LATEST NEWS

23 मई 2025 गुरुवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- आज आपको सेहत में सुधार करने का मौका मिलेगा। दूसरों को इंप्रेस करने के लिए जरूरत से ज्यादा खर्चा नहीं करें। ऑफिस में काम का दबाव रहेगा। ज्यादा बिजी होने के कारण जीवनसाथी के साथ संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। आज कोई रिश्तेदार, मित्र या पड़ोसी आज आपके वैवाहिक जीवन में तनाव ला सकता है। आर्थिक रूप से दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। वृषभ राशि- घर पर काम करते समय खास सावधानी बरतें। घरेलू मामलों को संभालते समय किसी भी तरह की लापरवाही न करें। आज आपका पैसा कई चीजों पर खर्च हो सकता है, इसलिए आपको आज बजट की योजना बनाने की जरूरत है। आज किसी काम की नई शुरुआत कर सकते हैं। वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाने के आपके प्रयास आज आपको उम्मीदों से बेहतर रंग दिखाएंगे। मिथुन राशि- आज का दिन आपके लिए खुशी व मौज-मस्ती से भरा रहने वाला है। आज आज धन खर्च करने पर कंट्रोल रखें वरना आपकी आर्थिक स्थिति खराब होगी लेकिन रिश्ते भी मजबूत होंगे। प्यार में सकारात्मक बदलाव होगा। आज आप अपना खाली समय धार्मिक कार्यों में बिताने के बारे में सोच सकते हैं। इस दौरान बेकार के विवादों में न पड़ें। कर्क राशि- आज का दिन आपके लिए खुशियों से भरा रहने वाला है। आपके पास एनर्जी अधिक होगी, जिसका प्रयोग कार्यस्थल पर किसी महत्वपूर्ण टास्क को निपटाने में लगाएं। धन लाभ आपकी उम्मीद के मुताबिक होगा। जीवनसाथी के साथ एक-दूसरे का नजरिया समझकर व्यक्तिगत समस्याएं सुलझाएं। कार्यस्थल पर आपका कोई प्रतिस्पर्धी आज आपके खिलाफ साजिश रच सकता है, इसलिए आपको सतर्क रहने की जरूरत है। सिंह राशि- आज खाली समय में आप अपने मोबाइल पर कोई अच्छी फिल्म या वेब सीरीज देख सकते हैं। जीवनसाथी के साथ आपका दिन बहुत बढ़िया रहने वाला है। शादीशुदा जातकों को आज अपने बच्चों की शिक्षा पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। आज का दिन कार्यस्थल पर अच्छे प्रदर्शन का है। सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए बेहतरीन दिन है। कन्या राशि- आज आपकी एनर्जी हाई रहने वाली है। दिन की शुरुआत में धन की स्थिति में सुधार होगा। आज आपको किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। कार्यस्थल पर कोई नया प्रोजेक्ट हाथ में लें, जो तरक्की के रास्ते खोलेगा। महत्वपूर्ण कार्यों को समय न देना और बेकार की बातों में अपना समय गुजारना आज आपके लिए नुकसान भरा हो सकता है। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ एक अच्छी शाम बिताएंगे। तुला राशि– धन का आज अचानक आगमन होगा, जिससे आपको अपने पेंडिंग बिलों को चुकाने में मदद मिलेगी। व्यापारिक रूप से नए संपर्क बनेंगे। आज आप बिना किसी को बताए घर से बाहर जाकर कुछ समय अकेले बिताएंगे। भले ही आप अकेले होंगे, आपके दिमाग में लाखों बातें चल रही होंगी। यह आपके वैवाहिक जीवन का सबसे अच्छा दिन रहने वाला है। वृश्चिक राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। किसी अप्रत्याशित सोर्स से धन का आगमन होगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। नए प्रोजेक्ट और खर्चों को टालें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में ज्यादा फोकस करने की जरूरत है। आज जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। धनु राशि- आज अपना दिमाग शांत व तनाव फ्री रखें। किसी दीर्घकालिक निवेश से बचें और बाहर जाकर अपने अच्छे दोस्त के साथ कुछ अच्छे पल बिताने की कोशिश करें। आपकी ऊर्जा और जबरदस्त उत्साह पॉजिटिव रिजल्ट लाएंगे और घरेलू तनाव कम करेंगे। आपकी एनर्जी का लेवल हाई रहने वाला है। दूसरों को समझाने की आपकी प्रवृत्ति आपको भरपूर लाभ देगी। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए कुछ खास करेगा। मकर राशि- आज आप दूसरों के साथ खुशी के पल बिताएंगे। सेहत में सुधार होगा। आज आप उचित बचत करने में सफल रहेंगे। करियर की प्लानिंग बनाना महत्वपूर्ण है।आज माता-पिता का साथ मिलेगा। किसी करीबी व्यक्ति की सलाह कारोबार में उन्नति दिला सकती है। परिवार की जरूरतों को पूरा करते-करते आप अक्सर खुद को आराम देना भूल जाते हैं। लेकिन आज आप अपने लिए कुछ समय निकाल पाएंगे। कुंभ राशि- आज आपको नेगेटिव लोगों की संगत से दूर रहना चाहिए और मन में सकारात्मक विचार लाने चाहिए। आने वाले समय के लिए आपको अपने धन का संचय करना होगा और यह भी जानना होगा कि कब और कहां सोच-समझकर खर्च करना है, नहीं तो आने वाले समय में आपको पछताना पड़ सकता है। आज आपका वैवाहिक जीवन मौज-मस्ती और खुशी से भरा रहेगा। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। मीन राशि- आज अपनी बुद्धि के बल पर धन कमाएंगे। दिन के अंत में वित्त में सुधार होगा। कार्यस्थल पर कोई भी विवाद कमेंट करने से बचें, वरना उच्चाधिकारी नाराज हो सकते हैं। किसी खास व्यक्ति से अपनी भावनाओं को साझा कर सकते हैं। अपने बच्चों के लिए समय निकालें। जीवनसाथी के साथ अनबन से बचें। व्यापारी वर्ग को लाभ होगा।

उच्चायोग में काम कर रहे पाक अधिकारी को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश, भारत का PAK पर एक और सख्त एक्शन

नई दिल्ली  भारत सरकार ने नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी को उसके राजनयिक दायित्वों के विपरीत गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के चलते “अवांछनीय व्यक्ति ” घोषित कर दिया है। भारत ने नई दिल्ली स्थित स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में कार्यरत एक अधिकारी को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर दिया है और उससे 24 घंटे में देश छोड़ने के लिए कहा है। भारत ने यह कार्रवाई पाकिस्तानी अधिकारी के अपने कार्यक्षेत्र के इतर अन्य तरह की संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के कारण की है। पहलगाम हमले के बाद से भारत लगातार संदिग्ध पाकिस्तानी अधिकारियों को देश छोड़ने के आदेश जारी कर रहा है। पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी को भारत ने आज इस संबंध में एक डिमार्शे (कूटनीति में दूसरे देश के खिलाफ उठाया गया कदम) जारी किया और उनसे उपरोक्त अधिकारी को 24 घंटे के भीतर देश से बाहर भेजने के लिए कहा गया है। इस संदर्भ में आज पाकिस्तान उच्चायोग के कार्यवाहक उच्चायुक्त को एक कड़ा आधिकारिक विरोध पत्र जारी किया गया। भारत की ओर से स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि पाकिस्तान के कोई भी राजनयिक या अधिकारी भारत में अपने विशेषाधिकारों और दर्जे का किसी भी प्रकार से दुरुपयोग न करें। बता दें कि ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ किसी भी विदेशी राजनयिक को अवांछित घोषित करने की वह स्थिति होती है। जिसके तहत उसे देश छोड़ने का तुरंत आदेश दिया जाता है। इससे पहले 13 मई को भारत ने जासूसी में कथित रूप से संलिप्त होने के कारण एक पाकिस्तानी अधिकारी को निष्कासित कर दिया था। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा की गई एक भयावह घटना में 26 निर्दोष पर्यटकों की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य आतंकी हमले के ठीक अगले दिन, 23 अप्रैल को भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कूटनीतिक कदम उठाए थे। इसके बाद से भारत लगातार संदिग्ध पाकिस्तानी अधिकारियों को देश छोड़ने के आदेश दे रहा है। इन उपायों के तहत नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में कार्यरत अधिकारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 कर दिया गया। इसके अलावा, भारत सरकार ने पाकिस्तानी रक्षा सलाहकारों को देश से निष्कासित करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से सभी रक्षा सलाहकारों को तत्काल प्रभाव से वापस बुला लिया था और वहां कार्यरत राजनयिकों की संख्या में भी कटौती कर दी थी। 

भारतीय राजनयिक ने कहा- पाकिस्तान आज भी जेहादी अंतकवाद का केंद्र बना हुआ है, WHO में PAK कर रहा था चालाकी

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूरी दुनिया में पाकिस्तान की निंदा हो रही है। अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए भारत सरकार लगातार पाकिस्तान को पोल खोलने में जुटी है। इसी बीच भारत ने विश्व स्वाथ्य संगठन के मंच से भी भारत ने पाकिस्तान की क्लास लगा दी। पाकिस्तान आज भी जेहादी अंतकवाद का केंद्र बना हुआ: भारत भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान पर हमला बोलेते हुए कहा कि पाकिस्तान आज भी जेहादी अंतकवाद का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को पालता है। जो देश आतंकवाद को जन्म देता है। वो पीड़ित होने का दिखावा नहीं कर सकता। दरअसल, पाकिस्तान अंततराष्ट्रीय मंचों पर घड़ियाली आंसू बहाता है कि उसका देश आतंकवाद से पीड़ित है। हालांकि, दुनिया जानती है कि आतंकवाद का जन्मदाता है। आतंकियों की कार्रवाई से बौखला उठा पाकिस्तान 22 अप्रैल को पाकिस्तान पोषित आतंकियों ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में 26 निर्दोष लोगों की जान ले ली थी। इस घटना के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। आतंकियों के मारे जाने से पाकिस्तान बौखला उठा। शहबाज सरकार ने भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। 8 और 9 मई की रात को पाकिस्तान की ओर से 400 से ज्यादा ड्रोन दागे गए। हालांकि, भारतीय एअर डिफेंस सिस्टम ने सभी ड्रोन को मार गिराया। इसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी हमलों में पाकिस्तान के कई सैन्य एअर बेस तबाह कर दिए। वहीं, पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया। सैन्य तनाव खत्म होने के बाद भी भारत लगातार पाकिस्तान की पोल खोलने में जुटा है। ‘टीम इंडिया’ खोलेगी पाकिस्तान की पोल वहीं, भारत सरकार ने फैसला किया है कि दुनिया को पाकिस्तान की सच्चाई बताई जाएगी। भारत सरकार ने सभी राजनीतिक दलों से 51 नेताओं और 85 राजदूत, 32 अलग-अलग देशों में 7 डेलिगेशन को भेज रहा है। यह डेलिगेशन दुनिया को बताएगी कि कैसे पाकिस्तान आतंकवाद को पोषित करता है फिर उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल करता है।

पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है, इसे छुपाने के लिए वह अक्सर भारत पर आरोप लगाता रहता है: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर बलूचिस्तान की घटनाओं के संबंध में पाकिस्तान के तमाम आरोपों को खारिज कर दिया। मंत्रालय द्वारा जारी संक्षिप्त बयान में कहा गया है, “खुजदार में हुई घटना में पाकिस्तान भारत पर आरोप लगा रहा है। भारत सरकार इस आधारहीन आरोप का खंडन करती है और इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करती है। पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है, इसे छुपाने के लिए वह अक्सर भारत पर आरोप लगाता रहता है। दुनिया को धोखा देने वाला यह प्रयास असफल होने वाला है।” पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार जिले में एक स्कूल बस को निशाना बनाकर विस्फोट किया गया। इस घटना में तीन बच्चे और दो वयस्क मारे गए हैं और 38 से अधिक घायल हैं। पाकिस्तान ने इस हमले के लिए भारत को दोषी ठहराया है। भारत ने पाकिस्तान के इस आधारहीन आरोप को खारिज कर दिया है। इस घटना की जिम्मेदारी फिलहाल किसी संगठन ने नहीं ली है लेकिन शक बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) पर है, जो पूर्व में भी ऐसी घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में जवाबी कार्रवाई की थी और आतंकवादियों के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और मिसाइलों से हमले के जवाब में भारत ने उसके एयर डिफेंस सिस्टम और 11 एयरबेस तबाह कर दिए। पाकिस्तान अपने बड़े नुकसान को स्वीकार करने की बजाय भारत के मिसाइलों और राफेल विमानों को गिराने की झूठी कहानी अपने लोगों और दुनिया को सुना रहा है। पाकिस्तान की इसी झूठ का पर्दाफाश करने के लिए भारत सरकार ने सांसदों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है जो विदेशों में जाकर सबूत सहित पाकिस्तान को हुए नुकसान को बताएगा और उसकी पोल खोलेगा।

ममता बनर्जी ने यूसुफ की जगह अभिषेक बनर्जी का नाम प्रतिनिधिमंडल के लिए दिया, इस पर शुभेंदु अधिकारी ने कसा तंज

नई दिल्ली “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता से दुनिया के दूसरे देशों को अवगत कराने के लिए भारत सरकार ने पक्ष और विपक्ष सभी दलों के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल बनाया है। केंद्र सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद यूसुफ पठान को भी प्रतिनिधिमंडल में जगह दी थी। ममता बनर्जी ने यूसुफ की जगह अभिषेक बनर्जी का नाम प्रतिनिधिमंडल के लिए दिया है। इसकी भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आलोचना की है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “ममता बनर्जी ने बेहद घृणित कार्य किया है, उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जैसे महत्वपूर्ण अवसर को अपनी तुच्छ राजनीति के लिए चुना। यूसुफ पठान की जगह ममता अपने भतीजे को प्रतिनिधिमंडल में चाहती थी, इसलिए उन्होंने विरोध किया था। राष्ट्रीय हित के मुद्दे पर भी वह अपने भतीजे के लिए सीट सुनिश्चित करने के बारे में चिंतित थीं। उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान की जगह किसी अनुभवी और समझदार व्यक्ति को नामित किया होता तो संदेह का लाभ दिया जा सकता था। लेकिन अफसोस, पश्चिम बंगाल को एक बार फिर वंशवादी अधिकार के बोझ तले दबना पड़ा है। बंगाल ने भाई-भतीजावाद के लिए वोट नहीं दिया। अभिषेक बनर्जी को प्रतिनिधिमंडल में नामित किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट किया गया है। जिसमें लिखा है, “हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैश्विक पहुंच के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने के लिए राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नामित किया है। ऐसे समय में जब दुनिया को आतंकवाद के बढ़ते खतरे का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए, अभिषेक बनर्जी का शामिल होना दृढ़ विश्वास और स्पष्टता दोनों लाता है। उनकी उपस्थिति न केवल आतंकवाद के खिलाफ बंगाल के दृढ़ रुख को दर्शाएगी बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की सामूहिक आवाज को भी मजबूत करेगी।” भारत सरकार द्वारा सभी दलों के सांसदों को मिलाकर बनाए गए प्रतिनिधिमंडल का लक्ष्य विदेशों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को बताने के साथ-साथ पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश करना भी है। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के शशि थरूर और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने एक करोड़ के इनामी समेत 27 नक्सलियों के ढेर होने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताई

नई दिल्ली छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों के एक करोड़ के इनामी समेत 27 नक्सलियों के ढेर किए जाने को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि तीन दशकों में यह पहली बार हुआ है, जब इतना बड़ा नक्सली मारा गया है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नक्सलवाद को खत्म करने की लड़ाई में एक ऐतिहासिक उपलब्धि। आज, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में एक ऑपरेशन में हमारे सुरक्षा बलों ने 27 खूंखार नक्सलियों को ढेर कर दिया है, जिनमें सीपीआई-माओवादी का महासचिव शीर्ष नेता और नक्सल आंदोलन की रीढ़, नम्बाला केशव राव उर्फ ​​बसवराजू भी शामिल है। नक्सलवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के तीन दशकों में यह पहली बार है कि किसी महासचिव स्तर के नेता को हमारी सेना ने मार गिराया है। मैं इस बड़ी सफलता के लिए हमारे बहादुर सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सराहना करता हूं।” उन्होंने आगे लिखा, “मुझे यह बताते हुए भी खुशी हो रही है कि ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 54 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 84 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। मोदी सरकार 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध है।” वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जारी है विजय का शंखनाद, खत्म हो रहा नक्सलवाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्च 2026 तक देश-प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हुए सुरक्षाबल के जवान निरंतर सफलता हासिल कर लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नारायणपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी यूनिट के द्वारा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अनेक चुनौतियों के बावजूद, वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ इस निर्णायक अभियान को पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प के साथ पूरा किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि अब तक 27 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें कुख्यात नक्सल लीडर नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू के खात्मे की भी पुष्टि हुई है।” उन्होंने आगे लिखा, “जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है, उनकी वीरता को नमन करता हूं। ऑपरेशन के दौरान डीआरजी के एक जवान के वीरगति को प्राप्त होने और कुछ जवानों के घायल होने की दु:खद सूचना प्राप्त हुई है। घायल जवानों के त्वरित इलाज के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से शहीद जवान की आत्मा की शांति और घायल जवानों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” बता दें कि सुरक्षाबलों ने बुधवार को नारायणपुर-बीजापुर-दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में मुठभेड़ में 27 नक्सलियों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक करोड़ के इनामी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को भी मार गिराया।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से भारत ने दिया करारा जवाब, पाक प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया हो एकजुट : राघव चड्ढा

सियोल/नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने सियोल में आयोजित प्रतिष्ठित ‘एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस- 2025’ में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बोलते हुए कहा कि भारत अब आतंकवादी हमलों पर केवल दुख व्यक्त नहीं करता, बल्कि अब वह सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई के जरिए जवाब भी देता है, जैसा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में किया गया। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में चोसुन मीडिया और सेंटर फॉर एशिया लीडरशिप के सहयोग से आयोजित ‘पूर्व का दावोस’ नाम से मशहूर प्रतिष्ठित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस (एएलसी 2025) में सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए यह स्पष्ट कर दिया कि अगर हमारे देश की शांति से खिलवाड़ किया गया, तो हम आतंक के ढांचे को जमींदोज कर देंगे, चाहे वो देश की सीमा के भीतर हों या बाहर।” सांसद राघव चड्ढा ने दुनिया के सामने भारत की नई रणनीति पर बोलते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया कि भारत अब एक नई सैन्य और कूटनीतिक नीति के तहत काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम केवल आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया नहीं करते, बल्कि अब हम आतंक के मूल ढांचे को जड़ से खत्म करते हैं।” सांसद राघव चड्ढा ने आगे कहा, ”भारत अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की भूमि से आता है, लेकिन साथ ही इस भूमि पर भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारी भी पैदा हुए हैं। हम शांति में विश्वास करते हैं, लेकिन आतंकवाद का समर्थन करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।” सियोल में आयोजित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने भारत की तरफ से एक निर्णायक, आत्मनिर्भर और रणनीतिक रूप से मजबूत राष्ट्र की छवि को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मंच से एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत एक निर्णायक और दृढ़ राष्ट्र के रूप में उभरा है और यह बताया है कि हम आतंकवाद, आतंकी ढांचे और दुष्ट राष्ट्रों के साथ कैसे निपटते हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रूप में भारत सरकार और हमारी भारतीय सेना ने यह साफ कर दिया कि हम शांति के पक्षधर हैं, लेकिन अगर कोई हमारे देश की शांति को भंग करता है और हमारे लोगों को नुकसान पहुंचाता है, तो हम आतंकी ढांचे को बख्शेंगे नहीं, चाहे वह कहीं भी हो। नतीजतन, सीमा पार आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए सटीक सैन्य कार्रवाई की गई। राघव चड्ढा ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करता है। उन्होंने कहा, “आज का भारत वह नहीं है जो हमलों को चुपचाप सह लेता था। हम अब हमला सहते नहीं, बल्कि सीमा पार जाकर आतंक के ठिकानों को खत्म करते हैं। भारत अब आतंक के खिलाफ सिर्फ कूटनीतिक बयान नहीं देता, बल्कि जमीन पर कार्रवाई करता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। भारत अब न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा करता है, बल्कि दुनिया को भी आतंक मुक्त बनाने में अपना योगदान देने को तैयार है।” इस बार की एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोंपियो, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट, नेटफ्लिक्स के सीईओ रीड हेस्टिंग्स, ब्लैकस्टोन के सीईओ स्टीव श्वार्जमैन और हार्वर्ड सेंटर फॉर पब्लिक लीडरशिप के डीन विलियम्स जैसे ग्लोबल लीडर्स के साथ मंच साझा किया।

सॉलिसिटर जनरल ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा- ट्रस्ट की जमीन को सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है

नई दिल्ली वक्फ कानून में संसद द्वारा किए गए हालिया संशोधनों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बुधवार को सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि ट्रस्ट की जमीन को सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है। तुषार मेहता ने कहा, वक्फ कानून 2013 के संशोधन से पहले अधिनियम के सभी संस्करणों में कहा गया था कि केवल मुसलमान ही अपनी संपत्ति वक्फ कर सकते हैं। लेकिन 2013 के आम चुनाव से ठीक पहले एक संशोधन किया गया था, जिसके मुताबिक कोई भी अपनी संपत्ति वक्फ कर सकता है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा, “वक्फ का अर्थ है कि उपयोग के अनुसार संपत्ति किसी और की है। आपने निरंतर उपयोग करके अधिकार अर्जित किया है। इसलिए जरूरी है कि निजी/सरकारी संपत्ति का उपयोग लंबे समय तक किया जाए। अगर कोई इमारत है जो सरकारी संपत्ति हो सकती है, तो क्या सरकार यह जांच नहीं कर सकती कि संपत्ति सरकार की है या नहीं? इसका प्रावधान 3(सी) में है। ट्रस्ट की जमीन सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने वालों का कहना है कि वक्फ प्रॉपर्टी के विवाद की स्थिति में सरकार अपना ही मामला खुद ही सुनवाई कर तय करेगी।” इस पर तुषार मेहता ने कहा, “राजस्व अधिकारी तय करते हैं कि यह सरकारी भूमि है या नहीं, लेकिन यह केवल राजस्व रिकॉर्ड के उद्देश्य से है। वह विवाद तय नहीं कर सकते। उनका निर्णय अंतिम नहीं है। उनकी जांच पर कलेक्टर निर्णय लेंगे, जबकि यहां उठाई गई आपत्ति यह है कि कलेक्टर अपने मामले में न्यायाधीश होंगे। इसलिए जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) ने सुझाव दिया कि कलेक्टर के अलावा किसी और को इसमें नामित अधिकारी बनाया जाए।” सॉलिसिटर जनरल ने कहा, “उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ का मतलब अनिवार्य रूप से यह है कि आप किसी और की संपत्ति का भी उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को यह क्यों नहीं जांचना चाहिए कि संपत्ति सरकार की है या नहीं। परामर्श के दौरान आपत्ति उठाई गई थी कि कलेक्टर को यह निर्धारित करने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए कि भूमि सरकारी भूमि है या नहीं, इसके लिए हमने नामित अधिकारी को बदल दिया।” उन्होंने अदालत में दावा किया कि वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में झूठी और काल्पनिक कहानी गढ़ी जा रही है कि उन्हें दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे या वक्फ पर सामूहिक कब्जा कर लिया जाएगा। वक्फ कोई मौलिक अधिकार नहीं है और इसे कानून द्वारा मान्यता दी गई है। एक फैसले के मुताबिक, अगर कोई अधिकार कानून के तहत प्रदान किया जाता है, तो उसे कानून के तहत लिया भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि वक्फ एक इस्लामी अवधारणा है, लेकिन यह इस्लाम का एक अनिवार्य अंग नहीं है। दान हर धर्म का हिस्सा है और यह ईसाई के लिए भी हो सकता है। हिंदुओं में दान की एक प्रणाली है। सिखों में भी यह मौजूद है। इस्लाम में वक्फ कुछ और नहीं बल्कि दान है। वक्फ बोर्ड केवल धर्मनिरपेक्ष कार्य करता है – वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करना, हिसाब-किताब सही रखना, खातों का ऑडिट रखना आदि। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वक्फ बोर्ड में अधिकतम दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति से कोई बदलाव नहीं आएगा। ये लोग किसी भी धार्मिक गतिविधि को प्रभावित नहीं करते। हिंदू बंदोबस्ती आयुक्त मंदिर के अंदर जा सकते हैं, मंदिरों में पुजारी का निर्णय भी राज्य सरकार कर रही है, यहां वक्फ बोर्ड धार्मिक गतिविधि में बिल्कुल दखल नहीं देता है। धर्म में धर्मनिरपेक्ष प्रथाओं को नियंत्रित करने की शक्ति होती है। संपत्ति का प्रशासन कानून के अनुसार ही होना चाहिए।

कार्य में लाये तेजी, प्रचार-प्रसार पर करे फोकस : खाद्य मंत्री श्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने घरों में पाइप लाइन के माध्यम से पी.एन.जी. और सी.एन. जी कार्य में तेजी लाने के निर्देश क्रियान्वयन कंपनियों को दिये। मंत्री श्री राजपूत मंत्रालय में प्रदेश के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कार्य की समीक्षा कर रहे थे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कंपनियों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश क्रियान्वयन कंपनी को दिये है। मंत्री श्री राजपूत ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के तहत जिलों में कार्य करने वाली कंपनियों को समझाइश देते हुए कहा कि गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिये पर्यावरण के क्षेत्र में क्रांति लाने का कार्य प्रदेश में होने जा रहा है । सभी कंपनियां इसमें भागीदार है, पर आम-जन के बीच सी.एन.जी. और पी.एन.जी. गैस के लाभ की जानकारी नहीं होने के कारण आम-जन का रुझान इस ओर नहीं बढ़ पा रहा है। मंत्री श्री राजपूत ने कंपनियों को प्रचार-प्रसार में फोकस करने का निर्देश देते हुए कहा कि कंपनियों को विभिन्न प्रकार की परमिशन के लिये सुविधा के लिए सिंगल विंडो प्रणाली विकसित कर दी जायेगी, जिससे किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। पाइप लाइन नेटवर्क बिछाने में जनता परेशान न हो समीक्षा बैठक के दौरान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में कार्य कर रही कंपनियों द्वारा पाइपा लाइन बिछाने के बाद रेस्टोरेशन का कार्य अधूरा छोड़ देने की ओर कंपनियों का ध्यान दिलाते हुए मंत्री श्री राजपूत ने नसीहत दी की सरकार की तरफ से कंपनियों को हर प्रकार का सहयोग दिया जायेगा पर कंपनियां पाइप लाइन बिछाने के बाद रेस्टोरेशन का कार्य समय पर पूरा करे इससे जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो सके और समय पर सुविधा मिल सके। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति अपर मुख्य सचिव, श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने भी कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्कमें कार्य कर रही कंपनियों को धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी चिंता जता चुके है। आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा ने सभी कम्पनियों को हर महीने का लक्ष्य तय कर कार्य करने और प्रगति की जानकारी से खाद्य विभाग को अवगत कराने के निर्देश दिये। दो साल में बिछ जायेगा गैस नेटवर्क का जाल समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि लक्ष्य के आधार पर मध्यप्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क 55 जिलों के 25 भौगोलिक क्षेत्र में निर्धारित किया गया है, तथा 60 लाख उपभोक्ताओं तक पी.एन.जी.गैस कनेक्शन का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं 1207 सी.एन. जी. स्टेशन बनाये जायेंगे। इस लक्ष्य के सापेक्ष 3.19 लाख उपभोक्ताओं को पाइप लाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति की जा रही है जबकि 378 सी.एन.जी. स्टेशन तैयार कर दिये गये है। बैठक के दौरान गेल गैस नेटवर्क, अवंतिका गैस लिमिटेड, थिंक गैस, इंडिया आयल कॉर्पोरेशन, गुजरात गैस लिमिटेड, अडानी गैस लिमिटेड, राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड और मेघा गैस के अधिकारियों ने 2 साल में 90 प्रतिशत से अधिक पाइप लाइन नेटवर्क बिछाने का भरोसा दिया है।  

राजगढ जिला ओवर-ऑल 81.60 अंकों के साथ जल संवर्धन कार्यों में प्रथम

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के प्रदेश में सर्वाधिक निर्माण पूरा करने पर राजगढ़ जिले को अब तक 100 में से 81.60 अंक प्राप्त हुए हैं। जिला अब तक प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले में अमृत सरोवर लक्ष्य से अधिक और प्रदेश में सर्वाधिक कार्य प्रारंभ कराए गए हैं। इसी तरह जिला खेत तालाब भी लक्ष्य से अधिक प्रारंभ कराने में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इस तरह जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए My Bharat पोर्टल पर युवाओं का रजिस्ट्रेशन भी राजगढ़ ने लक्ष्य 5,400 से अधिक 10,186 से अधिक रजिस्ट्रेशन कराए हैं। राजगढ़ कलेक्‍टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जिले में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे जल संवर्धन के कार्यो में मनरेगा योजना में कुल 18 अमृत सरोवर तालाब निर्माण का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुआ है। लक्ष्य अनुसार सभी 19 तालाबों के लिए स्थल चयन SIPRI ऐप से किया जाकर भारत सरकार के अमृत सरोवर पोर्टल पर उसकी प्रविष्टि कराई जा चुकी है। इन सभी अमृत सरोवरों का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 1866 खेत तालाब के लक्ष्य से अधिक 1989 खेत तालाबों के स्थल चयन एसआईपीआरआई मोबाइल ऐप से फायनल कर निर्माण प्रारंभ किये जा चुके हैं। जिला खेत तालाब कार्य प्रारंभ करने में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 3,500 कूप रिचार्ज निर्माण के लक्ष्य से अधिक 3600 कूपों का चयन कर 3165 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इसकैटेगरी में भी प्रदेश स्तर पर हो रही रैंकिंग में 20 में से अब तक 18 अंक प्राप्त हुए हैं। बोरी बंधान से 12 घंटे में मुड़ना नदी हुई लबालब शहडोल में सोहागपुर के जोधपुर गांव से बहने वाली मुड़ना नदी की जलधारा सूख सी गई थी। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्मशान घाट के पास पहले से निर्मित स्टॉप-डैम में जन-अभियान परिषद की जोधपुर समिति और ग्राम पंचायत ने इसी स्टॉप-डैम में बोरी बंधान का निर्माण किया। श्रमदानसे हुए बोरी बंधान से धीरे-धीरे मुड़ना नदी के बहाव क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने लगा। श्रमदान दिवस के बाद की सुबह नदी को लबालब देख गांव के पशु-पक्षियों तक में खुशी की लहर दौड़ गई। अब नदी में पेयजल के साथ ही सबके लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो गया है। देवास का मीठा तालाब हुआ साफ देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने के लिए 30 जून 2025 तक ये अभियान जारी रहेगा। जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में नगर निगम देवास के राजोदा स्थित मीठा तालाब की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। तालाब के किनारे पौधारोपण भी किया गया। भंडारी नदी में बोरी बंधान से ग्रीष्म ऋतु में भी पर्याप्त जल भराव जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत उमरिया जिले की नगर परिषद मानपुर में भंडारी नदी में बोरी बंधान किया गया। बोरी बंधान से नदी में जल संग्रह की क्षमता बढ़ गई है और पर्याप्त मात्रा में पानी रुकने लगा है। बोरी बंधान से नदीं में सहरेजे गए पानी का उपयोग पशु पक्षियों के साथ आम जन भी कर सकेंगे।  

नहर निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने मोटरवे बाईपास सड़क को अवरुद्ध कर दिया, हालात तनावपूर्ण

सिंध पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नहर विरोधी प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज और कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। सिंध के नौशहरो फिरोज जिले के मोरो शहर में प्रस्तावित नहर निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने मोटरवे बाईपास सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने यातायात बहाल करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर बल का इस्तेमाल किया। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान गोली चली, जिससे प्रदर्शन और अधिक उग्र हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और स्थानीय प्रशासन हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंधी राष्ट्रवादी संगठन ‘सिंध सभा’ ने हैदराबाद प्रेस क्लब के पास एक बैठक रखी थी लेकिन भारी सुरक्षा और सड़कों पर लगे बैरिकेड्स की वजह से यह बैठक नहीं हो सकी। पुलिस ने कई लोगों को पकड़ा और सिंध सभा के कुछ नेताओं को कॉन्फ्रेंस हॉल में ही रोक लिया गया। बाद में संगठन ने बताया कि वकीलों की एक टीम ने बीच में आकर मदद की और उनके नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सिंध सभा काफी समय से सिंधी राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के जबरन गायब होने के खिलाफ आवाज उठा रही है। यह सम्मेलन “आइए मिलकर अपनी धरती सिंध को बचाने के लिए कदम उठाएं” विषय पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का मकसद शरीफ सरकार द्वारा सिंध के प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल के खिलाफ मिलकर कोई योजना बनाना था। इसके लिए अलग-अलग राष्ट्रवादी पार्टियों को एक जगह इकट्ठा किया गया था। स्थानीय मीडिया डॉन के मुताबिक, अशफाक मलिक के नेतृत्व में सिंध सभा पार्टी के करीब पचास कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम किया। वे कॉरपोरेट खेती और चोलिस्तान परियोजना के तहत नहरें बनाने का विरोध कर रहे थे। 15 फरवरी को शुरू की गई चोलिस्तान सिंचाई योजना से सिंध में लोग नाराज हैं। वहां के लोगों को डर है कि इस योजना के तहत सिंधु नदी का कीमती पानी मोड़कर दक्षिण पंजाब की खेती के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। मार्च में सिंध विधानसभा ने इस योजना का विरोध करते हुए एकमत से प्रस्ताव पास किया था। यह प्रस्ताव लोगों की लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय चिंताओं को दिखाता है। पिछले कुछ महीनों में पीपीपी समेत सत्ताधारी गठबंधन के कई राजनीतिक दलों ने इस योजना को रद्द करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किए हैं। कई लोगों का मानना है कि केंद्र सरकार सिंध के पानी के हक को नजरअंदाज कर रही है, जिस वजह से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक विवाद बढ़ गया है, जिससे हालात और मुश्किल हो गए हैं। इस हमले में चार आतंकवादियों ने 26 निर्दोष लोगों को मार डाला था। इसके बाद, भारत ने पाकिस्तान द्वारा समर्थन प्राप्त सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया के तौर पर सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को रोक दिया था। बढ़ते दबाव के बीच, शरीफ सरकार ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह तब तक नहरों का निर्माण रोकेगी, जब तक सामान्य हितों की परिषद के माध्यम से सभी पक्षों की सहमति नहीं बन जाती। सिंध के वकीलों ने चोलिस्तान परियोजना को पूरी तरह रद्द करने की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखा है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, वे धरना खत्म नहीं करेंगे।

हर ईंट में लोक कल्याण की सोच : सड़कें बनीं सामाजिक और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला

भोपाल मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास का स्वरूप अब केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के मूलमंत्र के साथ सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितकारी अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। राज्य का विशाल सड़क नेटवर्क प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के अधीन 80,775 किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क है। इसमें 9,315 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, 11,389 किमी राज्य राजमार्ग, 25,639 किमी मुख्य जिला मार्ग और 34,432 किमी अन्य जिला मार्ग शामिल हैं। यह नेटवर्क प्रदेश के ग्रामीण, शहरी, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य कर रहा है। विगत एक वर्ष में हुआ अभूतपूर्व निर्माण कार्य विगत एक वर्ष से अधिक लगभग 14 महीनों में 6,400 करोड़ रुपये की लागत से 5,500 किमी सड़कों का निर्माण एवं सशक्तिकरण, 345 करोड़ रुपये से 1,500 किमी का डामरीकरण तथा 2,000 करोड़ रुपये से 110 पुलों और एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 22,500 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 किमी सड़कों और 10,463 करोड़ रुपये से 474 पुलों एवं फ्लाईओवर पर निर्माण कार्य जारी है। शहरी विकास और बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में 6 प्रमुख कॉरिडोर परियोजनाएं – नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ कॉरिडोर, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड कॉरिडोर और मध्य भारत विकास पथ प्रारंभ की गई हैं। ये पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ेंगी। राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण और नया समझौता प्रदेश के लगभग सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को 4 लेन में परिवर्तित करने की योजना में अब तक 4,740 किमी मार्गों को 4 लेन में बदला जा चुका है। शेष 3,050 किमी पर कार्य जारी है। मध्यप्रदेश शासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से 4,010 किमी लंबाई की 22 नई सड़क परियोजनाओं हेतु ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इसमें इंदौर-भोपाल, भोपाल-जबलपुर हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, लखनऊ-रायपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-ग्वालियर, उज्जैन-झालावाड़, सतना-चित्रकूट और रीवा-सीधी जैसे महत्त्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। महाकुंभ-2028 और रोपवे परियोजनाएं उज्जैन महाकुंभ-2028 को ध्यान में रखते हुए इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6 लेन में चौड़ीकरण तथा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का कार्य तेज़ी से चल रहा है। यह प्रदेश का पहला पूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे होगा।साथ ही उज्जैन के महाकाल मंदिर, सागर के नट निकेतन, जबलपुर के गुरुद्वारा और बलदेव बाग में रोपवे परियोजनाएं भी भारत सरकार के सहयोग से प्रारंभ की गई हैं। तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता नियंत्रण गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन, व्हाइट टॉपिंग और माइक्रो सर्फेसिंग जैसी नवीन तकनीकों को अपनाया गया है। निरीक्षण प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली, गुप्त कोडिंग और सैंपलिंग प्रक्रिया लागू की गई है। पिछले 2 महीनों में 21 जिलों में 104 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें दोषियों पर कार्रवाई की गई और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। डिजिटल समाधान: लोकपथ ऐप और निगरानी तंत्र लोक निर्माण विभाग ने तकनीकी उन्नयन के तहत “लोक पथ” मोबाइल ऐप, सार्थक ऐप, इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम और पीएम गति शक्ति पोर्टल को लागू कर निगरानी और शिकायत निवारण प्रक्रिया को सशक्त किया है। गौरतलब है कि लोकपथ ऐप का उल्लेख ‘कौन बनेगा करोड़पति’ जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भी हुआ है। मानव संसाधन विकास और नीति निर्माण प्रदेश के 1,750 इंजीनियरों का कौशल विश्लेषण कर उनके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। साथ ही दीर्घकालिक रोड नेटवर्क मास्टर प्लान एवं रोड सेक्टर पॉलिसी का निर्माण भी प्रगति पर है। हरियाली और जल संरक्षण की दिशा में पहल पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वृक्षों को काटने की बजाय स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘ग्राउंड वॉटर रिचार्ज बोर’ और ‘लोक कल्याण सरोवर’ जैसी योजनाएं जल संरक्षण के उद्देश्य से लागू की गई हैं। प्रदेश नवाचार की नींव पर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर प्रदेश में अधोसंरचना विकास अब केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का आधार बन गया है। “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के ध्येय वाक्य को साकार करते हुए लोक निर्माण विभाग प्रदेशवासियों को बेहतर भविष्य की ओर ले जा रहा है।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का करेंगे उद्घाटन

भोपाल भोपाल मंडल के अंतर्गत आने वाले नर्मदापुरम एवं शाजापुर रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत नए स्वरूप में विकसित किया गया है। यह दोनों स्टेशन अब आधुनिक यात्री सुविधाओं, स्थानीय सांस्कृतिक पहचान और भव्य संरचनाओं के साथ अपनी नई पहचान के लिए तैयार हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मई 2025 को इन स्टेशनों का लोकार्पण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। भारतीय रेल को देश की जीवन रेखा माना जाता है, और रेलवे स्टेशन किसी भी शहर की पहचान का केंद्र होते हैं। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने 1300 से अधिक स्टेशनों के पुनर्विकास का महत्त्वाकांक्षी कार्य प्रारंभ किया है। यह विकास केवल संरचनात्मक परिवर्तन नहीं है, बल्कि एक ऐसी पहल है जो स्टेशन को यात्रियों के लिए सुगम, सुसज्जित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन – माँ नर्मदा की सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित ₹26 करोड़ से अधिक की लागत से पुनर्विकसित नर्मदापुरम स्टेशन को स्थानीय संस्कृति और ‘नर्मदा थीम’ पर आधारित डिज़ाइन में ढाला गया है। स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, नवनिर्मित प्रतीक्षालय, मॉर्डन टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप व शौचालय, 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज तथा दोनों ओर उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म पर विस्तृत शेड्स की व्यवस्था की गई है। साथ ही, यात्रियों के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया तथा 1000 वर्गमीटर में आधुनिक LED लाइटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह स्टेशन अब न केवल यात्रियों के लिए एक सुविधाजनक केंद्र बनेगा, बल्कि माँ नर्मदा की पुण्यभूमि पर आधुनिकता और आस्था का संगम भी प्रस्तुत करेगा। शाजापुर रेलवे स्टेशन – आधुनिकता और परंपरा का संगम शाजापुर रेलवे स्टेशन को ₹13 करोड़ की लागत से आधुनिक रूप में विकसित किया गया है। यहां प्लेटफॉर्मों का उच्चीकरण, विस्तृत छायादार क्षेत्र, नया फुट ओवर ब्रिज, सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, आकर्षक प्रवेश द्वार और सुव्यवस्थित प्रतीक्षालय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं। स्टेशन के फासाद को सांस्कृतिक रूप प्रदान किया गया है, जिसमें शाजापुर की स्थानीय परंपराओं की झलक स्पष्ट है। साथ ही, पुरुष व महिला शौचालयों के अतिरिक्त दिव्यांगजन के लिए विशेष सुविधाएं, द्वितीय श्रेणी वेटिंग हॉल, VIP प्रतीक्षालय और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था भी की गई है। 140 वर्ग मीटर में फैला ‘आर्ट एंड कल्चर ज़ोन’ विशेष रूप से यात्रियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो शाजापुर की सांस्कृतिक विविधता को सजीव रूप में दर्शाता है। यह स्टेशन अब जिले की सामाजिक और आर्थिक पहचान को एक नया आयाम देने के लिए तैयार है। भोपाल मंडल रेल प्रशासन द्वारा इन दोनों स्टेशनों के पुनर्विकास को स्थानीय आवश्यकताओं और राष्ट्रीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए अंजाम दिया गया है। यह पहल भारतीय रेलवे की ‘अमृत काल’ में यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- मध्यप्रदेश देश का दिल है, इसकी धड़कनों में प्रदेश की आहट होना चाहिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल है, और देश की धड़कनों में मध्यप्रदेश की आहट होना चाहिए। यह प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, योग्यता और दक्षता से ही संभव है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा वर्ष 2024 में प्रदेश के 60 युवाओं का चयन मध्यप्रदेश की क्षमता को दर्शाता है। प्रदेश के यह युवा, देश की अलग-अलग सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और पूरा देश हमारे प्रदेश के प्रभाव का अनुभव करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में चयनित प्रतिभागियों के सम्मान तथा उनसे संवाद के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी चयनित प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह तथा भारतीय ज्ञान परम्परा पुस्तक की प्रति भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल का लोकार्पण भी किया। उन्होंने पुस्तिका “मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम” का विमोचन किया। इस अवसर पर ई-ज्ञानसेतु और चयनित प्रतिभागियों पर वृत चित्र का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक श्री अशोक कड़ेल, प्रतिभागी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश को एक स्वस्थ्य लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की ही देन है कि जमीन से जुड़े व्यक्ति को भी देश-प्रदेश का नेतृत्व करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। यह भी गर्व का विषय है कि सिविल सेवा में चयनित अधिकांश युवाओं ने शासकीय स्कूलों से पढ़ाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता संग्राम में श्रद्धेय नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वासियों की योग्यता को सिद्ध करने के लिए ही उन्होंने आईसीएस की परीक्षा दी और उसमें सफलता प्राप्त कर अंग्रेजों का घमंड तोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की न्यायप्रियता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के उद्धरण देते हुए अभ्यर्थियों से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में जनसामान्य के प्रति संवेदनशील, जनकल्याण के लिए सक्रिय और लोकहित के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने का आहृवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन कल्याण और देश का विकास लोक सेवा का मुख्य उद्देश्य है। चयनित अभ्यर्थी अपनी कार्यकुशलता और निपुणता के साथ परिश्रम करेंगे तो उनके कार्यों और भावनाओं की सुगंध चंदन की तरह वातावरण में फैलेगी। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में प्रदेश के युवाओं का चयन प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। आप सबके सहयोग से प्रदेश के सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सिविल सेवा परीक्षा के लिए कोचिंग की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष प्रयास कर रहा है। इस वर्ष शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों का चयन हुआ है, जो दर्शाता है कि न केवल स्कूल शिक्षा अपितु उच्च शिक्षा का भी ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से विस्तार हुआ है। अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 1009 अभ्यर्थियों में से 60 मध्यप्रदेश से हैं। अभ्यर्थियों की इस सफलता से प्रदेश के सभी युवा प्रेरणा ले सकें, इस उद्देश्य से कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में किया जा रहा है। कार्यक्रम में मंदसौर के श्री ऋषभ चौधरी और बालाघाट की फरखंदा कुरैशी ने सिविल सेवा चयन परीक्षा में अपने अनुभव साझा किए।

लोक निर्माण मंत्री ने की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, औचक निरीक्षण रिपोर्ट्स और वर्षा पूर्व तैयारियों की समीक्षा

भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण परियोजनाओं, 20 मई को हुए औचक निरीक्षणों और वर्षा पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में 20 मई को आयोजित औचक निरीक्षण व्यवस्था के अंतर्गत 7 मुख्य अभियंताओं के दलों से प्रदेश के 7 जिलों में किए गए कुल 35 निर्माण कार्यों के निरीक्षण प्रतिवेदनों पर चर्चा की गई। मंत्री श्री सिंह ने निरीक्षण व्यवस्था को विभागीय पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण की दिशा में एक सशक्त पहल बताया। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर विशेष ध्यान बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए श्री राकेश सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से वन विभागीय अनुमतियों और भू-अर्जन से जुड़ी समस्याओं को समय रहते हल करने हेतु ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए। NHAI सड़कों को लोकपथ मोबाइल ऐप से जोड़ने की पहल बैठक में लोकपथ मोबाइल ऐप की कार्यप्रणाली पर भी विचार हुआ। मंत्री श्री सिंह ने निर्देशित किया कि एनएचएआई के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों को भी लोकपथ मोबाइल ऐप से जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जाएं। वर्तमान में ऐप पर केवल लोक निर्माण विभाग की सड़कों का डेटा उपलब्ध है। यह पहली बार होगा जब अन्य एजेंसियों की सड़कों को भी इस पोर्टल से जोड़ा जाएगा। वर्षा पूर्व सड़क रखरखाव की समयबद्ध समीक्षा मंत्री श्री राकेश सिंह ने सभी सड़कों के प्रिवेंटिव मेंटेनेंस कार्यों को 15 जून से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के अंतर्गत आने वाली सड़कों के ठेकेदारों को लिखित में मेंटेनेंस कार्यों हेतु निर्देशित करने की बात कही।  500 लोक कल्याण सरोवरों के निर्माण का संकल्प बैठक में मंत्री श्री सिंह ने पर्यावरणीय उत्तरदायित्वों की चर्चा करते हुए कहा कि इस मानसून पूर्व 500 लोक कल्याण सरोवरों के निर्माण के प्रयास किए जाएं। इन सरोवरों का निर्माण नियोजित खनन के माध्यम से किया जाएगा, जिनमें फेंसिंग, वृक्षारोपण और चेतावनी संकेतक अनिवार्य होंगे। मंत्री ने कहा कि यह सरोवर वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण में सहायक होंगे। एलिवेटेड कॉरिडोर से वर्षा जल पुनर्भरण की योजना मंत्री श्री राकेश सिंह ने जबलपुर में निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर के उदाहरण का हवाला देते हुए सभी फ्लाईओवर्स और एलिवेटेड संरचनाओं में वर्षा जल निकासी को रिचार्ज बोर से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी फ्लाईओवर्स से संभावित भूजल पुनर्भरण की गणना की जाए। जुलाई में वृहद वृक्षारोपण अभियान एवं ट्री-शिफ्टिंग की तैयारी मंत्री श्री सिंह ने आगामी जुलाई माह में विभागीय अभियंताओं और ठेकेदारों की सहभागिता से वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। यह वृक्षारोपण रिक्त भूमि क्षेत्रों में किया जाएगा, जिसके लिए जिओ-टैगिंग सुविधायुक्त विशेष पोर्टल तैयार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने ट्री-शिफ्टिंग की संभावनाओं को चिन्हित कर इस वर्षा काल में इसे प्रारंभ करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि नई एसओआर दरों में अब ट्री-शिफ्टिंग को औपचारिक प्रक्रिया के तहत अनुमति मिल गई है।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login