LATEST NEWS

02 मई 2025 शुक्रवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- किसी को उधार दिया हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने के लिए यह एक अच्छा दिन है। पारिवारिक विवाद को सुलझाने का आपका प्रयास सफल होने की संभावना है। वृषभ राशि- आपको किसी भी काम का ज्यादा प्रेशर लेने की जरूरत नहीं है। आज आपको बीच का रास्ता अपनाने की सलह दी जाती है। संतुलन बनाना जरूरी है। जिस व्यक्ति से आप प्यार करते हैं, उसे यह बताने के लिए बहुत साहस की आवश्यकता होती है कि आपके रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं। मिथुन राशि- हो सकता है किसी मुद्दे पर परिवार आपके साथ न हो। कुछ स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई के मामले में सुधार होने की संभावना है। जिसे आप प्यार करते हैं उसे प्रभावित करने के आपके प्रयास आपको रोमांटिक शाम बिताने का मौका दे सकते हैं। कर्क राशि- अपने नियमित व्यायाम से ब्रेक लेने से आपको लाभ होगा। यदि आपने व्यवसाय में पैसा खो दिया है, तो आप इसे फिर से कमाने के लिए तैयार हैं। सफलतापूर्वक पूरा हुआ कोई प्रोजेक्ट आपको प्रतिष्ठा के पद पर पहुंचा सकता है। सिंह राशि- कभी-कभी आपको लोगों को उनकी इच्छाओं के अनुसार चलने देना चाहिए और उन्हें खुश करने की कोशिश में खुद पर तनाव नहीं डालना चाहिए। स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन कोई गंभीर बात नहीं होगी। कन्या राशि- आप दुनिया को दूसरों से अलग रूप में देखते हैं। आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप कोई दरवाजा खुलता हुआ देखें तो मौके को हाथ से न जाने दें। आप दूसरों को अपनी खुशी में इनवॉल्व करना चाहेंगे, लेकिन हो सकता है कि वे तैयार न हों। तुला राशि- कार्यस्थल पर आपका सामना किसी ऐसे व्यक्ति से हो सकता है, जो थोड़ा दबंग है। आप उन्हें खुश करने की पूरी कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अगर किसी ने तय कर लिया है कि वे संतुष्ट नहीं होंगे, तो आप उनका मन बदलने के लिए बहुत कुछ नहीं कर सकते। वृश्चिक राशि- आज सुस्ती के कारण आपकी फिटनेस दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। कुछ लोगों के लिए शहर से बाहर की यात्रा का आनंद लेना संभव है। प्रेम जीवन में दिन रोमांटिक साबित हो सकता है। सेहत को लेकर बेवजह चिंता करने की सलाह नहीं दी जाती है। धनु राशि- यह तो बस आपकी यात्रा की शुरुआत है। संपत्ति का कोई मसला सही ढंग से सुलझने की संभावना है। स्टूडेंट्स के लिए शिक्षा के मामलें में अतिरिक्त प्रयास करने का समय है। दोस्तों के साथ बाहर जाने से आपका ध्यान कुछ जरूरी मामलों से हट जाएगा। मकर राशि- अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अपनी क्षमता के अनुसार काम करने से इनाम मिलता है, जो आपको प्रमोशन और तारीफ के रूप में मिल सकता है। आपने जो कमाया है उसका पूरा लाभ उठाएं। कुंभ राशि- अपना समय लें लेकिन यह ध्यान रखें कि आपको अपनी यात्रा अकेले ही पूरी करनी होगी। किसी मुद्दे पर चिंता आपको परेशान कर सकती है, लेकिन लंबे समय तक नहीं। वित्तीय मोर्चे पर स्थिरता कुछ लोगों के लिए राहत बनकर आएगी। मीन राशि- कुछ लोगों को कमाई बढ़ाने के नए रास्ते मिलेंगे। कार्यस्थल पर आपने जो सोच रखा है उसे हासिल करने से आपको कोई नहीं रोक सकता। किसी मेहमान के घर में आने से काफी उत्साह भरने की संभावना है।

बिजली कार्मिक 24×7फोन पर हैं उपलब्ध

भोपाल. आँधी, बारिश के दौरान एवं अन्य व्यवधान के कारण हुए बिजली फॉल्ट की शिकायतें दर्ज कराने के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को अनेक विकल्प प्रदान किये गये हैं। अब उपभोक्ताओं के पास विद्युत व्यवधान संबंधी शिकायतों को दर्ज करने के लिए कॉल सेन्टर के टोल फ्री नंबर 1912, व्हाट्सऐप नंबर 0755-2551222, मोबाइल ऐप ‘उपाय (UPAY) अथवा कंपनी की वेब साइट portal.mpcz.in का विकल्प मौजूद है। उपभोक्ता इन विकल्पों में से किसी भी एक विकल्प का उपयोग कर अपनी विद्युत व्यवधान संबंधी शिकायतें दर्ज कर आसानी से निराकरण करा सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने के लिए अपने मोबाइल में कंपनी के व्हाटसऐप नंबर 07552551222 को सेव कर मैसेज “Hi” लिखकर भेजें एवं आगामी संदेशों का पालन करें। इसी प्रकार प्ले स्टोर के माध्यम से उपाय ऐप को डाउनलोड कर एवं उसके उपयोग से भी अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते है। कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in पर जाकर एलटी सर्विसेज पर क्लिक करें उसके बाद कंपलेंट पर क्लिक करें तथा आगामी संदेशों का पालन करें अथवा 1912  पर कॉल कर आईवीआरएस के माध्यम से त्वरित शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने उपभोक्‍ताओं की सुविधा को देखते हुए फ्यूज ऑफ कॉल (विद्युत अवरोध को दूर करना) समय पर अटेण्ड करने के निर्देश दिए हैं। प्रबंध संचालक ने कहा है कि कंपनी के समस्त मैदानी अधिकारी अथवा कार्मिक अपने मोबाईल फोन को 24 घंटे चालू रखें। किसी अधिकारी अथवा कार्मिक का मोबाईल नंबर अगर बंद पाया गया तो उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मैदानी अफसरों से कहा है कि वे विद्युत आपूर्ति और रख-रखाव तथा ऑपरेशन्स को देखते हुए सतर्कता और सजगता से काम करें तथा कोई कार्मिक अवकाश पर जाता है तो उसके स्थान पर वैकल्पिक कार्मिक की तैनाती की व्यवस्था पहले से ही करें। कंपनी ने कहा है कि आंधी, तूफान और बारिश के दौरान कॉल सेन्टर में एफओसी (विद्युत अवरोध) से संबंधित उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत शिकायतों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए काल सेन्टर के ऑपरेशनल एवं सुपरवाइजरी स्टॉफ को और अधिक सजगता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि आपदा के समय संपर्क करने हेतु लाइनमेनों के मोबाईल नंबर आदि की जानकारी अपडेट रखें। मैदानी अधिकारियों से कहा गया है कि वे जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से सपंर्क और समन्वय बनाने का काम करें।  

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में खाली पद जल्द भरें जायेंगे, डिप्टी सीएम ने अफसरों को दिए निर्देश, बोले- टाइम लिमिट पर फोकस करें

भोपाल मध्य प्रदेश में तबादलों से बैन हटने के बाद अब विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को तेज करने की कवायद शुरू हो गई है, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती का कार्य एक निश्चित समय-सीमा का निर्धारण कर शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने इस समय चल रही भर्ती प्रक्रिया की अपडेट जानकारी अधिकारियों से ली। भर्ती प्रक्रिया सरल बनाने संशोधन की भी बात मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग , सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मण्डल के अधिकारियों के साथ बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में यह निर्देश स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों की बैठक में दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिए जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों के लिए परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, संचालक मलिका निगम नागर, संचालक कर्मचारी चयन मंडल संकेत मालवीय और सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अनिल सुचारी की मौजूदगी में हुई बैठक में कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाए। स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करे। मंत्री बोले- प्रस्तावों को गंभीरता से लें बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिये जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों की पूर्ति के लिये परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिये गये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें। वेतन विसंगति दूर करने के निर्देश स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करें और प्रस्ताव के विषय में वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाये।  राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने तथा कर्मचारियों के ग्रेड-पे और एनएचएम कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समतुल्य सुविधाएं देने आदि पर विचार करने के निर्देश दिए।  

नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई

नई दिल्ली नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोतरी के साथ जीएसटी कलेक्‍शन रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्‍शन साल-दर-साल 12.6 प्रतिशत बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया. इससे पहले सबसे ज्‍यादा जीएसटी कलेक्शन अप्रैल 2024 में हुआ था, जो 2.10 लाख करोड़ रुपये था. हालांकि अब ये रिकॉर्ड भी टूट चुका है. मार्च 2025 में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये था. घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 10.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 20.8 प्रतिशत बढ़कर 46,913 करोड़ रुपये हो गया है. जनवरी से मार्च तक कितना रहा जीएसटी कलेक्‍शन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.9% की ग्रोथ है. फरवरी में जीएसटी कलेक्‍शन 1.83 लाख करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 9.1% की ग्रोथ रही. वहीं जनवरी में भी 1.96 लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्‍शन रहा, जो 12.3% की ग्रोथ को दिखाता है. जीएसटी कलेक्‍शन में हर महीने बढ़ोतरी की बड़ी वजह देश में घरेलू मांग की बढ़ोतरी रही है. इन जगहों पर ज्‍यादा हुआ जीएसटी कलेक्‍शन लक्षद्वीप में जीएसटी कलेक्‍शन में 287% की ग्रोथ हुई है. राज्यों में, अरुणाचल प्रदेश ने 66% की ग्रोथ दर्ज की है, जबकि मेघालय और नागालैंड में क्रमशः 50% और 42% की वृद्धि हुई है. हरियाणा, बिहार और गुजरात जैसे बड़े राज्यों ने भी दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की है. इसके विपरीत, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में गिरावट देखी गई, जिसमें मिजोरम में 28% की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. कब लागू हुआ था जीएसटी? बता दें, देश में  1 जुलाई 2017 को GST लागू हुआ था. वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत में वस्तुओं और सेवाओं के निर्माण, बिक्री और उपभोग पर अप्रत्यक्ष कर है. जीएसटी के 4 प्रकार हैं, जिसमें सीजीएसटी, एसजीएसटी, यूटीजीएसटी और आईजीएसटी शामिल हैं. कभी-कभी उपकर भी लगाया जाता है. भारत में विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के लिए GST की दरें 4 स्लैब में विभाजित किया गया है, 5% जीएसटी, 12% जीएसटी, 18% जीएसटी और 28% जीएसटी. देश में GST लागू होने के बाद जीएसटी परिषद ने कई बार विभिन्न उत्पादों के लिए जीएसटी दरों में संशोधन किया है.  

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के नये संशोधन 15 मई से होंगे प्रभावी

भोपाल. मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में किये गये संशोधन 15 मई 2025 से प्रभावी होंगे। नये संशोधन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के लिये चार तिथियां बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया एवं तुलसी विवाह (देवउठनी ग्यारस), एक अन्य तिथि विभाग के अनुसार निर्धारित की जा सकती है। योजना के अन्तर्गत अब सामूहिक विवाह इन्हीं तिथियों में आयोजित होंगे, जिन्हें योजना के तहत लाभ प्रदान किया जायेगा। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की दृष्टि से योजना की तिथियों का निर्धारण किया गया है। साथ ही सामूहिक विवाह समारोह में जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 तथा अधिकतम 200 निर्धारित की गई है। योजना का लाभ प्राप्त करने की अन्य शर्तें पूर्ववत ही रखी गयी हैं। योजना के तहत 49 हजार रूपये सीधे वधु के खाते में ट्रांसफर किये जाते हैं तथा 6 हजार रूपये की राशि आयोजनकर्ताओं को व्यवस्थाओं के लिये दिया जाता है।  

सिंगाजी-पीथमपुर 400 के.व्‍ही. लाइन के लंबित ओ.पी.जी.डब्ल्यू. कार्य पूर्ण

भोपाल. प्रदेश की प्रमुख संत सिंगाजी थर्मल पॉवर हाउस खंडवा-पीथमपुर 400 के.व्‍ही. डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन जल्द प्रारंभ होगी। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने बताया कि लंबे समय से लंबित ओ.पी.जी.डब्ल्यू. (ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर) स्थापित करने का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। ओ.पी.जी.डब्ल्यू. कार्य को खरगोन जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग से संपन्न किया गया। इस तकनीकी उपलब्धि से न केवल ट्रांसमिशन लाइन को आकाशीय बिजली से सुरक्षा मिली है, बल्कि इससे उच्च गति के डाटा ट्रांसफर का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। एम.पी. ट्रांसको की अधीक्षण अभियंता श्रीमती नीलम खन्ना ने बताया कि यह कार्य खरगोन जिले की सनावद तहसील के ग्राम सताजाना और कालबरड़ क्षेत्र से गुजरने वाले लगभग 4 किलोमीटर के हिस्से में गंभीर राइट ऑफ वे (आर.ओ.डब्ल्यू.) समस्याओं के चलते पिछले 5 वर्षों से लंबित था। एम पी ट्रांसको की पहली क्वाडमूस लाइन एम.पी. ट्रांसको की यह पहली क्वाडमूस कंडक्टर से निर्मित 140 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन है, जिसमें ओ.पी.जी.डब्ल्यू. स्थापना के पश्चात तेज डाटा संचार एवं ट्रांसमिशन प्रणाली के नए आयाम जुड़ गए हैं। इससे स्काडा प्रणाली, सब-स्टेशनों के रिमोट ऑपरेशन, ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन और मॉनिटरिंग डेटा अब जी.एस.एम. की बजाय तीव्र और विश्वसनीय फाइबर ऑप्टिक माध्यम से संचरित होंगे। साथ ही इस लाइन में उपलब्ध डार्क फाइबर को संचार कंपनियों को लीज पर भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।

तेज आंधी के कारण बिजली कंपनी के कबाड़ में आग, कुम्हारी में रेल यातायात पेड़ गिरने से प्रभावित

भिलाई भिलाई तीन स्थित एरिया स्टोर के बाहर पुराने मीटर और ट्रांसफार्मर के कबाड़ में गुरुवार की शाम आग लग गई। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन तेज आंधी के दौरान ही यह आग लगी है। घटना की जानकारी लगते ही बिजली कंपनी के अधिकारियों में हड़कंप मच गया, क्योंकि आग के पास ही 132 केवी क्षमता का सब स्टेशन है। आग पर काबू पाने के लिए जिला अग्निशमन सेवा के वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत शुरू की।     आग के पास ही करीब 100 मीटर तक लगातार कबाड़ रखा हुआ है, जिसमें यदि आग फैली तो बड़ी तबाही की स्थिति बन सकती थी। इसलिए आग पर काबू पाना बहुत जरूरी था।     आग लगने का समय करीब 5:00 बजे बताया जा रहा है। आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिससे आग ने आसपास रखे कबाड़ को भी अपनी चपेट में ले लिया।     देखते ही देखते आग में से तेज धुआ और आग की लपटे निकलने लगी। जिला अग्निशमन सेवा के वाहनों ने आग पर काबू पाने के लिए पूरी कोशिश की और आग को बुझाने में सफल रहे। कुम्हारी में रेलवे क्रॉसिंग के पास पेड़ गिरने से रेल यातायात प्रभावित     कुम्हारी में स्थित परसदा रेलवे क्रॉसिंग के पास एक बड़ा पेड़ रेलवे के ओवरहेड तार पर गिर गया, जिससे तार टूटकर गिर गया और पेड़ में आग लग गई। यह घटना शाम करीब 4:00 बजे की है।     पेड़ और तार गिरने से दुर्ग-रायपुर के बीच रेल यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। रेलवे की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर लाइन को बंद करने के बाद राहत कार्य शुरू किया।     शाम 6:10 बजे के करीब दुर्ग से रायपुर की ओर पहली ट्रेन रवाना की गई। धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य किया जा रहा है। इस दौरान कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया था।     रेलवे की टीम राहत कार्य में जुटी हुई है और जल्द ही रेल यातायात को पूरी तरह से सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।  

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का हैं सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे सनातन धर्म में सभी की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की गई है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। विवाह में सिर्फ वर-वधु का विवाह नहीं, बल्कि दो परिवारों और कुटुम्बों का मिलन भी होता है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उसकी बेटी का, उन्होंने जितने अच्छे से लालन-पालन किया उससे अच्छा लालन-पालन और प्यार उसे ससुराल में मिलेगा। इस विश्वास के साथ ही बेटी के माता-पिता उसे वर को सौंपते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर जिले के गढ़ाकोटा में 23वें वृहद सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में 3 हजार 219 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। समारोह में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मंत्री लखन पटैल, सांसद सागर संसदीय क्षेत्र श्रीमती लता वानखेडे, दमोह सांसद राहुल सिंह, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री एवं विधायक जयंत मलैया, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक ब्रज बिहारी पटैरिया, पूर्व विधायक श्रीमती पारुल साहू, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व मंत्री श्रीमती ललिता यादव, श्री108 किशोरदास जी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला अध्यक्ष श्रीमती रानी पटैल, अभिषेक दीपू भार्गव, डॉ. अनिल तिवारी, शैलेश केसरवानी ने भी नव दंपत्तियों को वैवाहिक जीवन के शुभारंभ पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे विश्वास है कि वर पक्ष के परिवार बहु को बेटी के समान ही प्यार और सम्मान देंगे। उन्होंने कहा कि गढ़ाकोटा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में निकाह के साथ पुनर्विवाह भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणियों का पुनर्विवाह एक अच्छी पहल है। यह पवित्र कार्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों और समाजसेवियों से अपील करते हुए कहा कि वे कल्याणियों के पुनर्विवाह में उनका सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार कल्याणियों के पुनर्विवाह, निःशक्तजन के विवाह और सामाजिक समरसता स्थापित करने, अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड वीरों की भूमि है, बुन्देलखंड के वीरों का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुन्देलखंड की पवित्र भूमि में सामूहिक कन्या विवाह के भव्य समारोह के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। सामाजिक समरसता का महाकुंभ है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह : विधायक पूर्व एवं मंत्री भार्गव रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कन्यादान महादान है, कन्यादान करने से मोक्ष प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि 23 वर्ष पहले प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम जीवन के अंतिम क्षण तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका रहली की जनता के साथ पीढ़ियों का रिश्ता है। विधायक भार्गव ने कहा कि धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक महाकुंभ में आज 3 हजार 219 से अधिक नवदंपत्तियों ने सात फेरे लिए हैं। मुझे अब तक 28 हजार से अधिक बेटियों के कन्यादान का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन की अंतिम सांस तक बेटियों का कन्यादान करने का सिलसिला चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि कन्यादान विवाह समारोह समाज से भेदभाव मिटाने का कार्य भी कर रहा है। विधायक भार्गव ने कहा कि मैंने अपने इकलौते बेटे अभिषेक दीपू भार्गव का विवाह भी इसी महाकुंभ में सभी वर्गों एवं विभिन्न जातियों के जोड़ों के साथ कराया था। इसी प्रकार मैंने अपनी बेटी का विवाह भी सामूहिक विवाह समारोह में किया था। उन्होंने कहा कि सौभाग्य की बात है कि समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मिलित होकर नव दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी नव दंपत्तियों के लिये शुभकामना संदेश भेजा है। बुंदेली व्यंजनों से किया गया नव दंपत्तियों का स्वागत 23वें कन्यादान विवाह निकाह समारोह में 3 हजार से अधिक नव-दंपत्तियों के साथ घराती-बरातियों का बुंदेली व्यंजनों के साथ स्वागत किया गया। कन्यादान कार्यक्रम में सभी बुंदेली व्यंजनों के साथ आम का पना, फ्रूटी, आइसक्रीम, कढ़ी-चावल, बिजोरा, रोटी, खीर, पुरी, पापड़, चटनी, अचार, सलाद सहित अन्य बुंदेली व्यंजन परोसे गए।

बीएसए ने जारी किया आदेश, भीषण गर्मी के चलते कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के स्कूल का बदला समय

प्रयागराज भीषण गर्मी और तेज धूप के चलते विद्यालयों के समय में बदलाव के लिए आदेश जारी किया गया है। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने आदेश जारी किया है। इसके तहत कक्षा एक से आठ तक का समय सुबह सात बजे से 11:30 बजे तक करने के लिए कहा गया है। ये आदेश बृहस्पतिवार एक मई से अगले आदेश तक प्रयागराज के सभी बोर्डों के विद्यालयों के लिए जारी किया गया है। विद्यालयों में 15 मई से ग्रीष्मवकाश रहेगा। बीएसए के मुताबिक यह आदेश जनपद के ग्रामीण एवं नगर क्षेत्र में संचालित सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य समस्त बोर्डों से मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के सभी विद्यालयों पर लागू होगा। इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नहीं हुई बारिश, हवाओं ने दिलाई गर्मी से थोड़ी राहत मौसम विभाग का बारिश का पूर्वानुमान एक बार फिर से गलत साबित हुआ है, हालांकि इस बीच चल रही तेज हवाओं ने गर्मी से थोड़ी राहत दिलाई। वहीं, मौसम के जानकारों ने अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और तापमान में गिरावट का अनुमान है। वहीं, मंगलवार की अपेक्षा अधिकतम व न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी रही। इस बीच मौसम विभाग की बारिश की भविष्यवाणी एक बार फिर से गलत साबित हुई। दिनभर धूप निकली रही और हल्के-फुल्के बादल देखने को मिले, मगर अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम होने की वजह से लोगों को गर्म हवाओं का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं, मौसम के जानकारों ने अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई है।

उन्नत कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए 3 मई को मंदसौर में होगा किसान मेले का आयोजन

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कृषि नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिये 3 मई 2025 को मंदसौर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कृषक सम्मेलन एवं कृषि उद्योग समागम-2025 का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, जन-प्रतिनिधि, कृषक, उद्यमी, निर्यातक एवं एफपीओ प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आयोजन में खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में कार्य करने के लिये इच्छुक निवेशकों के साथ संवाद भी करेंगे, जिससे नये निवेशक मंदसौर जिले में निवेश के लिये आकर्षित होंगे और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। मंदसौर जिला औषधीय और मसाला खेती में अग्रणी है। मेले के आयोजन से मंदसौर जिले में औषधीय फसलों को और अधिक बढ़ावा मिल सकेगा। उन्नत कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए 3 मई को मंदसौर जिले के सीतामऊ में किसान मेला एवं एग्री-हॉर्टी एक्सपो का आयोजन किया जायेगा। किसान मेले में किसानों को उन्नत तकनीकों, बीज, आधुनिक कृषि उपकरणों, शासन की योजनाओं एवं कृषि प्रबंधन की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में आधुनिक कृषि यंत्रों, नवीनतम बीजों, संरक्षित खेती, प्राकृतिक कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य प्र-संस्करण एवं जैविक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही कृषि आधारित उद्योगों, एफपीओ, निर्यातकों हेतु संगोष्ठी एवं नेटवर्किंग सत्र आयोजित होंगे। कृषक सम्मलेन एवं एग्री-हॉर्टी एक्सपो में किसानों से जुड़े विविध तरह के राज्य स्तरीय स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉल्स के माध्यम से कृषकों को उन्नत तकनीकी, खेती-किसानी की जानकारी और नवाचारों के संबंध में बताया जाएगा। कृषि अभियांत्रिकी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, एम.पी. एग्रो, एमएसएमई, मत्स्य, पशुपालन, नवकरणीय ऊर्जा विभाग, राजस्व विभाग द्वारा कृषि यंत्र, ड्रोन एवं उपकरण, कृषि आदान व्यवस्था नवीन प्रजातियों के बीज उवर्रक, पेस्टीसाइड आदि, बैंकर्स एवं फसल बीमा, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, संरक्षित खेती, वर्मी बेड, मल्चिंग, पौंड प्लास्टिक लाइन (पोली/शेडनेट हाउस आदि), खाद्य प्र-संस्करण, ओडीओपी, रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आर.ए.एस), केज कल्चर, बायोफलॉक एवं मत्स्य महासंघ का डिस्पले, चलित पशु चिकित्सा इकाई, आदर्श गौशाला, सार्टेड सेक्सड सीमन, एंब्रियो ट्रांसफर तकनीक, सांची मिल्क पार्लर एवं मिल्क क्वालिटी टेस्टिंग, एग्री फोटो वॉल्टाइक एग्री स्टेक के स्टॉल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समागम में आये अतिथि निवेशकों के साथ संवाद करेंगे और राज्य सरकार की योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण करेंगे। यह समागम प्रदेश के किसानों के लिए नवाचार, तकनीकी उन्नयन और उद्यमिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

‘क्या आप सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं?’ पहलगाम हमले पर जनहित याचिका पर सुनवाई से SC का इनकार

नई दिल्ली पूरे देश में इस समय पहलगाम आतंकी हमले को लेकर आक्रोश है। इस बीच इस हमले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। न्यूज एजेंस पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले को फटकार लगाते हुए कहा कि न्यायाधीश आतंकवाद मामलों की जांच के विशेषज्ञ नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका दायर करने वालों को फटकार लगाते हुए सवाल किया कि क्या वे सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं? उन्हें ऐसे मुद्दों को न्यायिक क्षेत्र में नहीं लाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि इस मुश्किल वक्त में देश का प्रत्येक नागरिक आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुट है।  जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर करने वाले वकीलों की कड़ी आलोचना की। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा, “जिम्मेदार बनो। देश के प्रति तुम्हारा कुछ कर्तव्य है। क्या यही तरीका है… प्लीज ऐसा मत करो। कब से कोई रिटायर्ड हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का जज ऐसे मुद्दों की जांच करने के लिए विशेषज्ञ बन गया है? हम कुछ भी नहीं सुन रहे हैं।” जस्टिस सूर्यकांत ने आगे कहा, “यह वह महत्वपूर्ण समय है जब देश का हर नागरिक आतंकवाद से लड़ने के लिए हाथ मिला रहा है। ऐसी कोई प्रार्थना न करें जिससे किसी का मनोबल गिरे। मामले की संवेदनशीलता देखिए।” ‘सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं’ पीठ ने कहा, “इस महत्वपूर्ण समय में देश के हर नागरिक ने आतंकवाद से लड़ने के लिए हाथ मिलाया है. क्या आप इस तरह की जनहित याचिका दायर करके सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं. इस तरह के मुद्दे को न्यायिक क्षेत्र में न लाएं.” याचिकाकर्ता फतेह कुमार साहू और अन्य को जनहित याचिका वापस लेने के लिए कहा गया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझें और अदालत में ऐसी कोई अपील न करें, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल गिरे. ‘आदेश पारित करने को न कहें’ पीठ ने याचिकाकर्ताओं में से एक से कहा, “आप रिटायर सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच करने के लिए कह रहे हैं. वे जांच के विशेषज्ञ नहीं हैं, बल्कि वे केवल निर्णय दे सकते हैं और किसी मुद्दे पर निर्णय ले सकते हैं. हमें आदेश पारित करने के लिए न कहें. आप जहां जाना चाहते हैं, जाएं. बेहतर होगा कि आप वापस चले जाएं.” जनहित याचिका में केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की मौत बता दें कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने अनंतनाग जिले के पहलगाम के ऊपरी इलाकों में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल बैसरन में गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए. मरने वालों में अधिकतर दूसरे राज्यों से आए पर्यटक थे – इस घटना ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा दिया है. किसने दायर की थी पिटीशन जनहित याचिका कश्मीर के रहने वाले मोहम्मद जुनैद ने दायर की थी। याचिकाकर्ताओं में फतेश कुमार साहू और विकी कुमार का भी नाम है। याचिका में ये भी कहा गया है कि केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी थी कश्मीर के पहलगाम स्थित बायसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। इसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। इसमें एक नेपाल का टूरिस्ट भी शामिल था। आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछकर गोली मारी थी। हमले की जिम्मेदारी पहले द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, हालांकि बाद में इससे मुकर गया था। पहलगाम हमला मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। NIA ने मामले में 27 अप्रैल को जम्मू में केस दर्ज किया था। चश्मदीद ने बताया था, 22 अप्रैल को क्या हुआ था… आतंकी हमले में महाराष्ट्र के संतोष जगदाले भी मारे गए थे। जगदाले अपनी पत्नी और बेटी के साथ पहलगाम घूमने गए थे। साथ में एक महिला रिश्तेदार भी थी। आतंकियों ने तीनों महिलाओं को छोड़ दिया। जगदाले की बेटी असावरी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया था- हम पांच लोगों का ग्रुप था। इसमें मेरे माता-पिता भी शामिल थे। हम पहलगाम के पास बैसरन घाटी में थे, तभी गोलीबारी की आवाज सुनी। देखा कि पुलिस के कपड़े पहने कुछ लोग गोलियां चला रहे हैं। असावरी ने कहा, ‘हम सभी पास के एक टेंट में छिप गए। 6-7 अन्य लोग भी आ गए। हम सभी गोलीबारी से बचने के लिए जमीन पर लेट गए, पहले लगा कि यह आतंकवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कोई मुठभेड़ है। तभी एक आतंकी हमारे टेंट में आ गया। उसने मेरे पिताजी को बाहर आने के लिए कहा। साथ ही पीएम मोदी के लिए कुछ गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। फिर उन्होंने मेरे पिता से एक इस्लामी आयत (शायद कलमा) पढ़ने को कहा। जब वे नहीं पढ़ पाए तो उन्हें तीन गोलियां मार दीं, एक सिर पर, एक कान के पीछे और एक पीठ में। मेरे चाचा मेरे बगल में थे। आतंकवादियों ने उन्हें चार से पांच गोलियां मारीं।’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद में वन समितियों एवं जनजातीय सम्मेलन में दीं अनेक सौगातें

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय वर्ग को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुरूप जनजातीय भाई-बहनों के समग्र कल्याण के लिए पेसा नियमों को ध्यान में रखते हुए जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और अधिक गति दी जा रही है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बसे जनजातीय परिवारों को भी केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं जैसे पक्का मकान, नि:शुल्क राशन और आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि हर गरीब और जरूरतमंद के बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए हमारी सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। राज्य सरकार तेंदुपत्ता संग्राहकों को बोनस देकर प्रोत्साहित कर रही है। तेंदूपत्ता के शासकीय मूल्य में 1000 रुपए प्रति मानक बोरा की वृद्धि कर इसे 4000 रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अभी 15 हजार वन समितियां हैं। जनजातीय समुदाय को स्व-रोजगार से जोड़ने में लघु वनोपज समितियां निरापद रूप से सर्वाधिक सक्षम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खंडवा जिले के हरसूद में तेंदूपत्‍ता, वन समितियों और जनजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। हरसूद को नए अस्पताल, स्कूल और सिंचाई परियोजना की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय बुजुर्गों को टार्च और एफएम जैसी आधुनिक तकनीक से लैस छड़ी (स्टिक) का वितरण किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पात्रतानुसार हितलाभ के चेक, ई-रिक्शा प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल, अस्पताल जैसे विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद में जल संरक्षण के लिये सरकार द्वारा चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर वर्षा जल की बूंद-बूंद सहेजने के उद्देश्य विषय पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद को विकास कार्यों की सौगात दी, जिनमें 20 करोड़ की लागत की नया अस्पताल, सांदिपनि आदर्श विद्यालय, 45 करोड़ की लागत से नई सिंचाई परियोजना शामिल है। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक नारायण पटेल, विधायक श्रीमती छाया पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित थे। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बुजुर्गों को आधुनिक जादू की छड़ी मिली है। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार समृद्ध, सशक्त और विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेतों को सिंचित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सिंचाई का रकबा बढ़ने से सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन मूल्य 2600 रुपए है, जो देशभर में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में शुरू हुई 2 राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं के संदर्भ में कहा कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ सभी लंबित मुद्दों को सुलझा रही है। राजस्थान के बाद अब महाराष्ट्र के साथ नदी जल समझौतों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता भवनों का निर्माण कार्य हो रहा है। राज्य सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक आदर्श ग्राम और एक वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया है। नई औद्योगिक क्रांति से संवरेगा प्रदेश के युवाओं का भविष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यहां सबसे ज्यादा टाइगर हैं। देश में चीता भी सिर्फ मध्यप्रदेश में ही हैं। सरकार वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित कर पर्यटन रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)- 2025 प्रदेश में औद्योगीकरण की नई शुरुआत है, जिसमें 30 लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हमारी नई औद्योगिक नीतियों से प्रदेश के युवाओं का भविष्य संवरेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य में गरीबों का समग्र कल्याण, युवाओं को रोजगार, अन्नदाता (किसानों) की समृद्धि और प्रदेश की सभी बहनों के सशक्तिकरण के लिए हमने 4 मिशन शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग और सद्प्रयासों से हम यह मिशन पूरा करेंगे। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी मध्यप्रदेश सरकार : केंद्रीय राज्यमंत्री उइके केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि मध्यप्रदेश में 70 आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी है। प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व से मध्यप्रदेश अब स्वर्णिम राज्य बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश में जनजातीय समाज के विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कई विकास योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बेसहारों का सहारा बन रही है हमारी सरकार : जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रदेश की मेधावी बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने स्कूटी वितरण योजना शुरू की है। खंडवा जिले की बेटियों को भी इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बुजुर्गों को छड़ी वितरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी सरकार किसी को भी बेसहारा नहीं रहने देगी। बेसहारों का सहारा बनकर सरकार इनके समग्र कल्याण की चिंता कर रही है।

महापौर शारदा सोलंकी को बड़ी राहत, ग्वालियर HC खंडपीठ ने खारिज किया आदेश

 मुरैना मुरैना शहर की महापौर शारदा सोलंकी के लिए ग्वालियर उच्च न्यायालय से बड़ी राहत की खबर आई है। उनकी 10वीं की मार्कशीट को फर्जी बताने वाली याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले का आम जनता से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं सोलंकी के लिए यह फैसला एक बड़ी जीत है, जिसने मुरैना की सियासत में नया रंग भर दिया है। जानिए क्या था पूरा मामला …     भाजपा की मेयर पद की पूर्व दावेदार मीना जाटव ने शारदा सोलंकी के खिलाफ मुरैना जिला न्यायालय में शिकायत दर्ज की थी। मीना ने दावा किया था कि सोलंकी की 10वीं की मार्कशीट फर्जी है और उनके चुनावी हलफनामे में न्यू हाउसिंग बोर्ड के निवास की जानकारी गलत है। इस शिकायत के आधार पर मुरैना जिला न्यायालय ने कोतवाली पुलिस को सोलंकी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। इस आदेश ने स्थानीय राजनीति में तूफान ला दिया था, क्योंकि सोलंकी उस समय मुरैना की महापौर थीं। हाईकोर्ट का फैसला- मामले का जनता से कोई वास्ता नहीं शारदा सोलंकी ने मुरैना जिला न्यायालय के आदेश के खिलाफ ग्वालियर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। ग्वालियर उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और मुरैना जिला न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित है और इसका कोई सार्वजनिक महत्व नहीं है। मीना जाटव की याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने सोलंकी को राहत दी। शारदा सोलंकी: हमेशा सुर्खियों में शारदा सोलंकी का नाम मुरैना में कोई नया नहीं है। महापौर चुनाव लड़ने के बाद से ही वे चर्चा में रही हैं। पहले उनकी मार्कशीट और मेयर पद की उम्मीदवारी को लेकर सवाल उठे, फिर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की वजह से वे सुर्खियों में आईं। मुरैना की सियासत में नया मोड़… यह केस सिर्फ शारदा सोलंकी तक सीमित नहीं रहा। मुरैना की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का यह खेल लंबे समय से चल रहा है। मीना जाटव और शारदा सोलंकी के बीच की यह जंग मेयर पद की दावेदारी से शुरू हुई थी, लेकिन कोर्ट के फैसले ने इसे नया आयाम दिया है।

राज्यों का स्थापना दिवस नए भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता का प्रसंग : राज्यपाल पटेल

भोपाल. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि राज्यों का स्थापना दिवस नए भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता का प्रसंग है। समारोह, राज्य के विकास, खुशहाली के लिए सबके विश्वास, साथ और प्रयासों से नव निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि अखंड भारत के सभी राज्य भारत माता के वह सपूत है, जिन्होंने अपनी धरोहर, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के साथ राष्ट्र के गौरव को बढ़ाया है। समय की जरूरत है कि हमारी गौरवशाली आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में प्रत्येक नागरिक योगदान का संकल्प लें और एक भारत को श्रेष्ठ, भारत बनाए। राज्यपाल पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित महाराष्ट्र, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के स्‍थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता एवं प्रदेश में निवासरत तीनों राज्यों के मूल निवासी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल का समारोह में तीनों राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा उनके राज्य की परंपरा अनुसार अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के वीडियों संदेश का प्रसारण किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात तीनों ही प्रदेश हमारी विविधतापूर्ण, पौराणिक परंपरा की ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक धरोहरों के केन्द्र है। समय की मांग है कि राज्यों की मूल पहचान और सम्मान को बनाए रखते हुए भारत के गौरव को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में प्रत्येक नागरिक अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं और ऋषियों की तपोभूमि है। प्रदेश का त्रिलोकीनाथ मंदिर और ब्रह्मा कमल जैसे तीर्थ स्थल हमारे अध्यात्मिक गौरव के प्रतीक है। भारत माता का भाल यह प्रदेश पांडवों के वनवास काल के दौरान उनकी ध्यान, साधना और तपस्या का केंद्र भी रहा है। महाप्रलय के बाद जब सर्वत्र जल ही जल रह गया था, तब मनु ऋषि ने अपनी नौका प्रदेश के मनाली में लाकर जीवन की पुनः स्थापना की थी। राज्यपाल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य का पौराणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास गौरवशाली और अद्भुत है, जहाँ भगवान श्रीराम ने वनवास काल में लक्ष्मण जी और सीता जी के साथ पंचवटी कुटी बनाई थी। यहॉ त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, भीमाशंकर, दक्षिणी गंगा माँ गोदावरी का उद्गम स्थल और कुम्भ की आयोजन स्थली नासिक जैसे पवित्र तीर्थ स्थल है। महाराष्ट्र के भगवान विठोबा (विठ्ठल) के उपासक संतों, संत ज्ञानेश्वर, संत नामदेव, संत तुकाराम, संत एकनाथ, संत चोखामेला और संत गाड़गे महाराज आदि ने वैदिक, वेदांत, गीता, रामायण के ज्ञान को जन – जन तक पहुँचाया है। उन्होंने गुजरात राज्य को भगवान कृष्ण की कर्म भूमि और लीला भूमि बताते हुए कहा कि राज्य हमारी सांस्कृतिक चेतना का गौरव है। स्वयं भगवान कृष्ण के द्वारा मथुरा छोड़ने के बाद स्थापित पुराणों की स्वर्ण नगरी द्वारिका हमारी सांस्कृतिक चेतना की ऐतिहासिक विरासत है। गुजरात में ही भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ, संत दत्तात्रेय की तपस्या स्थली ‘गिरिनाथ’ सहित जैन, बौद्ध और हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण केन्द्र भी है। महात्मा गांधी, स्वामी दयानंद सरस्वती, दादा भाई नैरोजी और प्रधानमंत्री वैश्विक नेता नरेन्द्र मोदी जैसे युगीन महापुरुष गुजरात राज्य की देन है। उन्होंने गौरवशाली भारतीय संस्कृति की धरोहर के संरक्षक, विविधता में एकता के संकल्प “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की परंपरा में आयोजित महाराष्ट्र, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह में आए अतिथियों का राजभवन में स्वागत, अभिनंदन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति के लिए के कलाकारों को हार्दिक बधाई दी। मध्यप्रदेश के प्रथम नागरिक के रूप में मध्यप्रदेश की जनता की ओर से स्थापना दिवस की बधाई दी है। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश से आए चम्बा लोक कला मंच के 16 कलाकारों के दल ने जनजातीय क्षेत्र भरमौर के हर गांव, हर घर एवं हर त्यौहारों एवं विवाह में किए जाने वाले हिमाचल प्रदेश के गददी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। यह नृत्य हिमाचल प्रदेश के जिले चम्बा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर का लोक नृत्य है। नृत्य में गददी पुरुष चोला डोरा और टोप डालकर एवं गददी महिलाएं लुआचडी डोरा डालकर नृत्य करते है। गददी परिधान भगवान शिव एवं माता पार्वती के संकेतिक रूप को दर्शाता है। समारोह में गुजरात एवं महाराष्ट्र राज्य की स्‍थापना एवं इतिहास से संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया जिसमें महाराष्ट्र राज्य की कला, संगीत और परंपराओं की मनोहारी झलक दिखाई गई। मराठी समाज जबलपुर और मराठी समाज भोपाल के दल द्वारा गणेश वंदना, जय महाराष्ट्र माझा, मी अहिल्या होनार, कोली नृत्य एवं लेझिम का प्रदर्शन किया है। गुजरात राज्य का लोक नृत्य मांडवी, डांडिया रास एवं टिप्पनी प्रस्तुतियों ने जय-जय गरवी गुजरात से मंच को गुंजायमान कर दिया। समारोह में म.प्र. के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से संबंधित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में अपर सचिव राजभवन उमाशंकर भार्गव, हिमाचल प्रदेश के मूल निवासियों के प्रतिनिधि के रुप में भारतीय वन सेवा के मध्यप्रदेश कॉडर के अधिकारी पुरुषोत्तम धीमान, हिमाचली समाज जन कल्याण समाजिक सेवा समिति भोपाल के संजीव डोगरा, महाराष्ट्र समाज तुलसी नगर ट्रस्ट भोपाल के अध्यक्ष विलास बुच के मराठी साहित्य अकादमी निदेशक संतोष गोडबोल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमिजीत देशमुख, मराठी समाज जबलपुर की प्रतिनिधि श्रीमती नीलिमा देशपांडे, अखिल भारतीय गुजराती समाज के अध्यक्ष संजय पटेल, गुजराती समाज भोपाल के सचिव मिनेश पटेल और महिला मंडल अध्यक्षा सुरेखा कांटावाला मौजूद थे। अवर सचिव राजभवन श्रीमती आभा शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन दिया। संचालन एवं आभार प्रदर्शन नियंत्रक हाऊस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया।

अमूल दूध हुआ और महंगा, 2 रुपये प्रति लीटर बढ़े दाम, आज से देशभर में कीमतें लागू

नई दिल्ली दूध और डेयरी प्रोडक्ट क्षेत्र की कंपनी अमूल ( Amul) ने 1 मई 2025 से दूध के दामों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. बढ़े दाम देशभर में लागू किए जाएंगे. कंपनी ने कहा कि जून 2024 के बाद से दूध की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी. पिछले साल अमूल ने ग्राहकों को राहत देने के लिए लगभग पांच महीने तक 1 लीटर और 2 लीटर के पैक पर क्रमशः 50 एमएल और 100 एमएल अतिरिक्त दूध मुफ्त दिया था. इसके अलावा, जनवरी 2025 में अमूल ने अपने 1 लीटर पैक की कीमत 1 रुपये घटा दी थी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली थी. कंपनी ने बढ़ोतरी के कारण बताए कंपनी ने कहा कि मूल्य बढ़ोतरी का मुख्य कारण 36 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों की इनपुट लागत में वृद्धि है. अमूल के सभी सदस्य यूनियनों ने भी बीते एक साल में किसानों को दूध के बेहतर दाम देना शुरू किया है. अमूल ने बताया कि उपभोक्ताओं से एकत्रित राशि का लगभग 80 फीसदी हिस्सा सीधे दूध उत्पादकों को लौटाया जाता है. कंपनी ने कहा कि दूध की बिक्री कीमत में जितनी बढ़ोतरी की गई है उसका बचा हिस्सा दूध उत्पादकों को वापस दिया जाएगा और उन्हें दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता रहेगा. जानिए किस वैरायटी के कितने बढ़े दाम अमूल स्टैंडर्ड दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹30 नई कीमत: ₹31 अमूल बफैलो (भैंस का दूध) 500 मि.ली. पुरानी कीमत: ₹36 नई कीमत: ₹37 अमूल गोल्ड दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹33 नई कीमत: ₹34 अमूल गोल्ड दूध (1 लीटर) पुरानी कीमत: ₹65 नई कीमत: ₹67 अमूल स्लिम एंड ट्रिम दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹24 नई कीमत: ₹25 अमूल चाय स्पेशल दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹31 नई कीमत: ₹32 अमूल फ्रेश दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹27 नई कीमत: ₹28 अमूल ताज़ा दूध (1 लीटर) पुरानी कीमत: ₹53 नई कीमत: ₹55 कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, अमूल में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का कारोबार 66,000 करोड़ रुपये है. अमूल 2025 में आइसक्रीम की बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि का अनुमान लगा रहा है. मदर डेयरी ने बढ़ाए थे दाम गौरतलब है कि एक दिन पहले ही मदर डेयरी ने दूध के दाम में बढ़ोतरी की है. कंपनी ने गर्मी के मौसम में बढ़ती लागत को देखते हुए दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की. बढ़ी कीमतें 30 अप्रैल 2025 से लागू हैं.  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live