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प्रदेश स्तर रैंकिंग में जिले को अब तक 8.51 रैंकिंग अंक मिले , इस तरह अब तक राजगढ़ प्रदेश में अव्वल

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के प्रदेश में सर्वाधिक निर्माण पूरा करने पर राजगढ़ जिले को अब तक 25 में से 8.51 अंक प्राप्त हुए हैं। जिला अब तक प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले में अमृत सरोवर लक्ष्य से अधिक और प्रदेश में सर्वाधिक कार्य प्रारंभ कराए गए हैं। इसी तरह जिला खेत तालाब भी लक्ष्य से अधिक प्रारंभ कराने में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इस तरह जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए My Bharat पोर्टल पर युवाओं का रजिस्ट्रेशन भी राजगढ़ ने लक्ष्य 5,400 से अधिक 10,186 से अधिक कार्य कराए हैं। प्रदेश स्तर रैंकिंग में जिले को अब तक 8.51 रैंकिंग अंक मिले हैं। इस तरह अब तक राजगढ़ प्रदेश में अव्वल है। । राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जिले में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे जल संवर्धन के कार्यो में मनरेगा योजना में कुल 18 अमृत सरोवर तालाब निर्माण का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुआ है। लक्ष्य अनुसार सभी 19 तालाबों के लिए स्थल चयन SIPRI ऐप से किया जाकर भारत सरकार के अमृत सरोवर पोर्टल पर उसकी प्रविष्टि कराई जा चुकी है। इन सभी अमृत सरोवरों का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 1866 खेत तालाब के लक्ष्य से अधिक 1989 खेत तालाबों के स्थल चयन एसआईपीआरआई मोबाइल ऐप से फायनल कर निर्माण प्रारंभ किये जा चुके हैं। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 3,500 कूप रिचार्ज निर्माण के लक्ष्य से अधिक 3600 कूपों का चयन कर 3165 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। अभियान अंतर्गत कूप रिचार्ज लक्ष्य 3500 के विरुद्ध 3165 कूप रिचार्ज के कार्य प्रारंभ करने पर प्रदेश स्तर पर हो रही रैंकिंग में 20 में से अब तक 18 अंक प्राप्त हुए हैं। जिला खेत तालाब कार्य प्रारंभ करने में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। बोरी बंधान से 12 घंटे में मुड़ना नदी हुई लबालब शहडोल में सोहागपुर के जोधपुर गांव से बहने वाली मुड़ना नदी की जलधारा सूख सी गई थी। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्मशान घाट के पास पहले से निर्मित स्टॉप-डैम में जन-अभियान परिषद की जोधपुर समिति और ग्राम पंचायत ने इसी स्टॉप-डैम में बोरी बंधान का निर्माण किया। श्रमदानसे हुए बोरी बंधान से धीरे-धीरे मुड़ना नदी के बहाव क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने लगा। श्रमदान दिवस के बाद की सुबह नदी को लबालब देख गांव के पशु-पक्षियों तक में खुशी की लहर दौड़ गई। अब नदी में पेयजल के साथ ही सबके लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो गया है। देवास का मीठा तालाब हुआ साफ देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने के लिए 30 जून 2025 तक ये अभियान जारी रहेगा। जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में नगर निगम देवास के राजोदा स्थित मीठा तालाब की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। तालाब के किनारे पौधारोपण भी किया गया। भंडारी नदी में बोरी बंधान से ग्रीष्म ऋतु में भी पर्याप्त जल भराव जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत उमरिया जिले की नगर परिषद मानपुर में भंडारी नदी में बोरी बंधान किया गया। बोरी बंधान से नदी में जल संग्रह की क्षमता बढ़ गई है और पर्याप्त मात्रा में पानी रुकने लगा है। बोरी बंधान से नदीं में सहरेजे गए पानी का उपयोग पशु पक्षियों के साथ आम जन भी कर सकेंगे।  

पीएम मोदी आज बीकानेर से 26 हजार करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन करेंगे

जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बीकानेर से 26 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही, प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित देशनोक रेलवे स्टेशन का दौरा करेंगे तथा बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री देशनोक स्थित विश्वप्रसिद्ध करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा भी बीकानेर में उनके साथ उपस्थित रहेंगे। यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में सांस्कृतिक विरासत, दिव्यांगजन केंद्रित सुविधाएं और यात्रियों की सुगमता के लिए ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री द्वारा 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित 103 अमृत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया जाएगा जिसमें राजस्थान के 8 रेलवे स्टेशन (फतेहपुर शेखावाटी, देशनोक, बूंदी, मांडलगढ़, गोगामेड़ी, राजगढ़, गोविंदगढ़, मंडावर-महुआ रोड) शामिल हैं। देशनोक रेलवे स्टेशन में मंदिर वास्तुकला, मेहराब और स्तंभ विषयवस्तु शैली उपयोग में ली गई है जिससे क्षेत्रीय वास्तुकला को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे स्टेशनों पर बुनियादी ढांचा किया जा रहा सुदृढ़ भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर है जिससे रेलवे संचालन अधिक कुशल तथा पर्यावरण अनुकूल बन रहा है। इसी क्रम में श्री मोदी चूरू-सादुलपुर रेल लाइन (58 किमी) की आधारशिला रखेंगे तथा सूरतगढ़-फलोदी (336 किमी), फुलेरा-डेगाना (109 किमी), उदयपुर-हिम्मतनगर (210 किमी), फलोदी-जैसलमेर (157 किमी) तथा समदड़ी-बाड़मेर (129 किमी) रेल लाइन विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मजबूत सड़क तंत्र से सुरक्षा बलों को आवाजाही में होगी सुगमता प्रधानमंत्री सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए पुष्कर में एनएच-58 पर 3 वाहन अंडरपास के निर्माण तथा एनएच-11, एनएच-70 (जैसलमेर से म्याजलार) की सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की आधारशिला रखेंगे। साथ ही, राजस्थान में लगभग 4 हजार 850 करोड़ की 7 सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित करेंगे। इनसे आवागमन सुगम हो सकेगा। साथ ही, इन राजमार्गों के भारत-पाक सीमा तक फैले होने के कारण सुरक्षा बलों के लिए आवाजाही में सुगमता बढ़ेगी और भारत का रक्षा बुनियादी ढांचा भी मजबूत होगा। सभी के लिए बिजली और स्वच्छ ऊर्जा हमारा विजन केन्द्र सरकार सभी के लिए बिजली और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करवाने के विजन के साथ निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में मोदी विभिन्न विद्युत परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे जिनमें नीपको 300 मेगावाट ग्राउंड माउंटेड सौर परियोजना (बीकानेर), एसजेवीएन 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना (नावा), डीडवाना तथा कुचामन की सौर परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही, पार्ट बी पावरग्रिड सिरोही ट्रांसमिशन लिमिटेड और पार्ट ई पावरग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड के विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली का शिलान्यास भी किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 3 विद्युत परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे, जिनमें पावर ग्रिड नीमच ट्रांसमिशन सिस्टम लिमिटेड तथा बीकानेर कॉम्प्लेक्स की विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली शामिल है। साथ ही, फतेहगढ़-द्वितीय विद्युत स्टेशन में परिवर्तन क्षमता के विस्तार का उद्घाटन भी किया जाएगा इससे कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री प्रदेश में कलासर सौर ऊर्जा परियोजना (500 मेगावाट) की आधारशिला रखेंगे और शिंभू का भुर्ज सौर ऊर्जा परियोजना (300 मेगावाट) का उद्घाटन करेंगे। इनमें एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा घरेलू स्तर पर उत्पादित सौर पीवी मॉड्यूलों के उपयोग से ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी। राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम से क्षेत्रीय संपर्क को मिलेगा बढ़ावा प्रधानमंत्री के आधारभूत अवसंरचना के सुदृढीकरण के विजन को गति देने के उद्देश्य से प्रदेश में राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत श्री मोदी कार्यक्रम में 3,240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 757 किलोमीटर की लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों का उन्नयन और रखरखाव के लिए विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें मांगलियावास-पदुकलां (स्टेट हाइवे-102), ब्यावर-टेहला-अलनियावास (स्टेट हाइवे-59 और स्टेट हाइवे-104), दांतीवाड़ा-पीपाड़- मेड़ता सिटी (स्टेट हाइवे-21) शामिल हैं। राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम के विस्तार में गोटन-साथिन राजमार्ग के साथ 900 किलोमीटर के अतिरिक्त नए राजमार्ग शामिल किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से महत्वपूर्ण शहरों, औद्योगिक केंद्रों और राज्य की सीमाओं को जोड़ते हुए क्षेत्रीय संपर्क और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। नए नर्सिंग कॉलेजों से प्रशिक्षण सुविधाओं का होगा विस्तार प्रधानमंत्री राजसमंद, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, धौलपुर में नए नर्सिंग कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे। इस पहल से स्वास्थ्य अवसंरचना, नर्सिंग शिक्षा और प्रशिक्षण सुविधाओं में वृद्धि होगी। साथ ही, प्रधानमंत्री 132 केवी जीएसएस राजपुरा (बीकानेर) और 132 केवी जीएसएस सरदा (उदयपुर) की विद्युत अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। ये सबस्टेशन पारेषण क्षमता को बढ़ाएंगे, स्थानीय लोगों और उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाली और निर्बाध बिजली आपूर्ति भी प्रदान करेंगे।  

छत्तीसगढ़ के भी 5 प्रमुख स्टेशनों का आज पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

रायपुर भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों के लोकार्पण का ऐतिहासिक क्षण अब करीब है। गुरुवार, 22 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के कुल 103 पुनर्विकसित स्टेशनों का लोकार्पण एवं राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इस दौरान छत्तीसगढ़ के भी 5 प्रमुख स्टेशनों को नई पहचान मिलेगी। प्रदेश के जिन स्टेशनों का लोकार्पण किया जाएगा, उनमें डोंगरगढ़, भानुप्रतापपुर, भिलाई, उरकुरा और अंबिकापुर स्टेशन शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। क्या है अमृत भारत स्टेशन योजना? अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुंदर, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इस योजना के तहत स्टेशनों का न सिर्फ भौतिक रूपांतरण हो रहा है, बल्कि उन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। खासियतें जो बनाएंगी स्टेशनों को खास अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं, जैसे आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर डिजिटल सूचना प्रणाली और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड्स ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा दक्षता स्टेशन परिसरों का सौंदर्यीकरण, भित्तिचित्र, हरित क्षेत्र और स्थानीय संस्कृति को दर्शाने वाले तत्व दिव्यांगजन के लिए सुगम पहुंच, टैक्टाइल पाथ, रैम्प आदि व्यवस्थित यातायात और पार्किंग व्यवस्था छत्तीसगढ़ में 32 रेलवे स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प छत्तीसगढ़ के कुल 32 रेलवे स्टेशनों का चयन अमृत भारत योजना के तहत किया गया है, जिनपर कुल अनुमानित लागत ₹1680 करोड़ है। इन स्टेशनों पर अधोसंरचना विकास, अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण तथा स्थानीय कला और विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन 32 स्टेशनों की बदलेगी तस्वीर छत्तीसगढ़ के भाटापारा, भिलाई पावर हाउस, तिल्दा नेवरा, बिल्हा, भिलाई, बालोद, दल्ली राजहरा, भानुप्रतापपुर, हथबंद, सरोना, मरोदा, मंदिर हसौद, उरकुरा, निपानिया, भिलाई नगर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, रायगढ़, बाराद्वार, चाम्पा, नैला-जांजगीर, अकलतरा, कोरबा, उसलापुर, पेंड्रारोड, बैकुंठपुर रोड, अंबिकापुर, बिलासपुर, महासमुंद, जगदलपुर रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों का पुनर्विकास राज्य के दूरस्थ एवं औद्योगिक क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने, पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के जीवनस्तर को सुधारने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा। भारतीय रेलवे “नये भारत” की परिकल्पना को साकार करते हुए अपने स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रमों के माध्यम से देश के हर नागरिक को सुविधा और प्रगति से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

मृत व्यक्तियों को ही बार-बार काट रहा सांप! फिर हो रहा मुआवजे का खेल, अधिकारियों की जेब में 11 करोड़

सिवनी मध्य प्रदेश को यूं ही सबसे अजब-गजब नहीं कहा जाता है. यहां के घोटाले भी अजीबोगरीब होते हैं. हाल ही में चम्मच घोटाला, डामर घोटाला और नगर निगम कचरा घोटाले के साथ-साथ बिहार की तर्ज पर धान घोटाला चर्चा में आया था और अब सिवनी जिले में सर्पदंश घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है. इस घोटाले में 47 मृत व्यक्तियों के नाम पर बार-बार फर्जी मृत्यु का दावा कर शासन की राशि का गबन किया गया. जब सांप के काटने से लोग एक बार नहीं, 20 से 30 बार मर रहे हों और सरकार हर बार उन्हीं को मुआवजा भी दे रही हो. इस गफलत में सरकारी अफसर समेत 46 लोगों ने सरकार के 11 करोड़ 26 लाख रुपये हड़प लिए. जब घोटाले का खुलासा हुआ तो शासन की नींद उड़ गई. हालांकि, 11 करोड़ सरकार के लिए बड़ी रकम नहीं, लेकिन घोटाले के तरीके से लोग हैरान हैं. 2019 से 2022 तक चला घोटाला मध्य प्रदेश का सांप घोटाला सिवनी जिले प्रकाश में आया. यहां सर्पदंश की दवा में ठगी का खुलासा हुआ. इसके अलावा, फर्जी सर्पदंश मृत्यु दावों के जरिए 11.26 करोड़ रुपये की सरकारी राशि लूटी गई. सिवनी की केवलारी तहसील में 2019 से 2022 के बीच फर्जी सर्पदंश मृत्यु दावों के जरिए 11.26 करोड़ रुपये की ठगी की गई. चौंकाने वाली बात ये कि यहां एक शख्स रामकुमार को 19 बार और रमेश नाम के व्यक्ति को 30 बार मृत दिखाकर मुआवजा निकाला गया. ऐसे हुआ पूरा घोटाला मध्य प्रदेश सरकार सर्पदंश से मौत पर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देती है. यह राशि 4 लाख रुपये होती है. इसी स्कीम का फायदा उठाकर भ्रष्ट लोग सक्रिय हो गए. केवलारी के रमेश को फर्जी दस्तावेजों के जरिए सांप काटने से 30 बार मरा दिखाकर मुआवजा लिया गया. इसी तरह राजकुमार व अन्य लोगों के साथ किया गया. इसके अलावा, सर्पदंश की दवाओं की खरीद में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है, जहां जरूरत से ज्यादा कीमत पर दवाएं खरीदी गईं या फर्जी बिल बनाए गए. जांच में सहायक सचिव समेत 46 लोग शामिल मिले Integrated Financial Management System (IFMS) और तहसील-कोषालय की लचर व्यवस्था ने इस ठगी को आसान बनाया. जबलपुर के वित्त और कोष विभाग की जांच के बाद ये खुलासा हुआ. मामले में एक सहायक सचिव की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. लेकिन, बाकी आरोपियों पर कार्रवाई अभी बाकी है. निजी खातों में भेजी गई राशि जबलपुर संभाग के वित्त विभाग की विशेष टीम द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी ने अपने परिवार, दोस्तों और जान-पहचान वालों के खातों में राशि ट्रांसफर की. जांच अधिकारी ने कहा, शासन की राशि सीधे लाभार्थी खातों में न जाकर, निजी खातों में पहुंचाई गई. इससे साफ कि यह गबन सुनियोजित और संगठित तरीके से किया गया. यह रिपोर्ट अब सिवनी कलेक्टर को भेज दी गई है. क्यों बार-बार घोटाले? मध्य प्रदेश में बार-बार घोटाले सामने आने की वजह है कमजोर सिस्टम और जवाबदेही की कमी. IFMS जैसे डिजिटल सिस्टम में खामियां, तहसील और कोषालय की लापरवाही, और जांच में देरी ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया. सांप घोटाले में उदाहरण के तौर पर एक ही व्यक्ति को बार-बार मृत दिखाना सिस्टम की नाकामी को दर्शाता है. विशेषज्ञ कहते हैं कि बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसे कदम उठाने होंगे. ये काम भी करे सरकार – फर्जी दावों की जांच तेज करें और सभी दोषियों को सजा दें. – डिजिटल सत्यापन और सख्त ऑडिट सिस्टम लागू करें. – घोटालों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासनिक सुधार करें.

भारतीय चीन के बनाए चार्जर पर विश्वास नहीं करते, पाकिस्तान ने मिसाइल और ड्रोन पर विश्वास कर लिया: धीरेंद्र शास्त्री

छतरपुर  बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यूं तो हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। अब एक बार फिर वह अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। फिलहाल वह बिहार के मुजफ्फरपुर में कथा कह रहे हैं। मंगलवार रात उन्होंने दिव्य दरबार लगाया। जातिवाद की चर्चा पर क्या बोले उन्होंने कहा कि देश में जातिवाद के नाम पर चर्चा हो रही है, हमें जातिगत जनगणना से दिक्कत नहीं है। हम चाहते हैं कि भारत की जातियों की गिनती के बजाए ये गिनती की जाए, अमीर कितने हैं, गरीब कितने हैं, ताकि गरीबों के लिए कुछ किया जाए। कंधों से ऊंची छाती नहीं होती और धर्म से जुड़ी जाति नहीं होती। आगे उन्होंने कहा कि ऐसा होगा तो गरीब का भला होगा, क्षेत्र का विकास होगा, प्रदेश का विकास होगा, देश का विकास होगा, तब भारत विश्वगुरु होगा। पहलगाम हमले पर भी खूब बोले बाबा ने कहा कि पहलगाम में धर्म पूछकर मारा गया। धर्म विरोधियों के, बिगड़ैल औलाद के रूप में पाकिस्तान ने अपना बुरा चेहरा दिखाया। ये 1965, 1971 का भारत नहीं है। ये 2025 का भारत है, जिसने घर में घुसकर मारा। हमारी माताओं के सुहाग को उजाड़ा। हमें गर्व है, भारत की आर्मी पर, सेना पर, जिसने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर घर में घुसकर मारा। हम लोग चाइना के चार्जर पर भरोसा नहीं करते बाबा बागेश्वर ने कहा कि एक दिन मैं घर पर टीवी देख रहा था, जब भारत की सेना पाकिस्तान पर मिसाइल छोड़ रही थी, तब मैं हंस रहा था और बोल रहा था कि सिंदूर तो झांकी है, हल्दी, मेहंदी बाकी है। पाकिस्तान कितना पागल है, हम लोग चाइना के चार्जर पर भरोसा नहीं करते, वे चाइना के मिसाइल पर भरोसा कर रहे हैं। देश की बहनों ने घर में घुसकर मारा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि देश की बहनें काफी ताकतवर हैं। पाकिस्तान में घुसकर मारा। जिस देश की बेटियां इतनी खतरनाक हैं, उस देश के बेटों से फंस जाएगा तो क्या होगा। मुझे सबसे अच्छा बिहार लगता है, मेरा बस नहीं चलता नहीं तो यहीं मठ बना लेता। बिहार वालों चिंता मत करो, जब तक रहेंगे तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ेंगे। दिव्य दरबार में बाबा ने कई भक्तों की अर्जियां सुनीं और उनकी समस्याओं का समाधान किया. उन्होंने भीड़ से सीतामढ़ी के राजकुमार, शिवम नाम के एक भक्त, दो महिलाओं और एक संत के छोटे बेटे को मंच पर बुलाया. खास बात यह रही कि बाबा ने भक्तों की समस्याएं बिना पूछे पहले ही पर्चे पर लिख दीं और फिर उन्हें मंच पर बुलाकर समाधान बताया. सीतामढ़ी के एक संत ने बताया कि वह और उनका बेटा पूजा-पाठ के साथ श्रद्धा से दरबार में आए थे. बेटे की जिद पर उसे साथ लाए, और आश्चर्यजनक रूप से बेटे की अर्जी स्वीकार हुई, जिसके कारण उन्हें भी बाबा से मिलने का मौका मिला. संत ने अपनी पारिवारिक परेशानियों का जिक्र किया, जिसे बाबा ने पहले ही पर्चे पर लिख लिया था. इसी तरह, छपरा से अपनी मां के साथ आई एक युवती की पर्ची भी निकाली गई. बाबा ने उसकी समस्या को बिना पूछे लिख लिया और फिर उसे मंच पर बुलाकर समाधान का आशीर्वाद दिया. दरबार में भक्तों ने सामूहिक अर्जी लगाने या दिव्य दरबार आयोजित करने का विकल्प चुना, जिसके बाद बाबा ने दिव्य दरबार लगाया. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में पहलगाम हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “धर्म पूछकर मारा गया, धर्म विरोधियों ने. पाकिस्तान ने अपना चेहरा दिखाया. ये पुराना भारत नहीं, 2025 का भारत है, जो घर में घुसकर मारता है.” उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, “पाकिस्तान ने हमारी बहनों का सुहाग उजाड़ा, हमने ऑपरेशन सिंदूर चलाया. ये तो झांकी है, हल्दी-मेहंदी अभी बाकी है.” जातीय जनगणना पर भी बाबा ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, “हमें जातीय जनगणना चाहिए, लेकिन अमीर और गरीब की गणना होनी चाहिए, ताकि पता चले कि गरीब कितने हैं. कंधों से ऊंची छाती नहीं होती और धर्म से बड़ी जाति नहीं होती.” उन्होंने भक्तों से अपील की, “आप लोग साथ दो, भारत को हिंदू राष्ट्र बना देंगे.”

सांसद आलोक शर्मा बोले लव जिहाद के लिए चल रहे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, भोली-भाली लड़कियों को बहलाकर …..

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए लव जिहाद के मामले में जहां एक तरफ लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं तो वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में राजनेताओं द्वारा लगातार बयानबाजी भी की जा रही है। ऐसा ही चौंकाने वाला दावा करते हुए एक बयान भोपाल से भाजपा सांसद अलोक शर्मा का सामने आया है। उन्होंने देश में लव जिहाद के इंस्टीट्यूट चलने का दावा किया है। लव जिहाद के लिए चल रहे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भोपाल सांसद अलोक शर्मा ने कहा, देश में लव जिहाद के लिए ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट चल रहे हैं। मुख्यमंत्री से मिलकर इस पर कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे। लव जिहाद के लिए कौन फंडिंग कर रहे हैं, इनके बैंक अकाउंट की जांच होना चाहिए। इंस्टीट्यूट में धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने की दी जा रही ट्रेनिंग आलोक शर्मा ने यह भी कहा कि इस प्रकार के इंस्टिट्यूटमें ट्रेनिंग दी जा रही है कि हिन्दू समाज की भोली भाली लड़कियों को बहला फुसलाकर कर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने लव जिहाद में शंका नहीं बताई यह बिल्कुल ठीक बात है। यह तो मैं कई बार कह चुका हूं कि जांच होनी चाहिए कि पैसे कहां से आ रहे हैं। ऐसे लोगों की मध्य प्रदेश की धरती में कोई जगह नहीं है। लव जिहाद वालों को पहले भी दे चुके हैं चेतावनी बता दें कि सांसद अलोक शर्मा लव जिहाद मामले पर खुलकर बयान दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था “किसी मियां में ताकत हो तो अब लव जिहाद करके दिखाए। मेरा जन्म दाढ़ी, टोपी से निपटने के लिए ही हुआ है। लव जिहाद करने वालों के लिए कड़ी से कड़ी सजा ब्राह्मण समाज देगा। ब्राह्मण समाज की छात्राओं को टारगेट करके लव जिहाद के जाल फंसाया जा रहा है। पुराने भोपाल में हिंदू आबादी घटती जा रही है। सनातनी महिलाओं का गरबा अलग से हो। जिससे लव जिहाद करने वालों की एंट्री न हो। अभी भी वक्त है संभल जाओ।” 

सीएम हेल्पलाइन पर की जाने वाली शिकायतों को लेकर लगातार मनमानी व गड़बड़ी के मामले सामने, 6 अधिकारियों को नोटिस

भोपाल सीएम हेल्पलाइन का निराकरण नहीं करने पर बड़ा कदम उठाया गया है। एमपी के ग्वालियर में नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए सीएम हेल्पलाइन का निराकरण समय सीमा में नहीं करने पर छह अधिकारी को नोटिस देने के लिए कहा गया।  बैठक में आयुक्त ने शहर में पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से करने, आमजन को समय पर पानी उपलब्ध कराने और निगम के सभी कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाए जाने के लिए कहा गया। सीपी व जेडओ सहित छह को नोटिस वहीं सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली भवन अनुज्ञा, सीवेज, जनकल्याण, स्वच्छता की शिकायतों के निराकरण समय सीमा में नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए सिटी प्लानर एपीएस जादौन, जेडओ विपिन दुबे सहित अन्य को नोटिस जारी करने के लिए कहा गया। बैठक में अपर आयुक्त अनिल दुबे, अपर आयुक्त वित्त रजनी शुक्ला, उपायुक्त अमर सत्य गुप्ता, अधीक्षण यंत्री जेपी पारा, उपायुक्त डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। दिए गए ये निर्देश -बारिश से पहले नालों की सफाई कराएं तथा मुख्य मार्गों के किनारे कहीं भी कचरा न हो। -घरों से निकलने वाले कचरे का प्रॉपर सेग्रीगेशन हो इसके लिए कचरा वाहन पर हेल्परों को समझाइश दें। -अगले माह से स्वच्छता में वार्ड वाइज रैंकिंग की जाएगी इसके लिए अभी से तैयारी करें। जिन चौराहों पर सौंदर्यीकरण किया जाना है उनको चिन्हित करें। -वेस्ट टू वंडर पार्क में जो भी आवश्यक कार्य है उन्हें शीघ्र पूर्ण कराए, जिससे पार्क को आमजन के लिए खोला जा सके। -पेच रिपेयरिंग के कार्य में तेजी लाएं तथा ई चार्जिंग स्टेशन की जानकारी भी ली। -जीआईएस सर्वे व समग्र ई केवायसी की प्रगति रिपोर्ट धीमी होने पर नाराजगी जताते हुए कंपनी व संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी करने के लिए कहा गया। -एपीटीओ को प्रत्येक शनिवार को क्षेत्र में सम्पत्तिकर देने वाली संपत्तियों की जांच करने के निर्देश दिए।

शहरों के विकास, आर्थिक सुधार, नागरिक जीवन शैली में सुधार के लिए चयनित 7 शहरों में कार्य किये जा रहे

भोपाल प्रदेश में शहरों के समुचित विकास, आर्थिक सुधार, नागरिक जीवन शैली में सुधार के उद्देश्य से चयनित 7 शहरों (स्मार्ट सिटी) में कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में 3 शहरों भोपाल, इंदौर और जबलपुर का चयन प्रथम चरण में स्मार्ट सिटी मिशन में किया गया था। दूसरे चरण में ग्वालियर और उज्जैन का चयन किया गया। स्मार्ट सिटी मिशन में तीसरे चरण में सतना और सागर चयन किया गया। देश में स्मार्ट सिटी मिशन की शुरूआत 25 जून 2015 को की गई थी। इसके बाद से 3 चरणों में मध्यप्रदेश के इन 7 शहरों का चयन किया गया। स्मार्ट सिटी योजना का क्रियान्वयन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक चयनित शहर के लिये एक हजार करोड़ रूपये ग्रांट का प्रावधान किया गया, जिसमें 500 करोड़ रूपये केन्द्र सरकार की और 500 करोड़ रूपये राज्य सरकार की मैचिंग ग्रांट थी। स्मार्ट सिटी चयनित शहरों में मुख्य रूप से ऐसी योजनाएं क्रियान्वित की गई, जिनसे नागरिक जीवन शैली में सुधार हो। विकास के कार्य स्मार्ट सिटी में मुख्य रूप से स्मार्ट रोड, स्मार्ट लाइटिंग, स्मार्ट क्लासरूम, इनक्युबेसन सेंटर, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, एकीकृत कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर, मल्टी लेवल पार्किंग, इटेंलिजेंस ट्रॉफिक मैनेजमेंट, पुरातत्व धरोहर संरक्षण अंतर्गत रेस्टोरेशन कार्य, रिवर फ्रंट-लेक डेवलपमेंट, नॉन मोटराइज ट्रांसपोर्ट, स्पोटर्स् स्टेडियम आदि शामिल हैं। प्रदेश में स्मार्ट सिटी के सुचारू संचालन एवं मॉनिटरिंग के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पॉवर स्टेरिंग कमेटी का गठन भी किया गया है, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। स्मार्ट सिटी ग्रांट फंड के अंतर्गत 662 योजनाओं के लिये करीब 6 हजार 563 करोड़ रूपये के कार्य मंजूर किये गये हैं, जिसमें से 639 कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। युवाओं के उद्यमिता के कार्य स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत युवाओं के उद्यमिता के विकास के लिये भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर तथा सतना में स्टार्ट-अप्स इन्क्यूबेसन केन्द्रों की स्थापना की गई है। अब तक करीब 1027 स्टार्ट-अप्स को सुविधाएं प्रदान की जा चुकी हैं। इनमें से 381 से अधिक स्टार्ट-अप्स ग्रेजुएट हो चुके हैं। प्रदेश के सभी स्मार्ट सिटी शहरों में एकीकृत कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर प्रारंभ किये जा चुके हैं। कोविड-19 लॉक डाउन की विषम परिस्थितियों में स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत निर्मित कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर द्वारा राज्य एवं जिला स्तरीय कोविड कंट्रोल रूम के रूप में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिये प्रभावी कार्य किया गया। स्मार्ट सिटी द्वारा इंटर्नशिप के लिये छात्रों को जोड़ा जा रहा है। अब तक ‘द अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम (टीयूएलआईपी) वेबसाइट के अंतर्गत 6 हजार 539 इंटर्नशिप पोस्टेड, 733 ऑनगोइंग हैं। इनके अलावा 1318 इंटर्नशिप पूर्ण किये जा चुके हैं।  

103 स्टेशनों का रीडेवलपमेंट, PM मोदी आज करेंगे शुभारंभ, MP के ये रेलवे स्टेशन शामिल

नर्मदापुरम भारतीय रेल (Indian Railways) को देश की जीवन रेखा माना जाता है और रेलवे स्टेशन किसी भी शहर की पहचान का केंद्र होते हैं. अधिकतर स्टेशन शहर के बीचोंबीच स्थित होते हैं, जहां आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां दिखती रहती हैं. इसलिए स्टेशनों का विकास केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रहकर, उन्हें स्थानीय विरासत और पहचान से जोड़ना ज़रूरी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में भारत ने ‘अमृत काल’ में तेज़ विकास की दिशा पकड़ी है. उनकी प्रेरणा से भारतीय रेलवे ने 1300 से अधिक स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की, और अब 103 स्टेशनों का उद्घाटन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत होने जा रहा है. यह विकास की नई संस्कृति है, जिसमें शिलान्यास से उद्घाटन तक का सफर रिकॉर्ड समय में पूरा हो रहा है और इसके लिए भारतीय रेलवे सराहना की पात्र है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे इसमें एमपी के दो स्टेशन शामिल हैं. अमृत भारत स्टेशन योजना से हो रहे ये काम अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे 1300 से अधिक स्टेशनों में जो 103 स्टेशन अभी बनकर तैयार हुए हैं, उनमें मध्य प्रदेश राज्य के छह स्टेशन – कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं. 86 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित इन स्टेशनों में सौंदर्य, सुविधा और संस्कृति तीनों का समन्वय है. इन स्टेशनों पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं. प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं. सभी सुविधाओं को  दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है. वहीं, हर स्टेशन पर मध्य प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है. नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक पहचान के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, ₹26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित किया गया है. यह स्टेशन नर्मदा संस्कृति और स्थानीय लोककला पर आधारित थीम के तहत डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह केवल एक यात्री ठहराव का स्थान नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बन गया है. पुनर्विकास कार्यों में स्टेशन भवन का नवनिर्माण, भव्य प्रवेश द्वार, विकसित प्रतीक्षालय, पर्याप्त टिकटिंग काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल शौचालय एवं रैम्प, 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज और दोनों ओर के हाई लेवल प्लेटफॉर्म पर कवर शेड्स शामिल हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण किया गया है और 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में आधुनिक LED लाइटिंग की व्यवस्था की गई है. नर्मदापुरम स्टेशन अब सिर्फ एक रेलवे हब नहीं, बल्कि माँ नर्मदा की आध्यात्मिक धरा पर आधुनिक भारत की झलक प्रस्तुत करता है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विकास से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक समृद्धि को भी गति मिलेगी. शाजापुर रेलवे स्टेशन शाजापुर रेलवे स्टेशन अब आधुनिकता और परंपरा का संगम बन चुका है. 13 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित इस स्टेशन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं. प्लेटफॉर्मों का उच्चीकरण, नया फुट ओवर ब्रिज, विस्तारित छायादार क्षेत्र, सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, नव निर्मित प्रवेश द्वार, सुव्यवस्थित टिकट काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय अब इस स्टेशन की पहचान बन चुके हैं. स्टेशन भवन के फासाद को भी आकर्षक और सांस्कृतिक रूप में नया डिजाइन दिया गया है. यात्रियों की सुविधा के लिए पुरुष एवं महिला शौचालयों के साथ-साथ दिव्यांगजन अनुकूल विशेष सुविधाएं, VIP प्रतीक्षालय, द्वितीय श्रेणी वेटिंग हॉल और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था की गई है. इससे न केवल यात्रा अनुभव बेहतर होगा, बल्कि लोगों को स्टेशन पर समय बिताना भी सुखद अनुभव प्रदान करेगा. यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है 140 वर्ग मीटर में फैला ‘आर्ट एंड कल्चर ज़ोन’, जो स्थानीय संस्कृति की झलक को जीवंत करता है. यह न केवल एक रेलवे स्टेशन का विकास है, बल्कि शाजापुर जिले की सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक पहचान को नया आयाम देने वाला कदम भी है.

कोविड-19 एक बार फिर फैल रहा, देश में फिलहाल 257 एक्टिव मामले

नई दिल्ली  कोविड-19 एक बार फिर फैल रहा है। भारत में फिलहाल कोविड के मामले उतनी चिंता में डालने वाले नहीं हैं, लेकिन फिर भी कुछ राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ते नजर आ रहे हैं। देश में फिलहाल 257 एक्टिव मामले हैं। कुछ राज्यों में मामूली केस हैं तो कुछ में आंकड़ा अच्छा खासा है। जैसे हरियाणा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कोविड के 1-1 केस ही हैं तो वहीं केरल में इस समय 95 एक्टिव केस हैं। देश की राजधानी दिल्ली में भी इस समय कोविड के 5 एक्टिव केस हैं। हालांकि, कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां एक भी कोरोना का मामला सामने नहीं आया है। तमिलनाडु में भी कोरोना के 55 एक्टिव मामले हैं। महाराष्ट्र में केस इससे 10 कम यानी 56 हैं। आइए आपको बताते हैं कि किस राज्य में कितने एक्टिव केस इस समय हैं। किस राज्य में कितने एक्टिव केस राज्य    एक्टिव केस केरल    95 तमिलनाडु    66 महाराष्ट्र    56 कर्नाटक    13 पुडुचेरी    10 गुजरात    7 दिल्ली    5 राजस्थान    2 हरियाणा    1 पश्चिम बंगाल    1 सिक्किम    1 कुल मामले    257 सिंगापुर-चीन में भी फैल रहा कोरोना एशिया के कुछ देशों में कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं। हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड के अलावा चीन में भी कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 27 अप्रैल से 3 मई 2025 के सप्ताह में कोविड-19 के मामलों की संख्या बढ़कर 14,200 हो गई, जबकि पिछले सप्ताह यह संख्या 11,100 थी। थाइलैंड में 33 हजार मामले इस अवधि में सिंगापुर के अंदर कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की औसत संख्या 102 से बढ़कर 133 हो गई। थाईलैंड में 11 मई से 17 मई के बीच मामले बढ़कर 33,030 हो गए, जबकि बैंकॉक में 6,000 मामले सामने आए। इसी तरह हांगकांग में भी कोविड-19 के मामलों में सिर्फ 4 हफ्तों (6 से 12 अप्रैल) के अंदर 6.21% से 13.66% की वृद्धि हुई।

2026 में भारत की वृद्धि दर 6.2 % और वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया: मॉर्गन स्टेनली

नई दिल्ली वैश्विक उथल-पुथल और मौसमी प्रभावों के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था काफी हद तक मजबूत बनी हुई है और वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.4-6.5 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान है। यह जानकारी  जारी एसबीआई की एक रिपोर्ट में दी गई है। जीडीपी का सांख्यिकीय रूप से अनुमान लगाने के लिए, भारतीय स्टेट बैंक के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट ने इंडस्ट्री एक्टिविटी, सर्विस एक्टिविटी और ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़े 36 हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स के साथ एक ‘नाउकास्टिंग मॉडल’ बनाया है। यह मॉडल वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही से वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही तक सभी हाई-फ्रिक्वेंसी इंडिकेटर्स के कॉमन, रिप्रेजेंटेटिव या लेटेंट फैक्टर का अनुमान लगाने के लिए डायनेमिक फैक्टर मॉडल का इस्तेमाल करता है। वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी 6.3 प्रतिशत रहने की उम्‍मीद एसबीआई के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा, “हमारे ‘नाउकास्टिंग मॉडल’ के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के लिए अनुमानित जीडीपी वृद्धि दर 6.4-6.5 प्रतिशत के आसपास आनी चाहिए।” घोष ने कहा कि यह मानते हुए कि एनएसओ से जारी अपकमिंग डेटा में पहली से तीसरी तिमाही के अनुमानों में कोई बड़ा रिविजन नहीं होगा, हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी 6.3 प्रतिशत रहेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून की अपनी सामान्य शुरुआत की तारीख से काफी पहले, अगले चार से पांच दिनों में केरल में पहुंचने की संभावना है। अगर मानसून केरल में अनुमान के अनुसार पहुंचता है, तो यह 2009 के बाद से भारत के मुख्य भूमि क्षेत्र पर जल्दी दस्तक देने को लेकर रिकॉर्ड किया जाएगा। एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत बेहतर मानसून बारिश के पूर्वानुमान पर जुलाई से शुरू होने वाले 2025-26 फसल वर्ष में 354.64 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य बना रहा है। चालू 2024-25 फसल वर्ष में, सरकार ने 341.55 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन (अब तक: 332.3 मिलियन टन) का लक्ष्य रखा था।” आईएमएफ के अनुसार, वैश्विक विकास 2025 में 2.8 प्रतिशत और 2026 में 3 प्रतिशत तक गिरने का अनुमान है। रिपोर्ट में बताया गया है, “भारत के लिए, विकास का दृष्टिकोण वित्त वर्ष 2025 में 6.2 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2026 के लिए 6.3 प्रतिशत पर अपेक्षाकृत अधिक स्थिर है, जिसे निजी खपत, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में समर्थन प्राप्त है, लेकिन यह दर व्यापार तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के उच्च स्तर के कारण पहले के अनुमान से 30 बीपीएस कम है।” मॉर्गन स्टेनली ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत वैश्विक वित्तीय सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी मॉर्गन स्टेनली नेभारत के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के अनुमान को वित्त वर्ष 2026 के लिए 6.2 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.5 प्रतिशत पर बढ़ा दिया। कंपनी ने कहा कि बाहरी मोर्चे पर अनिश्चितता के बीच घरेलू मांग के रुझान देश की वृद्धि की गति के मुख्य चालक होंगे। इससे पहले वित्त वर्ष 2026 के लिए वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। वैश्विक ब्रोकरेज ने अपने नोट में कहा, “हमें उम्मीद है कि बाहरी कारकों से अनिश्चितता के बीच घरेलू मांग में मजबूती के कारण वृद्धि मजबूत रहेगी।” “राजकोषीय नीति में पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता दिए जाने के साथ आसान मौद्रिक नीति के माध्यम से नीतिगत समर्थन जारी रहने की संभावना है। मजबूत बफर के साथ मैक्रो स्थिरता के आरामदायक क्षेत्र में रहने की उम्मीद है।” घरेलू मांग के मामले में, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि शहरी मांग में सुधार और ग्रामीण खपत के स्तर में पहले से ही मजबूती के साथ खपत में सुधार अधिक व्यापक आधार पर होगा। “निवेश के मामले में, हम देखते हैं कि सार्वजनिक और घरेलू पूंजीगत व्यय वृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि हम उम्मीद करते हैं कि निजी कॉर्पोरेट पूंजीगत व्यय धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा,” इसने कहा। मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि खाद्य मुद्रास्फीति में कमी और मुख्य मुद्रास्फीति में सीमाबद्ध प्रवृत्ति के कारण हेडलाइन मुद्रास्फीति सौम्य बनी रहेगी।  

इंदौर महानगर रीजन: नर्मदा पेयजल योजना का प्लान नए सिरे से बनेगा, शिप्रा शुद्धिकरण योजना भी तीनों शहरों को मिलाकर

इंदौर प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश मेट्रो पाॅलिटन एक्ट की मंजूरी दी है। अब महानगर विकास प्राधिकरण का गठन होगा। इसका सेटअप नए सिरे से होगा या इंदौर विकास प्राधिकरण को इसमे मर्ज किया जाएगा, यह तय नहीं है। राजनीतिक समीकरणों पर इस एक्ट का प्रभाव न पड़े। इस पर भी सरकार की नजर है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महानगर विकास प्राधिकरण समन्वय की भूमिका में रहेगा, इसके अधीन नगर निगम या विकास प्राधिकरण नहीं होंगे,हालांकि इसके गठन में भी अभी लंबा समय लगना है। इंदौर महानगर रीजन में पांच जिले धार, उज्जैन, देवास,इंदौर और शाजापुर जुड़ेंगे। पांचों जिलों की आबादी 60 लाख है। रीजन का प्लान 75 लाख की आबादी के हिसाब से होगा और इसका दायरा 9 हजार वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। नर्मदा पेयजल योजना का प्लान नए सिरे से बनेगा अभी नर्मदा परियोजना अलग-अलग शहरों में बनी है। इंदौर में नर्मदा का चौथा चरण लाने की तैयारी की जा रही है। उज्जैन और देवास को भी नर्मदा- शिप्रा योजना से पानी मिल रहा है। महानगर रीजन बनने के बाद पेयजल की समग्र योजना तैयार हो सकती है। इसके लिए केंद्र से भी ज्यादा पैसा मिलेगा। शिप्रा शुद्धिकरण योजना भी तीनों शहरों को मिलाकर शिप्रा नदी तीन शहर इंदौर, देवास और उज्जैन से जुड़ी है। इंदौर की कान्ह नदी उज्जैन के पहले शिप्रा नदी में मिलती है। कान्ह नदी प्रदूषित नदी है। इस कारण शिप्रा का जल भी गंदा हो जाता है,जबकि देवास शहर के बड़े हिस्से को शिप्रा नदी से पानी सप्लाई होता है। सिंहस्थ के लिए इंदौर में अलग और उज्जैन के लिए अलग योजना बनती थी, लेकिन अब एक ही शुद्धिकरण प्लान बनेगा। इससे इंदौर से लेकर उज्जैन तक ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। जनप्रतिनिधि भी होंगे शामिल कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महानगर विकास प्राधिकरण के लिए तीन कमेटियां बनेगी। तीसरी कमेटी में जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे और उनकी स्वीकृति के बाद ही योजना को अमल में लाया जाएगा। एक्ट बनने के बाद अब महानगर प्राधिकरण का सेटअप तैयार किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे, सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष

भोपाल  मध्यप्रदेश के जिन क्षेत्रों की आबादी 10 लाख या उससे ज्यादा होगी, उन्हें ही मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाकर विकसित किया जाएगा। हालांकि आबादी ही काफी नहीं है। ऐसे क्षेत्रों का दायरा एक से ज्यादा जिलों तक होना चाहिए। क्षेत्र में कम से कम दो या दो से ज्यादा नगर पालिका, पंचायतें या अन्य क्षेत्र शामिल होने चाहिए। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कम से कम 15 वर्षीय कार्ययोजना बनेगी। योजना तैयार करने का काम मेट्रोपॉलिटन योजना समिति (एमपीसी) करेगी। ये करेंगे काम     नगर विकास प्राधिकरण सीमाओं के बाहर शेष क्षेत्र में नियोजन व विकास के काम मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Metropolitan Region) विकास प्राधिकरण (एमआरडीए ) के जरिए किए जाएंगे।     ऐसे प्रोजेक्ट जो एक से अधिक विकास प्राधिकरण की सीमा क्षेत्र में विकसित किया जाना प्रस्तावितहो, विकास कार्य एमआरडीएद्वारा किए जाएंगे।     मेट्रोपॉलिटन योजना समिति में नगर पालिकाओं, पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे। इसके अलावा एमआरडीए के प्रतिनिधि। सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष एमपीसी में एक अध्यक्ष व दो उपाध्यक्ष होंगे। नियुक्ति निगम-मंडलों की तर्ज पर सरकार करेगी। दो तिहाई सदस्य क्षेत्र में आने वाली नगर पालिकाओं व पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों में से चुनाव के जरिए चुने जाएंगे। इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार, संस्थाओं, संगठनों के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। क्षेत्र में आने वाले लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र के सदस्य, संबंधित नगर पालिकाओं, परिषदों, नगर निगम के महापौर विशेष आंमित सदस्य होंगे। सीएम होंगे एमआरडीए के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास व राजस्व विभाग के मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा इसमें राज्य के मुय सचिव और नगरीय विकास, राजस्व, परिवहन, लोक निर्माण, पर्यावरण व पंचायत विभाग के एसीएस, पीएस सदस्य होंगे। साथ ही महानगरीय योजना समिति के प्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश के संचालक को शामिल किया जाएगा। सदस्य संयोजक मेट्रोपॉलिटन आयुक्त को बनाया जाएगा। शासन द्वारा नामित चार विशेषज्ञ होंगे। विशेष आमंत्रित सदस्यों में नगर निगम के आयुक्त, रेलवे जोन के जीएम, केंद्रीय दूरसंचार व केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी और नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद, पंचायतों और विधानसभाओं के नामित सदस्यों को शामिल किया जाएगा। बाहरी काम ऐसे प्लान का प्रारूप बनाने में एमपीसी की मदद एमआरडीए करेगा। विकास प्राधिकरणों की सीमा क्षेत्र के बाहर बचे क्षेत्रों के नियोजन व विकास के काम करने होंगे। खासकर जो प्रोजेक्ट एक से ज्यादा प्राधिकरणों की सीमा में विकसित किए जाने हों। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Indore Bhopal Metropolitan Region) की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मेट्रोपॉलिटन आयुक्त होंगे। इसके अलावा नगर निगम आयुक्त, औद्योगिक विकास, हाउसिंग बोर्ड, मेट्रो कॉर्पोरेशन, परिवहन विभाग, जिलों के कलेक्टर, टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक, पीएचई के प्रतिनिधि आदि भी शामिल।

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