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ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की मदद करने स्मार्टफोन यूजर बरते ये सावधानियां

नई दिल्ली भारत ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया और पाकिस्तान व POK के कई इलाकों में कार्रवाई की। इसके बाद हो सकता है कि पाकिस्तान की तरफ से भी किसी तरह की गुस्ताखी की जाए। ऐसे में हमारी सीमाओं की रक्षा के लिए भारतीय सेनाएं पूरी तरह से तैयार हैं। इन स्थितियों में अगर आप एक स्मार्टफोन यूजर हैं, तो कुछ सावधानियां आपको भी बरतनी चाहिए। आज हम कुछ ऐसी ही जरूरी एहतियातों के बारे में बताएंगे जिनका ध्यान रखते हुए आप न सिर्फ अपनी बल्कि भारतीय सेनाओं की भी मदद कर सकते हैं। सेना की गतिविधियां शेयर न करें पिछले दिनों भारतीय सेना के प्रतिष्ठित पूर्व अधिकारी और लेखक रहे सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने सभी नागरिकों से अपील की थी कि वे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सैन्य टुकड़ी या वाहन की फोटो या वीडियो शेयर न करें। इस तरह की अपील मीडिया चैनलों से भी हुई है। आजकल क्योंकि हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन के रूप में एक कैमरा है इसलिए आम लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि उनके आस-पास होती किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर न किया जाए। लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने अपनी अपील में कहा था कि ऐसा करके लोग अनजाने में दुश्मन की मदद कर सकते हैं। ऐसे में एक स्मार्टफोन यूजर के तौर पर इस एहतियात का जरूर पालन करें। लोकेशन बंद रखें अपने स्मार्टफोन की GPS लोकेशन चालू रहने से आपकी रियल-टाइम मूवमेंट ट्रैक हो सकती है। दुश्मन इस तकनीक के जरिए आपकी जगह का पता लगा सकता है। उदाहरण के लिए अगर आप मॉक ड्रिल या किसी युद्ध की स्थिति में बंकर में छिपे हैं और फोन में लोकेशन ऑन है, तो वह पकड़ा जा सकता है। इसलिए तनाव की स्थिति में अपनी लोकेशन को बंद रखें। अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें युद्ध जैसी स्थितियों में पाकिस्तान खुद को मजबूर पाता है, तो हो सकता है कि वह साइबर हमले तेज कर दे। ऐसे में किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से बचें। इन लिंक्स या मैसेजेस में वायरस या ट्रैकिंग टूल हो सकता है। इस समय आपको ऐसे मैसेजेस के साथ लिंक मिल सकते हैं कि “क्लिक करो और जानो कहां हमला हुआ” हालांकि ऐसी चीजें सच नहीं होतीं। ये फोन को हैक करने या आपका बैंक साफ करने की साजिश भी हो सकती है। फेक न्यूज से बचें और न फैलाएं सोशल मीडिया पर झूठी खबरें बहुत जल्दी फैलती हैं। तनाव की स्थिति में अफवाहें अफरा-तफरी की वजह बन सकती हैं। ऐसे में किसी भी खबर को आगे शेयर करने से पहले उसकी ऑनलाइन जांच कर लें। ऐसा करके आप अपनी सरकार को व्यर्थ की अफरा-तफरी को समेटने की स्थिति में लाने से रोक सकते हैं। इस तरह की कोशिशों का असली मकसद लोगों में तनाव और समाज में अफरा-तफरी फैलाना ही होता है। ऐसे में गलत खबरों को फैलाने से रोक कर और अगर संभव हो, तो इस तरह के ग्रुप्स को रिपोर्ट करके आप एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज अदा कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर प्रोपेगेंडा को रोकें तनाव की स्थितियों में अक्सर सोशल मीडिया पर तमाम तरह के प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिशें तेज हो जाती हैं। ऐसे में आप किसी प्रोपेगेंडा की सही जानकारी उपलब्ध करवा कर उसकी पोल खोल सकते हैं। ऐसा करते हुए ध्यान दें कि आप पुख्ता सूत्रों से जानकारी को शेयर करें और अपनी बात सोशल मीडिया पर रखते हुए किसी से उलझने और खराब भाषा का इस्तेमाल करने से बचें। आपका मकसद प्रोपेगेंडा की पोल खोलना होना चाहिए न कि किसी से बहस में उलझना।

संकटकाल से निपटने के लिए किए गए अभ्यास की हुई सराहना

नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है, प्रदेश में सफलतापूर्वक हुआ मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट का पूर्वाभ्यास : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ ने प्रदेश के 5 नगरों में मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट की जानकारी कलेक्टर्स से की प्राप्त संकटकाल से निपटने के लिए किए गए अभ्यास की हुई सराहना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर और कटनी में केंद्र सरकार के निर्देशों के पालन में निर्धारित समय पर किए गए ब्लैक आउट और मॉक ड्रिल गतिविधियों की जानकारी संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के कलेक्टर्स के नेतृत्व में किए गए कार्य की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक प्रबंधन की तैयारी के लिए यह मॉक ड्रिल की गई। नागरिक सुरक्षा की प्राथमिकता और संकटकालीन परिस्थिति की चुनौती को देखते हुए इस तरह की मॉक ड्रिल के माध्यम से न सिर्फ आपदा प्रबंधन के अमले बल्कि नागरिकों को भी सजग और सतर्क करने के प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार शाम पुलिस मुख्यालय पहुंच कर सिविल डिफेंस कंट्रोल रूम से प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आपातकालीन स्थिति के लिए की गई मॉक ड्रिल की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। जानकारी दी गई कि सभी जिलों में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यवाही संपन्न हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आज संपन्न मॉक ड्रिल और उसकी पूर्व की तैयारियों का विस्तृत विवरण दिया गया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे एन कंसोटिया, एडीजीपी ए. साई मनोहर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलेवार जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर्स ने बताया कि नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरी उपाय अपनाने के लिए जिलों के शिक्षित और सजग किया गया है। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि निर्धारित समय पर समूचे शहर में प्रकाश व्यवस्था बंद करने की कार्रवाई की गई। ड्रोन द्वारा शूटिंग भी करवाई गई है। कलेक्टर जबलपुर ने बताया कि एक पुरानी बिल्डिंग से लोगों को बचाने की रेस्क्यू की कार्रवाई की गई। ब्लैक आउट की कार्यवाही भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इंदौर कलेक्टर ने जानकारी दी कि मेडिकल कॉलेज के नजदीक एक भवन में अग्निकांड से बचाव की मॉकड्रिल की गई। आकस्मिक चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया। ब्लैक आउट की कार्रवाई भी की गई। ग्वालियर कलेक्टर ने भी ब्लैक आउट और अन्य बचाव गतिविधियों के अभ्यास की जानकारी दी। कटनी कलेक्टर ने बताया कि निर्धारित 12 मिनट अवधि के लिए ब्लैक आउट किया गया। इसके अलावा रेस्क्यू कार्य का अभ्यास भी किया गया।  

हेडक्वार्टर लौट रहे सैनिक ट्रेन में टाॅयलेट के पास या अन्य भीड़भाड़ वाली जगह खड़े देखें तो सम्मानपूर्वक अपनी रिजर्व सीट पर बिठाएं-IAS अनुराग चौधरी

भोपाल  पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की सफलता के बाद हर कोई भारतीय सेना के शौर्य का सलाम कर रहा है। सैनिकों का गुणगान कर रहा है। ऐसे माहौल में एमपी के एक आइएएस ने देशवासियों से बड़ी अपील की है। उन्होंने लोगों से हेडक्वार्टर जा रहे सैनिकों का सफर आसान बनाने का आग्रह किया है। सेना ने सभी सैनिकों की छुट्टी निरस्त कर दी है। उन्हें हर हाल में अपने हेडक्वार्टर लौटने के लिए कहा गया है। ऐसे सैनिकों के लिए एमपी के आइएएस IAS अफसर अनुराग चौधरी ने बड़ी बात कही है। उन्होंने ट्रेन या बस से जा रहे सैनिकों का सम्मान करने और उनका सफर सुविधाजनक बनाने का प्रयास करने का आग्रह किया है। अनुराग चौधरी ने बाकायदा सोशल मीडिया पर यह अपील की प्रदेश के अपर सचिव अनुराग चौधरी ने बाकायदा सोशल मीडिया पर यह अपील की। उन्होंने अपने फेसबुक पर लिखा- वर्तमान स्थिति को देखते हुये छुट्टियों पर आए सैनिक बिना रिजर्वेशन ट्रेन से अपने बटालियन हेडक्वार्टर लौट रहे हैं। उनको ट्रेन में टाॅयलेट के पास या अन्य भीड़भाड़ वाली जगह खड़े देखें तो सम्मानपूर्वक अपनी रिजर्व सीट पर बिठाएं। वह हमारे राष्ट्र रक्षक हैं। यदि सैनिक रोड से जाते दिखें तो उनको अपने वाहन से अगले मुकाम तक पहुंचाएं।

Operation Sindoor पर झूठ फैला रहा था ग्लोबल टाइम्स, भारत ने कायदे से समझा दिया!

बीजिंग  भारतीय सेना के पाकिस्तान और पीओके के अंदर घुसकर आतंकियों को मारने से पाकिस्तान के दोस्त चीन को दर्द हुआ है। चीन का सरकारी न्यूज ऑउटलेट ग्लोबल टाइम्स तो हमले के बाद से ही पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा मशीनरी के रूप में काम करने लगा था। ग्लोबल टाइम्स ने पाकिस्तान की फेक न्यूज फैक्ट्री खबरों को तेजी से फैलाने का काम शुरू कर दिया था। चीन के इस सरकारी भोंपू को भारत ने करारा जवाब दिया और झूठ की फैक्ट्री को बंद करने को कह दिया। पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा बना ग्लोबल टाइम्स भारत के हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने अपनी इज्जत बचाने के लिए भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाना शुरू किया और भारतीय लड़ाकू विमानों का दावा कर डाला। पाकिस्तान के इस एजेंडे में चीनी ग्लोबल टाइम्स भी शामिल हो गया। ग्लोबल टाइम्स ने एक्स पर अपनी एक रिपोर्ट शेयर की जिसमें कहा कि पाकिस्तानी सेना के सूत्रों के हवाले से दावा किया उसने हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए एक और भारतीय फाइटर जेट मार गिराया। भारत ने दिया करारा जवाब इसी पोस्ट में आगे कहा गया कि यह तीसरा फाइटर जेट था, जिसे पाकिस्तानी वायुसेना ने मार गिराया गया। ग्लोबल टाइम्स के इस झूठे दावे का बीजिंग में मौजूद भारतीय दूतावास ने खंडन करते हुए करारा जवाब दिया। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के एक्स हैंडल से कहा पोस्ट की रीट्वीट करते हुए कहा गया, ‘प्रिय ग्लोबलटाइम्स हम आपको सलाह देंगे कि इस तरह की गलत सूचना को आगे बढ़ाने से पहले अपने तथ्यों की पुष्टि कर लें और अपने स्रोतों की जांच कर लें।’ चीन ने संयम बरतने की दी सलाह इस बीच भारत और पाकिस्तान में तनाव को लेकर चीन ने बयान दिया है। हमले के बाद बुधवार को चीन ने भारत और पाकिस्तान से क्षेत्र में ‘शांति व स्थिरता के व्यापक हित’ को ध्यान में रखते हुए संयम बरतने का बुधवार को आह्वान किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार एवं बुधवार की दरमियानी रात पाकिस्तान एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। भारत ने इस सैन्य कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया है। भारत की कार्रवाई के बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘हम मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित हैं। भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के पड़ोसी हैं और हमेशा रहेंगे। वे दोनों चीन के पड़ोसी भी हैं। पहलगाम आतंकवादी हमले का स्पष्ट संदर्भ देते हुए उसने कहा, ‘चीन हर तरह के आतंकवाद का विरोध करता है।’ भारत की कार्रवाई से दुखी हुआ चीन इसमें कहा गया, ‘हम दोनों पक्षों से शांति व स्थिरता के व्यापक हित के लिए काम करने, शांति कायम रखने, संयम बरतने और ऐसी कार्रवाई करने से बचने का आग्रह करते हैं जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।’ बयान में कहा गया, ‘आज सुबह भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई चीन की नजरों में खेदजनक है।’ पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के ‘मित्र’ चीन ने इसकी निंदा करते हुए हमले की निष्पक्ष व त्वरित जांच करने का आह्वान किया था। पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों ने कूटनीतिक संपर्क भी बढ़ाया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने 27 अप्रैल को चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से फोन पर बात की थी। इसके अलावा पाकिस्तान में चीनी राजदूत जियांग जेडोंग ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात भी की। गौरलतब है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग बुधवार को चार दिवसीय यात्रा पर रूस के लिए रवाना होने वाले हैं। शी के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत भी निर्धारित है।

किसान ने सैनिकों के लिए अनाज भेजा, DM से बोला बॉर्डर पर सिपाहियों तक पहुंचा दे

 बलिया भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पहलगाम में आतंकी हमले का बदला ले लिया है. पाकिस्तान के अंदर नौ आतंकी ठिकानों को भारतीय सेना ने नेस्तनाबूद कर दिया है. भारतीय सेना के हमले में कम से कम 100 आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्ट है. इस बीच, जवानों के इस कदम से देशभर में जश्न का माहौल है. आम जनता भी भारतीय सेना की मदद के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है. भारतीय सैनिकों को अन्न की कमी न हो, इसके लिए यूपी के बलिया का एक किसान डीएम कार्यालय पर अन्न लेकर पहुंच गया और जिलाधिकारी को अन्न देकर इसे सीमा पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाने का आग्रह किया. इस किसान का नाम नवीन राय है. वह बलिया के पटखौली गांव का निवासी है. किसान का कहना है कि अभी उसने केवल एक क्विंटल के करीब अन्न दिया है, साथ ही डीएम से निवेदन किया है कि अगर जरूरत पड़ती है तो वे घर पर ट्रक लगा दें, वो और भी अनाज भारतीय सेना के लिए देगा. किसान का कहना है कि सीमा पर अन्न की कमी नहीं होनी चाहिए. अगर जरूरत पड़ेगी तो अपनी पत्नी का गहना भी बेच कर देश की सेवा में लगा देगा. अनाज की बोरी लेकर डीएम ऑफिस पहुंचा किसान किसान नवीन कंधे पर अनाज की बोरी लेकर बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गया और डीएम से अनाज को सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए भेजने का आग्रह किया. किसान नवीन राय का कहना है कि देश का हर किसान जवानों के साथ खड़ा है. मैं जवानों की मदद करना चाहता हूं. मैं अपने खेत का अनाज उन जवानों तक पहुंचाऊंगा. अगर पाकिस्तान युद्ध हुआ तो कदम से कदम मिलकर उनके साथ खड़ा रहूंगा. अधिकारी ने किसान के जज्बे की तारिफ की किसान के इस जज्बे को देख कर वहां मौजूद हर कोई जोश से भर गया. भारत जिंदाबाद के नारे लगाए. इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने भी किसान की पीठ थपथपाई और उसके अपील को स्वीकार कर अनाज भारत सरकार तक भेजने का आश्वासन दिया. किसान बोरी में भरकर गेहूं, ज्वार और बाजरा लाया था.  

भारत के जवाब के बाद कारगिल युद्ध का हीरो होवित्जर फिर से मोर्चे पर जुट गया

नई दिल्ली  भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इनमें आतंकवादी समूह लश्कर-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है। भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई ‘केंद्रित, नपी-तुली रही है तथा यह ध्यान रखा गया है कि यह और न बढ़े। भारत के जवाब के बाद कारगिल युद्ध का हीरो होवित्जर फिर से मोर्चे पर जुट गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद एलओसी पर पाकिस्तान गोलीबारी कर रहा है। बोफोर्स ने दिखाई थी ताकत बोफोर्स तोप ने कारगिल युद्ध में अपनी ताकत साबित की। ऑपरेशन विजय में कारगिल ने पाकिस्तान को घुटने पर लाने में अहम भूमिका अदा की थी। कारगिल युद्ध में भारत की सफलता का श्रेय तोपखाने के प्रभावी उपयोग को जाता है। बोफोर्स FH-77B हॉवित्जर, एक 155 मिमी की तोप, ने अपनी उल्लेखनीय सटीकता और रेंज के कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह तोप दुश्मन के बंकरों को कमजोर करने और उनकी सप्लाई लाइनों को बाधित करने में सहायक थी। इससे यह युद्ध के सबसे बेहतरीन हथियारों में से एक बन गई। दो लाख से अधिक दागे थे गोले, बम कारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय तोपखाने ने 2,50,000 से अधिक गोले, बम और रॉकेट दागे। 300 तोपों, मोर्टार और एमबीआरएल से प्रतिदिन लगभग 5,000 गोले, मोर्टार बम और रॉकेट दागे गए, जबकि टाइगर हिल पर कब्जा करने के दिन 9,000 गोले दागे गए। हमलों की चरम अवधि के दौरान, औसतन, प्रत्येक आर्टिलरी बैटरी ने 17 दिनों तक लगातार प्रति मिनट एक राउंड से अधिक फायर किए थे। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से दुनिया में कहीं भी लंबे समय तक इतनी ज़्यादा फायरिंग नहीं देखी गई थी।

नरसिंहपुर में जल प्रदाय परियोजना से तीनों कस्बों की 44,000 से अधिक आबादी को प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा

 नरसिंहपुर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा नरसिंहपुर जिले के सॉईखेडा, सालीचौका और चिचली में जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस परियोजना से इन तीनों कस्बों की 44,000 से अधिक आबादी को प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। जलप्रदाय परियोजना की लागत लगभग 52 करोड़ 80 लाख रुपए है। परियोजना में मध्यप्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली माँ नर्मदा नदी पर 6.50 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। इससे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। परियोजना के अन्‍तर्गत व्‍यापक वितरण नेटवर्क बिछाया गया है।  इसमें सॉईखेडा में 33 किलोमीटर, सालीचौका में 41 किलोमीटर और चिचली में 40 किलोमीटर पाइप लाईन बिछाई गयी है। जल संग्रहण के लिए सॉईखेडा में 2 और चिचली में भी 2 ओवर हेड टैंक निर्मित किए गए हैI  तीनों कस्‍बों में नागरिकों को  प्रस्तावित कनेक्शन 7232 में से अब तक  6348 प्रदान किए जा चुके हैं। पेयजल परियोजना से हर घर तक पाइपलाइन के जरिए शुद्ध जल पहुँचाया जाएगा, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा। अब तक परियोजना का 86 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य तेज गति से किया जा रहा है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह परियोजना “हर घर जल” संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले वर्षों में शहरी जीवन की गुणवत्ता में स्थायी परिवर्तन लाने में सफल होगा।

अभी 100 KM तक घुसे , 300 KM तक जाना बाकी , हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फहराएंगे

नईदिल्ली भारतीय सेना की ओर से पाकिस्‍तान और पीओके में की गई कार्रवाई को लेकर जम्मू में स्‍वागत किया जा रहा है. जम्‍मू-कश्‍मीर में स्‍थानीय लोगों ने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. इस दौरान स्‍थानीय लोगो में काफी ज्यादा उत्साह दिखाई दिया. स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा था, वह कर दिखाया. अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है. उत्साहित लोग बोले, “हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फैलाएंगे.” पाकिस्तान के अंदर हाहाकार मचा, भारत ने जताई खुशी स्थानीय लोगों ने कहा कि हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल को बधाई देते हैं. पूरे देश की मांग थी कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाने का काम किया जाए. मंगलवार की रात लोग सोए रहे और भारत पाकिस्तान में तबाही मचाता रहा. सुबह पता चला कि आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है. इस दौरान सैन्य कार्रवाई में आतंकियों के नौ ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए. अबकी पार 300 पार स्थानीय लोगों ने कहा कि आतंक के पनाहगाह पाकिस्तान के अंदर हाहाकार मचा हुआ है. पाकिस्तान को धराशायी करने का काम भारतीय सेना ने किया. वहीं, पुंछ के अंदर हमारी थल सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है. हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फहराएंगे. अब विश्व के नक्शे में पाकिस्तान नहीं होगा. पाकिस्तान देता रहा गीदड़ भभकी, भारत ने मचा दिया कोहराम पाकिस्तान की गीदड़ भभकियों का जवाब भारतीय सेना ने दे दिया है. गौरतलब है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें आतंकवादी समूह लश्कर-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है. पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने कायराना हमला कर 26 लोगों की गोलीमार कर हत्या कर दी थी. अभी भारत मौजूदा रुख? ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने ‘सटीक, संयमित और गैर-उत्तेजक’ बताया है, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान से और हमले की साजिश थी, जिसे रोकने के लिए यह कदम जरूरी था. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को जीरो टॉलरेंस दिखाना होगा. हमले के तुरंत बाद भारत ने G20, UN, और अमेरिका जैसे देशों को हमले की जानकारी दी, जिससे वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश की गई है. अब भारत का संभावित आगे का कदम क्या हो सकता है? हाई अलर्ट पर सेना ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान लगातार LoC पर गोलाबारी कर रहा है, जिसमें मासूम नागरिकों की जान जाने की खबर है. भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सीमा पर रेड अलर्ट जारी कर दिया है. उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, और पंजाब में हाई अलर्ट है. भारतीय वायुसेना 7-8 मई को बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास कर रही है, जिसमें राफेल, सुखोई-30, और जगुआर विमान शामिल हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती गांवों के लोगों को बंकरों में भेजने का आदेश दिया है. कूटनीतिक दबाव भारत ने UN, अमेरिका, UAE, और सऊदी अरब को सबूतों के साथ बताया कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से बात की. भारत अब UNSC में पाकिस्तान को घेरने की कोशिश करेगा, जैसा कि 2019 में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाकर किया था. आतंकी नेताओं पर नकेल: ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने नष्ट हुए है. सूत्रों के मुताबिक, यह पहला चरण था, और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के आधार पर और कार्रवाइयां हो सकती हैं. मसूद अजहर और लश्कर नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश जारी रह सकती है. अगला टारगेट इन्हीं लोगों को बनाया जा सकता है. देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत करना भारत ने 1971 के बाद पहला मॉक ड्रिल आज करवा रहा है, जो देश के कई राज्यों में है. अब सरकार देशा में किसी अनहोनी से बचने की पूरी कोशिश करेगी. अब पाकिस्तान के रवैया भी आगे तय करेगा भारत ने हमला करके पाकिस्तान को उसकी औकात बता दी है. अब पाकिस्तान को देखना है कि वह आतंकियों के ठिकाने जो नष्ट हुए उस पर क्या जवाब भारत को देगा. यह अलग बात है जैसे ही पाकिस्तान को इस हमले की सूचना मिली वह बौखला गया. सीमा पर गोली बारी करने लगा. पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ने जवाबी कार्रवाई की धमकी भी दी, लेकिन साथ में यह भी कहा कि अगर इस तनाव पर भारत अब अपना कदम पीछे खींच लेता है तो वह अब कोई जवाब नहीं देने वाला. लेकिन पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या करेगा, उस पर भी भारत का जवाब तय होगा.

CM साय ने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित क्षेत्र और पर्यटन केंद्र बनेगा

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगलों में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए है. तेलंगाना की सीमा से लगे जंगली इलाकों में सुरक्षा बल ऑपरेशन संकल्प के तहत नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. इसी दौरान कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के जंगल में बुधवार की सुबह मुठभेड़ शुरू हुई. अब तक 22 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं. इलाके में तलाशी अभियान जारी है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मुठभेड़ के साथ ही 21 अप्रैल से ऑपरेशन संकल्प के तहत मारे गए नक्सलियों की संख्या 26 हो गई है. ऑपरेशन संकल्प, बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और कोबरा कमांडो सहित करीब 24 हजार सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. माओवादियों के सबसे मजबूत संगठन बटालियन नंबर 1, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति के वरिष्ठ कैडरों की मौजूदगी के बारे में इनपुट के आधार पर ऑपरेशन शुरू किया गया था. 24 अप्रैल को माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर 1 से जुड़ी 3 नक्सली महिलाओं को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर मार गिराया गया था. उन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था. वहां से हथियारों, विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ था. 5 मई को भी मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई थी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादी बटालियन नंबर 1 का बेस माना जाता है. उन्होंने कहा, “सूचनाओं से पता चलता है कि इस ऑपरेशन के दौरान कई वरिष्ठ स्तर के माओवादी कैडर मारे गए या गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उनके साथी उन्हें जंगल के अंदर खींचने में कामयाब रहे.” इस ऑपरेशन के दौरान तक सैकड़ों नक्सली ठिकाने नष्ट किए जा चुके हैं. कोबरा यूनिट के एक अधिकारी समेत कम से कम छह सुरक्षाकर्मी प्रेशर आईईडी विस्फोटों की अलग-अलग घटनाओं में घायल हुए हैं. सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं. उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. ताजा कार्रवाई के साथ ही इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 168 नक्सली मारे गए हैं. इनमें से 151 बस्तर संभाग में मारे गए, जिसमें बीजापुर समेत सात जिले शामिल हैं. 31 मई नक्सलियों को खत्म करने की डेडलाइन है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि राज्य के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नक्सलवाद का खात्मा जरूरी है. उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह टिप्पणी की थी. बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है. यह अभियान 21 अप्रैल को राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु (तेलंगाना) जिलों से लगी अंतर-राज्यीय सीमा के दोनों ओर लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले कर्रेगुट्टा और दुर्गमगुट्टा पहाड़ियों के दुर्गम भूभाग और घने जंगलों में शुरू किया गया. यह अभियान अपने चरम अवस्था पर है.  नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित क्षेत्र और पर्यटन केंद्र बनेगा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भविष्यवाणी की कि नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र अगले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ के मुकुट का मणि होगा और यह पर्यटन केंद्र तथा प्रदेश का सबसे विकसित क्षेत्र बन जाएगा. उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ चल रही मुहिम रंग ला रही है और विश्वास जताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा तय की गई समयसीमा मार्च 2026 तक इस समस्या का खत्म कर दिया जाएगा. बस्तर पूर्व में एक अलग जिला था लेकिन अब यह दक्षिणी छत्तीसगढ़ के सात जिलों का एक संभाग है, जिसकी सीमाएं तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र से लगी हैं. साय ने कहा कि सभी राज्यों के सुरक्षा बलों ने मिलकर संयुक्त कार्य बल बनाया है जो नक्सलियों पर लगाम कसने के लिए मिलकर काम कर रहा है. यहां ध्यान केंद्रीत करेगी सरकार साय 16 महीने पुरानी सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों पर कठोरता और मुख्यधारा में आने वालों को प्रोत्साहन देने की नीति के साथ सरकार नक्सलवाद का सफाया करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल के सफाए के बाद सरकार लघु वनोपज प्रसंस्करण उद्योगों, पशुपालन और पर्यटन के विकास के माध्यम से संसाधन संपन्न क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी. बस्तर एक हरा-भरा वन क्षेत्र है, जो चित्रकोट जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध है, जिसे देश का सबसे सुंदर और चौड़ा जलप्रपात कहा जाता है. इसे अक्सर एशिया का नियाग्रा कहा जाता है. मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि बस्तर के अधिकांश हिस्से नक्सलियों से मुक्त हैं, नक्सली केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में केंद्रित हैं, लेकिन इसकी वजह से पूरे राज्य की छवि खराब है. साय ने हालांकि, स्पष्ट किया कि बस्तर क्षेत्र में कोई जबरन औद्योगिकीकरण नहीं किया जाएगा और यह कार्य स्थानीय लोगों से परामर्श करने और उन्हें विश्वास में लेने के बाद किया जाएगा. नक्सलवाद छत्तीसगढ़ पर धब्बा उन्होंने कहा, ‘‘नक्सलवाद छत्तीसगढ़ पर एक धब्बा है और एक बार यह मिट जाए तो राज्य की सुंदरता उभर कर सामने आएगी. यह राज्य जंगलों, झरनों, गुफाओं तथा खनिज संसाधनों के मामले में समृद्ध है. यहां लौह अयस्क, बॉक्साइट, कोयला, टिन, सोना और लिथियम के भंडार हैं.” छत्तीसगढ़ में अपने 15 साल के लंबे शासन (2003 से 2018 तक रमन सिंह के नेतृत्व में) के दौरान, तत्कालीन भाजपा सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी, एक ऐसी लड़ाई जो केंद्र सरकार के पूर्ण समर्थन के साथ साय सरकार में तेज हो गई है. गृह मंत्री शाह ने मार्च 2026 तक नक्सवाद को देश से खत्म करने का संकल्प लिया है. ‘बस्तर में होगी शांति…’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता साय ने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि गृहमंत्री का संकल्प पूरा होगा और बस्तर में शांति कायम होगी.” साय चार बार सांसद रह चुके हैं और 2014 से 2019 तक पहली मोदी सरकार में उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री की भी जिम्मेदारी निभाई थी. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद … Read more

ग्वालियर-चंबल अंचल में बढ़ रहा अग्निवीर बनने का जुनून, जून में होने वाली है लिखित परीक्षा

ग्वालियर  भारतीय सेना में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर बनकर देश की सेवा करने वाले युवाओं का जुनून बढ़ता जा रहा है। इस बार 33 प्रतिशत अभ्यर्थी बढ़े हैं। सेना भर्ती से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़े बेशक ग्वालियर- चंबल अंचल के 10 जिलों के हैं, लेकिन कमोवेश देश के अन्य भर्ती कार्यालयों की भी यही स्थिति है। इस बार लिखित परीक्षा में पिछली भर्ती के मुकाबले अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे।भर्ती के लिए लिखित परीक्षा जून माह में आयोजित कराई जाएगी। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सिलेबस वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। 32 हजार से ऊपर पहुंची संख्या अग्निवीर बनने का जुनून ग्वालियर-चंबल अंचल में अभूतपूर्व है, जहां अग्निपथ योजना लागू होने के बाद सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। इस बार लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ गई है। 2023 में लिखित परीक्षा में 21 हजार 646 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जबकि यह संख्या इस बार 32 हजार 708 तक पहुंच गई है। लिखित परीक्षा जून महीने में प्रस्तावित तीन साल में सबसे ज्यादा आवेदन इस बार हुए हैं। लगातार अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। मध्य प्रदेश के 10 जिलों ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, निवाड़ी, सागर, श्योपुर, शिवपुरी, टीकमगढ़ के अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा जून माह में प्रस्तावित है। अब सेना के अधिकारी लिखित परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। आंकड़ों की बात करें तो 10 जिलों में पहले स्थान पर मुरैना, दूसरे स्थान पर भिंड और तीसरे स्थान पर ग्वालियर है। सबसे ज्यादा अभ्यर्थी इन्हीं तीन जिलों से हैं। लगातार बढ़ रही अभ्यर्थियों की संख्या     अग्निवीर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा जून माह में होगी। इस बार अभ्यर्थियों की संख्या 33 प्रतिशत तक बढ़ गई है। तीन साल में इस साल सबसे ज्यादा आवेदन किए गए हैं। लगातार अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ रही है और चयन प्रतिशत भी बढ़ रहा है। अभ्यर्थियों के लिए सिलेबस वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी माक टेस्ट भी कर सकते हैं। – कर्नल पंकज कुमार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर।  

एक दशक की तैयारी, दिख रहा है परिणाम, 10 नई परियोजनाओं पर विचार

नई दिल्ली  केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पनबिजली परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की तैयारी में है। पहलगाम हमले को देखते हुए सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को फिलहाल स्थगित किया गया है। इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है। पिछले हफ्ते हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को समय सीमा कम करने के लिए कहा गया है। सरकार इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है। लगभग 10 नई परियोजनाओं पर विचार किया जा रहा है। पांच को मंजूरी मिल चुकी है। 240 मेगावाट की उरी-1 स्टेज-II पनबिजली परियोजना के लिए टेंडर इस हफ्ते जारी होने की उम्मीद है। समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा करने की तैयारी ET की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार उन पनबिजली परियोजनाओं के काम में तेजी लाने और उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी विचार कर रही है जो अभी शुरू नहीं हुई हैं। सरकार चाहती है कि ये परियोजनाएं आर्थिक रूप से फायदेमंद हों और इनकी कीमतें भी प्रतिस्पर्धी हों। अधिकारियों का कहना है कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने के समय में 3-4 महीने कम किए जाएंगे। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) और अन्य एजेंसियां मिलकर उन पनबिजली परियोजनाओं की सूची बना रही हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जा सकता है। उरी-1 स्टेज II झेलम नदी पर बन रही मौजूदा परियोजना का विस्तार है। इसका उद्देश्य किशनगंगा नदी से आने वाले पानी का इस्तेमाल करना है। इस परियोजना को पर्यावरण मंत्रालय से दो महीने पहले मंजूरी मिल गई थी। अब इसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। किन प्रोजेक्ट को मिल चुकी CEA से मंजूरी CEA से मंजूरी पाने वाली अन्य परियोजनाएं हैं: सिंध नाला पर न्यू गांदरबल परियोजना, चिनाब नदी पर किश्तवाड़ में किर्थई-II, रामबन और उधमपुर जिलों में सावलकोट। अधिकारियों का कहना है कि उरी-1, स्टेज II के साथ ये चारों परियोजनाएं मिलकर 3,100 मेगावाट बिजली पैदा करेंगी। हालांकि, इन परियोजनाओं को अभी केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से कई तरह की मंजूरी लेनी बाकी है। इसलिए, सभी मंत्रालयों और जम्मू-कश्मीर के विभागों को इन मंजूरियों को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। 10 नई परियोजनाओं पर विचार बैठक में परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता पर भी विचार किया गया। मुश्किल इलाके और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कुछ परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। सरकार नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन और जम्मू-कश्मीर पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन जैसी एजेंसियों को धन देने, आसान ऋण देने, जल कर माफ करने और निर्माण के दौरान मुफ्त बिजली देने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है। CEA को नई परियोजनाओं की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भी कहा गया है। CEA की शॉर्टलिस्ट में लगभग 10 ऐसी परियोजनाएं हैं। इनमें डोडा में बिचलारी और बारिनियम/शौस, अनंतनाग में चंदनवारी लारीपुरा, किश्तवाड़ में लोअर कलनई और वार्डवान बर्सर, रियासी में अंस-1, गांदरबल में गंगबल और बांदीपोरा में किशनगंगा-II शामिल हैं। इनसे लगभग 1,000 मेगावाट बिजली पैदा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर,लद्दाख में बिजली आपूर्ति बढ़ाने पर जोर केंद्र सरकार ने एजेंसियों से चिनाब नदी से रावी नदी में पानी मोड़ने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए भी कहा है। इसके लिए एक स्टडी शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि पाकल दुल, किरू, परनई और क्वार परियोजनाओं में 3-4 महीने की कमी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सरकार इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिजली की आपूर्ति बढ़ाई जाए। एक दशक की तैयारी, दिख रहा है परिणाम कई एक्सपर्ट पहले बता चुके हैं कि सिंधु जल समझौता अगर पूरी तरह से रद्द हो जाता है और भारत इसके पानी को अपनी जरूरतों के इस्तेमाल करने के लिए जमा रखने लायक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लेता है, तो केंद्र शासित प्रदेश में बिजली की कमी तो नहीं ही रहेगी, देश के कई राज्यों में पानी की कोई कमी नहीं रह जाएगी। दरअसल भारत, सिंधु जल संधि पर जितनी जल्दी पाकिस्तान की नकेल कसने में कामयाब होता दिख रहा है, वह इसलिए संभव हो रहा है, क्योंकि इसकी तैयारी वर्षों से चल रही है।

Moody’s ने 2025 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान में किया फेरबदल, जानें कितनी रफ्तार से आगे बढ़ेगा

नई दिल्ली ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है और उम्मीद जताई है कि 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और यह 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी। मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत को 2025 में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज करने वाली दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखता है। मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कही ये बात मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कहा, “वैश्विक आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता का असर उपभोक्ता, व्यवसाय और वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है।” रेटिंग एजेंसी ने पहले 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का लगाया था अनुमान रेटिंग एजेंसी ने पहले भारत के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। मूडीज ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ को लेकर कटौती के बावजूद भी नीति अनिश्चितता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव वैश्विक व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर जी-20 देशों पर भी पड़ सकता है। भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की जताई संभावना व्यापार अनिश्चितताओं के अलावा, बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव बेसलाइन पूर्वानुमानों के लिए एक और संभावित नकारात्मक जोखिम है। हाल के दिनों में, दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान और दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ गया है। मूडीज ने कहा कि ये देश भी अब रूस और यूक्रेन में अनसुलझे युद्धों की तरह आपसी तनाव में उलझ गए हैं। निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना इसमें कहा गया है, “निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।” मूडीज को उम्मीद है कि भारत की मुद्रास्फीति दर 2025 में 4 प्रतिशत और 2026 में 4.3 प्रतिशत रहेगी, जिससे देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल को मजबूती मिलेगी और आरबीआई के पास विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने के लिए अधिक गुंजाइश होगी। भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा मूडीज ने कहा, “उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों के लिए फेड की नीति का मार्ग उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना पिछले साल इस समय था। दूसरे उभरते देशों में, हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा।” आरबीआई ने अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के मद्देनजर वैश्विक व्यापार और नीति अनिश्चितताओं के बीच 2025-26 में भारत के लिए 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को करेगा बाधित आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में कहा, “सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनिश्चितता अपने आप में व्यवसायों और परिवारों के निवेश और खर्च के निर्णयों को प्रभावित कर विकास को धीमा कर देती है। दूसरा, ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को बाधित करेगा। तीसरा, उच्च टैरिफ का शुद्ध निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अब 6.5 प्रतिशत अनुमानित है।

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