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NEET UG के रिजल्ट पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लगाई रोक, NTA को दिए ये निर्देश

इंदौर NEET-UG 2025 परीक्षा के दिन मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के करीब 11 परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल हो गई थी। इस समस्या ने न सिर्फ परीक्षार्थियों को प्रभावित किया, बल्कि परीक्षा केंद्रों की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर दिया। नीट अभ्यर्थियों को अंधेरे में परीक्षा देना पड़ा। ऐसे में कई कैंडिडेट्स को दिक्कत हुई। इस मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगले आदेश तक रिजल्ट न घोषित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अगले आदेश तक लगाई रिजल्ट पर रोक     गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें परीक्षा के दौरान अव्यवस्था और उम्मीदवारों के साथ अन्याय का मुद्दा उठाया गया था। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की जिम्मेदारी है कि वह परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। अब हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक परीक्षा के परिणामों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक परिणाम घोषित नहीं किए जाएं। यह फैसला उन छात्रों के लिए राहत भरा है जिन्होंने परीक्षा में अव्यवस्था का सामना किया था। NTA को HC का निर्देश हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह माना कि जिन केंद्रों पर परीक्षा के समय बिजली नहीं थी, वहां छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। परीक्षा में बिजली गुल हो जाना केवल एक तकनीकी चूक नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डालने वाला मसला है। कोर्ट ने NTA से यह भी पूछा कि ऐसी स्थिति में उसकी क्या तैयारी थी और कौन जिम्मेदार है? इंदौर खंडपीठ का रुख सख्त MP हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, NEET UG 2025 का रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को आशा की किरण मिली है, जिनका परीक्षा अनुभव तकनीकी कारणों से प्रभावित हुआ। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की अव्यवस्था ने एक बार फिर भारत के परीक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली जैसे मूलभूत संसाधन की अनुपलब्धता दर्शाती है कि परीक्षा केंद्रों की तैयारियों में भारी खामी रही। 11 केंद्रों की बिजली चली गई, अंधेरा छा गया इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया। पेपर तक नहीं पढ़ पा रहे थे, मोमबत्ती जलाई बिजली गुल होने की वजह से कई छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पेपर देना पड़ा। घना अंधेरा होने के कारण बहुत से छात्र प्रश्नपत्र तक ठीक से पढ़ नहीं पाए। परीक्षा के बाद कई छात्र रोते हुए बाहर निकले। प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि, उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया। जानकारी के मुताबिक इंदौर के जिन 11 सेंटरों में बिजली गुल हुई, वहां करीब 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। यह पहला मौका था जब NTA ने शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। यहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। कुछ केंद्रों पर हो चुकी दो बार परीक्षा एक्सपर्ट का कहना है कि ओडिशा में चक्रवात के दौरान 2016 में एनटीए ने प्रभावित बच्चों के लिए दोबारा एग्जाम कराया था। नियमों की गफलत से 2022 में होशंगाबाद सहित कुछ अन्य केंद्रों पर भी ऐसा हो चुका है।

साक्षी तंवर को नहीं म‍िला ‘रामायण’ में मंदोदरी का रोल, शुरू की शूटिंग

मुंबई काजल अग्रवाल भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं. जिन्होंने खासकर तेलुगु और तमिल फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी काम किया है और अपनी एक्टिंग से लाखों लोगों को अपना दीवाना बनाया है. अब उनसे जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है.  दरअसल नितेश तिवारी की मचअवेटेड फिल्म ‘रामायण’ में उनकी एंट्री हो गई है. इस फिल्म में वो मंदोदरी के रोल में दिखाईं देगीं. बता दें कि पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मंदोदरी का किरदार एक्ट्रेस साक्षी तंवर निभाएंगी लेकिन प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने इससे इनकार कर दिया है. बताया ये भी जा रहा है कि काजल ने अपने हिस्से की शूटिंग शुरू कर दी है. इस वजह से काजल अग्रवाल पर लगी मुहर गौरतलब है कि रामायण में मंदोदरी का किरदार रावण की पत्नी होने से काफी बढ़ जाता है. फिल्म से जुड़े प्रोडक्शन के एक करीबी सोर्स ने बताया कि इसलिए एक अच्छी एक्ट्रेस को कास्ट करना सबसे जरूरी था. जो एक्टर यश (रावण) के साथ अपनी भूमिका को पूरी तरह से निभा सकें. इसके अलावा फिल्ममेकर्स को ऐसी एक्ट्रेस की तलाश थी, जो कई भाषाओं में मजबूत पकड़ रखती हो. इसके लिए बॉलीवुड की कई एक्ट्रेस पर विचार किया गया लेकिन काजल के नाम पर मुहर लगाई गई. क्योंकि वो नॉर्थ और साउथ दोनों में एक बड़ा नाम है. जानिए कौन थीं मंदोदरी? हम सभी ने रामायण में रावण की पत्नी के रूप में मंदोदरी के बारे में सुना होगा. लेकिन मंदोदरी का परिचय केवल रावण की पत्नी तक सीमित नहीं है. रामायण में मंदोदरी का वर्णन बेहद सुंदर, पवित्र और धार्मिक महिला के रूप में किया गया है. जिसने एक तरफ सीता के अपहरण के लिए रावण की बार-बार आलोचना की तो वहीं, दूसरी तरफ एक कर्तव्यपरायण पत्नी की तरह लगातार अपने पति को धर्म के मार्ग की ओर अग्रसर करने का प्रयास करती रहीं. फिल्म के सीन हो चुके शुट नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही रामायण में नमित मल्होत्रा ​​और यश को-प्रोड्यर्स हैं. इसके अलावा KGF स्टार यश फिल्म में रावण का किरदार निभाएंगे. रामायण’ में रणबीर कपूर, राम का रोल करेंगे, जबकि साई पल्लवी, सीता माता का रोल करेंगी. कुछ रिपोर्ट्स की माने तो इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ‘जटायू’ के किरदार निभाएंगे. वहीं दूसरी तरफ, रवि दूबे ‘लक्ष्मण’, लारा दत्ता ‘कैकयी’, रकुल प्रीत सिंह ‘शुर्पणखा’, अरुण गोविल ‘राजा दशरथ’, सनी देओल ‘हनुमान’ और हरमन बावेजा ‘विभीषण’ के किरदार में नजर आएंगे. जानकारी के मुताबिक 2026 में दिवाली पर इसका पहला पार्ट रिलीज होगी तो वहीं फिल्म का दूसरा पार्ट 2027 की दिवाली के मौके पर रिलीज किया जाएगा.

सरकारी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की फोटो को हटा दी गई

इंदौर  मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। इंदौर में ‘वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जिला स्तरीय वन अधिकार समितियों की प्रशिक्षण कार्यशाला’ आयोजित की गई। इसमें उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यक्रम स्थल पर लगे होर्डिंग्स में मंत्री विजय शाह की मुस्कुराती तस्वीर दिखी। इस पर अधिकारियों ने ऑब्जेक्शन लिया गया तो उसे हटाया गया। वर्कशॉप में मंत्री का फोटो वाला पोस्टर देखा तो अफसरों के बीच इसी की चर्चा होने लगी। इसके बाद मंत्री को हटा कर उनकी जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो चिपका दी गई। मौके पर पहुंचे सीनियर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए पोस्टर तुरंत हटवाए और संबंधित जिम्मेदारों को फटकार लगाई। क्या है पूरा मामला पूरा घटनाक्रम इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के फीनिक्स हॉल का है। यहां गुरुवार को ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया। इसमें अशासकीय सदस्यों, वन अधिकारी समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान वर्कशॉप के लिए पोस्टर लगाए गए। जिसमें, सीएम मोहन यादव के साथ मंत्री विजय शाह की फोटो लगी थी। इस वर्कशॉप कार्यक्रम में इंदौर उज्जैन के कलेक्टर, वन के मंडल अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद थे। वहीं, कार्यक्रम जनजाति कार्य विभाग ने आयोजित कराया था। इसके मंत्री विजय शाह हैं। इसी कार्यक्रम से फोटो हटाई गई। क्यों हटाई गई तस्वीर हाल ही में मंत्री विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी की थी। जिसके चलते हाई कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस प्रकरण के बाद मंत्री को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण माना जा रहा है कि आयोजन में उनकी तस्वीर को हटा दिया गया। प्रोटोकॉल का हुआ उल्लंघन कार्यशाला में जब इंदौर संभाग के कमिश्नर दीपक सिंह की नजर इन होर्डिंग्स पर पड़ी, तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। आनन-फानन में अधिकारियों ने मंत्री विजय शाह की तस्वीर को पीएम मोदी की फोटो से ढंक दिया। जिससे न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ बल्कि आयोजकों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ खड़े हुए। नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी आयोजन में नेताओं की तस्वीरों का तय क्रम होता है। जिसमें प्रधानमंत्री का स्थान सर्वोच्च होता है। यहां पीएम मोदी की फोटो दूसरे स्थान पर और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की पहले स्थान पर रही, जो स्पष्ट रूप से अनुचित था। शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया अधिकारियों ने तत्काल पोस्टर से उनकी तस्वीर हटाने के निर्देश दिए। आनन-फानन में स्टाफ ने शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया। बाद में उक्त स्थान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर को चस्पा किया गया। सुबह 11 बजे वन अधिकार अधिनियम को लेकर ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। लोगों ने उठाई थी आपत्ति आयोजन प्रदेश सरकार के जनजाति कार्य विभाग ने किया था। पोस्टर में मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री विजय शाह की तस्वीर नजर आ रही थी। पोस्टर में मंत्री शाह की बड़ी सी मुस्कुराती तस्वीर थी। कुछ लोगों ने आपत्ति उठाई और मंत्री शाह की तस्वीर पोस्टर पर क्यों है, तो अफसरों ने तुरंत कार्रवाई की। सरकारी कार्यक्रमों से दूर इस घटना ने साफ कर दिया कि मंत्री शाह अब सिर्फ जनता की नजरों से ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यक्रमों से भी दूर किए जा रहे हैं। अफसर भी उनके साथ सार्वजनिक रूप से जुड़ना नहीं चाह रहे। भले ही उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है। संभागीय कार्यशाला शुरू वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक वन अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए गुरुवार से दो दिनी संभागीय कार्यशाला की शुरुआत ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुई। इसमें वन समितियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने ग्रामीणों को जंगल की जमीन पर अतिक्रमण रोकने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जंगल में ग्रामीणों को वन अधिकार के अंतर्गत पट्टे दिए जाते हैं। सिर्फ खेती करने में भूमि का उपयोग करें, जबकि कुछ पट्टे से लगी जमीन पर भी अतिक्रमण करते हैं, यह बिलकुल गलत है। शुभारंभ जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा और संभागायुक्त दीपक सिंह ने किया। सचिव बामरा ने बताया कि राज्य शासन वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है।

जैसलमेर जिला कलेक्टर पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद ने लगाए गंभीर आरोप, सीएम शर्मा को लिखा पत्र

जयपुर राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में कलेक्टर और एसडीओ के बीच छिड़े घमासान में अब आरएएस एसो. भी कूद गई है। एसो. ने कलेक्टर प्रताप सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। इसके लिए एसो. ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी पत्र लिखा है। दरअसल पिछले दिनों जैलसमेर के पोकरण में तैनात आरएएस अधिकारी प्रभोजोत सिंह गिल का कलेक्टर से विवाद हो गया था। इसके बाद प्रभोजोत ने कलेक्टर पर आरोप लगाया कि वे उन्हें मानदंडों के खिलाफ जाकर जांच बंद करने के लिए कह रहे हैं। प्रभोजोत ने इसके लिए एक शिकायती चिट्ठी भी सरकार को लिखी, जिसमें कहा गया है कि ब्याज माफिया के खिलाफ जब पीड़ितों की शिकायत पर उन्होंने कार्रवाई करने के लिए पत्रावली चलाई तो कलेक्टर ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाकर धमकाया और जांच बंद करने के लिए कहा। इससे पहले भी प्रताप सिंह के खिलाफ अपने अधीनस्थों के साथ दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। प्रभोजोत सिंह ने कलेक्टर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। इस पूरे मामले को आरएएस एसो. ने बेहद गंभीरता से लेते हुए सरकार से कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही एसो. ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो एसो. हड़ताल पर भी जा सकती है। परिषद ने गुरुवार को इस संबंध में मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

मध्यप्रदेश के 21 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट, कल से लू चलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 17 मई से उत्तरी हिस्से के जिलों में हीट वेव यानी, गर्म हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश हो सकती है अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता के चलते 19 मई तक राज्य में मौसम बिगड़ा रहेगा। खासतौर पर शुक्रवार से अगले चार दिन तक कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस बीच कुछ क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि होगी, जबकि उत्तरी जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। कहीं बारिश तो कहीं लू का अलर्ट राज्य के 21 जिलों में शुक्रवार को बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 17 मई से उत्तर मध्यप्रदेश के जिलों में लू की स्थिति बन सकती है। खासकर निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। हालांकि, भोपाल और ग्वालियर जैसे इलाकों में गर्मी का प्रभाव अभी बना रहेगा। 25 मई से शुरू होगा नौतपा इस साल 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा का असर पहले जैसा तीव्र नहीं रहेगा। हालांकि, इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। आमतौर पर नौतपा को साल की सबसे तपती अवधि माना जाता है, लेकिन इस बार इसका प्रभाव कुछ कम रहने वाला है। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम     17 मई : शुक्रवार को बुंदेलखंड के निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों जैसे नीमच, मंदसौर, इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, धार, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, मंडला और सिवनी में बारिश के आसार हैं।     18 मई : शनिवार को छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में एक बार फिर लू का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि इंदौर, देवास, उज्जैन, नर्मदापुरम, बड़वानी, बैतूल, डिंडौरी और अन्य जिलों में तेज आंधी और वर्षा की चेतावनी दी गई है।     19 मई : रविवार को प्रदेशभर में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का असर बना रह सकता है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियां दक्षिणी गुजरात में ऊपरी हवा में चक्रवात, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश तक बनी द्रोणिका और अन्य मौसमी तंत्रों की सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। इन सबका संयुक्त प्रभाव आने वाले दिनों में प्रदेश में अस्थिर मौसम की स्थिति बनाए रखेगा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा बारिश, ग्वालियर-खजुराहो में गर्मी बढ़ी गुरुवार को भी प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गर्मी वाला मौसम रहा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिर गया। वहीं, इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। उज्जैन, टीकमगढ़, धार, मंडला में भी बारिश हुई। बैतूल, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर जिलों में रात के समय मौसम बदला रहा। इधर, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। खजुराहो में 43.4 डिग्री, नौगांव में 42.7 डिग्री, शिवपुरी-रीवा में 42 डिग्री, सतना में 41.6 डिग्री, गुना में 41.3 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और उमरिया में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 37.3 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

टेस्ट में कप्तानी के जसप्रीत बुमराह थे सबसे बड़े दावेदार, ऐसा क्या हुआ जो कट गया पत्ता?

नई दिल्ली जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी में रोहित शर्मा का स्वाभाविक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था। दिसंबर-जनवरी में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान 2 मैचों में उन्होंने कप्तानी भी की। रोहित शर्मा के संन्यास के बाद टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता आखिर क्यों कट गया? कप्तानी की रेस का फ्रंटरनर अचानक रेस से ही बाहर क्यों हो गया? औपचारिक ऐलान तो नहीं हुआ है लेकिन रिपोर्ट बता रहीं कि बीसीसीआई ने शुभमन गिल को रोहित शर्मा का उत्तराधिकारी चुन लिया है। वही गिल जिनकी टेस्ट के प्लेइंग इलेवन तक में पक्की जगह नहीं मानी जाती थी। कम से कम दिग्गज पूर्व क्रिकेटर श्रीकांत का तो यही मानना है। महान सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले जैसे एक्सपर्ट भी जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी सौंपे जाने के पैरोकार थे। हाल ही तक उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने वाले दिग्गज ऑफ स्पिनर आर अश्विन भी उन्हें ही अगला कप्तान देख रहे थे। फिर बुमराह का पत्ता कैसे कटा? इसका कनेक्शन इसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट से है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए जसप्रीत बुमराह टीम के उपकप्तान चुने गए थे। पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में उन्होंने कप्तानी भी क्योंकि नियमित कप्तान रोहित शर्मा उस मैच को नहीं खेल पाए थे। वह दूसरी बार पिता बने थे। बुमराह की कप्तानी में टीम इंडिया ने पर्थ टेस्ट 295 रन के विशाल अंतर से जीता था। वहां जीत के लिए भारत का 47 साल का इंतजार खत्म हुआ था। बुमराह ने सिडनी में खेले गए आखिरी टेस्ट में भी कप्तानी की थी क्योंकि रोहित शर्मा ने खुद को ड्रॉप कर दिया था। मैच के दूसरे ही दिन 4 जनवरी को जसप्रीत बुमराह बैक इंजरी के शिकार हो गए और उसके बाद वह फील्ड पर नहीं लौटे। मैच भी तीन दिन में ही समाप्त हो गया और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से जीत हासिल कर ली। सीरीज में भारत की शर्मनाक हार हुई। तब बीसीसीआई ने नए कप्तान पर विचार शुरू कर दिया लेकिन बुमराह की बैक इंजरी उनकी दावेदारी के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हुई। उसके बाद बुमराह 3 महीने तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहे। चैंपियंस ट्रॉफी में भी हिस्सा नहीं ले पाए। आईपीएल 2025 के शुरुआती मैचों में भी वह नहीं खेल पाए। फिटनेस और चोट की इन्हीं चुनौतियों की वजह से अगले टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता कट गया। वैसे यह कोई पहली बार नहीं था जब बुमराह इंजरी की वजह से लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से बाहर रहे और आईसीसी टूर्नामेंट तक मिस किया हो। यह वजह है कि चयनकर्ताओं ने कप्तानी के लिए बुमराह से इतर चेहरे को तलाशना शुरू किया। अब ये तलाश गिल के रूप में खत्म होती दिख रही है। उन्होंने आईपीएल में गुजरात टाइटंस के कप्तान के तौर पर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित भी की है। वनडे और टी-20 दोनों में वह टीम इंडिया के उपकप्तान हैं।

तुर्किए और अजरबैजान जाने वाले 50 प्रतिशत पर्यटकों निरस्त की बुकिंग

इंदौर  हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के दौरान तुर्किए और अजरबैजान न सिर्फ पाकिस्तान के समर्थन में रहे, बल्कि ड्रोन व अन्य हथियार भी दिए। इसके बाद से ही तुर्किए और अजरबैजान के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ रही है। अब भारतीय इन दोनों देशों की पर्यटन अर्थव्यवस्था पर प्रहार करने की तैयारी में हैं। तुर्किए और अजरबैजान बहिष्कार का प्रभाव इंदौर में भी दिखाई दे रहा है और मई-जून के लिए बुकिंग करवा चुके 50 प्रतिशत पर्यटक इसे निरस्त करवा चुके हैं। खुद ही कैंसल करवा रहे हैं टूर की बुकिंग बता दें, तुर्किए और अजरबैजान की यात्रा करने वाले अधिकांश पर्यटक स्वत: बुकिंग निरस्त करवा रहे हैं, वहीं ट्रैवल एजेंट भी पर्यटकों से इन देशों की बुकिंग निरस्त करने का अनुरोध कर अन्य देशों का विकल्प सुझा रहे हैं। ट्रैवल एजेंटों के संगठन भी अपनी ओर से इन बुकिंग को निरस्त कर रहे हैं। मई-जून में जाते हैं सबसे ज्यादा टूरिस्ट मध्य प्रदेश से हर वर्ष गर्मी में करीब चार हजार पर्यटक तुर्किए व अजरबैजान की यात्रा करते हैं। इनमें से करीब 2500 पर्यटक अकेले इंदौर के होते हैं। सर्वाधिक बुकिंग मई और जून के लिए ही की जाती है, क्योंकि इस समय बच्चों के स्कूलों की छुट्टियां रहती है। ऐसे में लोग इस समय इन देशों की यात्रा करना अधिक पसंद करते हैं। वहीं, अब मई-जून के लिए इन देशों में यात्रा करने के लिए बुकिंग करवा चुके इंदौरियों ने इसे निरस्त करवाना शुरू कर दिया। कुछ ने अपनी यात्रा की जगह बदल दी है। अजरबैजान में मिलता है यूरोप सा माहौल अजरबैजान के बाकू को सर्वाधिक पसंद किया जाता है। यहां पर्यटकों को यूरोप जैसा वातावरण मिलता है। यूरोप अजरबैजान की तुलना में महंगा है और यहां पर्यटन के लिए करीब 15 दिन का टूर बनाना पड़ता है, जबकि अजरबैजान यूरोप के मुकाबले सस्ता है और यहां की वीजा प्रक्रिया भी काफी आसान है। यहां एक सप्ताह में जाकर आया जा सकता है। इसके साथ ही यह एमआइसीई डेस्टिनेशन भी है, जिसके चलते कार्पोरेट मीटिंग के लिहाज से भी काफी पसंद किया जाता है। तुर्किए का रोमांच करता है आकर्षित तुर्किए में कई रोमांचक गतिविधियां होती हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां का हाल एयर बैलून एडवेंचर काफी पसंद किया जाता है। इसके साथ ही यहां का आर्किटेक्ट और कला सहित अन्य ऐतिहासिक शहर जैसे इस्तांबुल पर्यटकों द्वारा पसंद किए जाते हैं। हर साल बढ़ रहा पर्यटन इंदौर से तुर्किए और अजरबैजान जाने वाले भारतीयों की संख्या हर साल बढ़ रही है। ट्रैवल कंपनी के संचालक राजेश चौबे ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इन दोनों देशों की यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ी थी, लेकिन बुकिंग निरस्त करवाने के कारण इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। देशभर में निरस्त हो रही बुकिंग पाकिस्तान का साथ देने पर तुर्किए और अजरबैजान का पर्यटन काफी हद तक प्रभावित होगा। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन आफ इंडिया के मप्र-छत्तीसगढ़ चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार, इन देशों के लिए बुकिंग निरस्त करवाने का क्रम लगातार जारी है। अब तक अजरबैजान की करीब पौने तीन लाख और तुर्किए की करीब ढाई लाख बुकिंग निरस्त हो चुकी है।

कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री को भड़काऊ बयान के विरुद्ध शहडोल कोर्ट ने नोटिस जारी किया

 शहडोल  कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री के एक भड़काऊ बयान के विरुद्ध दायर परिवार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शहडोल सीता शरण यादव ने नोटिस जारी कर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को 20 मई को सुबह 11 बजे न्यायालय में उपस्थित होकर परिवाद पर पक्ष रखने को कहा है। जारी नोटिस के अनुसार महाकुंभ 2025 के संदर्भ में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से प्रयागराज में कहा था कि महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए, जो नहीं आएगा वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा। इस बयान को लेकर शहडोल जिला न्यायालय के अधिवक्ता एवं पूर्व शासकीय अधिवक्ता संदीप तिवारी ने गहरी आपत्ति जताई। संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया गया बयान उनका कहना है कि यह वक्तव्य न केवल भारतीय संविधान की मूल भावना, विशेष रूप से धर्मनिरपेक्षता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता, के विरुद्ध है, बल्कि यह भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने अपने परिवाद में कहा कि सेना सैनिक, अस्पतालों में सेवा दे रहे डॉक्टर, कानून व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मी, न्यायपालिका के सदस्य, पत्रकार या कोई भी नागरिक जो अपने कर्तव्यों के कारण महाकुंभ में उपस्थित नहीं हो पाता, क्या उसे देशद्रोही कहा जा सकता है? यह वक्तव्य न केवल असंवेदनशील है बल्कि सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाला भी है। कोई कार्रवाई नहीं होने पर ली कोर्ट की शरण इस मामले को लेकर 4 फरवरी 2025 को थाना सोहागपुर, शहडोल में शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर, शिकायत पुलिस अधीक्षक को भेजी गई। कोई कार्रवाई न होने पर 3 मार्च 2025 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, शहडोल के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया। अब अदालत ने 11 मई को धीरेंद्र शास्त्री को विधिवत नोटिस जारी कर 20 मई 2025 को प्रकरण में सुनवाई के लिए तलब किया है।

मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी से मांगी माफी

भोपाल मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है. शाह के इस्तीफे की मांग पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस्तीफा मांग ले. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में तिरंगा यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा, “न्यायपालिका ने जो आदेश दिया है, हमारी सरकार ने उसका यथायोग्य तरीके से पालन किया है और न्यायालय जो कहेगा, हम उसके हिसाब से चलते जाएंगे.” उन्होंने विजय शाह के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने और एफआईआर दर्ज करने के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने कोर्ट के निर्देशों का पालन किया है. उधर, कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है. इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम यादव ने कहा, “कांग्रेस तो करती रहेगी, कांग्रेस सिद्धारमैया से इस्तीफा मांग ले. कांग्रेस के सभी मंत्रियों पर केस चल रहे हैं. कांग्रेस का आचरण देखा था जब चुनाव में केजरीवाल के साथ कदम से कदम मिलाकर चले थे, वो तो मुख्यमंत्री रहते जेल गए थे. कांग्रेस उस समय कहां थी? कांग्रेस को तो बोलने का अधिकार ही नहीं है. कांग्रेस ने जितनी बेशर्मी की हदें पार कीं, आज तक किसी ने नहीं की.” दरअसल, विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी इस बयान के बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वहीं, विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.    राजभवन के बाहर प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने भोपाल में राजभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. काले कपड़े पहने कांग्रेस विधायकों ने मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. प्रदर्शन से पहले कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की और विजय शाह के इस्तीफे की मांग वाला एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन सौंपने के बाद राजभवन के गेट पर विधायकों ने प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने ‘विजय शाह इस्तीफा दो’ और ‘बीजेपी सरकार शर्म करो’ जैसे नारे लगाए. नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव विजय शाह का इस्तीफा क्यों नहीं ले रहे हैं? विजय शाह ने हमारी वीर बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की है, जो न केवल सेना का अपमान है, बल्कि देश की बेटियों का भी अपमान है. मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह और उनकी पूरी कैबिनेट शाह के बयान का समर्थन करती है. यदि नहीं, तो तत्काल उनका इस्तीफा लिया जाए.” बता दें कि विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ इंदौर के मनपुर थाने में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. इसके बावजूद बीजेपी ने शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे कांग्रेस और आक्रामक हो गई है. विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी से मांगी माफी मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच, भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश की जनता की ओर से माफी मांगी है. विधायक आरिफ मसूद ने अपने पत्र में लिखा, “आदरणीया कर्नल सोफिया कुरैशी जी, जैसा कि आपको विदित होगा, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में आपके प्रति अभद्र टिप्पणी की थी. यह टिप्पणी न केवल एक व्यक्ति विशेष के लिए थी, बल्कि संपूर्ण भारत में सेवारत सेना के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए थी. उनके इस शर्मनाक कृत्य से न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरा भारत शर्मिंदगी महसूस कर रहा है.” पत्र में आगे कहा गया, “प्रतिक्रिया स्वरूप संपूर्ण भारत में भाजपा सरकार के मंत्री के खिलाफ धरना, प्रदर्शन और आंदोलन हो रहे हैं. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है. मुझे इस बात का दुख है कि जिस परिवार के पूर्वजों ने सेना में रहकर देश की सेवा की और देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई, उस परिवार की बेटी पर अभद्र भाषा का उपयोग करने वाले बेशर्म मंत्री से भले ही भाजपा सरकार ने त्यागपत्र नहीं लिया हो, परंतु मैं मध्य प्रदेश की देशभक्त जनता की तरफ से आपसे माफी मांगता हूँ.” पत्र के अंत में उन्होंने लिखा, “जय हिंद, जय भारत.” बता दें कि विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वहीं, विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.      

प्रदेश में डेंगू पर प्रभावी नियंत्रणः सरकार की रणनीति से 65 प्रतिशत की कमी

डेंगू के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने आज 16 मई को मनाया जाएगा राष्ट्रीय डेंगू दिवस डेंगू की रोकथाम है सर्वोच्च प्राथमिकता- श्याम बिहारी जायसवाल प्रदेश में डेंगू पर प्रभावी नियंत्रणः सरकार की रणनीति से 65 प्रतिशत की कमी स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी और जनजागरूकता अभियान से मिली बड़ी सफलता स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रायपुर प्रदेश में डेंगू नियंत्रण के लिए किए गए ठोस उपायों का सकारात्मक परिणाम डेंगू के मामलों में कमी के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की समन्वित रणनीतियों तथा व्यापक जनजागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025 की पहली तिमाही में डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जनवरी से अप्रैल माह के दौरान राज्य में डेंगू के मामलों में 65 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में किए जा रहे सुदृढ़ प्रयासों की प्रभावशीलता को दर्शाती है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार ने डेंगू की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए, जिसका परिणाम है कि आज डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल रही है। यह सफलता सरकार और जनता, दोनों के सहयोग का प्रतिफल है।” डेंगू नियंत्रण की दिशा में यह सकारात्मक प्रगति प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली की सजगता और प्रभावशीलता का परिचायक है। विदित हो कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण भी डेंगू नियंत्रण में एक प्रमुख कारक रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक समुचित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डेंगू की शीघ्र जांच और उपचार के लिए विशेष जांच शिविर लगाए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिलना संभव हो पाया है। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों एवं डॉक्टरों की टीम को विशेष प्रशिक्षण देकर डेंगू जैसी बीमारियों के उपचार में दक्ष बनाया गया है। फॉगिंग, सर्वे और इलाज का दिखा असर डेंगू नियंत्रण को लेकर सरकार की सजगता, समयबद्ध फॉगिंग, घर-घर सर्वेक्षण, लार्वा नियंत्रण और प्राथमिक उपचार की बेहतर व्यवस्था ने मिलकर यह परिणाम दिलाया है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर,रायगढ़ जैसे शहरी जिलों में जहां डेंगू के केस ज्यादा आते थे, वहां भी मामलों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अभियानों के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी घरों और आसपास की सफाई, जल जमाव रोकने जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। पंचायतों, स्कूलों और नगरीय निकायों द्वारा जागरूकता रैलियां और कार्यक्रम आयोजित किए गए। डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता आवश्यक डेंगू एक गंभीर वायरल बुखार है, जो एडिस मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर मुख्यतः दिन के समय सक्रिय रहते हैं और साफ, स्थिर पानी में पनपते हैं। इसलिए, घरों और आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव को रोकना अत्यंत आवश्यक है। पानी की टंकियों, कूलरों, गमलों, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों को नियमित रूप से खाली और साफ करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छरदानी का प्रयोग मच्छरों से बचाव का सस्ता, सरल, प्रभावी और हानिरहित उपाय है। इसके अलावा, घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं ताकि मच्छर घर में प्रवेश न कर सकें। यदि डेंगू के लक्षण जैसे तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते आदि दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। डेंगू के उपचार के लिए कोई विशेष दवा नहीं है, लेकिन उचित देखभाल और चिकित्सकीय सलाह से रोगी की स्थिति में सुधार संभव है। इसलिए, डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पाकिस्तान के मीडिया ने छेड़ा प्रोपेगंडा अभियान, मंत्री शाह का बयान बना हथियार

भोपाल  मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद बयान दिया था, जिसे लेकर देश में लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया और मंत्री से माफी मांगने को कहा है। पाकिस्तानी चैनल्स से फैलाया जा रहा नफरती एजेंडा इस बीच पाकिस्तान ने मंत्री विजय शाह के बयान को एक टूल का तरह इस्तेमाल कर प्रोपेगैंडा चलाने का काम किया है। पाकिस्तान के सरकारी चैनल पीटीवी ने इस बयान को भारत में मुस्लिम के प्रति कथित नफरत के प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया है। पाकिस्तान के चैनल्स ने एक प्रोपेगैंडा के तहत विजय शाह के बयान को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है और पीटीवी के अलावा जीओ न्यूज, द डैली जंग सहित कई पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स ने इस बयान पर खबरें प्रकाशित कर दुनिया में मुस्लिम समुदाय में भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश की है। पीटीवी का प्रोपेगैंडा पीटीवी ने बुधवार देर रात प्रसारित अपने प्राइम टाइम कार्यक्रम में कहा है, “भारत के हिन्दू बीजेपी के सीनियर नेता विजय शाह ने एक वफादार मुस्लिम महिला अफसर को दहशतगर्दों की कतार में खड़ा कर दिया है। मोदी के भारत में मुस्लिम के प्रति नफरत इस हद तक बढ़ चुकी है कि अब सेना के उच्च अधिकारी और महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं।” पीटीवी, जीओ न्यूज और जंग टीवी ने आरोप लगाया कि भारत में मुसलमानों को मुख्यधारा से बाहर धकेला जा रहा है और अब जो लोग सेना जैसी संस्थाओं में भी अपनी सेवा दे रहे हैं, उन्हें संदेह की नजर से देखा जा रहा है। पाकिस्तान द्वारा कर्नल सोफिया के बहाने भारत की छवि को ‘अल्पसंख्यक विरोधी राष्ट्र’ के रूप में प्रचारित करने की कोशिश की जा रही है। सिर्फ पाकिस्तानी टीवी चैनल्स ही नहीं, पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स से भी इस मुद्दे को लेकर नफरती एजेंडे और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार को तेज कर दिया गया है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ चलाए जा रहे प्रोपेगैंडा को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान अब सिर्फ विवादित बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पाकिस्तान द्वारा इसे भारत की धार्मिक समरसता और लोकतांत्रिक छवि के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश है। राजनीतिक और कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि एमपी के मंत्री का यह बयान ने पाकिस्तान और अन्य विरोधी ताकतों को भारत पर हमला करने का अवसर दे दिया है। हालांकि, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत:संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। लेकिन, न तो भाजपा और न ही मध्यप्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की है। ठोस कार्रवाई नहीं होने से आग में घी पड़ रहा विशेषज्ञ मानते हैं कि अब यह मामला केवल एक विवादित बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पाकिस्तान द्वारा इसे भारत की धार्मिक समरसता और लोकतांत्रिक छवि के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश है। राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में यह चिंता बढ़ रही है कि मंत्री शाह की टिप्पणी ने पाकिस्तान और अन्य विरोधी ताकतों को भारत पर हमला करने का अवसर दे दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन न तो भाजपा नेतृत्व और न ही मध्य प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई की है। इससे मामला लगातार गरमाता जा रहा है और पड़ोसी देश पाकिस्तान को भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का एक और बहाना मिल गया है।

TATA IPL 2025 की वापसी 17 मई से, फिर होगा धमाल, मयंक यादव फिर चोटिल

मुंबई आईपीएल 2025 को फिर से वापसी को तैयार है. भारत-पाक‍िस्तान के बीच तनाव के बाद इसको एक सप्ताह के ल‍िए टाल द‍िया गया था. अब नए शेड्यूल के मुताब‍िक  शन‍िवार (17 मई) से इसकी शुरुआत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) के बीच बेंगलुरु के एम च‍िन्नास्वामी स्टेडियम में होगी. आईपीएल का फाइनल मुकाबला 3 जून को होगा. सभी मैच 6 वेन्यू, पर 18 दिन के बीच होंगे, इस दौरान कुल 17 मैच खेले जाएंगे. संशोधित शेड्यूल  दो डबल-हेडर शामिल हैं, जो दो रविवार को खेले जाएंगे. बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की वजह से IPL को सस्पेंड किया गया था. बीसीसीआई ने यह फैसला सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से चर्चा के बाद लिया था. सभी प्रमुख हितधारकों की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि मौजूदा सीजन के शेष मुकाबले अब पूरे किए जाएंगे. ध्यान रहे भारत-पाक‍िस्तान के बीच हुए टकराव के बाद 8 जून को पंजाब और द‍िल्ली के बीच हो रहा आईपीएल मुकाबला रोक द‍िया गया था. आईपीएल 2025 का रोमांच एक बार फिर लौट रहा है। टूर्नामेंट के बचे हुए 17 मैच शनिवार यानी 17 मई से शुरू होंगे। भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते बीसीसीआई ने 9 मई को अचानक इसे स्थगित कर दिया था। अब जब टूर्नामेंट फिर से शुरू हो रहा है तो सभी टीमों में हलचल मची हुई है। टीमें अलग-अलग वजहों से बदलाव कर रही हैं। इस बीच लखनऊ सुपर जायंट्स को बड़ा झटका लगा है क्योंकि युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव एक बार फिर चोट के कारण बाहर हो गए हैं। वहीं पंजाब किंग्स ने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज काइल जैमीसन को टीम में शामिल किया है, जो पूरे चार साल बाद आईपीएल में वापसी कर रहे हैं। लगातार दूसरी बार चोट के शिकार बने मयंक आईपीएल के दोबारा शुरू होने से ठीक दो दिन पहले 15 मई को लीग ने प्रेस रिलीज जारी कर मयंक यादव के टूर्नामेंट से बाहर होने की पुष्टि की। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को पीठ में चोट लगी थी, जिसके कारण उन्हें बाहर बैठना पड़ा। यह खबर लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि पिछले सीजन में मयंक सिर्फ 4 मैच खेलकर ही चोटिल हो गए थे। मौजूदा सीजन में भी वे शुरुआती 9 मैच नहीं खेल पाए और वापसी के बाद सिर्फ 2 मैच ही खेल पाए। लगातार दूसरी बार चोटिल होने के बाद मयंक और फ्रेंचाइजी दोनों के लिए यह बेहद निराशाजनक स्थिति है। इन दो दिन होगा डबल हेडर मैच संशोधित शेड्यूल के मुताबिक, आईपीएल 2025 के बचे हुए 17 मुकाबले 6 अलग-अलग स्थानों पर खेले जाएंगे. इस दौरान दर्शकों को दो ‘डबल हेडर’ यानी एक ही दिन दो मुकाबले देखने को मिलेंगे. ये डबल हेडर रविवार को आयोजित किए जाएंगे. यानी 18 और 25 मई को ये दो मैच दर्शक देख सकते हैं. प्लेऑफ मुकाबलों का कार्यक्रम जारी आईपीएल 2025 के प्लेऑफ राउंड का भी पूरा शेड्यूल हमेशा टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक हिस्सा होता है, जिसमें टॉप 4 टीमें खिताब की दौड़ में उतरती हैं. प्लेऑफ मुकाबलों का शेड्यूल इस तरह है. क्वालिफायर 1 – 29 मई 2025 एलीमिनेटर – 30 मई 2025 क्वालिफायर 2 – 1 जून 2025 फाइनल – 3 जून 2025 इन चारों मुकाबलों के वेन्यू की घोषणा बीसीसीआई द्वारा बाद में की जाएगी, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि यह मुकाबले प्रमुख महानगरों या तटवर्ती सुरक्षित स्थानों पर आयोजित किए जा सकते हैं. प्लेऑफ मैचों के स्थल का विवरण बाद में घोषित किया जाएगा, वही फाइनल मुकाबला जहां पहले कोलकाता में होना था, उसकी वेन्यू भी बदल गई है. यह बाद में तय होगी.

भारत का व्यापार घाटा अप्रैल में बढ़कर 26.42 अरब डॉलर हुआ, निर्यात में 9 प्रतिशत की उछाल

नई दिल्ली अप्रैल 2025 में भारत का निर्यात 12.7% बढ़कर 73.80 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि आयात 15.7% की वृद्धि के साथ 82.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि ने व्यापार घाटे को 50% बढ़ाकर 8.65 अरब डॉलर कर दिया। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ आयात निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में भारत का कुल निर्यात 73.80 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले साल इसी महीने के 65.48 बिलियन अमरीकी डॉलर से 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आयात और भी तेज़ गति से बढ़ा है, अप्रैल 2025 में कुल आयात बढ़कर 82.45 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो अप्रैल 2024 में 71.25 बिलियन अमरीकी डॉलर से 15.7 प्रतिशत की वृद्धि है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हम 2024-25 में 825 बिलियन अमरीकी डॉलर के निर्यात के आंकड़े तक पहुँच गए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा निर्यात है। इससे पता चलता है कि भारतीय निर्यात और निर्यातकों ने अब अपने व्यवसाय में वह लचीलापन हासिल कर लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, निर्यात और आयात में अंतर के कारण, भारत का कुल व्यापार घाटा चालू वर्ष में बढ़कर 8.65 अरब डॉलर हो गया। यह एक साल पहले के 5.77 अरब डॉलर से 50 फीसदी की जबरदस्त तेजी है। बता दें कि मार्च में व्यापार घाटा बढ़कर 21.54 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो फरवरी में तीन साल के निचले स्तर 14.05 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक था। भारत के सभी निर्यात (माल और सेवाएँ) ने भी मार्च 2025 में स्थिर वृद्धि दर्ज की है, जिसमें निर्यात और आयात दोनों में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक डेटा के अनुसार कुल निर्यात मार्च 2024 में बढ़कर 73.61 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो मार्च 2024 में 71.71 बिलियन अमरीकी डॉलर था। आयात बढ़ने से बढ़ा व्यापार घाटा इलेक्ट्रॉोनिक का निर्यात 39.52 प्रतिशत से बढ़कर 3.69 हो गया. इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 11.28 प्रतिशत 9.51 अरब डॉलर का हो चुका है. इसी तरह क्रूड ऑयल में अप्रैल के महीने में आयात 25.6 प्रतिशत इजाफे के साथ 20.7 अरब डॉलर हो गया है. तो वहीं सोने का आयात 4.86 प्रतिशत और बढ़कर 3.09 अरब डॉलर का हो चुका है. आंकड़ों के मुताबिक, सेवा निर्यात का मूल्य अप्रैल के महीने में में 35.31 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने के दौरान 30.18 अरब डॉलर था. जबकि सेवाओं के आयात का अनुमानित मूल्य अप्रैल 2025 में 17.54 अरब डॉलर था, जबकि पिछले साल अप्रैल में ये 16.76 अरब डॉलर था. और बढ़ सकता है एक्सपोर्ट कॉमर्स सेक्रेटरी सुनील बर्थवाल का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भारत अपने एक्सपोर्ट की रफ्तार इसी तरह से बनाकर रखेगा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद ये एक अच्छा साल साबित होगा. उन्होंने कहा कि बीस देशों और 6 वस्तुओं पर ध्यान फोकस करने की रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. इसके साथ ही, वाणिज्य मंत्रालय इस पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्दी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने जा रहे हैं.

भारत ने पाकिस्तान के डिफेंस सिस्टम के ठिकाने का पता लगाने भेजे डमी जेट्स फिर एयरबेस पर ब्रह्मास्त्र मिसाइलों से प्रलय

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुआ भारत-पाकिस्तान के बीच का 86 घंटे का जंग जवांमर्दी की मिसाल, एडवेंचर और टैक्टिक्ल वारफेयर की रोमांचक कहानियां लेकर आया है. 4 दिन की ये लड़ाई तेज रफ्तार एक्शन, तकनीकी बुद्धिमता और दुश्मन को चौकाने और छकाने की कहानी है. इस जंग में भारत ने 9-10 मई को पाकिस्तान की एयर पावर को नेस्तानाबूद कर दिया. इस जंग में कामयाबी के पीछे ब्रह्मोस जैसे सटीक निशाना लगाने वाले मिसाइलों का योगदान तो है ही. लेकिन भारतीय वायुसेना के अफसरों ने पाकिस्तान को छकाने के लिए जो माइंड गेम खेला, पाकिस्तान को जिस तरह भरमाया वो शानदार है. आगे हम बताएंगे कि कैसे पाकिस्तानी अफसर भारत के चक्रव्यूह में फंस गए इसके बाद ब्रह्मोस मिसाइलों ने शुरू किया ड्रिस्ट्रक्शन गेम. इसके लिए भारत ने सहारा लिया डमी जेट्स का. ये जेट्स दुश्मन के रडार पर फाइटर जेट्स की तरह दिख रहे थे. दुश्मन ने इसे ही असली समझा और इन्हें गिराने के लिए अपना रडार और डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया. लेकिन तब तक भारत को पाकिस्तान के कीमती मिसाइल डिफेंस सिस्टम का ठिकाना पता लग गया था. इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी एयरबेस पर ब्रह्मास्त्र मिसाइलों की बौछार शुरू कर दी. यही वो भारत का जवाब था जिसने पाकिस्तान के वायुसेना की कमर तोड़ दी. ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद, पाकिस्तान में सुरक्षित पनाह पाने वाले आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत का एक्शन तबाही लेकर आया. इसके बाद पाकिस्तान सीमा से सटे भारत के शहरों में नाकाम ड्रोन हमले करने लगा. तब भारत ने अपने जवाबी हमले का दूसरा दौर शुरू किया. 9 और 10 मई की मध्य रात्रि को भारतीय वायु सेना ने अन्य बलों के सक्रिय सहयोग से पूरे पाकिस्तान में स्थित 13 में से 11 वायुसैन्य ठिकानों पर अटेक किया. इस प्रक्रिया में भारत की उच्च तकनीकी क्षमता ने पाकिस्तान में चीन के सपोर्ट से चल रहे मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी पंगु बना दिया. भारत के जवाबी हमले का दूसरा दौर दक्षिण एशियाई सैन्य इतिहास में दो परमाणु-शक्ति संपन्न कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच अब तक के सबसे साहसी और सामरिक रूप से महत्वाकांक्षी जवाबी हमलों में से एक के रूप में दर्ज हो गया. पाकिस्तान पर अटैक करने के लिए भारतीय कमांडरों के लिए जरूरी था कि उन्हें पाकिस्तान के रडार सिस्टम और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लोकेशन की जानकारी हो. लेकिन जंग के माहौल में ये जानकारी भारत को मिलती कैसे? यहां पर सेना के युद्ध रणनीतिकारों ने तीक्ष्ण बुद्धिमता का परियच दिया. पाकिस्तान रडार और मिसाइल डिफेंस को उनके खोल से निकालने के लिए वायुसेना ने एक चाल चली. वायुसेना ने सबसे पहले पाकिस्तान पर पायलट रहित जेट विमानों से हमला करने का दिखावा किया. ये डमी जेट थे. अपने एयर स्पेस में देखते ही पाकिस्तानी वायुसेना ने अपने रडार को एक्टिवेट कर दिया, वहीं पाकिस्तान का मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय हो गया. भारत को इसी पल का इंतजार था. भारत के कंट्रोल रूम को पाकिस्तान के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लोकेशन की जानकारी मिल गई क्योंकि ये एक्टिवेट थे. इसके बाद पाकिस्तानी एयरस्पेस में शुरू हुआ भारत का प्रलय.भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमला कर उनके बुनियादी ढांचे और एयर डिफेंस नेटवर्क को नष्ट करने के लिए अभियान चलाया, जिसमें चीन की एचक्यू-9 मिसाइल प्रणाली भी शामिल थी. भारत को जानकारी मिल चुकी थी कि पाकिस्तानी वायुसेना ने चकलाला एयर बेस समेत कई जगहों पर एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम तैनात कर रखा था. पाकिस्तान के ये रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे ही एक्टिवेट हुए भारत ने कामिकोज ड्रोन्स जैसे हारोप से हमला किया. इन हमले में पाकिस्तान का एयर डिफेंस नेटवर्क बुरी तर चौपट हो गया. इसके साथ ही भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों से प्रहार शुरू किया. ब्रह्मोस की विध्वंसक क्षमता ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी. पाकिस्तानी एयर स्पेस को सबसे ज्यादा नुकसान ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ राफेल लड़ाकू विमानों पर लगी स्कैल्प मिसाइलों ने पहुंचाई. रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान वायु सेना बेस को निशाना बनाने के लिए लगभग 15 ब्रह्मोस मिसाइलें दागीं. इसका उद्देश्य विमान और अन्य ऑपरेशन लॉन्च करने की पाकिस्तान क्षमता को खत्म करना था. इस ऑपरेशन को सफल बनाने में डमी जेट्स का बड़ा रोल रहा. जिसे पाकिस्तान के रडार सिस्टम ने असली फाइटर समझ लिया और अपना लोकेशन प्रकट कर दिया. सूत्रों ने बताया कि जैसे ही दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस नेटवर्क भारतीय ‘आने वाले विमानों’ को मार गिराने के लिए सक्रिय हुए, भारतीय सेना ने इजरायल निर्मित हारोप सहित अपने हथियारों को ऊपर से दागा और पाकिस्तान के वायु रक्षा रडार और कमांड और नियंत्रण प्रणालियों को निशाना बनाया. पाकिस्तानी वायु सेना ने अपने HQ-9 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम लांचर और रडार के पूरे सेट को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया था. लेकिन सक्रिय होने के बाद उनका पता लगा लिया गया. इसके बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला किया, जिसमें ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलें शामिल थीं. ब्रह्मोस और स्कैल्प जैसी मिसाइलों को ले जाने वाले विमानों ने पश्चिमी वायु कमान और दक्षिण पश्चिमी वायु कमान क्षेत्रों के अलग अलग हवाई ठिकानों से उड़ान भरी थी. विमानों ने पाकिस्तानी वायु सेना के लगभग सभी प्रमुख ठिकानों पर हमला किया था और उनके 13 में से 11 ठिकानों को निशाना बनाया गया था. ब्रह्मोस और स्कैल्प द्वारा किए गए हमले में मुख्य रूप से सिंध में स्थित पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस पर हमला हुआ, जहां UAV और एक हवाई निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी विमान को भारी नुकसान पहुंचा है. एयरबेस इस हद तक क्षतिग्रस्त हो गए कि पाकिस्तानी वायुसेना को अपने विमानों को पीछे के बेस पर ले जाना पड़ा. बता दें कि यह पहली बार है कि ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम का प्रयोग किसी एक्टिव वॉर में किया गया है. इस दौरान इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अपनी असीम क्षमता को प्रदर्शित किया है. भारत द्वारा पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी मारे गए हैं, जबकि 40 से 50 पाकिस्तानी सेना के जवान और अफसर मारे गए हैं.

शशि थरूर बन रहे चिदंबरम? मोदी सरकार की कर डाली तारीफ, इंडिया गठबंधन पर कहा कुछ ऐसा, चढ़ा सियासी पारा

  नई दिल्ली कांग्रेस के कद्दावर नेता शशि थरूर इन दिनों नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कई मौकों पर दिखे हैं। इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने भी कुछ ऐसा ही रुख अपनाया था। चिदंबरम ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखकर ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर केंद्र सरकार के फैसलों की सराहना की है। इससे एक कदम और आगे बढ़ते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तैयार विपक्षी एकजुटता (INDIA गठबंधन) के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर दिया। उनके इस कदम के बाद सियासी गलियारे में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। चिदंबरम ने गुरुवार को INDIA गठबंधन की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि यह गठबंधन अभी भी बरकरार है। उन्होंने यह टिप्पणी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक पुस्तक ‘Contesting Democratic Deficit’ के विमोचन कार्यक्रम में की। चिदंबरम ने कहा, “इस किताब के लेखर मृत्युंजय सिंह यादव का मानना है कि INDIA गठबंधन अब भी कायम है। इस बात पर मुझे यकीन नहीं है। शायद सलमान खुर्शीद इसका जवाब दे सकते हैं, क्योंकि वह INDIA गठबंधन की बातचीत टीम का हिस्सा थे। अगर गठबंधन पूरी तरह कायम है तो मुझे बहुत खुशी है, लेकिन यह बहुत मजबूत नहीं लगता। हालांकि इसे अभी भी जोड़ा जा सकता है, समय है, घटनाएं अभी और घटेंगी।” अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को साझा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि गठबंधन केवल चुनावी वक्त पर नहीं बनाए जा सकते। उन्होंने कहा, “मेरा गठबंधनों को लेकर नजरिया अलग है। तमिलनाडु में लंबे अनुभव से मैंने सीखा है कि गठबंधन चुनाव के समय नहीं बनते, उन्हें पांच साल तक पोषित करना पड़ता है। देश में केवल दो राज्य हैं जहां यह मॉडल सफल रहा है वे हैं केरल और तमिलनाडु। वहां गठबंधन हार और जीत दोनों में एक साथ रहे हैं।” हालांकि इस दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा जैसा संगठित राजनीतिक दल देश के इतिहास में नहीं रहा। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह एक मशीन है। इसके पीछे एक और मशीन है। ये दोनों मिलकर देश की संस्थाओं पर नियंत्रण रखते हैं। चुनाव आयोग से लेकर थाने तक। यह जितना संभव हो, एक लोकतंत्र में उतना ही ताकतवर संगठन है। यह किसी एकदलीय शासन जैसे ढांचे की तरह कार्य करता है, हालांकि मैं यह नहीं कह रहा कि हम एकदलीय शासन में हैं।” सलमान खुर्शीद ने भी जताई चिंता पुस्तक के सह-लेखक और पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि INDIA गठबंधन को बरकरार रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “अगर आप किसी पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहते हैं, तो उसे बार-बार अपमानित या दबाव में नहीं डाल सकते। किताब में कई उदाहरण दिए गए हैं, जहां हमारी संवेदनाओं को नजरअंदाज किया गया।”

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