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सुकमा : सुशासन तिहार अंतर्गत के ग्राम पाकेला में समाधान शिविर संपन्न

सुकमा : सुशासन तिहार अंतर्गत के ग्राम पाकेला में समाधान शिविर संपन्न शिविर में ग्रामीणों से मिले 351 आवेदन पत्र सुकमा, सुशासन तिहार अंतर्गत सुकमा जिले के छिंदगढ़ जनपद के ग्राम पंचायत पाकेला में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व में आयोजित समाधान शिविर में आसपास के ग्रामीणों से शिकायत एवं मांगों से संबंधित आवेदनों का विभागवार निराकरण किया गया। समाधान शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, खाद्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय, विद्युत, वन, श्रम, पशुपालन सहित अन्य विभागों को प्राप्त सभी आवेदन पत्रों के निराकरण की जानकारी दी गई। समाधान शिविर में मांग से संबंधित 351 आवेदन प्राप्त हुए। सभी आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु संबंधित विभागों को आवेदन प्रेषित किया गया।   समाधान शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रत्येक मांग एवं शिकायतों से संबंधित आवेदनों के निराकरण की जानकारी सार्वजनिक वाचन के माध्यम से दी गई। ग्रामीणों ने समाधान की प्रक्रिया में भाग लेकर अपनी संतुष्टि व्यक्त की। शिविर में शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया। इनमें पंचायत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पूर्णता पर अभिनंदन प्रमाण पत्र व नवीन जॉब कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा नवीन राशन कार्ड, परिवहन विभाग द्वारा ड्राविंग लाइसेंस, श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड,  मछली पालन विभाग द्वारा मछली जाल, कृषि विभाग द्वारा बीज, सामुदायिक शौचालय और सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति पत्र का वितरण किया गया। महिला बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती माताओं की गोद भराई एवं नन्हे बच्चों का अन्नप्रसान भी कराया गया। शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी ली। समाधान शिविर में महिला आयोग की सदस्य सुदीपिका शोरी, जनपद अध्यक्ष छिंदगढ़ श्रीमती देवली बाई, जिला पंचायत सदस्य हूंगाराम मरकाम, पाकेला सरपंच मिथलेश नाग, राजामुंडा सरपंच श्रीमती कुंती कश्यप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : प्लेसमेंट कैम्प 27 मई को : निजी कंपनी में 50 पदों पर सीधी भर्ती का सुनहरा मौका

 गौरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ शासन कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के निर्देशानुसार जिला रोजगार एवं मार्गदर्शन केंद्र कार्यालय परिसर टीकरकला गौरेला में 27 मई मंगलवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में निजी नियोजक (कंपनी) सेफ इंटेलिजेंट सिक्यूरिटी संस्थान द्वारा सिक्यूरिटी गार्ड के 30 पदों एवं सिक्यूरिटी सुपरवाइजर के 5 पदों पर, न्यूट्रीएंटी क्रॉप केअर प्राइवेट संस्थान द्वारा फिल्ड ऑफिसर के 10 पदों पर और एग्रीकल्चर एडवाइजर के 5 पदों पर भर्ती संबंधी कार्यवाही की जाएगी। रोजगार के इच्छुक आवेदक जिन्होंने 8वीं, 10वीं कक्षा उत्तीर्ण एवं 12वीं, बीएससी (एग्रीकल्चर) में उत्तीर्ण हैं, वे इस कैम्प में भाग ले सकते हैं। योग्य उम्मीदवार अपने दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड एवं समस्त शैक्षणिक योग्यता संबंधित अंकसूची, प्रमाण पत्र की मूलप्रति एवं छायाप्रति के साथ कैंप में उपस्थित हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कार्यालय टीकरकला से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

90 लाख की लूट, मंदिर के नाम पर गबन करने वाली साध्वी को कोर्ट ने राहत देने से इनकार किया

छिंदवाड़ा  श्रीराम-जानकी मंदिर, चौरई (लोनीकला) से जुड़ा 90 लाख रुपये के गबन का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। हाईकोर्ट ने आरोपी साध्वी लक्ष्मी दास (रीना रघुवंशी) की उस अर्जी को सख्ती से खारिज कर दिया है, जिसमें उसने शर्त हटाने की मांग की थी। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा- आरोपी ने अदालत को गुमराह किया है, धोखाधड़ी की है, इसलिए राहत नहीं दी जा सकती। क्या है पूरा मामला? चौरई विकासखंड के लोनीकला गांव स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर के महंत स्व. कनक बिहारी दास महाराज का निधन 17 अप्रैल 2023 को नरसिंहपुर में एक सड़क हादसे में हो गया था। कनक बिहारी दास न केवल मंदिर के प्रमुख थे, बल्कि रघुवंशी समाज के गुरु के तौर पर भी उन्हें श्रद्धा से देखा जाता था। 90 लाख पर बुरी नजर उनके निधन के बाद, मंदिर और भक्तों की आस्था से जुड़े 90 लाख रुपये पर साध्वी लक्ष्मी दास और उसके भाई हर्ष रघुवंशी ने बुरी नजर डाल दी। आरोप है कि लक्ष्मी दास ने फर्जी तरीके से महंत के बैंक खाते से अपना मोबाइल नंबर लिंक करवाया और फिर नेट बैंकिंग के जरिए रकम निकाल ली। एफआईआर के बाद कोर्ट की शरण में गई थी साध्वी इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब मंदिर के पुजारी श्याम सिंह ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। इसके बाद साध्वी लक्ष्मी दास ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई, जिसमें उसने कहा था कि वह 90 लाख रुपए अदालत में जमा कर देगी। इसी आधार पर दिसंबर 2024 में हाई कोर्ट ने उसे अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन शर्त यह थी कि रकम जमा करनी होगी। अब बोली- ‘पैसे नहीं हैं’, कोर्ट ने लगाई फटकार हाल ही में साध्वी लक्ष्मी दास ने एक बार फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया और कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं, इसलिए 90 लाख जमा करने की शर्त को हटाया जाए। हालांकि कोर्ट ने इसे गंभीर धोखाधड़ी माना। जस्टिस पीके अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि साध्वी लक्ष्मी दास और हर्ष रघुवंशी— दोनों ने अदालत को गुमराह किया, तथ्यों को छिपाया और जमानत आदेश धोखे से हासिल किया। भाई की भी जमानत रद्द केस की सुनवाई के दौरान अदालत ने साध्वी के भाई हर्ष रघुवंशी की पहले दी गई जमानत भी रद्द कर दी। अदालत ने अपने आदेश में साफ लिखा कि दोनों आरोपियों ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। आस्था को किया छलनी, अब कानून करेगा हिसाब 90 लाख का यह घोटाला सिर्फ पैसों का मामला नहीं है, बल्कि यह भक्तों की आस्था, एक पवित्र मंदिर और समाज के सम्मान के साथ विश्वासघात है। अब अदालत का सख्त रुख साफ संकेत देता है कि धार्मिक संस्थानों में गबन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

महासमुंद : ड्यूटी में लापरवाही के कारण सहायक शिक्षक राहुल बैपारी निलंबित

महासमुंद विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला, गहनाखार में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) श्री राहुल बैपारी के विरुद्ध लगे आरोप जांच में सही पाए गए हैं। श्री बैपारी पर विद्यालय समय पर उपस्थित नहीं रहने, शाला में अनियमित रूप से आने तथा अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप थे। जांच में यह पुष्टि हुई कि शिक्षक की कार्यप्रणाली छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विरुद्ध है। इस संबंध में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें पूर्व में स्पष्टीकरण हेतु नोटिस भी जारी किया गया था, परंतु इसके बावजूद उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं देखा गया। जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद श्री विजय कुमार लहरे ने प्राप्त तथ्यों के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत श्री राहुल बैपारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सरायपाली निर्धारित किया गया है। नियमों के तहत निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

बालाघाट गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्राया, हॉक फोर्स पर फायरिंग कर भागे नक्सली

बालाघाट बालाघाट में मंगलवार को एक बार फिर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. जहां मौके का फायदा उठाकर नक्सली भाग खड़े हुए. जानकारी के मुताबिक, जिले के लांजी क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी डाबरी में जीआरबी डिवीजन के 10 से 15 नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना प्राप्त हुई थी. जिसके चलते हॉकफोर्स तथा सीआरपीएफ बी 217 कोबरा की कुल 12 टीमों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत मंगलवार को सर्चिंग अभियान शुरू किया. नक्सलियों की पुलिस पर फायरिंग सर्चिंग के दौरान हॉकफोर्स की टीम बिलालकसा ग्राम से लगे जंगल क्षेत्र में पहुंची. जहां पुलिस टीम की उपस्थिति का पता लगने पर 15 से 20 सशस्त्र माओवादियों के समूह ने पुलिस पार्टी पर 20 से 30 राउंड फायर किए. जिससे पुलिस टीम को आत्मरक्षा के लिए पेड़ों तथा पत्थरों का सहारा लेना पड़ा. तब नक्सली सतर्क होकर पुलिस टीम पर फायर कर मौके से भागने में सफल हो गए. पुलिस ने बरामद किया नक्सलियों का सामान हॉकफोर्स की टीम ने भी आत्मरक्षा में जवाबी संतुलित फायर किए. मुठभेड़ के दौरान नक्सल पार्टी के भागने की दिशा में हॉकफोर्स तथा सीआरपीएफ कोबरा की टीम को तैनात कर सम्पूर्ण क्षेत्र को सर्च किया जा रहा हैं. मुठभेड़ में बालाघाट पुलिस ने मौके से नक्सलियों द्वारा उपयोग की जा रही सोलर प्लेट तथा बड़ी संख्या में दैनिक उपयोग की सामग्री तथा दवाइयां भी बरामद कर ली. पुलिस अधीक्षक नागेंद्र सिंह ने बताया कि, ”मुठभेड़ में किसी पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ है. घटना के बाद क्षेत्र में सर्चिंग अभियान और भी तेज कर दिया गया है. जवानों ने नक्सलियों की सोलर प्लेट, दैनिक उपयोग की सामग्री और दवाइयां बरामद की हैं. थाने में नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है.” एंटी-नक्सल ऑपरेशन पकड़ जोर जहां एक ओर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल एंटी नक्सल ऑपरेशन चला रहे हैं. वहीं छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे बालाघाट में सुरक्षाबलों का सर्चिंग अभियान जारी है. पिछले कई महीने से यहां का जवानों और नक्सलियों का आमना-सामना हुआ है. 19 फरवरी को बालाघाट जिले के ही गढ़ी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 62 लाख रुपये की 4 महिला इनामी नक्सली मारी गई थीं. नक्सलियों का सामान जब्त पुलिस अधीक्षक नगेन्द्रसिंह ने बताया कि मुठभेड़ में किसी पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद क्षेत्र में बड़ा सर्चिंग अभियान चल रहा है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के इस्तेमाल की सोलर प्लेट, दैनिक उपयोग की सामग्री और दवाइयां बरामद की हैं। पुलिस थाने में नक्सलियों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। फरवरी में 4 महिला नक्सलियों को मारा गया था इससे पहले 19 फरवरी को बालाघाट पुलिस ने गढ़ी थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ में 62 लाख रुपए के इनामी 4 महिला नक्सलियों को मार गिराया था। कान्हा के वनक्षेत्र सूपखार के जंगलों में हुई इस मुठभेड़ में भोरमदेव कमेटी की एक कमांडर और तीन एसीएम स्तर की महिला नक्सली मारी गई थीं।

पेलमनाला जलाशय योजना के लिए 8.16 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायगढ़ जिले के विकासखंड धरमजयगढ़ अंतर्गत पेलमनाला जलाशय योजना के कार्यों के लिए आठ करोड़ 16 लाख 72 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के तहत क्षेत्र के किसानों को 206 हेक्टेयर खरीफ एवं 20 हेक्टेयर रबी की फसलों की सिंचाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 30 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों के साथ जारी है मुठभेड़

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर इलाके में बड़ा एनकाउंटर हो रहा है. अबूझमाड़ में डीआरजी के जवान लगातार ऑपरेशन चल रहा है. एनकाउंटर में अब तक 31 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है. नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा डीआरजी के जवानों से नक्सलियों की मुठभेड़ जारी है. माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है. बताया ज रहा है कि DRG के जवानों ने बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में नक्सल संगठन के जनरल सेक्रेटरी वसवा राजू के मारे जाने की भी खबर सामने आ रही है. वसवा राजू काफी उम्रदराज नक्सली लीडर है. ये दंडकारण्य में नक्सल संगठन की बुनियाद रखने वालों में से एक है. पिछले कई सालों से माड़ में पनाह लिया हुआ था. इस पर इंटरस्टेट 1 करोड़ का इनाम है. बताया जा रहा है कि नक्सलियों के सबसे गोपनीय ठिकाने पर जवानों ने अटैक किया है. माना जा रहा है कि अगर वसवा मारा जाता है तो जवानों की नक्सलियों पर अब तक की सबसे बड़ी फतह होगी. बताया जा रहा है इस मुठभेड़ में एक जवान भी शहीद हो गया है। मुठभेड़ अबूझमाड़ के जाटलूर इलाके में चल रही है। अभी मुठभेड़ की शुरुआती जानकारी ही सामने आई है। सुरक्षाबलों को इसमें बड़ी सफलता मिल सकती है। नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार के मुताबिक माओवादियों के के माड़ डिवीजन के बड़े कैडर की सूचना मिलने पर डीआरजी नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव का अबूझमाड़ में ऑपरेशन चलाया है। बुधवार सुबह से मुठभेड़ जारी है। फिलहाल घटना की जांच जारी है बीजापुर में 5 नक्सली मारे गए वहीं इससे कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा के जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए थे। सुरक्षा बलों ने सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था।तलाशी अभियान और मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने ये जानकारी दी है। तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्यों के हजारों की संख्या में जवान ऑपरेशन पर हैं। इससे पूर्व छत्तीसगढ़ में 20 मार्च गुरुवार की दोपहर तक 30 नक्सली ढेर हुए हैं। इनमें बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26  और कांकेर सीमा पर हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। दो अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 30  नक्सली मारे जा चुके हैं। मारे गए सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मौके से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। इससे पहले 9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर हुए थे। विज्ञापन छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक 71 नक्सली मारे जा चुके हैं। साल 2024 में अलग-अलग एनकाउंटर में जवानों ने करीब 300 नक्सलियों को मार गिराया है। वहीं 290 ने हथियार जब्त किये गये हैं। साल 2025 में हुई नक्सली मुठभेड़-     5 जनवरी 2025 को अबूझमाड़ के जंगल में एक महिला नक्सली समेत पांच नक्सली ढेर।     12 जनवरी 2025 को बीजापुर के मद्देड़ इलाके में एनकाउंटर में दो महिला समेत पांच नक्सली मारे गये थे।     16 जनवरी 2025 को बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर और मारुड़बाका के जंगल में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें फोर्स ने 18 नक्सलियों को मार गिराया था।     21 जनवरी 2025 को गरियांबद जिले में 14 नक्सली मारे गये थे।     2 फरवरी 2025 को बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र के तोड़का जंगल में मुठभेड़ में जवानों ने आठ नक्सलियों को मार गिराया था।     9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर।     20 मार्च को बीजापुर में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26 और कांकेर मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। इस तरह 20 मार्च को कुल 30 नक्सली मारे गये।   साल 2024 के नक्सली मुठभेड़- 16 अप्रैल 2024 को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 33 नक्सली मारे गये थे। यह साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से 2 की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। इस साल बस्तर रेंज में 141 माओवादी ढेर हो चुके हैं। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी ने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई नक्सली संगठन के विरूद्ध चले अभियानों में बस्तर रेंज के तहत कुल 141 नक्सलियों के शव बरामद करने के साथ ही अत्याधुनिक हथियारों में दो एलएमजी, चार एके-47- 04, एक एसएलआर, तीन इंसास, चार  303 रायफल और चार 9एमएम पिस्टल सहित बड़ी संख्या में अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई हैं। 27 मार्च 2024 को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत 6 नक्सलियों का किया एनकाउंटर 27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटना स्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था। 2 अप्रैल 2024 को 13 नक्सली ढेर दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग – 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक – हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी … Read more

मुस्लिम युवती ने श्रेया बनकर हिंदू युवक को फंसाया, शादी के बाद 3 बच्चों की मां निकली, धर्मपरिवर्तन का बना रही दबाव

भोपाल राजधानी भोपाल में कथित लव जिहाद का अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें एक हिंदू युवक ने एक मुस्लिम युवती पर आरोप लगाया है कि वह उस पर धर्म बदलने का दबाव बना रही है. दूसरी ओर, युवती ने आरोप लगाया है कि युवक चार साल से उसके साथ रिलेशनशिप में है और अब किसी अन्य युवती से शादी करने वाला है, जो उसे स्वीकार नहीं है. दोनों थाने पहुंचकर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दे चुके हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है. भोपाल के रहने वाले शेखर सिलावट ने अशोका गार्डन पुलिस थाने में आवेदन दिया है कि नीलोफर नाम की युवती ने श्रेया बनकर उससे प्रेम संबंध बनाए और फिर शादी कर ली. अब वह धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही है. आवेदन के साथ युवक ने पुलिस को युवती के दो आधार कार्ड सौंपे, जिनमें एक में उसका नाम नीलोफर और दूसरे में श्रेया दर्ज है. युवक ने अपने आवेदन में लिखा कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है. उसकी मुलाकात अपनी कॉलोनी में रहने वाली श्रेया से हुई, जिसके बाद दोस्ती हो गई. श्रेया ने बताया कि वह भी नौकरी करती है और किराए के मकान में अकेले रहती है. श्रेया ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपने नाम से आईडी बनाई थी, जिसके जरिए दोनों की चैट होती थी. युवक ने आरोप लगाया कि 2021-22 से श्रेया उस पर शादी का दबाव बनाने लगी. जब उसने कहा कि उसके परिजन शादी के लिए तैयार नहीं हैं, तो श्रेया ने धमकी दी कि यदि शादी नहीं की तो उसे बलात्कार के मामले में फंसा देगी. इसके अलावा, श्रेया उसे ब्लेड की तस्वीरें भेजती थी और कहती थी कि यदि उससे शादी नहीं की तो वह नस काटकर आत्महत्या कर लेगी और सुसाइड नोट में शेखर को जिम्मेदार ठहराएगी. इन्हीं धमकियों के चलते श्रेया ने दबाव बनाकर 6 मई को गायत्री मंदिर में जबरन शादी कर ली. बाद में शेखर को पता चला कि श्रेया का असली नाम नीलोफर है और वह पहले से शादीशुदा है, जिसके तीन बच्चे हैं. पूछने पर नीलोफर ने बताया कि उसका तलाक हो चुका है और बच्चे उसके पूर्व पति के पास हैं. युवक ने आरोप लगाया कि नीलोफर ने यह बात छिपाई और अब उस पर दबाव बना रही है कि वह हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाए और उसके तीन बच्चों को भी स्वीकार करे. इसके अलावा, 18 मई को नीलोफर ने कुछ लड़कों की मदद से उसका अपहरण करवाया और भानपुर ब्रिज के नीचे ले जाकर मारपीट की, साथ ही इस्लाम अपनाने और शादी का दबाव बनाया. वहीं, इस मामले में युवती मंगलवार दोपहर थाने पहुंची और आरोप लगाया कि शेखर को उसके मुस्लिम होने की जानकारी पहले से थी. युवती ने अपने आवेदन में बताया कि उसकी शादी 2012 में मुस्लिम रीति-रिवाजों से हुई थी, जिससे उसके तीन बच्चे हैं. पति के साथ झगड़े और मारपीट के कारण वह 2020 में सुभाष नगर इलाके में किराए के मकान में अकेले रहने लगी. इसी मकान के नीचे शेखर रहता था, जिससे उसकी बातचीत शुरू हुई और दोनों रिलेशनशिप में आ गए. युवती ने आरोप लगाया कि शेखर को उसके मुस्लिम होने और शादीशुदा होने की जानकारी थी, साथ ही उसे उसके तीन बच्चों के बारे में भी पता था. शेखर को इससे कोई आपत्ति नहीं थी. दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध बने. कई बार शेखर उसके कमरे में रहता था और वहीं से ऑफिस जाता था. अगस्त 2023 में जब वह गर्भवती हुई, तो शेखर ने उसे गर्भनिरोधक गोली दी, जिससे गर्भपात हो गया. इसके बाद भी दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध बने. जब भी वह शादी की बात करती, शेखर कहता कि दोनों के धर्म अलग होने के कारण उसके परिजन शादी के लिए तैयार नहीं होंगे. इस साल अप्रैल में जब उसे मासिक धर्म नहीं हुआ, तो सोनोग्राफी से पता चला कि वह पांच सप्ताह की गर्भवती थी. युवती का आरोप है कि शेखर उसे अस्पताल ले गया और डॉक्टर को दिखाने के बाद घर पर गोली दी, जिससे उसका मासिक धर्म शुरू हो गया. आखिरकार 6 मई को दोनों ने गायत्री मंदिर में शादी कर ली, जिसके लिए युवती ने अपना धर्म बदलकर हिंदू नाम श्रेया रख लिया. युवती का आरोप है कि शादी के दो दिन बाद 8 मई को शेखर ने दूसरी युवती से सगाई कर ली. जब उसने विरोध किया, तो शेखर ने कहा कि वह दोनों को साथ रखेगा. युवती का कहना है कि वह केवल शेखर के साथ रहना चाहती है. उसने यह भी आरोप लगाया कि शेखर अब उस पर झूठा केस लगाने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसे उसके मुस्लिम होने की जानकारी पहले से थी. सोमवार को शेखर ने अशोका गार्डन थाने में युवती के खिलाफ आवेदन दिया था, जिसके बाद मंगलवार को युवती ने भी थाने में शेखर के खिलाफ आवेदन दिया. अशोका गार्डन के थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं और मामले की जांच की जा रही है. जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई है.

गोल्‍ड स्‍मग‍ल‍िंग मामले में रान्या राव को मिली जमानत, फिर भी जेल में रहेंगी, जानें क्यों

बेंगलुरु सोना तस्करी मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव और आरोपी तरुण कोंडारू राजी को मंगलवार, 20 मई को इकोनॉमिक ऑफेंस की स्पेशल कोर्ट ने शर्तों पर जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें दो जमानतें और 2-2 लाख रुपये का बॉन्ड भरने को कहा है। इसके अलावा कुछ और शर्तें भी हैं, लेकिन एक्ट्रेस जमानत के बावजूद हिरासत में ही रहेंगी। कोर्ट ने रान्या राव और कोंडारू राजू को इस शर्त पर भी जमानत दी है कि वह देश छोड़कर नहीं जा सकते और अपराध नहीं दोहराएंगे। जमानत आदेश न्यायमूर्ति विश्वनाथ सी गौड़र द्वारा पारित किया गया जो इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। समाचार एजेंसी ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, रान्या राव के वकील बीएस गिरीश ने अदालत के सामने तर्क दिया कि अगर एक्ट्रेस को जमानत भी मिल जाती है तो भी उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा। रान्या राव रहेंगी हिरासत में बताया गया कि रान्या राव के खिलाफ COFEPOSA (Conservation of Foreign Exchange and Prevention of Smuggling Activities Act, 1974) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब एक्ट्रेस की मां ने इस एक्ट को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी है। बता दें कि कोफेपोसा एक ऐसा कानून है, जिसका मकसद तस्करी को रोकना और विदेशी मुद्रा का संरक्षण करना है। रान्या राव को किया गया था अरेस्ट रान्या राव को तब तक रिहा नहीं किया जा सकता जब तक कि उन्हें कोफेपोसा मामले में भी जमानत नहीं मिल जाती। एक्ट्रेस को 3 मार्च को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से तस्करी कर लाई गई करीब 14.2 किलोग्राम सोने की रॉड मिली थी, जिसकी कीमत 12.56 करोड़ रुपये से ज्यादा थी।

हाई कोर्ट के जस्टिस रमना ने रिटायरमेंट से पहले अपने विदाई समारोह में गहरी कड़वाहट की व्यक्त

इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस दुप्पाला वेंकट रमना ने रिटायरमेंट से पहले अपने विदाई समारोह में गहरी कड़वाहट व्यक्त की. इंदौर में आयोजित समारोह में रमना ने कहा कि 2023 में गृह राज्य आंध्र प्रदेश से गलत इरादे के चलते उनका ट्रांसफर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में किया गया. सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करने पर भी मेरी बात नहीं सुनी गई. जस्टिस रमणा ने कहा, “यह मेरे जीवन का एक उल्लेखनीय दौर था, लेकिन मुझे बिना कारण आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में स्थानांतरित किया गया. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी पीएनईएस (पैरोक्सिस्मल नॉन-एपिलेप्टिक सीज़र्स) और COVID-19 के बाद मस्तिष्क संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी, जिसके लिए उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट का विकल्प चुना ताकि उनकी पत्नी को बेहतर इलाज मिल सके. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस विनती को अनसुना कर दिया. उन्होंने 19 जुलाई 2024 और 28 अगस्त 2024 को अपनी पत्नी की गंभीर मेडिकल कंडिशन बताते हुए अभ्यावेदन पेश किए, लेकिन इन पर न तो विचार किया गया और न ही इन्हें खारिज किया गया. रमना ने दुख जताते हुए कहा, “मुझे कोई जवाब नहीं मिला. एक न्यायाधीश के रूप में मुझे कम से कम मानवीय विचार की उम्मीद थी. मैं बहुत निराश और दुखी हूं.” उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान चीफ जस्टिस बी. आर. गवई शायद अधिक सहानुभूतिपूर्ण हो सकते थे, लेकिन यह सहानुभूति “बहुत देर से आई, क्योंकि मैं अब सेवानिवृत्त हो रहा हूं.” जस्टिस रमना ने दावा किया कि उनका तबादला गलत इरादे से और परेशान करने के लिए किया गया. उन्होंने कहा, “मुझे स्पष्ट कारणों के बिना अपने गृह राज्य से स्थानांतरित किया गया. मैं उनके अहंकार को संतुष्ट करने में खुश हूं. अब वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन भगवान न तो माफ करते हैं और न ही भूलते हैं. वे भी किसी रूप में पीड़ित होंगे.” कटुता के बावजूद जस्टिस रमना का भाषण गरिमा से भरा था. पहली पीढ़ी के वकील के रूप में उन्होंने अपने जीवन पर विचार करते हुए कहा, “मैं मानव संघर्ष की शक्ति, गरीबी में गरिमा और अडिग आशा का गवाह रहा हूं. कड़ी मेहनत के अलावा सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है.” उन्होंने स्वीकार किया कि उनका करियर संघर्षों और कड़वे अनुभवों से भरा था, जिसमें ‘षड्यंत्रकारी जांच’ भी शामिल थी. उन्होंने कहा, “मेरे परिवार ने चुपचाप पीड़ा सही, लेकिन सत्य की जीत होगी.” जस्टिस ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर के शब्दों का हवाला दिया: “किसी व्यक्ति का मापदंड यह नहीं कि वह सुविधा के क्षणों में कहां खड़ा है, बल्कि यह कि वह चुनौती के समय कहां खड़ा है.” जस्टिस रमना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अगस्त 2023 में उन्हें आंध्र प्रदेश से मध्य प्रदेश स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा था. उन्होंने कर्नाटक का अनुरोध किया, लेकिन कॉलेजियम ने इसे अस्वीकार कर मध्य प्रदेश स्थानांतरण की सिफारिश को दोहराया. उन्होंने कहा, “मैंने कर्नाटक चुना ताकि मेरी पत्नी को निमहान्स, बेंगलुरु में इलाज मिल सके, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर विचार नहीं किया.” हालांकि, रमना ने इसे वरदान बताया, क्योंकि जबलपुर और इंदौर के बार और सहयोगी न्यायाधीशों से उन्हें अपार समर्थन मिला. उन्होंने कहा, “मैंने आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में स्थायी योगदान दिया. मुझे अमरावती, कृष्णा, गोदावरी और नर्मदा की धरती पर सेवा का अवसर मिला. मैंने न्याय किया और इन अवसरों के लिए धन्य हूं.” साल 1994 में द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और हाई कोर्ट के जस्टिस तक पहुंचे. इस पर रमना ने कहा, “मैंने कई चुनौतियों का सामना किया. मेरे करियर में संघर्ष और कड़वे अनुभवों ने मुझे विविधता लाने में मदद की. सत्य की हमेशा जीत होगी, ‘सत्यमे जयते’.”  

बैतूल की धरती आधी रात में हिली, भूकंप से घबरा के उठे लोग, इतनी थी तीव्रता

बैतूल मध्यप्रदेश के बैतूल में बुधवार तड़के 2:59 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. एनसीएस के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से पांच किलोमीटर की गहराई में था. आधी रात को आए इस भूकंप से अब तक कीसी प्रकार के जान-माल के नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है. लोगों को नहीं हुआ भूकंप का अहसास रात का समय होने और तीव्रता कम होने के कारण अधिकतर लोगों को इस भूकंप का अहसास भी नहीं हुआ. हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की कंपन महसूस की गई, लेकिन कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल ने पुष्टि की है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है. गौरतलब है कि बैतूल क्षेत्र में यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 3 मई को जिले के मुलताई क्षेत्र में भी रिक्टर स्केल पर 2.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. लगातार दूसरी बार आई इस हल्की भूकंपीय हलचल से विशेषज्ञों का ध्यान एक बार फिर इस क्षेत्र की भूगर्भीय सक्रियता की ओर गया है. भूकंप की तीव्रता 2.8 रही एनसीएस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “भूकंप की तीव्रता 2.8, समय 21/05/2025 को 02:59:44 IST, अक्षांश 21.73°N, देशांतर 78.35°E, गहराई 5 किमी रही. इससे पहले मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर पैमाने पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था. वहीं रविवार को अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, 18 मई को सुबह 5:06 बजे अरुणाचल में रिक्टर पैमाने पर 3.8 तीव्रता का भूकंप आया. विशेषज्ञों की राय भूवैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह के हल्के झटके आमतौर पर किसी बड़े भूकंप का संकेत नहीं होते, लेकिन यदि बार-बार भूकंपीय गतिविधि दर्ज की जाए, तो गहन निगरानी की आवश्यकता होती है. एनसीएस लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर जानकारी साझा कर रहा है. प्रशासन की जनता से अपील जिला खनिज अधिकारी मनीष पालेवाल ने नागरिकों से अपील की है कि, ”घबराएं नहीं, लेकिन आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी एहतियात बरतें. सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखें और भूकंप के समय क्या करना चाहिए, इसके बारे में जागरूक रहें. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र और स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थिति पर नजर बनाए हुए है.”  

पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली में इंदौर के निकट पशुपतिनाथ मंदिर आकार ले रहा

 इंदौर  नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली में इंदौर से 20 किमी दूर तिल्लौर खुर्द के पास पशुपतिनाथ मंदिर आकार ले रहा है। 25 हजार वर्गफीट में तैयार हो रहे इस मंदिर में सर्वेश्वर भोले बाबा विराजित होंगे। 2015 में शुरू हुआ मंदिर निर्माण का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है। यहां मंदिर के साथ हेल्थ केयर सेंटर, गोशाला, स्कूल आदि बनाए जाएंगे। शिव ओम सांई ट्रस्ट द्वारा तिल्लौर में 25 हजार वर्गफीट परिसर में पांच हजार वर्गफीट में मुख्य मंदिर बनाया जा रहा है। यह मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की वास्तुशैली पर बन रहा है। यहां लकड़ी की 12 फीट की 48 मूर्तियां बनाकर स्थापित की जा रही हैं। परिसर में 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं इनमें पहली मंजिल पर शिव परिवार, राम परिवार, कृष्ण परिवार और पांडव की मूर्तियां हैं। दूसरी मंजिल पर योगिनियों की मूर्तिया लगाई गई है। खास बात यह है कि बंगाल के कलाकारों ने एक ही तने से एक मूर्ति बनाई है। परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं, जिसमें लाल गणेशजी, दत्तात्रय, अन्नपूर्णा माता, उन्मत भैरव आदि के मंदिर है। मंदिर निर्माण शुरू करने से पहले ट्रस्ट सदस्यों द्वारा नेपाल जाकर पशुपतिनाथ मंदिर भी गए और बारीकी से एक-एक वस्तु का निरीक्षण किया ताकि वास्तुशैली को यहां आकार दे सकें। सर्वेश्वर महादेव होंगे विराजित ट्रस्टी मनोज ठक्कर ने बताया कि पशुपतिनाथ मंदिर एक है और वह नेपाल में है। हम यहां पर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली का उपयोग कर रहे हैं। मगर यहां पर सर्वेश्वर महादेव को स्थापित किया जाएगा। गेस्ट हाउस, अन्नक्षेत्र के अलावा आठ हजार वर्गफीट में भजन और आध्यात्मिक केंद्र भी बनाया जाएगा। ऐसे शुरू हुआ मंदिर निर्माण मंदिर का निर्माण सबसे पहले 11 रुपये के चंदे के साथ हुआ। इसके बाद गुरु मनोज ठक्कर द्वारा लिखी गई चार किताबों से होने वाली आय से मंदिर निर्माण चल रहा है।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ कलेक्टरों को राजस्व न्यायालयों का नियमित संचालन करने के निर्देश विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम मुख्यमंत्री ने तीन जिलों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आम लोगों की राजस्व संबंधी समस्याओं के तेजी से निराकरण करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टरों को नियमित रूप से राजस्व न्यायालयों का संचालन करने और इसके लिए दिन भी निर्धारित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का जायजा लेने के लिए अब तक 19 जिलों का औचक निरीक्षक और समाधान शिविर में शामिल हो चुके हैं। जनता से मिले फीडबैक से इस बात का गर्व है कि हमारी सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों तक पहुंच रहा है, जिनके लिए सरकार ने योजनाएं बनाई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ काम करना ही हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले में आकस्मिक निरीक्षण, समाधान शिविर में शामिल होने के बाद दुर्ग जिला मुख्यालय में कवर्धा, बेमेतरा और दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने सुशासन तिहार में सक्रिय भागीदारी और परिश्रम से अच्छा कार्य किया है। आप सभी ने संकल्प लेकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु कार्य किया है, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों के समाधान का प्रतिशत बेहतर है, जिससे यह स्पष्ट है कि हम सुशासन और आम जनता की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में हमने अनेक अच्छे कार्य किए हैं, जिसका अच्छा फीडबैक जनता से मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी समस्त योजनाएं आमजनता को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। साय ने कहा कि जनहित में किए गए अच्छे कार्यों की हमेशा प्रशंसा होती है और जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें हम पुरस्कृत भी करेंगे। वहीं यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जहां कहीं भी पेयजल की समस्या हो, इसको दूर करने का पुख्ता प्रबंध किया जाए। उन्होंने बरसात की मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण हेतु किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा कम पानी वाली फसलों जैसे दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने विशेष रूप से प्रयास हो। साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए शिविरों का आयोजन आगे भी नियमित रूप से किया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के आधार कार्ड और ई-केवाईसी के कारण होने वाली दिक्कतों को भी तेजी से दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण के प्रकरण तेजी से निपटाएं और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों को तत्काल राहत दें। उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तार से समीक्षा की और सुशासन तिहार के अंतर्गत आवास के संबंध में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अंतर विभागीय  समन्वय स्थापित कर निर्माणाधीन सड़कों और शासकीय भवनों लंबित निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वामित्व योजना की भी समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आय सृजन गतिविधियों और ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की पुख्ता व्यवस्था की जाए ताकि महिलाएं तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री कहा कि बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने से महिलाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुले है। कंस्ट्रक्शन के लिए सेटरिंग प्लेट को किराए में देकर समूह की महिलाएं अच्छी आय प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसी सभी संभावनाओं पर लगातार काम करना है। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण की प्रगति, संस्थागत प्रसव की स्थिति, स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट्स की तैनाती, और सिकलसेल स्क्रीनिंग की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा तालाबों और छोटे जल स्रोतों के इनलेट मार्ग अवरुद्ध न हों, ताकि वर्षा जल का संचयन सुचारु रूप से हो सके और भूजल स्तर बना रहे। मुख्यमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि न्याय की संकल्पना पूर्ण रूप से साकार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में जो तकनीक आधारित प्रावधान शामिल किए गए हैं, उनका समुचित और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी हो। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध में वृद्धि हो रही है, इसके खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाएं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। साय ने कहा कि सभी किरायेदार की सूचना पुलिस के पास हो और मकान मालिकों को इसके लिए विशेष निर्देश दिए जाए। यदि मकान मालिक जानकारी नहीं देंगे तो उन पर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को विलेज लेवल रजिस्टर को अनिवार्य रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए ताकि अधिकारियों के स्थानांतरण होने पर नए अधिकारियों को भी आपराधिक गतिविधियों और संदिग्धों की जानकारी प्राप्त हो सके। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक सर्व डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन एवं ईश्वर साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संभागायुक्त एस. एन राठौर, आईजी आर जी गर्ग, तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लेखिका बानू मुश्ताक ने रचा इतिहास, ‘हार्ट लैंप’ के लिए जीता इंटरनेशनल बुकर प्राइज

 नई दिल्ली   भारतीय लेखिका, वकील और एक्टिविस्ट बानू मुश्ताक ने अपनी किताब ‘हार्ट लैंप’ के लिए इंटरनेशनल बुकर प्राइज जीता है। बानू मुश्ताक कर्नाटक कीर रहने वाली हैं। बानू मुश्ताक को उनकी कन्नड़ कहानी संग्रह हार्ट लैंप के लिए साल 2025 का प्रतिष्ठित बुकर प्राइज मिला है। यह पहली बार है, जब कन्नड़ भाषा में लिखी किसी किताब को बुकर प्राइज मिला है। उन्होंने ये किताब जीतकर इतिहास रच दिया। दीपा भष्ठी ने इस किताब का कन्नड़ से अंग्रेजी में अनुवाद किया था। कब और कहां हुआ पुरस्कार का एलान? पेशे से वकील और पत्रकार, बानू मुश्ताक ने कहानीकार, कवि, उपन्यासकार और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। 20 मई लंदन के टेट मॉडर्न में आयोजित एक समारोह में इस पुरस्कार का एलान किया गया। 12 कहानियों का संग्रह है बता दें कि 2025 के निर्णायक मंडल की अध्यक्षता करने वाले लेखक मैक्स पोर्टर ने हार्ट लैंप को विजेता के रूप में घोषित किया। पोर्टर ने कहा, कई साल बाद ‘हार्ट लैंप’ अंग्रेजी पाठकों के लिए कुछ नया है ।यह अनुवाद की हमारी समझ को चुनौती देता है और उसे अच्छा करना में बेहतर करता है। बानू मुश्ताक उनकी 12 शॉर्ट स्टोरीज यानी लघु कहानियों का एक संग्रह है। उन्हें इस किताब को लिखने में लगभग 30 साल लगे। बानू मुश्ताक ने पुरस्कार जीतने के बाद वहां बैठे लोगों से कहा, वैश्विक दर्शकों के लिए कन्नड़ को और अधिक पेश करने की जरूरत है। दुनिया भर के पाठकों के लिए अधिक से अधिक कन्नड़ साहित्य लाने की आवश्यकता है। क्या है हार्ट लैंप में हार्ट लैंप में 12 कहानियां हैं। ये कहानियां 1990 से 2023 के बीच लिखी गईं। ये पितृसत्तात्मक दक्षिण भारतीय समुदायों में रहने वाली आम महिलाओं की हिम्मत, प्रतिरोध, हास्य और बहनचारे की कहानियां हैं। ये कहानियां कन्नड़ संस्कृति की मौखिक परंपराओं से प्रेरित हैं। हार्ट लैंप- कहानियां और उनका प्रभाव जजों ने हार्ट लैंप को ‘हास्यपूर्ण, जीवंत, बोलचाल की भाषा में, मार्मिक और तीखा बताया। इंटरनेशनल बुकर प्राइज 2025 के जजों के अध्यक्ष मैक्स पोर्टर ने इसे ‘अंग्रेजी पाठकों के लिए कुछ नया’ कहा। उन्होंने किताब के अनुवाद को ‘एक कट्टरपंथी अनुवाद’ बताया। उन्होंने कहा कि यह अनुवाद भाषा को बदलता है और अंग्रेजी में नए रूप बनाता है। यह अनुवाद की समझ को चुनौती देता है और बढ़ाता है। पोर्टर ने आगे कहा, ‘यह वह किताब थी जिसे जजों ने पहली बार पढ़ने से ही पसंद किया था। जूरी के अलग-अलग नजरियों से इन कहानियों की सराहना सुनना बहुत खुशी की बात थी। उन्होंने महिलाओं के अनुभवों, प्रजनन अधिकारों, आस्था, जाति, शक्ति संरचनाओं और उत्पीड़न पर कहानियों के बारे में बताया। क्या बोलीं बानू मुश्ताक बानू मुश्ताक ने खुद कहा, ‘यह किताब इस विश्वास से पैदा हुई है कि कोई भी कहानी छोटी नहीं होती, कि मानव अनुभव के ताने-बाने में हर धागे का अपना महत्व होता है।’ उन्होंने साहित्य की लोगों को जोड़ने की शक्ति पर विचार किया। उन्होंने कहा कि एक ऐसी दुनिया में जो अक्सर हमें बांटने की कोशिश करती है, साहित्य उन पवित्र जगहों में से एक है जहां हम एक-दूसरे के दिमाग में जी सकते हैं, भले ही कुछ पन्नों के लिए ही सही। 2022 के बाद यह दूसरा भारतीय पुरस्कार है। उस साल गीतांजलि श्री और डेज़ी रॉकवेल को टॉम्ब ऑफ सैंड के लिए पुरस्कार मिला था। यह पुरस्कार जीतने वाला पहला हिंदी उपन्यास था। पेरुमल मुरुगन का तमिल उपन्यास पायरे 2023 में लंबी सूची में था।  

चंडोला में गरजा बुलडोजर, 8500 घरों को तबाह करने का वीडियो आया सामने

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में चंडोला तालाब के किनारे एक साथ गरजे करीब 50 बुलडोजरों ने एक ही दिन में करीब 8500 मकानों/ढांचों को पत्थर-पत्थर कर डाला। अब कुछ धार्मिक ढांचे ही बचे हैं। पुलिस का कहना है कि इन्हें सम्मान के साथ हटाया जाएगा। अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण को हटाकर 2.5 लाख वर्ग मीटर जमीन खाली कराई है। अहमदाबाद के जॉइंट कमिश्नर (क्राइम ब्रान्च, सेक्टर 2) जयपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि कल चंडोला तालाब के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाने का दूसरे चरण का काम शुरू हुआ था। जितना अतिक्रमण हटाना था, उसमें से 99.9 फीसदी ध्वस्तीकरण पूरा हो चुका है। 2.25 लाख वर्ग मीटर जमीन खाली करा ली गई है। अब कुछ धार्मिक ढांचे ही बचे हैं जिन्हें सम्मान के साथ हटाया जाएगा। हमारी अपील है कि कोई अफवाह पर ध्यान ना दें। नगर निगम की नीति के मुताबिक जिन्हें मकान मिलना है उनके फॉर्म लिए जा चुके हैं। सरकारी जमीन पर निर्माण अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जी एस मलिक के अनुसार नगर निगम ने चंदोला झील के आसपास 2.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र से अवैध निर्माणों को हटाने का फैसला किया है। पिछले महीने 1.25 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के घरों समेत अतिक्रमण को हटाया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) शरद सिंघल ने बताया कि दूसरे और अंतिम चरण में एएमसी पुलिस की मदद से शेष भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 3,000 पुलिसकर्मियों और राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) के जवानों को तैनात किया गया है। सिंघल ने कहा कि पहले चरण में हमारा मुख्य लक्ष्य असामाजिक तत्व और अवैध बांग्लादेशी निवासी थे, जो यहां रह रहे हैं। हमने अतिक्रमण विरोधी अभियान के पहले चरण से पूर्व यहां अवैध रूप से रह रहे 202 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। दूसरे चरण में हम शेष अवैध अतिक्रमण को हटा देंगे। जब तक सभी अवैध ढांचे हटा नहीं दिए जाते, तब तक अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा। ड्रोन से हुआ अवैध निर्माण का सर्वेक्षण संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह अभियान शुरू करने से पहले एएमसी ने एक सर्वेक्षण किया और पाया कि झील के आसपास का लगभग 2.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र पर अब भी अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वेक्षण से पुष्टि हुई है कि इस विशाल भूमि पर लगभग 8,000 मकान अवैध रूप से बनाए गए हैं। सिंघल ने बताया कि एएमसी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2010 या उससे पहले से यहां रहने वाले लोग वैकल्पिक आवास के लिए पात्र होंगे और कई लोग पहले ही अपना घरेलू सामान वहां ले जा चुके हैं। उन्होंने कहा एएमसी के कम से कम 50 दलों ने सुबह अपना काम शुरू कर दिया है और दोपहर तक 30 प्रतिशत क्षेत्र को साफ कर दिया गया है। हमने क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखने के लिए 50 ड्रोन तैनात किए हैं। पहलगाम हमले के बाद अहमदाबाद में यहां बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिये पकड़े गए थे। 29 और 30 अप्रैल को अहमदाबाद नगर निगम ने पहले चरण के बुलडोजर ऐक्शन में बड़ी संख्या में ढांचों को गिरा दिया था। 20 मई से शुरू हुए दूसरे चरण में नगर निगम की 50 टीमों को सात जोन में बांटकर काम पर लगाया गया था। 350 स्टाफ सदस्यों के साथ सुबह 7 बजे ही ध्वीस्तीकरण का काम शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। 50 से ज्यादा बुलडोजर/अर्थमूवर से अवैध ढांचों को मिट्टी में मिला दिया गया। कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए 3000 पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था। तालाब किनारे एक बेहद सघन बस्ती थी। जॉइंट पुलिस कमिश्नर शरद सिंघल ने मंगलवार को पीटीआई को बताया था कि पहले चरण में हमारा मुख्य लक्ष्य असामाजिक तत्व और अवैध बांग्लादेशी निवासी थे जो यहां रह रहे हैं। हमने अतिक्रमण विरोधी अभियान के पहले चरण से पूर्व यहां अवैध रूप से रह रहे 202 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। दूसरे चरण में हम शेष अवैध अतिक्रमण को हटा देंगे। जब तक सभी अवैध ढांचे हटा नहीं दिए जाते, तब तक अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा। किन्हें मिलेगा घर अहमदाबाद नगर निगम ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2010 या उससे पहले से यहां रहने वाले लोग वैकल्पिक आवास के लिए पात्र होंगे और कई लोग पहले ही अपना घरेलू सामान वहां ले जा चुके थे।

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