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भारत सरकार ने नकदी रहित उपचार स्कीम की शुरू, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया इन अस्पतालों में मिलेगा लाभ

रायपुर सड़क दुर्घटना में चोटिल होने वालों के लिए भारत सरकार ने नकदी रहित उपचार स्कीम शुरू की है. इस संबंध में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह एक बेहद जनउपयोगी योजना है, जिसमें सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृत अस्पताल में नकदी रहित मुफ्त उपचार सुविधा मिलेगी. स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि योजना के तहत दुर्घटना में हताहत व्यक्ति सात दिन तक डेढ़ लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज के लिए पात्र होगा. इस तरह से एक ही परिवार के दो व्यक्ति की दुर्घटना होती है तो 3 लाख तक, और 3 लोग हताहत होते हैं तो 4.5 लाख तक मुफ्त इलाज हो सकेगा. इसमें वे सभी हास्पिटल शामिल होंगे, जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत शामिल किया गया है. श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि अगर किसी की दुर्घटना होती है और उसे नजदीकी आयुष्मान संबद्ध हास्पिटल में ले जाया जाता है. लेकिन वहां भी इलाज के संसाधन नहीं हैं, या स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है, तो वह हास्पिटल तुरंत दूसरे अस्पताल में केस भेजेगा और पोर्टल में इसे अपडेट करेगा, ताकि विशेषज्ञ वाली जगह में तुरंत इलाज शुरू हो सके. उन्होंने कहा कि अभी ट्रामा और पॉलीट्रामा के अंतर्गत कुछ और सक्षम हास्पिटल को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके. इसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस जनहितकारी और महत्वपूर्ण योजना को राज्य में तत्काल प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है.

किस मजहब के लोग सबसे ज्यादा छोड़ रहे अपना धर्म और क्या अपना रहे, जाने दिलचस्प है आंकड़ा

नई दिल्ली दुनिया भर के कई देश मजहब के नाम पर संघर्ष कर रहे हैं तो वहीं आंतरिक संघर्ष भी आस्था के नाम पर होते रहे हैं। लेकिन विश्व में एक ऐसा तबका भी तेजी से बढ़ रहा है, जो किसी धर्म में आस्था ही नहीं रखता यानी नास्तिक। खासतौर पर यूरोप, अमेरिका, साउथ कोरिया आदि में मजहब से दूरी बनाने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे मसलों पर शोध करने वाली संस्था प्यू रिसर्च के अनुसार इटली, जर्मनी, स्पेन, स्वीडन जैसे देशों में जन्म से प्राप्त धर्म को छोड़ने वाले लोगों की संख्या अधिक है। सर्वे के अनुसार इटली में 28.7 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो नास्तिक हो गए हैं और उन्होंने अपने परिवार से प्राप्त धर्म को छोड़ दिया है। ऐसे ही जर्मनी में 19.8 फीसदी, स्पेन में 19.6 पर्सेंट और स्वीडन में 16.7 फीसदी लोगों ने अपना धर्म छोड़ दिया है और खुद को नास्तिक घोषित किया है। इसी तरह चिली में 15, मेक्सिको में 13.7 फीसदी और नीदरलैंड में 12.6 पर्सेंट लोगों ने अपने जन्म से प्राप्त धर्म छोड़ा है। इनमें से 99 फीसदी से ज्यादा लोग ईसाई थे, जो अब खुद को नास्तिक बताने लगे हैं। इस तरह धर्म छोड़कर जाने वाले लोगों की सबसे ज्यादा संख्या ईसाइयों की है। यूके में भी धर्म के प्रति लोगों की रुचि कम हो रही है और करीब 12 फीसदी लोग नास्तिक हो गए हैं। इसी तरह जापान में 10.7, ग्रीस में 10.2, कनाडा में 9.5 फीसदी लोगों ने अपना धर्म त्याग दिया है और अब उनका कहना है कि वे किसी भी मजहब में आस्था ही नहीं रखते। किस पंथ के लोग सबसे ज्यादा छोड़ रहे हैं अपनी आस्था अब सवाल यह है कि ब्रिटेन से लेकर इटली तक नास्तिक बनने वाले लोगों की बड़ी संख्या किस पंथ की है और इससे किसे ज्यादा नुकसान है। इसका जवाब भी प्यू रिसर्च के सर्वे में दिया गया है। सर्वे के अनुसार सबसे ज्यादा ईसाई धर्म से जुड़े लोगों ने ही खुद को नास्तिक घोषित कर लिया है। सर्वे में बताया गया कि 28.4 फीसदी ने ईसाई धर्म छोड़ा है तो महज 1 फीसदी ने ही अपनी आस्था बदलते हुए ईसाई पंथ को अपनाया है। वहीं जर्मनी में 19.7 फीसदी ईसाई ऐसे हैं, जो अब खुद को नास्तिक बताने लगे हैं। इस तरह दुनिया के कई मुल्कों में तेजी से ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है, जो किसी भी धर्म में आस्था नहीं रखते। वहीं दिलचस्प बात है कि इस्लाम और हिंदू धर्म ऐसे हैं, जिनमें अपना जन्म से प्राप्त धर्म छोड़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है।

भृत्य को 9 साल बाद फिर से मिलेगी नौकरी, जिला न्यायालय से हुआ अन्याय, हाईकोर्ट ने दिया न्याय

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक दिलचस्प मामला सामने आया है. जिला न्यायालय बालोद में पदस्थ एक भृत्य ने अपनी शादी के लिए सात दिन का अवकाश लिया था, लेकिन वह दस दिन बाद काम पर लौटा. इस पर उसे अनाधिकृत अवकाश का हवाला देते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. नौ साल तक चले कानूनी संघर्ष के बाद भृत्य को आखिरकार हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली. हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय को आदेश दिया है कि उसे 50 प्रतिशत पिछला वेतन देते हुए पुनः सेवा में बहाल किया जाए. दरअसल, जिला न्यायालय बालोद में परीवीक्षा अवधि में भृत्य के पद पर राजेश देशमुख पदस्थ था. इस दौरान साल 2016 में उसकी शादी लग गई. घर में तैयारियां जारी थी, उसने अपनी शादी के लिए 7 दिन का अवकाश लिया. लेकिन शादी से लौटते हुए उसे देरी हो गई, अवकाश अवधि से 10 दिन बाद राजेश काम पर वापस आया. विभाग ने आरोप लगाया कि उसने अनाधिकृत रूप से अवकाश लिया है, जिसके बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. मुख्यालय से जारी नोटिस का राजेश ने जवाब भी दिया था, लेकिन इसपर असंतोष जताते हुए भृत्य सेवा से हटा दिया गया. पीड़ित ने प्रोबेशन में भी आरोपों की जांच और सुनवाई का अवसर मिलना जरूरी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की. जस्टिस संजय श्याम अग्रवाल की बेंच में मामलें की सुनवाई हुई. याचिककर्ता की ओर से उसके अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सिर्फ प्रोबेशन में रहने के कारण कर्मचारी को सेवा से हटाया नहीं जा सकता. प्रोबेशन पीरियड में रहने पर भी आरोप की विस्तृत जांच की जानी थी. बिना जांच के पद से हटाया नहीं जा सकता. सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने देशमुख को 50 प्रतिशत पिछले वेतन के साथ सेवा में वापस लेने का जिला न्यायालय बालोद को निर्देश दिया.

25 मई से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की विदिशा संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा , रोज 20-25 किमी चलेंगे

 विदिशा ‘पांव पांव वाले भैया’ और ‘मामा’ के नाम से मशहूर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करीब 25 साल बाद एक बार फिर पदयात्रा पर निकलने वाले हैं. शिवराज यह पदयात्रा अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा में निकालने वाले हैं. शिवराज सिंह चौहान की विदिशा संसदीय क्षेत्र में यह पदयात्रा 25 मई से शुरू होने वाली है, जिसमें वो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे. यह पदयात्रा विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में होगी, जो हफ्ते में दो दिन चलेगी. इस दौरान शिवराज सिंह चौहान अधिकतम 20 से 25 किमी की यात्रा निकालेंगे. यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे. पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव की समीक्षा करेंगे. पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में साल 1991 में पदयात्रा निकाली थी और पूरा संसदीय क्षेत्र नाप डाला था. तब उनका नाम ‘पांव-पांव वाले भैया’ पड़ गया था. शिवराज की विदिशा संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा 25 मई से, रोज 20-25 किमी चलेंगे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 मई से अपने विदिशा संसदीय क्षेत्र में ऐतिहासिक पदयात्रा प्रारंभ कर रहे हैं. यह पदयात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. यह पदयात्रा निरंतर चलेगी और प्रारंभ में विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में यात्रा निकलेगी. तत्पश्चात, देश के अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी शिवराज सिंह पदयात्रा निकालेंगे. शिवराज सिंह प्रतिदिन 20 से 25 किमी की यात्रा निकालेंगे. यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे. पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करेंगे. इस यात्रा के माध्यम से वे ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारेंगे. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और समग्र विकास की ओर अग्रसर है. मेरी पदयात्रा का उद्देश्य है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर गांव, हर किसान, हर महिला सशक्त बने. इसके लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे. केंद्र की योजनाओं का प्रचार-प्रसार पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. लाभार्थियों से करेंगे प्रत्यक्ष संवाद शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. इसमें स्थानीय भागीदारी भी रहेगी. साथ ही, कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारियों के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, किसान संगठन, महिला मंडल आदि को भी यात्रा में शामिल कर सबकी सहभागिता की जाएगी और योजनाओं के प्रभाव को व्यापक बनाया जाएगा. आगे की योजना अन्य क्षेत्रों की     विदिशा के बाद अन्य संसदीय क्षेत्रों में भी इसी तरह की पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में विकास की नई गाथा लिखी जा सके.     यात्रा का होगा सामाजिक और आर्थिक प्रभाव     आत्मनिर्भर भारत मिशन को बल: कृषि, ग्रामीण उद्योग, महिला उद्यमिता, और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान.     गरीबीमुक्त गांव: केंद्र की योजनाओं के माध्यम से आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार के अवसरों का विस्तार.     महिला सशक्तिकरण: विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना.     युवाओं के लिए अवसर: स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना.   बहनों से मिलेंगे किसानों से करेंगे संवाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का है। इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले गांव लाडक़ुई से भैरूंदा तक दो दिवसीय पदयात्रा निकाल रहे हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान यह उनकी पहली पदयात्रा होगी। इसके बाद वह देश के कई गांवो में जाकर यात्रा के माध्यम से किसानों, महिलाओं व युवाओं से सीधे जुड़ेगें। इस यात्रा का उद्देश्य पर्यावरण सरंक्षण, जल सरंक्षण, उन्नत, जैविक व प्राकृतिक खेती, नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान, भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने के प्रयास, वॉटर हार्वेस्टिंग को अपनाने, पॉलीथिन के उपयोग को कम करने, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दो को अमलीय जामा पहनाकर आम लोगों को जागरूक करना है। इस दौरान वह ग्रामीणों को चौपाल के माध्यम से विकसित भारत में अपने योगदान को लेकर संकल्प भी दिलाएंगे। चौपाल के माध्यम से योजनाओं की जानेंगे हकीकत, ग्रामीणों से लेंगे फीडबैक उनकी यात्रा 25 मई को शाम 4 बजे लाडक़ुई से शुरु होगी। यहां पर वह प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, वन विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग योजना के संबंधित हितग्राहियों से संवाद करेंगे। इसके बाद वह पदयात्रा कर लाडक़ुई व भादाकुई के बीच पड़ने वाले खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद करेंगे और उन्हें जैविक खेती को बढ़ावा देने, कीटनाशक एवं रासायनिक खाद का उपयोग कम करने, नरवाई नहीं जलाने का संकल्प दिलाएंगे। साथ ही उद्यानिकी एवं वाणिज्यिक खेती पर भी चर्चा करेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे भादाकुई पहुंचकर चौपाल में शामिल होंगे और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत लाड़ली बहना व लखपति दीदी से संवाद … Read more

रायपुर-अंबिकापुर हाइवे पर भीषण हादसा, हाइवा से हाइवा की भिड़ंत, केबिन में फंसा चालक

कोरबा रायपुर-अंबिकापुर हाइवे पर शुक्रवार को दो हाइवा वाहनों के बीच भीषण हादसा हुआ. छुरी से बिलासपुर जा रही हाइवा सड़क किनारे खड़ी दूसरी हाइवा से टकरा गई. हादसे में घायल चालक अनीश पटेल केबिन के अंदर फंस गया, जिसे गैस कटर की मदद से बाहर निकाला गया. जानकारी के मुताबिक, घटना सुबह तकरीबन 5 बजे के आसपास की बताई जा रही है. राखड़ से लोड ट्रेलर छुरी से बिलासपुर की ओर जा रही थी. इसी दौरान वह सड़क किनारे खड़ी हाइवा से जा भिड़ी. हादसे में ट्रेलर के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. वाहन चालक केबिन के भीतर ही फंस गया. वाहन चालक को चोटें आई है. दुर्घटना के बाद सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से सड़क जाम हो गया. सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. कैबिन में फंसे चालक को गैस कटर की मदद से बाहर निकाला गया.

घोसी में बारात से लौट रही तेज रफ्तार कार पुलिया से टकराकर खाई में जा गिरी, एक की मौत, चार बारातियों की हालत गंभीर

घोसी यूपी के मऊ में हंसी-खुशी के माहौल में बड़ा हादसा हुआ है। घोसी कोतवाली अन्तर्गत नगर क्षेत्र के जामडीह के समीप शुक्रवार की सुबह बारात से लौट रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पुलिया से टकराकर खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार दूल्हे के भाई की मौत हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी भेजवाया। सभी चार लोगो की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजकर जांच में जुटी है। गोरखपुर जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र के तिघरा गांव से गुरुवार को बलिया जिले के बेल्थरा में बारात गई थी। जहां बारात से एक कार में सवार तिघरा निवासी दो सगे भाई मदन तिवारी उम्र 18 वर्ष और विशु तिवारी उम्र 19 वर्ष पुत्र शशिभूषण तिवारी, किशन पांडे उम्र 30 वर्ष पुत्र दुर्गेश पांडे, चन्द्रमोल त्रिपाठी उम्र 38 वर्ष पुत्र कमलेश्वर त्रिपाठी और संदीप प्रजापति उम्र 30 वर्ष पुत्र दुर्गविजय वापस लौट रहे थे। घोसी कोतवाली क्षेत्र के जामडीह के समीप पहुंचे ही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पुलिया से टकरा गई और नीचे गड्ढे में पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार पलटते ही चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी घोसी भेजा। जहां चिकित्सकों ने दूल्हे के भाई चन्द्रमोल त्रिपाठी को मृत घोषित कर दिया। अन्य चार घायलों की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मौत की खबर लगते ही शादी की खुशियों में डूबे परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पर बड़ी संख्या में परिजनों और अन्य लोगों का जमावड़ा लग गया।  

तमन्ना भाटिया को दो साल के लिए मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया, अब विवादों में फंसी

बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने को लेकर कर्नाटक सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। तमन्ना भाटिया को दो साल के लिए मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। गुरुवार को कर्नाटक सरकार की तरफ से एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद से विरोध पैदा हो गया। ऑनलाइन पब्लिश नोटिफिकेशन में कहा गया है कि तमन्ना दो साल तक सोप की ब्रांड एंबेसडर रहेंगी और इसके लिए उन्हें 6.20 करोड़ रुपए की रकम भुगतान किया जाएगा। मुंबई अभिनेत्री तमन्ना ने कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) के साथ दो वर्षों के लिए उसके प्रतिष्ठित उत्पाद का प्रचार करने के लिए करार किया है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले की हालांकि कड़ी आलोचना हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ब्रांड एंबेसडर के लिए किसी कन्नड़ एक्टर या एक्ट्रेस को क्यों नहीं लिया गया? कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने इसे स्थानीय गौरव का अपमान बताया है और कहा कि दीपिका पादुकोण जैसी कर्नाटक की मूल की स्टार को इसके लिए क्यों नजरअंदाज किया गया।   कर्नाटक रक्षण वेदिके के अध्यक्ष टी नारायण गौड़ा ने कहा कि अगर नियुक्ति रद्द नहीं की गई तो राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा, -‘‘यह निराशाजनक निर्णय है कि सरकार को कर्नाटक की विरासत के प्रतीक के रूप में प्रतिनिधित्व करने के लिए एक भी कन्नड़ व्यक्ति नहीं मिला। इसके लिए दीपिका पादुकोण या कोई अन्य स्थानीय स्टार क्यों नहीं?” फिल्म निर्माता कविता लंकेश ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा- ‘‘यह बॉलीवुड और निष्पक्षता के प्रति हमारे निरंतर जुनून को दर्शाता है। कर्नाटक में खूबसूरत, प्रतिभाशाली सितारे हैं, अगर इसका मतलब हमारे सांस्कृतिक प्रतीकों को संरक्षित करना है तो कई लोग मुफ्त में ब्रांड का समर्थन करेंगे।”    इसके जवाब में केएसडीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रशांत पीकेएम ने कहा कि राज्य से बाहर ब्रांड की द्दश्यता बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा- ‘‘हमारे 1,800 करोड़ रुपये के राजस्व का सिफऱ् 12 प्रतिशत कर्नाटक से आता है। राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए हमें व्यापक अपील वाले किसी व्यक्ति की ज़रूरत थी और तमन्ना उस प्रोफ़ाइल में फिट बैठती हैं।” मंत्री एमबी पाटिल और एचके पाटिल ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ब्रांड की पहुंच को पूरे देश में पहुंचाना है। ऐसा करने से राज्य के जड़ें मजबूत होंगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1916 में लॉन्च किया गया मैसूर सैंडल सोप कर्नाटक की सबसे स्थायी विरासतों में से एक है।

PBKS की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने नियुक्ति को चुनौती देते हुए चंडीगढ़ की अदालत का रुख दिया

चंडीगढ़ पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन कर रही है। वह प्लेऑफ में पहुंच चुकी है लेकिन उसके मालिकान के बीच ही विवाद हो गया है। टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में चली गई हैं। जिंटा, बर्मन और वाडिया तीनों ही पंजाब किंग्स की ओनर कंपनी के डायरेक्टर हैं। क्या है विवाद? ताजा विवाद की जड़ में 21 अप्रैल को हुई केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (पंजाब किंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी) की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग है। प्रीति जिंटा ने मीटिंग की वैधता, उसकी प्रक्रिया और कंपनी का नया डायरेक्टर चुने जाने को अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से मीटिंग को अवैध ठहराने और मुनीश खन्ना को डायरेक्टर के तौर पर काम करने से रोके जाने की गुजार लगाई है। उन्होंने मीटिंग में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर भी रोक लगाने की मांग की है। प्रीति जिंटा के विरोध के बावजूद मुनीश खन्ना बनाए गए डायरेक्टर जिंटा का दावा है कि मीटिंग कंपनीज ऐक्ट 2013 और दूसरे कानूनी प्रावधानों को धता बताते हुए बिना उचित प्रक्रिया के हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जिंटा ने 10 अप्रैल को ईमेल भेजकर कथित तौर पर होने वाली मीटिंग को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी लेकिन उनकी चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया। खुद आपत्ति जताने के बाद भी प्रीति जिंटा ने कंपनी के एक और डायरेक्टर करन पॉल के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया। दोनों ने ही मीटिंग के दौरान मुनीश खन्ना को डायरेक्टर बनाए जाने का विरोध किया। विरोध के बावजूद मोहित बर्मन ने नेस वाडिया के समर्थन की बदौलत खन्ना की नियुक्ति पर आगे बढ़े।

वन विभाग ने ‘पुष्पा’ फिल्म की तरह खेर की लकड़ी की तस्करी पकड़ी

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर के घाटीगांव इलाके में सांक नदी से 35 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद कर वन विभाग ने 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है. लेकिन आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के दौरान आरोपियों को रिमांड पर नहीं लेने से कार्रवाई पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं. चेकिंग के दौरान दो ट्रकों में मिली थी खैर की लकड़ी असल में ग्वालियर जिला वन मंडल में फिल्म ‘पुष्पा’ की तर्ज पर कुछ तस्कर खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे थे. इस तस्करी के बारे में वन विभाग की टीम को एक मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी. वन विभाग के मुताबिक, उन्होंने अलवर से आए दो ट्रकों से चेकिंग के दौरान बहुमूल्य खैर की लकड़ी पकड़ी थी. ये लकड़ी कत्था बनाने के काम में ली जाती है. जो काफी महंगी होती है. पुष्पा की तर्ज पर नदी में इकट्ठा कर रहे थे लकड़ी तस्करों ने ट्रकों में छुपा कर रखी ज्यादातर लकड़ियों को पहले ही जखौदी इलाके में सांक नदी में फेंक दिया था. जब ग्रामीणों की सूचना वन विभाग को मिली तो टीम सांक नदी किनारे पहुंची और नदी से 35 क्विंटल से ज्यादा खैर की लकड़ी जब्त की. पता चला है कि तस्करों का गिरोह पुष्पा फिल्म की तरह ही खैर की लकड़ी को नदी से बहाकर इकट्ठा कर रहे थे. वन विभाग की विजलेंस टीम ने मौके से तीन तस्कर हामिद, अजहरुद्दीन और साउन खान को भी पकड़ा है. जबकि उनका एक साथी रामनिवास गुर्जर मौके से फरार हो गया. अंडरग्राउंड हुआ तस्करी का मास्टर माइंड खैर की लकड़ी की तस्करी का मास्टरमाइंड शोभित यादव बताया जा रहा है, जो वन विभाग की कार्रवाई के बाद के बाद अंडर ग्राउंड हो गया है. ऐसे में वन विभाग ने पकड़े गए तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर कोर्ट में पेश कर दिया है. वन विभाग के ग्वालियर रेंज सीसीएफ एपीएस सेंगर से बात करने पर उनका कहना है कि, ”सोनचिरैया अभियारण्य में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी की जानकारी मिल रही थी. इसी आधार पर ये कार्रवाई की गई है.” पुष्पा फिल्म की तरह छुपाई लकड़ी ग्वालियर में वन विभाग को खेर की लकड़ी की तस्करी का एक बड़ा मामला मिला है। यह मामला फिल्म ‘पुष्पा’ की तरह है। 15-16 मई की रात को वन विभाग को खबर मिली कि कुछ लोग लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। राजस्थान से आ रहे थे ट्रक अलवर से आ रहे दो ट्रकों की तलाशी ली गई। ट्रकों में कीमती खेर की लकड़ी छुपाई गई थी। तस्करों ने लकड़ियों को जखौदी इलाके में सांक नदी में फेंक दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग ने सांक नदी से 35 क्विंटल से ज्यादा खेर की लकड़ी जब्त की। हामिद, अजहरुद्दीन और साउन खान नाम के तीन तस्करों को भी पकड़ा गया। रामनिवास गुर्जर नाम का एक तस्कर मौके से भाग गया। सांक नदी से लकड़ी निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिमांड पर नहीं लिए तस्कर, उठा सवाल शोभित यादव नाम का एक व्यक्ति इस तस्करी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वह वन विभाग की कार्रवाई के बाद से गायब है। वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि पकड़े गए तस्करों को रिमांड पर नहीं लिया गया। अगर रिमांड पर लिया जाता, तो तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता था।

योगी सरकार ने यूपी में एक बार फिर अफसरों के तबादले, IAS, PCS के बाद अब 27 PPS के ट्रांसफर

लखनऊ यूपी में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। योगी सरकार ने इस बार 27 PPS के तबादले किए हैं। देवेंद्र सिंह को पुलिस उपाधीक्षक, पीटीएस सुल्तानपुर भेजा गया है। वहीं अमित कुमार पांडेय को सहायक पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी से हटाकर पुलिस उपाधीक्षक पीटीएस जालौन भेजा गया है। इसके अलावा नईम खान मंसूरी पुलिस उपाधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ, गणेश कुमार पुलिस उपाधीक्षक आरीटीसी चुनार मिर्जापुर बनाया गया है। संत प्रसाद उपाध्याय को पुलिस उपाधीक्षक मुजफ्फरनगर से सहायक पुलिस आयुक्त प्रयागराज, अवनीश कुमार गौतम को पुलिस उपाधीक्षक गोरखपुर से सहायक सेनानायक 6वीं वाहिनी पीएएसी मेरठ, अभिषेक प्रताप अजेय को पुलिस उपाधीक्षक कुशीनगर से पुलिस उपाधीक्षक कन्नौज, राकेश प्रताप सिंह को पुलिस उपाधीक्षक लखनऊ से कुशीनगर पुलिस उपाधीक्षक, आशुतोष मिश्रा को पुलिस उपाधीक्षक अयोध्या से पुलिस उपाधीक्षक प्रतापगढ़ भेजा गया है। वहीं उदय प्रताप सिंह-1 को सहायक सेनानायक 42वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज, अरुण कुमार राय-1 को पुलिस उपाधीक्षक झांसी, सुरेंद्र नाथ यादव को पुलिस उपाधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर लखनऊ, अमित चौरसिया को सहायक पुलिस आयुक्त कानपुर, नरेश कुमार को मण्डलाधिकारी (वीके) गाजियाबाद, अमित प्रताप सिंह को पुलिस उपाधीक्षक एएनटीए लखनऊ, मनोज कुमार सिंह को पुलिस उपाधीक्षक संभल, दीपशिखा अहिरवन को सहायक सेनानायक 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा भेजा गया है। सोहराव आलम को पुलिस उपाधीक्षक, रेलवे झांसी, सौरभ कुमार वर्मा को पुलिस उपाधीक्षक कानपुर देहात, आदित्य कुमार गौतम को सहायक सेनानायक 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ, कर्णसिंह यादव को सहायक सेनानायक 33वीं वाहिनी पीएससी झांसी, अंबुजा त्रिवेदी को पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना मुख्यालय, लखनऊ, अंकित कुमार-II को पुलिस उपाधीक्षक सीआईडी मुख्यालय लखनऊ, गौरव कुमार त्रिपाठी को पुलिस उपाधीक्षक मुरादाबाद, अशोक कुमार सिंह-IV को पुलिस उपाधीक्षक मुरादाबाद, कमलेश कुमार को पुलिस उपाधीक्षक अलीगढ़, अंकित कुमार-I को सहायक पुलिस आयुक्त लखनऊ बनाया गया है।  

भारत की जासूसी कर रहे दो ISI एजेंटों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल दो जासूसों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों में एक का नाम तुफैल है जिसे वाराणसी से पकड़ा गया, जबकि दूसरे आरोपी मोहम्मद हारून को दिल्ली से दबोचा गया। दोनों को गुरुवार देर रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। ATS दाखिल करेगी रिमांड अर्जी एटीएस का मानना है कि इन दोनों आरोपियों से देशविरोधी नेटवर्क के कई और तार जुड़ सकते हैं। इसलिए दोनों की गहन पूछताछ के लिए ATS जल्द ही कोर्ट में रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ कर और भी अहम जानकारियां सामने लाई जा सकती हैं, जिससे इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके। यह मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर देश की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की साजिशें की जा रही हैं। ATS और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 600 से जुड़ा था तुफैल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद हारून का संपर्क पाकिस्तानी उच्चायोग से था और वह भारत की संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था। वहीं तुफैल, नफीसा नाम की एक महिला के हनी ट्रैप में फंसकर देश के संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें साझा कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, तुफैल व्हाट्सएप पर करीब 600 पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़ा हुआ था। तुफैल उन तक संवेदनशील सूचनाएं और जानकारी पहुंचाता था। इसके अलावा, तुफैल तहरीके-लब्बैक पाकिस्तान से संबंधित सामग्री भी लोगों के बीच प्रचारित करता था, जो एक कट्टरपंथी संगठन के रूप में पहचाना जाता है।  

एवेंजर्स: डूम्‍सडे और सीक्रेट वॉर्स पोस्‍टपोन, बढ़ा इंतजार

लॉस एंजिल्स मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की फिल्‍में बीते कुछ समय से वह जादू नहीं चला पा रही हैं, जिसकी इनसे उम्‍मीद रहती है। एक दिन पहले जहां टॉम हॉलैंड की ‘स्‍पाइडर मैन 4’ अपनी कास्‍ट‍िंग को लेकर चर्चा में थी, वहीं अब MCU की मोस्‍ट अवेटेड फिल्‍मों ‘एवेंजर्स: डूम्‍सडे’ और ‘एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स’ को लेकर बड़ी खबर आई है। इन दोनों ही फिल्‍मों से जहां फैंस को भरदम उम्‍मीदें हैं, वहीं डॉक्‍टर डूम के रोल में विलेन बनकर आ रहे रॉबर्ट डाउनी जूनियर के कारण भी एक्‍साइटमेंट लेवल हाई है। पर अफसोस, फैंस को इन दोनों ही फिल्‍मों के लिए थोड़ा और लंबा इंतजार करना होगा। ‘आयरन मैन’ बनकर फैंस के फेवरेट बने रॉबर्ट डाउनी जूनियर की ‘डॉक्‍टर डूम’ के रूप में झलक पाने के लिए फैंस की बेताबी बढ़ गई है। ऐसा इसलिए कि डिज्नी ने मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की इन दोनों ही फिल्‍मों की रिलीज को पोस्‍टपोन कर दिया है। स्टूडियो ने गुरुवार को इस बाबत घोषणा की है। बताया है कि MCU की दोनों अगली ‘एवेंजर्स’ फिल्मों की रिलीज में देरी होगी। ‘एवेंजर्स: डूम्‍सडे’ की नई रिलीज डेट डिज्नी, जो अब मार्वल स्टूडियोज की मूल कंपनी है ने बताया, ‘अब एवेंजर्स: डूम्सडे, जिससे रॉबर्ट डाउनी जूनियर MCU में वापसी कर रहे हैं, अब 18 दिसंबर 2026 को रिलीज होगी।’ यह फिल्‍म पहले 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्‍तक देने वाली थी। लेकिन अब इसे 7 महीने के लिए पोस्‍टपोन कर दिया गया है। यह फिल्म अभी प्रोडक्‍शन लेवल पर है। ‘एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स’ की नई रिलीज डेट मार्वल स्‍टूडियोज ने इससे पहले बताया था कि ‘एवेंजर्स’ की दोनों अपकमिंग फिल्‍मों की शूटिंग शुरू हो चुकी है। नई घोषणा में ‘एवेंजर्स: डूम्‍सडे’ के साथ ही ‘एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स’ की रिलीज डेट बदलने का भी ऐलान हुआ है। अब यह फिल्‍म 2 मई 2027 की बजाय 17 दिसंबर 2027 को रिलीज होगी। फिल्‍म निर्माण में देरी के कारण पोस्‍टपोन हुई रिलीज ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नए शूटिंग शेड्यूल तय हुए हैं। फिल्म निर्माताओं को सुपरहीरो फिल्मों को पूरा करने के लिए अधिक समय देने का फैसला लिया गया है। ये डिज्नी द्वारा अब तक बनाई गई सबसे बड़ी फिल्मों में से एक हैं। रुसो ब्रदर्स कर रहे हैं ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ और ‘एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स’ का डायरेक्‍शन ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ और ‘एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स’ दोनों ही मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) के फेज-VI का हिस्सा हैं। इन फिल्‍मों का डायरेक्‍शन रुसो ब्रदर्स कर रहे हैं। इससे पहले, रुसो ब्रदर्स ने MCU को अपनी सबसे बड़ी हिट फिल्में- एवेंजर्स: एंडगेम और एवेंजर्स: इनफिनिटी वॉर दी हैं। ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ का रिकॉर्ड तोड़ेंगी ‘डूम्‍सडे’ और ‘सीक्रेट वॉर्स’? सही मायने में मार्वल स्‍टूडियोज की प‍िछली बंपर हिट फिल्‍म 2019 में रिलीज ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ ही थी। इसने दुनियाभर में 2.79 बिलियन डॉलर यानी करीब 23902 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह दुनियाभर में ‘अवतार’ (2.9 बिलियन डॉलर’ के बाद सबसे अध‍िक कमाई करने वाली फिल्‍म है। ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ ने भारतीय बॉक्‍स ऑफिस पर भी 373.05 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन किया था।

साई सुदर्शन को पछाड़ नंबर-1 बनना है तो चढ़ना होगा ‘शतक का पहाड़’, ऑरेंज कैप से कितना दूर विराट कोहली?

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2025 का 65वां मैच आज यानी शुक्रवार, 23 मई को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच में विराट कोहली की नजरें ऑरेंज कैप के करीब पहुंचने पर होगी। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ पिछला मैच बारिश की भेंट चढ़ने से किंग कोहली इस लिस्ट में काफी पिछड़ गए हैं। विराट के नाम आईपीएल 2025 में 11 मैचों में 63.12 की औसत के साथ 505 रन दर्ज है, वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में 8वें पायदान पर खिसक गए हैं। अगर आज उन्हें टॉप पर बैठे साई सुदर्शन को पछाड़ना है तो शतक का पहाड़ चढ़ना होगा। गुजरात टाइटंस के दोनों सलामी बल्लेबाज -साई सुदर्शन और शुभमन गिल- ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-2 में अपना कब्जा जमाए बैठे हैं। साई सुदर्शन के नाम जहां 13 मैचों में 638 रन दर्ज है, वहीं शुभमन गिल 636 रनों के साथ बिल्कुल उनके पीछे हैं। इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा अभी तक कोई और इस सीजन 600 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। गुरुवार, 22 मई को हुई जीटी वर्सेस एलएसजी मैच में शतक जड़ मिचेल मार्श भी 560 रनों के साथ चौथे पायदान पर पहुंच गए हैं। विराट कोहली को ऑरेंज कैप की रेस में नंबर-1 बनने के लिए चाहिए कितने रन? विराट कोहली को अगर आज ऑरेंज कैप पर कब्जा जमाना है तो उन्हें शतकीय पारी खेलनी होगी। वह साई सुदर्शन से अभी 133 रन पीछे हैं। विराट कोहली के नाम IPL के इतिहास में सबसे अधिक 8 शतक जड़ने का रिकॉर्ड है, ऐसे में उनके लिए यह काम मुश्किल नहीं है। कोहली पिछले दो सीजन से लगाकार शतक मारते हुए आ रहे हैं। ऐसे में उनकी नजरें इस सीजन भी शतक जड़ हैट्रिक पूरी करने पर होगी।

न्यायाधीश अपने विदाई समारोह में ही नहीं गए बल्कि 11 फैसले सुनाए, शनिवार को लास्ट डे रहेगा, आज आखिरी कार्यदिवस था

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के जज रिटायरमेंट के दिन आमतौर पर कोई फैसला नहीं सुनाते, लेकिन जस्टिस एएस ओका ने इस पुरानी रवायत को बदल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को अपने आखिरी कार्यदिवस पर कई बेंचों में हिस्सा लिया और 11 फैसले दिए। ऐसा उन्होंने तब किया है, जब उनकी मां का एक दिन पहले ही निधन हुआ था। वह गुरुवार को ही अपनी मां के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए मुंबई गए थे और फिर लास्ट वर्किंग डे पर काम करने के लिए दिल्ली लौट आए। शुक्रवार को शीर्ष अदालत में उनका आखिरी दिन था और इस मौके पर भी वह सिर्फ विदाई समारोह के आयोजनों में ही नहीं रहे बल्कि 11 फैसले सुनाए। उनका शनिवार को लास्ट डे रहेगा, लेकिन आज आखिरी कार्यदिवस था। उन्होंने पहले ही कहा था कि वह रिटायरमेंट शब्द से नफरत करते हैं। इसके अलावा उनका कहना था कि जजों को आखिरी दिन भी फैसले सुनाने चाहिए और बेंच का हिस्सा बनना सही रहता है। इसी के तहत उन्होंने कई सुनवाई में हिस्सा लिया और फिर अंत में प्रतीकात्मक बेंच का भी हिस्सा बने, जिसका नेतृत्व चीफ जस्टिस बीआर गवई कर रहे थे। किसी भी जज के रिटायरमेंट पर प्रतीकात्मक जज चीफ जस्टिस के नेतृत्व में बैठती है। ऐसा जस्टिस को सम्मानजनक विदाई के लिए किया जाता है और यह परंपरा शीर्ष अदालत में दशकों से चली आ रही है। जस्टिस ओका बोले- आखिरी दिन भी करना चाहिए पूरा काम बता दें कि 21 मई को जस्टिस ओका के लिए फेयरवेल समारोह आयोजित हुआ था। इसका आयोजन सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन की ओर से किया गया था। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि मैं इस परंपरा को सही नहीं मानता कि रिटायरमेंट के दिन जज काम ही न करें। मैं पसंद करूंगा कि आखिरी कार्यदिवस पर भी काम करूं और कुछ फैसलों का हिस्सा बनूं। इसके अलावा उनका कहना था कि रिटायर होने वाले जज के लिए गार्ड ऑफ ऑनर 1:30 बजे दिया जाता है, जिसमें थोड़ी देरी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आखिरी दिवस पर कम से कम शाम को 4 बजे तक तो काम करना ही चाहिए। जिला अदालत से की थी शुरुआत और SC तक आ पहुंचे उन्होंने कहा था कि मैं तो रिटायरमेंट शब्द से ही नफरत करता हूं। बता दें कि जस्टिस ओका ने यूनिवर्सिटी ऑफ बॉम्बे से लॉ की पढ़ाई करने के बाद जून 1983 से वकालत शुरू की थी। उन्होंने अपने पिता श्रीनिवास ओका के ठाणे जिला अदालत स्थित चेंबर से वकालत शुरू की थी और वहां से लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज तक का सफर तय किया। उनकी 29 अगस्त, 2003 को बॉम्बे हाई कोर्ट में एंट्री हुई थी। तब वह अस्थायी जज थे और फिर 2005 में परमानेंट हुए। वह कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस 10 मई, 2019 को बने थे। फिर वह 31 अगस्त, 2021 को सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर आए। उनका कार्य़काल शीर्ष अदालत में करीब 4 साल का रहा है।

उपराष्ट्रपति धनखड़ नरसिंहपुर में 26 मई को करेंगे कृषि उद्योग समागम का शुभारंभ

 भोपाल  प्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के अंतर्गत अनंत संभावनाओं के दृष्टिगत नरसिंहपुर में 26 मई को कृषि उद्योग समागम का आयोजन होगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 मई को  कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। तीन दिन के कृषि उद्योग समागम में कृषि अधारित उद्योग इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण तथा उद्योगपतियों को भूमि आवंटन पत्र एवं आशय पत्रों का वितरण भी होगा। साथ कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 26 मई को नरसिंहपुर जिले में किसान उद्योग समागम मेले का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस मेले में अत्याधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। आने वाले समय में रीवा सतना और चंबल में भी ऐसे ही मेले आयोजित किये जाऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन ने हर खेत में सिंचाई के लिये पानी पहुचाने का संकल्प लिया है। पहले प्रदेश के 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी जिसे बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित कर ली गई है। आने वाले समय में 100 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य- “कृषि उद्योग समागम 2025” का आयोजन मध्यप्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण में निवेश आकर्षित करने, और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ने के लिए किया जा रहा है। यह समागम उद्योगपतियों कृषक उत्पादक संगठनों एवं नीति निर्माताओं के बीच संवाद, नीति प्रस्तुति एवं सहयोग के अवसर प्रदान करेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समागम में कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी।  

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