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मंत्री संपतिया उइके ने ‘जल दर्पण पोर्टल’ तथा फीडबैक एवं शिकायत निवारण प्रणाली कॉल-सेंटर का किया शुभारंभ

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने ‘जल दर्पण पोर्टल’ तथा फीडबैक एवं शिकायत निवारण प्रणाली कॉल-सेंटर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में पेयजल योजनाओं की निगरानी और हितग्राहियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि यह पोर्टल और कॉल-सेंटर हितग्राहियों को अपनी समस्याएं सीधे विभाग तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेंगे। इससे न केवल शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा, बल्कि योजनाओं की जमीनी हकीकत से भी विभाग अवगत होगा। इससे कार्यों में पारदर्शिता आयेगी, जबावदेही और सेवा गुणवत्ता में वृद्धि होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विकसित यह पोर्टल जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल-जल योजनाओं की कव्हरेज और कार्यशीलता की वास्तविक समय में निगरानी करने, हितग्राहियों से प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त करने, सेवा वितरण की गुणवत्ता मापने, समस्याओं की पहचान करने और तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। राज्य स्तर पर स्थापित कॉल-सेंटर नल से जल आपूर्ति की नियमितता, मात्रा और गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण सेवा मापदंडों का मूल्यांकन करेगा। यह सिस्टम अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए ग्रामीण जल संरचना को मजबूत करेगा और नागरिक संतुष्टि को प्राथमिकता देगा। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहाँ जल जीवन मिशन की पूर्ण योजनाओं की गतिविधियों का स्वतः फीडबैक लेने की व्यवस्था लागू की गई है। इससे अब प्रदेश में जल आपूर्ति योजनाओं की अद्यतन स्थिति का डाटा सुलभ होगा, जिससे बंद पड़ी योजनाओं की पहचान कर समय पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। प्रदेश में जल जीवन मिशन में अब तक 111.77 लाख ग्रामीण परिवारों में से 77.12 लाख परिवारों (69 प्रतिशत) को नल से जल प्रदाय सुनिश्चित किया जा चुका है। देश का पहला ‘हर घर जल’ जिला बनने का गौरव बुरहानपुर को प्राप्त हुआ है। निवाड़ी जिले के सभी ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध करा कर ‘हर घर जल’ जिला घोषित किया जा चुका है। इंदौर जिले के समस्त ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने का कार्य अंतिम चरण में है और शीघ्र ही इंदौर को भी ‘हर घर जल’ जिला घोषित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन को राज्य सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में एकल ग्राम नल-जल योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने और सुशासन आधारित सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। ‘जल दर्पण पोर्टल’ और शिकायत निवारण प्रणाली इसी दिशा में उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है, जो जल-जीवन मिशन को नई ऊर्जा और पारदर्शिता के साथ गति प्रदान करेगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि, जल निगम के प्रबंध निदेशक श्री के. व्ही.एस. चौधरी, प्रमुख अभियंता श्री के. के. सोनगरिया सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुशीर खान, आयुष म्हात्रे , सूर्यांश शेडगे और अंगकृष रघुवंशी को टी20 मुंबई लीग नीलामी में अच्छे दाम मिले

नई दिल्ली टी-20 मुंबई लीग के लिए बुधवार को हुई नीलामी में कुछ युवा क्रिकेटरों को अच्छी कीमत मिली है। मुशीर खान, आयुष म्हात्रे , सूर्यांश शेडगे और अंगकृष रघुवंशी को टी20 मुंबई लीग के तीसरे सत्र के लिए शुरुआती दौर की नीलामी में अच्छे दाम मिले हैं। यह लीग 26 मई से 8 जून तक खेली जाएगी। इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब किंग्स के लिए खेल रहे 20 वर्ष के मुशीर को आर्क्स अंधेरी ने 15 लाख रुपये में खरीदा। मुंबई के लिए इस साल रणजी क्रिकेट में डेब्यू करने वाले म्हात्रे ने आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए डेब्यू किया। उसे ट्रायंफ नाइट्स मुंबई नॉर्थईस्ट ने 14 . 75 लाख रुपये में खरीदा। शेडगे को भी इसी टीम ने 13 . 75 लाख रूपये में खरीदा । केकेआर के लिए खेलने वाले रघुवंशी को सोबो मुंबई फाल्कंस ने 14 लाख रुपये में खरीदा। वहीं तनुष कोटियान को नॉर्थ मुंबई पैंथर्स ने 10 लाख रुपये में खरीदा। टी20 मुंबई लीग के लिए टीमों ने पहले ही अपने-अपने आइकन प्लेयर चुन लिए हैं। इनमें सूर्यकुमार यादव (ट्रायम्फ नाइट्स मुंबई नॉर्थ ईस्ट), अजिंक्य रहाणे (बांद्रा ब्लास्टर्स), श्रेयस अय्यर (सोबो मुंबई फाल्कन्स), पृथ्वी साव (नॉर्थ मुंबई पैंथर्स), शिवम दुबे (एआरसीएस अंधेरी), शार्दुल ठाकुर (ईगल ठाणे स्ट्राइकर्स), सरफराज खान (आकाश टाइगर्स मुंबई वेस्टर्न सबर्ब्स) और तुषार देशपांडे (मुंबई साउथ सेंट्रल मराठा रॉयल्स) शामिल हैं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- स्वास्थ्य विभाग को कृषि विभाग जैसी ऊंचाई पर लाने का करें कार्य

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सागर को पानीदार सागर बनाएं। पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य करें। सागर का जैसा नाम है वैसा इसका काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान में बुंदेलखंड सहित सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में जल संरक्षण, संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल सागर जिले के बीना में जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत तालाब के जीर्णोधार कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आज की सुबह गौरव वाला प्रकाश लेकर आई है। जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं सेना के जवानों ने हमारे देश की बहन बेटियों का सिंदूर छीनने वाले आतंकवादियों के ठिकानों पर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सेना को फ्री हैंड दिया और कहा कि आप कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि जो हमें छेड़ेगा हम उसको छोड़ेंगे नहीं और आज यही किया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सागर कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने सागर जिले में अभिनव काम किया है। उन्होंने तालाबों का सीमांकन कर मुंडेर बनवाकर अतिक्रमण हटाने का कार्य किया है एवं संपूर्ण राजस्व भूमि को राजस्व के रिकॉर्ड में दर्ज कराया है, यह सराहनीय है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आह्वान किया कि जल संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ किया गया है इसके माध्यम से सभी शासन प्रशासन के साथ मिलकर पानी को रोकने का कार्य करें और पानी को व्यर्थ न बहने दें। उन्होंने कहा कि सभी रिचार्ज पिट बनाएं, अपने अपने मकानो में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाएं, पुराने जल स्रोतों, नदी, नालों, बावड़ियों, तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में आज सागर जिला छठवें नंबर पर हैं आप सभी प्रयास करें कि अभियान पूरे होते-होते सागर जिला पहले नंबर पर आ जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की एवं पैरामेडिकल मैनपॉवर की कमी को दूर करने के लिए 3 हज़ार डॉक्टरों सहित स्वास्थ्य विभाग में 30 हज़ार सहायक चिकित्सकीय मैनपॉवर की भर्ती का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि विभाग जिन ऊंचाइयों पर है उसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग भी इस ऊंचाई पर रहे हम सभी को इस प्रकार का कार्य करना चाहिए। सरकार के पास पैसों और संसाधनों की कमी नहीं है, आप सभी के सहयोग से सभी कार्य पूरे होंगे। कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने बताया कि सागर जिले में तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए उनके चारों तरफ सीमांकन कराकर मुंडेर बनाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे हमारे तालाब सुरक्षित होंगे और भविष्य में इस पर अतिक्रमण नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अभी तक 80 हेक्टेयर से अधिक जमीन तालाबों से अतिक्रमण मुक्त कराई गई है। इसी प्रकार जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नवीन खेत तालाब, फ्रूट फॉरेस्ट के कार्य भी किए जा रहे हैं। विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के वी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।  

वन भवन के ई-ब्लॉक के 3 तल का आवंटन निरस्त कर ब्लॉक का सम्पूर्ण तल वन विभाग को आवंटित

भोपाल वन भवन के ई-ब्लॉक के 3 तल एजेंसी द्वारा लोक परिसम्पत्ति विभाग को सौंपे गये थे। लोक परिसम्पत्ति विभाग द्वारा वन भवन के ई-ब्लॉक के 3 तल संस्थाओं को आवंटित किये गये थे, उनका आवंटन निरस्त कर ई-ब्लॉक का सम्पूर्ण तल वन विभाग को आवंटित करने के आदेश राज्य शासन द्वारा जारी कर दिये गये हैं। आदेश मंत्रि-परिषद के निर्णय दिनांक 22 अप्रैल, 2025 के अनुक्रम में जारी किया गया। वन भवन के ई-ब्लॉक के 3 तल वर्तमान एजेंसी द्वारा संस्‍थाओं से राशि प्राप्त कर आवंटित किये गये थे। इनमें प्रथम तल मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, श्रम कल्याण मण्डल भोपाल, मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार मण्डल को स्थान आवंटित किया गया था। द्वितीय तल में मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और तृतीय तल में मध्यप्रदेश स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड को स्थान आवंटित किया गया था। इन संस्थाओं को आदेश अनुसार कुल 56 करोड़ 67 लाख की राशि वापस की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने सिचुएशन रूम से 5 जिलों में सिविल डिफेंस मॉकड्रिल की समीक्षा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। राष्ट्र के समक्ष उत्पन्न विशेष परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। नागरिकों को किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के लिए सिविल डिफेंस प्रोटोकॉल्स के बारे में बताया जाए और सभी को सिविल डिफेंस नियमों का सक्रियता से पालन करने के लिए प्रेरित किया जाए। सभी कलेक्टर्स सजग रहें, सतर्क रहें और सावधान रहकर ताजा हालातों पर पैनी नजर रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वल्लभ भवन स्थित सिचुएशन रूम से प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और कटनी जिले के कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों में सिविल डिफेंस के तहत आज हुई मॉकड्रिल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की रिहर्सल की समीक्षा की। साथ ही सभी कलेक्टर्स को नागरिकों के हित में सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स से कहा है कि वे भी अपने-अपने जिले में सिविल डिफेंस की सारी तैयारियां पुख्ता कर लें। समीक्षा में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण श्री नीरज मंडलोई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। राज्य आपदा प्रबंधन कक्ष से वर्चुअली जुड़े पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार पांचों जिलों में सिविल डिफेंस मॉकड्रिल करा ली गई है। ब्लैक आउट के लिए भी ताकीद करा दिया गया है। लोगों को विधिवत् अभ्यास कराया गया है। पुलिस महानिदेशक होमगार्ड श्री अरविंद कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा प्रदेश के चिन्हित 5 जिलों में एक रेड सिग्नल दिया गया। इसके बाद सिविल डिफेंस के लिए नागरिकों को बचाव के तरीके बताकर उन्हें इनका पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद ग्रीन सिग्नल दिया गया। इस दौरान सभी को किसी भी विषम हालात में सुरक्षा के लिए इसी तरह एक्टिव रहने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार 7 मई की शाम 7.30 से ब्लैक आउट की तैयारी भी की गई है। उन्होंने कहा कि ब्लैक आउट का डॉक्युमेंटेशन भी किया जाएगा, भविष्य के लिए यह एक रैफरेंस के तौर पर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 जिलों के कलेक्टर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा कर मॉकड्रिल की जानकारी ली। सभी कलेक्टर्स ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने-अपने जिलों में आग लगने पर बचाव, मलबा गिरने पर बचाव और आपदा नियंत्रण दल द्वारा की गई कार्रवाई की सिलसिलेवार जानकारी ली। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि शहर के 5 स्थानों में मॉकड्रिल पूरी कराई गई। देर शाम को होने वाले ब्लैक आउट की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। कलेक्टर इंदौर ने बतायाकि मॉकड्रिल हो चुकी है और सभी को किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नागरिकों को किस तरह व्यवहार करना है, इस बारे में बताया गया। ब्लैक आउट के लिए भी तैयारी की जा चुकी है। कलेक्टर जबलपुर ने बताया कि शहर के चिन्हित स्थलों में मॉकड्रिल कराई गई और नागरिकों को सिविल डिफेंस प्रोटोकॉल के बारे में बताया गया। कलेक्टर ग्वालियर ने बताया कि शहर में मॉकड्रिल कराई गई और रेस्क्यू टीम को मोबलाइज कर दिया गया है। नागरिकों को सर्च एंड रेस्क्यू का अभ्यास कराया गया है। ब्लैक आउट की तैयारी भी कर ली है और मॉकड्रिल में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों सभी को जोड़ा गया। कलेक्टर कटनी ने बताया कि शहर में नागरिकों को हर तरह के हालात से निपटने के लिए सिविल डिफेंस नियमों के बारे में बताया गया। आग लगने और मलबा हटाने का मॉकड्रिल भी कराया गया। एक मॉक सायरन बजाया गया, जिसके बजते ही नागरिकों को बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।  

राजनाथ सिंह ने कहा- हमने हनुमान जी के आदर्श का पालन किया है और उन्हीं को मारा, जिन्होंने मासूमों को मारा था

नई दिल्ली भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया है। पीओके और पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर बीती रात ताबड़तोड़ मिसाइल हमले हुए, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारतीय सेना को बधाई दी और हनुमान जी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने सटीक ऑपरेशन किया है। हमने हनुमान जी के आदर्श का पालन किया है और उन्हीं को मारा, जिन्होंने मासूमों को मारा था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ”भारतीय सेनाओं ने अद्भुत शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। सेना ने सटीकता, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की है। हमने जो लक्ष्य तय किए थे, उसे सटीकता से धवस्त किया और किसी भी नागरिक ठिकाने को बिल्कुल भी प्रभावित न होने देने की संवेदनशीलता भी दिखाई। हमने हनुमान जी के उस आदर्श का पालन किया है, जो उन्होंने अशोक वाटिका उजाड़ते हुए किया था- जिन्ह मोहि मारा तिन मैं मारे। हमने केवल उन्हीं को मारा, जिन्होंने हमारे मासूमों को मारा था।” राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करके पहले की तरह ही इस बार भी आतंकियों को ट्रेनिंग देने वाले कैंप को तबाह करके करारा जवाब दिया है। भारत ने राइट टू रिस्पॉन्ड का इस्तेमाल किया है और यह कार्रवाई काफी सोच-समझकर की गई है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर हमले किए। पाकिस्तान ने कहा कि वह अपनी पसंद के समय और स्थान पर जवाब देगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा कि नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा, ”पिछले 3 दशकों में, पाकिस्तान ने व्यवस्थित रूप से एक आतंकवादी बुनियादी ढांचा बनाया है। यह भर्ती और प्रशिक्षण केंद्रों, प्रारंभिक और पाठ्यक्रमों के लिए प्रशिक्षण क्षेत्रों और हैंडलर के लिए लॉन्चपैड का एक जटिल जाल है। ये शिविर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) दोनों क्षेत्रों में स्थित हैं।” वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए आनुपातिक और जिम्मेदार तरीके से हमला किया ताकि आगे किसी भी आतंकवादी हमले को रोका जा सके।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने बोर्ड परीक्षा की टॉपर छात्राओं से की बात

भोपाल स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने बुधवार को वीडियो कॉल से माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10 और 12वीं की टॉपर छात्राओं से बात कर उन्हें बधाई दी। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि हायर सेकण्डरी बोर्ड की परीक्षा में शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा कु. प्रियल द्विवेदी ने 500 में से 492 अंक प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। शिक्षा मंत्री ने कु. प्रियल से उनकी परीक्षा में की गई तैयारियों के बारे में जानकारी ली। हाई स्कूल की टॉपर छात्रा प्रज्ञा से भी बात स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने वीडियो कॉल से कक्षा 10 हाई स्कूल परीक्षा की टॉपर सिंगरौली की कु. प्रज्ञा जायसवाल से भी बात की। उन्होंने कहा कि 500 अंक में से 500 अंक प्राप्त कर प्रज्ञा ने अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से देशभर के बच्चों को प्रोत्साहन मिला है। मंत्री श्री सिंह ने छात्रा कु. प्रज्ञा से उनके भविष्य की योजना में बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा में छात्राओं का परीक्षाफल काफी बेहतर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से भी दोनों छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दोनों ही छात्राओं ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता को दिया है।  

मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को बताया अद्वितीय, आंतकी हमले के मुंहतोड़ जवाब पर बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में मीडिया के लिए जारी संदेश में कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जो कहते हैं, वह होता है। हमारी सेना भी जगत जननी मां जगदंबा नवदुर्गा के समान शक्ति संपन्न है, जो दुश्मनों का समूल नाश करने में सक्षम है। पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया है, इससे पूरा देश गौरवान्वित है। ऑपरेशन सिंदूर नाम से ही स्पष्ट है, सिंदूर पर हाथ लगाने और गलत निगाह डालने वाले को भारतीय सेना ने जवाब दिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा था कि हर वह स्थान और हर वह व्यक्ति जो भारत की तरफ गलत निगाह से देखेगा, उसे मिट्टी में मिला देंगे। आपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों का परिणाम आज सबने देखा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी को आतंकी खातमे के इस जबर्दस्त प्रहार की कोटिशः बधाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री, गृहमंत्री, सरकार और पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में एकजुटता दिखाने वाले सभी भारतवासियों के लिए यह गौरव का विषय है। हम सब प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी के हर कदम के साथ है। हमारे देश के दुश्मनों को सबक सिखाते हुए भारतीय वीरता का जो परचम फहराया गया है, यह सब भारतवासियों के लिए गर्व का आधार है। इस ऑपरेशन में किसी को भी व्यक्तिगत हानि ना पहुँचाते हुए आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है।  

प्रधानमंत्री के साथ मध्यप्रदेश चट्टान की तरह खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी को पहलगाम आंतकी हमले के मुंहतोड़ जवाब पर बधाई: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय सेना का शौर्य गर्व का आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के साथ मध्यप्रदेश चट्टान की तरह खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” को बताया अद्वितीय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो कहते हैं वह होता है। हमारी सेना भी जगत जननी मां जगदंबा नवदुर्गा के समान शक्ति संपन्न है, जो दुश्मनों का समूल नाश करने में सक्षम है। पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया है। इससेपूरा देश गौरवान्वित है। ऑपरेशन सिंदूर नाम से ही स्पष्ट है, सिंदूर पर हाथ लगाने और गलत निगाह दौड़ने वाले को भारतीय सेना ने जवाब दिया है। वह दृश्य अपने सामने दिखाई दे रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि हर वह स्थान और हर वह व्यक्ति जो भारत की तरफ गलत निगाह से देखेगा उसे मिट्टी में मिला देंगे। यह परिणाम सबने देखा है। प्रधानमंत्री मोदी को आतंकी खातमे के इस जबर्दस्त प्रहार की कोटिशः बधाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री, गृहमंत्री, सरकार और पूरे भारतवासी जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में एकजुटता दिखाई, वह सबके लिए गौरव का विषय है। हम सब प्रधानमंत्री मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के हर कदम के साथ है। हमारे देश के दुश्मनों को सबक सिखाते हुए भारतीय वीरता का जो परचम फहराया गया है, यह हम सब भारतवासियों के लिए गर्व का आधार है। इस ऑपरेशन में किसी को भी व्यक्तिगत हानि ना होते हुए आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से मीडिया के लिए जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किये।  

मुख्यमंत्री ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल उपलब्ध कराएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी शहरों में हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित “सखी-निवास” सुविधा का विस्तार उन औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाए, जहां महिला कर्मचारी अधिक संख्या में हैं। बालिकाओं और महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उनके कौशल उन्नयन के लिए विभागीय समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और पोषण की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग निश्चित कार्य योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन करें। आंगनवाड़ी भवनों की उपलब्धता और रख रखाव के लिए नगरीय निकायों और पंचायतराज संस्थाओं से भी आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों की मंत्रालय में समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए “मोटी आई” अभियान पर लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। नवाचार को अनुकरणीय बताया गया। समीक्षा में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभागीय प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया फारूखी बली सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंगनवाड़ियों में पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक माह में कार्य योजना प्रस्तुत की जाए। प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए चना और अन्य प्रोटीन स्रोत अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। दुग्ध संघों से आंगनवाड़ी के बच्चों को दूध भी आवश्यक रूप से उपलब्ध कराया जाए। गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को भी सम्पूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक इकाइयों के साथ मंदिरों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग भी आंगनवाड़ियों की बेहतरी के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए प्रसव की संभावित तिथि से पहले सुदूरवर्ती ग्रामों तथा अन्य स्थानों से अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं के रहने तथा उनकी देखरेख के लिए आवश्यक व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय-सीमा निर्धारित कर यह सुनिश्चित किया जाए की सभी जिलों में आंगनवाड़ियां शासकीय भवनों में संचालित हों। इसके लिए स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास और जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभागों के उपलब्ध भवनों का भी उपयोग किया जाए। जिला स्तर पर पंचायत राज संस्थाओं, नगरीय निकायों के सहयोग तथा सांसद-विधायक निधि, डीएमएफ एवं अन्य संसाधनों से प्राथमिकता के आधार पर आंगनवाड़ियों के लिए भवनों का निर्माण कराया जाए। भवनों में जहाँ पर्याप्त स्थान और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हों, वहीं आंगनवाड़ियों का संचालन हो। मिशन शक्ति में हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए प्रदेश में संचालित 57 वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 726 महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई गई। महिला हेल्प लाइन-181 से इस वर्ष 82 हजार 552 महिलाओं को सहायता दी गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में 58 लाख 70 हजार हितग्राहियों को एक हजार 878 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। सशक्त वाहिनी नवाचार में 11 हजार 321 युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया और 156 युवतियां विभिन्न शासकीय विभागों में चयनित हुईं। बैठक में मिशन वात्सल्य, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों के उन्नयन, पोषण भी पढ़ाई भी, लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना की समीक्षा भी हुई।  

आतंकियों की मौत पर पाकिस्तानी सेना का मातम, जनाजे में उमड़े फौजी, भारत के खिलाफ नारेबाजी

इस्लामाबाद भारत ने हमला भले ही पाकिस्तान में आतंकवादियों पर किया हो, लेकिन मातम पड़ोसी मुल्क की सेना मना रही है। भारत के खिलाफ आतंकवादियों का इस्तेमाल करता रहा पाकिस्तान बुधवार को एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया। पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में मारे गए आतंकवादियों के जनाजों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और आईएसआई के अफसर भी मातम मनाते नजर आए। इस दौरान भारत के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर मंगलवार देर रात मिसाइलों की बारिश कर दी। इन हमलों में बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की सूचना है। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अपने एयरस्पेस में रहते हुए पाकिस्तान के बहावलपुर और मुरीदके में भी मिसाइल दागे। इन मिसाइलों को बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद और मुरीदके में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों पर फटने के लिए गाइड किया गया था। जैश के अलावा लश्कर-ए-तैयबा के कई बड़े दहशतगर्दों के चीथड़े उड़ गए। हमले के बाद जहां पाकिस्तान की सरकार हाथ मलते हुए गीदड़-भभकी देने में जुटी थी तो आतंकियों के परिवारों में रोना-धोना मचा था। सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हुए जिनमें ताबूतों के सामने पाक सेना के अफसर सिर झुकाए खड़े हैं। पाकिस्तान में आतंकियों की मौत पर सेना का मातम मीडिया ने भी कुछ तस्वीरें जारी की हैं। इनके कैप्शन में कहा गया है कि मुरीदके में हुए भारत के हमलों में मरे लोगों के जनाजे में पाकिस्तानी सैनिक भी शामिल हुए। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि फौजी अफसरों के अलावा पुलिस और आईएसआई के कई आला अधिकारी भी मातम मनाने पहुंचे थे। कुछ वीडियो ऐसे भी सामने आए हैं जिनमें लोग भारत के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सुने जा सकते हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तानी में सेना और आतंकियों के बीच बहुत करीबी रिश्ता है। या यूं कहें कि दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। ऐसे में भारत के इस प्रहार से सेना को भी दर्द होना लाजिमी है।

भोपाल में आज सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट का हुआ अभ्यास

भोपाल भोपाल में बुधवार को सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट का अभ्यास हुआ। आपदा प्रबंधन की दृष्टि से हुए इस व्यापक पूर्वाभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना और प्रशासनिक एजेंसियों की तैयारी को परखना था। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देशन में सम्पन्न इस मॉक ड्रिल में शहर के 5 प्रमुख स्थलों पर प्रभावी रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन कक्ष भोपाल से प्रदेश के 5 जिलों में आयोजित मॉक ड्रिल का वर्चुअली अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सभी 5 जिलों के कलेक्टरों से चर्चा कर ड्रिल संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। डीबी मॉल में फायर ड्रिल के दौरान आगजनी की स्थिति में त्वरित अग्निशमन और घायलों की सुरक्षित निकासी का अभ्यास किया गया। सरोजनी नायडू महाविद्यालय में स्थापित अस्थायी अस्पताल में घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान करने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया गया। न्यू मार्केट में लोगों की सुरक्षित निकासी कर पुलिस लाइन तक पहुँचाने का सफल अभ्यास किया गया, जहाँ भीड़ प्रबंधन और राहत कार्यों में उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला। भेल क्षेत्र में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत मलबे में फँसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कोकता मल्टी में भवन ध्वस्तीकरण के दौरान फँसे व्यक्तियों की प्रभावी रेस्क्यू प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि इस मॉक ड्रिल से आपात परिस्थितियों में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और नागरिकों की सहभागिता की प्रभावशीलता सिद्ध हुई है। उन्होंने सभी प्रतिभागी दलों की कार्य कुशलता की सराहना की । शाम 7:30 से 7:42 बजे तक ब्लैक आउट का अभ्यास भी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। रेड अलर्ट सायरन की ध्वनि के साथ नागरिकों ने घरों, दुकानों, कार्यालयों एवं संस्थानों की सभी रोशनियाँ बंद कर दीं। वाहन चालकों ने अपने वाहन रोककर हेडलाइट और बैकलाइट बंद रखीं। निर्धारित समय पर ग्रीन अलर्ट सायरन के साथ “ऑल क्लीयर सिग्नल” जारी किया गया और सभी रोशनियाँ पुनः चालू कर दी गईं। इस दौरान नागरिकों ने अनुशासन और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए प्रशासन के निर्देशों का पूर्णतः पालन किया।  

ब्रिटेन से पेट्रोल और डीजल इंजन वाहन के आयात पर शुल्क रियायत पूर्व-निर्धारित कोटा तक सीमित, नहीं मिलेगी टैरिफ में छूट

नई दिल्ली भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत हीरा, चांदी, स्मार्टफोन और ऑप्टिकल फाइबर जैसे कई संवेदनशील औद्योगिक उत्पादों पर ब्रिटेन की कंपनियों को कोई शुल्क रियायत नहीं देगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि ब्रिटेन से पेट्रोल और डीजल इंजन वाहन के आयात पर शुल्क रियायत पूर्व-निर्धारित कोटा तक सीमित है। इसी तरह, सीमा शुल्क की रियायती दर पर ब्रिटिश इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के आयात का कोटा केवल कुछ हजार तक सीमित है। प्लास्टिक, हीरा, चांदी, बेस स्टेशन, स्मार्टफोन, टेलीविजन कैमरा ट्यूब, आप्टिकल फाइबर, आप्टिकल फाइबर बंडल और केबल जैसे संवेदनशील औद्योगिक सामान को एफटीए की सूची से बाहर रखा गया है। निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना भारत, ब्रिटेन को इन वस्तुओं पर कोई आयात शुल्क लाभ नहीं देता है। वाहन क्षेत्र को खोलने के बारे में अधिकारी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चौथे सबसे बड़े वाहन मैन्युफैक्चरर्स के तौर पर भारत के पास वाहन मूल्य श्रृंखला में वैश्विक अगुआ के रूप में उभरने की रणनीतिक क्षमता है। भारत के मजबूत विनिर्माण आधार के बावजूद, वैश्विक वाहन बाजार में इसकी हिस्सेदारी कम बनी हुई है, जो विस्तार की व्यापक संभावनाओं को दर्शाता है। आईसीई (आंतरिक दहन इंजन) यानी परंपरागत ईंधन के वाहनों के लिए ब्रिटेन के बाजार तक पहुंच से देश के वाहन और वाहन कलपुर्जों के निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना है। ईवी के लिए भी हुआ फैसला अधिकारी ने कहा, ‘ईवी के लिए कोटा से बाहर शुल्क में कोई कमी नहीं की गई है। ईवी से जुड़ी संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया है। आईसीई वाहनों पर कोटा से बाहर शुल्क को लंबे समय में धीरे-धीरे कम किया जाएगा, जिससे हमारे उद्योगों को ब्रिटेन से बढ़ने वाले आयात का मुकाबला करने के लिए वक्त मिल सके।’ ब्रिटेन सरकार ने 2027 से अपना ‘कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म’ (सीबीएएम) लागू करने का निर्णय दिसंबर 2023 में लिया था।  

मुख्यमंत्री ने बैठक में जिला खनिज प्रतिष्ठान के भाग-ख में विकास कार्यों को दी मंजूरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिला खनिज प्रतिष्ठान के तहत अर्जित फंड एक रिजर्व फंड है। इस फंड से जिलों के खनन प्रभावित क्षेत्रों में सार्वजनिक हित और सबके उपयोग के लिए स्थायी प्रकृति के ठोस काम ही कराए जाएं। काम ऐसे हों, जिसका लाभ अधिकतम लोगों को मिले। इस (डीएमएफ) मद से स्कूल भवन, अस्पताल, सामुदायिक भवन, औषधालय भवन, पशु चिकित्सालय/औषधालय, खेल मैदान सहित विशेष पिछड़े एवं कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की बसाहट क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्थायी श्रेणी के काम कराए जाएं। उन्होंने कहा कि अस्थायी प्रकृति के एवं मरम्मत आदि के काम संबंधित विभागों के विभागीय बजट से कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में जिला खनिज प्रतिष्ठान के भाग-ख के तहत हो सकने वाले विकास कार्यों की मंजूरी के लिए आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खनन क्षेत्रों वाले जिलों में जिला खनिज प्रतिष्ठान से प्राप्त राशि में से 502 करोड़ रूपए की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी। इस निर्णय से खनन प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के विकास एवं उन्नयन कार्य किए जा सकेंगें। सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब जिला खनिज प्रतिष्ठान से प्रदेश के डिण्डौरी, शहडोल, अनूपपुर, बड़वानी, दमोह, छिंदवाड़ा, सिवनी, अलीराजपुर, शिवपुरी, सागर, रीवा, बैतूल आदि जिलों में विभिन्न श्रेणी के विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें डिण्डौरी जिले में आयुर्वेदिक महाविद्यालय का निर्माण, शहडोल जिले की सोन नदी पर बैराज/एनिकट का निर्माण, अनूपपुर जिले के कोतमा के चिकित्सालय में 100 बिस्तरीय अधोसंरचना का निर्माण प्रमुख रूप से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बड़वानी जिले में भीलटदेव मंदिर नागलवाड़ी के तलहटी से मंदिर तक पहुंच मार्ग का निर्माण भी डीएमएफ मद से किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन कामों को जल्द से जल्द पूरा कराया जा सकता हो, वे काम पहले कराए जाएं। स्कूलों में आवश्यकतानुसार पेयजल व्यवस्था के लिए टंकी निर्माण, बाउंड्री वॉल निर्माण जैसे काम तत्काल कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को इनका शीघ्र लाभ मिले। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री उमाकांत उमराव तथा संचालक प्रशासन एवं खनिकर्म श्री फ्रेंक नोबल.ए. सहित अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री उमराव ने बैठक में बताया कि जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि (भाग-ख) में वर्तमान में 1681 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं। इस राशि से छोटे बड़े सभी श्रेणी के काम कराए जा सकते हैं। इस राशि से उच्च प्राथमिकता क्षेत्र (60 प्रतिशत) के तहत 1008.6 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि शासन द्वारा खर्च की जा सकती है। उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में शिक्षा, पेयजल प्रदाय, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण उपाय, स्वास्थ्य की देखभाल, स्वच्छता सुधार, कौशल विकास, वृद्धजन एवं नि:शक्तजन कल्याण तथा महिला एवं बाल कल्याण संबंधी कार्य विशेष रूप से चिन्हित किए गए हैं। अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र (40 प्रतिशत) में सिंचाई सुविधा, भौतिक अवसंरचना तथा ऊर्जा एवं वॉटरशेड विकास जैसे काम कराए जाते हैं। इस क्षेत्र के लिए भी डीएमएफ (संचित निधि) से करीब 672.4 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च की जा सकती है।  नोडल विभाग द्वारा कुल 1015 कार्य अनुमोदित किए गए हैं, इनमें से 317 कार्य उच्च प्राथमिकता वाले हैं। इन कार्यों को पहले पूरा कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुमोदन उपरांत डीएमएफ फंड से सभी विकास कार्य जल्द ही प्रारंभ करा दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बैठक में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (पीएमकेकेकेवाई) की नवीन गाइडलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा यह प्रावधान किया गया है कि मुख्य खनिज की खदान अथवा खदानों के समूह से 15 किलोमीटर परिधि क्षेत्र प्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्र होगा तथा जहां स्थानीय जनसंख्या खनन संबंधी प्रक्रिया के कारण आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय परिणामों के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित है, वहां जिले में स्थित मुख्य खदान अथवा खदानों से 25 किलोमीटर का क्षेत्र अप्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्र होगा। इसके अलावा डीएमएफ (संचित निधि) की 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय करने का प्रावधान किया गया है। इस क्षेत्र में केंद्र सरकार ने आवास, कृषि एवं पशुपालन को भी जोड़ दिया है। इसी तरह डीएमएफ (संचित निधि) की 30 प्रतिशत राशि अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय करने को कहा गया है। इस क्षेत्र में खनन जिलों में पर्यावरण की गुणवत्ता में अभिवृद्धि करने के अन्य उपाय भी इसमें जोड़े गए हैं। 

भगवान का शयन करना

भगवान सूर्य के मिथुन राशि में आने पर भगवान मधुसूदन की मूर्ति को शयन कराते हैं और तुला राशि में सूर्य के जाने पर भगवान जनार्दन शयन से उठाये जाते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहते हैं। गरुड़ध्वज जगन्नाथ के शयन करने पर चारों वर्णो की विवाह, यज्ञ आदि सभी क्रियाएं सम्पादित नहीं होतीं। यज्ञोपवीतादि संस्कार, विवाह, दीक्षाग्रहण, यज्ञ, ग्रहप्रवेशादि, गोदान, प्रतिष्ठा एवं जितने भी शुभ कर्म है, वे सभी चातुर्मास्य में त्याज्य हैं। भविष्य पुराण, पदमपुराण तथा श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार हरिशयन को योगनिद्रा कहा गया है। संस्कृत साहित्य में हरि शब्द सूर्य, चन्दमा, वायु, विष्णु आदि अनेक अर्थो में प्रयुक्त है। हरिशयन के दृष्टि से देखें तो इन चार मास में बादल और वर्षा के कारण सूर्य-चन्द्रमा का तेज क्षीण हो जाना उनके शयन का ही रूप है। इस समय में पित्त स्वरूप अग्नि की गति शांत हो जाने के कारण शरीरगत शक्ति सो जाती है। आज वैज्ञानिकों की कृपा से संसार को भी यह बात विदित हो गई है कि चातुर्मास्य में (वर्षा ऋतु में) विविध प्रकार के कीटाणु अर्थात सूक्ष्म रोग जन्तु उत्पन्न हो जाते हैं, जल की बहुलता और सूर्य-तेज का भूमि पर अति अल्प प्राप्त होना ही इनका कारण है। धार्मिक शास्त्रों के मतानुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष में एकादशी तिथि को शंखासुर दैत्य मारा गया। अतः उसी दिन से आरम्भ करके भगवान चार मास तक क्षीर समुद्र में शयन करते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। पुराण के अनुसार यह भी कहा गया है कि भगवान हरि ने वामन रूप में दैत्य बलि के यज्ञ में तीन पग दान के रूप में मांगे। भगवान ने पहले पग में संपूर्ण पृथ्वी, आकाश और सभी दिशाओं को ढक लिया। अगले पग में सम्पूर्ण स्वर्ग लोक ले लिया। तीसरे पग में बलि ने अपने आप को समर्पित करते हुए सिर पर पग रखने को कहा। इस प्रकार के दान से भगवान ने प्रसन्न होकर पाताल लोक का अधिपति बना दिया और कहा वर मांगो। बलि ने वर मांगते हुए कहा कि भगवान आप मेरे महल में नित्य रहें। बलि के बंधन में बंधा देख भगवती लक्ष्मीजी ने बलि को भाई बना लिया। और भगवान से कहा इनको वचन से मुक्त कर दो। माना जाता है कि इसी दिन से भगवान विष्णु जी द्वारा वर का पालन करते हुए तीनों देवता 4-4 माह सुतल में निवास करते हैं। विष्णु देवशयनी एकादशी से देव उठनी तक, शिवजी महाशिवरात्रि तक और ब्रह्मा जी शिवरात्रि से देवशयनी एकादशी तक निवास करते हैं। आषाढ़ शुक्ल एकादशी का नाम देवशयनी एकादशी है। मन चाहा फल एवं सुख समृद्धि प्राप्त करने के लिए यह व्रत बहुत उत्तम है। व्रती उपवास करके सोना, चांदी, तांबा या पीतल की मूर्ति बनवाकर पूजा करे और पीताम्बर से विभूषित करके सफेद चादर से ढके हुए गद्दे, तकिया वाले पलंग पर शयन करावे। मधुर स्वर के लिए गुड़ का, दीर्घायु अथवा पुत्र-पौत्रदि की प्राप्ति के लिये, तैल का, शत्रु नाशादि के लिए कड़वे तेल का, सौभाग्य के लिए मीठे तेल का और स्वर्ग प्राप्ति के लिए पुष्पादि भोगों का त्याग करें।  

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