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श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग : पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया अनूठा कदम

भोपाल मध्यप्रदेश के खंडवा जिले का पवित्र तीर्थ स्थल, श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में आध्यात्मिकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठा कदम उठाया गया है। श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने जिला प्रशासन और ‘पुष्पांजलि इकोनिर्मित’ के सहयोग से मंदिर में अर्पित फूलों और बेलपत्रों के पुनर्चक्रण की एक अभिनव पहल शुरू की है, जो न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रतिदिन मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले फूलों और अन्य पूजन सामग्री को अब बेकार नहीं जाने दिया जाता। ट्रस्ट द्वारा इन फूलों को एकत्रित कर स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों के हाथों में सौंपा जा रहा है। ये इन फूलों को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदल रही हैं। ‘पुष्पांजलि इकोनिर्मित’ संस्था इन महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, मशीनें और आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। इससे वे अगरबत्ती, धूपबत्ती, हवन सामग्री, प्राकृतिक जैविक खाद और प्राकृतिक रंग जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं। स्व-सहायता समूह के यह उत्पाद न केवल मंदिर परिसर में, बल्कि स्थानीय बाजारों में भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जिससे इन महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। मंदिर में चढ़ावे के फूलों को भगवान का प्रसाद मानकर उपयोगी संसाधन में बदलकर यह मॉडल ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को भी सशक्त रूप से समर्थन दे रहा है। श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के इस प्रयास को जिला प्रशासन का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त है। यह साझेदारी न केवल पर्यावरण की रक्षा कर रही है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। यह मॉडल तीर्थ स्थल पर आस्था, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता के संगम को दर्शाता है। श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग अब केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि एक ऐसा उदाहरण बन रहा है जो यह साबित करता है कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चल सकते हैं। इस राह पर चलकर महिलाएं समाज की नई शक्ति बनकर उभर रही हैं।  

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2001 बैच के दारोगाओं और वर्तमान में पुलिस निरीक्षक पद पर कार्यरत इंस्पेक्टरों को बड़ी राहत दी

प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2001 बैच के दारोगाओं और वर्तमान में पुलिस निरीक्षक पद पर कार्यरत इंस्पेक्टरों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इनकी प्रशिक्षण अवधि सेवा में जोड़ने और जिनकी सेवा 16 वर्ष पूरी हो चुकी है, उन्हें द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान ग्रेड-पे 5400 रुपये देने के संबंध में छह सप्ताह में कानून के अंतर्गत स्पष्ट आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने पुलिस इंस्पेक्टर जगदम्बा सिंह व अन्य की याचिका निस्तारित करते हुए दिया है। याचीगण की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम एवं श्याम शरण ने बहस की। कहा कि हाई कोर्ट के पूर्व आदेशों और बाद में जारी शासनादेशों के बावजूद विभाग कुछ नहीं कर रहा है। याची पुलिस निरीक्षकों की नियुक्ति वर्ष 2001 में दारोगा पद पर हुई थी। वर्ष 2016 में निरीक्षक पद पर पदोन्नति प्रदान की गई। सभी की सेवाएं 16 वर्षों से ज्यादा हो चुकी हैं, नियमानुसार वे द्वितीय प्रोन्नत वेतनमान पाने के हकदार हैं, लेकिन उन्हें द्वितीय वेतनमान ग्रेड-पे 5400 रुपये (यह पुलिस उपाधीक्षक का है) नहीं दिया जा रहा है। उनके ट्रेनिंग अवधि को भी सेवा में नहीं जोड़ा गया। 26 अगस्त, 2015 के संशोधित शासनादेश में यह व्यवस्था है कि ऐसे राज्य कर्मचारी जिन्होंने सीधी भर्ती के पद पर प्रथम नियुक्ति की तिथि से 16 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें द्वितीय वेतनमान / ग्रेड पे प्रदान किया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, अपर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद के 17 मार्च, 2012 के सर्कुलर में स्पष्ट कहा गया है कि आरक्षी के पद का ग्रेड वेतन 2000, मुख्य आरक्षी पद का 2400, उपनिरीक्षक पद का ग्रेड वेतन 4200 तथा निरीक्षक के पद का ग्रेड वेतन 4600 एवं पुलिस उपाधीक्षक पद का 5400 रुपये अनुमन्य है।

विभिन्न कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में 64,121 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की

लखनऊ विभिन्न कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में 64,121 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। हीरानंदानी समूह के अध्यक्ष डा. निरंजन हीरानंदानी ने सबसे ज्यादा 28,440 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश नोएडा में सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण को लेकर किया जाएगा। वहीं अवाडा समूह के उपाध्यक्ष सिंदूर मित्तल ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में 20,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक केसी झंवर ने अलीगढ़, शाहजहांपुर व टांडा में 1,981 करोड़ रुपये का निवेश करने का भरोसा इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों को दिया है। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के सीईओ संजय बंगा ने 13,700 करोड़ रुपये से बुंदेलखंड सहित कई क्षेत्रों में 800 मेगावाट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल पावर इकाईयों को स्थापित करने की घोषणा की है।   मंगलवार को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में इन्वेस्ट यूपी की तरफ से निवेशकों के साथ आयोजित गोल मेज सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने सरकार की निवेश से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बनकर उभरा है। राज्य सरकार तेज व पारदर्शी निवेश माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन्वेस्ट यूपी के मुख्यकार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने कहा कि निवेशकों की सुविधा के लिए कार्यशैली में बदलाव किया गया है। बलरामपुर चीनी मिल्स के सीएफओ प्रमोद पतवारी ने सरकार के निरंतर सहयोग की प्रशंसा की और बायोप्लास्टिक जैसे नवाचार में निवेश की रुचि दिखाई। यूपीडीएफ के अध्यक्ष पंकज जायसवाल ने लखनऊ में निवेशक सम्मेलन और दुबई में रोड शो का प्रस्ताव रखा। श्रीकृष्णानंद समूह के कपिल तिवारी ने लखनऊ और नोएडा में 25 करोड़ रुपये के रेडी मिक्स प्लास्टर प्लांट की परियोजना पर चर्चा की। ईएन कम्युनिकेशन के राजीव रंजन सिंह ने वाईईडीए में 1,500 करोड़ रुपये के महाभारत संग्रहालय का प्रस्ताव रखा है। बैठक में रिमेंस डीएसपी इंफ्रा के अर्नव गुप्ता ने लखनऊ में पांच करोड़ रुपये के कोल्ड इमल्शन-आधारित रोड पैच मिक्स प्लांट के विस्तार करने का लक्ष्य रखा। लार्ड्स ग्रुप के सचिदानंद उपाध्याय ने आइवीडी, मेडटेक और रूफ टाप सोलर के लिए 1,500 करोड़ रुपये की इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा और डायसिस इंडिया के सचिन सिंह ने 10 करोड़ रुपये के निवेश से अपने प्लांट की क्षमता को दोगुना करने का प्रस्ताव दिया।

अलीराजपुर के बड़ागुड़ा में आरडीएसएस अंतर्गत 70वां बिजली ग्रिड ऊर्जीकृत

भोपाल रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत इंदौर संभाग के अलीराजपुर जिले के बड़ागुड़ा ग्राम में बना 70वें सब स्टेशन (ग्रिड) को ऊर्जीकृत कर दिया गया है। आरडीएसएस अंतर्गत बने 33/11 केवी के 5 एमवीए क्षमता के 70 ग्रिड से कुल वितरण क्षमता में 350 मेंगा वोल्ट एमपीयर की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। योजना में मालवा और निमाड़ में बिजली वितरण क्षमता का औद्योगिक क्षेत्र, कृषि क्षेत्र, आबादी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र में विस्तार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि बड़ागुड़ा का ग्रिड 5 एमवीए क्षमता का तैयार कर ऊर्जीकृत किया गया है। लगभग 1.86 करोड़ रूपए की लागत के इस ग्रिड से हजारों ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा गुणवत्ता के साथ बिजली मिलेगी। आरडीएसएस अंतर्गत सबसे ज्यादा इंदौर जिलें में 9 और उज्जैन में 10 स्थानों पर ग्रिड तैयार किए गए हैं। आरडीएसएस में ग्रिडों के साथ ही केबल, ट्रांसफार्मर, पोल, तार, केपिसिटर बैंक इत्यादि के कार्य भी गुणवत्ता के साथ कराए गए हैं इससे उपभोक्ता सेवाओं में बढ़ोत्तरी के साथ ही लाइन लॉस में कमी आ रही है।  

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का शासन, न्याय और सुशासन का प्रतीक, सफाई अभियान में शामिल हुए प्रभारी मंत्री

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम लला मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद सतना जिले के धार्मिक स्थल चित्रकूट में तीर्थ यात्रियों का आवागमन कई गुना बड़ा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार चित्रकूट के समग्र विकास के लिये परियोजना कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट को विकास के जरिए भारत के नक्शे पर पहचान दिलाई जाएगी। सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय सोमवार को चित्रकूट में रामायण कुटी में साधु-संतों से भेंट कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि चित्रकूट को हरा-भरा रखने के लिये मंदाकिनी नदी के आसपास 5 लाख पौधे लगाएं जाएंगे। उन्होंने इस कार्य के लिये जनभागीदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार, महापौर योगेश ताम्रकार, रामायण कुटी के संत रामहृदय दास और संतगण मौजूद थे। प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय का ग्रामोदय विश्वविद्यालय में व्याख्यान प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के व्याख्यानमाला में अपने संबोधन में कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का शासन अनूठा उदाहरण है। माता अहिल्या कुशल प्रशासक और रणनीतिकार महिला शासक रहीं है। तत्कालीन समय में सारा देश युद्ध के वातावरण में था लेकिन उन्होंने अपने राज्य में कोई भी युद्ध नहीं होने दिया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि 31 मई से पूरे देश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह को जयंती वर्ष के रूप में में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सनातन परंपरा को पल्लवित करने का काम किया है। उन्होंने देश भर में 250 मंदिर बनवाएं। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर से जीवन से बहुत कुछ सीखा जा सकता है और हर वर्ग का व्यक्ति उनके जीवन का अनुसरण कर महान बन सकता है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन चरित्र पर आधारित चित्र तैयार किये थे। मंदाकिनी नदी के सफाई अभियान में शामिल हुए प्रभारी मंत्री जल गंगा संवर्द्धन अभियान में प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय मंदाकिनी नदी के सफाई अभियान में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पवित्र मंदाकिनी नदी की सफाई और गाद निकालने का कार्य साल भर चलेगा। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि नदी को स्वच्छ रखने के लिये उनके विभाग की तरफ से हर संभव सहायता की जाएगी।  

इंदौर से मेघालय भ्रमण के लिए गए दम्पति का लापता होना चिंताजनक: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर निवासी नवदम्पति राजा और पत्नी श्रीमती सोनम रघुवंशी के मेघालय भ्रमण के दौरान शिलांग में लापता होने के समाचार पर चिंता व्यक्त है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड कोंगकल संगमा से दूरभाष पर चर्चा कर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम लापता नवदम्पति की सुरक्षित वापसी के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि मेघालय के मुख्यमंत्री श्री संगमा ने आश्वस्त किया है कि राज्य की पुलिस और प्रशासन अमला गंभीरता से नवदम्पति का पता लगा रहा है। श्री संगमा ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस मामले में मेघालय प्रशासन से निरंतर संपर्क बनाए रखने और समन्वय के लिए निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से मेघालय पर्यटन के लिए गए राजा और सोनम के सकुशल अपने घर वापस लौटने की प्रार्थना भी की है।  

दाहोद स्थित रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप में लोको निर्माण केंद्र परिवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम

नई दिल्ली भारतीय रेल ने मालवाहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण छलांग लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 26 मई, 2025 को गुजरात के दाहोद स्थित रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप में लोको निर्माण केंद्र का लोकार्पण किया जाना इस परिवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। एक ऐसा कदम जो तेज गति, माल वाहन में वृद्धि और सतत विकास को गति देने की प्रतिबद्धता से परिपूर्ण होगा। इस अत्याधुनिक सुविधा में 9,000 हॉर्सपावर क्षमता वाले 1,200 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक मालवाहक इंजनों का निर्माण किया जाएगा। इससे मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड को बढ़ावा मिलेगा। ये इंजन 4,500 से 5,000 टन तक के भारी माल को तीव्र चढ़ाई पर भी आसानी से ले जाने में सक्षम हैं। जिससे भारी मालवाहन परिवहन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। मेक इन इंडिया पहल के तहत निर्मित ये इंजन अत्याधुनिक IGBT-आधारित प्रणोदन तकनीक से सुसज्जित हैं, जो ऊर्जा दक्षता और संचालन प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं। ये विशेषताएं भारतीय रेल को आधुनिक, विश्वसनीय और पर्यावरण अनुकूल मालवाहक लॉजिस्टिक्स के अग्रणी पथ पर ले जाती हैं। 9000 हॉर्सपावर की यह लोकोमोटिव भारतीय रेल द्वारा विकसित सबसे शक्तिशाली एकल-इकाई इलेक्ट्रिक इंजन है। अब तक मालवाहक इंजन आमतौर पर 4500 या 6000 हॉर्सपावर की क्षमता वाले चलते थे। जबकि 12,000 हॉर्सपावर के इंजन भी हैं, वे दो 6000 हॉर्सपावर इकाइयों को जोड़कर बनाए जाते हैं। इसके विपरीत, दाहोद में निर्मित यह इंजन एकीकृत उच्च-शक्ति समाधान प्रदान करता है, जो लंबे और भारी माल गाड़ियों को आसानी से खींच सकता है। इस बढ़ी हुई क्षमता का अर्थ है कम ट्रिप्स में अधिक माल परिवहन। जिससे समय की बचत, भीड़भाड़ में कमी और बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता सुनिश्चित होती है। इससे रेल यातायात अनुकूलित होगा। जिससे व्यस्त मार्गों पर दबाव घटेगा। साथ ही, मानव संसाधन और ऊर्जा खपत में कमी आएगी। ये सभी लाभ उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर मूल्य प्रतिस्पर्धा और आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाएंगे। एक समय ऐसा भी था जब रेलवे कार्यों का प्रमुख केंद्र रहे दाहोद में गतिविधियां घट गई थीं। 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने इसे रेलवे निर्माण के एक नए केंद्र के रूप में पुनः स्थापित करने का दृष्टिकोण रखा। आज यह दृष्टिकोण साकार हो रहा है। लोको निर्माण केंद्र भारतीय रेल के लिए ब्रॉड गेज और निर्यात के लिए स्टैंडर्ड गेज दोनों प्रकार के इंजन बनाने में सक्षम है। यह दोहरी क्षमता भारत को वैश्विक रेल निर्माण बाजार में मजबूत स्थिति प्रदान करती है। इस परियोजना में 89% पुर्जे भारत में बनाए गए हैं, जिससे यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ दोनों अभियानों के अनुरूप है। 9000 हॉर्सपावर इंजन की खासियत इसकी सततता में निहित है। इसका निर्माण हरित ऊर्जा से संचालित फैक्ट्री में होता है, जिसे ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग टैग मिला है। इसके अलावा, इसमें पुनर्योज्य ब्रेकिंग तकनीक भी है, जो ब्रेक लगने पर ऊर्जा को ग्रिड में वापस भेजती है। जिससे कार्बन फुटप्रिंट कम होता है। ये विशेषताएं भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं को सशक्त करती हैं। इस इंजन में ‘कवच’ प्रणाली (भारत की स्वदेशी टक्कर-रोधी प्रणाली), वातानुकूलित ड्राइवर केबिन, कम शोर और कंपन जैसी विशेषताएं हैं, जो सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करती हैं। इंजन के सभी ओर लगे कैमरे निगरानी और सुरक्षा को और बेहतर बनाते हैं। इसके शौचालय में इलेक्ट्रॉनिक लॉक होते हैं जो केवल इंजन के स्थिर रहने पर खुलते हैं। जिससे संचालन अनुशासन सुनिश्चित होता है। दाहोद सुविधा की एक प्रमुख विशेषता कौशल विकास पर ज़ोर है। एक वर्चुअल डिजिटल मॉडल विकसित किया गया है, जो मैकेनिकों और ड्राइवरों को प्रशिक्षण देने में सहायता करता है। इस परियोजना से जुड़े अवसंरचना विकास के तहत 85% नौकरियां स्थानीय युवाओं को मिली हैं। कार्यबल की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल बनाए गए हैं। यह लोको निर्माण केंद्र न केवल रोजगार सृजित कर रहा है, बल्कि दाहोद क्षेत्र में उद्योगों और आधारभूत संरचना के विकास को भी गति दे रहा है। 9000 हॉर्सपावर इंजन मालवाहन परिवहन की एक नई प्रणाली का केंद्र बनने जा रहा है। इसकी शक्ति, दक्षता और डिजाइन भारतीय रेल को अधिक प्रतिस्पर्धी, अधिक टिकाऊ और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए बेहतर सुसज्जित बनाएंगे। तकनीक, क्षेत्रीय विकास और वैश्विक दृष्टिकोण के संयोजन से दाहोद में बना यह इंजन न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मालवाहन परिवहन की दिशा को नया आयाम देगा।

अक्षय कुमार के पर्स में किसकी फोटो, सुपरस्टार ने सरेआम किया खुलासा, इस दिन रिलीज होगी हाउसफुल 5

नई दिल्ली अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने पर्स में माता-पिता या अपने प्यार की तस्वीर को लेकर घूमते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सिनेमा जगत के सेलेब्स के पर्स में क्या रहता है। रुपया और डॉक्युमेंट्स के अलावा उनके पर्स में कुछ अलग चीजें भी होती हैं क्या। फिलहाल सुपरस्टार अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने सरेआम ये खुलासा किया है कि वह अपने पर्स में किसकी तस्वीर रखते हैं। आपको ये जानकार हैरानी होगी कि उनके पर्स में फैमिली के किसी सदस्य की फोटो नहीं है। बल्कि इस खास इंसान की तस्वीर मौजूद है, आइए जानते हैं। अक्की के पर्स में किसकी फोटो एक्शन के साथ-साथ अक्षय कुमार हिंदी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए भी जाने जाते हैं। उनके एज ग्रुप के बहुत ही कम कलाकार कॉमेडी को उनसे बेहतरीन तरीके से कर पाते होंगे। हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर वह कॉमेडी में अपना गुरु किसे मानते हैं। मंगलवार को अपनी आने वाली मूवी हाउसफुल 5 के ट्रेलर लॉन्च के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में अक्की ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा है- मैं चार्ली चैप्लिन का बहुत बड़ा फैन हूं। जिस तरह से वह बिना बोले कॉमेडी करते थे, वो कोई आसान काम नहीं था। बहुत बड़ी बात होती है कि जब एक शब्द बोले बिना लोगों को सिर्फ और सिर्फ अपने एक्सप्रेशन से हंसाना हो। यही कारण है जो मैं उनको पसंद करता हूं। आप यकीन नहीं मानेंगे मेरे पर्स में उनकी फोटो भी रहती है। इस तरह से अक्षय ने ये खुलासा किया कि वह दिवंगत हास्य कलाकार चार्ली चैप्लिन के प्रशंसक हैं और अपने पर्स में उनकी तस्वीर लेकर घूमते हैं। ये भी कमाल बात है न कि कोई शख्स अपने आदर्श की फोटो को पर्स में रखता है। शायद यही वो वजह है जो अक्षय कुमार को सबसे अलग और खास बनाती है। कब रिलीज होगी हाउसफुल 5 हिंदी सिनेमा की सबसे सफल कॉमेडी फ्रेंचाइजी हाउसफुल की पांचवी किस्त जल्द ही दर्शकों की हंसाने का काम करती हुई नजर आएगी। 27 मई को हाउसफुल 5 का मजेदार ट्रेलर लॉन्च किया गया है, जिसमें अक्षय कुमार अपने पुराने अंदाज में कॉमेडी करते दिख रहे हैं। गौर करें इस मूवी की रिलीज डेट की तरफ तो 6 जून को हाउसफुल 5 दुनियाभर के सिनेमाघरों में एंट्री मारेगी।

भाजपा ने कर्नाटक में अपनी अनुशासन नीति को सख्ती से लागू करते हुए दो विधायकों को पार्टी से किया निष्कासित

बेंगलुरु भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक में अपनी अनुशासन नीति को सख्ती से लागू करते हुए दो विधायकों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये दोनों विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। निष्कासित किए गए विधायकों में यशवंतपुर से एसटी सोमशेखर और येल्लापुर से ए शिवराम हेब्बार शामिल हैं। पार्टी की तरफ से इस कार्रवाई की पुष्टि कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। विजयेंद्र ने कहा कि यह निर्णय पार्टी की गरिमा बनाए रखने और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था। कारण बताओ नोटिस के बाद आई कार्रवाई पार्टी के केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने ए शिवराम हेब्बार को एक औपचारिक पत्र भेजा, जिसमें कहा गया है कि बार-बार पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन करने के चलते उन्हें यह सजा दी गई है। पत्र में लिखा है कि समिति ने 25 मार्च 2025 को भेजे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब पर विचार किया और पाया कि विधायक द्वारा पार्टी की मर्यादाओं का कई बार उल्लंघन किया गया। इसके आधार पर उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है। साथ ही वे पार्टी के किसी भी पद पर बने नहीं रहेंगे। बीजेपी में अनुशासन सर्वोपरि बीजेपी हमेशा से अनुशासन को सबसे ऊपर मानती रही है। चाहे वह वरिष्ठ नेता हों या जनप्रतिनिधि, पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाता। यही वजह है कि पार्टी ने अपने दो मौजूदा विधायकों पर भी सख्त कार्रवाई करने में देर नहीं की। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम पार्टी के अंदर संदेश देने के लिए भी है कि अनुशासनहीनता या गुटबाजी जैसी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा।

भारत में मेक इन इंडिया को मिलेगी नई उड़ान, कर्नाटक में बनेगी पहली प्राइवेट एयरफोर्स हेलिकॉप्टर फैक्ट्री

नई दिल्ली भारत में एयरोस्पेस सेक्टर को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कर्नाटक के कोलार जिले में देश की पहली प्राइवेट सेक्टर की वायुसेना हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट बनने जा रही है। इस यूनिट को स्थापित करने की जिम्मेदारी एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की साझा साझेदारी को दी गई है। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देगा और एयरोस्पेस निर्माण में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह असेंबली लाइन यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस और भारत की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) द्वारा मिलकर बनाई जा रही है। इस संयंत्र में H125 सिविल हेलिकॉप्टर बनाए जाएंगे, जो एयरबस का सबसे ज्यादा बिकने वाला हल्का हेलिकॉप्टर है। यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट होगी। इससे पहले हेलिकॉप्टर असेंबली का काम भारत में सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा किया जाता था। कहां बनेगा यह प्लांट? यह प्लांट कर्नाटक के कोलार जिले के वेमगल इंडस्ट्रियल एरिया में बनेगा, जो बेंगलुरु से लगभग दो घंटे की दूरी पर है। यहां पहले से ही टाटा ग्रुप के उपग्रह निर्माण और अन्य एयरोस्पेस इकाइयां मौजूद हैं। टाटा समूह ने इस प्रोजेक्ट के लिए हाल ही में 7.4 लाख वर्गफुट का प्लॉट अधिग्रहित किया है, जिसमें विमान निर्माण, फाइनल असेंबली और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) की सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इस संयंत्र में शुरुआत में हर साल 10 H125 हेलिकॉप्टरों का निर्माण किया जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। एयरबस के अनुसार आने वाले 20 वर्षों में भारत और दक्षिण एशिया में 500 लाइट हेलिकॉप्टरों की जरूरत होगी, जिसे देखते हुए यह प्लांट भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। क्या है इस यूनिट का महत्व? मेक इन इंडिया को मजबूती – स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। नई नौकरियों के अवसर – स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार खुलेंगे।   Aequs के चेयरमैन और सीईओ अरविंद मेलिगेरी का कहना है कि यह परियोजना न केवल स्थानीय स्तर पर नौकरियां पैदा करेगी, बल्कि भारत को उन्नत औद्योगिक क्लस्टर के रूप में भी स्थापित करेगी। गुजरात को लेकर क्यों उठे सवाल? गौरतलब है कि टाटा और एयरबस इससे पहले वडोदरा (गुजरात) में भी C295 सैन्य विमान असेंबली लाइन की स्थापना कर रहे हैं। इसके साथ ही गुजरात को सेमीकंडक्टर प्लांट और डायमंड बोर्स जैसी बड़ी परियोजनाएं भी मिली हैं। इन्हीं वजहों से विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर गुजरात को विशेष तरजीह देने का आरोप लगाया है। हालांकि कोलार में हो रहे इस निवेश से दक्षिण भारत में भी संतुलन बनने की उम्मीद है।

पाकिस्तान के खिलाफ युवा तेज गेंदबाजों पर जताया भरोसा, चोटों से जूझ रहा बांग्लादेश: बांग्लादेश मुख्य कोच

लाहौर चोट के कारण सीनियर तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान और तस्कीन अहमद के बाहर होने के बाद बांग्लादेश के मुख्य कोच फिल सिमंस को उम्मीद है कि बाकी तेज गेंदबाज पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, जो बुधवार को लाहौर में शुरू होगी। तस्कीन टखने की चोट के कारण दो महीने से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं, जबकि मुस्तफिजुर को पिछले हफ्ते दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए अपने अंतिम इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैच के दौरान अंगूठे में चोट लग गई थी। सिमंस ने कहा, ‘आपको अपने सीनियर तेज गेंदबाजों की कमी खलेगी। जैसा कि हमने देखा, फिज (मुस्तफिज़ुर) उस समय आईपीएल में किस तरह की गेंदबाजी कर रहे थे। हमें उनकी कमी खलेगी। यह किसी के लिए इस सीरीज में उनकी जगह लेने का मौका भी है। उम्मीद है कि कोई गेंदबाज इस सीरीज में फिज की जगह लेना चाहेगा। इस फॉर्मेट में हमारी गेंदबाजी आमतौर पर हमारी मजबूती होती है। लेकिन दो वरिष्ठ गेंदबाजों, तस्कीन और फिज के बाहर होने से संतुलन बिगड़ा है।’ मुस्तफिज़ुर की अनुपस्थिति में चयनकर्ताओं ने खालिद अहमद को शामिल किया है। नाहिद राणा के प्रतिस्थापन खिलाड़ी को नहीं चुना गया है जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए दौरे से नाम वापस ले लिया है। खालिद के अलावा, तेज गेंदबाजी इकाई में तंजीम हसन साकिब, हसन महमूद और शोरीफुल इस्लाम शामिल हैं। ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज को भी चोटिल सौम्य सरकार की जगह लाया गया है ताकि उनके गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत किया जा सके। यूएई से 2-1 से सीरीज हारने के बावजूद सिमंस आशावादी बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीम का मनोबल अच्छा है और लाहौर में शानदार प्रदर्शन के साथ वापसी करने को उत्सुक है। उन्होंने कहा, ‘यूएई में सीरीज हारना मुश्किल था, लेकिन फिर कभी-कभी इससे आपका मनोबल बढ़ता है। हमारा मनोबल बहुत अच्छा रहा है, इसलिए हमें उम्मीद है कि (यूएई में परिणाम) हमारा मनोबल बढ़ाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि सीरीज जीतने का हमेशा अच्छा मौका रहता है। लोग कहते रहते हैं कि पाकिस्तान अच्छा नहीं खेल रहा है। फिर से, यह उस दिन होने वाली घटनाओं पर निर्भर करता है। हमारे पास यहां सीरीज जीतने का अच्छा मौका है। हम सभी पहलुओं में सुधार करने की कोशिश में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उम्मीद है कि हम इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’ यह सीरीज बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी विभाग के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगी, जिसमें शॉन टैट दो साल के अनुबंध पर तेज गेंदबाजी कोच के रूप में अपने पहले काम के लिए कोचिंग स्टाफ में शामिल होंगे। सिमंस ने कहा कि स्पिन गेंदबाजी कोच मुश्ताक अहमद के साथ टैट, जो दोनों कराची किंग्स और पेशावर जाल्मी के साथ हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग में शामिल थे, विपक्षी टीम की ताकत के बारे में मूल्यवान जानकारी देंगे। सिमंस ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह (टैट) न केवल गेंदबाजों के लिए, बल्कि पूरी टीम के लिए शानदार साबित होंगे। हम यहां स्थिति का आकलन करेंगे। मुशी PSL में थे, इसलिए हम उनसे जानकारी लेंगे और अपने फैसले लेंगे।’ अनुभवी खिलाड़ियों के न होने के कारण अब युवा तेज गेंदबाजों पर जिम्मेदारी आ गई है। उनमें से सबसे अनुभवी शोरफुल इस्लाम से आगे बढ़कर नेतृत्व करने की उम्मीद की जाएगी। बांग्लादेश 28 मई, 30 मई और 1 जून को गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान से तीन टी20 मैच खेलेगा।  

2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में होगी कड़ी टक्कर

केवटी केवटी विधानसभा सीट मधुबनी लोकसभा के तहत आता है। 1977 में केवटी सीट पर हुए विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के कैंडिडेट दुर्गादास राठौड़ ने जीत हासिल की थी। 1980 के चुनाव में केवटी सीट से कांग्रेसी कैंडिडेट  एस नबी ने जनता का समर्थन हासिल कर लिया था। वहीं 1985 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के कैंडिडेट कलीम अहमद ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था।1990 और 1995 के चुनाव में जनता दल के कैंडिडेट गुलाम सरवर ने जीत हासिल कर लिया था। वहीं 2000 के विधानसभा चुनाव में केवटी से एक बार फिर गुलाम सरवर ने आरजेडी की टिकट पर जीत का सिलसिला बरकरार रखा था। 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने लगातार दो बार जीत का सिलसिला कायम रखा था। 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी की टिकट पर फराज फातमी ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था, लेकिन 2020 में बीजेपी उम्मीदवार मुरारी मोहन झा ने आरजेडी को मात दे दिया था।   वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी कैंडिडेट मुरारी मोहन झा ने जीत का परचम लहराया था। मुरारी मोहन झा 76 हजार तीन सौ 72 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट अब्दुल बारी सिद्दीकी 71 हजार दो सौ 46 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस तरह से मुरारी मोहन झा ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को 5 हजार एक सौ 26 वोट के कम मार्जिन से हराया था। वहीं तीन हजार तीन सौ चार वोट के साथ निर्दलीय कैंडिडेट योगेश रंजन तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने जीत हासिल की थी। फराज फातमी 68 हजार छह सौ एक वोट लाकर पहला स्थान हासिल किया था तो बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव को 60 हजार सात सौ 71 वोट ही मिल पाया था। इस तरह से फराज फातमी ने अशोक कुमार यादव को 7 हजार आठ सौ 30 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं 3 हजार पांच सौ 13 वोट के साथ नोटा तीसरे स्थान पर रहा था।   वहीं 2010 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 45 हजार सात सौ 91 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने 45 हजार सात सौ 62 वोट हासिल किया था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने फराज फातमी को 29 वोटों के बेहद कम अंतर से हरा दिया था। वहीं कांग्रेसी कैंडिडेट मोहम्मद मोहसिन ने 5 हजार छह सौ 79 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। वहीं 2005 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 41 हजार आठ सौ 17 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट महबूब अहमद खां को 35 हजार एक सौ 65 वोट मिला था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने महबूब अहमद खां को 6 हजार छह सौ 52 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं एलजेपी कैंडिडेट महेश प्रसाद गुप्ता ने 9 हजार चार सौ 46 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। केवटी सीट पर मुस्लिम, ब्राह्मण और यादव वोटर निर्णायक संख्या में हैं। इसके अलावा रविदास और पासवान वोटरों की संख्या भी यहां ठीक ठाक है। पिछली बार भी यहां बीजेपी कैंडिडेट ने 5 हजार से थोड़े ज्यादा अंतर से आरजेडी उम्मीदवार को हराया था। इसलिए 2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश

नई दिल्ली भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे हैं। शशि थरूर, असदुद्दीन ओवैसी, अभिषेक बनर्जी, सुप्रिया सुले से लेकर रविशंकर प्रसाद तक सभी सांसद विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ एक सुर में बोल रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। न्यूयॉर्क, बहरीन और यूरोप के अलग-अलग मंचों से सभी नेताओं ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है आतंकियों को पनाह दोगे तो बख्शे नहीं जाओगे। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में साफ कहा ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि आतंक के खात्मे का राष्ट्रीय अभियान है। पीएम मोदी ने अपील की कि देशवासी विदेशी सामानों की पहचान करें और उसका बहिष्कार करें। उनका कहना है कि पाकिस्तान आतंक को ही टूरिज्म मानता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये सिर्फ सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। शशि थरूर ने दिखाई विपक्ष के भीतर राष्ट्रवाद की लहर न्यूयॉर्क में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 9/11 मेमोरियल जाकर श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दो टूक कहा—हमने हमला शुरू नहीं किया, लेकिन जवाब जरूर दिया। थरूर का यह भी कहना है कि भले ही वो सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन जब देश की बात आती है, तो सियासत पीछे रह जाती है। वो खुलकर स्वीकार करते हैं कि उन्होंने खुद एक लेख में सटीक लेकिन सोच-समझ कर हमला करने की बात कही थी और भारत ने बिल्कुल वैसा ही किया। ओवैसी बोले-इस्लाम आतंकवाद का विरोध करता है AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बहरीन में साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि बेकसूर की हत्या मानवता की हत्या के समान है। ओवैसी ने यह भी कहा कि मजहब का सहारा लेकर निर्दोष लोगों की जान लेना सबसे बड़ा अपराध है, और ऐसा करने वालों को किसी भी धर्म का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।    टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने कहा–पाकिस्तान आतंक का हैंडलर तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आतंकवाद को खतरनाक पागल कुत्ता बताया और पाकिस्तान को उसका दुष्ट हैंडलर। उनका कहना है कि जब तक इस ‘हैंडलर’ से दुनिया निपटेगी नहीं, तब तक आतंकवाद की बीमारी फैलती रहेगी।

मुंबई में मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, 8 राज्यों में 27 मई से 1 जून तक आंधी, रेड अलर्ट

नई दिल्ली इस बार मानसून ने पूरे देश को चौंका दिया है। जहां आमतौर पर जून में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून मई के अंत से पहले ही मुंबई पहुंच गया, वहीं इसके साथ आई मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई में बारिश से मचा हड़कंप मई महीने में इतनी ज्यादा बारिश पिछले एक सदी से भी ज्यादा वक्त में नहीं देखी गई। मुंबई के कई इलाकों में जलभराव से सड़कें तालाब बन गईं और मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। वर्ली में निर्माणाधीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन में पानी भरने से मेट्रो सेवाएं रोकनी पड़ीं और 250 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। कहां-कहां फैला मानसून मानसून ने तेलंगाना, रायलसीमा, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तक अपनी पकड़ बना ली है और अगले कुछ दिनों में यह पूरे महाराष्ट्र और उत्तर-पूर्व भारत में फैलने की उम्मीद है। उत्तर भारत को मिली राहत, तापमान में गिरावट उत्तर भारत में गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर गया है, हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, कुछ दिनों बाद तापमान फिर से चढ़ सकता है। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट 27 मई से 1 जून तक उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और यूपी में आंधी, बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। महाराष्ट्र के अन्य जिले भी प्रभावित पालघर, ठाणे, रायगढ़, सतारा, कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर जैसे जिलों में भी हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में रेलवे ट्रैक डूब गए और मेट्रो स्टेशन की फॉल्स सीलिंग ढहने की घटनाएं भी सामने आई हैं। अन्य राज्यों में भी संकट     कर्नाटक में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, तटीय इलाकों में पांच दिन का रेड अलर्ट घोषित किया गया है।     केरल में बारिश के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में राहत शिविर खोले गए हैं।     महाराष्ट्र के लातूर जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत और छह घायल हुए हैं। 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई पहुंचा मानसून आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर के अनुसार, मानसून ने इस बार 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई में दस्तक दी है। इससे पहले इतनी जल्दी मानसून केवल 1956, 1962 और 1971 में ही पहुंचा था।  

आज MP सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय

विशेष लेख भोपाल एक समय था जब महिलाएं सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को लेकर असमंजस में थीं, लेकिन आज मध्यप्रदेश में हालात बदल रहे हैं। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन की नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। आज मध्यप्रदेश सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय है। यह बदलाव धीरे-धीरे हर घर, हर गांव और हर शहर में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिये निरंतर प्रयासरत होकर सक्रियता पूर्वक कार्य कर रहे है। उनका कहना है कि हम नारी सशक्तिकरण को केवल योजना के रूप में नहीं जन आंदोलन के रूप में देख रहे है। नारी शक्ति मिशन हमारे इस दृष्टिकोण का विस्तार है जिसमें हर जिले से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। कामकाजी महिलाओं को मिलेगा अब “अपना सुरक्षित आवास” प्रदेश में इंदौर और भोपाल में 250 बेड क्षमता के 3 वर्किंग वुमन हॉस्टल संचालित है। इसके अतिरिक्त “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट”  योजना में वर्ष 2024-25 में 5412 बिस्तरीय 8 नये हॉस्टलों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 4 महिला एवं बाल विकास विभाग और 4 उद्योग विभाग द्वारा संचालित किये जायेगे। इसमें सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम और झाबुआ में 100-100 बिस्तरों के 4 हॉस्टलों के लिए 40.59 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब घर से दूर काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा। जब ज़िंदगी मुश्किल हो, तब साथ देता है वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा, शोषण या किसी भी संकट में फंसी महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर पहले से ही संचालित हैं। जिनके माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 763 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई। अब 8 और नए सेंटर मंजूर किए गए हैं- पेटलावद, पीथमपुर, मनावर, लसूडिया, साबेंर, मैहर, पांढूर्णा और मऊगंज में वन स्टॉप सेंटर की मंजूरी दी गई है। अब तक कुल एक लाख 27 हजार 94 संकटग्रस्त महिलाओं को इन केन्द्रों से लाभ मिल चुका है।  एक कॉल, और मदद हाजिर महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को अब 112 आपात सेवा से जोड़ा गया है। यानी अब कोई भी महिला मुसीबत में हो तो सिर्फ एक कॉल से पुलिस, काउंसलिंग, आश्रय और कानूनी मदद सब एक साथ मिल सकती है। वर्ष 2024-25 में लगभग 82 हजार 552 महिलाओं को त्वरित सहायता मिली है। योजना के प्रारंभ से अब तक एक लाख 57 हजार महिलाओं को लाभ मिल चुका है। बहनों के हक की कमाई: सीधे उनके हाथ में लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1551.86 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता उनके खातों में पहुंच रही है। न केवल पैसा, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी दी जा रही है ताकि बहनें सिर्फ उपभोक्ता नहीं, डिजिटल युग की सहभागी बनें। छोटे कदम, बड़ी उड़ान – लाड़ली लक्ष्मी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 2 लाख 73 हजार 605 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ और लगभग 223 करोड़ रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति यूनि-पे के जरिए वितरित की गई। अब तक कुल 50 लाख 41 हजार 810 बेटियां इस योजना का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में विगत वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी मध्यप्रदेश द्वारा शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदाय की गई। वर्ष 2024-25 में लगभग 6 लाख 30 हजार 929 हितग्राही महिला पंजीकृत किये गये। आत्म-निर्भरता की राह पर महिला उद्यमिता मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना ने हजारों महिला समूहों को कम ब्याज पर ऋण दिलाकर उनके छोटे-छोटे व्यवसायों को सहारा दिया है। अब महिलाएं न सिर्फ घर चला रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। अब तक 30 हजार 264 महिला समूहों और 12 हजार 685 महिला उद्यमियों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में 648.67 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है। कठिन वक्त में “शक्ति-सदन” बन रहा सहारा ऐसी महिलाएं और बच्चियां जो बेहद कठिन हालात में हैं, उनके लिए 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित किये जा रहे हैं, जहां उन्हें सुरक्षित अस्थायी आश्रय मिलता है। वर्ष 2024-25 में एक हजार 824 महिलाएं और 461 बच्चे लाभान्वित हुए है। आगामी समय में सभी 10 संभागीय मुख्यालयों में शक्ति सदन स्थापित किये जायेगें। सशक्त वाहिनी से बदलाव- 156 को मिली नौकरी ‘सशक्त वाहिनी’ के तहत हजारों बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आत्म रक्षा प्रशिक्षण मिला है। इसके तहत 11 हजार से अधिक बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये शैक्षणिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 156 युवतियों का विभिन्न सरकारी पदों पर चयन हुआ। साथ ही 2.6 लाख से अधिक महिलाओं ने सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान में भाग लिया। एक राज्य, एक संकल्प – नारी शक्ति को देना सम्मान राज्य सरकार द्वारा नारी शक्ति मिशन के तहत जिला, परियोजना और ग्राम स्तर पर 100 दिवसीय जागरूकता “हम होंगे कामयाब अभियान” चलाया गया। इसमें प्रदेश में जेंडर संवादों, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, सायबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की महिलाओं को न केवल जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना भी सिखाया गया। निश्चित ही सरकार के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में महिलाएँ स्वाबंलबी हो रही है और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही है।   बिन्दु सुनील  

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