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अब चाइना की नई चाल, CPEC का विस्तार होगा अफगानिस्तान तक

बीजिंग/इस्लामाबाद चीन ने भारत के साथ तालिबान की बढ़ती करीबी को देखते हुए पाकिस्तान के साथ मिलकर नया दांव चला है। बीजिंग में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ हुई मीटिंग के बाद चीन ने ऐलान किया है कि अब चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर का विस्तार अफगानिस्तान तक किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि पाकिस्तान के साथ भी अफगानिस्तान के रिश्तों को सुधारा जा सके। इसके अलावा अफगानिस्तान को भारत से दूर करने की कोशिश की जाए, जो आमतौर पर पाकिस्तान से दूरी बनाकर चलता रहा है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तालिबान के काबिज होने के बाद उम्मीद रखी थी कि उसका दखल बढ़ेगा, लेकिन तालिबान के राज में उसे झटका ही लगा है। ऐसे में अब चीन ने कमान संभाली है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ अफगानिस्तानी समकक्ष आमिर खान मुत्ताकी की मीटिंग थी। इस दौरान तय हुआ कि CPEC का विस्तार अफगानिस्तान तक होगा। इसके अलावा अब तीनों देशों की अगली मीटिंग भी अफगानिस्तान में ही करने का फैसला लिया गया है। तीन दिन के चीन दौरे पर गए पाकिस्तान के नेता ने इस दौरान भारत की ओर से चले ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी चीन को जानकारी दी। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए गए। भारतीय सेना का कहना है कि इस ऐक्शन में करीब 100 आतंकी मारे गए हैं। इशाक अहमद डार ने चीन और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ तस्वीर साझा की है। इसके साथ ही लिखा कि चीन, अफगानिस्तान और पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास के लिए साथ खड़े हैं। माना जा रहा है कि CPEC के विस्तार की एक वजह यह है कि अफगानिस्तान ने पिछले कुछ दिनों में चाबहार पोर्ट में दिलचस्पी दिखाई है। इस बंदरगाह का विकास भारत ने ईरान के साथ मिलकर किया है। ऐसे में अफगानिस्तान की भारत के साथ करीबी न बढ़े, इसके लिए चीन ने यह दांव चला है। तालिबान को मान्यता देने वाले देशों में अग्रणी था चीन गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर तालिबान की सत्ता को मान्यता देने वाले देशों में चीन सबसे आगे था। लेकिन भारत के साथ तालिबान के रिश्ते सुधरने के बाद से चीन ने फिर से करीबी बढ़ाई है। बता दें कि CPEC का एक हिस्सा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है, जिस पर भारत को आपत्ति है। इसी के चलते भारत ने चीन के बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव में शामिल होने से इनकार किया था। उसकी BRI योजना का ही एक हिस्सा CPEC भी है।

युक्तियुक्तकरण : स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना की छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो

रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे। वास्तविक स्थिति क्या है? राज्य की 30,700 प्राथमिक शालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी शिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी छात्र नहीं है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है। 1,106 स्कूलों में यह अनुपात 11 से 20 के बीच है। 837 स्कूलों में यह अनुपात 21 से 30 के बीच है। लेकिन 245 स्कूलों में यह अनुपात 40 या उससे भी ज्यादा है, यानी छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक कम हैं। युक्तियुक्तकरण के क्या होंगे फायदे? जिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक हैं लेकिन छात्र नहीं, वहां से शिक्षकों को निकालकर उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षक नहीं हैं। इससे शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या दूर होगी। स्कूल संचालन का खर्च भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एक ही परिसर में ज्यादा कक्षाएं और सुविधाएं मिलने से बच्चों को बार-बार एडमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी। यानी एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित होंगे तो प्राथमिक कक्षाएं पास करने के बाद विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं में एडमिशन कराने की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) भी घटेगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा।   शिक्षा विभाग ने कतिपय शैक्षिक संगठनों द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर उठाए गए भ्रामक सवालों के संबंध में स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण का मकसद किसी स्कूल को बंद करना नहीं है बल्कि उसे बेहतर बनाना है। यह निर्णय बच्चों के हित में, और शिक्षकों की बेहतर तैनाती के लिए लिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी। युक्तियुक्तकरण से न सिर्फ शिक्षकों का समुचित उपयोग होगा, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी।

मारा गया डेढ़ करोड़ का इनामी बसवा राजू, इंजीनियरिंग की डिग्री, गुरिल्ला युद्ध में महारथ

अबूझमाड़ छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार सुरक्षाबलों की तरफ से ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए । मिली जानकारी के मुताबिक अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें  27 नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। वहीं इस मुठभेड़ में एक जवान बलिदान और एक जवान के घायल होने की भी खबर है। नारायणपुर और बीजापुर इलाके में नक्सलियों पर सुरक्षाबलों के जवान आज प्रलय बनकर टूटे। नक्सलियों के खिलाफ इस एक्शन में वसव राजू के मारे जाने की खबर है। जानकारी के मुताबिक नक्सल संगठन का जनरल सेक्रेटरी वसव राजू भी मारा गया है। वसव राजू कुख्यात नक्सली रहा है उसके ऊपर डेढ़ करोड़ का इनाम है। जानें कौन था बसव राजू जानकारी के मुताबिक 2018 में बसव राजू को नक्सल संगठन की कमान सौंपी गई थी। बसवा राजू का असली नाम नंबाला केशव राव है। उसे गगन्ना, प्रकाश और बीआर के नाम से भी जाना जाता है। उसके पिता का नाम वासुदेव राव है और  वह काफी उम्रदराज है। उसकी उम्र करीब 75 साल के आसपास बताई जा रही है। उसने बीटेक की पढ़ाई की थी वह आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम का रहने वाला था। वसवा राजू खूंखार नक्सली था वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सीनियर कैडर था और दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी का चीफ था। राजू छत्तीसगढ़, ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश की सीमाओं पर सक्रिय था।  बसवा राजू का आपराधिक रिकॉर्ड नक्सली राजू कई नक्सली हमलों को अंजाम दे चुका था। इनमें पुलिसकर्मियों और नागरिकों की हत्या, खनन कंपनियों से उगाही और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना शामिल है। सबसे बड़ा हमला सुकमा और देंतेवाड़ा नक्सली हमला था। 2010 के दंतेवाड़ा हमले में 75 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इसमें उसका ही हाथ था।   विस अध्यक्ष रमन सिंह ने दी बधाई नारायणपुर में चल रहे ऑपरेशन में मारे गए 26 नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैं इस बड़े ऑपरेशन के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस को उनकी सफलता के लिए बधाई देता हूं। इस ऑपरेशन में एक पुलिसकर्मी के घायल होने के अलावा किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। मैं केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और विजय शर्मा जी को भी बधाई देता हूं।   सीएम साय ने भी जवानों को दी बधाई सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सल मोर्चे पर लगातार कामयाबी मिल रही है। 27 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इस सफल ऑपरेशन के लिये उन्होंने जवानों को बधाई दी है। गढ़चिरौली में 36 लाख की इनामी पांच महिला माओवादी गिरफ्तार छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच माओवादियों को गिरफ्तार किया है। इन पर महाराष्ट्र सरकार ने 36 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने बताया कि टीसीओसी अवधि के दौरान पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए माओवादियों में एक डिवीजनल कमेटी मेंबर, एक एरिया कमेटी मेंबर और तीन प्लाटून सदस्य शामिल हैं। पुलिस ने तीन माओवादियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य नाबालिग होने के संदेह में हिरासत में लेकर उन्हें बाल न्यायालय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। गिरफ्तार माओवादियों की पहचान उंगी मंगरू होयम उर्फ सुमली डीवीसएम, प्लाटून 32), पल्लवी केसा मीडियम उर्फ बंडी एसीएम, प्लाटून 32 और देवे कोसा पोडियाम उर्फ सबिता प्लाटून सदस्य के रूप में हुई है। ये सभी बीजापुर की रहने वाली हैं। दो अन्य माओवादी सदस्यों की उम्र संबंधी पुष्टि न होने पर उन्हें बाल न्यायालय बोर्ड में पेश किया है। उंगी मंगरू होयम पर 16 लाख, पल्लवी केसा मीडियम पर आठ लाख, देवे कोसा पोडियाम पर चार लाख और अन्य दो पर कुल आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। घात लगाने की फिराक में थे माओवादी गुप्त सूचना के आधार पर गढ़चिरौली पुलिस और सी-60 कमांडो टीम ने लाहेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिनगुंडा गांव में 50 से 60 माओवादियों के एकत्र होने की खबर पर 18 मई को सर्च आपरेशन चलाया। 19 मई को सी-60 कमांडो दस्ते ने गांव को घेरते हुए तलाशी शुरू की और पांच माओवादियों को बिना किसी मुठभेड़ के हिरासत में ले लिया। हथियार बरामद माओवादियों से सुरक्षा बलों ने एक स्वचलित एसएलआर, एक 303 रायफल, तीन सिंगल शाट रायफल, दो भरमार बंदूकें, तीन वाकी-टाकी सेट और नक्सल साहित्य सहित अन्य सामग्री बरामद की है। तीन वर्षों में 103 गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार,सभी पांच माओवादी सुरक्षाबलों पर हमलों समेत कई गंभीर वारदातों में शामिल रहे हैं। गढ़चिरौली पुलिस ने जनवरी 2022 से अब तक कुल 103 माओवादियों को गिरफ्तार किया है, जो नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।  

छत्तीसगढ़ में तीन दिन तक आएगा तूफान; बारिश का अलर्ट

रायपुर  छत्तीसगढ़ में प्री मानसून की गतिविधियां और तेज हो गई है। इसी के चलते मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार आज 21 मई से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में मध्यम बारिश (CG Storm Alert) के साथ तेज तूफान आने की संभावना है। तूफानी हवाओं की गति करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। इसी के साथ ही बारिश के आसार हैं। अगले 24 घंटों में तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभावित है। यह गिरावट लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दे सकती है। पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। मरवाही और भैरमगढ़ में 3 सेमी, कापू में 2 सेमी, और सिमगा में 1 सेमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक (CG Storm Alert) अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में, और सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। इस वजह से छत्‍तीसगढ़ में तूफान का असर मौसम की यह अस्थिरता वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, पूर्व-पश्चिम द्रोणिका, तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की तैयारी से जुड़ी हुई है। केरल और बंगाल की खाड़ी में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थितियाँ बन रही हैं। रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम 21 मई को रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रह सकता है। अगले दो दिनों के लिए चेतावनी जारी प्रदेश के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

CG में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी,क्योंकि 21 मई से 9 ट्रेनें कैंसिल रहेगी

बिलासपुर रायपुर रेल मंडल के अप व मिडिल लाइन पर एलसी नंबर 378 निपनिया यार्ड ईस्ट एंड पर रिलिविंग गर्डर की डी-लांचिंग की जाएगी। इस कार्य को पूरा करने के लिए मंगलवार व 21 मई की रात में 21:30 बजे से 1:30 बजे तक अप लाइन पर चार बजे यातायात सह विद्युत ब्लाक 12:55 बजे तक अप और मिडिल लाइन पर रहेगा। अधोसंरचना से जुड़े इस महत्वपूर्ण को पूरा करने के लिए ट्रेनों का परिचालन भी रोका जा रहा है। रेलवे के अनुसार ब्लाक की वजह से 21 मई को 58201 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर और 58207 रायपुर-जूनागढ़ रोड पैसेंजर ट्रेन रद रहेगी। वहीं 22 मई को 58208 जूनागढ़ रोड-रायपुर पैसेंजर व 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर ट्रेन रद रहेगी। दैनिक यात्रियों के लिए दोनों ट्रेनें महत्वपूर्ण हैं। ब्लाक का समय रेल प्रशासन ने आधी रात का चयन किया है, ताकि एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन बाधित न हो। 12 दिन अलग-अलग तिथियों में रद रहेगी टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत गामहारीया व सीनी सेक्शन में अधोसंरचना का कार्य टीआरटी मशीन से करने मेगा ब्लाक लिया जाएगा। इसके चलते ट्रेनें भी रद रहेंगी। रद ट्रेनों में 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस शामिल है। यात्रियों को इस ट्रेन की सुविधा 21, 24, 28, 31 मई व 4, 7, 11, 14, 18, 21, 25 तथा 28 जून को नहीं मिलेगी। इसी तरह 21 मई व 4, 11, 18, तथा 25 जून को टाटानगर से रवाना होने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद रहेगी। वहीं 22 मई व 5, 12, 19 व 26 जून को बिलासपुर से रवाना होने वाली संख्या 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस भी नहीं चलेगी। इन ट्रेनों का बदलेगा रेलमार्ग 20, 27 मई व 3, 10, 17 व 24 जून को पुरी से रवाना होने वाली 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कटक-संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-ईब के रास्ते चलेगी चलेगी। इसी तरह 22 मई एवं 1, 8, 15, 22 व 29 जून भी 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस इसी परिवर्तित मार्ग गंतव्य तक पहुंचेगी। 20 व 27 मई और 3, 10, 17 व 24 जून को 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कान्ड्रा-सीनी (टाटानगर छोड़कर) के रास्ते चलेगी। इसके अलावा 24 व 31 मई एवं 7, 14, 21 व 28 जून को दुर्ग से रवाना होने वाली 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस भी इसी मार्ग से चलेगी।

वक्फ इस्लाम का गैर जरूरी हिस्सा! सिर्फ दान है, सुप्रीम कोर्ट में सरकार की दलील

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ पर बहस के दौरान एक अहम बात कही। सरकार ने कहा कि वक्फ, जो कि एक इस्लामिक अवधारणा है, इस्लाम का जरूरी हिस्सा नहीं है। इसलिए इसे संविधान के तहत मौलिक अधिकार के तौर पर नहीं माना जा सकता। सरकार वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के जवाब में यह बात कह रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि वक्फ इस्लाम का जरूरी हिस्सा है, तब तक बाकी तर्क बेकार हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वक्फ को मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि वक्फ इस्लाम का एक जरूरी हिस्सा है, तब तक इस पर कोई दावा नहीं किया जा सकता। लाइव लॉ के अनुसार, मेहता ने कहा, ‘वक्फ एक इस्लामिक अवधारणा है, इस पर कोई विवाद नहीं है, लेकिन जब तक यह नहीं दिखाया जाता कि वक्फ इस्लाम का एक अनिवार्य हिस्सा है, तब तक बाकी सभी तर्क बेकार हैं।’ मेहता ने अधिनियम का बचाव करते हुए अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर दावा करने का अधिकार नहीं है। भले ही उसे ‘वक्फ बाय यूजर’ सिद्धांत के तहत वक्फ के रूप में कैटगराइज किया गया हो। ‘वक्फ बाय यूजर’ का मतलब है कि अगर कोई जमीन लंबे समय से धार्मिक या दान के काम के लिए इस्तेमाल हो रही है, तो उसे वक्फ घोषित कर दिया जाता है। मेहता ने साफ कहा, ‘किसी को भी सरकारी जमीन पर अधिकार नहीं है।’ उन्होंने एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई संपत्ति सरकार की है और उसे वक्फ घोषित कर दिया गया है, तो सरकार उसे बचा सकती है। सॉलिसिटर जनरल ने आगे कहा, ‘वक्फ बाय यूजर मौलिक अधिकार नहीं है, इसे कानून द्वारा मान्यता दी गई थी। फैसले में कहा गया है कि अगर कोई अधिकार विधायी नीति के रूप में दिया गया है, तो उस अधिकार को हमेशा वापस लिया जा सकता है।’ मंगलवार को याचिकाकर्ताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और राजीव धवन ने दलीलें दीं. आज केंद्र का पक्ष रखने के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच के सामने एसजी तुषार मेहता ने याचिकाकर्ताओं की उस आपत्ति पर जवाब दिया, जिसमें कहा गया कि नया वक्फ कानून संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन करता है. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार एसजी तुषार मेहता ने कहा, ‘जब तक मैंने रिसर्च नहीं की थी तब तक मुझे इस्लाम धर्म के इस हिस्से के बारे में नहीं पता था कि वक्फ इस्लामिक अवधारणा है, लेकिन यह इस्लाम का जरूरी हिस्सा नहीं है.’ उन्होंने कहा कि चैरिटी का कॉन्सेप्ट हर धर्म में मौजूद है. ईसाई धर्म में भी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट कहता है कि किसी के लिए भी यह जरूरी नहीं है. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि हिंदुओं में भी दान देने जैसी चीजें हैं और सिख धर्म में भी ऐसा ही है, लेकिन किसी भी धर्म में इसे जरूरी नहीं बताया गया है. एसजी मेहता ने कहा कि अगर मान लें कि मुस्लिम समुदाय के ज्यादातर लोगों की फाइनेंशियल स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है और वह वक्फ नहीं कर पाते हैं, तो क्या वह मुस्लिम नहीं होंगे. यह सुप्रीम कोर्ट की ओर से किया गया एक परीक्षण है, ये निर्धारित करने के लिए कि कोई प्रथा आवश्यक धार्मिक प्रथा है या नहीं. उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म में चैरिटी करना जरूरी नहीं है, इसी तरह इस्लाम में वक्फ है. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि वक्फ बाय यूजर मौलिक अधिकार नहीं है. इसे 1954 में कानून द्वारा मान्यता दी गई थी और उससे पहले बंगाल एक्ट में. उन्होंने एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई अधिकार विधायी नीति के रूप में कानून द्वारा प्रदान किया गया है, तो उसे राज्य द्वारा हमेशा के लिए छीना जा सकता है.

मुख्यमंत्री को अचानक गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते देख ग्रामीणों में खुशी और उत्सुकता की लहर दौड़ गई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर आज जनपद पंचायत शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत हरगवां स्थित ढोढ़रीखाला (नवापारा) पारा में उतरा। मुख्यमंत्री का यह दौरा ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के तहत औचक निरीक्षण के रूप में रहा। मुख्यमंत्री को अचानक गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते देख ग्रामीणों में खुशी और उत्सुकता की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग चौपर देखने दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री साय का पांव पखार उन्हें टीका लगाया और सरई पत्ते की माला पहनाई। स्वागत गीत भी गाया गया। हरगवां गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग निवास करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने ढोढ़रीखाला पारा में कटहल, आम और महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। एक महिला ने पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से वास्तविक जानकारी ली। इसी तरह, बेलसर गांव की श्रीमती दीपू बघेल ने वन भूमि पट्टा पर खेती न कर पाने की बात बताई। मुख्यमंत्री ने इस पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा कि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, पटवारी गांव में आते हैं या नहीं और राजस्व संबंधी कोई समस्या तो नहीं है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ढोढ़रीखाला पारा में स्वीकृत 19 आवासों में से 16 आवास पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में भी जानकारी ली और ग्रामीणों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के पहुंचने की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे।

जून 2026 तक 1 लाख का हो जाएगा सेंसेक्स- मॉर्गन स्टेनली

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में आज बुधवार को जबरदस्त खरीदारी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद बुधवार को शुरुआती सौदों के बाद इनमें तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 800 से अंकों तक उछल गया था। इस बीच, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली की दिल खुश करने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है। मॉर्गन स्टेनली ने की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक साल में सेंसेक्स 1 लाख के एतिहासिक आंकड़े को टच कर सकता है। जून 2026 तक 1 लाख का हो जाएगा सेंसेक्स! मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार हाल में आई की गिरावट लंबी अवधि में निवेश करने का एक आकर्षक अवसर लेकर आया है। मॉर्गन स्टेनली ने जून 2026 के लिए अपने बेस केस सेंसेक्स टारगेट को रिवाइज किया है। लेटेस्ट रिपोर्ट में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने भविष्यवाणी की है कि बुल केस आउटलुक के तहत इंडेक्स 1,00,000 अंक तक पहुंच जाएगा। जून 2026 तक सेंसेक्स बेस केस टारगेट 89,000 तय किया है, जो वर्तमान स्तरों से 8% की बढ़ोतरी को दिखाता है। ब्रोकरेज फर्म ने क्या कहा? बुल केस में मॉर्गन स्टेनली ने अधिक अनुकूल मैक्रो और नीतिगत माहौल की कल्पना की है, जिससे जून 2026 तक सेंसेक्स 1,00,000 तक पहुंच जाएगा। वहीं, बेस केस आउटलुक में, ब्रोकरेज का अनुमान है कि जून 2026 तक सेंसेक्स 89,000 तक पहुंच जाएगा।मॉर्गन स्टेनली के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई और नयनत पारेख ने कहा, “सेंसेक्स के लिए हमारा नया टारगेट जून 2026 तक 89,000 (8% अपसाइड) है, जो हमारे नए आय अनुमानों में शामिल है और दिसंबर 2025 के टारगेट 82,000 से भी आगे है।” यह स्तर बताता है कि बीएसई सेंसेक्स 23.5x के ट्रेलिंग पी/ई मल्टीपल पर कारोबार करेगा, जो 25 साल के औसत 21x से आगे है। 70,000 तक गिरेगा बाजार? इसके अलावा, मॉर्गन स्टेनली ने अपने मंदी के मामले में 20% संभावना बताई है, जिसमें जून 2026 तक सेंसेक्स 70,000 तक गिर जाएगा। इस आउटलुक में कच्चे तेल की कीमतों में 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक की तेज बढ़ोतरी मानी गई है, जिसके कारण आरबीआई द्वारा आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए मौद्रिक सख्ती की जाएगी। इसमें अमेरिका में मंदी सहित वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण मंदी को भी शामिल किया गया है। इन परिस्थितियों में, वित्त वर्ष 28 तक आय वृद्धि में सालाना 15% की कमी आने की उम्मीद है, जिसमें वित्त वर्ष 26 में गिरावट आएगी। बिगड़ते मैक्रो फंडामेंटल के जवाब में इक्विटी वैल्यूएशन में भी कमी आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे दोकड़ा के समाधान शिविर में

रायपुर प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा में अचानक उतरा और वे वहां आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दोकडा में कालेज और मिनी स्टेडियम की घोषणा की। उन्होंने वहां के प्राथमिकता स्वास्थ्य केन्द्र, वनवासी कल्याण आश्रम के उन्नयन, के साथ ही डोरियामुडा जलाशय का सौन्दर्यकरण कराए जााने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंगल भवन के जिर्णाेद्धार के लिए 20 लाख और शिव मंदिर परिसर का जीर्णाेद्धार कराए जाने की भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम लोग गांव-गांव पहुंच रहे हैैंं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के सर्वे सूची में जितने भी हितग्राहियों का नाम है सभी को पीएम आवास स्वीकृत किया जाएगा। पिछले डेढ़ वर्षों में मोदी जी की अधिकांश गारंटी को हमारी सरकार ने पूरा किया है। सुशासन तिहार के दौरान पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को नए आवास स्वीकृति के साथ ही पूर्ण हो चुके गए पीएम आवासों की चाँबी सौंपकर उन्हें गृह प्रवेश कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सशासन तिहार के अंतर्गत शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं और मांगों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में लोगों को ऑनलाईन तथा बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केन्द्र खोला गया है इन केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन विभिन्न प्रकार के दस्तावेज प्राप्त करने और राशि के लेन-देन की सुविधा ग्रामीणों को मिलने लगी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को गृह प्रवेश के लिए घर की चाबी तथा नए आवास निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र, हितग्राहियों को मुद्रा लोन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नए राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मछली जाल और आईस बाक्स, मनरेगा जाब कार्ड, वालीबॉल और क्रिकेट खिलाड़ियों को किट प्रदान किए। उन्होंने इस मौके पर हायर सेकेण्डरी और हाईस्कूल के बोर्ड परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अतंर्गत जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा पहुंचे

रायपुर मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या साय,  सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष  और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह समाधान शिविर में उपस्थित हैं।

प्राइवेट वोल्वो बस बनी आग का गोला, बाल- बाल बची 60 यात्रियों की जान

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ में बिल्हौर से हरियाणा के पानीपत जा रही एक प्राइवेट वोल्वो बस मंगलवार को सासनी गेट क्षेत्र में मथुरा हाईवे बाईपास पर अचानक आग का गोला बन गई. बस में उस समय लगभग 60 यात्री सवार थे. जानकारी के अनुसार, बस चालक ने इंजन में खराबी आने के बावजूद बस को चलाना जारी रखा, जिससे बस में भीषण आग लग गई. आग लगते ही चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. सभी यात्री समय रहते बस से बाहर निकल गए और सुरक्षित हैं. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रथम दृष्टया चालक की लापरवाही आग का कारण मानी जा रही है. एआरटीओ प्रवर्तन ने भी मौके का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच की है. एआरटीओ प्रवर्तन वंदना सिंह ने बस की फिटनेस और दस्तावेजों की जांच की. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच यात्रियों के बयान लेकर की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी.

चाचा ससुर के साथ भागी दो बच्चों की मां… परेशान पति ने किया ये बड़ा एलान; पीड़ित ने खुद बताई पूरी कहानी

  इटावा उत्तर प्रदेश में रिश्तों के रिवर्स गियर ने फिर से चौका दिया है. कुछ दिनों पहले जहां अलीगढ़ में सास-दामाद के प्यार के चर्चे मीडिया के चर्चों में थे तो अब इटावा ने भी रिश्तों की लाज को बाय-बाय बोल दिया. यहां बहू अपने दो बच्चों को लेकर ससुर के साथ फरार हो गई, और जाते-जाते पति के पास रहने को एक बेटा छोड़ गई. ग्राम पूरनपुरा निवासी जितेंद्र कुमार, जो पेशे से टैक्सी चालक हैं, ने वर्ष 2014 में विवाह किया था. पति-पत्नी के तीन संतानें हैं. एक बेटा और दो बेटियां. बीती 3 अप्रैल को जब जितेंद्र कार लेकर कानपुर गया हुआ था, उसी दौरान उसकी पत्नी दोनों बेटियों को लेकर घर से चली गई. साथ में परिवार के ही एक सदस्य, चाचा ससुर नन्दराम का भी घर से गायब होना सामने आया है. लगातार एक महीने तक महिला और बच्चों की तलाश करने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा, जिसके बाद जितेंद्र और उसके पिता श्याम किशोर ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई. जब वहां से भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने बच्चों को वापस लाने वाले को ₹20,000 इनाम देने की घोषणा कर दी. जितेंद्र के पिता श्याम किशोर का कहना है कि उनकी बड़ी बहू, परिवार के ही छोटे भाई नन्दराम के साथ घर छोड़कर चली गई है. बहू अपने बेटे को घर में ही छोड़ गई है और बेटियों को अपने साथ ले गई है. उन्होंने मांग की है कि बच्चों को परिवार को वापस दिलाया जाए. वहीं, पीड़ित पति जितेंद्र का आरोप है कि नन्दराम, जो चाचा ससुर लगते हैं, अक्सर घर आया-जाया करते थे और इसी नजदीकी का लाभ उठाते हुए वह पत्नी को अपने साथ ले गया. इस पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए कहा कि यह थाना ऊसराहार क्षेत्र के भरथियापुर चौकी का मामला है. महिला की गुमशुदगी दर्ज की गई थी और जांच के बाद पता चला कि वह अपने ही रिश्तेदार के साथ गई है. इस आधार पर विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. जल्द ही महिला और बच्चों की बरामदगी कर ली जाएगी तथा दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

26 मई को वट सावित्री व्रत, नोट कर लें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि के दिन वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat 2025) को सुहागिन महिलाएं करती हैं। सनातन धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि कब और कैसे करें वट सावित्री व्रत। वट सावित्री व्रत 2025 डेट और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि 26 मई को 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन यानी 27 मई को सुबह 08 बजकर 31 मिनट पर तिथि का समापन होगा। ऐसे में 26 मई को वट सावित्री व्रत किया जाएगा। इसी दिन सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। वट सावित्री व्रत का धार्मिक महत्व वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर वट सावित्री व्रत किया जाता है। इस पर्व के आने का सुहागिन महिलाएं बेसब्री से इंतजार करती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना करती हैं। साथ ही व्रत रखती हैं। इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख और शांति का आगमन होता है। वट सावित्री व्रत विधि इस दिन सुबह उठकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद बड़गड़ के पेड़ के नीचे सावित्री और सत्यवान की प्रतिमा को विराजमान करें। पेड़ पर जल अर्पित करें और फूल और मिठाई समेत आदि चीजें चढ़ाएं। इसके बाद दीपक जलाकर आरती करें। रोली बांधते हुए पेड़ की सच्चे मन से परिक्रमा लगाएं। वट सावित्री व्रत की कथा का पाठ करें। इसके बाद वैवाहिक जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। इस व्रत में अन्न और जल का त्याग किया जाता है।

लंबित मामलों पर चिंता जताते हुए वकीलों पर गंभीर आरोप लगाए, काम वकील नहीं करना चाहते, दोष हम पर आता है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली बीते 14 मई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने वाले जस्टिस बी आर गवई ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों पर चिंता जताते हुए वकीलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। CJI गवई ने कहा है कि वकील छुट्टियों के दौरान काम नहीं करना चाहते हैं, लेकिन लंबित मामलों के लिए कोर्ट को दोषी ठहराया जाता है। बता दें कि मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ उस समय भड़क गई, जब एक वकील ने याचिका को गर्मी की छुट्टियों के बाद सूचीबद्ध करने की अपील की। इस दौरान CJI गवई ने कहा, “पांच न्यायाधीश छुट्टियों के दौरान बैठ रहे हैं और काम करना जारी रख रहे हैं, फिर भी लंबित मामलों के लिए हमें दोषी ठहराया जाता है। असल में वकील ही छुट्टियों के दौरान काम नहीं करना चाहते हैं।” गौरतलब है कि हाल ही में शीर्ष अदालत ने एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत जजों की पीठ आगामी ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान काम भी करेंगी। 26 मई से 13 जुलाई तक चलने वाली अवधि को “पार्शियल कोर्ट वर्किंग डेज” का नाम दिया गया है। इन आंशिक न्यायालय कार्य दिवसों के दौरान दो से पांच वेकेशन बेंच बैठेंगी। वहीं मुख्य न्यायधीश सहित सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष पांच जज भी इस अवधि के दौरान अदालतें लगाएंगे। 26 मई से 1 जून तक सीजेआई गवई, जरिए सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जे के माहेश्वरी और जस्टिस बी वी नागरत्ना क्रमशः पांच पीठों का नेतृत्व करेंगे। इस अवधि के दौरान शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। रजिस्ट्री सभी शनिवार (12 जुलाई को छोड़कर), रविवार और सार्वजनिक छुट्टियों पर बंद रहेगी। बता दें कि पहले की प्रथा के मुताबिक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सिर्फ दो अवकाश पीठ ही हुआ करती थीं और वरिष्ठ न्यायाधीशों की अदालतें नहीं लगती थीं।

पाक के बलूचिस्तान प्रांत में आत्मघाती बम धमाका, पाक ने स्कूल बस अटैक में उलटे भारत पर लगा दिया आरोप, 5 की मौत

क्वेटा पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आत्मघाती बम धमाका हुआ है। यह हमला एक मिलिट्री स्कूल की बस को टारगेट करके किया गया, जिसमें तीन मासूम बच्चों समेत 5 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा 38 जख्मी हैं। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में बीते कई सालों से हिंसा का दौर जारी है। यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें स्कूल बस जैसी चीज को टारगेट किया गया है। अब तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है। वहीं ऑपरेशन सिंदूर में मात खाने से बौखलाए पाकिस्तान ने इसका ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश की है। पाकिस्तानी सेना की प्रोपेगेंडा यूनिट आईएसपीआर ने इस हमले में भारत का हाथ बता दिया। आईएसपीआर ने अपने देश के आंतरिक संघर्ष में भारत का नाम घसीटने की नापाक कोशिश करते हुए कहा, ‘एक बार फिर से कायराना हमला हुआ है, जो भारत और उसके समर्थकों ने बलूचिस्तान में किया है। इस हमले में मासूम बच्चों को ले जा रही स्कूल बस को टारगेट किया है।’ यह हमला बलूचिस्तान के खुजदार में हुआ है। बता दें कि बलूचिस्तान में लंबे समय से विद्रोह की स्थिति है। यहां पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी समेत कई ऐसे संगठन सक्रिय हैं, जो हिंसक संघर्ष कर रहे हैं। इन संगठनों का कहना है कि बलूचिस्तान को एक अलग मुल्क बनना चाहिए और पाकिस्तान ने उन पर कब्जा किया हुआ है। इसी कड़ी में यह नया हमला हुआ है, जबकि अकसर हमले होते रहे हैं। यह हमारा पाकिस्तानी सेना से जुड़े एक स्कूल की बस में हुआ है। आमतौर पर बलूच विद्रोही महिलाओं और बच्चों को टारगेट करने से बचते रहे हैं। लेकिन आर्मी स्कूल की बस होने के चलते शायद इसे टारगेट किया गया है। इसके जरिए पाकिस्तान की सेना को संदेश देने की कोशिश की गई है। अब तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, पाकिस्तानी सूत्रों का दावा है कि इसमें बलूच आर्मी का ही हाथ लग रहा है। बता दें कि इससे पहले पेशावर में 2014 में पाक तालिबान ने खूंखार हमला किया था। इसमें 154 मासूम बच्चों समेत 168 लोग मारे गए थे। गौरतलब है कि बलूचिस्तान के साथ ही पाकिस्तान में सिंध और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में भी अलगाववाद के सुर सुनाई देते हैं।

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