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एक वर्ष में स्टार्ट-अप में 30 और महिला स्टार्ट-अप में 34 प्रतिशत की वृद्धि – नई स्टार्टअप नीति हुई लागू

भोपाल मध्यप्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। स्टार्ट-अप्स की संख्या, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों में वृद्धि और राज्य में नवाचार को प्रोत्साहन देने वाली विभिन्न पहलों के चलते पिछला वर्ष अत्यंत सफल रहा है। स्टार्ट-अप्स में हुआ इज़ाफ़ा पिछले एक वर्ष में राज्य में मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स की संख्या 4012 से बढ़कर 5230 हो गई, जिसमें 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्ट-अप्स में 34 फीसदी की वृद्धि हुई है। इनकी संख्या 1864 से बढ़कर 2490 तक पहुँच गई हैं। इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि महिला उद्यमिता को विशेष बल दिया जा रहा है। आज प्रदेश में स्टार्ट-अप्स की संख्या 5300 से अधिक हो चुकी है। निवेश को मिली नई दिशा गत एक वर्ष में राज्य सरकार ने स्टार्ट-अप्स के लिए फंडिंग सुनिश्चित करने हेतु SEBI-अनुमोदित वैकल्पिक निवेश निधियों (AIFs) से साझेदारी की। 5 AIFs का चयन हुआ, जिनमें से 3 Silver Needle, Equanimity Ventures और Unicorn India Ventures Fund ने कुल ₹10.90 करोड़ का निवेश किया। सरकार ने ₹3.03 करोड़ का अंशदान किया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुआ नीति का शुभारंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई “मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं क्रियान्वयन योजना 2025” का शुभारंभ किया गया। इस दौरान 2500 से अधिक स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया और “फ्यूचर फ्रंटियर्स: स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन” में 20 स्टार्ट-अप्स को निवेशकों के समक्ष पिच करने का मौका मिला, जिसमें से 19 को निवेशकों द्वारा रुचि पत्र प्राप्त हुए। महिलाओं और कृषि स्टार्ट-अप्स को मिला मंच महिला उद्यमियों को योजनाओं से जोड़ने के लिये 13 अगस्त 2024 को “प्रदेश महिला उद्यमी सम्मेलन” का हुआ। जिसमें 40 से अधिक महिला स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया। कृषि क्षेत्र के लिए GAP फंड के माध्यम से फंडिंग की सुविधा दी गई और कृषि आधारित स्टार्ट-अप्स को विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी का अवसर मिला। राज्यभर में हुआ स्टार्ट-अप जागरूकता का प्रसार मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने पूरे वर्ष में 50 से अधिक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा आयोजन किया, जिनमें 20 से अधिक शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक संगठनों, सरकारी विभागों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों तक की सहभागिता शामिल रही। साथ ही, प्रदेश में आयोजित रीजनल इंडस्ट्रीज़ कोंक्लेव तथा RAMP योजना जैसी पहलों के माध्यम से स्टार्ट-अप्स को जागरूक किया गया। नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजित “स्टार्ट-अप क्लीनिक”, “स्टार्ट-अप मार्गदर्शन सत्र” और “इनक्यूबेटर आउटरीच वर्कशॉप” जैसे आयोजनों से प्रदेश में स्टार्ट-अप संस्कृति को मजबूत आधार मिला है। मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने राज्य में नवाचार और उद्यमिता का वातावरण तैयार किया है साथ ही निवेश, जागरूकता और सहभागिता के नए आयाम भी स्थापित किए हैं।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जान रहे योजनाओं की हकीकत

बिलासपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का उड़न खटोला बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम आमागोहन में उतरा। वनांचल के आदिवासी ग्राम में मुख्यमंत्री श्री साय को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल था। वे चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर अपने राज्य के मुखिया को एक झलक देखने और उन्हें सुनने के लिए घण्टो डटे रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में जहाँ ग्रामीणों से संवाद किया वहीं मुख्यमंत्री ने समाधान पेटी में डाले गए आवेदनों की निराकरण की स्थिति भी जानी। उन्होंने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि आज सुशासन तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सरकार आपके गाँव में आई है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में राज्य के लोगों के हित में कार्य किया है। जो सरकार अच्छा काम करती है उनकी ही हिम्मत होती है जनता के बीच जाने की। सुशासन तिहार एक तरह से हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और हमारी सरकार के द्वारा किए गए कार्यों का आंकलन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से सरकार योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति भी जान रही है।    सुशासन तिहार के तीसरे चरण के तहत बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के अंतर्गत दूरस्थ आदिवासी ग्राम आमागोहन के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री साय शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी के आशीर्वाद से राज्य में हमारी सरकार बनी और डेढ़ वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवधि में लोकसभा,नगरीय निकाय,नगर पंचायत में हमारी सरकार बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वादों को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने दुर्ग और अम्बिकापुर में भी राज्यवासियों को 3-3 लाख पीएम आवास दिये। इसके अलावा पीएम जनमन आवास और नक्सल क्षेत्रों में आत्म समर्पित परिवारों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवास प्लस में जिनका नाम है उनको भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों का वादा पूरा कर 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का निर्णय लिया। दो वर्ष से बकाया धान बोनस राशि भी दी। उन्होंने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वन्दन योजना की राशि उनके खाते में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला। जिनका नाम छूट गया है उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है,आने वाले दिनों में छूटे हुए हितग्राहियों का नाम भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले हितग्राहियों के हित में निर्णय लेते हुए प्रति मानक बोरा की राशि 4 हजार से 5500 रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ कर हितग्राहियों को रामलला का दर्शन कराया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने बड़े-बुजुर्गों की इच्छाओं को पूरा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को प्रारंभ किया है। इस योजना से तीर्थ यात्रा के इच्छुक परिवार अन्य तीर्थ स्थल का लाभ उठा पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ की है। इस योजना से सभी ग्राम पंचायत जुड़ेंगे और ग्रामीणों को गाँव में ही बैंक जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्र में किसी भी योजना के हितग्राहियों को राशि निकालने में सुविधा होगी। वही जाति, निवास सहित अन्य दस्तावेज भी मिल पाएंगे। अभी 1460 पंचायत में यह प्रारंभ की गई है। इससे ग्रामीणों को बैंक तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के साथ कार्यवाही भी कर रही है।  उन्होंने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री के साथ सरकार ने नामांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इससे कोई अधिकारी नामान्तरण के नाम पर किसी को घुमा नहीं पायेगा। एक घण्टे से कम समय में नामांतरण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी को पूरा करने वाली यह सरकार सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सुर्यवंशी,कलेक्टर, एसपी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बेलगहना में कॉलेज,आमागोहन में विद्युत सब स्टेशन और सामुदायिक भवन की घोषणा की मुख्यमंत्री श्री साय ने आमागोहन के समाधान शिविर में आई मांग को ध्यान रखकर बेलगहना में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज खोलने की घोषणा की। उन्होंने आमागोहन सहित आसपास के ग्रामों में लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 33 केव्ही का विद्युत सब स्टेशन और विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। समाधान शिविर में पहुँचे बिलासपुर सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन लाल साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश के कोने-कोने में शिविर का आयोजन कर आवेदन लिए गए। मुख्यमंत्री जी हर छोटे छोटे गाँव में जा रहे हैं। गाँव की समस्याओं का निराकरण भी हो रहा है।  यह सौभाग्य है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत वे बिलासपुर जिले के अंतिम छोर के आदिवासी क्षेत्र के गाँव आमागोहन आये। इसके लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार बनने के कुछ दिनों के भीतर ही मोदी की गारंटी को पूरा किया गया है। अब वे योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेने गाँव-गांव जा रहे हैं। उन्होंने बेलगहना में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज,आमागोहन में विद्युत सब स्टेशन सहित अन्य मांग भी रखी। शासन की योजनाओं से जीवन में आया बदलाव समाधान शिविर में पीएम आवास, महतारी वंदन योजना, पीएम सम्मान निधि के किसानों ने योजना का लाभ उठाकर जीवन में आए बदलाव को बयां किया। पीएम आवास की हितग्राही छोटे लाल ने बताया कि पहले वे खपरैल वाले मिट्टी के घर में रहते थे। इससे साँप,बिच्छु का खतरा बना रहता था। अब पक्का मकान बनने से बारिश के दिनों में होने वाली समस्या दूर हो गई है। महतारी वंदन योजना की हितग्राही … Read more

ठग लाइफ के ट्रेलर पर लोगों ने जताई नाराजगी

मुंबई एक्टर कमल हासन की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘ठग लाइफ’  का ट्रेलर रिलीज हो गया है. ट्रेलर में रोमांटिक सीन्स काफी चर्चा में आ गया है. दरअसल, फिल्म में कमल हासन के अपनी उम्र से आधी एक्ट्रेसेज के साथ रोमांस करने से उनके फैंस नाराज हैं और उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. बता दें कि कमल हासन के साथ इस फिल्म में सिलंबरासन लीड रोल में नजर आएंगे. मणिरत्नम के निर्देशन में बनी फिल्म ‘ठग लाइफ’ के ट्रेलर में दिखाए गए रोमांटिक सीन्स को देखने के बाद कुछ दर्शक नाराज हैं. कमल हासन और त्रिशा कृष्णन के बीच दिखाए गए रोमांटिक सीन और अभिरामी के साथ लिप-लॉक को लेकर सोशल मीडिया, खासकर रेडिट पर जमकर बहस छिड़ हुई है. एक यूजर ने ट्रेलर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “नहीं भगवान, कृपया नहीं!” एक यूजर ने कमेंट किया, “त्रिशा, श्रुति हासन से सिर्फ 3 साल बड़ी हैं.” एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “सिर्फ 30 साल का अंतर है. व्यावहारिक रूप से आत्मा के साथी!” एक कमेंट में कहा गया कि “अभिरामी और कमल का 30 साल के अंतर के साथ लिप-लॉक शेयर करना अजीब लगता है.” फिल्म ‘ठग लाइफ’ से मणिरत्नम और कमल हासन की जोड़ी की वापसी हुई है, जो साल 1987 की क्लासिक फिल्म नायकन के बाद दोनों पहली बार एक साथ काम कर रहे हैं. इस फिल्म के जरिए दोनों दिग्गज एक बार फिर दर्शकों के सामने यूनिक कहानी के साथ लौटे हैं. फिल्म 5 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

कैबिनेट बैठक में देखने को मिलेगी मालवा संस्कृति की झलक

इंदौर मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 20 मई 2025 को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा परिसर में एक विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी रखती है, क्योंकि यह लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती वर्ष के समापन और उनकी विवाह वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की जा रही है। इसके पहले डॉ. मोहन सरकार दमोह, जबलपुर में डेस्टिनेशन कैबिनेट के सफल आयोजन कर चुकी है। अहिल्याबाई के आदर्शों को आत्मसात करने का सुनहरा अवसर इस कैबिनेट बैठक का मुख्य उद्देश्य लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के योगदान को याद करते हुए होल्कर साम्राज्य के संस्थापक महाराज मल्हार राव होल्कर का भी पुण्य स्मरण करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन इंदौर की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करने और मध्य प्रदेश के विकास के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण, जैसे कि “विजन 2047”, को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन इंदौर के ऐतिहासिक महत्व का स्मरण करने और देवी अहिल्याबाई के आदर्शों को प्रचारित करने का बेहतरीन अवसर है। होल्कर साम्राज्य का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व इंदौर का राजवाड़ा, होल्कर साम्राज्य का प्रतीक, मध्य भारत के गौरवशाली अतीत का साक्षी रहा है। यह वह स्थान है जहां होलकर साम्राज्य के शासकों ने अपने दरबार लगाए और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। 20 मई को गणेश हॉल में होने वाली यह बैठक उसी परंपरा को जीवंत करेगी, जहां डॉ मोहन कैबिनेट अपने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेगी। यह पहली बार है जब आज़ादी के कई वर्षों बाद इस ऐतिहासिक स्थल पर डॉ. मोहन कैबिनेट का भव्य दरबार सजेगा। राजवाड़ा : होलकर साम्राज्य की विरासत राजवाड़ा एक महल नहीं बल्कि होलकर साम्राज्य की विरासत है जिस पर आज भी सभी गर्व महसूस करते हैं। यह वह ऐतिहासिक स्थान है जहां से होलकर साम्राज्य ने अपने कई बड़े फैसलों से अपनी दिशा तय की थी। इसका निर्माण 1766 से 1834 के बीच हुआ और इसकी भव्यता आज भी लोगों को आकर्षित करती है। देवी अहिल्याबाई होलकर इसी राजवाड़ा से प्रशासनिक निर्णय लिया करती थी। अंतिम बार 1945 में महाराज यशवंतराव होलकर तृतीय ने अपनी मंत्रिपरिषद के साथ इसी दरबार हॉल में बैठक की थी। वही राजवाड़ा इस बार फिर डॉ. मोहन यादव के निर्णायक फैसलों का साक्षी बनने जा रहा है। लोकमाता की उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब मोहन सरकार यहां बैठक कर, न सिर्फ राजवाड़े के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित कर रही है बल्कि सुशासन के संकल्पों के नए मानदंड प्रदेश में स्थापित कर रहे हैं। कैबिनेट बैठक में देखने को मिलेगी मालवा संस्कृति की झलक इस आयोजन को मालवा की संस्कृति के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिसमें मंत्रियों का स्वागत मालवी पगड़ी पहनाकर किया जाएगा । बैठक के बाद दरबार हाल में सभी मंत्रियों और अधिकारियों के लिए पारंपरिक मालवी भोजन परोसा जाएगा, जिसमें दाल-बाफले, दाल-बाटी-चूरमा, मावा बाटी, दही, लड्डू, केसर श्रीखंड, मैंगो रबड़ी और छाछ जैसे व्यंजन शामिल होंगे। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय की उम्मीद है, जिसमें “विजन 2047” के तहत मध्यप्रदेश के दीर्घकालिक विकास की कई योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, निवेश संवर्धन, औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से संबंधित नीतियों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में जिला विकास सलाहकार समिति का प्रस्ताव भी आएगा। कैबिनेट बैठक में अनेक कल्याणकारी प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है जिसमें नए रोजगार के अवसर सृजित करने, कर्मचारियों के पदोन्नति संबंधी प्रस्ताव भी पास हो सकते हैं। कैबिनेट बैठक में सरकार मेट्रोपॉलिटन रीजन एक्ट 2025 भी लेकर आएगी जिससे इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी। इस बड़ी पहल के साथ मध्यप्रदेश देश का 13वां राज्य बन जाएगा, जहां मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जाएंगे। लोकमाता के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें : मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्या बाई माता होल्कर का 300वां जयंती वर्ष पूरे हर्षोल्लास से मना रही है। तिथि अनुसार लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर का जयंती वर्ष, विवाह वर्षगांठ (20 मई) और महाराजा श्रीमंत मल्हार राव जी होल्कर की पुण्य-तिथि, ये तीनों सुयोग एक ही समय पर आ रहे हैं, जो इस आयोजन को और भी अधिक विशेष बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन, स्वावलंबन,आत्म-निर्भरता और महिला कल्याण की मिसाल लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के पुण्य सम्मान में मध्यप्रदेश सरकार की मंत्रि-परिषद की बैठक 20 मई को इंदौर शहर के राजवाड़ा में होगी। यह पहली बार होगा, जब मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक राजवाड़ा जैसे ऐतिहासिक स्थल पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजवाड़ा में होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य की जनता के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जयंती वर्ष पर हमें चाहिए कि हम सब उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और अपने महापुरुषों का स्मरण करते हुए समाज को एक नई प्रेरणा दें और अपने देश व प्रदेश के विकास के लिए सक्रिय होकर सहभागी बनें। 20 से 31 मई तक प्रदेश भर में होंगे विविध आयोजन मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि 20 मई से 31 मई तक पूरे प्रदेश में अलग-अलग सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 19 मई को इंदौर में एक मंचीय कार्यक्रम होगा, जिसमें लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के जीवन के विविध पहलुओं को एक लघु नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह अद्भुत प्रस्तुति नागपुर, महाराष्ट्र से आये सुघड़ कलाकारों द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जन्म जयंती को और अधिक स्मरणीय बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 31 मई को राजधानी भोपाल में भी एक बड़ा आयोजन किया जाएगा। इंदौर के राजबाड़ा में होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मील का पत्थर साबित होगी। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक निर्णयों के लिए, बल्कि इंदौर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक मंच पर उजागर करने के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ भविष्य के विकास के लिए … Read more

कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत के मामले में भाई अनुराग मिश्रा ने थाने में शिकायत कराई, दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ीं

भोपाल कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत के मामले में उनके भाई अनुराग मिश्रा ने थाने में शिकायत की है. अनुराग मिश्रा ने 28 साल बाद भोपाल के टीटी नगर थाने पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायत की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरला की मौत हत्या थी, जिसके अधिकारियों की मिलीभगत से आत्महत्या दिखाया गया. फरवरी 1997 में सरला मिश्रा की भोपाल के टीटी नगर स्थित आवास में जलने से मौत हो गई थी. अनुराग ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है. फरवरी 1997 में सरला मिश्रा की भोपाल के टीटी नगर स्थित आवास में जलने से मौत हो गई थी। करीब 1 महीने पहले कोर्ट में पुलिस ने इस मामले में खात्मा रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। कोर्ट ने रिपोर्ट में गंभीर खामियां पाते हुए इसे खारिज कर दिया और दोबारा जांच के आदेश दे दिए थे। अनुराग मिश्रा ने कहा कि, कोर्ट ने बहन सरला मिश्र की मौत के मामले में जो आदेश दिया है, उसके तहत ही शिकायत दर्ज कराई है। यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि यह हत्या थी, जिसे आत्महत्या में बदल दिया गया। इस मामले को बदलने वालों में तत्कालीन टी.आई. एस.एम. जेडी, डॉ. सत्यपति, डॉ. योगीराज शर्मा, महेंद्र सिंह करचुरी और अन्य शासकीय कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। इन सभी की जांच होनी चाहिए। इसके अलावा, जिनके कारण यह केस दबाया गया, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उनके भाई लक्ष्मण सिंह और राजनीतिक लोगों की भी जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा- पुलिस जांच में कई गंभीर खामियां 17 अप्रैल को भोपाल कोर्ट की न्यायाधीश पलक राय ने अपने आदेश में कहा कि मृतका के मृत्यु पूर्व बयान की मेडिकल पुष्टि नहीं की गई। बयान के समर्थन में जो कागज के टुकड़े मिले, उनकी भी स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई। घटनास्थल से कोई फिंगर प्रिंट भी नहीं लिया गया। परिवार ने इसे हत्या बताया था और कुछ नेताओं पर आरोप भी लगाए थे। साल 2000 में पुलिस ने केस की फाइल बंद कर दी थी। खात्मा रिपोर्ट अगले 19 वर्ष तक कोर्ट में पेश नहीं की गई। फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि पहले खात्मा रिपोर्ट में बयान दर्ज हों और फिर कार्रवाई की जाए। इसके बाद भोपाल कोर्ट में सुनवाई चली और अनुराग के बयान दर्ज हुए। टीआई बोले- वैधानिक कार्रवाई करेंगे टीटी नगर थाना टीआई मानसिंह ने बताया कि कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा के भाई अनुराग मिश्रा ने एक आवेदन दिया है, जिसमें कोर्ट का आदेश भी लगा हुआ है। इस मामले में पुनः जांच के लिए आवेदन दिया गया है इसमें विवेचना अधिकारी टी.आई. एस.एम. जेडी, डॉ. सत्यपति, डॉ. योगीराज शर्मा, महेंद्र सिंह करचुरी समेत अन्य के नाम शामिल है। इस मामले में जांच के बाद जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी की जाएगी। भाई ने कहा- हत्या हुई, पुलिस ने माना सुसाइड कोर्ट के आदेश के बाद अनुराग मिश्रा ने बताया था- हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि उनकी हत्या हुई है। पुलिस ने संदिग्ध स्थिति में जला मानकर 309 में केस दर्ज कर लिया और कहा था कि इन्होंने आत्महत्या की है। हम उसी समय के जांच अधिकारी से कहते रहे कि इसमें हत्या हुई है। हमनें लिखकर दिया फिर भी उसकी जांच नहीं हुई। घटनास्थल पर सबसे पहले मेरे माता-पिता पहुंचे थे। उन्हें घटना वाले मकान से बाहर करके ताला लगा दिया था। पुलिस ने माता-पिता और मेरी एक और सगी बड़ी बहन के बयान नहीं लिए। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से झगड़ा हुआ था सरला के भाई अनुराग मिश्रा ने कहा था कि मेरी बड़ी बहन कांग्रेस की सक्रिय नेता थीं। उनका दस जनपथ पर सोनिया गांधी के घर पर आना-जाना था। उनकी मौत जिन परिस्थितियों में हुई उसमें कई ऐसे तथ्य हैं जो यह बताते हैं कि उनकी हत्या हुई थी, लेकिन पुलिस ने उस वक्त नेताओं को बचाने के लिए 2000 में खात्मा लगा दिया था। भाई ने आरोप लगाया कि मेरी बहन की हत्या हुई है। उनका तत्कालीन सीएम से झगड़ा हुआ था। जिस समय खात्मा लगाया गया था उस समय दिग्विजय सिंह की सरकार थी। 19 साल बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार आई तो रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। ‘कोर्ट के आदेश के तहत ही शिकायत दर्ज करवाई‘ सरला मिश्रा की मौत के मामले में पुलिस ने करीब एक महीने पहले कोर्ट में मामले में क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी. लेकिन कोर्ट ने रिपोर्ट में कई खामियां पाई थी और रिपोर्ट को खारिज करते हुए फिर से जांच के आदेश दिए थे. अनुराग मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश के आधार पर ही टीटी नगर थाने में शिकायत की है. ‘दिग्विजय सिंह और उनके भाई की जांच हो’ अनुराग मिश्रा ने आरोप लगाया कि हत्या के मामले को आत्महत्या में बदलने वालों में तत्कालीन TI एस एम जेडी, डॉ सत्यपति, डॉ योगीराज शर्मा, महेंद्र सिंह करचुरी और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल हैं. इन सभी लोगों की जांच होनी चाहिए. इसके अलावा केस को दबाने में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके भाई लक्ष्मण सिंह की भी जांच होनी चाहिए.

सरकार का भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में निर्णायक कदम, एक्ट तैयार

भोपाल भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रारूप प्रस्तुत किया गया। अब मध्यप्रदेश मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 का प्रस्ताव मंगलवार को इंदौर के राजवाड़ा में होने वाली कैबिनेट बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में लगभग 9600 वर्ग किलोमीटर इस अधिनियम के तहत भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में लगभग 9600 वर्ग किलोमीटर और इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में 9336 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल किया जाएगा। भोपाल रीजन में रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और सीहोर जिलों के हिस्सों को जोड़ा जाएगा। दक्षिण में ओबेदुल्लागंज से लेकर उत्तर में श्यामपुर तक इसका विस्तार होगा। यह योजना 35 लाख की वर्तमान आबादी और 60 लाख की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। जानकारी के अनुसार 14 माह में रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार होगा। 18 विभागों से आंकड़े मंगवाए गए इस योजना का उद्देश्य औद्योगिक, वाणिज्यिक और आवासीय विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार करना है। इसके लिए 18 विभागों से आंकड़े मंगवाए गए हैं। प्रस्ताव पारित होने के बाद डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और लागत अनुमान हेतु टेंडर जारी किए जाएंगे। एकीकृत विकास दृष्टिकोण पर फोकस होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें हॉस्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार, पर्यटन और अन्य सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में उज्जैन, देवास और धार होंगे शामिल इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना 75 लाख की संभावित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसमें उज्जैन, देवास और धार जिलों के शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्र शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक सौंदर्य, वन क्षेत्र और पर्यटन की संभावनाओं का विशेष ध्यान रखते हुए योजना तैयार की जाए। मप्र बनेगा देश का 13वां मेट्रोपॉलिटन एक्ट लागू करने वाला राज्य देश के 12 राज्यों में पहले ही मेट्रोपॉलिटन रीजन अधिनियम लागू हो चुका है। इनमें मुंबई, पुणे, नागपुर, हैदराबाद, विशाखापत्तनम, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, श्रीनगर-जम्मू, गुवाहाटी और हरियाणा के शहर शामिल हैं। मध्यप्रदेश 13वां राज्य होगा जो यह अधिनियम लागू करेगा। मुख्यमंत्री अध्यक्ष, नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए गठित की जाने वाली उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे, जबकि नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष की भूमिका में रहेंगे। समिति में मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, नगर निगम कमिश्नर, मेट्रो रेल के एमडी, रेलवे के प्रतिनिधि, टीएंडसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) और अन्य नामित विशेषज्ञ सदस्य शामिल होंगे।  

मध्यप्रदेश में आज भी आंधी-बारिश का दौर जारी, महू में घरों की टिन उड़ी

इंदौर मध्यप्रदेश में सोमवार को भी आंधी-बारिश का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर के महू, देवास, दमोह, गुना सागर, रायसेन, शिवपुरी, बड़वनी के सेंधवा, मऊगंज और बीना में दोपहर अचानक मौसम बदला। यहां तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। भोपाल और इंदौर में बादल छाए हुए है। मौसम विभाग ने 22 जिलों में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में इंदौर, जबलपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, हरदा, बैतूल, मंडला, अनूपपुर के अमरकंटक, डिंडौरी, रीवा, मऊगंज, मैहर, विदिशा, अशोकनगर, सागर, शिवपुरी, सीहोर, देवास, बुरहानपुर और आगर शामिल है। यहां बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। यहां ऐसे बदला मौसम     शिवपुरी- यहां दोपहर 3 बजे के आसपास तेज बारिश हुई। इसके साथ-साथ तेज हवाएं भी चलीं। बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम ठंडा होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।     बड़वानी- जिले के सेंधवा ब्लॉक के बिजासन घाट क्षेत्र में आधे घंटे तक आंधी के साथ बारिश हुई। इससे कच्चे मकानों की छत उड़ गई। मंदिर क्षेत्र में लगी गुमटियां भी उड़ गईं। एक मकान की दीवार भी गिर गई।     देवास- यहां दोपहर बाद अचानक मौसम में बदला। शहर के बाहरी इलाकों में करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। उसके बाद मौसम फिर से साफ हो गया। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।     दमोह – शहर में दोपहर 3:30 बजे के बारिश शुरू हुई। तेज हवा और आंधी के चलते शहर में कई इलाकों की बिजली गुल हो गई। बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।     महू – दोपहर अचानक तेज हवा के साथ बारिश हुई। आंधी के कारण मध्य भारत अस्पताल में एक पेड़ शेड पर गिर गया। जिससे दो युवक घायल हो गए। पाताल पानी में घरों की टीन शेड की छत उड़ गई।     बीना – सोमवार दोपहर तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। करीब आधे घंटे तक बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया। इसके बाद बादल छाए हैं।     मऊगंज – यहां दोपहर 1 बजे के बाद से रुक–रुक कर बारिश हुई। तेज हवाएं भी चली। जिले में अभी भी बादल भी छाए हैं।  

शहडोल : ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक जारी, कुचलने से 2 की मौत

शहडोल  शहडोल जिले के उत्तर वन मंडल के ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों के हमले में दो मौतें हो गई हैं। जानकारी के अनुसार एक पुरुष और एक महिला की मौत हुई है। जंगली हाथी ने दोनों को कुचल दिया है। मौके पर वन अमला पहुंच गया और मामले की जांच की जा रही है। मालूम हो कि हाथियों का एक दल ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहा है। इसी दल के हाथी ने सोमवार को दो लोगों को कुचल दिया है। यह घटना वन परीक्षित गोदवाल के सनौसी बीट में हुई है। वन अधिकारियों ने बताया कि घटना हुई है और जांच पड़ताल की जा रही है कि किस कारण से मौत हुई है। अभी तक पूरी जानकारी इकट्ठा नहीं हो पाई है, वन विभाग जांच पड़ताल करने के बाद ही स्पष्ट कर पाएगा मौत कैसे हुई है। हाथियों के कुचलने से ही हुई है मौत ग्रामीणों के बताएं अनुसार हाथियों के कुचलने से ही मौत हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले 2 साल से क्षेत्र में हाथियों का आना-जाना लगा हुआ है और खेती-बाड़ी को नुकसान पहुंचाने के साथ अब लोगों की जान भी लेने लगे हैं। वन विभाग अपने स्तर से लोगों को हाथियों के नजदीक जाने से रोकता है और जागरूकता फैला रहा है, लेकिन इससे हाथियों पर अंकुश नहीं लगा है। हाथियों के दल जहां भी मन करता है उस गांव में घुस जाते हैं और लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे गांव के लोग परेशान हो गए हैं। हाथी और मानव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग ने योजना बनाई है और अपना प्रस्ताव सरकार को दिया है। अभी तक इस पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। लगातार बढ़ रही हाथियों की हलचल से अब वन विभाग को स्थाई समाधान निकालने की जरूरत है। तभी गांव के लोगों की सुरक्षा इनसे की जा सकती है।

किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी- मंत्री श्रीमती राजवाड़े

रायपुर प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं को दी जा रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर मिल रही शिकायतों पर छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस संबंध में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जांच के लिए विशेष समिति के गठन का आदेश दिया है। विभिन्न समाचार पत्रों और मीडिया में आई खबरों को दृष्टिगत रखते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने  विभागीय सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी को तत्काल जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों और महिलाओं के लिए प्रदायित सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक पदुम सिंह एल्मा ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर और सरगुजा जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति में संयुक्त संचालक (वित्त), महिला एवं बाल विकास संचालनालय (अध्यक्ष), प्रबंध संचालक, सी.एस.आई.डी.सी. द्वारा नामित प्रतिनिधि (सदस्य), प्राचार्य, जीईसी रायपुर द्वारा नामित प्रतिनिधि (तकनीकी सदस्य), संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी (सदस्य), सहायक संचालक, आई.सी.डी.एस. (संयोजक), आईआरक्लास सिस्टम एंड सॉल्यूशन प्रा. लि. द्वारा नामित प्रतिनिधि (तकनीकी सदस्य), और एसजीएस इंडिया प्रा. लि. द्वारा नामित प्रतिनिधि (तकनीकी सदस्य) शामिल हैं। समिति को सामग्री की भौतिक स्थिति और गुणवत्ता मानकों की जांच का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही, संदेहास्पद या परीक्षण योग्य नमूनों को राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजकर वैज्ञानिक विश्लेषण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रदायित पोषण सामग्री पूर्णतः सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानकों के अनुरूप हो। जांच समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है, जिसके आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

अलवर में निर्माणाधीन मकान की दूसरी मंजिल से गिरा मजदूर, हुई मौत

अलवर शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र के विजय नगर में रविवार देर शाम एक निर्माणाधीन मकान में कार्य कर रहे मिस्त्री की दो मंजिल से नीचे गिरने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब मिस्त्री छत पर प्लास्टर का कार्य कर रहा था। अचानक संतुलन बिगड़ने से वह लकड़ी के बने अस्थायी तख्ते से फिसलकर नीचे गिर गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने उसे तत्काल उठाकर अचेत अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान सोहनलाल निवासी नमन होटल के पीछे क्षेत्र से हुई है। मृतक के साथी श्रमिक बदन सिंह ने बताया कि सोहनलाल पिछले आठ महीनों से विजय नगर स्थित इसी निर्माणाधीन मकान में कार्य कर रहा था। रोज की तरह रविवार को भी वह छत पर प्लास्टर कर रहा था, लेकिन वहां कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। न तो वहां रेलिंग थी, न ही कोई स्थायी सीढ़ी या सहारा देने के लिए बल्ली लगी थी, जिससे वह संतुलन बनाकर कार्य कर सके। सोहनलाल के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उसकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने काफी प्रयास किए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, जो इस हादसे का प्रमुख कारण बना। प्रशासन और श्रम विभाग से मांग की गई है कि निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।  

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत बोले – भजनलाल सरकार के सारे फैसले दिल्ली या आरएसएस हैडक्वार्टर से हो रहे

जयपुर राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सीजफायर के मुद्दे पर केंद्र सरकार को एक बार फिर से निशाने पर लिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की भजनलाल सरकार को भी निशाने पर लिया। गहलोत ने कहा- पूरी भजनलाल सरकार दबाव में चल रही है। सारे फैसले दिल्ली या जयपुर आरएसएस हेड क्वार्टर से हो रहे हैं। मैंने तो एक बार सुना कि जब कोई लिस्ट आई तो मुख्यमंत्री ने पूछा कि जो नाम अपन ने दिए वो आए हैं कि नहीं? अगर यह स्थिति है तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री बहुत भले आदमी हैं उन्हें पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। ये क्या मजाक है, पता नहीं कौन लिस्टें बनाते हैं, कौन क्या करते हैं। वहीं सीजफायर के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि ट्रंप की एंट्री और उनके बयानों से देश में गुस्सा है। अगर यही हाल रहा तो देश को इसका खामियाजा भुगताना पड़ सकता है। गहलोत ने सवाल उठाया कि पीएम नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं? ट्रंप बार-बार बयान बदल रहे हैं इसलिए सरकार को इस संबंध में स्पष्ट करना चाहिए। गहलोत ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही तिरंगा यात्रा निकाल रही हैं। गहलोत ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर हुआ तो राहुल गांधी ने देश के लोगों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। लोगों ने भी समर्थन किया। सभी को लगा कि जो होगा अच्छे के लिए होगा। फिर सेना ने जो किया उसे भी लोगों ने समर्थन दिया। सेना ने दुनिया को संदेश दिया कि हमारी लड़ाई आतंकवाद को लेकर है, किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा। गहलोत ने कहा कि लेकिन डोनाल्ड ट्रंप जिस तरह से तस्वीर में आए, वह बहुत ही खतरनाक था, क्योंकि ऐसा कभी नहीं हुआ। हमने अपने देश के मामले में कभी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया। गहलोत ने कहा कि सरकार को ट्रंप के ट्वीट पर आपत्ति जतानी चाहिए थी।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता में हुई विश्वविद्यालय के शासी निकाय की पाँचवीं बैठक

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय बाबा साहब के सामाजिक न्याय और अधिकारिता की विरासत का प्रतीक बनें। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियाँ बाबा साहब के विचारों और जीवनी से प्रेरित हो। परिसर सामाजिक समरसता का जीवंत आदर्श प्रस्तुत करें। राज्यपाल पटेल राजभवन में डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू की शासी निकाय की पाँचवीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. रामदास गोमाजी आत्रम उपस्थित थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्र-छात्राओं को केवल उपाधि प्रदान करना नहीं है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारत रत्न बाबा साहब अम्बेडकर के जीवन मूल्यों, उनके सामाजिक न्याय और समानता के संघर्ष और वंचितों के उत्थान के कार्यों के प्रति भावी पीढ़ी की अभिरुचि को बढ़ाना है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय वित्तीय संसाधनों के लिए सरकार पर आश्रित नहीं रहें। वित्तीय स्वावलंबन के लिए प्रयास किए जाए। विश्वविद्यालय विकास योजनाओं को सरकार के साथ समन्वय कर क्रियान्वित करें। कार्य परिषद के निर्णय अनुमोदन के लिए प्रस्तुत विश्वविद्यालय कार्य परिषद द्वारा कुलगुरु चयन समिति में कार्य परिषद द्वारा निर्वाचित सदस्य के प्रावधान को संशोधित कर, राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य के निर्णय का शासी निकाय की बैठक में सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इसी तरह कार्य परिषद के विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रति कुलपति के पदनाम को कुलगरु एवं प्रति कुलगुरु किये जाने के निर्णय का भी बैठक में अनुमोदन किया गया। पाँचवीं शासी निकाय की बैठक में प्रमुख सचिव जनजाति कार्य गुलशन बामरा, प्रमुख सचिव विधि विधायी कार्य एन. पी. सिंह, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण ई. रमेश कुमार, अपर सचिव राजभवन उमाशंकर भार्गव, शासी निकाय के सदस्य, निदेशक, सामाजिक विज्ञान, शोध एवं प्रशिक्षण दीपक कुमार वर्मा, संकाय अध्यक्ष सुमनीषा सक्सेना, शासी निकाय के सचिव कौशलेन्द्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।    

आज फिर शेयर बाजार रेड जोन में रहा, सेंसेक्स 271 अंक टूटा, निफ्टी 24945 पर बंद हुआ

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिली. शुरुआत से ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स कभी रेड, तो कभी ग्रीन जोन में कारोबार करते हुए निवेशकों को हैरान करते रहे. लेकिन बाजार में आखिरी कारोबारी घंटे में गिरावट बढ़ी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) 271 अंक फिसलकर 82,059 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) 74 अंकों की गिरावट लेकर 24,945 के लेवल पर क्लोज हुआ. इस बीच इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुए. दिनभर सेंसेक्स-निफ्टी की बदलती रही चाल सोमवार को शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई का सेंसेक्स 82,354.92 के लेवल पर ओपन हुआ औऱ मिनटों में ये 82,116 तक फिसल गया था, लेकिन महज कुछ मिनट के कारोबार के बाद ये फिर अचानक चढ़कर 82,380.08 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आने लगा. दिभर सेंसेक्स की चाल बदलती हुई नजर आई. इसी तरह एनएसई Nifty ने अपने पिछले बंद 25,019 से मामूली गिरावट के साथ 25,005.35 के लेवल पर ओपनिंग की थी और सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर ये भी कभी ग्रीन, तो कभी रेड जोन में कारोबार करता हुआ नजर आया. ये 10 शेयर धराशायी मार्केट क्लोज होने पर जो शेयर सबसे ज्यादा गिरावट लेकर बंद हुए, उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal Share (3.15%), Infosys Share (1.92%), TCS Share (1.23%) और Reliance Share (1.03%) की गिरावट लेकर क्लोज हुए. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में GMR Airports Share (4.03%), Policy Bazar Share (3.74%) और Mazgaon Dock Share (3.26%) की गिरावट लेकर बंद हुआ. इसके अलावा LIC Housing Finance Share (3.16%), Patanjali Share (3.00%) और Nykaa Share (2.70%) टूटकर बंद हुए.

सांसद कुलस्ते मंडला में निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल हुए, हमारे आतंकवादी वाले बयान पर दी सफाई

मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते  मंडला में निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने डिंडौरी में दिए अपने बयान पर सफाई दी. फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा, “मैं देश की सेना का सम्मान करता हूं. मेरे बयान को गलत ढंग से पेश किया गया है. मैं आज भी देशवासियों के सामने कहना चाहता हूं कि मुझे सेना पर गर्व है. मैंने सेना के सम्मान के लिए कहा था. हमारी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकवादियों को मुंह तोड़ जबाव दिया है.” आतंकवादियों को ‘हमारे’ बोल दिया था दरअसल, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते 16 मई को डिंडोरी के अमरपुर ब्लॉक में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल थे. यहां मीडिया से बात करते हुए उनकी जुबान फिसल गई थी और उन्होंने कहा दिया था कि ‘हमारे आतंकवादी’. जिसके बाद उनका पूरे देश और प्रदेश में विरोध शुरू हो गया था. यह वाक्या उस समय हुआ जब फग्गन सिंह कुलस्ते ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम की सराहना कर रहे थे. उन्होंने कहा, ”भारत की सेना ने पाकिस्तान के हमारे आतंकवादियों को मुंह तोड़ जवाब दिया है.” जिसके बाद सांसद के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर जलाया पुतला फग्गन सिंह कुलस्ते से पहले मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा भी विवादित बयान दे चुके हैं. कांग्रेसियों ने इन बयानों पर भारतीय जनता पार्टी को घेरा और मध्य प्रदेश की छवि खराब करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया. मंडला में जिला कांग्रेस कमेटी ने सांसद कुलस्ते के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला दहन किया. इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों ने कहा, “एक तरफ पूरा देश भारतीय सेना के शौर्य की तारीफ कर रहा है. वहीं हमारे संसद पाकिस्तानी आतंकवादियों को अपने बोल रहे हैं” विवादों से कुलस्ते का पुराना नाता फग्गन सिंह कुलस्ते 40 सालों से सांसद हैं, जिसमें 3 बार केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. वे हमेशा ही अपने बयानों के चलते चर्चा में बने रहते है. विवादों से उनका पुराना नाता है. अक्सर वे अपने ही बयान से विवादों में घिर जाते है और फिर बाद में सफाई देते हैं.

दो होटलों में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, पुलिस की दबिश, 6 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर राजधानी रायपुर के होटल आदित्य गैस्ट हाउस और होटल गगन ग्रैंड में देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा था, जिसका पुलिस ने छापेमार कार्रवाई कर भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो महिला मैनेजर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं दोनों होटलों के संचालक कुणाल बाग और भागीदार सुमित फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। यह मामला गंज थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, गोपनीय सूचना के आधार पर गंज थाना और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने प्वाइंटर के माध्यम से सौदा तय कराया और संकेत मिलते ही दोनों होटलों में एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की। रेड के दौरान होटल आदित्य गैस्ट हाउस की महिला मैनेजर रेवती साहू और होटल गगन ग्रैंड के मैनेजर सुब्रत सेठी, महिला रिसेप्शनिस्ट निशामणी बेहरा और अन्य स्टाफ को मौके से पकड़ा गया। साथ ही संदिग्ध अवस्था में मिले मनोज वैष्णव और तेजेश्वर डडसेना को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल, नगदी रकम जब्त की है। इनके खिलाफ थाना गंज में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 3, 4, 5, 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। होटल के संचालक कुणाल बाग और उसका सहयोगी सुमित इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख बताये जा रहे हैं, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने उनकी तलाश में जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सुब्रत सेठी (32 वर्ष), मैनेजर, होटल गगन ग्रैंड, मूल निवासी ओडिशा रेवती साहू (30 वर्ष), मैनेजर, होटल आदित्य गैस्ट हाउस, निवासी खैरागढ़ नीलाबर बाग (29 वर्ष), निवासी बलांगीर, ओडिशा निशामणी बेहरा (27 वर्ष), पत्नी सुब्रत सेठी, निवासी उड़ीसा मनोज कुमार वैष्णव (40 वर्ष), निवासी कांकेर तेजेश्वर डडसेना (35 वर्ष), निवासी महासमुंद

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