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मध्यप्रदेश में आज हीट-वेव के बीच इन जिलों में आंधी-बारिश, भोपाल-इंदौर समेत 39 जिलों में आंधी का अलर्ट

भोपाल उत्तरी मध्य प्रदेश में गर्मी का पारा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बादल, बारिश के असर से तापमान में घट बढ़ रही है। खुजराहो सहित तीन जिलों में शुक्रवार को लू का असर रहा, जबकि ग्वालियर, नौगांव सहित आधा दर्जन जिलों में पारा 43 से 44 डिग्री तक दर्ज हुआ है। प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो में पारा 45.8 डिग्री रहा है। साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर भी रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को भी दो दर्जन जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होगी। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के उत्तरी मप्र में दिन का पारा और बढ़ेगा, जिससे आधा दर्जन तक जिलों में लू का असर हो सकता है। हालांकि, इस बीच भोपाल में बादल, बौछारों से तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। शुक्ला के अनुसार अभी एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के सक्रिय है। यहां से एक ट्रफ बिहार पश्चिमी बंगाल होते हुए उत्तरी बांग्लादेश तक सक्रिय है। एक सकुर्लेशन पूर्वी मप्र और इससे सटे उत्तर पूर्वी अरब सागर तक सक्रिय है। इससे प्रदेश में नमी आ रही है। इसी कारण से अभी प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ बारिश का दौर भी चलेगा। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा। 3 घंटे की धूप ने किया बेहाल राजधानी में दोपहर तक बादल छाए रहे, लेकिन एक बजे के बाद बादल छंटते गए। हवा में 40 फीसदी से अधिक नमी के कारण दोपहर दो बजे के बाद धूप का असर बढ़ गया। 5 से 6 बजे के बीच 3 घंटे की धूप में ही लोगों को तेज गर्मी और उमस का अहसास रहा। दिन का पारा दोपहर में ढाई बजे के करीब 38 डिग्री था, जो 3 से 4 बजे के बीच एक से दो डिग्री तक और बढ़ गया। हालांकि, शाम को हवाओं के रफ्तार पकड़ते ही गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली। 6 जिलों में 31 डिग्री तक रात का पारा शुक्रवार को पांच जिलों में रात का पारा 29 से 31 डिग्री के बीच तक रहा है। इनमें रीवा सबसे गर्म 31 डिग्री रहा। दमोह 29.5, बड़वानी 29.2 निवाड़ी 29.1 और सीधी तथा सतना में न्यूनतम पारा 29 डिग्री रहा है। इन जिलों में रात में काफी गर्मी महसूस की गई। आज यहां आंधी-बारिश मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार तक भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, आगर, मंदसौर, नीमच, भिंड, मुरैना आदि में कहीं कहीं गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। शुक्रवार को दोपहर के शाम के बीच डिंडोरी, सिवनी, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी, मंडला, अनूपपुर, बालाघाट, पांढुर्ना, बैतूल, धार, आंधी के साथ कहीं बारिश तो कहीं कुछ देर ओले गिरे हैं। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा।

एनटीए जारी कर सकेगा NEET UG 2025 का परिणाम, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में किया बदलाव

 इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने नीट यूजी के परीक्षा परिणाम घोषित करने पर गुरुवार को लगाई रोक एक दिन बाद ही शुक्रवार को हटा ली। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर शेष सेंटरों के परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने शासन से कहा है कि वह इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों की सूची विस्तृत जवाब के साथ प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई 19 मई को होगी। चार मई को देशभर में नीट यूजी परीक्षा आयोजित हुई थी। इसके लिए इंदौर में 49 केंद्र बनाए गए थे, मगर जोरदार बारिश और हवा के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कई परीक्षा केंद्रों की बिजली गुल हो गई। 15 मई को आदेश जारी कर लगाई थी रोक इस कारण केंद्रों में अंधेरा छा गया और परीक्षार्थियों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी। कई जगह तो मोमबत्ती का इंतजाम भी नहीं हो सका था। परीक्षा के दौरान हुई इस अव्यवस्था को लेकर दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 15 मई को आदेश जारी कर नीट यूजी का परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को मामले में दोबारा सुनवाई हुई। पक्ष सुने बगैर दिया आदेश केंद्र शासन की ओर से एडवोकेट हिमांशु जोशी ने कोर्ट को बताया कि हमारा पक्ष सुने बगैर आदेश जारी किया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि कुछ सेंटरों पर हुई अव्यवस्था की वजह से पूरे परीक्षा परिणाम पर रोक लगाना सही नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट मृदुल भटनागर ने विरोध किया। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने आदेश दिया कि एनटीए इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर परिणाम घोषित कर सकता है। अगली सुनवाई 19 मई को होगी।

अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

भारतीय सेना ने दिखायी ऐतिहासिक शौर्य, पराक्रम और वीरता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री तिरंगा यात्रा में हुए शामिल-पूरा इंदौर हुआ देश भक्ति से ओतप्रोत अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा हर तरफ हुआ भारत माता की जय और वंदे-मातरम् का उदघोष इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब नए दौर का शक्तिशाली भारत दिखाई दे रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से हमारी तीनों सेना ने अपने साहस, शौर्य, पराक्रम और वीरता से दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। भारतीय सेना ने दुश्मन को अल्प समय में ऐतिहासिक जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर से पूरी दुनिया ने हमारी ताकत, एकजुटता और अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग देखा है। आतंकवादियों के मंसूबों को भी नाकाम किया गया है। कोई भी ताकत अब भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हम सब सेना को सम्मान देने के लिए इस यात्रा में एकत्रित हुए हैं। लगातार तिरंगा यात्राओं से सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा रहा है। यह यात्रा जिला से लेकर पंचायत स्तर तक लगातार जारी रहेगी। उन्होंने इंदौर की तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में अपार जोश और उल्लास के साथ निकली तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। इन्दौर में तिरंगा यात्रा बड़ा गणपति से प्रारंभ हुई और गोराकुण्ड, खजुरी बाजार होते हुए ऐतिहासिक महत्व के राजबाड़ा पर सम्पन्न हुई। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने हर तरफ हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। यात्रा से पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया और पूरा आसमान भारत माता की जय और वंदे-मातरम् के उदघोष से गुंजायमान रहा। यात्रा में बच्चों से लेकर वृद्धों तक हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी रही। यात्रा में हर धर्म, हर जाति और हर वर्ग के लोग इस यात्रा में शामिल हुये और उन्होंने अपने राष्ट्रप्रेम की झलक बिखरते हुए सेना के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। यात्रा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी तथा सुकविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, विधायकगण रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल, सुमित मिश्रा तथा श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी साथ थे। महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा यात्रा के प्रारंभ में बड़ा गणपति पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने तिरंगा यात्रा के समापन के बाद लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित 10 दिनी उत्सव का होगा आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती मनाई जा रही है। यह संयोग है कि 20 मई को तिथि के अनुसार उनकी जयंती है और विवाह की वर्षगांठ भी है। साथ ही उनके ससुर मल्हारराव होलकर की पुण्यतिथि भी है। इसको देखते हुए 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट की बैठक आयोजित की जा रही है। इसी दिन से पूरे प्रदेश में 10 दिनी उत्सव का आयोजन भी शुरू किया जा रहा है। इसका समापन भोपाल में भव्य रूप से 31 मई को किया जाएगा। प्रदेश में 10 दिनी उत्सव के तहत जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

राजस्थान में बेटियों को भजनलाल सरकार देगी 25 से 40 हजार रुपए, यह कागज होने जरूरी

जयपुर: राजस्थान सरकार ने बेटियों के लिए एक खास योजना शुरू की है। भजनलाल शर्मा सरकार चाहती है कि राज्य की बेटियां आत्मनिर्भर बनें और खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ें। इसलिए, 11वीं कक्षा से लेकर पीएचडी करने वाली छात्राओं को हर साल 15 हजार से 40 हजार रुपये तक की मदद मिलेगी। यह योजना उन छात्राओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और खेती को सिर्फ खेत तक ही नहीं, बल्कि प्रयोगशालाओं और मैनेजमेंट संस्थानों तक ले जाना चाहती हैं। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए नई योजना राजस्थान सरकार बेटियों को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार का मानना है कि बेटियां अब खेतों से लेकर रिसर्च लैब तक अपनी पहचान बनाएंगी। इस योजना के तहत, सरकार पढ़ाई के हर स्तर पर छात्राओं की मदद करेगी। हालांकि इस योजना का नाम अभी तय नहीं है, लेकिन इसका लक्ष्य बेटियों को कृषि शिक्षा में प्रोत्साहित करना है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है। सरकार ने प्रोत्साहन राशि को अलग-अलग स्तरों पर बांटा है-     11वीं और 12वीं में कृषि विषय लेने पर: 15,000 रुपये प्रति वर्ष     कृषि स्नातक (B.Sc. Ag, डेयरी, उद्यानिकी, कृषि अभियांत्रिकी आदि): 25,000 रुपये प्रति वर्ष (4 साल का कोर्स)     कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर में बीएससी एग्री-बिजनेस: 25,000 रुपये प्रति वर्ष (5 साल का कोर्स)     एम.एस.सी. कृषि में: 25,000 रुपये प्रति वर्ष (2 साल तक)     पीएच.डी. कृषि में: 40,000 रुपये प्रति वर्ष (अधिकतम 3 साल तक)   जानें जरूरी शर्तें इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी हैं। छात्राएं राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए। साथ ही, वे राज्य सरकार या राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेजों में कृषि से जुड़ी पढ़ाई कर रही हों। आवेदन करते समय, छात्राओं को अपना मूल निवास प्रमाण पत्र और पिछली कक्षा की मार्कशीट जैसी जानकारी देनी होगी। आवेदन करने का तरीका भी आसान है। छात्राएं एसएसओ आईडी या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने के बाद, कृषि विभाग के अधिकारी इसकी जांच करेंगे। फिर, स्कूल या कॉलेज के प्रिंसिपल एक सर्टिफिकेट जारी करेंगे। आखिरी में जिला परिषद के संयुक्त निदेशक (कृषि विस्तार) इसे मंजूरी देंगे। इनको नहीं मिलेगा लाभ प्रिंसिपल की भी जिम्मेदारी तय की गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रा उसी कक्षा में दोबारा दाखिला नहीं ले रही है और परीक्षा में फेल नहीं हुई है। अगर प्रिंसिपल गलत जानकारी देते हैं, तो वे इसके लिए जिम्मेदार होंगे। कुछ छात्राओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। जैसे कि, जो छात्राएं पिछली कक्षा में फेल हो गई हैं, या जो अपनी श्रेणी सुधारने के लिए फिर से उसी कक्षा में दाखिला ले रही हैं, उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, अगर कोई छात्रा बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती है, तो उसे भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 सरकार ने आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 रखी है। इसलिए, जो छात्राएं कृषि में करियर बनाना चाहती हैं, उनके पास अभी काफी समय है। लेकिन, उन्हें सही दस्तावेज और तैयारी के साथ आवेदन करना होगा। सरकार का कहना है कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी है। सरकार चाहती है कि बेटियां कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपनी पहचान बनाएं। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से राज्य में कृषि क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी।

RCB-KKR के बीच होने वाले मुकाबले से आईपीएल 2025 की दोबारा शुरुआत होगी

बेंगलुरु इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 फिर से पटरी पर लौट रहा है. भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते इस लीग को एक हफ्ते के लिए स्थगित करना पड़ा था. अब शनिवार (17 मई) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइटराइडर्स (RCB) के बीच होने वाले मुकाबले से आईपीएल 2025 की दोबारा शुरुआत होगी. बेंगलुरु-कोलकाता का यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे से बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा. कोहली पर होंगी सबकी निगाहें इस मुकाबले में सबकी निगाहें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पर होंगी, जो टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पहली बार मैदान पर उतरेंगे. स्टेडियम में भी फैन्स ‘कोहली-कोहली’ के नारे निश्चित तौर पर लगाएंगे. वैसे भी ज्यादातर प्रशंसक इस मुकाबले में कोहली के सम्मान में सफेद जर्सी पहनकर मैदान पर आ सकते हैं. किंग कोहली भी टेस्ट करियर से शॉकिंग रिटायरमेंट के बाद इस मुकाबले में दमदार पारी खेलना चाहेंगे. इसमें कोई शक नहीं है कि केकेआर पर आरसीबी का पलड़ा भारी होगा. चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के खिलाफ चोटिल हुए कप्तान रजत पाटीदार फिट हो चुके हैं, जो आरसीबी के लिए अच्छी खबर है. आरसीबी के अधिकांश विदेशी खिलाड़ी भी टीम को जॉइन कर चुके हैं. फिल साल्ट, लुंगी एनगिडी, टिम डेविड, लियाम लिविंगस्टोन और रोमारियो शेफर्ड जैसे खिलाड़ी सेलेक्शन के लिए उपलब्ध हैं. हालांकि तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की चोट के कारण गैरमौजूदगी आरसीबी के लिए एक बड़ी समस्या हो सकती है. उधर कोलकाता नाइट राइडर्स को मौजूदा सत्र में सबसे ज्यादा निराश उसके बल्लेबाजों ने किया है. कप्तान अजिंक्य रहाणे और युवा अंगकृष रघुवंशी के अलावा किसी भी बल्लेबाज में निरंतरता नहीं दिखी है. केकेआर को वेंकटेश अय्यर, आंद्रे रसेल और रिंकू सिंह से अब दमदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी. वैसे केकेआर को इंग्लिश ऑलराउंडर मोईन अली की कमी खलेगी, जो वायरल बुखार के कारण बाहर हो गए हैं. वरुण चक्रवर्ती, सुनील नरेन, वैभव अरोड़ा और हर्षित राणा केकेआर की बॉलिंग की अहम कड़ी रहने वाले हैं. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की संभावित प्लेइंग इलेवन: विराट कोहली, फिल साल्ट, मयंक अग्रवाल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, लुंगी एनिगडी, भुवनेश्वर कुमार, यश दयाल. कोलकाता नाइट राइडर्स की संभावित प्लेइंग इलेवन: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सुनील नरेन, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती. फैंटेसी इलेवन में ये होंगे बेस्ट: फिल साल्ट, विराट कोहली (उप-कप्तान), रजत पाटीदार, अजिंक्य रहाणे, अंगकृष रघुवंशी, सुनील नरेन (कप्तान), क्रुणाल पंड्या, आंद्रे रसेल, भुवनेश्वर कुमार, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती. आईपीएल 2025 की अंकतालिका में फिलहाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दूसरे नंबर पर है. आरसीबी के 11 मैचों में 8 जीत से 16 अंक हैं. इस मुकाबले में जीत उसे प्लेऑफ में जगह पक्की कर देगी. दूसरी तरफ कोलकाता नाइट राइडर्स 12 मैचों में 11 अंकों के साथ तालिका में छठे स्थान पर है. आरसीबी के हाथों मुकाबला हारने पर केकेआर प्लेऑफ की रेस से पूरी तरह बाहर हो जाएगी. IPL में आरसीबी-केकेआर के बीच H2H इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच अबतक 35 मुकाबले हुए हैं. इस दौरान 20 मैचों में कोलकाता की टीम को जीत मिली. वहीं 15 मैच आरसीबी ने जीते. इस सीजन में दोनों टीमें दूसरी बार भिड़ रही हैं. इससे पहले 22 मार्च 2025 को दोनों टीमों के बीच ईडन गार्डन्स में मुकाबला हुआ था. उस मुकाबले में आरसीबी ने 7 विकेट से जीत हासिल की थी. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का स्क्वॉड: फिल साल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड, यश दयाल, रसिख सलाम डार, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, नुवान तुषारा, लुंगी एनगिडी, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा, अभिनंदन सिंह. कोलकाता नाइट राइडर्स का स्क्वॉड: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, अंगकृष रघुवंशी, रिंकू सिंह, लवनिथ सिसोदिया, क्विंटन डिकॉक, रहमानुल्लाह गुरबाज, सुनील नरेन, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वेंकटेश अय्यर, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, वैभव अरोड़ा, मयंक मार्कंडे, उमरान मलिक, एनरिक नॉर्किया, स्पेंसर जॉनसन.  

CG में एसीबी और ईओडब्ल्यू की छापेमारी, 100 अधिकारी, नेता-मंत्री के घर में घुसे धड़ाधड़

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की है. प्रदेश में हुए शराब घोटाले को लेकर एसीबी और ईओडल्ब्यू की टीम ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकाने पर फिर छापा मारा. शनिवार सुबह ईओडलब्यू की टीम ने रायपुर, जगदलपुर, सुकमा, तोंगपाल, दंतेवाड़ा, अंबिकापुर सहित करीब 15 ठिकानों पर दबिश दी है. लगभग 100 अफसरों की अलग-अलग टीमों ने छापा मारा. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, सुकमा और अंबिकापुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) की संयुक्त टीमों ने शनिवार को छापा मारा. यह कार्रवाई शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामलों को लेकर की गई. सूत्रों के मुताबिक, दंतेवाड़ा जिले के तोंगपाल और सुकमा में पूर्व मंत्री कवासी लखमा से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए. कांग्रेस नेता राजकुमार तांबों के ठिकानों पर छापा दंतेवाड़ा में कांग्रेसी नेता राजकुमार तांबों के निवास पर ACB और EOW की टीमें सुबह पहुंचीं. तांबों को कवासी लखमा का करीबी और गरीबों का नेता माना जाता है. सूत्रों का कहना है कि टीमें महत्वपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं. शराब घोटाले से संबंधित सबूतों की तलाश में उनके घर और कार्यालयों की गहन जांच चल रही है. वहीं, अंबिकापुर में प्रतिष्ठित व्यवसायी अशोक अग्रवाल के घर ACB की टीम ने छापा मारा. अग्रवाल ध्वजाराम रामकुमार व्यवसायिक प्रतिष्ठान के संचालक हैं और शासकीय विभागों में सामग्री आपूर्ति का काम करते हैं. सकुमा जिले में 4 ठिकानों पर छापे कोतवाली थाना क्षेत्र के बसंतलाल गली स्थित उनके निवास पर सुबह तीन गाड़ियों में पहुंची ACB की टीम ने जांच शुरू की. सुकमा जिला मुख्यालय में भी ACB ने एक हार्डवेयर दुकानदार के घर छापेमारी की. आय से अधिक संपत्ति के मामले में यह कार्रवाई की जा रही है. जिला मुख्यालय में चार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए. ACB और EOW की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा है. सभी स्थानों पर जांच जारी है और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. रायपुर के देवेंद्र नगर के शहीद हेमू कलाणी वार्ड स्थित जी नागेश्वर राव और जी श्रीनिवास राव के घर भी छापा पड़ा है। श्रीनिवास कांग्रेस से पार्षद प्रत्याशी थे। नागेश्वर राव कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के करीबी हैं। सुबह 2 गाड़ियों में करीब 8-10 अधिकारियों ने दबिश दी है। EOW-ACB की टीम दस्तावेज खंगाल रही है। वहीं दंतेवाड़ा में कांग्रेस नेता राजकुमार तामो के घर ACB-EOW ने दबिश दी है।राजकुमार तामो को कवासी लखमा का करीबी माना जाता है। सुकमा जिले में 4 स्थानों पर छापेमारी हुई है। इसमें जिला मुख्यालय के 3 और तोंगपाल के 1 स्थान पर कार्रवाई जारी है। अंबिकापुर में कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी फर्म के खिलाफ रेड इनमें हार्डवेयर और पेट्रोल पंप कारोबारी भी शामिल हैं। ये सभी व्यक्ति भी कवासी लखमा के नजदीकी बताए जा रहे हैं। वहीं अंबिकापुर में भी कार्रवाई की गई है। यहां ACB-EOW की टीम ने कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी फर्म धजाराम-विनोद कुमार के संचालकों के ठिकानों पर छापा मारा है। इस फर्म का नाम पहले भी चर्चित डीएमएफ (DMF) घोटाले में आ चुका है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। पहले भी ईडी (ED) और आयकर विभाग (IT) इन व्यापारियों पर कार्रवाई कर चुके हैं। फर्म के संचालक मुकेश अग्रवाल और विनोद अग्रवाल हैं, जिनके घरों पर शनिवार सुबह छापेमारी शुरू हुई। घोटाले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं छापेमारी के दौरान दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़ी कई अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। फिलहाल ACB-EOW की टीमें जांच में जुटी हैं। पूरे नेटवर्क को खंगालने का काम चल रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। क्या है शराब घोटाला ? छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई। इससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है। ED का आरोप- लखमा सिंडिकेट का अहम हिस्सा थे ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी।वही शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। वही ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया। कमिशन के पैसे से बेटे का घर बना, कांग्रेस भवन निर्माण भी ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे। ईडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। घोटाले की रकम 2100 करोड़ से ज्यादा लखमा के खिलाफ एक्शन को लेकर निदेशालय की ओर से कहा गया कि जांच में पहले पता चला था कि अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य लोगों का शराब सिंडिकेट छत्तीसगढ़ राज्य में काम कर रहा था। इस घोटाले की रकम 2100 करोड़ रुपए से ज्यादा है। 2019 से 2022 के बीच चले शराब घोटाले में ED के मुताबिक ऐसे होती थी अवैध कमाई।     पार्ट-A कमीशन: CSMCL … Read more

34 गांव के किसानों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा, निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के दिए निर्देश, गुणवत्ता का रखें ध्यान- मुख्यमंत्री

रायपुर सुशासन तिहार के अपने दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सीतागांव के समाधान शिविर के बाद हेलीकॉप्टर से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गभरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के समीप 220 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे सिद्धबाबा सिंचाई जलाशय परियोजना का निरीक्षण किया। इस सिंचाई जलाशय से 34 गांवों के लगभग साढ़े चार हजार किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। जलाशय से 1840 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और 1380 हेक्टेयर में रबी फसलों की सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री साय ने जलाशय स्थल का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जलाशय न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनेगा, बल्कि इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त आधार होगा। हमारी सरकार हर किसान तक पानी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। गौरतलब है कि इस जलाशय के माध्यम से तीन जिलों के 34 गांवों खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के गभरा, कोटरीछापर, दोड़िया, विचारपुर, बुन्देली, मुरई, खैरी, सीताडबरी, कोटरा, साल्हेकला, बेमेतरा जिले के पठारझोरी, चिचानमेटा, जानो, रानो, गाड़ाडीह, सोनडबरी गांव और दुर्ग जिले के अगारकला, अगारखुर्द, साल्हेखुर्द, नवागांव में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। इसके अलावा डुबान क्षेत्र के किसान भी 120 हेक्टेयर भूमि पर रबी और सब्जियों की खेती कर सकेंगे। जलाशय से प्रतिवर्ष 498 क्विंटल मत्स्य उत्पादन की संभावना है, जिससे 200 ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र के भूजल स्तर में वृद्धि होगी, जिससे निस्तारी और पेयजल संकट भी कम होगा। कुल 23 निर्मित लघु जलाशयों को जल आपूर्ति भी इसी परियोजना से सुनिश्चित होगी। इनमें विकासखंड छुईखदान के 13 जलाशय-साजा के 7 जलाशय-धमधा के 3 जलाशय शामिल है।

योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया स्पष्ट संदेश: सभी पंचायतों में आयोजित होगी तिरंगा यात्रा कमिश्नर और कलेक्टर करें नियमित प्रवास; राजस्व न्यायालय का समयबद्ध और नियमित संचालन करें सुनिश्चित-मुख्यमंत्री साय योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार अंतर्गत राजनांदगांव जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में  अधिकारियों को विकास और जनसेवा के लिए नियमित भ्रमण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास तथा राजस्व न्यायालयों के समयबद्ध संचालन के संबंध में कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब अधिकारी जमीनी हकीकत से जुड़े रहेंगे और जनता की समस्याओं का निराकरण सीधे उनकी उपस्थिति में किया जाएगा। इसके लिए सभी कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीन जिलों और ब्लॉकों में नियमित भ्रमण और प्रवास करें तथा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की भौतिक निगरानी सुनिश्चित करते हुए जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करें। मुख्यमंत्री साय ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालय का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्रत्येक अधिकारी पूर्वनिर्धारित न्यायालय कैलेंडर के अनुसार ही कार्य करें। केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही न्यायालय की तिथि रद्द की जाए। इससे न केवल आमजन को समय पर न्याय मिलेगा बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन की रीढ़ यही है कि अधिकारी जनसम्पर्क बनाए रखें, जनता के बीच उपस्थित रहें, और उनकी समस्याओं को त्वरित रूप से हल करें। यह न केवल विश्वास की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि शासन की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के जिला पंचायत भवन के सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने बैठक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो तथा हर पात्र हितग्राही तक लाभ समय पर पहुँचे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि आमजन को योजनाओं की जानकारी समय रहते मिले और वे उसका लाभ उठा सकें। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु नियमित शिविरों का आयोजन हो। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी आवासीय योजनाओं की लंबित मांगों का शतप्रतिशत  निराकरण किया जाए। साथ ही जिलों में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय एवं पारदर्शिता बनाए रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य है कि शासन और प्रशासन की पहुंच गांव, गरीब और अंतिम पंक्ति के नागरिक तक सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत दी गई अधिकांश घोषणाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। उन्होंने सभी जिलों में अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना की और कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासन को समर्पित होकर और समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि आने वाले खरीफ सीजन को देखते हुए सभी जिलों में कृषकों की आवश्यकताओं के अनुरूप पूर्व तैयारी सुनिश्चित कर लें। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से शिविर लगाकर लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध समाधान मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 1460 पंचायतों में अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इन केंद्रों के सुचारू संचालन से ग्रामीण नागरिकों को बैंक, दस्तावेज़ और डिजिटल सेवाओं के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी और निर्देश दिए कि इनसे जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में तिरंगा यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो राष्ट्रीय चेतना और नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से इस यात्रा में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को समन्वय, तत्परता और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए विकास यात्रा को गति देनी होगी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

राजपूत ने आम जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं नरसिंहपुर जिला प्रभारी मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने जिला खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन व भंडारण करने वालों पर तत्काल एक्शन लें। खनिज, पुलिस और राजस्व विभाग का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने नरसिंहपुर में जिला योजना समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। राजपूत ने आम जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जिले में हो रहे कार्यों से अवगत कराया जाये। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत माह अप्रैल में खाद्यान्न वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में हुए गेहूं उपार्जन का भुगतान शत प्रतिशत पूरा करें। मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का सम्मान करें मंत्री श्री राजपूत ने लगातार नरसिंहपुर जिला प्रदेश में तीसरी बार प्रथम आने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाये। इसके अलावा नवीन व्यावसायिक शिक्षा में अधिक से अधिक पंजीयन करायें, जिसमें युवाओं की मांग व उनके रूझान के अनुरूप प्रशिक्षण करवायें। इससे उन्हें रोजगार से जोड़ा जा सके। इसके लिए प्रशिक्षण के कोर्स भी बढ़ायें जायें। महिलाओं को सेंट आरसेटी में कौशल उन्नयन एवं रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाये, जिससे महिलाओं को एनआरएलएम से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने  कहा कि निर्माण एजेंसी सीएम राइज स्कूलों के निर्माण कार्य में तेजी लायें और पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करें। नरवाई नहीं जलाने किसानों को जागरूक करें मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जिले में नरवाई नहीं जलाने के लिए संगोष्ठी, चौपाल आदि के माध्यम से किसानों को प्रेरित कर उन्हें नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बतायें। प्रभारी मंत्री श्री राजपूत ने जिले में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चला रही है। अभियान में सभी की सहभागिता सुनिश्चित की जाये। योजना समिति की बैठक में लिये गये निर्णयों को शीघ्र अमल में लाने  के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। बैठक में सांसद द्वय फग्गन सिंह कुलस्ते एवं चौ. दर्शन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, विधायक द्वय विश्वनाथ सिंह पटेल एवं महेन्द्र नागेश, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता ठाकुर  एवं  विभागीय अधिकारी मौजूद थे।  

CM साय ने राजनांदगांव में 9 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया

   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिले के चिखली में 9 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। यहां शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों का प्रकाशन होता है। मुख्यमंत्री ने शासकीय मुद्रणालय के नवनिर्मित भवन और वहां की प्रकाशन तथा अन्य व्यवस्था का भी अवलोकन किया।     राजनांदगांव स्थित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय भवन छत्तीसगढ़ में एक मात्र शासकीय मुद्रणालय है जहां महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों का प्रकाशन किया जाता है। मुद्रणालय का पुराना भवन अत्याधिक पुराना होने के कारण नये भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।     शासकीय मुद्रणालय के नवीन भवन में पेपर गोडाउन, प्रिटिंग मटेरियल स्टोर, बाइडिंग एवं पेपर स्टोर, मेकेनिकल स्टोर, काम्पोजिंग एवं रीडिंग रूम, टाइप स्टोर, कैमरा रूम, असिस्टेंट सुपरिटेंडेन्ट कक्ष, डायरेक्टर रूम, कॉन्फ्रेंस रूम एवं अन्य आवश्यक व्यस्थाएं रखी गई है। यहां 4 बड़े हाल एवं 12 कमरे हैं।     इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं शासकीय मुद्रणालय के अधिकारी-कर्मचारी  उपस्थित थे।

आजीविका मिशन के महिला समूहों के व्‍यवसाय में होगी बढ़त

बायर-सेलर मीट में समूहों के उत्‍पादों में रूचि दिखाई क्रेताओं ने साढ़े नौ हजार टन सामग्री क्रय हेतु अनुबंध हुये आजीविका मिशन के महिला समूहों के व्‍यवसाय में होगी बढ़त भोपाल स्‍व-सहायता समूहों के उत्‍पादों की विक्री हेतु भोपाल में आयोजित की गई दो दिवसीय बायर-सेलर मीट में बडी संख्‍या में बायर पहुंचे। क्रेताओं ने समूहों के उत्‍पादों में अपनी रूचि दिखाई। इस दौरान समूहों से सामग्री खरीदने के लिये 16 व्‍यापारिक अनुबंध किये गये, जिसके तहत लगभग साढे नौ हजार टन सामग्री क्रय की जायेगी। इसमें मुख्‍य रूप से आलू, गेहूं, चावल, दाल, मूंगफली, मोरिंगा पावडर तथा सरसों का तेल आदि शामिल है। इसी प्रकार गैर कृषि आधारित उत्‍पादों के अंतर्गत कलात्‍मक बस्‍तुओं में 200 गौंड पेण्टिंग तथा लगभग 2 लाख रूपये की बैगा कलाकृतियां खरीदने का अनुबंध तथा ई-सरस दिल्‍ली द्वारा शिवपुरी जिले के बदरवास की जैकेट व मंदसौर जिले के फ्रूट शर्बत की विक्री हेतु वेण्‍डर के रूप पंजीयन किया गया। इसके अलाबा मिलेट एवं मिलेट उत्‍पाद, सरसों, गेहूं एवं मक्‍का के लिये लॉजिस्टिक सपोर्ट हेतु सहमति बनी। ज्ञातव्‍य है कि मध्‍यप्रदेश राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा महिला स्‍व-सहायता समूहों के उत्‍पादों की बिक्री में बढोत्‍तरी के लिये बायर – सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई 2025 को भोपाल के अरेरा हिल्‍स स्थित विकास भवन के सभागार में किया गया था। इसका उद्घाटन 15 मई को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया गया था। बायर-सेलर मीट के लिये 149 क्रेताओं द्वारा ऑनलाईन प्री-रजिस्‍ट्रेशन किया गया था। 64 क्रेताओं ने उपस्थित होकर सामग्री देखी। अनुबंध करने बाली प्रमुख क्रेता फर्म में सिद्धि विनायक एग्री प्रोसेसिंग, समुन्‍नत, ANGV (A Next Generation Ventures), मीरा होटल वेयर एवं ई-सरस आदि शामिल हैं। इसके अलाबा अन्‍य क्रेताओं ने भी अपनी रूचि दिखाई है संभावना है, निकट भविष्‍य में इनका समूहों के साथ अनुबंध होने की उम्‍मीद है। बायर – सेलर मीट से समूहों के उत्‍पादों को वृहद बाजारों से सीधे जुडकर अधिक लाभ प्राप्‍त करने का अवसर मिला है साथ ही विभिन्‍न जिलों से आई समूह सदस्‍य का भी उत्‍साहवर्धन हुआ है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं:CM यादव

मध्यप्रदेश, गुजरात की तर्ज पर कर रहा है उद्योगों का तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत टैक्स 2026 से पहले मेटेक्सिल के विशेष-सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों की सहभागिता आरआईसी और जीआईएस भोपाल के बाद अब विषयवार उद्योग संवर्धन कार्यक्रम प्राथमिकता प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया के विकास का संकल्प कारखाने हमारे हैं मंदिर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने, श्रमिकों, सहयोगी नागरिकों, सड़क और अन्य आवागमन सुविधाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सरलता के कारण औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। गुजरात हमारे लिए आदर्श है। मध्यप्रदेश भी गुजरात की तर्ज पर उद्योगों के विकास का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में बेंगलुरू में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा मध्यप्रदेश में रायसेन जिले में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना के लिए की गई पहल पर त्वरित कार्रवाई कर कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन का निर्णय बिना विलंब के लिया गया। यह प्रदेश की उद्योग संवर्धन और निवेश वृद्धि की पारदर्शी नीति का नवीनतम उदाहरण है। मध्यप्रदेश उद्योगों के अनुकूल नीतियों को लागू कर उस स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में शामिल है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रयासरत हैं। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देकर सशक्त नेतृत्व की बेहतरीन मिसाल पेश की है। ‘मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम इंदौर में टेक्सटाइल एक्सपो को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश का समूचा परिदृश्य बदल गया है। उद्योगों के विकास के साथ धन के अर्जन के साथ मानवीय पक्ष को महत्व देने की भारतीय संस्कृति रही है। कोरोना के कठिन समय में प्रधानमंत्री मोदी ने अनेक देशों में लोगों का जीवन बचाने का कार्य किया। यह भारत के इतिहास का गौरवशाली पृष्ठ है। आपरेशन सिंदूर के क्रियान्वयन में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और भारत की सेनाओं का साहस हम सभी के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। एक वस्त्र की बुनाई के लिए जिस तरह एक-एक धागे का अपना महत्व है, उसी तरह संकट के समय में भारत के सभी नागरिक भेदभाव से रहित होकर एकजुटता का परिचय देने में आगे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कारखाने हमारे लिए मंदिर की तरह हैं। देवालय और मंदिर जिस तरह श्रद्धा का केंद्र होते हैं, उसी तरह कारखाने बड़े वर्ग को लाभान्वित करने के पवित्र भाव के साथ संचालित होते हैं। शासन द्वारा लागू अनुकूल नीतियों और सुशासन का लाभ उद्योगों को दिलाने के लिये मध्यप्रदेश में विशेष अभियान चल रहा है। मध्यप्रदेश में जो उद्योगपति आते हैं वे यहीं के होकर रह जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश के सभी संभागों में रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गईं। इसके बाद इस वर्ष फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। इन प्रयासों से 30 लाख हजार करोड़ से अधिक का निवेश लाने में सफलता मिली। अब विभिन्न सेक्टर को ध्यान में रखकर उद्योग संवर्धन कार्यक्रम हो रहे हैं। यह क्रम निरंतर चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता, स्वाद और सुशासन की नगरी है। प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र में नया इतिहास लिखा जाएगा। इंदौर इसका प्रमुख केंद्र होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन ,देवास, मक्सी आदि क्षेत्रों को मिलाकर इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया विकसित किया जाएगा। अधोसंरचना विकास से नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी। प्रदेश के 2 बड़े महानगरीय क्षेत्रों में से एक, इंदौर क्षेत्र के समग्र विकास का संकल्प राज्य सरकार साकार करेगी। राज्यों के मध्य विवाद हो रहे समाप्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी, भूमि और फसल के मुद्दों पर दक्षिण भारत से लेकर अन्य राज्यों तक विवाद रहे हैं। लेकिन, अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इनका समाधान हो रहा है। मध्यप्रदेश ने वर्षों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल (पीकेसी) परियोजना से जुड़ी असहमतियों को राजस्थान के साथ संवाद कर समाप्त किया है। राष्ट्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के परस्पर विवादों को समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में निवेश के लिए एक समर्थ, अनुकूल और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक वातावरण विकसित किया गया है। राज्य न केवल पॉवर सरप्लस है, बल्कि कुल विद्युत आपूर्ति में 30 प्रतिशत हरित ऊर्जा का योगदान है। टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए विशेष अवस्थापना सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें पानी की प्रचुर उपलब्धता, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) युक्त कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), 220 केवी का सब स्टेशन तथा 20 एमएलडी पानी की आपूर्ति शामिल हैं। धार में प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क देश का सबसे लागत-कुशल और उच्चतम रिटर्न देने वाला इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क बनने की दिशा में अग्रसर है, जहाँ 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित कर ली गई है। प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ 4 औद्योगिक कॉरिडोर संचालित हो रहे हैं और एक प्रस्तावित है। छह इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) तथा राष्ट्रीय स्तरीय संस्थान जैसे NIFT भोपाल, NID भोपाल, IITDM जबलपुर और ग्लोबल स्किल्स पार्क की उपस्थिति से प्रदेश एक सशक्त और आधुनिक मूल्य श्रृंखला विकसित करने में सक्षम है। MSME विकास नीति 2025 के अंतर्गत निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए भी व्यापक सहायता प्रावधान किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का बेहतर वातावरण है। यहां कहीं भी किसी बात के लिए उद्योगपतियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। यहां पर सभी अनुमतियों को लेख सेवा केंद्र के माध्यम से नियत समय सीमा में दिए जाने का प्रावधान किया गया है। यहां 30 दिन में उद्योग को प्रारंभ कर सकते हैं साथ ही टैक्सटाइल एंड गारमेंट्स सेक्टर में विशेष अतिरिक्त इंसेंटिव्स दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औद्योगिक योगदान और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मानित करते हुए मेटेक्सिल के चेयरमैन शालीन तोशनीवाल ने स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट किए। साथ ही 25 पौधे महाराष्ट्र में रोपण कर उन्हें जीवित रखने का संकल्प-पत्र भी सौंपा।” “एक्सपोर्ट पोटेंशियल मैन मेड फाइबर टेक्सटाईल्स, होम टेक्सटाईल्स एण्ड टेक्निकल टेक्सटाईल मध्यप्रदेश” सेमिनार मैटेक्सिल के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर ए. रवि … Read more

ज्येष्ठ माह का दूसरा बुढ़वा मंगल, बजरंग बली को करें प्रसन्न

हनुमानजी को कलियुग का देवता कहा जाता है. कहते हैं कि वह आज भी धरती पर मौजूद हैं. मंगलवार के दिन मुख्य रूप से हनुमान जी को समर्पित है. वहीं जेष्ठ माह आने वाले मंगलवार का खास महत्व होता है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रद्धा भाव से बजरंग बली की आराधना करने से व्यक्ति को परम पुण्य की प्राप्ति होती है. वहीं इस दिन कुछ खास उपाय करने से मंगल दोष से भी मुक्ति मिलती है. इसके अलावा व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. दूसरा बड़ा मंगल कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के दूसरे मंगल की शुरुआत 20 मई को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 21 मई को सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, जेष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल 20 मई को पड़ेगा. दूसरा बड़ा मंगल के उपाय कुंडली में मंगल दोष से बचने के लिए बड़ा मंगल के दिन मिट्टी से बनी चीजों का दान जरूर करना चाहिए. क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में मंगल को गर्म ग्रह माना जाता है. ऐसे में अगर आप ठंडी चीजों का दान करते हैं, तो इस उपाय से मांगलिक दोष से भी मुक्ति मिलती है. दुश्मनों से छुटकारा हर किसी के जीवन में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होता है. जो मन ही मन दुश्मनी करते रहते है. वहीं एक समय के बाद कुंठा इतनी बढ़ जाती है, तो वह अहित करने लगते हैं. जीवन में ऐसे लोगों से छुटकारा पाने के लिए जेष्ठ माह के बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी को चमेली का तेल, सिंदूर और चोला चढ़ाएं., मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को शत्रुओं से छुटकारा मिलता है और पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. पूरी होगी इच्छा अगर कोई इच्छा है जो बहुत समय से पूरी नहीं हो रही है, तो बुढ़वा मंगल के दिन एक सरसों के तेल का दिया और मीठा पान के साथ 18 लौंग से तैयार की गई माला लें. इन सभी चीजों को लेकर हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमान जी से सामने दीपक जलाएं. फिर लौंग के माला अर्पित कर बजरंगबली को मीठे पान का भोग लगाएं. उसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और सच्चे दिन से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें.

जो वर्तमान समय में सामाजिक सहभागिता की अनूठी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय बाल चिकित्सालय चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के जनभागीदारी से कायाकल्पित स्वरूप का लोकार्पण कर प्रदेशवासियों को समर्पित किया। लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सालय की अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) का अवलोकन कर सराहना की। चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय जनभागीदारी और जनसहयोग से कायाकल्प किए जाने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता हैं। लगभग 8 करोड़ रुपए की लागत से 2 चरणों में चिकित्सालय का कायाकल्प किया जा रहा हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उक्त राशि सामाजिक संगठनों, दानदाताओं, क्रेडाई इंदौर और सीएसआर फंड्स के माध्यम से एकत्र की गई है , जो वर्तमान समय में सामाजिक सहभागिता की अनूठी पहल हैं। चिकित्सालय का कायाकल्प 2 चरणों में किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण का कार्य मई 2025 में पूर्ण किया जा चुका हैं। चिकित्सालय के कायाकल्प के तहत वातानुकूलित वार्ड्स, पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पी आई सी यू), हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू), सीवियर मालन्यूट्रीशन ट्रीटमेंट यूनिट (एसएमटीयू), एक्स रे कक्ष, मॉड्यूलर किचन, फाउलर बेड्स एवं टॉयलेट्स बनाए गए हैं। इससे बच्चों के उपचार के दौरान अनुकूल वातावरण बनाने में मदद होगी।  

निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ प्रबंधन तक का काम देखने के लिए अलग से टीम बनाईगी कांग्रेस

भोपाल विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन नहीं हुआ तो प्रदेश में नगरीय निकायों के चुनाव 2027 में होंगे। कांग्रेस ने इसकी तैयारी अभी से प्रारंभ की है। प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ प्रबंधन तक का काम देखने के लिए अलग से टीम बनाई जा रही है। इसमें उन नेताओं को रखा जाएगा, जिन्हें चुनाव लड़ाने का अनुभव है। जिला और ब्लाॅक कांग्रेस इकाई की प्रत्याशी चयन में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पार्टी का प्रयास है कि स्थानीय और जातीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी चयन का काम एक वर्ष पूर्व पूरा कर लिया जाए ताकि संबंधित को काम करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। वर्ष 2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने लंबे समय बाद बेहतर प्रदर्शन करते हुए पांच नगर निगम में जीत दर्ज की थी। ग्वालियर, मुरैना, रीवा, छिंदवाड़ा और जबलपुर में कांग्रेस के महापौर बने थे। इसी तरह नगर पालिका और नगर परिषद में भी पार्षद बने थे। कालांतर में विभिन्न कारणों से जबलपुर, छिंदवाड़ा और मुरैना महापौर का पार्टी से मोहभंग हुआ और उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली। छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहाके को लेकर असमंजस आज भी बना हुआ है क्योंकि वह लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल हो गए थे और कुछ दिनों बाद फिर वापसी का दावा किया गया। पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का बड़ा कारण नए चेहरों पर दांव लगाना और समय से पहले प्रत्याशी को लेकर स्थिति स्पष्ट कर देना था। यही काम 2027 में होने वाले निकाय चुनाव के लिए भी अभी से किया जा रहा है। इसके लिए अलग से पूरी टीम बनाई जा रही है, जिसका काम केवल निकाय चुनाव पर फोकस करना रहेगा। प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रबंधन तक में इसकी भूमिका निर्णायक रहेगी। सूत्रों का कहना है कि प्रत्याशी चयन में इस बार जिला और ब्लाक इकाइयों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सर्वे में जिनका नाम प्रमुखता से सामने आएगा, उन पर स्थानीय इकाइयों के अध्यक्षों की राय ली जाएगी। यदि सहमति बनती है तो फिर जिला प्रभारी के माध्यम से प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा।

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