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लोकमाता देवी अहिल्याबाई को समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में इंदौर के राजवाड़ा में हुई संपन्न

भोपाल लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के 300 वें जयंती वर्ष पर उनके आदर्शो और मूल्यों को समर्पित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक इंदौर में राजवाड़ा के दरबार हॉल में हुई। मंत्रि-परिषद ने 3 हजार 867 करोड़ रूपये की योजना और निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर प्रशिक्षण कार्यकम योजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी। इसमें युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जायेगे। योजना में जरूरतमंद व्यक्ति बैंक ब्याज में एक हजार रुपए प्रतिवर्ष छूट के साथ पूरे जीवनकाल के लिए अधिकतम 10 हजार रूपये प्रति व्यक्ति ऋण के ब्याज पर छूट प्राप्त कर सकेगा। प्रतिवर्ष योजना पर लगभग 100 करोड़ रूपए का व्यय किया जायेगा। मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम- 2025 की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने “मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025” को स्वीकृत करने का निर्णय लिया हैं। अधिनियम-2025 लागू होने के बाद “महानगर योजना समिति” एवं “महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण” का गठन किया जा सकेगा। साथ ही प्रदेश में “इंदौर-उज्जैन-देवास-धार” एवं “भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़)” के लिए महानगर योजना समिति एवं महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन राज्य सरकार द्वारा किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भारतीय संविधान में विहित प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों का क्षेत्रीय स्तर पर समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए “महानगर योजना समिति” एवं “महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण” गठित करने के लिए घोषणा की गई थी। महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा “महानगर क्षेत्र” के लिए विकास योजना प्रारूप तैयार कर महानगर योजना समिति से विकास योजना अनुमोदन हेतु राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा महानगर क्षेत्र की विकास योजना को अनुमोदन प्रदान करने के बाद विकास योजना का क्रियान्वयन महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। महानगर क्षेत्र की विकास योजना में ऐसे क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकता अनुसार शैक्षणिक, औ‌द्योगिक, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में विकास हो सकेगा, जिससे कि रोजगार एवं आर्थिक विकास संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की वित्तीय वर्ष-2028-29 तक निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की वित्तीय वर्ष-2028-29 तक निरंतरता की स्वीकृति दी। इसमें आगामी 4 वित्तीय वर्षों 2025-26, 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए राज्यांश राशि 167 करोड़ 74 लाख रूपये और निकाय अंशदान राशि 59 करोड़ 31 लाख रूपये, कुल राशि 227 करोड़ 5 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। योजना में राशि का प्रयोग प्रदेश के नगरीय निकायों में सेप्टिक टैंक से निकलने वाले स्लज के परिवहन के लिए डी-स्लजिंग वाहन, सीवर लाईन की सफाई के लिए सफाई उपकरणों, ठोस अपशिष्ट के संग्रहण एवं परिवहन के लिए वाहन तथा नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई मित्रों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण एवं पीपीई किट के लिए अनुदान प्रदान कर तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जायेगा। राज्य स्तर पर संचालित नगरीय स्वच्छता की समस्त गतिविधियों को समेकित कर मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता कार्यक्रम का आरम्भ 28 अगस्त 2012 को किया गया था। प्रदेश के 04 औद्योगिक क्षेत्र में 249 करोड़ 66 लाख रूपये की लागत से वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर को बढ़ाने , बेहतर वातावरण प्रदान करने और महिलाओं के कामकाजी जीवन को आसान बनाने के लिए प्रदेश के 04 औद्योगिक क्षेत्र में 249 करोड़ 66 लाख रूपये की लागत से वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण की स्वीकृति दी है। विक्रम उद्योगपुरी जिला उज्जैन, पीथमपुर सेक्टर-1 एवं 2 जिला धार, मालनपुर घिरौंगी (भिंड) एवं मंडीदीप (रायसेन) में कामकाजी महिला छात्रावासों अन्तर्गत कुल 26 हॉस्टलों और भवनों का निर्माण किया जायेगा। प्रत्येक में 222 बेड की क्षमता होगी। इस प्रकार कुल 5 हजार 572 बेड क्षमता के हॉस्टलों का निर्माण भारत सरकार के सहयोग से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अन्तर्गत एमपीआईडीसी लि. द्वारा किया जायेगा। भारत सरकार द्वारा “स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस फॉर कैपिटल इंवेस्टमेंट 2024-25” स्कीम में वर्किंग वीमेन हॉस्टल के निर्माण किया जाना है। वर्किंग वीमेन हॉस्टल्स में आधुनिक सुविधाएं, पर्याप्त पार्किंग, फूड कोर्ट और मनोरंजन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध होगा। कामकाजी महिला छात्रावासों में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और नौकरी के अवसरों की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जायेगी। रियायती दरों पर भोजन एवं न्यूनतम किराये पर बेड उपलब्ध कराया जायेगा। बुनियादी अधोसंरचनाओं जैसे-पार्किंग, रिक्रिएशनल रूम, पेन्ट्री, डायनिंग एरिया, कॉमन टॉयलेटस, कॉमर्शियल दुकानें इत्यादि सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। कार्यरत महिलाओं के बच्चों की उचित देखभाल के लिए झूला घर का भी प्रावधान किया गया है।  

मुंबई से गोरखपुर जा रही काशी एक्सप्रेस की एक बोगी के पहियों में लगी आग, यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर बचाई जान

खंडवा मंगलवार दोपहर लोकमान्य तिलक टर्मिनस मुंबई से गोरखपुर जा रही 15017 काशी एक्सप्रेस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन के एक डिब्बे के पहियों से अचानक आग और धुआं निकलने लगा। यह घटना खंडवा जिले के चारखेड़ा रेलवे स्टेशन के पास स्थित तवा ब्रिज पर हुई।   यात्रियों ने खुद को बचाया यात्री धुआं उठते देख घबराकर तुरंत डिब्बे से बाहर कूद गए। सूचना मिलते ही ट्रेन को वहीं रोक दिया गया। संबंधित बोगी की जांच की गई। आग पर तुरंत काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ब्रेक जाम से हुआ हादसा चारखेड़ा स्टेशन मास्टर ने बताया कि प्राथमिक जांच में ब्रेक जाम होने के कारण पहिए से धुआं उठने की बात सामने आई है। घटना के चलते दो से तीन ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से रवाना हुईं। काशी एक्सप्रेस को आवश्यक जांच के बाद आगे रवाना कर दिया गया।

प्रदेश में भर्ती नियम में एकरूपता के लिए सरकार माडल नियम बनाने जा रही है तो साक्षात्कार की व्यवस्था में भी परिवर्तन

भोपाल प्रदेश में अगले तीन वर्ष में ढाई लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। भर्ती नियम में एकरूपता के लिए सरकार माडल नियम बनाने जा रही है तो साक्षात्कार की व्यवस्था में भी परिवर्तन प्रस्तावित किया गया है। दरअसल, कुछ विभागों में वाक इन इंटरव्यू की व्यवस्था है। इसमें पदों की सीमित संख्या के बाद भी कई गुना अभ्यर्थी बुला लिए जाते हैं। इसके स्थान पर अब राज्य लोक सेवा आयोग जैसी व्यवस्था को अपनाया जाएगा, जिसमें एक पद के विरुद्ध तीन गुना आवेदक बुलाए जाते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ विभिन्न विभागों के बैकलाग हों या फिर निश्शक्तजनों के लिए आरक्षित पदों की भर्ती, इनको भरने के लिए सरकार वाक इन इंटरव्यू करती है। इसमें भाई-भतीजावाद से लेकर तरह-तरह की शिकायतें होती हैं। पद संख्या कम होने के बाद कई गुना आवेदक बुलाने से अव्यवस्था भी होती है। इसे देखते हुए तय किया गया है कि वाॅक इन इंटरव्यू के स्थान पर राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली एक पद के विरुद्ध तीन गुना आवेदक को साक्षात्कार में बुलाने की व्यवस्था अपनाई जाएगी। चूंकि, इसमें मेरिट का पालन होता है, इसलिए पारदर्शिता भी रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जून-जुलाई में भर्ती नियम में संशोधन होगा। साक्षात्कार की नई व्यवस्था का प्रारूप तैयार होगा, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा।

जब तक नेतन्याहू सरकार इन जघन्य कार्रवाइयों को जारी रखेगी, हम चुप नहीं बैठेंगे:UK-फ्रांस-कनाडा

 गाजा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शपथ ली है कि वे पूरे गाजा को ‘नियंत्रण’ में लेकर रहेंगे. लेकिन नेतान्याहू के प्लान पर ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने आंखें तरेर ली है. बेंजामिन नेतान्याहू की सेना ने कहा है कि उन्होंने पूरे गाजा शहर को कॉम्बैट जोन घोषित कर दिया है. इस बीच गाजा में एयरस्ट्राइक में 60 लोग मारे गए हैं. इजरायल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मॉट्रिच ने कहा कि इजरायल की सेना फिलिस्तीनी गाजा के बचे हुए हिस्से को “समाप्त” कर देगी. इस बीच  ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने सोमवार को कहा है कि, “जब तक नेतन्याहू सरकार इन जघन्य कार्रवाइयों को जारी रखेगी, हम चुप नहीं बैठेंगे. अगर इजरायल ने नए सिरे से सैन्य हमले बंद नहीं किए और मानवीय सहायता पर अपने प्रतिबंध नहीं हटाए, तो हम जवाब में और ठोस कदम उठाएंगे.” नेतन्याहू का टोटल कंट्रोल का प्लान क्या है? इजरायल की गाजा पर पूर्ण नियंत्रण की योजना में सैन्य कब्जा, हमास को खत्म करना, बंधकों की रिहाई, और पूरे क्षेत्र को इजरायल के लिए सुरक्षित बनाना शामिल है. यह योजना सैन्य अभियानों, मानवीय सहायता पर नियंत्रण, और संभावित विस्थापन नीतियों के माध्यम से लागू की जा रही है. बता दें कि इजरायली संसद और सुरक्षा कैबिनेट ने मई 2025 में गाजा पट्टी पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण की योजना को मंजूरी दी है. इस योजना का उद्देश्य हमास को सैन्य और प्रशासनिक रूप से पूरी तरह से खत्म करना और गाजा में बंधकों को रिहा कराना है. इजरायल पहले से ही गाजा के लगभग 50% हिस्से पर नियंत्रण रखता है, और इस योजना के तहत पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेने की रणनीति बनाई गई है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद इजरायल पूरे गाजा पर कंट्रोल करेगा. शुक्रवार को एक नए ऑपरेशन की शुरुआत की घोषणा करने वाली इजरायली सेना ने सोमवार को दक्षिणी शहर खान यूनिस के निवासियों को तुरंत समुद्री तट पर जाने की चेतावनी दी, क्योंकि वह “अभूतपूर्व हमले” की तैयारी कर रही है. इजरायल ने गाजा में सैन्य अभियानों को तेज करने का फैसला किया है, जिसमें हवाई हमले, जमीनी ऑपरेशन, और हमास के ठिकानों को निशाना बनाना शामिल है.  मार्च 2025 में युद्धविराम टूटने के बाद से इजरायली सेना ने सैकड़ों लोगों को मार गिराया है और बड़े भूभाग पर कब्जा किया है. प्रतिबंधों, मौतों और बमबारी से सिसक रहा है गाजा गाजा की स्थिति बहुत दयनीय है. गाजा की स्वास्थ्य एजेंसियों ने कहा है कि सोमवार सुबह तक 72 घंटों में इजरायली बमबारी में 300 से अधिक लोग मारे गए है. दक्षिणी शहर खान यूनिस में हवाई हमलों की एक सीरीज में मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं. यह हमला तब हुआ जब नेतन्याहू ने कहा था कि उनकी सेना अकाल के जोखिम से बचने के लिए सीमित मात्रा में भोजन की अनुमति देगी. इजरायल ने हमास के कब्जे से 58 बंधंकों की रिहाई के लिए लगातार दबाव बना रहा है. इजरायल इसके लिए सारे उपाय अपना रहा है. इजरायल ने गाजा में खाद्य, पानी, ईंधन, और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति को रोक दिया है. इस नाकेबंदी के कारण गाजा में भयावह मानवीय संकट पैदा हो गया है, और भुखमरी का खतरा बढ़ गया है. हालांकि, मई 2025 में इजरायल ने सीमित मात्रा में मानवीय सहायता की अनुमति देने का फैसला किया, लेकिन यह सहायता आतंकवादियों तक न पहुंचे, इसके लिए सख्त निगरानी की योजना है. कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस की एंट्री ने इजरायल को उलझाया इजरायल के इस प्लान पर यूरोप के बड़े देशों और पश्चिमी लॉबी ने घोर असंतोष जताया है. ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने इजरायल के युद्ध विस्तार को असंगत बताया है. इन्होंने गाजा की स्थिति को “असहनीय” बताया और धमकी दी कि यदि इजरायल का अभियान जारी रहा तो “ठोस” जवाब दिया जाएगा. “जब तक नेतन्याहू सरकार इन जघन्य कार्रवाइयों को जारी रखेगी, हम चुप नहीं बैठेंगे. अगर इजरायल ने नए सिरे से सैन्य आक्रमण बंद नहीं किया और मानवीय सहायता पर अपने प्रतिबंध नहीं हटाए, तो हम जवाब में और ठोस कदम उठाएंगे.” ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने गाजा में अनाज न आने देने के फैसले की तीखी आलोचना की है. इन देशों ने कहा है कि ये अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है. इसके अलावा, इन देशों ने इजरायली सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा गाजा की नागरिक आबादी के “जबरन विस्थापन” की धमकी देने वाले बयानों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया. प्रतिबंध की धमकी पर नेतन्याहू का जवाब ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा के बयानों पर इजरायल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लंदन, ओटोवा और पेरिस के नेता 7 अक्टूबर को इज़रायल पर नरसंहार हमले के लिए एक बड़ा इनाम दे रहे हैं. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्वीट कर कहा, “हमारी सीमा पर हमास आतंकवादियों के नष्ट होने से पहले हमारे अस्तित्व के लिए किए जा रहे रक्षात्मक युद्ध को समाप्त करने के लिए इज़रायल से अनुरोध करके और फ़िलिस्तीनी राज्य की मांग करके, लंदन, ओटोवा और पेरिस के नेता 7 अक्टूबर को इज़राइल पर नरसंहार हमले के लिए एक बड़ा इनाम दे रहे हैं, ऐसा करके ये देश इस तरह के और अधिक अत्याचारों को आमंत्रित कर रहे हैं.” नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध 7 अक्टूबर को शुरू हुआ जब फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने हमारी सीमाओं पर हमला किया, 1,200 निर्दोष लोगों की हत्या की और 250 से अधिक निर्दोष लोगों को किडनैप कर गाजा की काल कोठरी में ले गए. नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दृष्टिकोण से सहमति जताते हुए कहा कि यूरोप के नेता भी ऐसा ही विचार रखें. युद्ध कल समाप्त हो सकता है यदि शेष बंधकों को रिहा कर दिया जाए, हमास अपने हथियार डाल दे, उसके हत्यारे नेताओं को निर्वासित कर दिया जाए और गाजा को सैन्य विहीन कर दिया जाए. उन्होंने खरी-खरी कहा कि किसी भी देश से इससे कम कुछ भी स्वीकार करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है और इज़रायल निश्चित रूप से ऐसा नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि यह बर्बरता पर सभ्यता का युद्ध है. इजरायल तब तक न्यायपूर्ण तरीकों से अपना बचाव करना जारी रखेगा जब तक कि पूर्ण विजय प्राप्त नहीं … Read more

देशद्रोही बोलने के मामले में पंडित धीरेंद्र शास्त्री कोर्ट में नहीं हुए पेश

शहडोल प्रयागराज महाकुंभ में शामिल नहीं होने वालों को देशद्रोही बोलने के मामले में बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मंगलवार को मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के न्यायालय में पेश नहीं हुए। अब इस मामले में अगली तिथि दो जून निर्धारित की गई है। बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए, जो नहीं आएगा, वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा। इस बयान को भड़काऊ और असंवैधानिक बताते हुए शहडोल जिला न्यायालय में अधिवक्ता संदीप तिवारी ने परिवाद दायर किया है। इसकी सुनवाई करते हुए पिछले दिनों जिला न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीता शरण यादव ने नोटिस जारी करके पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया था कि वह मंगलवार 20 मई को सुबह 11 बजे स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से एक अधिवक्ता ने मेमो के आधार पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मामले में अब अगली सुनवाई दो जून को होगी।

उमरिया के मानपुर थाना क्षेत्र की घटना, नदी किनारे 50 मीटर की दूरी पर मिले शव, पांच दिन से थे लापता, जानवरों ने नोचा

उमरिया जिले के मानपुर थाना अंतर्गत मानपुर से महज दो किमी दूर बनवेई नदी के किनारे झाडि़यों में एक युवक और एक युवती का शव पाया गया है। इस बारे में कहा जा रहा है कि मरने वाले प्रेमी और प्रेमिका थे जो पिछले लगभग एक सप्ताह से लापता थे। युवक और युवती के नाम शिवम पिता संतोष साहू उम्र 24 निवासी ग्राम दुलहरा और मनोरमा पिता अनिल बर्मा उम्र 19 वर्ष निवासी मानपुर बताए गए हैं। युवक और युवती के शव लगभग पचास मीटर की दूरी पर पाए गए हैं और उस चोट के निशान भी हैं। बताया गया है कि शव बुरी तरह से खराब हो गए हैं और उन्हें जानवरों ने भी जमकर नोचा है।   पांच दिनों से थे लापता दोनों प्रेमियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई है, फिलहाल साफ नही है। घटना की जानकारी के बाद घटना स्थल पर पहुंचकर मानपुर पुलिस जांच में जुट गई है। पीएम के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया है। खबर है कि दोनों प्रेमी पिछले पांच दिनों से लापता रहे हैं। ऐसे में सन्दिग्ध परिस्थितियों में इन दोनों प्रेमियों का शव मिलना गम्भीर अपराध की ओर इशारा कर रहा है। शरीर के कई अंग शव से पृथक भी है। हालांकि पुलिस ने अभी इस मामले में कुछ भी नहीं कहा है और जांच के बाद सच्चाई सामने आने की बात कही जा रही है। ऑनर किलिंग की आशंका यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह मामला ऑनर किलिंग का हो सकता है। हालांकि इस अनुमान में भी यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि ऐसा किस पक्ष के लोग कर सकते हैं। हो सकता है यह अनुमान गलत भी हो लेकिन पुलिस जिस एंगल से जांच कर रही है उसमें यह महत्वपूर्ण है। बांधवगढ़ में बाघिन ने वन विभाग के ड्राइवर पर किया हमला, एक महिला को मारने के साथ 3 लोगों को कर चुकी है घायलबांधवगढ़ में बाघिन ने वन विभाग के ड्राइवर पर किया हमला, एक महिला को मारने के साथ 3 लोगों को कर चुकी है घायल यह जानकारी भी सामने आई है कि शिवम और मनोरमा के रिश्ते को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी थी इस लिए इस बारे में पुलिस विचार कर रही है। लगातार हो रहीं घटनाएं मानपुर क्षेत्र में अंधी हत्याओं का बढ़ता ग्राफ बड़े सवाल खड़ा कर रहा है। अभी हाल के महीनों में ग्राम नरवार में शिकारियों द्वारा फैलाये गए करेंट से दो युवकों की मौत और उसके बाद ग्राम खिचकीड़ी में चतुर्भुज मंदिर के नज़दीक धारदार हथियार से शहडोल जिले के युवक की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद अब इन दोनों प्रेमियों की सन्दिग्ध मौत बड़ा सवाल है। मानपुर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अपराध की वजह से पुलिस की कार्यप्रणालि पर भी सवाल उठने लगे हैं।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : बहुद्देशीय केन्द्र के लिए भवन निर्माण हेतु ई-निविदा 29 मई तक आमंत्रित

गौरेला पेंड्रा मरवाही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पीव्हीटीजी हेतु बहुद्देशीय केन्द्र के लिए भवन निर्माण हेतु एकीकृत पंजीयन प्रणाली के अंतर्गत पंजीकृत द श्रेणी एवं इससे उपर श्रेणी के ठेकेदार से ई-निविदा 29 मई तक शाम 5.30 बजे तक आमंत्रित किया गया है। निविदा प्रपत्र की चालान एवं अमानत राशि (एफडीआर) प्रस्तुत करने की (स्पीड पोस्ट से) अंतिम तिथि 3 जून है। निविदा खोलने की तिथि 4जून शाम 4 बजे निर्धारित है। निविदा कार्यालय कलेक्टर (सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शाखा) गौरेला पेण्ड्रा मरवाही के पते पर आमंत्रित किया गया है।        कार्य का नाम पीव्हीटीजी हेतु बहुद्देशीय केन्द्र का निर्माण छोटकीदादर (आमाडोब) कार्य के अनुमानित लागत 60 लाख रूपए एवं अमानत राशि 60 हजार रूपए निर्धारित है। कार्य पूर्ण करने की अवधि वर्षा काल सहित छह माह निर्धारित है। निविदा की सामान्य शर्तें एवं अन्य जानकारी विभागीय वेबसाइट eproc.cgstate.gov.in में देखी जा सकती है।

पाक सेना की एयरस्ट्राइक में एक ही परिवार के चार मासूमों ने गंवाई जान, 5 लोग घायल, शोक में डूबा परिवार

इस्लामाबाद पाकिस्तान में सैन्य कार्रवाई ने एक बार फिर आम नागरिकों को अपनी चपेट में ले लिया है। पाकिस्तानी एयरफोर्स ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले के मीर अली स्थित हुरमुज़ गांव में ड्रोन से बम गिराते हुए एयरस्ट्राइक की। इस एयरस्ट्राइक में एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों की मौत हो गई। जिसके बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। एक ही परिवार के चार मासूमों ने गंवाई जान इस दुर्भाग्यपूर्ण एयरस्ट्राइक में हुरमुज़ गांव में एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। जिस समय पाकिस्तानी एयरफोर्स ने ड्रोन से बम गिराए उस समय ये बच्चे खेल रहे थे जिसकी वजह से वे सीधे हमले की चपेट में आ गए। 5 लोग घायल, स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा इस हवाई हमले में 5 अन्य लोग भी घायल हुए हैं जिनमें बच्चे और एक महिला भी शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए मीर अली के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पाकिस्तानी एयरफोर्स की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। हादसे के बाद गांव के लोगों ने एक जगह इकट्ठा होकर पाकिस्तानी सेना की इस बर्बरता के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बलूच नेता ने की एयरस्ट्राइक की निंदा बलूच नेता मीर यार बलूच ने पाकिस्तानी एयरफोर्स की इस क्रूर कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। बलूच ने भावुक होते हुए कहा, “इन बच्चों के पास पढ़ने के लिए अपने दोस्तों और परिवार के साथ खेलने के लिए हंसने के लिए जीने के लिए सपने थे लेकिन पाकिस्तान की कट्टरपंथी सेना ने उन्हें बेरहमी से मार डाला।” बलूच ने पश्तून लोगों के साथ एकजुटता में खड़े रहने की बात कही है। यह घटना पाकिस्तान के अशांत क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और आम नागरिकों पर इसके प्रभाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।  

जयसिंहनगर पुलिस को खेत में रखी गई 121 बोरियों में गांजे की एक बड़ी खेप मिली, पकड़ा तीन करोड़ का लावारिस गांजा

शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गिरूई खुर्द में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में लावारिस गांजा जब्त किया है। जयसिंहनगर पुलिस को खेत में रखी गई 121 बोरियों में गांजे की एक बड़ी खेप मिली है, जिसका वजन कुल 38 क्विंटल 36 किलो 100 ग्राम है। जब्त किए गए गांजे की बाजारू कीमत लगभग 3 करोड़ 6 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खेत में इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी से इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरूई खुर्द क्षेत्र में नशे के कारोबार से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने दबिश दी और यह सफलता हाथ लगी। सूत्रों के अनुसार, एक ग्रामीण के घर और उसके आसपास के खेतों में भी छापेमारी की गई, जिसमें गांजे की कई बोरियां बरामद की गईं। पुलिस की इस कार्यवाही से गांजा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जयसिंहनगर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने के लिए और भी कदम उठाए जा सकते हैं। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को इलाके में सराहा जा रहा है और आमजन इसे नशे के खिलाफ एक ठोस कदम मान रहे हैं। जयसिंहनगर थाना प्रभारी एसपी चतुर्वेदी ने बताया कि ग्राम गिरूई खुर्द के एक खेत में भारी मात्रा में गांजा रखे होने की सूचना पर कार्यवाही की गई है। जिसमें कारणों का गांजा जप्त कर कार्यवाही की गई है।

जगदलपुर : कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बस्तर एवं तोकापाल ब्लॉक के स्कूलों में समर कैंप का लिया जायजा

जगदलपुर : कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बस्तर एवं तोकापाल ब्लॉक के स्कूलों में समर कैंप का लिया जायजा बच्चों में अपनी जड़ों के प्रति सम्मान और समझ बढ़ाने करें सकारात्मक प्रयास-कमिश्नर श्री डोमन सिंह जगदलपुर कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने मंगलवार को बस्तर जिले के बस्तर एवं तोकापाल ब्लॉक के कुड़कानार एवं धरमाउर स्कूलों में आयोजित समर कैंप का जायजा लिया और बच्चों के द्वारा बनाए गए पेंटिंग्स, खिलौने, रंगोली इत्यादि का बारीकी से अवलोकन कर इन बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर बच्चों ने कविता, देशभक्ति गीत, कहानी भी सुनाया। इस दौरान कमिश्नर ने स्कूली बच्चों को स्थानीय परिवेश के मुताबिक सीखने-समझने तथा सृजन प्रतिभा को निखारने के लिए शिक्षकों को समझाइश देते हुए कहा कि समर कैंप गर्मी की छुट्टियों में स्कूली बच्चों के लिए कुछ नया और सार्थक सीखने का सुनहरा मौका है। समर कैंप में खासतौर पर स्थानीय परिवेश और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए बच्चों को अपने आसपास के सामाजिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहलुओं को करीब से जानने और समझने का अवसर प्रदान करें। बच्चों में अपनी जड़ों के प्रति सम्मान और समझ बढ़े, इस दिशा में बच्चों को अपने परिवार के वंशावली के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित कर पिता, दादा, परदादा के नाम उल्लेखित कर वंशवृक्ष बनाने के लिए कहें। जिससे बच्चों की जिज्ञासा बढ़े और वे स्वयं के परिवार सहित ननिहाल के बारे में भी जानने के लिए प्रेरित हो सकें। इन बच्चों को गांव के इतिहास, भौगोलिक स्थिति एवं विशेषताओं सहित गांव में उपयोग की जाने वाली बैलगाड़ी, सायकिल, कृषि के यंत्र, घरेलू उपयोग की सामग्री, ग्रामीण त्यौहार एवं पर्व इत्यादि के सम्बंध में भी जानने-समझने के लिए अभिप्रेरित करें।       कमिश्नर ने कहा कि समर कैंप में बच्चों को पारंपरिक खेल, लोककला, स्थानीय बोली-भाषा, लोक गीत, लोक नृत्य, हस्तशिल्प, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय खानपान से संबंधित गतिविधियों में शामिल करें। इसके साथ ही उन्हें स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी, वीर-वीरांगनाओं, धरोहर, परंपराएं और प्रमुख व्यक्तियों के बारे में भी अवगत होने का अवसर प्रदान किया जाए। बच्चों ने दिखाई सृजनात्मक एवं रचनात्मक हुनर         समर कैंप में शिक्षक-शिक्षिकाओं की देखरेख में बच्चों ने मिट्टी के खिलौने बनाना, लोकगीत-देशभक्ति गीत गाना, पेंटिंग्स बनाना और जैव विविधता को समझने जैसे रोचक सत्रों में भाग लिया। इससे न केवल उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिला, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान और सामाजिक जुड़ाव की भावना भी विकसित हुई। कमिश्नर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के समर कैंप बच्चों को किताबों से परे जाकर जीवन से जुड़ी अहम बातें सीखने का अवसर देते हैं। यह अनुभव न केवल उनके समग्र विकास में सहायक होता है, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक भी बनाता है। इस दौरान कमिश्नर श्री डोमन सिंह को प्राथमिक शाला कुड़कानार के कक्षा चैथी के छात्र यूकेश बघेल ने स्वयं द्वारा तैयार पेंटिंग्स भेंट की तो कमिश्नर ने उसके प्रतिभा को सराहा और शाबाशी दी। साथ ही कक्षा 5 वीं की छात्रा सलोनी बघेल एवं तीसरी कक्षा की छात्रा रेशमी कश्यप ने कविता सुनाई। वहीं कुणाल ठाकुर ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर भाव-विभोर कर दिया। माध्यमिक शाला के 8 वीं के छात्र प्रकाश नाग ने भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का नाम बताया, तो अमित बघेल ने बैलगाड़ी के पुर्जों एवं विजय बघेल ने सायकल के पुर्जों के बारे में बताया। इसी तरह माध्यमिक शाला धरमाउर के छात्र हिमांशु कश्यप ने अपने परिवार के वंशवृक्ष तथा छात्रा सिमरन नाग ने विभिन्न खेल विधाओं के बारे में बताया। कमिश्नर ने इन सभी बच्चों को उत्साहित करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। कमिश्नर ने मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र की व्यवस्था को सराहा     कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने एकीकृत बाल विकास परियोजना तोकापाल के अंतर्गत मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र धरमाउर का अवलोकन कर स्वच्छता एवं साफ-सफाई, बच्चों को गणवेशयुक्त, स्कूल पूर्व प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए खिलौने, गिनती के चार्ट इत्यादि को व्यवस्थित पाकर प्रशंसा की। वहीं उन्होंने किचन की व्यवस्था के साथ ही किचन में लक्षित बच्चों को दी जाने वाली गर्म भोजन रोटी, चावल, सब्जी एवं दाल की गुणवत्ता को देखकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता कश्यप एवं सहायिका राजकुमारी के सार्थक पहल को सराहा और उन्हें निरंतर बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

धमतरी : राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर निकाली गई जनजागरूकता रैली

धमतरी जिले में डेंगू से बचाव और रोकथाम के लिए राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर ’देखें, साफ करे, ढकें, डेंगू को हराने का उपाय करें’ थीम पर 16 मई को जनजागरूकता रैली निकाली गई। नर्सिंग प्रशिक्षु छात्रों द्वारा निकाली गई इस रैली को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.यू.एल.कौशिक ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद नर्सिंग छात्रों का डेंगू से संबंधित जागरूकता संबंधी रंगोली प्रतियोगिता, क्वीज कॉम्पिटिशन, निबंध लेखन आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं तथा प्रतिभागियों को पुरस्कार भी वितरण किया गया। जिला नोडल अधिकारी डॉ.आदित्य सिन्हा ने डेंगू के लक्षण, इसके प्रभाव और गंभीर स्थिति में बचने के उपाय की बारीकी से जानकारी दी। डेंगू के लक्षण की जानकारी देते हुए कहा कि अचानक तेज सिर दर्द, तेज बुखार, मांसपेंशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, जी मितलाना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना, त्वचा पर चकत्ते उभरना इत्यादि है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि डेंगू के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए समुदाय की सहभागिता जरूरी है। मानसून के पूर्व रोकथाम गतिविधियां समुदाय की सहभागिता, पंचायत एवं नगरीय विकास विभाग से समन्वय और प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूकता आदि पर ही डेंगू संक्रमण को रोका जा सकता है। क्रमांक-118/265/अमित

मदरसों के प्रति सरकार अपना रवैया बदले, शिक्षा के महत्व व जरूरत पर सरकार का उचित ध्यान जरूरी: मायावती

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की है और निजी मदरसों के प्रति सरकार को अपने रवैये में परिवर्तन की सलाह दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा ‘‘यूपी के प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में सन 2023-24 में 1.74 करोड़ दाखिले हुए, किन्तु 2024-25 में मात्र 1.52 करोड़ अर्थात स्कूल दाखिला में लगभग 22 लाख की गिरावट सरकारी स्कूल व्यवस्था की ऐसी बदहाल स्थिति गंभीर व चिन्तनीय। शिक्षा के महत्व व जरूरत पर सरकार का उचित ध्यान जरूरी। मायावती ने किया ये पोस्ट मायावती ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि, ”फिर भी सस्ती व सुलभ व्यवस्था के तहत मदरसों आदि की प्राइवेट व्यवस्था के विरुद्ध सरकार का रवैया सहयोग का होने के बजाय उन्हें अवैध बताकर बंद करने का होना बुनियादी शिक्षा की जरूरत को और कमजोर करने वाला गैर-जरूरी व अनुचित। निजी मदरसों के प्रति सरकार अपना रवैया बदले तो बेहतर।” ‘सरकारी स्कूलों के हालात अधिकतर राज्यों में काफी खराब हैं’ बसपा प्रमुख ने आगे कहा ‘‘वैसे तो सरकारी स्कूलों के हालात देश के अधिकतर राज्यों में काफी खराब हैं किन्तु यूपी व बिहार में यह अति-दयनीय होने से बहुजन गरीब परिवारों का बहुप्रतीक्षित विकास बाधित व इनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय। ऐसे में स्कूल शिक्षा पर ध्यान देकर इन्हें बंद करने के बजाय प्रोत्साहन जरूरी।”

आगामी मानसून के मद्दे नज़र बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्ययोजना से अवगत कराया गया विभागों को

दंतेवाड़ा : कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक माननीय मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर त्वरित अमल करने, पंचायतों में अटल डिजिटल केन्द्रों को सक्रिय किए जाने सहित अन्य मुद्दो पर कलेक्टर द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश आगामी मानसून के मद्दे नज़र बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्ययोजना से अवगत कराया गया विभागों को दंतेवाड़ा आज कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली गई। बैठक में कलेक्टर ने सर्वप्रथम माननीय मुख्यमंत्री द्वारा विगत प्रवास के दौरान की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं पर तुरन्त प्रभावी कार्यवाही किये जाने का निर्देश देते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्रामों में आधार कार्ड एवं राशन कार्ड बनाये जाने हेतु शिविर लगाने हेतु शेड्यूल बनाकर युद्ध स्तर संबंधित विभाग क्रियान्वयन करें। इसके लिए डोर टू डोर सर्वे कराकर आवेदन लेने के प्रक्रिया प्रारंभ सहित जिन-जिन ग्रामों में आधार कार्ड प्रदाय में भारी अंतर परिलक्षित हो रहा है। उसे लक्षित करके शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण किया जाना विभागों की प्राथमिकता रहेगी। इसके साथ ही राशन कार्ड बनाए जाने के प्रक्रिया छूटे हुए हितग्राहियों को विभागीय मॉनटरिंग किया जा कर त्वरित राशन कार्ड बनाये जाए। इन मूलभूत आवश्यकता वाले कार्यों को जिला स्तर पर स्वयं विभाग प्रमुख प्रतिदिन कार्य की प्रगति के संबंध में रिपोर्ट करेगें। इसके साथ ही नियद नेल्लानार के चिन्हित ग्रामों में संबंधित विभागों द्वारा किये जाने वाले विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हेतु व्यक्तिगत रूप से विभाग प्रमुख प्रगति का जायजा लेगें। साथ ही पेंशन प्रकरण एवं महतारी वंदन जैसे योजनाओं में हितग्राहियों को भुगतान हर महीने के 10 तारीख से पहले सुनिश्चित किया जाये। इस प्रकार शालाओं में भी मिड-डे-मिल प्रदाय, छात्राओं एवं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर भी विभागीय अधिकारियों की सतत निगरानी रहेगी। इसके अलावा उन्होंने जिले के पंचायतों में प्रारंभ किये गये अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी सेवा केन्द्रों में सक्रिय रूप से हितग्राहियों को बैंकिंग, पेंशन सहित मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य भुगतान संबंधी सेवाओं को कार्यशील करे। इस संबंध में आगामी समय-सीमा बैठक में संबंधित विभाग अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करेगे। जिले में पर्यटन सुविधाओं के विस्तारीकरण के तहत होम-स्टे प्रारंभ किये जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि पर्यटकों हेतु मुलेर, कुम्हाररास, पालनार और बारसूर के चयनित ग्रामों में होम-स्टे सेवा प्रारंभ होगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर  होम-स्टे  संचालित करने वाले इच्छुक हितग्राहियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाकर प्रस्ताव जिला स्तर पर उपलब्ध कराये। बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्ययोजना पर भी समय-सीमा की बैठक में हुई समीक्षा        इसके साथ ही समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने आगामी मानसून के मद्दे नज़र बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्य योजना के संबंध में भी विस्तृत   दिशा-निर्देश  दिए। बैठक में आगामी मानसून में प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था करने के लिए जिला व तहसील स्तर पर सेल तथा बाढ़ समिति का गठन किया जाने। प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत के संबंध में जिला व तहसील स्तर पर स्थापित वर्षा मापक यंत्रों का उचित रखरखाव। पहुंच विहीन क्षेत्रों में राशन एवं खाद्यान्न सामग्री के भंडारण चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार की दृष्टि आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, पेयजल की शुद्धता एवं स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए कुआं, हैंडपंप आदि में ब्लीचिंग पाउडर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बाढ़ से बचाव संबंधी जो भी उपकरण जो जिले में उपलब्ध हैं उनकी दुरूस्ती आदि कराकर उपयोग हेतु तैयार रखने, बायो टॉयलेट की व्यवस्था के संबंध में कलेक्टर ने पूर्व से ही तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति प्रायः नालियों के अवरुद्ध हो जाने के कारण होती है अतः स्थानीय प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जावे कि संबंधित नगर पालिका अधिकारी नगर के तमाम नालियों की सफाई नियमित रूप से कराये। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित ग्रामों एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों बिजली आपूर्ति सुनिष्चित करने हेतु आवष्यक उपकरणों की व्यवस्था करने के लिए भी निर्देषित किया गया। इसके अलावा मानसून के दौरान जिले के नदी नालों में बढ़ते जलस्तर तत्काल रिपोटिंग करने हेतु कर्मचारियों को नियुक्त करने, खतरे के निशान को इंगित करने वाले साइन बोर्ड आदि की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया। कलेक्टर ने यहां भी कहा कि इस सीजन मौसमी बीमारियों सहित सर्पदंश उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग पर्याप्त मात्रा में दवाइंयां एवं एंटी डोज को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्धता रखें। साथ ही उन्होंने जिले के आश्रम छात्रावासों में मलेरिया इत्यादि से बचाव हेतु मच्छरदानियां एवं खिड़कियों जालियों की व्यवस्था, प्रसाधन कक्षों एवं छात्रावास परिसर के नालियों में डीडीटी के छिड़काव के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही बैठक में समय-सीमा के पूर्व निर्धारित प्रकरणों पर भी कलेक्टर ने जानकारी लेते हुए दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर राजेश पात्रे सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा- सत्ता पक्ष गंभीर मुद्दों पर भी ‘कार्टूनगिरी’ करता है

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन की सफलता को लेकर देशभर में सरकार की तारीफ हो रही है, लेकिन इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। राहुल गांधी के सवालों से शुरू हुआ विवाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से सवाल किए। राहुल ने कहा कि अगर पाकिस्तान को पहले से हमले की जानकारी दी गई थी, तो कितने एयरक्राफ्ट नुकसान में गए? उन्होंने इसे ‘सिर्फ चूक नहीं बल्कि एक अपराध’ करार दिया और पूछा कि इस हमले की जानकारी पाकिस्तान को देने की मंजूरी किसने दी? राहुल गांधी ने विदेश मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश को सच्चाई जानने का हक है। बीजेपी का पलटवार – अमित मालवीय ने किया तंज बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक कार्टून शेयर करते हुए लिखा कि राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। अमित ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री या सेना को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर बधाई तक नहीं दी, बल्कि लगातार यह पूछते रहे कि हमने कितने एयरक्राफ्ट गंवाए। मालवीय ने सवाल किया, ‘राहुल गांधी को क्या अगला ”निशान-ए-पाकिस्तान” सम्मान मिलने वाला है?’ कांग्रेस का जवाब – पवन खेड़ा का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष गंभीर मुद्दों पर भी ‘कार्टूनगिरी’ करता है। उन्होंने कहा, ‘हम सेना के साथ हैं, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। पहलगाम हमले के दोषी आतंकी भाग गए, उनका क्या हुआ?’ खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ तो उन्हें मिलना चाहिए जो नवाज शरीफ की बिरयानी खाकर लौटे थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें पाकिस्तान ने यह सम्मान दिया था। साथ ही उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी और उस व्यक्ति की भी बात की, जो बिना बुलाए पाकिस्तान पहुंचा था। खेड़ा ने विदेश मंत्री जयशंकर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने खुद कहा था कि पाकिस्तान को बताया गया था कि हम सिर्फ आतंकी ठिकानों पर हमला कर रहे हैं। तो सवाल उठता है कि यह जानकारी क्यों दी गई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है? सेना की प्रतिक्रिया – सभी पायलट सुरक्षित 11 मई को एयर मार्शल एके भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि भारत युद्ध जैसी स्थिति में है और नुकसान इस प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य पूरी तरह से सफल रहा है। हालांकि, उन्होंने नुकसान या रणनीतिक जानकारी साझा करने से इनकार किया ताकि कोई भी संवेदनशील जानकारी दुश्मन के हाथ न लगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के सभी पायलट सुरक्षित लौट आए हैं।

फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी जानकारी, गाजा में इजराइल का भीषण हमला, 60 लोगों की मौत

इजराइल इजराइल ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ अपने युद्ध को और तेज कर दिया है जिसके परिणामस्वरूप रात भर हुए हमलों में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय निंदा के बावजूद इजराइल ने हाल के दिनों में इस क्षेत्र में कई बड़े हमले किए हैं। इजराइल का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य हमास द्वारा बंधक बनाए गए कई लोगों को वापस लाने के लिए उस पर दबाव डालना और समूह को पूरी तरह से नष्ट करना है। हमले की शुरुआत से अब तक 300 से ज्यादा मौतें इस हमले की शुरुआत से अब तक गाजा पट्टी में 300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इजराइल का कहना है कि उसका लक्ष्य गाजा पर कब्जा करना, वहां के कुछ इलाकों पर नियंत्रण करना, हजारों लोगों को विस्थापित करना और सुरक्षित सहायता वितरण सुनिश्चित करना है। सीमित सहायता की अनुमति लेकिन नाकाबंदी जारी नए हमले तेज होने के बीच इजराइल ने युद्ध से तबाह हुए क्षेत्र में ढाई महीने की नाकाबंदी के बाद सीमित मात्रा में सहायता की अनुमति देने पर सहमति जताई। इस नाकाबंदी के कारण क्षेत्र में भोजन, दवा और ईंधन के साथ-साथ अन्य आवश्यक सामान की पहुंच बाधित हो गयी थी। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने सहयोगियों के दबाव के बाद न्यूनतम सहायता देने का निर्णय लिया है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि अब तक केवल कुछ ही ट्रक गाजा भेजे गए हैं जो भारी जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस साल की शुरुआत में युद्ध विराम के दौरान प्रतिदिन लगभग 600 ट्रक गाजा में दाखिल हुए थे। अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा सोमवार को इजराइल के आचरण की आलोचना तब और तेज हो गई जब उसके सहयोगी कनाडा, फ्रांस और ब्रिटेन ने प्रतिबंधों सहित देश के खिलाफ “ठोस कार्रवाई” की धमकी दी। उन्होंने इजराइल से गाजा में अपनी नई सैन्य कार्रवाइयों को रोकने का भी आह्वान किया। हालांकि नेतन्याहू ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि यह हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले का “सबसे बड़ा जवाब” है। हमलों का विवरण गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार उत्तरी गाजा में दो हमलों में एक परिवार के मकान और आश्रय स्थल के रूप में काम कर रहे एक स्कूल को निशाना बनाया गया जिसमें कम से कम 22 लोग मारे गए। मारे गए लोगों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे थे। अल-अक्सा शहीद अस्पताल के अनुसार मध्य शहर दीर अल-बलाह में एक हमले में 13 लोग मारे गए और पास के नुसेरात शरणार्थी शिविर में एक और हमले में 15 लोग मारे गए। नासेर अस्पताल के अनुसार दक्षिणी शहर खान यूनिस में दो हमलों में 10 लोग मारे गए। इजराइल की सेना ने इस बारे में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। इजराइली सेना का कहना है कि वह केवल आतंकवादियों को निशाना बनाती है और नागरिकों की मौत के लिए हमास को दोषी ठहराती है क्योंकि यह समूह घनी आबादी वाले क्षेत्रों में काम करता है। गाजा में बिगड़ती मानवीय स्थिति और बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं।  

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