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दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को विकास भवन के सभागार में किया जायेगा

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिये बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के लिये नित नये प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को भोपाल में अरेरा हिल्स स्थित विकास भवन के सभागार में किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल 15 मई को प्रातः 11 बजे दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों सहित क्रेता एवं समूहों की दीदियां उपस्थित रहेंगी। विभिन्न जिलों से आ रही समूहों की दीदियों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों का प्रदर्शन करते हुये क्रेताओं को उत्पादों की विशेषताएँ बताई जायेंगी। क्रेता उत्पाद खरीदने का ऑर्डर सीधे समूहों को देंगे। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के माध्यम से समूहों के उत्पादों को देखने तथा उनकी विशेषताएँ जानने का अवसर क्रेताओं को मिलता है। दीदियां इन दो दिनों में अपने उत्पाद क्रेताओं को दिखायें, उत्पादों की विशेषताएँ बतायें तथा क्रेता-विक्रेता के बीच अनुबंध कर अपने व्यवसाय को बढ़ाने का प्रयास करें। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्रीमती हर्षिता सिंह ने बताया कि समूह उत्पादों को विभिन्न ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर लाने के साथ-साथ वृहद बाजारों से जोडने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समूह सदस्यों को सीधा क्रेताओं से जुडकर अधिक-अधिक लाभ प्राप्त होने का अवसर मिल सके। इसी उद्देश्य से बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया है।  

मुख्यमंत्री ने बीईएमएल के 2100वें मेट्रो कोच की टेस्ट राइड कर किया रवाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे क्षेत्र में अद्भुत काम हुआ है। अलग-अलग कम्पनियों ने इस क्षेत्र में जो कार्य किया है वह ‘मेड इन इंडिया’ का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। देश में मेट्रो और वन्देभारत जैसी आधुनिक रेल के विभिन्न उपकरणों का निर्माण हो रहा है। बीईएमएल, मध्यप्रदेश में रोलिंग स्टॉफ और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से मध्यप्रदेश के संबंध प्रगाढ़ होंगे। हम अनेक कार्यों में परस्पर विकास के नये रास्ते खालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को बेंगलुरू में बीईएमएल कार्यशाला के भ्रमण के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बेंगलुरू स्थित बीईएमएल लिमिटेड के अत्याधुनिक रेल कोच विनिर्माण संयंत्र से 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले के उमरिया क्षेत्र में बीईएमएल की नई रोलिंग स्टॉक विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए भूमि आवंटन-पत्र कंपनी के चेयरमेन और एमडी श्री शांतनु रॉय को सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरवपूर्ण है। बीईएमएल में निर्मित 2100वें मेट्रो कोच का शुभारंभ भारत की उन्नत निर्माण क्षमता, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और स्वदेशी तकनीक के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के रायसेन में बीईएमएल की इकाई स्थापना को एक अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश-प्रदेश का औद्योगिक इको सिस्टम सशक्त बनेगा। साथ ही युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। रायसेन में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना प्रदेश के समावेशी एवं सतत् विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।” मध्यप्रदेश शासन, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम और बीईएमएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश शासन ने इस इकाई के लिए कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। प्रस्तावित इकाई मुख्य रेल एवं नगरीय परिवहन परियोजनाओं के लिए रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इससे प्रदेश और देश के अन्य भागों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सशक्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए बीईएमएल के चेयरमेन और एमडी श्री शांतनु रॉय ने कहा कि बीईएमएल उनके विश्वास पर खरी उतरेगी। रायसेन में हमारी इकाई का विस्तार भारत के नगरीय रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और गतिशीलता एवं सशक्त बनाएगा। 2100वें मेट्रो कोच का निर्माण इस बात का प्रमाण है कि हमारे सहयोगी संस्थानों ने बीईएमएल पर निरंतर विश्वास जताया है। यह उपलब्धि हमारे नवाचार, स्वदेशीकरण एवं गुणवत्ता के प्रति समर्पण को दर्शाती है। साथ ही देश की औद्योगिक उन्नति एवं रोजगार सृजन में हमारी भूमिका को सुदृढ़ करती है। भारत की अग्रणी रेल निर्माण कंपनी बीईएमएल (BEML) भोपाल में एक अत्याधुनिक निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। यह ऐतिहासिक पहल रेल तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति का प्रतीक है और विशेष रूप से शहरी परिवहन के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। इस इकाई के प्रारंभिक चरण में स्टेनलेस स्टील कार बॉडी कोच का निर्माण किया जाएगा और भविष्य में एल्यूमीनियम कार बॉडी कोच के निर्माण की क्षमताओं का विस्तार किया जाएगा। यह प्लांट आधुनिक आधारभूत संरचना से सुसज्जित होगा, जो न केवल देश की आवश्यकताओं को बल्कि वैश्विक बाजार की मांग को भी पूरा करेगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे इसका संचालन रणनीतिक और टिकाऊ रूप से हो सके। औद्योगिक प्रगति के साथ यह परियोजना क्षेत्र में महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक लाभ भी लेकर आएगी। यह स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के विकास को प्रोत्साहित करेगी और एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली को आकार देगी। इसके अलावा, यह मध्यप्रदेश के युवाओं, विशेषकर तकनीकी संस्थानों, कॉलेजों और स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास के नए अवसर खोलेगी। विशेष रूप से यह रायसेन जिले के ग्रामीण समुदायों के विकास और उत्थान में भी योगदान देगी, जिससे आजीविका और स्थानीय आधारभूत संरचना को बल मिलेगा। बीईएमएल का 2100वां मेट्रो कोच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से निर्मित किया गया है। इसमें ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन मानकों के अनुसार ड्राइवरलेस संचालन की सुविधा उपलब्ध है। इस कोच में अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियाँ और वैश्विक मानकों के अनुरूप अनेक आधुनिक सुविधाएँ शामिल की गई हैं। इस नवीन कोच की विशेषता “ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम” है, जो भारत में पहली बार किसी मेट्रो ट्रेन में शामिल किया गया है। इस प्रणाली में पाँच प्रमुख मॉड्यूल – रेल ट्रैक स्थिति की निगरानी, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की स्थिति, पैंटोग्राफ-ओएचई संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण शामिल हैं।  

मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान शुरू करने को मंजूरी

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में शासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” शुरू करने को मंजूरी दी गई, जो छत्तीसगढ़ में शिक्षा की संरचना और परिणामों को एक नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा जीवन निर्माण की प्रक्रिया है। हमारी सरकार का संकल्प है कि राज्य के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा मिले, चाहे वह किसी भी कोने में क्यों न रहता हो। उन्होंने इसे भविष्य निर्माण की नींव बताया और कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना राज्य का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य भर के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बहुआयामी रणनीतियाँ लागू की जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग शीघ्र ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिनमें विद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा दी जाएगी। विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की प्रमुख विशेषता है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ, आधारभूत सुविधाएँ और शिक्षक उपस्थिति जैसे संकेतकों के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। यह पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की नई मिसाल होगी। जो विद्यालय अपेक्षित गुणवत्ता तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्य न केवल शिक्षा विभाग द्वारा, बल्कि अन्य विभागों के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से किया जाएगा, जिससे सामुदायिक निगरानी को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक ओर जहाँ कमजोर विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर मॉडल विद्यालयों का चयन कर भी किया जाएगा। कमजोर विद्यालयों के शिक्षकों को इन मॉडल स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे श्रेष्ठ शैक्षणिक व्यवहार और व्यवस्थाओं से प्रेरणा ले सकें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पालक-शिक्षक सहभागिता मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू है। पालक-शिक्षक बैठकों (PTM) को एक औपचारिकता नहीं, बल्कि संवाद और सहभागिता का माध्यम बनाया जाएगा। इससे शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और बच्चों की प्रगति पर संयुक्त रूप से कार्य हो सकेगा। इस अभियान के तहत कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष फोकस रहेगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा कि वे आधुनिक शिक्षण विधियों, टेक्नोलॉजी के उपयोग और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाएँ, जिससे सीखने की प्रक्रिया आनंददायक और प्रभावी हो। मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि यह अभियान केवल शिक्षा विभाग का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम शिक्षा को केवल पहुंच का विषय नहीं, बल्कि गुणवत्ता का विषय भी बनाता है। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान न केवल प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य उज्जवल बनाएगा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा, JNU ने स्थगित किया तुर्किये के विश्वविद्यालय के साथ समझौता

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद, तुर्किये ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे रक्षा उपकरण मुहैया कराए थे। ऐसे में देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। दरअसल, केंद्रीय विश्वविद्यालय ने तुर्किये के एक विश्वविद्यालय के साथ तीन साल की अवधि के लिए किए  गए समझौता ज्ञापन को स्थगित कर दिया है। जेएनयू की ओर से ऐसा करने की पीछे की वजह सुरक्षा कारणों को बताया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में लिखा है, “राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय, तुर्किये के बीच समझौता ज्ञापन को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है।” तुर्किये के मालट्या में स्थित इनोनू विश्वविद्यालय ने क्रॉस-कल्चरल रिसर्च और छात्र सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत जेएनयू के साथ अकादमिक साझेदारी की थी। तीन साल के लिए किया गया था समझौता एमओयू पर 3 फरवरी को तीन साल की अवधि के लिए हस्ताक्षर किए गए थे। जेएनयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने तुर्किये के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन को निलंबित कर दिया है। समझौते के तहत संकाय विनिमय और छात्र विनिमय कार्यक्रमों के अलावा कई योजनाएं और अन्य बातें थीं।” भारत-पाक संघर्ष में पाकिस्तान को मुहैया कराए थे रक्षा उपरकरण समझौता ज्ञापन रद्द करने का निर्णय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में लिया गया है। दोनों पड़ोसी देशों ने चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए 10 मई को एक समझौता किया था। भारत के तुर्किये के साथ व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण होने की आशंका है, क्योंकि अंकारा ने इस्लामाबाद का समर्थन किया है और पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारत के हालिया हमलों की निंदा की है। देशभर में उठ रही बहिष्कार की मांग पाकिस्तान को उनके समर्थन के बाद, पूरे देश में तुर्किये के सामान और पर्यटन का बहिष्कार करने की मांग उठ रही है, साथ ही ईजमाईट्रिप और इक्सिगो जैसे ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ने इन देशों की यात्रा के खिलाफ सलाह जारी की है।  

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में बड़े बदलाव: युवाओं, किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ

राज्य मंत्रिपरिषद का ऐतिहासिक निर्णय – छत्तीसगढ़ औद्योगिक क्रांति की ओर एक और कदम रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को देश का अगला औद्योगिक और रोजगार हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो आने वाले वर्षों में राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देगा। स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्राथमिकता – बढ़ेगा रोजगार संशोधित नीति के अनुसार, जिन उद्योगों में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार मिलेगा, उन कंपनियों को सरकार की ओर से विशेष अनुदान मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार दर में तेज़ी आएगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा। आधुनिक खेती को मिलेगा संस्थागत समर्थन हाइड्रोपोनिक और एयरोपोनिक जैसी हाईटेक फार्मिंग तकनीकों को औद्योगिक क्षेत्र में शामिल कर किसानों को आधुनिक उपकरण, ऑटोमेशन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसी तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इससे खेती की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ेगी। खेल प्रशिक्षण और अकादमियों को प्रोत्साहन राज्य सरकार खेल और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती हुई खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन देगी। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का विकास भी होगा। उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन देकर छत्तीसगढ़ को शैक्षणिक हब के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे राज्य के छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के अवसर यहीं उपलब्ध होंगे। ऑटोमोबाइल सेक्टर को विस्तार अब ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग एवं सर्विस यूनिट्स को हर विकासखंड समूह में मान्यता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन और होटल व्यवसाय को नई उड़ान बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में होटल-रिसॉर्ट के निर्माण हेतु निवेश की न्यूनतम सीमा कम की गई है। इससे इन इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को आजीविका के साधन मिलेंगे। कपड़ा उद्योग को मिलेगा दोगुना प्रोत्साहन टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को 200% तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे महिलाओं एवं ग्रामीण कारीगरों को सिलाई, बुनाई और कढ़ाई जैसे रोजगारों में अधिक अवसर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ बनेगा लॉजिस्टिक हब नई लॉजिस्टिक नीति के तहत पूरे राज्य में माल परिवहन को आसान बनाया जाएगा। इससे व्यापारियों को लागत में कमी, समय की बचत और बाजारों तक तेज पहुंच मिलेगी। दिव्यांगजनों को मिलेगा विशेष लाभ दिव्यांगजनों की परिभाषा में बदलाव कर उन्हें अधिक से अधिक योजनाओं में शामिल किया जाएगा। यह समावेशी विकास की दिशा में सरकार का सराहनीय कदम है।   रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को स्पेशल पैकेज राज्य अब ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भी निवेश आकर्षित करने हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करेगा। निजी औद्योगिक पार्कों को मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर अनुदान “प्लग एंड प्ले” फैक्ट्रियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निजी औद्योगिक पार्कों को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु निजी सीबीएसई स्कूल और मिनी मॉल (मल्टीप्लेक्स युक्त) को भी थ्रस्ट सेक्टर की तरह मान्यता दी जाएगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां ये सुविधाएं नहीं हैं। समावेशी और क्षेत्रीय संतुलन आधारित नीति यह नीति राज्य के सभी क्षेत्रों  के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार करती है। इससे क्षेत्रीय असमानता में कमी आएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह संशोधित नीति केवल आर्थिक वृद्धि का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, युवाओं के भविष्य और किसानों के सशक्तिकरण का यंत्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष निवेश स्थलों में शामिल होगा।

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल को जिला बड़वानी का भी प्रभार

भोपाल राज्य शासन द्वारा कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल को जिला उज्जैन के अतिरिक्त जिला बड़वानी का भी प्रभार सौंपा गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिये गये हैं।  

आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश, आंधी तूफान व बिजली कड़कने की चेतावनी जारी

नई दिल्ली उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है तो दक्षिण के राज्यों में झमाझम बारिश हो रही। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश, आंधी तूफान व बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की हे। इसके अलावा, तमिलनाडु में भी तीन से चार दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने वाला है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बरसात होने जा रही है। सब हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। हालांकि, उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है। उत्तर प्रदेश में 15-18 मई और पश्चिमी राजस्थान में 15-17 मई के दौरान हीटवेव चलने वाली है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 15-18 मई, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 14 और 15 मई को भारी बारिश होगी। इसके अलावा, असम, मेघालय में 15 और 16 और अरुणाचल प्रदेश में 14 मई को बहुत भारी बरसात का अलर्ट है। इसके अलावा, मेघालय में 14 मई को भारी बरसात होगी। पश्चिमी भारत की बात करें तो कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में 14-18 मई, गुजरात में 14 और 15 मई को बारिश होने जा रही है। मध्य महाराष्ट्र में 14 व 15 मई को 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण भारत के लिए मौसम विभाग ने कहा है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 14-16 मई, तटीय कर्नाटक में 14 मई, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक में 14-18 मई, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 14, 15 मई और 18 मई, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 15 मई, केरल, माहे में 14 मई और 18-20 मई के बीच भारी बारिश होने जा रही है। तेलंगाना में 14 मई को ओले पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पश्चिम भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18-20 मई, राजस्थान में 14 मई, पंजाब, हरियाणा में 14 और 16 मई, उत्तराखंड में 15 व 16 मई, पश्चिमी राजस्थान में 17 और 18 मई को हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।  

कलाकारों और साहित्यकारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक है मासिक पेंशन बढ़ाने का निर्णय: मुख्यमंत्री साय

मासिक पेंशन 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपये – 162 कलाकारों को मिलेगा सम्मान और संबल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के उन कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक निर्णय लिया गया, जो आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। अब इन्हें दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) राशि को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे कलाकार और साहित्यकार समाज की आत्मा हैं। उनका योगदान अमूल्य है। यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके प्रति राज्य की संवेदना और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बजट सत्र में की गई घोषणा का परिपालन है, और हमारी सरकार हर वर्ग के सशक्तिकरण हेतु प्रतिबद्ध है। यह पेंशन संस्कृति विभाग की वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 के अंतर्गत दी जाती है। इस योजना की शुरुआत 1986 में हुई थी, जब सहायता राशि न्यूनतम 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये थी। बाद में 2007 में इसे 1500 रुपये और 2012 में 2000 रुपये किया गया, लेकिन 12 वर्षों से इसमें कोई वृद्धि नहीं हुई थी। उल्लेखनीय है कि राज्य में वर्तमान में कुल 162 कलाकारों और साहित्यकारों को यह मासिक पेंशन दी जा रही है। अब उन्हें सालाना 24 हजार की जगह 60 हजार रुपये मिलेंगे, जिससे वे अपनी बुनियादी जरूरतें बेहतर ढंग से पूरी कर सकेंगे। मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस संशोधन से राज्य पर कुल  58.32 लाख रुपये का वार्षिक अतिरिक्त व्यय भार आएगा। पहले जहां कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये था, वह अब बढ़कर 97.20 लाख रुपए वार्षिक हो जाएगा। लेकिन यह व्यय राज्य सरकार के लिए गौरवपूर्ण कर्तव्य है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन लोगों ने कला, साहित्य और संस्कृति की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया, उनका आत्मसम्मान बनाए रखना हमारा दायित्व है। यह निर्णय संवेदनशील और समावेशी शासन का प्रमाण है। सरकार का यह कदम न केवल आर्थिक सहारा देगा, बल्कि कलाकारों और साहित्यकारों को आत्मबल और सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रदान करेगा।

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की, दो नेताओं को पार्टी से निलंबित किया

भोपाल मध्यप्रदेश कांग्रेस में उथलपुथल का दौर अभी थमा नहीं है। पार्टी में आपसी खींचातानी और अनुशासनहीनता बदस्तूर जारी है। कांग्रेस नेता पार्टी हित की बजाए व्यक्तिगत हित को सर्वोपरि रखकर काम करते देखे जा रहे हैं। यहां तक कि इसके लिए अपनी घोर प्रतिद्वंद्वी बीजेपी से भी जब तब हाथ मिलाते रहते हैं। ऐसे ही एक मामले में पार्टी ने सख्त रुख दिखाते हुए कई नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की है। संगठन ने कुछ नेताओं को तो पार्टी से निलंबित ही कर दिया है। एमपी कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गेंदाल डामोर को पद से हटा दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा यह कार्रवाई की गई है। थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पर अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप में यह कार्रवाई की गई है। गेंदाल डामोर पर कांग्रेस स​मर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाने के​ लिए बीजेपी से हाथ मिलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का आरोप है। संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं इसी के साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की है। गेंदाल डामोर के पुत्र और पुत्रवधू को पार्टी से निलंबित किया गया है। इस संबंध में जारी आदेश में जिला पंचायत सदस्य शांति राजेश डामोर एवं राजेश गेंदाल डामोर को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किए जाने की बात कही गई है। गेंदाल डामोर, राजेश डामोर और शांति डामोर पर कार्रवाई के संबंध में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय कामले ने आदेश जारी किया है। पत्र में साफ कहा गया है कि कांग्रेस संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाकिस्तान हिरासत से बीएसएफ के जवान की वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूलवश सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे बीएसएफ कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ के सकुशल भारत लौट आने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। 23 अप्रैल को सीमा पार पहुंचे बीएसएफ कांस्टेबल पाक हिरासत में थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ रही कूटनीतिक शक्ति से दुश्मन देश सहित सम्पूर्ण विश्व परिचित है। यही हमारा सशक्त नया भारत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना के पहले पाकिस्तान को भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर श्री अभिनंदन वर्धमान को भी छोड़ना पड़ा था।  

बलरामपुर में अवैध रूप से सवारियां ढोने वाले वाहनों पर की कार्रवाई

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के खरोरा में हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है. निजी उपयोग के वाहनों में अवैध रूप से सवारी ढोने वालों पर सख्ती बरती जा रही है. इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने बलरामपुर जिले के धनवार चेक पोस्ट पर कार्रवाई की है. उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे गिरवानी मार्ग पर एक अवैध सवारी वाहन को पकड़ा है. परिवहन विभाग के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि निजी वाहनों को अवैध रूप से कमर्शियल उपयोग में लाया जा रहा है. इस पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों की टीम ने कार्रवाई शुरू की. अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान पूरे दिन चलेगा और ऐसे अवैध वाहनों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी. दोबारा न हों खरोरा जैसी घटनाएं… सडकों पर उतरे अधिकारी   इस कार्रवाई के तहत एक वाहन को जब्त कर रघुनाथनगर थाने को सुपुर्द किया गया है. विभाग का स्पष्ट कहना है कि खरोरा जैसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ऐसे वाहनों पर लगातार नजर रखी जाएगी.

यदि महिलाएं राफेल उड़ा सकती हैं तो सेना की कानूनी शाखा में उनकी संख्या सीमित क्यों है फिर, उच्चतम न्यायालय का सवाल

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने सेना की ‘जज एडवोकेट जनरल’ (जेएजी-विधि) शाखा में 50-50 चयन मानदंड पर सवाल उठाते हुए केंद्र से पूछा कि यदि भारतीय वायुसेना में कोई महिला राफेल लड़ाकू विमान उड़ा सकती है तो सेना की जेएजी शाखा के लैंगिक रूप से तटस्थ पदों पर कम महिला अधिकारी क्यों हैं? न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने आठ मई को दो अधिकारियों अर्शनूर कौर और आस्था त्यागी की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ताओं ने अपने कई समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर क्रमश: चौथा और पांचवां स्थान प्राप्त किया था लेकिन महिलाओं के लिए कम रिक्तियां निर्धारित होने के कारण जेएजी विभाग के लिए उनका चयन नहीं किया गया। अधिकारियों ने पुरुषों और महिलाओं के लिए ‘‘असंगत” रिक्तियों को चुनौती देते हुए कहा था कि उनका चयन नहीं किया जा सका क्योंकि कुल छह पदों में से महिलाओं के लिए केवल तीन रिक्तियां थीं। पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा, ‘‘हम याचिकाकर्ता अर्शनूर कौर द्वारा प्रस्तुत मामले से प्रथम दृष्टया संतुष्ट हैं।” शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘हम प्रतिवादियों को निर्देश देते हैं कि ‘जज एडवोकेट जनरल’ (जेएजी) के रूप में नियुक्ति के लिए अगले उपलब्ध प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में उन्हें शामिल करने के उद्देश्य से जो भी कार्रवाई आवश्यक है, उसे शुरू किया जाए।” पीठ ने एक समाचार पत्र के लेख का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि एक महिला लड़ाकू पायलट राफेल विमान उड़ाएगी। उसने कहा कि ऐसी स्थिति में उसे युद्ध बंदी बनाए जाने का खतरा है। न्यायमूर्ति दत्ता ने केंद्र और सेना की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा, ‘‘अगर भारतीय वायुसेना में एक महिला का राफेल लड़ाकू विमान उड़ाना स्वीकार्य है तो सेना के लिए जेएजी में अधिक महिलाओं को शामिल करने की अनुमति देना इतना मुश्किल क्यों है?” पीठ को बताया गया कि कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान दूसरी याचिकाकर्ता त्यागी भारतीय नौसेना में शामिल हो गईं। इसके बाद शीर्ष अदालत ने पदों के लैंगिक आधार पर तटस्थ होने का दावा करने के बावजूद महिलाओं के लिए सीमित पद निर्धारित करने के लिए केंद्र से सवाल किया। भाटी ने कहा कि जेएजी शाखा सहित सेना में महिला अधिकारियों की भर्ती और नियुक्ति एक प्रगतिशील प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, ‘‘2012 से 2023 तक 70:30 (या अब 50:50) के अनुपात में पुरुष और महिला अधिकारियों की भर्ती की नीति को भेदभावपूर्ण एवं मौलिक अधिकारों का हनन कहना न केवल गलत होगा बल्कि यह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र का भी अतिक्रमण होगा जो भारतीय सेना में पुरुष एवं महिला अधिकारियों की भर्ती के बारे में निर्णय लेने के लिए एकमात्र सक्षम प्राधिकारी है।” शीर्ष अदालत ने सवाल किया कि पदों को लैंगिक रूप से तटस्थ क्यों बताया गया है जबकि रिक्तियां लैंगिकता के आधार पर विभाजित होने के कारण उच्च योग्यता वाली महिला उम्मीदवारों को शामिल नहीं किया जा सका। न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि यदि 10 महिलाएं योग्यता के आधार पर जेएजी के लिए योग्य हैं तो क्या उन सभी को जेएजी शाखा की अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। पीठ ने कहा कि लैंगिक तटस्थता का मतलब 50:50 का अनुपात नहीं है बल्कि इसका मतलब यह है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई किस लिंग से है। भाटी ने केंद्र के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि श्रम बल आकलन और आवश्यकता के आधार पर सेना की सभी शाखाओं में लिंग-विशिष्ट रिक्तियां मौजूद हैं। भाटी ने कहा कि रक्षा सेवाओं में लैंगिक एकीकरण एक विकासशील प्रक्रिया है और यह समय-समय पर समीक्षा एवं अध्ययन का विषय है।  

अवैध रेत खनन में कांस्टेबल की हत्या के बाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को जारी किया नोटिस

बलरामपुर छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर स्थित बलरामपुर जिले के लिबरा गांव में 11 मई की रात अवैध रेत परिवहन की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर रेत माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में कांस्टेबल शिव भजन सिंह की ट्रैक्टर से कुचलकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और आम जनता में भारी आक्रोश है। घटना के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को नोटिस जारी किया है। वहीं, अब तक की जांच में सामने आया है कि जिस क्षेत्र में यह घटना घटी वहां वर्षों से अवैध रेत तस्करी जारी थी, लेकिन खनिज विभाग की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि सीमावर्ती झारखंड राज्य के गढवा क्षेत्र में रेत का अवैध भंडारण इस कदर हो गया है कि वह अब ‘रेत के पहाड़’ का रूप ले चुका है। हालांकि, घटना के बाद उन्हें जल्द से जल्द हटाने का कार्य भी जारी है। पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने भी गढवा के उपायुक्त को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि यदि इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में हालात यह हैं कि स्थानीय प्रशासन चाहे कलेक्टर हों या एसडीएम अब तक इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस पहल नहीं कर पाए हैं। खनिज विभाग के अधिकारी न तो जनता, न जनप्रतिनिधियों और न ही पत्रकारों के कॉल्स का जवाब दे रहे हैं। फील्ड विजिट की तो बात ही दूर है। माना जा रहा है कि अगर विभाग समय पर सतर्क होता, तो कांस्टेबल शिव भजन सिंह की जान बचाई जा सकती थी। आईजी ने थाना प्रभारी को किया निलंबित हालांकि, घटना के बाद सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा ने तत्परता दिखाते हुए सनवाल थाना प्रभारी को बिना पर्याप्त बल के कार्रवाई की अनुमति देने के आरोप में निलंबित कर दिया है। लेकिन जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने अब तक खनिज विभाग या अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से कोई जवाब-तलब नहीं किया है। स्थानांतरण के बाद भी खनिज अधिकारी को नहीं किया गया रिलीव गौरतलब है कि खनिज अधिकारी अजय रंजन दास का स्थानांतरण 8 मई को रायगढ़ कर दिया गया था, लेकिन वे अब तक रिलीव नहीं हुए हैं। सनवाल थाना क्षेत्र के पचावल, कुंदरू, तारकेश्वरपुर, लिब्रा, बाल चौरा और अनिरुद्धपुर जैसे गांवों में अवैध रेत खनन जोरों पर जारी है और माइनिंग विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। जिला कलेक्टर ने की घटना की निंदा जब इस पूरे घटनाक्रम पर कलेक्टर राजेंद्र कटारा से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने बताया कि, “घटना निंदनीय है। संबंधित क्षेत्र छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर है, जिसमें छत्तीसगढ़ हिस्से में भी अवैध खनन हुआ है। कुछ शिकायतें पहले भी मिली थीं और मैंने एसडीएम को मौके पर भेजा था। तीन ट्रैक्टर पुलिस ने पहले भी पकड़े थे। हालांकि, तब खनिज संपदा लोड न होने की वजह से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण थोड़ी कठिनाई आती है, लेकिन अवैध उत्खनन जैसे कार्यों पर रोक लगाया जाएगा। सरगुजा आईजी दीपक झा घटना पर लगातार बनाए हुए हैं नजर गौरतलब है कि सरगुजा आईजी दीपक झा घटना पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सनवाल क्षेत्र में ही डेरा डाले हुए हैं। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ संदेहियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

सवाई मानसिंह स्टेडियम को मिली बम से उड़ाने धमकी, मचा हड़कंप, जिसको देखते हुए कड़ी की गई सुरक्षा

जयपुर जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को महज सात दिनों में चौथी बार बम की धमकी मिली है, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राजस्थान खेल परिषद की आधिकारिक आईडी पर भेजे गए नवीनतम धमकी भरे ईमेल में विषय पंक्ति ‘एचएमएक्स बम विस्फोट सवाई मानसिंह स्टेडियम ऑपरेशन प्रभाकर दिविज’ थी और इसमें एक भयावह संदेश भी शामिल था, जिसमें चेतावनी दी गई थी, “पाकिस्तान से पंगा मत लो। हमारे पास भारत में स्लीपर सेल हैं। ऑपरेशन सिंदूर के लिए आपके अस्पताल भी उड़ा दिए जाएंगे।” अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है और इन बार-बार आने वाली धमकियों को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं।   विदेशी स्लीपर सेल और आतंकवाद विरोधी अभियानों के प्रतिशोध का हवाला देते हुए दहशत फैलाने के संगठित प्रयास की संभावना की जांच की जा रही है। मेट्रो स्टेशनों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि आईपीएल मैचों के जल्द ही होने के कारण सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना राजस्थान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। घटना की पुष्टि करते हुए खेल परिषद के अध्यक्ष नीरज के पवन ने कहा कि बम की धमकियों के मद्देनजर राज्य सरकार ने इस बार अतिरिक्त सावधानी बरती है। उन्होंने कहा, “हम चार-चरणीय सुरक्षा उपाय बढ़ा रहे हैं। हम अतिरिक्त पुलिस और बाउंसर तैनात करेंगे। हमने कैमरों की संख्या बढ़ा दी है और खराब कैमरों की मरम्मत कर दी है।” इस बीच, राजस्थान खेल परिषद के सचिव राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि स्टेडियम को निशाना बनाकर यह चौथी ऐसी धमकी है। उन्होंने कहा कि ई-मेल में न केवल स्टेडियम को धमकी दी गई है, बल्कि अस्पतालों पर हमले का भी जिक्र किया गया है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और साइबर क्राइम विशेषज्ञ भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच में जुट गए हैं। इस बीच, स्टेडियम में चौबीसों घंटे सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। हाल ही में जयपुर में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 8 मई, 12 मई और 13 मई को स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। 9 मई को जयपुर मेट्रो को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसमें मेट्रो स्टेशन और ट्रेनों में विस्फोट की चेतावनी दी गई थी, जिसमें फिर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र था। 20 फरवरी को एसएमएस मेडिकल कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी, जिसका पता 22 फरवरी को चला। इसी तरह 4 अक्टूबर 2023 को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत पूरे भारत के 100 से ज्यादा एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले। सीआईएसएफ अधिकारियों को भेजे गए संदेश में कहा गया था, “आइए हम दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों से अकेले ही मुकाबला करें। हर जगह धमाका होगा…धमाका होगा…धमाका होगा।”

असम पंचायत चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, हिमंत बिस्व सरमा ने ठोंका 105 सीटों पर दावा, कांग्रेस को करारी शिकस्त दी

गुवाहाटी असम के पंचायत चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। दोनों दलों ने असम के ग्रामीण इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जहां कभी कांग्रेस का सिक्का चलता था। बीजेपी और एजीपी ने 397 जिला परिषदों में से 300 पर कब्जा कर लिया है। दोनों दलों की जोड़ी ने 2,192 आंचलिक पंचायतों में से 1,436 जीत ली हैं। वोटिंग पैटर्न में इस बदलाव का असर विधानसभा में दिखा तो कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा। 2018 के मुकाबले इस बार एनडीए का वोट शेयर 26 फीसदी बढ़ा है। इन आंकड़ों के आधार पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 126 में से 104 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कई जिलों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला असम में एनडीए ने 2 मई और 7 मई को हुए पंचायत चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। विधानसभा चुनाव से एक साल पहले हुए इस चुनाव परिणाम से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा उत्साहित है। बीजेपी ने जिला परिषद में 274 और असम गण परिषद ने 26 सीटें जीती हैं। 2,192 आंचलिक पंचायतों में बीजेपी ने 1,265 और असम गण परिषद ने 171 सीटें जीती हैं। कांग्रेस को 72 जिला परिषदों में जीत मिली है। सीएम सरमा ने बताया कि राज्य की 76.27 फीसदी जिला परिषद सीटें एनडीए के पास हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने डिब्रूगढ़, धेमाजी, सोनितपुर, तिनसुकिया, गोलाघाट, जोरहाट जैसे कई जिलों में लगभग पूरी तरह से जीत हासिल की है। बीजेपी ने कई जिलों में 100 प्रतिशत परिषद सीटें जीती हैं। एनडीए के वोट में 26 प्रतिशत का इजाफा 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में अभी बीजेपी के 64 विधायक हैं। उसके सहयोगी असम गण परिषद के नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल के सात विधायक हैं। अगले साल 2026 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिला परिषद में मिले वोट का आकलन किया जाए तो एनडीए 105 विधानसभा में जीत मिल सकती है। असम के सीएम ने दावा किया कि बीजेपी ने मुस्लिम बहुल सीटों पर भी जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस पूरे असम में एक भी हिंदू-बहुल सीट नहीं जीत पाई। स्वदेशी मुसलमानों में बीजेपी का वोट प्रतिशत 60-70 प्रतिशत तक बढ़ गया है। ओवरऑल एनडीए का वोट प्रतिशत भी 26 प्रतिशत बढ़ गया। पंचायत सम्मेलन करेगी बीजेपी, शाह होंगे चीफ गेस्ट मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि बीजेपी गुवाहाटी में एक पंचायत सम्मेलन करेगी, जिसमें पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित किया जाएगा। पंचायत चुनाव में बड़ी जीत पर अमित शाह ने X पर कहा कि असम के लोगों को पंचायत चुनाव 2025 में एनडीए को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए धन्यवाद। यह जीत पीएम नरेंद्र मोदी की जन-केंद्रित नीतियों का समर्थन है, जिन्होंने असम में शांति और समृद्धि का एक नया युग लाए हैं।

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