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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा – प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में परस्पर कनेक्टिविटी बढ़ाना आवश्यक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है। जनसामान्य को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नगरीय क्षेत्रों के व्यवस्थित नियोजन को समय रहते सही दिशा देना जरूरी है। इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के नगरीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के प्रबंधन को सशक्त करते हुए संस्थाओं की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। प्रस्तावित क्षेत्रों में वर्तमान में पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। मेट्रोपॉलिटन के रूप में विकास से यहां निवेश और औद्योगिक विकास की प्रक्रिया तेज होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन एरिया गठन से संबंधित बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नागरीय विकास एवं आवास श्री संजय शुक्ला सहित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में परस्पर कनेक्टिविटी बढ़ाना आवश्यक है। इसके लिए बसाहटों, यातायात, सार्वनिक परिवहन, अधोसंरचना, जल आपूर्ति, सीवरेज, विद्युत आपूर्ति, और प्रकाश व्यवस्था आदि की समन्वित रूप से कार्ययोजना बना कर गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इन वृहद क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता, कृषि योग्य भूमि के संरक्षण, वन प्रबंधन, जल ग्रहण और पर्यटन की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए संवेदनशीलता के साथ नीतियां निर्धारित की जाएं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पंचायतों को आवश्यकतानुसार नगर परिषद के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित महाराष्ट्र, हरियाणा, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और तामिलनाडु में मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकास एवं प्रबंधन के लिए विद्यमान व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।  

जल गंगा संवर्धन अभियान देश में जन-आंदोलन के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा: तुलसीराम सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान देश में जन-आंदोलन के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा है। समाज की भागीदारी से सरकार की जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों के फलस्वरुप मध्यप्रदेश जल शक्ति के रूप में उभर कर देश के नक्शे में स्थापित होगा। मंत्री श्री सिलावट ने शनिवार को विदिशा ज़िलें में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम जम्बार के तालाब में आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, विधायक श्री मुकेश टंडन, श्री हरि सिंह सप्रे, श्री हरि सिंह रघुवंशी, जनपद अध्यक्ष श्री वीर सिंह के साथ अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी श्रमदान में सहभागिता की। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू कर जल संवर्धन के ऐसे कार्य को मूर्तरूप दिया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी को हम प्रचुर मात्रा में जल संचय भण्डार विरासत में दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इंदौर में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में लीड कर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति हासिल की है, ठीक वैसी ख्याति विदिशा जिला जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों में अर्जित करे। इस अभियान को अपना समझकर हम अपने स्तर पर सहयोग व योगदान कर मिसाल कायम करें। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि जल का कोई विकल्प नहीं है, जल है तो कल है, भविष्य है और प्रगति संभव है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ाने के लिए सिंचाई कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में पूरे कराए जा रहे हैं। उन्होंने विगत वर्षों की तुलना में सिंचित रकबे में हुई आशातीत वृद्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का नदियों को जोड़ने का संकल्प प्रदेश में केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर पूरा कर रहे हैं। उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना से होने वाले प्रमुख फायदों के बारे में बताते हुए कहा कि इससे बिजली उत्पादन के साथ 12 माह पेयजल की उपलब्धता रहेगी। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि पहले गांवों के तालाब व अन्य जल संचय लबालब भरे रहते थे। इस स्थिति को पुन: लाने में हम कोई कोर कसर ना छोड़े। उन्होंने कहा कि हरेक जल स्रोत की संरचना अतिक्रमण से विमुक्त हो यदि कहीं कोई इस प्रकार की खबर मिलती है तो अभियान के रूप में क्रियान्वित कराने की समझाइश अधिकारियों की दी है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि जल का सदुपयोग हो इसके लिए विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि खुली नहरों की जगह माइक्रो परियोजना से पाईप लाईन का विस्तारीकरण किया जा रहा है। उन्होंने प्राचीन तालाब, कुएं, बावड़ियों के अलावा अन्य जल स्रोतों के जीणोद्धार पर बल देते हुए कहा कि इन विरासतों को बनाए रखना जरूरी है। विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन ने कहा कि बेतवा नदी में नाले ना मिलें इसके लिए पृथक से तैयार की गई कार्य योजना अनुसार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जल संचय को बढ़ावा देने के कार्यो को अतिमहत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विदिशा जिला इस क्षेत्र में विशेष पहल कर रहा है। उन्होंने प्राचीन जल स्त्रोत धरोहरो के जीर्णोद्धार हेतु किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हम अपने खेतो में अधिक से अधिक जल संचय की संरचनाओं क निर्माण कराएं। इस कार्य में शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं से मदद की जा रही है। ऐसी संरचनाओं का निर्माण होने से हम सिंचित रकबे को बढ़ा सकते हैं, वहीं भू-जल स्तर को गिरने से बचा सकते है। मंत्री श्री सिलावट ने जम्बार लघु तालाब में श्रमदान कर जल संचय कार्यो के लिए सभी को अभिप्रेरित किया। जम्बार तालाब सम्राट अशोक सागर परियोजना संभाग क्रमांक-2 विदिशा के अंतर्गत निर्मित जम्बार तालाब का निर्माण वर्ष 1965-66 में हुआ था। तालाब का कैचमेन्ट एरिया 3.74 वर्ग किमी. तथा जीवित जल भराव क्षमता 1.26 मिलियिन घन मीटर है। तालाब से विदिशा तहसील के 3 ग्रामों कमशः जम्बार, बागरी एवं पिपरिया घाट की कुल 235 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र सिंचाई होती है। वर्तमान में तालाब से उक्त तीनों ग्रामों की कुल 318 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई हो रही है। कार्यक्रम में जनप्रतिनियों के साथ साथ गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत ग्रामीण विकास के अधिकारी और ग्रामीण जन मौजूद रहे। मंत्री ने बेतवा नदी की आरती की और स्वच्छ बनाए रखने का आह्वान किया मंत्री श्री सिलावट ने विदिशा जिले में बेतवा नदी के बड़वाले घाट पर आरती की और साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश संप्रेषित किया है। सफाई अभियान में विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, कुरवाई विधायक श्री हरि सिंह सप्रे, बासौदा विधायक श्री हरि सिंह रघुवंशी को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों ने भी स्वच्छता संबंधी कार्यो में सहभागिता निभाई।  

प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की हलचल देखने को मिल रही, अगले तीन दिन बारिश के साथ तेज आंधी की चेतावनी

भोपाल मध्यप्रदेश में इन दिनों आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। राजधानी भोपाल में मौसम साफ रहा। वहीं, सिंगरौली, विदिशा, बैतूल, छतरपुर और ग्वालियर में आंधी के साथ बारिश भी हुई। मौसम विभाग के द्वारा 20 मई तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना जताई गई है।  मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की हलचल देखने को मिल रही है। इसके कारण से बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। आने वाले कुछ दिनों में बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। आज यहां बारिश का अनुमान मौसम विभाग की रिपोर्ट की मानें तो नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर जिलों में तेज आंधी-बारिश की संभावना है। वहीं, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा जिलों में हवाएं के साथ हल्की बारिश का अनुमान है। 18 मई को गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, शिवपुरी, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन,अलीराजपुर, बड़वानी, सागर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल और सिंगरौली में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट है। 19 मई इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, डिंडौरी, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बड़वानी, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा,बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और सिंगरौली में तेज आंधी और आंधी का अनुमान है। ऐसे ही 20 मई को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, दतिया, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, दमोह, पन्ना, सतना, उमरिया, मैहर, बुरहानपुर, खरगोन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, सागर, शहडोल, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, मऊगंज, सीधी, नरसिंहपुर, और सिंगरौली में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। यहां पर 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है।

पर्यटन साइट्स पर पर्याप्त संख्या में लगाएं जाएं सीसी टीवी कैमरे: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में  पर्यटन सचिव रवि जैन की उपस्थिति में शासन सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में आयोजित की गई। उपमुख्यमंत्री ने राज्य में पर्यटन नीति, फिल्म नीति शीघ्रता से जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में एडवेंचर योजना पर कार्य किये जाने के अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके साथ ही विभिन्न पर्यटन साइट्स पर पर्याप्त संख्या में सीसी टीवी कैमरे लगाये जाने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने राज्य में पर्यटन नीति, फिल्म नीति को अंतिम रूप से तैयार कर, शीघ्र ही जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके साथ ही राज्य में एडवेंचर योजना पर कार्य करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने  पुष्कर सरोवर की डीपीआर में सरोवर के कार्यों सहित घाट के सौंदर्यकरण का कार्य एवं अन्य वॉंछित उपयोगी कार्यों को प्राथमिकता से लेने के निर्देश भी प्रदान किये। उपमुख्यमंत्री ने श्री खाटूश्याम जी का सुनियोजित विकास कार्य किया जाने तथा वहां दर्शनार्थियों की सुविधा पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर में प्रवेश और निकासी की बेहतर सुविधा विकसित किये जाने के निर्देश दिए। दिया कुमारी ने मालासेरी डूंगरी के विकास कार्यों की विस्तार से चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में विकास कार्य करवाये जाने के निर्देश दिए इसके साथ ही उन्होंने जयपुर सहित पर्यटन साइट्स पर स्वच्छता एवं साफ सफाई के कार्यों की चर्चा की और निर्देश दिए कि पर्यटन साइट्स पर मुख्य रूप से पेयजल की सुविधा के साथ शौचालयों की बेहतर सुविधाएं विकसित की जाए। उन्होंने पर्यटन साइट्स पर पर्याप्त संख्या में सीसी टीवी कैमरे लगाएं जाने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के आमेर क्षेत्र में कॉन्सेर्ट वेंन्यु विकसित किये जाने की सम्भावनाओं को तलाशने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने चौड़ा रास्ता स्थित टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी)  के बेहतर उपयोग का प्लान बनाने के निर्देश प्रदान किये। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एनएचएआई द्वारा राज्य के चार स्थान आमेर, रणथंबोर, चित्तौड़ एवं बांसवाड़ा में स्थापित किए जाने वाले रोप वे की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अजमेर के चामुंडा माता मंदिर पर रोप वे स्थापना हेतु कार्यवाही प्रारमभ करने के निर्देश प्रदान किए। दिया कुमारी ने शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण कार्य हेतु चर्चा की।समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग के विभिन्न बिंदुओं जैसे अल्बर्ट हॉल के जीर्णाेद्धार, लाइट एंड साउंड शो, बावड़ियों का जीर्णाेद्धार, डेजर्ट टूरिज्म झुंझुनू में वार म्यूजियम के लिए चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। इसी प्रकार जैसलमेर के वार म्यूजियम पर भी चर्चा की और निर्देश दिए। टैगोर योजना पर चर्चा की गई। इसी प्रकार महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट के पर चर्चा की। उपमुख्यमंत्री ने इसी प्रकार आरटीडीसी के कार्यों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।

पड़ोसी मुल्क, देश की राजधानी दिल्ली में आतंकी वारदात करवा सकता है, हाई अलर्ट पर स्पेशल सेल

नई दिल्ली संघर्ष विराम की घोषणा के बाद अब दोनों मुल्कों के बीच युद्ध भले ही रुक गया हो लेकिन केंद्रीय एजेंसियों को शक है कि पड़ोसी मुल्क, देश की राजधानी दिल्ली में आतंकी वारदात करवा सकता है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा व हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों से राजधानी में बम धमाका अथवा फिदायीन हमला करवा सकता है। इस तरह के इनपुट के मद्देनजर पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस के सभी आला अधिकारियाें के साथ बैठक की और उन्हें अलर्ट के बारे में जानकारी देते हुए आने वाले लंबे समय तक बेहद चौकस रहने के निर्देश दिए। स्पेशल सेल को विशेष रूप से इन दोनों संगठनों पर नजर रखने को कहा गया है। दिशा-निर्देश 15 जिले के डीसीपी से साझा किया गया बैठक में स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, इंटेलीजेंस व दोनों जोनों के विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था के अलावा संयुक्त आयुक्त व एडिशनल पुलिस कमिश्नर रैंक के अधिकारी शामिल हुए। बाद में बैठक में दिए गए दिशा निर्देश को सभी 15 जिले के डीसीपी से साझा किया गया। उच्च स्तरीय सुरक्षा अलर्ट जारी रहेगा सूत्रों के मुताबिक राजधानी में अभी लंबे समय तक आतंकी हमले क संभावना के मद्देनजर उच्च स्तरीय सुरक्षा अलर्ट जारी रहेगा। सभी भीड़भाड़ वाले प्रमुख बाजारों, माल व अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर पुलिसकर्मियों की उपस्थित रहेगी। इंडिया गेट पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए हल्के स्ट्राइक वाहनों में पैरा कमांडो तैनात लगातार गश्त करते रहेंगे। पुलिस संवेदनशील इलाकों में जांच जारी रखेगी दुश्मनों के किसी भी तरह के नापाक इरादों से निपटने के लिए सभी केंद्रीय एजेंसियां, दिल्ली पुलिस व अर्द्ध सैनिक बलों के जवान तैयार रहेंगे। सार्वजनिक स्थानों के अलावा गेस्ट हाउस, होटलों, सेकेंड हैंड कार डीलर और अन्य संभावित आसान लक्ष्यों पर पुलिस लगातार जांच करती रहेगी। दिल्ली पुलिस लोगों से बार-बार अपील कर रही है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें। मकान मालिकों और होटल मालिकों को किरायेदारों और मेहमानों का उचित सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है। अगर उन्हें कुछ भी संदिग्ध दिखाई देता है, तो उन्हें तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करना चाहिए।

आज अंडर19 चैम्पियनशिप 2025 के फाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगा भारत

यूपिया रिकॉर्ड 10वां सैफ आयु-समूह पुरुष टूर्नामेंट जीतने के लक्ष्य के साथ, भारत आज को गोल्डन जुबली स्टेडियम में दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ (सैफ) अंडर19 चैम्पियनशिप 2025 के फाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगा, और मुख्य कोच बिबियानो फर्नांडीस को उम्मीद है कि उनकी टीम दर्शकों का मनोरंजन कर पाएगी। भारत ने अंडर15, अंडर16 और अंडर17 टूर्नामेंट दो-दो बार जीते हैं, और अंडर18, अंडर19 और अंडर20 टूर्नामेंट एक-एक बार जीते हैं। फर्नांडीस ने उनमें से तीन जीते हैं और आज को अपना चौथा खिताब जीतने की कोशिश में हैं। बांग्लादेश ब्लू कोल्ट्स के लिए जाना-पहचाना प्रतिद्वंद्वी है। दोनों देशों के बीच चार सैफ पुरुष आयु वर्ग के फाइनल में मुकाबला हुआ है, और भारत ने सभी चार में जीत हासिल की है, जिसमें पिछले साल का सैफ अंडर17 फाइनल भी शामिल है, जिसमें मोहम्मद अरबाश और मोहम्मद कैफ ने गोल किए थे, जो दोनों ही मौजूदा अंडर19 टीम का हिस्सा हैं। भारत ने अब तक अरुणाचल प्रदेश की भीड़ के सामने अपना दबदबा दिखाया है, जिसमें उसने ग्रुप चरण में क्रमशः श्रीलंका और नेपाल के खिलाफ 8-0 और 4-0 से जीत दर्ज की है, और शुक्रवार को सेमीफाइनल में मालदीव के खिलाफ 3-0 से जीत दर्ज की है। फर्नांडिस और कप्तान सिंगमयुम शमी ने स्थानीय दर्शकों की खूब प्रशंसा की, जो हर भारतीय मैच में बढ़ती संख्या में आए हैं, खासकर सेमीफाइनल के दौरान मूसलाधार बारिश के बीच। फर्नांडीस ने कहा, “कल, हमने इतनी भारी बारिश के बीच बहुत सारे प्रशंसकों को देखा, और कोई भी स्टैंड से बाहर नहीं गया। वे मैच के अंत तक समर्थन करते रहे, और यह आश्चर्यजनक था। मैं प्रशंसकों से कल भी वापस आने का आह्वान करना चाहूंगा। हम मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि हम कुछ भी पीछे न छोड़ें। मैं वादा करता हूं कि यह एक अच्छा मैच होगा और हम दर्शकों का उसी तरह मनोरंजन करेंगे, जैसा हमने पिछले तीन मैचों में किया है।” मालदीव के खिलाफ मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए मिडफील्डर शमी ने कहा, “अरुणाचल के लोगों को फ़ुटबॉल बहुत पसंद है। हम इतने सारे लोगों को आते और हमारा समर्थन करते देखकर बहुत खुश हैं। खिलाड़ियों के तौर पर, हमें उनके सामने खेलने पर गर्व है। हम फाइनल के लिए तैयार हैं और कल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।” बांग्लादेश ने सेमीफ़ाइनल में नेपाल को 2-1 से हराया। 74 मिनट के शुरुआती संघर्ष के बाद, आशिकुर रहमान ने कॉर्नर पर हेडर से गतिरोध तोड़ा, इसके बाद कप्तान नजमुल हुदा फैसल ने दूसरा गोल किया। नेपाल ने घाटे को आधा कर दिया, लेकिन बांग्लादेश ने जीत हासिल की। फर्नांडीस ने कहा, “हमने टूर्नामेंट में बांग्लादेश के साथ नहीं खेला, लेकिन उन्हें खेलते हुए देखा है और जानते हैं कि वे कितने अच्छे हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है, खासकर सेमीफाइनल में, नेपाल को हराकर। हम इसका सम्मान करते हैं, और हम तैयारी करेंगे और खुद को तैयार करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि हम फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें।” बांग्लादेश के मुख्य कोच गोलम रोबनी चोटन ने कहा, “हमारे लड़कों ने अब तक सभी मैचों में अच्छा फुटबॉल खेला है, उन्होंने बहुत कुछ सीखा है, और अब वे अपनी क्षमताओं में काफी आश्वस्त हैं। हम फाइनल के लिए तैयार हैं।” बांग्लादेश के कप्तान फैसल ने कहा, “किसी भी फाइनल को लेकर हमेशा एक खास स्तर का उत्साह होता है। यह टूर्नामेंट का आखिरी मैच है, और दोनों टीमें इसे जीतना चाहती हैं। हम अपना उद्देश्य पूरा करने के लिए यहां आए हैं, जो ट्रॉफी को वापस घर ले जाना है। उन्होंने कहा, “हमें पहले मैच से लेकर सेमीफाइनल तक अपने प्रत्येक खिलाड़ी पर पूरा भरोसा है, और यह फाइनल तक भी जारी रहेगा। हम यहां अच्छी चीजें हासिल करने आए हैं। चूंकि हम फाइनल में भारत का सामना कर रहे हैं, इसलिए आप कह सकते हैं कि यह थोड़ा अलग प्रस्ताव है। लेकिन हम भारत का बहुत सम्मान करते हैं, वे एक अच्छी टीम हैं। हालांकि, हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यहां आए हैं, और हम इसे हासिल करने के लिए अपना 100 प्रतिशत देंगे।”

FPI ने बोरा भर-भरकर डाला भारतीय शेयर बाजार में पैसा, तोड़ दिया रिकार्ड

मुंबई फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शुक्रवार को भी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और रिकॉर्ड 8,831.1 करोड़ रुपए शेयर बाजार में निवेश किए. 27 मार्च के बाद एफपीआई इनफ्लो का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर शनिवार को आए डेटा में यह जानकारी मिली. इससे पहले एफपीआई ने 5,746.5 करोड़ रुपए शेयर बाजार में निवेश किए थे. मई में किया 18,620 करोड़ रुपए का निवेश नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के डेटा के मुताबिक, मई में अब तक एफपीआई की ओर से 18,620 करोड़ रुपए शेयर बाजार में निवेश किए गए हैं. बीते एक महीने से विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगातार निवेश कर रहे हैं. अप्रैल में एफपीआई इनफ्लो 4,223 करोड़ रुपए था. इससे पहले के तीन महीनों – जनवरी, फरवरी और मार्च में एफपीआई शुद्ध विक्रेता थे और क्रमश: 78,027 करोड़ रुपए, 34,574 करोड़ रुपए और 3,973 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी. DII भी बने शुद्ध खरीदार, 5,187.1 करोड़ रुपए का किया निवेश विदेशी निवेशकों के अलावा घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) भी शुक्रवार को शुद्ध खरीदार थे और करीब 5,187.1 करोड़ रुपए का निवेश शेयर बाजार में किया. विदेशी और घरेलू निवेशकों की शुद्ध खरीदारी के बाद भी बीते सत्र में बाजार लाल निशान में बंद हुए थे. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 200.15 अंक या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,330.59 और निफ्टी 42.30 अंक या 0.17 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,019.80 पर था. मिडकैप, स्मॉलकैप में देखी गई खरीदारी लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 529.65 अंक या 0.94 प्रतिशत की तेजी के साथ 57,060.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 320 अंक या 1.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,560.40 पर था. मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद भी व्यापक बाजार का रुझान सकारात्मक था. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,607 शेयर हरे निशान में, 1,380 शेयर लाल निशान में और 139 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए. एचडीएफसी सिक्योरिटीज, वरिष्ठ डेरिवेटिव और तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक, नंदीश शाह ने कहा, “निफ्टी का रुझान तेजी का है और लगातार अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है. फिलहाल निफ्टी के लिए 25,207 एक रुकावट का स्तर है और सपोर्ट 24,800 पर है.”  एफपीआई के साथ-साथ घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 5,187.1 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया। हालांकि विदेशी और घरेलू दोनों निवेशकों की भारी खरीदारी के बावजूद शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 200.15 अंक या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,330.59 पर और निफ्टी 42.30 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,019.80 पर बंद हुआ। हालांकि लार्जकैप स्टॉक्स में कमजोरी रही, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 529.65 अंक या 0.94 प्रतिशत चढ़कर 57,060.50 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 320 अंक या 1.86 प्रतिशत चढ़कर 17,560.40 पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर भी बाजार का व्यापक रुझान सकारात्मक रहा। कुल 2,607 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि 1,380 शेयरों में गिरावट और 139 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ डेरिवेटिव और तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक नंदीश शाह ने कहा कि निफ्टी का रुझान अब भी तेजी का है और यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि निफ्टी के लिए 25,207 एक प्रमुख रुकावट स्तर है, जबकि 24,800 पर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। -(IANS)  

भारत के सैटेलाइट्स ने सेना को हवा में आ रहे हथियारों की सटीक दिशा-ट्रैजेक्टरी की जानकारी देकर अहम भूमिका निभाई: वी. नारायणन

नई दिल्ली पाकिस्तान की ओर से हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष के दौरान ड्रोन और मिसाइलों की बौछार के बीच भारत का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी मजबूती से खड़ा रहा और एक प्रभावी ढाल का काम किया. भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने बताया कि भारत के सैटेलाइट्स ने सशस्त्र बलों को हवा में आ रहे हथियारों की सटीक दिशा-ट्रैजेक्टरी की जानकारी देकर अहम भूमिका निभाई. 9 और 10 मई की रात को भारत के एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम ‘आकाशतीर’ और रूस से मंगाए गए S-400 सिस्टम ने मिलकर एक अदृश्य कवच का निर्माण किया, जिसने पाकिस्तानी हमलों को भारतीय नागरिक और सैन्य ठिकानों तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया और उन्हें नष्ट कर दिया. ISRO के पास 72 सेमी रेजोल्यूशन वाले कैमरे की नजर ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन ने बताया कि कैसे भारत की सैटेलाइट्स ने कठिन परिस्थितियों में सशस्त्र बलों की मदद की और तत्काल खतरे को टालने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, ‘हमारे सभी सैटेलाइट्स ने पूरी सटीकता के साथ काम किया. जब हमने शुरुआत की थी, तब हमारे कैमरों की रेजोल्यूशन 36 से 72 सेंटीमीटर के बीच थी. लेकिन अब हमारे पास चंद्रमा पर ‘ऑन-ऑर्बिटर हाई रेजोलूशन कैमरा’ है, जो दुनिया का सबसे बेहतरीन रेजोलूशन कैमरा है. इसके अलावा हमारे पास ऐसे कैमरे भी हैं जो 26 सेंटीमीटर रेजोलूशन तक की स्पष्ट तस्वीरें दिखा सकते हैं.’ रणनीतिक उद्देश्यों से काम कर रहे इसरो के सैटेलाइट्स 11 मई को इम्फाल में सेंट्रल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (CAU) के 5वें दीक्षांत समारोह के दौरान नारायणन ने कहा कि कम से कम 10 सैटेलाइट्स लगातार रणनीतिक उद्देश्यों के लिए काम कर रहे हैं, ताकि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. नारायणन की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई, के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. फिलहाल एक्टिव हैं 50 सैटेलाइट्ल   उन्होंने यह भी कहा, ‘हम जो भी सैटेलाइट्स भेजते हैं, उनका मकसद लोगों की भलाई होता है, जिसमें सुरक्षा भी शामिल है. फिलहाल कम से कम 50 सैटेलाइट्ल टीवी ब्रॉडकास्टिंग, टेलीकम्यूनिकेशन और सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं.’ नारायणन ने बताया कि मंगलयान ऑर्बिटर मिशन के बाद इसरो अब एक लैंडिंग मिशन पर भी काम कर रहा है, जिसे लगभग 30 महीनों में लॉन्च किए जाने की योजना है. इसरो प्रमुख नारायणन गुरुवार को चेन्नई पहुंचे, जहां PSLV-C61 रॉकेट लॉन्च की अंतिम तैयारियां चल रही हैं. यह इसरो का 101वां मिशन होगा.  

देश के चार हजार नगर निगमों में डेढ़ माह पहले स्वच्छता सर्वेक्षण हो चुका, वर्ष 2024 स्वच्छता सर्वेक्षण घोषित ही नहीं हुआ

 इंदौर इंदौर नगर निगम को भरोसा है कि आठवीं बार सफाई में फिर वह फिर नंबर वन बनेगा, लेकिन अब तक परिणाम नहीं आए है। इंदौर सहित देश के चार हजार नगर निगमों में डेढ़ माह पहले ही स्वच्छता सर्वेक्षण हो चुका है। वर्ष 2024 स्वच्छता सर्वेक्षण घोषित ही नहीं हुआआ,क्योकि सर्वेक्षण ही छह माह लेट हुआ था। इसका असर परिणामों की घोषणा पर भी नजर आ रहा है। पिछले साल जनवरी में परिणाम घोषित हो चुके थे, लेकिन इस साल तो स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए ही टीम मार्च माह में आई। इंदौर नगर निगम सर्वेक्षण से पहले चार माह तक तैयारी करता रहा था। मार्च में सर्वेक्षण आठ दिन तक चला, लेकिन सर्वेक्षण के डेढ़ माह बीतने के बावजूद अभी तक परिणाम नहीं आए है। इस बार इंदौर के अलावा सूरत और नवी मुंबई भी नंबर वन रैंकिंग की दौड़ में है। पिछले साल इंदौर के साथ सूरत शहर को संयुक्त पुरस्कार मिला था। इस बार इंदौर को प्रीमियर लीग में शामिल किया गया है। इसमें सूरत और नवी मुंबई भी है। तीनों शहरों में स्वच्छता के आंकलन का पैमाना अलग रहा। पिछले साल तीनो शहर टाॅप थ्री में थे,हालांकि इस बार सर्वेक्षण के समय भी इंदौर की स्वच्छता कमजोर रही।सर्वेक्षण के समय शहर की गंदी बेकलेन के कारण इंदौर को नंबर कम मिल सकते है। इस बार शहर के नाले प्रदूषण से मुक्त नहीं हो पाया। कुछ नाले भले अस्थाई रुप से साफ कर दिये गए, लेकिन सालभर नालों में गाद, गंदगी और कचरा नजर आता है। इस मामले में इंदौर को नंबर कम मिल सकते है।इंदौर रैंकिंग में सबसे ज्यादा नंबर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में पाएगा। यह व्यवस्था इंदौर में दूसरे सभी शहरों से अच्छी है। लोग खुद अलग-अलग कचरा फेंकते है।इंदौर की स्वच्छता में सबसे बड़ी ताकत लोगों की जनभागीदारी है। लोग कचरा घरों और संस्थानों में संभालकर रखते है। उन्हें खुले में नहीं फेंकते। सुबह आने वाले कचरा वाहनों में ही उसे डाला जाता है।

21.6 करोड़ की लागत से 12 महीने में मंदाकिनी घाटों का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कायाकल्प होगा

सतना  स्वदेश दर्शन योजना (Swadesh Darshan Yojana) के अंतर्गत चित्रकूट के मंदाकिनी घाटों को आध्यात्मिक अनुभव केंद्र के रूप में विकसित करने वाली परियोजना को मंजूरी मिल गई है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने 13 मई को इस कार्य का टेंडर मुंबई की सवानी हेरिटेज कंस्ट्रक्शन कंपनी को स्वीकृत किया। अब कंपनी प्रक्रियागत औपचारिकताएं पूरी कर वर्क ऑर्डर प्राप्त करेगी। परियोजना के पूर्ण होते ही घाटों का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कायाकल्प होगा। कार्य 12 महीने में पूर्ण किया जाएगा। साथ ही, टेंडर शर्तों के अनुसार कंपनी आगामी वर्षों तक घाटों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी। इस तरह सुंदर होंगे घाट टेंडर के अनुसार आगमन क्षेत्र में 19.42 लाख रुपए की लागत से 3 प्रवेश द्वार, पार्किंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट, होल्डिंग एरिया और पुलिस कियोस्क बनाए जाएंगे। 6.93 लाख रुपए में ऑन-साइट टिकटिंग व्यवस्था और खोया-पाया केंद्र तथा बोटिंग टिकट काउंटर का निर्माण होगा। व्याख्यान सुविधा के लिए 11.68 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसमें वीडियो एलईडी दीवार, टाइमलाइन वाल, मूर्तिकला पथ, कंट्रोल रूम और प्रक्षेपण मानचित्र शामिल हैं। 7.18 करोड़ रुपए से घाटों का उन्नयन, पद यात्रियों के लिए रोड और घाट विस्तार, वृक्ष आच्छादित बैठने की जगहें और वाहन आवागमन रोकने के लिए बोलार्ड बनाए जाएंगे। 0.18 लाख रुपए में आठ स्थानों पर साइनेज सिस्टम स्थापित किया जाएगा। 1.65 करोड़ रुपए में तीन टॉयलेट ब्लॉक, चेंजिंग रूम, क्लाक रूम और शावर रूम जैसी सार्वजनिक सुविधाएं तैयार होंगी। तीन प्रोजेक्ट चित्रकूट से छिने स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत चित्रकूट में चार प्रोजेक्ट थे। आईपी ग्लोबल कंपनी को डीपीआर तैयार करने कंसल्टेंट एजेंसी बनाया गया था। लेकिन यह कंपनी एक साल से अधिक समय तक डीपीआर तैयार नहीं कर पाई। इसके कारण भारत सरकार ने घाट उन्नयन प्रोजेक्ट के अलावा तीन अन्य प्रोजेक्ट को अन्य स्थलों पर स्थानांतरित कर दिया है। चित्रकूट विकास प्राधिकरण सीईओ स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि विगत 13 मई को टेंडर स्वीकृत हो गया है। जल्दी ही अन्य प्रक्रिया प्रारंभ कर वर्क आर्डर जारी कर दिया जाएगा। एक साल में यह प्रोजेक्ट ठेका कंपनी को पूरा करना होगा।

समर सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ी, फिर 16 कोच के साथ चलेगी बिलासपुर-नागपुर वंदेभारत

बिलासपुर बिलासपुर-नागपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में यात्री कम होने पर 16 कोच को घटाकर 8 कर दी गई थी, लेकिन समर सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में अब फिर से 8 की जगह 16 कोच के साथ चलाई जाएगी। यह सुविधा जून से शुरू होगी।बिलासपुर से नागपुर के लिए एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 2240 रुपए है, जबकि चेयर कार का किराया 1240 रुपए तय किया गया है। दरअसल, वंदेभारत एक्सप्रेस की शुरुआत छत्तीसगढ़ में 11 दिसंबर 2022 को हुई थी। शुरुआत में इस ट्रेन के परिचालन को लेकर रेल प्रशासन के साथ-साथ लोगों में भी भारी उत्सुकता थी। स्वदेश में निर्मित सेमी हाई स्पीड सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रेन में कई तरह की विशेषताएं हैं। महंगी टिकट के चलते यात्रियों की संख्या कम थी इसे जानने और देखने के उद्देश्य से ही बड़ी संख्या में यात्रियों ने बिलासपुर-नागपुर के बीच यात्रा की, लेकिन ट्रेन में महंगी टिकट के चलते कुछ समय बाद ही यात्रियों की संख्या कम होने लगी। इसके चलते रेलवे इसे बंद करने की तैयारी में थी। हालांकि, रेलवे ने ट्रेन को बंद करने के बजाय अप्रैल 2023 में 16 कोच को घटाकर 8 कर दी। तब यह ट्रेन 8 कोचों के साथ ही चल रही है। बढ़ी यात्रियों की डिमांड रेलवे सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में वंदे भारत ट्रेन में यात्रियों की डिमांड बढ़ गई है। विशेष कर समर सीजन में ट्रेन पैक चल रही है। टिकटों की डिमांड बढ़ने पर सीटों की उपलब्धता कम हो गई है। ऐसे में रेलवे इसे फिर से 16 कोचों के साथ चलाने की तैयारी कर रही है। 4 कोच में रिपेयरिंग का काम बताया जा रहा है कि मुंबई डिवीजन से बिलासपुर भेजे जा रहे 8 में से 4 कोच खराब है। इनकी मरम्मत बिलासपुर में की जाएगी। मरम्मत का काम पूरा होने के तत्काल बाद इसकी सुविधा रूट के यात्रियों को मिल सकेगी। कहा जा रहा है कि कोच आते ही रेलवे पहले उसकी मरम्मत का काम प्राथमिकता से कराएगा। कोच बढ़ने पर 1128 यात्री कर सकेंगे सफर दावा किया जा रहा है कि जून से वंदे भारत ट्रेन में कोच की संख्या पहले की तरह यानी 16 कोच हो जाएगी। जिसके बाद इसमें कुल सीटों की संख्या बढ़कर 1128 हो जाएगी। वर्तमान में केवल 50% सीटों के साथ कुल 564 यात्री ही वंदे भारत में यात्रा कर पा रहे हैं। कोच बढ़ने से सीटों की संख्या भी दोगुनी हो जाएगी, जो सुविधा सीधे यात्रियों को मिलेगी। जानिए वंदे भारत ट्रेन की खासियत इस ट्रेन में सिटिंग चेयर अरेंजमेंट से लेकर सीसीटीवी, फायर सेफ्टी डिवाइस, फर्स्ट-एड बॉक्स, स्मार्ट टॉयलेट, ग्लास विंडो, ऑटोमैटिक डोर, डिस्प्ले बोर्ड, एयर कंडीशनर, डीप फ्रीजर जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं यात्रियों के लिए उपलब्ध है। मुंबई से बिलासपुर पहुंचे कोच वंदे भारत के कोच मुंबई से शुक्रवार को बिलासपुर पहुंच गए है। दिन भर यार्ड में इसे रखा गया और फिर बाद में कोचिंग डिपो लाया गया। डिपो में इस रैक के सभी कोचों का परीक्षण शुरू हो गया है। बताया गया कि परीक्षण के दौरान अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने रैक के साथ में विस्तृत जानकारी ली और यह जानने का प्रयास किया कि डिपो से इस रैक को कब फिट किया जाएगा। फिट होने के साथ कुछ अहम तैयारियां और करनी होंगी, जिनमें सबसे प्रमुख रिजर्वेशन सिस्टम में 16 कोच की जानकारी अपडेट करना शामिल है।  

राजा चंद्र प्रद्योत ने उज्जैन में महाकाल मंदिर पहुंच मार्गों पर भव्य द्वार को पुनर्जीवित किया जा रहा

उज्जैन  भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले भक्त अब भव्य द्वारों से होकर मंदिर पहुंचेंगे। प्रबंध समिति ने महाकाल मंदिर की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर विशाल द्वार बनवाने का निर्णय लिया है। मंदिर के आसपास भव्य द्वार बनाने की परंपरा 2600 साल पुरानी है। अलग-अलग कालखंड में राजा-महाराजा मंदिर के पहुंच मार्गों पर द्वार बनवाते रहे हैं। आज भी चौबीस खंभा व महाकाल द्वार इसके प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार मंदिर समिति इतिहास का पुनर्लेखन भी करा रही है। अशोक मौर्य ने कराया था द्वारों का जीर्णोद्धार धर्मधानी उज्जैन में दुर्ग व द्वार की परंपरा छठी शताब्दी ईसा पूर्व से चली आ रही है। पुराविद डॉ. रमण सोलंकी ने बताया कि राजा चंद्र प्रद्योत ने महाकाल मंदिर पहुंच मार्गों पर भव्य द्वार बनवाए थे। जब अशोक मौर्य उज्जैन आए तो उन्होंने द्वारों का जीर्णोद्धार कराया। इसके बाद सम्राट विक्रमादित्य ने इनका संरक्षण किया। राजा भोज के शासन में भी यह परंपरा जीवित रही और उन्होंने चौबीस खंभा द्वार बनवाया। पुराने समय में इसी द्वार से भक्त महाकाल दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश किया करते थे। आज भी यह द्वार नगरीय सभ्यता के गौरवशाली इतिहास की गाथा सुना रहा है। भव्य और मनोरम महाकाल द्वार महाकाल मंदिर के उत्तर में महाकाल द्वार स्थित है। रामघाट पर शिप्रा स्नान के बाद श्रद्धालु इसी द्वार से मंदिर में प्रवेश करते थे। इस द्वार का निर्माण मध्यकाल में हुआ है। द्वार के दोनों ओर भगवान गणेश की मूर्ति विराजित है। सुरक्षा के लिए देवी-देवताओं की प्रतिष्ठा राजा महाराजा नगर की सुरक्षा के लिए द्वारा का निर्माण कराते थे। यह द्वार आक्रांताओं के आक्रमण से नगर को सुरक्षित रखते थे। व्याधियों से रक्षा के लिए भी इन द्वारों का विशेष महत्व था। नगर प्रवेश द्वारों पर देवी-देवताओं की स्थापना की जाती थी। चौबीस खंभा, महाकाल द्वार, सती गेट सहित नगर में मौजूद द्वारों पर देवी-देवता विराजित हैं। अनादिकाल से समय-समय पर इनका पूजन किया जाता है। आज भी नगर की सुख-समृद्धि के लिए चौबीस खंबा स्थित माता महामाया व महालया की शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर नगर पूजा की जाती है। प्रबंध समिति की बैठक में निर्णय कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में आठ मई को आयोजित मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में महाकाल मंदिर पहुंच मार्गों पर द्वार बनाने का निर्णय लिया गया है। समिति उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से इन द्वारों का निर्माण कराएगी। योजना में यह खास     बड़ा गणेश, हरसिद्धि, शक्ति पथ पर होगा विशाल द्वारों का निर्माण।     नीलकंठ, नंदी, धनुष तथा शहनाई द्वार पर धातु के कलात्मक द्वार बनेंगे।  

बीजेपी अब जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को सार्वजनिक जीवन में मंचों से बोलने का प्रशिक्षण देने की करेगा शुरुआत

भोपाल  भाजपा के दिग्गज नेताओं, मंत्रियों, विधायकों की सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी की धूमिल होती छवि के चलते अगले महीने से भाजपा का स्पीकिंग कोर्स शुरू हो सकता है। मध्य प्रदेश भाजपा में जिस तरीके से पार्टी के दिग्गज नेताओं, मंत्रियों के विवादास्पद बयान सामने आ रहे हैं, उसके चलते न केवल पार्टी बल्कि सरकार की भी छवि धूमिल होती जा रही है। यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी अब जिम्मेदार पदों पर बैठे अपने तमाम नेताओं को सार्वजनिक जीवन में मंचों से बोलने का प्रशिक्षण देने की शुरुआत करने जा रही है। माना जा रहा है कि बीजेपी जून से यह प्रशिक्षण शिविर मध्य प्रदेश में शुरू कर सकती है। माना जा रहा है कि जिस तरह विधानसभा सत्र से पहले भाजपा अपने विधायक दल की बैठक में तय कर लेती है कि किस तरीके से विधानसभा में सरकार का पक्ष रखना है, कैसे विपक्ष को घेरना है, ऐसी बयानबाजी से बचाना है जिसके चलते विधानसभा सत्र के दौरान सरकार पर सवाल ना उठे। इसके साथ ही जैसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण वर्ग आयोजित कर उन्हें हर मुद्दे पर बोलने से सार्वजनिक बयान बाजी से, रोकने के गुण सिखाता है उसी तर्ज पर भाजपा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करने की शुरुआत करेगी। इसमें बाकायदा भाजपा मीडिया प्रबंधन के प्रोफेशनल एक्सपर्ट के जरिए सार्वजनिक मंचों पर कैसे बोला जाए, विवादित मुद्दों से कैसे बचा जाए, सरकार पर विपक्ष के हमले का कैसे जवाब दिया जाए, इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। दरअसल बीते दिनों जिस तरीके से मंत्री विजय शाह की ऑपरेशन सिंदूर की आइकॉन बनी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए बयान के चलते भाजपा की और सरकार की अंतरराष्ट्रीय किरकिरी हुई, उसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के सेना पर दिए गए अपमानजनक बयान के बाद भाजपा और सरकार हाशिये पर आई भाजपा ने तय कर लिया है कि मंत्री, सांसदों, विधायक जैसे तमाम दिग्गज नेताओं को सार्वजनिक जीवन में बोलने का प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। किन बयानों के चलते हुई सरकार और पार्टी की किरकिरी?     मंत्री विजय शाह के ऑपरेशन सिंदूर की आइकॉन कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई बदजुबानी     डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का बयान     मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल द्वारा 2024 में अपने बेटे के मारपीट के मामले में भोपाल के थाने में हंगामा किए जाने के मामले के बाद ग्वालियर के होटल में छापामार कार्रवाई से हुआ विवाद     मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रम में आवेदन लेकर आने वाली जनता को भिखारी बताना     विधायक भूपेंद्र सिंह और मंत्री गोविंद सिंह के बीच सार्वजनिक बयानबाजी के चलते पार्टी की छवि धूमिल होना     मंत्री नगर सिंह द्वारा अपना वन विभाग का मंत्री पद छिनने के बाद सरकार और पार्टी के खिलाफ बयानबाजी  

सांची विकासखंड के रतनपुर गांव में प्रदेश की पहली डिजिटल आंगनबाड़ी, नई तकनीक से पढ़ाई कर रहे बच्चे

रायसेन  सांची विकासखंड के रतनपुर गांव में मध्य प्रदेश की पहली डिजिटल आंगनबाड़ी का उद्घाटन किया गया है. इस मौके पर भोपाल कमिश्नर संजीव सिंह, जिला कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ अंजू पवन भदौरिया, महिला एवं बाल विकास अधिकारी मौजूद रहे. इस आंगनबाड़ी केंद्र को डिजिटल रूप में डेपलप किया गया. इसमें स्मार्ट टीवी, तीन सैमसंग टैबलेट, अलेक्सा डिवाइस और आईआईटी दिल्ली द्वारा तैयार किया गया पाठ्यक्रम है. बच्चे प्राइवेट स्कूल छोड़ यहां एडमिशन ले रहे हैं. बच्चों के शैक्षणिक स्तर में हुआ सुधार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शकुन ने बताया, “जब से आंगनवाड़ी का डिजिटलीकरण हुआ है, यहां बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है. यहां बच्चे डिजिटल डिवाइस के माध्यम से भविष्य की तकनीक को जान रहे हैं. साथ ही इन बच्चों का शैक्षणिक स्तर भी सुधर रहा है. किसी समय इस आंगनबाड़ी में 5 से 10 बच्चे ही आया करते थे, लेकिन आंगनबाड़ी का डिजिटलीकरण होने से यहां की तस्वीर बदल गई है. अब निजी संस्थानों को छोड़कर बच्चे इस आंगनबाड़ी में पढ़ने आ रहे हैं. यह सब संभव हो पाया है भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण क्षेत्र के डिजिटलीकरण के कारण.” दीवारों पर उकेरी गई पाठ्य सामग्री रतनपुर ग्राम में बनाई गई डिजिटल आंगनवाड़ी में बच्चों के लिए टैबलेटों के साथ बड़ी एलईडी टीवी लगाई गई है. साथ ही इस आंगनबाड़ी की दीवारों पर सुंदर चित्रकारी भी उकेरी गई है. छत हो या दीवारें सबको बच्चों की रुचि को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. दीवारों पर ABCD, 123 और हिंदी वर्णमाला के शब्दों को इस तरह से प्रदर्शित किया गया है कि बच्चे आसानी से आकर्षित होकर इन्हें सीख सकें. साथ ही आंगनबाड़ी में पदस्थ कार्यकर्ताओं को भी विशेष ट्रेनिंग दी गई है, जिससे कि वह बच्चों को डिजिटल डिवाइस के माध्यम से भविष्य की तकनीक से रूबरू करा सकें. डिजिटलीकरण के बाद बच्चों की बढ़ी संख्या आंगनबाड़ी में बच्चों को सैनिटाइजर से अपने हाथों की साफ सफाई के बारे में भी सिखाया जा रहा है. बच्चे डिजिटल डिवाइस में चित्रकारी करते हैं, पढ़ाई करते हैं और नए-नए शब्दों को सीखते हैं. इन बच्चों को यहां पर भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है. पूरा प्रांगण इस तरह से तैयार किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे यहां पर आ सके और नई-नई चीजें सीख सकें. डिजिटल आंगनबाड़ी तैयार होने के बाद से यहां पर बच्चों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है. परिजन काफी खुशी से अपने बच्चों को भेज रहे हैं. यहां बच्चों के खेलने का भी इंतजाम किया गया है. बच्चों को सिखाने का नया प्रयोग महिला बाल विकास अधिकारी दीपक संकत ने कहा, “भारत सरकार के यूआईडीएआई डिपार्टमेंट के माध्यम से देश के कुछ राज्यों में डिजिटल आंगनबाड़ी केंद्र शुरू किए गए हैं, जो एक नया प्रयोग है. इन आंगनबाड़ी केंद्रों में जो बच्चे हैं, उनकी डिजिटल उपकरणों के जरिए नई तरह से पढ़ाई करवाई जा रही है. इसमें बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य और शब्दों को पहचानने के लिए रंगों को पहचानने के लिए हिंदी और अंग्रेजी भाषा में पढ़ाई करवाई जाती है.” भारत सरकार ने स्वीकृति किया प्रस्ताव दीपक संकत ने कहा, “जिला कलेक्टर के निर्देश पर हमने भारत सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था. भारत सरकार ने हमारे प्रस्ताव को मानते हुए पूरे मध्य प्रदेश में सिर्फ रायसेन जिले के सांची विकासखंड में 2 डिजिटल आंगनबाड़ियों की स्वीकृति दी है, जिनमें आधुनिक शिक्षा दी जा रही है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई करवा रही हैं. उन्हें टैबलेट दिए गए हैं, जिनके माध्यम से वस्तुओं की आकृति स्क्रीन पर थ्री डाइमेंशनल तरीके से बनाकर बच्चों को पढ़ाया जाता. बच्चे उसे आसानी से देखकर छूकर समझ सकते हैं. डिजिटलीकरण से आसानी से सीख रहे बच्चे ग्राम रतनपुर की आंगनबाड़ी केंद्र में आदिवासी बच्चे आते हैं. पहले इस आंगनबाड़ी में बच्चे रूटीन की पढ़ाई में विशेष रुचि नहीं लेते थे, जब से आधुनिक कारण किया गया है तब से बच्चों की संख्या के साथ उपस्थित बढ़ गई है. परिजन भी अपने बच्चों को यहां लेकर आते हैं. अब स्थिति ऐसी है कि बच्चों को अंक समझ में आते हैं. शब्दों के आकार और उनसे जुड़े हुए अर्थ भी समझ आते हैं.   दिल्ली आईआईटी की टीम ने किया निरीक्षण वहीं, दिल्ली से यहां थर्ड पार्टी ऑडिट भी हुआ था, जहां दिल्ली आईआईटी की पांच सदस्य टीम ने तीन से चार दिन यहां रुक कर आंगनबाड़ी की उपयोगिता का आकलन किया. उन्होंने बच्चों के माता-पिता से भी संपर्क किया और उनसे बात की. परिजन ने बताया कि उनके बच्चे रायसेन शहर के सेंट फ्रांसिस कान्वेंट स्कूल में जाया करते थे. उन्होंने अपने छोटे बच्चों का दाखिला इस आंगनबाड़ी में सिर्फ इसलिए करवा दिया क्योंकि यहां पर शिक्षा का स्तर निजी स्कूलों से अच्छा है.

आपरेशन सिंदूर में एल-70 गन का प्रभावी प्रदर्शन, उत्पादन शुरू करने की योजना

जबलपुर  पाकिस्तान के खिलाफ आपरेशन सिंदूर में अपने अचूक निशाने से सबसे सटीक प्रदर्शन करने वाली एंटी एयरक्राफ्ट गन एल-70 ने आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) को अपने उत्पादन पर गर्व करने का अवसर दे दिया है। यह एडवांस वर्जन है और एल-70 गन ओएफके का ही उत्पादन है। करीब तीन साल पहले तक सेना को बनाकर दिया जा रहा था। शांति काल के कारण इसकी उपयोगिता सीमित होने से रक्षा उत्पादन बंद था। लेकिन हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में जिस तरह दुश्मन के लक्ष्य को भेदने में एल-70 सफल हुई और भारतीय सेना की एक मजबूत ताकत बनकर उभरी, इसे ध्यान में रखते हुए ओएफके इसके एक बार फिर ट्रायल उत्पादन की तैयारियों में जुटा हुआ है। संभावना है कि उत्पादन जल्द शुरू हो सकता है। इन हाउस तैयारियों को पुख्ता किया जा रहा सूत्रों के अनुसार म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) की एक इकाई ओएफके एल-70 के ट्रायल उत्पादन शुरू करने से पहले इन हाउस तैयारियों को पुख्ता करने के साथ मंथन में जुटा है। सेना से रक्षा उत्पादन को हरी झंडी मिलने के बाद कार्य के गति पकड़ने की संभावना है। इस बीच ओएफके शानदार रक्षा उत्पादन से आयुध क्षेत्र में उसकी साख में काफी इजाफा हुआ है। पूर्व में निजी कंपनियों से उसे चुनौती मिल रही थी। लेकिन अपने रक्षा उत्पादन में निर्माणी ने स्वदेशी तकनीक का भरपूर इस्तेमाल करने के साथ गुणवत्ता का भी विशेष ख्याल रखा है। यही कारण है कि देश की सेना का निर्माणी पर हमेशा से भरोसा कायम रहा है और उसके उत्पादन सटीक प्रदर्शन करते रहे हैं। महत्वपूर्ण है कि यह पूर्व में एक स्वीडिश निर्मित 40 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट गन है, जिसे बाद में आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाते हुए पूर्णत: स्वदेशी तकनीक की मदद से अपग्रेड किया गया। भारतीय सेना और वायुसेना की निम्न-ऊंचाई वाली रक्षा का हिस्सा है। एल-70 ने पाकिस्तानी ड्रोनों को नष्ट करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, विशेष रूप से पंजाब और जम्मू-कश्मीर क्षेत्रों में इसकी सटीकता और तेजी से फायरिंग ने इसे प्रभावी बनाया। एल-70 एंटी-एयरक्राफ्ट गन को जानें रेंज : करीब पांच किलोमीटर तक मारक क्षमता लक्ष्य : ड्रोन, हेलिकॉप्टर और निम्न-उड़ान वाले विमान गति : 300 राउंड प्रति मिनट मार्गदर्शन प्रणाली : राडार-आधारित फायर कंट्रोल सिस्टम सशस्त्र बलों में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल एल-70 एंटी एयरक्राफ्ट गन सशस्त्र बलों में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली एयर-डिफेंस गन है। सेना के पास इसकी बड़ी खेप हमेशा से रही है। पहली बार 1960 के दशक के अंत में स्वीडिश कंपनी से खरीदा गया था और बाद में आर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) द्वारा निर्मित करने का लाइसेंस दिया गया था। मिराज व सुखोई की चर्चा में एरियल बम की धमक ऑपरेशन सिंदूर में अपने प्रभावी प्रदर्शन से दुश्मन के छक्के छुड़ाने वाला मिराज व सुखोई लड़ाकू विमानों ने जिन बमों का प्रयोग किया, वे ओएफके ने ही बनाए थे। लड़ाकू विमानों के लिए 250 किग्रा क्षमता और 450 किग्रा क्षमता के एरियल बम व थाउजेंड पाउंडर बम सफल साबित हुए हैं।

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