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नक्सल क्षेत्र में एक्सिस बैंक की शाखा खुलने पर वित्त मंत्री बोले – हां कभी बंदूकें बोलती थीं, अब वहां खुलेंगे भरोसे के खाते

रायपुर छत्तीसगढ़ के कोर नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास की झलक दिखने लगी है. नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन के चलते अब नक्सलवाद अंतिम सांसे ले रहा है. हाल ही में उत्तर बस्तर कांकेर के सुदूर क्षेत्र पानीडोबीर में एक्सिस बैंक ने अपनी एक नई शाखा की शुरुआत की है. इसे लेकर प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा- “जिस धरती पर कभी बंदूकें बोलती थीं, अब वहाँ भरोसे के खाते खुलेंगे”. वित्त मंत्री चौधरी ने आगे लिखा कि पानीडोबीर (पखांजूर, उत्तर बस्तर कांकेर) में एक्सिस बैंक की नई शाखा का उद्घाटन सिर्फ एक बैंक का खुलना नहीं ,यह उस विश्वास की जीत है जो हिंसा पर विकास को चुनता है. जब निजी बैंक नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शाखाएं खोलने लगें, तो समझिए कि बदलाव ने जड़ें पकड़ ली हैं. यह शाखा नहीं, आत्मनिर्भरता की अलख है.

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी पाकिस्तान पर हमलावर रहीं, कहा-पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकी मॉडल को खत्म करेंगे

नई दिल्ली आतंकवाद को संरक्षण देने पर पाकिस्तान को शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अगर भारत में आतंकवाद फैलाने की कोशिश करेगा तो हम पाकिस्तान के घरों में घुसकर उसके आतंकी मॉडल को खत्म करेंगे। अपनी सेना पर हमें गर्व है जिन्होंने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में प्रियंका चतुर्वेदी भी शामिल हैं। शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सांसद पाकिस्तान पर हमलावर रहीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पाकिस्तान ने लगातार भारत में अपने ‘आतंकिस्तान’ मॉडल को आगे बढ़ाया है और उस ढांचे के तहत आतंकी हमलों को अंजाम दिया है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका ये कृत्य केवल भारत तक ही सीमित नहीं है; यहां तक कि दुनिया भर में होने वाले आतंकी हमलों की जड़ें अक्सर पाकिस्तान से जुड़ी पाई जाती हैं, चाहे वह ओसामा बिन लादेन हो या हाफिज सईद। हमें दुनिया के सामने जाकर यह स्पष्ट करने की जरूरत है। भले ही हम विपक्ष में हैं, लेकिन आतंकवाद के प्रति हम एकजुट हैं और आतंक तो हमें कतई बर्दाश्त नहीं है। पाकिस्तान की आतंकी सोच की वजह से भारत को ऐसे पड़ोसी होने के दुष्परिणाम भुगतने पड़े हैं। अब समय आ गया है कि हम ग्लोबल अलायंस बनाएं और इसके जरिए आतंकवाद के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को रेखांकित करे। जो भी देश आतंकी को पालता है उस देश को विश्व स्तर पर बेनकाब करने की जरूरत है। हम लोग इसी संदेश को लेकर विदेश जा रहे हैं। बीते 3 से 4 दशकों से हम पाकिस्तान पोषित आतंक को झेल रहे हैं। अब जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पाकिस्तान बार-बार परमाणु की धमकी देता है और इसकी आड़ में आतंक फैला रहा है, पूरी दुनिया में उसका यह चेहरा भी बेनकाब होना चाहिए। नीति आयोग की बैठक पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इस बैठक में उम्मीद है कि देश के सामने जो चुनौतियां हैं उस पर विचार किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में नगरी-सिहावा के आंदोलन का एक चक्र हुआ पूरा, नक्सलवाद से घिरे क्षेत्र में अहिंसा की मिसाल

रायपुर तिहत्तर साल बीत गए, पांच पीढ़ियां खप गईं, तब जाकर छत्तीसगढ़ में नगरी-सिहावा के आंदोलन का एक चक्र पूरा हुआ। दुष्यंत कुमार की पंक्तियां याद आती हैं – “पिछले सफर की न पूछो, टूटा हुआ एक रथ है, जो रुक गया था कहीं पर फिर साथ चलने लगा है।” नक्सलवाद के लाल गलियारे के बीच नगरी-सिहावा अहिंसा का एक टापू है। 1952 से अब तक यहां के आदिवासियों ने पीढ़ी दर पीढ़ी अपने भूमि अधिकारों के लिए निरंतर अहिंसक संघर्ष किया। जब नया छत्तीसगढ़ राज्य बन रहा था, तब लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहकर हजारों आदिवासी ने राजधानी रायपुर में डेरा डाले थे और देश की आज़ादी के बाद से चल रहे इस आंदोलन को गति दे रहे थे। डॉ. राममनोहर लोहिया सन् 1952 में छत्तीसगढ़ अंचल में धमतरी जिले के उमरादेहान गांव में आए थे। यहीं से उन्होंने जंगलों में बसे आदिवासियों के भूमि-अधिकार का मुद्दा उठाया था। आज भारत में आदिवासियों को आजीविका के लिए ज़मीन मिली है, वनग्रामों को राजस्व ग्राम जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। इन सबके मूल में नगरी-सिहावा का ही आंदोलन है। इसी उमरादेहान गांव में आगामी 24 मई को डॉ. राममनोहर लोहिया की अर्ध-प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है। आदिवासियों ने एक-एक मुठ्ठी अनाज हर घर से लेकर प्रतिमा तैयार कराई है। लोहिया जी जब तक रहे, यानी 1967 तक, इस आंदोलन का नेतृत्व किया। 1977 के बाद इसकी बागडोर देश के सुप्रसिद्ध समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने संभाली। उनका समूचा जीवन संघर्ष और आंदोलनों में बीता। आपातकाल में उन्नीस महीने जेल में रहे। अनेक संघर्षों के बाद सन् 1990 आते-आते नगरी-सिहावा के अठारह में से तेरह गांवों के आदिवासियों को ज़मीन का पट्टा मिल गया, पर पांच गांव फिर भी छूट गए। इससे पांच साल पहले प्रधानमंत्री राजीव गांधी यहां दुगली में आए थे, आदिवासियों की झोपड़ी के सामने चारपाई पर बैठे थे, पर आदिवासियों को उनके हक बिना पदयात्रा, प्रदर्शन व अनशन के नहीं मिले। रघु ठाकुर ने जाकर आदिवासियों के इस आंदोलन को तेज किया। उसी दुगली से रायपुर तक 120 किमी की पदयात्रा की जिसमें हजारों आदिवासी – आदमी, औरतें और बच्चे पैदल चले थे। इन आंदोलनों में पत्रकार मधुकर खेर, गोविंदलाल वोरा, सत्यनारायण शर्मा, नारवानी जी व रमेश वल्यानी का बड़ा सहयोग मिला। सरकार के मंत्रियों ने आकर आश्वासन देकर आंदोलन स्थगित कराया, पर वादा पूरा नहीं किया। रघु जी को फिर रायपुर आकर अंबेडकर चौक पर अनशन शुरू करना पड़ा। सांसद जॉर्ज फर्नांडीस और शरद यादव ने आकर गिरफ्तारियां दीं, मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा ने हस्तक्षेप किया, तब जाकर दोनों पक्ष में समझौते के कागज़ तैयार हुए। इसके तहत तय हुआ कि अठारह गांवों के कब्जे की ज़मीन की जांच कराई जाएगी और निर्धारित नियम के तहत पट्टे दिए जाएंगे। जिन पांच गांवों को उजाड़ा गया है, उन गांवों के लोगों की भी झोपड़ियों को दुरुस्त कराकर बसाया जाएगा, ज़मीन दी जाएगी। तेरह गांवों को तो पट्टा मिल गया, लेकिन यही पांच गांव को पट्टा मिलने में पच्चीस साल और लग गए। देश की जनता के सामने जब भी इस आंदोलन का इतिहास आएगा, सुखराम नागे, जुगलाल नागे, बिसाहूलाल साहू, रामू, बिसाहिन बाई, समरीनबाई, रामप्रसाद नेताम, गौड़ा राय, वंशी श्रीमाली, जालिम सिंह जैसे अनेक लोगों का संघर्ष सभी को प्रेरणा देगा। इस आंदोलन के संदर्भ में यह बताना भी जरूरी है कि कुछ लोग सत्ता में रहते हुए भी समय पर कुछ नहीं कर पाए, कुछ ने समय का लाभ उठाकर अपने वैचारिक समर्थकों को उपकृत किया, तो कुछ आदिवासियों को समाजवादी धारा से हटाकर अपनी-अपनी राजनीतिक ज़मीन पुख्ता करने का प्रयास किया। नगरी-सिहावा का तिहत्तर साल चला आंदोलन अभी थमा नहीं है। यह चिकित्सा और शिक्षा के मूल अधिकार की लड़ाई को आगे ले जाएगा। इस आंदोलन का कई कारणों से ऐतिहासिक महत्व है। नक्सली हिंसा से घिरे वनांचल में यह अहिंसा का टापू है। भारत का पहला वनग्राम सम्मेलन यहीं से शुरू हुआ। और, वन अधिकार कानून का जन्मदाता यही क्षेत्र है। यहां की महिलाओं की मुक्त भावना और संघर्ष के जज़्बे से शेष भारत प्रेरणा ले सकता है।

ब्रिटनी स्पीयर्स ने प्राइवेट जेट में जला दी सिगरेट, मचा हंगामा

अमेरिका अमेरिकी सिंगर ब्रिटनी स्‍पीयर्स अक्सर चर्चा में रहती हैं। स्टारडम, नशे और उत्पीड़न को लेकर सुर्खियों में रहीं सिंगर इस बार प्राइवेट जेट में शराब और सिगरेट पीने के कारण विवादों में घिर गई हैं। हंगामा होने के बाद ऑफिसर्स ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। जानिए क्या है पूरा मामला। रिपोर्ट के अनुसार, ‘ब्रिटनी अपने सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ कैबो सैन लुकास, मेक्सिको से LAX जा रही थीं, तभी उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया। फिर उन्होंने सिगरेट निकाली, उसे जलाया और स्मोक करना शुरू कर दिया। इस पर कई लोगों ने उन्हें जेट के अंदर सिगरेट बुझाने के लिए कहा, क्योंकि ऐसा करना सख्त मना है। ब्रिटनी उनकी बात मान गईं, लेकिन तब तक हंगामा हो चुका था।’ बर्ताव को लेकर सिंगर को दी चेतावनी रिपोर्ट में आगे कहा गया, ‘सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की और उनके इस बर्ताव को लेकर चेतावनी दी। तब जाकर उन्हें जाने दिया।’ बता दें कि प्राइवेट जेट कंपनी ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं वीडियो ब्रिटनी अक्सर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अजीबोगरीब वीडियोज शेयर करती हैं, जिसके कारण वो चर्चा में रहती हैं। वो मेंटल हेल्थ के बारे में भी बात कर चुकी हैं। पार्टनर से हुआ तलाक पर्सनल लाइफ की बात करें तो वो साल 2023 में सैम असगरी से सेपरेट हो गईं और मई 2024 में उनका तलाक फाइनल हुआ। सिंगर की बायोपिक का 2024 में हुआ था ऐलान ब्रिटनी का पिता जेमी स्पीयर्स के साथ ‘कंजरवेटरशिप’ को लेकर लंबा विवाद चला था। सिंगर की जीत होने के बाद उनकी बायोपिक का ऐलान किया गया था। हॉलीवुड स्टूडियो ‘यूनिवर्सल पिक्‍चर्स’ ने पॉप स्टार की बेस्‍ट सेलिंग ऑटोबायोग्राफी के अध‍िकार खरीद लिए हैं।

अगर केंद्र और सभी राज्य एक साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत को भविष्य के लिए तैयार शहरों के विकास की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने केंद्र और सभी राज्यों से एक साथ मिलकर विकास की गति बढ़ाने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, “भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है। हमें भविष्य के लिए तैयार शहरों की दिशा में काम करना चाहिए। विकास, नवाचार और स्थिरता हमारे शहरों के विकास का इंजन होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “हमें विकास की गति बढ़ानी होगी। अगर केंद्र और सभी राज्य एक साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं हो सकता है।” उन्होंने राज्यों से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने में योगदान देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “राज्यों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तथा सभी सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाते हुए प्रत्येक राज्य में कम से कम एक पर्यटन स्थल विकसित करना चाहिए। ‘एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य’ बनाया जाना चाहिए। इससे पड़ोसी शहरों का भी पर्यटन स्थल के रूप में विकास होगा।” पीएम मोदी ने 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षा को ‘विकसित होना’ बताया और कहा, “विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। जब हर राज्य विकसित होगा तभी भारत भी विकसित होगा। यह 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षा है।” इसके अलावा, उन्होंने देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमें अपने वर्कफोर्स में महिलाओं को शामिल करने की दिशा में काम करना चाहिए। हमें ऐसे कानून और नीतियां बनानी चाहिए, जिससे महिलाओं को वर्कफोर्स में सम्मानपूर्वक शामिल किया जा सके।” भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस गवर्निंग काउंसिल की बैठक का विषय ‘विकसित भारत : 2047 के लिए विकसित राज्य’ है। यह बैठक केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘विकसित भारत : 2047’ के विजन को आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श करने और इस बात पर आम सहमति बनाने के लिए एक मंच प्रदान करती है कि कैसे राज्य भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के लिए आधारशिला बन सकते हैं। इसके अलावा, बैठक में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल बढ़ाने और देश भर में स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

ट्रेन यात्रा के बाद दिखे लक्षण, परिवार को रखा गया निगरानी में, 55 वर्षीय महिला हुई कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है। नोएडा के सेक्टर 110 में रहने वाली 55 वर्षीय महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। महिला को हल्के लक्षण दिखने पर उन्होंने एक निजी अस्पताल में जांच कराई थी, जहां से उनके सैंपल कोरोना टेस्ट के लिए भेजे गए। रिपोर्ट आने के बाद यह पुष्टि हुई कि महिला कोरोना संक्रमित हैं। महिला होम आइसोलेशन में, परिवार के सैंपल जांच को भेजे गए मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि महिला को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनका इलाज घर पर ही चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत उनके घर जाकर महिला और उनके परिवार वालों को आइसोलेट कर दिया है। साथ ही, परिवार के बाकी सदस्यों के भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। ट्रेन यात्रा के बाद दिखे लक्षण, परिवार को रखा गया निगरानी में बताया जा रहा है कि महिला हाल ही में ट्रेन से सफर करके लौटी थीं। सफर के बाद उनमें कोरोना के शुरुआती लक्षण दिखे। उनके घर में पति और एक मेड भी रहते हैं, जिन्हें अब निगरानी में रखा गया है। डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के अस्पतालों में अब कोरोना टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है और टेस्टिंग की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग की अपील– ना घबराएं, सावधानी और सफाई रखें बरकरार स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहें, मास्क पहनें, हाथ धोने और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। नोएडा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ इस मामले को देख रहे हैं और हर संभव कदम उठा रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

हंसी की डोज देने आ रहा द ग्रेट इंडियन कपिल शो 3

मुंबई  कपिल शर्मा अपने नेटफ्लिक्स सीरीज़ ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के जरिए लोगों को खूब हंसाते हैं. वहीं अब कपिल इस सीरीज के नए सीज़न के साथ वापस आ रहे हैं. शनिवार को शो के निर्माताओं ने अपकमिंग सीजन का पहला प्रोमो भी जारी कर दिया साथ ही  ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो 3’ की स्ट्रीमिंग डेट भी अनाउंस कर दी. ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो 3’ का प्रोमो हुआ जारी ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो 3’ के प्रोमो की शुरुआत में कपिल शर्मा अर्चना पूरन सिंह को फोन करते हुए नजर आते हैं. वे अर्चना को कहते हैं कहां हो बेब्स. इसके बाद अर्चना कहती हैं मैं तो अपने बैंक आई हुई हूं. ये सुनकर कपिल कहते हैं अरे लोन-वोन लेने की जरूरत नहीं है. अपना सीजन 3 आ रहा है. इसके बाद अर्चना खुश होते हुए कहती हैं लवली. इसके बाद कपिल कीकू शारदा को फोन पर कहते नजर आते हैं, आप शो में कुछ नॉन्सेंस टाइप का कर सकते हो. ये सुनकर कीकू कहते हैं अरे नहीं भाई, कॉमेडी में कुछ उल्टा सीधा करो तो भागना पड़ता है, और आपको तो पता है मैं भाग नहीं सकता. इसके बाद कपिल और कृष्णा अभिषेक बात फोन पर बात करते नजर आते हैं. कृष्णा कपिल से कहते हैं डांस करूं, ये सुनकर कपिल बोलते हैं डांस तो कीकू भी कर लेता. फिर स्क्रीन पर सुनील ग्रोवर नजर आते हैं वे भी फोन पर कहते दिखते हैं हमने कौन सा लाइफ में कुछ इंटिलेक्चुअल किया है, नॉनसेंस ही तो किया है. ये सुनकर कपिल कहते हैं मेरा मतलब है पाजी कुछ ऐसा जो ऑडियंस ने अभी तक ना देखा हो. इसके बाद अर्चना नजर आती हैं और वे कहती हैं मैं अपने मुंह में 10 मिनट तक पानी भरकर फेंक सकती हूं कपिल. ये सुनकर कपिल कहते हैं एक काम करो आप बैंक ही निकलो. इसके बाद कपिल कृष्णा को भी कहते हैं वे भी बैंक चले जाएं. इसके बाद कपिल सुनील ग्रोवर से भी कुछ ऐसा ही कहते नजर आते हैं. आखिर में कपिल शर्मा स्क्रीन पर आते हैं और कहते हैं कि तो हम आर रहे हैं नेटफ्लिक्स पर द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो 3 लेकर बहुत जल्द. अब हर फनीवार बढ़ेगा हमारा परिवार.” ओवरऑल प्रोमो में इस बात का हिंट दिया गया है कि  दर्शकों को नए सीजन में हंसाने के लिए कुछ नया होने वाला है.  कब से स्ट्रीम होगा ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो 3’ वहीं प्रोमो को शेयर करते हुए नेटफ्लिक्स ने कैप्शन में लिखा है. “ हंसी होगी आउट ऑफ कंट्रोल क्योंकि कपिल और गैंग एक बार फिर कर रहे हैं कमबैक, अब हर फनीवार बढ़ेगा हमारा, द ग्रेट इंडियन कपिल शो के नए सीजन के साथ. नेटफ्लिक्स पर 21 जून से होगा स्ट्रीम.” यानी 21 जून से द ग्रेट इंडियन कपिल शो 3 से लाफ्टर की डोज मिलने वाली है. बता दें कि ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में एक बार फिर कपिल शर्मा के साथ  सुनील ग्रोवर, कीकू शारदा और कृष्णा अभिषेक भी दर्शकों को अपने जोक और आइकॉनिक किरदारों से हंसाते नजर आएंगे. वहीं जज की कुर्सी पर विराजमान होकर अर्चना पूरन सिंह भी ठहाके लगाती हुई नजर आएंगीं.

स्टीव राय पिछले 30 वर्षों से पुलिस सेवा में सक्रिय हैं, अब पुलिस विभाग के प्रमुख हुए नियुक्त

कनाडा पंजाबी समुदाय के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण सामने आया है। स्टीव राय को वैंकूवर पुलिस विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया है, जिससे वह इस पद पर पहुँचने वाले पहले पंजाबी मूल के अधिकारी बन गए हैं। इस ऐतिहासिक नियुक्ति ने न केवल कनाडा में बसे दक्षिण एशियाई समुदाय को गौरवान्वित किया है, बल्कि बहुसांस्कृतिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित हुआ है। स्टीव राय की यह उपलब्धि इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है, जिसमें पंजाबी मूल का एक व्यक्ति दुनिया के अग्रणी शहरों में से एक की पुलिस फ़ोर्स का नेतृत्व करेगा। यह न केवल एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विविधता और समावेशिता आज के समय में कितनी ज़रूरी और असरदार हैं।   स्टीव राय पिछले 30 वर्षों से पुलिस सेवा में सक्रिय हैं। हाल के वर्षों में वे वैंकूवर पुलिस विभाग में उप प्रमुख (Deputy Chief) के रूप में कार्य कर रहे थे। अपनी ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता और सभी समुदायों के प्रति सम्मान एवं सेवा भावना के चलते उन्हें यह सर्वोच्च पद सौंपा गया।  नियुक्ति के बाद अपने पहले सार्वजनिक संदेश में स्टीव राय ने कहा कि “मैं वैंकूवर शहर को एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और विश्वासपूर्ण माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। मेरे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों के भरोसे पर खरा उतरना है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी समुदायों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि सामाजिक एकता को मज़बूती मिल सके। उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही सिख और दक्षिण एशियाई समुदायों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई। कनाडा में बसे कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस फ़ैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह वैंकूवर की बहुसांस्कृतिक पहचान और समान अवसर नीति का प्रतीक है। समाजसेवी जसपाल सिंह ने कहा कि “यह नियुक्ति उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कनाडा जैसे देशों में कड़ी मेहनत और ईमानदारी से कुछ बड़ा करना चाहते हैं।”वैंकूवर को इस समय कई सामाजिक और आपराधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में गैंग युद्ध, नशे की लत, और भाईचारे में बढ़ती दूरियाँ बड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि स्टीव राय अपने अनुभव और सांस्कृतिक समझ के बल पर इन समस्याओं से निपटने में सफल रहेंगे।

बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित रही

मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार संकल्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीति आयोग की विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047 बैठक में की सहभागिता बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित रही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता मे नीति आयोग की शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की 10वीं बैठक में भाग लिया। यह बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के विजन से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की प्रथम पंक्ति में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में शामिल होकर प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त किया और इसे भारत के भविष्य निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में सभी राज्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश विकास और लोक कल्याण के संकल्प पथ पर अग्रसर है और निरंतर नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है।  

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव ने बताया ट्रंप के 25% टैरिफ के बावजूद भारत में बने आईफोन अमेरिका में होंगे सस्ते

 नई दिल्ली भले ही अमेरिका भारत में बने आईफोन पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए, फिर भी इसकी कुल उत्पादन लागत अमेरिका में इसे बनाने की तुलना में बहुत कम होगी। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। जीटीआरआई की ओर से यह जानकारी ऐसे समय पर दी गई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बयान के कारण खासा चर्चा में है। अपने बयान में ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर एपल भारत में आईफोन बनाने का फैसला करता है तो वे इसपर पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे। हालांकि, जीटीआरआई का मानना है कि इस तरह के शुल्कों के बावजूद भारत में आईफोन का निर्माण लागत की दृष्टि से अधिक प्रभावी है। रिपोर्ट में 1,000 अमेरिकी डॉलर के आईफोन की पूरी मौजूदा मूल्य शृंखला के बारे में विस्तार से बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, आईफोन के निर्माण में एक दर्जन से अधिक देशों का योगदान है। एपल अपने ब्रांड, सॉफ्टवेयर और डिजाइन जरिए मूल्य का सबसे बड़ा हिस्सा, लगभग 450 डॉलर प्रति डिवाइस अपने पास रखता है। क्वालकॉम और ब्रॉडकॉम जैसे अमेरिकी घटक निर्माताओं के हिस्से में करीब 80 जाते हैं। जबकि ताइवान चिप बनाकर 150 अमेरिकी डॉलर हासिल करता है। दक्षिण कोरिया ओएलईडी स्क्रीन और मेमोरी चिप्स बनाकर 90 डॉलर हासिल करता है। जापान मुख्य रूप से कैमरा सिस्टम तैयार कर 85 डॉलर के पार्ट्स की आपूर्ति करता है। जर्मनी, वियतनाम और मलेशिया छोटे आईफोन के कई अन्य छोटे-छोटे हिस्से बनाकर 45 डॉलर का योगदान देते हैं। जीटीआरआई ने कहा कि चीन और भारत जैसे देश आईफोन असेंबली के मामले में प्रमुख खिलाड़ी होने के बावजूद, प्रति डिवाइस केवल लगभग 30 डालर ही कमाते हैं। यह एक आईफोन के कुल खुदरा मूल्य का 3 प्रतिशत से भी कम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होने के बाद भी भारत में आईफोन का निर्माण आर्थिक रूप से तर्कसंगत है। ऐसा मुख्य रूप से भारत और अमेरिका में पारिश्रमिक लागत में भारी अंतर के कारण है। भारत में, आईफोन असेंबल करने वाले श्रमिक हर महीने लगभग 230 डॉलर कमा पाते हैं। वहीं कंपनी यदि अमेरिका के कैलिफोर्निया जैसे राजय में आईफोन बनाने का फैसला लेती है तो उसे काफी महंगा पड़ेगा। न्यूनतम मजदूरी से जुड़े कानूनों के कारण अमेरिका में फोन बनाने पर आईफोन की श्रम लागत लगभग 2,900 अमरीकी डॉलर तक पहुंच जाएगी, जो इसकी वर्तमान श्रम लागत से 13 गुना अधिक है। भारत में एक आईफोन को असेंबल करने में लगभग 30 डॉलर का खर्च आता है, जबकि अमेरिका में इसी प्रक्रिया पर लगभग 390 डॉलर का खर्च आएगा। अगर एपल अपना उत्पादन अमेरिका ले जाता है, तो हर आईफोन उसका मुनाफा वर्तमान के 450 अमेरिकी डॉलर से घटकर मात्र 60 अमेरिकी डॉलर रह जाएगा। ऐसे में, बिना खुदरा कीमतों में इजाफा किए वह इससे अधिक लाभ नहीं हासिल कर पाएगा। जीटीआरआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कैसे वैश्विक मूल्य शृंखलाएं और श्रम लागत का अंतर भारत को विनिर्माण के लिए एक प्रतिस्पर्धी विकल्प बनाते हैं। जीटीआरआई के अनुसार भारत में आईफोन की असेंबलिंग अमेरिका के संभावित व्यापार प्रतिबंधों के बावजूद कारगर बने रहने की उम्मीद है।

राज्य सरकार की तरफ से निवेश के दावे किए जाने को खोखला बताया: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार की तरफ से निवेश के दावे किए जाने को शनिवार को खोखला बताया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री जी यह सब अपने मन से नहीं कह रहे हैं, बल्कि उनसे कहलवाया जा रहा है। वह जो कुछ भी बोल रहे हैं, उसकी सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने प्रदेश में लोगों को हो रही पेयजल समस्या का भी जिक्र किया। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, सरकार का दोहरा पैमाना देखिए कि एक तरफ जहां ये लोग सार्वजनिक मंचों पर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ आम जनता को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? उन्होंने मनरेगा श्रमिकों पर कहा कि मौजूदा समय में उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, प्रशासन की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन को चाहिए कि श्रमिकों से एक घंटा कम काम कराया जाए। हमारे श्रमिकों के ऊपर काम का अत्यधिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक सोची-समझी साजिश के तहत हमारी पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन पर राजनीतिक हमले करके हमारे हौसले को पस्त करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हमारा हौसला पस्त नहीं होगा। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की कार्रवाई को भाजपा की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि आज से 90 साल पहले हमने इस अखबार को शुरू किया था। इसके बाद यह किसी कारणवश बंद हो गया, लेकिन अब हम इसे फिर से शुरू करने जा रहे हैं। जिससे भाजपा परेशान हो चुकी है। भाजपा को इस बात का डर है कि अगर नेशनल हेराल्ड को फिर से शुरू किया गया, तो कांग्रेस खुलकर अपने विचार प्रकट करेगी, जिससे उन्हें समस्या होगी। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संबंध में राहुल गांधी के सवालों की आलोचना किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं। अगर वे सवाल नहीं करेंगे तो कौन करेगा? अगर वे सवाल नहीं करेंगे, तो कल को जनता पूछेगी कि आप तो विपक्ष के नेता थे, लेकिन आपने आज तक कोई सवाल ही नहीं किया। आपने अपनी भूमिका का निर्वहन ढंग से किया ही नहीं। उन्होंने कहा कि आप इतिहास देख लीजिए। अमेरिका ने कभी हमारा साथ नहीं दिया। जब कारगिल युद्ध हुआ था, तब भी उसने हमारा साथ नहीं दिया था। ऐसी स्थिति में भारत को हिम्मत दिखानी चाहिए और उसे अमेरिका को दो टूक जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आखिर किस हैसियत से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीजफायर का ऐलान करते हैं। सीजफायर का ऐलान भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी सहमति से होना चाहिए था। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं, अमेरिका ने इस मामले में दखल दे दिया।

ऑपरेशन सिंदूर ने US को दिखाई असलियत, भारत से सबक ले वर्ना…अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ की चेतावनी

वाशिंगटन भारत द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पूरी दुनिया को भविष्य की लड़ाई का नया चेहरा दिखा दिया है। अमेरिका के प्रसिद्ध रक्षा विशेषज्ञ और वॉर इंस्टीट्यूट  में प्रोफेसर जॉन स्पेंसर ने कहा है कि यह सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए भी एक  नींद से जगाने वाली चेतावनी  है। उन्होंने लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए भारत ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य के युद्ध कैसे होंगे-तेज़, तकनीकी, और घातक। अब अमेरिका को भी अपनी सुस्त और महंगी डिफेंस मशीनरी पर गंभीरता से काम करना होगा।” अमेरिका का रक्षा ढांचा खतरे में जॉन स्पेंसर के मुताबिक अमेरिका की सैन्य तैयारियां खस्ताहाल हो चुकी हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर अचानक चीन से युद्ध छिड़ जाए, तो अमेरिका उसकी आक्रामक ताकत के सामने कमज़ोर साबित  हो सकता है। कुछ प्रमुख समस्याएं जो उन्होंने गिनाईं: अमेरिका हर साल केवल 24 से 48 PAC-3 मिसाइलें बना सकता है। यूक्रेन को भेजे गए स्टिंगर और जैवलिन मिसाइलों की भरपाई में   से 4 साल लग जाएंगे। 155 मिमी तोपों के गोले भी लगभग खाली स्टॉक में पहुंच चुके हैं।   अमेरिकी हथियार महंगे, सुस्त, और कम मात्रा में स्पेंसर ने अमेरिका की डिफेंस इंडस्ट्री पर सवाल उठाते हुए कहा  कि एक  Tomahawk मिसाइल की कीमत लगभग 2 मिलियन डॉलर है। HIMARS लॉन्चर की कीमत 5 मिलियन डॉलर से अधिक है। इसके मुकाबले ईरानी ड्रोन मात्र 40,000 डॉलर में उपलब्ध हैं और काम में ज़्यादा कारगर साबित हो रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने भी अमेरिका की ड्रोन नीति पर निशाना साधते हुए कहा, “हम लाखों डॉलर के ड्रोन बनाते हैं, जबकि हमारे दुश्मन कुछ हजार डॉलर में घातक ड्रोन तैयार कर लेते हैं।” ड्रोन बन चुके  युद्ध के नए सिपाही ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन का जिस तरह से इस्तेमाल हुआ, उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब लड़ाई के मैदान में पारंपरिक हथियारों की जगह  सस्ते और प्रभावशाली ड्रोन सिस्टम ले रहे हैं। स्पेंसर के शब्दों में “ड्रोन अब नए तोप के गोले हैं। युद्ध जीतने के लिए हमें   निगरानी करने वाले, हमला करने वाले और तेज़ उड़ान भरने वाले हजारों नहीं, लाखों ड्रोन  चाहिए।”  

शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में जनभागीदारी समिति की बैठक सम्पन्न

मनेंद्रगढ़  शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ में नवगठित जनभागीदारी समिति की प्रथम बैठक का आयोजन उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सिंह राणा ने की। अध्यक्ष महोदय एवं सभी सदस्यगण पहली बार महाविद्यालय पधारे, जिनका स्वागत प्राचार्य डॉ.श्राबनी चक्रवर्ती द्वारा पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानपूर्वक किया गया। बैठक की कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए डॉ.चक्रवर्ती ने समिति के समक्ष प्रमुख एजेण्डा प्रस्तुत किए तथा महाविद्यालय की वर्तमान स्थिति से सभी सदस्यों को अवगत कराया। उन्होंने महाविद्यालय के समग्र विकास हेतु निम्नलिखित आवश्यक प्रस्ताव रखे- महाविद्यालय की बाऊंड्री वॉल का निर्माण, अतिरिक्त अध्यापन कक्षों की आवश्यकता, पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत वॉटर कूलर की स्थापना, रिक्त पदों पर विशेषकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की वैकल्पिक नियुक्ति की आवश्यकता आदि। प्राचार्य डॉ. चक्रवर्ती ने इस बात पर विशेष बल दिया कि महाविद्यालय को स्नातकोत्तर स्तर का दर्जा प्राप्त है, किन्तु वर्तमान में केवल चार विषयों में ही स्नातकोत्तर कक्षाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने समिति से आग्रह किया कि हिन्दी, अंग्रेज़ी, इतिहास, अर्थशास्त्र, प्राणीशास्त्र, वनस्पतिशास्त्र, भौतिकशास्त्र, गणित एवं भूगर्भशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ कराने हेतु शासन स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही, महाविद्यालय में शिक्षकों व कर्मचारियों के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती सुनिश्चित कराने की आवश्यकता भी जताई गई। बैठक में प्रस्तुत सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया तथा महाविद्यालय स्तर पर किए जाने वाले कार्यों पर समिति ने सर्वसम्मति से अपनी सहमति प्रदान की। शासन स्तर पर संपादित कार्यो के लिए आवश्यक प्रयास किए जाने का भी समिति द्वारा आश्वासन दिया गया। आज की इस बैठक में समिति के माननीय सदस्यगण श्री धमेन्द्र पटवा, सुंदरलाल दुग्गड़, मुरलीधर सोनी,  शैलेष जैन, आदित्य राज डेविड, गौरव अग्रवाल, राजकुमार गुप्ता, जीतेन्द्र यादव एवं महाविद्यालयीन स्टॉफ से डॉ. रश्मि तिवारी, डॉ.सुशील कुमार तिवारी, पुष्पराज सिंह, रामनिवास गुप्ता एवं मनीष श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही। निश्चित ही आज की इस बैठक में लिए गए निर्णय महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं भौतिक उन्नति हेतु रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

आतंकवाद पर अब चुप्पी नहीं, PM मोदी का साफ संदेश- धैर्य की सीमा होती- पहलगाम हमले के बाद UAE का सख्त बयान

दुबई संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारत के राजदूत ने कहा है कि 2008 के मुंबई हमलों के बाद से आतंकवाद पर खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों के रुख में अब उल्लेखनीय बदलाव आया है क्योंकि उन्हें व्यापक रूप से यह अहसास हो गया है कि आतंकवाद सभी का साझा दुश्मन है और इस खतरे से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है। UAE में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने इस मुद्दे पर भारत के रुख को सामने लाने के लिए श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की देश की यात्रा की भी सराहना की। उन्होंने इस यात्रा को बहुत सफल बताया। राजदूत ने  कहा, ‘‘हमारे विमर्श, हमारे दृष्टिकोण, सभी को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली। यह एक स्पष्ट प्रतिक्रिया थी, यह इस तथ्य का स्पष्ट दोहराव था कि UAE हमारा एक सच्चा रणनीतिक साझेदार, एक मित्र है, जिस पर हम भरोसा कर सकते हैं।” सुधीर ने GCC देशों बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद की प्रतिक्रिया और मुंबई हमले के बाद की प्रतिक्रिया में आए बदलाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘2008 में मुंबई आतंकवादी हमले के बाद स्थिति काफी अलग थी। जीसीसी देशों की प्रतिक्रिया काफी अलग थी। इस बार यह काफी अलग थी। हमारा नेतृत्व यूएई, सऊदी अरब, कुवैत और कतर के साथ बहुत सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। यह वही जीसीसी है लेकिन कुछ चीजें बदल गई हैं क्योंकि व्यापक रूप से यह अहसास हो गया है कि आतंकवाद मानवता का साझा दुश्मन है और हमें इसका मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।” राजदूत ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात संभवतः पहला देश था जिसने स्पष्ट बयान जारी कर इस हमले की निंदा की और इसे आतंकवादी कृत्य बताया तथा सभी प्रकार के आतंकवाद को समाप्त करने का आह्वान किया। शिंदे के नेतृत्व वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान यूएई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इसने सहिष्णुता एवं सह-अस्तित्व मामलों के मंत्री शेख नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान और विदेश मामलों, रक्षा एवं आंतरिक मामलों पर संघीय राष्ट्रीय परिषद समिति के अध्यक्ष अली राशिद अल नूमी समेत कई नेताओं से मुलाकात की। सुधीर ने कहा, ‘‘जिस तरह से प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया और हमारे दृष्टिकोण को प्रतिक्रिया मिली वह हमारी साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।” उन्होंने कहा कि यूएई की प्रतिक्रिया ने मानवता के साझा दुश्मन आतंकवाद का मुकाबला करने की उसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। सुधीर ने जिक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद को प्रायोजित करने पर पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि धैर्य की भी एक सीमा होती है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत के अग्रसक्रिय रुख का प्रमाण बताते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धैर्य की भी एक सीमा होती है। हम महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की धरती से आते हैं लेकिन हमें कोई भी हल्के में नहीं ले सकता।” सुधीर ने भारत एवं यूएई के द्विपक्षीय संबंधों पर का जिक्र करते हुए विशेष रूप से व्यापार में मजबूत वृद्धि पर प्रकाश डाला जो वित्त वर्ष 2024-25 में 100 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया।    

चलते ट्रैक्टर से गिरने से बुजुर्ग की मौत

कोरबा कोरबा के उरगा थाना अंतर्गत मड़वारानी फाटक के पार करते समय एक चलते ट्रैक्टर से 56 वर्षीय बुजुर्ग ट्रैक्टर से नीचे गिर गया। हादसे में बुजुर्ग की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सभी का रो रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि उरगा थाना अंतर्गत परसाभांठा निवासी 56 वर्षीय बिसाहू राम उर्फ गुडूम राम बिंझवार अपने रिश्तेदारों के साथ ट्रैक्टर में बैठकर खाद लेने गया हुआ था। जहां खाद लेकर घर वापस लौट रहे थे, ट्रैक्टर पर तीन लोग सवार थे। मड़वारानी फाटक पहुचने पर फाटक बंद था। इस दौरान दो व्यक्ति ट्रैक्टर से उतर कर पैदल फाटक पार कर दूसरी तरफ चले गए वहीं बिसाहू राम ट्रैक्टर पर ही बैठा हुआ था। फाटक पार करते समय  वह अचानक ट्रैक्टर से अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया और ट्रैक्टर की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई और घायल को निजी वाहन से जिला मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया। गया जहां अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर मृत घोषित कर दिया।

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