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नागा चैतन्य संग तलाक को लेकर बोलीं सामंथा, आइटम सॉन्ग ना करने की मिली थी नसीहत

साउथ एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) फिल्मों के साथ ही अपनी निजी जिंदगी को लेकर काफी चर्चा में रही हैं। उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्मों में काम किया। उन्होंने ‘पुष्पा’ जैसी फिल्म में आइटम नंबर करके लाइमलाइट ही चुरा ली थी। लेकिन, क्या आपको पता है कि अभिनेत्री को आइटम नंबर ‘ऊ अंटावा’ करने से पहले नसीहत मिली थी कि वो इसे ना करें? उस समय उनके तलाक की चर्चा जोरों पर थी। इतना ही नहीं, उन्हें तलाक के बाद छुपकर भी रहने के लिए कहा गया था। चलिए बताते हैं इन सब बातों और नसीहतों के साथ शादी टूटने पर एक्ट्रेस का कैसा रिएक्शन था। दरअसल, सामंथा रुथ प्रभु आज 37 साल की हो गई हैं। उनका जन्म 28 अप्रैल, 1987 को हुआ था। उनका बचपन बेहद ही गरीबी में बीता था। उनके पिता जोसफ प्रभु तेलुगु तो मां निनेट प्रभु मलयाली हैं। सामंथा की परवरिश चेन्नई में हुई है। वो एक मिडिल क्लास फैमिली से आती हैं। आलम ये था कि 12वीं के बाद उन्हें पढ़ाने के लिए घरवालों के पास पैसे तक नहीं थे। इसके बाद उन्होंने खुद से ही मॉडलिंग करके अपना खर्च उठाया था। उन्होंने काफी बुरे दौर देखे हैं। खाने तक के पैसे नहीं होते थे। मॉडलिंग के बाद एक्ट्रेस ने फिल्मों में कदम रखा था। वो पहली बार रवि वर्मन की फिल्म ‘ये माया चेसावे’ में नजर आई थीं। सामंथा प्रोफेशनल लाइफ में सफल तो रही थीं लेकिन पर्सनल लाइफ में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। इन दिनों वो डायरेक्टर राज निदिमोरु के साथ डेटिंग की खबरों को लेकर सुर्खियों में हैं। ऐसे में उनके जन्मदिन के मौके पर आपको सामंथा की शादी, तलाक और आइटम नंबर पर लोगों की नसीहत और एक्ट्रेस की रिएक्शन के बारे में बता रहे हैं। सामंथा और नागा चैतन्य ने 2017 में ग्रैंड शादी की थी। उनकी शादी उस समय की सबसे महंगी और चर्चित शादियों में से एक रही है। लेकिन, इनका रिश्ता ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया था और अंत में चौथी सालगिरह से एक महीने पहले ही दोनों ने अलग होने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद सामंथा पर रिश्ता तोड़ने का और कई गंभीर आरोप लगे। इन सबके बीच सामंथा ने मिस मालिनी के साथ बात की थी, जिसमें बताया था कि कैसे करीबियों ने तलाक के समय उनका साथ छोड़ दिया था और उन्हें तलाक की वजह से सलाह दी थी कि वो ‘ऊ अंटावा’ आइटम सॉन्ग ना करें। तलाक के लिए भी दोषी अभिनेत्री को ही ठहराया था और घर में छिपकर रहने की सलाह दी थी। सामंथा ने बताया था कि जब उन्हें ‘ऊ अंटावा’ ऑफर हुआ था तो उस समय उनका तलाक होने वाला था। ऑफिशियल ऐलान के बाद एक्ट्रेस को करीबियों ने आइटम सॉन्ग ना करने की सलाह दी थी। यहां तक कि उनके सबसे करीबी दोस्तों ने भी बैकआउट कर लिया था, जो हमेशा साथ खड़े रहते थे, आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। शादी नहीं चली तो मेरा क्या कसूर?- सामंथा सामंथा ने आगे इसी बातचीत में शादी टूटने और इसका आरोप खुद पर लगने पर कहा था कि एक्ट्रेस ने सोचा था कि क्या उन्होंने कोई अपराध किया था? वो क्यों छिपकर रहें। सामंथा ने खुद माना कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया था। वो इस बात का इंतजार नहीं कर सकती थीं कि लोग उनसे नफरत करें, उन्हें ट्रोल करें और वो थक हारकर घर में बैठ जाएं। क्योंकि वो छिपने वालों में से खुद को नहीं मानती हैं। उनका मानना है कि शादी टूट गई तो उनका क्या कसूर है? उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। सामंथा टूटे रिश्ते को लेकर कहती हैं कि उन्होंने अपनी शादी को 100 प्रतिशत दिया है। उनका मानना है कि अब वो नहीं चली तो इसमें उनका कोई कसूर नहीं है। वो खुद को दोष देने से मना कर देती हैं और कहती हैं कि वो गिल्ट महसूस नहीं कर सकती थीं। आपको बता दें कि सामंथा रुथ प्रभु ने अक्टूबर 2017 में नागा चैतन्य से शादी की थी। करीब 4 साल के बाद दोनों ने 2021 में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अलग होने का ऐलान किया था। शादी से पहले दोनों ने एक-दूसरे को तीन साल तक डेट किया था। उन्होंने साथ में मनम’, ‘ये माया चेसावे’ और ‘ऑटोनगर सूर्या’ में साथ काम किया है। वहीं, सामंथा से अलग होने के बाद नागा चैतन्य ने शोभिता धूलिपाला से सगाई और शादी कर ली। तलाक के करीब 3 साल बाद दोनों ने शादी कर ली। सामंथा की कई साउथ फिल्में हिंदी में डब होकर आईं, जिनके कारण हिंदी पट्टी में भी सामंथा की फैन फाॅलोइंग बढ़ गई। जानिए, ऐसी ही कुछ साउथ की फिल्मों के बारे में, जिनमें सामंथा नजर आईं। ये सभी फिल्में हिंदी में अलग-अलग नामों से डब हुईं। ईगा (मक्खी ) साल 2021 में एसएस राजामौली ने ‘ईगा’ नाम से एक तेलुगू फिल्म बनाई। इस फैंटेसी एक्शन फिल्म में नानी हीरो के रोल में और किच्चा सुदीप विलेन बने थे। फिल्म की हीरोइन सामंथा थीं। फिल्म की कहानी एक व्यक्ति के मरने के बाद मक्खी बनकर विलेन से बदला लेने की रही। इस काम में हीरोइन यानी सामंथा, मक्खी यानी नानी के किरदार की मदद करती है। हिंदी भाषी दर्शकों ने भी सामंथा को फिल्म ‘मक्खी’ में काफी पसंद किया। 24 (टाइम स्टोरी) साल 2016 में एक तमिल फिल्म ‘24’ में सामंथा ने सूर्या के साथ अभिनय किया। फिल्म को विक्रम कुमार ने निर्देशित किया था। यह एक साइंस फिक्शन बेस्ड एक्शन फिल्म थी। फिल्म में टाइम ट्रैवल, विलेन से बदला लेने के अलावा एक लव स्टोरी भी चलती है। फिल्म में सूर्या की लव इंट्रेस्ट सत्या का रोल सामंथा ने निभाया था। वह टाइम ट्रैवल की जर्नी में सूर्या के किरदार की मदद करती है।   महानटी फिल्म ‘महानटी(2018)’ में लीड रोल कीर्ति सुरेश ने किया था। यह फिल्म एक दक्षिण भारतीय एक्ट्रेस सावित्री की कहानी थी। इस महिला केंद्रित फिल्म में सामंथा ने एक पत्रकार का रोल किया, जो सावित्री की कहानी को दुनिया के सामने लाती है। इस फिल्म को नाग अश्विन ने निर्देशित किया था। थेरी विजय थलापति … Read more

राहुल ने इस दौरान अपने खेल में थोड़ा बदलाव करते हुए बेहतर स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं, केविन पीटरसन ने दिया सुझा

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स के मेंटॉर केविन पीटरसन का मानना है कि केएल राहुल अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप में भारत के लिए चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने के साथ विकेटकीपिंग करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में राहुल की बल्लेबाजी को लेकर पिछले कुछ समय से सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौजूदा सत्र में वह दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। राहुल ने इस दौरान अपने खेल में थोड़ा बदलाव करते हुए बेहतर स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। नेशनल टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज के स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इसमें चयनकर्ताओं के पास राहुल के अलावा ऋषभ पंत, संजू सैमसन, ध्रुव जुरेल और ईशान किशन जैसे मजबूत विकल्प हैं। राहुल 2022 विश्व कप के बाद से भारत की टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन पीटरसन का मानना है कि उन्होंने शानदार बल्लेबाजी से अपनी वापसी का मंच तैयार किया है। वह विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हैं। पीटरसन ने कहा, ‘‘मैं टी20 क्रिकेट में भारत के लिए केएल (राहुल) को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करवाऊंगा। मुझे लगता है कि आपके पास बहुत सारे सलामी बल्लेबाज हैं।’’ इंग्लैंड के इस पूर्व दिग्गज ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स को मिली शिकस्त के बाद कहा, ‘‘राहुल जिस तरह से अब क्रिकेट खेल रहे हैं, वह चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने और भारत के लिए विकेटकीपिंग करने के लिए मेरी पहली पसंद होंगे।’’ केएल राहुल ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के अलावा वनडे क्रिकेट में भारत के लिए अपने हालिया प्रदर्शन से पीटरसन को काफी प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल ने पिछले साल के मध्य से लेकर आखिर तक बहुत सकारात्मक तरीके से खेला है। हमने देखा कि कैसे उसने भारत को कुछ मैच जिताए हैं और दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैंने बल्लेबाजी के बारे में उसके साथ बहुत सारी शानदार बातचीत की है, बहुत गंभीर और सार्थक बातचीत की है क्योंकि जब आप एक युवा खिलाड़ी के रूप में बड़े होते हैं, तो आपको डिफेंस, कोहनी ऊपर उठाना, वी में खेलना सिखाया जाता है।’’ अपने समय में आक्रामक बल्लेबाजी से गेंदबाजों में खौफ पैदा करने वाले पीटरसन ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी 30 साल के करीब पहुंच जाता है तो उसके लिए रवैये में बदलाव करना कठिन होता है। उन्होंने कहा, ‘‘आपको बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए हर प्रारूप के मुताबिक अपने खेल को लगातार विकसित करना होता है। एक उम्र पर पहुंचने के बाद यह बहुत मुश्किल है लेकिन राहुल ने खुद को बदला है।’’ अगला टी20 विश्व कप भारत और श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा। पिछले आईपीएल में 250 के आसपास का स्कोर आम बात थी, लेकिन पिचों की धीमी प्रकृति ने इस सत्र में बल्लेबाजी को मुश्किल बना दिया है। पीटरसन को इससे कोई परेशानी नहीं है। पीटरसन ने कहा, ‘‘इस तरह की पिचों (फिरोज शाह कोटला के विकेट) पर आपको समय देना होता है। आपको लय हासिल करनी पड़ती है। विराट (कोहली) ने आज शाम लय हासिल की। केएल ने लय हासिल की। और मुझे लगता है कि यहीं पर आपकी असली बल्लेबाज की परीक्षा होती है। असली बल्लेबाजी वही है जो क्रीज पर आकर परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढाल सके और सहज दिखे। टी20 क्रिकेट में कभी-कभी ऐसी पिच होना कोई बुरी बात नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि आईपीएल जैसी लीग से युवा खिलाड़ियों को काफी मदद मिल रही है।पीटरसन खुद भी आईपीएल में खेल चुके हैं और हाल ही में कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहे हैं। वह इस सत्र में दिल्ली कैपिटल्स के स्पोर्ट स्टाफ के सदस्य के रूप में डगआउट में वापस आ गए हैं। इस 44 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी ने टीम में अपनी भूमिका के बारे में कहा, ‘‘जब मैं फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेल रहा था, तो मुझे हमेशा पता था कि कोई भी कोच आपको चार से छह सप्ताह या आठ सप्ताह की अवधि में नहीं बदल सकता है।’’ हालांकि, उन्होंने युवा विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरेल का उदाहरण देते हुए कहा कि लीग के दौरान लाये गये बदलाव पर काम कर के खेल में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘ कल रात मैं किसी चीज पर काम कर रहा था। हम टूर्नामेंट में पांच सप्ताह बिता चुके हैं। हमारे पास टूर्नामेंट के सिर्फ तीन या चार सप्ताह बचे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने अभिषेक से कहा, ‘ हो सकता है कि यह तुरंत तुम्हारे लिए काम नहीं करे लेकिन अगर तुम इसे जारी रखोगे तो अगले महीने, दो महीने, तीन महीने, चार महीने में, मैं तुमसे वादा करता हूं कि यह तुम्हारे खेल में मदद करेगा। और यह तुम्हें एक ऐसे स्तर पर ले जाएगा जहां तुम ज्यादा आक्रामक बल्लेबाज बन सकोगे’।’’

प्रदेश में एक साथ इंदौर, भोपाल, जबलपुर में ED के छापे, 100 करोड़ के घोटाले की आशंका

इंदौर / भोपाल मध्यप्रदेश में 71 करोड़ रुपये के आबकारी फर्जी बैंक चालान घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह बड़ी कार्रवाई की। ED की 18 टीमों ने इंदौर, भोपाल और जबलपुर में आबकारी अधिकारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले की राशि 72 से 100 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। यह घोटाला शराब कारोबारियों और आबकारी अधिकारियों के गठजोड़ से फर्जी चालानों के जरिए किया गया। शिकायतकर्ता राजेंद्र गुप्ता ने ईडू को साक्ष्य और बयान दिए। 6 मई को ईडी ने प्राथमिकी दर्ज की और आबकारी आयुक्त से 5 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। हालांकि भेजी गई जानकारी को ED ने अधूरी बताकर दोबारा पूरी जानकारी मांगी। इंदौर जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में साल 2015 से 2018 के बीच सरकारी गोदाम से शराब लेने के लिए इस्तेमाल हुए 194 बैंक चालानों में गड़बड़ी सामने आई थी, जिसमें हजारों के बैंक चालानों को लाखों रुपए का बनाकर गोदामों से उतनी शराब उठाकर ठेकेदारों ने अपनी सरकारी शराब दुकान से बेच दी थी। इसी मामले में ईडी को शिकायत की गई थी, जिसके बाद ईडी ने इस मामले की जांच 2024 में शुरू कर दी थी। इनके ठिकानों पर पड़े छापे शराब ठेकेदार एमजी रोड समूह के अविनाश और विजय श्रीवास्तव, जीपीओ चौराहा समूह के राकेश जायसवाल, तोपखाना समूह के योगेंद्र जायसवाल, बायपास चौराहा देवगुराड़िया समूह राहुल चौकसे, गवली पलासिया समूह सूर्यप्रकाश अरोरा, गोपाल शिवहरे, लवकुश और प्रदीप जायसवाल के ठिकानों पर छापे पड़े हैं। ईडी ने 2024 में लिखा पत्र इस मामले में इंदौर के रावजी पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर 172/2017 दर्ज की गई थी। ईडी ने आबकारी विभाग द्वारा की गई आंतरिक जांच के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के संबंध में विवरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। इस पत्र में लिखा गया है कि शराब ठेकेदारों से वसूली गई राशि, यदि कोई हो तो उसका विवरण उपलब्ध कराएं। इसके अलावा शराब ठेकेदारों के बैंक खाते का विवरण भी उपलब्ध कराने और जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी देने को कहा है, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा, उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध अगर कोई जांच हुई है, तो उसकी आंतरिक जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इस मामले में यह हुई थी कार्रवाई जिला आबकारी कार्यालय इंदौर सहित अन्य जिला आबकारी कार्यालयों में सामने आए इस 42 करोड़ के घोटाले को लेकर 12 अगस्त 2017 को रावजी बाजार पुलिस ने ठेकेदारों सहित 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया था। आरोप है कि आबकारी विभाग में इसके पहले तीन साल से फर्जी चालान जमा किए जा रहे थे। आबकारी विभाग के अफसरों को हर 15 दिन में चालान को क्रॉस चेक करना (तौजी मिलान) होना था, लेकिन उन्होंने तीन साल तक ऐसा नहीं किया। इसकी वजह से उनकी साठगांठ साफ नजर आ रही थी। जिस वक्त यह शराब घोटाला हुआ था, उस वक्त जिला आबकारी कार्यालय में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर संजीव दुबे नियुक्त थे। यही वजह रही कि आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त संजीव कुमार दुबे सहित छह अफसरों को निलंबित कर दिया था। निलंबित अधिकारियों में लसूड़िया आबकारी वेयरहाउस के प्रभारी डीएस सिसोदिया, महू वेयर हाउस के प्रभारी सुखनंदन पाठक, सब इंस्पेक्टर कौशल्या सबवानी, हेड क्लर्क धनराज सिंह परमार और अनमोल गुप्ता के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा 20 अन्य अधिकारियों के तबादले भी किए थे, जिनमें उपायुक्त विनोद रघुवंशी का नाम भी शामिल था। चालानों की जांच के बाद भी नतीजा शून्य शराब घोटाले कि जांच में 11 ऑडिटरों ने एक-एक चालान की जांच की थी। घोटाले के समय से पहले के तीन सालों में इंदौर में शराब दुकानें 2015 में 556 करोड़ में, 2016 में 609 करोड़ में और 2017 में 683 करोड़ में नीलाम हुई थीं। इस तरह 1700 करोड़ के शराब के चालानों की जांच की गई, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। इन लोगों को बनाया गया था आरोपी शराब ठेकेदार एमजी रोड समूह के अविनाश और विजय श्रीवास्तव, जीपीओ चौराहा समूह के राकेश जायसवाल, तोप खाना समूह योगेंद्र जायसवाल, बायपास चौराहा देवगुराड़िया समूह राहुल चौकसे, गवली पलासिया समूह सूर्यप्रकाश अरोरा, गोपाल शिवहरे, लवकुश और प्रदीप जायसवाल। क्या है मामला जांच में सामने आया कि शराब कारोबारियों ने बैंक में मात्र 10 हजार रुपये जमा कराए और षड्यंत्रपूर्वक चालानों में इसे 10 लाख रुपये दिखाकर वेयरहाउस से देसी व विदेशी शराब उठा ली। इस गड़बड़ी से कारोबारियों को भारी मुनाफा हुआ, जबकि सरकार को 1% इनकम टैक्स और 8% परिवहन शुल्क का करीब 97.97 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कुल 194 फर्जी चालानों के जरिए यह घोटाला अंजाम दिया गया। आबकारी आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी गड़बड़ी 2015 से 2018 के बीच इंदौर जिले में हुई। जांच में सामने आया कि इंदौर में कूटरचित चालानों के जरिए शासन को 42 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि इस घोटाले में आबकारी अधिकारियों की ठेकेदारों के साथ संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, सरकार ने आईएएस स्नेहलता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक विभागीय जांच समिति भी बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी। अब इस मामले में आज ED की टीम ने इंदौर के साथ-साथ भोपाल और जबलपुर में भी आरोपियों के ठिकानों पर रेड की है।

इंदौर अहमदाबाद हाईवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा, 4 की मौत

धार धार के इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर सोमवार सुबह करीब 6 बजे स्विफ्ट कार पीछे से अज्ञात वाहन में जा घुसी। कार सवार चार युवकों की मौके पर मौत हो गई। युवक झाबुआ से शादी समारोह में धार जाने के लिए निकले थे। रास्ते में ये हादसा तिरला थाना क्षेत्र के ग्राम बलगांवडी स्थित प्रिंस होटल के पास हुआ। कार नंबर MP-45ZA-2571 में सवार युवक रविवार रात करीब 10 बजे झाबुआ से निकले थे। धार के रास्ते पर उनकी कार की किसी भारी वाहन से टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। एयरबैग खुलने के बाद नहीं बची जान हादसे के बाद कार के एयरबैग खुल गए थे, लेकिन इसके बाद भी कोई जिंदा नहीं बच पाया। टक्कर इतनी तेज थी कि पिछली सीट पर बैठा एक युवक गाड़ी के सामने वाले शीशे (फ्रंट ग्लास) में फंस गया। ग्रामीणों की मदद से निकाले गए चारों शव सूचना मिलते ही तिरला पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद चारों शवों को कार से बाहर निकाला गया। पोस्टमॉर्टम के लिए सभी शव धार जिला अस्पताल भिजवाए गए हैं। मृतकों की पहचान प्रकाश पिता नाथु निवासी रतलाम, राजा पिता कालू सिंह निवासी झाबुआ, राहुल पिता दयाराम निवासी फुलगांवडी और एक अन्य युवक के रूप में हुई है। सीएसपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि कार पीछे से किसी अज्ञात वाहन से टकराई है, जांच की जा रही है।

रेल संरक्षा में तकनीकी सशक्तिकरण: USFD तकनीक से ट्रैक की गहराई तक सुरक्षा सुनिश्चित

भोपाल भोपाल मंडल में रेल पटरियों की आंतरिक संरचना की सूक्ष्म जांच के लिए अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (USFD) तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। यह नवीनतम तकनीक रेल की पटरियों में समय के साथ उत्पन्न होने वाले आंतरिक दोषों को प्रारंभिक अवस्था में ही चिन्हित कर लेती है, जिससे आवश्यक अनुरक्षण कार्य समय पर पूरा किया जा सके और यात्री व मालगाड़ियों का परिचालन पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित रह सके। भोपाल मंडल में वर्तमान में लगभग 2000 किलोमीटर ट्रैक की नियमित रूप से USFD मशीनों द्वारा जांच की जा रही है। इस जांच की आवृत्ति ट्रेनों के आवागमन के घनत्व (GMT) पर आधारित होती है और मंडल के विभिन्न सेक्शनों में प्रत्येक दो से चार माह में ट्रैक की जाँच की जाती है। मंडल में वर्तमान में कुल 08 USFD टीमों का गठन किया गया है, जिनमें 15 प्रशिक्षित इंजीनियर कार्यरत हैं। ये सभी इंजीनियर बी-स्कैन USFD मशीनों से लैस हैं, जो ट्रैक की आंतरिक स्थिति को डिजिटल रूप में दर्ज कर तुरंत विश्लेषण की सुविधा प्रदान करती हैं। वेल्ड की सटीक जांच हेतु सभी टीमों को डिजिटल वेल्ड टेस्टर भी प्रदान किए गए हैं, जिससे वेल्डिंग खामियों का सटीकता से पता लगाया जा सके। ट्रैक जांच के दौरान संपूर्ण कार्य का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, जिसे विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। वर्ष 2024-25 में मंडल के स्तर पर 10,000 किलोमीटर ट्रैक, 34,000 वेल्ड, 4704 टर्नआउट और 4498 स्वीच एक्सपेंशन जॉइंट्स की सूक्ष्मता से जांच की गई। इस जांच के दौरान 861 फ्लॉ चिन्हित किए गए, जिनकी तत्काल मरम्मत कर दी गई, जिससे ट्रेनों के संचालन में कोई व्यवधान न आए और संरक्षा मानकों का पूर्ण पालन हो सके। भोपाल मंडल के USFD इंजीनियरों को समय-समय पर आरडीएसओ लखनऊ एवं इरिसेन पुणे जैसे संस्थानों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण हेतु भेजा जाता है, ताकि वे नवीनतम तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य कर सकें और संरक्षा में निरंतर सुधार किया जा सके। USFD तकनीक आज भारतीय रेलवे की संरक्षा प्रणाली का एक अविभाज्य अंग बन चुकी है। यह न केवल ट्रैक की विश्वसनीयता और स्थायित्व को सुनिश्चित करती है, बल्कि समय रहते खतरों की पहचान कर संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में भी सहायक सिद्ध हो रही है। भोपाल मंडल इस तकनीक के कुशल क्रियान्वयन से ट्रेनों के संरक्षित संचालन की दिशा में लगातार सफलताएं अर्जित कर रहा है।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इटौरा में भेड़ौरा नदी तथा उसके घाटों की साफ-सफाई की गई

भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में स्वयं सेवी कार्यकर्ता और प्रशासनिक अमला संगठित होकर पानी बचाने के कार्य में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे है। राज्य के जिलों में इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे है। अभियान में प्राचीन धरोहर के तालाबों और बावड़ियों के संरक्षण का कार्य पूरे उत्साह के साथ किया जा रहा है। भेड़ौरा नदी के पुनर्जीवन के लिए उठे सैकड़ों हाथ रीवा जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इटौरा में भेड़ौरा नदी तथा उसके घाटों की साफ-सफाई की गई। सीईओ जिला पंचायत तथा उपस्थित श्रमदानी नागरिकों ने नदी में उतर कर घाटों की सफाई की।  जन संवाद में बताया गया कि जल के सभी स्त्रोत जीवन सभ्यता के लिए अनिवार्य है। इनका संरक्षण करना समाज की जिम्मेदारी है। अभियान में नदियों, तालाबों, बावड़ियों, पोखरों व अन्य जल संरचनाओं का संरक्षण व संवर्धन किया जा रहा है। जल विरासतों को सहजने का अभियान राजगढ़ जिले की राजमहल एवं पुरानी बावड़ी अपने समृद्ध इतिहास को बयां करती हैं। जल संवर्धन अभियान अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा इन ऐतिहासिक बावड़ियों की साफ-सफाई कर इनके जीर्णोद्धार का कार्य हाथ में लिया गया है। जीर्णोद्धार के बाद ये बावड़ियां अपने समृद्ध इतिहास की जीवंत तस्वीर बन सकेंगी। जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। राज्य पुरातत्व विभाग से सूचीकृत मोरपीपली की बावड़ी, माचलपुर की चोर बावड़ी, हाडीरानी की बावड़ी एवं सेमली जागीर की बावड़ी इसके अलावा नरसिंहगढ स्थित उम्मेदा बाई की बावड़ी एवं छतरी सहित राजगढ़ के राजमहल स्थित बावडी के जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले के नगरीय क्षेत्रों में जल संवर्धन अभियान अंतर्गत प्याऊ की स्थापना भी की जा रही है। इसमें प्रत्येक नगरीय क्षेत्र के हर वार्ड में एवं सार्वजनिक स्थानों पर 300 प्याऊ स्थापित करने का कार्यक्रम है। नदियों के कटाव को रोकने के लिए नगरीय क्षेत्रों में 5 एकड़ में हरित क्षेत्र भी जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत तैयार किया जा रहा हैं। जिले में नगरीय क्षेत्रों में शासकीय एवं बड़े भवनों की रैन वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के सुधार का कार्य भी हाथ में लिया गया है, ताकि बरसात के सीजन में इन संरचनाओं से भूमिगत जल स्तर में वृद्धि हो सके। आमजन में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिए सभी नगरीय क्षेत्रों में नल कनेक्शनों में आवश्यक रूप से टोंटी लगाने का कार्य भी अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में बाग-बगीचों का भी उन्नयन किया जा रहा है। यह बाग-बगीचे नगरीय वन के रूप में विकसित किये जाएंगे। राजगढ़ जिले में 734 कूपों पर काम शुरू कर दिया गया है। विभाग द्वारा जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया गया। इसी क्रम में भारत सरकार के MY Bharat पोर्टल में जिले के कुल 90911 युवाओं का रजिस्ट्रेशन Youth Volunteer for Bharat में कराया गया। पोर्टल पर फोटोग्राफ अपलोड किये। जिले में कुल 68 नवीन तालाब का स्थल चयन कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है| राजगढ़ जिले में 140 ग्राम पंचायतों में प्रभात फेरियां, जागरूकता रैली, ग्राम सभाएं एवं चौपाल तथा नुक्कड नाटकों का आयेाजन किया जा चुका है। इसी तरह जन सहभागिता से 64 ग्राम पंचायतों में 04 बोरी बंधान/चैक डेम, 43 सोख्ता गडडों तथा 62 अन्य जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही 158 ग्राम पंचायतों में नदियों, तालाबों एवं कुआ बावडि़यों की साफ-सफाई का कार्य किया गया है। कदवाल नदी पर किया गया श्रमदान श्योपुर जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जल गंगा सवंर्धन अभियान चलाया जा रहा है। कदवाल नदी गुप्तेश्वर महादेव मंदिर घाट पर स्वच्छता श्रमदान किया गया और नदी के गहरीकरण कार्य की शुरूआत की गई। इसी के साथ 30 लाख रूपये लागत की बाउन्ड्री वॉल निर्माण कार्य के लिए भूमि-पूजन किया गया। नगरपालिका परिषद श्योपुर एवं ग्राम पंचायत बगवाज के तत्वाधान में गुप्तेश्वर महादेव मंदिर कदवाल नदी पर आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गुप्तेश्वर मंदिर के घाट पर साफ-सफाई की गई। सुंदरदादर घाट मे 180 बोरियो का बोरी बंधान किया गया उमरिया जिले में अपनी मिट्टी अपना जल को संरक्षित करने हेतु जन सहयोग के माध्यम से बोरी बंधान के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। सुंदरदादर के आमा घाट मे 180 बोरियो का बोरी बंधान किया गया। ताप्ती नदी पर चलाया स्वच्छता अभियान बैतूल जिले में  जल गंगा संवर्धन अभियान में लगातार गतिविधियाँ जारी है। वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाना होगा। चुनौती नहीं,बल्कि हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। ताप्ती नदी के घाटों की सफाई की गई तथा जल में फैली गंदगी,प्लास्टिक की बोतलें, कपड़ें, पन्नियां, थर्माकोल इत्यादि को समेट कर उचित निस्तारण किया गया। कार्यक्रम में मानव श्रृंखला बनाकर जल संरक्षण का संकल्प लिया गया।

कूनों नेशनल पार्क में आए नन्हें मेहमान, चीता निर्वा ने दिया 5 शावकों को जन्म, सीएम डॉ मोहन यादव ने दी बधाई

  ग्वालियर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर खुशखबरी आई है। मादा चीता निर्वा ने पांच नन्हें शावकों को जन्म दिया है। जिसके बाद कूनो में अब चीतों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर खुशखबरी आई है। मादा चीता निर्वा ने पांच नन्हें शावकों को जन्म दिया है। जिसके बाद कूनो में अब चीतों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। सीएम डॉ मोहन यादव ने इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने नन्हें शावकों की तस्वीर भी शेयर की है। सीएम ने शेयर की खुशखबरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर इस खुशखबरी को साझा किया। उन्होंने कूनो नेशनल पार्क की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह भारत के जैव विविधता संरक्षण प्रयासों की सफलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रकृति संरक्षण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।मध्य प्रदेश के मुखिया CM डॉक्टर मोहन यादव ने भी देशवासियों के साथ यह खुशी साझा की. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर वीडियो पोस्ट करते हुए प्रदेश की जनता को बधाई दी और साथ ही लिखा कि “कूनो में नए मेहमानों का स्वागत है…अत्यंत प्रसन्नता है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है. हाल ही में 5 वर्षीय नीरवा ने 5 शावकों को जन्म दिया है. इन नन्हे शावकों का आगमन चीता प्रोजेक्ट की सफलता और भारत की समृद्ध जैव-विविधता का प्रतीक है. प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी के मार्गदर्शन में वन्यजीव संरक्षण के लिए बनाया गया अनुकूल वातावरण आज समृद्ध हो रहा है. कूनो नेशनल पार्क की पूरी टीम, वन्यजीव विशेषज्ञों और संरक्षण में जुटे हर कर्मठ साथी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई.” निर्वा दूसरी बार मां बनी चीता निर्वा ने इससे पहले 25 नवंबर 2024 को दो शावकों को जन्म दिया था, उनके शव क्षत विक्षत हालत में मिले थे। निर्वा अब दूसरी बार मां बनी है। कूनो में इससे पहले ज्वाला 5, आशा 3, गामिनी 4 और वीरा चीता दो 2 शावकों को जन्म दे चुकी है। दो चीते गांधी सागर अभयारण्य भेजे गए इसमें से एक शावक मुखी दो साल की तो कई शावक सवा साल तक के हो चुके हैं। कूनो में चीतों की संख्या 12 थी, जिनमें से दो चीते प्रभाष और पावक गांधी सागर अभयारण्य भेज दिए गए हैं। सात साल की हो चुकी निर्वा चीता दक्षिण अफ्रीका के मेपस रिजर्व से लाई गई थी। भारत में सबसे ज्यादा शावकों की मां बनी नीरवा बता दें कि, भारत की धरती पर जन्में जीवित शावकों की संख्या अब 19 हो चुकी है. हालांकि मादा चीता नीरवा इससे पहले 22 नवंबर 2024 को भी मां बन चुकी है उसने तब 4 शावकों को जन्म दिया था. लेकिन 5 दिन बाद उसके 2 शावकों के शव मिले थे. अब 5 और चीता शावक के जन्म के साथ कूनो में नीरवा के 7 चीता शावक जीवित हैं. 17 सितंबर, 2022 को भारत आए थे चीते 17 सितंबर, 2022 को अफ्रीका के नामीबिया से 8 चीते भारत आए थे. उन्हें मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया था. फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कुनो लाए गए. इन पांच शावकों के जन्म से पहले, पार्क में 24 चीते थे, जिनमें 14 भारत में जन्मे शावक थे. इनमें से दो चीतो को अब गांधी सागर अभ्यारण्य में स्थानांतरित कर दिया गया है. कूनो नेशनल पार्क में चीता परियोजना के तहत अफ्रीकी देशों से लाए गए चीतों के प्राकृतिक वातावरण में सफल प्रजनन को वन विभाग और विशेषज्ञों की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया जा रहा है. हाल ही में कूनो से 2 चीते मंदसौर के गांधीसागर अभ्यारण्य में शिफ्ट किए गए थे, जिससे पार्क में चीतों की संख्या 24 रह गई थी. लेकिन अब नीरवा के पांच शावकों के आगमन से यह आंकड़ा फिर से 29 पर पहुंच गया है. भारत में कुल चीतों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है.

आईपीएल में नंबर वन फिनिशर कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं, बल्कि विदेशी खिलाड़ी है, जो स्पिनरों की कमर तोड़ता है

नई दिल्ली IPL में जब फिनिशर का नाम सामने आता है तो आपके दिमाग में एमएस धोनी, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ियों की छवि बनती है, लेकिन असल में पिछले कुछ समय से आईपीएल में नंबर वन फिनिशर कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं, बल्कि विदेशी खिलाड़ी है, जो स्पिनरों की कमर तोड़ता है, तेज गेंदबाजों के परखच्चे उड़ाता है, ऑफ साइड में दमदार ड्राइव लगाता है और ऑन साइड में लंबे-लंबे छक्के लगाता है। ये खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि ट्रिस्टन स्टब्स हैं, जो इस समय दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे हैं। आईपीएल के मौजूदा आंकड़ों और पिछले साल से अब तक के आंकड़ों को देखा जाए तो ट्रिस्टन स्टब्स आईपीएल में बेस्ट फिनिशर हैं। रन बनाने की बात हो, स्ट्राइक रेट की बात हो, डॉट बॉल कम खेलने की बात हो या फिर चौके-छक्के लगाने की बात हो, ट्रिस्टन स्टब्स कहर बरपा रहे हैं। हेनरिक क्लासेन भी लिस्ट में हैं, लेकिन वे स्टब्स से दूर हैं। दिनेश कार्तिक, श्रेयस अय्यर और लियाम लिविंगस्टोन भी लिस्ट का हिस्सा हैं, लेकिन ट्रिस्टन स्टब्स की बात अलग है। आईपीएल 2024 में स्टब्स ने 13 पारियों में बल्लेबाजी की और उनका औसत 54 का रहा। वे 378 रन बनाने में सफल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 190.90 का था। 32 बार दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजों ने आईपीएल में 350 रनों का मार्क क्रॉस किया, लेकिन किसी भी बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट इतना नहीं था। यहां तक कि ट्रिस्टन स्टब्स ने 61 फीसदी रन पारी के आखिरी ओवरों में बनाए हैं। आईपीएल 2024 से आईपीएल 2025 के 45वें गेम तक सिर्फ टिम डेविड ने 25 छक्के लगाए हैं, जो ट्रिस्टन स्टब्स से एक हिट ज्यादा है। उन्होंने 24 छक्के लगाए हैं। आईपीएल 2024 के बाद से जिस बल्लेबाज ने 16 से 20 ओवर में 50 से ज्यादा गेंद खेली हैं। उन बल्लेबाजों में ट्रिस्टन स्टब्स टॉप पर हैं। वे 363 रन बना चुके हैं और सिर्फ 147 गेंदों का सामना उन्होंने किया है। औसत उनका 121 का है और स्ट्राइक रेट 246.93 का है। उनका डॉट बॉल पर्सेंटेज महज 11.5 का है। वे 32 चौके और 24 छक्के इस दौरान जड़ने में सफल रहे हैं। दूसरे नंबर पर हेनरिक क्लासेन हैं। उन्होंने इस अवधि में 292 रन 136 गेंदों में बनाए हैं, लेकिन वे 8 बार आउट भी हुए हैं, जबकि स्टब्स सिर्फ 3 बार आउट हुए हैं। उनका औसत 36.5 का है और स्ट्राइक रेट 214.7 का है। डॉट बॉल पर्सेंटेज 22.7 है। वे 21 चौके और 21 छक्के लगा चुके हैं। तीसरे नंबर पर दिनेश कार्तिक हैं, लेकिन वे रिटायर हो चुके हैं। इतना ही नहीं, आईपीएल 2021 के बाद से जिस बल्लेबाज ने 16 से 20 ओवर में टी20 क्रिकेट में कम से कम 500 गेंदों का सामना किया है। उनमें बेस्ट स्ट्राइक रेट ट्रिस्टन स्टब्स का ही है। वे 198.55 के स्ट्राइक रेट से 1370 रन बनाने में सफल रहे हैं। निकोलस पूरन का स्ट्राइक रेट 196.52 का है और हेनरिक क्लासेन का स्ट्राइक रेट 194.13 का है। लियाम लिविंगस्टोन ने 194.06 और रिंकू सिंह ने 192.53 के स्ट्राइक रेट से इस अवधि में रन बनाए हैं।

खरगोन : कथास्थल की सफाई के लिए जा रहे थे कर्मचारी, हादसे का शिकार, एक की मौत

खरगोन खरगोन शहर के टेमला रोड पर नगर पालिका सफाई कर्मचारी से भरा वाहन पलटा। इसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई और 12 घायल हो गए हैं। सभी कर्मचारी खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार के गृहग्राम टेमला में कथास्थल की सफाई करने जा रहे थे। जानकारी के अनुसार सोमवार को सुबह 9.15 बजे टेमला रोड पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में 26 वर्षीय राजेश पुत्र राजू निवासी मुगल बड़ा रहीमपूरा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 कर्मचारी घायल बताए हुए हैं। चालक भी बुरी तरह से घायल हुआ हैं। सफाई करने जा रहे थे सफाई कर्मचारी संघ के संजय करोसिया ने बताया कि सभी कर्मचारी मल्टी में सफाई करने गए थे। उसके बाद खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार के ग्राम टेमला में 5 मई से आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा की तैयारियों में सफाई करने जा रहे थे। वाहन अनियंत्रित होने से हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों के परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। प्रशासन और पुलिस बल मौके पर मौजूद है, घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। 10 साल पहले भी तीन मजदूरी की मौत हुई थी विधायक बालकृष्ण पाटीदार की जीनिंग परिसर में बंगला निर्माण हुआ था उस दौरान गुजरात से टाइल्स बुलाई थी। टाइल्स खाली करने में तीन मजदूर दब गए थे। उनकी मौत हो गई थीं।

राफेल एम जेट आईएनएस विक्रांत से संचालित होंगे और मौजूदा मिग-29के बेड़े का सहयोग करेंगे, भारत आज करेगा फ्रांस से बड़ी डील

नई दिल्ली भारत और फ्रांस 28 अप्रैल 2025 यानी आज 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील करेगा. यह समझौता भारतीय नौसेना के लिए होगा. इस समझौते की कीमत करीब 63,000 करोड़ रुपये है. इसमें 22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट विमान शामिल होंगे. पाकिस्तान को करारा झटका लगने वाला है. पाकिस्तान समंदर में भी चोट खाएगा. क्योंकि ये जेट आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात किए जाएंगे. 1971 की जंग में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी थी. इस जेट के आने से इंडियन नेवी और ताकतवर हो जाएगी.   दक्षिण एशिया में भारत-चीन के पास ही एयरक्राफ्ट कैरियर भारत और चीन के अलावा किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तीन तरह के मल्टीरोल फाइटर जेट तैनात हैं. पहला J-10, दूसरा J-15 और तीसरा Sukhoi-30. पाकिस्तान के पास जो फाइटर जेट्स हैं, उनमें से ज्यादातर चीन के ही हैं. अब हम आपको तीनों के साथ Rafale-M की तुलना करके बताते हैं… इस समझौते का प्रतिनिधित्व भारत में फ्रांस के राजदूत और भारतीय रक्षामंत्रालय के अधिकारी करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री डिजिटल रूप से इसमें भाग ले सकते हैं. इससे पहले फ्रांसीसी रक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से इस हस्ताक्षर समारोह में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन कहा जा रहा है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दे दी थी. भारतीय विमानवाहक पोतों, खास तौर पर आईएनएस विक्रांत जो अभी सेवा में है पर तैनाती के लिए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की तत्काल जरूरत है. मिग-29 लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े ने कथित तौर पर रखरखाव संबंधी मुद्दों के कारण खराब प्रदर्शन किया है. फ्रांस से खरीदने जाने वाले राफेल एम जेट विमान को भारत के युद्धपोत पर अपने आवश्यकतानुसार सेट किया जाएगा. कहा जा रहा कि इसे आईएनएस विक्रांत पर रखा जाएगा. सरकार के अनुसार यह खरीद अस्थायी समाधान के रूप में है. भारत में भी एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमान विकसित किए जा रहे हैं. एनएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हस्ताक्षर समारोह संभवतः साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय मुख्यालय के बाहर आयोजित किया जाएगा. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इसी महीने की 9 तारीख को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में इस डील को मंजूरी मिली थी. इसे अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है. सरकार के इस अनुबंध में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं. साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कार्मिक प्रशिक्षण और स्वदेशी घटक विनिर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल है. भारत में वर्तमान में 36 राफेल हैं. इसे 2016 एक सौदे के तहत खरीदे गए थे. ये विमान अंबाला और हासीमारा में तैनात हैं. नए सौदे से भारत में राफेल विमानों की कुल संख्या 62 हो जाएगी, जिससे देश के 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. लंबाई मे छोटा, इसलिए मैन्यूवरिंग आसान J-10: 55.5 फीट J-15: 73.1 फीट Su-30: 72 फीट Rafale-M… सिर्फ 50.1 फीट. यानी आकार में सबसे छोटा. किस तरह की होगी डील? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. क्रू/पायलट… सिंगल पायलट के हाथ में कमान J-10: एक पायलट J-15: 1/2 पायलट Su-30: 2 पायलट Rafale-M…1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. वजन में हल्का यानी हैंडलिंग आसान J-10: 14 हजार kg J-15: 27 हजार kg Su-30: 24, 900 kg Rafale-M… 15 हजार kg, यानी जे-10 से थोड़ा भारी, लेकिन बाकियों से हल्का है. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. फ्यूल (इंटरनल कैपेसिटी) में सबसे बेहतर J-10: 8950 लीटर J-15: 9500 लीटर Su-30: 9400 लीटर Rafale-M… 11,202 लीटर… यानी ज्यादा देर तक उड़ान संभव. ज्यादा अच्छी डॉग फाइट. स्पीड में सिर्फ एक चीनी फाइटर जेट से पीछे J-10: 2205 km/hr J-15: 2963 km/hr Su-30: 2120 km/hr. Rafale-M… 2205 km/hr. यानी J-15 से कमजोर लेकिन सुखोई से ऊपर और जे-10 के बराबर. कॉम्बैट/फेरी रेंज… में सबसे बेहतर राफेल J-10: 1240 km (कॉम्बैट रेंज) J-15: 3500 km (फेरी रेंज) Su-30: 3000 km (फेरी रेंज) Rafale-M… कॉम्बैट रेंज 1850 km और फेरी रेंज 3700 km. यानी सबसे बेहतर. अधिकतम ऊंचाई… इसी मामले में कमजोर है J-10: 59 हजार फीट J-15: 66 हजार फीट Su-30: 57 हजार फीट Rafale-M… 52 हजार फीट. यानी तीनों चीनी फाइटर जेट से पीछे.   किस तरह के फाइटर जेट्स हैं… J-10/J-15 चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट्स हैं. Su-30 मल्टीरोल एयर सुपरीरियॉरिटी जेट है. Rafale-M 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है. राफेल में ज्यादा हथियार लगाने की क्षमता चीन के जे-10 फाइटर जेट में 11 हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी चार तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, 90 मिलिमीटर के अनगाइडेड रॉकेट्स, 23 मिलिमीटर की गन और चार तरह के बम लगाए जा सकते हैं. जे-15 फाइटर जेट में 12 हार्डप्वाइंट्स हैं. जिनमें 9 तरीके के हथियार लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा बम भी. इसमें 30 मिलिमीटर की गन लगी होती … Read more

एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना

आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व ओंकारेश्वर में सोमवार से : राज्य मंत्री लोधी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और देशभर के प्रमुख साधु- संत वैश्विक एकात्मता का महायज्ञ में होंगे शामिल एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना ओंकारेश्वर में 28 अप्रैल से 2 मई तक “एकात्म पर्व” का आयोजन भोपाल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के जन्मोत्सव पर “आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व” का भव्य आयोजन 28 अप्रैल से 2 मई 2025 तक पवित्र तीर्थ ओंकारेश्वर एकात्म धाम परिसर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में “एकात्म पर्व” को एक दिव्य, सांस्कृतिक और बौद्धिक महाकुंभ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि  “एकात्म पर्व” का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना तथा विश्वबंधुत्व एवं एकात्मता की भावना को पुनः जागृत करना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, साधकों और संस्कृति प्रेमियों को इस अद्वितीय पर्व में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया हैं। एकात्म पर्व का शुभारंम 28 अप्रैल सोमवार को सुबह 7 बजे महर्षि सांदीपनि वेद विद्यापीठ एवं आर्ट ऑफ लिविंग गुरुकुल के आचार्यों द्वारा वैदिक अनुष्ठान से होगा। इसके बाद शोभा यात्रा नर्मदा के अभय घाट से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः अभय घाट पर संपन्न होगी। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित पावन पर्व के दौरान ओंकारेश्वर में विविध प्रकार के आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों का गायन, वैदिक अनुष्ठान, शोभायात्रा, अद्वैत शारदा पुस्तकालय, अद्वैत लोक प्रदर्शनी और वेदांत-विज्ञान विषयक परिचर्चाएँ प्रमुख रहेंगी। आयोजन में अनेक संत-संन्यासियों की उपस्थिति होगी। इसमें जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, इस्कॉन के गौरांग दास प्रभु, अखण्ड परम धाम के स्वामी परमानंद गिरि, स्वामी विदितात्मानंद सरस्वती, स्वामी मिथलेश नंदनी शरण, स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी, और माँ पूर्णप्रज्ञा सम्मिलित हैं। एकात्म धाम ओंकारेश्वर में विभिन्न सत्रों में चिंतक मुकुल कानिटकर, लेखक नीलेश नीलकंठ ओक, प्रो. गौरी माहुलिकर, प्रो. पंकज जोशी, प्रो. रामनाथ झा, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी, मृत्युंजय गुहा मजूमदार और विशाल चौरसिया जैसे प्रमुख वक्ता भाग लेंगे। 1 मई को विशेष सत्र “रील टू रियल: अवेकनिंग वननेस थ्रू स्टोरी टेलिंग” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गौरांग दास प्रभु, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी और विशाल चौरसिया संवाद करेंगे। प्रकटोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ.यादव होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकटोत्सव में शामिल होंगे। पर्व के अंतिम दिन 2 मई को आचार्य शंकर प्रकटोत्सव के अवसर पर 500 शंकरदूतों का दीक्षा संस्कार अभय घाट पर संतों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। समापन दिवस पर प्रातःकाल विद्वानों का अलंकरण किया जाएगा। सायं 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा नर्मदा टट पर 10,000 दीपों का प्रज्ज्वलित कर नर्मदा आरती की जाएगी। ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास एवं संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा एकात्म धाम प्रकल्प के अंतर्गत 108 फीट ऊँची “एकात्मता की मूर्ति” का निर्माण किया जा चुका है तथा अद्वैत लोक संग्रहालय एवं अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। आकर्षण का केन्द्र बनेगा गायन एवं नृत्य पाँच दिवसीय एकात्म पर्व के अंतर्गत “शंकर संगीत” नामक सांगीतिक प्रस्तुति श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों व अद्वैत वेदांत पर आधारित रचनाएँ प्रस्तुत की जाएँगी। इस श्रृंखला में माधवी मधुकर झा, जयतीर्थ मेवुंडी, लोकमाता विद्याशंकर, और सुधा रघुरामन जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियाँ होंगी। 1 मई को शंकरदूतों द्वारा आचार्य शंकर विरचित स्तोत्रों का सामूहिक गायन किया जाएगा। 2 मई को प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना लता मुंशी द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। अद्वैतामृतम् से लाभान्वित होंगे श्रोता एकात्म पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 8:30 से प्रात: 10:30 व सायं 5:30 से 7:30 तक “अद्वैतामृतम” नामक विशेष वैदांतिक संवाद सत्रों का आयोजन किया जाएगा। 28 और 29 अप्रैल को माँ पूर्णप्रज्ञा “ओंकार” विषय पर उद्बोधन देंगी। 28 अप्रैल से 1 मई तक स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी आचार्य शंकर के जीवन एवं दर्शन पर विशेष सत्र संचालित करेंगे। 29 और 30 अप्रैल को प्रो. गौरी माहुलिकर अपना उद्बोधन देंगी और मुकुल कानिटकर “अद्वैत वेदांत: प्राणमय कोष” विषय पर व्याख्यान देंगे।  

भारत ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए हिंदुओं की हत्या कराई : गुरपतवंत सिंह पन्नू

नईदिल्ली  खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान का साथ देने का ऐलान कर दिया है। हाल ही में उसने कहा है कि पंजाब के जरिए भारत को पाकिस्तान पर हमला नहीं करने दिया जाएगा। जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते तल्ख हैं और सीमा पर भी तनाव जारी है। आतंकवादी हमले में 26 लोगों की हत्या हो गई थी। आजाद डिजिटल से खास बातचीत में SFJ यानी सिख्स फॉर जस्टिस के प्रमुख पन्नू ने पाकिस्तान का साथ देने की बात कही है। उसने कहा, ‘यह न 1965 और न 1971 है… आज है 2025 है। मैं पाकिस्तान की आवाम को भरोसा दिलाता हूं कि हम पाकिस्तान के साथ ईंट की तरह खड़े हैं। कोई भारतीय सेना की इतनी हिम्मत नहीं होने देंगे कि वो पंजाब पार कर पाकिस्तान पर हमला करे। क्योंकि पाकिस्तान का नाम ही पाक है।’ पन्नू ने कहा, ‘यहां पाकिस्तान को समझने की जरूरत है, सिख समझ चुके हैं।’ हालांकि, पन्नू ने पाकिस्तान की सरकार और आवाम के सामने खालिस्तान को मान्यता देने की शर्त रखी है। उसने पहलगाम को हिंदुओं का नरसंहार बताया और आरोप लगाए हैं कि इसके पीछे राजनीति की जा रही है। साथ ही आरोप लगाए हैं कि भारत ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए हिंदुओं की हत्या कराई है। पन्नू ने कहा, ‘…दुनियाभर में हम पाकिस्तान के साथ खड़े होंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान के अलग थलग न कर सके।’ पन्नू ने कहा, ‘जो पहलगाम में हुआ, उन लोगों ने अपने हिंदू को ही मारा है। इसका कारण समझना जरूरी है। इसका कारण है, राजनीतिक कारण है। राजनीतिक वोट हैं। पहलगाम में जो हिंदुओं का नरसंहार हुआ है, वो चुनाव जीतने के लिए हुआ है…।’ उसने कहा, ‘…चुनाव जीतने और पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए, पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाने वाला बताने के लिए उन लोगों ने अपने ही बिरादरी के हिंदू धर्म के लोग मार दिए।’ भारत के खिलाफ उगलता रहा है जहर हालांकि, इससे पहले भी कई मौकों पर पन्नू भारत के खिलाफ जहर उगलता रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने उत्तर प्रदेश के अयोध्या मंदिर समेत कई स्थानों पर अशांति फैलाने की धमकी दी थी। इसके अलावा खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भी भारत सरकार पर सवालिया निशान लगा चुका है।  शाहिद अफरीदी ने पहलगाम आतंकी हमले पर दिया बेहद घटिया बयान पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ने पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले पर बेहद घटिया बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि भारत खुद ही लोगो को मरवाता है और फिर खुद ही कहते हैं कि वो जिंदा हैं. शाहिद अफरीदी ने इस आतंकी हमले पर एक वीडियो जारी किया है. इसमें वो भारत से इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत मांगते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा है कि भारत आरोप लगाने से पहले साबित करे कि इस हमले में पाकिस्तान का हाथ था. बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. आइए देखें इस आतंकी हमले पर शाहिद अफरीदी ने क्या कुछ कहा? क्या कहा अफरीदी ने अफरीदी ने कहा,” पाकिस्तान के एम्बेसडर होने के नाते मैं यही कहूंगा कि स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी को लेकर मेरा बहुत मजबूत स्टैंड है. इस पर सियासत नहीं होनी चाहिए. पड़ोसी मुल्क हैं, एक-दूसरे का ख्याल रखा जाए. हालांकि मैं यह भी कहूंगा कि जब आतंकी हमला हुआ तो आपने तुरंत पाकिस्तान पर इलजाम लगा दिया. इस तरह से चीजें नहीं होनी चाहिए. इससे आपसी रिश्ते खराब होते हैं. जहां आतंकी हमला हुआ वहां आपके 8 लाख सैनिक हैं. क्यों कोई फौजी लोगों को बचाने नहीं आया. खुद ही ब्लंडर करते हैं, खुद ही लोगो को मरवाते हैं और फिर खुद ही कहते हैं कि वो जिंदा हैं. इस तरह से न करें.” पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने शहबाज पर उठाए सवाल इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा न करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह (शहबाज) सच्चाई जानते हैं क्योंकि वह आतंकवादियों को ‘पालने-पोसने’ का काम कर रहे हैं. पूर्व क्रिकेटर ने एक्स पर लिखा, “अगर पाकिस्तान की पहलगाम आतंकी हमले में वाकई कोई भूमिका नहीं है, तो प्रधानमंत्री ने अभी तक इसकी निंदा क्यों नहीं की?” उन्होंने आगे कहा, “आपकी सेना अचानक हाई अलर्ट पर क्यों है? क्योंकि अंदर से, आप सच्चाई जानते हैं – आप आतंकवादियों को पनाह दे रहे हैं और पाल-पोस रहे हैं. आपको शर्म आनी चाहिए.”  

पहलगाम हमले में PAK साजिश के खिलाफ सबूत, UNSC में खुद किया साबित

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मार डालने वाले आतंकी द रेजिस्टेंस फोर्स से जुड़े थे। यह आतंकी संगठन हाफिद सईद के ही लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है। इसे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को फैलाने के लिए सईद ने गठित किया है और माना जाता है कि पाकिस्तान की सेना भी इसे खाद पानी देती है। लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार करता है। फिर भी उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जो हरकत की है, उससे साबित होता है कि द रेजिस्टेंस फोर्स से उसका सीधा नाता है। इसके अलावा पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में भी पाकिस्तानी सरकार या सेना सीधे तौर पर शामिल है। दरअसल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से पहलगाम हमले की निंदा करते हुए बयान जारी किया गया है, लेकिन उसमें आतंकी संगठन TRF का नाम शामिल नहीं है। इसकी वजह थी कि फिलहाल UNSC के अस्थायी मेंबर पाकिस्तान ने TRF का नाम शामिल न होने की जिद रख दी। उसके समर्थन में चीन उतर आया और फिर अमेरिका से भी लंबी जद्दोजहद कर पाकिस्तान ने TRF का नाम शामिल न कराने में सफलता पा ली। यदि पाकिस्तान का TRF या फिर आतंकी हमले से कोई ताल्लुक न होता तो वह उसके नाम को बयान में शामिल होने से रोकने के लिए इतनी खींचतान क्यों करता। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान ने इसीलिए TRF का नाम शामिल न करने पर जोर दिया क्योंकि इससे संगठन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पड़ताल होती तो सीधा लिंक पाकिस्तान से ही जुड़ता, जो कि है। पाकिस्तान के प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हर बार की तरह घिसी पिटी दलील देते रहे कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि द रेजिस्टेंस फोर्स का इस हमले में हाथ था। पूरे मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि पहलगाम पर बयान अमेरिका की ओर से तैयार किया गया था। इसमें यह बात शामिल थी कि हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली है, लेकिन फिर पाकिस्तान की जिद और चीन के समर्थन से उसे हटा दिया गया है। बता दें कि 2019 के हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी औऱ उसका नाम तब UNSC के बयान में शामिल किया गया था। पहले पाकिस्तान मुकरा, अब TRF भी पलट गया; क्या है रणनीति यही नहीं पाकिस्तान सरकार की यह रणनीति ही है कि द रेजिस्टेंस फोर्स भी अब अपने दावे से मुकर रहा है। पहले उसने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन अब उसका कहना है कि यह हमला उसने नहीं कराया है। पुराने बयान को लेकर आतंकी संगठन का कहना है कि हमारे अकाउंट्स पर साइबर अटैक किया गया था। उसी के तहत यह गलत दावा किया गया। इससे साफ है कि पहले पाकिस्तान ने TRF का नाम संयुक्त राष्ट्र से हटवाया और अब उसे भी अपने दावे से पीछे हटने के लिए कहा है ताकि कोई ऐक्शन न हो। खासतौर पर इंटरनेशनल लेवल पर किरकिरी से बचा जा सके।

तामिया-पातालकोट में आदिवासियों ने राजकुमारी की 22 लाख की अंगूठी लौटाई, इनाम के 5 लाख रुपए लेने से किए मना

 छिंदवाड़ा सात समंदर पार से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा पहुंची चेक गणराज्य की राजकुमारी जित्का क्लेट की खोई हुई शादी की अंगूठी को पातालकोट के आदिवासियों ने खोजकर ईमानदारी की अनोखी मिसाल पेश की है. इस अंगूठी की कीमत करीब 22 लाख रुपए थी और इसे खोजने के लिए राजकुमारी ने 5 लाख रुपए के इनाम का ऐलान किया था. लेकिन आदिवासियों ने इसे अपनी मेहमान और बहन मानते हुए केवल 41 हजार रुपए ही स्वीकार किए. यह घटना देश-विदेश में चर्चा का विषय बन गई है. यह पूरा मामला छिंदवाड़ा के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य प्रकाश इंडियन टाटा से जुड़ा है, जो पातालकोट की जड़ी-बूटियों से रोगियों का इलाज करते हैं. प्रकाश टाटा ने बताया कि 6 महीने पहले वे यूरोप के दौरे पर थे, जहां मैक्स इन द वर्ल्ड कंपनी ने उन्हें छह देशों में आयुर्वेद और योग के शिविर लगाने के लिए आमंत्रित किया था. इस दौरान उनकी मुलाकात चेक गणराज्य की प्राग निवासी राजकुमारी और फैशन डिजाइनर जित्का क्लेट से हुई. जित्का स्पाइन की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं, जिसका इलाज वैज्ञानिक चिकित्सा में संभव नहीं था. प्रकाश टाटा ने आयुर्वेदिक दवाओं से उनका इलाज शुरू किया, और छह महीने में उन्हें काफी राहत मिली. जित्का ने प्रकाश टाटा से पातालकोट की अनमोल जड़ी-बूटियों के बारे में सुना था और इसे देखने की इच्छा जताई. इसके बाद 16 अप्रैल 2025 को वे दिल्ली से नागपुर और फिर छिंदवाड़ा पहुंचीं. प्रकाश टाटा ने उन्हें अपने घर पर ठहराया और अगले दिन 17 अप्रैल को जिले के पर्यटन स्थलों की सैर कराई. छोटा महादेव पर नींबू पानी बेचने वाले मनोज ने संभाली कमान घटना के बाद छोटा महादेव पर नींबू पानी की दुकान चलाने वाले मनोज विश्वकर्मा ने यह जिम्मा उठाया कि राजकुमारी की अंगूठी ढूंढकर वापस की जाएगी। मनोज ने आसपास के गांवों से एक दर्जन से ज्यादा आदिवासी युवकों को बुलाया। युवाओं ने तय किया कि जब तक अंगूठी नहीं मिलती, कोशिश जारी रहेगी। फिर शुरू हुआ संघर्ष — झरने के ठंडे पानी में उतरकर घंटों रेत निकालना, पत्ते हटाना और उसे छानना। दिन-रात की मेहनत रंग लाई और दो दिन बाद रेत के बीच से वह कीमती अंगूठी मिल गई। राजकुमारी ने कहा- पांच लाख दूंगी, आदिवासियों ने मना कर दिया अंगूठी मिलने की खबर जब राजकुमारी तक पहुंची तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की पेशकश की। लेकिन युवाओं ने पैसा लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘आप हमारी मेहमान हैं। हम आपके दर्द की कीमत नहीं लगा सकते।’ आदिवासियों ने बस अपनी मेहनत की मजदूरी के रूप में 41 हजार रुपए लिए। भावुक होकर राजकुमारी बोलीं- भारतीय संस्कृति को सलाम राजकुमारी ने इस घटना के बाद कहा, ‘भारत ने एक बार फिर दिल जीत लिया। यहां के लोग सिर्फ जमीन से नहीं, दिल से भी जुड़े हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह इस अनुभव को कभी नहीं भूलेंगी। इलाज के लिए आई थीं, लेकिन यहां के लोगों की ईमानदारी ने उनके दिल का भी इलाज कर दिया। क्यों आईं थीं छिंदवाड़ा? दरअसल, राजकुमारी इटका क्लेट अपने स्पाइन के आयुर्वेदिक इलाज के लिए छिंदवाड़ा पहुंची थीं। सोशल मीडिया के जरिए उन्हें डॉ. टाटा के आयुर्वेदिक उपचार की जानकारी मिली थी। इलाज के दौरान ही उन्होंने तामिया और पातालकोट घूमने की इच्छा जताई थी। यहीं घूमने के दौरान छोटा महादेव झरने पर यह वाकया हुआ, जिसने भारत की मेहमाननवाजी और आदिवासियों की ईमानदारी को दुनिया के सामने एक मिसाल के रूप में खड़ा कर दिया। छोटा महादेव में खोई अंगूठी प्रकाश टाटा ने जित्का को पातालकोट, तमिया और छोटा महादेव जैसे मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल दिखाए. छोटा महादेव में एक प्राकृतिक झरना है, जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. जित्का वहां झरने में मस्ती करने लगीं और पानी व रेत उछालने लगीं. इसी दौरान उनकी शादी की हीरे जड़ी अंगूठी कहीं गिर गई, जिसकी कीमत 22 लाख रुपए थी. अंगूठी गुम होने पर जित्का की आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने और वहां मौजूद पर्यटकों ने करीब आठ घंटे तक अंगूठी खोजने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली. प्रकाश टाटा ने जित्का को सांत्वना दी और कहा, “चिंता मत करो, भोलेनाथ की कृपा से अंगूठी मिल जाएगी.” इसके बाद जित्का ने अंगूठी खोजने वाले को 5 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की और छिंदवाड़ा वापस आ गईं. उस रात चिंता के कारण वे देर रात 2 बजे तक सो नहीं पाईं. आदिवासियों की मेहनत और ईमानदारी अगले दिन 18 अप्रैल को छोटा महादेव में छोटी-छोटी दुकानें लगाने वाले स्थानीय आदिवासियों ने अंगूठी की खोज शुरू की. उन्होंने पहले पेड़ों के पत्तों को हटाकर और झाड़ू लगाकर मैदान को साफ किया, लेकिन अंगूठी नहीं मिली. फिर उन्होंने झरने के पास रेत में खोज शुरू की, जहां जित्का मस्ती कर रही थीं. काफी मेहनत के बाद आखिरकार उन्हें वह हीरे की अंगूठी मिल गई. आदिवासी युवकों ने तुरंत इसकी जानकारी प्रकाश टाटा को दी. प्रकाश टाटा ने जित्का को फोन कर बताया कि उनकी अंगूठी मिल गई है. जित्का को पहले विश्वास नहीं हुआ. उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए अंगूठी देखने की इच्छा जताई. मनोज विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति ने वीडियो कॉल पर अंगूठी दिखाई, जिसे देखकर जित्का की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा, “दुनिया में इतने ईमानदार लोग कहीं नहीं देखे. 22 लाख की अंगूठी मिलने के बाद भी इन्होंने हमें बताया.” 5 लाख के इनाम को ठुकराकर लिए ₹41 हजार जित्का तुरंत प्रकाश टाटा के साथ छोटा महादेव पहुंचीं. वहां अंगूठी देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की कोशिश की, लेकिन आदिवासियों ने यह राशि लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, “आप हमारी मेहमान हैं, हमारी बहन हैं. हम आपसे इतना पैसा नहीं लेंगे.” जित्का के आग्रह पर उन्होंने सिर्फ 41 हजार रुपए स्वीकार किए. इस दौरान जित्का ने आदिवासियों के साथ सेल्फी भी ली और वादा किया कि अगली बार छिंदवाड़ा आने पर वे उनके लिए गिफ्ट लाएंगी.जित्का 19 अप्रैल को छिंदवाड़ा से अपने देश चेक गणराज्य के लिए रवाना हो गईं.        

खोजनखेड़ा में 6 अर्थियां एक साथ उठीं , पिपलिया और सुरजना गांव से एक-एक शवयात्रा निकाली

रतलाम/मंदसौर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया था। दर्शन के लिए जा रही एक ईको वैन बाइक से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने कुएं में जा गिरी। हादसे में कुल 12 लोगों की जान चली गई और 4 लोग घायल हो गए। घायलों में दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों में 8 लोग रतलाम जिले के, 2 उज्जैन के और 2 मंदसौर जिले के निवासी थे। रतलाम के खोजनखेड़ा गांव से एक साथ 6 अर्थियां उठीं, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। एमपी के मंदसौर में रविवार दोपहर ईको वैन बाइक से टकराकर कुएं में गिर गई। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि दो बच्चों समेत 4 लोग घायल हैं। मरने वालों में 8 लोग रतलाम जिले जबकि 2-2 लोग उज्जैन और मंदसौर जिले के रहने वाले थे। रतलाम जिले के खोजनखेड़ा में 6 अर्थियां एक साथ उठीं तो पिपलिया और सुरजना गांव से एक-एक शवयात्रा निकाली गई। वहीं, 4 अन्य लोगों के अंतिम संस्कार उज्जैन और मंदसौर में किए गए। घरों से अर्थियां निकलते ही परिजन बिलखने लगे। ये देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो उठीं। आंतरी माता के दर्शन के लिए जा रहे थे हादसा रविवार दोपहर करीब एक बजे जिले के नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में बूढ़ा-टकरावद फंटे के पास हुआ। वैन सवार करीब 14 लोग उज्जैन जिले के उन्हेल से नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के आंतरी माता मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। तभी वैन की एक बाइक से टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही वैन बेकाबू हो गई और कुएं में जा गिरी। इस हादसे में वैन में सवार 14 में से 10 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा एक बाइक सवार और एक शख्स, जो बचाव कार्य के लिए कुएं में उतरा था, उसकी भी मौत हो गई। घायल बच्चा बोला- बाइक वाला ठीक सामने आ गया घायल देवेंद्र गहलोत ने बताया- हम हराखेड़ी, उज्जैन में रहते हैं। मेरे साथ कार में मम्मी, नानी और मामा थे। हम आंतरी माता के दर्शन करने जा रहे थे। बाइक वाला हमारे ठीक सामने आ गया। हम भिड़े तो कुएं में गिर गए। मैं निकलने की कोशिश कर रहा था तो पीछे से एक व्यक्ति आया और मुझे निकालकर खाट पर ले गया। हमको फिर लोगों ने ऊपर खींच लिया तो हम हॉस्पिटल आ गए। उसके बाद कुछ नहीं पता। रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद रहे डिप्टी सीएम देवड़ा हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अपने स्तर पर रेस्क्यू शुरू किया। थोड़ी ही देर में पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंची। एसडीईआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। टीम रस्सियों के सहारे कुएं में उतरी और रेस्क्यू ऑपरेशन किया। मौके पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा भी पहुंचे थे। वे पूरे समय मौके पर ही रहे। कलेक्टर अदिति गर्ग, एसपी अभिषेक आनंद, एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी, एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी भी मौके पर मौजूद रहे। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बताया कि इस हादसे में कुल 16 लोग शामिल थे, जिनमें दो बच्चे भी थे। पहले बच्चों को निकालकर अस्पताल भेजा गया। गाड़ी बड़ी मुश्किल से बाहर लाई गई है। कुएं में जहरीली गैस के कारण बचाने गए मनोहर सिंह की भी मौत हुई है। उन्होंने 2-3 लोगों को बाहर निकाला था। मुझे जैसे ही घटना के बारे में पता चला, मैं सीधा यहीं आ गया। क्रेन की मदद से निकाली शवों से लदी वैन मौके पर क्रेन भी बुलाई गई। क्रेन की मदद से वैन को कुएं से बाहर निकाला गया। वैन में शव लदे थे। आगे की ओर एक महिला का शव लटकता दिखा। इस तस्वीर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। कुछ शव कुएं में थे। जिसके बाद मोटर लगाकर कुएं का पानी निकाला। फिर बाकी के शवों को बाहर निकाला गया। यह साफ नहीं हो पाया है कि ईको वैन सीएनजी थी या एलपीजी। एसडीईआरएफ के जवानों ने बताया कि कुएं की गहराई लगभग 80 फीट है। इतनी गहराई में सांस लेने में समस्या होती ही है। इसके अलावा यह वाहन गैस का था, जिसके चलते कुएं के अंदर अभी तक गैस जमा है। मनोहर ने मौत से पहले 4 लोगों को निकाला मृतकों में वैन सवारों को बचाने के लिए कुएं में उतरे ग्रामीण मनोहर सिंह भी शामिल हैं। वे लोगों को बचाने कुएं में उतर गए थे। इन्होंने 4 लोगों को कुएं से बाहर भी निकाला। लेकिन इस दौरान कुएं में बनी जहरीली गैस से इनकी मौत हो गई। मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए मुआवजा की घोषणा मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। इसमें से 2-2 लाख रुपए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से तो 2-2 लाख रुपए मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से दिए जाएंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए और सामान्य रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए।  

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