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कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामला, आज होगी सुनवाई; 11 लोगों की गई थी जान

बेंगलुरु  चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में भगदड़ ने पूरे देश को हिला दिया है। इस घटना में अब तक 11 लोगों की दुखद मौत हुई है। मामले में सियासत गरमाई गई है। कर्नाटक सरकार सवालों के घेरे में है। आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। इसी बीच घटना पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने खुद ही एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। हाई कोर्ट ने कांग्रेस सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव की बेंच ने इस घटना पर चिंता जताई है। मामले की सुनवाई दोपहर 2.30 बजे होगी। इधर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। वकील ने हाई कोर्ट में क्या कहा कोर्ट में मौजूद सीनियर वकील हेमंत राज और जीआर मोहन ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा में हुई चूक के बारे में भी बताया। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि आरसीबी (RCB) के खिलाड़ियों के सम्मान समारोह को देखने के लिए बहुत भीड़ जमा हो गई थी। लोग विधान सौधा के सामने स्थित हाई कोर्ट की बिल्डिंग पर भी चढ़ गए थे। इस बीच, कर्नाटक पुलिस ने 11 लोगों की मौत के मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का मामला (UDR) दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कब्बन पार्क पुलिस ने 11 UDR मामले दर्ज किए हैं। अभी तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। लोगों में बेंगलुरु पुलिस के खिलाफ नाराजगी पुलिस के इस कदम से लोग नाराज हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर सकती थी। सूत्रों ने बताया कि अभी तक किसी ने भी इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। सूत्रों के अनुसार, UDR मामले वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दर्ज किए गए हैं। डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने गुरुवार को कब्बन पार्क पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, KSCA के पदाधिकारियों और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कृष्णा ने अपनी शिकायत में मांग की है कि पुलिस BNS अधिनियम की धारा 106 के तहत मामला दर्ज करे। शिकायत की एक कॉपी कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की बेंच को भी भेजी गई है। याचिका में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह एक गंभीर मामला है। याचिका डीजी और आईजीपी, और बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त को भी भेजी गई है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह गंभीर चिंता का विषय है और इसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य शक्तिशाली लोगों की भूमिका शामिल है। शिकायत की एक कॉपी मुख्य न्यायाधीश और अन्य को भेजी गई थी। रात भर हुए पोस्टमॉर्टम इस बीच, अधिकारियों ने विक्टोरिया और बोवरिंग अस्पतालों में 11 मृतकों का पोस्टमॉर्टम पूरा कर लिया है। शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। परिवारों को शव जल्दी सौंपने के लिए पोस्टमॉर्टम रात भर किया गया। कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए हैं।

वामपंथी संगठनों ने DEVI में सेंध लगाई बल्कि विश्वविद्यालय के सर्वर और आइपी एड्रेस से अपनी वेबसाइट की संचालित

इंदौर देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के इंटरनेट सर्वर में वामपंथी संगठनों ने न केवल सेंध लगाई बल्कि विश्वविद्यालय के सर्वर और आइपी एड्रेस से अपनी वेबसाइट संचालित करते रहे। जब दिल्ली में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एम्प्लाइज कांफेडरेशन (एआइयूईसी) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संसद पर धरना दिया तो उसकी तस्वीरें भी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सर्वर से ही अपलोड की गईं। विद्यार्थियों के बीच टूटी-फूटी इंटरनेट सेवा और लगातार ठप रहने वाली वेबसाइट के लिए बदनाम इंदौर का विश्वविद्यालय अपने सर्वर से इन संगठनों की वेबसाइट मैनेज करता रहा। खुलासे के बाद विश्वविद्यालय के जिम्मेदार हैरान हैं, अब जांच की बात कही जा रही है। आईटी सेंटर के अंदरूनी राज बाहर आ गए बीते दिनों देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में लंबा कर्मचारी आंदोलन चला। आंदोलन में वामपंथी संगठनों का जुड़ाव सामने आया। सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद विश्वविद्यालय ने कई जगह फेरबदल किया और कर्मचारियों को हटा दिया। इस बीच विश्वविद्यालय के आईटी सेंटर से जुड़े कुछ अधिकारी भी छुट्टी पर चले गए। जिम्मेदारों के छुट्टी पर जाने के बाद अब आईटी सेंटर के अंदरूनी राज भी बाहर आ गए। लंबे समय से डीएवीवी से चल रही साइट कुछ अधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दी कि एआइयूईसी (एटक) की वेबसाइट लंबे से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से चल रही थी। जबकि इस संगठन का मुख्यालय कोलकाता में स्थित है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट और इस संगठन की वेबसाइट का सर्वर भी एक ही रहा। इस संगठन की वेबसाइट को भी विश्वविद्यालय के आईटी सेंटर से अपडेट भी किया जाता रहा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से कुछ तकनीकी जानकारों ने इंटरनेट प्रोटोकाल (आईपी) एड्रेस निकालकर यूनिवर्सिटी अधिकारियों के सामने रख दिया। बताया गया कि यदि इस तरह विश्वविद्यालय का सर्वर किसी एक संगठन के लिए इस्तेमाल हो सकता है तो ऐसे में अन्य संगठन भी दुरुपयोग कर लें तो परेशानी खड़ी हो सकती है। बीते समय महीनों तक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की वेबसाइट डाउन रही थी, इससे पहले किसी विदेशी हैकर के हमले की बात भी सामने आई थी। ऐसे में आशंका है कि सर्वर का दुरुयोग का स्तर कहीं बड़ा हो सकता है। तकनीकी जांच कराएंगे     आमतौर पर यदि किसी कंपनी से सर्वर किराए पर लिया जाता है तो वह एक हो सकता है, लेकिन विश्वविद्यालय का अपना सर्वर है। ऐसे में यह गंभीर बात है कि बाहरी संगठन इसका उपयोग कर रहे थे। यह बात अभी सामने आई है। बीते वर्षों से लेकर अब तक इसकी तकनीकी जांच करवाएंगे। प्रकरण गंभीर है, दोषियों को रियायत नहीं दी जाएगी। – प्रो. राकेश सिंघई, कुलगुरु, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय  

यूका कचरा जलने से रोकने की याचिका पर SC का इनकार, कहा-विशेषज्ञों की निगरानी में जल रहा

 पीथमपुर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने पर रोक लगाने की याचिका पर तत्कालीक सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. चिन्मय मिश्र की ओर से दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसकी निगरानी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और विशेषज्ञों की देखरेख में पहले से ही की जा रही है। पीठ ने इस दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस जहरीले कचरे को हटाने के लिए हम वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन तथाकथित एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रक्रिया को लगातार बाधित करते आ रहे हैं। याचिका में कहा गया था कि मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कचरा जलाने की अनुमति 72 दिनों के लिए दी थी, जिसकी समयसीमा 8 जून 2025 को समाप्त हो रही है। ऐसे में कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि पर्यावरणीय नुकसान को रोका जा सके। याचिकाकर्ता की ओर से अशोक कुमार वासुदेवन ने कहा कि पीथमपुर में जलाने की प्रक्रिया पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप नहीं है और इससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि इन दलीलों को सुनने के बाद कहा कि चूंकि यह मामला तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित पर्यावरण एजेंसियों की निगरानी में चल रहा है, अतः इस स्तर पर कोर्ट की तत्काल दखल की जरूरत नहीं है। 1984 गैस त्रासदी का है यह कचरा बता दें कि 1984 में भोपाल में हुई यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी के बाद बचे रासायनिक कचरे का निपटारा लंबे समय से लंबित है। यह कचरा वर्तमान में भोपाल के आसपास सुरक्षित स्थानों पर संग्रहित है। इस कचरे को नष्ट करने के लिए पीथमपुर स्थित इंसिनरेटर में जलाया जा रहा है।  

जयपुर में बारिश, कई जिलों में जोरदार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

 जयपुर राजधानी जयपुर में आज दिन की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हुई है। देर रात से ही यहां बादल डेरा जमाए हुए थे। सुबह करीब 7 बजे से तेज बारिश होना शुरू हुई। जयपुर मौसम केंद्र ने अलवर, दौसा, झुंझुनू और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुधवार को भी प्रदेश के 6 शहरों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की गई थी। इनमें अजमेर, जयपुर, सीकर, डबोक, चूरू और संगरिया शामिल रहे। बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। खासतौर पर पूर्वी राजस्थान में ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से भी नीचे चला गया है। बीते 24 घंटों में पश्चिमी राजस्थान का बाड़मेर सबसे गर्म शहर रहा, यहां अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते अरब सागर से यहां नमी की आपूर्ति हो रही है। आज राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। आज जयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। लगभग 5 जून तक आंधी और बारिश का दौर चलेगा, इसके बाद मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान की स्थिति इस प्रकार रही। प्रदेश का सर्वाधिक गर्म शहर बाड़मेर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अजमेर में 33.5, अलवर में 33.5, जयपुर में 31.6, पिलानी में 31.2, सीकर 28, कोटा में 35.7, बाड़मेर में 40.9, जैसलमेर में 40.8, जोधपुर में 39.5,  चूरू में 27.8, तथा बीकानेर में 36.5 व  फतेहपुर में 29.7 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

MP में भूकंप से कांपी धरती, घरों से बाहर निकले लोग, महाराष्ट्र का अमरावती रहा केंद्र

खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर के इलाकों में बुधवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की ज्यादा तीव्रता खंडवा में महसूस की गई है। यहां जिला मुख्यालय से 66 किलोमीटर दूर पंधाना तहसील में तीव्रता 3.8 रिक्टर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बुधवार रात करीब 9 बजकर 57 मिनट पर धरती कांपने से सोने की तैयार कर रहे लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। घरों की दीवारों में जोरदार कंपन महसूस हुआ और कई इलाकों में लोग बुरी तरह घबरा गए। रात में आए भूकंप की वजह से खंडवा के किशोर नगर में नरेंद्र कुशवाह के मकान का छज्जा गिर गया। नरेंद्र ने मीडिया को बताया कि वह घर में टीवी देख रहे थे। उनका परिवार भी साथ में था, तभी जमीन में अचानक कंपन हुआ और कुछ जोर से गिरने की आवाज आई। उन्होंने बाहर आकर देखा तो मकान का छज्जा गिरा हुआ था। ग्रामीण क्षेत्रो में भी भूकंप के झटके महसुस हुए हैं। खिराला, कोहदड, दीवाल, पंधाना, आनंदपुर और बोरगांव में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। इधर जिले से लगे बुरहानपुर, खरगोन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए है। हालांकि, यहां भूकंप की तीव्रता कम महसूस की गई है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई है। वहीं, इसका केंद्र महाराष्ट्र का अमरावती रहा था, जो जमीन से 10 किमी अंदर था। मौसम विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता के अनुसार, भूकंप का केंद्र मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बॉर्डर पर था, जो खंडवा जिला मुख्यालय से 66 किलोमीटर दूर है। इस वजह से दोनों राज्यों में झटके महसूस हुए थे।  

रेलवे दलालों पर लगाएगा लगाम, अब घर बैठे बुक कर पाएंगे तत्काल टिकट; रेलवे ने बदले कई नियम

नई दिल्ली भारतीय रेलवे से तत्काल टिकट बुक करना आम यात्रियों के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा है। हर दिन लाखों यात्री IRCTC की वेबसाइट (irctc.co.in) पर कोशिश करते हैं, लेकिन वेबसाइट हैंग होने, धीमी स्पीड और बॉट्स की वजह से कई बार टिकट वेटिंग में ही रह जाती है। ऐसे में यात्रियों को भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। अब इस परेशानी को खत्म करने के लिए रेलवे मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम शुरू करेगा। इसका मकसद फर्जी यात्रियों और दलालों को रोकना और असली यात्रियों को प्राथमिकता देना है। रेल मंत्री ने कहा, “भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन की शुरुआत करेगा। इससे जरूरतमंद और असली यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सकेगा।” क्या बदलेगा नए नियमों से?     सिर्फ आधार वेरिफाइड अकाउंट्स को तत्काल टिकट की इजाज़त मिलेगी।     बुकिंग के पहले 10 मिनट सिर्फ वेरिफाइड यूजर्स को प्राथमिकता मिलेगी।     IRCTC एजेंट्स को भी पहले 10 मिनट में टिकट बुक करने की इजाजत नहीं होगी।     काउंटर से टिकट लेने पर भी आधार सत्यापन अनिवार्य किया जा सकता है। क्यों जरूरी था यह कदम? वर्तमान में IRCTC के 13 करोड़ से ज्यादा यूजर्स में से केवल 1.2 करोड़ ही आधार वेरिफाइड हैं। रेलवे ने तय किया है कि जो अकाउंट आधार से लिंक नहीं होंगे, उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी खाते में संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो उसे बंद कर दिया जाएगा। यह बदलाव आम यात्रियों को तत्काल टिकट के लिए उचित मौका देने की दिशा में अहम है। तत्काल टिकट बुकिंग में दिखा दिलचस्प पैटर्न रेलवे द्वारा 24 मई से 2 जून तक के बुकिंग डाटा के विश्लेषण से कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए: एसी कैटेगरी:     पहले मिनट में औसतन सिर्फ 5,615 टिकट ही बुक हुए।     दूसरे मिनट में 22,827 टिकट बुक हुए।     कुल मिलाकर पहले 10 मिनट में 67,159 एसी टिकट बिके – जो कुल ऑनलाइन बुकिंग का 62.5% है। गैर-एसी कैटेगरी:     पहले ही मिनट में 4% टिकट (4,724) बुक हो गए।     पहले 10 मिनट में लगभग 66.4% टिकट बिके।     8 से 10 घंटे बाद भी लगभग 12% तत्काल टिकट बुक किए गए। यह डाटा साफ दिखाता है कि कैसे पहले कुछ मिनटों में ही अधिकतर टिकट हाथ से निकल जाते हैं – और यही वो समय है जब ऑटोमेटेड टूल्स का दुरुपयोग सबसे ज्यादा होता है। रेलवे अब इस पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और निगरानी तंत्र का उपयोग कर रहा है। अब तक क्या कार्रवाई हुई? रेलवे ने बीते 6 महीनों में 2.4 करोड़ फर्जी या संदिग्ध IRCTC अकाउंट्स को ब्लॉक किया है। यह देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को सही दिशा में ले जाने की एक ऐतिहासिक पहल है। कैसे करेगा काम आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम? यात्री को आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होगा। OTP को IRCTC वेबसाइट पर डालकर वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। वेरिफाइड यूजर्स को तुरंत टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। IRCTC ने बताया कि जो यूजर्स आधार से वेरिफाई नहीं हैं, वे IRCTC पर रजिस्ट्रेशन के 3 दिन बाद ही तत्काल, प्रीमियम तत्काल या ARP टिकट बुक कर सकेंगे। जबकि आधार वेरिफाइड यूजर्स को ऐसी कोई रोक नहीं होगी। रेलवे ने यह भी बताया कि उसने AI तकनीक की मदद से 2.5 करोड़ से ज्यादा फर्जी और संदिग्ध IRCTC यूजर आईडी को पहचान कर निष्क्रिय कर दिया है। IRCTC के मुताबिक, तत्काल टिकट बुकिंग के पहले 5 मिनट में 50% लॉगिन प्रयास बॉट्स से होते हैं, जिससे असली यात्री टिकट नहीं बुक कर पाते। अब रेलवे ने एंटी-बॉट सिस्टम लागू किया है। एक बड़ी कॉन्टेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) सेवा के साथ साझेदारी की है। सर्वर को भी पहले से बेहतर किया है। नई व्यवस्था कब से लागू होगी? रेलवे मंत्रालय ने कहा है कि यह नियम बहुत जल्द लागू किए जाएंगे। फिलहाल तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यात्रियों को इससे पहले कुछ काम करने होंगे। अपना IRCTC अकाउंट आधार से लिंक करें। सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हुआ हो। अगर आप नए यूजर हैं, तो जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराएं ताकि 3 दिन की वेटिंग से बच सकें।

मध्य प्रदेश में मानसून मुहाने पर, 26 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

भोपाल मध्य प्रदेश में लगातार  प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, रतलाम समेत कुल 27 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को भी भोपाल, शाजापुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, राजगढ़, सागर, सतना, धार समेत कई जिलों में बारिश हुई। दमोह में करीब सवा इंच पानी गिरा। मानसून के आने से पहले जून के पहले सप्ताह में प्रदेश में गर्मी का असर रहता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कई शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इन शहरों में पारा 40 डिग्री से नीचे ही है। वहीं, यहां बारिश का दौर चल रहा है। अगले 4 दिन भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। आज इन जिला में बारिश और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। यहां पर आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल में 33 डिग्री रहा पारा बारिश की वजह से बुधवार को कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, नौगांव में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंचा। बाकी शहरों में इससे नीचे रहा। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 32.3 डिग्री, ग्वालियर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 35.4 डिग्री और जबलपुर में 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 29.6 डिग्री रहा। इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 जूनः ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 6 जून: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है। आंधी की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 7 जून: इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में तेज आंधी के साथ बारिश होने का अलर्ट है। 8 जून: खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया, आठ IPS अफसरों के तबादले

  भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की गई है। राज्य सरकार ने आठ IPS अफसरों के तबादले किए हैं। इसमें राजगढ़ और बालाघाट के पुलिस अधीक्षक (SP) भी शामिल है। साथ ही सागर रेंज के आईजी का भी तबादला कर दिया गया है। जबकि उन्हें दो दिन पहले ही यह जिम्मेदारी दी गई थी। बुधवार को गृह विभाग ने 8 अफसरों के तबादले के आदेश जारी किए। प्रतिनियुक्ति से लौटे अमित तोलानी को राजगढ़ का नया एसपी बनाया गया है। वे 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ थे। वहीं, राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। राज्य सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया है। बुधवार रात जारी आदेश में आईजी महिला सुरक्षा हिमानी खन्ना को आईजी सागर बनाया है। उन्हें डायरेक्टर जेएनपीए का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे पहले 1 जून को जारी आदेश में चंद्रशेखर सोलंकी को इंदौर रेंज के एसएएफ आईजी के पद से आईजी सागर के पद पर पदस्थ किया था। बुधवार देर रात जारी आदेश में यह तबादला निरस्त कर दिया गया है। सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया डीआईजी प्रबंध पुलिस मुख्यालय सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया है। डी कल्याण चक्रवर्ती को डीआईजी एसएएफ मुख्यालय पुलिस मुख्यालय से डीआईजी छिंदवाड़ा रेंज में पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। अमित तोलानी बने राजगढ़ एसपी 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ आईपीएस अमित तोलानी को पुलिस अधीक्षक राजगढ़ और राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। इसके साथ ही सोनाली दुबे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर को एआईजी पीएचक्यू पदस्थ किया है।  

‘ मेरे पास शब्द नहीं हैं…’ बेंगलुरु भगदड़ पर विराट कोहली की पहली प्रतिक्रिया

 बेंगलुरु क्रिकेटर विराट कोहली ने बेंगलुरु भगदड़ पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि वे पूरी तरह टूट चुके हैं और उनके पास कोई शब्द नहीं हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर आरसीबी का एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है जिसमें इस हादसे पर दुख जताया गया है। आरसीबी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए हमे बेंगलुरु में भीड़ की वजह से हुए हादसे की जो जानकारी मिली है, वो जान बहुत दुखी हैं। सभी की सुरक्षा ही हमारे के लिए सबसे जरूरी है। जिन भी लोगों ने इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में अपनी जान गंवाई है, हम उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। RCB ने अपने बयान में आगे साफ कहा है कि जैसे ही स्थिति के बारे में पता चला हमने अपने कार्यक्रम में तब्दीली की और स्थानीय प्रशासन ने जैसे निर्देश दिए, उसके मुताबिक आगे बढ़े। हम अपने सभी समर्थकों से अपील करते हैं कि वे सुरक्षित रहें। अब इस प्रतिक्रिया से समझ आता है कि आरसीबी की टीम ने स्थानीय प्रशासन का सहयोग किया था, उन्हें जैसा कहा गया, उन्होंने वैसा ही किया। RCB की विक्ट्री परेड मातम में कैसे बदली अब जानकारी के लिए बता दें कि बेंगलुरु में मची भगदड़ का सबसे बड़ा कारण ओवरक्राउडिंग रहा है। इसके ऊपर क्योंकि पुलिस का जरूरी संदेश समय रहते आम लोगों तक नहीं पहुंचा, उस वजह से भी एक कम्युनिकेशन गैप बना और इतना बड़ा हादसा हो गया। असल में बुधवार को सुबह 11.56 पर ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि कोई विक्ट्री परेड नहीं होगी। अब जिस समय पुलिस ने यह जानकारी दी, कई लोग पहले ही भीड़ लगा चुके थे। चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर तो लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। ऐसे में कई को तो जानकारी तक नहीं थी कि विक्ट्री परेड कैंसिल हो चुकी है। अभी के लिए इस हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने मतृकों के परिवार के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। सीएम सिद्धारमैया ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ मौके पर पहुंची और उसी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ।

राष्ट्र निर्माण में मसीही समाज की भूमिका – एक भावनात्मक समर्पण

रायपुर सलेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर में दिनांक 5 जून 2025 को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बना, जब छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) के अंतर्गत निर्मित नवीन मंच को ‘लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर मंच’ के नाम से समर्पित किया गया। इस समर्पण समारोह का नेतृत्व किया द राइट रेव. सुषमा कुमार, बिशप एवं चेयरपर्सन, डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ CNI द्वारा। उनके कर-कमलों से इस मंच को राष्ट्र सेवा, नारी सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के प्रतीक देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित किया गया। यह एक ऐसा क्षण था जिसमें ईश्वर की महिमा और मानवता की सेवा का अद्भुत संगम हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन एवं निर्देशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के जनसंपर्क निदेशक श्री प्रांजय मसीह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिन्होंने इस पूरे आयोजन को राष्ट्रहित और समाज जागरण की दिशा में एक प्रभावशाली पहल बनाने में अहम भूमिका निभाई। समारोह में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: श्री नितिन लॉरेंस, सचिव, छत्तीसगढ़ डायोसिस एवं उपाध्यक्ष, CDBE श्री जयदीप रॉबिन्सन, कोषाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ डायोसिस एवं सचिव, CDBE श्री प्रविण मसीह, कोषाध्यक्ष, CDBE श्रीमती रूपिका लॉरेंस, प्रधानाचार्य, सलेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर इसके साथ ही रेव समीर फ्रैंकलिन, Rev. Subodh Kumar, Rev. Aseem Prakash Vikram, Rev. Hemant Timothy, Rev. Shailesh Solomon एवं Rev. Samendu अधिकारी,रेव सुनील कुमार, रेव निर्मल कुमार, भाई जॉन राजेश पॉल अध्यक्ष पास्टरत कोर्ट, डिकॉन मांशीष केजू, डिकॉन जीवनमसीह, डिकॉन ऐश्वर्या, सहित सलेम इंग्लिश school के स्टॉफ,CDBE के सभी सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। “छोटा ही सही, पर राष्ट्र के लिए कुछ करने का जज़्बा ही हमें महान बनाता है” – इस भावना को जीवंत करते हुए यह मंच न केवल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बनेगा, बल्कि मसीही समाज की राष्ट्र निर्माण में निःस्वार्थ सेवा भावना को भी उजागर करेगा। इस अवसर पर श्री नितिन लॉरेंस ने कहा, “हमारा मसीही समाज भले ही मंच पर कम दिखता हो, परंतु राष्ट्रहित में हमारी आस्था, शिक्षा और सेवा का योगदान आज भी जीवित है। यह समर्पण एक प्रतीक है – एक आह्वान है – कि हम भी राष्ट्र के निर्माण में सहभागी हैं।” यह पहल नारी सम्मान, ऐतिहासिक विरासत और शिक्षा के प्रति मसीही समाज की प्रतिबद्धता को समर्पित एक सुंदर और प्रेरक उदाहरण बन गई।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत से बाचतीत के लिए राष्ट्रपति ट्रंप से मदद की गुहार लगाई

इस्लामाबाद  आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया में अलग-थलग पड़ रहा पाकिस्तान अब भारत से बाचतीत के लिए छटपटा रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद की गुहार लगाई है। इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने भारत के साथ तनाव कम करने में ट्रंप की कथित भूमिका के लिए खूब तारीफ की। इस दौरान शहबाज ने वॉशिंगटन से दोनों देश के बीच व्यापक बातचीत की सुविधा शुरू करने में मदद का आग्रह किया। शहबाज ने ट्रंप को दिया क्रेडिट अमेरिका की आजादी की 249वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ की और युद्ध विराम सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को श्रेय दिया। शहबाज ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बिना किसी संदेह के यह दिखा दिया है कि ‘वे शांति और लाभकारी व्यापारिक सौदों के पक्षधर हैं।’ भारत ने साफ कहा है कि युद्धविराम में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के सुर में सुर मिला रहे थे, जिन्होंने दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष रोकने में मदद के लिए ट्रंप को क्रेडिट दिया था। वॉशिंगटन में पाकिस्तानी पत्रकारों से बात करते हुए बिलावल ने कहा कि ’10 अलग-अलग मौकों पर उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की सुविधा प्रदान करने का श्रेय लिया है – और यह सही भी है। वह इस श्रेय के हकदार हैं, क्योंकि उनके प्रयासों से ही युद्ध विराम संभव हो पाया।’ भुट्टो ने आगे कहा ‘अगर अमेरिका इस युद्ध विराम को बनाए रखने में पाकिस्तान की मदद करने को तैयार है, तो यह उम्मीद करना उचित है कि व्यापक वार्ता की व्यवस्था करने में अमेरिकी भूमिका हमारे लिए भी फायदेमंद होगी।’ शहबाज शरीफ ने भारत पर उकसावे के तहत हमला करने का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय आक्रमण का संयम और धैर्य के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ‘ठोस सबूतों के साथ सामने आना चाहिए था और दुनिया को घटना के बारे में आश्वस्त करना चाहिए था।’

13 साल की बच्ची ने लगाए अपनी मां और उनके दोस्तों ने मेरे साथ गंदा काम करने के आरोप, केस दर्ज

हरिद्वार कहते हैं कि मां और बेटी का रिश्ता सबसे प्यारा और गहरा होता है। लेकिन अगर मां के ऊपर अपनी ही बेटी के यौन शोषण के आरोप लगें तो ये रिश्ता कलंकित हो जाता है। ताजा मामला हरिद्वार से सामने आया है। यहां एक महिला पर अपनी 13 साल की बेटी का यौन शोषण करने का आरोप लगा है। क्या है पूरा मामला? हरिद्वार से मां-बेटी के रिश्ते को कलंकित कर देने वाला मामला सामने आया। यहां एक महिला पर अपनी 13 साल की बेटी का यौन शोषण कराने का आरोप लगा है। पति से विवाद के बाद अलग रह रही महिला अपनी बेटी को अपने बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त के सामने परोस रही थी। पीड़ित किशोरी और उसके पिता की शिकायत पर पुलिस ने महिला के खिलाफ पॉक्सो और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। महिला और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस का बयान भी सामने आया है। SSP ने कही ये बात इस मामले में हरिद्वार के SSP प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा, ‘थाना रानीपुर में एक मामला हमारे संज्ञान में आया था, जिसमें एक नाबालिक बच्ची के द्वारा अपनी मां के ऊपर आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया और अभियोग पंजीकृत करके पीड़िता का 164 का बयान और उसका मेडिकल कराया गया। मेडिकल में कही गई बातों की पुष्टि हुई है। प्रथम दृष्टया आरोपों को सही मानते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। पॉक्सो और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एक आरोपी अभी फरार चल रहा है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। पीड़िता द्वारा अपनी मां और उसके दोस्तों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। सभी लोगों से पूछताछ की गई है। इसमें 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें उसकी मां भी शामिल है। एक फरार चल रहा है।’ हाल ही में 4 साल की बच्ची का शव मिला था मई में बच्चों से जुड़ी इसी तरह की खबर सामने आई थी। हरिद्वार में हर की पैड़ी के पास अगवा हुई चार साल की बच्ची का शव मिला था। इस शव के मिलने से हड़कंप मच गया था। पुलिस ने बताया था कि बच्ची का शव देखने से लग रहा है कि गला घोंटकर हत्या की गई और मारने से पहले उसका रेप किया गया।

रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु की जीत के जश्न में भगदड़, 11 मौतें, CM सिद्धारमैया बोले- कुंभ में भी 50-60 की जान गई थी

बेंगलुरु बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट टीम की जीत के जश्न कार्यक्रम में भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए. हादसे के शिकार हुए क्रिकेट के शौकीन इन लोगों ने कभी सोचा नहीं होगा कि भीड़ के बीच उनका दम घुट जाएगा. अस्पतालों के बाहर रोते-बिलखते रिश्तेदारों की कतारें हैं. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस दर्दनाक हादसे को लेकर कहा कि अधिकतर मृतक युवा हैं, जिनमें कई छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं. इस पूरी घटना की जांच हो रही है. बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में मची भगदड़ के बीच मरने वालों में सबसे कम उम्र की दिवांसी थी, जिसकी उम्र महज 13 साल थी. वहीं, सबसे अधिक उम्र के मृतक 33 वर्षीय मनोज थे. हादसे में मारे गए लोगों में कई छात्र-छात्राएं, युवा कामकाजी लोग और स्थानीय निवासी शामिल हैं. 29 साल की लड़की आंध्र प्रदेश से आरसीबी टीम का जश्न देखने आई थी, तो वहीं 17 साल का शिवलिंग कर्नाटक के कन्नूर से था. कुछ की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. अधिकतर मौतें वायदेही और बोरिंग अस्पतालों में दर्ज हुईं. इस हादसे में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 14 वायदेही, 18 बोरिंग, 5 स्पर्श और 3 मणिपाल अस्पताल में भर्ती हैं. CM सिद्धारमैया ने कहा कि ‘मैं इस घटना का बचाव नहीं कर रहा, लेकिन देश में पहले भी कई बड़े हादसे हुए हैं, जैसे कुंभ मेले में 50-60 लोगों की जान गई। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि हम जिम्मेदारी से बचें।’ वहीं, भाजपा ने उनके इस्तीफे की मांग की है। बेंगलुरु भगदड़ में जान गंवाने वालों में कोलार की रहने वाली 24 वर्षीय साहना भी शामिल है. उसकी मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है. साहना ने हाल ही में एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी हासिल की थी और परिवार उसकी कामयाबी पर गर्व कर रहा था. पड़ोसी बताते हैं कि साहना के माता-पिता सुरेश बाबू और मंजुला उनके करीबी मित्र हैं और यह दुख उनकी झुकी कमर और डबडबाई आंखों से साफ झलक रहा है. एक पड़ोसी ने कहा, ये हादसा दिल तोड़ देने वाला है. 11 मासूम जानें चली गईं, सब युवा थे… सरकार को अब तो सबक लेना चाहिए. साहना का पार्थिव शरीर जब घर पहुंचा, तो मातम की चीखों से मोहल्ला गूंज उठा. चार पॉइंट्स में समझें… इतना बड़ा हादसा क्यों और कैसे हुआ?     स्टेडियम में फ्री पास से एंट्री। पास आरसीबी की वेबसाइट से लेने थे। बुधवार को यह घोषणा होने के बाद बड़ी संख्या में लोग वेबसाइट विजिट करने लगे तो साइट क्रैश हो गई। पास पाने वालों के साथ ही बिना पास के लोग भी स्टेडियम पहुंचे। इससे भीड़ का अंदाजा ही नहीं हो सका।     प्रारंभिक जांच के मुताबिक भीड़ ने स्टेडियम में घुसने के लिए गेट नंबर 12, 13 और 10 तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। नाले पर रखा स्लैब ढह गया। हल्की बारिश के बीच भगदड़ मच गई।     दोपहर लगभग 3:30 बजे भीड़ और बढ़ी तो सभी गेट बंद कर दिए गए। इससे पास वाले भी अंदर नहीं घुस पाए। हंगामा शुरू हो गया। गेट नंबर 10 पर स्थिति ज्यादा बिगड़ी। पुलिस ने महिलाओं-बच्चों को पीछे धकेला, कुछ महिलाएं बेहोश होकर गिर गईं।     सरकार ने कहा, 5 हजार सुरक्षाकर्मी थे, लेकिन भीड़ बहुत थी। इसलिए विक्ट्री परेड नहीं हो सकी। सूत्रों के मुताबिक इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी 36 घंटे से ड्यूटी पर थे। एजेंसी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि यह हादसा उस वक्त हुआ, जब बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी बिना टिकट के स्टेडियम में घुसने की कोशिश करने लगे. जिनके पास वैध टिकट थे, वे पहले से ही स्टेडियम की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन तभी फ्री पास की जानकारी और सोशल मीडिया पर ‘विक्ट्री परेड’ की घोषणा ने भ्रम वाली स्थिति पैदा कर दी. RCB (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर) टीम प्रबंधन ने दोपहर 3:14 बजे ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए घोषणा की थी कि शाम 5 बजे एक विजयी जुलूस (Victory Parade) निकाला जाएगा और इसके बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में सेलिब्रेशन होगा. पोस्ट में यह भी बताया गया कि फ्री पास सीमित संख्या में उपलब्ध हैं. इससे पहले बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 11:56 बजे यह साफ कर दिया था कि कोई परेड नहीं होगी और केवल स्टेडियम में ही एक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, लेकिन RCB की पोस्ट के बाद हजारों की संख्या में फैंस परेड देखने और स्टेडियम में प्रवेश के लिए उमड़ पड़े. कैसे मची भगदड़? मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के मुताबिक, स्टेडियम की क्षमता लगभग 35,000 लोगों की है, लेकिन 2 से 3 लाख लोग आसपास पहुंच गए थे. लोग छोटे-छोटे गेटों से जबरन घुसने की कोशिश करने लगे. कई जगहों पर भीड़ ने गेट्स तोड़ दिए. इसी दौरान कुछ लोग नीचे गिर गए और उनके ऊपर भीड़ चढ़ गई, जिससे कई लोगों की मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि करीब 1 किलोमीटर की परिधि में 50,000 से अधिक लोग जमा हो गए थे और संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी. फ्री पास और टिकट के भ्रम में कई लोगों ने जबरन प्रवेश की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की और अंततः भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. कुछ वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठियां चलाते नजर आए. इसके बाद बेंगलुरु मेट्रो ने भीड़ को देखते हुए क्यूबन पार्क और डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेशनों पर ट्रेनों को नहीं रोकने का निर्णय लिया. पूरी घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा? भगदड़ की घटना को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि किसी ने इस तरह की भीड़ की कल्पना नहीं की थी, न ही सरकार ने और न ही क्रिकेट संघ ने. उन्होंने कहा कि विदान सौधा के सामने भी एक लाख से अधिक लोग थे, लेकिन वहां कोई हादसा नहीं हुआ. चिन्नास्वामी स्टेडियम में अचानक आई इस भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया. मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्राथमिक दृष्टि से यह एक अव्यवस्था का मामला है, … Read more

Shillong में Honeymoon मनाने गए Raja का शव इंदौर पहुंचा तो हर कोई रो रहा था,रोते-रोते दी गई मुखाग्नि

 इंदौर शिलांग में जान गंवाने वाले इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी का शव बुधवार को फ्लाइट से इंदौर पहुंचा। शाम को अंतिम संस्कार हुआ। शव डिकंपोज होने से ताबूत नहीं खोला गया। परिजन ने केस में सीबीआइ जांच की मांग की। उन्होंने ध्यानाकर्षण के लिए घर के बाहर बेटे राजा और लापता बहू का पोस्टर लगाया। पोस्टर में बेटे की मौत की सीबीआई जांच की मांग की गई। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी का बुधवार को देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। शिलांग से लाए गए शव को एयरपोर्ट से घर ले जाया गया जहां से कुछ ही देर में मुक्तिधाम के लिए रवाना कर दिया गया। राजा रघुवंशी का शव घर में आते ही परिजन बिलख उठे। मां उमा रघुवंशी तो बदहवास हो गईं। वे बार बार कहती रहीं कि मैंने तुझे जाने ही क्यों दिया, रोका क्यों नहीं…। राजा रघुवंशी के पिता का भी रो रोकर बुरा हाल हो चुका है। रिवार ने बताया कि कुछ दिन पहले ही पिता अशोक को दिल का दौरा आया था। उन्होंने महज 21 दिनों में बेटे की शादी की खुशियां और उसकी मौत देखी। बता दें, हनीमून पर गए राजा रघुवंशी का शव 2 जून को शिलांग में वेइसाडोंग फॉल्स के पास रियात अरलियांग में करीब 150 फीट नीचे मिला था। पत्नी सोनम की अभी भी किसी तरह की जानकारी सामने नहीं लग पाई। सोनम की तलाश में खून से सना जैकेट मिला राजा की हत्या का पता लगाने और सोनम को ढूंढने के लिए पुलिस की तलाश जारी है। पुलिस सोहरारिम के पास स्थित मॉकमा गांव के खड़ी और जंगली इलाकों में सोनम रघुवंशी की तलाश कर रही है। सोहरा सिविल सब-डिवीजन के एसडीपीओ बाह पिनहुन सिएम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसआरटी, एफईएस, विशेष जांच दल (एसआईटी) के साथ सर्चिंग की। पुलिस ने बुधवार की सुबह एक जैकेट बरामद की है। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि जैकेट सोनम की है या नहीं। राजा के परिवार ने भी कहा है कि जो जैकेट मिली है वो सोनम की नहीं है। परिजन का आरोप- पुलिस सही से जांच नहीं कर रही राजा रघुवंशी की हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। शिलांग से वापस आई भाई विपिन का भी कहना था कि वहां सब कुछ ठीक नहीं है। काफी कुछ संवेदनशील मामलों को दबाया जाता है। राजा के लापता होने के बाद से होटल मैनेजर, चाय-नाश्ते की दुकान वाला और गाइड संदेह के घेरे में है, लेकिन पुलिस ने उनसे ठीक से पूछताछ ही नहीं की। गाइड को जब पुलिस सामने लेकर आई तो वह एक रास्ते पर जाकर राजा और सोनम को छोड़ने की बात कहने लगा। जबकि आगे का रास्ता दोनों को भी नहीं पता था। मृतक राजा के भाई ने खासी हिल्स पुलिस पर लगाया आरोप शिलांग में पीएम के बाद राजा रघुवंशी (30) के शव को इंदौर लाए। इसके बाद ताबूत सहित शव को मोक्ष वाहन से सहकार नगर, कैट रोड स्थित घर लेकर पहुंचे। बेटे राजा की याद में मां व परिवार बिलखने लगा। वे बेटी को सुरक्षित लाने की बात कहते रहे। भाई विपिन ने बताया, यदि समय पर पूर्वी खासी हिल्स पुलिस सक्रिय हो जाती तो घायल भाई की जान बचाई जा सकती थी। हमलावर ने प्लानिंग के तहत वारदात की है। गुमराह करने वाहन को वारदात स्थल से 25 किमी दूर छोड़ दिया। हमें सोनम सुरक्षित मिल जाए इसके लिए सरकार से मांग कर रहे हैं। पोस्टर लगाकर सरकार से गुहार भाई सचिन ने बताया, हमने घर के बाहर पोस्टर लगाया है। केंद्र और राज्य सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो डबल डेकर व उसके आसपास लापता सोनम की सर्चिंग जारी है। वहां की पुलिस को सर्चिंग के दौरान एक महिला का रेन कोट मिला है। रेन कोट को पुलिस ने सोनम का बताया है। सोनम का कुछ पता नहीं चला है। दरअसल, राजा रघुवंशी और सोनम की शादी बीती 11 मई को इंदौर में हुई थी. शादी के नौ दिन बाद 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुआ. 22 मई को वे किराए के स्कूटर से मावलखियाट गांव पहुंचे और वहां से 3000 से अधिक सीढ़ियां उतरकर नोंग्रियाट गांव में फेमस ‘लिविंग रूट्स’ पुल देखने गए. उन्होंने नोंग्रियाट के शिपारा होमस्टे में रात बिताई और 23 मई की सुबह वहां से निकले. इसके बाद से दोनों का कोई अता-पता नहीं था. 24 मई को उनका किराया स्कूटर शिलांग-सोहरा मार्ग पर सोहरारिम में एक कैफे के बाहर लावारिस हालत में मिला, जिसके बाद मेघालय पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया. खाई में मिला राजा का शव, हत्या की पुष्टि लगातार आठ दिनों तक चले तलाशी अभियान के बाद 2 जून को मेघालय पुलिस के ड्रोन ने वेईसावडॉन्ग फॉल्स के पास रियाट अरलियांग पार्किंग लॉट के नीचे एक गहरी खाई में राजा का शव देखा. शव अत्यधिक सड़ा हुआ था, लेकिन राजा के भाई विपिन ने उनके दाहिने हाथ पर राजा लिखे टैटू से उनकी पहचान की. पुलिस ने मौके से खून से सना एक नया ‘दाओ’  ( एक प्रकार का धारदार हथियार) बरामद किया, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल हत्या के लिए किया गया. सोहरा (चेरापूंजी) में लापता सोनम की तलाश जारी. पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने कहा, ”यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है. हथियार नया था और संभवतः इसी उद्देश्य के लिए खरीदा गया था.” पुलिस ने राजा का मोबाइल फोन, एक महिला का सफेद शर्ट, दवा की स्ट्रिप, स्मार्टवॉच, और एक मोबाइल स्क्रीन का हिस्सा भी बरामद किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो यह स्पष्ट करेगी कि राजा की हत्या खाई में फेंके जाने से पहले हुई या बाद में. सोनम लापता, परिवार को अपहरण का शक सोनम रघुवंशी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. मेघालय पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें सोहरा के जंगलों और खाई के आसपास की करीब 150 वर्ग किलोमीटर की तलाशी ले रही हैं. भारी बारिश और खराब दृश्यता ने खोज अभियान को बार-बार बाधित किया. सोहरा में तीन दिनों में … Read more

ग्रामोद्योग के माध्यम से गांवों में स्वरोजगार के अवसर को बढ़ाकर प्रदेश की आर्थिक संरचना को मजबूत किया जा सकता : राकेश पाण्डेय

रायपुर स्वदेशीकरण के लिए ग्रामोद्योग का कार्य सराहनीय है। यह बाते छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कही। पाण्डेय  कांकेर एवं धमतरी जिले में स्थित बोर्ड में वित्तपोषित एवं पंजीकृत ग्रामोद्योग इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत अभियान एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सशक्त गांव, आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सराहनीय पहल है। निरीक्षण के दौरान पांडेय ने इकाइयों की कार्यप्रणाली, उत्पादन गुणवत्ता, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन प्रणाली, तकनीकी सशक्तता और रोजगार सृजन की स्थिति का विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामोद्योग के माध्यम से गांवों में स्वरोजगार के अवसर को बढ़ाकर प्रदेश की आर्थिक संरचना को मजबूत किया जा सकता है। ग्रामोद्योग निर्माण इकाई का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित कारीगरों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने कारीगरों को प्रशिक्षण, डिज़ाइन विकास, विपणन सहयोग और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश अधिकारियों को  दिए। पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का आत्मनिर्भर भारत अभियान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ग्रामीण विकास और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति, दोनों हमें यह प्रेरणा देती हैं कि गांवों को आर्थिक रूप में सशक्त बनाकर हम समग्र विकास की ओर अग्रसर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड शीघ्र ही तकनीकी नवाचार, ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, ब्रांडिंग तथा उद्यमिता विकास की दिशा में नई योजनाएं प्रारंभ करेगा, जिससे ग्रामोद्योग को एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से अपील की है कि वे सभी राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप में पहुंचाने के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवा और महिलाएं इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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