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देश को एकजुट होकर सेना के साथ खड़े होने की जरूरत है, न कि उनके साहस और बलिदान पर सवाल उठाने की: रिटायर्ड मेजर जनरल

जयपुर कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से और एकजुटता का माहौल है। आतंकियों के इस हमले ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। रंधावा ने अग्निवीर योजना पर सवाल उठाते हुए कहा था कि चार साल के लिए कोई अपनी जान दांव पर नहीं लगाएगा, अग्निवीर योजना को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर सेना के जज्बे और मनोबल पर चोट करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। रिटायर्ड मेजर जनरल अनुज माथुर ने रंधावा के बयान को गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आज देश को एकजुट होकर सेना के साथ खड़े होने की जरूरत है, न कि उनके साहस और बलिदान पर सवाल उठाने की। मेजर जनरल ने कहा कि हर अग्निवीर सैनिक देशभक्ति से भरा होता है, वह किसी नौकरशाही की चाहत में नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा की भावना से सेना में आता है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारतीय सेना का मोरल कोई चाय का प्याला नहीं है, जो हर घूंट के साथ नीचे गिर जाए। तीन मोर्चों पर लड़ाई की तैयारी में भारत रिटायर्ड मेजर जनरल अनुज माथुर ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत पहले ही तीन स्तरों पर कार्रवाई शुरू कर चुका है। पहला है आर्थिक युद्ध (इकोनॉमिक वॉरफेयर), जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 1960 की जल संधि को रद्द कर दिया है, जिससे पाकिस्तान की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर जबरदस्त असर पड़ेगा। पाकिस्तान की ऊर्जा और सिंचाई का मुख्य स्रोत यही नदियां हैं और जल आपूर्ति बंद होने से पाकिस्तान में त्राहिमाम मच सकता है। दूसरा मोर्चा है मनोवैज्ञानिक युद्ध, जिसमें भारत ने पाकिस्तानी डिप्लोमेट्स को वापस भेजने और देश में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पाकिस्तान में भय और अनिश्चितता का माहौल फैल गया है। इसके साथ ही तीसरा और सबसे अहम मोर्चा है सैन्य ताकत का प्रदर्शन। भारतीय नौसेना ने अरब सागर में आईएनएस सूरत जैसे अल्ट्रा-मॉडर्न युद्धपोत को तैनात कर मिसाइल परीक्षण किया है। मेजर जनरल अनुज माथुर ने कहा कि पाकिस्तान आज भी 4 दिसंबर 1971 की रात को नहीं भूल पाया है, जब भारतीय नौसेना ने कराची पोर्ट को तबाह कर दिया था। आज हमारी नौसेना तब से 50 गुना ज्यादा ताकतवर हो चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार दिव्यांगों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष लोकेश कावड़िया को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम का नाम परिवर्तित कर छत्तीसगढ़ दिव्यांग जन वित्त एवं विकास निगम करने की घोषणा की। साथ ही मुख्य मंच से इस अवसर पर 15 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण, 11 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण अदायगी करने पर ब्याज सब्सिडी एवं श्रवण बाधित दिव्यांग को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार दिव्यांगों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दिव्यांगों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें दिव्यांग बच्चों का सर्वे कर उनके व्यवसाय एवं नए स्टार्टअप के लिए ऋण प्रदान कर मदद करनी चाहिए, ताकि उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आ सके। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनो के जीवन में खुशहाली लाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान दंतेवाड़ा जिले में आए थे, तब दिव्यांगजनों से उनका विशेष लगाव देखने को मिला था। आज हमारी सरकार ने बेहद अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता को इसकी जिम्मेदारी दी है, जिसका सीधा लाभ दिव्यांग साथियों को मिलेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्पों के आधार पर दिव्यांगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने एवं उनके कौशल विकास पर जोर दे रही है। इस अवसर पर उन्होंने लोकेश कावड़िया को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पदभार ग्रहण समारोह में शासकीय दिव्यांग स्कूल माना के छात्र-छात्राओं द्वारा बहुत ही आकर्षक गीत गाया गया, जिसने सबका मन मोहा।इसके साथ ही राजनांदगांव के दिव्यांग स्कूल के श्रवण बाधित छात्रों द्वारा देशभक्ति नृत्य का मंचन भी किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा,  विधायक राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्षगण, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में दिव्यांग छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

अब Kotak Mahindra Bank ने भी अपने सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज में कटौती का किया ऐलान

नई दिल्ली अगर आप भी कोटक महिंद्रा बैंक में सेविंग अकाउंट होल्डर हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा अप्रैल की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में ब्याज दरों में कटौती के बाद कई बड़े बैंक ब्याज दरें घटा रहे हैं। इसी कड़ी में अब Kotak Mahindra Bank ने भी अपने सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज में कटौती का ऐलान कर दिया है। अब कितना ब्याज मिलेगा? कोटक महिंद्रा बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक: 50 लाख रुपये तक की जमा पर अब ब्याज दर घटाकर 2.75% कर दी गई है। 50 लाख रुपये से अधिक की जमा पर आपको 3.25% सालाना ब्याज मिलेगा। इससे पहले फरवरी में भी बैंक ने 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी, और अब फिर से 25 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की गई है। सेविंग अकाउंट में कैसे मिलता है ब्याज? बचत खाते पर मिलने वाला ब्याज बैंक आपके खाते में जमा राशि के आधार पर देता है। पहले यह ब्याज मासिक औसत बैलेंस (Monthly Average Balance) पर मिलता था, लेकिन अब RBI के निर्देशों के मुताबिक यह रोजाना के बैलेंस (Daily Balance) पर कैलकुलेट होता है और हर तिमाही (मार्च, जून, सितंबर, दिसंबर) में खाते में जमा किया जाता है। भारत में सेविंग अकाउंट पर कितना ब्याज मिलता है? ज्यादातर बैंक सेविंग अकाउंट पर 2.5% से 4% सालाना तक का ब्याज देते हैं। हालांकि कुछ डिजिटल बैंक या छोटे फाइनेंस बैंक इससे अधिक ब्याज भी ऑफर करते हैं। क्या यह आपके लिए चिंता की बात है? अगर आपकी बचत का बड़ा हिस्सा सेविंग अकाउंट में पड़ा रहता है, तो यह ब्याज दरों में कटौती आपके लिए रिटर्न के लिहाज़ से नुकसानदेह हो सकती है। ऐसे में आप चाहें तो अपने पैसे को FD, मनी मार्केट फंड या दूसरे सुरक्षित निवेश विकल्पों में ट्रांसफर करने पर विचार कर सकते हैं।  

नितेश राणे ने दिया बड़ा बयान, ‘दुकानदार से धर्म पूछें और हनुमान चालीसा पढ़ने को कहें, फिर खरीदें सामान’

मुंबई महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने शुक्रवार (25 अप्रैल) को कहा कि हिंदुओं को दुकानदारों से कुछ भी खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए. नितेश राणे की यह विवादास्पद टिप्पणी पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आई है. रत्नागिरि जिले के दापोली शहर में एक सभा को संबोधित करते हुए राणे ने कहा, ‘‘उन्होंने मारने से पहले हमारा धर्म पूछा. इसलिए हिंदुओं को भी कुछ खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए.” इतना ही नहीं, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने आगे कहा, “अगर वे आपका धर्म पूछ रहे हैं और आपको मार रहे हैं, तो आपको भी कुछ खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए. हिंदू संगठनों को ऐसी मांग उठानी चाहिए.” बीजेपी नेता ने कहा कि ऐसा भी हो सकता है कि कुछ दुकानदार अपना धर्म नहीं बताएं या अपनी आस्था के बारे में झूठ बोलें. ‘हनुमान चालीसा न पढ़ पाएं तो उनसे कुछ मत खरीदें’- नितेश राणे नितेश राणे ने विवादास्पद टिप्पणी को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘‘ जब भी आप खरीदारी के लिए जाएं, तो उनका धर्म पूछें. अगर वे कहते हैं कि वे हिंदू हैं तो उन्हें हनुमान चालीसा सुनाने के लिए कहें. अगर उन्हें हनुमान चालीसा नहीं आती तो उनसे कुछ भी न खरीदें.’’ पहलगाम में धर्म पूछ-पूछ कर मारी गोली मालूम हो, दक्षिण कश्मीर के पहगाम में बैसरन घाटी में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने 26 पर्टकों को मार दिया. ये वो निर्दोष लोग थे जो अपने परिवार के साथ कुछ यादगार पल बिताने के लिए कश्मीर घूमने आए थे. आतंकियों ने पहले टूरिस्ट स्पॉट पर मौजूद आदमियों से धर्म के आधार पर अलग-अलग हो जाने को कहा. फिर धर्म पूछा, कलमा पढ़ाया और जो कलमा नहीं पढ़ पाया, उसे गोली मार दी. दुकान में आप भी पूछो-आपका धर्म क्या है अगर वो धर्म पूछ कर गोलियां चला रहें है तो कम से कम आप धर्म पूछकर सामान खरीदें और ये मांग हिंदू समाज को करनी चाहिए। दुकान में जाने के बाद आप भी पूछो कि आपका धर्म क्या है, वो झूठ भी बोल सकतें है क्योंकि वो नालायक हैं। इसलिए खरीदारी करने के पहले आप धर्म पूछिए। अगर वो खुद को हिंदू कहता है तो उसे बोलो कि हनुमान चालीसा बोलकर कर दिखाए, फिर उसकी हवा निकाल जाएगी। इसके बाद उसे बोले कि मैं तेरे पास से सामान नहीं खरीदूंगा और फिर किसी हिंदू के दुकान में चले जाओ.. ये फैसला आपको करना चाहिए। जिन्हें हम दूध पिलाएंगे, वो हमें ही काटेंगे अगर वो अपने धर्म को लेकर इतने कट्टर हैं तो हम क्यों उन्हे अमीर बना रहें है। अगर वो धर्म के लिए जिहाद कर रहें है तो हम क्यों उन्हे भाई चारा की बात करतें है। इस धर्म सभा से एक शपथ लेकर आप निकलिए इसके आगे हम सिर्फ हिंदूओं से ही सामान खरीदेंगे, फिर देखिए वो कैसे थर थर कांपने लगेंगे..दूध हम पिलाएंगे और फिर हमें ही काटेंगे। उस औरंगजेब ने अपने बाप को मारा, परिवार को खत्म किया , सगे भाई और बाप को मारा। जो अपने सगों के नहीं हुए वो आपके क्या होंगे, इसका विचार आप करिए।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसे में सात सफाई कर्मचारियों की मौत, चार गंभीर रूप से घायल

नूंह नूंह जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। थाना फिरोजपुर झिरका सीमा के अंतर्गत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर इब्राहिमबास गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सफाई कार्य में जुटे कर्मचारियों को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में छह सफाई कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पांच अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सफाई करने वाले 11 कर्मचारियों में 10 महिलाएं और एक पुरुष था। जिनमें से छह महिलाओं की मौके पर मौत हो गई और पांच लोगों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां एक और सफाईकर्मी ने दम तोड़ दिया। हादसे में कुल सात लोगों की मौत हो गई है। चालक गाड़ी को छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ, जब करीब 11 सफाई कर्मचारी एक्सप्रेसवे पर सफाई कार्य कर रहे थे। अचानक आई तेज रफ्तार पिकअप ने इन कर्मचारियों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छह कर्मचारियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायल पांच कर्मचारियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक और कर्मचारी की मौत हो गई। घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। देखते ही देखते सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई। एंबुलेंस, रोड सुरक्षा एजेंसी के वाहन और पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। हादसे की भयावहता ऐसी थी कि आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। कई शवों के टुकड़े अलग-अलग हो गए। घटना इतनी भयावह थी कि इसकी खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। लोग इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं और मृतकों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं। कई यूजर्स ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग भी उठाई है। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और पिकअप चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस की ओर से बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा। यह हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं की कड़ी में एक और दुखद घटना है। इससे पहले भी इस एक्सप्रेसवे पर कई बार घने कोहरे, तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसे हो चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेसवे पर कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात को नियंत्रित किया और घटनास्थल को खाली कराया। घायलों के इलाज और मृतकों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया जारी है।

छत्तीसगढ़ में पड़ रही है भीषण गर्मी, तीन दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम, कई जिलों में लू को लेकर अलर्ट

रायपुर  छत्तीसगढ़ में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय ज्यादातर शहरों की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। वहीं, दूसरी तरफ मौसम विभाग ने 11 से ज्यादा जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। राज्य सरकार ने धूप से लोगों को बचने की सलाह दी है। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश में 25 अप्रैल से सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित कई जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी और लू चलने की संभावना है। इससे पहले शुक्रवार को दुर्ग और बिलासपुर सबसे गर्म रहे। दुर्ग में पारा 44 डिग्री और बिलासपुर में 43 डिग्री के पार पहुंच गया है। इन जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में लू का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, दुर्ग, बिलासपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कबीरधाम, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़ जिले में लू चल सकती है। वहीं, विभाग ने कहा कि आने वाले दो से तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। रायपुर में पारा 44 डिग्री के करीब राजधानी रायपुर में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। रायपुर में दिन का तापमान 43.2 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है। दिन में तेज धूप हो रही है। जिस कारण से लोगों को बाहर निकलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी गर्मी के कारण बढ़ गई है। राजधानी रायपुर में दोपहर को भीड़ वाली सड़कों पर भी ट्रैफिक कम होता जा रहा है। वहीं, रात में भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। रात का तापमान 29 डिग्री के पास पास रिकॉर्ड किया गया। बिलासपुर में भी भीषण गर्मी बिलासपुर में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। यहां दिन का तापमान 43.7 डिग्री रहा जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक था, वहीं रात का तापमान 25.4 डिग्री रहा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री रहा।

पाकिस्तान को दो हिस्सों में बांट दो , PoK को भारत में मिला दो, हम आपके साथ हैं: CM रेड्डी

हैदराबाद पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ हैदराबाद में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के समर्थन में  कैंडल मार्च निकाला गया. इस प्रोटेस्ट में AIMIM सांसद असदुद्दीन औवेसी, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद सहित कई अन्य लीडर्स शामिल हुए है. आतंकी हमले के बाद की स्थिति से निपटने में केंद्र को समर्थन देने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पाकिस्तान और आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने की गुजारिश की. उन्होंने कहा, “कड़ा एक्शन लिया जाना चाहिए, भले ही इसका मतलब पीओके को भारत में मिलाना हो.” आतंकी हमले के विरोध में कैंडल लाइट रैली का नेतृत्व कर रहे रेवंत रेड्डी ने कहा, “पहलगाम जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा निर्णायक कार्रवाई किए जाने की जरूरत है.” उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1971 में बांग्लादेश के निर्माण को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना देवी दुर्गा से की थी. ‘समझौते का वक्त नहीं, मुंहतोड़ जवाब…’ सीएम रेड्डी ने कहा, “आप (पीएम मोदी) दुर्गा माता को याद रखें, कार्रवाई करें, चाहे वह पाकिस्तान पर हमला हो या कोई और उपाय. आज पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाए जाने चाहिए. यह समझौता करने का वक्त नहीं है, मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए. आगे बढ़िए, हम आपके साथ खड़े होंगे. 140 करोड़ भारतीय आपके साथ हैं.” रेड्डी ने कहा, “पाकिस्तान को दो हिस्सों में बांट दीजिए, पीओके को भारत में मिला लीजिए. हम आपके साथ खड़े रहेंगे. आप दुर्गा माता के भक्त हो. इंदिरा जी को याद करो.” इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने बोलते हुए रेड्डी ने यह भी कहा कि तेलंगाना सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. ओवैसी सहित कई नेता कैंडल मार्च में शामलि इस मौके पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सीनियर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, तेलंगाना के मंत्री, पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता मोहम्मद अजहरुद्दीन और अन्य नेता मौजूद थे. तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘भारत शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी मोमबत्ती रैली में भाग लिया. इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ राज्य में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए. असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार की नमाज से पहले एक मस्जिद में काली पट्टियां बांटीं और लोगों से पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में इसे पहनने की गुजारिश की. पार्टी सूत्रों ने बताया कि ओवैसी ने भी काली पट्टियां पहनी थीं और शास्त्रीपुरम की एक मस्जिद में उन्हें बांटा. मुस्लिम युवाओं ने शुक्रवार की नमाज के बाद आतंकी हमले के खिलाफ ऐतिहासिक चारमीनार पर विरोध प्रदर्शन किया. यहां बेगम बाजार के मुसलमानों ने अपनी दुकानें बंद की और एक शांतिपूर्ण रैली में शामिल हुए, जबकि मलकाजगिरी में भी विरोध प्रदर्शन किया गया.  

पाकिस्तान से छत्तीसगढ़ रहने आए हिंदू, सरकार से गुजारिश- वापस न भेजा जाए, गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिया आश्वसन

रायपुर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूरा देश पाकिस्तान के खिलाफ हो गया है। देश में आक्रोश है और ऐसे में भारत सरकार ने जो निर्णय लिया है उसके कारण भारत पहुंचे पाकिस्तानी हिन्दुओं में भय है। केन्द्र सरकार ने सभी वीजा कैंसिल कर दिए और पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का अल्टिमेटम दे दिया। इसके कारण पाकिस्तार से भारत पहुंचे पाकिस्तानी मुस्लिम तो वापस लौटने लगे लेकिन जो हिन्दू पाकिस्तान में अपनी संपत्ति छोड़कर भारत आ गए हैं उनके लिए मुसीबत खड़ी हो गई। छत्तीसगढ़ में भी ऐसा मामला सामने आया है। पाकिस्तान से संपत्ति बेचकर छत्तीसगढ़ के रायपुर पहुंचे 24 लोगों ने गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की और वापस पाकिस्तान न भेजने की अपील की। गृहमंत्री ने भी उन्हें आश्वस्त किया कि वे केन्द्र सरकार से बातचीत कर इस मसले को सुलझाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में 24 लोगों का एक ग्रुप सिंध पाकिस्तान से रायपुर पहुंचा है। जिन्होंने खुद को हिंदु बताया है। यह सभी 22 अप्रैल को विजीटर्स वीजा पर पहुंचे हैं और यहीं रहने का इरादा कर चुके हैं। यह सभी ऐसे समय में छत्तीसगढ़ पहंचे हैं जब देशभर में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का विरोध हो रहा है और केंद्र सरकार ने पाकिस्तानियों को देश छोड़ने को कहा है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से राज्य में सर्चिंग कर ऐसे लोगों को वापस भेजने को कहा है। ऐसे में इन लोगों के सामने वापस जाने का खतरा मंडरा रहा है जबकि यह लोग वापस जाना नहीं चाहते। इन लोगों ने शुक्रवार को गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की और कहा कि हमें वापस नहीं जाना है। गृहमंत्री ने सोशल मीडिया में पोस्ट किया बातचीत का वीड़ियो गृहमंत्री विजय शर्मा ने पाकिस्तान से रायपुर आए हिन्दू परिवारों के बीच हुई बातचीत का वीडियो जारी किया है। गृहमंत्री से मिलकर पाकिस्तान से आए हिन्दुओं ने अपना दर्द बताया। गृहमंत्री ने उनसे सारी जानकारी ली। कहां रहते हैं? छत्तीसगढ़ क्यों आए हैं? कब तक का वीजा है? आदि सवाल किए। विजय शर्मा से पाकिस्तान से आए हिन्दुओं ने बताया कि वे पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहते हैं। इन लोगों ने 24 लोगों की एक लिस्ट सौंपी और बताया कि पाकिस्तान में उन पर काफी अन्याय होता है। हिन्दुओ के पाकिस्तान में कोई सिस्टम नहीं है, रास्ते में लूटमार हो जाती है। बच्चियां सेफ नहीं है यही कारण है वे अब पाकिस्तान लौटना नहीं चाहते। कौन हैं ये पाकिस्तानी लोग जो विजय शर्मा से मिले उपमुख्यमंत्री शर्मा से मिलने पहुंचे सुखदेव लुंद पाकिस्तान में सिंध के घोटकी जिला के खानपुर के रहने वाले हैं। वहां हिंदुओं की आबादी 3-4 हजार है। सुखदेव फिलहाल 45 दिनों के विजिटर वीसा पर रायपुर के शदाणी दरबार पहुंचे। साथ में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। इनके अलावा रवि लुंद, निर्भय बत्रा, रोशन लाल और महेंद्र लाल भी अपने परिजन के साथ उसी दिन रायपुर पहुंचे। दल में 24 सदस्य हैं। इसके अलावा लगभग 100 और लोगों का जत्था भी लगभग एक माह पहले से रायपुर में है। तो छत्तीसगढ़ सरकार क्या करेगी गृहमंत्री विजय शर्मा ने इन पाकिस्तानी नागरिकों आश्वस्त किया कि इन्हें आम पाकिस्तानी नागरिक के बजाय ‘पाकिस्तान पीड़ित’ के रूप में देख रहे हैं। इस मामले में केंद्र सरकार से बात करेंगे, ताकि उन्हें वापस नहीं जाना पड़े। ये लोग अपनी संपत्ति छोड़कर रायपुर आ गए हैं। इसलिए हम इन्हें ‘पाकिस्तान पीड़ित’ मानकर इनके मामले में प्राथमिकता के साथ विचार करेंगे। सार्क वीजा वालों की की जांच शुरू छत्तीसगढ़ में पाकिस्तान से आए करीब 2000 लोग रहते हैं। इसमें 1800 सिर्फ रायपुर में ही हैं। पाकिस्तान से रायपुर आने वाले 95 फीसदी लोग सिंधी समाज के हैं। बाकी मुस्लिम हैं। पुलिस जांच कर रही है कि जो 2000 लोग छत्तीसगढ़ में आए या रह रहे हैं वे किस वीजा के तहत आए हैं। पुलिस सार्क वीजा वालों की तलाश कर रही है। क्योंकि केंद्र सरकार ने अभी केवल सार्क वीजा में आए लोगों को ही देश छोड़ने का निर्देश दिया है। पुलिस ने बताया कि सार्क वीजा 24 श्रेणी के लोगों को तुरंत दिया जाता है। पाकिस्तान से आए कई लोगों ने सड्‌डू, महावीरनगर, बोरियाकला और माना रोड पर घर बना लिया है। अब ये लोग भारत की नागरिकता भी ले रहे हैं। हालांकि कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें नागरिकता नहीं मिली है। ऐसे लोगों की अब पहचान की जा रही है। नए सिरे से इनकी सूची तैयार की जा रही है। रायपुर के SSP लाल उमेद सिंह ने दैनिक भास्कर से कहा है कि रायपुर में रहने वाले पाकिस्तानियों की जांच की जा रही है। उनके दस्तावेजों की जांच के साथ थाने में सत्यापन किया जाएगा। क्या है सार्क वीजा ? सार्क वीजा 1992 में सार्क के सदस्य देशों के बीच यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। सार्क देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं। यह पहल इस्लामाबाद में 1988 के सार्क शिखर सम्मेलन में सामने आयी थी। इस योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को उनके देशों की ओर एक स्पेशल वीजा स्टिकर जारी किया जाता है. जिससे उन्हें अलग-अलग वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है। इस सुविधा को अब पहलगाम अटैक के बाद खत्म किया गया है। 100 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक हैं रायपुर में पाकिस्तान में सिंध के घोटकी जिला के खानपुर के रहने वाले सुखदेव लुंद गृहमंत्री विजय शर्मा से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वहां पर हिंदुओं की आबादी लगभग चार हजार के करीब है। सभी चाहते हैं कि वे पाकिस्तान छोड़कर हिन्दुस्तान में बस जाए। सुखदेव ने ग़ृहमंत्री को बताया कि वचे 45 दिनों के विजिटर वीजा पर रायपुर के शदाणी दरबार रायपुर पहुंचे हैं। उनके साथ पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। इनके साथ रवि लुंद, निर्भय बत्रा, रोशन लाल और महेंद्र लाल भी अपने परिवार के साथ रायपुर पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इनके अलावा लगभग 100 लोग पिछले एक माह रायपुर में है। पाकिस्तान पीडि़त के रूप में देख रहे इन्हें गृहमंत्री विजय शर्मा ने मुलाकात के बाद इन पाकिस्तानी हिन्दुओं को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में केन्द्र सरकार से … Read more

आईडी ब्लास्ट : जवान के पैरों में आई गंभीर चोट

बीजापुर नक्सलियों का खात्मा करने सुरक्षा बलों के जवान लगातार 5 वें दिन भी बीजापुर के जंगलों में डटे हुए हैं. इसी बीच गलगम के जंगल में DRG का एक जवान नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए IED की चपेट में आ गया. आईडी ब्लास्ट में जवान के पैरों में गंभीर चोट आई है. घायल जवान को तत्काल गलगम CRPF कैंप में प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकॉप्टर से बीजापुर अस्पताल लेजाने की तैयारी की जा रही है बता दें, उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोतापल्ली गांव के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में लगातार 5 दिनों से सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. यह देशभर में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है, जिसमें 10 से 12 हजार जवानों ने बड़े कैडर के नक्सली लीडरों समेत 1500 नक्सलियों को पहाड़ी एरिया में घेर रखा है. सुरक्षा बल के जवान अब नक्सलवाद के खिलाफ अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं. 2 हेलीकॉप्टर से नक्सलियों पर गोलीबारी और बमबारी कर उनका खात्मा किया जा रहा है. मुठभेड़ में जवानों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है, जिनमें से 3 के शव समेत हथियार बरामद हुए हैं. आज 5वें दिन भी लगातार दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है और नक्सलियों पर हेलीकॉप्टर से बमबारी की जा रही है. 40 से अधिक जवान की बिगड़ी तबीयत वहीं इस भीषण गर्मी के बीच सुरक्षाबलों के 40 से ज्यादा जवान लू शिकार हो गए हैं. उन्हें प्राथमिक ईलाज हेतु तेलगांना के पास के वेंकटापुरम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया रहा है. सूत्रों के जानकारी अनुसार मुठभेड़ में शामिल कई जवानों को पर्याप्त मात्रा में पानी और ग्लूकोज नहीं मिल रहा है, जिसके चलते वे हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं. इस बीच अन्य जवान लगातार नक्सलियों के खिलाफ जंगलों में डटे हुए हैं.

चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज दीपक हुड्डा आईपीएल 2025 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके, खतरे में करियर

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज दीपक हुड्डा आईपीएल 2025 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिला। लेकिन एम चिदंबरम स्टेडियम में वह धीमी पारी खेलकर पवेलियन लौटे। उन्होंने 21 गेंद में 22 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने एक छक्का और एक चौका लगाया। चेन्नई सुपर किंग्स की टीम एक बार फिर बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण संघर्ष करती हुई नजर आई और 19.5 ओवर में सिर्फ 154 रन ही बना सकी। 2019 के बाद पहली बार चेन्नई की टीम चेपॉक में ऑल आउट हुई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ डेवाल्ड ब्रेविस के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स का पांचवां विकेट गिरने के बाद दीपक हुड्डा 13वें ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतरे और 7.1 ओवर तक क्रीज पर रहे। लेकिन इसके बावजूद वह चेन्नई को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचा सके। पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने पिछले साल मेगा नीलामी में उन्हें 1.7 करोड़ रुपये में खरीदा था। दीपक हुड्डा ने लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए आईपीएल 2024 में नौ पारियों में 145 रन बनाए थे। दीपक हुड्डा ने इस सीजन सिर्फ चार मैच खेले हैं लेकिन उसमें भी वह मौका का फायदा नहीं उठा सके हैं। दीपक ने चार मैचों में सिर्फ 29 रन बनाए हैं। दीपक ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ तीन, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ चार और कोलकाता के खिलाफ खाता ही नहीं खोल सके थे। दीपक ने 122 मैचों में 1494 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने आठ अर्धशतक भी लगाए हैं। वह पहली बार जारी सीजन में दहाई का आंकड़ा पार कर सके। आईपीएल 2022 में दीपक हुड्डा ने अच्छा प्रदर्शन किया था, जहां उन्होंने 15 मैचों में 451 रन बनाए थे। लखनऊ के लिए खेलते हुए उन्होंने आईपीएल 2023 में 12 मैचों में सिर्फ 84 रन बनाए थे। उन्होंने पिछले सीजन 11 मैचों में 145 रन बनाए।

परशुराम जंयती कब है जानें सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

 परशुराम जयंती का सनातन धर्म में विशेष महत्व है. मान्यता है कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं और यह भगवान शिव के परम भक्त माने जाते है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल परशुराम जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि को मनाई जाती है. भगवान परशुराम का जन्म माता रेणुका और ऋषि जमदग्नि के घर प्रदोष काल में हुआ था उन्हें चिरंजीवी भी माना गया है. इसी दिन अक्षय तृतीया का त्योहार भी मनाया जाता है. इस बार परशुराम जयंती 30 अप्रैल को मनाई जाएगी. परशुराम जयंती शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, परशुराम जयंती की तिथि 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट समाप्त होगी. भगवान विष्णु के अवतार होने के बाद भी भगवान परशुराम की पूजा इतनी प्राचलित क्यों नहीं हैं? आइए इसके पीछे के कारण को जानते हैं. 1. क्षत्रिय विरोधी छवि होने के कारण भगवान परशुराम ने सहस्त्रबाहु जैसे अधर्मी क्षत्रियों का संहार किया था. जिसके कारण कुछ समुदाय उन्हें क्रोधी योद्धा मानते हैं. यह छवि उनकी भक्ति को सीमित करती है. 2. सन्यासी स्वरूप होने के कारण, परशुराम एक योद्धा-ऋषि थे, जिनका तप, शास्त्र और धर्म की रक्षा पर केंद्रित था. उनका कोई पारिवारिक या सामाजिक रूप नहीं था, जिसके कारण भक्तों का जुड़ाव कम रहा. 3. क्षेत्रीय भक्ति होने के कारण जैसे उनकी पूजा मुख्य रूप से दक्षिण भारत और कुछ ब्राह्मण समुदायों में होती है. अन्य क्षेत्रों में राम-कृष्ण की भक्ति अधिक लोकप्रिय है. 4. इसके पीछे की पौराणिक कथा यह है कि परशुराम अमर हैं और कलियुग के अंत में कल्कि अवतार को प्रशिक्षित करेंगे. इस कारण उनकी पूजा भविष्य-उन्मुख मानी जाती है. परशुराम जयंती का महत्व भगवान परशुराम धर्म, शास्त्र और शस्त्र की आराधना का महापर्व है. मान्यता है कि इस दिन पूजा व्रत करने से साहस, शक्ति और शांति प्राप्त होती है. नि:संतान दंपतियों के लिए यह व्रत संतान प्राप्ति में फलदायी माना जाता है. दान पुण्य का विशेष महत्व है, जो मोक्ष और समृद्धि का मार्ग खोलता है. यह दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का भी अवसर है.

साल भर चुनाव होते हैं, जिससे विकास ठप हो जाता है, सरकारी व्यवस्थाओं का दोहन भी रुकेगा: शिवराज सिंह

भोपाल / लखनऊ साल भर चुनाव होते हैं, जिससे विकास ठप हो जाता है. एक राष्ट्र-एक चुनाव होने से विकास कार्यों को पंख लगेंगे और सरकारी व्यवस्थाओं का दोहन भी रुकेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन नेशन वन इलेक्शन का जो सपना देखा है, उसे हम सब को मिल कर साकार करना है. ये बातें एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय संयोजक एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को लखनऊ में कही. शिवराज सिंह  पहली बार लखनऊ पहुंचकर उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद द्वारा एक राष्ट्र-एक चुनाव पर आयोजित संगोष्ठी में अपने विचार रखे. गांधी भवन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव, देश की आवश्यकता है. साल के 12 महीने चुनाव होते रहते हैं. हर प्रदेश के मुख्यमंत्री व मंत्री चुनाव प्रचार करते हैं, इससे विकास कार्य थम जाते हैं. हर महीने आचार संहिता लगने से जनकल्याणकारी योजनाएं भी प्रभावित होती हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने इस योजना पर काम करना शुरू किया था. अब समय आ गया है कि हम सभी उनके इस सपने को साकार करें. कार्यक्रम संयोजक एवं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन, देश के लिए बहुत आवश्यक है. एक राष्ट्र एक चुनाव कराने से न केवल देश पर चुनाव कराने का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि जब एक साथ चुनाव होंगे तो नवगठित सरकार को पांच वर्ष तक निरंतर विकास कार्य करने का पर्याप्त समय मिलेगा. डिप्टी सीएम ने पहलगाम हमले में मारे गए सभी नागरिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने हुए कहा कि इस घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों एवं उनके आकाओं को कतई बख्शा नहीं जाएगा. उनके खिलाफ हमारी फोर्स लगातार कार्रवाई कर रही है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन देश के लिए बहुत जरूरी है. लगातार चुनाव चलते हैं, इससे देश के संसाधनों और समय की हानि होती है. न्यायमूर्ति (अ.प्र.) रंगनाथ पाण्डेय ने कहा कि आचार संहिता से विकास की गति भी प्रभावित होती है. वन नेशन वन इलेक्शन, देश की जरूरत है. हम सभी को इस अभियान की महत्ता समझनी चाहिए. कार्यक्रम में एक राष्ट्र एक चुनाव पर डॉक्यूमेंट्री को प्रदर्शित किया गया. अत्याधुनिक एआई तकनीकि द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उद्बोधन भी हुआ.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडरी में स्वरा प्रतिष्ठान का भव्य शुभारंभ किया

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडरी में स्वरा प्रतिष्ठान का भव्य शुभारंभ किया और प्रतिष्ठान के संचालक को अपनी शुभकामनाएं दी। स्वरा प्रतिष्ठान में शहरवासियों को आधुनिक फैशन और डिजाइनर कपड़ों का अच्छा कलेक्शन मिलेगा।

इंदौर में आतंक के खिलाफ जली मोमबत्ती, पाकिस्तान जाने वाली दवाओं पर लगे रोक

इंदौर पहलगाम में आतंकवादी हमले के खिलाफ भाजपा पार्षद ने अनूठा प्रदर्शन किया, जिसमें पाकिस्तान और रॉबर्ट वाड्रा के डस्टबिन बनाकर ‘थू-थू(Thu-Thu Pakistan)’ अभियान चलाया गया। नौलखा चौराहे पर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। वाड्रा(Robert Vadra) ने आतंकी घटना के लिए देश के हिंदुत्व को जिम्मेदार बताया था। राजबाड़ा पर विहिप का प्रदर्शन धर्म पूछकर मौत के घाट उतारने की घटना के विरोध में विहिप ने राजबाड़ा पर प्रदर्शन किया, जिसमें आतंकवाद का पुतला जलाया गया। प्रदर्शन में मालवा प्रांत संगठन मंत्री खगेंद्र भार्गव मौजूद थे। कहना था कि जिहादियों के समर्थकों का बहिष्कार करना चाहिए। आतंक के खिलाफ जली मोमबत्ती सद्भावना मंच के बैनर तले रीगल तिराहे पर कैंडल मार्च निकाला गया। एकजुट होकर आतंकवाद से मुकाबला करने की कसम खाई गई। प्रदर्शन में अध्यक्ष डॉ. शरद पंडित प्रमुख रूप से मौजूद थे। बोहरा समाज ने पेश की खिराज ए अकीदत बोहरा समाज ने सभी मस्जिदों में जुमा की जौहर, असर नमाज बाद आतंकी हमले में मारे गए लोगों को खिराज ए अकीदत पेश की और हमले में घायल लोगों को जल्द से जल्द स्वस्थ होने की दुआ की। समाज के मीडिया प्रभारी जौहर मानपुरवाला ने बताया कि समाज के सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखा। गुजराती समाज ने की कड़ी कार्रवाई की मांग श्री गुजराती समाज ने मृत पर्यटकों को श्रद्धांजलि दी। अध्यक्ष दीपक सोनी ने घटना को कायराना बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। सभा में मृतकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। मौके पर मानद महामंत्री पंकज संघवी, अमित दवे, अतुल शेठ, नवनीत पटेल, नरेन्द्र वी. पटेल सहित कई लोग मौजूद थे। पाकिस्तान जाने वाली दवाओं पर लगे रोक बेसिक डीलर एसोसिएशन मध्यप्रदेश के महासचिव जेपी मुलचंदानी ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि देश में बनी मेडिसिन दवाएं जो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष पाकिस्तान जाती है उन पर रोक लगाई जाना चाहिए। दवा निर्माताओं से भी मांग की है कि वे आर्थिक हितों को त्यागते हुए देशहित में बड़ा कदम उठाएं। अग्रवाल समाज ने निकाला कैंडल मार्च अग्रवाल समाज इंदौर फाउंडेशन से जुड़े 60 अग्रवाल संगठनों व शनि उपासक मंडल ने शुक्रवार शाम को रीगल चौराहे पर दिवंगतों की आत्मशांति के लिए कैंडल मार्च निकाला व मानव श्रृंखला बनाकर श्रद्धांजलि दी। संजय बांकड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तैयार कर आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। मौके पर पार्षद मृदुल अग्रवाल, गणेश गोयल, प्रतिभा मित्तल, हरि अग्रवाल मौजूद थे। आधा दिन बंद रहा दवा बाजार द इंदौर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल और सचिव निर्मल जैन ने बताया कि पहलगाम(Pahalgam Terror Attack) में हुए नरसंहार के विरोध में और मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार को दवा बाजार आधे दिन बंद रहा। सभी दुकानें दोपहर 01 बजे तक नहीं खुली। व्यापारी ने मांग की कि घटना के जिम्मेदारों को सबक सिखाने के लिए सरकार कड़े कदम उठाएं। पयर्टक और पर्यटन दोनों पर है हमला ट्रेवल और टूरिज्म से जुड़े संगठनों के सदस्यों ने रीगल तिराहा पर प्रदर्शन किया। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने कहा, आंतकी हमला पयर्टकों के साथ पर्यटन पर भी है। हम सरकार से अनुरोध करेंगे कि सुरक्षा इंतजाम और कड़े किए जाए। हमले के विरोध में रीगल तिराहे पर एक मानव शृंखला बनाई। यह देश की अखंडता पर हमला मप्र हाईकोर्ट के प्रशिक्षित मध्यस्थ समूह ने शुक्रवार शाम रीगल चौराहा पर एकत्रित होकर कश्मीर में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack)के मृतकों को श्रद्धांजलि दी। मध्यस्थता केंद्र उच्च न्यायालय के मास्टर ट्रेनर मोहम्मद शमीम ने कहा, यह देश की एकता और अखंडता पर हमला है। हम सब इसकी कड़ी निंदा करते हैं। इस अवसर पर 27 समाज के प्रमुख एकत्रित हुए। इस दौरान शहरकाजी डॉ. इशरत अली, डॉ. नरेंद्र धाकड़, मध्यस्थता समन्वयक दिलीप गर्ग, अमिताभ सिंघल, एजाज शेख, कासिम अली, मोहसिन अली हकीमुद्दीन, मनजीत सिंह, अमजद बेलिम, हमीद खान, अमानुल्लाह सिद्दीकी, सईद खान सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

इंदौर में नाबालिग के विवाह से पहले प्रशासन की कार्रवाई, 36 जोड़ो को रुकवाई शादी

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में शुक्रवार को एक सामूहिक विवाह समारोह में बाल विवाह का मामला सामने आया। अधिकारियों ने 36 नाबालिग जोड़ों की शादी रुकवा दी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गठित फ्लाइंग स्क्वाड के प्रमुख महेंद्र पाठक ने यह जानकारी दी। यह घटना देपालपुर तहसील के बछोड़ा गांव में हुई। नाबालिग लड़के और लड़कियों की शादी करवाई जा रही थी। सूचना मिलने पर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। महेंद्र पाठक ने बताया कि कुल 49 जोड़ों का विवाह हो रहा था। जांच में पता चला कि इनमें से 36 जोड़े नाबालिग हैं। लड़कियों की उम्र 16 से 17 साल के बीच थी और लड़कों की उम्र लगभग 20 साल थी। उन्होंने बताया कि हमने हस्तक्षेप किया और आयोजकों को संभावित कानूनी परिणामों की चेतावनी देने के बाद समारोहों को रोक दिया। उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई कानूनी उम्र पूरी करने वाले बाकी 13 जोड़ों को शादी करने की अनुमति दी गई। भारत में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार, विवाह के लिए कानूनी न्यूनतम आयु पुरुषों के लिए 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष है। इस कानून का उल्लंघन करने वालों को दो साल तक की कठोर कारावास या ₹1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। कम उम्र में शादी करने पर होता नुकसान अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग जोड़ों के माता-पिता को समझाया गया कि बाल विवाह कानूनन गलत है। उन्हें बताया गया कि कम उम्र में शादी करने से लड़कियों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर बुरा असर पड़ता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे बाल विवाह को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। वे लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं।

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