इनमें ठूस-ठूस कर लगेज भर देते हैं। बस की छत पर भी सामान रखा जाता है। कई बसें तो यात्रियों से ज्यादा लगेज ढोती हैं। लगेज बस संचालकों की कमाई का हिस्सा बन चुका है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login