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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई : मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

शादी प्रेम और अपनत्व का बंधन है, इसे समर्पण के साथ निभाएं : खाद्य मंत्री राजपूत परिणय सूत्र में बंधे 750 नवयुगल, पुष्प वर्षा कर सपत्नीक मंत्री राजपूत ने दी बधाई और शुभकामनाएं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई : मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सुरखी शादी प्रेम और अपनत्व का बंधन है। इसे समर्पण के साथ निभाएं ताकि जीवन में कभी कोई परेशानी न आये। एक-दूसरे का साथ हर परेशानी में दें जिससे आपका जीवन सुख और समृद्धि से भरा रहे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई है। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ में 750 से अधिक मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह कार्यक्रम के दौरान कही। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह योजना के माध्यम से बेटियों की शादी में अब सीधे 49000 की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जाने लगी है। मंत्री राजपूत ने कहा कि सभी नव दंपति आज दी जाने वाली राशि से अपनी गृहस्ती का सामान खरीदना या घूमने जाना किंतु अपना जीवन पूरे प्रेम के साथ जीना। मंत्री राजपूत ने कहा कि आज हमारा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सेना के कारण प्रभावशाली बन गया है। पाकिस्तान ने भारत पर आंख उठाने की गुस्ताखी की जिस पर हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सेना ने करारा जवाब देकर उनको अच्छा सबक सिखाया है। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के माध्यम से हमारी गरीब मध्यम वर्ग की बेटियों की शादी की जा रही है जिसमें मंत्री,नेता अधिकारी एवं हजारों की संख्या में बाराती उपस्थित है। राजपूत ने उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बड़ा शुभ दिन है जब एक ही पंडाल में हिंदुओं की बेटियों की शादियां हो रही है वहीं मुस्लिम बेटियों का निकाह भी हो रहा है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं मंत्री गोविंद राजपूत की पत्नी श्रीमती सविता राजपूत ने कहा कि सभी दूल्हे राजा हमारी बेटियों को कोई कष्ट ना देना उनका कष्ट हमारा कष्ट है आप उनका पूरा ध्यान रखना और प्रेम से अपना जीवन जीना। श्रीमति सविता सिंह राजपूत ने अवसर पर बुंदेली गीत बन्नो तेरी अखियां सुरमेदानी की प्रस्तुति दी तो बेटियों के परिजनों की आंखें नम हो गई। कार्यक्रम में बुंदेली गायिका कविता शर्मा की बुंदेली मांगलिक गीतों से पूरा समारोह विवाह की मस्ती में सराबोर हो गया। पुष्प वर्षा कर नव दांपत्य जोड़े को दी शुभकामनाएं राहतगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह राजपूत सहित मंच पर आसीन सभी अतिथियों ने सभी जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर नव दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी। श्रीमति सविता सिंह राजपूत ने सभी बेटियों को अपनी तरफ से उपहार स्वरूप साड़ियां भेंट की तथा चैक वितरित किये गये। आयोजन में बुंदेली व्यंजन परोसे जा रहे थे, वहीं गर्मी से बचने के लिए ठंडी छाछ एवं पना कुल्फी का आनंद भी लिया जा रहा था।  

जस्टिस बीआर गवई आज ली 52वें सीजेआई के रूप में शपथ, दे चुके हैं ये बड़े फैसले

नई दिल्ली जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने आज सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ले ली है. वह सुप्रीम कोर्ट के 52वें सीजेआई बन गए हैं. देश के इस अहम पद पर बैठने से पहले उन्होंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया. CJI पद की शपथ लेते ही सबसे पहले उन्होंने अपनी मां कमलताई गवई के पैर छुए. जस्टिस गवई भारत के पहले बौद्ध सीजेआई हैं. आजादी के बाद वह देश में दलित समुदाय से दूसरे सीजेआई हैं.  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर उनका कार्यकाल छह महीने का होगा.   जस्टिस वीआर गवई के अहम फैसले जानें न्यायधीश रहते जस्टिस वीआर गवई ने कई अहम फैसले दिए, जिनकी खूब चर्चा हुई. उनके मुख्य फैसलों में बुलडोजर जस्टिस, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को बरकरार रखना, डिमोनेटाइजेशन को बरकरार रखना, अनुसूचित जाति कोटे में उप-वर्गीकरण को बरकरार रखना, शराब नीति में के कविता को जमानत देना, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की दो बार आलोचना करना शामिल हैं. देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस गवई परंपरा के अनुसार, वर्तमान सीजेआई अपने उत्तराधिकारी के रूप में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की सिफारिश करते हैं। जस्टिस गवई वरिष्ठता के क्रम में सबसे आगे थे, जिसके चलते उनके नाम की सिफारिश की गई। कानून मंत्रालय ने सीजेआई जस्टिस खन्ना से उनके उत्तराधिकारी का नाम देने की आधिकारिक अपील की थी। ऐसा रहा करियर 16 मार्च, 1985 को वकालत शुरू करने वाले न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के स्थायी वकील के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने अगस्त 1992 से जुलाई 1993 तक बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक के रूप में सेवा दी। 17 जनवरी, 2000 को उन्हें नागपुर खंडपीठ के लिए सरकारी वकील और लोक अभियोजक नियुक्त किया गया। 14 नवंबर, 2003 को वे बॉम्बे हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 12 नवंबर, 2005 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। 24 मई, 2019 को उन्हें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया। न्यायमूर्ति गवई सर्वोच्च न्यायालय में कई ऐसी संविधान पीठों में शामिल रहे, जिनके फैसलों का महत्वपूर्ण प्रभाव रहा। दिसंबर 2023 में, उन्होंने पांच जजों की संविधान पीठ में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को सर्वसम्मति से बरकरार रखा। पिता रहे हैं बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल जस्टिस गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। जस्टिस गवई के पिता दिवंगत आरएस गवई भी एक मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता और बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल रहे। जस्टिस गवई देश के दूसरे अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले मुख्य न्यायाधीश होंगे। उनसे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन साल 2010 में यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। कई मामलों पर जस्टिस बीआर गवई ने सुनाए ऐतिहासिक फैसले राजीव गांधी हत्याकांड (2022) जस्टिस गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने 30 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद दोषियों की रिहाई को मंजूरी दी, यह मानते हुए कि तमिलनाडु सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। वणियार आरक्षण (2022) तमिलनाडु सरकार को वणियार समुदाय को विशेष आरक्षण देने के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया, क्योंकि यह अन्य पिछड़ा वर्गों के साथ भेदभावपूर्ण था। नोटबंदी (2023) जस्टिस गवई ने 2016 की नोटबंदी योजना को 4:1 बहुमत से वैध ठहराते हुए कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच परामर्श के बाद लिया गया था और यह “अनुपातिकता की कसौटी” पर खरा उतरता है। ईडी निदेशक का कार्यकाल (2023) जुलाई 2023 में जस्टिस गवई की बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल विस्तार को अवैध करार दिया और उन्हें 31 जुलाई 2023 तक पद छोड़ने का निर्देश दिया था। बुलडोजर कार्रवाई (2024) 2024 में, जस्टिस गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि केवल आरोपी या दोषी होने के आधार पर किसी की संपत्ति को ध्वस्त करना असंवैधानिक है। कार्रवाई बिना कानूनी प्रक्रिया के नहीं कर सकते, अगर होती है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा।   अन्य फैसले     मोदी सरनेम केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत दी थी। उन्हें इस केस में दो साल की सजा के बाद लोकसभा से अयोग्य करार दिया गया था।     सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता शीतलवाड़ को जमानत दी।     दिल्ली शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जमानत दी।     दिल्ली शराब घोटाले में बीआरएस नेता के कविता को भी जमानत दी। 1985 में की वकालत की शुरुआत नए CJI गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था. उन्होंने 16 मार्च 1985 को वकालत शुरू की. शुरुआती सालों में उन्होंने बार. राजा एस. भोसले (पूर्व महाधिवक्ता एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश) के साथ 1987 तक कार्य किया. इसके बाद 1987 से 1990 तक उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस की. जस्टिस गवई ने 1990 के बाद मुख्य रूप से बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेचं में प्रैक्टिस की, जिसमें संवैधानिक और प्रशासनिक कानून विशेष क्षेत्र रहे. वह नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के लिए स्थायी वकील रहे. इसके अलावा, उन्होंने सीकोम, डीसीवीएल जैसी विभिन्न स्वायत्त संस्थाओं और निगमों, विदर्भ क्षेत्र की कई नगर परिषदों के लिए नियमित रूप से पैरवी की.  

इंदौर से बंद जोधपुर, चंदीगढ़ और जम्मू की उड़ाने कल से होंगी शुरू, उड़यन मंत्रालय ने की एडवाइजरी जारी

इंदौर भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू होने के बाद पाकिस्तानी सीमा से लगे राज्यों के एयरपोर्ट से यात्री विमानों का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। नागरिक उड़यन मंत्रालय ने 32 एयरपोर्ट को दोबारा चालू करने की एडवाइजरी जारी की है, लेकिन इंदौर से बंद जोधपुर, चंदीगढ़ और जम्मू की उड़ाने 15 मई से ही शुरू हो पाएगी। इंडिगो कंपनी द्वारा उड़ानों की बहाली के पहले स्लाट में इंदौर से बंद उड़ानों को शुरू नहीं किया है। संभवत: विमान कंपनियाें द्वारा उडा़नों को धीरे-धीरे दोबारा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे है।     भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के चलते देश के उत्तर और पश्चिमी हिस्से के 32 एयरपोर्ट को 9 से 15 मई तक बंद कर दिया गया था।     इससे इंदौर से संचालित जोधपुर, चंडीगढ़ और जम्मू की उड़ान को बंद कर दिया गया था।     अब सीजफायर लागू होने के बाद इन सभी एयरपोर्ट को दोबारा शुरू कर दिया गया है।     इसके बावजूद इंदौर से संचालित होने वाली तीनों उड़ानें मंगलवार से शुरू नहीं होगी।     यात्रियों को इन शहरों की हवाई यात्रा के लिए 15 मई तक इंतजार करना होगा।     गौरतलब है कि पाकिस्तान के सीमावर्ती राज्यों के एयरपोर्ट से यात्री विमानों का संचालन पहले 10 मई तक बंद किया गया था।     बाद में इसको बढ़ाकर 15 मई कर दिया गया। इसके कारण इंदौर से संचालित तीन शहरों की उड़ानें कल से शुरू नहीं होगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉस्पिटल में पेट स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के साथ हॉस्पिटल का अवलोकन भी किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित अपोलो हॉस्पिटल का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैंसर यूनिट और पेट स्कैन मशीन का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉस्पिटल में पेट स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के साथ हॉस्पिटल का अवलोकन भी किया जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर सहित मध्य भारत के लिए स्वास्थ्य जगत के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने संस्कारधानी को मिली अपोलो हॉस्पिटल की श्रृंखला की सौगात को संपूर्ण महाकौशल के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जबलपुर पाटन बायपास स्थित नवनिर्मित अपोलो जेबीपी हॉस्पिटल के कैंसर यूनिट के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉस्पिटल में पेट स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के साथ हॉस्पिटल का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपोलो जेबीपी हॉस्पिटल के प्रबंधक बड़ेरिया परिवार की प्रशंसा की। उन्होंने ने कहा कि कोरोना काल में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा दी गई सेवाएं अविस्मरणीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस हॉस्पिटल में स्थापित राधाकृष्ण जी की प्रतिमा की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक पनागर श्री सुशील तिवारी इंदु, जबलपुर केंट के विधायक श्री अशोक रोहाणी, जबलपुर उत्तर के विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, विधायक सिहोरा श्री संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया, भाजपा के नगर अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर, भाजपा के ग्रामीण अध्यक्ष श्री राजकुमार पटेल, पूर्व महापौर श्री प्रभात साहू, पूर्व विधायक श्री नीलेश अवस्थी, डॉ. जितेंद्र जामदार, कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव, अस्पताल प्रबंधन के सौरभ बड़ेरिया, डॉ. राजीव बड़ेरिया, शोभित बड़ेरिया एवं डॉ. सुनील मिश्रा सहित अस्स्पताल के चिकित्सक, स्टॉफ व आमजन उपस्थित रहे।  

पूरा कोच या पूरी ट्रेन भी बुक करवानी है तो यह है ऑनलाइन तरीका

नई दिल्ली जरूरत बारात ले जाने की हो, तीर्थ यात्रा पर जाने की या फिर किसी खास मौके पर पूरे परिवार और दोस्तों संग सफर करने की ऐसे में एक-दो सीट नहीं बल्कि पूरा कोच या पूरी ट्रेन भी बुक करवानी पड़ती है। हालांकि बहुत कम ही लोग जानते हैं कि ट्रेन के कोच या पूरी ट्रेन को कैसे बुक करवाया जाता है। जी हां, रेलवे की एक खास सुविधा के तहत अब आप अपनी जरूरत और सहूलियत के हिसाब से ट्रेन का पूरा डिब्बा या पूरी ट्रेन रिजर्व कर सकते हैं। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं जो भीड़भाड़ से दूर, अपनों के साथ एक आरामदायक और निजी सफर का अनुभव चाहते हैं। चलिए जानते हैं कि कैसे आप घर बैठे पूरी की पूरी ट्रेन या एक कोच बुक करवा सकते हैं। कहां और कैसे करें बुकिंग ट्रेन के किसी कोच या पूरी ट्रेन को बुक कराने का काम IRCTC पर उस तरह से नहीं होता जिस तरह से आप एक नॉर्मल टिकट बुक कराते हैं। इसके लिए रेलवे ने IRCTC की वेबसाइट पर ही एक खास सेक्शन बनाया है। ट्रेन कोच या पूरी ट्रेन को बुक करने के लिए www.ftr.irctc.co.in पर जाकर आपको “Full Tariff Rate” के तहत बुकिंग करनी होगी। यह बड़ी संख्या में बुकिंग कराने के लिए IRCTC की ओर से पेश की गई सुविधा है। यहां जाकर आप पूरी ट्रेन या सिर्फ एक या कई कोच बुक कर सकते हैं। बुकिंग के लिए जरूरी डिटेल्स बुकिंग करते समय आपको कुछ जरूरी डिटेल्स तैयार रखनी चाहिए। इन डिटेल्स में आपको बताना होगा कि कहां से कहां तक की यात्रा करनी है, कितने और कौन से कोच आपको चाहिए जैसे कि स्लीपर, एसी आदि, कितने दिन के टूर के लिए आप बुकिंग करवा रहे हैं और कितने यात्रियों के लिए बुकिंग की जा रही है। इन सभी जानकारियों के आधार पर आपको एक अनुमानित किराया दिखाया जाएगा। बुकिंग कराने से पहले ही ये तमाम जानकारियां तैयार रखें ताकि आपकी बुकिंग तेजी से पूरी हो सके। बुकिंग का अमाउंट पूरी ट्रेन या कोच बुक करवाते समय आपको बताई गई अमाउंट का एडवांस में पेमेंट करना होगा। इस अमाउंट का 100% आपको एक साथ देना होगा। इसके साथ ही आपको एक सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जमा करवाना होगा। यह सिक्योरिटी डिपॉजिट आपकी यात्रा के बाद आपको लौटा दिया जाता है। कुछ ध्यान रखने वाली बातें किसी ट्रेन या कोच को बुक करवाते समय यह याद रखना जरूरी है कि बुकिंग कम से कम 30 दिन पहले की जानी चाहिए। अगर आप चाहते हैं कि तुरंत किसी ट्रेन या कोच की बुकिंग करवा पाएं, तो ऐसा नहीं हो सकता। आपको कम से कम 30 दिन का समय एडवांस में लेकर चलना होगा। कोच को कम से कम 1 दिन के लिए बुक कराना होगा। साथ ही सभी यात्रियों की लिस्ट और उनके पहचान पत्र रेलवे को देने होंगे। यह प्रक्रिया भी बुकिंग कराने के लिए बैठने से पहले ही पूरी कर लेनी चाहिए ताकि आपका काम तेजी से हो सके। इस सुविधा का इस्तेमाल कर आप भीड़ से दूर रहते हुए सुविधाजनक तरीके से अपने पूरे ग्रुप के साथ सफर कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जबलपुर में बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक सर्वअशोक रोहाणी, सुशील कुमार तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, सन्तोष वरकड़े, पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी, रत्नेश सोनकर एवं राजकुमार पटेल और डॉ. जितेन्द्र जामदार भी मौजूद थे।  

क्या आप को पता है बच्‍चों का भी बनता है पैन कार्ड, ऐसे करें ऑनलाइन अप्‍लाई

नई दिल्ली पैन कार्ड को लेकर बहुत से लोग यह सोचते हैं कि बड़े होने पर नौकरी लगने के बाद इसकी ज्‍यादा जरूरत पड़ती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि बच्‍चों का पैन कार्ड भी बनाया जाता है। उसे माइनर पैन कार्ड कहते हैं जिसे 18 साल से कम उम्र के बच्‍चों और किशोरों के लिए जारी किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इसका इस्‍तेमाल मुख्‍य तौर पर आर्थिक लेनदेन के लिए, बच्‍चों का बैंक अकाउंट खाेलने के लिए या फ‍िर उनके नाम पर कोई इन्‍वेस्‍टमेंट करने के लिए किया जाता है। बच्‍चों के पैनकार्ड में कोई फोटो नहीं होती। साइन भी नहीं किए जाते हैं। बच्‍चा जब 18 साल की उम्र पूरी कर लेता है, तो उसी पैन कार्ड को अपग्रेड किया जाता है। अगर आप अपने बच्‍चे का पैन कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो यह काम ऑनलाइन किया जा सकता है। हम इसका तरीका बता रहे हैं। बच्‍चे का पैन कार्ड ऑनलाइन कैसे बनवाएं अगर आप अपने बच्‍चे का पैन कार्ड ऑनलाइन बनवाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्‍टेप्‍स को फॉलो करें। अपने फोन या लैपटॉप में Google पर जाकर NSDL की वेबसाइट ढूंढें। सिलेक्‍ट ऐप्‍लिकेशन कैटिगरी में जाकर इंडिविजुअल का ऑप्‍शन चुनना है। इसके बाद बच्‍चे का पूरा नाम, जन्‍मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी है। कैप्‍चा कोड डालकर डिटेल सबमिट करनी होंगी। डिटेल सबमिट होने के बाद आपके पास एक टोकन नंबर आएगा। उसके बाद आपको ‘continue with PAN application form’ पर क्लिक करना है। फ‍िर आधार डिटेल्‍स को लिंक करना है। साथ ही पैरंट्स की डिटेल, आय की जानकारी देनी है और मांगे गए डॉक्‍युमेंट्स अपलोड करने हैं। आखिर में जरूरी फीस का भुगतान करना है, जिसके बाद अगले 15 दिनों में पैन कार्ड आपके अड्रेस पर डिलिवर कर दिया जाएगा। पैनकार्ड तैयार होने के बाद उसे डाउनलोड भी किया जा सकता है। यहां ध्‍यान देने वाली बात है कि पूरा प्रोसेस पैरंट्स की निगरानी में होता है, क्‍योंकि बच्‍चा पैन कार्ड के लिए अप्‍लाई नहीं कर सकता। इन कागजों की होती है जरूरत बच्‍चे का पैन कार्ड बनवाने के लिए मुख्‍य तौर पर उसका आइडेंटिटी प्रूफ, ऐज प्रूफ और अड्रेस प्रूफ चाहिए होता है। आइडेंटिटी प्रूफ में आधार कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड आदि शामिल होते हैं। आधार कार्ड सबसे कॉमन है आप उसे इस्‍तेमाल कर सकते हैं। अड्रेस प्रूफ के तौर पर भी आधार कार्ड दिया जा सकता है। चाहें तो डोमिसाइल सर्टिफ‍िकेट लगा सकते हैं। अगर बर्थ सर्टिफ‍िकेट मांगा जाए, तो वह भी दे दें। बच्‍चे का पैन कार्ड बनाने में कितना खर्च पैनकार्ड बनवाने में बहुत खर्च नहीं आता है। अगर आप ऑनलाइन अप्‍लाई करते हैं तो करीब 101 रुपये में काम हो जाएगा। बहुत से लोग नजदीकी साइबर कैफे या जनसेवा केंद्र में जाकर भी यह काम करवाते हैं, वहां भी तकरीबन 200 रुपये में काम हो जाता है। ऐप्‍लिकेशन देने के लगभग 15 दिनों के अंदर पैन कार्ड आपके दिए गए अड्रेस पर‍ डिलिवर हो जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक विश्नोई से उनके निवास पर की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में पाटन क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय विश्नोई से उनके निवास पर भेंट की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, विधायक सुशील कुमार तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, रत्नेश सोनकर एवं राजकुमार पटेल भी मौजूद थे।  

छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना, बिलासपुर सबसे गर्म

रायपुर छत्तीसगढ़ के लोगों को अगले 5 दिनों तक गर्मी से राहत मिल सकती है। प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि की आशंका जताई है। सोमवार को बिलासपुर सबसे गर्म रहा, यहां तापमान 42 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार, एक द्रोणिका बिहार से झारखंड तक 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैला हुआ है। इस मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आज एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ अंधड़ चलने और वज्रपात होने की संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान में हल्की वृद्धि का दौर जारी रहने की संभावना है। 17 जिलों में बिजली गिरने और बारिश का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 17 जिलों में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवा (30-40 किमी प्रति घंटे) का अलर्ट जारी किया है। धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर के मौसम का हाल मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी रायपुर में आज आकाश आंशिक मेघमय रहने और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जहां अधिकतम 42°C और न्यूनतम तापमान 29°C के आसपास रहने की संभावना है।

ई-पासपोर्ट भारत में हुआ लॉन्च, जानें इसकी विशेषताएं

नई दिल्ली भारत ने औपचारिक रूप से ई-पासपोर्ट लागू करना शुरू कर दिया है, जो विदेशी आगंतुकों के लिए पहचान और सुरक्षा में सुधार के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीक को पारंपरिक पासपोर्ट डिज़ाइन के साथ जोड़ता है। यह पहल भारतीय पासपोर्ट जारी करने और सत्यापित करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव दर्शाती है, और इसे 1 अप्रैल, 2024 को शुरू हुए अपडेटेड पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) संस्करण 2.0 के हिस्से के रूप में पेश किया गया था। आप इसे कहां प्राप्त कर सकते हैं नागपुर, रायपुर, भुवनेश्वर, गोवा, जम्मू, अमृतसर, शिमला, जयपुर, चेन्नई, सूरत, हैदराबाद और रांची देश के उन शहरों में शामिल हैं जहां वर्तमान में ई-पासपोर्ट पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। देश भर में इस सेवा का विस्तार करने की योजना पर काम चल रहा है। 3 मार्च, 2025 को, चेन्नई में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने तमिलनाडु में इसका शुभारंभ किया। 22 मार्च, 2025 तक अकेले राज्य में 20,729 ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके थे। ई-पासपोर्ट क्या है? एक भारतीय ई-पासपोर्ट के कवर में एक एंटीना और एक छोटा रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) चिप लगा होता है। यह चिप पासपोर्ट धारक की बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत जानकारी जमा करता है, जो बेहतर सुरक्षा और तेज़ सत्यापन सुनिश्चित करता है। ई-पासपोर्ट की पहचान करने के लिए बस सामने के कवर के नीचे छपे एक अनोखे सुनहरे रंग के प्रतीक को देखें। इस नवाचार के मूल में पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) है, जो एक जटिल एन्क्रिप्शन प्रणाली है जो चिप पर संवेदनशील डेटा की सुरक्षा करती है और सत्यापित करती है कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पासपोर्ट धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और जालसाजी के खिलाफ बेहतर बचाव शामिल है, जो सीमा पार करते समय महत्वपूर्ण है। क्या स्विच करना आवश्यक है? हमेशा नहीं। सरकार ने कहा है कि मौजूदा पासपोर्ट उनकी समाप्ति तक वैध रहेंगे। फिलहाल, इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट पर स्विच करना स्वैच्छिक है। भारत द्वारा ई-पासपोर्ट को अपनाना नागरिक सेवाओं के प्रति एक प्रगतिशील दृष्टिकोण को दर्शाता है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय यात्रा अधिक तकनीक-संचालित और सुरक्षा-केंद्रित हो जाती है। यह केवल आव्रजन लाइनों को तेज करने के बारे में नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया में पहचान की रक्षा करने के बारे में है। भारत में ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन कैसे करें नागपुर, चेन्नई, जयपुर, हैदराबाद और अन्य जैसे शहरों में, नागरिक अब ऑनलाइन ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसे विशिष्ट पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSKS) या क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों (RPOS) से प्राप्त कर सकते हैं। ई-पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए गाइड आवेदन करने के लिए पासपोर्ट सेवा ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करें। अब आपको अपनी पंजीकृत आईडी का उपयोग करके लॉग इन करना होगा। “नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करें/पासपोर्ट का पुन: जारी करना” चुनें। यदि आप उस प्रकार के पासपोर्ट के लिए आवेदन कर रहे हैं जो आपके पास पहले नहीं था, तो “नया” चुनें। पहले, या “पुन: जारी करें” यदि आपके पास पहले से ही उसी प्रकार का स्वामित्व है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लें और शुल्क का भुगतान करें। अपनी नियुक्ति के दौरान, आप या तो अपनी आवेदन रसीद प्रिंट या सेव कर सकते हैं या केवल एसएमएस पुष्टिकरण प्रस्तुत कर सकते हैं। नियत तारीख पर, मूल दस्तावेज अपने चुने हुए PSK या RPO में लाएं।  

अब फोटो खींचेने के लिए नहीं पड़ेगी कैमरे की जरूरत, चश्‍मे से खींचेंगे फोटो

नई दिल्ली स्‍मार्टग्‍लास यानी चश्‍मों की दुनिया एडवांस हो चुकी है और यह तकनीक अब भारत में भी हाजिर हो गई है। फेसबुक और इंस्‍टाग्राम जैसी कंपनियों पर मालिकाना हक रखने वाली मेटा ने भारत में रे-बैन स्‍मार्ट ग्‍लासेज को लॉन्‍च किया है। चश्‍मे में हाथ लगाए बिना यूजर्स इसे इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इससे वॉइस कमांड दे सकते हैं। म्‍यूजिक और पॉडकास्‍ट को कंट्रोल कर सकते हैं और तस्‍वीरें व वीडियोज ले सकते हैं। मेटा रे-बैन स्‍मार्टग्‍लासेज में बिल्‍ट-इन स्‍पीकर्स भी हैं, जिनकी मदद से आप चश्‍मा लगाकर म्‍यूजिक सुन सकते हैं। कॉल पर बात कर सकते हैं। Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास की कीमत Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास की कीमत 29 हजार 900 रुपये से शुरू होती है और 35 हजार 700 रुपये तक जाती है। कंपनी ने कई मॉडल उतारे हैं जिनमें शाइनी और मैट ब्‍लैक जैसे विकल्‍प शामिल हैं। रे-बैन स्‍मार्ट ग्‍लासेज को Ray-Ban.com से ऑर्डर किया जा सकता है। इनका रोलआउट 19 मई से ऑनलाइन और स्‍टोर्स पर शुरू होगा। Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास के फीचर्स मेटा रे-बैन स्‍मार्टग्‍लास सबसे पहले अमेरिका में साल 2023 में आए थे। कंपनी ने खूब टेस्‍ट किया और लोगों के बीच चर्चा की वजह बनाया। अब इन ग्‍लासेज को भारत में उतारा गया है। इस दफा एआई क्षमताओं को भी इस चश्‍मे में जोड़ा गया है, ताकि यूजर्स हाथ लगाए बिना इससे कई सारे काम करवा पाएं। रिपोर्ट के अनुसार, Meta Ray-Ban स्‍मार्टग्‍लास के साथ वॉइस कमांड के जरिए इंटरेक्‍ट किया जा सकता है। रे-बैन ग्‍लास से कनेक्‍ट होने बाद ये आपके फोन का म्‍यूजिक कंट्रोल कर सकते हैं। इन्‍हें लगाकर पॉडकास्‍ट सुना जा सकता है। कॉल पर बात की जा सकती है। फोटोज ली जा सकती है और वीडियो भी बना सकते हैं। फोटो खींचने के लिए रे-बैन स्‍मार्टग्‍लास में 12 मेगापिक्‍सल का कैमरा लगा है। इसमें क्‍वॉलकॉम का स्‍नैपड्रैगन AR1 Gen1 चिपसेट यूज हुआ है, जो किसी भी टास्‍क को तेजी से पूरा कर सकता है। यह एक स्‍लीक चार्जिंग केस के साथ आता है और कंपनी दावा कर रही है ग्‍लासेज की बैटरी 36 घंटे चल जाती है। कर पाएंगे फेसबुक लाइव इन चश्‍मों को पहनकर यूजर्स फेसबुक और इंस्‍टाग्राम पर लाइवस्‍ट्रीम कर पाएंगे। इन्‍हें IPX4 रेटिंग मिली है, जो ग्‍लासेज को पानी से होने वाले नुकसान से सुरक्ष‍ित रखती है। कंपनी का कहना है कि बहुत जल्‍द इस ग्‍लासेज की मदद से सीधे मैसेज किया जा सकेगा। फोटो भेजी जा सकेंगी। ऑडियो-वीडियो कॉल हो पाएगी। हालांकि ऑडियो-वीडियो कॉल और मैसेज भेजने का काम वॉट्सऐप और मैसेंजर के जरिए किया जाएगा।

जल्द मध्‍य प्रदेश में विधायकों को दिया जा सकता है एक और कर्मचारी

भोपाल मध्य प्रदेश के सभी विधायकों को अभी विधायी और क्षेत्र की जनता से जुड़े कामकाज के लिए एक सरकारी कर्मचारी दिया जाता है। इनके बीमार होने या अन्य कारण से अवकाश पर चले जाने के कारण कार्य प्रभावित होता है। इसे देखते हुए विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति ने विधायकों को एक-एक कर्मचारी और दिए जाने की सरकार से अनुशंसा की है। सामान्य प्रशासन विभाग समिति यह प्रस्ताव विचार करने के लिए उच्च स्तर पर भेजेगा। विधायकों को विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्न या अन्य सूचनाओं समय पर विधानसभा सचिवालय भेजनी होती है।       पूरी व्यवस्था ऑनलाइन हो चुकी है। इसी तरह, स्वेच्छानुदान और निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि से जुड़े कामों को लेकर पत्राचार करना होता है।     चूंकि, विधायक क्षेत्र के दौरे पर रहते हैं, इसलिए इस कार्य के लिए उन्हें सहायक की आवश्यकता होती है।     इसे देखते हुए सरकार ने जिला स्तर पर एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी विधायकों को देने की व्यवस्था बनाई है।     1995 में इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने परिपत्र भी जारी किया।     विधायकों ने सदस्य सुविधा समिति के समक्ष यह मांग रखी कि वर्तमान संदर्भ में काम बढ़ गया है।     केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाएं हैं, जिन्हें लेकर पत्राचार करने होते हैं।     विधायक कई समितियों के सदस्य भी होते हैं। ऐसे में एक कर्मचारी अपर्याप्त है।     वह कार्यालयीन समय के बाद चला जाता है या अवकाश पर होता है तो काम प्रभावित हो जाता है।     इसे देखते हुए एक कर्मचारी और दिया जाना चाहिए।     समिति ने मांग को व्यावहारिक मानते हुए सरकार से अनुशंसा की है कि विधायकों को एक-एक कर्मचारी और दिया जाए।     सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ ही समिति की बैठक में इस पर चर्चा भी हो चुकी है।     नीतिगत मामला होने के कारण यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री तक जाएगा और अंतिम निर्णय होगा।  

कश्मीर मुद्दा सिर्फ पाकिस्तान की स्थिति नहीं है बल्कि वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त विवाद-विदेश मंत्री डार

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक बार फिर से भारत को चेतावनी देने का दुस्साहस किया है। उन्होंने चेतावनी देने के लहजे में कहा है कि “पाकिस्तान की जल आपूर्ति को रोकने या मोड़ने की कोई भी कोशिश युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।” इशाक डार का बयान उस वक्त आया है जब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा था कि ‘खून और पानी साथ नहीं बह सकते।’ एक्सपर्ट्स ने मोदी के बयान को ‘सिंधु जल समझौता सस्पेंड’ करने के फैसले को जारी रखना माना है। इशाक डार ने सीएनएन से बात करते हुए कहा कि “कभी-कभी राष्ट्रों को बेहद कठिन विकल्प चुनने की आवश्यकता होती है, जैसा कि हमने 9 मई की रात को किया।” इशाक डार ने सीएनएन से बात करते हुए आगे कहा कि “हम चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया दोनों पक्षों के बीच सम्मान के साथ आगे बढ़े।” अमेरिकी मीडिया ऑउटलेट से बात करते हुए इशाक डार ने कहा कि “हम बातचीत के माध्यम से सभी लंबित मुद्दों को हल करना चाहते हैं, ऐसे मुद्दे जो क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता की नींव रख सकते हैं।” इसके अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने दक्षिण एशिया में शांति का एकमात्र रास्ता कश्मीर समस्या का समाधान बताया। पाकिस्तान ऐसा करके एक बार फिर से कश्मीर को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश कर रहा है और ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि कश्मीर समस्या का समाधान किए बगैर शांति नहीं हो सकती है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री की गीदड़भभकी कश्मीर को लेकर भारत ने एक बार फिर से साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से जो भी बात होगी, वो पीओके को लेकर होगी। भारत ने पाकिस्तान से पीओके को खाली करने के लिए कहते हुए पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया है। सीएनएन से बात करते हुए इशाक डार ने कश्मीर को इंटरनेशनल मुद्दा बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि, “कश्मीर मुद्दा सिर्फ पाकिस्तान की स्थिति नहीं है बल्कि वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त विवाद है।” वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की इच्छा के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए डार ने ट्रंप की पेशकश को “बहुत महत्वपूर्ण” बताया और लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को हल करने के लिए अमेरिका सहित तीसरे पक्ष के समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया। यानि पाकिस्तान अब कश्मीर पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता चाह रहा है, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर रखा है। कश्मीर पर भारत का रूख साफ है कि वो किसी भी तरह की मध्यस्थता का विरोध करता है। इशाक डार ने भारत के साथ व्यापक बातचीत के लिए पाकिस्तान की तत्परता को दोहराया, लेकिन कहा कि “यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है। आप एक हाथ से ताली नहीं बजा सकते। हम इसे अकेले हल नहीं कर सकते।” उन्होंने बिना देरी के ऐसे मुद्दों को हल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और चेतावनी दी, कि ‘फैसला होने में जितनी देरी होगी, मुश्किलें उतनी ज्यादा बढ़ेंगी।’ पाकिस्तान के नेता लगातार इंटरनेशनल मीडिया के जरिए कश्मीर मुद्दे को इंटरनेशनल मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बात की कोई संभावना नहीं है कि भारत उनके बयान पर कोई प्रतिक्रिया भी दे।

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री के दौरे का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 9 मई को सुशासन तिहार के दौरान ग्राम बल्दाकछार में की गई घोषणाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जिला प्रशासन ने तीव्रता से कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सर्वे एवं योजना निर्माण के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशन में आज जल संसाधन विभाग और क्रेड़ा (CREDA) विभाग के अभियंताओं की टीम बल्दाकछार पहुंची। टीम ने दो अहम कार्योंकृमहानदी तट पर तटबंध निर्माण और ग्राम में हाई मास्ट लाइट की स्थापना के लिए सर्वे की प्रक्रिया प्रारंभ की। बाढ़ से सुरक्षा के लिए पक्का तटबंध हर वर्ष महानदी की बाढ़ से कटाव झेल रहे बल्दाकछार गांव के लिए राहत भरी खबर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, ग्राम को कटाव से सुरक्षित रखने के लिए महानदी के दाएं तट पर पक्के तटबंध का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, लगभग डेढ़ किलोमीटर लम्बाई में 5 मीटर स्लांट हाइट के साथ सीमेंट-कांक्रीट संरचना बनाई जाएगी, जिससे कटाव को रोका जा सकेगा। इस कार्य की अनुमानित लागत 888 लाख रुपये है। गांव में रोशन होगा अंधेरा: हाई मास्ट लाइट योजना मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए क्रेड़ा विभाग ने भी ग्राम में हाई मास्ट लाइट लगाने हेतु स्थल का चयन कर लिया है। इंजीनियरों ने सरपंच व ग्रामीणों के साथ मिलकर गुड़ी चौक और कमारपारा को उपयुक्त स्थल माना है। संबंधित प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है। जनता की आवाज पर संवेदनशील निर्णय उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान बल्दाकछार में आकस्मिक निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। जनता की प्राथमिकताओं को समझते हुए उन्होंने त्वरित घोषणाएं कीं और अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए थे। अब प्रशासन द्वारा किए जा रहे तत्पर प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य रूप में परिणित हो रही हैं। बल्दाकछार में शुरू हुई ये पहल न केवल गांव की सुरक्षा और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी प्रमाण है। जनता से किये वादों को त्वरित अमल में लाकर शासन ने यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन अब केवल शब्द नहीं, एक साकार होती प्रक्रिया है।

भारत ने अमेरिका पर जवाबी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा, बादाम, सेब, अखरोट, नाशपाती और…रसायन?

नई दिल्ली भारत में विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह शुल्क एल्यूमिनियम और स्टील पर लगाए गए टैरिफ के जवाब में होगा। भारत का यह फैसला व्यापार हित की रक्षा और वैश्विक व्यापार नियमों के अंतर्गत अपनी स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाएगा भारत विश्व व्यापार संगठन को भेजे गए प्रस्ताव में भारत का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत के 7.6 अरब डॉलर के सामान का आयात प्रभावित हुआ , इसीलिए भारत भी अमेरिका से आने वाले कुछ चीज जरूरी सामानों पर इतना ही टैरिफ लगाने की मांग कर रहा है। अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने के ये हैं कारण साल 2018 में अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए भारतीय स्टील पर 25% और एल्यूमीनियम पर 10% का टैरिफ लगाया था। इसके बाद इस टैरिफ की दर को साल 2020 में बढ़ाया गया। 12 मार्च 2025 को यह टैरिफ 25% संशोधित कर दिया गया। विश्व व्यापार संगठन को दिए गए प्रस्ताव में भारत ने यह दावा किया है कि अमेरिका ने डब्ल्यूटीओ के सामान्य व्यापार और टैरिफ समझौते (GATT) 1994 और सुरक्षा उपाय पर समझौते का उल्लंघन किया है। अमेरिकी टैरिफ़ के कारण भारत को 7.6 अरब डॉलर के स्टील और एल्यूमीनियम निर्यात प्रभावित हुए हैं। लेकिन अमेरिका को इस ड्यूटी से 1.91 अरब डॉलर प्राप्त हुए हैं। भारत में यह भी कहा कि उन्होंने अप्रैल 2025 में अमेरिका से विश्व व्यापार संगठन के अंतर्गत परामर्श मांगा था, लेकिन अमेरिका ने इन टैरिफ को राष्ट्रीय सुरक्षा का उपाय बताकर परामर्श से इनकार कर दिया था। भारत कर रहा जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी भारत सरकार के द्वारा 9 मई 2025 को वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाईजेशन के काउंसिल फॉर ट्रेड इन गुड्स को यह सूचना दी गई है कि वह अमेरिकी उत्पादों पर 1.91 अरब डॉलर के बराबर का टैरिफ लगाएगा। इसके लिए भारत ने 29 अमेरिकी उत्पादों का चयन किया है। जिनमें सेब, बादाम, अखरोट, नाशपाती, रसायन आदि शामिल हैं। हालांकि भारत ऐसा प्रस्ताव 2019 में भी ला चुका है। ये उत्पाद भारत के लिए आयात में महत्वपूर्ण हैं, जैसे अमेरिकी बादाम (543 मिलियन डॉलर) और सेब (156 मिलियन डॉलर)। कितना जवाबी शुल्क लगाएगी भारत सरकार भारत सरकार के द्वारा रखे गए प्रस्ताव के अनुसार टैरिफ की दरें उत्पादों के आधार पर 5% से 100% के बीच हो सकती है। इसके साथ भारत का यह भी कहना है कि उसके द्वारा उठाए जा रहे हैं यह कदम विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप है। भारत जवाबी टैरिफ इसलिए लगाना चाहता है ताकि अमेरिकी टैरिफ के व्यापारिक प्रभाव को संतुलित किया जा सके। भारतीय स्टील एसोसिएशन ने किया स्वागत भारत सरकार के इस फैसले का भारतीय स्टील एसोसिएशन ने स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ ने भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचाया है। यदि भारत सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया आदि को राहत मिल सकती है। अमेरिकी उत्पादों पर असर भारत द्वारा यह जवाबी टैरिफ लगाया जाता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद जैसे सेब, बादाम और रसायन उद्योग ज्यादा प्रभावित होंगे क्योंकि भारत इनका बड़ा आयातक देश है। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका द्वारा भी जवाबी उपाय किए जा सकते हैं जिससे द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ता और जटिल हो सकती है।

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