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2 मई को सभी जिलों में मनेगा लाड़ली लक्ष्मी उत्सव

भोपाल. मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना अन्तर्गत 2 मई 2025 को प्रदेश में ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत पर उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रतिनिधि, लाड़ली बालिकाएं, उनके अभिभावक, लाड़ली क्लब की अध्यक्ष और सदस्य सक्रिय रूप से भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना मध्यप्रदेश सरकार की बेटियों के प्रति समर्पित सोच का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा। उन्होंने प्रत्येक जिला और निकाय स्तर पर कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं, जिससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और सशक्तिकरण का वातावरण तैयार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति साझा संकल्प है। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का संचालन स्वयं लाड़ली बालिकाओं द्वारा किया जाएगा। इसमें कन्या-पूजन, दीप प्रज्ज्वलन, लाड़ली बालिकाओं के प्रेरक उद्बोधन और ‘अपराजिता’ कार्यक्रम अन्तर्गत मार्शल आर्ट का प्रदर्शन जैसे विशेष कार्यक्रम शामिल है। इस उत्सव के जरिये जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली बालिकाओं तथा लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली पंचायतों का सम्मान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त “एक पेड़ लाड़ली लक्ष्मी के नाम” अभियान में जन-प्रतिनिधियों और बालिकाओं द्वारा पौध-रोपण भी किया जाएगा। साथ ही लाड़ली बालिकाओं को आश्वासन प्रमाण-पत्र वितरित किये जायेंगे। कार्यक्रम में लाड़ली क्लब की सदस्य बालिकाएं अपने अनुभव भी साझा करेंगी।

एम.पी. ट्रांसको ने सृदृढ़ की इंदौर शहर की विद्युत पारेषण व्यवस्था : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल. एम.पी. ट्रांसको (म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) ने इंदौर शहर में गर्मी के मौसम में बढ़ने वाली विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुये, अपने 220 के.व्ही. सब-स्टेशन साउथ जोन में 50 एम.व्ही.ए. का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत किया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर को स्थापित करने की अनुमानित लागत 315 लाख रूपये है। यह कदम इंदौर में गर्मी के दौरान विद्युत आपूर्ति को अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने की दिशा में उठाया गया है। इस अतिरिक्त व्यवस्था से इंदौर शहर के लगभग 50 हजार विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सतत् बिजली आपूर्ति संभव हो सकेगी। इन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से 220 के.व्ही. सब-स्टेशन साउथ जोन की कुल क्षमता बढ़कर 906 एम.व्ही.ए. की हो गई है। यह प्रदेश में इंदौर क्षेत्र के पीथमपुर सब-स्टेशन के साथ ऐसा दूसरा सब-स्टेशन है जहां 132/33 के.व्ही क्षमता के 5 पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील है। एम.पी. ट्रांसको की इस नई व्यवस्था से इंदौर के राजेन्द्र नगर, नवलखा, डेली कालेज, पीथमपुर, पागनीस पागा, राउ, सब्जी मंडी क्षेत्रों को लाभ होगा। इंदौर शहर की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी में बढ़ोतरी पॉवर ट्रांसफार्मर के स्थापना के बाद इंदौर शहर की कुल ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी में भी बढोतरी हुई है, जो अब बढ़कर 3336 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इंदौर शहर में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) अपने 400 के.व्ही. के एक सब-स्टेशन इंदौर, 220 के.व्ही. के तीन सब-स्टेशन साउथ जोन इंदौर, इंदौर ईस्ट बिचौली, मांगलिया तथा 132 के.व्ही. के आठ सबस्टेशन सत्यसांई, इलेक्ट्रिानिक्स कॉम्पलेक्स, निरंजनपुर, राउखेडी, महालक्ष्मी नगर जी.आई.एस, इंदौर पश्चिम, (नवदापंथ) तथा राऊ एकस्ट्रा हाईटेंशन सब-स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इनकी कुल क्षमता 3336 एम.व्ही.ए. की है। एम.पी. ट्रांसको की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी हुई 82011 एम.व्ही.ए. मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) अपने 417 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इस क्षमता वृद्धि से मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82011 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इसमें 132 के.व्ही. में 36541 एम.व्ही.ए., 220 के.व्ही. में 33590 एम.व्ही.ए. एवं 400 के.व्ही. में 11880 एम.व्ही.ए. क्षमता शामिल है। प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) के कुल 1029 पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील हैं।

कटनी वन मण्डल की 35 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से किया मुक्त

भोपाल. वन मण्डलाधिकारी कटनी गौरव शर्मा के नेतृत्व में कटनी वन मण्डल की 35 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कटनी वन मण्डल के वन परिक्षेत्र ढीमरखेड़ा के अंतर्गत शाहडार के घने जंगल के बीच आसपास के ग्रामवासियों के संरक्षण में अन्य जिलों के लोगों द्वारा कई वर्षों से वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। शर्मा ने बताया कि पूर्व में भी अतिक्रमणकर्ताओं को समझाइश दी गयी थी कि इनके द्वारा भारतीय संविधान और वन विधि को नहीं माना गया। अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई कर वन अपराध प्रकरण कायम किया गया। कटनी जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव एवं पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन द्वारा निर्देशित राजस्व विभाग के 5 सदस्यों और पुलिस के 10 सदस्यों की टीम के सहयोग से वन मण्डलाधिकारी कटनी शर्मा के नेतृत्व में 70 वनकर्मियों द्वारा वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस अभियान में वन विभाग के उप वन मण्डलाधिकारी सुरेश बरोले, वन परिक्षेत्र अधिकारी ढीमरखेड़ा अजय कुमार मिश्रा, वन परिक्षेत्र अधिकारी बोहरीबंद देवेश गौतम और वन परिक्षेत्र अधिकारी रीठी महेश पटेल शामिल थे। इस पूरी कार्रवाई में 30 से 35 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।

मुख्यमंत्री ने की उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 में होने वाली गतिविधियों की समीक्षा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वित प्रयास करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष-भर के लिए तैयार किए गए कार्यक्रम कैलेंडर के अनुसार सभी गतिविधियों का कुशलतापूर्वक संचालन सुनिश्चित कर हर माह इनकी प्रगति की गहन समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में उच्च-स्तरीय बैठक में उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 में प्रस्तावित कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक आयोजन प्रदेश के संतुलित और समावेशी औद्योगिक विकास की दिशा में ठोस कदम साबित हो, ऐसे प्रयास किये जायें। उन्होंने कहा कि सेक्टर कॉन्क्लेव जैसे प्रमुख आयोजन उन्हीं स्थलों पर आयोजित किए जाएं, जहां औद्योगिक गतिविधियां स्वाभाविक रूप से संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजन केवल जिलों के मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहें, बल्कि सुदूर अंचलों और औद्योगिक संभावना वाले क्षेत्रों में भी उनका विस्तार किया जायें, जिससे प्रदेश का हर कोना औद्योगिक उन्नति की धारा से जुड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन क्षेत्रों की ओर भी विशेष ध्यान दे, जहाँ औद्योगिक गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में सेक्टर-केंद्रित आयोजनों और विशेष प्रयासों के माध्यम से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की प्रक्रिया को तीव्र गति से किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सक्रिय औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध ऊर्जा और संसाधनों का उपयोग करते हुए अन्य क्षेत्रों में भी औद्योगिक वातावरण का विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को कृषकों के हित में डिजाइन किया जाए, ताकि सौर ऊर्जा उनकी आय में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सके। उन्होंने निर्देश दिए कि महिला सशक्तिकरण के लिए भी स्व-सहायता समूह की गतिविधियों पर आधारित कार्यक्रम किये जाए जिससे अधिक से अधिक महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बने और प्रदेश के विकास में सहयोगी बन सकें। कृषि से जुड़े प्रत्येक आयोजन में सौर ऊर्जा एवं सौर पम्प के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए तथा कृषकों को इस संबंध में संचालित शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग एवं रोजगार वर्ष में स्टार्ट-अप प्रोत्साहन, एमएसएमई विकास, निर्यात संवर्धन, कौशल उन्नयन, रोजगार मेले, निवेश संवर्धन सम्मेलन जैसे सभी प्रमुख कार्यक्रम निर्धारित वार्षिक कैलेंडर के अनुसार संचालित किए जाएं। रोजगार संवर्धन के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि औद्योगिक गतिविधियों का केवल आयोजन ही नहीं, बल्कि उनके ठोस परिणाम सुनिश्चित करना विभागों की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए विभागीय समन्वय को बेहतर बनाया जाए और कार्यक्रमों की गुणवत्ता तथा समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-भर चलने वाले इन आयोजनों की मासिक समीक्षा नियमित रूप से की जाए। प्रत्येक कार्यक्रम के आयोजन के बाद उसकी उपलब्धियों, चुनौतियों और सुधार के बिंदुओं का विश्लेषण किया जाए, जिससे अगली गतिविधियों में उन्हें समाहित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्यमिता का माहौल केवल विकसित जिलों तक सीमित न रहे, बल्कि औद्योगिक रूप से पिछड़े अंचलों तक उसकी पहुंच बने, जिससे रोजगार के अवसरों का विकेंद्रीकरण हो और प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित हो। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरुण शमी, प्रमुख सचिव खनिज साधन उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार रघुराज राजेंद्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कृषि की उन्नत तकनीकों के साथ-साथ प्राकृतिक खेती का होगा प्रदर्शन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है किप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। मध्यप्रदेश कृषि आधारित प्रदेश है, यहां कृषि विकास दर भी बहुत अच्छी है। इसी के दृष्टिगत औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन के साथ-साथ हम कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेले प्रत्येक संभाग में कृषि मेले लगाए जाएंगे। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से होने वाले यह आयोजन उन्नत कृषि तकनीकों,खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों और कृषि में सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित होंगे। आगामी 3 मई को मंदसौर जिले में वृहद कृषि मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्नत कृषि यंत्र, बीजों के प्रकार, आधुनिकतम यंत्र, खेती की उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन होगा। किसानों को उनकी आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती, हार्टिक्लचर, फ्लोरीक्लचर अर्थात् बागवानी, फलोद्यान जैसी गतिविधियां अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ऐसे आयोजनों से खाद्य पदार्थों की प्र-संस्करण इकाइयों और कृषि उद्योगों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कृषि के अध्ययन के लिए कृषि विश्वविद्यालय के अतिरिक्त, शेष विश्वविद्यालयों में भी कृषि संकाय आरंभ करविद्यार्थियों के लिये अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में ये विचार व्यक्त किए।

प्रदेश की वन्यजीव सम्पदा की रक्षा एवं जैव विविधता को समृद्ध बनाये रखने के सभी प्रयास किए जाएंगे: मंत्री शर्मा

जयपुर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में वन्यजीव मण्डल की स्थायी समिति की चतुर्थ बैठक का आयोजन किया गया। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की वन्यजीव सम्पदा की रक्षा एवं जैव विविधता को समृद्ध बनाये रखने के सभी प्रयास किए जाएंगे। बैठक में सदस्यों द्वारा प्रदेश के वन्यजीव स्वीकृति से सम्बंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विचार विमर्श किया गया। इसके साथ ही बैठक में गत 18 फरवरी को हुई बैठक के कार्यवाही विवरण का अनुमोदन एवं प्राप्त निर्देशों की पालना की समीक्षा भी की गई। एप्रोच रोड, मोबाइल टावर, सड़क निर्माण एवं मरम्मत, ऑप्टिकल फाइबर केबल एवं नवीन निर्माण से सबंधित कुल 12 नए प्रस्तावों एवं 4 अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, रणथंभौर टाइगर रिजर्व, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, जमवारामगढ़ वन्यजीव अभयारण्य, डेजर्ट नेशनल पार्क, कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य, सरिस्का टाइगर रिजर्व, माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्यएवं भैंसरोड़गढ़ वन्यजीव अभयारण्य के प्रस्तावों पर चर्चा कर अपने सुझावों के साथ राज्य वन्यजीव मण्डल को भेजने का निर्णय लिया। बैठक में रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए सुविधायुक्त नेचर इंटरप्रिटेशन एंड एग्जीबिशन सेंटर की स्थापना के विषय पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) श्रीमती अपर्णा अरोड़ा,सदस्य सचिव स्थायी समिति राज्य वन्यजीव मण्डल एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुश्री शिखा मेहरा, स्थायी समिति राज्य वन्यजीव मण्डल के सदस्य श्री रवि सिंह, श्री राजपाल सिंह तंवर एवं अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरिजीत बनर्जी एवं जिलों के अन्य सम्बंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

चीता प्रोजेक्ट की सफलता का प्रतीक है, कूनों में पांच नन्हें मेहमानों का आगमन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय उद्यान कूनो में नए मेहमानों के आगमन पर प्रदेशवासियों को बधाई दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रविवार को मध्यप्रदेश के चीता परिवार में पुनः वृद्धि हुई है। कूनों में पांच नन्हें मेहमानों का आगमन हमारे बीच हुआ है, जो चीता प्रोजेक्ट की सफलता का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह वन विभाग की टीम के सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जितने चीते अफ्रीका से लाए गए थे, उससे ज्यादा चीतों का जन्म मध्यप्रदेश में हो चुका है। यह चीता प्राजेक्ट के सफल क्रियान्वयन को दर्शाता है, हम निरंतर इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब मध्यप्रदेश में पहला चीता छोड़ा था, तब से लेकर आज तक कूनों में चीतों में निरन्तर वृद्धि हो रही है। राज्य सरकार सभी वन्य जीवों और उनके परिवार वृद्धि के लिए उपयुक्त ईको-सिस्टम विकसित करने का प्रयास कर रही है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और पर्यटन भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया है कि चीते को भी एशिया में पुनर्स्थापित किया जा सकता है।

प्रतिवर्ष होगी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी पद खाली न रहे, इस उद्देश्य से शासकीय सेवा में समय पर भर्ती सुनिश्चित करने के लिए प्रतिवर्ष मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। इससे एक ही परीक्षा में अलग-अलग श्रेणियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन के लिए इस प्रकार के सभी प्रयास करने की दिशा में राज्य सरकार सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की वृद्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारी-कर्मचारी शासकीय नीतियों और सुशासन का अंतिम पंक्ति तक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कराने की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

म्यांमार में शक्तिशाली भूंकप के बाद भी कांप रही धरती, एक महीने में 157 झटके किए गए महसूस

यांगून म्यांमार में 28 मार्च को आए विनाशकारी भूकंप के बाद देश में कुल 157 झटके (आफ्टरशॉक) महसूस किए गए। मौसम विज्ञान और जल विज्ञान विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि भूकंप के झटकों की तीव्रता 2.8 से 7.5 के बीच थी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सरकारी दैनिक म्यांमार एलिन के हवाले से बताया कि 25 अप्रैल तक भूकंप में मरने वालों की संख्या 3,763 थी, 5,107 लोग घायल हुए और 110 लोग लापता हैं। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनडीएमसी) के अनुसार, 28 मार्च को मध्य म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद 2,00,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं। शुक्रवार को ने प्यी ताव में आयोजित समिति की साल की तीसरी बैठक में एनडीएमसी के अध्यक्ष वाइस सीनियर जनरल सो विन ने कहा कि भूकंप ने प्यी ताव, सागांग, मांडले, बागो, मैगवे और शान समेत 10 क्षेत्रों और राज्यों में भारी नुकसान किया है। जनरल सो विन ने कहा कि भूकंप से 63,000 से अधिक घर, 6,700 स्कूल, 5,400 मठ, 5,300 पगोडा और सैकड़ों अन्य धार्मिक इमारतें, अस्पताल, पुल, सड़कें और बांध नष्ट हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए। 337 विदेशी कर्मियों समेत अंतरराष्ट्रीय मेडिकल टीमों ने सबसे प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी अस्पताल लगाए हैं और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर लोगों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि म्यांमार सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग करने के बाद 26 देशों और क्षेत्रों से 2,095 बचावकर्मी म्यांमार पहुंचे हैं। ये बचावकर्मी 147 विमानों, सात जहाजों और 23 वाहनों के जरिए 3,800 टन से अधिक राहत सामग्री लेकर आए हैं। भारत म्यांमार में भूकंप से प्रभावित इलाकों में सबसे पहले सहायता देने वाला देश था। ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत भारत ने 750 मीट्रिक टन से अधिक राहत सामग्री भेजी, जिसमें जरूरी दवाइयां, खाद्यान्न, तैयार भोजन, टेंट, कंबल, जेनसेट, शल्य चिकित्सा और मेडिकल शेल्टर, जल स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, कपड़े, और पूर्वनिर्मित कार्यालय शामिल हैं।

पुतिन ने यूक्रेन के साथ तीन दिनों के लिए अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की, 8 मई से शुरू होकर 11 मई तक जारी रहेगा

मास्को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ तीन दिनों के लिए अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की है, जो 8 मई से शुरू होकर 11 मई तक जारी रहेगा। पुतिन का कहना है कि यह निर्णय मानवीय कारणों और दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर लिया गया है। रूस ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम के दौरान यूक्रेन को भी इसका पालन करना होगा, और यदि यूक्रेन इस पर नहीं टिकता, तो रूसी सेना इसका सख्त और प्रभावी जवाब देगी। पुतिन ने रूस की तरफ से एक बार फिर यह भी कहा कि वे बिना शर्त वार्ता के लिए तैयार हैं, ताकि यूक्रेन संकट की जड़ को समाप्त किया जा सके। रूस अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए भी तैयार है। इससे पहले, रूस ने ईस्टर के मौके पर 30 घंटे के लिए संघर्ष विराम का एलान किया था, लेकिन इस बार युद्धविराम की अवधि अधिक है और इसका उद्देश्य मानवीय राहत को सुनिश्चित करना है। यूक्रेन की ओर से इस घोषणा पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सरकार की मंशा अंतिम पंक्ति में बैठे प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मिल सके योजनाओं का लाभ: मंत्री

जयपुर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा अधिकारीगण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इस तरह का माइक्रो मैनेजमेंट करें कि निचले तबके और जरूरतमंद हर व्यक्ति को सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ मिल सके। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुख्यालय ‘अम्बेडकर भवन’ में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि समाज कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में बैठे प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मिल सके। श्री गहलोत ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की बजट घोषणाओं में लम्बित बिन्दुओं पर चर्चा की गई साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की अब तक की प्रगति रिपोर्ट जानी। इस दौरान विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की आदिनांक तक की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बैठक में अनुप्रति कोचिंग योजना की नवीनतम अपडेशन, छात्रावासों में सामान क्रय के लिए गठित संभागीय कमेटियों की प्रगति रिपोर्ट भी ली। बैठक में कृषि विपणन बोर्ड एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा किये जा रहे निर्माण कार्यों की अब तक प्रगति रिपोर्ट, आवासीय विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर स्टाफ लिये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ करना, कोर्ट केसेज की नवीनतम स्थिति, विभागीय आदेशों के विरूद्ध विभिन्न न्यायालयों द्वारा दिये गये स्थगनों आदेशों को निरस्त कराना, जवाब पेश करना संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान नये ब्लॉक्स में कार्यालय खोलने, भवन निर्माण एव पदों की स्वीकृति की पर चर्चा, नये जिलों के कार्यालयों में एवं नये 68 ब्लॉक कार्यालयों में कम्प्यूटरीकरण एवं सूचना सहायक या मंत्रालयिक कर्मचारियों के पदों का सृजन, विभागीय सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की वरीयता सूची का समय पर प्रकाशन या डीपीसी करवाया जाना, छात्रावासों में प्रवेश, पोषाहार, मरम्मत, नवाचार आदि के कार्यकम पर चर्चा की गईं। बैठक में विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों के उचित प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर छात्रावास प्रबन्धन समिति के गठन के संबंध में अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र जारी किये जाने संबंधी प्रावधानों की जानकारी लेकर चर्चा की गई। इस दौरान उन्होंने यूडीआईडी कार्ड (दिव्यांग पहचान पत्र) एवं मस्कुलर डिस्ट्रोफी से पीड़ित लोगों को जिलेवार दी जा रही इलेक्ट्रिक व्हील चेयर की भी जानकारी ली। बैठक में निदेशक एवं विशिष्ट शासन सचिव श्री बचनेश अग्रवाल, अतिरिक्त निदेशक श्री केसर लाल मीणा, विशिष्ट सचिव श्री रोहित कुमावत, उप निदेशक श्रीमती दीपाली भगोतिया, अतिरिक्त निदेशक विशेष योग्यजन श्रीमती सुमन पंवार, अतिरिक्त निदेशक श्री सूंडाराम मीणा, अतिरिक्त निदेशक श्रीमती रीना शर्मा, अतिरिक्त निदेशक श्री अशोक जांगिड़, अतिरिक्त निदेशक श्री अरविंद कुमार सैनी, अतिरिक्त निदेशक विशेष योग्यजन श्री चंद्रशेखर चौधरी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राज्य सरकार आमजन को बेहतर सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई करते हुए आमजन की परिवेदनाओं को आत्मीयता के साथ सुना और अधिकारियों को परिवेदनाओं के निस्तारण के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। प्रत्येक फरियादी की समस्या को सुनना और उसका निस्तारण सुनिश्चित करना हमारी सरकार का मूलमंत्र है। मुख्यमंत्री ने जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, राजस्व, मनरेगा, ऊर्जा एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को राहत दी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित भी रहे। जनसुनवाई के दौरान जयपुर निवासी श्री रामसिंह राजोरिया ने मुख्यमंत्री को चावल के एक दाने पर उकेरी अयोध्या स्थित रामलला मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। श्री शर्मा ने श्री राजोरिया की माइक्रो आर्ट की प्रशंसा की। श्री राजोरिया ने सूक्ष्मतम हस्तलिखित श्री भगवत् गीता के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

एमसीबी : (पीपीटी प्रवेश परीक्षा) प्री-पॉलिटेक्निक टेस्ट 01 मई 2025 को

एमसीबी : (पीपीटी प्रवेश परीक्षा) प्री-पॉलिटेक्निक टेस्ट 01 मई 2025 को परीक्षार्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी एमसीबी छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा 01 मई 2025 दिन गुरूवार को प्री-पॉलीटेक्निक (PPT2025) प्रवेश परीक्षा प्रातः 09:00 से 12:15 बजे तक जिले के 02 परीक्षा केन्द्रों क्रमशः शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ तथा बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनेन्द्रगढ़ में आयोजित होना नियत है। अतएवं उक्त परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों हेतु निम्नानुसार दिशा-निर्देश जारी किया जाता है। परीक्षा दिवस को प्रत्येक परीक्षार्थी एक घंटे पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र में उपस्थित हो, जिससे उनके मूल पहचान पत्र से उनका पहचान किया जा सकें एवं परीक्षा केन्द्र में जाने हेतु अनुमति दी जा सके। परीक्षार्थी परीक्षा दिवस से एक दिवस पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र की भौगोलिक स्थिति से भली-भॉती परिचित हो जाये। परीक्षा प्रारंभ होने के पश्चात् किसी भी परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। परीक्षार्थियों को अपना फोटोयुक्त मूल आई.डी. प्रूफ जैसे मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, विद्यालय का फोटोयुक्त परिचय पत्र, फोटोयुक्त अंकसूची मूलरूप में (फोटो कॉपी मान्य नहीं) परीक्षा दिवस में परीक्षा केन्द्र में लाना अनिवार्य होगा। मूल पहचान पत्र के अभाव में परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में मोबाईल एवं अन्य डिवाईस ले जाना वर्जित है।

दंतेवाड़ा : ग्राम बड़े गुडरा में बालिकाओं को किया गया ’पीरियड्स’ के प्रति जागरूक

दंतेवाड़ा : ग्राम बड़े गुडरा में बालिकाओं को किया गया ’पीरियड्स’ के प्रति जागरूक बालिकाएं हो रही मासिक धर्म के प्रति जागरूक, ताकि सेहत से न हो समझौता, आयरन व फोलिक एसिड है जरूरी दंतेवाड़ा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत ग्राम बड़े गुडरा के स्कूलों में छात्राओं को मासिक धर्म (पीरियड्स) के बारे में विगत दिवस जागरूक किया गया। इस जागरूकता अभियान के तहत बताया गया कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन का एक स्वाभाविक व महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसके बारे में खुलकर बात करने में आज भी झिझक महसूस की जाती है। जैसा कि मासिक धर्म एक सामान्य प्रक्रिया है और सभी किशोरी बालिकाओं को इसकी सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। पहली बार पीरियड्स होने पर बालिकाओं में डर, असमंजस और चिंता होना स्वाभाविक है। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता है, बल्कि वे इस दौरान भी सामान्य जीवन जी सकती हैं। इस तरह सभी किशोरियों को ’’पीरियड्स’’ की सही जानकारी देने में माताएं, बड़ी बहनें, शिक्षिकाएं व अन्य महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि पीरियड्स के दौरान शरीर को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है। हरी सब्जियां, ताजे फल, दूध, दही, अंडे और सूखे मेवे जैसे पौष्टिक आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए, साथ ही पर्याप्त पानी पीते रहना जरूरी है। इसके अलावा छात्राओं को इस अवधि में अत्यधिक मीठे, तले-भुने, मैदे से बने और मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई। इसके साथ ही किशोरियों में आयरन की कमी (एनीमिया) को दूर करने के लिए आयरन फोलिक एसिड की नीली गोली सप्ताह में एक बार देना अनिवार्य बताया गया। क्योंकि कई बार  किशोरियों    में आयरन की कमी से कार्य क्षमता में गिरावट, पढ़ाई में ध्यान की कमी, भूख न लगना, शारीरिक विकास में बाधा और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी देखी जाती है। वहीं भविष्य में गर्भावस्था के दौरान जटिलताएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसे देखते हुए विभाग द्वारा 10 से 19 वर्ष तक के किशोरियों के लिए ‘साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड अनुपूरण कार्यक्रम’ व्हीआईएफएस के तहत नियमित रूप से आयरन की गोलियां वितरित की जा रही हैं।  

हम खुलकर बताएंगे तो कोई हमें ही उड़ा देगा, हमारी शक्ति का सदुपयोग करें- धीरेंद्र शास्त्री

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो कि अब राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में चर्चा का विषय बन गया है. वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री ने दावा कर रहे हैं कि वे अपनी शक्तियों के माध्यम से भविष्य में घटने वाली घटनाओं के बारे में बता सकते हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सलाह देते हुए कहा कि हम तो भारत के रक्षा मंत्री से भी कहेंगे कि हमारी शक्ति का सदुपयोग करें. हम आधिकारिक तौर पर कोई अधिकारी तो नहीं बन सकते, लेकिन हमारे पास जो चेतना है, हनुमान जी की जो कृपा है, उसका राष्ट्रहित में उपयोग किया जाए. आने वाले समय में कहां, कौन सी और क्या संभावित घटनाएं हो सकती हैं, इस पर हमारी शक्ति का उपयोग किया जाए. हम खुलकर बताएंगे तो कोई हमें ही उड़ा देगा- धीरेंद्र शास्त्री उन्होंने आगे कहा कि लेकिन यह सब गोपनीय तरीके से हो. अगर हम खुलकर बताएंगे तो कोई हमें ही उड़ा देगा. हम भारत के लिए भी अब काम शुरू कर रहे हैं, राष्ट्रहित के लिए, ताकि देश का भला हो. मन की बात कर देने से देश का भला नहीं होने वाला है. वही अब इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया है. देश की सुरक्षा के संदर्भ में यह चर्चा अब तक सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो चुकी है.

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