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नहीं चला ‘मिशन इम्पॉसिबल’ का शो, गुस्साए लोगों ने की लीगल एक्शन की मांग

मुंबई हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज अपनी पॉपुलर फ्रेंचाइजी फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल’ का आखिरी पार्ट ‘मिशन इम्पॉसिबल- द फाइनल रेकनिंग’ लेकर आ चुके हैं. पूरी दुनिया से करीब एक हफ्ते पहले उनकी फिल्म इंडिया में आज यानी 17 मई को रिलीज हुई है, जिसे देखने के लिए फैंस काफी एक्साइटेड हैं. मगर दिल्ली के एक थिएटर में मूवी देखने पहुंचे फैंस की एक्साइटमेंट गुस्से और निराशा में तब बदल गई, जब घंटों इंतजार के बाद भी टॉम क्रूज की फिल्म का शो शुरू ही नहीं हुआ. सुबह-सुबह फिल्म देखने पहुंचे फैंस थिएटर में बेहद गुस्से में दिखाई दिए. मिशन इम्पॉसिबल देखने पहुंचे फैंस, मिली निराशा दिल्ली के ‘पी वी आर वेगास’, द्वारका में सुबह 6 बजकर 5 मिनट का शो लगा था. मगर करीब 7.30 बजे तक भी फिल्म शुरू नहीं हुई. ऐसे में नाराज लोगों ने दूसरे ऑडी में शो चलाने की मांग की, मगर उसे लेकर भी मैनेजर के पास जवाब नहीं था. लोगों ने थिएटर वालों से रिफंड मांगा, मगर कोई जवाब नहीं दिया गया. दर्शकों में से कईयों का कहना है कि वो पॉप कॉर्न खत्म कर चुके थे, मगर उन्हें फिल्म का शो चलने को लेकर कोई अपडेट नहीं दिया गया. देखें थिएटर के अंदर के कुछ वीडियोज: पूरे मामले पर थिएटर के ड्यूटी मैनेजर का कहना है कि फिल्म सर्वर ईशु की वजह से नहीं चल पाई, जिसके कारण उन्हें 9.30 का शो भी बंद करना पड़ रहा है. हालांकि काफी देर बहस होने के बाद, थिएटर की ड्यूटी मैनेजर ज्योति ने बताया कि करीब 180 लोगों ने टिकट बुक किए थे, जिसमें से 70 लोगों को रिफंड दे दिया गया है. लोग हुए परेशान, लीगल नोटिस भेजने की मांग थिएटर में मौजूद कुछ लोगों ने आजतक से बातचीत भी की. फिल्म देखने आए एक शुभव्रत नाम के दर्शक ने कहा कि वो कभी इतनी सुबह नहीं उठते, मगर इस फिल्म के लिए वो सुबह 5 बजे उठे और बिना नाश्ता किए फिल्म देखने आए. वहीं, द्वारका के रहने वाले सोनू कुमार ने कहा कि वो फिल्म की एक्साइटमेन्ट में सुबह 5.45 पर थिएटर आ गए थे. मगर अभी तक शो नहीं चला. पॉपकॉर्न खत्म हो गया लेकिन अभी तक फिल्म नहीं चली. थिएटर में मौजूद वकील आशीष मिश्रा ने कहा, ‘6.05 का शो था, काउंटर पर टिकट भी 6.20 पर दिया. मैं एक वकील हूं, मुझे 11 बजे कोर्ट जाना है. सुबह का शो देखकर अपने काम पर जाना चाहता था. दूसरे ऑडी में 10 मिनट बाद का शो शुरू कर दिया, लेकिन इस शो में जो लोग बैठे हैं उन्हें कोई नहीं देख रहा है’. आशीष मिश्रा का कहना है कि वो इस घटना के बाद थिएटर ओनर्स को लीगल नोटिस भेजने का प्लान भी कर रहे हैं. वहीं, अपने काम से नाइट शिफ्ट करके आईं भावना शर्मा ने भी कहा कि वो सुभाष नगर से आई हैं. इसी थिएटर में उनके साथ पहले भी फर्स्ट डे फर्स्ट शो में दिक्कत हुई थी और शो कैंसिल करना पड़ा था. पहले भी मुसीबत में पड़ा है PVR ये पहला मौका नहीं है जब पीवी आर के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है. इससे पहले बेंगलुरु के एक शख्स ने PVR सिनेमा और INOX पर फिल्म से पहले अत्यधिक विज्ञापन दिखाकर वक्त बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया था. शिकायतकर्ता अभिषेक एमआर 26 दिसंबर, 2023 को पीवीआर सिनेमा में सैम बहादुर की स्क्रीनिंग में शामिल हुए थे. फिल्म का निर्धारित समय शाम 4.05 बजे था, लेकिन 25 मिनट के विज्ञापन के बाद यह शाम 4.30 बजे ही शुरू हुई थी. इससे उनका शेड्यूल डिस्टर्ब हुआ, क्योंकि उन्होंने फिल्म के तुरंत बाद काम पर लौटने की योजना बनाई थी. कोर्ट ने इस तरीके को अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस करार दिया और PVR-INOX को निर्धारित समय से आगे विज्ञापन चलाने के बंद करने का आदेश दिया.  

केन्द्रीय भू-जल बोर्ड की टीम ने किया सर्वे, रिपोर्ट के आधार पर बनाए जाएंगे जल स्रोतों के रिचार्ज

भोपाल केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री राकेश सिंह के नेतृत्व में भू-जल विशेषज्ञों की टीम ने विदिशा जिले के जल स्रोतों का सर्वे किया है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इस तरह के सर्वे प्रदेश भर में कराए जाएंगे। इनकी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जल स्रोतों के रिचार्ज के लिए संरचनाएं बनाई जाएंगी। इस कार्रवाई को मानसून के सक्रिय होने से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। जल गंगा अभियान के अंतर्गत प्रदेश की एकल नल जल योजनाओं के स्रोतों के स्थायित्व और निरंतरता के लिए रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण किया जाना है। गांवों में रिचार्ज संरचनाओं के लिए स्थल चयन की सरल और सहज विधि आवश्यक है। इसके लिए प्रथम चरण में विदिशा जिले के तीन गांवों का चयन किया गया है। इनमें विदिशा विकासखंड का लालाखेड़ी, ग्यारसपुर विकासखंड के सिमरहार और मूडरा गणेशपुर शामिल हैं। सर्वे के लिए वैज्ञानिक श्री सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की भू-जल विद सलाहकार डॉ. स्वाति जैन ने जनपद पंचायत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियर्स को प्रशिक्षण दिया। गांवों में खनित नलकूपों का वास्तविक सर्वेक्षण कर उनकी गहराई, जलस्तर, केसिंग की जानकारी एकत्रित की गई। ग्रामीणों को रिचार्ज संरचनाओं की उपयोगिता समझाई गई। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से रिचार्ज का मापदंड, वर्षा जल का प्रभावी रूप से रिचार्ज होना और प्रदूषण रहित जल से भू-जल पुनर्भरण किये जाने के बारे में बताया गया। वैज्ञानिक श्री सिंह ने बताया कि गांव के ढलान के अनुसार पानी को दिशा देकर 3-3 मीटर के फिल्टर के माध्यम से नलकूपों में पुनर्भरण किया जा सकता है। चौपड़ा मंदिर स्थित भैरूगढ़ बावड़ी की सफाई देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। अभियान जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हुआ ये अभियान गंगा दशहरा 30 जून 2025 तक जारी रहेगा। अभियान में जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम देवास की टीम ने जन भागीदारी के साथ चौपड़ा मंदिर स्थित भैरूगढ़ बावड़ी 947 श्रमदान कर साफ-सफाई की। शहडोल के गांव-गांव में श्रमदान से जल संरक्षण जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत शहडोल में ‘आओ बचाएं जल, करे सुरक्षित कल’, ‘पानी बचाओ कल के लिये’, और ‘पानी की बर्बादी जीवन की बर्बादी’ जैसे स्लोगन्स के साथ जल संरक्षण के लिये जनप्रतिनिधियों, जन अभियान परिषद के सदस्यों, समाजसेवी और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से जल संग्रहण संरचनाओं के जीर्णोद्धार, नदी नालों की सफाई, बोरी बंधान और तालाबों का गहरीकरण जैसे जल संरक्षण के अनेक कार्य निरंतर किये जा रहे है। अभियान के अंतर्गत शहडोल के सुमन सरोवर और पोनांग तालाब की साफ-सफाई की गई। ईच्छापुर की प्राचीन शिव पावबावड़ी में स्वच्छता अभियान बुरहानपुर में जन अभियान परिषद ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण के ईच्छापुर गांव में सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के सहयोग से शिव पावबावड़ी पर स्वच्छता अभियान संचालित किया। बावड़ी की साफ-सफाई के साथ ही विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलवाई गई।  

2024-25 में अधोसंरचना विकास का नया अध्याय – 5,500 किमी सड़कें बनीं, 6,400 करोड़ का निवेश

भोपाल मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास का स्वरूप अब केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के मूलमंत्र के साथ सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितकारी अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। राज्य का विशाल सड़क नेटवर्क प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के अधीन 80,775 किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क है। इसमें 9,315 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, 11,389 किमी राज्य राजमार्ग, 25,639 किमी मुख्य जिला मार्ग और 34,432 किमी अन्य जिला मार्ग शामिल हैं। यह नेटवर्क प्रदेश के ग्रामीण, शहरी, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य कर रहा है। विगत एक वर्ष में हुआ अभूतपूर्व निर्माण कार्य विगत एक वर्ष से अधिक लगभग 14 महीनों में 6,400 करोड़ रुपये की लागत से 5,500 किमी सड़कों का निर्माण एवं सशक्तिकरण, 345 करोड़ रुपये से 1,500 किमी का डामरीकरण तथा 2,000 करोड़ रुपये से 110 पुलों और एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 22,500 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 किमी सड़कों और 10,463 करोड़ रुपये से 474 पुलों एवं फ्लाईओवर पर निर्माण कार्य जारी है। शहरी विकास और बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में 6 प्रमुख कॉरिडोर परियोजनाएं – नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ कॉरिडोर, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड कॉरिडोर और मध्य भारत विकास पथ प्रारंभ की गई हैं। ये पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ेंगी। राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण और नया समझौता प्रदेश के लगभग सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को 4 लेन में परिवर्तित करने की योजना में अब तक 4,740 किमी मार्गों को 4 लेन में बदला जा चुका है। शेष 3,050 किमी पर कार्य जारी है। मध्यप्रदेश शासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से 4,010 किमी लंबाई की 22 नई सड़क परियोजनाओं हेतु ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इसमें इंदौर-भोपाल, भोपाल-जबलपुर हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, लखनऊ-रायपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-ग्वालियर, उज्जैन-झालावाड़, सतना-चित्रकूट और रीवा-सीधी जैसे महत्त्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। महाकुंभ-2028 और रोपवे परियोजनाएं उज्जैन महाकुंभ-2028 को ध्यान में रखते हुए इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6 लेन में चौड़ीकरण तथा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का कार्य तेज़ी से चल रहा है। यह प्रदेश का पहला पूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे होगा।साथ ही उज्जैन के महाकाल मंदिर, सागर के नट निकेतन, जबलपुर के गुरुद्वारा और बलदेव बाग में रोपवे परियोजनाएं भी भारत सरकार के सहयोग से प्रारंभ की गई हैं। तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता नियंत्रण गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन, व्हाइट टॉपिंग और माइक्रो सर्फेसिंग जैसी नवीन तकनीकों को अपनाया गया है। निरीक्षण प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली, गुप्त कोडिंग और सैंपलिंग प्रक्रिया लागू की गई है। पिछले 2 महीनों में 21 जिलों में 104 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें दोषियों पर कार्रवाई की गई और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। डिजिटल समाधान: लोकपथ ऐप और निगरानी तंत्र लोक निर्माण विभाग ने तकनीकी उन्नयन के तहत “लोक पथ” मोबाइल ऐप, सार्थक ऐप, इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम और पीएम गति शक्ति पोर्टल को लागू कर निगरानी और शिकायत निवारण प्रक्रिया को सशक्त किया है। गौरतलब है कि लोकपथ ऐप का उल्लेख ‘कौन बनेगा करोड़पति’ जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भी हुआ है। मानव संसाधन विकास और नीति निर्माण प्रदेश के 1,750 इंजीनियरों का कौशल विश्लेषण कर उनके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। साथ ही दीर्घकालिक रोड नेटवर्क मास्टर प्लान एवं रोड सेक्टर पॉलिसी का निर्माण भी प्रगति पर है। हरियाली और जल संरक्षण की दिशा में पहल पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वृक्षों को काटने की बजाय स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘ग्राउंड वॉटर रिचार्ज बोर’ और ‘लोक कल्याण सरोवर’ जैसी योजनाएं जल संरक्षण के उद्देश्य से लागू की गई हैं। प्रदेश नवाचार की नींव पर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर प्रदेश में अधोसंरचना विकास अब केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का आधार बन गया है। “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के ध्येय वाक्य को साकार करते हुए लोक निर्माण विभाग प्रदेशवासियों को बेहतर भविष्य की ओर ले जा रहा है।  

पार्किंग शुरू होने से स्थानीय लोगों व मार्केट के दुकानदारों ने राहत की सांस ली, छह माह बाद फिर से शुरू हुई पार्किंग

नई दिल्ली कृष्णा नगर इलाके में छह माह बाद फिर से दिल्ली नगर निगम की बहुमंजिला पार्किंग शुरू हो गई है। दमकल विभाग की एनओसी मिलने के बाद इसको शुरू किया गया है। पार्किंग शुरू होने से स्थानीय लोगों व मार्केट के दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। पार्किंग के बंद होने से लोग सड़कों पर वाहनों को पार्क कर रहे थे। जिससे क्षेत्र में जाम की समस्या बनी हुई थी। पार्किंग में अभी लाइट की व्यवस्था नहीं है, पार्किग ठेकेदार ने बिजली के मीटर के लिए बीएसईएस में आवेदन किया हुआ है। कार मालिकों से एक माह का किराया दो हजार रुपये लिया जा रहा है। पार्किंग में 250 गाड़ियों के खड़े होने की जगह है। यह निगम की यमुनापार में एकमात्र बहुमंजिला पार्किंग है। गत 31 अक्टूबर को पार्किंग संचालक की ठेका अवधि पूरी हो गई थी। निगम ने समय रहते इसकी फायर एनओसी नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था। एनओसी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को फिर से पार्किंग शुरू कर दी गई है। जोन चेयरमैन संदीप कपूर ने बताया कि पार्किंग में आग बुझाने के उपकरण लगे हुए हैं। जैसे की फायर अलार्म, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, इंटर्नल हाइड्रेंट, यार्ड हाइड्रेंट में कमी थी। जिस वजह से एनओसी मिल नहीं पा रही थी। चेयरमैन ने स्थानीय लोगों से कहा कि पार्किंग शुरू हो गई है। लोग सड़कों की जगह पार्किंग में अपना वाहन खड़ा करें। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्किंग के बंद होने से वह काफी समस्या का सामना कर रहे थे। क्षेत्र में कोई दूसरी ऐसी पार्किंग नहीं है, जहां वह अपना वाहन खड़ा कर सकें। बहुमंजिला पार्किंग शुरू होने से क्षेत्र में यातायात की समस्या दूर होगी। कृष्णा नगर मार्केट में सामान खरीदने के लिए आने वाले वाहन चालकों को भी पार्किंग के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री रेनेसां यूनिवर्सिटी के ‘कृष्ण तत्व’ कार्यक्रम में हुए शामिल

भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं जीवन के हर कदम पर हमारी मार्गदर्शक :मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन को जोड़ा वर्तमान संदर्भों से मुख्यमंत्री ने छात्रों से किया संवाद मुख्यमंत्री रेनेसां यूनिवर्सिटी के ‘कृष्ण तत्व’ कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की रेनेसां यूनिवर्सिटी में ‘कृष्ण तत्व’ विषयक सेमिनार में संबोधित करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का मटकी फोड़ना बाललीला नहीं, अत्याचारियों की रसद रोकने की रणनीति थी। मस्तक पर मोर-पंख धारण करना और प्रकृति से प्रेम करना उनके मानवीय पक्ष को दर्शाता है। सुदामा से मित्रता और कंस वध के बाद उग्रसेन को सिंहासन सौंपना न्याय और निष्ठा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण के कर्मयोग, समत्व और न्याय के सिद्धांतों पर विशेष बल देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश है कि छोटे से छोटा काम भी महत्व रखता है। उन्होंने जीवन भर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया और समानता का अधिकार सुनिश्चित किया। यही सिद्धांत हमारी शासन-नीति की प्रेरणा भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित गार्डन में हुए इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और उपदेशों पर छात्रों को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी घटनाओं को वर्तमान सामाजिक संदर्भों से जोड़कर उनकी प्रासंगिकता समझाई। इंदौर की रेनेसां यूनिवर्सिटी में बुधवार रात आयोजित ‘कृष्ण तत्व’ विषयक सेमिनार में विश्वविद्यालय परिसर स्थित गार्डन में हुए इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और उपदेशों पर आज के संदर्भ में संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ना था। शिक्षा और रोजगार पर विशेष बल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से प्रेरित होकर शिक्षा नीति में ऐसे बदलाव किए हैं जो छात्रों को केवल नौकरी की ओर नहीं, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर भी प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से राज्य में करोड़ों का निवेश हुआ है। इससे लाखों रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। विकास परियोजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) और केन-बेतवा जैसी प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्रों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से संवाद कर उनके विचार सुने। छात्रों को उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ने की सीख दी। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी विधायक सर्व गोलू शुक्ला , रमेश मेंदोला,मनोज पटेल, कुलाधिपति स्वप्निल कोठारी, सुमित मिश्रा मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री साय की बड़ी घोषणाएं: झुरानदी को मिले स्कूल भवन, सीसी सड़क और दो उच्चस्तरीय पुल

रायपुर : झुरानदी में बिना पूर्व सूचना पहुंचे मुख्यमंत्री, चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं झुरानदी गांव में बरगद पेड़ की छांव में लगी मुख्यमंत्री की चौपाल मुख्यमंत्री साय की बड़ी घोषणाएं: झुरानदी को मिले स्कूल भवन, सीसी सड़क और दो उच्चस्तरीय पुल मुख्यमंत्री ने झुरानदी में 5 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सहजता और सरलता से झुरानदी गांव के ग्रामीण अभिभूत हो उठे। तपती दोपहरी में मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर अचानक खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम झुरानदी में उतरा। बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों को हर्ष मिश्रित आश्चर्य हुआ। मुख्यमंत्री ने गांव के बरगद पेड़ की छांव में चौपाल लगाई और बेहद आत्मीय अंदाज में ग्रामीणों से संवाद किया। देखते ही देखते पूरा गांव उमड़ पड़ा और माहौल उत्सव जैसा बन गया। मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों से बातचीत की शुरुआत करते हुए कहा कि मैंने बस्तर, सरगुजा के अनेकों जिले में और जांजगीर, चांपा, कबीरधाम, बेमेतरा जिले जैसे जिलों के सुदूर गांवों तक जाकर जनचौपाल की है। उन्होंने कहा कि आज मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी जिले से होकर आपके इस गांव झुरानदी में सीधे पहुंचा हूं। हमारी सरकार गांव, गरीब और किसान की सरकार है। हम हर घर तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए तथा योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर झुरानदी गांव में हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने ग्राम में सीसी सड़क निर्माण के लिए 20 लाख रूपए, दो उच्च स्तरीय पुल निर्माण- गंडई से कृतबाधा पहुंच मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 2 करोड़ 54 लाख रूपए और गंडई कर्रानाला पहुँचमार्ग पर लिमो में उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 2 करोड 52 लाख रूपए और ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत भोरमपुर में नए पंचायत भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने गांव के बीच बाजार पड़ाव में बरगद पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाई और वहां उपस्थित ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी भाषा में ही संवाद की शुरुआत की, जिससे ग्रामीणों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और गहराता गया। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याएं, सुझाव और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव भी सुने। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री साय के सहज, सरल, सादगीपूर्ण और विनम्र व्यवहार की खुले दिल से सराहना की। बुजुर्गों ने कहा कि वर्षों में पहली बार ऐसा अवसर आया है, जब प्रदेश के मुखिया सीधे उनके गांव में पहुंचे। किसानों और युवाओं ने मुख्यमंत्री की माटी से जुड़ी शैली को नज़दीक से देखा और महसूस किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर सुशासन तिहार के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस अभियान में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि सभी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं बस्तर से लेकर सरगुजा तक अनेक गांवों का दौरा कर चुके हैं, और योजनाओं की प्रगति की प्रत्यक्ष जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने गांव के बाजार पड़ाव स्थित पवनपुत्र हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस मौके पर पूर्व विधायक कोमल जंघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका खम्हन ताम्रकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। झुरानदी गांव में 180 पीएम आवास पूर्ण खैरागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झुरानदी की जनसंख्या 1935 है। यह गांव लोधी एवं वर्मा समाज की बहुलता है। गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है। गांव में प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला और हाई स्कूल की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुल 217 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 180 पूर्ण हो चुके हैं तथा 37 निर्माणाधीन हैं। महतारी वंदन योजना से 616 महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत जल आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों को मनरेगा के अंतर्गत रोजगार मिल रहा है। गांव में 17 स्वसहायता समूह की महिलाएं आजीविका गतिविधियों से जुड़ी है।

हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के प्रभाव और लाभ का आकलन कर रहे हैं:मुख्यमंत्री देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सीतागांव में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत आज के समाधान शिविर में क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों—सीतागांव, मदनवाड़ा, कारेकट्टा, हलांजुर, हुरेली, कंदाडी, कोहका, हलोरा—को क्लस्टर के रूप में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन पंचायतों के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर शासन की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार 2025 मनाया जा रहा है। हमारी सरकार को कार्यभार संभाले डेढ़ वर्ष हुआ है और इस दौरान हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के प्रभाव और लाभ का आकलन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सरकार पारदर्शिता और जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 हज़ार विशेष मकानों की स्वीकृति दी गई है। महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र बहनों को दिया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की है। जमीन की रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूर्ण होगी। हक त्याग अब केवल 500 रुपये में हो रहा है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिन्हें आगामी एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नया रायपुर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है और मार्च 2026 तक इसे पूर्ण रूप से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सीतागांव उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नयन करने, मोहला में बस स्टैंड और छात्रावास का निर्माण करने, सीतापुर में हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन करने और अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन की स्थापना की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक  सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया । इसमें मत्स्य विभाग द्वारा जाल का, खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड का, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ‘खुशियों की चाबी’ का वितरण किया गया। शिविर में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत हितग्राहियों को लाभ दिया गया तथा स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। पेंशन योजना के हितग्राही भी लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समाधान शिविर में लोगों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं के निराकरण और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए एक महीने पहले से आवेदन लेकर परीक्षण किया गया और अब लोगों को शिविरों के आयोजन के माध्यम से लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं समाधान शिविरों में पहुंचकर मैदानी स्तर पर समस्याओं के समाधान की पड़ताल कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि रजिस्ट्री, नामांतरण और हक त्याग की प्रक्रिया में क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं। अब लोगों को कागज़ लेकर इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। रजिस्ट्री होते ही नामांतरण स्वमेव हो जाएगा। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से सरकार ने महिलाओं और गरीबों की चिंता की है। केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिल रही है। इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

नीरज चोपड़ा ने पार किया 90 मीटर का मार्क बोले अब मेरा अगला लक्ष्य..

दोहा  भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा शुक्रवार (16 मई) को दोहा डायमंड लीग 2025 में उतरे. दोहा डायमंड लीग में नीरज ने मेन्स जैवलिन थ्रो स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया. नीरज ने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का बेस्ट थ्रो किया. जर्मनी के जूलियन वेबर 91.06 मीटर के थ्रो के साथ पहले नंबर पर रहे. यह थ्रो वेबर ने छठे प्रयास में किया था. नीरज के अलावा उनके हमवतन किशोर जेना भी मेन्स जैवलिन थ्रो सपर्धा में भाग ले रहे थे, जो आठवें नंबर पर रहे. बता दें कि डायमंड लीग के एक लेग में पहले स्थान पर रहने के लिए एथलीट को 8 अंक मिलते हैं. जबकि दूसरे स्थान पर रहने के लिए 7, तीसरे स्थान पर रहने के लिए 6 और चौथे स्थान पर रहने के लिए 5 अंक दिए जाते हैं. यानी नीरज चोपड़ा को 7, जबकि वेबर को 8 अंक मिले. डायमंड लीग 2025 का समापन 27 और 28 सितंबर को ज्यूरिख में डायमंड लीग फाइनल के साथ होना है. डायमंड लीग फाइनल के विजेता को डायमंड ट्रॉफी मिलती है.  नीरज चोपड़ा के कीर्तिमान की तारीफ, बोले- भारत को गर्व है नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार (16 मई) को दोहा डायमंड लीग 2025 में 90 मीटर का बैर‍ियर पार कर दिया. जैवल‍िन थ्रो इवेंट में दूसरा स्थान हास‍िल करने के बावजूद नीरज ने इत‍िहास रच द‍िया. नीरज की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी जमकर तारीफ की. पीएम मोदी ने नीरज की मेहनत और उनके अनुशासन का भी ज‍िक्र अपने पोस्ट में क‍िया. नीरज ने पहली बार पार किया 90 मीटर का बैरियर दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा का पहला अटेम्प शानदार रहा और उन्होंने 88.44 मीटर का थ्रो किया. वहीं नीरज का दूसरा अटेम्प फाउल रहा. नीरज का तीसरा अटेम्प 90.23 मीटर का रहा. पहली बार नीरज ने अपने करियर में 90 मीटर का बैरियर पार किया. देखा जाए तो पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने 90 मीटर की दूरी पारी की है. यानी नीरज ने जैवलिन थ्रो में नेशनल रिकॉर्ड बना दिया. नीरज चोपड़ा का चौथा थ्रो उतना अच्छा नहीं रहा और इसमें उन्हें 80.56 मीटर की दूरी मिली. नीरज का पांचवां प्रयास फाउल रहा. जबकि छठे प्रयास में उन्होंने 88.20 मीटर की दूरी हासिल की. दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा के सामने एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा), जैकब वाडलेच (चेक गणराज्य), जूलियन वेबर और मैक्स डेहनिंग (दोनों जर्मनी), जूलियस येगो (केन्या), रोड्रिक डीन (जापान) जैसे खिलाड़ियों की चुनौती थी. पेरिस ओलंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम ने दोहा डायमंड लीग में भाग नहीं लिया. इससे पहले नीरज चोपड़ा का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन 89.94 मीटर था. यह थ्रो उन्होंने साल 2022 में स्टॉकहोम डायमंड लीग में किया था. नीरज चोपड़ा ने सबसे पहले 2018 में दोहा डायमंड लीग में भाग लिया था और चौथे स्थान पर रहे थे. उन्होंने 2023 में यहां पहला स्थान हासिल किया, जबकि 2024 में वो दूसरे स्थान पर रहे. चोपड़ा ने पार किया 90 मीटर का मार्क बोले अब मेरा अगला लक्ष्य.. आज से ठीक 9 महीने 7 दिन पहले 9 अगस्त 2024 को नीरज ने पेरिस ओलिंपिक में सिल्वर जीतने के बाद कहा था, ‘आज मेरा दिन नहीं था। मुझे लग रहा था कि आज वो दिन है, जब 90 मीटर का थ्रो आएगा, लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था।’ 9 महीने 7 दिन में नीरज ने 90 मीटर की बाधा कैसे पार कर ली क्यों खास है 90 मीटर मार्क? जेवलिन में अब तक के इतिहास में दुनिया भर 25 जेवलिन थ्रोअर ही 90 मीटर भाला फेंक सके हैं। एशिया में ऐसा करने वाले 3 प्लेयर ही हैं। इनमें नीरज के अलावा, पाकिस्तान के अरशद नदीम और चीनी ताइपे चाओ-त्सुन चेंग शामिल हैं। 2024 ओलिंपिक से पहले चेंग ही यह कारनामा कर सके थे। 1. वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले जान जेलेजनी से ट्रेनिंग ली नीरज ने वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर जान जेलेजनी से ट्रेनिंग लेने का फैसला लिया। उन्होंने नवंबर 2024 में चेक गणराज्य के जेलेजनी को अपना कोच बनाया। दोनों ने फरवरी महीने में कोचिंग शुरू की। जेलेजनी के नाम भाला फेंक का वर्ल्ड रिकॉर्ड है, उन्होंने 1996 में 98.48 मीटर भाला फेंका था। वे तीन ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। जर्मन बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ डॉ क्लॉस बार्टोनिट्ज की कोचिंग में नीरज ने 2020 में टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता। उसके बाद पेरिस में सिल्वर मेडल भी हासिल किया। इस बीच नीरज डायमंड लीग, वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे टूर्नामेंट में मेडल जीतते रहे, लेकिन 90 मीटर मार्क हासिल नहीं कर सके। 2. नए कोच ने गलतियां बताईं, तकनीकी बदलाव किए नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कोच जेलेजनी ने पेरिस ओलिंपिक के वीडियो देखकर उन्हें 2 कमियां बताई थीं। उन्होंने नीरज की तकनीक में कुछ बदलाव भी किए थे, जिनका जिक्र नीरज ने एक इंटरव्यू में किया था। 3. जेलेजनी के बताए डॉक्टर से इलाज करवाया जेलेजनी से जुड़ने के बाद नीरज ने अपनी कमर की चोट के लिए जेलेजनी के बताए गए डॉक्टर से सलाह ली। नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं अपनी चोट के कारण अपनी तकनीक में 100 प्रतिशत नहीं दे पा रहा था। मैं प्राग में जेलेजनी के डॉक्टर के पास गया और उन्होंने कुछ एक्सरसाइज बताई।’ नीरज काफी समय से कमर की चोट से परेशान थे। उन्होंने माना कि वे चोट की वजह से पेरिस ओलिंपिक में अपना बेस्ट प्रदर्शन नहीं कर पाए। सिल्वर जीतने के बाद नीरज ने कहा था- ‘मुझे लगता है कि मैं फाइनल में अधिक दूरी तक थ्रो कर सकता था। भले ही मानसिक रूप से मैं तैयार था, लेकिन मेरा शरीर मेरी कमर की चोट के बढ़ने के डर की वजह से पीछे हट रहा था। मैं ट्रैक पर रनअप के साथ संघर्ष कर रहा था, जिसके कारण मेरे कई अटेम्ट फाउल रहे।’ 4. ट्रेनिंग के लिए जल्दबाजी में शादी, रिसेप्सन भी टाला नीरज चोपड़ा को अपनी ट्रेनिंग की शुरुआत करने के लिए जल्दबाजी में शादी करनी पड़ी। इतना ही नहीं, रिसेप्शन को भी टालना पड़ा। नीरज ने अपनी सीक्रेट शादी के सवाल पर एक चैनल से कहा था- ‘मुझे ट्रेनिंग करनी थी, इस वजह से जल्दी में शादी की।’ नीरज ने कहा … Read more

रायपुर : मुख्यमंत्री को माँ ने दिया अपना आशीर्वाद—स्नेह से छुआ गाल, हृदय से कहा धन्यवाद

रायपुर : मुख्यमंत्री को माँ ने दिया अपना आशीर्वाद—स्नेह से छुआ गाल, हृदय से कहा धन्यवाद कच्चे मकान से पक्के घर तक – एक माँ की ज़िंदगी में लौटी गरिमा और सुकून रायपुर बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के करेगुट्टा पर्वत की तलहटी में स्थित  नक्सल प्रभावित ग्राम उसूर की 62 वर्षीय शम्मी दुर्गम की वर्षों की प्रतीक्षा 15 मई को पूर्ण हुई, जब ग़लगम में आयोजित सुशासन तिहार के अवसर पर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित पक्के मकान की चाबी सौंपी। पक्के आवास की चाबी पाकर शम्मी दुर्गम भावुक हो उठीं। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के गालों को स्नेहपूर्वक स्पर्श करते हुए कहा कि वर्षों तक कच्चे मकान में रहना उनके लिए बेहद कठिन था—हर मौसम में कीड़े-मकोड़ों और जहरीले जीवों का डर बना रहता था। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भावुकता से बार-बार धन्यवाद देते हुए कहा – अब मेरे जीवन में सुकून है, और मेरे बच्चों के सिर पर एक स्थायी छत है। श्रीमती दुर्गम ने बताया कि उनके पति की मृत्यु 15 वर्ष पूर्व बीमारी के चलते हो गई थी, तब से उन्होंने अकेले ही अपने दो बच्चों का लालन-पालन किया और कृषि कार्य कर किसी तरह जीवनयापन किया। जब उन्हें सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक आवास प्राप्त हुआ है, तो यह केवल एक मकान नहीं बल्कि उनके जीवनभर के संघर्षों का पुरस्कार है। यह एक ऐसी छत है, जिसमें सिर्फ ईंट और सीमेंट नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान की नींव जुड़ी है। शम्मी दुर्गम इस बात की गवाह है कि सरकार की योजनाएं जब सही हाथों तक पहुँचती हैं, तो वे केवल इमारत नहीं, भरोसे और उम्मीद का घर बन जाती हैं।

भारत-पाक के बीच बढ़े तनाव से प्रदेश में पर्यटन उद्योग पर पड़ा गहरा असर, 80 प्रतिशत पर्यटकों रद्द की बुकिंग्स

जयपुर भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े तनाव के बाद राजस्थान आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है। राज्य के पर्यटन उद्योग पर इसका गहरा पड़ा है। राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा रहा राजस्थान का पर्यटन अब संकट का सामना कर रहा है। राजस्थान के प्रमुख होटलों में इस समय 80 प्रतिशत बुकिंग्स रद्द हो चुकी हैं। होटल संचालक और ट्रेवल एजेंट्स अब इस स्थिति से जूझते नजर आ रहे हैं। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान के मुताबिक हमारे लिए यह समय बहुत कठिन है क्योंकि लगभग 500 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। हम उम्मीद करते हैं कि स्थिति जल्द सामान्य होगी। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इन दिनों सन्नाटा सा पसरा है। जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर और जयपुर जैसे शहरों में पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है। विदेशी पर्यटकों की आवक तो लगभग आधी रह गई है, जबकि स्थानीय पर्यटकों की संख्या भी लगातार घट रही है। ये प्रभाव विशेष रूप से उन महीनों में देखा जा रहा है, जब राज्य में पर्यटन का ऑफ सीजन होता है यानी अप्रैल से लेकर सितंबर तक। पहलगाम हमले के बाद से पर्यटकों में असुरक्षा का अहसास बढ़ा है और इसी के चलते लोगों ने अपनी यात्रा की योजना रद्द की है। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है हमारी प्राथमिकता इस समय पर्यटकों की सुरक्षा है। हम उन्हें पूरा रिफंड दे रहे हैं ताकि उनका विश्वास बना रहे। जयपुर में जहां आमेर महल और हवा महल जैसे प्रसिद्ध स्थलों पर आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। मौसम की स्थिति भी इस बार अनुकूल रही थी, जिससे जनवरी से अप्रैल तक पर्यटन का दौर ठीक-ठाक था लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। राजस्थान का जो आकर्षण एक समय पर्यटकों को खींच लाता था, वह अब थोड़ा फीका पड़ गया है, और इसका असर न सिर्फ होटल कारोबार पर पड़ा है, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी हो रहा है।

भारत की जीडीपी ग्रोथ वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 6.8-7 प्रतिशत रह सकती है : रिपोर्ट

नई दिल्ली भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 6.8-7 प्रतिशत के बीच रह सकती है। इसकी वजह कृषि क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन करना है। शुक्रवार को जारी हुई बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। पूरे वित्त वर्ष के लिए विकास दर 6.2 प्रतिशत से लेकर 6.4 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की अर्थव्यवस्था उसके वैश्विक समकक्षों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन जारी रखेगी। इसकी वजह मजबूत आधार होना है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में वृद्धि दर 6.4-6.6 प्रतिशत के समान स्तर पर रह सकती है। हालांकि, किसी भू-राजनीतिक संघर्ष और वैश्विक टैरिफ से अनुमानों पर नकारात्मक असर हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कृषि क्षेत्र में 7.7 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि की उम्मीद है। यह वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में दर्ज 0.9 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में काफी अधिक वृद्धि होगी। इसकी वजह खाद्यान्न के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि होना है। वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में विकास दर तीसरी तिमाही से अधिक रहने का अनुमान है। सेक्टर्स की ग्रोथ में असमानता रह सकती है। कुछ सेक्टर्स बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं, कुछ सेक्टर्स का प्रदर्शन नरम रह सकता है। खनन क्षेत्र की वृद्धि दर वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 1.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 0.8 प्रतिशत थी। दूसरी ओर, विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि घटकर 1.8 प्रतिशत रहने की संभावना है। यह वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही में 11.3 प्रतिशत थी। यह आंशिक रूप से प्रतिकूल आधार और कमजोर कॉर्पोरेट आय के कारण है। बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 8.8 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 26 में अच्छे मानसून के कारण ग्रामीण मांग में उछाल देखने को मिल सकता है। इसके अतिरिक्त नई टैक्स रिजीम में इनकम टैक्स छूट बढ़ने के कारण उपभोक्ता खपत में इजाफा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 26 में कम होती महंगाई दर से वृद्धि दर को बढ़ावा मिलेगा और कमोडिटी की कम कीमतों से विकास दर को सपोर्ट मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के निवास पहुँचकर शोक संवेदना व्यक्त की

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के निवास पहुँच कर उनके सुपुत्र गगन वर्मा के आकस्मिक निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने स्व. गगन वर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।  

भोजपुरी अभिनेता, गायक और बीजेपी संसद मनोज तिवारी ने अनोखे अंदाज में सेना को सम्मान देने का फैसला किया

मुंबई भोजपुरी अभिनेता, गायक और भारतीय जनता पार्टी से सांसद मनोज तिवारी ने अनोखे अंदाज में सेना को सम्मान देने का फैसला किया है। सोशल मीडिया पर पोस्टर को शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों के शानदार काम को सम्मानित करते हुए हम ‘सिंदूर की ललकार’ गाना जारी करेंगे। इंस्टाग्राम हैंडल पर मनोज तिवारी ने अपकमिंग गाने के पोस्ट को शेयर करते हुए बताया कि यह जल्द ही उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आने वाला है। उन्होंने जानकारी देते हुए कैप्शन में लिखा, “‘सिंदूर‘ की ललकार’ जल्द ही मृदुल मंथन के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज होगी।” उन्होंने आगे बताया, “यह गाना हमारी भारतीय सेना को समर्पित है और ऑपरेशन सिंदूर के तहत उनके प्रेरणादायक कार्यों पर आधारित है। जय हिंद।” इससे पहले शुक्रवार को मनोज ने इंस्टाग्राम पर भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ एक पोस्ट शेयर कर गाने के बारे में जानकारी साझा की थी। मनोज तिवारी से पहले भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह ने देशभक्ति की भावना से भरपूर एक नए गाने का ऐलान किया था, जिसे उन्होंने 11 मई को रिलीज किया था। इस गाने का नाम ‘सिंदूर’ है। यह गाना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना द्वारा दिखाई गई वीरता को समर्पित है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए गत 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में भारतीय सेना ने आतंकवादियों के नौ ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। गाने की शुरुआत में एक आतंकवादी को देखा जा सकता है जो छुट्टियां मना रहे एक परिवार को दूरबीन से देखता है और अपने झुंड के साथ आगे बढ़ता है। इसके बाद लाशें और उनके पास चीखती-चिल्लाती, रोती हुई औरतें दिखाई जाती हैं। इस मंजर को पहलगाम आतंकी हमले से जोड़कर दिखाया गया है। गाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को भी शामिल किया गया, जिसे पवन सिंह टीवी पर सुनते हुए नजर आते हैं। प्रधानमंत्री कह रहे हैं, ”साथियों, इस आतंकी हमले में, किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई खोया, किसी ने अपना जीवन साथी खोया।” इसके बाद दर्दनाक संगीत के साथ गाना शुरू होता है। पवन सिंह ने गाने में अपनी आवाज से जलवा बिखेरा है। गाने को किशोर दुलरुआ ने लिखा और कम्पोज किया है। गौतम यादव ने बेहतरीन म्यूजिक दिया है। इसे बर्दर म्यूजिक स्टूडियो के बैनर तले रिलीज किया गया है। गाने को पवन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल ‘पवन सिंह ऑफिशियल’ पर रिलीज किया है।

कैंटीन में श्रमिकों को पांच से 10 रुपये में मिले चाय, नाश्ता और भोजन, परिवार को बीमा सुरक्षा: सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति तभी संभव है जब श्रम कानूनों को प्रो-इंडस्ट्री और प्रो-श्रमिक दोनों दृष्टियों से संतुलित बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रम कानूनों का सरलीकरण इस प्रकार किया जाए जिससे उद्योगों को सुविधा मिले, लेकिन यह भी सुनिश्चित हो कि श्रमिकों के शोषण या उनके साथ अमानवीय व्यवहार की कोई संभावना न रहे। सीएम योगी शुक्रवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि प्रतिस्पर्धी। सीएम योगी ने इस दौरान श्रमिकों और उनके परिवार को बीमा सुरक्षा दिए जाने का अफसरों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाथ को काम देने के लिए हमें उद्योगों को सशक्त करना होगा। उद्योग बंद कर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता, बल्कि उद्योगों का विस्तार ही अधिकाधिक रोजगार सृजन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षा मिले, इसके लिए उन्हें सम्मानजनक मानदेय और बीमा सुरक्षा कवच देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा श्रमिक-हितैषी और उद्योग समर्थ राज्य बनकर उभरे। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में 13,809 कारखाने पंजीकृत थे, जबकि पिछले 9 वर्षों में 13,644 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। यह 99% की वृद्धि है। अधिकारियों ने आगे बताया कि भारत सरकार के बीआरएपी रिकमेंडेशन के क्रियान्वयन में श्रम विभाग को अचीवर स्टेट का दर्जा प्राप्त हुआ है। इन उपलब्धियों की मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए इसे अभूतपूर्व बताया। बाल श्रमिकों के पुनर्वास को दें गति मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल श्रमिकों को केवल आजीविका से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और स्पॉन्सर्ड स्कीम्स से जोड़ते हुए उनके पुनर्वासन की दिशा में तीव्र गति से कार्य किया जाए। यह न केवल सामाजिक दायित्व है बल्कि भावी पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने का दायित्व भी है। मॉडल के तौर श्रमिक अड्डों को करें विकसित मुख्यमंत्री ने श्रमिक अड्डों को मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जहां डोरमेट्री, शौचालय, पेयजल, कैंटीन और ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि कैंटीन में श्रमिकों को 5-10 रुपये में चाय, नाश्ता और भोजन मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराकर न्यूनतम मानदेय की गारंटी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह असंगठित कार्यबल को संगठित श्रम शक्ति में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। विदेश में रोजगार के लिए भाषायी प्रशिक्षण अनिवार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रोजगार हेतु जाने वाले निर्माण श्रमिकों को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए, बल्कि गंतव्य देश की भाषा का भी प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। यह उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है। निजी अस्पतालों को भी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ें मुख्यमंत्री ने निर्देशित करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर निजी अस्पतालों को सीएसआईसी और ईएसआईएस से जोड़ा जाए। इससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। अटल आवासीय विद्यालय बनें गुणवत्ता का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अटल आवासीय विद्यालय को देशभर में मॉडल के रूप में उभरे हैं। उन्होंने अधिकारियों को इनकी निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त 5,97,625 आवेदनों में से 5,90,881 को एनओसी दी जा चुकी है। शेष शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।  

राजस्थान शैक्षिक पंचांग 2024-25 के अनुसार, स्कूलों में आज से 30 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी

जयपुर राजस्थान में तेज़ धूप और लू की मार झेल रहे छात्रों के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। बच्चों को चिलचिलाती गर्मी से राहत देने और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे वे परिवार के साथ आराम से समय बिता सकें। कब से कब तक रहेंगे स्कूल बंद? -राजस्थान शैक्षिक पंचांग 2024-25 के अनुसार, स्कूलों में आज से 30 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी। -स्कूल 1 जुलाई 2025 से दोबारा खुलेंगे। -छुट्टियों से ठीक एक दिन पहले, 16 मई को पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग आयोजित की गई है, जिसमें छात्रों और अभिभावकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल गर्मी से राहत की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि: दोपहर में बाहर निकलने से बचें हल्के और ढीले कपड़े पहनें खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें छुट्टियों का बच्चों में उत्साह गर्मियों की छुट्टियों का बच्चों को बेसब्री से इंतज़ार रहता है। अब जब छुट्टियों की घोषणा हो चुकी है, तो बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। भीषण गर्मी में स्कूल भेजना जहां एक चुनौती बन गया था, अब वहां वे आराम से घर में समय बिता सकेंगे।  

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