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यूनुस के प्रोजेक्ट को आर्मी चीफ ने कह दिया ‘Bloody corridor’, ढाका के गलियारों में सत्ता के लिए जोर आजमाइश!

 ढाका बांग्लादेश की राजनीति में फिर एकबार तख्तापलट की आहट सुनाई देने लगी है। खबर है कि मुहम्मद यूनुस ने इस्तीफे का मन बना लिया है। इस बीच  ढाका में एक बड़ी घटना देखने को मिली। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने विदेश मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर बदलाव करते हुए विदेश सचिव जाशिम उद्दीन को अस्थायी रूप से कार्यमुक्त कर दिया। विदेश मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार, ‘‘यह निर्णय लिया गया है कि विदेश सचिव जाशिम उद्दीन को जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने की पृष्ठभूमि में अग्रिम आदेश तक एम रुहुल आलम सिद्दीक विदेश सचिव के नियमित कामकाज संभालेंगे।’’ विदेश मंत्रालय के एक महानिदेशक के हस्ताक्षर वाले संक्षिप्त आदेश में कहा गया कि यह 23 मई से प्रभावी होगा और इसे जनहित में जारी किया गया है। खबरों के मुताबिक, सरकार ने जाशिम उद्दीन को करीब दो सप्ताह पहले अज्ञात कारणों से हटाने का फैसला किया था। दो दिन पहले ‘द डेली स्टार’ अखबार ने लिखा कि विदेश मंत्रालय में इन खबरों को लेकर अनिश्चितता का माहौल है कि जाशिम उद्दीन को हटाया जाएगा, वहीं जूनियर मंत्री के ओहदे के साथ विदेश मामलों के लिए मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक नियुक्त किए गए एक अन्य सेवानिवृत्त राजनयिक सूफीउर रहमान ने अभी तक कामकाज नहीं संभाला है। हालांकि विदेश मामलों के सलाहकार एम तौहीद हुसैन ने बुधवार को कहा कि हाशिम उद्दीन ने अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों को छोड़ने की मंशा जताई है और यह उन्हें पद से हटाने जैसा नहीं है। आपको बता दें कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि राजनीतिक दलों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण उन्हें काम करना मुश्किल लग रहा है। बीबीसी बांग्ला सेवा ने देर रात नेशनल सिटिजन पार्टी के प्रमुख नाहिद इस्लाम के हवाले से यह खबर दी। इस्लाम ने बीबीसी बांग्ला से कहा, ‘‘हम आज सुबह से ही सर (यूनुस) के इस्तीफे की खबर सुन रहे हैं। इसलिए मैं इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सर से मिलने गया था। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में सोच रहे हैं। उन्हें लगता है कि स्थिति ऐसी है कि वह काम नहीं कर सकते।’’ छात्रों के नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के संयोजक ने कहा कि मुख्य सलाहकार यूनुस ने आशंका जताई कि देश की मौजूदा स्थिति में वह काम नहीं कर पाएंगे। इस्लाम के मुताबिक यूनुस ने कहा, ‘‘जब तक राजनीतिक दल सहमति नहीं बना लेते, मैं काम नहीं कर पाऊंगा।’’ इस साल फरवरी में यूनुस के मार्गदर्शन में राजनीतिक पटल पर उभरे एनसीपी के नेता ने कहा कि उन्होंने यूनुस से कहा कि ‘‘देश की सुरक्षा और भविष्य के लिए मजबूत बने रहें और जन-विद्रोह की उम्मीदों पर खरा उतरें।’’ इस्लाम के मुताबिक, उन्होंने मुख्य सलाहकार से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राजनीतिक दल एकजुट होकर उनके साथ सहयोग करेंगे और ‘‘मुझे उम्मीद है कि हर कोई उनके साथ सहयोग करेगा’’। आर्मी चीफ ने कह दिया ‘Bloody corridor’   बांग्लादेश की राजनीति उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है. आखिर क्या हुआ कि मोहम्मद यूनुस अपनी जिम्मेदारी छोड़ना चाह रहे हैं. बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख के पद से इस्तीफा देने की उनकी पेशकश बांग्लादेश में पावर स्ट्रगल की कहानी बता रही है. बांग्लादेश आर्मी इस सत्ता संघर्ष का एक प्रमुख घटक है. बांग्लादेश आर्मी के चीफ जनरल वकार उज जमा ने मोहम्मद यूनुस को तीन ऐसे संदेश दिए जिस राजनीतिक गलियारों में चेतावनी समझा गया. वकार उज जमान ने मोहम्मद यूनुस को कहा कि दिसंबर तक देश में चुनाव कराएं, सैन्य मामलों में दखल न दें और म्यांमार के साथ Bloody corridor को बंद करें. देश की अंतरिम सरकार के चीफ के फैसले के लिए Bloody corridor जैसे शब्दों का इस्तेमाल ने मोहम्मद यूनुस को अपनी कमजोरी का एहसास करा दिया. मोहम्मद यूनुस पर ये राजनीतिक हमला तो सेना की ओर से था दूसरी ओर छात्रों के नए नए बने राजनीतिक दल एनसीपी के लगातार प्रदर्शन ने मोहम्मद यूनुस को कुंठा में डाल दिया. अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस पिछले 9 महीने से राजनेता यूनुस बनने की अपनी कोशिशों में लगातार असफल हो रहे थे. ‘Bloody corridor’ की कहानी क्या है? मोहम्मद यूनुस की मुश्किलों में उस कॉरिडोर का अहम रोल था जो बांग्लादेश को म्यांमार से जोड़ रहा था. इस कॉरिडोर का नाम चटगांव-राखिन कॉरिडोर है. ये कॉरिडोर बांग्लादेश से म्यांमार में रोहिंग्याओं तक सामान की सप्लाई पहुंचाने के लिए बनाए जाने की योजना है मोहम्मद यूनुस के विदेशी मामलों सलाहकार तौहीद हुसैन ने सेना को विश्वास में लिए बिना एकतरफा घोषणा कर दी थी कि अंतरिम सरकार ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित राखिन गलियारे पर सहमति व्यक्त की है. तौहीद हुसैन का ये बयान बांग्लादेश की आर्मी को नकारने जैसा था. इससे बांग्लादेश में यह चिंता बढ़ गई कि यह गलियारा उसकी संप्रभुता पर असर डाल सकता है. बांग्लादेश में एक थ्योरी यह भी चल रही है कि अमेरिका अपने सामरिक और भू-रणनीतिक फायदे के लिए इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहा है. बांग्लादेश के सुरक्षा विशेषज्ञों ने राखिन गलियारे पर चिंता जताई है. सुरक्षा विशेषज्ञों को चिंता है कि राखिन क्षेत्र में अराकान आर्मी जैसे विद्रोही समूहों की बढ़ती गतिविधियां और म्यांमार की सीमा पर उनके नियंत्रण से बांग्लादेश में अस्थिरता फैल सकती है. उदाहरण के लिए, अराकान आर्मी ने हाल ही में बांग्लादेश-म्यांमार सीमा पर कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है, जिससे सीमा पार से हथियारों, आतंकवादी गतिविधियों और घुसपैठ का जोखिम बढ़ गया है. दूसरा डर रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर है. सुरक्षा विशेषज्ञों को डर है कि राखिन गलियारा रोहिंग्या शरणार्थियों की स्थिति को और जटिल कर सकता है. बांग्लादेश पहले से ही 10 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी मौजूद हैं, और गलियारे के खुलने से म्यांमार से और अधिक शरणार्थी बांग्लादेश में प्रवेश कर सकते हैं. इस गलियारे को लेकर बांग्लादेश की इस तरह की व्याख्या की जा रही है कि यूनुस और उनके वफादार चुनाव के बिना सत्ता में बने रहने की अमेरिकी मांग के आगे झुक रहे हैं. बांग्लादेश आर्मी का स्पष्ट और मुखर विरोध लेकिन बांग्लादेश की आर्मी ने इस कॉरिडोर को अंतरिम सरकार द्वारा रेड लाइन क्रॉस करना समझा और इसका … Read more

गढ़चिरौली में हुआ बड़ा एनकाउंटर, पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार हार्डकोर नक्सली ढेर

गढ़चिरौली गढ़चिरौली में महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ सीमा पर पुलिस ने मुठभेड़ में चार खतरनाक नक्सलियों को ढेर कर दिया. साथ ही पुलिस ने एक सेल्फ लोडिंग राइफल, दो 303 राइफल बरामद किया गया. इसके अलावा मौके से वॉकी-टॉकी, कैंपिंग का सामान भी जब्त किया गया है. दरअसल, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सलियों के समूहों की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर, एडिशनल एसपी रमेश और 12 सी60 पार्टियों (300 कमांडो) और सीआरपीएफ के एक कंपोनेंट के नेतृत्व में गुरुवार (22 मई) को दोपहर को कवांडे और नेलगुंडा से इंद्रावती के तट की ओर भारी बारिश के बीच एक अभियान शुरू किया गया था. गढ़चिरौली पुलिस के मुताबिक शुक्रवार (23 मई) की सुबह, माओवादियों ने सी60 कमांडो पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके कारण फोर्स ने प्रभावी जवाबी कार्रवाई की. लगभग दो घंटे तक रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही. इस फायरिंग में चार माओवादी मारे गए. उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे तक मुठभेड़ चली और बाद में सुरक्षा बलों ने इलाके की तलाशी ली, जिसमें चार माओवादियों के शव बरामद हुए। बयान के अनुसार, घटनास्थल से एक ऑटोमैटिक सेल्फ-लोडिंग राइफल, दो .303 राइफल, एक भारमार बंदूक, वॉकी-टॉकी, कैंप सामग्री और नक्सली साहित्य समेत अन्य सामान बरामद किया गया. महाराष्ट्र में यह मुठभेड़ ऐसे समय हुई है, जब दो दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने पड़ोसी छत्तीसगढ़ में 27 नक्सलियों को मार गिराया था, जिनमें उनका शीर्ष नेता बसवराजू भी शामिल था.

इंदौर में सिटी बस में सफर महंगा, आज से नई दरें लागू

इंदौर  इंदौर शहर में सिटी बस में सफर एक बार फिर महंगा हो गया है। एआइसीटीएस एल ने 10 माह में दूसरी बार किराया बढ़ाया है। हर कैटेगरी में 1 रुपए वृद्धि की है। शहर में 28 किमी सफर करने पर अब तक 40 रुपए चुकाने होते थे, अब 42 रुपए चुकाने होंगे।  एआइसीटीएसएल ने यह आदेश जारी कर सभी बस ऑपरेटर को बढ़ा किराया वसूलने के निर्देश दे दिए। जानकारी है कि पूर्व में हुई बोर्ड बैठक में निर्णय लिया था कि हर वित्तीय वर्ष में पांच फीसदी किराए में वृद्धि करेंगे। जानकारी अनुसार एआइसीटीएसएल घाटे में चल रहा है। करीब 60 करोड़ के घाटे में संचालन किया जा रहा है। इसके अलग-अलग कारण भी हैं। कई बार कर्मचारियों का भुगतान भी लंबित हो जाता है। कई रूट पर तो बस संचालन ही सुचारू नहीं हो रहा। जानिए कितना बढ़ा किराया दूरी (किमी में) दर पहले: 0 से 1.5 – 5 रुपए अब: 0 से 1.5 – 5 रुपए पहले: 1.5 से 3- 10 रुपए अब: 1.5 से 3- 11 रुपए पहले: 3.1 से 4.5- 15 रुपए अब: 3.1 से 4.5- 16 रुपए पहले: 4.5 से 7.5- 20 रुपए अब: 4.5 से 7.5- 21 रुपए पहले: 7.5 से 12- 25 रुपए अब: 7.5 से 12- 26 रुपए पहले: 12.1 से 18- 30 रुपए अब: 12.1 से 18- 32 रुपए पहले: 28.1 से अधिक- 42 रुपए अब: 18.1 से 28 – 37 रुपए

प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 का प्रभावी क्रियान्वयन

प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 का प्रभावी क्रियान्वयन कचरे के सभी भागों का पूर्ण प्रसंस्करण सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य भोपाल मध्यप्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (शहरी) के अंतर्गत नगरों में गतिविधियां निरंतर जारी हैं। मिशन के तहत सभी गतिविधियां एक अक्टूबर 2026 तक संचालित होंगी। इसके लिये लक्ष्य भी तय कर लिये गये हैं। इन गतिविधियों में प्रमुख रूप से उपयोगी जल के प्रबंधन के साथ स्वच्छता व्यवहारों को संस्थागत स्वरूप प्रदान करते हुए उन्हें व्यवहारिक बनाना है। आगामी वर्षों में प्रदेश के शहरों को कचरा मुक्त बनाना, खुले में शौच से मुक्ति, मानदंडों ओडीएफ+, ओडीएफ++, वॉटर+ को स्थायी बनाये रखना, इसी के साथ स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के लिये नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सभी कार्यवाही नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत सुनिश्चित की जा रही हैं। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लक्ष्य स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत प्रदेश में स्त्रोत पृथक्कीकरण, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट सहित कचरे के सभी भागों का पूर्ण प्रसंस्करण, प्लास्टिक अपशिष्‍ट और सिंगल यूज प्लास्टिक को चरणबद्ध रूप से कम करना और संपूर्ण लीगेसी वेस्ट को उपचारित करते हुए सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस मिशन में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि सीवर्स, सेप्टिक टैंक की सफाई में मानव श्रम को सीधे रूप से रोका जाये और मशीनों के माध्यम से सफाई की व्यवस्था की जाये। शहरी क्षेत्रों में उपयोगी जल को जल संरचनाओं में जाने से पूर्व उपचार और पुर्न-उपयोग के लिये सीवेज ट्रीटमेंट इकाई, नालों में इंटरसेप्शन व डायवर्जन आदि सुविधाओं का विकास करना प्रमुख है। वित्तीय प्रावधान स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (शहरी) में मध्यप्रदेश में संचालित योजनाओं के लिये करीब 4 हजार 914 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें करीब 2200 करोड़ रूपये की राशि केन्द्र सरकार की ओर से और 1800 करोड़ रूपये राशि राज्य सरकार के अंशदान के रूप में होगी। धार्मिक एवं पर्यटन स्थल पर सुलभ कॉम्प्लेक्स की व्यवस्था स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में उन स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है, जिन स्थानों पर आवाजाही ज्यादा होती है। इनमें धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल के आस-पास सुलभ काम्प्लेक्स की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिये नगरीय निकायों को कहा गया है।  

आम के पेड़ जिनकी सुरक्षा 3 गार्ड और 9 कुत्ते करते हैं? विश्व के सबसे महंगे जापानी आम

जबलपुर संस्कारधानी जबलपुर में विदेशी आम के बागान एक बार फिर लद गए हैं। इनमें शामिल दुनिया के सबसे महंगे जापानी किस्म के आम मियाजाकी तइयो नो तमांगो(Miyazaki Mango) सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है। जिसकी सुरक्षा भी खास है। सीसीटीवी के साथ ही एक दर्जन जर्मन शेफर्ड(German Shepherd) डॉग बाग की सुरक्षा में लगे हुए हैं। सशस्त्र गार्ड भी पहरा देते हैं। दरअसल, जबलपुर के एक युवक ने मियाजाकी तइयो नो तमांगो की किस्म को नर्मदा के तट से लगे चरगवां रोड पर स्थित बागान में तैयार कर सभी को हैरान कर दिया था। अब यह आम एक बार फिर पकने की प्रक्रिया में है। कई तरह की खासियत वाले इस आम की अंतरराष्ट्रीय बाजा में कीमत दो से ढाई लाख रुपए प्रति किलोग्राम है। बाग मालिक संकल्प सिंह परिहार ने बताया कि इस किस्म के आम की विदेश में अच्छी मांग है। जिसे पकने के बाद भेजा जाएगा। आस्ट्रेलिया व यूएसए की भी प्रजाति बगिया में आस्ट्रेलिया का आर2 ओ 2, यूएसए का सेंसेशन, जापानी जम्बोग्रीन, 2 किलोग्राम जापानी आम, जापानी हापुस व ऑल टाइम मैंगो तैयार हो रहे हैं। इसके साथ ही देसी किस्म के आम की भी बगिया में बहार आ गई है, इनमें मल्लिका, आम्रपाली, आरका अनमोल, आरका पुनीत, हापुस, केशर, चौंसा, लंगड़ा आम शामिल हैं। पेड़ के पके आम के लिए लोग एडवांस में बुकिंग करा रहे हैं। बागवान संकल्प के अनुसार इस बार 30 मई के बाद आम पकने की संभावना है। उद्यानिकी विशेषज्ञों के अनुसार आंधी-तूफान ने आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है पर उत्पादन अच्छा रहने की उम्मीद है। अचार वाले आम का सबसे ज्यादा उत्पादन यहां देसी आम का उत्पादन सबसे ज्यादा है। अन्य सभी किस्मों के आम के उत्पादन के मुकाबले देसी आम का उत्पादन यहां चार गुना ज्यादा होता है। ये आम ज्यादाकर अचार बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। अनुकूल जलवायु के कारण यहां अच्छी गुणवत्ता के आम का उत्पादन हो रहा है। जिनकी दूसरे राज्यों में भी मांग रहती है। सबसे ज्यादा मांग पेड के पके आम की रहती है जो जून के महीने से मिल पाते हैं। मगरमुहां, बिजना के आम उत्पादक किसानों के अनुसार यहां उत्पादित आम स्वाद और गुणवत्ता में अच्छे होते हैं। नर्मदा के कछार के आम में खास मिठास नर्मदा के कछार की वजह से जबलपुर व महाकोशल के अन्य जिलों में होने वाले आम में खास मिठास पाई जाती है। यहां अलग-अलग किस्म के आम का वृहद स्तर पर उत्पादन होता है। हापुस, राजापुरी, अमृतांग, अलफेंजो, नीलेश्वरी, सोनपरी, बॉम्बे ग्रीन, नीलम, आम्रपाली, मल्लिका, लंगड़ा, चोंसा, दशहरी, फजली, सुंदरजा, तोतापरी कई और किस्म के आम की बहार आ गई है। आंधी-तूफान से आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है, पर बगीचों में जो आम बचे हैं उनकी गुणवत्ता अच्छी है। संभवत: 30 मई तक पेड़ों के पके स्थानीय आम बाजार में आने लगेंगे। -एसके मिश्रा, उद्यानिकी विशेषज्ञ

पार्वती नर्मदा लिक योजना से इच्छावर के 11 ग्रामों का हुआ पत्ता साफ ग्रामीण किसान हुए आक्रोशीत, निकाली पैदल रैली

इछावर सीहोर जिले के इछावर में नर्मदा लिंक परियोजना में 11 छूटे हुए गांवों को शामिल करने की मांग को लेकर सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह क्षेत्र इछावर में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे, जिनकी लंबी कतारें दूर-दूर तक दिखाई दीं. इछावर में 11 गांवों के किसानों ने नर्मदा लिंक परियोजना में अपने गांवों को शामिल करने की मांग को लेकर पैदल रैली निकाली. किसान बड़ी संख्या में एकत्र हुए और रैली के रूप में तहसील कार्यालय तक पहुंचे. उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. किसानों का कहना है कि उनके 11 गांवों को नर्मदा लिंक परियोजना में शामिल नहीं किया गया है, जिसके कारण वे इस महत्वपूर्ण परियोजना के लाभ से वंचित हैं. उन्होंने सभी छूटे हुए गांवों को परियोजना से जोड़ने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मौजूदगी ने किसानों के आंदोलन की ताकत को दर्शाया. किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी नहीं होने तक वे अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे.  

पत्नी से विवाद के बाद आवेश में आकर फंदे पर झूला युवक

अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के माचड़ी गांव में पारिवारिक विवाद के चलते एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहां 26 वर्षीय युवक राकेश जाटव ने पत्नी से विवाद के बाद आवेश में आकर उसके सामने ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से गांव में शोक की लहर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राकेश जाटव की शादी दो साल पहले महाराष्ट्र की एक युवती से हुई थी। शादी के बाद से ही दंपति के बीच रिश्तों में खटास बनी हुई थी। गुरुवार को भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद राकेश ने आवेश में आकर आत्मघाती कदम उठा लिया। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से कलह चल रही थी, जिसका अंत इतना दुखद हुआ। मृतक का एक सवा साल का मासूम बेटा भी है। घटना के समय पत्नी मौके पर मौजूद थी, लेकिन वह न तो उसे रोक सकी और न ही समय रहते किसी को बुला सकी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह को मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य कोणों से भी मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध तो नहीं थे, जिसके बारे में राकेश को जानकारी हो गई हो और इसी कारण विवाद बढ़ा हो। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। गांव के लोगों का कहना है कि राकेश शांत और सरल स्वभाव का युवक था, लेकिन पिछले कुछ समय से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोगों के घरों में चूल्हा तक नहीं जला।

पिछले दिनों Ghibli ट्रेंड, अब बेबी वर्जन वीडियो का क्रेज़

नई दिल्ली पिछले दिनों Ghibli (घिबली) फोटोज काफी ट्रेंड में थे। जिसे देखो अपने फोटोज का घिबली वर्जन बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा था। अब इसी तरह का एक और ट्रेंड सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रहा है। इस लेटेस्ट ट्रेंड में लोग अलग-अलग हस्तियों के बेबी वर्जन वाले वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। कुछ लोग अपने खुद के बेबी वर्जन वाले वीडियो भी बनाकर ऑनलाइन डाल रहे हैं। अगर आप भी इस तरह के वीडियो बनाना चाहते हैं, तो चलिए आज हम आपको बताते है कि किस तरह ये ट्रेंडिंग वीडियो बनाए जा सकते हैं। इस बार लगेंगे दो AI जैसा कि अभी तक होता आया था, इस तरह के एनिमेटेड फोटो बनाने के लिए किसी न किसी AI का इस्तेमाल किया जाता था। इस बार जो ट्रेंड चल रहा है उसके लिए आपको दो AI का इस्तेमाल करना पड़ेगा। दरअसल बेबी वर्जन वीडियो के लिए पहले आपको एक AI का इस्तेमाल करके अपना या किसी किरदार का बेबी वर्जन तैयार करना होगा। इसके बाद आपको उसे वीडियो में कन्वर्ट करने के लिए एक अलग AI का इस्तेमाल करना होगा। चलिए पूरा प्रोसेस समझते हैं। पहले करें ChatGPT का इस्तेमाल सबसे पहले आपको अपनी किसी फोटो का बेबी वर्जन तैयार करना होगा। इसके लिए सबसे पहले अपनी वह फोटो चुन लें जिसे आप बेबी वर्जन के तौर पर तैयार करना चाहते हैं। इसके बाद अपनी फोटो को ChatGPT में अपलोड करके इस प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करें – “Create a baby version of the person in the image, maintaining similar facial features, hairstyle, and skin tone. The baby should be wearing a miniature version of the same clothes as the original person. Keep the background, lighting, and overall setting the same or closely matched to the original photo.” इसके बाद आपके फोटो में मौजूद इंसान का एक बेबी वर्जन तैयार हो जाएगा। अब इमेज को बदलें वीडियो में इसके बाद आपको इस फोटो को Hedra वेबसाइट में ले जाकर उसे वीडियो में कन्वर्ट करना होगा। Hedra वेबसाइट पर आप लिख कर बता सकते हैं कि वीडियो में आप बेबी वर्जन को क्या करते देखना चाहते हैं। जैसे कि Talking on a phone या Dancing in a pub. यह वेबसाइट आपकी फोटो को आपकी कमांड के अनुसार वीडियो में बदल देगी। अगर आप किसी फेमस किरदार या फिल्म के सीन पर आधारित फोटो वीडियो बना रहे हैं, तो आपको ओरिजनल वीडियो से ऑडियो निकाल कर Hedra ऐप में डालना होगा। इससे आप हूबहू किसी फिल्म या सीरियल के सीन का बेबी वर्जन तैयार कर पाएंगे। ध्यान देने वाली बात ChatGPT ने कुछ समय पहले फोटो जेनरेट करने वाले फीचर को सभी यूजर्स के लिए फ्री कर दिया था। हालांकि फ्री यूजर्स के फोटो तैयार होने में काफी समय लेते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपना बेबी वर्जन बनाने वाले हैं, तो याद रहे कि ChatGPT आपकी फोटो तैयार करने में कुछ समय लेगा। वहीं अगर आप पेड यूजर हैं, तो आपको इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा।

जबलपुर के एक निजी रेस कोर्स में हैदराबाद से आए 57 घोड़ों में से 8 घोड़ों की मौत

जबलपुर  एक निजी रेस कोर्स में हैदराबाद से आए 57 घोड़ों में से 8 घोड़ों की मौत हो गई है. इन घोड़ों की मौत के बाद एक अनजान बीमारी का डर फैल गया है. घोड़े को ग्लैंडर्स (एक संक्रामक रोग है जो बर्कहोल्डरिया मैलेई नामक बैक्टीरिया के कारण होता है) नाम की एक बीमारी होती है. दुनिया में कई जगह घोड़े से यह बीमारी आदमियों तक भी पहुंचती है. इस बीमारी में बैक्टीरिया घोड़े के शरीर में जन्म लेता है उसके शरीर में गांठे बनती हैं और इन्हीं की वजह से उसकी मौत हो जाती है. हैदराबाद से आए थे 57 घोड़े यह मामला पनागर के पास रैपुरा गांव है. यहीं के निवासी सचिन तिवारी जबलपुर में एक रेस कोर्स खोलने की तैयारी कर रहे थे. इसके लिए इन्होंने हैदराबाद से 57 घोड़े बुलवाए थे. सचिन की तैयारी थी कि कुछ ही दिनों में रेस कोर्स शुरू हो जाएगा. यह प्रदेश का पहला रेस कोर्स बनने वाला था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और अचानक तबीयत बिगड़ने से 8 घोड़ों की मौत हो गई. अनजान बीमारी से हुई 8 की मौत शुरुआत में सचिन तिवारी को लगा कि हैदराबाद से जबलपुर आने की वजह से घोड़ों को यहां का मौसम अभी सूट नहीं हो रहा है. जिसकी वजह से उनकी थोड़ी बहुत तबीयत खराब हो रही हो. जब तक घोड़े सिर्फ बीमार थे तब तक सचिन तिवारी चिंता में नहीं थे, लेकिन जैसे ही घोड़ों की मौत शुरू हुई उनकी चिंता बढ़ने लगी. धीरे-धीरे करके 8 घोड़ों की मौत हो गई और अभी भी कई घोड़े बीमार हैं. सचिन तिवारी ने तुरंत इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी. रेस कोर्स में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना ने इस मामले में तुरंत 4 रैपिड एक्शन टीम बनाई. क्योंकि घोड़ों की मौत की एक बड़ी वजह ग्लैंडर्स नाम की बीमारी होती है. वेटरनरी डॉक्टर की टीम तुरंत रेस कोर्स में पहुंची और बीमारी की जांच शुरू की. वेटरनरी डॉक्टर देवेंद्र गुप्ता ने बताया, “घोड़ों को जो बीमारी हुई है उसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्लैंडर्स होने की आशंका है. इसलिए घोड़ों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, यदि उन्हें ग्लैंडर्स बीमारी होती है तो घोड़ो को क्वॉरेंटाइन किया जाएगा. ताकि यह बैक्टीरिया एक जानवर से दूसरे जानवर में न फैल सके.” ग्लैंडर बीमारी होने की जताई जा रही आशंका जबलपुर के वेटरनरी कॉलेज के डॉक्टर आदित्य मिश्रा ने बताया, “ग्लैंडर्स के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यह बैक्टीरिया घोड़े से आदमियों तक फैल सकता है, हालांकि, ऐसे कम ही मामले सामने आए हैं.” ग्लैंडर्स बीमारी में जब बैक्टीरिया घोड़े में बनते हैं तो उसके शरीर में गांठे बन जाती हैं और यह गांठें इतनी खतरनाक होती हैं कि इससे घोड़े की मौत हो जाती है. यह बैक्टीरिया हवा में फैल सकते हैं. इनके संपर्क में आने से घोड़े और आदमी बीमार पड़ जाते हैं. इसलिए देश भर में जब भी ऐसी कोई संभावना नजर आती है, तो तुरंत प्रशासन सतर्क होकर उसे रोकने की कार्रवाई शुरू कर देता है.” जानलेवा है ग्लैंडर्स बैक्टीरिया संक्रमण हालांकि, वेटरनरी डॉक्टर ने जो सैंपल भेजे थे उनमें अभी तक ग्लैंडर्स की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि चिंता की बात नहीं है. लेकिन एक सवाल है कि आखिर एक साथ इतने सारे घोड़े कैसे मर गए. वेटरिनरी विभाग इसकी जांच कर रहा है कि आखिर इन घोड़ों को हुआ क्या है?. फिलहाल, जबलपुर वेटरनरी डिपार्टमेंट की टीम इसकी जांच में लगी हुई है. साथ ही बीमार घोड़ों के संपर्क में आने वालों को चिन्हित किया जा रहा है, जिससे की उन्हें दूसरे लोगों से मिलने से रोका जा सके. यदि कोई अनजान बैक्टीरिया या वायरस घोड़े की वजह से किसी तक पहुंचा हो तो वह आगे ना बढ़ सके.

टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ पहुंची अदालत

पंजाब पंजाब किंग्स की स्वामित्व वाली कंपनी केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड में नए डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर विवाद छिड़ गया है। PBKS की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने नियुक्ति को चुनौती देते हुए चंडीगढ़ की अदालत का रुख दिया है। उन्होंने 21 अप्रैल को कंपनी की अहम मीटिंग को अवैध ठहराने की मांग की है। पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन कर रही है। वह प्लेऑफ में पहुंच चुकी है लेकिन उसके मालिकान के बीच ही विवाद हो गया है। टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में चली गई हैं। जिंटा, बर्मन और वाडिया तीनों ही पंजाब किंग्स की ओनर कंपनी के डायरेक्टर हैं। क्या है विवाद? ताजा विवाद की जड़ में 21 अप्रैल को हुई केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (पंजाब किंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी) की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग है। प्रीति जिंटा ने मीटिंग की वैधता, उसकी प्रक्रिया और कंपनी का नया डायरेक्टर चुने जाने को अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से मीटिंग को अवैध ठहराने और मुनीश खन्ना को डायरेक्टर के तौर पर काम करने से रोके जाने की गुजार लगाई है। उन्होंने मीटिंग में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर भी रोक लगाने की मांग की है। प्रीति जिंटा के विरोध के बावजूद मुनीश खन्ना बनाए गए डायरेक्टर जिंटा का दावा है कि मीटिंग कंपनीज ऐक्ट 2013 और दूसरे कानूनी प्रावधानों को धता बताते हुए बिना उचित प्रक्रिया के हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जिंटा ने 10 अप्रैल को ईमेल भेजकर कथित तौर पर होने वाली मीटिंग को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी लेकिन उनकी चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया। खुद आपत्ति जताने के बाद भी प्रीति जिंटा ने कंपनी के एक और डायरेक्टर करन पॉल के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया। दोनों ने ही मीटिंग के दौरान मुनीश खन्ना को डायरेक्टर बनाए जाने का विरोध किया। विरोध के बावजूद मोहित बर्मन ने नेस वाडिया के समर्थन की बदौलत खन्ना की नियुक्ति पर आगे बढ़े।  

इंदौर में बनेगा भव्य रणजीत लोक, पाथ-वे की दीवारों पर रामायण और सुंदरकांड की झलक

इंदौर इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर का कायापलट होने जा रहा है। यहां रणजीत लोक बनाकर मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस पर कुल 7 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्लान तैयार हो चुका है, टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास ने कहा- रणजीत हनुमान मंदिर 135 साल से भी ज्यादा पुराना है। यहां इंदौर ही नहीं, आस-पास के जिलों से भी श्रद्धालु आते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की संख्या हजारों में पहुंच जाती है। मंदिर प्रशासक एनएस राजपूत ने बताया कि रणजीत लोक तैयार होने के बाद श्रद्धालु मंदिर के पास बने बड़े मैदान से प्रवेश करेंगे। वहां से एक पाथ-वे के माध्यम से छोटी पार्किंग तक पहुंचेंगे। पाथ-वे में जिग-जैग पैटर्न पर रेलिंग लगाई जाएंगी। इनकी संख्या भीड़ के अनुसार घटाई या बढ़ाई जा सकेगी।इसके बाद श्रद्धालु दत्त मंदिर से होते हुए दर्शन की मुख्य लाइन में पहुंचेंगे। भगवान के दर्शन कर वहीं से वापस बाहर निकलेंगे। पाथ-वे की दीवारों पर रामायण और सुंदरकांड की झलक मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- यहां सभी तरह के मौसम के मुताबिक व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी ताकि सर्दी, गर्मी और बारिश में भक्तों को परेशानी न हो। बैठने के लिए नई बेंच लगेंगी। बाउंड्रीवाल भी बनाई जाएगी।25 फीट का पाथ-वे बनेगा, इसकी दीवारों पर पत्थरों से भगवान हनुमान से जुड़े दृश्य उकेरे जाएंगे। रामायण और सुंदरकांड को तस्वीरों में दर्शाया जाएगा। छत पर कशीदाकारी, बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी रोशनी रणजीत लोक की छत पर भी कशीदाकारी की जाएगी। बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी लाइटिंग लगेगी। यहां भी सुंदरकांड का चित्रण होगा। मंदिर का एक्सटेंशन 40 फीट आगे तक होगा। नया मुख्य द्वार बनेगा। शेड तैयार किए जाएंगे।मंदिर परिसर में ही पुलिस चौकी बनाई जाएगी। नया जूता स्टैंड, पेय जल की व्यवस्था की जाएगी। बेबी फीडिंग रूम और बुजुर्गों के लिए अन्य सुविधाएं जुटाई जाएंगी। भक्त पाथ-वे के जरिए दर्शन करने जाएंगे। यहां एलईडी पर भगवान के लाइव दर्शन होंगे।स्मार्ट सिटी संभाल रहा निर्माण की जिम्मेदारी मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- रणजीत लोक निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी इंदौर स्मार्ट सिटी को दी गई है। इसके लिए मंदिर के फंड और दान की राशि का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते इसका काम शुरू किया जा चुका है। पांचवीं पीढ़ी संभाल रही पूजा-अर्चना का काम वर्तमान पुजारी पं. दीपेश व्यास के परदादा स्व. पं. भोलाराम व्यास इस मंदिर के संस्थापक पुजारी थे। उनकी पांचवीं पीढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना कर रही है। व्यास ने कहा- शुरुआत में बाबा रणजीत टीन से बने शेड में विराजमान थे। 1960 में गार्डर-फर्शी से पक्का निर्माण किया गया। 1992 में आरसीसी छत डाली गई। व्यास के अनुसार, होलकर राजा जब भी युद्ध के लिए जाते थे तो यहां पूजा-हवन करते थे। विजय की कामना के साथ यहां आते और फिर युद्ध के लिए जाते थे इसलिए मंदिर का नाम रणजीत हनुमान पड़ा। उन्होंने कहा- पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर यहां रणजीत अष्टमी मनाई जाती है। सुबह 5 बजे प्रभात फेरी निकाली जाती है। दिनभर पूजा-अर्चना और विशेष आरती की जाती है। 21 लाख रुपए के रथ पर सवार होकर रणजीत हनुमान नगर भ्रमण करते हैं। महाकाल लोक के बाद अब मध्यप्रदेश में हनुमान लोक नजर आएगा। इसका निर्माण सौंसर के जाम सांवली में होगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड 314 करोड़ की लागत से करीब 30 एकड़ में इसका निर्माण करवा रहा है। उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर 6 फेज में हनुमान लोक कॉरिडोर का काम होगा। फर्स्ट फेज में 35 करोड़ की लागत से एंट्रेंस प्लाजा से हनुमान लोक तक का काम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय बोले – व्यर्थ नहीं जाएगा शहीद जवानों का सर्वोच्च बलिदान, नक्सलवाद के समूल नाश का संकल्प करेंगे पूरा

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहीद सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के कांस्टेबल श्री सोलंकी मेहुल भाई नंदलाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह राज्य रवानगी से पूर्व अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री आज माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और उन्हें नमन किया।   मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शहीद के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद मेहुल भाई की वीरता और देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नक्सल विरोधी अभियान तेज हुई है और हमारे जवानों ने नक्सलवाद से डटकर मुकाबला कर बड़ी सफलताएं हासिल की है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का अपना संकल्प हम पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग करेगी। कांस्टेबल सोलंकी मेहुल भाई का बलिदान  वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सर्वोच्च परंपरा को दर्शाता है।           इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही ऐसी बात, जैसे हम लोगों को हत्या करने से नहीं रोक सकते वैसे ही

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी एप्लीकेशन को विनियमित करने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा। पीठ ने कहा कि वह केंद्र से पूछेगी कि वह इस मुद्दे पर क्या कर रहा है क्योंकि उसने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सहायता भी मांगी गई है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने के ए पॉल की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिन्होंने दावा किया था कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े ऐप का इस्तेमाल करने के बाद कई बच्चों ने आत्महत्या कर ली। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कई प्रभावशाली लोग, अभिनेता और क्रिकेटर इन ऑनलाइन ऐप का प्रचार कर रहे हैं, जिसके कारण बच्चे सट्टेबाजी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए पॉल ने कहा, ‘मैं यहां उन लाखों माता-पिता की ओर से पक्ष रख रहा हूं, जिन्होंने पिछले कुछ सालों में अपने बच्चे खोए हैं। तेलंगाना में 1,023 से अधिक लोगों ने आत्महत्या की, क्योंकि 25 बॉलीवुड और टॉलीवुड अभिनेताओं/प्रभावशाली लोगों ने मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ किया।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि तेलंगाना में प्रभावशाली लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, क्योंकि मामला मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का है। पीठ ने कहा कि वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकती क्योंकि ये समाज की विकृतियां हैं और कानून बनाकर लोगों को स्वेच्छा से सट्टेबाजी में लिप्त होने से नहीं रोका जा सकता। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘क्या किया जा सकता है? सैद्धांतिक रूप से हम आपके साथ हैं कि इसे रोका जाना चाहिए… लेकिन शायद आप इस गलतफहमी में हैं कि इसे कानून के जरिए रोका जा सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘जैसे हम लोगों को हत्या करने से नहीं रोक सकते, वैसे ही कोई कानून लोगों को सट्टेबाजी या जुआ खेलने से नहीं रोक सकता।’ पॉल ने कहा कि कुछ पूर्व क्रिकेटर भी इन ऐप को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके कारण बहुत से युवा सट्टेबाजी में लिप्त हो रहे हैं।  

यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की हरकतें MP पुलिस की भी रडार पर, पूछताछ कर पुलिस टीम वापस लौटी

 उज्जैन यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने की जानकारी सामने आने के बाद, उसके एक वीडियो को लेकर पुलिस सतर्क हो गई थी। इसके बाद पुलिस की पांच सदस्यीय टीम, ज्योति से पूछताछ के लिए हिसार गई। हालांकि, टीम वहां से खाली हाथ लौटी। जासूसी के आरोप में पकड़ी गई यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा एक साल पहले उज्जैन और इंदौर गई थी। उसने इसके वीडियो यूट्यूब पर शेयर किए, लेकिन उज्जैन रेलवे स्टेशन के बाद का एक भी वीडियो अपलोड नहीं किया। उज्जैन पुलिस की पांच सदस्यीय टीम मंगलवार को पूछताछ के लिए हिसार गई थी। टीम वहां दो दिन रुकी और पूछताछ के बाद गुरुवार रात को वापस लौट आई। उज्जैन-इंदौर पहुंची, लेकिन वीडियो शेयर नहीं किए ज्योति के यू-ट्यूब चैनल Travel with JO पर उज्जैन और इंदौर के वीडियो अपलोड हैं। पहला वीडियो हिसार से उज्जैन की रेल यात्रा का है। जबकि दूसरा वीडियो इंदौर से दिल्ली की बस यात्रा का है। ज्योति एक ट्रैवल ब्लॉगर है। पर्यटन नगरी होने के बाद भी ज्योति ने यहां के वीडियो शेयर क्यों नहीं किए। एडिशनल एसपी नितेश भार्गव ने बताया कि ज्योति मल्होत्रा से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद टीम को पूछताछ के लिए भेजा गया था, लेकिन पूछताछ में कोई खास जानकारी नहीं मिली। अब टीम अन्य सोर्सेज से जानकारी जुटा रही है। फिलहाल, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ज्योति ने उज्जैन से संबंधित कितने वीडियो बनाए और उन्हें अपलोड क्यों नहीं किया। पहले वीडियो में क्या? हिसार से ट्रेन में बैठते हुए ज्योति ने महाकाल मंदिर के बारे में बताया। रास्ते में भी वीडियो बनाया। उज्जैन रेलवे स्टेशन उतरते ही यात्री और ऑटो रिक्शा चालकों से चर्चा की। इस दौरान वो महाकाल मंदिर की भी बात कर रही है। दूसरे वीडियो में क्या? इंदौर से उज्जैन, नागदा, मंदसौर होते हुए राजस्थान और फिर दिल्ली तक के सफर के बीच ज्योति ने इंदौर-उज्जैन और नागदा के बारे में बताया।

जोधपुर में अवैध रूप से रह रहे 153 बांग्लादेशियों को किया डिपोर्ट

जोधपुर राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को 153 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया। इन्हें सीकर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जोधपुर लाया गया, जहां से जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन के जरिए पश्चिम बंगाल भेजा गया। वहां से इन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराकर उनके देश वापस भेजा जाएगा। सरकार की ओर से यह सख्त संदेश दिया गया है कि नया भारत अब अवैध प्रवास को बर्दाश्त नहीं करेगा। देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई भी उसी नीति का हिस्सा है। राजस्थान पुलिस ने हाल ही में एक विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में अवैध प्रवासियों की पहचान की थी। इस दौरान कुल 1008 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया। इनमें से अकेले जयपुर रेंज से 761 और सीकर से 394 अवैध नागरिक चिन्हित किए गए। पहले चरण में 148 नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था। अब दूसरे चरण में 153 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा गया है। यह कार्रवाई सीकर पुलिस की निगरानी में की गई, जिसमें नागरिकों को सीकर से जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन लाया गया और फिर वहां से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया। सरकार को खुफिया एजेंसियों से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि राजस्थान में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। इसके बाद ही यह व्यापक अभियान चलाया गया और विभिन्न जिलों से इन नागरिकों को पकड़ा गया।

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