Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है?
25 मिनट में 9 कैंप तबाह… कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने बताई ऑपरेशन सिंदूर की एक-एक डिटेल गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द; भारत-पाक में चरम पर तनाव Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है? नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में इंडियन आर्मी ने आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. भारत की तीनों सेनाओं ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करते हुए कार्रवाई की है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में करीब 90 आतंकियों को मारा गया है. भारत ने इस कार्रवाई को ‘सिंदूर ऑपरेशन’ कहा है. भारत सरकार ने अपने बयान में कहा है, ”इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जहां से भारत पर आतंकी हमलों का प्लान बनाया गया था.” वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक को ‘कायराना’ बताया है. पीड़ितों और परिजनों को न्याय दिलाने के लिए किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’: कर्नल सोफिया कुरैशी कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस ब्रीफिंग में एयरस्ट्राइक की जानकारी दी. भारतीय सेना की प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरेशी ने कहा, “मासूम पर्यटकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया. पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेटर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और PoK दोनों में फैले हैं.” कर्नल सोफिया ने कहा, “9 आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया और ध्वस्त किया गया. पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान ने व्यवस्थित तरीके से आतंकी ढांचे का निर्माण किया, जो आतंकी कैंपों और लॉन्चपैड्स के लिए पनाहगाह रहा है. उत्तर में सवाई नाला और दक्षिण में बहावलपुर में स्थित मशहूर प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया.” भारत का एक्शन नपा-तुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है: विक्रम मिसरी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, “भारत ने सीमा पार हमलों का जवाब देने, रोकने और प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है. भारत का एक्शन नपातुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है. आयोजकों और फाइनेंसरों को जवाबदेह ठहराने का प्रयास था. भारत की कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.” विंग कमांडर व्योमिका सिंह 18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन हुईं विंग कमांडर व्योमिका सिंह को मौजूदा वक्त की सबसे बेहतरीन विंग कमांडर में से एक माना जाता है. जिनके पास लड़ाकू हेलिकॉप्टर्स उड़ाने का एक बेहतरीन अनुभव है और चीता, चेतक जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टर उड़ाने में महारथ भी हासिल है. व्योमिका सिंह को वायुसेना में शामिल होने के 13 साल बाद विंग कमांडर का पद मिला और 18 दिसंबर 2017 में जाकर वो विंग कमांडर बनीं. विंग कमांडर व्योमिका सिंह के पास इस समय हज़ारों घंटे फ्लाइंग ऑवर्स का अनुभव है, जो उन्हें सबसे सक्षम बनाता है. व्योमिका सिंह ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया है कि जब वो क्लास 6 में थीं, तभी उनके मन में ख़याल आ गया था कि वो एयरफोर्स का हिस्सा बनेंगी, क्यूंकि इसके पीछे एक कहानी है और वो उनके नाम से जुड़ी हुई है. व्योमिका सिंह ने बताया कि हमारी क्लास में एक बहस चल रही थी, जो नाम पर थी. जब मैंने अपना नाम बताया, जिसका मतलब ये था कि जो आसमान को मुट्ठी में रखे. तभी मैंने सोच लिया कि अब आसमां मेरा होगा. विंग कमांडर व्योमिका सिंह के मुताबिक, जब उनकी पढ़ाई पूरी हुई उस दौर तक महिलाएं काफी कम एयरफोर्स में आती थीं, जब मेरी पढ़ाई पूरी हुई और मैंने यूएपएससी के जरिए एयरफोर्स में एंट्री ली और फिर हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं. व्योमिका सिंह ने बताया कि हेलिकॉप्टर पायलट होने के नाते आपको कई मुश्किल और कठिन फैसले लेने पड़ते हैं, और इन्हीं फैसलों ने हमें मज़बूती दी है. बता दें कि विंग कमांडर व्योमिका सिंह ना सिर्फ लड़ाकू हेलिकॉप्टर को चलाने में सक्षम हैं, बल्कि साल 2021 में वायुसेना की जिस महिला विंग ने माउंट मणिरंग की चढ़ाई की थी, वो उसका भी हिस्सा रह चुकी हैं और इतिहास में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं. # कर्नल सोफिया कुरैशी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिन्दी में पूरी जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दीं और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों की एक-एक जानकारी दुनिया के सामने रखी. सोफिया कुरैशी कॉर्प्स ऑफ सिग्नल से जुड़ी हुई अधिकारी हैं. 35 साल की सोफिया कुरैशी इस वक्त पहली महिला ऑफिसर हैं, जिन्होंने इंडियन आर्मी के पूरे कॉन्टिजेंट को एक कई देशों की सैन्य एक्सरसाइज़ में लीड किया है. साल 2016 में वो एक्सरसाइज़ फोर्स 18 मिलिट्री ड्रिल का हिस्सा बन चुकी हैं और उसे लीड भी कर चुकी हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, गुजरात से आने वाली सोफिया कुरैशी सैन्य परिवार से ही आती हैं और बायोकेमेस्ट्री में डिग्री भी रखती हैं. करीब 6 साल के लिए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में भारत की तरफ से योगदान दिया है और कोंगो में मिशन को पूरा किया है. गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की सटीक और जबरदस्त स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश दिया है कि BSF, CRPF, ITBP, SSB और CISF जैसे सभी प्रमुख अर्धसैनिक बलों के जवान पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर मौजूद रहें। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त तैनाती की जा रही है और इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट है और वह जवाबी हमले की गीदड़भभकी दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय किसी भी जवाबी कार्रवाई या आतंकी साजिश को रोकने के लिए लिया गया है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान बॉर्डर पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। … Read more