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एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं : एसीएस श्री दुबे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन को साकार करते हुए प्रदेश में आईटी और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पहली सेक्टर आधारित “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्री संजय दुबे ने “मध्यप्रदेश के उभरते एवीजीसी- एक्सआर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग,कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) ईकोसिस्टम” विषय पर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस- 3 को ब्रिलियेंट कन्वेशन सेंटर, इंदौर में संबोधित किया। उन्होंने एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र के उद्योपतियों ने इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की संभावनाओं/ निवेश पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार इस क्षेत्र में निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। एसीएस श्री दुबे ने बताया कि प्रदेश में इस उद्योग के विकास के लिए अनुकूल माहौल हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर एमपीएसईडीसी श्री गुरु प्रसाद, श्री आशीष कुलकर्णी, संस्थापक, पुन्नरीयुग आर्ट विजन प्राइवेट लिमिटेड, श्री मनीष राजोरिया, पर्पल टर्टल के सह-निर्माता, श्री रेन चिलका, संस्थापक – ग्रीन गोल्ड एनीमेशन प्राइवेट लिमिटेड सहित कई उद्योगपति/निवेशक उपस्थित थे। एसीएस श्री दुबे ने कहा कि 4 नई नीतियों के लिए गाइडलाइंस का अनावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कॉन्क्लेव के दौरान किया जाएगा। एसीएस श्री दुबे ने जानकारी दी कि जीआईएस- 2025 के दौरान की गई राज्य सरकार की प्रतिबद्धताएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। कई नई पहलें भी आज साकार होने जा रही हैं। आज ‘नो-क्वेरी पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया है, जहां आवेदक बिना भौतिक दस्तावेज प्रस्तुत किए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और 30 दिनों में जवाब प्राप्त कर सकते हैं। एसीएस श्री दुबे कहा राज्य में एवीजीसी क्षेत्र के लिए 4 उन्नत प्रयोगशालाएँ स्थापित करने और एक विशेष मीडिया पार्क बनाने की भी योजना है। एसीएस श्री दुबे ने बताया कि राज्य में प्रतिभाशाली युवाओं की बड़ी संख्या है, जो एवीजीसी सेक्टर में राष्ट्रीय नेतृत्व करने की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने सभी उद्योगपतियों, निवेशकों को ‘मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।  

वन परिक्षेत्र चितरंगी के जंगलों में लगी भीषड़

वन परिक्षेत्र चितरंगी के जंगलों में लगी भीषड़ वन संपदा की सुरक्षा करने  कि आखिर किसकी जिम्मेदारी ‌? चितरंगी वन परिक्षेत्र चितरंगी के कक्ष क्रमांक आर 12 बगदरा कला के जंगल मे 24 अप्रैल 2025 को आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। बीट प्रभारी सुरेश प्रजापती ने मौके से पहुच कर अपने चौकीदार एवं ग्रामीणों के सहयोग से इस तपती धूप में आग को बुझाने केलिए कड़ी मेहनत किया । लेकिन गर्मियों में पेड़ो के पत्ते सभी झड़ जाते है जंगलो में खड़पतवार होने से हवाओ में आग फैलने में अधिक मौका रहता है। केलिन सभी के सूझबूझ से खड़पतवार की कटिंग कर आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों द्वारा आग को बुझाने में अपनी एक अहम जिम्मेदारी को दिखाया इसलिए बहुत जल्द ही विकराल रूप धारण किया आग को नियंत्रित कर लिया गया। स्थल से लौटते ही आग बेकाबू हो गई और बगदरा कला के जंगल से बढ़ कर चितरंगी अधियारी तक पहुंच गई है आंधी तूफान आग को बढ़ावा देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी रवि शेखर सिंह ने इस घटना पर नज़र बनाये रखने और उचित मार्गदर्शन करते रहे। अंततः एक तरफ सफलता हासिल हुई। और दूसरे दिन वही आग चितरंगी पहुंच गई श्री सिंह ने आम जन मानस से अपील किया हैं कि वन संपदा से जसमे सब कुछ मिलता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण ऑक्सीजन मिलती है जो जीवन उसके बैगर एक पल जिन मुश्किल होता है। इसलिए सभी आम जन मानस से मेरी अपील हैं कि वन सुरक्षा अपनी नैतिक जिम्मेदारी है। अपने खुद के फायदे के लिए वन को छति नही पहुचाये। चितरंगी तहसील जनपद मुख्यालय होने के बावजूद एक भी फायर ब्रिगेड नहीं है। जंगल के आलावा किसानों की फसलें, घर,वाहन अनेकों प्रकार की आगजनी होती रहती है। शासन प्रशासन से क्षेत्रीयजनों की ओर से मांग की जाती है की फायर ब्रिगेड की ब्यवस्था कराई जाय जिससे जान माल की सुरक्षा हो सके।

PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया को बढ़ावा दे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर लाल बाग में स्वदेशी मेले का समापन समारोह संपन्न इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा है। वर्षों पूर्व शुरू हुई स्वदेशी जागृति आज ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन इंडिया’ जैसे अभियानों के रूप में देश को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  लालबाग परिसर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने समय-समय पर अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन स्वावलंबन और स्वदेशी की भावना कभी क्षीण नहीं हुई। हमें इस भावना को और सशक्त बनाना है ताकि भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने महेश्वर जैसे स्थान पर स्थानीय कारीगरी और वस्त्र निर्माण को प्रोत्साहित कर स्वदेशी विचार को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। समारोह में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्रा, स्वदेशी मेला प्रमुख योगेश मेहता एवं सिख समाज के बाबा तेजा सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। समारोह में सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता हेतु एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भी किया गया।  

दुश्मनों के दिल दहलती है भारत की ये 5 ‘हाईटेक’ मिसाइलें

नई दिल्ली जब आसमान गूंजता है, धरती कांपती है और दुश्मनों के दिल दहलते हैं, तो समझ जाइए कि भारत की सुपर हाईटेक मिसाइलें दहाड़ रही हैं! भारत ने पिछले कुछ समय में रक्षा क्षेत्र में जो तरक्की की है, उसका लोहा विश्व स्तर पर माना जाता है। यह बात खासकर मिसाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे ज्यादा लागू होती है। हाइटेक मिसाइलें बनाने के मामले में भारत ने वो ऊंचाइयां छू ली हैं कि दुशमन देशों के लिए यह डर का दूसरा नाम बन चुकी हैं। आइए आज जानते हैं भारत की उन 5 सुपर हाईटेक मिसाइलों के बारे में, जो ताकत और तकनीक की बेजोड़ मिसाल हैं। भारत का लंबा हाथ है अग्नि-V ​महाशक्तिशाली और सबसे एडवांस तकनीक पर आधारित मिसाइलों की सूची में सबसे पहला नाम अग्नि-V का आता है। यह भारत की सबसे एडवांस्ड और हाईटेक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। इसका नाम सुनते ही दुशमन के पसीने छूटते हैं क्योंकि ये 8,000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखती है। आसान भाषा में कहा जाए, तो यह अमेरिका, यूरोप और एशिया के लगभग हर कोने तक पहुंच सकती है। इसे तकनीक और तबाही का सबसे अच्छा कॉम्बो इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह न्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम है और “कैनीस्टराइज़्ड लॉन्च” टेक्नोलॉजी से लैस है। इसका मतलब है कि इसे कहीं भी तैनात करके फौरन फायर किया जा सकता है। इसकी MIRV क्षमता यानी एक साथ कई टारगेट पर हमला करने की क्षमता, इसे दुनिया के सबसे घातक हथियारों में शामिल करती है। सबसे तेज और घातक है ब्रह्मोस ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो आवाज की रफ्तार से तीन गुना तेज चलती है। यह इतनी हाईटेक है कि इसे जमीन, समुद्र और आसमान तीनों ही जगह से लॉन्च किया जा सकता है। कहने का मतलब है कि ये मिसाइल इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम करती है कि दुश्मन कहीं भी छिपा हो, ब्रह्मोस उसे ढूंढ निकालेगी। इसकी रेज 500 किलोमीटर से ज्यादा है। वहीं 1 मीटर के भीतर सटीक वार और रडार से छिपने की ताकत इसे बेजोड़ बनाती है। इसकी रफ्तार के आगे दुश्मन के पास किसी तरह की प्रतिक्रिया करने का समय नहीं बचता। टैंकों का काल नाग मिसाइल किसी भी फौज की ब़ड़ी ताकत उसके टैंक होते हैं और उन टैंको का काल है नाग मिसाइल। यह एक फायर एंड फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है। जैसा कि कुछ-कुछ नाम से समझ में आता है यह इतनी हाईटेक है कि एक बार लॉन्च होने के बाद यह खुद लक्ष्य को पहचान कर उसे खत्म कर देती है। दरअसल नाग मिसाइल थर्मल इमेजिंग सीकर का इस्तेमाल करती है, जिससे यह दिन-रात, धूल-धुंआ और हर मौसम में काम कर सकती है। इसमें इस्तेमाल की गई टॉप अटैक तकनीक टैंकों के सबसे मजबूत हिस्से को भी भेद सकती है। भारतीय सेना के रेगिस्तानी युद्धक्षेत्रों में यह दुश्मन के टैंकों का काल बन चुकी है। हवा में मौत का तीर है अस्त्र मिसाइल ​यह भारत की पहली स्वदेशी एयर-टू-एयर मिसाइल है। जो कि 100 किलोमीटर दूर उड़ते दुश्मन के विमान को एक झटके में मार गिराने की ताकत रखती है। इस मिसाइल में एडवांस्ड रडार होमिंग सिस्टम लगा है, जो लक्ष्य को लॉक कर उसे नष्ट कर देता है। इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से बचने के लिए इसमें खास ECCM तकनीक लगी है। यह तेजस, सुखोई-30 और मिराज जैसे फाइटर जेट्स के लिए भारत का सबसे एडवांस और भरोसेमंद हथियार बन चुका है। जमीन पर दुश्मन के सर्वनाश के लिए शौर्य मिसाइल शौर्य एक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है, जो जमीन से जमीन पर पारंपरिक ही नहीं बल्कि परमाणु हमला भी कर सकती है। इसकी रफ्तार Mach 7.5 है यानी साउंड से साढ़े सात गुना तेज। इस मिसाइल की खासियत यह है कि बहुत कम ऊंचाई पर उड़ने की वजह से यह दुश्मन के रडार को चकमा देकर सटीक हमला कर पाती है। 700 से 800 किलोमीटर की रेंज के साथ यह बहुत ही एडवांस और हाइटेक मिसाइल की कैटेगरी में आती है। इसकी हाइपरसोनिक तकनीक भारत को खतरनाक से खतरनाक युद्ध के लिए तैयार करती है।

3727 पदों पर होगी पटवारियों की भर्ती, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पदों की संख्या में किया इजाफा

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पटवारी भर्ती में पदों की संख्या बढ़ा दी है। अब यह भर्ती 3727 पदों पर आयोजित की जाएगी, जबकि पहले 2020 पदों पर परीक्षा होनी थी। चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि पद बढ़ाए जाने के कारण अब आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी, ताकि इच्छुक अभ्यर्थी दोबारा आवेदन कर सकें। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान पटवारी भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की थी। उन्होंने कुल 4799 पदों पर भर्ती का वादा किया था, हालांकि फिलहाल 3727 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चयन बोर्ड द्वारा पहले 2020 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिन पर अब तक 6,43,639 उम्मीदवार आवेदन कर चुके हैं। पहले यह परीक्षा 11 मई को आयोजित होनी थी, लेकिन अब पदों में बढ़ोतरी के चलते भर्ती परीक्षा की तिथि भी आगे बढ़ा दी गई है। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि अब परीक्षा मई में नहीं, बल्कि अगस्त या सितंबर में आयोजित किए जाने की योजना है। एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी किया गया है कि परीक्षा को एक ही पारी में आयोजित किया जाएगा। इससे परीक्षा संचालन और पारदर्शिता में आसानी होगी। आलोक राज ने कहा कि जल्द ही नए आवेदन कार्यक्रम और परीक्षा तिथि की विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर बनाए रखें ताकि समय पर सभी अपडेट मिल सकें। जिन उम्मीदवारों ने पहले आवेदन कर दिया है, उन्हें फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि नए अभ्यर्थी बढ़े हुए पदों के अनुसार आवेदन कर सकेंगे। पटवारी भर्ती के इस बड़े अपडेट से लाखों युवा उम्मीदवारों को नया मौका मिलेगा। अब उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे बढ़े हुए पदों का लाभ उठाकर सरकारी नौकरी पाने की अपनी तैयारी को और मजबूत करें।

रायपुर की भविष्य की कनेक्टिविटी के लिए ऐतिहासिक कदम, विधायक राजेश मूणत ने कहा- अब बदल रही है तस्वीर

रायपुर पूर्व मंत्री और रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 क्षेत्र का आज निरीक्षण किया गया. इस निरीक्षण में रेलवे प्रशासन, रायपुर नगर निगम, पुलिस विभाग, कलेक्टर, एसपी, डीआरएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म नंबर 7 के पास रेलवे द्वारा बनाई जा रही सड़क कार्य का अवलोकन किया. इसके साथ ही शुक्रवारी बाजार से पहाड़ी चौक तक PWD विभाग द्वारा किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया गया. इस दौरान रेलवे और PWD के अधिकारियों के बीच सड़क निर्माण को लेकर मतभिन्नताओं पर चर्चा हुई और आपसी शंकाओं का समाधान किया गया. विधायक राजेश मूणत सहित डीआरएम दयानंद, कलेक्टर गौरव सिंह और निगम आयुक्त विश्वदीप ने भी अपने सुझाव दिए. अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम को जिम्मेदारी दी गई, जिसमें मुआवजा देने का कार्य तहसीलदार और एसडीएम के माध्यम से किया जाएगा. इसके अलावा रायपुर की भविष्य की ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई, जिससे आने वाले 50 वर्षों के लिए शहर को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी. इस योजना का उद्देश्य प्लेटफॉर्म 7 को गुढ़ियारी, रामनगर, कबीरनगर, कोटा सहित रायपुर के प्रमुख इलाकों से सीधे जोड़ना है. यह कार्ययोजना यात्रियों को आसान और सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के साथ-साथ ट्रैफिक की समस्या को भी हल करेगी. साथ ही, रायपुर पश्चिम क्षेत्र और गुढ़ियारी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नए विकास के अवसर पैदा होंगे. मुख्य विशेषताएं और कार्य     पहाड़ी चौक से शुक्रवारी बाजार होते हुए प्लेटफार्म-7 तक सड़क चौड़ीकरण एवं एक्सप्रेस-वे से डायरेक्ट कनेक्टिविटी.     यह प्रोजेक्ट रायपुर की सबसे बड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक होगा.     तेलघानी नाका ब्रिज के नीचे से प्लेटफार्म-7 तक अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित.     20 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी.     PWD और राजस्व विभाग ने सर्वे कार्य लगभग पूरा कर लिया है.     PWD को 15 मई तक विस्तृत प्रेजेंटेशन देने के निर्देश विधायक मूणत द्वारा दिए गए हैं. विधायक राजेश मूणत ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में सुशासन ला रही है. कांग्रेस शासनकाल में रायपुर शहर की हालत बदहाल हो गई थी. न सड़कें बन रही थीं, न नालियां, न सौंदर्यीकरण. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की नई रफ्तार दिखाई दे रही है. उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना लाखों लोगों को सीधी राहत देगी, जो पहले एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने के लिए फाफाडीह और तेलघानी होकर लंबा रास्ता तय करते थे. गुढ़ियारी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान भी इस योजना से संभव होगा. रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 और 7 दोनों को स्मार्ट कनेक्टिविटी के साथ शहर से जोड़ने की यह बहुप्रतीक्षित योजना अब जमीन पर उतरने जा रही है, जो रायपुर शहर के भविष्य को बेहतर और संगठित स्वरूप देने में मील का पत्थर साबित होगी.

जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में हीट वेव का असर

जयपुर प्रदेश में आज 8 जिलों में तीव्र हीट वेव्स चलने का अलर्ट जारी हुआ है। इसमें जैसलमेर और बाड़मेर में ऑरेंज श्रेणी का अलर्ट जारी किया गया है। यहां दिन के साथ रात के समय भी भयंकर हीट वेव्स का असर देखने को मिल रहा है। वहीं मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किए हैं कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हीट वेव्स चलेगी। वहीं मई के पहले सप्ताह में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। विक्षोभ के प्रभाव से मई के पहले सप्ताह के दौरान प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर चल सकता है। वहीं प्रदेश के तापमान की बात करें तो बीते 24 घंटों के दौरान बाड़मेर सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं प्रदेश के 19 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया है। अगले 4 दिनों में इसमें तेजी से बढ़ोतरी होने होने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 डिग्री तक इजाफा हो सकता है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के साथ रात में भी हीट वेव चलेगी। प्रदेश के अन्य शहरों का तापमान इस प्रकार रहा- जैसलमेर में 43.5 डिग्री, बीकानेर में 43.2, चित्तौड़गढ़ में 42.8, जयपुर में 39.5, चूरू में 41.3, गंगानगर में 43.5, पिलानी में 40.5, करौली में 40.1, नागौर में 38.8, जालौर में 40.3 व धौलपुर में 43.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

स्लीपर बसों में रोज क्षमता से ज्यादा ढोया जा रहा वजन, नहीं हो रही कार्रवाई

 इंदौर हाईवे पर रोज ऐसी यात्री बसें देखी जा सकती हैं, जिनमें सीटिंग और स्लीपर व्यवस्था के साथ बस की छत पर भारी मात्रा में सामान लदा होता है। इससे दुर्घटना की आशंका होती है। मगर अब ओवरलोडेड बसों का यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है, जिसमें पूरे देश में ओवरलोडेड यात्री बसों का मुद्दा उठाया गया है। कहा गया है कि ओवरलोडेड यात्री बसें न सिर्फ लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा हैं, बल्कि ये पर्यावरण को भी प्रदूषित करती हैं। जीएसटी छुपाने से राजस्व का भी नुकसान बसों पर लदे सामान का जीएसटी छुपाने से राजस्व का भी नुकसान होता है। यह याचिका वकील संगम लाल पांडेय ने दाखिल की है। इसमें केंद्र और सभी राज्यों को पक्षकार बनाया गया है। इंदौर से अन्य शहरों और राज्यों तक जाने वाली 400 स्लीपर बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक वजन भरा जा रहा है। केबिन में भर देते हैं, 40 से 50 टन वजन बसों की छत और नीचे केबिन में 40 से 45 टन तक वजन भर दिया जाता है। इससे यात्रियों की जान भी जोखिम में रहती है, लेकिन परिवहन और यातायात विभाग की सुस्ती के कारण इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बसों पर कार्रवाई नहीं होती शहर की सड़कों से ये बसें खुलेआम निकलती हैं और गंतव्य तक पहुंचती हैं, लेकिन कहीं भी कार्रवाई नहीं होती है। प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी होने से इंदौर से अन्य राज्यों तक बड़ी मात्रा में सामान भेजा जाता है। यह ट्रांसपोर्ट की अपेक्षा स्लीपर बसों से पहुंचा रहे हैं। महाराष्ट्र, राजस्थान और यूपी जाने वाली बसों में भरते हैं सामान इंदौर शहर से प्रतिदिन 200 स्लीपर बसें रवाना होती हैं और 200 आती हैं। इनमें टनों वजन भर दिया जाता है। इंदौर से सर्वाधिक स्लीपर बसें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान जाती हैं। सूत्रों का कहना है उप्र की तरफ जाने वाली बसों में सर्वाधिक सामान भरा जाता है। काटन, किराना, मशीनरी, प्याज आदि का बड़ी मात्रा में परिवहन स्लीपर बसों से किया जाता है। वहीं महंगे आइटम और जल्दी पहुंचने वाले सामान भी इन्हीं से पहुंचाया जा रहा है। सीट के नीचे बना रखे हैं केबिन अधिकांश स्लीपर बसों में सीट के नीचे बड़े केबिन बना रखे हैं। इनमें ठूस-ठूस कर लगेज भर देते हैं। बस की छत पर भी सामान रखा जाता है। कई बसें तो यात्रियों से ज्यादा लगेज ढोती हैं। लगेज बस संचालकों की कमाई का हिस्सा बन चुका है।

सर्चिंग ऑपरेशन में जंगल में डंप किए गए 9 जिंदा बम और अन्य नक्सली सामग्री बरामद

धमतरी धमतरी पुलिस, नगरी डीआरजी और सीएएफ खल्लारी की संयुक्त टीम को नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए सर्चिंग ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है। इस ऑपरेशन के दौरान माओवादियों द्वारा जंगल में डंप किए गए 9 जिंदा बम और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई। बता दें कि इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने चमेंदा और साल्हेभाट के बीच जंगल में सर्चिंग के दौरान 3 नग कुकर बम, 3 नग दूध पाउडर के डिब्बे का उपयोग कर बनाया गया बम, 2 नग पाइप बम और एक नग टिफिन बम, 1 वाकी टॉकी समेत दैनिक उपयोगी नक्सली सामान जैसे राशन, बर्तन, दवाइयाँ आदि बरामद किए गए है। इन सामग्रियों को विभिन्न थैलों में रखकर त्रिपाल झिल्ली और नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में छिपाया गया था। डंप किए गए बमों को किया गया डिफ्यूज धमतरी पुलिस की बीडीएस (बम डिस्पोजल) टीम ने मौके पर पहुंचकर डंप किए गए बमों को डिफ्यूज कर नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम किया। इस ऑपरेशन के तहत थाना खल्लारी में अज्ञात माओवादियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद उन्होंने नगरी डीआरजी और सीएएफ की टीम को नक्सल विरोधी सर्चिंग अभियान जारी रखने और सूचना तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र पांडेय के मार्गदर्शन में यह ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें पुलिस बल की तत्परता और साहस ने महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।

डॉ. अंबेडकर ने देश में समतामूलक समाज निर्माण के लिए गुरू की भूमिका निभाई: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए गुरू की भूमिका निभाई और देश की आजादी को अमर, अखंड और अक्षुण्ण रखने का आधार बनाया। एक हजार साल की गुलामी के दौर से गुजरे देश में, गुलामी के कारणों को खोजने और उन कारणों का प्रभावी समाधान देने में बाबा साहेब का महत्वपूर्ण योगदान है। आरक्षण की व्यवस्था को संवैधानिक आधार प्रदान कर डॉ अंबेडकर ने देश में समानता के भाव का विस्तार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डॉ. अंबेडकर यूथ कॉन्क्लेव में श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद देवास महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डिक्की के मध्यप्रदेश चैप्टर प्रमुख अनिल सरवैया ने सोशल जस्टिस पत्र की प्रति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुदित शैजवार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा स्थापित व्यवस्था के परिणामस्वरूप ही देश में सभी वर्गों को प्रगति के समान अवसर मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर सहित अन्य कठिन और संर्घषपूर्ण परिस्थिति में रह रहे परिवारों से आए व्यक्तियों को देश का नेतृत्व करने सहित महत्वपूर्ण पदों से व्यवस्था संचालन के अवसर प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों की महत्ता को स्वीकारते हुए उनकी जन्म स्थली महू पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर नई शिक्षा नीति में डॉ. अंबेडकर को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है और उनके विचारों पर शोध को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य बाबा साहेब अंबेडकर ने किया। प्रधानमंत्री मोदी उनके विकसित भारत के संकल्प का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने का आव्हान किया।

हमारे देश की पहचान सिंधु घाटी से जुड़ी है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे देश की पहचान सिंधु घाटी सभ्यता और सिंधु नदी से जुड़ी है। प्राचीन काल में विकसित सिंधु घाटी सभ्यता आज भी पूरे देश को गौरवान्वित करती है। सम्राट दाहिर सेन का अपनी धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए संघर्ष आज भी हमें प्रेरणा और साहस प्रदान करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित और प्रतिबद्ध हैं। भोपाल, संत हिरदाराम की पुण्य भूमि है, संत परम्परा के अनुसार हम “जियो और जीने दो” के सिद्धांत में विश्वास करते हुए प्राणी मात्र से प्रेम के भाव का व्यवहार में भी निवर्हन करते हैं। सिंधी समाज ने इन मूल्यों का पालन करते हुए अपने धर्म और संस्कृति की सरक्षा के लिए अपना घर-परिवार और व्यापार छोड़ा। संघर्ष और चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी कर्मठता और आत्मविश्वास से उन्होंने स्वयं को पुन: स्थापित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधु भवन में आयोजित चेतीचांद महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक भगवान दास सबनानी ने की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सिन्धु भवन ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी क्षमता, योग्यता और निरंतर मेहनत से सिंधी समाज ने व्यापार और उद्योग जगत में कई उपलब्धियां अर्जित की हैं। राज्य सरकार प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में निरंतर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योग स्थापना और व्यापारिक गतिविधियों के संचालन के लिए नीतियों और प्रकियाओं को सरल और सुगम किया गया है। प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। व्यापार और उद्योग रोजगार उपलब्ध कराने का प्रमुख माध्यम है। अन्य राज्यों तथा विदेश से भी निवेश के लिए उद्योगपतियों और व्यापारियों को आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंधी समाज के बंधुओं से प्रदेश में व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की पहल करने का आव्हान करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विधायक भगवानदास सबनानी ने राजा दाहिर सेन, संत कंवर दास और शहीद हेमू कालानी के प्रसंगों को शालेय स्तर पर पाठ्यक्रम में शामिल करने, प्रदेश के सिंधी समाज की बहुलता वाले शहरों में शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा स्थापित करने, सिंधी संग्रहालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने और सिंधी अकादमी का बजट बढ़ाने का आग्रह किया।

अगले आठ दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगेंगे उन्नत कृषि पर केंद्रित मेले: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में अगले 8 दिनों में उन्नत कृषि पर केंद्रित मेले आयोजित किए जाएंगे। किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से यह मेले उन्नत तकनीक और बीज, आधुनिकतम उपकरणों व अन्य संसाधनों, शासन की योजनाओं की जानकारी के साथ कृषि उद्यानिकी आदि के बेहतर प्रबंधन पर केंद्रित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से सौर पंप संचालन के लिए कुसुम सी योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने का आहवान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश के माध्यम से यह अपील की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि वर्तमान में बिजली के बिना खेती संभव नहीं है। राज्य सरकार कृषकों को बिजली में आत्मनिर्भर करने जा रही है। किसान अपनी बिजली स्वयं बनाएं, इस उद्देश्य से कुसुम सी योजना का व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। किसानों को बिजली सब्सिडी के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह एक तरह से किसान के जीवन में सरकार की ओर से बड़ी मदद होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से चलाने के लिए सौर पंप स्थापित करने में किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सौर पंप की कीमत की दस प्रतिशत राशि से बुकिंग के लिए पंजीयन खोला गया है। प्रदेश में तीन हॉर्स पॉवर तक के सौर पंपों का पंजीयन आरंभ किया गया है। इसी प्रकार 5 लाख रुपए तक के पंप के लिए किसान से मात्र 50 हजार रुपए लेकर बाकी 4 लाख 50 हजार रुपए की सरकार द्वारा गारंटी लेकर किसानों को पंप उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस योजना में लगभग एक लाख किसानों का पंजीयन करने जा रही है। पूर्व में भी कृषकों द्वारा योजना में पंजीयन कराया गया था। पूर्व में हुए पंजीयन के प्रकरणों में पहले पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। उसके बाद नवीन पंजीकृत कृषकों को पंप उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस योजना से किसान बिजली के मामले में आत्मनिर्भर होंगे और उनकी प्रगति के द्वार खुलेंगे। किसानों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।  

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने दंतेवाड़ा के साइंस सेंटर को सराहा

जगदलपुर दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केंद्र में बच्चों को मिल रही अच्छी जानकारी का आज पीएम मोदी ने मन की बात में जिक्र किया है। बता दें कि दंतेवाड़ा में स्थापित साइंस सेंटर एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे स्कूल के बच्चों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में प्रेरित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस साइंस सेंटर का निर्माण जिला परिषद की मदद से जिला कलेक्टर के नेतृत्व में किया गया है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को और भी आकर्षक और प्रयोगात्मक बनाना है। इस साइंस सेंटर में अलग-अलग थीम वाले कमरे बनाए गए हैं, जो बच्चों को विभिन्न विषयों को गहराई से समझने में मदद करेंगे। ये कक्ष उनके अनुभवात्मक ज्ञान को बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इस विज्ञान केंद्र की विशेषताएं 1. इंडस्ट्री रूम – यहां बच्चे औद्योगिक विकास की समयरेखा के माध्यम से उद्योगों के विकास को समझ सकते हैं। इसमें एक 3D प्रिंटिंग जोन भी होगा, जहां अलग-अलग प्रकार के तीन 3D प्रिंटर होंगे। साथ ही, डॉग रोबोट, ह्यूमनॉइड रोबोट, स्पाइडर रोबोट, राइटिंग रोबोट और पाथ-गाइडेड इंडस्ट्री रोबोट्स भी प्रदर्शित किए जाएंगे। 2. फिजिक्स रूम – इस कमरे में बच्चे भौतिकी के मूल सिद्धांतों को हैंड्स-ऑन प्रयोगों के माध्यम से सीख सकेंगे। 3. इमर्सिव रूम – यह एक 360° डिजिटल स्पेस होगा, जहां बच्चे वर्चुअल दुनिया का अनुभव ले सकेंगे। 4. मिनीवर्ल्ड रूम – इसमें एक 8×4 फीट का HO स्केल ट्रेन मिनिएचर सेट होगा, जिसमें गांव और शहर दोनों के दृश्य दर्शाए जाएंगे। 5. हार्वेस्ट हब (फार्मिंग जोन) – इसमें विभिन्न कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो किसानों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगा। रोबो एरीना – रोबोट युद्ध का अनोखा अनुभव यहां एक रोबो एरीना तैयार किया जा रहा है, जहां बच्चे अपने रोबोट बनाकर उनका रोबो वॉर करवा सकेंगे। यह एक रोमांचक और शैक्षिक गतिविधि होगी, जो बच्चों को रोबोटिक्स और ऑटोमेशन की दुनिया से परिचित कराएगी। इस परियोजना का कार्य हिडन लैम्प प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है, जो इसे एक आधुनिक और इंटरैक्टिव विज्ञान केंद्र बनाने के लिए कार्य कर रही है। यह साइंस सेंटर दंतेवाड़ा के बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र बनेगा, जो उन्हें विज्ञान और तकनीक में रुचि बढ़ाने और नई तकनीकों से परिचित कराने में मदद करेगा।  

हमारी सरकार कमजोर वर्गों को, स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़-संकल्पित: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि हमारी सरकार समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को, उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़-संकल्पित है। श्री देवड़ा आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा मंदसौर के कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में आयोजित चिकित्सा सम्मेलन “दशपुरकॉन 2025” में सहभागिता कर उपस्थित प्रबुद्ध नागरिकों व सम्माननीय चिकित्सकों को संबोधित कर रहे थे। उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि हमारी सरकार ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार, चिकित्सा शिक्षा में गुणात्मक सुधार, तकनीकी नवाचारों के समावेशन एवं दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित किया है। ‘सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ के भाव के अनुरूप हमारी सरकार का यह अटल एवं दृढ़ संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाई जाएँ। इससे न केवल स्वस्थ मध्यप्रदेश का निर्माण होगा, अपितु एक समृद्ध, सशक्त और विकसित मध्यप्रदेश की परिकल्पना भी साकार होगी। इस अवसर पर सांसद श्री सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, पूर्व मंत्री श्री कैलाश चावला सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं नागरिकगण उपस्थित रहे।

मई से करीब दो प्रतिशत बिजली के बिल का कम भुगतान करना पड़ेगा, 12 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

प्रयागराज जिले के 12 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। मई से करीब दो प्रतिशत बिजली के बिल का कम भुगतान करना पड़ेगा। अप्रैल में उपभोक्ताओं ने 1.24 प्रतिशत अधिक बिजली मूल्य का भुगतान करना पड़ा, लेकिन मई से उन्हें आगामी कई माह तक राहत मिलने की उम्मीद है। पहले ईधन अधिभार शुल्क टैरिफ में ही तय (फिक्स) था, लेकिन मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन 2025 में बदलाव किया गया। इसके तहत वर्ष 2029 तक अब हर माह ईंधन अधिभार शुल्क अलग-अलग होगा। इसकी सुगबुगाहट मिलने पर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। उपभोक्ता भंवर सिंह, एसके जैन, मोहित का कहना है कि बिजली का बिल निरंतर अधिक आने से घर का बजट बिगड़ गया था। मई में बिजली के बिल में दो प्रतिशत कम भुगतान की जानकारी मिलने से राहत मिली है, लेकिन इसे और कम किए जाने की जरूरत है। ये है बिजली बिल कम आने की वजह वहीं, गौरव कुमार, निहाल की मानें तो पेट्रोल- डीजल और कोयले के मूल्य के आधार पर ईंधन अधिभार शुल्क तय किया जाता है। अप्रैल में 1.24 प्रतिशत अधिक बिजली मूल्य का भुगतान करना पड़ा था। इस संबंध में मुख्य अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि मई में बिजली वसूली के संबंध में जो भी आदेश जारी होगा, उसका पालन किया जाएगा।

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