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छत्तीसगढ़ की केयरएज रैंकिंग में बड़ी छलांग

शासन, सामाजिक विकास और अर्थव्यवस्था में जबरदस्त सुधार मुख्यमंत्री साय ने कहा यह टीम छत्तीसगढ़ की सफलता रायपुर, केयरएज स्टेट रैंकिंग 2025 में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश के बड़े राज्यों की सूची में अपनी रैंकिंग को तीन स्थान तक बेहतर किया है। वर्ष 2023 की तुलना में राज्य का समग्र स्कोर 6.1 अंकों की वृद्धि के साथ 34.8 से बढ़कर 40.9 हो गया है। इसी के साथ छत्तीसगढ़ देश के 17 बड़े राज्यों के गु्रप में 14वें स्थान से 11वें स्थान पर पहुंच गया है। यह प्रदर्शन शासन, सामाजिक संकेतकों और आर्थिक मजबूती में व्यापक सुधार का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह ‘टीम छत्तीसगढ़’ की एकजुट मेहनत और जन-सेवा की भावना का परिणाम है। हमने शासन में पारदर्शिता, सेवा की गति, और नागरिकों की भागीदारी को प्राथमिकता दी है। सामाजिक क्षेत्र में हमारा जोर शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण पर रहा है। आर्थिक क्षेत्र में निवेश और रोजगार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केयरएज की यह रिपोर्ट हमारे कार्याें का आंकड़ों के रूप में मान्यता है। हमने हर क्षेत्र में सुधार की नीति अपनाई है, चाहे वह आर्थिक सशक्तिकरण हो, शिक्षा हो या स्वास्थ्य सेवाएं। यह उपलब्धि सभी के प्रयास और जनता के सहयोग का परिणाम है। छत्तीसगढ़ राज्य अब राष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निकट भविष्य में हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। केयरएज की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में आर्थिक प्रदर्शन के मापदण्ड पर उल्लेखनीय 9.9 अंकों की वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2023 में जहां राज्य 12वें स्थान पर था, वहीं 2025 में यह 7वें स्थान पर आ गया है। यह राज्य की आकर्षक औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करते हुए राजस्व संग्रहण की दक्षता बढ़ाई है। जीएसटी संग्रहण में वृद्धि और बजट प्रबंधन में पारदर्शिता के कारण राज्य की राजकोषीय स्थिति अधिक मजबूत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने शासन-प्रशासन के क्षेत्र में 14.2 अंकों की छलांग लगाई है, सार्वजनिक सेवा, कानून व्यवस्था और डिजिटल गवर्नेंस में किए गए सुधार इसके मुख्य कारण रहे। वहीं सामाजिक क्षेत्र में 17.8 अंकों की वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि राज्य ने साक्षरता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आय-समानता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ राज्य ने आर्थिक क्षेत्र में भी लगभग 10 अंकों की बढ़त दर्ज की है, जो राज्य की स्थिर विकास दर में वृद्धि और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का शुभ संकेत है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि 2025 की कार्यप्रणाली में 50 संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया, जबकि 2023 में यह संख्या 46 थी। 2023 और 2025 के बीच छत्तीसगढ़ ने शासन, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार किया है।

आनंदी बेन पटेल के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं’ के विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे उप राष्ट्रपति धनखड़

लखनऊ राजधानी लखनऊ में गुरुवार को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं’ के विमोचन कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम जानकीपुरम स्थित एकेटीयू में आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना व पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र समेत कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे। स्वामी चिदानंद सरस्वती भी साथ में रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बक्शी का तालाब स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्वागत किया। उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी रहीं। कार्यक्रम में पहुंचकर उपराष्ट्रपति ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद पुस्तक का विमोचन किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह हमारा बाध्यकारी कर्तव्य है कि हमारी संवैधानिक संस्थाएं एक-दूसरे का सम्मान करें और यह सम्मान तभी होता है जब सभी संस्थाएं अपने-अपने दायरे में सीमित रहती हैं। हमारा लोकतंत्र तब फलता फूलता नहीं है जब संस्थाओं के बीच टकराव होता है। संविधान इस बात की मांग करता है कि समन्वय हो, सहभागिता हो, विचार विमर्श हो, संवाद और वाद-विवाद हो। इस मौके पर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आनंदी बेन पटेल नाम ही काफी है। जिस प्रदेश में वह शिक्षक रहीं, मंत्री रहीं और मुख्यमंत्री रहीं। आज उस प्रदेश का स्थापना दिवस है। आज श्रमिक दिवस भी है। इस दिन को उनके जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन रखा गया। यह कितना सोच समझकर किया गया होगा। आनंदी बेन इतनी सरल नहीं हैं, जितनी दिखती हैं। उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश है। सीएम योगी को युवा कहा जा सकता है। आज युवा की परिभाषा समझ नहीं आती है। यूपी आठ साल बेमिसाल के लायक है। यहां महाकुंभ सबसे बड़ा आयोजन हुआ। इसमें 60 करोड़ से ज्यादा लोगों का आना और सफलतम आयोजन होना, सदियों तक याद रहेगा। भारत के सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे यूपी में हैं सीएम उत्तम प्रदेश के सारथी हैं। आपका भी आकलन आसान नहीं है। आठ साल में यूपी को बिना टैक्स के ही 12 लाख करोड़ से 30 लाख करोड़ तक ले गए। यह हर अर्थशास्त्री के लिए अचंभा है। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। भारत के सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे यहां है। आपके यहां छह शहरों में मेट्रो है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति व वाद-विवाद जरूरी है। अभिव्यक्ति का कोई कोई अर्थ नहीं है। यदि उसमें वाद विवाद नहीं है। लेकिन, यहां भी एक ईको सिस्टम होना चाहिए। क्योंकि अभिव्यक्ति अगर पराकाष्ठा पर चली जाए तो अधिकार विकार बन जाता है। अहम और अहंकार व्यक्ति और संस्था दोनों के लिए घातक है। हमारी सांस्कृतिक विरासत बेमिसाल है। कोई भी चुनौती दे उसे स्वीकार करना चाहिए। हम चुनौतियों से मुंह नहीं मोड़ सकते हैं। अपनों से मिली चुनौती सबसे खतरनाक होती है उन्होंने पहलगाम की घटना को भी एक चुनौती बताया। कहा कि पीएम के नेतृत्व में हम सुरक्षित हैं। हम एक देश के रूप में उनके साथ खड़े हैं। राष्ट्रवाद हमारा धर्म है। इससे दूर नहीं रह सकते। यही कारण है कि दुनिया आज हमारी तरफ देख रही है। चुनौतियों को अवसर में बदलने की हमारे पास क्षमता है। सबसे खतरनाक चुनौती वह है जो अपनों से मिलती है। किंतु हम उसकी चर्चा भी नहीं कर सकते हैं। विधायिका फैसला नहीं लिख सकती है उप राष्ट्रपति ने बोलते हुए आगे कहा कि सीएम हो, सांसद या अन्य जनप्रतिनिधि हो। सभी की शपथ संविधान के प्रति होती है। जबकि राज्यपाल, राष्ट्रपति की शपथ इनसे अलग होती है। इस तरह के गरिमापूर्ण पदों पर टिप्पणी करना चिंतनीय है। सभी संस्थान अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। चुनाव के माध्यम से 140 करोड़ जनता अपनी भावना जनप्रतिनिधि को चुनकर व्यक्त करती है। जो उनकी आवाज सदन में होती है। विधायिका फैसला नहीं लिख सकती है। मैं न्यायपालिका का सम्मान करता हूं। यहां बहुत सारे प्रतिभाशाली लोग है। उसकी लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका है। फिर भी मैं अपील करता हूं कि सभी संस्था आपस में समन्वय सहयोग एवं एक दूसरे के सम्मान के साथ चलें।  

देश में 90 फीसदी लोग पीडीए के अगर ये लोग साथ आ जाते हैं तो जीत सौ फीसदी पक्की : अखिलेश यादव

लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने जाति जनगणना कराने का जो फैसला लिया है यह खुशी की बात है। सरकार सामाजिक न्याय की दिशा में कुछ आगे बढ़ी है। ये तो शुरुआत है। यहां से सामाजिक न्याय की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि चुनाव में अब धांधली न करें। ठीक तरह से जातीय जनगणना कराएं, सरकार गड़बड़ी न करे। ये लोग कुछ भी कर सकते हैं। अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय लेना इंडिया गठबंधन के एजेंडे की जीत है। देश संविधान से चलता है मन विधान से नहीं। आज सरकार जातीय जनगणना के लिए तैयार हो गई है। अब निजी संस्थाओं में नौकरी पर बहस चलेगी। श्रमिकों को बहुत बहुत बधाई। श्रमिक कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं। अलग-अलग तरह के बाजार में श्रमिक हैं। भाजपा राज में सभी की चुनौतियां एक जैसी हैं। हमें आपको मशीन समझा जाता है। उत्पीड़न हो रहा है। आउटसोर्स किया जा रहा है। मजदूरी में भी कमीशनखोरी हो गई। देश का डाटा निकलें तो 99 फीसदी मजदूर पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के होंगे। इस मौके पर अखिलेश यादव ने सपा में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज के दिन शंख बजा है तो परिवर्तन होना तय है। पीडीए हेल्पलाइन के बाद पीडीए डेटा सेंटर बना देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने सरकारी वेबसाइट से आकंड़े लिए और ग्राफ पेश किया तो सरकार को बुखार आ गया। खुद सामने न आकर अपने अधिकारी को आगे किया जो रिटायर होने वाले हैं। बहुत से जिले हैं जहां हमने डाटा जुटा लिया है जो बहुत शॉकिंग हैं। अखिलेश यादव ने सपा में शामिल होने वाले लाल चंद गौतम के बारे में कहा कि गौतम वो साथी हैं जिनकी वजह से भाजपा अपने एसी कमरों से निकल कर सड़कों पर आ गई। भविष्य में इस तरह का कोई काम न करें जिससे किसी को ठेस पहुंचे। हमने समझा दिया है अपने कार्यकर्ताओं को लेकिन क्या भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को समझाएगी कि महापुरुषो का सम्मान करना सीखें। पूर्व सांसद अरविंद ने कहा कि हम अति संवेदनशील अपील करते हैं कि भावनाओं में बहकर किसी राजनीतिक की तुलना किसी महापुरुष से न करें। वो दिव्य व्यक्तित्व हैं जिनकी किसी से भी तुलना नहीं की जा सकती है। बदरुद्दीन खान सपा में शामिल हो गए।

मुख्यमंत्री साय से नक्सल हिंसा पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बस्तर अंचल से आए नक्सल हिंसा पीड़ितों के  प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में सुकमा, बीजापुर, कांकेर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के वे नक्सल हिंसा पीड़ित शामिल थे, जिन्होंने विगत वर्षों में नक्सली हिंसा के कारण अपनों को खोया है, शारीरिक यातनाएँ झेली हैं अथवा विस्थापन का दंश सहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को ज्ञापन सौंपते हुए कुर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक मोड़ तक पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तर के हजारों परिवार चार दशकों से माओवादी आतंक की विभीषिका का सामना कर रहे हैं, जिसने क्षेत्र की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक बुनियाद को गहरा नुकसान पहुँचाया है। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समावेशी विकास की नीति से बस्तर में शांति और विकास की आशा फिर से जगी है। ग्रामीणों ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों को इस नई जागरूकता और विश्वास का प्रतीक बताया।

जल गंगा संवर्धन अभियान में जनप्रतिनिधियों और आमजनों की भागीदारी सुनिश्चित करें : कमिश्नर

पेयजल व्यवस्था और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें – कमिश्नर सीधी    कमिश्नर बीएस जामोद ने संभागीय समीक्षा बैठक में शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाएं। जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वर्षा जल को संचित करके ही हम अपना जीवन सुरक्षित कर सकते हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हैण्डपंप तथा कुओं में रिचार्ज पिट बनाने का विशेष प्रयास करें। जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट होता है वहाँ जल संरक्षण के कार्य अनिवार्य रूप से कराएं। नदियों के उद्गम स्थल की साफ-सफाई, घाटों की साफ-सफाई, चेकडैम तथा बोरी बांध निर्माण एवं खेत तालाबों का निर्माण अनिवार्य रूप से कराएं। मनरेगा योजना से स्वीकृत तथा अधूरे कार्यों को भी अभियान की अवधि में पूरा कराएं। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सबसे बढ़कर आमजनता की भागीदारी सुनिश्चित करें। सबके सहयोग और प्रयास से ही पानी को सहेजने का प्रयत्न सफल हो पाएगा।           बैठक में कमिश्नर ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल विभिन्न जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल व्यवस्था की सतत निगरानी रखें। हैण्डपंपों तथा नलजल योजनाओं के सुधार के संबंध में मिली सूचनाओं पर 24 घंटे के अंदर कार्यवाही सुनिश्चित करें। हर बसाहट में पेयजल की आपूर्ति अनिवार्य रूप से कराएं। सीएम हेल्पलाइन में 50 दिवस से अधिक समय से बड़ी संख्या में आवेदन पत्र लंबित हैं। इनके निराकरण पर विशेष ध्यान दें। अप्रैल माह में मऊगंज जिले ने आवेदनों के निराकरण में शानदार कार्य करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके लिए कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को बहुत-बहुत बधाई। सिंगरौली जिला भी लगातार टाप टेन जिलों में शामिल होकर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। कलेक्टर राजस्व विभाग, पीएचई, खाद्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग तथा श्रम विभाग की शिकायतों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। ऊर्जा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग में भी बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। सभी संभागीय अधिकारी आवेदनों का निराकरण कराएं। सीएम हेल्पलाइन में बी श्रेणी से नीचे रहने वाले विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दें।           कमिश्नर ने कहा कि संभाग में गेंहू उपार्जन की प्रगति धीमी है। पंजीकृत किसानों से अंतिम तिथि पाँच मई तक गेंहू उपार्जन के प्रयास करें। उपार्जित गेंहू का परिवहन कराकर सुरक्षित भण्डारण कराएं। खाद्य सुरक्षा योजना के हितग्राहियों तथा संबल पोर्टल में दर्ज हितग्राहियों की ई केवाईसी तय समय सीमा में अनिवार्य रूप से कराएं। पंचायतों में शिविर लगाकर ई केवाईसी अपडेशन कराएं। ई ऑफिस प्रणाली लागू कर दी गई है। इसमें शेष बचे विभागों को ऑनबोर्ड कर फाइलों का मूवमेंट पोर्टल के माध्यम से कराएं। रीवा जिले ने ई ऑफिस प्रणाली से दो सौ फाइलों का मूवमेंट करके अच्छा कार्य किया है। सभी अधिकारी संभागीय समीक्षा बैठक के एजेण्डा बिन्दुओं पर तत्परता से कार्यवाही करके पालन प्रतिवेदन ऑनलाइन दर्ज कराएं। बैठक में कमिश्नर ने पेंशन प्रकरणों के निराकरण, भू अर्जन, रीवा-सिंगरौली रेलवे लाइन निर्माण, सीधी-सिंगरौली हाईवे निर्माण, एयर एंबुलेंस सेवा तथा निवेश संवर्धन के प्रयासों के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।     वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अंशुमन राज, उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा, मझौली आर पी त्रिपाठी, चुरहट शैलेश द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

अतुलनीय मध्यप्रदेश पेवेलियन बना आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र

प्रदेश के पर्यटन स्थलों, वन्य क्षेत्रों और वन्य जीवों का रोमांचक अनुभव ले रहे आगंतुक  अमृतस्य मध्यप्रदेश नृत्य प्रस्तुति से अतिथि होंगे अभिभूत भोपाल वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट 2025 (WAVES) में एमपी टूरिज्म का “अतुलनीय मध्यप्रदेश” पवेलियन, प्रदेश के पर्यटन स्थलों और संस्कृति के अनूठे और रोचक प्रस्तुतीकरण के कारण आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जहां नवीनतम डिजिटल तकनीक से बने टच इनेबल्ड इंट्रेक्टिव मैप के माध्यम से मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में अतिथि जान रहे है। वहीं बड़ी एलसीडी स्क्रीन में चलने वाले के टीवीसी और विडियोज को देखकर प्रदेश की सुंदरता के प्रति मोहित हो रहे है।  प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि WAVES 2025 जैसे वैश्विक मंच पर ‘अतुलनीय मध्यप्रदेश’ पवेलियन के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध पर्यटन विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों, वन्य जीवन और सांस्कृतिक विरासत को नवीन तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। हमारा उद्देश्य देश–विदेश से आने वाले आगंतुकों को मध्यप्रदेश की खूबसूरती और संभावनाओं से परिचित कराना है। पवेलियन के माध्यम से निवेशकों, फिल्म निर्माताओं और पर्यटकों को आमंत्रित किया जा रहा हैं कि वे मध्यप्रदेश को अपनी प्राथमिक पसंद बनाएं। न सिर्फ पर्यटन के लिए बल्कि प्रदेश की नई पर्यटन एवं फिल्म नीति का लाभ उठाए और आर्थिक प्रगति भी करें। प्रदेश के वन्य संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों की रोमांचक यात्रा कराने के लिए पेवेलियन में आधुनिक तकनीक से बनी एनामॉर्फिक स्क्रीन लगाई गई है, जहां पर्यटन स्थलों, वन्य क्षेत्रों और वन्य जीवों को थ्रीडी तकनीक से प्रदर्शित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश टूरिज्म पॉलिसी और मध्य प्रदेश की फिल्म पॉलिसी से अवगत कराने के लिए टच स्क्रीन लगाई गई है, जहां इच्छुक पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बिंदुवार जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही सभी आंगतुकों को ब्रोसर, मध्य प्रदेश का पर्यटन मैप, साहित्य और सोवेनियर भी प्रदान किए जा रहे हैं। पवेलियन को आकर्षक रूप से सुसज्जित किया गया है। साथ ही ऑकुलस के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों की वर्चुअल सैर भी करायी जा रही है। यहां देश–विदेश से आने वाले आर्टिस्ट, इनोवेटर्स, इंवेस्टर्स और पॉलिसी मेकर्स को मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, प्रदेश की परंपराओं, संस्कृति, वन संपदा और वन्य जीवन के बारे में अवगत कराया जा रहा है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मध्य प्रदेश शासन द्वारा लागू की गई नई फिल्म व टूरिज्म पॉलिसी के बारे में जानकारी दी जा रही है। अमृतस्य मध्यप्रदेश नृत्य प्रस्तुति से अतिथि होंगे अभिभूत वेव्स के दूसरे दिन शुक्रवार, 2 मई को शाम 4:30 बजे सांस्कृतिक संध्या में  वैश्विक मंच पर अमृतस्य नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी। नृत्य  के माध्यम से प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध संस्कृति का अनुभव आगंतुकों को कराया जाएगा। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत विविधता और पर्यटन स्थलों की खूबसूरती को प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्री पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकार अनूठे रूप में प्रस्तुत करेंगे। “अमृतस्य मध्यप्रदेश” ओजपूर्ण और लयबद्ध नृत्य के माध्यम से अतिथियों के बीच प्रदेश के वैभवशाली अतीत, समृद्ध संस्कृति और विरासत को जीवंत करेंगी।

आतंकी खेलना चाहते थे पहलगाम के आरू, एम्यूजमेंट पार्क या बेताब घाटी में खूनी खेल, इस वजह से बैसरन को बनाया निशाना

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में पता चला है कि हमला करने वाले आतंकियों ने बैसरन से पहले तीन और जगहों पर भी रेकी की थी। बताया गया है कि आतंकियों ने 22 अप्रैल से पहले पहलगाम और आसपास के इलाके की रेकी शुरू की थी। बैसरन, आरु वैली और बेताब वैली संग लोकल एम्यूज़मेंट पार्क की रेकी करने के बाद हमले के लिए बैसरन को चुना गया था। आतंकियों की ओर से सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल किए जाने के इनपुट भी जांच में मिले हैं। इसी बीच पूरे कश्मीर में छापेमारी और पूछताछ का तेज सिलसिला चल रहा है। हिरासत में लिए गए करीब 185 लोगों से आतंकियों और मददगारों के गठजोड़ के सुराग तलाशे जा रहे हैं। किन जगहों की रेकी जांच में गिरफ्तार किए गए एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) ने बताया कि आतंकी घटना से दो दिन पहले बैसारन घाटी में मौजूद थे। आतंकियों ने 15 अप्रैल को पहलगाम पहुंचकर चार जगहों की रेकी की थी। इनमें बैसरन घाटी, आरु घाटी, स्थानीय एम्यूज़मेंट पार्क और बेताब घाटी शामिल थे। सुरक्षा कड़ी होने की वजह से आतंकी इन जगहों पर हमला नहीं कर पाए। NIA इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। एनआईए को शक है कि लगभग 20 ओवर ग्राउंड वर्कर ने विदेशी आतंकियों की मदद की थी। इनमें से कुछ को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी पर नजर रखी जा रही है। ओवर ग्राउंड वर्कर ने की आतंकियों की मदद जांच में पता चला है कि कम से कम चार ओवर ग्राउंड वर्कर ने आतंकियों को रेकी और जरूरी सामान पहुंचाने में मदद की। हमले से पहले इलाके में तीन सैटेलाइन फोन के इस्तेमाल के सबूत भी मिले हैं। इनमें से दो डिवाइस के सिग्नल को ट्रैस कर लिया गया है। एनआईए और खुफिया एजेंसियां अब तक 2,500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। फिलहाल 186 लोगों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। जम्मू और कश्मीर में कई जगह छापेमारी हमले के बाद जम्मू और कश्मीर में कई जगह छापेमारी की गई। कुपवाड़ा, हंदवाड़ा, अनंतनाग, त्राल, पुलवामा, सोपोर, बारामूला और बांदीपोरा में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अलग-अलग गुट और जमात-ए-इस्लामी जैसे प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों और समर्थकों के घरों की तलाशी ली गई। एनआईए सूत्रों के अनुसार, इन संगठनों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। फिर भी इन्होंने एक ऐसा नेटवर्क बनाया, जिससे पाकिस्तानी आतंकियों को पहलगाम में हमला करने की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मदद मिली। NIA की जांच में पता चला है कि ऐसे 4 ओवरग्राउंड वर्कर्स ने पहलगाम समेत 4 जगहों की हमले के लिए रेकी की थी। इस रेकी के बाद ही आतंकियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला करने का फैसला लिया। सूत्रों का कहना है कि अब तक कुल 20 ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान हो चुकी है। इनमें से कई लोगों को अरेस्ट भी किया गया है। अब तक इस हमले के बाद से 186 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके पूछताछ की जा रही है। दरअसल कश्मीर में लंबे समय से आतंकी संगठनों की यह रणनीति रही है। अब आतंकी संगठनों का कोई खुलकर साथ नहीं देता, लेकिन अपनी नौकरी और धंधे करते हुए ही कई लोग ऐसे पाए जाते हैं, जो आतंकियों का साथ देते हैं। इन्हें ही ओवरग्राउंड वर्कर का नाम दिया गया है। 22 अप्रैल को आतंकियों ने पहलगाम में टूरिस्टों को मारा था। इन आतंकियों ने पुरुषों को ही मारा और उनकी महिलाओं को छोड़ दिया। इन महिलाओं एवं अन्य परिजनों ने ही बताया था कि आतंकियों ने उनसे पहले धर्म पूछा था और फिर कलमा पढ़वाया और खतना तक चेक किया। रिपोर्ट्स के अनुसार 20 लोगों की पैंट उतरवाकर आतंकियों ने देखा था कि उनका खतना हुआ है या नहीं। खतना नहीं पाया तो पुष्टि हुई कि वे मुसलमान नहीं हैं और फिर उनका बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। कॉल रिकॉर्ड की जांच इन संगठनों से जुड़े लोगों के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं को इन समूहों के सदस्यों और पहलगाम हमले में शामिल ओवर ग्राउंड वर्कर के बीच बातचीत के लिंक मिले हैं। इससे पता चलता है कि हमले की साजिश में कई लोग शामिल थे। एनआईए और दूसरी एजेंसियां मिलकर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस हमले में और कौन-कौन शामिल था और उनका मकसद क्या था? मामले की जांच अभी जारी इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है। एनआईए हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दे रही है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं और इलाके में कड़ी निगरानी रख रही हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके। लोगों से भी अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। हमले से दो दिन पहले पहुंचा आतंकी दल सूत्रों की मानें तो आतंकियों का दल अपने ओवरग्राउंड वर्क संग 19 अप्रैल को बैसरन पहुंचा था। उन्होंने बैसरन पार्क और आसपास क्षेत्र की रेकी की, लेकिन अपने ओवरग्राउंड वर्कर से इस विषय में कोई बात नहीं की आतंकियों ने हमले से एक दिन पहले अपने ओवरग्राउंड वर्कर से संपर्क किया और उसे 22 अप्रैल की दोपहर को बैसरन पहुंचने के लिए कहा था। ओवरग्राउंड वर्कर बने गाइड सूत्रों के अनुसार, बैसरन नरसंहार के गुनहगारों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बल ने अपना तलाशी अभियान जारी रखा हुआ है। सुरक्षा बल ने 20 के करीब ऐसे ओवरग्राउंड वर्करों को चिह्नित किया है, जो हमलावर आतंकियों के साथ संपर्क में रह चुके हैं। इनमें से कुछ जेल में बंद हैं। चार ओवरग्राउंड वर्करों ने पाकिस्तानी आतंकियों के लिए कथित तौर पर गाइड का भी काम किया है। पांच ओवरग्राउंड वर्करों के बारे में कहा जा रहा है कि वह हमले के समय पहलगाम और बैसरन के आसपास … Read more

आरोपी नसीम बानो की लगाई गई जमानत याचिका का अधिवक्ताओं ने भी लामबंद होकर विरोध किया

डिंडौरी देश और हिंदू विरोधी पोस्ट करने वाली मध्य प्रदेश की अतिथि शिक्षक डॉ. नसीम बानो की जिला न्यायालय में लगाई गई जमानत याचिका खारिज हो गई। कोर्ट ने कहा कि देश को झकझोर देने वाली आतंकवादी वारदात के बाद क्रूर आतंकवादियों की तुलना जय श्रीराम के नारे के साथ करना गंभीर अपराध है। ऐसे समय में हिंदू देवी देवताओं का अपमान करने के साथ देश विरोधी पोस्ट करना जघन्य अपराध किया गया है। ऐसे में जमानत नहीं दी जा सकती है। आरोपी नसीम बानो द्वारा लगाई गई जमानत याचिका का अधिवक्ताओं ने भी लामबंद होकर विरोध किया। तृतीय अपर सत्र न्यायालय से आरोपी की जमानत याचिका जहां खारिज हो गई, वहीं आदर्श कॉलेज से भी उन्हें पद से हटा दिया गया है। वकील बोले- जमानत मिलती, तो गलत संदेश जाता     कॉलेज प्राचार्य द्वारा आरोपी अतिथि विद्वान को मामला सामने आने के बाद ही नोटिस जारी किया गया था। आरोपी की सेवा अनुबंध निरस्त करने के साथ ब्लैक लिस्टेड करने के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है।     न्यायालय में वकीलों ने भी जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि एक शिक्षित महिला का ऐसा कृत्य धर्म और देश विरोधी है। उन्होने तर्क दिया कि जमानत मिलने से समाज में गलत संदेश जाएगा।     जमानत का विरोध करने में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष यूके पटेरिया, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवेश कनौजे, राममिलन यादव सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे। आरोपी जिला जेल में बंद है। कॉलेज ने तत्काल की कड़ी कार्रवाई     अतिथि विद्वान के विरुद्ध मामला दर्ज होने के साथ जेल जाने के बाद उनका अनुबंध निरस्त कर पद से हटा दिया गया है। अतिथि विद्वान को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई एडी कार्यालय से होती है। इस पूरे मामले की जानकारी एडी कार्यालय के साथ कमिश्नर कार्यालय को भी भेज दी गई है। अतिथि विद्वान की यह गंभीर मनमानी थी। ऐसे में कॉलेज का भी माहौल खराब हो रहा था। डॉ. सुल्तान सिंह प्राचार्य शासकीय आदर्श कॉलेज डिंडौरी  

मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की 36वीं फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ की रिलीज

  मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की 36वीं फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ की रिलीज के साथ ही इस काल्पनिक महागाथा का पांचवां चरण पूरा हो गया। साल 2008 से फिल्म ‘आयरनमैन’ की कहानी के साथ शुरू हुई इस महागाथा में फिल्म ‘एवेंजर्स एंडगेम’ (2019) ने इस मायने में बड़ा पूर्ण विराम लगाया कि ब्रह्माण्ड के सबसे शक्तिशाली खलनायक थानोस से लड़ते लड़ते इन एवेंजर्स न सिर्फ दुनिया को ‘फ्लिप’ से वापस बुला लिया, बल्कि खुद भी बहुत बड़ा नुकसान झेला। इसके बाद से एमसीयू की फिल्में ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं हर तरफ से कोशिशें करती रही हैं, लेकिन अपने समर्पित दर्शकों के चेहरों पर एक मुस्कान या फिर सिनेमा देखते समय उनकी तालियों की गड़गड़ाहट सुनने को इन्हें बनाने वाले भी खूब तरसे हैं। ‘स्पाइडरमैन नो व होम’ जैसे अपवाद को छोड़ दें तो मल्टीवर्स की कहानियां किसी सिरे पहुंचती नहीं दिख रही थीं। लेकिन, अब ये बातें अतीत की होने वाली हैं। क्या है पुच्छल तारे का राज? निर्माता केविन फाइगी की नई फिल्म का नाम है, ‘थंडरबोल्ट्स*’। ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे के नाम के आखिर में वैसा ही पुच्छलतारा जानबूझकर बनाया गया है जैसा कि आम तौर पर किसी मोहक चीज की तरफ लोगों को आकर्षित करने के बाद ‘टर्म्स एंड कंडीशन्स अप्लाइड’ जैसी बात बताने के लिए लिखा जाता है। यहां इसका मतलब है कि ये नाम जो है, वह बस काम चलाने भर को है, कहानी ये किस बारे में है ये आपको फिल्म देखने के बाद पता चलेगा। एमसीयू की इस 36वीं में फिल्म में जाकर ये भी तय हो चला है कि अब ये दुनिया किस तरफ का रुख करने वाली है। यहां कहानी उन लूजर्स की है जो व्यक्तिगत रूप में अपनी अपनी कहानी में कुछ खास कर नहीं पाए। ये सब बस अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की निदेशक के इशारे पर ऐसे काम करते रहे जो कानून की किताबों में अपराध माने जाते हैं। निजाम बदलने के साथ ही ये निदेशक अब जांच के घेरे में है तो वह अपने पुराने पापों का सारा लेखा जोखा साफ कर देना चाहती है। इसमें ये सारे ‘लूजर्स’ भी शामिल है जिन्हें वह एक दूसरे को मारने के लिए ही अपने एक खुफिया ठिकाने पर भेज देती है। जो हैं अटके भूले भटके, उनको तारें.. एक तरह से देखा जाए तो ये अपना रास्ता भटके लोगों को ऐसी कहानी है जिनको मुख्यधारा में लाने की कोई योजना तो किसी ने नहीं बनाई लेकिन इन लोगों ने अपनी अपनी कमजोरियों के साथ एक दूसरे को अपनाया और फिर हालात व चुनौतियों ने इन्हें एक टीम के रूप में काम करना सिखा दिया। एक दूसरे को मारने की बजाय जैसे ही इन सब ने एक दूसरे की ढाल बनना सीखा, इन सबके जीने के मायने ही बदल गए। अमेरिकी संसद का सदस्य बन चुके बकी बार्न्स का इनसे आ मिलना और सुपरमैन जैसा कुछ बनाने की कोशिश में एक नया शक्तिशाली इंसान बन गए बॉब का अपने सेंट्री और वॉयड दोनों रूपों में इन भटके खलनायकों को एक नई दिशा दिखाना, फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ की कहानी का संपुट है। ये कहानी अकेलेपन से घबराए लोगों की है। ये कहानी परिवार की जरूरत बताने की है और ये कहानी है हर उस इंसान पर भरोसा करने की जो इंसानियत को बचाने निकला है। तरीका फिर उसका चाहे जैसा भी हो। किरदारों का नया रिश्ता कमाल है! मार्वल स्टूडियोज की नई फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ का इंतजार इसके टीजर, ट्रेलर के साथ ही होता रहा है। फिल्म ‘फन्टास्टिक फोर’ से इसका क्या रिश्ता है, ये तो फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा लेकिन एंड क्रेडिट्स के बीच आन वाले दो पोस्ट क्रेडिट सीन्स ये खुलासा कर ही देते हैं कि अब एमसीयू की कहानी में एवेंजर्स का दर्जा क्या होने वाला है? ‘डॉक्टर डूम’ की वापसी का इंतजार कर रहे एमसीयू के प्रशंसकों के लिए ये फिल्म ताजगी की एक ऐसी बयार बनकर आई है जिसमें लाल हल्क बन चुके अमेरिकी राष्ट्रपति वाला पिछली फिल्म ‘कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड’वाला संदर्भ छोड़कर सब कुछ नया घट रहा है। हालांकि, फिल्म के तकरीबन सारे मुख्य किरदारों की पृष्ठभूमि बीते चार पांच साल में रिलीज एमसीयू की वेब सीरीज से जुड़ती नजर आती है। लेकिन, जिस खालीपन की ये फिल्म बात करती है और जिसकी चपेट में आकर एक इंसान अपनी दुनिया की काली करता जाता है, उसके आयाम दूरगामी हैं। ये इस कहानी को एक बेहद संवेदनशील दर्शन शास्त्र की तरफ खिसकाने की कोशिश भी नजर आती है। अब येलेना संभालेगी एवेंजर्स की कमान मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में ‘ब्लैक विडो’ की कमी को पूरा करने के लिए उसकी छोटी बहन येलेना को लाया गया है। यहां येलेना ही कहानी का सूत्रधार है। बकी बार्न्स भी मदद करने को है लेकिन येलेना का कहानी के बाकी किरदारो के साथ साथ अपने दत्तक पिता रेड गार्डियन के साथ होने वाला संवाद भी काफी दिलचस्प और दिल खुश कर देने वाला है। देखा जाए तो ये फिल्म ‘गार्जियन्स ऑफ गैलेक्सी’ सीरीज के पूरा होने के बाद एमसीयू में अखरती रही कॉमेडी को पूरा करती फिल्म भी नजर आती है। निर्देशक जेक श्रेयर की काबिल अगुआइ में इसके मुख्य कलाकारों फ्लोरेंस प्यू, सेबेस्टियन स्टेन और डेविड हार्बर ने दर्शकों के दिल जीत लिए हैं। एलेक्सी शोस्ताकोव यानी रेड गार्डियन की भूमिका डेविड हार्बर ने इस कहानी को नया आधार दिया है, वगीं ओल्गा कुरीलेंको, हन्ना जॉन-कामेन, जूलिया लुइस-ड्रेफस, वायट रसेल और लुईस पुलमैन अपने अपने किरदारों में खूब जमे हैं।  

राज्यपाल डेका ने नक्सल प्रभावितों को हर संभव मदद् देने की बात कही

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में बस्तर क्षेत्र के कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिले के नक्सल हिंसा से पीड़ित ग्रामीणों ने मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। डेका ने नक्सल प्रभावितों को हर संभव मदद् देने की बात कही। राज्यपाल डेका ने सभी पीड़ितों से बात चीत की। शासन की ओर से नक्सल हिंसा से प्रभावित ग्रामीणों को जो सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है उस राशि का सदुपयोग करने कहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विशेष पहल पर केंद्र शासन द्वारा बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सतत् कार्रवाई की जा रही है तथा वर्ष 2026 तक इस क्षेत्र को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा इन क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाये जा रहे हैं, जिससे इन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संपदा से भरपूर बस्तर क्षेत्र में विकास एवं पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्यपाल डेका ने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित जो दिव्यांग हुए हैं उनको आत्म निर्भर बनाने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने नक्सल हिंसा से दिव्यांग हुए सुकमा जिले के ग्राम चिंता गुफा निवासी राहुल सोढ़ी का इलाज एम्स रायपुर में कराने के निर्देश दिये। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, गृह मंत्री के ओएसडी अमर सिदार सहित पीड़ित ग्रामीण भी उपस्थित थे।

बारिश के साथ मई की शुरुआत, दिल्ली समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट

नई दिल्ली मई महीने की शुरुआत में बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके लिए मौसम विभाग ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है. राजधानी दिल्ली में अगले 5 दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की उम्मीद है. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मई की शुरुआत बारिश के साथ होने की संभावना है. उत्तराखंड में इस दौरान तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है. 1 से 3 मई के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. 01 मई को झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. इसके साथ ही 1 मई को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है. इन राज्यों में बारिश का अलर्ट अगले छह दिनों में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. 1 से 4 मई के बीच कर्नाटक में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है. इसके अलावा, अगले पांच दिनों में पूर्वोत्तर भारत में भी बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. उत्तराखंड में ओलावृष्टि की संभावना 01 मई को नागालैंड और मणिपुर में हल्की ओलावृष्टि की संभावना है. इसी दौरान, 01 से 06 मई के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज हवाएं चल सकती हैं. विशेष रूप से, उत्तराखंड में 01 और 02 मई को ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जबकि 01 मई को हवाओं की गति 50-60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके अलावा, अगले पांच दिनों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मई महीने की शुरुआत बारिश के साथ होगी. इन दिनों आंधी चलने की भी संभावना है. अगले 24 घंटे में तापमान में बदलाव अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन की संभावना नहीं है, जबकि अगले 5 दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है. इसी प्रकार, मध्य और पश्चिम भारत में भी अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद के 4 दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिल सकती है. राजस्थान में बारिश का अलर्ट राजस्थान में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज से मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है. इस दौरान तेज आंधी और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है. मौसम विभाग के अनुसार, नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एक मई को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर और जयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में दोपहर के समय तेज मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है. इसके साथ ही, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. बिहार में कैसा रहेगा मौसम बिहार में गर्मी के बीच राहत की एक अच्छी खबर आई है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 13 जिलों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. अगले पांच दिनों के दौरान, कई क्षेत्रों में बादल छाने के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई गई है. इनमें पूर्णिया, अररिया और अरवल जैसे जिले शामिल हैं.

नकली सोना थमाकर असली ले उड़ीं महिलाएं, तीन महिला समेत पांच पकड़े गए

बिलासपुर बिलासपुर में खरीदार बनकर नकली सोना थमाकर असली सोना और नगद रकम ठगकर फरार होने वाले आरोपियों को पुलिस ने महाराष्ट्र भंडारा से घेराबंदी कर पकड़ा है। एडिशनल एसपी राजेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि 28 अप्रैल दो महिलाएं खरीदारी करने सदर बाजार के हिम्मतलाल ज्वेलर्स में आई थीं। उन्होंने सर्राफा व्यापारी को नकली सोना थमाकर उसकी एवज में 42.3 ग्राम असली सोने के जेवर 13572 रुपये ठगी कर फरार हो गए थे। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस ने सराफा दुकान की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। जिसमें दो महिलाएं खरीदारी करते नजर आ रही थीं। बड़े अधिकारियों के निर्देश के बाद शहर व आउटर में सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। जिसमे रायपुर रोड में महिलाएं कार से भागते हुए नजर आईं। फुटेज में आरोपी महाराष्ट्र भंडारा की तरफ भागने की पुष्टि हुई। इसपर बिलासपुर पुलिस ने घेराबंदी का गाड़ी नंबर के आधार पर कार सवार तीन महिलाओं और दो पुरुषों को पकड़ लिया। और गाड़ी की तलाशी ली तो 14 लाख का सोना और 3 किलो चांदी के जेवर 94 हजार रुपये नगद मिले। पूछताछ करने पर पांचों ने बिलासपुर रायपुर राजनांदगांव के सराफा दुकान में नकली सोना थमाकर असली सोने की ठगी करने की बात स्वीकार की है। बिलासपुर की कोतवाली पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे नगद रकम जेवर और कार को जब्त किया है। यह सभी आरोपी प्रयागराज के हैं। पकड़े गए आरोपियों का नाम मालती सोनी पति कन्हैया लाल सोनी नैनी प्रयागराज, पूनम सोनी पिता भारत लाल सोनी 36 वर्ष प्रयागराज, प्रदीप सोनी पिता विनोद सोनी 21 साल सुल्तानपुर प्रयागराज, राहुल सोनी उर्फ मनीष पिता भारत लाल सोनी 22 वर्ष सेक्टर शांतिपुरम प्रयागराज, श्यामा सोनी पिता बबलू सोनी प्रयागराज है।

जीवन में चुनौती नहीं है तो जीवन का सार बेकार : सीएम योगी

लखनऊ राजधानी लखनऊ में गुरुवार को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं’ के विमोचन कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम जानकीपुरम स्थित एकेटीयू में आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना व पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र समेत कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे। स्वामी चिदानंद सरस्वती भी साथ में रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बक्शी का तालाब स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्वागत किया। उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी रहीं। कार्यक्रम में पहुंचकर उपराष्ट्रपति ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में महाकुंभ के बाद पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है जिसमें उपराष्ट्रपति का आगमन है। ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं’ पुस्तक राज्यपाल के जीवन पर आधारित महत्वपूर्ण कृति है। जीवन के हर पहलू को 14 अध्याय में संजोया गया है। जैसे समुद्र मंथन से 14 रत्न निकले थे, वैसा ही है। किसान परिवार में जन्मी बेटी ने शून्य से शिखर तक की यात्रा तय की सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि किसान परिवार में जन्म लेकर शून्य से शिखर तक की यात्रा तय करना। किसी वैष्णव, किसान परिवार में सात दशक पहले कोई बेटी पढ़े, यह उस समय कल्पना थी। उस कल्पना को अपनी जिजीविषा से राज्यपाल ने आगे बढ़ाया। माता-पिता के संस्कार, संघर्ष से आगे बढ़ीं। एक शिक्षक, प्रधानाचार्य, मंत्री, सीएम अब राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल एवं कार्यक्रमों को जानने का अवसर हम सभी को मिलता है। उनके स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं। हमें उनका मार्गदर्शन मिले। महाकुंभ में उप राष्ट्रपति की उपस्थिति प्रेरणादायी रही सीएम ने आगे कहा कि अक्सर हम शिखर को देखते हैं, उसकी नींव बनाने की मेहनत को नहीं देखते हैं। यह किताब नई प्रेरणा होगी। महाकुंभ में उप राष्ट्रपति की उपस्थिति प्रेरणादायी रही। उन्होंने इसमें भागीदार बन नई ऊंचाई दी। आपकी और प्रधानमंत्री की प्रेरणा से महाकुंभ को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया गया। चुनौती इन्हें भी पसंद है। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य सही नहीं था। जैसे ही स्वस्थ हुए पूरे देश में दौरे शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र तब भी कुंद होता है जब सुनने वाला तैयार नहीं होता है। यह किताब लोकतंत्र की कृति बनेगी।  

सांसद आलोक शर्मा ने कहा- लव जिहाद करने वालों की नसबंदी कराएं

भोपाल   मध्यप्रदेश में बढ़ते लव जिहाद मामले को सेकर सरकार चिंतित है। हाल ही में पूरे प्रदेश सहित राजधानी भोपाल में कई मामले सामने आ चुके हैं। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद इस तरह के मामले कम नहीं हो रहे हैं। इसी कड़ी में भोपाल सांसद आलोक शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- लव जिहाद करने वालों की नसबंदी कराएं। आलोक शर्मा ने यह मांग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की है। बता दें कि राजधानी भोपाल के एक कॉलेज में कई लड़कियों से लव जिहाद का मामला सामने आया है। शहर पुलिस की कारर्वाई में अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। इन आरोपियों ने कॉलेज की छात्राओं को कथित तौर पर प्रेम जाल में फंसाते हुए उनसे न केवल दुष्कर्म किए, बल्कि उनके वीडियो बना कर उन्हें ब्लैकमेल किया। आरोप है कि आरोपियों ने कुछ लड़कियों को फंसाते हुए उनकी सहेलियों से भी संपर्क साधे और इसके बाद उन्हें भी शिकार बनाया।  इस दौरान आरोपियों ने लड़कियों को नशे के जाल में फंसाते हुए उन पर धर्म परिवर्तन का भी दबाव मनाया। चारों आरोपी धर्म विशेष के हैं, जिन्होंने सुनियोजित तरीके से लड़कियों को अपना शिकार बनाया। इस मामले में अब तक लगभग आधा दर्जन लड़कियां सामने आ चुकी हैं, जिन्होंने पुलिस से संपर्क साधा है। संभावना जताई जा रही है कि पुलिस की कारर्वाई आगे बढ़ने के साथ और लड़कियां भी हिम्मत जुटाते हुए आ सकती हैं। आरोप है कि आरोपी लड़कियों को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और इस प्रताड़ना और यौन शोषण के वीडियो क्लिप्स को एक-दूसरे के साथ साझा भी करते थे। इससे यह एक सुनियोजित आपराधिक गिरोह होने की बात कही जा रही है। सांसद शर्मा ने कहा कि- मोहन यादव की सरकार लव जिहाद को रोकने का काम कर रही है। मैं मोहन यादव से मांग करता हूं। मध्यप्रदेश शांति का टापू है, यहां कोई लव जिहाद करता है तो उसकी गिरफ्तारी तो होगी ही, उसके साथ-साथ उसकी नसबंदी भी करा दी जाए। नसबंदी होगी तो इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। बता दें कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक कॉलेज में हिंदू युवतियों के साथ लव जिहाद और गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ हो रही है। पूछताछ में रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपियों का लक्ष्य हिंदू युवतियों को फंसाकर रेप फिर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना था। मामले की जांच जारी है।

शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण

 हर युवा के चेहरे की चिंता हमने पढ़ी, हर परिवार की पीड़ा हमने समझी और उसका समाधान करने का किया प्रयास : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ के बर्खास्त बीएड शिक्षकों के जीवन में लौटी खुशियाँ: 26 सौ से अधिक युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का ऐतिहासिक निर्णय शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहायक शिक्षकों ने जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई।        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के   उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील है कि उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि जितना भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री जी ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।        इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है।

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