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भोपाल छात्रा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस में लापरवाही पर कार्रवाई थाना प्रभारी को हटाकर लाइन अटैच कर दिया

भोपाल  भोपाल में कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अशोका गार्डन थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव को पद से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया है। वह इस मामले में SIT जांच का हिस्सा थे। यह आदेश डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने जारी किया। बताया जा रहा है कि हेमंत श्रीवास्तव पर मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई न करने और जांच को सुस्त गति से आगे बढ़ाने के आरोप थे। राष्ट्रीय महिला आयोग की फैक्ट फाइंडिंग टीम ने भी जांच पर सवाल उठाए थे। टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी थी, जिसमें आरोपियों की कार्यप्रणाली और पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर टिप्पणियां की गई थीं। मामले में फरहान खान, साहिल खान और अली खान नामक तीन युवकों पर आरोप है कि उन्होंने पहले अपना धर्म छिपाकर छात्राओं से दोस्ती की। बाद में उन्हें महंगे गिफ्ट और लग्जरी गाड़ियों का लालच देकर झांसे में लिया गया। आरोपियों ने छात्राओं को नशे का सेवन कराकर दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर धमकाया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई है। आयोग का मानना है कि आरोपी अकेले नहीं थे, बल्कि इनके पीछे एक सुव्यवस्थित गिरोह काम कर रहा है, जो भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हो सकता है।  

जाने-माने फिल्ममेकर मनीष गुप्ता ने अपने ही ड्राइवर पर हमला कर दिया, हुई FIR दर्ज

मुंबई  रवीना टंडन, मिलिंद सोमन जैसे एक्टर्स को डायरेक्ट करने वाले फिल्ममेकर मनीष गुप्ता ने अपने ही ड्राइवर पर हमला कर दिया। गुप्ता पर अपने ड्राइवर को रसोई के चाकू से घायल करने का मामला दर्ज किया गया है। वेतन को लेकर हुए विवाद के बाद फिल्ममेकर ने इस घटना कां अंजाम दिया।    वर्सोवा पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि यह घटना गुरुवार रात सागर संजोग बिल्डिंग में गुप्ता के आवास पर हुई। अधिकारी ने बताया कि गुप्ता ने तीन साल से उनके साथ काम कर रहे ड्राइवर राजीबुल इस्लाम लश्कर (32) को घायल कर दिया। ड्राइवर की शिकायत पर पुलिस एक्शन में आई।    पुलिस ने बताया कि गुप्ता पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 (2), 115 (2) और 352 के तहत खतरनाक हथियार से गंभीर चोट पहुंचाने, शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करने और अन्य अपराधों के तहत मामला दर्ज किया गया है, लेकिन अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है।  लश्कर के वकील अली काशिफ खान देशमुख ने गुप्ता की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।  

ऐतिहासिक ईदगाह में ईद की नमाज की अनुमति नहीं, अब्दुल्ला ने कहा नमाज अदा करने से मना किए जाने से बेहद चिंतित

जम्मू जम्मू कश्मीर में अधिकारियों ने शनिवार को पुराने शहर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी। साथ कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक को भी नजरबंद कर दिया। अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद ने यहां यह जानकारी दी। जामिया मस्जिद मामलों की प्रबंध समिति ने कहा कि अधिकारियों ने एक बार फिर श्रीनगर ईदगाह और साथ ही ऐतिहासिक जामा मस्जिद श्रीनगर में ईद-उल-अजहा की नमाज की अनुमति नहीं दी, मस्जिद के दरवाजे बंद कर दिए और बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। परंपरागत रूप से ईद की नमाज ईदगाह में सामूहिक रूप से अदा की जाती है। बंद थे दरवाजे बयान में कहा गया कि आज सुबह फज्र की नमाज भी जामा मस्जिद में नहीं पढ़ी जा सकी क्योंकि दरवाजे बंद थे। साथ ही कहा गया कि मीवाइज को भी नजरबंद कर दिया गया है। हुर्रियत के अध्यक्ष मीरवाइज ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह लगातार सातवां साल है जब जामिया मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई है। वर्ष 2019 से अधिकारियों द्वारा जामा मस्जिद और ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई है। मीरवाइज ने कहा, ‘ईद मुबारक। एक बार फिर कश्मीर दुखद वास्तविकता से जूझ रहा है। ईदगाह में ईद की नमाज अदा नहीं करने दी जा रही है। लगातार सातवें साल जामा मस्जिद को बंद कर दिया गया है। मुझे भी मेरे घर पर नज़रबंद कर दिया गया है। क्या बोले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मीरवाइज ने कहा कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र में मुसलमानों को नमाज अदा न करने के उनके मौलिक अधिकार से वंचित रखा गया है-यहां तक कि दुनिया भर में मनाए जाने वाले उनके सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर भी। हम पर शासन करने वालों और लोगों द्वारा चुने गए लोगों के लिए यह कितनी शर्म की बात है, जो हमारे अधिकारों को बार-बार कुचले जाने पर चुप्पी साधे रहते हैं। अधिकारियों ने अंजुमन द्वारा किए गए दावों का जवाब नहीं दिया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह जामिया मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने से मना किए जाने से बेहद चिंतित हैं। उन्होंने यह निर्णय लेने वालों के अधिकार पर सवाल उठाया। हमें अपनों पर भरोसा करना होगा सीएम अब्दुल्ला ने श्रीनगर में मीडिया से कहाकि मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि ऐसा निर्णय किस आधार पर लिया गया है, लेकिन एक दिन हमें अपने लोगों पर भरोसा करना होगा। ये वही लोग हैं जो 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद सामने आए और अपना गुस्सा जाहिर किया और इस कृत्य की निंदा की, लेकिन आज एक बार फिर ऐतिहासिक जामिया में ईद की नमाज की इजाजत नहीं दी गई। मुझे लगता है कि सरकार को इस पर फिर से विचार करना चाहिए। इस बीच ईद की नमाज पूरी घाटी में अदा की गई और सबसे बड़ी सभा डल झील के किनारे हजरतबल दरगाह में हुई। अधिकारियों ने कहाकि ईद की नमाज पूरी घाटी में शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई।  

बीजापुर में बड़ी मुठभेड़ पांच नक्सली हुए ढेर, सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी

छत्तीसगढ़  छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा के जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए हैं। सुरक्षा बलों ने 3 दिन पहले सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था। तलाशी अभियान और मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने ये जानकारी दी है। तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्यों के हजारों की संख्या में जवान ऑपरेशन पर हैं। इलाके में सर्च अभियान जारी नक्सलियों के खिलाफ इस अभियान में कई सुरक्षा इकाइयां शामिल हैं, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती वन क्षेत्रों में नक्सलियों की मौजूदगी और बुनियादी ढांचे को खत्म करना है। जानकारी के अनुसार, नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया गया है। ऑपरेशन में 10,000 सुरक्षाकर्मी शामिल पुलिस ने बताया कि यह अभियान बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी आतंकवाद रोधी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और इसके विशिष्ट कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन (कोबरा) सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 10,000 सुरक्षाकर्मी शामिल थे। तीन दिन पहले शुरू हुआ था अभियान पुलिस ने बताया कि माओवादियों के सबसे मजबूत सैन्य संगठन बटालियन नंबर 1 और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति के वरिष्ठ कैडरों की मौजूदगी के बारे में मिली जानकारी के आधार पर सोमवार को अभियान शुरू किया गया और यह कई दिनों तक चलेगा। पुलिस ने आगे ये भी बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादियों की बटालियन नंबर 1 का बेस माना जाता है। जानकारी के मुताबिक, बीजापुर में 5 हजार से अधिक जवानों को नक्सलियों ने घेर लिया है। बीजापुर में बड़ी मुठभेड़, 40 लाख का इनामी नक्सली सुधाकर मारा गया छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. डीआरजी और एसटीएफ ने नेशनल पार्क इलाके में नक्सलियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाया. इस दौरान जवानों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में नक्सली संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य सुधाकर मारा गया. सुधाकर पर सरकार ने 40 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. यह मुठभेड़ बीजापुर के घने जंगलों में हुई, जहां लंबे समय से नक्सली गतिविधियां चल रही थीं. 40 लाख का इनामी नक्सली मारा गया बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है. हालांकि सुधाकर के मारे जाने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. जवान अभी भी इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि मुठभेड़ के बाद इलाके में लगातार तलाशी ली जा रही है. मुठभेड़ के दौरान भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं. मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान जारी सुधाकर नक्सली संगठन में एक अहम भूमिका निभाता था और कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था. उसकी मौत को सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है. फिलहाल सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन में जुटे हुए हैं और जंगल के हर हिस्से की बारीकी से जांच कर रहे हैं.  

राहुल गांधी ने पांच चरणों में चुनावी धांधली की कथित प्रक्रिया का खुलासा किया, अब बिहार में भी होगी मैच फिक्सिंग

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे ‘लोकतंत्र में चोरी का ब्लूप्रिंट’ करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। शनिवार को अपने एक लेख और सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र चुनाव में व्यवस्थित तरीके से हेराफेरी की गई, जिसका मॉडल अब बिहार जैसे अन्य राज्यों में लागू किया जा सकता है। राहुल गांधी ने यह आरोप एक विस्तृत लेख के माध्यम से लगाया, जिसे उन्होंने ‘मैच फिक्सिंग महाराष्ट्र’ शीर्षक से मीडिया में प्रकाशित किया और फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी शेयर किया। राहुल गांधी ने अपने लेख में पांच चरणों में चुनावी धांधली की कथित प्रक्रिया का खुलासा किया। राहुल ने लिखा, “चुनाव कैसे चुराया जाए? 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली करने का खाका था।” उन्होंने कहा कि कथित छेड़छाड़ “चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए पैनल में धांधली” से शुरू होती है। राहुल गांधी के आरोपों की 5 मुख्य बातें: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव: राहुल गांधी ने लिखा कि केंद्र सरकार ने 2023 में जो नया कानून लाया, उसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति में निष्पक्षता को समाप्त कर दिया गया। पहले इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश होते थे, लेकिन अब मुख्य न्यायाधीश की जगह एक केंद्रीय मंत्री को रखा गया है, जो केंद्र सरकार की ओर झुकाव को दर्शाता है। राहुल ने लिखा – “अपने आप से पूछिए, कोई क्यों निष्पक्ष निर्णायक को हटाकर अपने करीबी को उस जगह पर लाएगा?” उन्होंने यह भी कहा कि इससे चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता को ठेस पहुंचती है। वोटर लिस्ट में फर्जी मतदाता: मतदाता सूची में फर्जी वोटर जोड़े गए। वोटर टर्नआउट में हेरफेर: मतदान प्रतिशत को असामान्य रूप से बढ़ाया गया। भाजपा के पक्ष में बोगस वोट: उन क्षेत्रों में फर्जी मतदान कराया गया जहां भाजपा कमजोर थी। पारदर्शिता पर रोक: मतदान की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज तक पहुंच को प्रतिबंधित करने के लिए नियमों में बदलाव किया गया। महाराष्ट्र चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप राहुल ने अपने लेख में लिखा, “महाराष्ट्र का 2024 विधानसभा चुनाव कोई चुनाव नहीं था, बल्कि यह एक सुनियोजित मैच फिक्सिंग थी। यह लोकतंत्र के लिए जहर है और इसका अगला पड़ाव बिहार हो सकता है।” राहुल गांधी ने दावा किया कि बीजेपी ने महाराष्ट्र चुनावों में परिणामों को अपने पक्ष में करने के लिए एक सुनियोजित रणनीति अपनाई। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि गड़बड़ी किस प्रकार से हुई, लेकिन चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को इसकी जड़ बताया। राहुल गांधी ने विशेष रूप से मतदान के आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत 58.22% था, लेकिन अगली सुबह अंतिम आंकड़ा 66.05% बताया गया। यह 7.83 प्रतिशत अंकों की वृद्धि, यानी 76 लाख अतिरिक्त मतदाताओं के बराबर है, जो कि पहले के विधानसभा चुनावों की तुलना में असामान्य है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2019 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बीच पांच साल में 32 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच केवल पांच महीनों में 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए। राहुल ने इसे ‘सांख्यिकीय रूप से असंभव’ बताया और कहा कि यह मतदाता सूची में हेरफेर का सबूत है। कामठी सीट का उदाहरण राहुल गांधी ने अपने दावों को मजबूत करने के लिए कामठी विधानसभा सीट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कामठी में 1.36 लाख वोट हासिल किए, जबकि भाजपा को 1.19 लाख वोट मिले। लेकिन 2024 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट लगभग समान (1.34 लाख) रहे, जबकि भाजपा के वोट में असामान्य वृद्धि देखी गई। चुनाव आयोग पर सवाल राहुल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जब विपक्ष ने मतदान की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो न केवल इसे खारिज कर दिया गया, बल्कि केंद्र सरकार ने, चुनाव आयोग से परामर्श के बाद, 1961 के चुनाव नियमों में संशोधन कर फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया। उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट है कि चुनाव आयोग से समझौता किया गया है। यह केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, बल्कि जहां भी भाजपा हार रही है, वहां इस तरह की रणनीति अपनाई जा सकती है।”  

एनआईए ने छत्तीसगढ़ में सेना के जवान की हत्या के मामले में नक्सली कार्यकर्ता के खिलाफ आरोप पत्र किया दाखिल

रायपुर राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानि एनआईए ने फरवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भारतीय सेना के जवान की हत्या मामले में पहले से गिरफ्तार किए गए एक नक्सली कार्यकर्ता के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। बीजापुर के आशु कोरसा के खिलाफ जागदलपुर में एनआईए विशेष अदालत में आईपीसी, 1860 की धारा 302 के साथ 120बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 16, 18, 20, 38 और 39 के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है। जांच में जो मामले सामने आए हैं उसके तहत आरसी-13/2024/एनआईए/आरपीआर के तहत की गई। जांच में यह सामने आया कि आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन सीपीआई (माओवादी) की आपराधिक साजिश में शामिल था, जिसका उद्देश्य मोतीराम अचला की हत्या करना था। पीड़ित को पिछले साल 25 फरवरी को कांकेर जिले के अमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली गांव के मेले में परिवार के साथ जाते समय सीपीआई (माओवादी) के सशस्त्र कैडर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले को मूल रूप से स्थानीय पुलिस ने दर्ज किय था और 29 फरवरी 2024 को अपने हाथ में लिया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी माओवादी आशु कोरसा  उत्तर बस्तर डिवीजन की कुयेमारी क्षेत्र समिति का सक्रिय सशस्त्र कैडर था। उसने एक अन्य वरिष्ठ माओवादी नेता के साथ मिलकर मोतीराम अचला की पहचान की और स्थानीय बाजार में उसकी हत्या की। एनआईए ने उसे पिछले साल दिसंबर मे इस साजिश के संबंध में गिरफ्तार किया था।  जिसका मकसद उस क्षेत्र के लोगों में दहशत फैलाना था।  

डिप्टी CM शिंदे पहुंचे एयरपोर्ट, पायलट ने कह दी ऐसी बात, हर तरफ मची खलबली, हाथ जोड़ते नजर आए मंत्री

जलगांव हाराष्ट्र के जलगांव एयरपोर्ट पर डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का विमान टेक्निकल वजहों से करीब दो घंटे देर हो गई. उनका विमान शुक्रवार को दोपहर 3 बजकर 45 बजे पहुंचना था, लेकिन वे शाम 6 बजकर 15 बजे ही जलगांव एयरपोर्ट पर उतर सके. फिर उन्होंने जलगांव से मुक्ताईनगर सड़क के रास्ते से जाना पड़ा, जहां उन्होंने संत मुक्ताई की पालखी यात्रा (धार्मिक जुलूस) में भाग लिया और मंदिर में दर्शन किए. देरी से लौटने पर पायलट ने उड़ान भरने से किया इनकार रात 9 बजकर 15 बजे जब वे वापस जलगांव एयरपोर्ट पहुंचे, तो विमान के पायलट ने विमान उड़ाने से मना कर दिया. पायलट ने ड्यूटी के घंटों का हवाला देते हुए कहा कि मैं उड़ान नहीं भर सकता हूं.  पहले तकनीकी समस्याओं के कारण और बाद में उनके विमान के पायलट ने ड्यूटी घंटे की सीमाओं और खराब हेल्थ का हवाला देकर विमान उड़ाने से इनकार कर दिया.  एकनाथ शिंदे को जलगांव में 3.45 बजे पहुंचना था, मगर तकनीकी कारणों से वे लगभग ढाई घंटे देर से पहुंचे. लैंडिंग के बाद वे सड़क मार्ग से मुक्ताईनगर गए, जहां उन्होंने संत मुक्ताई की पालखी यात्रा (धार्मिक जुलूस) में भाग लिया. उनके साथ मंत्री गिरीश महाजन, गुलाबराव पाटिल और कई प्रशासनिक अधिकारी भी थे. दो बार हुई देरी यात्रा पूरी करने के बाद जब वे रात करीब 9.15 बजे जलगांव एयरपोर्ट लौटे तो फिर से उड़ान में देरी हुई. एकनाथ शिंदे के निजी विमान के पायलट ने उड़ान भरने से इनकार कर दिया. यह कहते हुए कि उनका ड्यूटी आवर खत्म हो चुका है. साथ विमान उड़ाने के लिए नई मंजूरी लेनी होगी. पायलट ने अपनी खराब सेहत का भी हवाला दिया और कहा कि वह अभी उड़ान भरने की स्थिति में नहीं है. पायलट क्यों कर रहा था इनकार वहीं, News18 मराठी के अनुसार, पायलट पहले ही लगातार 12 घंटे उड़ान भर चुका था. वह अपनी स्थिति और तकनीकी नियमों के कारण आगे उड़ान भरने की स्थिति में नहीं था. एकनाथ शिंदे की टीम पायलट को मनाने में लगी थी. स्थिति को सुलझाने के प्रयास में महाजन, पाटिल और अन्य अधिकारी करीब 45 मिनट पायलट को मनाते रहे. इतने देर तक एकनाथ शिंदे एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे. महाजन ने एयरलाइन अधिकारियों से आवश्यक अनुमतियों के लिए भी संपर्क किया. कैसे तैयार हुआ पायलट लोकमत टाइम्स के अनुसार, विमान के पायलट की स्थिति की जांच के लिए एक डॉक्टर को भी बुलाया गया. मेडिकल जांच और आवश्यक अनुमतियों के बाद पायलट ने आखिरकार विमान उड़ाने पर अपनी सहमति जताई और तब जाकर विमान मुंबई के लिए रवाना हुआ. वजह सामने आई पत्रकारों से बात करते हुए गिरीश महाजन ने कहा, ‘पायलट को स्वास्थ्य संबंधी चिंता और समय की समस्या थी. कुछ तकनीकी कठिनाइयां भी थीं. हमने एयरलाइन कंपनी से बात की, और उन्होंने अपनी तरह से पायलट को स्थिति समझाई. यह एक मामूली मुद्दा था.’ एकनाथ शिंदे ने दिखाया बड़ा दिल वापसी की उड़ान के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की टीम ने एक महिला की मदद की, जिसे किडनी सर्जरी के लिए तुरंत मुंबई जाना था. एनडीटीवी के अनुसार, शीतल पाटिल नामक महिला और उनके पति अपनी फ्लाइट मिस कर चुके थे. जब उनकी स्थिति के बारे में एनकाथ शिंदे की टीम को पता चला तो महाजन ने उस कपल को शिंदे के विमान में सवार होने की व्यवस्था की. मुंबई एयरपोर्ट पर महिला को तुरंत सर्जरी के लिए ट्रांसफर करने के लिए एम्बुलेंस सेवाएं तैयार रखी गई थीं. वहीं, गुलाबराव पाटिल ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने आज भी अपने संघर्ष के दिनों को नहीं भुलाया है. उन्होंने आम आदमी के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है.

दुनिया के दो सबसे प्रभावशाली शख्सियतों- एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच छिड़ी जंग, जाने कैसे शुरू हुई

वाशिंगटन दुनिया के दो सबसे प्रभावशाली शख्सियतों- एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच छिड़ी जंग ने न केवल अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। एक तरफ हैं दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति, टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क, और दूसरी तरफ हैं अमेरिका के राष्ट्रपति और दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स डोनाल्ड ट्रंप। इन दोनों की दोस्ती कभी सुर्खियों में थी, लेकिन अब यह रिश्ता एक ऐसी लड़ाई में बदल गया है, जो दोनों के लिए गंभीर राजनीतिक और आर्थिक परिणाम ला सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस जंग में सबसे ज्यादा नुकसान किसे होगा? आइए समझते हैं। कैसे शुरू हुई यह जंग? यह विवाद तब शुरू हुआ जब मस्क ने ट्रंप की महत्वाकांक्षी “वन बिग ब्यूटीफुल बिल” की आलोचना की। यह विधेयक टैक्स कटौती, सीमा सुरक्षा बढ़ाने और मेडिकेड व खाद्य सहायता जैसे कार्यक्रमों में कटौती का मिश्रण है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह बिल अगले दस सालों में अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज में 2.4 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी कर सकता है। मस्क ने इसे “घृणित” और “विशाल खर्च वाला बिल” करार देते हुए कहा कि यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकता है। ट्रंप ने इस आलोचना को व्यक्तिगत रूप से लिया और मस्क पर पलटवार करते हुए कहा कि वह “एलन से बहुत निराश” हैं और मस्क का “दिमाग खराब हो गया है।” ट्रंप ने मस्क की कंपनियों के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स रद्द करने की धमकी दी, जिसके जवाब में मस्क ने स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को बंद करने की बात कही, जो नासा के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाता है। हालांकि, मस्क ने बाद में इस धमकी को वापस ले लिया। इसके बाद मस्क ने एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया कि ट्रंप का नाम जेफरी एप्सटीन से जुड़े गोपनीय सरकारी दस्तावेजों में है और यही कारण है कि ये दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए जा रहे। इस दावे ने विवाद को और हवा दी। मस्क को क्या नुकसान हो सकता है? दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गहराता विवाद अब मस्क की कंपनियों के भविष्य पर असर डाल सकता है। टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग कारों की योजना से लेकर स्पेसएक्स के नासा मिशनों और एक्स (ट्विटर) पर विज्ञापन तक, हर क्षेत्र पर खतरे के बादल मंडराते दिख रहे हैं। दरअसल एलन मस्क की कंपनियां- टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्स अमेरिकी सरकार के साथ गहराई से जुड़ी हैं। स्पेसएक्स को 2023 में 17 केंद्रीय एजेंसियों से लगभग 3 बिलियन डॉलर के 100 कॉन्ट्रैक्ट्स मिले थे। अगर ट्रंप प्रशासन इन कॉन्ट्रैक्ट्स को रद्द करता है, तो मस्क की कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, मस्क की टेस्ला का शेयर बाजार में पहले से ही उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था। गुरुवार को टेस्ला के शेयरों में 14.2% की गिरावट आई, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य 152 बिलियन डॉलर कम हो गया। मस्क की निजी संपत्ति में भी एक दिन में 33 बिलियन डॉलर की कमी आई। ट्रंप के सहयोगी स्टीव बैनन ने मस्क के खिलाफ और भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मस्क के अमेरिकी नागरिकता की जांच और उनकी कंपनी स्पेसएक्स को “डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट” के तहत जब्त करने की मांग की। हालांकि, यह कानून किसी कंपनी को जब्त करने की अनुमति नहीं देता, लेकिन यह मस्क के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। इसके साथ ही, मस्क का X प्लेटफॉर्म भी इस विवाद से प्रभावित हो सकता है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह जंग X पर ट्रैफिक बढ़ा सकती है, क्योंकि लोग इस ड्रामे को फॉलो करने के लिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। मस्क के खिलाफ ट्रंप का बदला? हालांकि यह सब पूरी तरह ट्रंप की ‘बदले की भावना’ पर निर्भर करता है कि वो इस विवाद को कहां तक ले जाते हैं। टेलीमेट्री इनसाइट्स के ऑटो एनालिस्ट सैम अबु अल-समीद ने व्यंग्य करते हुए कहा, “चूंकि ट्रंप ने कभी अपने विरोधियों से बदला नहीं लिया है, इसलिए शायद इस बार भी वो माफ कर देंगे।” लेकिन बाद में उन्होंने गंभीरता से चेताया कि मस्क की कंपनियां मुश्किल में पड़ सकती हैं क्योंकि वे सरकारी सहायता पर काफी हद तक निर्भर हैं। टेस्ला की रोबोटैक्सी योजना पर संकट टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सियों का टेस्ट एक हफ्ते बाद ऑस्टिन, टेक्सास में होना है। यह टेस्ला के लिए एक बड़ा मौका है क्योंकि कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री कई बाजारों में घट रही है और मस्क को एक बड़ी सफलता की जरूरत है। लेकिन ट्रंप चाहें तो इस योजना में अड़चन डाल सकते हैं। अमेरिका की राष्ट्रीय राजमार्ग परिवहन सुरक्षा प्रशासन (NHTSA) पहले ही टेस्ला की रोबोटैक्सी तकनीक से जुड़े डेटा की मांग कर चुकी है, खासतौर पर कम दृश्यता वाली स्थितियों में उनके प्रदर्शन को लेकर। वहीं, अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) भी टेस्ला कारों की सुरक्षा की जांच कर रहा है, हालांकि जांच की स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। शेयरों में गिरावट रोबोटैक्सी योजना की घोषणा के बाद टेस्ला के शेयरों में करीब 50% की उछाल आई थी। लेकिन गुरुवार को ट्रंप-मस्क विवाद की खबर आते ही टेस्ला के शेयर 14% गिर गए। शुक्रवार को इनमें 4% की हल्की रिकवरी देखी गई। मॉर्निंगस्टार के विश्लेषक सेठ गोल्डस्टीन ने कहा, “टेस्ला की हालिया तेजी लगभग पूरी तरह रोबोटैक्सी की उम्मीदों पर आधारित थी। ट्रंप से मस्क की लड़ाई इसका नुकसान कर सकती है।” कार्बन क्रेडिट बिजनेस को भी खतरा टेस्ला का एक और अहम लेकिन कम चर्चित कारोबार है – कार्बन क्रेडिट बेचना। कंपनी अन्य कार निर्माताओं को पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की भरपाई करने के लिए ये क्रेडिट बेचती है। लेकिन ट्रंप समर्थक रिपब्लिकन सांसदों ने अपने बजट बिल में ऐसा संशोधन किया है जिससे ईंधन मानकों को न मानने पर अब जुर्माना नहीं लगेगा। इससे टेस्ला को बड़ा झटका लग सकता है। हालांकि मस्क इस क्रेडिट कारोबार को महत्वहीन बताते हैं, लेकिन इस साल की पहली तिमाही में कंपनी की क्रेडिट बिक्री $595 मिलियन तक पहुंच गई। बिक्री में गिरावट और खरीदारों की वापसी की उम्मीद ट्रंप के साथ मस्क की नजदीकियों ने … Read more

डी गुकेश का सपना टूटा, कार्लसन ने जीता अपना 7वां नॉर्वे शतरंज खिताब

स्टावेंजर (नॉर्वे)  दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने शुक्रवार को अपने गृहनगर स्टावेंजर में नॉर्वे शतरंज 2025 का खिताब जीतकर अपने शानदार करियर में एक और उपलब्धि जोड़ ली. 5 बार के विश्व चैंपियन ने एक नाटकीय अंतिम दौर के बाद ताज हासिल किया, जिसमें उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश आखिरी बाधा पर असफल रहे. सफेद मोहरों से खेल रहे कार्लसन को भारत के उभरते सितारे अर्जुन एरिगैसी ने अंतिम क्लासिकल गेम में ड्रा पर रोका. हालांकि इस परिणाम ने गुकेश के लिए दरवाजा थोड़ा खुला रखा, लेकिन युवा भारतीय खिलाड़ी को लीडरबोर्ड पर कार्लसन से आगे निकलने के लिए अमेरिकी ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना के खिलाफ जीत की जरूरत थी. हालांकि, भारी दबाव में, गुकेश ने संतुलित स्थिति में गलती की, और मौके पर ही गेम हार गए और इसके साथ ही उनका खिताब जीतने का सपना टूट गया. गुकेश ने घड़ी में केवल दो सेकंड बचे होने पर क्वीन प्रमोशन की अपनी चाल में गलती की, और फैबियानो कारुआना के खिलाफ अपने आखिरी राउंड के मुकाबले में मौके पर ही हार मान ली. इस भारी चूक ने न केवल गुकेश की लीडरबोर्ड पर मैग्नस कार्लसन से आगे निकलने की उम्मीदों को खत्म कर दिया, बल्कि नॉर्वे शतरंज 2025 का खिताब भी दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी को दे दिया, जिन्होंने इससे पहले एरिगैसी के खिलाफ अपना क्लासिकल गेम ड्रॉ किया था. बता दें कि, यह जीत कार्लसन की अपने घरेलू इवेंट में छठी जीत है और विश्व चैम्पियनशिप प्रतियोगिता से पीछे हटने के बावजूद क्लासिकल फॉर्मेट में उनकी ताकत की याद दिलाती है. उन्होंने 16 अंकों के साथ समापन किया, जो कारुआना से आधा अंक आगे था, जिन्होंने गुकेश की गलती का फायदा उठाते हुए 15.5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर छलांग लगाई. गुकेश, जिन्होंने मौजूदा विश्व चैंपियन के रूप में एक शानदार वर्ष बिताया है, को 14.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा. इससे पहले, राउंड 9 के रोमांचक मुकाबले में, सबसे कम उम्र के शतरंज विश्व चैंपियन ने चीन के दुर्जेय वेई यी को हराया, 14.5 अंक हासिल किए और अपने और टूर्नामेंट लीडर मैग्नस कार्लसन के बीच अंतर को केवल आधे अंक तक सीमित कर दिया. वहीं, महिला वर्ग में, यूक्रेन की अन्ना मुजीचुक ने कड़े मुकाबले में जीत हासिल की. ​​मुजीचुक को भारत की आर. वैशाली के खिलाफ अपने अंतिम क्लासिकल राउंड में केवल ड्रॉ की जरूरत थी, लेकिन उन्होंने संयम के साथ खेलते हुए शेयर प्वाइंट सुनिश्चित किया. इस परिणाम ने भारत की कोनेरू हम्पी के लिए रास्ता खोल दिया, जिन्हें शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए चीन की जू वेनजुन के खिलाफ जीत की जरूरत थी. लेकिन हम्पी अपने मौके को भुना नहीं सकीं और खेल ड्रॉ पर समाप्त हुआ.

लोरेंजो मुसेटी को सेमीफाइनल में लगी चोट, बीच में ही छोड़ा, इससे कार्लोस अल्काराज फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचे

नई दिल्ली गत चैंपियन कार्लोस अल्काराज फ्रेंच ओपन के मेंस सिंगल्स सेमीफाइनल में लोरेंजो मुसेटी के चौथे सेट की शुरुआत में चोट के कारण मुकाबले से हटने से फाइनल में पहुंच गए। आठवीं वरीयता प्राप्त इटली के मुसेटी ने मुकाबले से जब हटने का फैसला किया उस समय अल्काराज 4-6, 7-6, 6-0, 2-0 से आगे चल रहे थे। दूसरे सेमीफाइनल में नोवाक जोकोविच को हार मिली। स्पेन के दूसरी वरीयता प्राप्त अल्काराज ने फाइनल में जगह पक्की होने के बाद कहा, ‘‘ इस तरह का मैच जीतना बहुत अच्छी बात नहीं है। लोरेंजो एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और उनके जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं। उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही फिर से कोर्ट पर देख पाऊंगा।’’ मुसेटी ने तीसरे सेट के आखिर में बायीं जांघ का उपचार कराया। उन्होंने चौथे सेट की शुरूआत में भी उपचार लिया, लेकिन इससे मदद नहीं मिली। 23 वर्षीय मुसेटी तीसरे सेट के 16 मिनट बाद 5-0 से पीछे थे, जब उन्होंने ट्रेनर को बुलाया। अल्काराज ने अगले गेम में मुसेटी की सर्विस तोड़कर 21 मिनट में सेट जीत लिया। इस सेट में अल्काराज ने 29 में से 24 अंक जीते। मुसेटी कोर्ट में दौड़ लगाने में काफी परेशानी हो रही थी। उन्होंने फिर से ट्रेनर को बुलाया। अल्काराज ने चोथे सेट में उनकी सर्विस तोड़कर 2-0 की बढ़त बना ली, जिसके बाद मुसेटी धीरे-धीरे नेट की ओर बढ़े और अल्काराज ने उन्हें गले लगाया। अल्काराज ने पहले सेट में 16 गलतियां कीं, जिसे मुसेटी ने अपने नाम किया। अल्काराज ने कहा, “पहले दो सेट वाकई मुश्किल थे। जब मैंने दूसरा सेट जीता तो मुझे राहत मिली।’’ फाइनल में अल्काराजके सामने विश्व रैंकिंग के शीर्ष खिलाड़ी इटली के यानिक सिनर होंगे, क्योंकि सर्बिया के नोवाक जोकोविच की चुनौती समाप्त हो गई है। जोकोविच को यानिक सिनर ने दूसरे सेमीफाइनल मैच में हरा दिया। इस हार के बाद जोकोविच ने कहा है कि फ्रेंच ओपन में शायद उनका ये आखिरी मैच है, क्योंकि पता नहीं वह अगले साल इस इवेंट के लिए लौटेंगे या नहीं।  

मोरवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 28 किलो से ज्यादा गांजा पकड़ा

सिंगरौली घर के पीछे आंगन में आरोपी लगातार हरे पौधे गांजे की करता था खेती,मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी उमेश प्रताप सिंह मौके में पहुंच कर दी दबिश,आरोपी के घर के आंगन से पुलिस ने हरे 80 पेड़ गांजे के लहलहाते गांजा को किया जप्त,2 लाख 80 हजार रुपए बताई जा रही है पकड़े गए हरे गाजे के पौधे की कीमत,विजय कुमार खैरवार निवासी मेढौली लगातार गांजे की कर रहा था खेती, 28 किलो से ज्यादा है पकड़े गए गांजे का वजन.

Corona in India: देशभर में कोरोना के 5700 से अधिक मरीज, चौथी लहर की चर्चा!

नई दिल्ली देश भर में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो केवल 15 दिनों में कोविड के सक्रिय मामलों में 20 गुना वृद्धि देखने को मिली है। देश में सक्रिय कोविड मामलों की संख्या 5,755 हो गई है। वहीं, गत 24 घंटों में चार लोगों की जान गई है। भारत में कोराना वायरस (कोविड-19) के एक्टिव मामलों की संख्या 6,000 के करीब पहुंचने वाला है। देश में पिछले कुछ हफ्तों से संक्रमण में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। भारत में COVID-19 के एक्टिव मामलों की संख्या 5,700 के पार हो गई है। कोरोना वायरस के कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 5,755 हो गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के 7 जून, 2025 को सुबह 8:00 बजे तक के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, 24 घंटे के दौरान देश में कोरोना वायरस से चार मौतें हुई हैं। मध्य प्रदेश में नौ महीने की गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान दौरे पड़ने के बाद मौत हो गई। बाद में उसे COVID-19 पॉजिटिव पाया गया। महिला को इंट्रापार्टम दौरे पड़ते थे, जिसके लिए उको इंट्यूबेट किया गया। मंत्रालय ने बताया कि 5,484 से अधिक लोग संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके हैं। केरल अभी भी 1,806 मामलों के साथ COVID-19 चार्ट में सबसे ऊपर है। केरल में 24 घंटे में 127 मामले सामने आए हैं। चार मौतें केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में हुई हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान देश में 391 नए मामले दर्ज किए गए हैं। भारत में कोविड-19 ने एक महीने से भी कम समय में मामलों में 200% की वृद्धि देखी है। केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है। इसके बाद गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित हैं। संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर केंद्र अस्पतालों में कोविड-19 संबंधी तैयारियों की जांच के लिए ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित कर रहा है। सभी राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे कोविड-19 के मामले बढ़ने के मद्देनजर ऑक्सीजन, आइसोलेटेड बेड, वेंटीलेटर और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अधिकतर मरीजों में संक्रमण के हल्के लक्षण हैं। वे घर पर ही इलाज के बाद स्वस्थ हो गए। जनवरी से 59 लोगों की मौत इस साल जनवरी के बाद से देश में कोविड-19 से 59 लोगों के मरने की सूचना है। 22 मई तक देश में एक्टिव मरीजों की संख्या 257 थी। कोविड-19 की मौजूदा स्थिति और तैयारी के उपायों का आकलन करने के लिए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, आपात प्रबंधन प्रतिक्रिया (ईएमआर) प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) और दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पतालों के प्रतिनिधियों तथा सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से प्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में दो जून और तीन जून को कई तकनीकी समीक्षा बैठकें की गईं। आधिकारिक सूत्रों ने चार जून को बताया कि आईडीएसपी के तहत राज्य एवं जिला निगरानी इकाइयां इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों (आईएलआई) और गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों (एसएआरआई) की करीब से निगरानी कर रही हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया था, “दिशा निर्देश के अनुसार एसएआरआई के सभी मामलों में और आईएलआई से संबंधित पांच प्रतिशत मामलों में जांच की सिफारिश की गई है और एसएआरआई की पुष्टि वाले नमूनों को आईसीएमआर वीआरडीएल नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जा रहा है।” एक्सपर्ट बोले- चिंता की बात नहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण समय के साथ कमजोर हो रहा है। लेकिन इसके मामलों में कभी-कभार वृद्धि होने की आशंका है जिससे चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञों ने देश के विभिन्न भागों में बीमारी के बढ़ते मामलों संबंधी चिंता को लेकर कहा कि ऐसा लगता है कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी और तापमान में अत्यधिक वृद्धि जैसे उन मौसमी कारकों का परिणाम है। इनके कारण हम वातानुकूलित स्थानों पर रहते हैं। उन्होंने सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने पीटीआई से कहा, “कोरोनावायरस के कारण होने वाला संक्रमण हर गुजरते साल के साथ कमजोर हो रहा है। यह (अब) मात्र श्वसन संबंधी एक और बीमारी है तथा फ्लू से कम खतरनाक है। यह अब चिंता का विषय नहीं है।” हरियाणा स्थित अशोका विश्वविद्यालय के ‘त्रिवेदी स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज’ में जीव विज्ञान और स्वास्थ्य अनुसंधान के डीन अनुराग अग्रवाल ने कहा, ठइसके सभी उप स्वरूप एक जैसे हैं, जो अत्यधिक संक्रामक लेकिन कमजोर हैं। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधी क्षमता अत्यंत कमजोर है वे गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं लेकिन अधिकतर लोगों, खासकर पहले संक्रमित हो चुके या टीके लगवा चुके लोगों को अधिक खतरा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दो साल पहले मई 2023 में कोविड-19 को ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति’ घोषित किया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब इस बीमारी को ‘मौसमी’, ‘स्थानिक’ या ‘एक निश्चित क्षेत्र तक सीमित’ बीमारी के रूप में परिभाषित करते हैं। WHO के पूर्व स्टाफ सदस्य लहरिया ने कहा, “पहले से बीमार लोगों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोनावायरस संक्रमण के दौरान वे सभी मानक सावधानियां बरतनी चाहिए जो वे श्वास संबंधी अन्य संक्रमण के समय बरतते हैं।” भारत के अलावा सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और हांगकांग सहित दक्षिण पूर्व एशिया के कई देशों में कोरोनावारयस संक्रमण के मामले बढ़े हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि चूंकि कोरोनावायरस संक्रमण अब स्थानिक हो गया है। उसके वेरिएंट में लगातार बदलाव हो रहा है। इसलिए संक्रमण के मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव की संभावना है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कैसे रखे खुद का ख्याल? मास्क पहनें, हैंड सैनिटाइजर रखें साथ अगर आप ट्रैवल कर रहे हैं तो आपको हर आधे घंटे में हाथों को सैनिटाइज करने की जरूरत है। खासकर कुछ खाने से पहले तो जरूर सैनि‍टाइज करें। इससे वायरस को रोकने में मदद म‍िलेगी। इसके साथ मास्क पहले ताकि संक्रमण से बचे रहें। बंद जगहों पर जाने से बचें कोव‍िड से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका है क‍ि आप खुली जगहों पर रहें। अगर आप क‍िसी बंद जगहों पर या पार्टी में जाते हैं तो भी कोव‍िड की चपेट में … Read more

आज विश्व पोहा दिवस अपने सर्वप्रिय पोहे का रोज 50 टन भोग लगा लेते हैं इंदौरी

 इंदौर इंदौर का पोहा अपनी खासियत और लोकप्रियता के कारण विश्वभर में जाना जाता है। शहर में दिन की शुरुआत लगभग सभी लोग पोहे से करते हैं। यहां के लोगों की पोहे के प्रति दीवानगी देखनी हो तो शहर की व्यस्त पोहा दुकानों की भीड़ ही काफी है। जहां स्वादिष्ट पोहा मिलता है, वहां भीड़ इतनी होती है कि कभी-कभी लगता है जैसे पोहा मुफ्त बांटा जा रहा हो। हर साल 7 जून को ‘दुनिया पोहा दिवस’ मनाया जाता है, लेकिन इंदौर में तो हर दिन पोहा डे जैसा माहौल रहता है। इंदौर में पोहे की खपत और खासियत इंदौर में प्रतिदिन लगभग तीन हजार से अधिक दुकानों पर पोहा बनता है, और लगभग 5 से 6 टन पोहे की खपत होती है। यहां के लोग पोहे को भाप में पकाने और भिगोकर रखने के अलग-अलग तरीकों से तैयार करते हैं, जिससे इंदौर के पोहे का स्वाद और भी निराला होता है। यह स्वाद अन्य शहरों से अलग और खास माना जाता है। महाराष्ट्र से इंदौर तक पोहे की यात्रा इंदौर के पोहे की कहानी पुरुषोत्तम जोशी से शुरू होती है, जिन्होंने स्वतंत्रता से पहले तिलकपथ क्षेत्र में पहली पोहा दुकान खोली थी। पोहा महाराष्ट्र का प्रसिद्ध नाश्ता है, जिसे इंदौर में मजदूरों के लिए फटाफट बनने वाले नाश्ते के रूप में अपनाया गया। धीरे-धीरे पोहे की लोकप्रियता बढ़ी और शहर में कई पोहा की दुकानें खुल गईं। आज भी इंदौर में पोहा मात्र 10 से 15 रुपये में उपलब्ध है। बड़े नामों की पसंद बना इंदौर का पोहा इंदौर के पोहे को देश के कई बड़े नेता, अभिनेता और खेल जगत की हस्तियां पसंद करती हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू, अमिताभ बच्चन, अटल बिहारी वाजपेयी, राहुल गांधी, सुनील गावस्कर और विराट कोहली जैसे नाम यहां के पोहे के शौकीन हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इंदौर आने पर पोहे का स्वाद जरूर लेते हैं। शहर में सैनी पोहा, हेड साब का पोहा, 56 दुकान का पोहा और जेल रोड का तीखा पोहा बहुत प्रसिद्ध हैं। साथ ही, यहां के कुछ स्थानों पर उसल पोहा भी लोकप्रिय है। दौर की सड़कों पर सुबह टहलने निकलिये।हर गली के मोड़ पर ,चौराहे पर ,हर चौथी दुकान पर ,बस स्टेंड से लेकर रेल्वे स्टेशन यहाँ तक ही हॉस्पिटलो के सामने भी पोहे के साफ सुथरे ठेले सज़े दिखेंगे आपको।ये पोहे के ठेले ,पोहाप्रेमियो की भीड से घिरे होते हैं।लोग या तो पोहा खा रहे होते है या पोहे की प्लेट हाथ लगने के इंतज़ार मे होते हैं।वैसे ये पोहा हमेशा प्लेट मे ही परोसा जाये ये कतई जरूरी नही होता।रद्दी अखबार मे रख कर इसे दिया जाना इंदौरियो की ही इजाद है ,मुझे तो ये लगता है कि इंदौर वाले अखबार ख़रीदते ही इसलिये है ताकि अगली सुबह उस पर रखकर पोहा खाया जा सके। अब ऐसा भी नही है कि इंदौरी अपने घर मे पोहा नही खा सकता।घर मे भी खूब पोहा ख़ाता है वो और घर मे पोहा खाने के बाद सीधा नज़दीकी पोहे के ठेले पर पहुँचता है।उसे पोहा खाने की संतुष्टि हासिल ही तभी होती है जब वो ठेले पर खड़ा होकर यार दोस्तो के साथ पोहा खा ले।पोहे ने यारबाज बनाया है इंदोरियो को।ये पोहे की वजह से दोस्ती करते हैं और दोस्तों को पोहा खिलाते हैं। पोहे के ठेले पर खड़े इंदौरी को देखिये।वो पूरे धीरज के साथ अपनी बारी का इंतज़ार करता है।वो यह देखता है कि पोहे वाला उनकी प्लेट लबालब भरने मे कोई कंजूसी तो नही दिखा रहा।वो चाहता है कि प्लेट में पोहे का पहाड़ खड़ा कर दिया जाये।वो एक्स्ट्रा जीरावन और कटी प्याज़ की माँग करता है।नींबू और निचोड़ देने की फरमाईश होती है उसकी और थोड़े और सेव मिल जाने पर बहुत ज्यादा खुश हो जाता है। इंदौरी एक प्लेट पोहा खाने के बाद दूसरी की इच्छा करेगा और तीसरी प्लेट न खा पाने के कारण निराश होगा। इंदौरी सुबह उठते ही इसलिये है कि पोहा खाया जा सके और पोहे के बहाने ,अड़ोस पड़ौस से लेकर दुनिया जहान की बातें की जा सकें। अब ये बात भी सही है कि इंदौरी बात चाहे ज़माने की कर ले उसे आख़िर मे पोहे की बात पर ही लौट आना है। पोहे की बात भर निकल आये ,इंदौरियो की आँखे चमक जाती है। सच्चा इंदौरी वो जो पोहे की चर्चा सुनने भर से मुँह मे पानी भर ले। इंदौरी पोहा खाने के लिये ही पैदा होता है।जीता पोहे के साथ है और जब मर जाता है तो शोक जाहिर करने आये लोग ,पोहा खाते हुये उसकी और पोहे की तारीफ करते हैं।भैया थे तो व्यवहार कुशल ।कल सुबह ही तो दिखे थे पोहे के ठेले पर।जब भी मिलते थे पोहा खिलाये बिना मानते नही थे ! जल्दी गुज़र गये।हरि इच्छा। इंदौरियो का जीवन चक्र पोहे के ठेले के आसपास ही घूमता है। ये देश दुनिया के हाल-चाल बाबत बीबीसी पर भरोसा करने के बजाय यहाँ मिली ख़बरों पर ज्यादा यक़ीन करते हैं।ये यहीं लड़ते झगड़ते भी है ,प्यार मोहब्बत और बीमारो की बाते भी करने के लिये भी सबसे बेहतर मौक़ा और जगह होती है ये।और बहुत बार बच्चो के ब्याह संबंध की बाते भी पोहे के ठेले पर बन जाती है।  

वेंकटेश अय्यर हमारे लिए खेलते तो…RCB के हेड कोच ने किया चौंकाने वाला दावा

नई दिल्ली IPL 2025 मेगा ऑक्शन में वेंकटेश अय्यर के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में रेस लगी थी। हालांकि, केकेआर ने वेंकटेश अय्यर को 23 करोड़ 75 लाख रुपये में खरीद लिया है। अब सीजन को देखते हुए कहा जा सकता है कि सही रहा कि वेंकटेश अय्यर को आरसीबी ने नहीं खरीदा, क्योंकि वे इस सीजन पूरी तरह फ्लॉप रहे, जबकि आरसीबी ने पहली बार आईपीएल की ट्रॉफी उठाई। हालांकि, आरसीबी के हेड कोच एंडी फ्लावर का कुछ और ही मानना है। आरसीबी के कोच ने बताया है कि वे ऑक्शन में उनके लिए इतने आगे तक क्यों गए थे? वेंकटेश अय्यर ने इस सीजन केकेआर के लिए 11 मैचों में सिर्फ 142 रन बनाए। उनका औसत बहुत ही घटिया था। वेंकटेश अय्यर को छोड़कर आरसीबी ने उन्हीं की कीमत पर जोश हेजलवुड और फिल साल्ट को खरीदा था, जो दोनों खिलाड़ी टीम के लिए आखिर तक मैच विनर रहे। अब आरसीबी के हेड कोच एंडी फ्लावर ने वेंकटेश अय्यर का सपोर्ट किया है और कहा है कि अगर वे आरसीबी के लिए खेलते तो दमदार प्रदर्शन करते। वेंकटेश पिछले सीजन केकेआर के साथ थे और अच्छा खेले थे, लेकिन इस बार उनका बल्ला नहीं चला। ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए एंडी फ्लावर ने कहा, “हमने वेंकी (वेंकटेश अय्यर) को बहुत ज्यादा रेट किया है, इसलिए हमने उसके लिए इतनी मेहनत की। ऐसा इसलिए था, क्योंकि हम अपनी टीम में एक मजबूत भारतीय कोर को महत्व देना चाहते थे। हम कुछ रोमांचक युवा क्रिकेटर और शीर्ष क्रम में एक बाएं हाथ का खिलाड़ी चाहते थे। हमें वह नहीं मिला। मुझे लगता है कि अगर वह हमारे लिए खेलता, तो उसका यह सीजन उसका वाकई में शानदार होता।” जिस तरह की परफॉर्मेंस वेंकटेश अय्यर ने दी है। उससे लग रहा है कि कोलकाता नाइट राइडर्स उनको रिलीज कर देगी। भले ही ऑक्शन में फिर से उनको कम कीमत पर खरीद ले।  

नोवाक जोकोविच ने धोनी जैसा एक बड़ा ऐलान किया- यह मैच इस स्थान पर उनका आखिरी मैच हो सकता है

पेरिस दुनिया के नंबर वन टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर के खिलाफ फ्रेंच ओपन 2025 का सेमीफाइनल हारने के बाद नोवाक जोकोविच ने एक बड़ा ऐलान किया है। फाइनल में पहुंचने से चूके जोकोविच ने साफ कर दिया है कि यह मैच इस स्थान पर उनका आखिरी मैच हो सकता है और उन्हें यकीन नहीं है कि एक साल बाद वह किसी अन्य खिताब के लिए वापस आएंगे या नहीं। जोकोविच का टॉप फॉर्म उस समय ठंडा पड़ गया, जब सिनर ने अपनी क्वालिटी शॉटमेकिंग से उनको मात दी। अब उनकी भिड़ंत फाइनल में कार्लोस अल्काराज से होगी। सिनर ने तीन बार के फ्रेंच ओपन विजेता और 100 बार के टूर-लेवल टाइटलिस्ट को 6-4, 7-5, 7-6(3) से हराया। अपनी हार के बाद नोवाक जोकोविच ने अपना बैग पैक किया और कोर्ट से बाहर निकलने से पहले उत्साही भीड़ को अलविदा कहा। एटीपी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए जोकोविच ने कहा, “यह मेरा यहां आखिरी मैच हो सकता है, इसलिए मुझे नहीं पता। यही कारण है कि मैं अंत में थोड़ा अधिक भावुक हो गया था।” उन्होंने आगे कहा, “यदि यह मेरे करियर का रोलां गैरां का विदाई मैच था, तो माहौल और भीड़ से मुझे जो मिला, उसके लिहाज से यह अद्भुत था। क्या मैं और खेलना चाहता हूं? इसका जवाब है- हां, मैं आगे भी खेलना चाहता हूं, लेकिन क्या मैं 12 महीने बाद फिर से यहां खेल पाऊंगा? मुझे नहीं पता। फिलहाल मैं इतना ही कह सकता हूं।” अपने मैच के बारे में बोलते हुए कहा कि उन्होंने कुछ क्षणों में शानदार प्रदर्शन किया। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच ने कहा कि सिनर को उन्होंने कड़ी टक्कर दी, लेकिन मैच हार गए। वहीं, अगर बात नोवाक जोकोविच के बयान की करें तो यह बिल्कुल वैसा ही है, जैसा पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी अक्सर देते हैं। एमएस धोनी एक के बाद एक लगातार आईपीएल में खेलते जा रहे हैं और हर साल यही कहते हैं कि यह उनका शायद आखिरी सीजन है। यहां तक कि अगले महीने 44 साल के होने जा रहे धोनी ने आईपीएल 2025 के आखिरी मैच के बाद कहा था कि वे अभी देखेंगे कि आगे खेल पाते हैं या नहीं। ऐसा ही बयान नोवाक जोकोविच ने दिया है।  

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