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मुख्यमंत्री ने अटल विश्वास पत्र पर प्रमुखता से अमल करने के दिए निर्देश, सभी शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में हो सुधार

रायपुर : आने वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था पर हो काम– विष्णु देव साय आउटर में विकसित हो रहे नए रिहायशी इलाकों में प्राथमिकता से उद्यान बनाएं – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा की मुख्यमंत्री ने अटल विश्वास पत्र पर प्रमुखता से अमल करने के दिए निर्देश, सभी शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में हो सुधार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभाग द्वारा किए जा रहे बड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर चर्चा कर विभाग द्वारा संचालित केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव और मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में अधिकारियों को शहरों में आने वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाने और उन पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों के आउटर में विकसित हो रहे नए रिहायशी इलाकों में प्राथमिकता से उद्यान बनाने को कहा, ताकि बच्चों को खेलने-कूदने तथा बड़े-बुजुर्गों को वॉकिंग, जॉगिंग, योग और शारीरिक व्यायाम के साथ ही आमोद-प्रमोद की जगह सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों में अटल विश्वास पत्र पर प्रमुखता से अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शहरों में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करते हुए भारत सरकार द्वारा जारी स्वच्छता की अपनी वर्तमान रैंकिंग में सुधार लाने को कहा। उन्होंने शहरों को सुंदर और स्वच्छ बनाने जन भागीदारी बढ़ाने के साथ ही इंदौर जैसे बेहतर सफाई व्यवस्था वाले शहरों में नगर निगमों के आयुक्तों को अध्ययन के लिए भेजने को कहा। मुख्यमंत्री साय ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए शहरी आबादी से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य विभागों से समन्वय बनाकर बुनियादी शहरी सुविधाएं विकसित करने को कहा। इससे निकट भविष्य में समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों के नगरीय निकाय में शामिल होने या नए नगरीय निकाय के रूप में अस्तित्व में आने पर शहरों के मुताबिक व्यवस्थाएं और जन सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर देते हुए निर्धारित समयावधि में काम पूरा करने वाले निकायों के लिए रिवार्ड-सिस्टम बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एप या ऑनलाइन सिस्टम तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने रायपुर नगर निगम की तरह अन्य नगरीय निकायों में भी संपत्ति कर की वसूली के लिए ऑनलाइन सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया। इससे लोग घर बैठे या अपने कार्यस्थल से ही मोबाइल या कम्प्यूटर से संपत्ति कर जमा कर सकेंगे जिससे राजस्व संग्रहण में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने अगले एक वर्ष में सभी निकायों में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मोर संगवारी योजना के तहत घर पहुंच दस्तावेज बनाने की व्यवस्था को केंद्र सरकार के डिजी-लॉकर से लिंक करने को कहा। इससे नागरिकों के दस्तावेज स्थायी रूप से उनके डिजी-लॉकर में सुरक्षित रहेंगे। इससे योजना संचालन के व्यय में भी कमी आएगी। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने बैठक में बताया कि नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन सवेरे निकाय के अधिकारियों के साथ साफ-सफाई एवं विकास कार्यों के निरीक्षण के अच्छे परिणाम आ रहे हैं। इससे विभाग के कार्यों में कसावट के साथ ही निर्माण कार्यों की प्रगति एवं साफ-सफाई की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है। सभी नगरीय निकायों में वर्तमान जरूरतों के मुताबिक सेट-अप के पुनरीक्षण और निकायों के वर्गीकरण की कार्यवाही की जा रही है। बड़े विकास कार्यों, शहरों की आवश्यकता एवं भावी जरूरतों के मुताबिक शहरी विकास को गति देने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में नगरीय निकायों में अधोसंरचना मद, 15वें वित्त आयोग एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति तथा सुडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम स्वनिधि, अमृत मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के साथ ही विभिन्न निकायों में बन रहे अटल परिसरों तथा नालंदा परिसरों की प्रगति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, राहुल भगत, डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का, उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव तथा सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

राज्य बाल संरक्षण समिति की कार्यकारिणी एवं आमसभा की बैठक सम्पन्न

रायपुर राज्य बाल संरक्षण समिति की कार्यकारिणी एवं आमसभा की बैठक  महानदी भवन, मंत्रालय में संपन्न हुई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव एवं समिति की अध्यक्ष श्रीमती शम्मी आबिदी ने बाल संरक्षण और कल्याण के लिए समन्वित कार्ययोजना पर जोर दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के साथ व्यापक समन्वय कर मिशन वात्सल्य योजना और किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया गया। मिशन वात्सल्य के तहत प्रदेश में संचालित 112 बाल देखरेख संस्थाओं में 2099 बच्चे निवासरत हैं, इनमें से 1307 बच्चे नियमित स्कूलों में पढ़ रहे हैं, 48 बच्चे ओपन स्कूल के जरिए शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और 36 बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 1888 बच्चों के आधार कार्ड, 1198 के बैंक खाते और 1042 के स्मार्ट कार्ड बनाए गए हैं। सचिव ने इन बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कौशल प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में 108 बच्चों को दत्तक ग्रहण के जरिए परिवार मिला, 1433 बच्चों को स्पांसरशिप योजना का लाभ मिला और 108 बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत सहायता प्रदान की गई। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत इस वर्ष अब तक 337 बाल विवाह रोके गए। चाईल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और आपात सेवा 112 के एकीकरण पर चर्चा हुई, साथ ही इनके प्रचार-प्रसार के लिए निर्देश दिए गए। समिति ने मिशन वात्सल्य के तहत प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार और 2023-24 के ऑडिट कार्ययोजना को मंजूरी दी। राज्य की बाल संरक्षण नीति का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रगति भी साझा की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्री पदुम सिंह एल्मा, स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री फरिहा आलम तथा गृह विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वित्त विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रेलवे एवं एनआईसी के प्रतिनिधि शामिल हुए।

तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य में 920 करोड़ रूपए का होगा पारिश्रमिक भुगतान

रायपुर राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरूछत्तीसगढ़ राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य तेजी से शुरू हो चुका है। बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा और जगदलपुर जिला यूनियन में 28 अप्रैल तक 22 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित हो चुका है। तेन्दूपत्ता एवं लुघ वनोपज के संग्राहकों को संग्रहण पारिश्रमिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाईन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा एक सॉफ्टवेयर ऑनलाईन एमएफपी कलेक्शन एण्ड पेमेंट सिस्टम तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रूपए का पारिश्रमिक भुगतान किया जा रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू5500 रूपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। इसका लाभ संग्राहकों को वर्ष 2024 से ही मिल रहा है। राज्य में इस साल 16 लाख 72 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति होने पर राज्य के लगभग 14 लाख संग्राहक परिवारों को लगभग 920 करोड़ रूपए की राशि पारिश्रमिक के रूप में भुगतान की जाएगी। यहा यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के अंतर्गत संचालित 902 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 954 लाटों में किया जा रहा है। राज्य में इस साल 16 लाख 72 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का अनुमानित लक्ष्य है, जिसमें से 5 लाख 64 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण बस्तर संभाग में होना है। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य की 21 जिला यूनियनों की 868 समितियों के समस्त 661 लॉटों की अधिसूचित मात्रा 10.08 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता का अग्रिम विक्रय 767 करोड़ रूपए में किया जा चुका है।

मंत्री ओपी चौधरी ने जिला पंजीयकों एवं उप पंजीयकों के कार्यों की गहन समीक्षा

रायपुर पंजीयन मंत्री श्री ओपी चौधरी ने विभागीय कार्यों का लिया जायजा, पारदर्शिता, डिजिटल सुधारों और सेवा गुणवत्ता बढ़ाने के दिए निर्देश वाणिज्य कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज अटल नगर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में पंजीयन विभाग के अधिकारियों  के साथ बैठक कर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। बैठक में महानिरीक्षक पंजीयन श्री पुष्पेंद्र मीणा, विभाग के अधिकारी एवं सभी जिले के जिला पंजीयक और उप जिला पंजीयक उपस्थित थे। बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए मंत्री श्री चौधरी ने पिछले एक वर्ष में हुए सुधारों, पंजीयन दस्तावेजों की स्थिति, राजस्व प्राप्ति, स्थापना, सतर्कता प्रकोष्ठ की गतिविधियों, न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति, मुदांक एवं आरआरसी प्रकरणों, ऑडिट रिपोर्ट्स तथा डाटा डिजिटाईजेशन की जिलेवार प्रगति पर चर्चा की।  मंत्री श्री ओपी चौधरी ने फील्ड स्तर पर विभागीय सेवाओं के संचालन में आ रही समस्याओं को भी सुना और तकनीकी सेवाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए अधिकारियों से सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता के लिए शासन द्वारा दी जा रही विभिन्न सुविधाओं का प्रचार-प्रसार करें और पंजीयन कार्यालयों में फ्लैक्स व बैनर लगाए जाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा पक्षकार इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। राजस्व संग्रहण में पंजीयन विभाग का योगदान पंजीयन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,979 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 18.86 प्रतिशत की वृद्धि है। विभिन्न जिलों में दस्तावेजों की संख्या एवं राजस्व प्राप्ति के आधार पर रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर शीर्ष पर रहे। इस तरह प्रदेश के राजस्व संग्रहण में पंजीयन विभाग महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मंत्री श्री चौधरी ने इस उपलब्धि के लिए विभाग के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की और कार्यों को संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता से करने की प्रेरणा दी। तकनीकी मजबूती के लिए नई पहल मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि विभाग को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए सेटअप का पुनरीक्षण कर नए पदों का सृजन किया गया है। इससे फील्ड में काम कर रहे अमले को दस्तावेजों की गहन जांच कर पंजीयन करने में सुविधा होगी। मंत्री श्री चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधार आधारित प्रमाणीकरण, डिजीटल लॉकर सुविधा, फेसलेस रजिस्ट्री और ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन जैसे नवाचारों को तेजी से लागू करें। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को घर बैठे सुरक्षित और त्वरित सेवाएं मिलेंगी। दस नई क्रांतिकारी सुविधाएं शुरू मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग में आम जनता की सुविधा और दस्तावेजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने सॉफ्टवेयर में दस नई सुविधाओं को शामिल किया है आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा:- पक्षकारों की बायोमैट्रिक पहचान के जरिए रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रोकने की व्यवस्था की जा रही है। ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड सुविधा:– खसरा नंबर से पूर्व पंजीकृत रजिस्ट्री का ऑनलाइन अवलोकन और डाउनलोड की सुविधा। भारमुक्त प्रमाण पत्र:- संपत्ति पर किसी भार या बंधक की जानकारी ऑनलाइन प्रमाण पत्र के माध्यम से उपलब्ध होगा। एकीकृत कैशलेस भुगतान प्रणाली:- स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का संयुक्त कैशलेस भुगतान की सुविधा। व्हाट्सएप मैसेज सेवा:- पंजीयन से संबंधित अपडेट्स की रियल टाइम जानकारी व्हाट्सएप पर जानकारी प्राप्त हो सकेगी। डिजी लॉकर सुविधा:- रजिस्ट्री दस्तावेजों का डिजिटल भंडारण और एक्सेस। ऑटो डीड जनरेशन:- दस्तावेजों का स्वतः ऑनलाइन निर्माण और प्रस्तुतिकरण। डिजी डॉक्यूमेंट सेवा:– शपथ पत्र, अनुबंध आदि गैर-पंजीकृत दस्तावेजों का ऑनलाइन निर्माण। घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा:- ऑनलाइन विलेख निर्माण, साक्षात्कार और पंजीयन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। होम विजिट के माध्यम से पंजीयन कराये जाने की सुविधा तथा तत्काल आपाइंटमेंट सहित पारिवारिक दान, हक त्याग आदि में पंजीयन फीस मात्र 500 रूपए लिये जाने का प्रावधान है। स्वतः नामांतरण सुविधा:– रजिस्ट्री के बाद स्वचालित रूप से राजस्व अभिलेखों में नामांतरण की सुविधा होगी। यह आम नागरिकों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सुधार है, इससे पक्षकारों को विचौलियों से मुक्ति के साथ नामातंरण की लंबी प्रक्रिया से होकर गुजरना नहीं पड़ेगा। समय और श्रम के साथ आर्थिक बोझ भी कम होगा। मंत्री श्री चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को इन सभी नवाचारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए और आम जनता को उनकी सुविधाओं के बारे में जागरूक करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से न केवल आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी बल्कि विभाग की पारदर्शिता और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। जनहित को सर्वाेपरि रखते हुए कार्य करें – मंत्री श्री चौधरी मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार करें, पारदर्शिता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें और विभागीय लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जनहित को सर्वोपरी रखते हुए कार्य करें। नागरिकों के विश्वास को बनाए रखने हेतु विभाग को नई तकनीकों के साथ लगातार अपडेट किया जाए।

CM साय ने कहा पंचायतें हमारी विकास यात्रा की पहली कड़ी, ग्रामीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाकर राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पंचायतें हमारी विकास यात्रा की पहली कड़ी हैं, और ग्रामीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रत्येक गरीब परिवार को पक्का आवास देने का जो संकल्प लिया गया है, उससे जुड़े सभी कार्य समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत “मोर दुआर-साय सरकार” अभियान के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा करते हुए 20 लाख से अधिक परिवारों के सर्वेक्षण पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। साय ने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए स्वीकृत आवासों के समय पर निर्माण और सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पीएम आवास से संबंधित कार्यों की रियल टाइम ट्रैकिंग पर विशेष जोर देते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजन और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने पंचायती राज दिवस पर आरंभ “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और उसमें भू-जल पुनर्भरण एवं जलग्रहण विकास के लिए GIS तकनीक के समावेश के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने 15वें वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना, महतारी सदन, जिला एवं जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना तथा स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को पंचायती राज दिवस पर सम्मानित करने की योजना पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने विभाग की आगामी कार्ययोजना में प्रौद्योगिकी निगरानी प्रणाली, संसाधन प्रबंधन, योजना समन्वय, तेज निर्माण और त्वरित लक्ष्य पूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया नियद नेल्लानार योजना से ग्रामीणों को मिला नया संबल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने जानकारी दी कि नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत 6,324 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। बस्तर संभाग की 4 ग्राम पंचायतों के 8 गांवों में पहली बार योजना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ हुए हैं। साथ ही 913 जॉब कार्डधारी परिवारों के 3,134 सदस्यों को पहली बार मनरेगा में रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री साय ने  स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नियद नेल्लानार योजना में शामिल गांवों के युवाओं के लिए प्राथमिकता से भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने पर अपनी खुशी जाहिर की और इसे निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्य में बन रही और प्रस्तावित सड़कों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों को मुख्य सड़कों से जोड़ने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने इन सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत सड़कों के कार्यों को भी तय समय में पूर्ण करने पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आती हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही ‘लखपति दीदी’ की पहल पंचायत विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के संकल्प के अनुरूप ‘लखपति दीदी’ पहल के तहत ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत प्रत्येक परिवार की एक महिला सदस्य को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर लाभकारी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है। कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं विभिन्न नवाचारों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को राज्य स्तरीय मेलों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर विपणन हेतु उपलब्धता प्रदान कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की समीक्षा मुख्यमंत्री साय ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।उन्होंने ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के निपटान, और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता पर चल रहे अभियानों की जानकारी ली। उन्होंने ओडीएफ प्लस के तहत खुले में शौच से मुक्त हुए गांवों की प्रगति की समीक्षा की और इज ऑफ लिविंग एंड रिफॉर्म्स के मुद्दों पर भी अधिकारियों से विमर्श किया। मुख्यमंत्री साय ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वच्छता से जुड़ी नवाचार गतिविधियों की जानकारी ली और अन्य राज्यों में लागू बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी उसे लागू करने की बात कही। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव पंचायत भीम सिंह, विशेष सचिव पंचायत धर्मेश साहू, आयुक्त मनरेगा तारन प्रकाश सिन्हा तथा सुजयजैन सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

CM साय ने कहा मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मंत्रालय स्थित अपने कार्यालय में छत्तीसगढ में  नक्सल उन्मूलन अभियान  की समीक्षा की। बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम, विशेष डीजी नक्सल ऑपरेशंस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक का मुख्य फोकस प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा स्थिति और नक्सल उन्मूलन अभियानों की प्रगति रहा। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने के संकल्प के साथ दृढ़ता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी के कारण आज प्रदेश के कई क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों के मनोबल को और ऊंचा बनाए रखने के लिए उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतिम सफलता अब बहुत निकट है। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि नक्सल विरोधी अभियानों में आपसी समन्वय और सूचना संकलन तंत्र को मजबूत किया करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य को सुरक्षित करने का मिशन है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में सुरक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय समुदायों का विश्वास जीतने के लिए संवाद बढ़ाया जाए और क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार उनके लिए समर्पित है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती है। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, सजगता और प्रतिबद्धता के साथ इस ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी भूमिका निभाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त और विकासोन्मुख प्रदेश के रूप में पूरे देश में एक नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी सुरक्षा बल, प्रशासनिक अमला और प्रदेशवासी एकजुट होकर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेंगे और  ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को साकार करेंगे।

मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले को दी 112.10 करोड़ की लागत से 733 विकास कार्यों की सौगात

जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलदूतों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले के सारंगपुर में किया श्रमदान मुख्यमंत्री ने सारंगपुर में किया जल संरक्षण तथा अधोसंरचनात्मक विकास के विभिन्न कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले को दी 112.10 करोड़ की लागत से 733 विकास कार्यों की सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजगढ़ जिले के किसानों की समृद्धि, खेती आधारित उद्योग, मिल्क प्रोसेसिंग ईकाई खोलने और फूड इंडस्ट्री पार्क स्थापित करने में राज्य सरकार अनुदान प्रदान करेगी। प्रदेश की माताएं-बहनें भी सशक्त हो रही हैं। अब लाड़ली बहनें ड्रोन दीदी और लखपति दीदी बन रही हैं। माताएं-बहनें ही भारतीय परंपरा में परिवार का आधार हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें लोकसभा और विधानसभा में भी 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। राज्य सरकार ने धार्मिक नगरों में शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। भगवान कृष्ण के लीला स्थलों को दिव्य और देवस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए उज्जैन में स्थायी सिंहस्थ नगरी बसायी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सारंगपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण को समर्पित राज्य सरकार 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का उपार्जन कर रही है। गौमाता के कल्याण के लिए सरकारी गौशालाओं का अनुदान 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रति गाय किया गया है। जनपद पंचायत, नगर निगम, नगर पालिकाओं में गौशाला खोलने पर भी अनुदान दिया जाएगा। पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है। इसमें गौपालकों को कम से कम 25 और अधिकतम 200 गाय पालने पर 25 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सारंगपुर के कपिलेश्वर महादेव के प्रांगण में बाबा महाकाल के मंदिर जैसी अनुभूति होती है। राजगढ़ एक अनूठा जिला है, जिसका गौरवशाली इतिहास रहा है। आधुनिक भारत के भगीरथ प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया है। राजगढ़ में कभी पलायन एक बड़ी समस्या थी, लेकिन बदलते दौर में स्थिति भी बदली है। राजगढ़ आकांक्षी जिले की श्रेणी में शामिल है। जिले में सारंगपुर, नरसिंहगढ़, ब्यावरा क्षेत्र सब्जियों के साथ अनाज उत्पादन में भी आगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वसुधैब कुटुम्बकम सनातन संस्कृति का आधार रहा है। लेकिन अगर कोई छेड़ेगा तो यह नया भारत घर में घुसकर मारेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम में कायरता और हत्या करने वाले आतंकियों को धरती के आखिरी छोर तक पीछा कर मार गिराने का संकल्प लिया है। हमारे सैन्य बलों ने सदैव दुश्मनों का मुकाबला कर देश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालीसिंध नदी के तट पर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जलदूतों के साथ श्रमदान भी किया। इस महा अभियान में पानी की एक-एक बूंद सहेजने के लिए प्रदेश में प्राचीन नदियों, तालाब, पोखर और जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौशाला का निरीक्षण करने के बाद गौमाता की पूजा कर गौसेवा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की एवं कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, उद्यानिकी विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ड्रोन दीदी, जल निगम सहित कई स्टॉल्स और विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। राजगढ़ प्रदेश का पहला जिला है, जहां सभी थाने आईएसओ सर्टिफाइड हो चुके हैं। कार्यक्रम में राजगढ़ पुलिस के सर्टिफिकेशन और कार्यशैली पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपराधिक जीवन छोड़ने वालों के पुनर्वास कार्य के लिए पुलिस की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के लिए 112.10 करोड़ की लागत से विभिन्न 733 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इनमें जल गंगा संवर्धन अभियान के 633 कार्य शामिल हैं। यहां 590 अमृतसरोवर, 10 हजार 500 नए खेत तालाबों का निर्माण कार्य हुआ है। इसके साथ ही 5 करोड़ 70 लाख की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कन्या छात्रावास और नल जल कार्य का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सारंगपुर में भव्य पुल के निर्माण और 2 करोड़ 4 लाख की लागत से चार स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण की घोषणा की। उन्होंने 44 करोड़ की लागत से सारंगपुर को फोरलेन सिटी से जोड़ने और 38 करोड़ की लागत से एबी रोड लिंक करने का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के 3 रोगियों के उपचार के लिए 5 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। रोजगार एवं कौशल विकास राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर नगरी भगवान राम के सारंग धनुष के नाम पर पहचानी जाती है। सारंगपुर में वर्ष 1824 में नरसिंहगढ़ के राजा कुंभा ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पानी की महत्ता को सिद्ध किया है। उन्होंने सारंगपुर को 1500 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने युवाओं के रोजगार के लिए सारंगपुर में औद्योगिक क्षेत्र और सोलर प्लांट स्थापित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में मंत्री नारायण सिंह पंवार, सांसद रोडमल नागर, विधायक मोहन शर्मा, विधायक हजारीलाल दांगी और जनअभियान परिषद के अध्यक्ष मोहन नागर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे।  

आयुष परिसर होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में महिलाओं में होने वाले मोटापे के ऊपर विशेष उपचार उपलब्ध

होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में महिलाओं में मोटापे की समस्या के लिए विशेष उपचार की सुविधा उपलब्ध होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में प्रथम आओ-प्रथम पाओ के आधार पर दिए जा रहे हैं अपॉइंटमेंट आयुष परिसर होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में महिलाओं में होने वाले मोटापे के ऊपर विशेष उपचार उपलब्ध भोपाल शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, आयुष परिसर मैनिट हिल्स भोपाल में स्थित “होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र” में महिलाओं में होने वाले मोटापे के ऊपर विशेष उपचार उपलब्ध है। यह स्वास्थ्य कल्याण केंद्र इकाई केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सहयोग एवं योग प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर स्थापित की गई है। होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ जूही गुप्ता ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में महिलाओं में हार्मोन्स के बदलाव के कारण जीवन के विभिन्न पड़ावों में मोटापे की समस्या, व्यापक एवं उग्र रूप धारण कर रही है। विशेषकर कामकाजी महिलाओं में यह समस्या नित नए स्वरूप लेती जा रही है और साथ में जोड़ों में दर्द, कार्य करने की अनिच्छा, घबराहट जैसे कई अन्य लक्षण भी उत्पन्न कर रही है। भविष्य में यह समस्या शरीर में गंभीर असंतुलन और बड़ी बीमारियों को जन्म देने का कारक बनती है। केंद्रीय मंत्रालय के निर्देशानुसार होम्योपैथी विधा एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से मोटापे की समस्या के संपूर्ण निदान के लिए उक्त स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ उपचार की सुविधा उपलब्ध है। दवाओं के अतिरिक्त दिनचर्या, आहार, प्रत्याहार मालिश, हाइड्रोथेरेपी, वाष्प स्नान के माध्यम से उक्त विशेष उपचार कार्यक्रम को स्वरूप दिया गया है। इस विशेष उक्त उपचार की अवधि व्यक्ति विशेष की आवश्यकताओं एवं शारीरिक स्थिति के अनुसार निर्धारित की जाती है। इसके अनुसार प्रत्येक व्यक्ति की दवा एवं थेरेपी विशेष रूप से स्क्रिप्ट की जाएगी एवं योग के माध्यम से इन परिणामों को और प्रभावी बनाया जाएगा। वर्तमान में होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में प्रातः 8 बजे से लेकर रात्रि 8 बजे तक सभी सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध हैं। मोटापे को लेकर विशेष उपचार के लिए प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक विशेषज्ञ डॉ प्रिया कुलदीप एवं दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक विशेषज्ञ डॉ ज्योति जाट की सेवाओं की उपलब्धता होगी। इस विशेष उपचार कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए मोबाइल क्रमांक 9202663862 पर संपर्क किया जा सकता है। “प्रथम आओ-प्रथम पाओ” के आधार पर उपचार के लिए अपॉइंटमेंट दिए जाते हैं और प्रतिदिन अधिकतम 12 अपॉइंटमेंट दिए जाते हैं। नोडल अधिकारी डॉ जूही गुप्ता ने बताया कि महिलाओं को एक विशेषज्ञ की देखरेख में विशिष्ट स्वरूप में स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने का यह अभिनव प्रयास है। साथ ही आने वाली आयु में उनको कोई और समस्याएं उत्पन्न नहीं हो, इसको सुनिश्चित करने की एक पहल है। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि इस सेवा के माध्यम से विशेष रूप से महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा और आगामी वर्ष में उक्त स्वास्थ्य कल्याण केंद्र के विस्तार की जो योजना है, उसमें महिला स्वास्थ्य को समर्पित एक संपूर्ण इकाई की स्थापना की जाएगी ताकि उन्हें सभी प्रकार की सुविधा दी जा सके। साथ ही वर्तमान में यदि मोटापे के अतिरिक्त स्त्रियों को शरीर में दर्द आदि की अन्य समस्याएं हैं तो महाविद्यालय चिकित्सालय स्थित फिजियोथैरेपी इकाई में भी उनको आवश्यक उपचार दिया जाएगा।  

रायपुर : सुशासन तिहार में आवेदिका श्रध्दा सारथी को मिली राशनकार्ड

रायपुर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को ज़रूरतमंदों तक पारदर्शिता और त्वरित प्रक्रिया के माध्यम से पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार, आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का त्वरित लाभ दिलाना और शासन-जनता के बीच सेतु का कार्य करना है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास की किरण पहुँच सके।                                     कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का संबंधित विभागों द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में सुशासन तिहार अंतर्गत श्रध्दा सारथी निवासी महाराणा प्रताप वार्ड नगर पंचायत बरमकेला द्वारा राशनकार्ड बनाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिसे तत्काल अनिल कुमार सोनवानी मुख्य नगरपालिका अधिकारी बरमकेला द्वारा अवलोकन कर पाया कि उनको राशनकार्ड उपलब्ध नहीं हो पाया था। आवेदन का निराकरण कर आवेदक श्रीमती श्रध्दा सारथी को बुलाकर राशनकार्ड  नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि, उपाध्यक्ष एवं पार्षद के हाथों प्रदान किया गया। अब अगले माह से राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार शासकीय उचित मूल्य दुकान से चावल प्रदान किया जाएगा। राशन कार्ड मिलने पर श्रध्दा सारथी हुई खुश     राशन कार्ड बन जाने से जरूरी खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य पर मिल जाने से पैसों की बचत होगी। इन पैसों का उपयोग वह अन्य आवश्यक काम के लिए उपयोग कर सकेंगी। लंबे इंतजार के बाद मिलने पर आवेदिका श्रध्दा सारथी के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने समाधान मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए शासन की त्वरित कार्यवाही की सराहना की।

सुशासन तिहार: किसानों को दिए जा रहे निःशुल्क किसान किताब और बी-1

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत सुकमा जिले में आमजनों की समस्याओं तथा किसानों के राजस्व संबंधी प्रकरणों का तीव्र गति से निराकरण किया जा रहा है। इस अभियान के तहत किसानों द्वारा किए गए आवेदनों के निराकरण के साथ-साथ उन्हें बी-1 तथा किसान किताब का वितरण भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन सुकमा द्वारा किसानों को बी-1 प्रतिलिपि का वितरण किया जा रहा है। वहीं किसानों को उनकी किसान किताब भी सौंपी जा रही है। इन दस्तावेजों के वितरण से किसानों को अपनी भूमि का स्पष्ट विवरण उपलब्ध हो रहा है, जिससे बंटवारा, नामांतरण, ऋण स्वीकृति तथा अन्य भूमि संबंधी कार्यों में आसानी होगी। किसानों और ग्रामीणों की सुविधा के लिए भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और अद्यतन प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप प्रत्येक नागरिक को उनके भूमि अभिलेख अद्यतन स्थिति में उपलब्ध कराया जा रहा है।

सतना: जैतवारा थाना परिसर में पुलिसकर्मी को मारी गोली, आरोपी की तलाश जारी

 सतना  जैतवारा थाना में सोमवार देर रात एक युवक ने थाने के बैरक में घुसकर ड्यूटी में तैनात प्रधान आरक्षक प्रिंस गर्ग को गोली मार दी। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त पुलिसकर्मी बैरक में सो रहा था। पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने बैरक का दरवाजा खोलकर वारदात को अंजाम दिया। घायल प्रिंस गर्ग को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन घायल प्रधान आरक्षक की गंभीर स्थिति को देखते हुए संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर कर दिया गया है जहां पर इलाज जारी है। आरोपी की पहचान हो गई है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। रीवा एसपी विवेक सिंह ने अस्पताल पहुंचकर घायल से मुलाकात की।

कलेक्टर ने जिला कार्यालय का किया निरीक्षण

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने शाखा प्रभारीअधिकारी और कर्मचारियों से उनके कामकाज की जानकारी ली। बिना वाजिब कारण के कोई भी फाइल को लंबित नहीं रखने की हिदायत दी। कलेक्टर ने करीब सवा 10 बजे कार्यालय का निरीक्षण किया। कई कर्मचारी टेबल पर मौजूद नहीं थे। उनका नाम नोट कर एडीएम के समक्ष उपस्थित होकर कारण बताने के निर्देश दिए। संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर वेतन काटे जाएंगे। इस अवसर पर अपर कलेक्टर आरएन कुरूवंशी भी उपस्थित थे।

मंत्री परमार ने कहा महाविद्यालय का अभिनव प्रयास, भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगा

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय में “विवाह एवं परिवार परामर्श केन्द्र” की स्थापना के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। परमार ने कहा कि महाविद्यालय का यह अभिनव प्रयास, भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगा और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए अभिप्रेरणा का आदर्श केंद्र बनेगा। मंत्री परमार ने कहा कि परिवार, राष्ट्र की प्रथम इकाई है, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र का मौलिक सृजन होता है। राष्ट्र के सांस्कृतिक सृजन में, पारिवारिक मूल्यों एवं मौलिक संस्कारों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। विवाह संस्कार, सनातन के 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। विवाह संस्कार के पालन एवं कुटुम्ब में सौहार्दपूर्ण समन्वय, वर्तमान परिदृश्य की आवश्यकता भी है। मंत्री परमार ने कहा कि यह केंद्र, पारिवारिक मूल्यों के सांस्कृतिक संवर्धन एवं संरक्षण में अपनी महती उपयोगिता सिद्ध करेगा। भोपाल स्थित सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय में, सोमवार को जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष डॉ. भारती कुंभारे सातनकर एवं प्राचार्य डॉ. दीप्ति श्रीवास्तव ने “विवाह एवं परिवार परामर्श केन्द्र” का शुभांरभ किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राएं उपस्थित थीं। प्रकोष्ठ के माध्यम से अनुभवी मनोवैज्ञानिकों, समाजशास्त्रियों एवं मध्यस्थता करने वाले व्यवसायिक परामर्शदाताओं की परामर्श एवं काउन्सलिंग छात्राओं को उपलब्ध करायी जाएगी। प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. आलोक कुमार निगम एवं सह संयोजक डॉ. संजना शर्मा हैं। “विवाह एवं परिवार” के संदर्भ में छात्राओं के मध्य परामर्श सुविधा उपलब्ध कराने के लिए, केन्द्र की स्थापना करने वाला यह महाविद्यालय, प्रदेश का प्रथम शासकीय महाविद्यालय है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान परिदृश्य में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण विवाह एवं परिवार संस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जहाँ एक ओर नारी सशक्तिकरण की ओर बढ़ रही है, वहीं उसे पारिवारिक समायोजन में विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में विवाह और परिवार जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और ये बिखरती जा रही है। विवाह और परिवार जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं के विषय में महाविद्यालय की छात्राओं में जागरूकता लाने एवं नकारात्मक विचारों को हटाने के उद्देश्य से महाविद्यालय के समाजशास्त्र, समाजकार्य विभाग तथा मनोविज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में “विवाह एवं परिवार परामर्श केन्द्र” की स्थापना का अभिनव प्रयास किया गया है। परिवार में सौहार्द्रता वृद्धि और मूल्यों के संवर्धन के उद्देश्य से, छात्राओं को बौद्धिक एवं मानसिक रूप से प्रबल करना इस प्रकल्प का ध्येय है। पारिवारिक सम्बन्धों को मजबूत करना, विवाह संबंधों को सुधारना, व्यक्तिगत एवं पारिवारिक विकास, सामाजिक एवं भावनात्मक समर्थन जैसे विविध मूल्य आधारित लक्ष्यों के साथ; यह केंद्र छात्राओं को जीवन में आने वाली चुनौतियों से सामना करने में सक्षम बनाने में सहयोगी बनेगा।  

रायपुर : मिशन मोड में करें योजनाओं का क्रियान्वयन : प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा

रायपुर : मिशन मोड में करें योजनाओं का क्रियान्वयन : प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक रायपुर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव विभाग प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि मिशन मोड पर केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो। प्रमुख सचिव बोरा आज यहां मंत्रालय में हुई विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक में कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यकों के विकास को प्राथमिकता पर लेकर काम कर रही है। हम सबका दायित्व है कि इसे ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ इन वर्गों के विकास में सहभागी बनें।     प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर की एक स्पोर्टस एक्सीलेंस सेंटर खोलने हेतु प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति योजना विभाग की एक महत्वपूर्ण योजना है, इसके सफल क्रियान्वयन पर विशेष रूप से फोकस किया जाए। विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त आवेदन एवं नवीनीकरण योग्य आवेदनों को ध्यान में रखते हुए जून, सितंबर एवं दिसंबर में छात्रवृत्ति की राशि को वितरित किया जाए।  उन्होंने अधिकारियों को शिष्यवृत्ति की राशि को अपने पड़ोसी राज्यों-झारखंड, मध्यप्रदेश एवं ओडिशा से तुलनात्मक रूप से अध्ययन करने के निर्देश दिए।      प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि प्रत्येक योजना की उपलब्धियों का विशेष रूप से प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन में जागरूकता बढ़ाई जा सके। उन्होंने बैठक में छात्रवृत्ति की प्रगति, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, प्रयास आवासीय विद्यालय, प्राधिकरण, वन अधिकार अधिनियम, पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, ट्राइबल म्यूजियम सहित आश्रम छात्रावास की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।     बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर एवं संचालक टीआरटीआई जगदीश सोनकर ने भी विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अपने सुझाव दिए। बैठक में उपसचिव बी.एस.राजपूत, अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस.भोई, जितेन्द्र गुप्ता, तारकेश्वर देवांगन, उपायुक्त डॉ. रेशमा खान, विश्वनाथ रेडडी एवं कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा नक्सल उन्मूलन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य को सुरक्षित करने का मिशन – मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मंत्रालय स्थित अपने कार्यालय में छत्तीसगढ में  नक्सल उन्मूलन अभियान  की समीक्षा की। बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम, विशेष डीजी नक्सल ऑपरेशंस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक का मुख्य फोकस प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा स्थिति और नक्सल उन्मूलन अभियानों की प्रगति रहा। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने के संकल्प के साथ दृढ़ता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी के कारण आज प्रदेश के कई क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों के मनोबल को और ऊंचा बनाए रखने के लिए उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतिम सफलता अब बहुत निकट है। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि नक्सल विरोधी अभियानों में आपसी समन्वय और सूचना संकलन तंत्र को मजबूत किया करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य को सुरक्षित करने का मिशन है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में सुरक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय समुदायों का विश्वास जीतने के लिए संवाद बढ़ाया जाए और क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार उनके लिए समर्पित है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती है। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, सजगता और प्रतिबद्धता के साथ इस ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी भूमिका निभाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त और विकासोन्मुख प्रदेश के रूप में पूरे देश में एक नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी सुरक्षा बल, प्रशासनिक अमला और प्रदेशवासी एकजुट होकर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेंगे और  ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को साकार करेंगे।

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