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रणवीर इलाहाबादिया के खिलाफ जांच पूरी, न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने दिया आदेश, लौटाया जायेगा पासपोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने चर्चित पॉडकास्टर और यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को बड़ी राहत देते हुए विदेश यात्रा के लिए उनका पासपोर्ट वापस लौटाने की अनुमति दे दी है। यह आदेश सोमवार को न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने दिया। यह निर्णय तब आया जब असम और महाराष्ट्र सरकारों ने अदालत को सूचित किया कि इलाहाबादिया के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। रणवीर इलाहाबादिया, जिन्हें लोग सोशल मीडिया पर ‘BeerBiceps’ के नाम से जानते हैं, विवादों में तब फंसे जब उन्होंने कॉमेडियन समय रैना के यूट्यूब शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इस मामले को लेकर उन पर कई प्राथमिकी दर्ज की गईं, जिनमें यौन विषयों और माता-पिता पर की गई टिप्पणियों को लेकर नाराजगी जताई गई थी। सुप्रीम कोर्ट की शर्तें और रियायतें अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इलाहाबादिया को पासपोर्ट पाने के लिए महाराष्ट्र साइबर पुलिस ब्यूरो से संपर्क करना होगा। शीर्ष अदालत ने उन्हें पहले ही 18 फरवरी को गिरफ्तारी से संरक्षण दे दिया था। अदालत ने कहा कि ‘द रणवीर शो’ का प्रसारण तीन मार्च से किया जा सकता है लेकिन इस शर्त के साथ कि वह कार्यक्रम में “नैतिकता और शालीनता” बनाए रखें और उसे सभी उम्र के दर्शकों के लिए उपयुक्त बनाएं। अदालत अगली सुनवाई में उन एफआईआर को एक स्थान पर समेकित करने के अनुरोध पर विचार करेगी। ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ शो में विवाद की जड़ समय रैना के शो में रणवीर इलाहाबादिया के साथ साथ कॉमेडियन आशीष चंचलानी, जसप्रीत सिंह और अपूर्वा मखीजा भी मौजूद थे। शो में हुई बातचीत को लेकर असम और महाराष्ट्र में कई आपराधिक मामले दर्ज हुए। शो के एक हिस्से में यौन विषयों पर की गई टिप्पणी को लेकर जनता और कई सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया। पुलिस जांच और सरकार का पक्ष असम और महाराष्ट्र पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने इस मामले की जांच पूरी कर ली है। इसके बाद अदालत ने पासपोर्ट वापस करने की अनुमति देते हुए कहा कि रणवीर अब अपने व्यावसायिक कार्यों के लिए विदेश यात्रा कर सकते हैं। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर को एक स्थान पर स्थानांतरित करने का अनुरोध सुनवाई के लिए विचाराधीन रहेगा।

एमसीबी : जिला निर्वाचन कार्यालय ने सहायक अधीक्षक एवं लेखापाल सह-उच्च श्रेणी लिपिक के पदों पर आवेदन आमंत्रित

एमसीबी जिला निर्वाचन कार्यालय (स्थानीय निर्वाचन) में सहायक अधीक्षक (स्थानीय निर्वाचन) / लेखापाल सह-उच्च श्रेणी लिपिक के पदों पर पदस्थापना के संबंध में, लेख है कि जिला निर्वाचन कार्यालय (स्थानीय निर्वाचन) में सहायक अधीक्षक (स्थानीय निर्वाचन) / लेखापाल सह-उच्च श्रेणी लिपिक का पद जिले में पदस्थ लिपिकों से पदपूर्ति किया जाना है। अतः आपके विभाग/कार्यालय अंतर्गत उक्त पदों हेतु इच्छुक ऐसे लिपिक जो पात्रता की शर्तों को पूर्ण करते हों, ऐसे लिपिकों को जिला निर्वाचन कार्यालय (स्थानीय निर्वाचन) में आवेदन 12 मई 2025 तक प्रस्तुत करने हेतु सूचित करना सुनिश्चित करें। पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं कि सहायक अधीक्षक (स्थानीय निर्वाचन) (वेतन लेबल 8) हेतु जिले में पदस्थ ऐसे वरिष्ट प्रथम श्रेणी लिपिक, जिन्होंने सहायक अधीक्षक पद पर पदोन्नति की पात्रता अर्जित कर ली हो, पात्र होंगे। चयन का मापदण्ड योग्यता-सह-वरिष्ठता रहेगा। ऐसे कर्मचारी पात्र होंगे जिनकी कम से कम 5 वर्ष की सेवाकाल बाकी हो तथा जिनके कार्य का विगत 5 वर्षों का मूल्यांकन ‘उत्कृष्ट’ या ‘बहुत अच्छा’ श्रेणी का हो। लेखापाल-सह-उच्च श्रेणी लिपिक (वेतन लेबल 6) हेतु ऐसे लिपिक (सहायक वर्ग-3) पात्र होंगे जिन्होंने उच्च श्रेणी लिपिक (सहायक वर्ग-2) के पद हेतु पदोन्नति की पात्रता अर्जित कर ली हो, जिनके कार्य का विगत 5 वर्षों का मूल्यांकन ‘उत्कृष्ट’ या ‘बहुत अच्छा’ श्रेणी का हो एवं जो संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा संचालित लेखा प्रशिक्षण परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हों या जिले में कार्यरत ऐसे उच्च श्रेणी लिपिक (सहायक वर्ग-2) जो लेखा प्रशिक्षण परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हों। टीप यह है कि उक्त पद हेतु जिले अंतर्गत कार्यरत लिपिक वर्ग पात्र होंगे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्माआश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध

कवर्धा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज लोहारा विकासखंड के ग्राम नवागांव में आयोजित महरा (झारिया) समाज के भव्य सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए महरा समाज के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि महरा समाज की एकता, मेहनत और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं समूचे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।      उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के हर वर्ग को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में कई प्रभावी योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन), युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएं और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों का विस्तार से उल्लेख करते हुए बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।       उप मुख्यमंत्री ने महरा समाज के सदस्यों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को जागरूक, सशक्त और आत्मनिर्भर बना सकती है। शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों के प्रति सजग होता है और विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकता है। उन्होंने युवाओं को सरकारी कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ उठाकर युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने महरा समाज की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और अगली पीढ़ी तक उसे पहुंचाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता, सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ हम छत्तीसगढ़ को एक मजबूत और समृद्ध राज्य बना सकते हैं। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं उपस्थित थीं।

दंतेवाड़ा : जिला स्तरीय बाल समागम 2025 में बच्चों की प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन, विधायक ने मलखम्ब प्रतिभागियों को किया सम्मानित

दंतेवाड़ा जिला प्रशासन एवं समग्र शिक्षा दंतेवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में “जिला स्तरीय बाल समागम 2025” का भव्य आयोजन 27 अप्रैल को ऑडिटोरियम जावंगा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक श्री चैतराम अटामी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा उपस्थित रहे। इसके अलावा जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। ज्ञात हो कि यह आयोजन जिले के पोटाकेबिन एवं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में 12 अप्रैल से 25 अप्रैल 2025 तक आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन समारोह था, जिसमें बच्चों ने संगीत, नाटक, नृत्य, मलखम्ब, आर्ट एंड क्राफ्ट, ड्रॉइंग-पेंटिंग, कंप्यूटर साक्षरता एवं खेलकूद जैसे विभिन्न गतिविधियों में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशिक्षण हेतु विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनर्स का सहयोग लिया गया था, जिससे बच्चों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भागीदारी की थी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने बच्चों द्वारा लगाई गई गतिविधि-आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों की प्रतिभा तथा आयोजकों के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। शिविर के दौरान हुई गतिविधियों का संकलित वीडियो भी प्रस्तुत किया गया, जिसे खूब सराहा गया। अपने संबोधन में विधायक श्री चैतराम अटामी ने बच्चों की प्रतिभा और सीखने की लगन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।  इस क्रम में उनके द्वारा मलखम्ब में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पोटाकेबिन कुआकोंडा-2 के बच्चों एवं उनके मास्टर ट्रेनर को 5000-5000 रुपये का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा ने आयोजन को अत्यंत सराहनीय बताते हुए विभागीय अधिकारियों एवं अधीक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की तथा सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने ग्रीष्मकालीन शिविर में सीखे नृत्य, गीत एवं नाटक प्रस्तुत किए, जिसे सभी उपस्थित अतिथियों ने भरपूर सराहा। श्रेष्ठ आयोजन के लिए अधीक्षक पोटाकेबिन गोडरे, कुआकोंडा-1, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गीदम एवं पोटाकेबिन कारली को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस.के. अंबस्ट, जिला मिशन समन्वयक श्री हरीश प्रताप सिंह गौतम, सहायक परियोजना समन्वयक श्री राजेंद्र पांडेय द्वारा किया गया।

केंद्र सरकार से की जा रही खास अपील, तेजी से बढ़ रही भारत में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों की संख्या

अमृतसर भारत में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। देश में इस बीमारी के बारे में जागरूकता की भारी कमी के कारण हर साल 10 से 15 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं। जहां उक्त बीमारी से पीड़ित बच्चों के अनमोल जीवन को बचाने के लिए हर माह करीब दो से तीन यूनिट रक्त चढ़ाया जा रहा है, वहीं सरकारी अस्पतालों में रक्त की मौजूदा भारी कमी के कारण थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों व अन्य रोगियों को रक्त मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार थैलेसीमिया की बीमारी लगातार भयानक रूप लेती जा रही है। जिस प्रकार भारत सरकार हेपेटाइटिस बी, पोलियो आदि बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता के प्रयास कर रही है। वहीं थैलेसीमिया की रोकथाम के लिए भी प्राथमिक प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र व पंजाब सरकार की ढिलाई के कारण थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अमृतसर जिले की बात करें तो यहां वर्तमान में थैलेसीमिया से पीड़ित लगभग 200 बच्चे हैं, जिन्हें सरकारी गुरु नानक देव अस्पताल में हर महीने लगभग 1 से 3 यूनिट रक्त चढ़ाया जाता है। उपरोक्त श्रेणी के बच्चों के लिए प्रति वर्ष लगभग 7,000 यूनिट होनी चाहिए। ब्लड बैंक में रक्त की लगातार कमी के कारण बच्चों और आम रोगियों को अक्सर रक्त मिलने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि निजी ब्लड बैंक एक यूनिट दान करने के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए उपलब्ध करवाते हैं, जबकि सरकारी स्तर पर 70 के करीब एक यूनिट के लिए प्रति व्यक्ति उपलब्ध करवाए जाते हैं। इतना ही नहीं, सरकारें भी इस बीमारी की रोकथाम के लिए पूरी तरह गंभीर नहीं हैं। सरकार गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चों की जांच के लिए कई तरह के टैस्ट कराती है, लेकिन अगर सरकार थैलेसीमिया बीमारी की जांच के लिए शुरुआती चरण में ही टेस्ट करवा ले तो इस बीमारी को रोका जा सकता है। फिलहाल थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को बचाने के लिए थैलेसीमिया वेलफेयर एसोसिएशन और कई समाज सेवी संगठनों द्वारा बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को उक्त एसोसिएशन और समाजसेवी संस्थाओं के प्रयासों को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से उक्त बीमारी की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान तुरंत शुरू करने की जरूरत है। डा. महाजन थैलेसीमिया की रोकथाम के लिए उठा रहे हैं विशेष कदम सरकारी ब्लड बैंक गुरु नानक देव अस्पताल में तैनात डॉ. अनिल महाजन थैलेसीमिया रोग की रोकथाम के लिए अपने स्तर पर विशेष प्रयास कर रहे हैं। डॉ. महाजन के अनुसार अब तक वे अपने स्तर पर करीब 6,000 लोगों के नि:शुल्क टैस्ट करवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि गर्भवती महिला की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसके पति की भी जांच की जाती है। यदि उनका टैस्ट भी सकारात्मक आता है तो उनका पुनः टोस्ट भी किया जा रहा है।

भारत के डर से पाकिस्तानी सेना में मची ‘भगदड़’असीम मुनीर, इस्तीफा दो वर्ना…

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपनी सरकार को भारत के साथ तनाव को कम करने की सलाह दी है। पाकिस्तान के तीन बार पीएम रहे नवाज शरीफ मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बड़े भाई हैं। पाकिस्तान के सबसे सीनियर नेताओं में शुमार नवाज ने अपने भाई और पीएम शहबाज को साफतौर पर कहा है कि भारत के साथ युद्ध की ओर ना बढ़ें बल्कि कूटनीतिक तरीके अपनाकर तनाव को कम करें। पाकिस्तानी नेताओं की भारत के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी के बीच नवाज शरीफ की ओर से यह सलाह दी गई है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पहलगाम हमले के बाद भारत के साथ उपजे तनाव के बीच शहबाज शरीफ ने अपने भाई नवाज शरीफ से मुलाकात की है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत से तनाव के संबंध में नवाज शरीफ को अपनी सरकार के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि देश किसी भी आक्रमण का जवाब देने के लिए तैयार है। इस पर नवाज शरीफ ने कहा कि वह आक्रामक रुख अपनाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने शहबाज से कहा कि वह दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच शांति बहाल करने के लिए सभी उपलब्ध राजनयिक संसाधनों का इस्तेमाल करें। बातचीत के जरिए भारत के साथ तनाव करने पर काम करें। शहबाज ने नवाज से कहा- भारत झूठ बोल रहा शहबाज शरीफ ने मुलाकात में नवाज शरीफ को बताया कि पहलगाम हमले में भारत झूठ बोल रहा है। इसमें पाकिस्तान का कोई किरदार नहीं है। इस हमले का मकसद क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करना है। भारत ने एकतरफा तरीके से सिंधु समझौते से हटने का ऐलान कर दिया है। ये पाकिस्तान के लिए बड़ा संकट पैदा करता है। भारत के सिंधु समझौते को निलंबित करने के फैसले से युद्ध का खतरा बढ़ा है। नवाज की सलाह पर शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान शांति के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन भारत की ओर से कोई कार्रवाई हुई तो जवाबी कदम उठाए जाएंगे। शहबाज ने ये भी बताया कि उनकी सरकार ने पहलगाम हमले की जांच के लिए भारत को अंतरराष्ट्रीय आयोग बनाने का प्रस्ताव दिया। इस पर नवाज ने कहा कि दोनों देशों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए शांति जरूरी है। ऐसे में प्राथमिकता बातचीत से चीजों को हल करना होना चाहिए। क्या है पूरा मामला कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में 26 लोगों की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं तो इस्लामाबाद की ओर से भी आक्रामक बयानबाजी की जा रही है और युद्ध की धमकी दी जा रही है। ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। भारत के डर से पाकिस्तानी सेना में मची ‘भगदड़’ पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के मंत्री एक तरफ ऊल-जलूल बयान देने में लगे हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तानी फौज के प्रमुख असीम मुनीर से इस्तीफा मांगा जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में अटकलें थीं कि मुनीर देश छोड़कर भाग गए हैं। कई रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि असीम मुनीर के परिवार ने भी देश छोड़ दिया है। इसके अलावा, बिलावल भुट्टो का परिवार भी देश छोड़कर जा चुका है। माना जा रहा है कि भारत पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकियों को ऐसी सजा देने की बात की है, जो आतंकियों की कल्पना से परे होगा। जानते हैं-क्या भारत की संभावित कार्रवाई के डर से पाकिस्तानी फौज की हालत खराब हो रही है। जब पाकिस्तानी PMO को फोटो शेयर कर देनी पड़ी सफाई कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि जनरल मुनीर रावलपिंडी में एक बंकर में छिप गए हैं। इन अटकलों के बीच पाकिस्तान सरकार ने एक फोटो शेयर कर बताया कि ‘सब ठीक ठाक है।’ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक X हैंडल से रविवार को एबटाबाद से एक ग्रुप फोटो पोस्ट की, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जनरल मुनीर आगे की लाइन में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। फोटो के साथ तारीख भी स्पष्ट रूप से कैप्शन देते हुए पाक पीएमओ ने कहा-26 अप्रैल, 2025 को प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर (NIM) और पीएमए काकुल के अधिकारी एबटाबाद के पीएमए काकुल में 151वें लॉन्ग कोर्स के ग्रेजुएट अधिकारियों के साथ एक ग्रुप फोटो में शामिल हुए। मुनीर ने फिर उगला जहर-मुसलमान-हिंदू अलग मुल्क हैं मुनीर ने बीते फिर जहर उगलते हुए कहा कि मुसलमान और हिंदू दो अलग-अलग मुल्क हैं। मुनीर ने इस बात पर जोर दिया था कि उनके पूर्वजों का मानना था कि हिंदू और मुसलमान जीवन के हर पहलू में भिन्न हैं। मुनीर शनिवार को खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के काकुल इलाके में पाकिस्तान सैन्य अकादमी (PMA) में कैडेट की पासिंग आउट परेड को संबोधित कर रहे थे। मुनीर ने कहा-द्वि-राष्ट्र सिद्धांत इस बुनियादी मान्यता पर आधारित था कि मुसलमान और हिंदू दो अलग-अलग राष्ट्र हैं, एक नहीं। मुसलमान जीवन के सभी पहलुओं- धर्म, रीति-रिवाज, परंपरा और सोच में हिंदुओं से अलग हैं।

पाकिस्तान का बचाव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, जरूरत पड़ने पर NSA के प्रावधान भी लगाए जा सकते हैं

असम असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारतीय धरती पर पाकिस्तान का बचाव करने के आरोप में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस हमले में 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले के बाद, असम में पाकिस्तान का बचाव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, “अब तक 22 देशद्रोही गिरफ्तार किए गए हैं।” यह बयान उन्होंने रविवार रात तक की स्थिति के आधार पर दिया, जब गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की संख्या 19 थी। गिरफ्तार लोगों में प्रमुख विपक्षी पार्टी के विधायक अमीन-उल-इस्लाम भी शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने पहलगाम हमले में पाकिस्तान और उसके समर्थन का राजद्रोह के तहत बचाव किया। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की संभावना मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के प्रावधान भी लगाए जा सकते हैं। उन्होंने इस संदर्भ में कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच कोई समानता नहीं है। दोनों देश दुश्मन देश हैं और हमें ऐसे ही रहना चाहिए।” पहलगाम आतंकवादी हमला यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था, जब सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले पहलगाम क्षेत्र के बैसरन पर्यटक स्थल पर आतंकवादियों ने हमला किया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर लोग पर्यटक थे। यह हमला जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा किए गए सबसे भयावह हमलों में से एक था। पाकिस्तान के समर्थन का बचाव करने के आरोप गिरफ्तारी किए गए लोगों में प्रमुख नाम अमीन-उल-इस्लाम का है, जो AIUDF के विधायक हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने इस हमले में पाकिस्तान और उसकी मिलीभगत का बचाव किया। इस संदर्भ में राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को यह भी कहा था कि, अगर परिस्थितियां जटिल होती हैं, तो गिरफ्तार आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें NSA जैसे प्रावधान भी शामिल हो सकते हैं। कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक कदम मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह के देशद्रोह और राजद्रोह के मामलों को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से गंभीर है और ऐसे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते दुश्मनी वाले हैं, और देश के अंदर पाकिस्तान का समर्थन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।  

कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने सामूहिक विवाह की तैयारी करने अधिकारियों को दिए निर्देश

कवर्धा : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : 101 जोड़े बुधवार 30 अप्रैल को लेंगे सात फेरे उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े कार्यक्रम में शामिल होकर नव दम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने सामूहिक विवाह की तैयारी करने अधिकारियों को दिए निर्देश वीर सावरकर भवन के पास से निकलेगी दुल्हों की सामुहिक बारात, पूरानी मंडी के पास होगी बारात की परघौनी कवर्धा गांधी मैदान कवर्धा में 30 अप्रैल को राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कबीरधाम जिले के 101 नवदंप्त जोड़े विवाह के शुभ बंधन में बंधेगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिशेसर पटेल, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतिराम चंद्रवंशी, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी मुख्यअतिथि के तौर पर शामिल होंगे और नव दम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के हितग्राही वर और कन्या पक्ष तथा उनके निकटतम संबंधियों को उनके निवास स्थल से विवाह स्थल, कवर्धा में वर और वधु पक्ष को ठहराने के लिए बनाएं गए अलग-अलग व्यवस्था सहित विवाह की तैयारियों की पूरी विस्तार से समीक्षा की। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आनंद तिवारी ने बताया कि सुबह 08 बजे से गांधी मैदान में सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा। ततपश्चात 09 बजे वीर सावरकर भवन से दुल्हों की बारत गांधी मैदान के लिए प्रस्थान करेगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष कवर्धा श्रीमती सुषमा बघेल, बोड़ला श्रीमती बालका वर्मा, पडरिया श्रीमती नंदनी साहू, सहसपुर लोहारा श्रीमती दुर्गा सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट, श्रीमती सुमित्रा पटेल, डॉ. बीरेन्द्र साहू, श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री राजकुमार मेरावी, श्रीमती दीपा धुर्वे, श्री रोशन दुबे, श्रीमती राजकुमारी साहू, श्रीमती अन्नपूर्णा चंद्राकर, श्रीमती राजेश्वरी घृतलहरे, श्रीमती गंगा साहू, श्रीमती ललिता धुर्वे नव दम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे।

कवर्धा : कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने लू से बचने आवश्यक सावधानी बरतने की अपील जिलेवासियों से की

कवर्धा : कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने लू से बचने आवश्यक सावधानी बरतने की अपील जिलेवासियों से की भीषण गर्मी में लू से बचाव एवं उसके उपाय हेतु आवश्यक सुझाव ‘‘लू’’ में क्या करें और क्या ना करें कवर्धा ग्रीष्म ऋतु में तापमान में वृद्वि के चलते भीषण गर्मी पड़ने तथा नागरिकों को लू लगने की संभावना है, जिससे आम जन जीवन व स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिसे देखते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वार्म ने लू से बचने आवश्यक सावधानी बरतने की अपील जिलेवासियों से की है। राजस्व एवं आपदा प्रबंध विभाग द्वारा भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। लू के लक्षण – सिर में भारीपन और दर्द, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर  और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना, अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना, भूख न लगना व बेहोश होना आदि लक्षण शामिल है। लू से बचाव के उपाय- लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतः नमक की कमी हो जाना होता है। इसके लिए बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाये। धूप में निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध ले। पानी अधिक मात्रा में पिये। अधिक समय तक धूप में न रहे। गर्मी के दौरान मुलायम सूती कपड़े पहने ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ. आर. एस. घोल पिये। चक्कर, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें। शीतल पेय जल पिये, फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श ले। उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह ले। लू लगने पर किया जाने वाला प्रारंभिक उपचार – बुखार से पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगायें, कच्चे आम का पना, जलजीरा आदि, पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लेटायें, शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहें, पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जायें, आंगनबाड़ी मितानिन तथा ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. की पैकेट के लिए संपर्क करें। क्या करें – भीषण गर्मी में लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीये भले ही प्यास न लगे, मिर्गी या हृदय, गुर्दे या लीवर से संभावित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो या जिनको द्रव्य प्रतिधारण की समस्या है, उनको तरल सेवन बढ़ाने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहने। अपने आप को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस घोल, घर के बने पेय जैसे- लस्सी, नींबू का पानी, छाछ आदि का सेवन करें। क्या न करें- गर्मी के दौरान बाहर न जाएं। यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है, तो दिन के शीतलन घंटों के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटों के दौरान बाहर जाने से बचें विशेष रूप से दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे के बीच।नंगे पैर या बिना चेहरे को ढ़के और बिना सिर ढ़ककर बाहर न जाएं।’ व्यस्थतम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचें। खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय, पीने से बचें जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खानें से बचे, बासी खाना न खाएं। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाएं, घर पर रहें। अन्य सावधानियां- जितना हो सके घर के अंदर रहे, अपने घर को ठंडा रखें धूप से बचाव के लिए पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिडकियां खोलें। निचली मजिलों पर बने रहने का प्रयास करें।’ पंखो का उपयोग करें, कपड़ों को नम करे और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें। यदि आप बीमार महसूस करते है उच्च बुखार, लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, मतली या भटकाव, लगातार खासी, सांरा की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं जानवरों को छाया में रखे और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें।

इंदौर की 56 दुकान चौपाटी पर लगाए पाकिस्तान के विरोध में पोस्टर

इंदौर  कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के प्रति लोगों का आक्रोश और बढ़ता जा रहा है। इंदौर शहर में राजवाड़ा सहित तीन मुख्य मार्गों पर लोगों ने पाकिस्तान का झंडा बनाया और इसके साथ लिखा- आतंकवादी पाकिस्तान मुर्दाबाद। सड़क पर बना पाकिस्तान का झंडा लोग रौंदते हुए निकल रहे हैं। पिग्स एंड पाकिस्तानी नाट अलाउड… इसके पहले इंदौर की 56 दुकान चौपाटी पर पाकिस्तान के विरोध में यहां के व्यापारियों ने एक पोस्टर लगाया था। यह पोस्टर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसमें लिखा था- ‘पिग्स एंड पाकिस्तानी सिटीजंस नाट अलाउड एट 56 दुकान।’ पोस्टर में पाकिस्तानी सेना के जनरल की वर्दी पहना एक पिग भी बना था। हमले में इंदौर के सुशील नथानियल की हुई थी मौत पहलगाम में हुए हमले में इंदौर के सुशील नथानियल की मौत हो गई थी। वे अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। आतंकियों ने उन्हें पकड़कर कलमा पढ़ने को कहा, जब उन्होंने कहा कि मैं क्रिश्चियन हूं, तो सीने में गोली मार दी। घटना के दौरान उनकी पत्नी और बेटी वहीं मौजूद थी। आतंकियों द्वारा की गई फायरिंग में उनकी बेटी के पैर में गोली लगी।

NSS शिविर के दौरान 159हिन्दू छात्रों को नमाज़ पढ़ने के लिए मजबूर किया, 7 प्रोफेसरों और एक छात्र के खिलाफ एक्शन

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सात प्रोफेसरों और एक छात्र पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के दौरान 159 छात्रों को ईद पर नमाज़ पढ़ने के लिए मजबूर किया। विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि 31 मार्च को शिवतराई गांव में एक सप्ताह के एनएसएस शिविर के दौरान उनकी सहमति के बिना उनसे नमाज अदा करवाई गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उनके अनुसार एनएसएस शिविर 26 मार्च से 1 अप्रैल तक चला था। छात्रों का आरोप है कि शिविर में उनसे बिना पूछे नमाज करवाई गई। योगा का कहकर नमाज कोटा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि शिविर में छात्रों को योग जैसी कई गतिविधियां कराई जाती हैं। उस दिन ईद थी, इसलिए कुछ मुस्लिम छात्र स्कूल के मैदान में नमाज पढ़ रहे थे। आरोप है कि अन्य छात्रों को भी उनके साथ नमाज पढ़ने के लिए कहा गया। अधिकारी ने कहा कि समस्या यह थी कि प्रोफेसरों ने उन छात्रों की सहमति नहीं ली। सात लोगों पर मामला दर्ज शिकायत करने वाले छात्र कुछ दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों के साथ पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने एनएसएस समन्वयक सहित सात प्रोफेसरों और टीम के मुख्य नेता रहे एक छात्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कोटा पुलिस स्टेशन के प्रभारी सुमित कुमार ने कहा कि एफआईआर कोनी पुलिस ने दर्ज की थी और बाद में इसे कोटा पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया क्योंकि घटना यहां हुई थी। हमने जांच शुरू कर दी है। प्रोफेसर का कहना प्रोफेसरों और छात्र पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (बी), 197 (1) (बी) (सी), 299, 302, और 190 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और मीडिया सेल के प्रभारी एम एन त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें अभी तक FIR की कॉपी नहीं मिली है। पुलिस द्वारा आधिकारिक तौर पर सूचित किए जाने के बाद ही हम टिप्पणी कर पाएंगे।

रायगढ़ : रायगढ़ जिले के नवपदस्थ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने किया पदभार ग्रहण

रायगढ़ : रायगढ़ जिले के नवपदस्थ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने किया पदभार ग्रहण रायगढ़ जिले के 51 वें  कलेक्टर के रूप में किया पदभार ग्रहण रायगढ़ रायगढ़ जिले के नवपदस्थ  कलेक्टर  श्री  मयंक चतुर्वेदी ने आज कलेक्टोरेट में जिले के 51 वें  कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत  श्री  जितेन्द्र यादव, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर श्री रवि राही सहित जिले के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।              कलेक्टर  श्री  मयंक चतुर्वेदी भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2017 बैच के अधिकारी हैं। इसके पूर्व वे कलेक्टर दंतेवाड़ा, सीईओ जिला पंचायत धमतरी व नगर निगम आयुक्त रायपुर के पद पर पदस्थ  रहे हैं। पदभार ग्रहण करने के पश्चात कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कलेक्ट्रेट भवन का भ्रमण कर कार्यालयों का निरीक्षण किया।

गृह भेंट के माध्यम से जिले के बच्चों के पोषण व्यवहार में लाया जा रहा सुधार

दंतेवाड़ा महिला बाल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी अनुसार जिले में कुपोषण के मध्यम और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर प्रत्येक माह उनके घर जाकर पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है और पोषण व्यवहार में सकारात्मक बदलाव पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के मतानुसार 3 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अधिकतर कुपोषण के शिकार होते हैं, जबकि उनका अधिकांश समय घर पर ही बीतता है और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी परिवार की ही होती है। और बाल पोषण की जानकारी के अभाव में परिवारजन बच्चे की सही देखभाल नहीं कर पाते, जिससे बच्चा धीरे-धीरे कुपोषण का शिकार हो जाता है। इस क्रम में सेक्टर नकुलनार, अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षिकाओं द्वारा ग्राम पंचायत श्यामगिरी के घर-घर जाकर गृह भेंट के माध्यम से बच्चों के पालकों को बालकों के खान-पान से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इस दौरान ग्राम श्यामगिरी के ही 2 माह के आयुष नामक शिशु की माता मीना को गृह भेंट के दौरान समझाया गया कि बच्चे के छह माह तक केवल स्तनपान कराना चाहिए। इस अवधि में बच्चे की पानी की आवश्यकता भी माँ के दूध से पूरी हो जाती है, इसलिए अलग से पानी देने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही, बच्चे के सभी निर्धारित टीकाकरण समय पर कराना जरूरी है। मीना को यह भी सलाह दी गई कि वह अपने आहार में हरी साग-भाजी, मुनगा (सहजन) और मौसमी फल जैसी उपलब्ध पोषक चीजों को शामिल करें। सेक्टर नकुलनार में सुपोषण अभियान के तहत गर्भवती, धात्री महिलाओं और कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन गर्म भोजन भी प्रदान किया जा रहा है। इस संबंध में मीना ने बताया कि वह नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र जाकर भोजन ग्रहण कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि कुपोषण के खिलाफ जंग तभी सफल होगी जब माता-पिता और परिवारजन अपने पोषण व्यवहार में बदलाव लाएंगे। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, सभी सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित कर यह सुनिश्चित किया गया कि गृह भेंट के दौरान कुपोषित बच्चों को रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री की निर्धारित मात्रा वितरित करने के लिए परिवारों को प्रेरित किया जाए।

हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना अन्तर्गत 2 मई 2025 को प्रदेश में ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत पर उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रतिनिधि, लाड़ली बालिकाएं, उनके अभिभावक, लाड़ली क्लब की अध्यक्ष और सदस्य सक्रिय रूप से भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना मध्यप्रदेश सरकार की बेटियों के प्रति समर्पित सोच का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा। उन्होंने प्रत्येक जिला और निकाय स्तर पर कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं, जिससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और सशक्तिकरण का वातावरण तैयार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति साझा संकल्प है। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का संचालन स्वयं लाड़ली बालिकाओं द्वारा किया जाएगा। इसमें कन्या-पूजन, दीप प्रज्ज्वलन, लाड़ली बालिकाओं के प्रेरक उद्बोधन और ‘अपराजिता’ कार्यक्रम अन्तर्गत मार्शल आर्ट का प्रदर्शन जैसे विशेष कार्यक्रम शामिल है। इस उत्सव के जरिये जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली बालिकाओं तथा लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली पंचायतों का सम्मान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त “एक पेड़ लाड़ली लक्ष्मी के नाम” अभियान में जन-प्रतिनिधियों और बालिकाओं द्वारा पौध-रोपण भी किया जाएगा। साथ ही लाड़ली बालिकाओं को आश्वासन प्रमाण-पत्र वितरित किये जायेंगे। कार्यक्रम में लाड़ली क्लब की सदस्य बालिकाएं अपने अनुभव भी साझा करेंगी।  

सुशासन तिहार से ग्रामीणों ने विष्णु सरकार का किया आभार प्रकट

 रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार ने कोरिया जिले के ग्रामीणों और किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। बता दें 8 से 11 अप्रैल 2025 के बीच सुशासन तिहार के पहले चरण में समस्या, शिकायत व मांग से सम्बंधित आवेदन लिया गया था।  अब दूसरे चरण में प्राप्त इन आवेदनों का समाधान द्रुतगति से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण जनता ने सरकार की कार्यशैली पर भरोसा जताया है। ग्राम मेको के निवासियों श्री सूरज प्रसाद, श्री निकेश कुमार और दिनेश कुमार के आवेदन पर भी त्वरित कार्रवाई करते हुए किसान किताबें वितरित की गईं। पोड़ी बचरा तहसील के विभिन्न गांवों के किसानों को किसान पुस्तिका उपलब्ध कराई गई। ग्राम पंचायत तेंदुआ निवासी मानिकचंद द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती राजकुमारी के नाम पर खसरा नंबर 2081/1 को ऑनलाइन दर्ज किया गया। इसी प्रकार, चिरमी और उरूमदुगा गांव के श्री बुद्धू सिंह की भूमि का सीमांकन कर राजस्व रिकॉर्ड में सुधार किया गया।  प्रशासन द्वारा आवेदकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर कार्य की जानकारी दी गई। समाधान मिलने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि सुशासन तिहार से उन्हें वर्षों से लंबित समस्याओं से छुटकारा मिला है। सुशासन तिहार एक बार फिर साबित कर रहा है कि सरकार जनता के हित में तेजी से कार्य कर रही है और गांव-गांव तक सुशासन की रोशनी पहुंचा रही है।

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