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मौसम विभाग ने बताया-इस बार समय से पांच दिन पहले ही मॉनसून केरल तट पर पहुंच सकता है

नई दिल्ली   मौसम को लेकर बड़ा अपडेट आ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार समय से पांच दिन पहले ही मॉनसून केरल तट पर पहुंच सकता है। 27 मई को मॉनसून पहुंचने की संभावना जताई गई है। आम तौर पर मॉनसून 1 जून को केरल तट पर पहुंचता है। आईएमडी के आंकड़े के अनुसार, यदि मानसून केरल में उम्मीद के अनुरूप पहुंचता है, तो यह 2009 के बाद से भारतीय मुख्य भूमि पर मानसून का समय से पहले आगमन होगा। तब मानसून 23 मई को आया था। आमतौर पर, दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून तक केरल में दस्तक देता है और 8 जुलाई तक पूरे देश में छा जाता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू कर देता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। आईएमडी ने अप्रैल में 2025 के मानसून में सामान्य से अधिक कुल वर्षा का पूर्वानुमान जताया था और अल नीनो परिस्थितियों की संभावना को खारिज कर दिया था, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से जुड़ी है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव एम रविचंद्रन ने कहा था, ‘भारत में चार महीने के मानसून (जून से सितंबर) में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।’ इस बार प्री मॉनसून ऐक्टिविटी भी काफी देखी जा रही है। पिछले एक महीने से देश के बड़े हिस्से में तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां जारी ही रही हैं। शनिवार को भी राजधानी दिल्ली में बौछार पड़ने के बाद मौसम ठंडा हो गया। वहीं बीते पांच दिनों में उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब में अलग-अलग इलाकों में बारिश हुई है। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य कारणों से उत्तर भारत में होने वाली बारिश के चलते अब तक हीटवेव का ज्यादा प्रकोप देखने को नहीं मिला है। वहीं गर्मी बढ़ने की संभावना के बीच मॉनसून जल्दी आने की खबर भी राहत भरी है।

18 साल से ऊपर के इच्छुक युवा बन सकते हैं सिविल डिफेंस वॉलंटियर

 पटना भारत और पाकिस्तान में चल रहे तनाव के बीच बिहार में आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है। आने वाले दिनों में पूरे राज्य में शहर से लेकर गांवों तक मॉक ड्रिल कर लोगों को जागरुक किया जाएगा। इसमें सिविल डिफेंस वॉलंटियर यानी नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों को लगाया जाएगा। राज्य सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। ऐसे में आप भी सिविल डिफेंस वॉलंटियर कर देश सेवा कर सकते हैं। खास बात यह है कि इन वॉलंटियर को सरकार की ओर से 750 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाएगा। बिहार के विकास आयुक्त एवं आपदा प्रबंधन विभाग के एसीएस प्रत्यय अमृत ने कहा कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय के कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। भारत और नेपाल की सीमा से सटे पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज में वॉलंटियर की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, भारत सरकार द्वारा चार नागरिक सुरक्षा जिलों पटना, पूर्णिया, कटिहार और बेगूसराय के अलावा विदेशी पर्यटकों के आवागमन को देखते हुए गया जिले में भी नागरिक सुरक्षा वॉलंटियर की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा इन सभी जिलों में सिविल डिफेंस वॉलंटियर को जोड़कर उन्हें ट्रेनिंग देकर आपात स्थिति के लिए तैयार करेगी। ये वॉलंटियर आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन के साथ मिलकर तेज गति से सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्य करने के साथ ही जन-जागरुकता बढ़ाने का भी काम करेंगे। सिविल डिफेंस वॉलंटियर का मानदेय बढ़ाया गया भारत-पाक तनाव के बीच बिहार सरकार ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर का मानदेय भी बढ़ा दिया है। पहले इन्हें 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाता था। अब इसकी राशि बढ़ाकर 750 रुपये कर दी गई है। यानी कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की सेवा लेने पर सरकार उन्हें 750 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करेगी। सिविल डिफेंस वॉलंटियर कैसे बनें, कहां आवेदन करें? अगर आप सिविल डिफेंस वॉलंटियर बनकर देश सेवा करना चाहते हैं तो अपन क्षेत्र के संबंधित नागरिक सुरक्षा कार्यालय, जिला पदाधिकारी, एसडीओ, बीडीओ कार्यालय में संपर्क करें। वॉलंटियर में उन युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी उम्र 18 साल से ऊपर है। इसके अलावा आपदा मित्र, यूनिवर्सिटी एवं कॉलेज से संबद्ध राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट एवं गाइड के इच्छुक युवाओं को भी प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण देकर सुरक्षा एवं जागरुकता कार्य में लगाया जाएगा।

यूजर्स की मंजूरी के बिना उनका डेटा इस्तेमाल करने का आरोप में गूगल को झटका, 1.4 अरब डॉलर का करना पड़ेगा भुगतान

वॉशिंगटन दिग्गज टेक कंपनी गूगल, अमेरिकी राज्य टेक्सास को 1.4 अरब डॉलर का भुगतान करेगी। यह भुगतान दावे के निपटारे के लिए किया जाएगा। दरअसल टेक्सास ने गूगल के खिलाफ यूजर्स की मंजूरी के बिना उनका डेटा इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया था। टेक्सास के स्टेट अटॉर्नी जनरल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ‘टेक कंपनियां कानून से ऊपर नहीं’ अटॉर्नी जरनल केन पैक्सटन ने बताया कि यह समझौता टेक कंपनियों के लिए एक संदेश है कि हम हमारे अधिकारों और आजादी को बेचकर उन्हें पैसे नहीं कमाने देंगे। पैक्सटन ने कहा कि टेक्सास में, बड़ी तकनीकी कंपनियां कानून से ऊपर नहीं हैं। वर्षों तक गूगल ने लोगों की गतिविधियों, निजी सर्च और यहां तक कि उनके वॉइस प्रिंट्स और फेसियल ज्योमेट्री को भी अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया। यह समझौता टेक्सास द्वारा गूगल के खिलाफ किए गए जियो-लोकेशन, गुप्त सर्च और बायोमीट्रिक डेटा से संबंधित कई दावों का निपटारा करता है। गूगल के प्रवक्ता जोस कास्टानेडा ने कहा कि यह समझौता पुराने दावों की एक श्रृंखला का निपटारा है, जिनमें से कुछ उत्पाद नीतियों से संबंधित हैं जिन्हें कंपनी पहले ही बदल चुकी है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते के लिए किसी भी नए उत्पाद परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। पैक्सटन ने कहा कि 1.4 अरब डॉलर इस प्रकार के डेटा-गोपनीयता उल्लंघनों पर गूगल के साथ समझौते में किसी भी राज्य द्वारा जीती गई सबसे बड़ी राशि है। 

बीसीसीआई भारत में 2027 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की मेजबानी करने का इच्छुक

मुंबई भारत के नियमित टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट से संन्यास ले लिया है। ऐसे में टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप के नए सत्र में एक नए कप्तान के साथ उतरेगी। शुभमन गिल फिलहाल कप्तानी की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) देश में 2025-2027 चक्र के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल की मेजबानी करने पर विचार कर रहा है। इस संबंध में एक प्रस्ताव को बाद में औपचारिक रूप दिया जाएगा। इससे पहले डब्ल्यूटीसी के पहले संस्करण का फाइनल 2021 में साउथैम्पटन में और दूसरे संस्करण का फाइनल 2023 में ओवल में खेला गया था। वहीं, 2025 यानी इस साल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल अगले महीने लॉर्ड्स में खेला जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने जिम्बाब्वे में आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति के दौरान इस संबंध में चर्चा हुई थी जहां बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व आईपीएल के अध्यक्ष अरुण धूमल ने किया था। पूर्व बीसीसीआई सचिव जय शाह दिसंबर 2024 में ग्रेग बार्कले से पदभार संभालने के बाद वर्तमान आईसीसी अध्यक्ष हैं। एक सूत्र ने संकेत दिया, ‘अगर भारत अगले डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचता है तो यह प्रशंसकों के लिए एक शानदार मौका होगा। पर अगर भारत फाइनल में नहीं खेलता है तो भी दो अन्य शीर्ष टीमों के बीच मैच में बहुत से लोग दिलचस्पी लेंगे।’ भारत अब तक दो बार डब्ल्यूटीसी के फाइनल में पहुंच चुका है। 2021 में उसे न्यूजीलैंड ने और 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने हराया था। इस संस्करण यानी 2025 के फाइनल के लिए भारतीय टीम क्वालिफाई नहीं कर सकी। टीम न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में हारकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की रेस से बाहर हो गई। भारत के नियमित टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट से संन्यास ले लिया है। ऐसे में टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप के नए सत्र में एक नए कप्तान के साथ उतरेगी। शुभमन गिल फिलहाल कप्तानी की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। भारतीय टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के 2025-27 चक्र की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के साथ करेगी। लीड्स में 20 जून से पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा। भारत ने पिछली बार 2021-22 में इंग्लैंड का दौरा किया था। उस वक्त टीम विराट कोहली के नेतृत्व में टेस्ट सीरीज खेलने गई थी। हालांकि, कोरोना की वजह से पांचवां टेस्ट बाद में खेला गया था और तब बुमराह ने कप्तानी की थी। सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई थी।  

अजय देवगन की फिल्म रेड 2, 100 करोड़ क्लब में शामिल

मुंबई, बॉलीवुड के सिंघम स्टार अजय देवगन की फिल्म रेड 2 ने भारतीय बाजार में 100 करोड़ की कमाई कर ली है। फिल्म रेड 2 में अजय देवगन की मुख्य भूमिका है। राजकुमार गुप्ता के निर्देशन में बनी यह फिल्म वर्ष 2018 में प्रदर्शित फिल्म रेड की सीक्वल है। फिल्म रेड 2 में अजय देवगन, रितेश देशमुख ,वाणी कपूर, रजत कपूर, सुप्रिया पाठक, अमित सियाल और अन्य कलाकार भी हैं। इस फिल्म की कहानी इनकम टैक्स अफसर अमय पटनायक (अजय देवगन) के दादाभाई (रितेश देशमुख) नामक व्यक्ति के ब्रष्टाचार को रोकने पर केंद्रित है। रेड 2 बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है. फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से काफी अच्छा रिव्यू मिला है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ‘रेड 2’ नौ दिनों में 100 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई कर चुकी है। फिल्म रेड 2 का निर्माण टी-सीरीज़ और पैनोरमा स्टूडियो के बैनर तले भूषण कुमार, कुमार मंगत पाठक, अभिषेक पाठक और कृष्ण कुमार किया है।  

13 तारीख को फिर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आने वाले

अंबिकापुर  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Agriculture Minister) 13 मई को अंबिकापुर आएंगे। वे पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित करेंगे। इससे पूर्व प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा व वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शुक्रवार को अंबिकापुर पहुंचकर कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया। तैयारियों पर मंत्रीद्वय ने संतुष्टि जताई। इसके बाद वे संभागीय स्तरीय बैठक में भाजपा कार्यालय संकल्प भवन में शामिल हुए। शिवराज सिंह चौहान के सरगुजा प्रवास के दौरान 3 लाख अतिरिक्त पीएम आवास की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। गृहमंत्री ने भाजपा कार्यालय में मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा नेताओं की संभाग स्तरीय बैठक ली। विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को अब तक 8 लाख 26 हजार आवासों की स्वीकृति केंद्र से प्राप्त हुई है। ‘मोर आवास मोर अधिकार’ कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में हमें तीन लाख से अधिक अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति मिलने की पूर्ण संभावना है। अधिकारियों को तैयारी पूरी करने के निर्देश गृहमंत्री विजय शर्मा और ओपी चौधरी के साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विधायकों ने कार्यक्रम स्थल पीजी कॉलेज मैदान का निरीक्षण किया। जिला पंचायत कार्यालय में बैठक की। मंत्रियों ने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। इस दौरान कलेक्टर विलास भोसकर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम हेतु स्थानीय पीजी कॉलेज मैदान को स्थल के रूप में चयनित किया गया है। उन्होंने हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल तक पहुंच मार्ग, मंच व्यवस्था सहित सभी तैयारियों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने पार्किंग, ट्रैफिक रूट, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के संबंध जानकारी दी।

स्टारलिंक को भारत में सर्विसेज शुरू करने की हरी झंडी मिली, लगेगा 4 % स्पेक्ट्रम शुल्क

नई दिल्ली  दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सर्विसेज शुरू करने की हरी झंडी मिल गई है। यह कंपनी सैटेलाइट के जरिए दुनिया के 100 से अधिक देशों में इंटरनेट सर्विसेज देती है। इस बीच दूरसंचार नियामक ट्राई ने स्टारलिंक जैसे उपग्रह संचार सेवा प्रदाताओं पर वार्षिक राजस्व का चार प्रतिशत स्पेक्ट्रम शुल्क लगाने की सिफारिश की है। ट्राई ने दूरसंचार विभाग को दी गई अपनी सिफारिश में कहा है कि शहरी क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले सेवा प्रदाताओं को प्रति ग्राहक 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं के लिए इन कंपनियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। ट्राई ने सिफारिश की है कि उपग्रह ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम पांच साल के लिए आवंटित किया जाए जिसे बाद में दो साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। AGR का चार प्रतिशत स्पेक्ट्रम शुल्क भू-स्थैतिक कक्षा (जीएसओ) और गैर-भूस्थैतिक कक्षा (एनजीएसओ) में स्थित उपग्रहों के जरिये सेवाएं देने वाली दोनों तरह की उपग्रह संचार कंपनियों को देना होगा। न्यूनतम वार्षिक स्पेक्ट्रम शुल्क 3,500 रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज होगा। एजीआर का उपयोग उस राजस्व की गणना करने के लिए किया जाता है, जिसे दूरसंचार कंपनियां स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क और लाइसेंस शुल्क के रूप में सरकार के साथ साझा करती हैं। ट्राई का यह प्रस्तावित शुल्क सेवा प्रदाता कंपनियों के अनुरोध से काफी अधिक है। मस्क की स्टारलिंक और एमेजन इंक की सहायक कंपनी कुइपर सिस्टम्स ने ट्राई के साथ परामर्श के दौरान स्पेक्ट्रम शुल्क को एजीआर के एक प्रतिशत से कम रखने और कोई अन्य शुल्क नहीं लगाने का आग्रह किया था। ट्राई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने सिफारिशें जारी करते हुए कहा कि उपग्रह संचार सेवाएं उन वंचित क्षेत्रों में संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं, जहां दूरसंचार नेटवर्क उपलब्ध नहीं हैं। इन सेवाओं की आपदाओं, बचाव और राहत कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ट्राई ने कहा कि स्पेक्ट्रम शुल्क को कारोबारी सुगतमा को बढ़ाते हुए एजीआर के प्रतिशत के रूप में लगाया जाना चाहिए। नियामक ने कहा, ‘कुल मिलाकर स्पेक्ट्रम शुल्क स्पेक्ट्रम के आवंटन को कवर करने के लिए जरूरी प्रशासनिक लागतों से अधिक नहीं होना चाहिए। यह निवेश और नवाचार को भी सुविधाजनक बनाएगा। डीओटी इन सिफारिशों पर कार्रवाई करेगा। यह उन्हें संशोधित कर सकता है या पूरी तरह स्वीकार कर सकता है और उन्हें मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल को भेज सकता है। एक बार मंजूरी मिलने के बाद उपग्रह संचार कंपनियां लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकती हैं। लेना होगा लाइसेंस स्टारलिंक को दो दिन पहले ही सेवा शुरू करने का आशय पत्र (LOI) दिया गया था। अब कंपनी को भारत में सेवाएं शुरू करने से पहले लाइसेंस हासिल करना होगा। स्पेसएक्स ने भारत में स्टारलिंक की ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत के लिए पहले ही रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के साथ समझौता कर लिया है। ट्राई ने इन तर्कों को खारिज किया कि उपग्रह संचार सेवाएं स्थलीय मोबाइल नेटवर्कों के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करेंगी। इसके लिए दूरसंचार नियामक ने इन दोनों की नेटवर्क क्षमताओं और संचालन के पैमाने के बीच बहुत बड़ा अंतर होने का हवाला दिया। लाहोटी ने उपग्रह संचार पर अपनी अनुशंसा सौंपे जाने के बाद संवाददाताओं से कहा कि इनमें प्रतिस्पर्धा को लेकर कोई तुलना नहीं है, ये पूरक सेवाएं हैं। यह पूछने पर कि क्या उपग्रह संचार सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम पर ट्राई की सिफारिशों से स्थलीय मोबाइल सेवा प्रदाताओं को किसी तरह का झटका लगेगा, उन्होंने कहा, ‘इन सिफारिशों के कारण (दूरसंचार कंपनियों को) कोई नुकसान नहीं होगा।’ समान अवसर ट्राई ने अपनी प्रस्तुति में कहा कि उपग्रह संचार सेवाएं निकट भविष्य में स्थलीय सेवाओं के लिए काफी हद तक पूरक बनी रहेंगी और दोनों सेवाओं की परिचालन क्षमताओं तथा पैमाने में काफी अंतर है। भारतीय अंतरिक्ष संघ (आईएसपीए) ने कहा कि उपग्रह संचार सेवाओं के मूल्य निर्धारण पर ट्राई की सिफारिशें सरकार के लिए राजस्व जरूरतों और उपग्रह सेवाओं को किफायती एवं सुलभ रखने के बीच संतुलन बनाती हैं। इसके साथ ही आईएसपीए ने कहा कि इस सिफारिश में सबको समान अवसर देने पर भी ध्यान दिया गया है।

जल गंगा संवर्धन: जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों ने लिया संकल्प,जल है प्रकृति का अमूल्य उपहार

जल गंगा संवर्धन भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में दिन-प्रतिदिन पानी के संरक्षण को लेकर जन सामान्य के उत्साह में लगातार वृद्धि हो रही है। नारे लेखन के साथ गांव-गांव में जल संरक्षण की अलख जगाई जा रही है। आने वाले बरसात के मौसम को देखते हुए व्यापक स्तर पर पौध-रोपण के लिये उचित जगह चिन्हित भी तैयारी की जा रही है। अभियान 30 जून तक चलेगा। दीवार लेखन से जल बचाव का दिया जा रहा है संदेश बैतूल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में आठनेर विकासखंड में नवांकुर संस्थाओं द्वारा चलाया जा रहा जन-जागरूकता अभियान जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। जिले में दीवार लेखन, संगोष्ठियां एवं स्वच्छता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण का महत्व समझाया जा रहा है। जन भागीदारी को बढ़ाने के लिये जल प्रहरी गांव-गांव में सक्रिय हैं। जल प्रहरी ने जल चौपाल में बताया कि जल संकट एक गंभीर समस्या है, यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में स्थिति और भयावह हो सकती है। जिले में जल संगोष्ठियों का आयोजन, जल स्रोतों की सफाई एवं नदी-तालाबों की स्वच्छता जैसे कार्य किए जा रहे हैं। ग्राम चिनकी में हुई जल चौपाल नरसिंहपुर जिले में ग्राम चिनकी में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल चौपाल का आयोजन किया गया। जल चौपाल में जिला समन्वयक जयनारायण सिंह ने कहा कि जल संरक्षण व संवर्धन के लिए वर्षा जल संग्रह करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिले में जल संरचनाओं का निर्माण व पुरानी जल संरचनाओं की साफ-सफाई और उनके संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। जिले में जल के महत्व पर संवाद, संगोष्ठी, परिचर्चा, रैली, शपथ, रंगोली प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में जागरूकता लाई जा रही है। इस कार्य में जिले की नवांकुर संस्था, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति, सामाजिक, धार्मिक, स्वैच्छिक संगठनों, सीएमसीएलडीपी के विद्यार्थियों के साथ आम नागरिक अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। जल है प्रकृति का अमूल्य उपहार डिण्डोरी जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान प्रगति पर है। यह अभियान जन-जन के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। अभियान में नये तालाब बनाये जा रहे हैं। साथ ही पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।  नदियों को साफ-स्वच्छ एवं जल एकत्रित करने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्रोतों तथा देवालयों में जल संरक्षण के कार्य भी किये जा रहे हैं। यह कार्यक्रम जन प्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय, जनभागीदारी, आमजन और सरकार के संयुक्त प्रयास से संचालित हो रहा है।   ग्राम सुन्हादादर में जल संरक्षण को लेकर नदी के आसपास स्वच्छता कार्य किया गया। इसी प्रकार ग्राम रैतवार महाजन टोला में मेंटर्स धन्नूसिंह तेकाम एव ग्रामीणों के द्वारा जल संरक्षण को लेकर तालाब के अन्दर मे  स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया गया। जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों ने लिया संकल्प मंडला जिले में नैनपुर ग्राम पंचायत जहरमऊ के प्राचीन शंकर तालाब में स्वच्छता अभियान चलाया गया। तालाब की सीढ़ियां को साफ करते हुए लगभग 200 तगाड़ी चोई, प्लास्टिक का कचरा निकाला गया। विकासखण्ड समन्वयक संतोष कुमार झारिया द्वारा जल संरक्षण हेतु शपथ दिलाई गई। खाई तालाब में सफाई अभियान बालाघाट जिले में लांजी किले से लगे खाई तालाब में श्रमदान किया गया। अभियान में जलाशयों की सफाई, पौध-रोपण एवं जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। लांजी के किला परिसर से लगे तालाब की सफाई में सफलता के लिए सामूहिक प्रयासों को महत्व दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ऐतिहासिक किला परिसर से लगे खाई तालाब पर श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाकर जेसीबी द्वारा लगभग 2.50 टन कचरा एवं खरपतवार को निकाला गया। सुधारे गए नल कनेक्शनों के लीकेज टीकमगढ़ जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा जल जीवन मिशन के तहत जतारा विकासखंड के ग्राम चतुरकारी में एकल जल प्रदाय योजना के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों मे नल कनेक्शनों के लीकेज की मरम्मत कर उन्हें सुधारा गया। अभियान के अंतर्गत यह पहल ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश से की गई है एवं ग्रामीणों को सलाह दी गई है की पानी भरते ही नल की टोटी बंद कर देना चाहिए, जिससे जल बर्बाद होने से रोका जा सके। नहर में की गई साफ-सफाई छतरपुर जिले में जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार एवं मरम्मतीकरण का कार्य किया जा रहा है। उर्मिल वृहद योजना के अंतर्गत मुख्य नहर चैन क्रमांक 50 पर साफ सफाई का कार्य किया जा रहा है। गौरिहार के अंतर्गत लघु तालाब, मनुरिया की नहर में अनावश्यक पेड़-पौधे और झाड़-झाड़ियों की साफ सफाई का कार्य किया गया। साथ ही मध्यम परियोजना बेनीसागर बांध के अंतर्गत नहरों के अंतिम छोर में किलोमीटर स्टोन लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा ग्राम ढिमरवा में ग्रामीण के सहयोग से स्टॉप डैम के पास नाले में स्वच्छता अभियान चलाया गया। साथ ही बड़ामलहरा में अभियान अंतर्गत तालाब गहरीकरण एवं पिचिंग का कार्य भी किया जा रहा है। मैहर के बाबा तालाब घाट की सफाई की गई मैहर जिले में जन सहभागिता से बाबा तालाब परिसर के घाट की सफाई की गई। साथ ही स्वच्छता का संदेश देते हुए समुदाय को आगे आकर जल स्रोतों की सफाई करने का संकल्प दिलाया गया। सफाई अभियान के दौरान जिला प्रशासन अमले द्वारा जिले के तालाबों और जल स्रोतों पर किये गये अतिक्रमण को हटाने का भी निर्णय लिया गया। कुकड़ेश्वर की बावड़ी में किया गया श्रमदान नीमच जिले के मनासा में प्रेरणादायक पहल करते जल संरक्षण जागरूकता रैली का आयोजन कर कुकड़ेश्वर के चौधरी मोहल्ला वार्ड क्रमांक तीन स्थित प्राचीन बावड़ी में स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया। जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, विधायक मनासा अनिरूद्ध माधव मारू, नगर पालिका की उपस्थिति में श्रमदान किया गया।        जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन नागर ने जल संरक्षण पर मार्गदर्शन देते हुए कहा, कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और जागरूकता की दृष्टि से शुरू किया गया जल गंगा संवर्धन अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। इस मौके पर संगोष्ठी में बताया गया कि हम सभी गांव में पहाड़ों या उंचे स्थानों पर कंटूर ट्रेंच … Read more

50 फीसदी वेतन वृद्धि की मांग करते हुए मध्यान भोजन रसोइया महासंघ ने डिप्टी सीएम साव को लिखा पत्र

रायपुर  छत्तीसगढ़ मध्यान भोजन रसोइया महासंघ ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान घोषित ‘मोदी की गारंटी’ के तहत रसोइयों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि की मांग की गई है। महासंघ ने यह भी बताया कि पिछले 8 वर्षों से इस दर में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सरकार से अपील की है कि आगामी 2025 बजट सत्र में रसोइयों के न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की जाए। पत्र में लिखा कि प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रो के मैदानी (ग्रामीण) व वन (ग्रामीण) क्षेत्र के भु भाग में स्थित समस्त शासकीय शालाओं में 87500 रसोईयों से छात्रों के भोजन निर्माण का कार्य लिया जाता है। हम सब रसोईया सरकार से मोदी की गारंटी विधानसभा चुनावी घोषणा पत्र 2023 में किये गए 50% वेतन वृद्धि के वादे को जल्द से जल्द पूर्ण करने की मांग करते है। हमें वेतन वृद्धि प्रदान करने के लिए सरकार को केंद्र सरकार से भी आर्थिक मदद के लिए मांग नहीं करनी पड़ेगी। यदि सरकार वर्तमान श्रम आयुक्त दर में न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि कर देती है। न्यूनतम मजदूरी श्रम आयुक्त दर में वृद्धि का नियम है, जिसे पिछली सरकार ने लागू नहीं किया, 8 वर्ष लगभग हो चुका है। हर 5 वर्ष में पिछली भाजपा सरकार नियमानुसार वृद्धि कर देती थी। इस श्रम आयुक्त दर के मजदूरी के आधार पर समस्त जिलों के जिलाधीश अपने-अपने जिलों में कलेक्टर दर घोषित करते है। “रसोईयों की मांग पूर्ण करने तत्काल न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि आगामी 2025 बजट सत्र में छत्तीसगढ़ सरकार को करना होगा।” उन्होंने यह भी मांग की है कि रसोइयों को मासिक वेतन का भुगतान प्रत्येक माह एक निर्धारित तिथि तक सुनिश्चित रूप से किया जाए। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

जल गंगा संवर्धन अभियान -इस वर्ष सबसे ज्यादा सीहोर जिले में शुरू हुए 687 से अधिक खेत-तालाब

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बारिश के पानी का संचयन करने और पुराने जल स्त्रोतों को नया जीवन देने के लिए प्रदेश में 90 दिवसीय जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसमें प्रदेश के सभी जिलों में मनरेगा अंतर्गत खेत-तालाब, कूप रिचार्ज पिट, अमृत सरोवर सहित अन्य निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। सीहोर जिले ने बड़े पैमाने पर खेत-तालाब बनाने की मिसाल पेश की है। इस वर्ष 2025 में 687 से अधिक खेत तालाब प्रारंभ हो चुके हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सीहोर जिले में लगभग 1670 खेत-तालाब के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 687 पर कार्य प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार 2600 कूप रिचार्ज पिट का निर्माण किया जाना है। निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध जिला प्रशासन द्वारा 2250 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें से 1440 पर कार्य भी प्रारंभ हो गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिलों में चल रहे कार्यों की मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है। किसानों ने भी दिखाई रुचि, जिला प्रशासन की मेहनत लाई रंग, सिंचाई में होगा फायदा किसान अपने खेतों में अधिक से अधिक खेत-तालाब बनवाए, इसके लिए जिला प्रशासन सीहोर की मेहनत रंग लाई है। खेत-तालाब को बनवाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को जागरूक किया गया। खेत तालाब का महत्व बताया। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीणों ने पानी के महत्व को समझा और खेत-तालाब को बनवाने में रुचि दिखाई। खेत-तालाब बनने से किसानों को सिंचाई के लिए आसानी से पानी मिलेगा। साथ पानी बहने के बजाय जमीन में जाएगा। इससे कुओं और ट्यूबवेल का वॉटर लेवल बढ़ेगा, जिसका फायदा किसानों को होगा। फसलों की सिंचाई के साथ कर सकेंगे मछली पालन सीहोर जिले की जनपद पंचायत इछावर की ग्राम पंचायत हालियाखेड़ी के ग्राम बालापुरा के किसान पीयूष, बापू सिंह, हजारी लाल, रामप्रसाद ने बताया कि पथरीली व बंजर जमीन होने के साथ पानी की सुविधा भी नहीं थी। इस वजह से फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती थी। अब गांव में खेत तालाब बन जाने से फसलों की दो से तीन बार सिंचाई कर सकेंगे। साथ ही मत्स्य पालन सहित अन्य कार्य भी कर सकेंगे। किसानों ने गांव में खेत-तालाब बनने से खुशी जताई है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत हालियाखेड़ी में अब तक 7 खेत-तालाब बनाए जा चुके हैं और 5 प्रगतिरत है। सिपरी सॉफ्टवेयर बना मददगार जिला प्रशासन सीहोर के अनुसार खेत-तालाब के निर्माण में मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा तैयार कराया गया सिपरी साफ्टवेयर मददगार बना है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्थल चयन करने में आसानी हुई है। सिपरी (Software for Identification and Planning of Rural Infrastructure) सॉफ्टवेयर एक उन्न्त तकनीक का सॉफ्टवेयर है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जियोमार्फोलॉजी और हाइड्रोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके संरचनाओं का सही स्थान तय किया जा सकता है।  

मुख्यमंत्री साय ने अपने हस्ताक्षर कर हाइड्रोजन ट्रक के चालक को सौंपी ट्रक की चाबी, दिखाई हरी झंडी

लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में स्वच्छ और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी स्थित अपने निवास परिसर से देश के पहले हाइड्रोजन फ्यूल लॉजिस्टिक ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने अपने हस्ताक्षर कर हाइड्रोजन ट्रक के चालक को चाबी सौंपी और इस अभिनव पहल के लिए सीएसपीजीसीएल और अडानी नैचरल रिसोर्सेस  को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ और देश को हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर करने वाला क्रांतिकारी कदम होगा।          मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार विकास कर रहा है और इसमें आज एक नया आयाम जुड़ा है। भारत के पहले हाइड्रोजन फ्यूलड लॉजिस्टिक ट्रक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस है और उन्होंने वर्ष 2070 तक भारत को शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे पाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन साधने में भी यह कदम मददगार होगी। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा समृद्ध प्रदेश है और इस ट्रक का उपयोग खनिज परिवहन में होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारंपरिक संसाधनों के साथ-साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवाचार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। श्री साय ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ संभव हैं और ऐसी पहल से हमारे संकल्प को और मजबूती मिलेगी। इस मौके पर अडानी एंटरप्राइजेज के नैचरल रिसोर्सेस के सीईओ डॉ. विनय प्रकाश ने भी अपने विचार साझा किए और इस पहल को खनन क्षेत्र में सतत विकास के लिए मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री संजीव कटियार और अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि मौजूद रहे। हाइड्रोजन ईंधन के उपयोग से ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा        हाइड्रोजन प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है और सबसे विशेष बात यह किसी भी प्रकार का हानिकारक उत्सर्जन नहीं करता है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहन डीज़ल ट्रक जितनी दूरी और लोड उठाने की क्षमता रखते हैं। लेकिन धुएं के बजाए ये सिर्फ पानी की भांप और गर्म हवा उत्सर्जित करते हैं और आवाज़ भी बहुत कम करते हैं। चूंकि माइनिंग क्षेत्र में अधिकांश मशीनें मुख्य रूप से डीज़ल से ही चलती है, ऐसे में स्वच्छ ईंधनों को अपनाने से प्रदूषण और शोर को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, यह कदम भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में भी सहायक होगा। खास बात यह है कि अडानी नैचरल रिसोर्सेस एशिया की पहली कंपनी है, जिसने ‘डोज़र पुश सेमी ऑटोनॉमस तकनीक को अपनाया है, जिससे सुरक्षा और स्थिरता, दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।          गौरतलब है कि भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी साझेदारी से यह ट्रक तैयार किया गया है और इसमें ईंधन के तौर पर हाइड्रोजन का उपयोग होगा। इसके अंतर्गत माल परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल बैटरी से चलने वाले ट्रक विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक ट्रक स्मार्ट तकनीक और तीन हाइड्रोजन टैंक से लैस होगा, जिसमें 200 किलोमीटर की दूरी तक 40 टन तक का माल ले जाने की क्षमता होगी। प्रदेश में हरित भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और अदाणी नैचरल रिसोर्सेस ने यह साझा प्रयास किया है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा रायगढ़ जिले के गारे पेल्मा-3 कोल ब्लॉक से राज्य की विद्युत उत्पादन इकाई तक कोयला परिवहन में इसका उपयोग किया जाएगा।

नौ साल बाद प्रदेश में मोहन सरकार पदोन्नति की व्यवस्था शुरू करने की मंशा के साथ नए नियम बनाने में जुटी

भोपाल नौ साल बाद प्रदेश में मोहन सरकार पदोन्नति की व्यवस्था शुरू करने की मंशा के साथ नए नियम बनाने में जुटी है। इसमें जो प्रविधान प्रस्तावित किए जा रहे हैं वे पदोन्नति में आरक्षण नियम 2002 के तरह ही हैं। इसमें एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षण अनुसार पदोन्नति के पद सुरक्षित रहेंगे। शेष अनारक्षित पदों के लिए जो योग्यता सह वरिष्ठता का फार्मूला बनेगा, उसमें आरक्षित वर्ग भी शामिल रहेगा। यही पदोन्नति में आरक्षण नियम-2002 के विरोध का प्रमुख कारण था।    कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार को क्रमोन्नति जैसा फार्मूला निकालना चाहिए जिसमें सबको बराबरी से आगे बढ़ने का अवसर मिले। यही स्थिति अब फिर बनती नजर आ रही है। सामान्य, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष केपीएस तोमर का कहना है कि अभी नए नियम का प्रारूप हमसे साझा नहीं किया गया है। पर जो बात सामने आ रही है, वह इशारा कर रही है कि लगभग पुरानी व्यवस्था ही बहाल करने की तैयारी है। यदि ऐसा होता है तो यह सुप्रीम कोर्ट के एम.नागराज सहित समय-समय पर दिए गए निर्देशों के विपरीत होगा। इसको लेकर हम विभाग के सामने प्रस्तुतीकरण भी दे चुके हैं। एससी-एसटी वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में पदोन्नति में आरक्षण दिया जाता है और अनारक्षित पदों पर उन्हें अनारक्षित मानकर योग्यता सह वरिष्ठता के आधार पर लाभ दिया जाता है तो यह दोहरा लाभ देने और सामान्य वर्ग के कर्मचारियों के हितों की अवहेलना का मामला होगा। वर्ष 2016 तक पुराने नियम से पदोन्नति पाकर आरक्षित वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी पहले ही ऊपर आ चुके हैं। यहीं से फिर पदोन्नति की प्रक्रिया आरंभ करने पर निश्चित तौर पर वे ही लाभान्वित होंगे। उच्च पदों पर अनारक्षित वर्ग पहुंच ही नहीं पाएगा। एम. नागराज के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कार्य दक्षता का आकलन करने के निर्देश दिए थे, उसका प्रविधान होना चाहिए और इसके लिए अलग प्रणाली हो। क्रीमीलेयर की तो बात ही नहीं हो रही है, जबकि हरियाणा के पदोन्नति में आरक्षण देने के निर्णय को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट निर्णय सुना चुकी है कि पदोन्नति में आरक्षण देने से पहले क्रीमीलेयर के सिद्धांत का पालन करना अनिवार्य होगा। समयमान का फार्मूला ही बेहतर उधर, मंत्रालयीन अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक का कहना है कि यह बात समझ नहीं आती है कि पदोन्नति के मामले में असंमजस क्यों है। समयमान के साथ उच्च पदनाम देकर आसानी से समाधान हो सकता है। इसमें न किसी वर्ग की नाराजगी होगी और न ही कोर्ट की अवमानना। राज्य प्रशासनिक सेवा, कोष एवं लेखा, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य सहित अन्य विभाग इसे अपना भी चुके हैं और वहां कोई विवाद भी नहीं है। समयमान वेतनमान के साथ उच्च पदनाम देना ही इस मुद्दे का निर्विवाद और सर्वमान्य हल है। नियम लागू करते ही कैविएट लाएगी सरकार नए पदोन्नति नियम में आरक्षण शब्द ही नहीं रखा जा रहा है। इस नियम को पदोन्नति नियम-2025 कहा जाएगा। इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलती है तो सामान्य प्रशासन विभाग हाई कोर्ट में कैविएट दायर करेगा ताकि यदि कोई इसे चुनौती देता है तो बिना सरकार का पक्ष सुने कोई आदेश न हो। दरअसल, विभाग को अंदेशा है कि नियम लागू होते ही प्रभावित पक्ष कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।  

दिलीप जायसवाल ने कहा- प्रदेश में हाथकरघा एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश में हाथकरघा एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भोपाल, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और इन्दौर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में हाथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा सफलतापूर्वक भाग लिया गया। निगम के मृगनयनी एम्पोरियम, मुम्बई व टी.टी. नगर, भोपाल को विश्व स्तर पर आकर्षित करने के लिये आंतरिक साज-सज्जा की गयी। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि हैण्डलूम दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश के 5 बुनकरों को पुरस्कृत किया गया। हैण्डलूम कपड़ों पर आधारित फैशन-शो का आयोजन कॉलेज की छात्राओं के सहयोग से गौहर महल भोपाल में किया गया। निगम ने बर्मिंघम, इंग्लैंड में 1 से 4 सितम्बर 2024 तक आयोजित ओटोमन फेयर में भी भाग लिया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल लक्ष्य 32 करोड़ रूपये के विरूद्ध 20 करोड़ रूपये की लक्ष्य उपलब्धि प्राप्त हुई, जो विक्रय लक्ष्य का 62.5 प्रतिशत है। वर्ष 2025-26 के लिये निगम की ब्रिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 34.71 करोड़ रूपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एम्पोरियम के माध्यम से प्रदर्शनी, थीम सेल, एक्सपो का आयोजन कर अधिक से अधिक बिक्री कर लक्ष्य की प्राप्ति की जायेगी। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि माह मार्च 2025 में हैरिटेज कलेक्शन प्रदर्शनी का आयोजन गौहर महल भोपाल में किया गया। निगम की वेब साइट का निर्माण एमपीएसईडीसी के माध्यम से किया जा रहा है, जिसका निगम के उत्पादों की बिक्री के लक्ष्य प्राप्ति में अहम योगदान होगा। वर्ष 2024-25 में विशेष रूप से बड़ी प्रदर्शनी जैसे सावन मेला, दीपोत्सव मेला, लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर मेले का आयोजन किया, जिससे प्रदेश के बुनकरों और शिल्पियों को अपना जीवन स्तर बेहतर बनाने तथा अधिक आय प्राप्त करने के अवसर मिले। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2025 के उपलक्ष्य में महिला ग्राहकों को हैण्डलूम सामग्री को आकर्षित करने के लिए 35 प्रतिशत फ्लैट डिस्काउंट समस्त एम्पोरियमों में दिया गया। इस अवसर पर 1 करोड़ 10 लाख रूपये का विक्रय हुआ, जिससे प्रदेश के बुनकरों को भी लाभ हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा प्रस्तावित नवीन उल्लेखनीय कार्य राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि हाथकरघा बुनकरों के बच्चों को प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिलाए जाने के लिए विभाग द्वारा तकनीकी शिक्षा विभाग की मेधावी छात्रा योजना में अन्तर्विभागीय लिंक स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। बुनकरों एवं शिल्पियों को भविष्य में दिए जाने वाले कई प्रकार के लाभ सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान किए जाना प्रस्तावित है। प्रदेश के आदिवासी जिले अनूपपुर में हाथकरघा प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में प्रदेश में बनाए जाने वाले उत्पादों के विक्रय के लिए संत रविदास हस्तशिल्प विकास निगम, भोपाल में लगभग 3 हजार वर्गफीट का स्थान आरक्षित किया जा चुका है। शोरूम की आंतरिक साज-सज्जा, भव्यता के लिये केंद्र शासन को एक प्रस्ताव भेजा गया है, इस राशि के प्राप्त होते ही प्रदेश में अपने प्रकार का एक विशिष्ट एवं उत्कृष्ट शोरूम स्थापित किया जाएगा। ओडीओपी योजना में प्रदेश के 7 जिलों में विशिष्ट उत्पादों का जीआई पंजीकरण कराया जा रहा है और इन उत्पादों को निर्यात किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में सोने और चांदी के उत्पादों की ‘ठेवा कला’ के माध्यम से राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थान प्राप्त करने के लिए विशिष्ट योजना तैयार की जा रही है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 500वीं जयंती के अवसर पर महेश्वर में महेश्वरी वस्त्रों और साड़ियों का 500 नगों में विशिष्ट संग्रह तैयार कराया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही ‘माँ अहिल्या देवी संग्रह’ के नाम से विक्रय केन्द्रों में उपलब्ध कराया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार एवं वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विभागीय योजनाओं का आधुनिकीकरण एवं विस्तार किया जा रहा है।  

प्रदेश का दुग्ध उत्पादन 50 लाख लीटर प्रतिदिन होगा: पशुपालन राज्य मंत्री लखन पटेल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा जिले के होटल विजय विलास में आयोजित प्रांतीय राजपत्रित पशु चिकित्सक संघ के सम्मेलन का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि निराश्रित और बीमार गौवंश की सेवा तथा पुनर्वास वर्तमान समय की बड़ी चुनौती है। सरकार आधुनिक गौशालाओं का निर्माण कराकर निराश्रित गौवंश को आश्रय देने तथा खेती को बचाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश भर में बड़ी संख्या में उन्नत गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें हजारों गायों को नया जीवन मिलेगा। इस अभियान में निजी क्षेत्र की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। गौमाता की सेवा से ही मानव जाति का कल्याण होगा। अगर गौमाता बेसहारा रही तो मानव जाति का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा। श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में बसामन मामा गौवन्य विहार में सात हजार से अधिक निराश्रित गायों को आश्रय दिया गया है। इन गायों की सेवा में पशु चिकित्सक बड़ी तत्परता और लगन से कार्य कर रहे हैं। शीघ्र ही हिनौती में भी आधुनिक गौशाला शुरू होगी जिसमें लगभग 25 हजार गौवंश को रखने का लक्ष्य रखा गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पशुपालन को आधुनिक और व्यवस्थित बनाना आवश्यक है। पशुपालन को अपनाकर ही किसान खेती को लाभ का व्यवसाय बना सकेंगे। गौवंश को दूध न देने पर बेसहारा छोड़ने की मानसिकता है। गौमाता यदि दूध नहीं दे रही है तो भी उसका गोबर और गौमूत्र बहुमूल्य है। गौमाता में देवताओं का वास माना जाता है। इसलिए गोबर का उपयोग पूजा में भी किया जाता है। आधुनिक गौशालाओं में गोबर से अनेक उपयोगी वस्तुएं बनाने के साथ सीएनजी प्लांट लगाए जा रहे हैं। पशु चिकित्सकों की सराहना करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर तो रोगी से पूछकर उसका इलाज करते हैं। पशु चिकित्सक बेजुबान पशुओं के लिए भगवान की तरह हैं। बाबा साहब अंबेडकर गौ संवर्धन योजना से डेयरी को मिलेगा नया आयाम – मंत्री पटेल पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री श्री लखन पटेल ने कहा कि पशुपालन विभाग को विभिन्न नवाचारों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सदैव पशुपालन विभाग को प्राथमिकता दी है। डेयरी के विकास के लिए बाबा साहब अंबेडकर गौ संवर्धन योजना लागू की गई है। इसमें कम से कम 25 दुधारू पशु की एक यूनिट बनाई गई है। प्रत्येक यूनिट पर पशुपालक को अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना से डेयरी व्यवसाय को नया आयाम मिलेगा। अभी प्रदेश में 10 लाख लीटर दूध का प्रतिदिन संग्रहण होता है। इसे 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। समारोह में पशु चिकित्सा अधिकारियों की विभिन्न मांगों के संबंध में मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मेडिकल के डॉक्टरों की तरह पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी सभी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। पशु चिकित्सा संघ की सभी उचित मांगे पूरी की जाएंगी। पशु चिकित्सा अधिकारियों का कार्य मानव के डॉक्टरों से अधिक कठिन और महत्वपूर्ण है। प्रदेश में हेल्पलाइन 1962 की गाड़ियों से पशुओं का उपचार बेहतर हुआ है। इन गाड़ियों की संख्या दुगनी करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश में निराश्रित गौवंश बड़ी चुनौती हैं। बेसहारा गायों के लिए प्रदेश में 22 स्थानों पर शीघ्र ही आधुनिक गौशालाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। सरकार दो वर्षों में सभी बेसहारा गायों को गौशाला में व्यवस्थित कर देगी तब सड़कों पर गौवंश नहीं दिखेगा। गौशालाओं को पर्यटन स्थल और तीर्थ स्थल की तरह विकसित करेंगे। पशु चिकित्सा अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ मनोज गौतम ने कहा कि सरकार ने गौशाला के गौवंश के लिए 20 रुपए प्रतिदिन से राशि बढ़ाकर 40 रुपए कर दी है। इसी तरह आधुनिक डेयरी निर्माण के लिए भी ऋण और अनुदान का लाभ दिया जा रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा रीवा और शहडोल संभाग के सभी जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारी शामिल रहे। समारोह में अतिथियों और सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा अधिकारियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला का संचालन श्री अवनीश शर्मा ने किया।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- वित्तीय वर्ष 2024-25 में एनर्जी हैंडलिंग का नया कीर्तिमान

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में विद्युत प्रणाली के संचालन में ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष प्रदेश के पारेषण नेटवर्क ने कुल 1,01,039.88 मिलियन यूनिट ऊर्जा का सफलतापूर्वक संचालन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6.2 प्रतिशत अधिक है।ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की विद्युत कंपनियों के अभियंताओं और तकनीशियनों की विशेषज्ञता, कुशल प्रबंधन और विद्युत प्रणाली के उत्कृष्ट रख-रखाव का प्रतिफल है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए तीनों विद्युत कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। एक दिन में सर्वाधिक एनर्जी हैंडलिंग का रिकॉर्ड भी बना ऊर्जा मंत्री  श्री तोमर ने बताया कि 24 फरवरी 2025 को मध्यप्रदेश में एक दिन में सर्वाधिक एनर्जी हैडलिंग का रिकॉर्ड भी बना। इस दिन 353.77 मिलियन यूनिट ऊर्जा का सफलतापूर्वक संचालन किया गया, जो राज्य की विद्युत प्रणाली की उच्च कार्य क्षमता, विश्वसनीयता और स्थिरता का प्रतीक है। बिजली की मांग में वृद्धि और निरंतर आपूर्ति ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने यह जानकारी भी दी कि पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रदेश में कुल 95,137 मिलियन यूनिट ऊर्जा का संचालन किया गया था। इस वर्ष बिजली की निरंतर बढ़ती मांग को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए 6.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह उपलब्धि राज्य में सभी स्तरों पर विद्युत प्रणाली की लगातार उपलब्धता के कारण संभव हो सकी। विगत दो वर्षों से प्रदेश में एनर्जी हैंडलिंग (ऊर्जा संचालन) में निरंतर वृद्धि हो रही है। वर्ष 2022-23 में 88,850 मिलियन यूनिट, वर्ष 2023-24 में 95,137 मिलियन यूनिट, और अब 2024-25 में 1,01,039.88 मिलियन यूनिट ऊर्जा का सफल संचालन हुआ है।  

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