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महिला पटवारी मांग रही थी 36 हजार रूपये रिश्वत, लोकायुक्तटीम ने 10 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा

भोपाल मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहां अफसरों की नाक के नीचे एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है। रिश्वतखोर महिला पटवारी बुधवार को भोपाल लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को 10 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। हुजूर तहसील के पटवारी हलका नंबर 40 में पदस्थ महिला पटवारी सुप्रिया जैन ने जमीन के नामांकन के बदले मुबारकपुर गांव के रहने वाले मोहम्मद असलम से 36 हजार रूपये रिश्वत की मांग की थी। पटवारी सुप्रिया जैन के द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत फरियादी ने भोपाल लोकायुक्त में की थी। 10 हजार रूपये की पहली किश्त लेते पकड़ा भोपाल लोकायुक्त में शिकायत करते हुए फरियादी मोहम्मद असलम ने बताया कि उसने अपनी 18 एकड़ जमीन के नामांकन के लिए आवेदन दिया था। जमीन का नामांकन करने के बदले पटवारी सुप्रिया जैन ने उससे प्रति एकड़ 2 हजार रूपये रिश्वत की मांग की है। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की शिकायत सही मिलने पर रिश्वत की पहली किस्त 10 हजार रूपये लेकर फरियादी को रिश्वत देने के लिए भेजा। महिला पटवारी ने रिश्वत देने के लिए फरियादी को अपने निवास हिमांशु टावर लालघाटी पर बुलाया जहां पार्किंग में रिश्वत लेते ही लोकायुक्त ने पटवारी सुप्रिया जैन को रंगेहाथों पकड़ लिया।

अमेरिका सऊदी अरब को 124 अरब डॉलर के हथियार और युद्धक साजो-सामान डिलिवर करेगा, खतरे में ईरान!

रियाद अमेरिका और खाड़ी के प्रमुख मुस्लिम देश सऊदी अरब के बीच इतिहास का सबसे बड़ा हथियार सौदा हुआ है। इसके तहत अमेरिका सऊदी अरब को 124 अरब डॉलर के हथियार और युद्धक साजो-सामान डिलिवर करेगा। वॉइट हाउस ने इस बारे में जानकारी दी है। यह हथियार बिक्री सऊदी अरब के साथ 600 अरब डॉलर के ऐतिहासिक सौदे का हिस्सा है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रियाद यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किया गया। सुन्नी इस्लामिक मुल्क सऊदी अरब के साथ यह हथियार डील शिया ईरान के लिए खतरे की घंटी है। ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ईरान को यह तय करने की जरूरत है कि वह परमाणु हथियार विकसित करके युद्ध करना चाहता है या शांति और व्यापारिक संबंध चुनना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने शांति को अस्वीकार कर दिया तो हमारे पास परमाणु हथियार रखने से रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। ट्रंप ने कहा, ‘ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा।’ सऊदी को पहले दौरे के लिए चुना डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की पहली राजकीय यात्रा पर मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। हालांकि, उन्हें पिछले महीने पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इटली जाना पड़ा था। इसके पहले साल 2016 में पहले कार्यकाल में डोनाल्ड ट्रंप पहली राजकीय यात्रा सऊदी अरब की ही थी। रियाद पहुंचने पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने स्वागत किया। अमेरिका से हथियार डील सऊदी अरब की रक्षा क्षमताओं में सुधार करेगा। ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ 1 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार सौदे का लक्ष्य रखा है। सऊदी-इजरायल संबंध बहाल कराने की कोशिश ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सऊदी अरब जल्द ही अब्राहम समझौते में शामिल होगा और ‘अपने समय में’ इजराइल को मान्यता देगा। ट्रंप और युवराज सलमान रॉयल कोर्ट में दोपहर के भोज में शामिल हुए, जिसमें मेहमान और सहयोगी भी शामिल हुए। ट्रंप का यह दौरा अमेरिका की मध्य पूर्व में फिर से वापसी को दिखाता है। अहमद शरा से करेंगे मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात करेंगे। शरा एक पूर्व विद्रोही नेता हैं जो इराक में पकड़े जाने के बाद कई वर्षों तक अमेरिकी सेना की कैद में रहे थे। शरा ने बशर असद को पिछले साल सत्ता से बेदखल कर दिया था। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने बताया कि ट्रंप ने सऊदी अरब में अपने प्रवास को समाप्त करने और कतर जाने से पहले अल-शरा से मिलने पर सहमति व्यक्त की है। शरा से मुलाकात के बाद वह कतर की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। उनका संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाने का भी कार्यक्रम है।

बलूच नेता मीर यार बलूच ने राज्य में दशकों से हो रही हिंसा के चलते पाक से स्वतंत्रता का एलान किया, भारत से मांगी ये मदद

बलूचिस्तान बलूचिस्तान ने पाकिस्तान से आजाद होने का एलान किया है। बलूच नेता मीर यार बलूच ने बुधवार को राज्य में दशकों से हो रही हिंसा, जबरन गायब किए जाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान से स्वतंत्रता का एलान किया। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान पाकिस्तान नहीं हैं। उन्होंने भारत और वैश्विक समुदाय से आजादी के लिए समर्थन देने की मांग की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बलूचिस्तान के लोगों ने अपना फैसला दे दिया है। अब दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के लोग सड़कों पर हैं। उनका कहना है कि तुम मारोगे हम टूटेंगे, हम नाक बचाएंगे आओ हमारा साथ दो। उन्होंने भारतीय नागरिकों, खास तौर पर मीडिया, यूट्यूबरों और बुद्धिजीवियों से बलूचों को ‘पाकिस्तान के अपने लोग’ कहने से बचने का आग्रह किया है। पाकिस्तान के अपने लोग पंजाबी हैं: मीर यार बलूच उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तानी नहीं हैं। हम बलूचिस्तानी हैं। पाकिस्तान के अपने लोग पंजाबी हैं। जिन्होंने कभी हवाई बमबारी, जबरन गायब किए जाने और नरसंहार का सामना नहीं किया। मीर यार बलूच ने कहा कि दुनिया को पाकिस्तान के एकतरफा बयान पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान बलूचिस्तान के नेता के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर और 27 मार्च 1948 को बलूचिस्तान के पाकिस्तान में शामिल होने के समारोह में अंतरराष्ट्रीय या तीसरे देश की भागीदारी को साबित करने वाला एक भी कागज और कानूनी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। बलूचिस्तान में लंबे समय से मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होता रहा है। इसमें जबरन गायब कर दिया जाना, न्यायेतर हत्याएं और असहमति को दबाना शामिल है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सशस्त्र समूहों दोनों पर ही मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया है। गुलाम जम्मू-कश्मीर को खाली करने का किया समर्थन बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत के पाकिस्तान से गुलाम जम्मू-कश्मीर खाली करने की कहने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बलूचिस्तान भारत द्वारा 14 मई 2025 को पाकिस्तान से गुलाम जम्मू-कश्मीर को खाली करने के लिए कहने के फैसले का पूरा समर्थन करता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान से तुरंत गुलाम जम्मू-कश्मीर छोड़ने का आग्रह करना चाहिए ताकि ढाका में उसके 93000 सैन्यकर्मियों को आत्मसमर्पण के एक और अपमान से बचाया जा सके। भारत पाकिस्तानी सेना को हराने में सक्षम है और अगर पाकिस्तान ने कोई ध्यान नहीं दिया तो केवल पाकिस्तानी सेना के जनरलों को ही रक्तपात के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान गुलाम जम्मू-कश्मीर के लोगों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। बलूचिस्तान में बंदूकधारियों ने चार ट्रक ड्राइवरों की हत्या की अशांत बलूचिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने चार ट्रक ड्राइवरों का अपहरण कर लिया और बाद में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि मंगलवार रात को क्वेटा से लगभग 100 किलोमीटर पश्चिम में नोश्की के गलांगूर इलाके में गोलियों से छलनी उनकी लाशें मिलीं। हालांकि अभी तक किसी ने भी हत्याओं की जिम्मेदारी नहीं ली है।

हाईकोर्ट ने डीएमएफ घोटाला मामले में रानू साहू, सौम्या चौरसिया, समेत 4 आरोपियों की जमानत खारिज

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में DMF घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने आज पूर्व IAS रानू साहू, पूर्व सीएम के उप सचिव सौम्या चौरसिया, एनजीओ संचालक मनोज कुमार और बिचौलिया सूर्यकांत तिवारी की स्थायी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में एफआईआर और केस डायरी में उपलब्ध सामग्री का अवलोकन करने बाद आवेदक की धारा 7 और 12 के तहत अपराध करना प्रतीत होता है. प्रथम दृष्टया पीसी एक्ट के तहत आर्थिक अपराध परिलक्षित होता है. एफआईआर और रिकॉर्ड में रखी गई अन्य सामग्री को देखते हुए, प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि आवेदक का संबंधित अपराध में संलिप्तता है. जानिए क्या है DMF घोटाला: प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, ईडी की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने धारा 120 बी 420 के तहत केस दर्ज किया है. केस में यह तथ्य सामने आया है कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड कोरबा के फंड से अलग-अलग टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है. टेंडर भरने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया. जांच रिपोर्ट में यह पाया गया है कि टेंडर की राशि का 40% सरकारी अफसर को कमीशन के रूप में दिया गया है. प्राइवेट कंपनियों के टेंडर पर 15 से 20% अलग-अलग कमीशन सरकारी अधिकारियों ने ली है. ED ने अपनी जांच रिपोर्ट में पाया था कि IAS अफसर रानू साहू और कुछ अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने पद का गलत इस्तेमाल किया.

एक दशक बाद गूगल ने G आइकन बदला

नई दिल्ली टेक दुनिया की बड़ी दिग्‍गज गूगल ने एक दशक यानी 10 साल के लंबे अंतराल के बाद अपने लोगो को रिफ्रेश किया है। उसका आइकॉनिक G आइकन अब बदल गया है। भले यह फर्क मामूली सा लगे, लेकिन कंपनी की सोच को दर्शाता है कि अब वह एआई की दुनिया में पूरी तरह से गोता लगाने काे तैयार है। रिपोर्टों के अनुसार, गूगल ने रिड‍िजाइन किए गए ‘जी’ आइकन को रोलआउट करना शुरू कर दिया है। यह सब 20 मई को प्रस्‍तावित गूगल के सालान I/O 2025 डेवलपर कॉन्‍फ्रेंस से पहले हाे रहा है। नए लोगो में स्‍मूद ग्रेडिएंट ट्रांजिशन दिखाई देता है। पहले वाले लोगो में सभी कलर्स अलग-अलग बंटे हुए थे, जिन्‍हें अब मिक्‍स कर दिया गया है। इनमें रेड, येलो, ग्रीन और ब्‍लू कलर्स शामिल हैं। कहां दिखेगा नया गूगल लोगो रिपोर्टों के अनुसार, नया ‘G’ आइकल अब लेटेस्‍ट गूगल सर्च ऐप अपडेट में लाइव हो गया है। यह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों यूजर्स के लिए उपलब्‍ध है। कहा जा रहा है कि गूगल का नया ‘जी’ एआई की दिशा में कंपनी के विजन को दिखाता है। गौरतलब है कि ओपनएआई और परप्‍लेक्‍स‍िटी जैसी कंपनियों से मुकाबला करने के लिए गूगल लगातार अपने जेमिनी एआई को एडवांस बना रही है। वह अपने प्रोडक्‍ट्स में एआई फीचर्स को इंटीग्रेट कर रही है। 2015 में बदला था गूगल लोगो गूगल ने आखिरी बार साल 2015 में अपने जी आइकन में बड़ा बदलाव किया था। उससे पहले गूगल के लोगो का कलर नीला था, जिसे मल्‍टीकल में बदला गया था। हालांकि अभी यह कन्‍फर्म नहीं है कि अन्‍य गूगल प्रोडक्‍ट्स जैसे- क्रोम, मैप्‍स के लोगो बदले गए हैं या नहीं। कहा जा रहा कि उनमें भी कंपनी ग्रेडिएंट फ‍िनिश दे सकती है। गूगल का नया लोगो अभी सिर्फ गूगल सर्च ऐप और मोबाइल डिवाइस में दिखने वाले गूगल के होमस्‍क्रीन लोगाे में है। इससे पहले मंगलवार रात Google ने “The Android Show: I/O Edition” में Android 16 के कुछ खास फीचर्स और मजेदार डिजाइन एलिमेंट्स पर से पर्दा उठाया। यह शो 20-21 मई को होने वाले Google I/O डेवलपर कॉन्फ्रेंस से पहले Android पर फोकस करता हुआ एक इवेंट था। पिछले साल के Google I/O में ज्यादा फोकस AI पर किया गया था लेकिन इस बार इस शो के जरिए Google ने Android में होने वाले बदलावों पर भी ध्यान दिया है। इस स्टैंडअलोन इवेंट में Android 16, Wear OS 6, डिजाइन, AI इंटीग्रेशन, सिक्योरिटी और डिवाइस ट्रैकिंग जैसी चीजों पर खासा ध्यान दिया गया। बता दें कि Google I/O गूगल का सालाना टेक इवेंट है, जहां वह अपने नए प्रोडक्ट्स, सॉफ्टवेयर अपडेट्स और इनोवेशन पेश करता है।

बोदरी में समाधान शिविर बना बुजुर्गों के लिए वरदान, वय वंदन योजना के तहत मिली 5 लाख तक की स्वास्थ्य सुरक्षा

हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार बिलासपुर, बोदरी में आयोजित समाधान शिविर में बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। समाधान शिविर में आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत  अनेक वरिष्ठ नागरिकों को 5 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सहायता दी गई , योजना से लाभान्वित हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार।      बोदरी नगर पालिका क्षेत्र के निवासी वरिष्ठ नागरिक श्री शत्रुघ्न उपाध्याय, श्रीमती राधा तिवारी और श्रीमती जसमीत कौर की आंखों में चमक और चेहरे पर खुशी उस समय दिखाई पड़ी जब उन्हें आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत वय वंदन कार्ड वितरित किए गए। इन कार्डों के माध्यम से अब इन हितग्राहियों को 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। बुजुर्ग हितग्राहियों ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ती उम्र में जब स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ जाती हैं, तब सरकार द्वारा दी जा रही यह सहायता उनके लिए बड़ी राहत है।    श्री शत्रुघ्न उपाध्याय ने भावुक होकर कहा, कि “पहले इलाज के लिए बड़ी आर्थिक समस्या होती थी, अब इस कार्ड से हमें बड़ी राहत मिलेगी। यह योजना हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं।” इसी तरह शिविर में  समस्या का त्वरित निराकरण होने पर श्रीमती राधा  तिवारी और श्रीमती जसमीत कौर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया, उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य संबंधी उनकी एक बड़ी चिंता दूर हो गई है। उन्होंने सुशासन तिहार की पहल को सरकार की एक संवेदनशील पहल बताया। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा  बुजुर्गों के सम्मान एवं उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जा रही है,जिसके तहत उन्हें 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविरों में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।     उल्लेखनीय है कि वय वंदन योजना बुजुर्गों के स्वास्थ्य और सम्मान की दिशा में एक अहम पहल है जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जाती है। योजना के तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पंजीकृत अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को वय वंदन स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाता है, जो उनकी पहचान और पात्रता का प्रमाण होता है। इस कार्ड से अस्पताल में भर्ती से लेकर इलाज तक की सारी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो जाती है। योजना का उद्देश्य है कि बुजुर्गों को इलाज के आर्थिक बोझ से मुक्ति मिले और वे सम्मानपूर्वक और स्वस्थ जीवन जी सकें

नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन कामयाब, कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है। इसके साथ ही भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। सीआरपीएफ के डीजी ने जानकारी दी कि नक्सल विरोधी अभियान की शुरुआत 2014 में हुई थी, लेकिन 2019 के बाद से इस अभियान ने अधिक गति पकड़ी है। जवानों के लिए देश भर में संयुक्त प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी रणनीतिक और सामरिक क्षमताओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि जहां 2014 में 35 जिले नक्सली गतिविधियों के केंद्र हुआ करते थे, वहीं 2025 तक यह संख्या घटकर मात्र 6 जिलों तक सीमित रह गई है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के चलते नक्सली हिंसा में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इस ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘नक्सल फ्री भारत’ के संकल्प में एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करते हुए सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशन में छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के कुर्रगुट्टालू पहाड़ (केजीएच) पर 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया। गृह मंत्री ने कहा कि जिस पहाड़ पर कभी लाल आतंक का राज था, वहां आज शान से तिरंगा लहरा रहा है। कुर्रगुट्टालू पहाड़ पीएलजीए बटालियन 1, डीकेएसजेडसी, टीएससी और सीआरसी जैसी बड़ी नक्सल संस्थाओं का यूनिफाइड हेडक्वार्टर था, जहां नक्सल ट्रेनिंग के साथ-साथ रणनीति और हथियार भी बनाए जाते थे। उन्होंने बताया कि नक्सल विरोधी इस सबसे बड़े अभियान को हमारे सुरक्षा बलों ने मात्र 21 दिनों में पूरा किया और मुझे अत्यंत हर्ष है कि इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों में एक भी जानहानि नहीं हुई। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में भी अपनी बहादुरी और शौर्य से नक्सलियों का सामना करने वाले हमारे सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों को बधाई देता हूं। पूरे देश को आप पर गर्व है। शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के लिए संकल्पित हैं। मैं देशवासियों को पुनः विश्वास दिलाता हूं कि 31 मार्च 2026 तक भारत का नक्सलमुक्त होना तय है।” उल्लेखनीय है कि सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के सहयोग से अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। कर्रेगुट्टा जैसी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार की कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतर्कता और साहस का प्रमाण है।

नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि मिली

नई दिल्ली ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी गई है। नीरज चोपड़ा भाला फेंक में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं नीरज टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के लिए जेवेलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। अब उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया गया है। नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। वह देश के लिए व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने थे। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी के साथ पहला स्थान हासिल कर गोल्ड अपने नाम किया था। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पहला गोल्ड जीता था। नीरज चोपड़ा इससे पहले आर्मी में सूबेदार के पद पर थे। चोपड़ा की वजह से जैवलिन थ्रो को लोग भारत में जानने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि 2020 टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद से ही वह लाइमलाइट में आ गए थे। उन्होंने 2024 के पेरिस ओलंपिक में भी सिल्वर मेडल जीता था। नीरज चोपड़ा बेंगलुरू में अगले हफ्ते प्रस्तावित एनसी क्लासिक के स्थगित होने के बाद 23 मई को पोलैंड के चोरजोव में 71वें ओरलेन जानुस्ज कुसोसिन्सकी मेमोरियल प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। दोहरे ओलंपिक पदक विजेता नीरज को एनसी क्लासिक में विश्व भर और भारत के कुछ अन्य स्टार खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेना था और उन्हें 24 मई को इस प्रतियोगिता की मेजबानी भी करनी थी लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। चोरजोव में नीरज को दो बार के विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स, जर्मनी के जूलियन वेबर और पोलैंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक मार्सिन क्रुकोवस्की के अलावा साइप्रियन मर्जिग्लोड और डेविड वेगनर जैसे स्थानीय खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना होगा। पोलैंड में होने वाली यह प्रतियोगिता नीरज के लिए सत्र का तीसरा टूर्नामेंट होगा। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका में की और अब 16 मई को दोहा डाइमंड लीग में हिस्सा लेंगे जहां उन्होंने 2023 (88.67 मीटर) में खिताब जीता और 2024 (88.36 मीटर) में दूसरे स्थान पर रहे। दोहा में भी नीरज को पीटर्स की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पीटर्स को एनसी क्लासिक में भी 2016 के ओलंपिक चैंपियन जर्मनी के थॉमस रोहलर और 2015 के विश्व चैंपियन कीनिया के जूलियस येगो के साथ हिस्सा लेना था।

भारतीय वायु सेना ने एयरस्ट्राइक से पहले पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को कर दिया था जाम, चीन भी हैरान

नई दिल्ली भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर उन्हें तबाह कर दिया था। ये वही ठिकाने थे, जहां आतंकियों की ट्रेनिंग और लॉन्चिंग होती थी। भारत की स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम पर सवाल उठने लगे थे। दरअसल पाकिस्तान ने अपना एयर डिफेंस चीन से खरीदा है। पीआईबी ने एक प्रेस रिलीज में बताया है कि चीन में बने इस एयर डिफेंस को भारतीय वायु सेना ने स्ट्राइक के दौरान जाम और बाइपास कर दिया था। वहीं भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक और लक्ष्यभेदी हमले किए थे। पाकिस्तान के सभी हमले नाकाम पीआईबी की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान को विदेशों से मिली कई टेक्नोलॉजी को न्यूट्रलाइज कर दिया था। इसके ठोस सबूत भी मौजूद हैं। इसमें चीन में बने पीएल-15 मिसाइल के टुकड़े, तुर्किए में बने यूएवी और लंबी दूरी के रॉकेट, क्वाडकॉप्टर और कॉमर्शियल ड्रोन शामिल हैं। भारत की जवाई कार्रवाई में पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों- नूर खान और रहीमयार खान को सर्जिकल सटीकता के साथ निशाना बनाया गया। भारत के अत्याधुनिक हथियारों ने दुश्मन के रडार और मिसाइल सिस्टम सहित कई सिस्टम को खोजकर नष्ट कर दिया। बता दें कि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में सात मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत सटीक हमले किए। भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की नाकाम कोशिश की।

घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस टास्क फोर्स का गठन, अब तक 128 संदिग्धों की पहचान, 9 हिरासत में

कवर्धा भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र कबीरधाम जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है। जिला पुलिस ने सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक विशेष ‘पुलिस टास्क फोर्स’ का गठन किया है, जो संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए जगह-जगह अभियान चला रही है। बता दें कि टास्क फोर्स की ताजा कार्रवाई में 6 उत्तर प्रदेश और 3 अन्य जिलों के कुल 9 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान इनके पास वैध पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं पाए गए, जिसके चलते इनके खिलाफ धारा 128 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। एडिशनल एसपी पुष्पेन्द्र बघेल के नेतृत्व में गठित इस टीम में डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर, कोतवाली प्रभारी, दो टीआई और 50 से अधिक पुलिस जवान शामिल हैं। टीम ने मंगलवार को आदर्श नगर, कसाई पारा, अटल आवास, समनापुर और हरिनछपारा गांव में सघन और अचानक चेकिंग अभियान चलाया। एएसपी बघेल ने बताया कि यह विशेष टीम बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों की अवैध घुसपैठ को रोकने के उद्देश्य से गठित की गई है। अब तक जिले में 128 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही, मकान मालिकों से कहा गया है कि वे किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराएं, ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान समय रहते की जा सके।

भारतीय सेना के सम्मान में कांग्रेस ने किया मंत्री विजय शाह का पुतला दहन

कोंडागांव भारतीय सेना और उनके सम्मान को लेकर एक बार फिर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. मध्यप्रदेश केबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस ने तीखा रुख अपनाया है. इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करने के निर्देश दिए, जिसके तहत कोंडागांव जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया और मंत्री विजय शाह का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारतीय सेना देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों की संस्था है, और उसके किसी भी अधिकारी के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल न केवल अस्वीकार्य है बल्कि राष्ट्र की अस्मिता पर हमला है. मंत्री विजय शाह की टिप्पणी को सेना के गौरव के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर नारेबाजी की और उनका पुतला जलाकर विरोध जताया. कोंडागांव जिला कांग्रेस अध्यक्ष बुधराम नेताम ने इस मौके पर कहा, “हम सेना और उसके जवानों के सम्मान के लिए कोई भी कदम उठाने को तैयार हैं. मंत्री विजय शाह की टिप्पणी केवल कर्नल सोमिया का ही नहीं, बल्कि समस्त भारतीय सेना का अपमान है. जब तक वे सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, हमारा विरोध जारी रहेगा.” प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, NSUI और अन्य प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता भी भारी संख्या में उपस्थित रहे. उन्होंने एक स्वर में कहा कि भारतीय सेना को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए और जो नेता इस तरह की बयानबाजी करते हैं, उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा नेतृत्व इस मामले में संज्ञान ले और मंत्री विजय शाह को उनके पद से हटाया जाए. यदि ऐसा नहीं किया गया तो कांग्रेस राज्यभर में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दे रही है.

कार और बाइक में टक्कर, पत्नी के आंखों के सामने पति ने तोड़ा दम

कोरबा छत्तीसगढ़ में रोजाना सड़क हादसों में लोग जान गंवा रहे हैं. कड़े नियमों के बाद भी रफ्तार का कहर नहीं थम रहा है. बुधवार को कोरबा में तेज रफ्तार कार और बाइक में जोरदार भिड़ंत हो गई. बाइक पर पति-पत्नी सवार होकर जा रहे थे. हादसे में पति की मौके पर ही मौत हो, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल हुई है. भिड़ंत के बाद घटनास्थल पर राहगीरों की भीड़ लग गई. जानकारी के मुताबिक, घटना कटघोरा थाना के लखनपुर गांव की है. बुधवार सुबह दंपति विजयपुर गांव से बाइक पर सवार होकर जा रहे थे. इसी दौरान डस्टर कार और बाइक के बीच टक्कर हो गई. बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के बीच में जा गिरी. सड़क खून से सन गई. दर्दनाक हादसे में महिला के आंखों के सामने ही पति ने दम तोड़ दिया. हादसे के बाद राहगीरों की भीड़ लग गई. कार सवार डस्टर चालक को आई मामूली चोटें आई है. सूचना के बाद मौके पर पहुंची डायल 112 की मदद से घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा लाया गया है. फिलाहल महिला का इलाज जारी है.

बांस पर निर्भर बांसवार जाति के लोगों को नहीं मिल रहा बांस, मुआवजे की मांग

महासमुंद महासमुंद जिले की पारंपरिक रूप से बांस पर निर्भर बांसवार जाति के लोगों को पिछले 10 वर्षों से बांस नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका रोजगार ठप पड़ गया है. सूपा, टोकरी, टोकरा और अन्य फैंसी सामान बनाकर जीवनयापन करने वाले इन परिवारों के सामने आज भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है. शासन के नियमानुसार, जिन बांसवार परिवारों के पास बांस कार्ड है, उन्हें वन विभाग की ओर से हर वर्ष 1500 बांस सस्ते दर पर उपलब्ध कराए जाने चाहिए. लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें न तो बांस मिल रहा है और न ही मुआवजा. मजबूरी में अब ये लोग दिहाड़ी मजदूरी करने को विवश हैं. वन विभाग और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे ग्रामीण लगभग 30 परिवार महासमुंद जिला मुख्यालय के पास स्थित ग्राम खैरा में रहते हैं. इनका कहना है कि वे बीते 10 वर्षों से वन विभाग कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल रहा. जब भी बांस डिपो में आता है, वह इतना पतला होता है कि किसी काम का नहीं होता. पीड़ितों ने सुनाई आपबीती बंसत कुमार कंडरा, एक परेशान बांसवार ने कहा कि “हमारे पास हुनर है, लेकिन कच्चा माल नहीं. दस साल से हम परेशान हैं. कोई सुनवाई नहीं हो रही.” नंदिनी कंडरा ने बताया कि “महिला समूह भी काम नहीं कर पा रहा है, बच्चे भूखे हैं. बांस न मिलने से हमारा पूरा जीवन रुक गया है.” बांस उपलब्ध नहीं : वन विभाग महासमुंद डीएफओ वेंकटेश एम.जी. ने कहा कि “फिलहाल बांस की उपलब्धता जिले में नहीं है. हमने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है. रायपुर और धमतरी जैसे आसपास के जिलों से बांस मंगवाने की कोशिश की जा रही है.” बांसवार जाति के लोगों की यह समस्या केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि पारंपरिक हस्तशिल्प के संरक्षण से भी जुड़ी हुई है. शासन और वन विभाग को इस पर शीघ्र संज्ञान लेकर बांस उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवहारिक कदम उठाने होंगे, ताकि इन परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके.

सुमित्रा महाजन द्वारा सागर लखार का स्वागत किया

इंदौर पूर्व लोकसभा स्पीकर ओर इंदौर में लगातार आठ बार की सांसद आदरणीय सुमित्रा महाजन ताई द्वारा सावरकर मंडल विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 के सागर लखार को मीडिया प्रभारी नियुक्त होने पर बधाईयां दी,श्रीराम जी का भगवा दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया।ओर मिठाईयां खिलाकर मुंह मीठा करवाया।साथ ही पार्टी के साथ अपने कर्म के प्रति सजग और निस्वार्थ कार्य करने की प्रेरणा दी।स्वागत होने पर वीर सावरकर मंडल अध्यक्ष नितेश जैन ने बधाइयां दी। इस उपलक्ष्य पर अंतराष्ट्रीय अवॉर्डी सुनील ठाकुर,संजू मीणा,प्रदीप नायक राहुल चौहान उपस्थित हुए।

अभी ख़त्म नहीं हुआ ऑपरेशन सिन्दूर, फिर से अटैक कर सकते है पीएम मोदी, अब भी डर: इमरान खान

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान जेल में बंद हैं, लेकिन भारत से तनाव पर उनकी पूरी नजर है। इमरान खान से जेल में मुलाकात करने उनकी बहनें पहुंची थीं। उन्होंने मीटिंग के बाद बताया कि इमरान खान को डर है कि भारत ने भले ही सीजफायर स्वीकार कर लिया है, लेकिन अब भी हमला हो सकता है। इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि भाई को इस बात की चिंता है कि अब भी भारत अटैक कर सकता है। उन्होंने पाकिस्तान की सेना और सरकार से अलर्ट रहने को कहा है। जेल प्रशासन की तरफ से इमरान खान की बहनों को 8 सप्ताह के बाद मिलने की परमिशन दी गई थी। पाकिस्तानी अखबार के अनुसार अलीमा ने इमरान से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘उन्होंने कहा कि भारत की तरफ से अब भी अटैक हो सकता है। इमरान खान ने कहा कि नरेंद्र मोदी पाकिस्तान से नफरत करते हैं और गुस्से में फिर से कोई अटैक कर सकते हैं।’ इमरान खान के हवाले से अलीमा ने कहा कि जंग में 60 फीसदी जंग तो मानसिक ही होती है। मुझे डर है कि नरेंद्र मोदी फिर से अटैक कर सकते हैं। अलीमा ने कहा कि इमरान खान ने देश की चिंताओं पर बात की। इमरान खान की ओर से इस दौरान मिलिट्री कोर्ट में चल रहे मुकदमों को लेकर भी बात की। दरअसल इमरान खान 9 मई, 2023 से ही जेल में बंद हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शन हुए थे और उनके समर्थकों ने सेना के प्रतिष्ठानों पर भी हमले बोले थे। इन ठिकानों पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ मिलिट्री कोर्ट्स में केस चल रहे हैं। इमरान खान ने कहा कि इन मामलों के विरोध में उनके समर्थकों को सड़कों पर उतर जाना चाहिए। दरअसल पिछले सप्ताह पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सेना को पावर दी है कि आम नागरिकों के खिलाफ भी मिलिट्री कोर्ट्स में केस चल सकते हैं। इसके बाद से ही चर्चा है कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर को बहुत ज्यादा ताकत मिल गई है। इससे इमरान खान के समर्थकों पर सख्त ऐक्शन के कयास तेज हो गए हैं। माना जाता है कि इमरान खान को जेल भेजने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने का इनाम ही आसिम मुनीर को मिला है।  

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