LATEST NEWS

मोरघनिया नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान

मोरघनिया नाला में बने चेक डेम से पानी को तरसते किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान मनरेगा के तहत बने चेकडेम से 20 किसानों के 17 एकड़ भूमि में बढ़ी सिंचाई सुविधा एमसीबी किसान की मेहनत सफल तभी हो सकती है जब किसान के पास समय पर सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो। ग्राम पंचायत बरदर में नाले के किनारे रहने वाले कई किसानों के पास सिंचाई का संसाधन न होने से उन्हें अपने खेतों से मनचाहा लाभ नहीं मिल पाता था। गांव के किनारे बहने वाले नाले से पूरा बारिश का पानी बहकर आगे हसदेव नदी में जाकर मिलता था और उसके बाद गर्मी आते तक वह नाला पूरी तरह से जल विहीन हो जाता था। बारिश में खेतों मे कटाव करके बहने वाली बारिश का पानी बाद में सिंचाई तो दूर उनके पशुओं के लिए पेयजल भी नहीं दे पाता था। लेकिन बीते वित्तीय वर्ष में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बनाए गए एक पक्के चेक डेम से अब गांव का एक कोना हर मौसम में हरा भरा रहता है। यहां आधा दर्जन किसान पंपों के सहारे अपने 17 एकड़ से अधिक खेतों में सिंचाई का लाभ लेते हुए दो फसलें और तीन फसलें तक लेने लगे हैं। मई की तपती गर्मी में भी बरदर के दर्जन भर किसानों के खेतों में उड़द की फसल लहलहा रही है।  जिले के जनपद पंचायत खड़गवां का एक ग्राम पंचायत बरदर है। यहां गांव के किनारे से एक मोरघनिया नाला बहता है। यह एक बरसाती नाला है जिसमे बारिश में तो पर्याप्त जल रहता था। लेकिन बारिश खत्म होने के बाद से इसमें जल कम होने लगता था और गर्मी आते तक यह पूरी तरह से सूख जाता था। इस नाले को नरवा विकास के तहत चयनित कर इसका सर्वे किया गया और उपयुक्त जगह पर गत वर्ष एक पक्का चेक डेम बनाया जाना प्रस्तावित किया गया। ग्राम सभा से प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार कार्य की स्वीकृति प्रदान करते हुए ग्राम पंचायत बरदर को निर्माण एजेंसी बनाया गया। तकनीकी सहायक राहुल की देखरेख में ग्राम पंचायत ने समय सीमा में कार्य को गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूरा किया। इस कार्य से एक हजार से ज्यादा मानव दिवस का रोजगार भी ग्रामीणों को प्राप्त हुआ। चेक डेम बन जाने के बाद यहां बड़ी मात्रा में जल संचय किया जा रहा है। चेकडेम से पीछे लगभग एक किलोमीटर तक बैकवाटर होने से आस पास का जल स्तर बेहतर हो रहा है। साथ ही किसानों को अपनी फसलों में सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल भी उपलब्ध हो पा रहा है। मोरघनिया नाले में बने चेक डेम से ग्राम पंचायत में रहने वाले किसान सत्यनारायण, फागुनाथ सिंह, राजकुमार, बलदेव, बाबूलाल, राजकिशुन, सुरेश और शिवप्रसाद जैसे कुल 20 किसानों के लगभग 17 एकड़ से अधिक भूमि में दो फसली सिंचाई सुविधा बढ़ गई है। इन किसानों ने बताया कि पहले सूख जाने वाले नाले में चेकडेम बन जाने से सिंचाई की दिक्कत समाप्त हो गई हैं अब हम अपनी मर्जी से फसलों की बुआई करके अच्छा लाभ कमा रहे हैं। वर्तमान में इस चेक डेम से लगी भूमि से लगभग दस एकड़ में उड़द और सब्जी की फसल लगी हुई है। इसके पहले किसानों ने धान और गेहूं की भरपूर फसल लेकर अच्छा मुनाफा कमाया है। कुल मिलाकर एक संसाधन से कई घरों में जीवन की शैली और स्तर में परिवर्तन साफ नजर आ रहा है। ऐसे में महात्मा गांधी नरेगा के तहत बने एक पक्के चेक डेम ने उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में परिवर्तन लाना आरंभ किया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री पर खाद्य एवं औषधि विभाग की सख्त कार्रवाई

एमसीबी  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नशीली दवाइयों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में निरंतर छापामार कार्रवाइयां की जा रही हैं। विभाग में पदस्थ औषधि निरीक्षकों द्वारा मेडिकल स्टोर्स का सतत् निरीक्षण करते हुए शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समस्त प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की अनिवार्यता का भी परीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों के फुटेज की भी गहनता से जांच की जा रही है। इसी क्रम में जिला दुर्ग में पदस्थ खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा थाना पुलिस के संयुक्त दल द्वारा की गई छापेमारी में नशीली दवाइयों की अवैध खरीद-बिक्री में संलिप्त पाए जाने पर एक मेडिकल संचालक सहित चार व्यक्तियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टेंसेस (NDPS) अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इसी प्रकार, जिला सरगुजा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर गर्भपात कराने वाली औषधियों के अवैध व्यापार में संलिप्त मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली 1945 के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। विगत सप्ताह औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मुंगेली, बलौदाबाजार, महासमुंद, बालोद, रायपुर, कोंडागांव, रायगढ़, कोरबा, सुकमा, जांजगीर-चांपा तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में स्थित विभिन्न औषधि प्रतिष्ठानों से कुल 22 औषधियों के नमूने संकलित कर रायपुर स्थित कालीबाड़ी राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त, धमतरी, बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद, बेमेतरा, कोरबा एवं गरियाबंद जिलों के औषधि निरीक्षकों द्वारा कोटपा अधिनियम 2003 की धारा 4 एवं 6 के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों के समीप स्थित पान दुकानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कुल 171 चालान काटे गए, जिसमें 10,380 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की गई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आमजन की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए नशीली दवाओं की अवैध बिक्री एवं औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु यह सतत् अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत वझर हनुमान मंदिर प्रांगड़ में की गई साफ सफाई

मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकीय विभाग म.प्र. शासन) निवाली सेक्टर में जल गंगा सवर्धन अभियान अंतर्गत ग्राम वझर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगड़ में  साफ – सफाई का कार्य किया गया, साफ सफाई के पश्चात मंदिर परिसर में स्थित क्षतिग्रस्त सोखता गड्ढे को ठीक कर नाली का निर्माण किया  गया साथ ही वट सावित्री पूजन के अवसर पर मंदिर परिसर में संगोष्ठी एवं पौधारोपण किया गया। तत्पश्चात जन अभियान परिषद निवाली के ब्लॉक समन्वयक श्री आपसिंह चौहान द्वारा विद्यार्थियों, ग्रामीण जनों एवं भक्तों को जल संरक्षण की शपथ दिलाकर वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया । इस अभियान के लिए आवश्यक सामग्री जैसे गैती, पावड़ा, तग़ारी एवं अन्य संसाधन की व्यवस्था सेक्टर प्रभारी श्री रामलाल सोलंकी द्वारा की गई। कार्यक्रम में नवांकुर शरवद ब्राह्मने मेंटर राकेश चौहान, विशाल सूर्यवंशी आनंद खोटे, दीपक झरिया, जन अभियान परिषद के विद्यार्थी, ग्रामीण जन तथा भक्तों द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

अब बिजली चोरी पकड़वाने पर कंपनी घर बैठे देगी 50 हजार रुपये तक का इनाम, गोपनीय रहेगी शिकायतकर्ता की पहचान

जबलपुर मध्य प्रदेश में बिजली चोरी करने वालों के बुरे दिन आने वाले है। जी हां, मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विद्युत मित्र एप लांच करने जा रही है। इस एप के जरिये आम लोग बिजली चोरी की सूचना दे सकते है और पुरस्कार स्वरूप उन्हें पचास हजार रुपये तक की धनराशि मिलेगी।   गोपनीय रहेगी शिकायतकर्ता की पहचान कंपनी ने यह भी दावा किया है कि जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कंपनी ने बताया कि इनाम की राशि को लेकर शिकायतकर्ता को इधर-उधर भटकना नहीं होगा। कंपनी सीधे बैंक खाते में शिकायतकर्ता के इनाम की राशि भेजेगी। शिकायत झूठी निकली तो नंबर होगा ब्लाॅक कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायत झूठी निकली तो शिकायतकर्ता को एप के जरिए दोबारा कभी शिकायत करने का अवसर नहीं मिलेगा। साथ ही कंपनी के एप में संबंधित फर्जी शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर ब्लाॅक हो जाएगा। जानकारी हो कि पूर्व क्षेत्र कंपनी के 22 जिलों में यह सेवा फिलहाल शुरू होगी।   शिकायत का अवलोकन भी अब होगा ऑनलाइन बताया गया कि शिकायत करने के बाद मामले की स्थिति का अवलोकन भी शिकायतकर्ता ऑनलाइन कर सकता है। शिकायत किस स्तर पर पहुंची है यह पता कर सकता है। अधीक्षण यंत्री संजय आरोरा ने बताया कि पहले बिजली चोरी की शिकायत के लिए दफ्तर में आकर जानकारी देनी होती थी। इनाम की राशि जुर्माना वसूली की प्रक्रिया के बाद मिलती थी। यह लंबी प्रक्रिया थी जिस वजह से इसमें प्रभावी रिस्पांस नहीं मिल पा रहा था। नई व्यवस्था में मोबाइल एप के जरिए आनलाइन शिकायत करनी है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दी पद्मसम्मानितों को बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की तीन विभूतियो को आज राष्ट्रपति भवन में हुए गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा पद्मसे सम्मानित किए जाने पर बधाई दी है। मध्यप्रदेश के हरचन्दन सिंह भट्टी,भोपाल को जनजातीय व लोककला,जगदीश जोशीला जी निमाड़ अंचल को निमाड़ी साहित्य और शिक्षा और डॉ. बुधेंद्र कुमार जैन,चित्रकूट को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मसे सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करने वाली इन विभूतियों ने अपने परिश्रम, समर्पण और लगन से कला, साहित्य शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अनुकरणीय प्रतिमान स्थापित किए हैं। इनका योगदान युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने का कार्य करेगा।  

सोशल मीडिया पर झूठ की फैक्ट्री चलाने वाली जमात, टीवी चैनलों पर निरर्थक हल्ला-गुल्ला

सोशल मीडिया पर झूठ की फैक्ट्री चलाने वाली जमात टीवी चैनलों पर निरर्थक हल्ला-गुल्ला पाकिस्तान का झूठा प्रोपेगैंडा 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद सोशल मीडिया पर “झूठ और अफवाहों की फैक्ट्री चलाने वाले, प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और आरएसएस से घृणा करने वाले अंध-विरोधी-इकोसिस्टम” ने जैसे पोस्ट-प्रोडक्ट सोशल मीडिया पर परोसे, उसे देखकर कोई हैरानी अथवा अचरज नहीं हुआ। सिर्फ़ अफ़सोस हुआ कि इस इकोसिस्टम के महानुभाव अपनी ऊर्जा का अपव्यय करते हुए नकारात्मकता की ओर जा रहे हैं और गिरावट के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। अफ़सोस इस बात का भी है कि इस जमात के लोग हमारे समाज के प्रबुद्धजन हैं और ख़ुद को “उदारवादी व सेक्युलर” मानते हैं। पिछले ग्यारह वर्षों से यह “छद्म उदारवादी-स्यूडो सेक्युलर” जमात असत्य और अफवाहों की फैक्ट्री चला रही है। अतः इनका असत्य भाष्य कोई नई बात नहीं है और न ही आख़िरी बात। वैसे इनके असत्य भाष्य का फ़ायदा अंततः भाजपा के खाते में ही जाता है। हमारे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के मेनस्ट्रीम चैनल भारत पाकिस्तान के बीच की तनातनी को जिस हल्ले-गुल्ले और अत्यधिक आक्रामक अंदाज़ से दर्शकों को परोस रहे हैं, उससे भी कोई अच्छा दृश्य उत्पन्न नहीं हो रहा है। 7 से 10 मई के बीच युद्ध के चार दिनों में इन चैनलों के एंकरों ने टीआरपी हासिल करने के चक्कर में हल्ला मचाने की सारी हदें लाँघ दी थी। कोई कह रहा था कि भारतीय सेनाएँ पीओके में घुस चुकी हैं। कोई कह रहा था कि भारतीय नौसेना का युद्धक पोत कराची के पास पहुँच गया है। कोई कह रहा था कि लाहौर पर हमारा कब्ज़ा बिल्कुल नज़दीक है। कोई कह रहा था कि पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में हमला करने के लिए हमारे फाइटर जेट उड़ान भर चुके हैं। सही ख़बर किसी चैनल के पास नहीं थी। आख़िर दूसरे दिन रक्षा मंत्रालय को सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यक्तियों को सख्त एडवाइज़री करना पड़ी। इस एडवाइजरी में कहा गया कि रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही की लाइव कवरेज या रियल टाइम रिपोर्टिंग से परहेज करें। इसके बाद ही टीवी चैनलों के एंकरों पर थोड़ी-सी लगाम लगी। हमारा अनुभव तो यही है कि इस हल्ले गुल्ले का दर्शकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, उल्टे उन्हें कोफ्त ही होती है। पहलगाम के हमले के बाद हमारे विपक्ष ने बहुत ही जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय दिया था और परंपरागत नेगेटिव बयानों से परहेज करते हुए हर क़दम पर सधे हुए बयान दिए थे। सारे विपक्षी नेताओं ने वक़्त की नज़ाकत को समझते हुए केन्द्र सरकार और सेना के हर कदम का समर्थन किया था। शशि थरूर ने तो दिल जीतने वाले बयान दिए हैं। वैसे भी शशि थरूर बहुत ही सुलझे हुए, सलीकेदार, शालीन, प्रबुद्ध राजनेता हैं। उनके बेहतरीन लेख और बयान शालीनता, बुद्धिमत्ता और ज्ञान से भरे होते हैं। उनकी पहली और संभवतः सबसे बड़ी ग़लती यही थी कि वे कांग्रेस के सबसे ताक़तवर परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में खड़े हो गए थे। उसके बाद से बड़ी ही ख़ामोशी से पार्टी में उनका क़द कम किया जाने लगा और आज वे कांग्रेस को अलविदा कहने की कगार पर खड़े हैं। पिछले 20 वर्षों से हम देख रहे हैं कि कांग्रेस ने बड़ी तादाद में अच्छे लोगों को खोया है। निःसंदेह पार्टी किसी भी बड़े-से-बड़े व्यक्ति से बड़ी होती है, मगर साल-दर-साल प्रतिभाशाली बुद्धिमान लोगों को खोते चले जाना क्या अच्छी बात है ? संवेदनहीन रवैया ख़ैर, विपक्ष के जिम्मेदाराना रवैये के ठीक विपरीत सोशल मीडिया के वीर-बहादुरों ने इन माध्यमों पर बेहद संवेदनहीन असत्य पोस्ट्स की झड़ी लगा दी है। दुनिया का कोई भी मसला हो, कोई भी विषय हो ये महानुभाव हर मामले के “विशेषज्ञ” हैं। 22 अप्रैल के बाद इन्हें हर दिन रंग बदलते देखकर रंग बदलने वाले प्राणी भी शर्मिंदा हो रहे हैं। इस दिन के बाद 7 मई तक कोई दिन ऐसा नहीं था, जब इन्होंने मोदी को न कोसा हो, कि वे जवाबी हमला क्यों नहीं कर रहे हैं। जब भारतीय सेनाओं ने प्रचंड हमला किया और पाकिस्तान मार खाने लगा, तो इन महानुभावों को युद्धविरोधी कविताएं, गीत, तराने याद आने लगे और इन ‘तथाकथित-उदारवादियों’ ने जंग के ख़िलाफ़ पोस्ट्स से सोशल मीडिया को भर दिया। Say no to war के स्लोगन हवा में लहराने लगे। इस मक़ाम पर एक सवाल जरूर पैदा होता है कि–ख़ुदा न ख़्वास्ता अगर हालात इसके उलट होते और भारत को नुक़सान उठाना पड़ रहा होता, तो इन महानुभावों की प्रतिक्रिया क्या होती? आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि तब ये तराने और गीत सुनाई न पड़ते और न ही Say no to war का कोई स्लोगन दिखाई पड़ता। इसलिए कि इनकी सारी प्रतिक्रियाएं घोर सिलेक्टिव होती हैं। यह तो नहीं माना जा सकता कि ये सारे महानुभाव पाकिस्तान के हिमायती हैं, मगर मोदी और भाजपा का इनका अंध-विरोध जाने-अनजाने इन्हें पाक परस्ती के वृत्त में ले जाता है। इसकी सबसे बड़ी मिसाल, एक बार फिर, तब दिखाई पड़ी, जब जंग रोकने का ऐलान हुआ। तब इनका रंग पूरी तरह से बदल गया। पुनः ये ‘तथाकथित उदारवादी’ युद्ध पिपासु की मुद्रा में आ गए और मोदी को कोसने लगे कि पाकिस्तान को और ठोंका क्यों नहीं, पीओके क्यों नहीं लिया ? स्पष्ट है कि मोदी के क़दमों से ही इनका रंग तय होता है। न तो इस जमात के युद्ध विरोध में कोई सच्चाई है और न ही इनका सीज़फायर के फ़ैसले का विरोध सच्चा है। इस इकोसिस्टम, इस जमात के बारे में ज़्यादा कुछ लिखने की जरूरत नहीं है। पूरी दुनिया इन्हें अच्छी तरह जान चुकी है, पहचान चुकी है। इन महानुभावों को अगर इसमें ख़ुशी मिलती है, तो इन्हें इनकी ख़ुशी मुबारक। युद्ध के लिए आतुर लोग इस पर भी गौर करें रूस और यूक्रेन के बीच तीन वर्षों से युद्ध चल रहा है। कोई भी देश यह कहने की स्थिति में नहीं है कि उसने युद्ध जीत लिया है। एक नज़र नुक़सान पर डालें। एक मोटे अनुमान के मुताबिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रूस को 109 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है और तक़रीबन एक लाख से ज़्यादा रूसी सैनिक मारे गए हैं। युद्ध में हो रहे खर्च की भरपाई … Read more

8वें वेतन आयोग में बड़ा धमाका, Basic Salary में जबरदस्त उछाल, जाने 8वें वेतन आयोग की भूमिका और महत्व

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की तरफ से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। इस बार सैलरी स्ट्रक्चर में लेवल-1 से लेकर लेवल-6 तक के वेतन स्तरों को मर्ज करने का प्रस्ताव सामने आया है। इसका मतलब है कि आपके वेतन और प्रमोशन के मौके दोनों में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ये बदलाव लागू होते हैं, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी के साथ-साथ करियर ग्रोथ भी तेजी से होगी। यह नई व्यवस्था संभवतः 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। 8वें वेतन आयोग की भूमिका और महत्व केंद्र सरकार हर दस साल में वेतन आयोग बनाती है, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतनमान, भत्ते और पेंशन में संशोधन की सिफारिशें करती है। 8वें वेतन आयोग को जनवरी 2025 में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली है और इसके सुझाव 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। इससे देश भर के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। लेवल मर्जर: क्या है ये क्रांतिकारी प्रस्ताव?   सरकार के समक्ष एक अहम सुझाव आया है जिसमें वेतन संरचना के शुरुआती छह स्तरों (लेवल 1 से लेवल 6) को घटाकर केवल तीन स्तर (A, B, C) बनाए जाने की बात कही गई है। इसका मकसद है कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी के साथ ही उनके करियर ग्रोथ को तेज करना। प्रस्ताव के अनुसार: नया लेवल A: लेवल 1 और लेवल 2 को मिलाकर बनाया जाएगा। नया लेवल B: लेवल 3 और लेवल 4 को मर्ज किया जाएगा। नया लेवल C: लेवल 5 और लेवल 6 को एक साथ लाया जाएगा। इससे कर्मचारियों को क्या लाभ होगा? बेसिक सैलरी में उछाल: मर्जर के बाद नए स्तर का बेसिक वेतन आमतौर पर मर्ज किए गए दो स्तरों में से उच्चतम स्तर के बराबर या उससे अधिक होगा। उदाहरण के तौर पर, लेवल 1 की बेसिक सैलरी करीब ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹34,000 तक पहुंच सकती है। प्रमोशन की प्रक्रिया में तेजी: चूंकि लेवल्स की संख्या कम होगी, कर्मचारी तेजी से अगले स्तर तक पहुंच सकेंगे, जिससे उनका करियर ग्रोथ और वेतन वृद्धि भी तेज होगी। वेतन असमानताओं में कमी: अलग-अलग लेकिन समीपवर्ती स्तरों के वेतन में विसंगतियों को खत्म करके सैलरी संरचना को और ज्यादा तार्किक बनाया जाएगा। प्रशासनिक सादगी: कम स्तर होने से पे-रोल मैनेजमेंट और प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होंगी। किन कर्मचारियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा? सबसे अधिक लाभ उन कर्मचारियों को होगा जो वर्तमान में लेवल-1, लेवल-3 और लेवल-5 पर हैं क्योंकि उनका वेतन सीधे उच्च स्तर के साथ मर्ज होगा और वेतनमान में तुरंत सुधार आएगा। वहीं, लेवल-2, 4 और 6 के कर्मचारियों को भी बेहतर प्रमोशन अवसर मिलेंगे। चुनौतियां और आगे का रास्ता हालांकि यह प्रस्ताव कर्मचारियों के लिए बेहद सकारात्मक है, इसे लागू करने में वित्तीय बोझ, वरिष्ठता निर्धारण और जिम्मेदारियों के आवंटन जैसी चुनौतियां भी हैं। सरकार और वेतन आयोग इन पहलुओं पर गंभीर चर्चा कर रहे हैं, और अंतिम सिफारिशें जल्द ही सामने आएंगी।

RCB की लखनऊ पर एक जीत से कई रिकॉर्ड्स ध्वस्त, रनचेज में बनाए ये 8 कीर्तिमान

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) के आखिरी लीग मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को 6 विकेट से हराकर अंक तालिका में टॉप-2 में जगह बना ली है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर आरसीबी ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. टिम डेविड और जोश हेजलवुड इस मुकाबले में नहीं खेल रहे थे. लखनऊ की टीम पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी थी. लखनऊ ने पंत की नाबाद 118 रनों की तूफानी पारी के दम पर आरसीबी के सामने 228 रनों का लक्ष्य रखा थे. इसके जवाब में उतरी आरसीबी ने जितेश शर्मा की तूफानी 85 रनों की नाबाद पारी के दम पर ये टोटल 19वें ओवर में ही चेज कर लिया. ऐसी रही आरसीबी की पारी 228 रनों के जवाब में उतरी आरसीबी की शुरुआत बेहद शानदार रही. फिल साल्ट और विराट कोहली ने आक्रामक अंदाज में पारी का आगाज किया. लेकिन छठे ओवर में आरसीबी को पहला झटका लगा जब साल्ट 30 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन कोहली एक छोर पर टिके रहे. कोहली ने 27 गेंद में फिफ्टी लगाई. लेकिन 8वें ओवर में आरसीबी को दो झटके लगे, जब रजत पाटीदार और लिविंग्सटन एक ही ओवर में आउट हो गए. लेकिन 12वें ओवर में विराट कोहली 54 रन बनाकर आउट हो गए. कोहली ने 30 गेंद में 54 रन बनाए. लेकिन इसके बाद मयंक और जितेश शर्मा में शानदार साझेदारी हुई. दोनों ने ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग की. एक समय आरसीबी को 30 गेंद में सिर्फ 51 रनों की दरकार थी. जितेश शर्मा ने 22 गेंद में तूफानी फिफ्टी जड़ी. इसके बाद जितेश ने शानदार अंदाज में बल्लेबाजी की. जितेश ने महज 33 गेंदों में 85 रनों की नाबाद पारी खेली. उन्होंने 8 चौके और 6 छक्के लगाए. वहीं, मयंक अग्रवाल ने 23 गेंदों में नाबाद 41 रनों की पारी खेली. इसकी बदौलत आरसीबी ने ये मैच जीत लिया. ऐसी रही लखनऊ की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी लखनऊ की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में मैथ्यू ब्रिट्जके का विकेट गिर गया. उनके बल्ले से केवल 14 रन आए. लेकिन इसके बाद कप्तान ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए आए और वो इस मैच में अलग ही लय में दिखे. पूरे सीजन पंत के बल्ले से रन  नहीं निकले थे. लेकिन इस मैच में पंत अलग ही लय में दिखे. उन्होंने हर गेंदबाज के खिलाफ रन बनाए. 7 ओवर में लखनऊ का स्कोर 68-1 था. 10वें ओवर में ऋषभ पंत ने 29 गेंद में फिफ्टी जड़कर लखनऊ का स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया. इस दौरान तक लखनऊ ने 3 छक्के लगाए थे. वहीं, 14वें ओवर में मिचेल मार्श ने 31 गेंद में फिफ्टी जड़ी. यह इस सीजन उनकी छठी फिफ्टी रही. लेकिन लखनऊ को दूसरा झटका तब लगा जब 16वें ओवर में मिचेल मार्श 67 रन बनाकर 177 के स्कोर पर आउट हुए. भुवनेश्वर कुमार ने उनका विकेट झटका. ऋषभ पंत ने 18वें ओवर में 54 गेंदों में शतक जड़ दिया. उनकी इस पारी के दम पर लखनऊ का स्कोर 200 के पार पहुंच गया. पंत ने 100 रनों की पारी में 6 छक्के जड़े. पंत ने 61 गेंद में 118 रनों की पारी खेली और 8 छक्के और 11 चौके लगाए. इसके दम पर लखनऊ ने आरसीबी के सामने 228 रनों का लक्ष्य रखा है. अब जानिए अंक तालिका का हाल अंकतालिका में अब टॉप पर 19 अंकों के साथ पंजाब किंग्स की टीम है. वहीं, आरसीबी भी 19 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर है. पंजाब का रन रेट अच्छा है. इसलिए वो पहले स्थान पर है. वहीं, गुजरात 18 अंकों के साथ तीसरे और मुंबई 16 अंकों के साथ चौथे पायदान पर है. बता दें कि आईपीएल में टॉप-2 में जगह बनाने वाली टीम को फाइनल खेलने के लिए दो मौके मिलते हैं. जानें प्लेऑफ में किसका मुकाबला किससे होगा 29 मई को आईपीएल का पहला क्वालिफायर खेला जाएगा. इस दिन टेबल की दो टॉप की टीमें यानी पंजाब किंग्स और आरसीबी के बीच टक्कर होगी. ये मैच चंडीगढ़ में होगा. जो टीम जीतेगी वह फाइनल में पहुंच जाएगी लेकिन हारने वाली टीम को एक और मौका मिलेगा. वहीं, 30 तारीख को तीसरे और चौथे पायदान की टीम में भिड़ंत होगी. जो हारेगी उसका सफर खत्म हो जाएगा. लेकिन जीतने वाली मैच क्वालिफायर-1 की हारने वाली टीम से एक और मैच खेलेगी. ये मैच 1 जून को अहमदाबाद खेला जाएगा.वहीं, क्वालिफायर-2 की विजेता टीम 3 जून को फाइनल खेलेगी. RCB की लखनऊ पर एक जीत से कई रिकॉर्ड्स ध्वस्त, रनचेज में बनाए ये 8 कीर्तिमान इस जीत के साथ RCB प्वाइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर रही और अब गुरुवार को लीग टॉपर पंजाब किंग्स से भिड़ेगी.  खास बात यह है कि RCB ने अब तक अपने सभी 7 बाहर (अवे) के मुकाबले जीतकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है.   लखनऊ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान ऋषभ पंत के नाबाद 118 रन (61 गेंद) और मिचेलल मार्श के तेजतर्रार 67 रन (37 गेंद) की बदौलत 3 विकेट पर 227 रन बनाए. पंत ने महज 54 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. जवाब में RCB ने विस्फोटक शुरुआत की. विराट कोहली ने सिर्फ 30 गेंदों में 54 रन ठोके, जबकि मिड‍िल ऑर्डर में कप्तान जितेश शर्मा (85 रन, 33 गेंद) और मयंक अग्रवाल (41 रन, 23 गेंद) ने पांचवें विकेट के लिए 107 रनों की साझेदारी कर टीम को आठ गेंद शेष रहते ही जीत दिला दी. अब RCB का सामना क्वालिफायर-1 में पंजाब किंग्स से होगा, जबकि एलिमिनेटर में गुजरात टाइटन्स और मुंबई इंडियंस आमने-सामने होंगी. वैसे इससे पहले भी RCB ने 2009, 2011 और 2016 में फाइनल तक का सफर तय किया था. 2016 में तो कप्तान विराट कोहली के ऐतिहासिक फॉर्म ने टीम को फाइनल में पहुंचाया था, लेकिन खिताब हाथ नहीं लगा. तीनों मौकों पर टीम ने खिताब जीतने का सपना अधूरा छोड़ दिया. बहरहाल इस एक जीत से RCB की टीम ने टूर्नामेंट में रिकॉर्डों की झड़ी सी लगा दी, आइए उन पर एक नजर डाल लेते हैं … 1: तीसरी बार टॉप-2 में फिनिश: RCB लीग स्टेज में तीसरी बार टॉप-2 में रही है, इससे पहले 2011 … Read more

UPI सिस्टम में नए API नियम लागू करने जा रहा, जिनका सीधा असर ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा, 31 जुलाई से बदलने जा रहे हैं ये नियम

नई दिल्ली अगर आप भी रोज़ाना यूपीआई ऐप्स जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm से पेमेंट करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) UPI सिस्टम में नए API नियम लागू करने जा रहा है, जिनका सीधा असर आपके रोज़मर्रा के ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा। ये बदलाव न केवल आपकी सुविधा को सीमित करेंगे, बल्कि आपके बैलेंस चेक, ऑटोपे और ट्रांजैक्शन स्टेटस जैसे फीचर्स पर भी सीधी रोक लगाएंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का कहना है कि यह कदम सिस्टम पर बढ़ते लोड को कम करने और सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए जरूरी है। क्यों लाया गया ये नियम? NPCI का कहना है कि तेजी से बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन के कारण UPI सिस्टम पर जबरदस्त लोड पड़ रहा है, खासकर ‘पीक ऑवर्स’ यानी सबसे व्यस्त समय के दौरान। इस लोड को संतुलित करने और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कुछ सामान्य फीचर्स जैसे बैलेंस चेक, ऑटोपे और ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक को सीमित किया जाएगा। जानिए क्या-क्या बदलेगा बैलेंस चेक पर लिमिट 31 जुलाई 2025 से कोई भी यूज़र एक दिन में एक ऐप के जरिए अधिकतम 50 बार ही अपना बैंक बैलेंस चेक कर सकेगा। इसके अलावा, पीक ऑवर्स (सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे और शाम 5 बजे से रात 9:30 बजे तक) में बैलेंस चेक की सुविधा सीमित या बंद की जा सकती है।  ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक पर कंट्रोल यदि कोई ट्रांजैक्शन पेंडिंग या फेल हो जाता है, तो उसकी स्थिति को बार-बार जांचने पर भी रोक होगी। एक ट्रांजैक्शन के स्टेटस को दो घंटे में अधिकतम तीन बार ही चेक किया जा सकेगा।  ऑटोपे फीचर भी नॉन-पीक समय में ही जो यूज़र OTT सब्सक्रिप्शन, SIP या किसी अन्य सर्विस के लिए UPI ऑटोपे का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि ऑटोपे का ऑथराइजेशन और डेबिट प्रोसेसिंग केवल नॉन-पीक टाइम में ही होगी। हर ऑटोपे मैन्डेट के लिए अधिकतम तीन प्रयास (3 retries) की इजाजत होगी।  बैंक की जिम्मेदारी भी बढ़ी NPCI ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि हर सफल लेनदेन के बाद ग्राहकों को बैलेंस अलर्ट भेजा जाए, जिससे ग्राहक बार-बार बैलेंस चेक न करें। इसके अलावा, कुछ खास प्रकार की एरर की स्थिति में बैंक को ट्रांजैक्शन फेल मानकर सिस्टम से क्लियर करना होगा। क्यों जरूरी है ये बदलाव? इन नए निर्देशों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि UPI जैसी अहम डिजिटल सुविधा सभी को फास्ट और भरोसेमंद ढंग से मिल सके। लगातार बढ़ती डिजिटल भीड़ और ट्रांजैक्शन की संख्या को ध्यान में रखते हुए, NPCI इस तरह की टेक्निकल सफाई ला रहा है ताकि नेटवर्क स्लोडाउन या फेल्योर जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

भारत सरकार का बड़ा फैसला- 1 जून 2025 से देश के निर्यातकों को टैक्स में बड़ी राहत

नई दिल्ली निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 1 जून 2025 से देश के निर्यातकों को टैक्स में बड़ी राहत मिलने जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। इस फैसले से विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ), निर्यात-उन्मुख इकाइयों (EOU) और एए धारकों को सीधा लाभ मिलेगा। निर्यातकों के लिए खुशखबरी – Tax छूट फिर से लागू वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा घोषित इस निर्णय के तहत, निर्यात उत्पादों पर मिलने वाली कर छूट की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया गया है। इससे पहले यह लाभ 5 फरवरी 2025 तक सीमित था, लेकिन अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर एक्सपोर्टर्स को राहत दी गई है। इस नीति के लागू होने से हर स्तर के निर्यातकों को बराबरी का मौका मिलेगा। RODTEP योजना फिर से बनी गेमचेंजर सरकार की RODTEP योजना, जो जनवरी 2021 में शुरू की गई थी, इस फैसले का आधार है। यह योजना खासतौर पर कोविड-19 के बाद व्यापारिक घाटों की भरपाई और एक्सपोर्ट को रफ्तार देने के लिए बनाई गई थी। RODTEP योजना WTO के दिशानिर्देशों के अनुरूप है और इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म end-to-end system के जरिए पारदर्शी तरीके से लागू किया जा रहा है। 2025-26 के लिए ₹18,233 करोड़ का बजट आवंटन सरकार ने आने वाले वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹18,233 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। यह सहायता 10,780 घरेलू टैरिफ लाइनें और 10,795 स्पेशल कैटेगरी एचएस लाइनें कवर करेगी। इससे यह तय किया जा सकेगा कि विविध प्रकार के निर्यातकों को योजना का लाभ मिले। भारत के लिए निर्यात का सुनहरा मौका  एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक सप्लाई चेन नए सिरे से बन रही है, और भारत के पास इस समय निर्यात बढ़ाने का जबरदस्त अवसर है। भारत की “मिड-टेक”, “लेबर-इंटेंसिव” और “कंज्यूमर फोकस्ड” इंडस्ट्रीज इस प्रोत्साहन से सीधा लाभ उठा सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत अब केवल घरेलू मांग पर आधारित नहीं, बल्कि एक तेज़ी से उभरती हुई वैश्विक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बन चुका है।  

नारी सशक्तिकरण देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार, समाज में महिलाओं की भूमिका को मिला नया आयाम

भोपाल नारी सशक्तिकरण देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार है। महिलाएँ आत्म-निर्भर बनती हैं, तो सम्पूर्ण समाज और देश-प्रदेश सशक्त और समृद्ध बनता है। केन्द्र एवं राज्य सरकार निरंतर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नवाचार कर रही है। इससे महिलाएँ आत्म-निर्भरता की राह पर अग्रसर हैं। नारी सशक्तिकरण की प्रतीक ये नायिकाएँ अपने परिवार का आर्थिक संबल बन रही हैं और साथ ही समाज के लिये प्रेरणा-स्रोत भी बन रही हैं। समाज में महिलाओं की भूमिका को नया आयाम मिल रहा है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आगर-मालवा जिले के ज्योति स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों की, जिन्होंने टोल प्लॉजा संचालन जैसा कार्य जो पारम्परिक रूप से पुरुष प्रधान कार्य है, इसकी जिम्मेदारी सरकार ने महिला समूह को सौंपी हैं। महिला समूह ने अपनी कार्य-कुशलता से डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में एक करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक का शुल्क संग्रह कर कीर्तिमान स्थापित किया है और उन्होंने अपने समन्वय प्रबंधन क्षमता की मिसाल पेश की है। स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती राजूबाई ने इस ऐतिहासिक अवसर एवं विश्वास के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार माना है। महिला समूह को मिली ऐतिहासिक जिम्मेदारी मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय लेते हुए पहली बार महिला स्व-सहायता समूह को टोल प्लॉजा संचालन की जिम्मेदारी सौंपी थी। शाजापुर-दुपाड़ा-नलखेड़ा मार्ग पर चाचाखेड़ी गाँव में स्थित इस टोल प्लॉजा का पूरा प्रबंधन ज्योति महिला स्व-सहायता समूह को सौंपा गया। समूह की महिला सदस्य इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने अपने समन्वय एवं प्रबंधन क्षमता, दृढ़ इच्छा-शक्ति और अनुशासित कार्यशैली से सरकार और आमजन का विश्वास जीता है। ज्योति महिला स्व-सहायता समूह को यह जिम्मेदारी 2 सितम्बर, 2023 को एक वर्ष के लिये सौंपी गयी थी। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ने समूह के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए टोल संचालन के अनुबंध को एक सितम्बर, 2025 तक के लिये बढ़ाया है। डेढ़ साल में 1.13 करोड़ रुपये का शुल्क संग्रह ज्योति महिला स्व-सहायता समूह द्वारा पहले कार्यकाल में टोल प्लॉजा के माध्यम से एक करोड़ 13 लाख 54 हजार रुपये से अधिक का शुल्क संग्रह किया गया है। इसमें से समूह को 30 प्रतिशत कमीशन के साथ समूह की 15 सदस्यों को प्रतिमाह 9 हजार रुपये की नियमित आमदनी भी हो रही है। नेतृत्व में प्रेरणा और कृतज्ञता ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती राजूबाई ने कहा कि इस पहल से वह और उनकी साथी सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं। समूह की सफलता प्रदेश के स्व-सहायता महिला समूह के लिये एक प्रेरणा-स्रोत बन गयी है।  

उज्जैन में अवैध रूप से रहने वाले लोगों की जानकारी देने पर 50 हजार रु का इनाम, पुलिस लेगी आम जनता की मदद

उज्जैन शहर में अवैध रूप से रहने वाले लोगों की खैर नहीं है. उज्जैन पुलिस व इंटेलिजेंस ब्यूरी की बैठक में तय किया गया है कि ऐसे संदिग्ध लोगों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी. इसके लिए आम जनता से भी मदद ली जाएगी. अवैध रूप से रहने वाले लोगों की जानकारी देने पर 50 हजार रु तक इनाम भी दिया जाएगा. इंटेलिजेंस ब्यूरो के साथ उज्जैन पुलिस की विशेष बैठक दरअसल,  एसपी प्रदीप शर्मा की मौजूदगी में उज्जैन पुलिस की आई.बी. अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित हुई. बैठक में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आई.बी.) के अधिकारियों के साथ उज्जैन पुलिस के सभी एएसपी, सीएसपी, थाना प्रभारी मौजूद रहे. बैठक को लेकर एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने जानकारी देते हुए कहा, ” जिले की संवेदनशीलता और धर्म नगरी के महत्व को ध्यान में रखते हुए ये बैठक आयोजित की गई थी.” उज्जैन में बाहरी लोगों पर पुलिस की पैनी नजर एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने कहा, सिमी, पी.एफ.आई व अन्य संदिग्ध संगठनों से जुड़े लोगों, बाहरी रहवासी, बांग्लादेशी आदि संदिग्धों के दस्तावेज चेक किए जाएंगे. ई-रक्षक एप व अन्य माध्यम से फर्जी दस्तावेज़ मिलने पर कार्रवाई के निर्देश हैं. अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की जानकारी देने पर नाम गोपनीय रखते हुए 50 हजार रु का इनाम उज्जैन के नागरिकों को दिया जाएगा. उज्जैन में गुंडे-बदमाशों की खैर नहीं एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने आगे बताया, ” तय हुआ है कि गुंडा/बदमाशों पर दिन में एवं रात में सतत निगरानी रखी जाए. चेकिंग व गश्त के माध्यम से रैंडम चेकिंग भी हो. होटल, लॉज, ढाबा आदि की जांच हो. संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी व निरीक्षण हो. सिम कार्ड बेचने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी. मीटिंग में एसपी प्रदीप शर्मा ने प्रभावी व प्रशंसनीय कार्य के लिए उज्जैन के थाना खाराकुआं प्रभारी को 10 हजार रु व थाना जीवाजीगंज प्रभारी को 11 हजार रु प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया है.

खरगोन में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए कवायदें शुरु, सड़क चौड़ीकरण के साथ के साथ सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया जा रहा

खरगोन मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए कवायदें शुरु हो गई हैं। सड़क चौड़ीकरण के साथ के साथ सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया जा रहा है। नगर पालिका अमले ने बिस्टान रोड स्थित पीजी कॉलेज के सामने नर्सरी के लिए आरक्षित जगह पर तारफेसिंग हटाकर जगह समतल किया जाएगा।  इस पर नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी ने बताया कि जनसंख्या और यातायात के दबाव को देखते हुए हुए सड़क चौड़ीकरण की जरुरत है। इसी को देखते हुए पीजी कॉलेज के सामने स्थित नर्सरी को हटाते हुए सड़क चौड़ीकरण के साथ ही सौंदर्यीकरण के लिए योजना बनाई है। इसके अलावा शहर के अन्य मुख्य मार्गो पर अभी अतिक्रमण चिन्हित किया है। इधर, डायवर्सन रोड पर बढ़ते हुए यातायात दबाव और हादसों को देखते हुए प्रशासन ने आरती टॉकीज के सामने सड़क पर डिवाइडर के बीच क्रॉसिंग कट को डिवाइडर से बंद किया है। इससे मार्ग एकांकी हो गया है। इस बदलाव के कारण व्यापारियों ने आपत्ति दर्ज कराई और मार्ग खोलने की मांग की है।

माहवारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, फ्री दी जाएगी ‘पीरियड किट’

भोपाल  भोपाल शहर में बालिकाओं एवं महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने के लिए नया कदम उठाया जा रहा है। भोपाल के वार्ड क्रमांक 28 के अम्बेडकर नगर क्षेत्र में 28 मई को ‘विश्व महावारी स्वच्छता दिवस’ पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक संस्था हम लोग शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति द्वारा ’प्रोजेक्ट पिंक’ का आरंभ किया जा रहा है। 28 मई को कोटरा सुल्तानाबाद स्थित आंबेडकर नगर में शिविर लगाकर इसकी शुरुआत होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहियकाओं के साथ 30-30 बालिकाओं के समूह बनाकर उनके लिए यह कार्यशाला आयोजित की जाएगी। संस्था के नीतेश नेमा ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट पिंक’ अभियान की शुरूआत महावारी स्वच्छता दिवस से की जा रही है। इसके अंतर्गत किशोर बालिकाओं एवं महिलाओं को ‘पीरियड किट’ प्रदान की जाएगी, जो उनके लिए मददगार बनेगी। इस किट में सेनेटरी नेपकिन के साथ फिटकरी और साबुन भी हैं जो उनके लिए मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि जो बातें हमारे समाज में सामान्य रूप से नहीं समझाई जाती लेकिन लघु फिल्म के माध्यम से व विषय विशेषज्ञों की कार्यशाला आयोजित कर इस महत्वपूर्ण विषय पर आवश्यक जानकारी किशोर बालिकाओं को प्रदान की जाएगी। विषय विशेषज्ञ आयुषी पचौरी, श्रीमती शालू मजुमदार एवं श्रीमती नीलिमा ढोंके द्वारा किशोर बालिकाओं एवं महिलाओं को विषय की गंभीरता के बारे में समझाया जाएगा। लघु फिल्म के माध्यम से व कार्यशाला आयोजित कर इस महत्वपूर्ण विषय पर आवश्यक जानकारी दी जाएगी।

18 साल की समायरा हुल्लुर ने भारत की सबसे कम उम्र की पायलट बनने का रिकॉर्ड बनाया

बीजापुर क्या आपने कभी सोचा कि हवाई जहाज की कॉकपिट से दुनिया कैसी दिखती होगी? राजस्थान के बीजापुर की समायरा हुल्लुर ने न सिर्फ ये सपना देखा, बल्कि 18 साल की उम्र में भारत की सबसे कम उम्र की कमर्शियल पायलट बनकर इसे हकीकत में बदल दिया. आज यह लड़की उन तमाम युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई है, जो उंची छलांग लगाना चाहते हैं. आइए आपको बताते हैं इस लड़की की कहानी…  कर्नाटक के बीजापुर की रहने वाली समायरा हुल्लुर 18 साल की उम्र में कामर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) हासिल कर चुकी हैं. उन्‍होंने भारत की सबसे कम उम्र की पायलट बनने का रिकॉर्ड बनाया है.अब 19 साल की समायरा को बचपन से ही एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे घुड़सवारी, रॉक क्लाइंबिंग और स्विमिंग का शौक था. पायलट बनने का सपना उनकी मां का था, जिसे बेटी ने पूरा किया. उनकी मां नजीया हुल्लुर दिल्ली पब्लिक स्कूल,बीजापुर में कोऑर्डिनेटर हैं. समायरा की मां नजीया हुल्लुर को पायलट की वर्दी और उसका सम्मान हमेशा से आकर्षित करता था. उन्‍होंने ही बेटी समायरा को पायलट बनने के लिए प्रेरित किया और उसका भरपूर साथ दिया. 5वीं में बैठी थी हेलिकॉप्टर समायरा ने एक इंटरव्‍यू में बताया था कि जब वह क्लास 5 में थीं तब बीजापुर के नवराासपुर उत्सव में हेलिकॉप्टर में बैठी थी.उनकी मां कॉकपिट में थीं और वह वर्दी से बहुत प्रभावित हुईं.कुछ साल बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर क्रू मेंबर्स को सम्मान से देखकर उनकी मां ने उनसे कहा मैं चाहती हूं कि तुम्‍हें भी अपने काम के लिए ऐसा सम्मान मिले.क्लास 9 में समायरा ने तय किया कि वो डेस्क जॉब या भारी-भरकम पढ़ाई वाली फील्ड में नहीं जाएंगी. उनकी मां ने एविएशन का सुझाव दिया. पायलट बनने के लिए 10वीं से जुट गईं समायरा ने बताया कि वह क्लास 10वीं में थी तब उन्‍होंने अकासा एयरलाइंस के कैप्टन थपेश कुमार से ओरिएंटेशन क्लास ली,जिससे एविएशन का रोडमैप समझने में मदद मिली. क्लास 11 तक वह पूरी तरह पायलट बनने की तैयारी कर चुकीं थीं. समायरा ने कहा कि उन्‍हें हौसला तब मिला जब एक दोस्त ने कहा कि कितने माता-पिता अपने बच्चों को पायलट बनने को कहते हैं? तुम लकी हो,पूरी मेहनत करो.इसके बाद समायरा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. पहले अटेम्‍प्‍ट में पास की परीक्षा 12वीं बोर्ड एग्जाम के बाद समायरा दिल्ली के एक एविएशन अकादमी में पढ़ने गईं. वहां उन्हें छह पेपर्स पास करने थे:एयर रेगुलेशन,एविएशन मेट्रोलॉजी,एयर नेविगेशन,टेक्निकल जनरल, टेक्निकल स्पेसिफिक और रेडियो टेलीफोनी. हर पेपर में 70% मार्क्स जरूरी थे. जहां ज्यादातर स्टूडेंट्स को एक-दो अटेम्प्ट लगते हैं, समायरा ने पांच पेपर्स पहले ही अटेम्प्ट में पास कर लिए. रेडियो टेलीफोनी के लिए उम्र 18 साल होनी चाहिए,इसलिए उन्हें तीन बार रिजेक्शन झेलना पड़ा. फिर भी उन्होंने सात महीने में ग्राउंड ट्रेनिंग पूरी की. 200 घंटे की ट्रेनिंग के बाद मिला सर्टिफ‍िकेट अप्रैल 2024 में समायरा पुणे के बारामती में कार्वर एविएशन में भर्ती हुईं.जहां 200 घंटे की फ्लाइट ट्रेनिंग के बाद उन्हें CPL मिला. पूरी प्रक्रिया में 18 महीने लगे. समायरा ने बताया कि जब उन्‍होंने पहली बार कॉकपिट में बैठकर सूर्यास्त के समय उड़ान भरी.वह नजारा जिंदगी भर नहीं भूलेंगी. उनके इंस्ट्रक्टर ने कई मैन्यूवर्स किए ताकि उनकी सहनशक्ति और मोशन सिकनेस चेक हो सके. समायरा के इंस्ट्रक्टर ने उनसे पूछा कि‘मजा आ रहा है क्या?’. कैसे रही पहली सोलो फ्लाइट? पायलट की ट्रेनिंग में सोलो फ्लाइट सबसे खास पल होता है. ज्यादातर पायलट 36 घंटे की ट्रेनिंग के बाद सोलो उड़ान भरते हैं, लेकिन समायरा ने सिर्फ 28 घंटे में ये मुकाम हासिल किया.समायरा ने बताया कि जब उन्‍होंने अकेले उड़ान भरी,तो जहाज इतना हल्का लगा जैसे कोई वजन ही न हो.वह अनुभव अविश्वसनीय था.समायरा ने एक इंटरव्‍यू में बताया कि लैंडिंग में उन्हें शुरू में दिक्कत हुई. उनके इंस्ट्रक्टर ने सलाह दी कि लैंडिंग के वक्त गहरी सांस लो और फोकस करो.इस छोटी सी सलाह ने उनकी दिक्कत दूर कर दी. मां और दादी की आंखों में आ गए आंसू CPL मिलने पर अकादमी में समायरा को तीन स्ट्राइप्स के साथ सम्मानित किया गया.समायरा ने बताया कि यह देखकर उनकी मां और दादी की आंखों में आंसू आ गए. दादी को मेरे स्कूल के रिजल्ट से थोड़ा मलाल था,लेकिन लाइसेंस मिलने पर वो बहुत खुश थीं.समायरा ने बताया कि उनकी स्कूल में चीफ गेस्ट बनकर जाना भी उनके लिए गर्व का पल था.उनके प्रिंसिपल कहते थे कि कुछ ऐसा करो कि स्कूल में चीफ गेस्ट बनकर लौटो.वह सपना सच हुआ.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login