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स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वैच्छिक स्थानांतरण आवेदन में सुधार के संबंध में दिये निर्देश

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण नीति वर्ष-2022 के क्रियान्वयन के संबंध में समय सारणी जारी की है। समय सारणी के अनुसार स्वैच्छिक आवेदन के लिये अंतिम तिथि 21 मई 2025 नियत की गई है। स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रारंभ होने के बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों द्वारा वर्तमान पदस्थी दिनांक, विषय परिवर्तन, उच्च पद प्रभार के उपरांत से संबंधित प्रविष्ठि में सुधार किये जाने के लिये निरंतर आवेदन प्रस्तुत किये जा रहे हैं। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक सुधार के लिये पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी शिक्षकों को सूचित किया है कि वे यदि स्वयं के द्वारा किये गये स्वैच्छिक स्थानांतरण आवेदन में कोई परिवर्तन करना चाहते हैं तो स्कूल एजुकेशन पोर्टल 3.0 ओटीपी के माध्यम से अपने आवेदन को अनलॉक कर पूर्णत: डिलीट कर सकते हैं अथवा संशोधित विकल्प चुनकर पुन: निर्धारित तिथि तक लॉक कर सकते हैं। ऐसे अतिशेष शिक्षक जो त्रुटिपूर्ण जानकारी के कारण अतिशेष हैं वे अपने स्वैच्छिक स्थानांतरण के आवेदन को सुधार या डिलीट कर सकते हैं। अतिशेष शिक्षकों के संबंध में प्रक्रिया एवं समय सारणी पृथक से जारी की जायेगी। इस संबंध में समस्त कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण और समस्त जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी कर दिये गये हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में राज्य शासन की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर के राजवाड़ा स्थित देवी अहिल्या उद्यान के पास सोमवार देर शाम लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के जीवन दर्शन से प्रेरित राज्य शासन की योजना और कार्यों पर आधारित विकास यात्रा आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गठित मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष- 2023 से लेकर अब तक लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों और उनके क्रियान्वयन पर प्रदर्शनी आधारित है। प्रदर्शनी में केन्द्र शासन और राज्य शासन द्वारा चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। शासकीय सेवा में महिलाओं का आरक्षण, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, उज्जवला योजना, मुख्यमंत्री विवाह/निकाह सहायता योजना आदि को चित्रों को माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी में विशेष रूप से अधोसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, 170 करोड़ रूपये की लागत से खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय का शुभारंभ सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय एवं गुना में तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ, 2 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को उनकी पात्रता अनुसार उच्च पद का प्रभार, वर्तमान में 369 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय (सीएम राइज) विद्यालयों का संचालन, अन्य राज्यों के सैनिक स्कूलों में अध्ययनरत प्रदेश के बच्चों को छात्रवृत्ति देने का निर्णय, एकीकृत टाउनशिप नीति- 2025 लागू किये जाने की स्वीकृति, इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025, देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन और शराब बंदी का निर्णय, प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में सोलर कृषि पंप शामिल किये जाने की स्वीकृति, जनजाति विरासत को सम्मान के तहत बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय छिन्दवाड़ा एवं राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का जबलपुर में लोकार्पण, श्रीअन्न के प्रोत्साहन के तहत रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में 3900 रूपये प्रति हेक्टेयर सहायता राशि की स्वीकृति को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में उज्जैन विक्रमोत्सव मेला 2024 में मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट, निर्यात और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट-2025 की स्वीकृति को भी प्रदर्शित किया है। इसमें समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का मूल्य 2600 रूपये करने का निर्णय, आदि को दर्शाया गया है।  

इंदौर उज्जैन के सड़क मार्ग को सिक्सलेन में बदले जाने का काम शुरू, 2026 तक पूरी होगी परियोजना, नई तकनीक से हो रहा निर्माण कार्य

उज्जैन स्टेट हाइवे नंबर-59, उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क परियोजना का काम तेजी से हो रहा है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी), चार महीने में 14 प्रतिशत काम ठेकेदार से करवा चुका है। फिलहाल, वर्षाकाल प्रारंभ (15 जून) होने से पहले शिप्रा नदी पर त्रिवेणी क्षेत्र में पुल बनाने को फाउंडेशन कार्य पूर्ण करना करना चुनौती बना हुआ है। अफसरों का कहना है पुल निर्माण स्थल पर महीनेभर शिप्रा का आंचल सूखा रहता है तो काम में कोई परेशानी नहीं आएगी। समाधान स्वरूप जल संसाधन विभाग को महीनेभर शिप्रा में पानी का बहाव रोकने के लिए पत्र लिखा है। मालूम हो कि 46.475 किलोमीटर लंबे उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क मार्ग को मध्य प्रदेश की सरकार सिक्सलेन सड़क में परिवर्तित करवा रही है। परियोजना 1692 करोड़ रुपये की है। इसे शुरू करने को भूमि पूजन 19 सितंबर 2024 को उज्जैन आई राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने किया था। तब कहा गया था कि सिविल कार्य 623 करोड़ रुपये से होगा। 29 गांवों से होकर गुजरेगी सड़क सिक्स लेन सड़क 15 साल के आपरेशन-मैंटनेंस के साथ उज्जैन में स्थित हरिफाटक पुल से इंदौर में स्थित अरविंदो अस्पताल के सामने तक बनाई जाएगी। निर्माण हाईब्रिड वार्षिकी पद्धति से पेव्ड शोल्डर के साथ होगा। सड़क, 29 गांवों से होकर गुजरेगी, जिनमें 20 गांव इंदौर जिले और 9 गांव उज्जैन जिले के हैं। सिविल कार्य की कमान एमपीआइडीसी ने उदयपुर की रवि इन्फ्राबिल्ड कंपनी को सौंपी है। 8 किमी का डामरीकरण कर दिया गया है सर्वे और ड्राइंग-डिजाइन उपरांत धरातल पर निर्माण 15 जनवरी 2025 को शुरू हो पाया था। बीते चार महीनों में कई हिस्सों में मार्ग चौड़ा करने को खोदाई करने, मुरम बिछाने के साथ डामरीकरण का काम होता दिख रहा है। कहा गया है कि अब तक 14 प्रतिशत काम हो चुका है। 46.475 किलोमीटर सड़क में से 8 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण कर दिया गया है। पूरे मार्ग में 8 किलोमीटर का हिस्सा सीमेंट-कांक्रीट का बनेगा। 11 किलोमीटर लंबा विभिन्न आवासीय क्षेत्र में सर्विस रोड भी सीमेंट-कांक्रीट का बनेगा। निनोरा टोलनाका क्षेत्र के सीमेंट-कांक्रीट की सड़क बना दी गई है। वर्षाकाल में भी निर्माण कार्य जारी रहेगा, बंद नहीं होगा। निर्माण कार्य को गति देने के लिए नवीन तकनीक आधारित जर्मन मेड एफडीआर और मशीन विद मल्टीप्लेक्स मशीन का उपयोग पहली बार किया जा रहा है। दिसंबर- 2026 तक पूरी करना है परियोजना सिक्सलेन परियोजना, दिसंबर 2026 तक पूरी कराने का अनुबंध हुआ है। योजना अनुसार मुख्य सड़क डामर की और आबादी क्षेत्र में एप्रोच रोड सीमेंट-कांक्रीट की बनाई जाएगी। मार्ग में 8 फ्लायर ओवर और 70 कलवर्ट बाक्स बनाए जाएंगे। त्रिवेणी घाट के समीप शिप्रा नदी पर नया पुल भी बनाया जाएगा। पहले चरण में दोनों शहर की तरफ 14-14 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। प्रत्येक रोड का हिस्सा 12.50-12.50 मीटर चौड़ा होगा। इस तरह मार्ग कुल 25 मीटर चौड़ा होगा। अभी फोरलेन सड़क पर साढ़े आठ मीटर की दो चौड़ी सड़कें हैं। यानी मार्ग कुल 17 मीटर चौड़ा है। इस प्रोजेक्ट से सरकार को 112 करोड़ रुपये की सूखी बचत हुई है। वो इसलिए क्योंकि रवि इन्फ्राबिल्ड ने एसओआर से 15 प्रतिशत कम रेट पर काम करने का अनुबंध किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सराफा बाजार में मंत्रियों संग उठाया व्यंजनों का लुत्फ

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार देर रात इंदौर के विश्वप्रसिद्ध सराफा बाजार का दौरा किया और यहां के चटपटे व्यंजनों का स्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ मंत्रिमंडल के सहयोगी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में घूमकर जनता से संवाद भी किया और स्थानीय लोगों से इंदौर की स्वच्छता और व्यंजन संस्कृति को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सराफा बाजार न सिर्फ स्वाद का केंद्र है, बल्कि इंदौर की पहचान भी है। रात करीब 11.15 बजे मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ सराफा पहुँचे। यहाँ उन्होंने भुट्टे का किस, गराडू,दही बड़ा , पानीपुरी,कुल्फी का स्वाद लिया और इंदौरी कुल्हड़ की चाय पी। मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने पोहे, भुट्टे का कीस, गराडू, रबड़ी-जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। आरम्भ में स्थानीय दुकानदारों और युवाओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इंदौर की सफाई और व्यंजन संस्कृति को पूरे देश में प्रेरणास्रोत बताया और व्यापारियों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।  

पीएम नरेंद्र मोदी 22 मई को आ रहे बीकानेर , सैनिकों से मुलाकात की संभावना

जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को बीकानेर जाएंगे, जहां वे देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। मोदी का यह दौरा कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार राजस्थान के सीमावर्ती जिले बीकानेर आ रहे हैं।  वे यहां से सीमा पर तैनात सैन्य बलों से मिलने भी जा सकते हैं। हालांकि अब तक इस कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है। इधर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस दौरे की तैयारियों को देखने शनिवार शाम बीकानेर पहुंचे थे। देश के कानून मंत्री और बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल का कहना है कि बीकानेर के लिए प्रधानमंत्री का यह दौरा काफी अहम है। उन्होंने कहा कि यह धरती मोदी के स्वागत के लिए एक बार फिर से तैयार है। इससे पहले मोदी 2023 में नवंबर में बीकानेर दौरे पर आए थे। मोदी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। मोदी के साथ ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा सीएम भजनलाल शर्मा भी बीकानेर में मौजूद रहेंगे। जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि और एसपी कावेंद्र सागर भी देशनोक में डेरा डाले हुए हैं। बीजेपी प्रवक्ता मनीष सोनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशनोक में बने आधुनिक रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। देशनोक के साथ ही लालगढ़ में भी नया रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है लेकिन इसके उद्घाटन की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।

एक ओवर ने सब बर्बाद कर दिया, प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई लखनऊ, बना मैच का टर्निंग पॉइंट

हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) का 61वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ के बीच गया. इस मैच में हैदराबाद ने 6 विकेट से जीत हासिल की. लखनऊ को मिली इस हार के बाद प्लेऑफ में पहुंचने की उसकी उम्मीद भी टूट गई है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. लखनऊ की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए मार्श और मार्करम की फिफ्टी के दम पर 206 रनों का लक्ष्य हैदराबाद के सामने रखा था. इसके जवाब में उतरी हैदराबाद ने 19वें ओवर में ये मैच जीत लिया. ऐसी रही हैदराबाद की बल्लेबाजी 206 रनों के जवाब में उतरी हैदराबाद की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ही ओवर में अथर्व का विकेट दिग्वेश ने चटकाया. अथर्व के बल्ले से केवल 13 रन ही निकले. लेकिन इसके बाद अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों ने हैदराबाद को संभाला और ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाए. अभिषेक ने लगातार तीन छक्के जड़कर महज 18 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ दी. आलम ये रहा की हैदराबाद ने 8वें ओवर में ही 100 रनों का आंकड़ा पार कर लिया. लेकिन 8वें ओवर में अभिषेक शर्मा का विकेट गिर गया. अभिषेक ने 59 रनों की पारी खेली. इसके बाद 12वें ओवर में ईशान किशन भी चलते बने. उन्हें भी दिग्वेश सिंह राठी ने चलता किया. किशन ने 35 रनों की पारी खेली. इसके बाद हेनरिक क्लासेन और कामिंदु ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई. हालांकि, ये जोड़ी 18वें ओवर में टूट गई. क्लासेन ने 47 रनों की पारी खेली.  लेकिन हैदराबाद ने ये मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया. हैदराबाद की इस जीत के साथ ही लखनऊ की उम्मीदें टूट गईं. अब प्लेऑफ का सफर उसके लिए खत्म हो गया है. हैदराबाद की टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी.   रवि बिश्नोई के एक ओवर में पड़े थे 26 रन दरअसल, सनराइजर्स हैदराबाद की पारी का सातवां ओवर लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से लेग स्पिनर रवि बिश्नोई डालने आए थे। उनके ओवर की पहली गेंद वाइड रही थी। इसके बाद स्ट्राइक पर मौजूद इशान किशन ने एक डॉट बॉल खेली और ओवर की दूसरी बॉल पर सिंगल लेकर स्ट्राइक रोटेट कर ली। अब स्ट्राइक पर थे अभिषेक शर्मा, जिन्होंने लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ डाले। उन्होंने तीसरे सिक्स के साथ ओवर में 18 गेंद पर अपनी फिफ्टी भी पूरी की। रवि बिश्नोई के इस एक ओवर में कुल 26 रन पड़े। यहां से पूरी तरह खेल हैदराबाद के हाथ में आ गया था। ऐसी रही लखनऊ की शुरुआत पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी लखनऊ की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही. मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने तूफानी अंदाज में आगाज किया. छक्के-चौके की बारिश की. मिचेल मार्श ने महज 28 गेंदों पर ही फिफ्टी जड़ दी. अपनी इस पारी में उन्होंने 3 चौके और 4 छक्के लगाए. 9 ओवर में ही लखनऊ ने 100 का आंकड़ा भी पार कर लिया था.लेकिन 11वें ओवर में लखनऊ को पहला झटका लगा, जब हर्ष दुबे ने मिचेल मार्श का विकेट झटका. मार्श ने 39 गेंद में 65 रनों की पारी खेली. उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाए. लेकिन दूसरे छोर पर मार्करम टिके रहे. लेकिन ऋषभ पंत फिर फ्लॉप रहे. वह नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए आए लेकिन 7 रन बनाकर ही 12वें ओवर में आउट हो गए. 27 करोड़ी पंत के लिए ये सीजन बेहद खराब रहा है. वहीं, मार्करम ने 28 गेंदों पर अर्धशतक लगाया. ये उनका इस सीजन का 5वां अर्धशतक था. लेकिन 16वें ओवर में एडेन मार्करम का विकेट गिर गया. मार्करम ने 38 गेंद में 61 रनों की तूफानी पारी खेली. वहीं, 18वें ओवर में लखनऊ को चौथा झटका लगा जब बदोनी 3 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि, निकोलस पूरन एक छोर पर टिके रहे. पूरन ने 26 गेंद में 45 रन बनाए और आखिरी ओवर में वो रन आउट हो गए. लखनऊ ने 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 205 रन बनाए. राठी और अभिषेक में हुई तीखी बहस जब हैदराबाद 206 रनों का चेज करने उतरी तो अभिषेक शर्मा तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने महज 18 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ी और लगातार 4 छक्के भी लगाए. लेकिन पारी का 8वां ओवर लेकर दिग्वेश सिंह राठी पहुंचे. अभिषेक शर्मा इस ओवर में कैच आउट हो गए. इसके बाद दिग्वेश राठी ने अभिषेक को देखकर अपने पुराने अंदाज में जश्न मनाया. इसपर अभिषेक शर्मा आग बबूला हो गए. दोनों में तीखी बहस हुई. अंपायर को बीच-बचाव करना पड़ा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. हर्षल पटेल ने बुमराह-मलिंगा को भी छोड़ा पीछे  इस मैच में SRH के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल ने IPL इतिहास में सबसे तेज़ 150 विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उन्होंने इस उपलब्धि के साथ लसिथ मलिंगा को पीछे छोड़ दिया है. हर्षल पटेल ने यह उपलब्धि मैच के 16वें ओवर में हासिल की, जब उन्होंने एडन मार्करम को 61 (38 गेंदों) पर क्लीन बोल्ड किया. इस विकेट के साथ उन्होंने IPL में 2381 गेंदों में 150 विकेट पूरे किए. उन्होंने लसिथ मलिंगा (2444 गेंदें) और युजवेंद्र चहल (2543 गेंदें) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया. हर्षल इस सीजन में अब तक 11 पारियों में 15 विकेट लेकर संयुक्त रूप से 5वें सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उनका औसत 24.26 है और उन्होंने दो बार चार विकेट लिए हैं. 150 IPL विकेट सबसे कम गेंदों में 1. 2381 गेंदें – हर्षल पटेल 2. 2444 गेंदें – लसिथ मलिंगा 3. 2543 गेंदें – युजवेंद्र चहल 4.2656 गेंदें – ड्वेन ब्रावो 5. 2832 गेंदें – जसप्रीत बुमराह

प्रदेश में सरकारी कॉलेजों में शोध केन्द्र बनाए जायेंगे, कॉलेज के प्राध्यापक निदेशक होंगे

भोपाल कॉलेजों में बदले पढ़ाई के पैटर्न में शोध पर फोकस किया गया है। सभी सकारी कॉलेजों में शोध केन्द्र बनाए जाने हैं। कॉलेज के प्राध्यापक निदेशक होंगे। चयन की जिमेदारी संबंधित विश्वविद्यालय की होगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं।  शोध निदेशक की पात्रता रखने वाले प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापकों से कहा कि वे आवेदन करें। प्रयास यही है कि विद्यार्थियों को ऑनर्स विद रिसर्च की सुविधा उनके कॉलेज या फिर समीप के कॉलेज में मिल सके। नई शिक्षा नीति के तहत शोध पर अधिक फोकस किया गया है। कॉलेजों में शोध केन्द्र की स्थापना इसी कड़ी का हिस्सा है। आनॅर्स विथ रिचर्स की सुविधा स्नातक चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों को चतुर्थ वर्ष ऑनर्स या आनॅर्स विथ रिचर्स की सुविधा मिले। विभाग ने निर्देश में कहा कि जिन प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों ने पीएचडी उपाधि प्राप्त की है और शिक्षण कार्य करते हुए पांच वर्ष हो चुके हैं तो वे भी शोध निदेशक के पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो प्राध्यापक या सहायक प्राध्यापक शोध निदेशक की पात्रता रखते हैं और वे पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं उनके बारे में जानकारी भेजें। ढर्रा सुधारने की कवायद सरकार का फोकस सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई का ढर्रा सुधारने को लेकर है। इसी कड़ी में प्राध्यापकों को कॉलेजों में ही रुकने के लिए अवधि तय कर दी है। यानी उन्हें तय अवधि तक कॉलेजों में रुकना ही होगा। इसी से उनका वेतन निर्धारण होगा।

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल में आयोजित होने वाले महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं महिला सम्मेलन में भाग लेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्यप्रदेश दौरे की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 19 मई को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा, सुरक्षा, यातायात, जनसंपर्क एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, समुचित और प्रभावी रूप से पूरी की जाएं ताकि कार्यक्रम निर्विघ्न और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल में आयोजित होने वाले महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं महिला सम्मेलन में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। देवी अहिल्याबाई होलकर का योगदान न केवल मालवा क्षेत्र बल्कि पूरे भारत में धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में अद्वितीय रहा है। उनकी स्मृति में यह आयोजन महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी भूमिका को रेखांकित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश की धरती पर पधार रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जाए। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, परिवहन और अन्य सुविधाओं की प्रभावी योजना तैयार करने के लिए विभागीय समन्वय को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक, जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।  

सौरभ के करीबियों पर शिकंजा, लेकिन शह देने वालों पर नहीं हुई कार्रवाई, जांच अब भी जारी

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सौरभ शर्मा कांड को पांच माह पूरे हो गए हैं। इन पांच महीनों में सबसे बड़ा सवाल पुलिस हल नहीं कर पाई है कि सोना और कैश किसका था। वह माना तो सौरभ का ही गया है, लेकिन यह पूरा सच नहीं है। सौरभ और उसके करीबी पकड़े गए, लेकिन इसे शह देने वाले, जिनकी सूची बड़ी लंबी है, उन लोगों को बचाया गया है। फिर वह चाहे परिवहन विभाग के अफसर हों या अलग-अलग विभाग के वे जिम्मेदार अफसर या कर्मचारी, जिन्होंने आन रिकॉर्ड या ऑफ द रिकॉर्ड सौरभ शर्मा की मदद की। करोड़ों के हिसाब की डायरी भी सामने आई थी ग्वालियर के सिरोल थाने में अनुकंपा नियुक्ति के मामले में शपथ पत्र में झूठी जानकारी देने पर सौरभ और उसकी मां पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन यह भी दिखावे की कवायद रही। करोड़ों के हिसाब की चेक पोस्टों की डायरी तक सामने आई, लेकिन सब दबा दिया गया। राजनीतिक मैदान से लेकर विभागीय हर मोर्चे पर सौरभ के पकड़े जाने के बाद सख्ती बढ़ी नहीं बल्कि घटती गई। कैश, सोना और चांदी भी बरामद किया गया था बता दें कि 19 दिसंबर 2024 को सौरभ शर्मा के भोपाल स्थित निवास पर लोकायुक्त की टीम ने छापा मारा था। इस छापेमारी में कैश, सोना व चांदी बरामद किया गया था। इसी दिन रात में भोपाल के ही मेंडोरी के जंगल में आयकर विभाग की टीम ने 11 करोड़ कैश व 54 किलो सोने से लदी लग्जरी गाड़ी पकड़ी थी। 54 किलो सोना एक साथ मिला था इसी गाड़ी के पकड़े जाने की खबर के बाद प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश में हड़कंप मच गया था। पहली बार ऐसा मौका था जब 54 किलो सोना एक साथ मिला। इसके बाद सौरभ गायब हो गया। लोकायुक्त और आयकर के साथ इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हुई और प्रदेश के कई शहरों में छापेमारी भी हुई। सौरभ के नजदीकी चेतन और शरद से लेकर कई करीबियों पर शिकंजा कसा गया। ईडी ने इस मामले में कुछ समय पहले चालान पेश किया, जिसमें सौरभ सहित उसकी मां, पत्नी व सहयोगियों को मिलाकर कुल 12 को आरोपित बनाया गया है। इस पूरे सौरभ शर्मा कांड में सबसे खास बात यह है कि सौरभ शर्मा की विभाग में एंट्री से लेकर नौकरी में भ्रष्टाचार कराने में उसका साथ देने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति में बड़े भाई की नौकरी को छिपाया गया। इसे सौरभ व उसकी मां उमा शर्मा ने तो छिपाया ही, साथ ही जहां जहां प्रस्ताव चला वह विभाग भी छिपाते गए। तत्कालीन परिवहन आयुक्त शैलेंद्र श्रीवास्तव के समय में सौरभ शर्मा की नियुक्ति हुई थी। फाइल चलती रही और अधिकारी सौरभ की झूठी जानकारी को नजरअंदाज करते गए। खास बात यह कि दूसरे विभागों में जगह होने के बाद भी सौरभ को 2014 के नए नियमों को दरकिनार कर 2008 के नियमों के आधार पर नियुक्ति दे दी गई। इसके बाद चेकपोस्टों पर सौरभ शर्मा के ठेके लेने से लेकर साथियों की जानकारी सामने आई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोकायुक्त ने दिए हैं साथियों व अफसरों को नोटिस सौरभ शर्मा कांड में लोकायुक्त की जो जांच चल रही है, उसमें सौरभ के साथ काम करने वाले धनंजय चौबे, हेमंत जाटव, नरेंद्र सिंह भदौरिया और गौरव पाराशर की पूरे परिवहन विभाग में धाक थी। जैसा ये चाहते थे वैसा हो जाता था। इन्हें लोकायुक्त ने नोटिस दिया है। इसके साथ ही दशरथ पटेल सहित अन्य को भी नोटिस जारी किया है।

पाकिस्तान के भिखरियों ने भीख मांगकर खरीद ली हवेली से लेकर SUV, , विदेश तक फैला नेटवर्क

नई दिल्ली पाकिस्तान में भीख मांगना कारोबार बन गया है। काफी लोग भीख मांगकर आलिशान जीवन जी रहे हैं। यह स्थिति तब है जब पाकिस्तान कर्ज के तले दबा हुआ है और उधार के पैसों से चल रहा है। पाकिस्तान को हाल ही में आईएमएफ से बेलआउट पैकेज मिला है। पाकिस्तान के भिखारियों की यह स्थिति है कि काफी लोग दुनिया के दूसरे देशों में भी जाकर भीख मांग रहे हैं। वहीं पाकिस्तान ने भी इस बात को मान लिया है कि उसके देश में भिखारियों की संख्या बढ़ रही है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में बताया गया कि साल 2024 से अब तक 5000 से ज्यादा पाकिस्तानी भिखारियों को अलग-अलग देशों से वापस भेजा गया है। पाकिस्तानी भिखारियों के पास हवेली, SUV बता दें, इस साल फरवरी के महीने में एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें पेशे से एक डॉक्टर महिला ने दावा किया था कि उसकी शादी के कुछ महीने बाद उसे पता चला कि उसके ससुराल में हवेली, एसयूवी, स्विमिंग पूल और दूसरे आलीशान सामान भीख के पैसों से खरीदा गया था. इसलिए उसकी शादी एक शाही भिखारी परिवार में हुई है. इसमें सबसे खास बात ये है कि पाकिस्तान में दो तरह के भिखारी पाए जाते हैं. पाकिस्तान में दो तरह के भिखारी एक वो जो वहीं पर भीख मांगकर अपना गुजारा करते हैं जबकि दूसरे भिखारी वो हैं जिनके बड़े सपने होते हैं. वो ऐसे भिखारी होते हैं जो पाकिस्तान को छोड़कर दूसरे देशों में भीख मांगने जाते हैं. वहां पर वो भीख मांगकर काफी पैसे कमा लेते हैं. उनका ये सारा कारोबार एक मॉडल पर चलता है. जिस तरह से आपको कोई भी कारोबार शुरू करने के लिए स्किल्स की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह से पाकिस्तान में भिखारियों ने इस पेशे को अपने भीख मांगने के स्किल्स के साथ चला रहे हैं. ये भीख मांगते समय खास तरह की ड्रेस पहनते हैं, ये आपको अलग-अलग लुक में नजर आएंगे, ताकि सामने वाले लोगों का ध्यान खींचा जा सके. सऊदी अरब के बाद इराक ने सबसे ज्यादा 247 पाकिस्तानियों को वापस भेजा. यूएई ने पाकिस्तान सरकार के सामने गंभीर चिंता जताई और पाकिस्तानियों के लिए वीजा नियमों को कड़ा किया. इस दौरान 58 लोगों को वापस भेजा गया. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यह समस्या खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है, जिससे पाकिस्तानियों के लिए दूसरे देशों से वीजा प्राप्त करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने अनुमान लगाया कि पाकिस्तान में करीब 22 मिलियन लोग भीख मांगते हैं, जिससे सालाना करीब 42 बिलियन डॉलर की कमाई होती है. यह आंकड़ा इस समस्या के पैमाने को दिखाता है. 2023 में सीनेट समिति की बैठक के दौरान, तत्कालीन विदेश मंत्रालय सचिव, जुल्फिकार हैदर ने खुलासा किया कि विदेशों में गिरफ्तार किए गए अधिकांश भिखारी लगभग 90 फीसदी पाकिस्तानी नागरिक थे. उन्होंने कहा कि उनमें से कई सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे देशों में तीर्थयात्रा वीजा पर यात्रा करते हैं, लेकिन फिर भीख मांगते हैं. व्यवसाय का नया मॉडल पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने खुलासा किया है कि सबसे ज्यादा 4,498 भिखारियों को सऊदी अरब से वापस भेजा गया था. ऐसे में जब सब कुछ सामने आ चुका है तो सवाल ये उठता है कि, पाकिस्तान अब भारत के रक्षा मंत्री के उस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देगा, जिसमें उन्होंने ये कहा था कि “जहां भी पाकिस्तान खड़ा होता है, भिखारियों की कतार वहीं से शुरू होती है. भीख मांगकर बनाई हवेली फरवरी में एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक पाकिस्तानी महिला ने बताया कि शादी के कुछ महीनों बाद उसे पता चला कि उसके ससुराल वालों की हवेली, एसयूवी, स्विमिंग पूल और दूसरी लग्जरी चीजें भीख मांगकर खरीदी गई हैं। यह पाकिस्तानी महिला पेशे से डॉक्टर है। उसकी शादी भिखारियों के एक अमीर परिवार में हुई थी। भीख मांगकर कमाई बेशुमार दौलत पाकिस्तानी भिखारियों ने भीख मांगकर बेशुमार दौलत कमाई है। यही नहीं, कई पाकिस्तानी भिखारी विदेश चले गए और वहां भी उन्होंने भीख मांगी। ऐसे में उन्होंने और ज्यादा दौलत इकट्ठी की ली। उनका यह बिजनेस मॉडल लोगों को हैरान कर रहा है। वहीं पिछले 3 सालों में 50 हजार पाकिस्तानी दुनिया भर के देशों में भीख मांगते पाए गए। किन-किन देशों से भेजे गए भिखारी? पाकिस्तान की नेशनल असेंबली को सौंपे गए एक लिखित बयान के अनुसार साल 2024 से अब तक कुल 5,402 पाकिस्तानी भिखारियों को विदेश से खदेड़ा गया है। सऊदी अरब, इराक, मलेशिया, यूएई, कतर और ओमान जैसे कई देश शामिल हैं, जहां से पाकिस्तानी भिखारियों को पकड़कर भगाया गया है। ज्यादातर भिखारी सऊदी अरब से वापस भेजे गए हैं। सऊदी अरब से 4,498 और इराक से 242 भिखारी वापस पाकिस्तान भेजे गए। इसी तरह मलेशिया से 55 और यूएई से 49 पाकिस्तानी भिखारियों को वापस पाक भेजा गया है।

पीएम मोदी 25 मई को आ रहे गुजरात, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला दौरा

अहमदाबाद पहलगाम हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से आतंकवादियों के आकाओं को कड़ा जवाब देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के गुजरात दौरे पर आएंगे। पीएम मोदी के अहमदाबाद, दाहोद और कच्छ के भुज जाने की संभावना है। पीएम मोदी कच्छ के भुज में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार जल्द ही पीएम मोदी का आधिकारिक कार्यक्रम रिलीज हो जाएगा। इसे अंतिम तौर पर फाइनल किया जा रहा है। पीएम मोदी पिछले साल दिवाली पर कच्छ पहुंचे थे तब उन्होंने सरक्रीक के पास हरामी नाला के नजदीक सैनिकों के साथ दिवाली मनाई थी। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले हफ्ते भुज एयरबेस का दौरा किया था। सीमावर्ती जिलों में हुए थे हमले पाकिस्तान के साथ सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा पर राष्ट्र को संबोधित किया था। इसके बाद वह जाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे थे। वहां से पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया था। अब पीएम मोदी अपने गृह राज्य गुजरात पाकिस्तान को कड़ा संदेश दे सकते हैं। गुजरात में कच्छ-बनासकांठा और पाटण जिले पाकिस्ता की सीमा वाले जिले हैं। सैन्य संघर्ष के दौरान इन जिलों पाकिस्तान ने ड्रोन से हमला किया था। जिसका भारत ने बखूबी जवाब दिया था और सभी हमलों को नाकाम कर दिया था। पहलगाम आतंकी हमले में गुजरात के तीन लोग मारे गए थे। इनमें दो भावनगर और एक व्यक्ति सूरत के रहने वाले थे। कच्छ में तैयारियां जोरों पर सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर के बाद 25 मई से 26 मई तक गुजरात के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी कच्छ के भुज, दाहोद और अहमदाबाद में रहने की उम्मीद है। पीएम मोदी अपने दौरे में कच्छ के भुज शहर में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह पीएम मोदी का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहला गुजरात में पहला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। गुजरात दौरे पर के बाद पीएम मोदी पूर्वोत्तर के दौरे पर जाएंगे।

श्रावण मास में रूद्रसागर पर बनाया गया नया पुल भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्ट का मुख्य विकल्प होगा

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास में भक्तों को सम्राट अशोक सेतु के रास्ते मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। रूद्रसागर पर बनाया गया नया पुल भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्ट का मुख्य विकल्प होगा। मंदिर प्रशासन द्वारा बनाए जा रहे दर्शन प्लान में इस विषय पर प्रमुखता से विचार किया जा रहा है। महाकाल मंदिर के रूद्रसागर पर उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा 200 मीटर लंबा व 9 मीटर चौड़ा अत्याधुनिक पुल का निर्माण किया है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने पुल का उद्घाटन कर इसे सम्राट अशोक सेतु नाम दिया है। हालांकि वर्तमान दर्शन व्यवस्था पूर्व निर्धारित मार्गों से सुचारू रूप से संचालित होने के कारण फिलहाल इस पुल का उपयोग नहीं किया जा रहा है। श्रावण मास में भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्ट करने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। चलित भस्म आरती व्यवस्था श्रावण मास में चलित भस्म आरती व्यवस्था में सम्राट अशोक सेतु मुख्य भूमिका निभा सकता है। क्योंकि श्रावण मास में सामान्य दिनों में रात 3 बजे तथा प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे, पश्चात भस्म आरती होगी। रात्रि के समय श्रद्धालु चारधाम पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते इस पुल से सीधे मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। यह रास्ता वर्तमान मार्ग से करीब डेढ़ किलो मीटर छोटा भी है। इससे होकर दर्शनार्थी शीघ्र मंदिर में दर्शन कर बाहर निकल सकते हैं। अभी इस मार्ग से मिल रहा मंदिर में प्रवेश वर्तमान में सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। यहां से श्रद्धालु महालोक में भ्रमण करते हुए श्री मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर से टनल के रास्ते मंदिर परिसर में होते हुए गणेश व कार्तिकेय मंडपम् से भगवान महाकाल के दर्शन कर पा रहे हैं। साढ़े 22 करोड़ की लागत से बना नया पुल सम्राट अशोक सेतु के निर्माण पर स्मार्ट सिटी कंपनी ने करीब साढ़े 22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस पुल का मध्य भाग काफी चौड़ा है। यहां खड़े होकर श्रद्धालु रूद्रसागर का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। पुल पर आकर्षक लाइट लगाई गई है। रात्रि के समय इस पुल से गुजरना एक अलग ही आनंददायक अनुभव रहेगा। डायवर्ट रूट के रूप में होगा उपयोग     सम्राट अशोक सेतु महाकाल मंदिर में प्रवेश का नया मार्ग है। यह वर्तमान मार्ग से छोटा रास्ता है, भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायर्वट में इसका उपयोग होगा। श्रावण के दर्शन प्लान में इस पर विचार चल रहा है। – एसएन सोनी, उप प्रशासक महाकाल मंदिर  

जीएसटी ट्रिब्यूनल में राजभाषा हिंदी को अमान्य कर दिया, व्यापारी को न्यायिक प्रक्रिया से दूर करने की साजिश

 इंदौर  जीएसटी ट्रिब्यूनल में राजभाषा हिंदी को अमान्य कर दिया गया है। आदेश जारी किया गया है कि ट्रिब्यूनल में आने वाले प्रकरणों में दस्तावेज सिर्फ अंग्रेजी में ही स्वीकार होंगे। और तो और किसी प्रकरण को दाखिल करने और पैरवी करने के मामलों में संबंधित दस्तावेजों को भी अंग्रेजी में अनुवाद कर लगाना होगा। जीएसटी ट्रिब्यूनल के इस आदेश से असंतोष फूट पड़ा है। टैक्स पेशेवर साफ कह रहे हैं कि टैक्स विवादों में हिंदी और क्षेत्रीय भाषा को बाहर कर न्याय महंगा करने और आम व्यापारी को न्यायिक प्रक्रिया से दूर करने की साजिश हो रही है। दस्तावेज सिर्फ अंग्रेजी में पेश किए जा सकेंगे आयकर की तरह जीएसटी के कर विवादों के निराकरण के लिए जीएसटी ट्रिब्यूनल की व्यवस्था की गई है। 2017 में जीएसटी लागू हुआ लेकिन अब तक ट्रिब्यूनल नहीं बने, सिर्फ नोटिफिकेशन जारी हुआ। स्थापना के नोटिफिकेशन के बाद अब सरकार ने नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया कि ट्रिब्यूनल में जाने वाले मामलों में दस्तावेज सिर्फ अंग्रेजी में ही पेश किए जा सकेंगे। यदि कोई दस्तावेज अन्य भाषा में हुआ तो उसका अंग्रेजी अनुवाद कर लगाना होगा। अहिल्या चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल के अनुसार 20 मई को दिल्ली में होने वाली नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे को लाकर विरोध जताया जाएगा। तीन भाषाओं को हो मान्यता 2017 में जब जीएसटी प्रणाली लागू हुई थी तो उस समय सरकार ने इस प्रणाली को सुलभ बनाने के लिए तमाम घोषणाएं की थीं। कर सलाहकार आरएस गोयल के अनुसार ऐलान हुआ था कि जीएसटी पोर्टल 18 भाषाओं में काम करेगा। वो तो हुआ नहीं, अब ट्रिब्यूनल में तो हिंदी को भी बिसरा दिया गया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट एसएन गोयल कहते हैं हिंदी के दस्तावेजों को तो आयकर अपीलेट ट्रिब्यूनल में भी मान्य किया जाता है। जीएसटी में भी कम से कम तीन भाषाओं को तो मान्यता होना चाहिए।

हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार अब शहरी विकास को जनभागीदारी के माध्यम से गति देने की तैयारी कर रही है। ‘जलगंगा अभियान’ की तर्ज पर नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं को एकजुट कर स्वच्छता, पर्यावरण, पौधरोपण और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों में विकास कार्यों के प्रति स्वामित्व और जिम्मेदारी का भाव जागृत करना है। जनशक्ति से जीवित हुए जलस्रोत भिंड जिले के लहरौली गांव में काली पोखर का पुनर्जीवन एक मिसाल बन चुका है, जिसे ग्रामीणों और पोरवाल परिवार के सहयोग से जलगंगा अभियान के अंतर्गत फिर से पीने योग्य बनाया गया। इसी तरह इंदौर नगर निगम ने नागरिक सहभागिता से 411 कुओं, बावड़ियों और 15 तालाबों का पुनरुद्धार किया है। अब सरकार इसी मॉडल को शहरी क्षेत्रों में लागू करने की योजना बना रही है। विकास कार्यों में साझा निवेश सरकार की योजना के अनुसार, विकास कार्यों में न सिर्फ स्थानीय लोग श्रमदान करेंगे, बल्कि आर्थिक सहयोग भी करेंगे। यह त्रिस्तरीय सहभागिता सांसद, विधायक और पार्षद निधि से भी समर्थित होगी। साथ ही स्थानीय कारोबारी और औद्योगिक इकाइयों को भी इस मुहिम में जोड़ा जाएगा। मोहल्ला समितियों को मिलेगा अधिकार हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी। यह प्रस्ताव इंजीनियरों और पार्षदों की मदद से निगम अथवा जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया से विकास की योजना अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी बनेगी।   विकास निधियों की राशि सांसद निधि: 5 करोड़ रुपये विधायक निधि: 3.25 करोड़ रुपये महापौर निधि: 5 करोड़ रुपये नगर निगम अध्यक्ष निधि: 2 करोड़ रुपये पार्षद निधि: 25 लाख रुपये  

जल गंगा संवर्धन अभियान में मनरेगा से किये जा रहे हैं जल संरक्षण के कार्य

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान अभियान को मजबूती देने एवं प्रकृति, पर्यावरण व जल संरक्षण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार मिशन के रूप में कार्य कर रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान जारी है। अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा योजना के तहत प्रदेश के 1 लाख कुओं को बारिश के पानी से रिचार्ज करने का लक्ष्य तय किया है। कुओं के पास कूप रिचार्ज पिट (डगवेल रिचार्ज विधि) बनाये जा रहे हैं। कूप रिचार्ज पिट को बनवाने में प्रदेश के कृषकों ने भी जागरूकता दिखाई है। कुओं के रिचार्ज होने से भू-जलस्तर बढ़ेगा, साथ ही कृषकों को सिंचाई व पीने के लिए पर्याप्त पानी भी उपलब्ध होगा। 1 लाख 3 हजार कुओं को रिजार्च करने का रखा गया है लक्ष्य, 75 हजार से अधिक में काम शुरू जल गंगा संवर्धन अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश में 1 लाख 3 हजार कुओं को रिचार्ज करने का लक्ष्य तय किया है। इसमें से 75 हजार से अधिक कुओं के पास कूप रिचार्ज पिट बनाने का कार्य शुरू हो गया है। खंडवा जिले में कूप रिचार्ज पिट बनाने को लेकर दिए गए लक्ष्य से अधिक का निर्माण कर दिया गया है। कूप रिचार्ज पिट बन जाने से भू-जल स्तर में वृद्धि होगी। साथ ही गर्मियों में कुओं के सूखने की संभावना भी कम हो जाएगी। कूप रिचार्ज पिट बनाने की विधि कूप रिचार्ज पिट बनाने के लिए एक खास संरचना तैयार की गई है। जिसमें पत्थर और मोटी रेत की परतें होंगी। पिट का निर्माण कुएं से 3 से 6 मीटर की दूरी पर किया जाएगा। इसके लिए 3 मीटर लंबा, 3 मीटर चौड़ा और 8 मीटर गहर गड्‌ढ़ा खोदा जा रहा है। गड्‌ढ़े में 8 इंच का पाइप डालकर इसे कुएं के अंदर डाला जाएगा। फिर कुएं में पाइप के छोर पर एल्बो लगाकर 1 फिट का पाइप नीचे की तरफ लगाया जाएगा। इसके बाद पाइपलाइन के जरिए कुएं तक पहुंचाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। अभियान में बारिश के पानी को सहेजने व पुराने जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार करने का कार्य किया जा रहा है। तीन माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बारिश के पानी का संयचन करने व पुराने जल स्त्रोतों को नया जीवन देने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में खेत-तालाब, कूप रिचार्ज पिट, चैक, डैम, अमृत सरोवर सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।  

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