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EPFO के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए Good news, 8.25% ब्याज दर को सरकार ने किया मंजूर, अब खातों में आएगा पैसा

 नयी दिल्ली  सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दी है। इससे ईपीएफओ अपने सात करोड़ से अधिक अंशधारकों के भविष्य निधि पर वार्षिक ब्याज जमा कर सकेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है।  बता दें, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है। तय किए ब्याज दर को वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया था। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने मंजूरी दी EPFO ने 28 फरवरी को ईपीएफ के इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने का फैसला किया था। इसे मंजूरी के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजा गया था। बताया जाता है कि फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया, “फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। यह फिस्कल ईयर 2024-25 के लिए होगा। इस फैसले के बारे में लेबर मिनिस्ट्री ने ईपीएफओ को 22 मई को सूचित कर दिया।” ईपीएफओ के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स को फायदा सरकार के इस फैसले के बाद ईपीएफ के 7 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा आने का रास्ता साफ हो गया है। 28 फरवरी को ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (CBT) की बैठक हुई थी। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में हुई इस बैठक में FY25 के लिए इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने के प्रस्ताव पर फैसला हुआ था। फरवरी 2024 में इंटरेस्ट बढ़ाने का फैसला ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में ईपीएफ के डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला किया था। उसने इसे 8.15 फीसदी से बढ़ाकर 8.25 फीसदी कर दिया था। यह वृद्धि फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के डिपॉजिट के लिए की गई थी। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में इंटरेस्ट रेट 8.15 फीसदी था। मार्च 2022 में ईपीएफओ ने इंटरेस्ट रेट को 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया था। यह 4 दशक से ज्यादा समय में सबसे कम इंटरेस्ट रेट था। ईपीएफ अकाउंट का मतलब प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोग ईपीएफओ की स्कीम के तहत आते हैं। इसमें हर महीने एंप्लॉयी की सैलरी का 12 फीसदी (बेसिक प्लस डीए) उसके ईपीएफ अकाउंट में जमा होता है। उतना ही पैसा एंप्लॉयर एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में हर महीने डिपॉजिट करता है। ईपीएफ अकाउंट के दो हिस्से होते हैं-ईपीएफ और ईपीएस। एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन का 8.33 फीसदी हर महीने ईपीएस में जमा होता है। एंप्लॉयी के रिटायर होने पर ईपीएफ अकाउंट में जमा पूरा पैसा उसे एकमुश्त मिल जाता है। ईपीएफ में जमा पैसे पर उसे हर महीने पेंशन मिलती है। 7 करोड़ खातों में आएगा ब्याज का पैसा लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ईपीएफ पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर देने पर सहमति दे दी है और श्रम मंत्रालय ने गुरुवार को ईपीएफओ को इस संबंध में सूचना दे दी है।” अब वित्त वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत दर के अनुसार ब्याज ईपीएफओ के सात करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के खातों में जमा किया जाएगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 28 फरवरी को नयी दिल्ली में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 237वीं बैठक में ब्याज दर पर निर्णय लिया गया था। बीते कुछ सालों में ब्याज दरों में हुई है कटौती ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में 2023-24 के लिए ब्याज दर को मामूली बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया था जो 2022-23-में 8.15 प्रतिशत था। वहीं, मार्च 2022 में 2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज को घटाकर चार दशक से अधिक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत कर दिया गया था। यह 2020-21 में 8.5 प्रतिशत था।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की अहम बैठक, ममता, सिद्धारमैया और केरल सीएम ने बनाई दूरी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज दिल्ली के भारत मंडपम में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक हुई। बैठक की थीम “विकसित राज्य से विकसित भारत @2047” रखी गई है। हालांकि इस अहम बैठक से कुछ बड़े राज्यों के मुख्यमंत्री नदारद रहे। बंगाल सीएम ममता बनर्जी, कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया और केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने बैठक से दूरी बनाकर रखी। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य एएनआई के मुताबिक, बैठक में राज्यों को अपने-अपने संसाधनों और भूगोल के अनुसार दीर्घकालिक और समावेशी विकास की योजनाएं तैयार करने के लिए कहा गया है, ताकि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जा सके। इसमें मानव विकास, आर्थिक वृद्धि, सतत आजीविका, तकनीक और सुशासन जैसे क्षेत्रों पर फोकस की बात की गई। केंद्र ने यह भी कहा है कि राज्यों को डेटा-आधारित कार्यप्रणाली, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट्स और ICT-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिये परिणाम आधारित बदलाव लाने होंगे। ममता, सिद्धारमैया और केरल सीएम ने बनाई दूरी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक से दूरी बनाई। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने न तो दिल्ली का रुख किया और न ही कोई प्रतिनिधि भेजा। यह पहला मौका नहीं है जब ममता बनर्जी ने नीति आयोग की बैठक में भाग नहीं लिया हो। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी इस बैठक में शरीक नहीं हुए। हालांकि उनके करीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि यह कोई बहिष्कार नहीं था बल्कि मुख्यमंत्री की पहले से तय मैसूरु यात्रा के चलते वे बैठक में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने अपना वक्तव्य दिल्ली भिजवाया है, लेकिन यह साफ नहीं है कि बैठक में उनकी तरफ से कौन आएगा। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी बैठक में शिरकत नहीं की। उन्होंने वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल को नामित किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार चूंकि यह मुख्यमंत्रियों की बैठक है, इसलिए बालगोपाल की भागीदारी को लेकर असमंजस बना हुआ है। इन राज्यों के सीएम पहुंचे बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्रियों में उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू, तमिलनाडु के एम.के. स्टालिन, ओडिशा के मोहन चरण माझी, पंजाब के भगवंत मान, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी, त्रिपुरा के माणिक साहा और हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू शामिल हैं। हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू ने बैठक से पहले मीडिया से कहा, “नीति आयोग राज्यों से जुड़े मसलों को देखता है। मेरा प्रमुख मुद्दा यह होगा कि हिमाचल प्रदेश में एनएचपीसी और एनटीपीसी की जो पावर परियोजनाएं कर्ज मुक्त हो चुकी हैं, उनसे उपभोक्ताओं से पास-थ्रू के जरिए जो 12% फ्री रॉयल्टी ली जाती है, उसे बढ़ाया जाए और परियोजनाएं लोगों को लौटाई जाएं। इसके लिए एक समय-सीमा भी तय की जानी चाहिए।”  

राज्यपाल डेका ने कहा कि यह संस्थान न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह ज्ञान, सेवा और संस्कृति का संगम

 रायपुर विप्र पब्लिक स्कूल, रायपुर के नव-निर्मित भवन का लोकार्पण जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि केवल डिग्री प्राप्त करना ही शिक्षा नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व को संवारने और समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने की प्रक्रिया है। अपने उद्बोधन में राज्यपाल डेका ने विप्र शिक्षा समिति और विप्र कॉलेज के 30 वर्षों की शिक्षायात्रा को गौरवपूर्ण बताते हुए सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह ज्ञान, सेवा और संस्कृति का संगम है। राज्यपाल डेका ने कहा कि “आज जब पूरा विश्व डिजिटल क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब ऐसी शिक्षा की जरूरत है जो आधुनिकता के साथ-साथ हमें हमारी जड़ों और भारतीय जीवन मूल्यों से भी जोड़े रखे। राज्यपाल ने डेका कहा कि भवन कैसा है यह न देख हुए वहां कैसी शिक्षा मिल रही है यह देखा जाए। हमे ऐसी शिक्षा देना  है जो स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक समझ के साथ-साथ विज्ञान, गणित और तकनीकी शिक्षा को समन्वित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव-निर्मित भवन आने वाले वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता का प्रतीक बनेगा। डेका ने कहा कि देश में गुरूकुल परंपरा को स्थापित करने में ब्राह्यण समाज का बहुत बड़ा योगदान है। ब्राह्यण समाज ने सदैव शिक्षा और नैतिकता तथा सामाजिक मार्गदर्शन को अपना कर्त्तव्य माना है। इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज ने अपना आर्शीवचन दिया।  कार्यक्रम  में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री रवींद्र चौबे ने भी अपना संबोधन दिया।   इस अवसर पर संतगण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और विप्र समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भारत निर्वाचन आयोग ने देश में सुगम और समावेशी निर्वाचन के लिए पिछले तीन महीनों में 18 नए नवाचार प्रारंभ किए

एमसीबी भारत निर्वाचन आयोग ने देश में सुगम और समावेशी निर्वाचन के लिए पिछले तीन महीनों में 18 नए नवाचार प्रारंभ किए हैं। इनमें सुविधाजनक मतदान से लेकर राजनीतिक दलों की सहभागिता बढ़ाने, प्रक्रियागत सुधार से लेकर निर्वाचन कार्यों में लगे अमलों की क्षमता बढ़ाने, सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया को सुगम एवं पारदर्शी बनाने से लेकर ईसीआई मुख्यालय में ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने जैसे कई प्रभावी और अभिनव कदम शामिल हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने नई पहल करते हुए एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा निर्धारित की है। ऊंची इमारतों एवं कालोनियों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण हेतु मृत्यु पंजीकरण का डेटा रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) डेटाबेस से सीधे प्राप्त किया जाएगा और सत्यापन के बाद अद्यतनीकरण किया जाएगा। आयोग ने मतदाता सूचना पर्चियों को और अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने का भी निर्णय लिया है। अब इसमें मतदाता का क्रमांक और भाग संख्या अधिक स्पष्टता के साथ प्रदर्शित किए जाएंगे। भारत निर्वाचन आयोग निवार्चन की संपूर्ण प्रक्रिया में हर स्तर पर राजनीतिक दलों की सहभागिता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ देशभर में 4719 बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठक में राजनीतिक दलों के 28 हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी दी है। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मिलाकर सीईओ स्तर पर 40, डीईओ स्तर पर 800 तथा ईआरओ स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ 3879 बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रमुख दलों आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी, एनपीपी की मौजूदगी रही है। राजनीतिक दलों के साथ अलग-अलग स्तरों पर बैठकों के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग प्रक्रियात्मक सुधारों (Procedural Reforms) की दिशा में भी सक्रियता से काम कर रही है। आयोग द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की सुविधा के लिए नया एकीकृत डैशबोर्ड ईसीआईनेट (ECINET) शुरू किया गया है। इसमें सभी हितधारकों के लिए एक ही स्थान पर सभी सेवाएं उपलब्ध हैं। ईसीआई के 40 से अधिक एप्स एक ही प्लेटफार्म पर मौजूद हैं। इसके साथ ही डुप्लीकेट इपिक (EPIC) नंबर की समस्या के समाधान के लिए ईसीआई द्वारा अब विशिष्ट इपिक नंबर की नई प्रणाली लागू की गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने और निर्वाचन कराने की पूरी प्रक्रिया में 28 हितधारकों की पहचान की है। इनमें मतदाता, निर्वाचन अधिकारी, राजनीतिक दल, उम्मीदवार एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 और निर्वाचन संचालन नियम 1961 और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों पर आधारित अन्य शामिल हैं। इन सभी हितधारकों के लिए अधिनियमों, नियमों और आयोग के निर्देशों के आधार पर प्रशिक्षण प्रस्तुतियाँ तैयार की जा रही हैं। आयोग ने निर्वाचन कार्मिकों (Election Staff) के सशक्तिकरण के लिए भी नए कदम उठाए हैं। बीएलओ को मानक फोटो पहचान पत्र (Standard Photo ID Card) दिए जाने के साथ ही नई दिल्ली स्थित आईआईआईडीईएम (IIIDEM) में लगातार क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसमें अब तक 3000 से अधिक बूथ स्तर पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अगले कुछ वर्षों में एक लाख से अधिक बीएलओ पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालयों के एसएमएनओ (SMNOs) और एमएनओ (MNOs) के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किए गए हैं। निर्वाचन में सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण पहलू के मद्देनजर बिहार के पुलिस अधिकारियों को भी आईआईआईडीईएम (IIIDEM) में प्रशिक्षण दिया गया है। नई दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय में भी कार्यों में बेहतरी और कसावट के लिए कई सुधार जारी हैं। बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के साथ ही वहां ई-ऑफिस का कार्यान्वयन शुरू हो चुका है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ बेहतर समन्वय के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ आयोग नियमित बैठकें भी कर रहा है।

विराट कोहली दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 800 चौके एक टीम के लिए टी20 क्रिकेट में जड़े

नई दिल्ली विराट कोहली का बल्ला IPL 2025 में जमकर हल्ला बोल रहा है। वे लगातार ऑरेंज कैप की रेस में बने हुए हैं और इसी दौरान एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी विराट कोहली ने बना लिया है। वे दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने टी20 क्रिकेट में एक टीम के लिए 800 चौके जड़ दिए हैं। दुनिया का अन्य कोई बल्लेबाज एक टीम के लिए टी20 क्रिकेट में 700 चौके भी नहीं जड़ पाया है। विराट कोहली ने ये कमाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगुलरू यानी आरसीबी के लिए किया है। दाएं हाथ के बल्लेबाज विराट कोहली ने शुक्रवार 23 मई को लखनऊ को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मैच में आरसीबी के लिए 800वां चौका जड़ा। वे सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला खेल रहे थे। विराट कोहली ने इसी दौरान एक नए कीर्तिमान को अपने नाम किया। वे अब दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 800 चौके एक टीम के लिए टी20 क्रिकेट में जड़े हैं। वे आईपीएल और चैंपियंस लीग टी20 को मिलाकर आरसीबी के लिए 800 चौके जड़ चुके हैं। लिस्ट में दूसरा नाम इंग्लैंड के जेम्स विंस का है, जिन्होंने हैंपशायर के लिए 694 चौके जड़े हैं। लिस्ट में तीसरे नंबर पर एलेक्स हेल्स हैं। वे भी इंग्लैंड के हैं। उन्होंने अपनी डोमेस्टिक टीम नॉटिंघमशायर के लिए 563 चौके टी20 फॉर्मेट में जड़े हैं। इसके अलावा रोहित शर्मा का नाम भी इस सूची में शामिल है। वे मुंबई इंडियंस के लिए अब तक 550 चौके जड़ चुके हैं। वे लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। पांचवें नंबर पर ल्यूक राइट का नाम आता है, जिन्होंने ससेक्स के लिए 529 चौके टी20 क्रिकेट में जड़े हैं। टी20 क्रिकेट में एक टीम के लिए सबसे ज्यादा चौके: 800 – विराट कोहली, आरसीबी 694 – जेम्स विंस, हैम्पशायर 563 – एलेक्स हेल्स, नॉटिंघमशायर 550 – रोहित शर्मा, एमआई 529 – ल्यूक राइट, ससेक्स  

नई-नवेली दुल्हन के साथ उसके पति ने बिना बताए कोल्डड्रिंक में बीयर और ठंडई में भांग मिलाकर पिला दी, मामला पंहुचा थाने

लखनऊ शादी को लेकर अक्सर लोग सपनों और उम्मीदों से भरे होते हैं, लेकिन यूपी के मिर्जापुर से आई यह घटना रिश्तों पर विश्वास को झकझोर कर रख देती है। यहां एक नई-नवेली दुल्हन के साथ उसके पति ने सुहागरात को ऐसा धोखा किया, जिसने रिश्ते की नींव को पांच दिन में ही तोड़ दिया। दूल्हे ने अपनी पत्नी को बिना बताए कोल्डड्रिंक में बीयर और ठंडई में भांग मिलाकर पिला दी, जिससे मामला थाने तक जा पहुंचा। क्या है पूरा मामला? यह मामला मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र का है, जहां 15 मई को वाराणसी के कपसेठी थाना क्षेत्र की एक युवती की शादी धूमधाम से हुई थी। लेकिन शादी की पहली ही रात को दूल्हे ने अपनी पत्नी के साथ विश्वासघात कर डाला। दुल्हन को यह नहीं बताया गया कि उसे जो पेय दिया जा रहा है, उसमें नशा मिला हुआ है। रात के बाद जब होश में आई तो उसे अजीब तरह की हालत का अनुभव हुआ और बाद में उसे इस बात का पता चला कि उसके साथ धोखा किया गया है। मायके लौटी दुल्हन, पुलिस तक पहुंचा मामला इस शर्मनाक हरकत की जानकारी दुल्हन ने अपने परिजनों को दी। इसके बाद उसे ससुराल से मायके वापस ले जाया गया। जब परिजनों ने कपसेठी थाने में शिकायत दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने सीमा विवाद का हवाला देते हुए मिर्जापुर के कछवां थाने जाने की सलाह दी। कछवां थाने में आखिरकार दुल्हन की शिकायत दर्ज हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया, जहां थानाध्यक्ष रणविजय सिंह की निगरानी में घंटों पंचायत चली, लेकिन दुल्हन ने अपने फैसले पर अडिग रहते हुए पति के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया।

बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में बड़ी लापरवाही, गलत खून चढ़ाने से हुई प्रसूता की मौत, फाइल भी गायब

जयपुर राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में एक बार फिर ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अस्पताल में 11 दिन से भर्ती महिला को गलत ब्लड चढ़ाने से उसकी मौत हो गई। हैरान करने वाली बात ये है कि अब उस महिला की मेडिकल फाइल तक अस्पताल में मौजूद नहीं है। मौजूदा मामला न सिर्फ लापरवाही की कहानी है, बल्कि पूरे सिस्टम की सड़ांध की गवाही देता है। जब भास्कर ने इस मामले की तह तक जाने की कोशिश की तो सामने आया कि मौत के 35 घंटे बाद भी अस्पताल प्रशासन यह तय नहीं कर पाया कि गलती किसकी थी, ड्यूटी पर कौन था और किसने ब्लड चढ़ाया। सबके पास एक ही जवाब था कि महिला सीरियस थी। दरअसल हकीकत ये है कि अस्पताल में ब्लड चढ़ाने की प्रक्रिया में कई स्तर पर जांच और पुष्टि होनी चाहिए। रेजिडेंट डॉक्टर और नर्स को मिलकर यह देखना होता है कि जो ब्लड मंगवाया गया है, वही ब्लड मरीज को चढ़ाया जा रहा है या नहीं लेकिन सिस्टम की खामियां इतनी हैं कि जवाबदेही कहीं तय ही नहीं होती। ब्लड बैंक में 70 प्रतिशत स्टाफ ठेके पर है, जिसके पास यदि पर्ची आई तो एंट्री की और बिना पुष्टि के ब्लड दे दिया गया। जिसे ब्लड वार्ड तक पहुंचाना होता है, वह वार्ड बॉय भी ठेके पर ही है। यानी पूरी जिम्मेदारी एक ऐसे ढांचे पर टिकी है, जहां न कोई स्थायित्व है, न जवाबदेही। यह कोई पहला मामला नहीं है। फरवरी 2024 में 23 साल के सचिन को गलत ब्लड चढ़ाया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। दिसंबर में भरतपुर का 10 साल का मुस्तफा भी इसी लापरवाही का शिकार हुआ और अब यह प्रसूता, जिसकी मौत को पहले छुपाने की कोशिश हुई और अब उसकी फाइल तक ‘गायब’ कर दी गई। मानवाधिकार आयोग ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लिया है। आयोग ने एसएमएस के अधीक्षक और प्राचार्य को नोटिस जारी कर 12 जून तक तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ एक और जांच कमेटी इस मौत का जवाब दे पाएगी? या फिर कार्रवाई की घोषणा से कर्तव्य की इतिश्री हो जाएगी।

12 वीं बोर्ड के छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी, 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी स्टूडेंट्स को लैपटॉप के लिए राशि देने का आदेश जारी

भोपाल मध्य प्रदेश के 12वीं के बोर्ड छात्रों के लिए खुशखबरी है. माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने 12वीं की परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए राशि देने का आदेश जारी किया है. शुक्रवार को लोक शिक्षण संचालनालय ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं. जिला शिक्षा अधिकारियों से बच्चों के बैंक खाता की जानकारी मांगी गई है. संचालक लोक शिक्षण डीके कुशवाहा ने मध्य प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत मिल रहा लाभ प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मंडल के सत्र 2024 25 की कक्षा 12वीं की परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों के शिक्षा पोर्टल पर दर्ज बैंक खाता संबंधित पत्र जारी किया जाए. जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में संचालक ने साफ किया कि पिछले वर्षों में देखा गया था कि कई छात्रों के बैंक खाता उनके परिवारजनों के नाम से संचालित थे ओर कई बैंक खातों में गड़बड़ी भी देखी गई,जिससे वन क्लिक के माध्यम से छात्रों के खाते में राशि ही नहीं पहुंच पाई थी. ऐसे में पूर्व सावधानी से पात्र छात्रों के बैंक खाते की प्रविष्टि की जाए. एक हफ्ते में पोर्टल में दर्ज करना होगी जानकारी इसमें पात्र विद्यार्थियों के नाम से संचालित बचत बैंक खाता क्रमांक, आईएफसी कोड और बैंक शाखा का नाम एक सप्ताह के अंदर शिक्षा पोर्टल पर दर्ज करवाना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल से 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इस बार माशिम की 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 94 हजार के आसपास है। जुलाई में लैपटाप की राशि मिलने की संभावना पिछले सत्र के मेधावी विद्यार्थियों को इस साल फरवरी में लैपटॉप की राशि दी गई थी। इस बार सरकार का प्रयास है कि जुलाई तक विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि प्रदान कर दी जाए। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अपलोड की पात्र स्टूडेंट्स की लिस्ट मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतगर्त 12 वीं के एग्जाम में जिन छात्र-छात्राओं को लाभ मिलना है, उनकी लिस्ट माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने अपने पोर्टल पर अपलोड की है. यदि टॉपर छात्र-छात्राएं नाम देखना चाहते हैं, तो पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं. लैपटॉप के लिए पैसे मिलने की जानकारी जैसे ही टॉपर्स स्टूडेंट्स को मिली, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे. योजना के मुख्य उद्देश्य…     डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना।     मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देना।     छात्रों को तकनीकी दक्षता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करना।     शिक्षा में समानता और अवसर प्रदान करना। पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)…     आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।     MP बोर्ड से 12वीं पास हो।     सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 85% अंक।     SC/ST/अन्य आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 75% अंक।     परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।     आधार कार्ड, बैंक खाता, और आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य। 1. आधिकारिक वेबसाइट [shikshaportal.mp.gov.in] पर जाएं। 2. ‘पात्रता जांचें’ लिंक पर क्लिक करें। 3. 12वीं बोर्ड का रोल नंबर दर्ज करें और जानकारी प्राप्त करें। 4. पात्रता मिलने पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें। 5. सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। 6. आवेदन सबमिट करें और प्रिंट निकाल लें। 7. आवेदन की स्थिति पोर्टल पर चेक करें। राशि ट्रांसफर सीधे DBT के जरिए बैंक खाते में…     चयनित छात्रों को 25,000 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) के जरिए दी जाएगी।     राशि से छात्र अपने मनपसंद लैपटॉप खरीद सकते हैं।     साथ ही सरकार की ओर से सम्मान पत्र भी दिया जाएगा। इस साल कितने प्रतिशत पर मिलेगा लैपटॉप?     सामान्य वर्ग के लिए 12वीं बोर्ड में 85% या उससे अधिक अंक।     SC/ST और अन्य आरक्षित वर्ग के लिए 75% या उससे अधिक अंक। फ्री लैपटॉप योजना के फायदे…     25,000 की आर्थिक सहायता सीधे खाते में।     छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा और तकनीकी कौशल विकास।     प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद।     ऑनलाइन शिक्षा में सहजता।     आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी।     सभी वर्गों के मेधावी छात्रों को समान अवसर। योजना से जुड़ी जरूरी जानकारियां (Important Information)… बिंदु                              जानकारी योजना का नाम       मध्य प्रदेश फ्री लैपटॉप योजना लाभार्थी                 12वीं में अच्छे अंक लाने वाले छात्र प्रोत्साहन राशि         ₹25,000 कटऑफ प्रतिशत     सामान्य – 85%, SC/ST – 75% आवेदन तरीका        ऑनलाइन जरूरी दस्तावेज        आधार, मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक आधिकारिक वेबसाइट     shikshaportal.mp.gov.in राशि का वितरण           डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज…     आधार कार्ड     12वीं बोर्ड की मार्कशीट     जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)     बैंक पासबुक या बैंक खाता विवरण पिछले वर्षों का डेटा और योजना की सफलता पिछले साल 78,641 छात्रों ने इस योजना का लाभ लिया। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में और अधिक मेधावी छात्र इस योजना का लाभ उठाएं और डिजिटल शिक्षा से जुड़ें। एमपी फ्री लैपटॉप योजना के लाभ…     ऑनलाइन पढ़ाई का मौका     प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी     तकनीकी कौशल में सुधार     रोजगार के नए अवसर     आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना डिजिटल युग में सफलता की एक मजबूत सीढ़ी… यह योजना मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए डिजिटल युग में सफलता की एक मजबूत सीढ़ी साबित हो रही है। अगर आप भी 12वीं में अच्छे अंक लाए हैं तो इस अवसर का लाभ अवश्य उठाएं।

केरल में मानसून का आगमन, पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी दी दस्तक

 नई दिल्ली केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है। यह अपने तय समय से करीब एक सप्ताह पहले चल रहा है। इस साल केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी हुआ है। राज्य में मानसून के आगमन के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई थीं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। यह कम दबाव वाले क्षेत्र और आगे बढ़ते मानसून सिस्टम के संयोजन के कारण हो रहा है। पिछली बार राज्य में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में पहुंचा था। तब यह 23 मई को राज्य में पहुंचा था। आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून को दस्तक देता है। हालांकि, सबसे पहले 1918 में 11 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दे दी थी। देरी से मानसून के आने का रिकॉर्ड 1972 में था, जब मानसूनी बारिश 18 जून से शुरू हुई थी। पिछले 25 वर्षों में सबसे देरी से मानसून का आगमन 2016 में हुआ था, जब मानसून ने 9 जून को केरल में प्रवेश किया था। दक्षिणी राज्यों में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को केरल, तटीय-दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा कि 29 मई तक केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों में छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना दक्षिण कोंकण तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना है। यह 24 मई की सुबह रत्नागिरी से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इसके पूर्व की ओर बढ़ने और आज सुबह रत्नागिरी और दापोली के बीच तट को पार करने की उम्मीद है। बीते साल 30 मई को मानसून ने दी थी दस्तक पिछले साल 30 मई को दक्षिणी राज्य में मानसून ने दस्तक दी थी। 2023 में मानसून 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, 2019 में 8 जून को और 2018 में 29 मई को केरल पहुंच था। आईएमडी ने अप्रैल में 2025 के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया था। इसमें अल नीनो की स्थिति की संभावना को खारिज कर दिया गया था। अल नीनो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसी रहती है देश में मानसून की गति आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल में दस्तक देता है। इसके बाद 8 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर कर लेता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू करता है और 15 अक्तूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। क्या पूरे देश में जल्दी पहुंचेगा मानसून? मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, मानसून की शुरुआत की तारीख और पूरे देश में मौसम के दौरान होने वाली कुल बारिश के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। केरल में जल्दी या देर से आने वाले मानसून का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों को भी उसी हिसाब से कवर करेगा।

मदरसा शिक्षक नहीं लिख सके बृहस्पतिवार, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हैरान

बहराइच यूपी के बहराइच में मदरसों में पढ़ने वाले कक्षा सात के बच्चों को सप्ताह के सातों दिनों के नाम तक ठीक से नहीं पता है। अफसोस की बात यह है कि बच्चों की इन गलतियों को मदरसे में 92 हजार रुपये के वेतन पर पढ़ाने वाले शिक्षक भी नहीं पकड़ पाए। बृहस्पतिवार कैसे लिखते हैं, यह तक मदरसा के शिक्षक नहीं जानते हैं। इसका खुलासा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जांच में हुआ है। दो दिन पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी संजय मिश्रा ने महसी इलाके के मदरसा दारुल उलूम अशरफिया हस्मतुरर्जा का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जब उन्होंने छात्रों की कापी देखी तो पाया कि कक्षा सात का छात्र अपने हिन्दी की कॉपी में सप्ताह के सात दिनों के नाम तक ठीक से नहीं लिख सका है। उसकी कॉपी को मदरसे में पढ़ाने वाले शिक्षक मौलवी साहब ने जांची तो गलती के बावजूद उन पर सही का निशान लगा मिला। यह देखकर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भड़क गए। उन्होंने मौलवी से पूछा कि क्या कॉपी में लिखा बृहस्पतिवार सही है। इस पर मौलवी साहब बगले झांकने लगे। मौलवी ने बताया 92 हजार रुपये वेतन मिलता है कई बार सवाल पूछने पर मौलवी साहब ने उंगली से कॉपी पर इशारा करते हुए बताया कि मात्रा इधर से होनी चाहिए, लेकिन जो वह उंगली से बता रहे थे। वह भी गलत था। इस पर अधिकारी ने पूछा कि कितना वेतन पाते हो तो मौलवी ने बताया कि 92 हजार रुपये। इससे हतप्रभ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने कहा कि इससे खराब क्या हो सकता है कि कक्षा सात का छात्र सप्ताह के सात दिनों के नाम तक ठीक से नही लिख पा रहा है। उन्होंने शिक्षक गुणवत्ता युक्त शिक्षण कार्य के लिए चेतावनी भी जारी की।

खेत में 38 क्विंटल 36 किलो गांजा मिला, टीआई ने मामले में दिखाई उदासीनता, अब हुए संस्पेड

शहडोल  मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में करोड़ों के गांजा मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सवा तीन करोड़ के गांजे मामले में उदासीनता बरतने वाला टीआई (थाना प्रभारी) को सस्पेंड कर दिया गया है। शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाने में पदस्थ टीआई एसपी चतुर्वेदी को एसपी रामजी श्रीवास्तव ने निलंबित कर दिया है। दरअसल हाल ही में 38 क्विंटल से अधिक गांजा पकड़ने का मामला सामने आया था। इस मामले की कार्रवाई में टीआई की उदासीनता सामने आई थी। रिटायर्ड DFO के खेत में लावारिस हालत में 121 बोरियों में 38 क्विंटल 36 किलो 100 ग्राम गांजा मिला था। इस गांजे की कीमत लगभग 3 करोड़ 6 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई थी। इतने बड़े मामले में संबंधित थाने की भनक नहीं लगी थी।

साउथ की फिल्म इंडस्ट्री को पातालकोट भाया, आज से शूटिंग शुरू, लोकल कलाकारों को भी मिलेगा मौका

छिंदवाड़ा  अब तक पातालकोट के आदिवासियों की अलग-अलग कहानी सुनी और देखी होगी. लेकिन अब पातालकोट के आदिवासी बड़े पर्दे पर नजर आएंगे. क्योंकि यहां की वादियों में भी लाइट, कैमरा और एक्शन की गूंज सुनाई देगी. साउथ की फिल्म इंडस्ट्री को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा का पातालकोट भा गया है. शनिवार से यहां पर तेलुगु फिल्म की शूटिंग शुरू हो रही है. जिसमें यहां के लोकल कलाकार भी शामिल होंगे. 25 दिनों तक पातालकोट में गूंजेगा लाइट कैमरा एक्शन जिले में पर्यटन विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इस कड़ी में मध्य प्रदेश पर्यटन दिवस के मौके पर शनिवार को एक तेलगू फिल्म की शूटिंग शुरू होगी. मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और जिला प्रशासन के सहयोग से करीब 25 दिनों तक चलने वाली तेलगू फिल्म भार्गवी की शूटिंग की जाएगी. बता दें कि हर साल 24 मई को मध्य प्रदेश पर्यटन दिवस मनाया जाता है. फिल्मी पर्दे पर दिखेंगे पातालकोट के लोग अब तक पातालकोट के वनवासियों के बारे में अलग-अलग जानकारियां मिलीं कि जंगल में रहने वाले पातालकोट के आदिवासियों की जिंदगी भी अलग है. लेकिन अब फिल्म शूटिंग के जरिए पातालकोट के आदिवासी भी बड़े पर्दे पर नजर आएंगे. इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा. कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने बताया कि, ”पर्यटन विकास के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं. साऊथ फिल्म इंइस्ट्री से छिंदवाड़ा आ रहे प्रोड्यूसर, डायरेक्टर व फिल्मों की टीम से जुड़े कलाकारों व तकनीकी सहयोगियों को सुरक्षित माहौल और बिना परेशानी के फिल्म अनुमति व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रहीं हैं. जिससे साऊथ फिल्म इंइस्ट्री को छिंदवाड़ा और यहां का हिल स्टेशन तामिया और पातालकोट भा गए हैं. मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड व जिला प्रशासन के संवेदनशील रूख के कारण तामिया में तेलगू फिल्मों की शूटिंग का सिलसिला आगे बढ़ रहा है और शनिवार से तामिया में तेलगू फिल्म भार्गवी की शूटिंग शुरू होने जा रही है.” साउथ के सुपरस्टार छिंदवाड़ा में डालेंगे डेरा साउथ के जाने माने निर्देशक निर्माता जी अशोक इस फिल्म की शूटिंग करेंगे, जिसमें कई बेहतरीन कलाकार हिस्सा लेंगे. बता दें कि जी अशोक ने दुर्गामती, भागमती, कुछ खट्टा हो जाए और चित्रांगदा जैसी बड़ी फिल्में बनाईं हैं. इस फिल्म से निर्देशक वाई एस श्रीनिवास वर्मा भी जुड़े हैं, जो साऊथ फिल्म इंइस्ट्री के बड़े निर्देशक के रूप में पहचाने जाते हैं. तामिया की वादियों और होमस्टे में होगी शूटिंग तामिया में फिल्म की शूटिंग के व्यवस्था से जुड़े लाइन प्रोड्यूसर उमर गुल खान ने बताया कि, ”भार्गवी फिल्म की शूटिंग के दौरान तामिया, पातालकोट, पर्यटन ग्राम काजरा की ज्यादा से ज्यादा लोकेशन दिखाई जाएगी और तामिया, छिंदवाड़ा के लोगों को रोजगार दिया जाएगा.” स्थानीय कलाकारों, बढ़ई, केटरर, होटल, ट्रेवल्स को रोजगार से जोड़ने वाले उमर गुल खान इसके पहले तामिया में फीचर फिल्म तपिंच कोलेरू व ओटीटी वेब सीरिज सरपंच साहब के साथ कई वीडियो एलबम कर चुके हैं.

अभिषेक बनर्जी ने आतंकवाद को कहा पागल कुत्ता, पाकिस्तान को बताया उसका हैंडलर

नई दिल्ली पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए भारत का डेलीगेशन एक एक करके दुनियाभर के देशों में पहुंच रहा है। ऐसे में दुनियाभर में अब पाकिस्तान की पोल खुलने लगी है। इस बीच जापान में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, “हम यहां संदेश और सच्चाई साझा करने के लिए आए हैं कि भारत झुकने से इनकार करता है। हम डर के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। मैं एक राजनीतिक दल से संबंधित हूं जो विपक्ष में है। मैंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि पाकिस्तान को उसकी भाषा में सबक सिखाया जाना चाहिए। अगर आतंकवाद एक पागल कुत्ता है, तो पाकिस्तान एक जंगली हैंडलर है। हमें सबसे पहले इस जंगली हैंडलर से निपटने के लिए दुनिया को एक साथ लाने की जरूरत है। अन्यथा, यह जंगली हैंडलर और अधिक पागल कुत्तों को पालेगा और बड़ा करेगा। विदेशों में खुलने लगी पाकिस्तान की पोल इसके अलावा आज दो और डेलीगेशन को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया है। कांग्रेस नेता शशि थरूर की अगुवाई में एक डेलिगेशन गुयाना के लिए रवाना हो गया, जो अमेरिका, पनामा, ब्राजील और कोलंबिया का दौरा करेगा। डेलिगेशन में शशि थरूर के साथ डॉ सरफराज अहमद, शांभवी, जीएम हरीश बालयोगी, शशांक मणि त्रिपाठी, भुवनेश्वर कलिता, तेजस्वी सूर्या और मिलिंद देवड़ा शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व में भी सांसदों का एक डेलिगेशन बहरीन के लिए रवाना हो गया है। ये डेलिगेशन सऊदी अरब, कुवैत और अल्जीरिया जाएगा और ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष रखेगा। AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा के डेलिगेशन का हिस्सा हैं। ‘हम डर के आगे नहीं झुकेंगे’ टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को टोक्यो में भारतीय समुदाय के साथ संवाद किया. उन्होंने साफ कहा कि भारत झुकेगा नहीं. हम डर के आगे नहीं झुकेंगे. भारत अब आतंकवाद का जवाब उसी भाषा में देगा जो उसे (पाकिस्तान) समझ आती है. हम सटीक, नियंत्रित और गैर-उकसाऊ तरीकों से जवाब दे रहे हैं. लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे. हमारे सभी उत्तर और कदम सटीक, सोच-समझकर उठाए गए और गैर-उकसावे वाले हैं. ‘पाकिस्तान का असली चेहरा उजागर करेंगे’ बनर्जी ने कहा, हम कुछ विशेष तस्वीरें और फुटेज सामने लाएंगे, ताकि पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया के सामने उजागर हो सके. सब कुछ सार्वजनिक है. उन्होंने पाकिस्तान पर लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि एयर स्ट्राइक के बाद सार्वजनिक डोमेन में आई तस्वीरों में देखा गया कि मारे गए आतंकियों के जनाजों में पाकिस्तान की सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. ‘प्रवासी हैं भारत की असली ताकत’ अभिषेक ने भारतीय प्रवासियों को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा, भारतीय प्रवासी संस्कृति, खानपान, संगीत और परंपरा के जरिए अपार प्रभाव रखते हैं. आप भारत को जीते हैं. आप भारत को सांस में लेते हैं. मैं चाहता हूँ कि आप देश के प्रमुख प्रचारक बनें और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ भारत के संदेश को फैलाएं. अभिषेक ने आगे कहा, आप भारत में नहीं हैं, लेकिन भारत आपमें है. आप हमारी सांस हैं, हमारी पहचान हैं. आप ही हैं जो दुनिया को भारत का सच बता सकते हैं. उन्होंने भारतीय प्रवासियों से अपील की कि वे अपने सोशल मीडिया, नेटवर्क और समुदायों के जरिए भारत का पक्ष रखें और आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाएं. ‘TRF और पाकिस्तान का संबंध उजागर’ बनर्जी ने कहा, पहलगाम हमले के 24 घंटे के भीतर आतंकवादी संगठन TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने अटैक की जिम्मेदारी ली. ये लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन है,जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है. हमें यह भी पता है कि कैसे पाकिस्तान ने लश्कर का नाम उस सूची से हटाने की कोशिश की. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों से पाकिस्तान के संबंध को वैश्विक मंच पर उजागर करने की मांग की. ‘अगर आतंकवाद पागल कुत्ता है तो PAK उसका जहरीला पालक’ अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर दुनिया को आतंकवाद से बचाना है तो पहले उसके पोषक (पाकिस्तान) पर लगाम लगानी होगी. वरना ये पालक और भी पागल कुत्तों को जन्म देता रहेगा. उन्होंने कहा, मैं विपक्षी पार्टी से आता हूं और मैंने हमेशा कहा है- पाकिस्तान से उसी भाषा में बात की जानी चाहिए जो वह समझता है. अगर आतंकवाद एक पागल कुत्ता है तो पाकिस्तान उसका विषैला पालक है. पहले हमें इस जहरीले पालक को नियंत्रित करना होगा, वरना यह और पागल कुत्ते पैदा करता रहेगा. बनर्जी ने भारतीय समुदाय को ‘देश का सबसे जुनूनी प्रचारक’ बनने को कहा और भाषण का अंत करते हुए ‘जय हिंद’ का नारा लगाया. क्या बोले शशि थरूर गुयाना रवाना होने से पहले कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड आतंकवाद की पोल खोलने के लिए हम जा रहे हैं। हम लोगों को ये समझाने के लिए जा रहे हैं कि आखिर हमारा अनुभव क्या था। इसके अलावा बहरीन रवाना होने से पहले ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी शिविर चला रहा है, जिसे लेकर हम चारों देशों से इसके बारे में बात करेंगे। भाजपा सांसद बैजयंत पांडा ने इस दौरे को लेकर कहा, “आज हमारा डेलीगेशन पश्चिम एशिया की इस यात्रा पर निकल रहा है। सबसे बड़ा संदेश वह एकता है जो भारत ने दुनिया को दिखाई है और दिखाना जारी रखा है। हम इस संदेश को लेकर बहुत स्पष्ट हैं कि युद्ध के मैदान में जीत हासिल करने के बाद, दुनिया से आतंकवाद पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहना महत्वपूर्ण है। हम एक विशेष प्रकार के आतंकवाद से पीड़ित हैं जो राज्य द्वारा प्रायोजित है।” जेडीयू नेता ने कहा, सरकार ने तय किया कि अलग-अलग जाकर बताना जरूरी है कि वहां की सरकार और आर्मी ही इस सारे काम में शामिल है। हम और दुनिया न्युट्रल नहीं रह सकती। हमने तो संदेश दे दिया है कि हम पर आएगा तो घर में घुसकर मारेंगे। हम शांति से नहीं बैठेंगे। पाकिस्तान को यह बात समझ लेनी चाहिए कि भारत के बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता। वह कुछ करेगा तो हम घुसकर मारेंगे। संजय कुमार झा ने कहा, हमने फोटोग्राफ दिखाए कि पाकिस्तान के सेना के अधिकारी आतंकियों के जनाजे में शामिल हो रहे हैं। पाकिस्तान का हाल तो … Read more

हाईकोर्ट ने कविता रैकवार की पार्षदी पुनः बहाल करने के आदेश दिए

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर से भाजपा की महिला पार्षद कविता रैकवार के पार्षदी शून्य करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट ने डिविजनल कमिश्नर के आदेश को रद्द करते हुए कविता रैकवार की पार्षदी पुनः बहाल करने के आदेश दिए हैं। दरअसल 29 अप्रैल को संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा ने भाजपा की महिला पार्षद कविता रैकवार की पार्षदी सिर्फ इस आधार पर रद्द कर दी थी कि उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। आपको बता दें कि संभागीय कमिश्नर ने यह आदेश भोपाल की उच्च स्तरीय जांच कमेटी के रिपोर्ट के आधार पर सुनाया था। एक दिन पहले ही उच्च स्तरीय आदेश को हाई कोर्ट कर चुका था खारिज 29 अप्रैल को संभागीय कमिश्नर के आदेश के पहले यानी की 28 अप्रैल को हाई कोर्ट भोपाल की उच्च स्तरीय जांच को खारिज कर चुका था। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इस तरह से किसी के आरोप मात्र लगा देने से किसी का जाति प्रमाण पत्र फर्जी नहीं हो जाता। हाई कोर्ट ने इसमें कहा था कि आप इस मामले में पहले जांच कर ले और जांच में जो बिंदु निकले उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाए। लेकिन 28 तारीख को हाई कोर्ट का फैसला आया और उसके एक दिन बाद ही संभागीय कमिश्नर ने भोपाल की उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कविता रैकवार की पार्षदी रद्द कर दी। जिसके बाद कविता रैकवार ने मामले को दोबारा हाईकोर्ट में चुनौती दी।   हाईकोर्ट ने एक बार फिर से मामले की सुनवाई करते हुए कहा की जब पिछले आदेश में ही यह बात क्लियर हो चुकी थी, कि किसी के आरोप मात्र के आधार आप किसी का जाति प्रमाण पत्र रद्द नहीं किया जा सकता। फिर दोबारा क्यों इस मामले की जांच नहीं कराई गई और कैसे महिला की पार्षदी रद्द कर दी गई। हाई कोर्ट ने दोबारा महिला की पार्षदी बहाल करने के निर्देश दिए। हाई कोर्ट में इस मामले में की टिप्पणी हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि जांच कमेटी का ये दायित्व बनता है कि वो जिस पर आरोप लगाए गए है उससे सुबूत न मांगते हुए आरोप लगाने वाले से सबूत मांगे जाने चाहिए। लेकिन यहां उल्टी गंगा बह रह रही है। कोर्ट ने कहा कि महिला पार्षद ने सक्षम अधिकारी के समक्ष ही दस्तावेज जमा करवाकर कास्ट सर्टिफिकेट बनवाया होगा। जब महिला ने दस्तावेज जमा किए होंगे तो सक्षम अधिकारी द्वारा उसकी जांच करके ही यह सर्टिफिकेट जारी हुआ होगा। फिर ऐसे में कैसे उस सक्षम अधिकारी की कलम को बिना जांच के ही खारिज किया जा सकता है। क्या है पूरा मामला दरअसल 29 अप्रैल को संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा ने जबलपुर से भाजपा से महिला पार्षद कविता रैकवार की पार्षदी सिर्फ इसलिए शून्य कर दी थी क्योंकि महिला पर फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनाने का आरोप लगा था। जबलपुर के वार्ड क्रमांक 24 हनुमानताल वार्ड  पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला के लिए आरक्षित था, जहां से साल 2022 के नगर निगम चुनाव में बीजेपी की कविता रैकवार चुनाव जीती थी। चुनाव जीतने के बाद किसी ने कविता रैकवार के जाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत कर दी थी। शिकायत में कहा गया था कि कविता रैकवार सामान्य वर्ग से आती है, लेकिन उसने ओबीसी का फर्जी सर्टिफिकेट बना चुनाव लड़ा था। शिकायत पर भोपाल की उच्च स्तरीय कमेटी ने जांच कर महिला से उसके ओबीसी होने की सबूत मांगे और उसके बाद उसके सर्टिफिकेट को ही फर्जी बता दिया। इसी आधार पर संभागीय कमिश्नर ने महिला की पार्षदी को शून्य कर दिया। दरअसल कविता रैकवार महाराष्ट्र की रहने वाली है और उनकी शादी जबलपुर में हुई थी जो कि ओबीसी वर्ग से आते हैं। लेकिन शिकायतकर्ता कहना है की कविता रैकवार के पति ओबीसी से है लेकिन कविता रैकवार सामान्य वर्ग से आती है।

अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो उसे मध्यस्थता नही कहा जाएगा- थरूर

नई दिल्ली पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए टीम इंडिया ग्लोबल मिशन पर है. शनिवार सुबह कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल विदेश रवाना हो गया है. ये प्रतिनिधिमंडल अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया में पाकिस्तान के काले कारनामों से रूबरू कराएगा. इससे पहले थरूर ने  बातचीत में भारत की भूमिका, विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक को लेकर रुख स्पष्ट किया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले बयान पर भी टिप्पणी की है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्पष्ट किया है कि भारत की विदेश नीति में पारदर्शिता और संवाद की परंपरा रही है, लेकिन इसे ‘मध्यस्थता’ कहना गलत होगा. थरूर ने कहा, आप हमारी सरकार का रुख बहुत अच्छे से जानते हैं. किसी भी संकट के दौरान उन देशों के साथ हमेशा संपर्क होता है, जो फोन करते हैं और मदद मांगते हैं. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई औपचारिक मध्यस्थता की प्रक्रिया हुई है. ना ऐसा कोई अनुरोध आया, ना ही भारत ने ऐसी कोई पहल की है. थरूर ने उदाहरण देकर समझाया थरूर ने उदाहरण देते हुए कहा, अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, और हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो क्या उसे मध्यस्थता कहा जाएगा? मुझे नहीं लगता है. उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा, हमारे विदेश मंत्री हमेशा यह बात सार्वजनिक तौर पर साझा करते हैं कि किसने उनसे संपर्क किया. जब भी किसी अन्य विदेश मंत्री ने उन्हें कॉल किया, उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया है. थरूर उन सात संसदीय समूहों में से एक का नेतृत्व कर रहे हैं, जिन्हें विभिन्न देशों में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा जा रहा है. ‘भारत का रुख साफ है…’ थरूर ने कहा है कि जब वे विदेश यात्रा पर जा रहे हैं तो वहां वो भारत का स्पष्ट और एकजुट रुख पेश करेंगे. उन्होंने कहा, यह बेहद अहम है, जब दुनिया भारत को देख रही है, हम सब एक ही पेज पर हों. थरूर ने बताया कि सरकार की ओर से जो ब्रीफिंग दी गई, उसका मकसद भी यही था कि सभी सांसद एक साझा रुख को लेकर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा, हम सब इस भावना के साथ जा रहे हैं कि हम देश की ओर से बोल रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस के आंतरिक मतभेद उनके विदेश दौरे को प्रभावित करेंगे तो थरूर ने स्पष्ट किया कि हम जब अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होते हैं तब हम देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, पार्टी का नहीं. घरेलू राजनीति की चर्चा का स्थान संसद या देश के मंच हैं. न कि अंतरराष्ट्रीय सभाएं. किन देशों के दौरे पर हैं थरूर? शशि थरूर ग्रुप 5 की अगुवाई कर रहे हैं. ये ग्रुप अमेरिका, पनामा, गयाना, ब्राजील और कोलंबिया की यात्रा करेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में LJP, JMM, TDP, BJP और शिवसेना के सांसद भी शामिल हैं.  डोनाल्ड ट्रंप लगातार क्या बयान दे रहे हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में मध्यस्थता का दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम में मदद की है और यह व्यापार वार्ताओं के जरिए संभव हुआ. उन्होंने कहा, मैं नहीं कहना चाहता कि मैंने किया, लेकिन मैंने मदद की. हालांकि, भारत ने ट्रंप के इन दावों को खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का परिणाम था.  

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