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रतलाम में लोकायुक्त ने पटवारी संघ के अध्यक्ष को रिश्वत लेते पकड़ा

रतलाम  जिले के ताल नगर में लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के दल ने ताल तहसील पटवारी संघ के अध्यक्ष व पटवारी आरोपित प्रभु कुमार गरवाल को एक व्यक्ति से सीमांकन का पंचनामा देने के लिए चार हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से रुपये जब्त कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।     जानकारी के अनुसार फरियादी किशनलाल आंजना निवासी ग्राम कोट कराड़िया ने पिछले दिनों उज्जैन स्थित लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा को लिखित आवेदन देकर शिकायत की थी कि हल्का नंबर 24 के पटवारी आरोपित प्रभुलाल गरवाल द्वारा जमीन के सीमांकन का पंचनामा नहीं दिया जा रहा है।     पंचनामा देने के लिए उसके द्वारा पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। एसपी लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कराकर पटवारी प्रभुलाल गरवाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े के लिए टीम गठित की गई।टीम डीएसपी राजेश पाठक के नेतृत्व में बुधवार दोपहर ताल नगर पहुंची।     फरियादी किशनलाल आंजना ने पुरानी तहसील कार्यालय परिसर में जाकर प्रभुलाल गरवाल को रिश्वत के चार हजार रुपये दिए तथा तत्काल आसपास छिपकर खड़े लोकायुक्त टीम के सदस्यों को इशारा किया।     इशारा मिलते ही टीम के सदस्य वहां पहुंचे तथा प्रभुलाल गरवाल को पकड़कर उसके पास से रिश्वत के रुपये जब्त किए।     लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक ने बताया कि पटवारी प्रभुलाल गरवाल को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।     टीम में इंस्पेक्टर हीना डाबर, आरक्षक हितेश लालवात, श्याम शर्मा, शिवकुमार शर्मा, संदीप कदम शामिल है। प्रभुलाल को ताल पुलिस थाने ले जाया गया है, जहां उसके खिलाफ कागजी कार्रवाई की जा रही है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल की अध्यक्षता में राज्य एसिस्टेडेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड की बैठक संपन्न

भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में मंत्रालय भोपाल में राज्य एसिस्टेडेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड की बैठक संपन्न हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा की। राज्य असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एवं सरोगसी बोर्ड द्वारा राज्य स्तर पर आवेदित 7 सरोगसी प्रकरणों पर समुचित विचार कर यथोचित निर्णय लिया गया। मध्यप्रदेश में एआरटी एवं सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में कुल 140 केंद्र पंजीकृत हैं। इसमें 30 एआरटी लेवल-1 क्लीनिक, 78 एआरटी लेवल-2 क्लीनिक, 22 एआरटी बैंक और 10 सरोगेसी क्लीनिक शामिल हैं। बैठक में विधानसभा सदस्य श्रीमती प्रियंका पेंची, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार, वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे।  

कृषि सखियां सिखाएंगी किसानों को जैविक खेती के गुर

कृषि सखियां सिखाएंगी किसानों को जैविक खेती के गुर कोटा में एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न बिलासपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कोटा ब्लॉक के करगीकला में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 21 कलस्टर में प्रति क्लस्टर दो कृषि सखी का चयन जिला समिति के द्वारा किया गया है, 42 चयनित कृषि सखियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। ये कृषि सखियां कोटा ब्लॉक के 2665 किसानों को जैविक खेती के विषय में जानकारी देंगी।        उप संचालक कृषि बिलासपुर पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि अब किसानों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है ताकि किसानों को रसायन मुक्त खेती अपनाने और खेती की लागत कम करने में मदद मिल सके। इस प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर की वैज्ञानिक शिल्पा कौशिक ने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती में उपयोग की जाने वाली गौ आधारित इनपुट बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, दशपर्णी स्वयं तैयार कर खेती में उपयोग करने और किसानों को जागरूक करने कृषि सखियों को जानकारी दी गई। आगामी माह में और भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के विषय में जानकारी दी जाएगी, जिससे किसान प्राकृतिक खेती करने की ओर अग्रसर होंगे।        वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड कोटा संतोष टोण्डे ने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल स्वस्थ वातावरण, उपयुक्त उत्पादकता तथा प्रदूषणमुक्त खाद्य प्राप्त होगा बल्कि इसके द्वारा संपूर्ण ग्रामीण विकास की एक नई स्वावलंबी प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशिक्षण के दौरान शाखा प्रभारी प्राकृतिक खेती विनोद साहू ने बताया कि प्राकृतिक खेती में कीट प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी एवं खरीफ फसलों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले मित्र कीटों की पहचान बताने के साथ इनके संरक्षण के उपाय बताए गए तथा प्राकृतिक खेती की आवश्यकता, प्राकृतिक खेती के लाभ, प्राकृतिक खेती के महत्व एवं प्राकृतिक खेती में पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं व्याधि नियंत्रण के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया।        ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सुजीत कंवर ने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती प्रारंभ करने के पूर्व खेत से मिट्टी नमूना लेने की तकनीक एवं मिट्टी नमूना लेकर जांच कराने के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया और किसानों को मिट्टी नमूना एकत्रित कर जांच करवाने हेतु जागरुक करने की सलाह दी। कार्यशाला में पी.डी. हथेश्वर, उप संचालक कृषि बिलासपुर, शिल्पा कौशिक,कृषि विज्ञान केन्द बिलासपुर, संतोष टोण्डे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी वि.ख. कोटा, विनोद साहू, रामनरेश सेन, शिवकुमार साहू, प्रमोद राजपूत, धरम सिंह पैकरा, अमर सिंह पैकरा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं मीना पीआरपी सहित कृषि सखी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रही।

एक ही परिवार के 4 लोगों के मिले शव, पत्नी और बच्चों को जहर देकर पति ने की आत्महत्या! जांच में जुटी पुलिस

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद में आज एक ही परिवार के 4 लोगों के एक साथ शव मिले हैं. मृतकों में पति-पत्नी और उनके 2 मासूम बच्चे भी शामिल हैं. बागबाहरा के शासकीय हाउसिंग बोर्ड कालोनी के H-2 बिल्डिंग के अपने मकान नं. 05 में रहने वाले बसंत पटेल (42 वर्ष) का शव फंदे पर लटका मिला, जबिक उसकी पत्नी भारती पटेल (38 वर्ष), बेटी सेजल पटेल (11 वर्ष) और बेटे कियांश पटेल (04 वर्ष) के शव फर्श पर पड़े मिले हैं. सूचना मिलने पर SP समेत पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, बसंत पटेल आदिम जाति कल्याण विभाग कार्यालय बागबाहरा मे प्यून ( भृत्य ) के पद पर कार्यरत था. आज जब उनकी लाश मिली तो घर अंदर से बंद था. आशंका है कि बसंत पटेल ने अपने परिवार को जहर देकर खुद फांसी लगाकर जान दे दी. फिलहाल घटना का कारण अज्ञात है. इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. फिलहाल बागबाहरा पुलिस ने मर्ग कायम कर चारों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी में है. इसके साथ ही सभी पहलुओं से मामले की जांच में जुट गई है.

फायर ऑफिसर के नेतृत्व में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया

नवा रायपुर  महानिदेशक नगर सेना अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर , जिला कलेक्टर बिलासपुर एवं पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर के निर्देशानुसार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे स्टेशन बिलासपुर में  DIG श्री एस के ठाकुर के निर्देशन में श्री दीपांकुर नाथ डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट एवं डिस्ट्रिक्ट फायर ऑफिसर के नेतृत्व में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । इस दौरान होम गार्ड,फायर एवं SDRF की टीम द्वारा अग्नि एवं अग्निदुर्घटना के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई । इस दौरान  फायर ट्राएंगल, विभिन्न क्लास ऑफ फायर यथा A क्लास, B क्लास, C क्लास, D क्लास एवं E क्लास, फायर एक्टिंग्विशिंग मीडिया के बारे में बताया गया , तथा कौन से टाइप के फायर को किस प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से बुझाया जा सकता है इस बारे में बताया गया तत्पश्चात अग्निशमन के कर्मचारी तथा SDRF के जवानों ने मॉक ड्रिल करके दिखाया गया । साथ ही आगजनी की घटना होने पर क्या करें और क्या नहीं करें इस संबंध में जानकारी दी गई । इसके अतिरिक्त स्ट्रेचर ड्रिल एवं सी पी आर की जानकारी भी दी गई । इस कार्यक्रम के दौरान स्टेशन मैनेजर श्री शिवानंद ओझा , स्टेशन अधीक्षक श्री एफ आर पटेल, RPF थाना प्रभारी श्री राजेश वर्मा, GRP प्रभारी श्री डी एन श्रीवास्तव, GRP, RPF एवं रेलवे के अधिकारी कर्मचारी  ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहे । श्री दीपांकुर नाथ जिला अग्निशमन अधिकारी बिलासपुर ने बताया कि अग्नि एक छोटी सी चिंगारी से उत्पन्न होती है और यदि इस पर प्रारंभिक स्तर पर अंकुश नहीं लगाया गया तो समय बीतने के साथ यह एक बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेती है । हमारा मॉकड्रिल का उद्देश्य है कि जनता इतनी जागरूक हो जाए कि अग्नि दुर्घटना को प्रारंभिक स्थिति पर ही नियंत्रित कर सके ।

लव जिहाद :शाहजहांपुर का आलम-बहारे मिल नाबालिग पर बना रहे थे इस्लाम अपनाने का दबाव, पुलिस पहुंची तो अंदर की कहानी जान चौंक गई

 शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में नाबालिग का धर्म परिवर्तन कराने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं, जो अपना धर्म छुपाकर हरियाणा की रहने वाली नाबालिग और उबकी मां को शादी का झांसा देकर शाहजहांपुर ले आए थे। यहां आने के बाद नाबालिग की मां को आरोपियों के असली धर्म के बारे में जानकारी हुई। उसके बाद हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस की मदद से नाबालिग को बरामद कर लिया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद उनको जेल भेजा गया है। क्या है पूरा मामला? शाहजहांपुर जिले के थाना खुटार के सरोजनीनगर निवासी बहारे आलम हरियाणा के फरीदाबाद में मेहनत मजदूरी करता था। उसके बाद उसने अपने भाई जान मोहम्मद को भी बुला लिया। बहारे आलम ने अपना नाम राकेश बताकर वहां की रहने वाली महिला को उसकी बेटी की शादी कराने का झांसा देकर शाहजहांपुर ले आया। लड़की की मां को शाहजहांपुर आने के बाद अहसास हुआ कि राकेश असल में बहारे आलम है। नाबालिग की मां ने इसके बाद शादी करने से मना किया तो आरोपी धर्म-परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस की मदद से नाबालिग और उसकी मां को बरामद कर लिया। मां की तहरीर पर केस दर्ज लड़की की मां की तहरीर पर दोनों भाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीम लगाई। मुखबिर की सूचना पर गोला रोड जुड़ी सड़क के पास आरोपी बहारे आलम और उसके भाई जान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, थाना प्रभारी खुटार रावत ने बताया दोनों भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नाम बदलकर लड़की से जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर शादी करने की प्लानिंग कर रहे थे। सूचना पर इस मामले में कार्रवाई हुई है। नहीं रुक रहे मामले जिले में आए दिन लव जिहाद के मामले सामने आते रहते हैं। हिंदूवादी संगठनों की ओर से जानकारी दिए जाने के बाद ही कार्रवाई हो पाती है। हिंदूवादी संगठन के जिला अध्यक्ष अवनीश मिश्रा ने बताया कि इस मामले को लेकर उनको सूचना मिल गई थी। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद दोनों आरोपी भाइयों पर पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि जिले में लव जिहाद को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी राजेश द्विवेदी ने इस मामले में बताया धर्म परिवर्तन का दबाव बनाकर शादी के मामले में युवक राकेश उर्फ बहारे आलम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

मनेंद्रगढ़ में एसटी,एससी एवं ओबीसी महासंघ की बैठक संपन्न

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ विगत दिवस दिनांक 11.5.2025 को   एसटी, एससी एवं ओबीसी  महासंघ जिला एमसीबी की बैठक दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक  स्कूल मनेंन्द्रगढ में आयोजित  की गई। जिसमें संगठन विस्तार  और महासंघ के उद्देश्यों  पर  गंभीर चर्चा की गयी। सर्वप्रथम सभा को संबोधित करते हुए महासंघ के संयोजक एवं वरिष्ठ  अधिवक्ता रमेशचन्द्र सिंह ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश  डालते हुए कहा कि समाज के  आर्थिक सामाजिक और शैक्षिक  दृष्टि से पिछड़े लोगों को विकास  की मुख्य धारा से जोड़ना महासंघ की विशेष प्राथमिकता  होगी।        महासंघ के प्रवक्ता रामनरेश  पटेल ने अपने उदबोधन में समाज में ब्याप्त सामाजिक  समस्याओं एवं कुरीतियों के उन्मूलन पर जोर देकर उनके  उन्मूलन की बात की। महासंघ  के जिलाध्यक्ष शरण सिंह ने एमसीबी जिला के अधीन भरतपुर, खड़गवां और मनेंन्द्रगढ  विकासखंड में त्वरित कार्यकारिणी के गठन को  सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने सभी संबंधितों को निर्देशित किया गया।         इस कड़ी में महासंघ की बैठक में ही मनेंन्द्रगढ ब्लाक का  सर्व सम्मति से गठन किया गया। जिसमें ब्लाक अध्यक्ष पद के लिए गजराज सिंह कुसरो ग्राम पाराडोल, उपाध्यक्ष पद के लिये  रामबसंत ग्राम लालपुर तथा सचिव पद के लिए छत्रपाल रवि  ग्राम पिपरिया को चयनित किया गया। शेष कार्यकारिणी के विस्तार के लिए उन्हें एक सप्ताह  का समय दिया गया।          कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व  जिला पंचायत  उपाध्यक्ष   ध्रुपद चौहान, भागवत सिंह  मरावी, कौशिल्या सिंह, ललिता  पाव, लालसाय बैगा, रामप्रसाद  नगनिहा, सुजीत  सिंह, सरोधन  सिंह, नभाग  सिंह, संतोष  सिंह, महेंद्र  सिंह, मदन  सिंह, अमर  सिंह, भूपेंद्र  सिंह, अरविंद  वैश्य  प्रीतम सिंह सहित बड़ी संख्या में  समाज जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सह  संयोजक जिला एमसीबी  परमेश्वर सिंह तथा आभार  प्रदर्शन भागवत सिंह मरावी  द्वारा किया गया।

अनुकंपा नियुक्ति के लिये मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने कार्य क्षेत्र में कार्यरत कार्मिकों की मृत्‍यु उपरांत उनके आश्रित सदस्‍य को दी जाने वाली अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में त्‍वरित कार्रवाई करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। कंपनी ने कहा है कि उक्‍त कार्य में विलंब न हों इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में कार्रवाई करने के लिये निर्देशित किया गया है। अनुकंपा नियुक्ति के लिये मानक संचालन प्रक्रिया को कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर भी देखा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कंपनी के वृत्‍त तथा क्षेत्रीय कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रमी पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है। उन्होंने संभाजी महाराज के शौर्य, नीति-कौशल और मातृभूमि के प्रति उनके अटूट समर्पण का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें राष्ट्र का वीर सपूत बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि शौर्य और नीति कौशल से छत्रपति संभाजी महाराज ने हर विषम परिस्थिति और कठिन चुनौती पर विजय प्राप्त की। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं से मातृभूमि की रक्षा करते हुए पराक्रम का नया अध्याय रचा। देश के लिए उनका बलिदान और समर्पण सदैव अविस्मरणीय रहेगा। 14 मई 1657 को जन्मे छत्रपति संभाजी महाराज ने केवल युद्ध कौशल में ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता, धर्मनिष्ठा और स्वराज की रक्षा के लिए अपने बलिदान से इतिहास में अमिट स्थान बनाया है।  

जवान ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, घटना से कैंप में हड़कंप

सुकमा सुकमा जिले में गोपनीय सैनिक के तौर पर पदस्थ जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. घटना से कैंप में हड़कंप मच गया. सैनिक सोढ़ी सोमडा को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, बुधवार को सुबह करीब 9:30 बजे कैंप में गोपनीय सैनिक ने रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. गोली चलने की आवाज सुनकर अन्य जवान साथ भी मौके पर पहुंचे. तत्काल गोपनीय सैनिक को जिला अस्तपाल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया है. पुलिस ने घटना की पुष्टि की है. मर्ग कायम कर पुलिस आत्महत्या के कारणों लगाने और आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

युनूस सरकार ने भारत सरकार से अपील की, भविष्य में अवैध घुसपैठियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही डिपोर्ट किया जाए

ढाका भारत की ओर से अवैध रूप से घुसपैठ कर चुके करीब 300 बांग्लादेशी नागरिकों को सुंदरबन के रास्ते नाव में बैठाकर वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है। यह कार्रवाई बीते कुछ दिनों में भारतीय खुफिया एजेंसियों के अलर्ट और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर बांग्लादेश सरकार द्वारा की गई। बांग्लादेश की युनूस  सरकार ने भारत सरकार से अपील की है कि भविष्य में अवैध घुसपैठियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही डिपोर्ट किया जाए। युनूस  सरकार ने भारत सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि “कृपया डिपोर्ट करने से पहले दोनों देशों के बीच तय प्रक्रिया का पालन करें।” ढाका में गृह सलाहकार क्वेलेट्टे जुरल जहरगीर आलम चौधरी की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में यह तय हुआ कि बांग्लादेश की एजेंसियां उन नागरिकों को फिर से पहचानेंगी, जो अवैध रूप से भारत में घुस आए थे। इसके लिए 200 से ज्यादा घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है। हरियाणा के  हिसार में मंगलवार को 39 बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गए हैं। ये सभी अलग-अलग गांवों और इलाकों में रह रहे थे। छानबीन के दौरान इनके पास वैध दस्तावेज नहीं मिले।भारत की सीमाओं पर सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और पहचान के डर से कई बांग्लादेशी नागरिक देर रात लुंगी पहनकर नाव के जरिये बांग्लादेश में वापस लौटने लगे। सुंदरबन के रास्ते तीन दिनों में 300 से अधिक लोगों को जबरन नाव में बैठाकर वापस भेजा गया। परिवार के कुछ सदस्यों ने बताया कि उन्हें खुद पता नहीं चला कि उन्हें अचानक क्यों वापस भेजा जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि वे कई सालों से भारत में रह रहे थे। बांग्लादेश के सेनाध्यक्ष और युनूस  सरकार के बीच इस डिपोर्ट को लेकर असहमति सामने आई है। सेना ने 300 लोगों के जबरन डिपोर्ट पर नाराजगी जताई है और कहा है कि इससे दोनों देशों के संबंधों में खटास आ सकती है।विपक्षी  बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ( BNP)  ने आरोप लगाया कि यह सरकार का तानाशाही कदम है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने मांग की है कि भारत से आने वाले सभी डिपोर्ट को वैध प्रक्रिया से ही निपटाया जाए।  

चौथी बार मिली सवाई मानसिंह स्टेडियम को बम से उड़ने की धमकी, उच्चस्तरीय जांच शुरू, बढ़ाई सुरक्षा

जयपुर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी तीन मुकाबलों की मेजबानी करने जा रहे जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को लगातार मिल रही बम धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों और आयोजकों की नींद उड़ा दी है। सात दिन में चौथी बार स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। ताजा धमकी बुधवार को राजस्थान खेल परिषद की आधिकारिक ईमेल आईडी पर मिली, जिसमें ‘ऑपरेशन प्रभाकर दिविज’ और HMX बम का जिक्र करते हुए कहा गया कि भारत में पाकिस्तान के स्लीपर सेल सक्रिय हैं और ऑपरेशन सिंदूर के तहत अस्पतालों को भी उड़ाने की चेतावनी दी गई है। इससे पहले मंगलवार को भी इसी ईमेल पर एक धमकी भरा संदेश आया था, जिसमें स्टेडियम को उड़ाने के साथ-साथ एक 2003 के बलात्कार मामले में न्याय दिलाने की मांग की गई थी। मेल में आरोपी और उसके परिवार की जानकारी साझा करते हुए एक करोड़ रुपये की दहेज प्रताड़ना और लोन जैसी जानकारियां भी भेजी गई थीं। राजस्थान खेल परिषद के सचिव राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि यह चौथी बार है जब सवाई मानसिंह स्टेडियम को उड़ाने की धमकी मिली है। हमने पुलिस को सूचना दे दी है और साइबर एक्सपर्ट्स इस मामले की जांच में जुट गए हैं। स्टेडियम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और 24 घंटे निगरानी की जा रही है। ध्यान देने वाली बात है कि इससे पहले 9 मई को जयपुर मेट्रो स्टेशन और ट्रेनों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। 20 फरवरी को SMS मेडिकल कॉलेज और 4 अक्टूबर को जयपुर एयरपोर्ट समेत देशभर के 100 से ज्यादा एयरपोर्ट को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि अब तक किसी भी मामले में कोई विस्फोटक नहीं मिला है। प्रशासन इन धमकियों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर रहा है ताकि IPL मैचों के आयोजन में किसी प्रकार की बाधा न आए और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।  

मुख्यमंत्री ने वर्चुअली सहभागिता कर वर-वधुओं को दिया आशीर्वाद

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हमेशा साथ है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में गोटेगांव में हुआ 218 जोड़ों का सामूहिक विवाह मुख्यमंत्री ने वर्चुअली सहभागिता कर वर-वधुओं को दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विवाह हमारी संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यह हमारे समाज और परिवार का आधार है। सामूहिक विवाह सम्मेलन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल और सहयोग के प्रतीक हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के साथ हमारी सरकार दोस्त बनकर हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नरसिंहपुर जिले के नई कृषि उपज मंडी प्रांगण, गोटेगांव में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आय़ोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर्चुअली सहभागिता कर संबोधित कर रहे थे। सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 218 जोड़े (216 कन्याओं का विवाह और 02 बेटियों का निकाह) परिणय सूत्र में बंधे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार माताओं, बहनों और बेटियों के हितों की रक्षा के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि बहन, बेटियों के लिए हमने अपने सालाना बजट में 27 हजार 147 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रदेश में ग्रामसभा से लेकर विधानसभा तक महिलाओं की प्रभावी उपस्थिति है। शासकीय नौकरियों में हमने महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान किया है। प्रदेश में 40 प्रतिशत से अधिक स्टार्ट-अप्स का संचालन महिलाएं कर रही हैं। बीते वर्षों में 5 लाख स्व-सहायता समूहों के माध्यम से करीब 62 लाख ग्रामीण बहनें आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। यह हमारे लिये गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नवविवाहित जोड़ों को दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं व आशीर्वाद देते हुए कहा कि 16 संस्कारों में सबसे सुंदर संस्कार पाणिग्रहण संस्कार है। विवाह 2 परिवारों का और 2 संस्कारों का भी मिलन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य न केवल बेटियों को सम्मानपूर्वक विदा करना है, बल्कि उनके जीवन की नई शुरुआत को आर्थिक संबल सशक्त आधार देना भी है। उन्होंने वर-वधूओं से अपील की कि वे सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को आत्मनिर्भर और सुखमय बनाएं। सम्मेलन को गोटेगांव विधायक महेन्द्र सिंह नागेश ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल, पूर्व विधायक हाकम सिंह चढ़ार, समाजसेवी रामस्नेही पाठक, महंत पीतम पुरी, दादूराम पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिगण, वर-वधू एवं बड़ी संख्या में उनके परिजन एवं नागरिकगण उपस्थित थे। 26 मई को नरसिंहपुर में लगेगा विशाल कृषि मेला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमूह को जानकारी दी कि आगामी 26, 27 एवं 28 मई को जिला मुख्यालय में नरसिंहपुर में विशाल कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। 26 मई को वे स्वयं नरसिंहपुर जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कृषि मेले में कृषि आधारित उद्योगों के बारे में जानकारी के अलावा दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, शाक-सब्जी उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, उद्यानिकी, बागवानी, उन्नति किस्म के बीज, खाद, उर्वरक की जानकारी सहित उन्नत कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने नरसिंहपुर जिले के सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे इस त्रि-दिवसीय विशाल कृषि मेले में आकर कृषि की नई तकनीकों और इस क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी लें और इन्हें अपनाकर अपनी फसल का उत्पादन बढ़ाएं। 

भारत की सख्ती के बाद पाकिस्तान ने BSF के अगवा जवान को छोड़ा, DGMO लेवल की बातचीत के बाद रिहाई; 20 दिन बाद अटारी-वाघा बॉर्डर से लौटे

अटारी पाकिस्तान ने भारत के बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को वापस लौटा दिया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा है. वे पिछले करीब बीस दिनों से पाकिस्तान के कब्जे में थे. कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार सुबह 10:30 बजे वतन वापस लौटे हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है. कैसे पाकिस्तान पहुंच गए थे पूर्णम कुमार? पूर्णम कुमार, गलती से इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करके पाकिस्तान पहुंच गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. वे पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे. भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. पाकिस्तान ने भी जवाबी हमले किए, जिससे तनाव बढ़ गया. ऐसे में पूर्णम के परिवार की चिंता और भी बढ़ गई. पत्नी ने जताई थी उम्मीद पूर्णम कुमार की पत्नी राजनी ने उम्मीद जताई थी कि डीजीएमओ की बातचीत में पूर्णम कुमार के मुद्दे को उठाया जाएगा. उन्होंने कहा था, ‘जब भारतीय सेना ने 3 मई को एक पाकिस्तानी रेंजर को राजस्थान में हिरासत में लिया, तब लगा था कि शायद मेरे पति को भी छोड़ा जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब DGMO वार्ता से नई उम्मीद जगी है.’ राजनी ने यह भी कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को उन्हें फोन किया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने उनके ससुरालवालों की चिकित्सा सहायता की भी बात कही. बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ की पत्नी रजनी अपने पति के पाकिस्तान के हिरासत में लिए जाने की कहानी सुना ही रही थी तब ही इसी बीच उन्हें एक कॉल आती है. रजनी हमारा कॉल ऑन रखते हुए दूसरा कॉल पिक करती हैं, दूसरी तरफ से कुछ आवाज आती है और रजनी ऊंची आवाज में कहती हैं क्या बात कर रहे हैं, सच में? तब ही क्विंट के रिपोर्टर ने पूछा क्या हुआ, सब ठीक है? तब रजनी ये बोलते हुए कॉल कट कर देती हैं कि भैया मैं थोड़े देर में कॉल करती हूं. रजनी के कॉल कट करते ही हमने तुरंत इंटरनेट पर बीएसएफ जवान पूर्णम से जुड़ी जानकारी देखने की कोशिश की. लेकिन हमें पूर्णम के पाकिस्तान में गलती से घुस जाने और परिवार से जुड़ी पुरानी खबरों के अलावा कुछ नया नहीं मिला. दरअसल, 23 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ के एक जवान पूर्णम कुमार शॉ को हिरासत में ले लिया था. साव गलती से पाकिस्तान बॉर्डर में घुस गए थे. करीब 21 दिन बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूरनम कुमार शॉ को मंगलवार लगभग साढ़े 10 बजे पाकिस्तान ने भारत को सौंप दिया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा है. मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं शॉ जवान शॉ मूल रूप से पश्चिम बंगाल में हुगली के रिसड़ा गांव के रहने वाले हैं। वह 23 अप्रैल को फिरोजपुर में किसानों के साथ भारत-पाक बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान वह गलती से एक पेड़ के नीचे बैठने के लिए पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गए। जहां पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया और अपने साथ ले गए। क्या है पूरी कहानी? हिमाचल के कांगड़ा में बीएसएफ के 34 बटालियन में तैनात पूर्णम कुमार की ड्यूटी 16 अप्रैल 2025 को पंजाब के पठानकोट के पास फिरोजपुर में पोस्टिंग हुई थी. 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली. इसी बीच कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार शॉ 23 अप्रैल 2025 को दोपहर 11:50 बजे, फिरोजपुर सेक्टर के क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान गलती से पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए, जिसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पर्यटकों और नागरिकों पर हमला किया, जिसे 26/11 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना गया. इस हमले ने भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को और मजबूत किया. जवाब में, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने समन्वित रूप से पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों को नष्ट किया. इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा. पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के बाद 7-8 मई की रात को भारत के 15 सैन्य ठिकानों जैसे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना के एकीकृत प्रयासों ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया. भारतीय नौसेना ने अपनी वाहक युद्ध समूह (Carrier Battle Group) और उन्नत वायु रक्षा तंत्र का उपयोग कर पाकिस्तानी वायु तत्वों को समुद्री क्षेत्र में निष्क्रिय कर दिया. गर्भवती पत्नी भी फिरोजपुर पहुंची थी 28 अप्रैल को BSF जवान की गर्भवती पत्नी रजनी पश्चिम बंगाल से फिरोजपुर पहुंची थी। यहां उन्होंने BSF के सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की। वह 2 दिन फिरोजपुर में रुकी भी रहीं। हालांकि, उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें वापस भेजा गया। क्या है जीरो लाइन और उसका प्रोटोकॉल…     जीरो लाइन बेहद संवेदनशील हिस्सा: जीरो लाइन अंतरराष्ट्रीय सीमा का वह संवेदनशील हिस्सा होता है जहां दो देशों की सीमाएं बेहद पास होती हैं। भारत-पाकिस्तान की जीरो लाइन पर सीमित समय और परिस्थितियों में किसानों को खेती करने की अनुमति दी जाती है। साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए भारत की तरफ से BSF के जवान तैनात किए जाते हैं। इन जवानों को ‘किसान गार्ड’ भी कहा जाता है।     क्या कहता है प्रोटोकॉल: आमतौर पर ऐसी घटनाओं में 24 घंटे के भीतर जवानों को लौटा दिया जाता है। हालांकि, मौजूदा मामले में ऐसा नहीं किया गया। इस मामले में एक अधिकारी ने बताया कि पहले दोनों देशों के बीच अगर कोई जवान बॉर्डर पार कर लेता था तो फ्लैग मीटिंग के बाद उसे लौटा दिया जाता था। यह सामान्य बात थी, लेकिन पहलगाम में आतंकी हमले के बाद बदले हालात में यह घटना असामान्य हो गई है। पहले भी गलती से जवान … Read more

फिर ‘आप’ ने सेना के शौर्य का ‘सबूत’ मांगना शुरू कर दिया, आतिशी की ओर से पूछे गए एक सवाल पर अब भाजपा हमलावर

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान में सीजफायर के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के तमाम बड़े नेता सरकार के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना की ओर से पूछे गए एक सवाल पर अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमलावर हो गई है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सर्जिकल स्ट्राइक की तरह एक बार फिर ‘आप’ ने सेना के शौर्य का ‘सबूत’ मांगना शुरू कर दिया है। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मार्लेना पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि मोदी विरोध और भाजपा विरोध के नाम पर सबूत गैंग फिर काम पर। उन्होंने कहा, ‘आम आदमी पार्टी जो सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांग चुकी है। पाकिस्तान के अखबारों में फ्रंट पेज पर छप चुकी है। बालाकोट स्ट्राइक के बाद सेना के शौर्य पर सवाल किए। अब ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की जयजयकार की बजाय सबूत मांग रही है कि पाकिस्तान ने हाथ कहां जोड़े, पाकिस्तान ने तो दुनिया के सामने नहीं माना कि हाथ जोड़े, तो कैसे मान लें। मतलब कि सेना के बयान पर, डीजीएमओ के बयान पर, सेना ने जो प्रमाण दिए उस पर सवाल खड़े कर दिए।’ पूनावाला ने कहा कि आम आदमी पार्टी पाकिस्तान के नैरेटिव को दोहरा रही है और कह रही है कि पाकिस्तान ने हाथ नहीं जोड़े। पाकिस्तान ने तो 71 के बाद भी नहीं माना, पाकिस्तान ने तो 1999 के कारगिल के बाद भी नहीं माना कि उन्हें शिकस्त खाई। तो क्या पाकिस्तान के वर्जन पर हम भरोसा करें, भारत की सेना पर नहीं? ये वही लोग हैं जिन्होंने पहलगाम के बाद पहले पाकिस्तान को क्लीनचिट दे रहे थे, इंडि गठबंधन के नेता, फिर गिड़गि़ड़ा रहे थे कि पाकिस्तान पर कार्रवाई ना हो। अब जब कार्रवाई हुई है तो सेना के मनोबल पर चोट करने के लिए कभी अजय राय माखौल उड़ाते हैं, कभी इमरान मसूद सबूत मांगते हैं। अब आतिशी मार्लेना, जिनके माता-पिता ने अफजल गुरु का समर्थन किया था, सबूत मांग रही हैं, यह दिखाता है कि टू एंड हाफ फ्रंट वॉर में ये हाफ फ्रंट हैं। दो शरीर एक जान, आम आदमी पार्टी और पाकिस्तान।’ आतिशी ने क्या कहा ऐसा? दिल्ली की पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी मार्लेना ने मंगलवार को सीजफायर पर सवाल उठाते हुए कई सवाल सरकार पर दागे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा, ‘कल प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के साथ एकतरफा संवाद किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने उनके सामने हाथ जोड़े और उन्हें दया आ गई। इसलिए उन्होंने सीजफायर के लिए हां कह दिया। मोदी जी ने यह बात कह तो दी लेकिन इस पर बहुत सारे सवाल उठते हैं। पहला सवाल- अगर पाकिस्तान ने हाथ जोड़े और भारत ने पाकिस्तान पर दया खाकर सीजफायर किया तो इसकी घोषणा भारत ने खुद क्यों नहीं की, क्यों इसकी घोषणा ट्रंप ने की। दूसरा सवाल- अगर पाकिस्तान ने भारत के सामने हाथ जोड़े तो सामने आकर समझौता क्यों नहीं हुआ। क्यों पाकिस्तान दुनिया के सामने आकर नहीं बोलता, कागज पर साइन नहीं करता, मीडिया के सामने आकर नहीं बोलता कि हमने भारत से हार मानी और हाथ जोड़े। आज पूरा देश जानना चाहता है कि यदि पाकिस्तान ने हाथ जोड़े थे तो वो दुनिया के सामने क्यों नहीं कह पाते। अगर पाकिस्तान ने भारत के सामने हाथ जोड़े तो क्या उसने कम से कम पहलगाम में हमला करने वाले आतंकवादियों को भारत को सौंपा? इसका भी कोई प्रमाण नहीं है।’ पीएम मोदी ने क्या कहा था? पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर और इसके बाद पाकिस्तान की बौखलाहट पर भारत की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई को लेकर देश को संबोधित करते हुए बताया था कि किस तरह पाकिस्तान ने भारतीय सेना के डीजीएमओ के सामने सीजफायर के लिए गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा, ‘भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा। पाकिस्तान दुनियाभर में तनाव कम करने के लिए गुहार लगा रहा था। बुरी तरह पिटने के बाद इसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ को संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे। आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। पाकिस्तान के सीने में आतंकी अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था। इसलिए पाकिस्तान की तरफ से जब गुहार लगाई गई पाकिस्तान की तरफ से जब यह कहा गया कि वह आगे कोई आतंकी गवितिधि और सैन्य दुस्साहस नहीं करेगा तो भारत ने भी उस पर विचार किया।’

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