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तनिष्क एंटरप्राइजेज के मुंशी से 8.75 लाख रुपए की लूट, आरोपी गिरफ्तार, लूटी गई पूरी रकम बरामद

रायपुर  गुढियारी थाना क्षेत्र के नया तालाब इलाके में बीती रात लूट की वारदात हुई. तेलघानी नाका स्थित तनिष्क एंटरप्राइजेज में मुंशी से बदमाश 8 लाख 75 हजार 800 की नगदी लूटकर फरार हो गए. मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई पूरी रकम के साथ स्कूटी और हथियार बरामद किया है. प्रार्थी सूरज साहू ने पुलिस को बताया कि वह उक्त रकम अपने इलेक्ट्रिक स्कूटी की डिक्की में रखकर कार्यालय से सेठ के घर (नया तालाब, गुढियारी) जा रहा था. इसी दौरान नया तालाब के पास स्कार्फ से मुंह ढंके हुए दो अज्ञात युवकों ने उसे ओवरटेक कर स्कूटी रोक ली. बदमाशों ने चाकू दिखाकर उसे धक्का देकर गिरा दिया और स्कूटी सहित डिक्की में रखे पूरे रुपये लेकर फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही गुढियारी थाना और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई शुरू की. त्वरित जांच व सटीक सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पूरी नगदी, स्कूटी और हथियार बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उनके पीछे किसी संगठित गिरोह के हाथ होने की पतासाजी कर रही है.

दोनों देशों की खुफिया एजेंसी यानी ISI और RAW के अधिकारियों के बीच बातचीत होने का भी दिया सुझाव

नई दिल्ली  ऑपरेशन सिंदूर में झटका झेलने के बाद पाकिस्तान अब भारत से बात करना चाहता है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बाद अब पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने भी ऐसी ही इच्छा जताई है। उन्होंने दोनों देशों की खुफिया एजेंसी यानी ISI और RAW के अधिकारियों के बीच बातचीत होने का भी सुझाव दिया है। खास बात है कि भारत की तरह ही पाकिस्तान ने भी अपना प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा है। यूएन ब्रीफिंग में शामिल हुए भुट्टो ने भारत के साथ सुलह की बात कही है। भुट्टो ने कहा, ‘पाकिस्तान अब भी आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत का सहयोग करना चाहता है। हम अरबों लोगों को भविष्य को नॉन स्टेट एक्टर्स और आतंकवादियों के हाथों में नहीं छोड़ सकते।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरी तरह भरोसा है कि अगर ISI और RAW एक साथ बैठने और इन बलों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार होते हैं, तो हमें भारत और पाकिस्तान दोनों ही जगह आतंकवाद में कमी देखने को मिलेगी।’ माना जा रहा है कि भुट्टो का यह नरम रुख संकेत दे रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान किस हद तक प्रभावित हुआ है और शांति चाहता है। शहबाज शरीफ भी जता चुके बातचीत की इच्छा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अजरबैजान के लाचिन में पाकिस्तान-तुर्किए-अजरबैजान त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन भारत के साथ बातचीत करने की अपनी इच्छा दोहराते हुए कहा कि दोनों पक्षों को साथ बैठकर कश्मीर, पानी और आतंकवाद सहित सभी मुद्दों का समाधान करना चाहिए। भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत पर जोर देने का शहबाज का यह उस सप्ताह दूसरा बयान था। शरीफ ने तेहरान में सोमवार को कहा था कि वह ‘सभी विवादों को हल करने के लिए’ भारत के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान का कितना हुआ नुकसान एएनआई के अुसार, विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय वायुसेना ने 6 PAF लड़ाकू विमान, 2 हाई वैल्यू एयरक्राफ्ट, 10 यूसीएवी, 1 सी-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और कई क्रूज मिसाइलें तबाह की हैं।  

जब किसी एक टीम ने एक ही सीजन में ऑरेंज व पर्पल कैप जीती हो, तब टीम को नहीं मिली जीत, इतिहास है साक्षी

नई दिल्ली IPL में ऑरेंज कैप उस बल्लेबाज को दी जाती है जो सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाता है, वहीं पर्पल कैप उस गेंदबाज के सिर सजती है जो सबसे ज्यादा विकेट लेता है। सीजन की शुरुआत से ही टीमों की नजरें आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी के साथ-साथ इस कैप को भी जीतने की होती है। हर टीम चाहती है कि उसका खिलाड़ी ऑरेंज-पर्पल कैप की रेस में बना रहे ताकि टीम आगे की ओर बढ़ सके। मगर क्या आप जानते हैं कि एक टीम का एक ही सीजन में ऑरेंज कैप व पर्पल कैप जीतना बदकिस्मती को न्यौता देने जैसा रहा है?   जी हां, आईपीएल के इतिहास में ऐसा पांच बार हो चुका है जब किसी एक टीम ने एक ही सीजन में ऑरेंज व पर्पल कैप जीती हो, मगर इन पांचों ही बार कोई भी टीम चैंपियन नहीं बनी है। मौजूदा घटना गुजरात टाइटंस के साथ हुई। IPL 2025 में सर्वाधिक 759 रनों के साथ सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन के सिर ऑरेंज कैप सजी, वहीं पर्पल कैप पर प्रसिद्ध कृष्णा ने 25 विकेट के साथ कब्जा जमाया। IPL 2025 में सर्वाधिक रन और सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी गुजरात टाइटंस की टीम से थे, मगर फिर भी टीम ट्रॉफी नहीं जीत पाई। बता दें, गुजरात टाइटंस IPL 2025 प्लेऑफ में पहुंचने में कामयाब रही थी। एलिमिनेटर मुकाबले में उन्हें मुंबई इंडियंस के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, जिससे उनका सफर समाप्त हो गया था। एक ही सीजन में ऑरेंज कैप और पर्पल कैप दोनों जीतने वाली टीमें 2013 – CSK (हसी, ब्रावो) 2017 – SRH (वार्नर, भुवी) 2022 – RR (बटलर, चहल) 2023 – GT (गिल, शमी) 2025 – GT (सुदर्शन, प्रसिद्ध)* गुजरात टाइटंस के साथ यह घटना दूसरी बार हुई है। आईपीएल 2023 में जब शुभमन गिल और मोहम्मद शमी ने क्रमश: ऑरेंज व पर्पल कैप जीती थी तब भी टीम ट्रॉफी नहीं उठा पाई थी। फाइनल में गुजरात को उस समय चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

रूस से जंग के बीच यूक्रेन को इतनी बड़ी मदद करके ब्रिटेन ने साफ कर दिया है कि उसका रुख क्या है

लंदन रूस से बीते ढाई सालों से जंग लड़ रहे यूक्रेन की ताकत में अब इजाफा होता दिख रहा है। बीते सप्ताह ही यूक्रेन ने रूस की सीमा में 5000 किलोमीटर अंदर तक घुसकर मार की थी। यूक्रेन ने ड्रोन को अप्रैल 2026 तक 1 लाख ड्रोन देने का ऐलान किया है। रूस से जंग के बीच यूक्रेन को इतनी बड़ी मदद करके ब्रिटेन ने साफ कर दिया है कि उसका रुख क्या है। ब्रिटेन का कहना है कि ड्रोन्स ने जंग का रुख ही बदल दिया है और इनके जरिए यूक्रेन को बड़ी मदद मिल सकती है। इसलिए हमने ड्रोन्स की सप्लाई में 10 गुना तक इजाफा करने का फैसला लिया है। ब्रिटेन की इस मदद से पहले जर्मनी ऐलान किया था कि वह बड़ी संख्या में यूक्रेन को लॉन्ग रेंज की मिसाइलें देगा। ब्रिटेन उन पश्चिमी देशों में शामिल है, जिसने यूक्रेन को खुलकर मदद की है। अब तक की जंग में तोप, बंदूकों और गोलाबारी की जंग में यूक्रेन को पराजय ही मिली है, लेकिन ड्रोन वारफेयर की मदद से उसने रूस को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। यहां तक कि यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद से यह चर्चा भी होने लगी है कि क्या भविष्य का वारफेयर ड्रोन से होगा। ऐसे में ब्रिटेन की मदद ने साफ कर दिया है कि वह यूक्रेन को खुलकर मदद देना जारी रखेगा। ऐतिहासिक रूप से ब्रिटेन का रुख रूस के विपरीत ही रहा है। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि हम 4.5 अरब पाउंड की सैन्य सहायता यूक्रेन को देने वाले हैं। इसी के तहत हमने यह पैकेज जारी किया है और इसमें मुख्य मदद ड्रोन्स को लेकर होगी। ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हेली इसका ऐलान करेंगे। ब्रिटेन का कहना है कि इस साल के अंत तक ही हजारों ड्रोन्स की सप्लाई यूक्रेन को हो जाएगी। इसके बाद अप्रैल तक एक लाख ड्रोन्स का टारगेट रखा गया है। ड्रोन्स के अलावा बड़े पैमाने पर गोला-बारूद भी देने की तैयारी है। जर्मनी ने किया है यूक्रेन को मिसाइलें देने का ऐलान वहीं जर्मनी का कहना है कि वह यूक्रेन को 5 अरब पाउंड की मदद करेगा ताकि वह लॉन्ग रेंज की मिसाइलें बना सके। जर्मनी ने साफ कहा कि रूस से मुकाबले में यूक्रेन को लॉन्ग रेंज मिसाइलों की जरूरत है और हम उसके लिए फंडिंग करेंगे। जर्मनी की ओर से दी जाने वाली मदद को साफ तौर पर सैन्य मदद कहा गया है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने पहले ही इस बारे में यूक्रेन से वादा किया था। जर्मनी के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हमारी यह मदद एक युद्ध ग्रस्त देश के लिए है, जिसे बड़े पैमाने पर हथियारों की जरूरत है। इस मदद से उसे उत्पादन बढ़ाने में सफलता मिलेगी।  

फिर बढ़ने लगा कोरोना का प्रकोप, एक्टिव मामले 7000 से, 24 घंटे में कोरोना के कितने केस बढ़े

नई दिल्ली कोरोना वायरस का खतरा एक बार फिर देश के कई हिस्सों में मंडराने लगा है. देशभर में कोविड-19 संक्रमण के कुल एक्टिव केस 4302 पर पहुंच गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना के 276 नए मरीज मिले हैं. वहीं इस दौरान कोविड-19 से संक्रमित 7 लोगों की जान चली गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में दिल्ली और गुजरात में कोविड-19 के 64-64 नए मामले सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में 63 और पश्चिम बंगाल में 60 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. अगर अब तक सामने आए कुल मामलों की बात करें तो केरल इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां अब तक 1,373 लोग संक्रमित पाए गए हैं. इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है, जहां 510 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. वहीं दिल्ली में 457 और उत्तर प्रदेश में 201 संक्रमितों की जानकारी सामने आई है. देशभर में कोविड-19 से अब तक कुल 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से सात मौतें बीते 24 घंटे में दर्ज की गई हैं. महाराष्ट्र में मंगलवार को संक्रमण से दो और मौतें दर्ज की गईं, जिससे राज्य में इस साल यानी जनवरी 2025 से अब तक मौतों का कुल आंकड़ा 14 पहुंच गया है. हालिया मौतें चंद्रपुर और मिराज में दर्ज की गईं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में से एक व्यक्ति को क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और दिल की धड़कनों की अनियमितता जैसी पुरानी बीमारियां थीं. अब तक दर्ज 14 मौतों में से अधिकतर मरीज सह-रुग्णता से जूझ रहे थे. हालांकि राहत की बात यह है कि अधिकांश सक्रिय मामलों में संक्रमण की गंभीरता हल्की ही पाई गई है. राज्य में इस साल अब तक कुल 12,880 कोविड टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से 959 सैंपल पॉजिटिव पाए गए. इनमें से 435 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं, जबकि 3 जून तक महाराष्ट्र में 510 केस अब भी सक्रिय हैं. सिर्फ मंगलवार को ही राज्य भर में कोविड-19 के 86 नए मामले दर्ज किए गए. स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है. बीते एक दिन में पश्चिम बंगाल में 60 नए मामले मिले हैं। इसके अलावा यूपी में 63 और दिल्ली 64 केस मिले हैं। इससे पहले 65 नए केस मिले थे और कुल आंकड़ा 4,026 हो गया था। दिल्ली में सोमवार को 47 नए केस मिले थे और केरल में 35 केस पाए थे। इसके चलते हेल्थ अथॉरिटीज अलर्ट पर हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि कोरोना के ऐक्टिव केसों में इजाफा तो हो रहा है, लेकिन मामले इतने गंभीर नहीं हैं कि अस्पताल में एडमिट करना पड़े। इस बीच पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में कोरोना का पहला ऐक्टिव केस मंगलवार को मिला। यह मामला हमीरपुर के नाहन में मिला है। इसके अलावा गुजरात में 108 नए कोरोना केस मिले हैं। इनमें से एक की मौत भी हो गई है। फिलहाल देश के सभी राज्यों में हेल्थ अथॉरिटीज अलर्ट पर हैं। चिंता की बात यह भी है कि भारत के अलावा भी सिंगापुर जैसे कई देशों में कोरोना के केसों में इजाफा हुआ है। ऐसे में संक्रमण की वापसी का डर भी है, लेकिन अब तक कोरोना की इस नई लहर में मृत्यु की दर काफी कम है।  

कलेक्टरों की मौजूदगी में हुई शिक्षकों की काउंसिलिंग

16 जिलों में युक्ति युक्त करण के लिए शिक्षकों की काउंसिलिंग पूरी 45 सौ से अधिक अतिशेष शिक्षकों को मिली नवीन पदस्थापना कलेक्टरों की मौजूदगी में हुई  शिक्षकों की काउंसिलिंग शेष जिलों में पारदर्शी तरीक़े से काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी रायपुर, राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार राज्य के 16 जिलों के अतिशेष 4456 सहायक शिक्षकों, प्रधान पाठकों और व्याख़्याताओं की काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अब तक 4456 से अधिक शिक्षकों को नवीन पदस्थापना जारी कर दी गयी है। कोरबा, सुकमा, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर, सक्ति, जशपुर, कोरबा, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, दुर्ग, राजनादगांव, बालोद, बीजापुर और सूरजपुर में काउंसिलिंग पूरी हो चुकी है। अतिशेष शिक्षकों का वरिष्ठता के आधार पर काउंसलिंग की गई। शेष जिलों में काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में शिक्षकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया।      राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।      दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि  बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी।  शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।

एम.एस. बिट्टा ने जोधपुर में देश की सुरक्षा-आतंकवाद और खालिस्तान मुद्दे पर जाहिर की अपनी चिंता

जोधपुर ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष एम.एस. बिट्टा आज जोधपुर दौरे पर पहुंचे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने देश की सुरक्षा, आतंकवाद, सोशल मीडिया की भूमिका और खालिस्तान जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी चिंता जाहिर की। एम.एस. बिट्टा ने कहा कि भारत हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहा है और अब समय आ गया है कि हम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, मजबूत और अमर भारत दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें ऐसा भारत बनाना है कि दुश्मन सोच भी न सके। इसके लिए हमें इजराइल जैसी मजबूती अपनानी होगी। सोशल मीडिया पर उठाए सवाल बिट्टा ने सोशल मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब लक्ष्मण रेखा पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज ऐसे कई मंच हैं जो उन लोगों को आवाज दे रहे हैं जिन्होंने कभी आतंकवाद को बढ़ावा दिया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार ज्योति मल्होत्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि सिर्फ वही नहीं, पंजाब में कई ऐसे ‘ज्योति’ हैं जो देशविरोधी विचार फैला रहे हैं। पाकिस्तान और आतंकवाद पर दो टूक पाकिस्तान की नापाक हरकतों को लेकर बिट्टा ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूरा विश्व भारत के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत ने अब तक जितनी भी लड़ाइयां लड़ी हैं, वो अपने बलबूते पर लड़ी हैं। हम किसी पर निर्भर नहीं रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि हमने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब दिया है। खालिस्तान पर सख्त रुख खालिस्तान समर्थकों पर हमला बोलते हुए बिट्टा ने कहा कि सिख समुदाय को खुलकर यह कहना चाहिए कि वे खालिस्तान के खिलाफ हैं। उन्होंने गुरपतवंत सिंह पन्नू को ISI का एजेंट बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को जवाब देना जरूरी है, और चुप रहना भी अपने आप में एक अपराध है। उन्होंने कहा कि मैं पहले भारतीय हूं, फिर सिख। जब भारत माँ पर संकट आता है, तो यह लड़ाई किसी एक राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश की होती है। बिट्टा ने कहा कि एस-400 जैसे आधुनिक हथियारों से भारत की रक्षा क्षमता में काफी इजाफा हुआ है, लेकिन अगर देश की सीमाओं पर खतरा है, तो कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता।  

बस सेवा हुई चालू , ग्रामीणों में दिखा उत्साह, मुख्यमंत्री का जताया आभार

 रायपुर,  छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की नई रफ्तार देखने को मिल रही है। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत नारायणपुर जिले के अंदरूनी इलाकों में 14 नवीन पुलिस कैंपों की स्थापना के बाद वहां सड़क, पुल-पुलियों एवं मोबाइल कनेक्टिविटी का तेज़ी से विस्तार हो रहा है।     इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा 13 मई 2025 को पहली बार ग्राम कुतुल तक नारायणपुर से सीधी बस सेवा प्रारंभ की गई। यह बस सेवा जिला मुख्यालय से लगभग 49 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुतुल के साथ-साथ कुरूषनार, बासिंग, कुंदला, कोहकामेटा, ईरकभट्टी, कच्चापाल और कोडलियर जैसे दूरस्थ गांवों को भी जोड़ रही है। बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह का माहौल है।     पहले इन गांवों के लोग पगडंडियों के सहारे आवागमन करते थे। बारिश के मौसम में नदियों और नालों के उफान पर होने से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना अत्यंत कठिन होता था। कई बार ग्रामीणों को बीमार व्यक्ति को कंधे पर उठाकर अस्पताल तक लाना पड़ता था। अब बस सेवा शुरू होने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति और प्रशासनिक कार्यों के लिए नारायणपुर तक समय पर पहुंचने की सुविधा भी मिल रही है।     इसी तरह नारायणपुर से मसपुर तक भी 14 गांवों के लिए बस सेवा शुरू की गई है, जिससे इन इलाकों के लोगों को जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क मिला है। योजना के तहत 4जी मोबाइल टॉवर भी लगाए गए हैं, जिनसे ग्राम कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहन्दी, होरादी, गारपा और कच्चापाल के लोग अब मोबाइल नेटवर्क से जुड़ पा रहे हैं। इससे न केवल संचार व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि शैक्षणिक, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं की पहुँच भी बेहतर हुई है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों के बाद अब उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। नियद नेल्लानार योजना ने उनके जीवन में नया प्रकाश फैलाया है।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा, भारत ने नष्ट किए पाक के 6 फाइटर जेट

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पाकिस्तान के नुकसान की खबरें सामने आने लगी हैं. भारतीय वायुसेना ने शौर्य का परिचय देते हुए पाक को ‘छठी का दूध’ याद करा दिया. सीडीएस ने बताया, भारत की जवाबी कार्रवाई से 8 घंटे में ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए थे और सीजफायर के लिए भारत के आगे नाक रगड़ने लगा था. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय वायू सेना ने जवाबी हमले में पाकिस्तान के कई फाइटर जेट और मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा पलटवार किया। इसकी कल्पना शायद पाकिस्तान ने भी नहीं की होगी। इन जवाबी हमलों में पाकिस्तान को होने वाले नुकसान की जानकारी धीरे-धीरे सामने आ रही है। पहले खबर सामने आई कि भारतीय हमले में 6 पाकिस्तानी लड़ाकू विमान तबाह हो गए। वहीं, अब यह आंकड़ा 9 पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद किए गए मूल्यांकन से पता चला है कि पाकिस्तान के हवाई और जमीनी सैन्य ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचा है। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी वायुसेना (पीएएफ) के छह लड़ाकू विमान को गिरे हैं। इसके अलावा दो हाई वैल्यू निगरानी विमान और सी-130 हरक्यूलिस परिवहन विमान को भी मार गिराया गया। वहीं, दस से अधिक सशस्त्र ड्रोन को भी तबाह कर दिया गया। इससे पहले खबर आई थी कि भारतीय हमले में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) और पाकिस्तानी पंजाब में हवाई संघर्ष के दौरान छह पाकिस्तानी फाइटर जेट मार गिराए गए थे। इन विमानों को भारतीय ग्राउंड-बेस्ड मिसाइल सिस्टम और हवाई चेतावनी रडारों ने ट्रैक कर ध्वस्त किया था। अब जो नई जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक, एक इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर (ECM) एयरक्राफ्ट को भारत की लंबी दूरी की स्ट्राइक प्रणाली सुदर्शन से 300 किमी की दूरी पर मार गिराया गया। दूसरा विमान स्वीडिश मूल का था और पाकिस्तान के भोलेरी एयरबेस पर तैनात था। एक क्रूज मिसाइल हमले में नष्ट हुआ। सैटेलाइट तस्वीरों में विमान हैंगर पूरी तरह तबाह दिखा। वहीं, मलतान के पास स्थित एक केंद्र पर ड्रोन स्ट्राइक में PAF का C-130 लॉजिस्टिक्स विमान नष्ट हुआ। भारत के राफेल और सुखोई-30 विमानों द्वारा किए गए एक हमले में विंग लूंग सीरीज के कम से कम दस ड्रोन एक हैंगर सहित नष्ट हुए। भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भारतीय सीमा में दाखिल कई पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया। भारत ने कितनी गहराई तक हमला किया? लीक हुई पाकिस्तानी सैन्य रिपोर्ट “ऑपरेशन बुन्यान उन मर्सूस” से सामने आया है कि भारत ने 7 अतिरिक्त स्थानों पेशावर, झंग, हैदराबाद (सिंध), गुजरात (पंजाब), बहावलनगर, अटक और छोर पर भी हमले किए। भारत की तरफ से यह जानकारी नहीं दी गई थी। ये सभी स्थान भी सैन्य ठिकाने थे। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए नौ अहम स्थानों पर हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा का कैंप शामिल थे। PoJK के मुजफ्फराबाद, कोटली, रावलकोट, भिंबर और चकवाल में भी हमले हुए। मैक्सार टेक्नोलॉजी की सैटेलाइट तस्वीरों ने इन ठिकानों को पहुंचे गंभीर नुकसान की पुष्टि की है।

सुप्रीम कोर्ट ने भिंड के दो पत्रकारों की याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा

भिंड सुप्रीम कोर्ट ने भिंड के दो पत्रकारों की याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है. इन पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि रेत माफिया पर रिपोर्टिंग करने के कारण पुलिस थाने में उनके साथ मारपीट की गई. जस्टिस संजय करोल और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने पत्रकार शशिकांत गोयल और अमरकांत सिंह चौहान की याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा. याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि याचिकाकर्ताओं को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया जाए. इस पर अदालत ने कहा, “दूसरे पक्ष को जवाब देने का अवसर दिया जाए. राज्य को भी तथ्य प्रस्तुत करने दें.” कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया है. अब 9 जून को मामले में सुनवाई होगी. बीती 28 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने अमरकांत सिंह चौहान को सुरक्षा प्रदान की थी. पत्रकार चौहान ने दावा किया था कि भिंड के पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय में उनकी पिटाई की गई और अब उनकी जान को खतरा है. हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को मध्य प्रदेश निवासी और एक समाचार चैनल के भिंड ब्यूरो प्रमुख अमरकांत सिंह चौहान को दो महीने के लिए सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था. बता दें कि पिछले महीने भिंड जिले के तीन पत्रकारों ने आरोप लगाया था कि बीती 1 मई को पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में उनके साथ मारपीट या दुर्व्यवहार किया गया. हालांकि, एसपी असित यादव ने इन आरोपों का खंडन किया है. यूट्यूब चैनल संचालक प्रीतम सिंह राजावत, न्यूज पोर्टल संचालक शशिकांत गोयल और न्यूज चैनल के लिए कार्यरत अमरकांत सिंह चौहान ने जिला कलेक्टर को दी गई शिकायत में कहा कि 1 मई को उनके साथ मारपीट की गई. दलित पत्रकार को जातिसूचक गालियाँ, चप्पलों से पीटा पीड़ित पत्रकार शशिकांत गोयल ने बताया कि उन्हें 1 मई को एसपी डॉ. असित यादव के कार्यालय बुलाया गया था। वहां पहुंचते ही एसआई गिरीश शर्मा और सत्यबीर सिंह ने उनका नाम पूछा। जब उन्होंने अपना नाम “शशिकांत गोयल जाटव” बताया, तो दोनों पुलिसकर्मियों ने गाल पर चप्पलों से मारना शुरू कर दिया। “मैंने पूछा कि क्यों मार रहे हो, मेरी गलती क्या है? तो जवाब मिला – तू बहुत लिखने लगा है पुलिस के खिलाफ।” — शशिकांत ने कहा शशिकांत ने बताया कि उन्हें जबरन “जी सर” कहने को कहा गया। जब उन्होंने सवाल किया कि “सर जी” और “जी सर” में क्या फर्क है, तो उन्हें फिर पीटा गया और जातिसूचक गालियाँ दी गईं। पूरी घटना एसपी असित यादव की मौजूदगी में हुई। आठ पत्रकारों को बनाया गया निशाना मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, करीब आठ पत्रकारों को पुलिसकर्मियों ने एसपी ऑफिस में बुलाकर पीटा था। इन सभी का ‘अपराध’ सिर्फ इतना था कि वे जिले में सक्रिय रेत माफिया और पुलिस की मिलीभगत पर लगातार रिपोर्टिंग कर रहे थे। दूसरे पीड़ित पत्रकार अमरकांत चौहान ने भी पुलिसकर्मियों की बर्बरता की पुष्टि की है। दोनों पत्रकारों ने कहा कि अब वे अपनी जान बचाने के लिए दिल्ली भागकर सुप्रीम कोर्ट पहुँचे हैं। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने की निंदा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि पीड़ित पत्रकार बेहद सीमित संसाधनों में काम कर रहे हैं और अब उन्हें न्याय की आस सिर्फ सुप्रीम कोर्ट से है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा– “क्या हमें देशभर के अग्रिम जमानत के मामलों पर सिर्फ इसलिए विचार करना चाहिए क्योंकि इसमें एक पत्रकार शामिल है?” वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि यह मामला एक आम अग्रिम जमानत याचिका से कहीं ज्यादा गंभीर है। इसमें राज्य की मशीनरी द्वारा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने की कोशिश की जा रही है।  

अंधी रफ्तार कार से गुटखा थूकना पड़ा भारी, 100 की स्पीड से पलटी कार; 1 की मौत, 3 घायल

 बिलासपुर   छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक बेहद लापरवाही का मामला सामने आया है। बिलासपुर में गुरुनानक ढाबा के पास कार चला रहे व्यवसायी ने चलती कार का दरवाजा खोलकर गुटखा थूका। इसी दौरान 100 की स्पीड से दौड़ रही इनोवा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर करीब छह बार पलटी। हादसे में कार सवार व्यवसायी और ड्राइवर सड़क पर जा गिरे। हादसे में एक व्यवसायी की मौत हो गई। वहीं, दो गंभीर रूप से घायल हैं। कार पलटने से बाहर गिरा युवक बताया जा रहा है जैसी कार पलटी तभी उसमें पीछा बैठा युवा कारोबारी बाहर गिर गया, जिसके बाद मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कौन थे ये तीन लोग, कहां जा रहे थे? आकाश गाड़ी चला रहा था, पंकज आगे की यात्री सीट पर बैठा था, और जैकी पीछे की सीट पर था टक्कर की ताकत से तीनों लोग गाड़ी से बाहर गिर गए और गाड़ी हाईवे पर घिसटती चली गई। जैकी को जोरदार झटका लगा और वह डिवाइडर के पास एक धातु की संरचना से टकरा गया, जिससे उसकी छाती, सिर और कंधों पर घातक चोटें आईं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आकाश और पंकज भी बाहर निकल गए और ज़मीन पर गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बेकाबू इनोवा ने एक खड़ी कमर्शियल गाड़ी को टक्कर मारी, चार से पाँच बार और पलटी और आखिर में एक खड़ी अर्टिगा से जा टकराई, जिससे उसका ड्राइवर घायल हो गया, जिसे इग्निशन चालू करने और खतरे से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। गुटखा थूकने के लिए ड्राइवर ने खोल दिया गेट पुलिस ने बताया कि जैकी गेही रविवार को देर रात एक पार्टी में गए थे और उन्होंने अपने दोस्त आकाश चंदानी को रात करीब 1.30 बजे उन्हें लेने के लिए बुलाया था। आकाश, पंकज छाबड़ा के साथ इनोवा में आया। आकाश गाड़ी चला रहा था, पंकज आगे यात्री सीट पर बैठा था, और जैकी पीछे था। बिलासपुर-रायपुर राजमार्ग पर आकाश ने अचानक गुटखा थूकने के लिए दरवाजा खोल दिया। जैकी के ज्यादा आई चोट उसने तुरंत वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिससे वह डिवाइडर से टकराकर कई बार पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों लोग गाड़ी से बाहर गिर गए। जैकी बुरी तरह से उछलकर डिवाइडर के पास एक मेटल के ढांचे से टकरा गए, जिससे उनके सीने, सिर और कंधों पर गंभीर चोटें आईं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आकाश और पंकज भी बाहर गिरकर जमीन पर जा गिरे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। अन्य वाहनों से भी टकराई कार बेकाबू इनोवा एक खड़ी व्यावसायिक गाड़ी से टकरा गई, चार से पांच बार और पलटी, और अंत में एक खड़ी अर्टिगा से टकरा गई, जिससे उसके ड्राइवर को चोट लग गई, जिसे गाड़ी चालू करने और खतरे से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आपातकालीन सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने इलाके को सील कर दिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बाद में सड़क से मलबा हटाया गया। यह भयानक दुर्घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। फुटेज में गाड़ी सड़क पर पलटती हुई दिखाई दे रही है और उसमें सवार एक यात्री बाहर निकलकर खंभे से टकराता हुआ दिखाई दे रहा है। राहगीरों द्वारा अधिकारियों को सूचित किए जाने पर आपातकालीन सेवाएँ तुरंत मौके पर पहुँच गईं। पुलिस ने इलाके को सील कर दिया और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में सड़क से मलबा हटा दिया गया। पुलिस ने बताया कि मृतक, 31 साल का जैकी गेही बिलासपुर के बाहरी इलाके चकरभाठा का कपड़ा व्यापारी था। रायपुर से 100 किलोमीटर दूर रविवार को देर रात पार्टी में गया था और अपने एक दोस्त आकाश चंदानी को करीब 1.30 बजे उसे लेने के लिए बुलाया था। आकाश एक अन्य दोस्त पंकज छाबड़ा के साथ इनोवा में पहुंचा। आकाश गाड़ी चला रहा था, पंकज आगे की यात्री सीट पर बैठा था और जैकी पीछे की सीट पर था। बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर, आकाश ने गुटखा थूकने के लिए गाड़ी चलाते हुए अचानक दरवाजा खोला। उसने तुरंत वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जो डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच इस हादसे में जैकी गेही की मौत हो गई। उनके साथियों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।  

पूर्वोत्तर में बाढ़ से हालात नाजुक : अब तक 48 मौतें, सात लाख लोग प्रभावित; असम के 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट

गुवाहाटी असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों का बाढ़ से बुरा हाल है. अब तक हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. जन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है. लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि करें तो क्या करें. असम में बाढ़ (Assam Flood) की स्थिति मंगलवार को और ज्यादा बिगड़ गई. बाढ़ की वजह से वहां छह और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस साल बाढ़ और भूस्खलन (Northeast Landslide) में मरने वालों का आंकड़ा 17 पहुंच गया. वहीं सिक्किम समेत क्षेत्र के सात राज्यों में मरने वालों का आंकड़ा करीब  48 हो गया है. बाढ़ के हालात से निपटने के लिए मदद का आश्वासन पीएम नरेंद्र मोदी असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और लगातार दिशा-निर्देश दे रहे हैं. पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को असम और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों के साथ ही मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से बातचीत की. उन्होंने बाढ़ के खतरे से निपटने के साथ ही राहत और पुनर्वास कोशिशों में केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. बाढ़ और भूस्खलन से 7 राज्यों में 48 मौतें  पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकारियों का कहना है कि 29 मई से हो रही बारिश और बाढ़ के दौरान हुई 48 मौतों में से करीब 17 लोगों की जान अकेले असम में गई है. वहीं अरुणाचल प्रदेश में 12, मेघालय में 6, मिजोरम में 5, सिक्किम में 4, त्रिपुरा में 2 और नागालैंड और मणिपुर में एक-एक मौत हुई है. असम में बाढ़ से 6.33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 जिलों में आई बाढ़ और बारिश की वजह से 6.33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 21 जिलों के 1506 गांवों में 14,739 हेक्टेयर से ज्यादा फसल भूमि भी प्रभावित हुई है. असम में कई जगहों पर ब्रह्मपुत्र और छह अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से लगभग आठ दिन पहले आने के बाद ठिठक गया है। अब इसके 11 जून से फिर गति पकड़ने की उम्मीद है। इस बीच, जहां तक मानसून पहुंचा है वहां भारी बारिश हो रही है। इनमें दक्षिण भारत के केरल और आंध्र प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्य शामिल हैं। पूर्वोत्तर में खासतौर पर ज्यादा नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इससे स्थिति के और खराब होने की आशंका है।   सिक्किम में 1,700 लोग निकाले गए सिक्किम में भूस्खलन के बाद फंसे 34 लोगों को दो एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाल कर पास के पाकयोंग हवाई अड्डे पर पहुंचाया गया है। राज्य में राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे अब तक 1,700 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।   सैनिकों-सैलानियों की तलाश जारी सिक्किम के लाचेन शहर के छतेन में सैन्य शिविर पर भूस्खलन के बाद लापता छह सैनिकों की तलाश तेज कर दी गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 23 सदस्यीय टीम को भी तलाशी अभियान में लगाया गया है। वहीं, उफनती तीस्ता नदी में वाहन के साथ बहे आठ लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। 29 मई की रात वाहन एक हजार फीट नीचे नदी में गिर गया था। इसमें 11 लोग सवार थे, जिनमें से दो लोगों को सुरक्षित निकाल गया था, जबकि एक की मौत हो गई थी, शेष लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। वहीं, मेघालय में एनडीआरएफ के जवान इंदौर की एक लापता पर्यटन की तलाश में जुटे हैं। महिला के पति का शव एक दिन पहले पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक खड्ड में मिला था, जिसकी पहचान राजा रघुवंशी (29) के रूप में हुई थी। राजा और उनकी पत्नी सोनम 23 मई से ही लापता थे। एनडीआरएफ की 17 सदस्यीय टीम सोनम की तलाश में जुटी है। मिजोरम : 10 दिन में 5 मौतें बारिश और बाढ़ से मिजोरम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते 10 दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन की 552 घटनाएं हुई हैं और 152 घरों को नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं में 5 लोगों की जान चली गई है। भूस्खलन या दरारों के कारण 198 परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और बाढ़ के कारण 92 अन्य ने अपने घर खाली कर दिए हैं। बाढ़ से राज्य के 11 जिले प्रभावित हुए हैं। बारिश के चलते 10 जिलों में मंगलवार को पांचवें दिन भी स्कूल बंद रहे।     मणिपुर में बाढ़ से 10,477 घर क्षतिग्रस्त मणिपुर में बाढ़ की वजह से 56,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 10,477 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. नदियों का उफान पर होने की वजह से राजधानी इंफाल के कई इलाके और इंफाल पूर्वी जिले पानी-पानी हो गए हैं. नदियों का पानी इन इलाकों में भर गया है. नगालैंड की बारिश में बह गई NH-2 की सड़क नगालैंड में भारी बारिश की वजह से कोहिमा जिले के फ़ेसामा गांव में NH-2 का 50 मीटर का हिस्सा बह गया. जिसकी वजह से नागालैंड और मणिपुर के बीच आवाजाही के मुख्य रास्ते से कनेक्शन कट गया. हालात इतने खराब हो गए हैं कि मणिपुर जाने वाले 100 से ज्यादा माल लदे ट्रक रविवार से सड़क पर ही फंसे हुए हैं. क्यों कि आगे बढ़ने के लिए रास्ता ही नहीं है. मिजोरम में 600 से ज़्यादा लैंडस्लाइड बतादें कि पिछले 100 दिनों में अकेले मिजोरम में 600 से ज़्यादा लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं. हालांकि त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में बाढ़ की स्थिति में सुधार जरूर देखा गया है. असम में बाढ़ और भूस्खलन से 17 की मौत असम में सात नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसमें हैलाकांडी जिले के मतिजुरी में कटाखाल नदी भी शामिल हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन में कहा गया है कि सोमवार से अब तक छह मौतें हुई हैं, जिनमें हैलाकांडी, श्रीभूमि, मोरीगांव, कछार, … Read more

कैलाश नारायण सारंग की जयंती पर रोशनपुरा चौराहे पर शरबत वितरण

भोपाल अभाकाम के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, ब्रह्मलीन माननीय कैलाश नारायण सारंग जी की जयंती पर रोशनपुरा चौराहे पर शरबत वितरण किया एवं बुजुर्गों का सम्मान कर उन्हें उपहार भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया, जिसमे सहकारिता व खेलकूद व युवा कल्याण मंत्री तथा कार्यकारी अध्यक्ष अभाकाम विश्वास कैलाश सारंग, सुरेश पचौरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री अजय श्रीवास्तव प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव जिला अध्यक्ष महेंद्र श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, श्रीमती अवंतिका श्रीवास्तव, आरती सारंग,  एवं समाज के गण मान्य लोगो ने शरबत वितरण कर आशीर्वाद प्राप्त किया ।

सर्व मांग्लयम समूह’ संस्थापक ने स्कूली बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन

भोपाल सर्व मांग्लयम समूह’  संस्थापक रमाकांत शुक्ला ने  बाणगंगा झुग्गी स्थित प्रियंका मिडिल स्कूल के बच्चों के  साथ मनाया जन्मदिवस को संस्कार दिवस के रूप में मनाते हुए सभी बच्चों को अपने जन्म दिवस पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण और संवर्धन का संकल्प दिलवाया और अच्छी देखभाल के लिए स्वस्थ पौधा प्रतियोगिता में 6 महीने बाद पुरस्कृत करने की योजना बताई। इस अवसर पर बच्चों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण भी किया गया। रमाकांत शुक्ला ने बताया कि  विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून पौधारोपण की शुरुआत करते हुए विभिन्न स्थानों के अधिकत्म स्कूलों मे करने का प्रयास किया जाएगा।  ज्ञात है कि सर्व मांग्लयम समूह के द्वारा लोगों को अपने जन्म दिवस के अवसर पर विभिन्न सामाजिक कार्यों एवं समाज सेवा के लिए प्रेरित किया जाता है कार्यक्रम में स्कूल की संचालक श्रीमती मीना सिंह, समूह के एसोसिएट मेंबर श्री लीलाधर नेमा,जितेंद्र परमार और वरिष्ठ पत्रकार संजीव गुप्ता , स्कूली बच्चे और अभिभावक मौजूद रहे।

आरपीएफ स्टॉफ की रायपुर रेल मंडल में 12 घंटे की लगाई शिफ्ट

रायपुर रायपुर रेल मंडल में आज आरपीएफ स्टॉफ की 12 घंटे की शिफ्ट लगाई गई है. अब पूरा महकमा इस बात से परेशान है कि आज ऐसा क्या हो रहा है जिसके कारण पूरे रेल मंडल में सभी स्टॉफ की 12 घंटे की शिफ्ट लगाई गई है. आरपीएफ सूत्रों ने इसके पीछे की एक खास वजह बताई है. सूत्र बताते है कि आज देशभर के 72 रेलवे स्टेशनों में आरपीएफ एक सघन चेकिंग अभियान चलाएगी. जिसके तहत खाली रैक की जांच की जाएगी. आरपीएफ के सूत्र बताते है कि रेलवे स्टेशन में रैक खड़ी होने के बाद उसे लॉक करने का प्रावधान है और इसके लिए रेलवे टेंडर भी जारी करता है. उच्च पदस्थ सूत्र का कहना है कि जहां ट्रेनों में यात्रियों की अक्सर भारी भीड़ रहती है वहां भी अगले 3 हफ्ते तक सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए है. लेकिन पिछले कुछ दिनों में ऐसी कई वारदातें सामने आई है जिससे ये पता चला है कि खाली रैक लॉक न होने की वजह से विभिन्न प्रकार की घटनाएं हुई है. यही कारण है कि राष्ट्रीय स्तर पर देश के 72 रेलवे स्टेशनों में इस टेंडर और खाली रैक की विस्तृत जांच की जाएगी. कुछ सूत्रों का ये भी कहना है बिलासपुर में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित है. जिसके कारण एसईसीआर के विभिन्न आरपीएफ पोस्टों से स्टॉफ को बिलासपुर बुलाया गया है. यह भी एक कारण बताया जा रहा है कि स्टॉफ की 12 घंटे की शिफ्ट लगाई गई है.

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